कई तरह के फेस हाइलाइटर बाजार में मौजूद हैं,जानिए किसका चयन करना सही

17.06.2022 – फेस हाइलाइटर चेहरे के बेस्ट फीचर्स को हाइलाइट करने और उसकी कुछ कमियों को छिपाने में मदद करता है। यही कारण है कि सिर्फ प्रोफेशनल्स ही नहीं बल्कि आम लड़कियां भी अपनी मेकअप किट में हाईलाइटर को जगह देती हैं। वैसे बाजार में पांच तरह के फेस हाइलाइटर मौजूद हैं और अगर आपको नहीं पता कि इनमें से किसका चयन करना चाहिए तो परेशान न होइए। आइए आज हम आपको इन पांच हाइलाइटर्स की विशेषताएं बताते हैं।

स्ट्रॉबिंग क्रीम

अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा प्राकृतिक रूप से चमके तो आपके लिए स्ट्रॉबिंग क्रीम का इस्तेमाल करना एकदम सही है। यह एक प्रकार का चमकीला मॉइश्चराइजर या प्राइमर हता है, जो आपके चेहरे को विशेष हिस्सों को हाइलाइट करने में मदद कर सकता है। आप चाहें तो चेहरे पर फाउंडेशन लगाने से पहले भी स्ट्रॉबिंग क्रीम लगा सकते हैं या इसे अपने फाउंडेशन के साथ मिला सकते हैं।

स्टिक हाइलाइटर

एक स्टिक हाइलाइटर मोटे क्रेयॉन की तरह ठोस होता है, जो मेकअप बिगनर्स के इस्तेमाल के लिए सही माना जाता है क्योंकि इनका इस्तेमाल करना काफी आसान होता है। आप चाहें तो इसे सीधा अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। स्टिक हाइलाइटर आमतौर पर पैराफिन या बीजवैक्स से तैयार किए जाते हैं। आप इस हाइलाइटर का इस्तेमाल आईलिड पर भी कर सकते हैं। हालांकि, हाइलाइटर को चेहरे पर अच्छे से ब्लेंड करने के लिए अपनी उंगलियों का इस्तेमाल जरूर करें।

लिक्विड हाइलाइटर

अगर आप किसी अवसर के लिए हैवी मेकअप करने वाले हैं तो उस दौरान लिक्विड हाइलाइटर का इस्तेमाल करें। यह हाइलाइट कांच या प्लास्टिक की बोतल में ड्रॉपर के साथ आता है। इसके अतिरिक्त, इसमें ऐसे तेल मौजूद होते हैं, जो आसानी से आपकी त्वचा में समा जाते हैं। रूखे प्रकार की त्वचा के लिए यह बेस्ट ऑप्शन है। अपने लिक्विड हाइलाइटर को अपने फाउंडेशन के साथ मिलाएं और परफेक्ट ग्लो के लिए इसे अपनी त्वचा पर लगाएं।

पाउडर हाइलाइटर

अगर आपकी त्वचा तैलीय प्रकार की है तो आपके लिए पाउडर हाइलाइटर का इस्तेमाल करना अच्छा है। वहीं, रूखे प्रकार की त्वचा वाले लोग उचित मॉइश्चराइजेशन के बाद इसका इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि त्वचा पर रूखे पैच न पड़े। पाउडर हाइलाइटर शिमरी पाउडर होता है, जो कॉम्पैक्ट पाउडर की तरह दिखता है। पूरा मेकअप करने के बाद पाउडर हाइलाइटर को ब्रश से लगाएं। आप इसे अपनी आंखों के अंदरूनी कोनों पर भी लगा सकते हैं।

ब्रिक हाइलाइटर

ब्रिक हाइलाइटर सभी प्रकार की त्वचा के लिए एकदम सही है। यह हाइलाइटर भी पाउडर आधारित होता है, जिसमें छोटे-छोटे चमकीले कण होते हैं और प्रत्येक रंग के लिए अलग-अलग पंक्तियां होती हैं। आप अपने कस्टम हाइलाइटर रंग बनाने के लिए अलग-अलग रंगों को एक साथ मिला सकते हैं या इसे अलग से एक ब्रोंजर या ब्लश के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। आप चाहें तो इसे बतौर आईशैडो भी इस्तेमाल कर सकते हैं। (एजेंसी)

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ये पांच तरह के पौधे घर को प्राकृतिक रूप से महकाने में मदद कर सकते हैं

17.06.2022 – ये पांच तरह के पौधे घर को प्राकृतिक रूप से महकाने में मदद कर सकते हैं. घर को महकाने के लिए लोग तरह-तरह के रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये काफी महंगे होते हैं और इनकी आर्टिफीशियल खुशबू स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए इनके इस्तेमाल से बचें। आप चाहें तो खूशबूदार पौधे लगाकर अपने घर को प्राकृतिक रूप से महका सकते हैं। आइए आज हम आपको पांच ऐसे पौधों के बारे में बताते हैं, जो घर की सुंदरता में इजाफा करने के समेत खूशबू फैलाने में भी मदद कर सकते हैं।

पैशन फ्लावर्स का पौधा

यह पौधा न सिर्फ आपके घर को एक हल्की सुगंध से भर देता है बल्कि इसके फूल भी घर की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। रूम फ्रेशनर के लिए एक आदर्श प्राकृतिक विकल्प इस पौधे के फूल गर्मियों में खिलना शुरू करते हैं और सर्दियों तक ठीक रहते हैं। इस पौधे को आप घर के अंदर और बाहर दोनों तरफ लगा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि यह पौधा अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है।

गार्डेनिया का पौधा

गार्डेनिया एक विदेशी पौधा है, जिसकी खूशबू आपके घर को महकाने के साथ-साथ अरोमाथेरेपी का काम करके आपको तनाव, चिंता आदि से छुटाकारा दिला सकती है। तेज खुशबू वाला यह सफेद रंग के फूल से भरा पौधा दिमाग को शांत रखने में मदद करता है, जिससे आपको सुकून की नींद आराम से मिल सकती है। अगर आप इस पौधे को बैडरूम में रखते हैं तो यह आपके कमरे को महकाने लगेगा, जिसके जरिए आपको कई तरह स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे।

चमेली का पौधा

चमेली पौधा अपनी खुशबू और सुंदर सफेद रंग के फूलों के लिए जाना जाता है। यह एक बारहमासी पौधा है क्योंकि इसके फूल पूरे साल खिलते हैं। इस पौधे को हल्की धूप वाली जगह पर रखना सुरक्षित है। वहीं, इसके गमले में पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर डालें। आपको गर्मियों के दौरान इस पौधे में ज्यादा पानी डालना पड़ सकता है। जब भी इसके गमले की मिट्टी एक इंच तक सूखी लगे, तब इसे पानी दें।

लैवेंडर का पौधा

लैवेंडर का पौधा भी आपके घर को प्राकृतिक रूप से महका सकता है। वहीं, इसका इस्तेमाल भी अरोमाथेरेपी के लिए किया जाता है। इससे हमारा मतलब है कि इस पौधे की सुगंध दिमाग को सुकून देने में सहायक मानी जाती है। इस पौधे को भी ज्यादा केयर की जरुरत नहीं होती है। बस इसको खुली जगह पर रखकर इसमें तीन-चार दिन में एक बार पानी डालना होता है। हालांकि, ध्यान रखें कि इस पर धूप पडऩा भी जरूरी है।

लेमनग्रास का पौधा

लेमनग्रास भी एक सुगंधित पौधा है, जिसकी पत्तियां ही आपके घर को प्राकृतिक रूप से महकाने का काम कर सकती हैं। वहीं, इस पौधे की पत्तियों का इस्तेमाल आप चाय के लिए कर सकते हैं क्योंकि इसके सेवन से ताजगी महसूस होती है। यह एक ऐसा रिफ्रेशिंग पौधा है, जिसको आप घर में किसी मिट्टी के गमले में आसानी से लगा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि यह पौधा अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है। (एजेंसी)

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क्या यह समाधान है?

क्या यह समाधान है? यूक्रेन युद्ध के बाद बने हालात में तीन दशक पहले आई वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था डावांडोल हो गई है। इससे सिर्फ वे देश उबर पाएंगे, जो ताजा हालात में नया सोचने का जज्बा दिखाएंगे। बाकी उपाय महरम पट्टी हैं, जिनसे समस्या दूर नहीं होगी।

भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दर में अपेक्षा से अधिक बढ़ोतरी की है। अगर पिछले महीने अचानक की गई बढ़ोतरी को भी ध्यान में रखें, तो आरबीआई ब्याज दर को दो महीनों के अंदर 90 आधार अंक- यानी लगभग एक फीसदी- बढ़ा चुका है। बैंक के सामने दो चुनौतियां हैं- बढ़ती महंगाई और देश से विदेशी पूंजी के हो रहे पलायन को रोकने की। तो यही दो कसौटियां हैं, जिन पर मौद्रिक नीति में लाए गए बदलाव की सफलता या नाकामी को परखा जाएगा।

ताजा बढ़ोतरी के बावजूद रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। स्पष्टत: यह बैंक और भारत सरकार के तय लक्ष्य से काफी ऊंचा है। तो ब्याज दर बढऩे से तुरंत महंगाई काबू में आएगी, इसकी उम्मीद रिजर्व बैंक को भी नहीं है। दूसरी तरफ पूंजी का पलायन अमेरिका में ब्याज दर बढऩे से हो रहा है। वहां हो रही बढ़ोतरी से रिजर्व बैंक की बढ़ोतरियां मुकालबा कर पाएंगी, ये आस जोडऩा किसी नजरिए से यथार्थवादी नहीं होगा।

दूसरी तरफ ब्याज दर बढऩे का असर उन कारोबारियों/ लोगों पर पड़ेगा, जिन्होंने आसान मौद्रिक नीति के दौर में उदारता से कर्ज लिया। अब चाहे वो कर्ज उद्यम लगाने के लिए लिया गया हो, या मकान या कार खरीदने के लिए- उन पर चुकाई जाने वाली किस्तें बढ़ जाएंगी। महंगाई और अधिक किस्त चुकाने के दबाव में उनका उपभोग खर्च घटेगा, ये अनुमान सहज लगाया जा सकता है। तो पहले से ही कम मांग की समस्या से जूझ रहे बाजार पर यह एक और मार होगी।

फायदा सिर्फ उन लोगों को होगा, जिन्होंने फिक्स्ड डिपोजिट जैसी योजनाओं में निवेश कर रखा है। बहरहाल, यह कहा जा सकता है कि आरबीआई ने जो कदम उठाए हैं, उनके अलावा उसके पास कोई और विकल्प भी नहीं है। विकल्प अगर किसी के पास हो सकता है, तो वह सरकार है। अर्थशास्त्री मानते हैं कि कोरोना महामारी और खास कर यूक्रेन युद्ध के बाद तीन दशक पहले आई वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था डावांडोल हो गई है। इससे सिर्फ वे देश उबर पाएंगे, जो ताजा हालात में नया सोचने का जज्बा दिखाएंगे। बाकी उपाय महरम पट्टी हैं, जिनसे समस्या दूर नहीं होगी।

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हिंदी के लिए खुला विश्व-द्वार

वेद प्रताप वैदिक – हिंदी के लिए खुला विश्व-द्वार. संयुक्तराष्ट्र संघ में अभी भी दुनिया की सिर्फ छह भाषाएं आधिकारिक रूप से मान्य हैं। अंग्रेजी, फ्रांसीसी, चीनी, रूसी, हिस्पानी और अरबी! इन सभी छह भाषाओं में से एक भी भाषा ऐसी नहीं है, जो बोलने वालों की संख्या, लिपि, व्याकरण, उच्चारण और शब्द-संख्या की दृष्टि से हिंदी का मुकाबला कर सकती हो। इस विषय की विस्तृत व्याख्या मेरी पुस्तक ‘हिंदी कैसे बने विश्वभाषा?’ में मैंने की है। यहां तो मैं इतना ही बताना चाहता हूं कि हिंदी के साथ भारत में ही नहीं, विश्व मंचों पर भी घनघोर अन्याय हो रहा है लेकिन हल्की-सी खुशखबर अभी-अभी आई है।

संयुक्तराष्ट्र संघ की महासभा ने अपने सभी ‘जरुरी कामकाज’ में अब उक्त छह आधिकारिक भाषाओं के साथ हिंदी, उर्दू और बांग्ला के प्रयोग को भी स्वीकार कर लिया है। ये तीन भाषाएं भारतीय भाषाएं हैं, हालांकि पाकिस्तान और बांग्लादेश को विशेष प्रसन्नता होनी चाहिए, क्योंकि बांग्ला और उर्दू उनकी राष्ट्रभाषाएं हैं। यह खबर अच्छी है लेकिन अभी तक यह पता नहीं चला है कि संयुक्तराष्ट्र के किन-किन कामों को ‘जरुरी’ मानकर उनमें इन तीनों भाषाओं का प्रयोग होगा।

क्या उसके सभी मंचों पर होनेवा ले भाषणों, उसकी रपटों, सभी प्रस्तावों, सभी दस्तावेजों, सभी कार्रवाइयों आदि का अनुवाद इन तीनों भाषाओं में होगा? क्या इन तीनों भाषाओं में भाषण देने और दस्तावेज़ पेश करने की अनुमति होगी? ऐसा होना मुझे मुश्किल लग रहा है लेकिन धीरे-धीरे वह दिन आ ही जाएगा जबकि हिंदी संयुक्तराष्ट्र की सातवीं आधिकारिक भाषा बन जाएगी। हिंदी के साथ मुश्किल यह है कि वह अपने घर में ही नौकरानी बनी हुई है तो उसे न्यूयार्क में महारानी कौन बनाएगा?

हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और हिंदी देश में अधमरी (अर्धमृत) पड़ी हुई है। कानून-निर्माण, उच्च शोध, विज्ञान विषयक अध्यापन और शासन-प्रशासन में अभी तक उसे उसका उचित स्थान नहीं मिला है। जब 1975 में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन नागपुर में हुआ था, तब भी मैंने यह मुद्दा उठाया था और 2003 में सूरिनाम के विश्व हिंदी सम्मेलन में मैंने हिंदी को सं.रा. की आधिकारिक भाषा बनाने का प्रस्ताव पारित करवाया था।

1999 में भारतीय प्रतिनिधि के नाते संयुक्तराष्ट्र में मैंने अपने भाषण हिंदी में देने की कोशिश की लेकिन मुझे अनुमति नहीं मिली। केवल अटलजी और नरेंद्र मोदी को अनुमति मिली, क्योंकि हमारी सरकार को उसके लिए कई पापड़ बेलने पड़े थे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भरसक कोशिश की कि हिंदी को संयुक्तराष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा मिले लेकिन कोई मुझे यह बताए कि हमारे कितने भारतीय नेता और अफसर वहां जाकर हिंदी में अपना काम-काज करते हैं?

जब देश में सरकार का सारा महत्वपूर्ण काम-काज (वोट मांगने के अलावा) अंग्रेजी में होता है तो संसार में वह अपना काम-काज हिंदी में कैसे करेगी? अंग्रेजी की इस गुलामी के कारण भारत दुनिया की अन्य समृद्ध भाषाओं का भी लाभ लेने से खुद को वंचित रखता है। देखें, शायद संयुक्त राष्ट्र की यह पहल भारत को अपनी भाषायी गुलामी से मुक्त करवाने में कुछ मददगार साबित हो जाए!

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आज का राशिफल

मेष : ईश्वरीय आस्था से भौतिक कष्ट दूर होंगे। बुद्धिमत्ता द्वारा हर दिशा में स्वयं को पारंगत साबित करेंगे। जीवन साथी से कुछ मुद्दों पर वैचारिक मतभेद की आशंका है।

बृषभ : सगे-संबंधों में अपने अनुकूल अपेक्षा रखना ठीक नहीं है। व्यावसायिक योजनाएं फलीभूत होती नजर आएंगी। मन में कुछ नई इच्छाएं बलवती होंगी। माता के स्वास्थ्य के प्रति कुछ चिंताएं रहेंगी।

मिथुन : आंतरिक प्रतिभाओं द्वारा संबंधों में प्रभावी बनेंगे। भबिष्य संबंधी कुछ चिंताएं मन में नकारात्मक विचार ला सकती हैं किंतु कुछ अच्छे आसारों से मन में प्रसन्नता संभव। कार्यक्षेत्र में ब्यस्तता बढ़ेगी।

कर्क : भौतिकता की लोलुकतावश दूसरों के चढ़ाने में आकर अपनी आर्थिक क्षति कर सकते हैं। रोजगार में अच्छी आशाएं प्रसन्नता लाएंगी। कुछ घरेलू चिंताओं से मन ग्रसित होगा।

सिंह : किसी पुराने संबंधी से निकटता बढ़ेगी। घरेलू दायित्वों के प्रति सक्रियता से आपकी महत्ता बढ़ेगी। पूजा-पाठ में पूरा दिन मन केंद्रित होगा। भौतिकता के आधार पर थोड़ा असंतोष हो सकता है।

कन्या : कुछ नई अभिलाषाएं आपको हतोत्साहित करेंगी। नये दायित्वों की पूर्ति हेतु परिश्रम तीव्र होगा। सगे-संबंधों में व्यवहार कुशल बनें। घरेलू वातावरण में उत्साह का माहौल रहेगा।

तुला : दुविधाओं को त्याग सही योजनाओं पर केंद्रित होंगे। सगे-संबंधियों के बीच रह-रहकर भावनात्मक अपेक्षाएं कष्ट की जननी बनेंगी। आवेश व उच्छृंखलता पर नियंत्रण रखें।

वृश्चिक : निकट संबंधों में मधुर वाणी का प्रयोग करें। क्षमता से अधिक जिम्मेदारियां परेशान करेंगी। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा। आर्थिक सुदृढ़ता हेतु मन प्रयत्नशील होगा। कार्यक्षेत्र में लोकप्रिय होंगे।

धनु : नई सकारात्मक सोच से प्रगति के आसार बढ़ेंगे। दूसरों की सफलता को देख अपने अंदर हीनता न आने दें। दुनियादी में समय देने से अच्छा होगा कि थोड़ा घर में समय देने की चेष्ठा करें।

मकर : धनागम के नये स्रोत बनेंगे। भावनाओं पर नियंत्रण रख अपने दायित्वों के प्रति सजग हों। अच्छी योजनाओं द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों की समयानुकूल व सकुशल पूर्ण करने में सक्षम होंगे।

कुंभ : किसी महत्वपूर्ण दायित्व की पूर्ति हेतु समुचित व्यवस्था हेतु मन चिंतित होगा। नौकरी-पेशे में अधिकारियो व सहकर्मियों के सहयोग से वातावरण सुखद होगा। नई आकांक्षाएं मन पर प्रभावी होंगी।

मीन : बीती बातों को भूल वर्तमान में जीने की चेष्ठा करें। प्रणय संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी किंतु सामाजिक मर्यादा का उल्लघंन न होने दें। भौतिक-सुख साधन हेतु व्यय संभव। घर में खुशहाली रहेगी।

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मुख्यमंत्री श्रमिक योजना से श्रमिकों में बढ़ा आत्मविश्वास

रांची, 16.06.2022 – श्रमिकों के प्रति संजीदा मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा कोरोना महामारी के दौरान शहर में निवास करने वाले अकुशल श्रमिकों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री श्रमिक योजना अकुशल श्रमिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। राज्य के 50 नगर निकायों में निवास करने वाले गरीबों और श्रमिकों को इसका लाभ मिल रहा है।गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के दौरान रोजगार का अभाव श्रमिकों के लिए एक बड़ी समस्या के रूप में दिखाई दे रही थी। दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह दौर विभीषिका के समान था।  लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने घर लौटे थे।

मुख्यमंत्री ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ श्रमिकों के लिए नई योजना बनाई। राज्य के 50 नगर निकायों में निवास करने वाले गरीबों और श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक योजना का शुभारंभ 14 अगस्त 2020 को किया गया । इस योजना से शहरी जनसंख्या के करीब 31 प्रतिशत लोग, जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहें हैं, उन्हें लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया। उसी का प्रतिफल है कि विगत ढाई वर्ष में 50 नगर निकायों में अब तक 63,493 जॉब कार्ड निर्गत कर 12,66,744 मानव दिवस कार्य का आवंटन किया गया। जॉब कार्डधारी को अधिकतम 100 कार्य दिवस कार्य का आवंटन हुआ। योजना के तहत निबंधित श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान सरकारी दर के अनुसार देय है।

अपने ही नगर निकाय में मिलता है विशेष साफ-सफाई से संबन्धित कार्य

राज्य सरकार द्वारा शहरी विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। उदाहरण स्वरूप भवनों का निर्माण, सड़कों का निर्माण, स्वच्छता आदि से संबंधित योजनाएं।  इनके क्रियान्वयन में अकुशल श्रमिकों की जरूरत होती है। शहरी क्षेत्रों में हरियाली के विस्तार के लिए पार्कों और पेड़-पौधों की देखभाल के लिए भी कामगारों की जरूरत होती है। साथ ही विभिन्न संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों के रख-रखाव में भी इन मजदूरों से काम लिया  जाता है। इस योजना के तहत मजदूरों को  कार्यस्थल पर पीने का पानी, प्राथमिक उपचार की पेटी और कार्यरत मजदूरों के पांच साल से छोटे बच्चे के लिए आवश्यक सुविधाओं के साथ  एक महिला मजदूर को रखा जाना अनिवार्य बनाया गया है। इस तरह यह योजना न सिर्फ मजदूरों के रोजगार की बात करती है, बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराती है।

रोजगार गारंटी स्कीम और बेरोजगारी भत्ता

योजना के तहत सरकार को क्रियान्वयन एजेंसी की सहायता से सभी नगर निकायों में वार्डवार योजनाओं में निबंधित अकुशल श्रमिकों को 100 दिनों का काम देने के लिए समेकित वार्षिक योजना तैयार की गई है। इसमें यह भी प्रावधान है कि काम की मांग करनेवाले किसी निबंधित कामगार को पंद्रह दिनों के अंदर रोजगार की मंजूरी नहीं मिलती है, तो वह बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। यह भत्ता पहले माह न्यूनतम मजदूरी का एक चौथाई, दूसरे माह न्यूनतम मजदूरी का आधा और तीसरे माह से न्यूनतम मजदूरी के समतुल्य होगा। इसमें जरूरी है कि मजदूर ने अपना निबंधन जरूर कराया हो। साथ ही वैसे ग्रामीण श्रमिक, जो मजदूरी करने शहर आते हैं एवं जिनका मनरेगा जॉब कार्ड नहीं है, वे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

योजना के निम्नलिखित उद्देश्य हैं

गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा, पोषण के अवसर बढ़ाना और उनके जीवन में सुधार लाना योजना का मुख्य उद्देश्य है। वहीं शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, स्वच्छता और शुद्ध वातावरण का सृजन करना, शहरी क्षेत्रो में हरियाली का विस्तार करना, शहरी क्षेत्रों में संचालित विभिन्न योजनाओं के ससमय पूरा होने की गारंटी करना। विभिन्न संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों का बेहतर रख-रखाव करना भी उसमें शामिल है।

श्रमिक भाई-बहन आगे आएं

यदि कोई 18 या उससे अधिक  आयु का शहरी अकुशल श्रमिक है, तो मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत वह निःशुल्क जॉब कार्ड, एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 दिनों की रोजगार गारंटी और काम की मांग के 15 दिनों के अन्दर अपने निकाय क्षेत्र में ही रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। वैसे ग्रामीण श्रमिक, जो मजदूरी करने शहर आते हैं एवं जिनका मनरेगा जॉब कार्ड नहीं है, वे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। निःशुल्क जॉब कार्ड प्रज्ञा केंद्र, स्वंय के द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से, सीआरपी दीदी या निकाय कार्यालय में लिखित आवेदन देकर प्राप्त किया जा सकता है। इच्छुक श्रमिक जॉब कार्ड हेतु अपने निकटतम नगर निकाय में संपर्क कर सकते हैं। आवेदन हेतु दो पासपोर्ट फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक एवं राशन कार्ड की प्रति आवश्यक है।

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अदाकारा रिया रॉय म्यूजिक एलबम ‘सुट्टा’ में नज़र आएगी

16.06.2022 – अदाकारा रिया रॉय म्यूजिक एलबम ‘सुट्टा’ में नज़र आएगी . पश्चिम बंगाल की धरती से जुड़ी अभिनेत्रियों में अपर्णा सेन, इंद्राणी मुखर्जी, सुमिता सन्याल, शर्मिला टैगोर, तनुजा, राखी, माला सिन्हा, मौसमी चटर्जी, मुममुन सेन,राइमा सेन, रानी मुखर्जी, सुष्मिता सेन और रिंकू घोष (दुर्गेशनंदिनी) जैसी कई अभिनेत्रियों ने बॉलीवुड में अपने अभिनय प्रतिभा के बदौलत बंगाल का नाम रौशन किया और सिने दर्शकों दिलोदिमाग़ में छाई रहीं।

इन नामों के साथ अब एक नाम और जुड़ गया है अभिनेत्री रिया रॉय का। कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के टालीगंज से आयी होनहार, मेहनती और आकर्षक व्यक्तित्व की धनी रिया रॉय की अदाकारी और खूबसूरती का जलवा बहुत जल्द ही मशहूर पार्श्वगायक कुमार शानू के पुत्र जान कुमार शानू के नए म्यूजिक एलबम ‘सुट्टा’ में देखने को मिलेगा। यह एक पेप्पी पार्टी सांग है जो कश्मीर की अदभुत सुंदर वादियों में फिल्माया गया है। इस एल्बम से रिया रॉय बॉलीवुड का हिस्सा बनेंगी।

बचपन से ही अभिनय में रुचि रखने वाली अदाकारा रिया रॉय अपने कैरियर की शुरुआत मॉडलिंग से की है साथ ही रंगमंच में भी काम किया है। कई बेहतरीन विज्ञापन फिल्मों में रिया काम कर चुकी है तथा कई ब्रांड की वह हाई पॉइंट भी रही है। कई बड़े ज्वेलर्स के विज्ञापनों में रिया की सुंदरता देखते बनती है जैसे ओरा डिमांड ज्वेलर्स आदि।

कई सौंदर्य सामग्री के विज्ञापनों के साथ बड़े रिसोर्ट के विज्ञापन में भी रिया का जलवा कायम है जिसमें हाल ही में खानवेल रिसोर्ट सिलवासा का विज्ञापन उल्लेखनीय है। रिया को अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, माधुरी दीक्षित, आयुष्मान खुराना, रणवीर सिंह और नवाजुद्दीन सिद्दिकी जैसे शख्सियत जिन्होंने बॉलीवुड में अपनी मेहनत से खुद को स्थापित किया है, काफी पसंद हैं। रिया भी अपनी योग्यता और अभिनय कौशल की बदौलत ऊचाइयों तक पहुंचना चाहती है।

पूर्ण आत्मविश्वास से भरी रिया ने स्वयं में कमी होने नहीं दी है वह नयापन और अपने व्यक्तित्व में सुधार करते रहती है। वह योगा, मेडिटेशन, डांस में ध्यान देती है। नवोदित अदाकारा रिया रॉय के पास म्यूजिक एलबम ‘सुट्टा’ के अलावा कई प्रोजेक्ट हैं जिसमें वह दर्शकों को जल्द दिखायी देंगी। रिया आत्मविश्वासी और दृढ़ निश्चयी है। अभिनय की दुनिया में वह अपना अलग मुकाम बनाना चाहती है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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मैं या तो अपनी जेब को या अपनी आत्मा को संतुष्ट करती हूं : ईशा गुप्ता

16.06.2022 – हाल ही में वेब सीरीज आश्रम 3 में नजर आ चुकीं अभिनेत्री ईशा गुप्ता का कहना है कि समय के साथ अभिनय के लिए प्रोजेक्ट चुनने का उनका मानदंड बदल गया है। ईशा ने शो में नायक, बाबा निराला की छवि प्रबंधक सोनिया की भूमिका निभाई।अभिनेत्री ने शो का हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की, क्योंकि वह पहले से ही आश्रम की प्रशंसक थीं, उन्होंने एक प्रोजेक्ट चुनने का अपना तरीका भी साझा किया।

ईशा ने बताया, मैंने बहुत कम उम्र में अपना स्वतंत्र जीवन शुरू कर दिया है। ऐसे दिन थे जब मैंने अपनी पॉकेट मनी कमाने के लिए एक छात्र के रूप में एक कैफे में काम किया था। लेकिन अब इतने वर्षो के बाद मेरे पास एक निर्धारित पैरामीटर है। मेरा अभिनय परियोजना को या तो मेरी जेब या मेरी आत्मा को संतुष्ट करना है।

अगर मैं असाइनमेंट या कहानी से बहुत पैसा नहीं कमा रही हूं, एक भूमिका जो इतनी रोमांचक है जो मुझे एक अभिनेत्री के रूप में चुनौती देती है, तो इसे करने का क्या मतलब है। भगवान की कृपा से, मैं अच्छा कर रही हूं और मैं वास्तव में सिर्फ अपनी रसोई चलाने के लिए काम नहीं कर रही हूं। मैं जीवन के उस पड़ाव पर हूं, जहां मैं संतुष्टि की तलाश में हूं।

अभिनेत्री को राज 3, जन्नत 2, रुस्तम, वेब सीरीज रिजेक्टएक्स, नाकाब जैसी बॉलीवुड फिल्मों में अभिनय के लिए जाना जाता है।यह पूछे जाने पर कि क्या वह ट्रोलर्स से अप्रभावित हैं, ईशा ने जवाब दिया, लेकिन ट्रोलर्स केवल प्रशंसक हैं, इसलिए वे मेरी पोस्ट पर टिप्पणी कर रहे हैं, वे मुझसे प्यार करते हैं।

नवीनतम प्रोजेक्ट में उन्होंने बॉबी देओल के साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया, उन अभिनेताओं और निर्देशकों के बारे में पूछा जिनके साथ वह सहयोग करना चाहेंगी, ईशा ने कहा, इन दिनों कुछ सबसे रोमांचक प्रतिभाएं हैं जो हमें वेब श्रृंखला पर देखने को मिलती हैं। इनमें से एक वे जयदीप अहलावत हैं।

वह इतने दिलचस्प अभिनेता हैं कि मैं उनके साथ काम करना चाहती हूं।प्रकाश झा द्वारा निर्देशित, बॉबी देओल अभिनीत, आश्रम : चैप्टर 3 एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होती है। (एजेंसी)

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निया शर्मा ने कैमरे के सामने खोले जींस के बटन,देखकर छूट गए फैंस के पसीने

16.06.2022 – निया शर्मा ने कैमरे के सामने खोले जींस के बटनटेलीविजऩ इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस निया शर्मा अपनी हॉट अदाओं के लिए बहुत लोक्रपिय हैं। आए दिन वो अपनी कातिलाना फोटोज सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं। निया शर्मा ने एक बार फिर अपनी ऐसी तस्वीर साझा कर दी है कि लोगों का दिल संभालना भी मुश्किल हो रहा है।वही निया शर्मा सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहती हैं।

हाल ही में उन्होंने अपनी एक तस्वीर साझा की है, जिसमें उनका हॉट अंदाज देखने को मिल रहा है। निया शर्मा ने ब्लू डेनिम की क्रॉप शर्ट पहनी हुई है तथा साथ ही जींस पहनी हुई है, किन्तु उन्होंने इस शूट के लिए जींस की बटन तक खोल दी। निया का ये स्टाइल प्रशंसकों को बहुत पसंद आ रहा है।निया शर्मा अपने जबरदस्त अभिनय के दम पर इंडस्ट्री में ऊंचा मुकाम हासिल कर चुकी हैं।

हालांकि, यहां तक आने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। टेलीविजऩ शोज से अपने करियर का आरम्भ करने वाली निया अब म्यूजिक वीडियोज में अपने हुस्न के जलवे बिखेर रही हैं। निया के प्रशंसक आज केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मौजूद हैं। निया भी अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ी रहने की हर मुमकिन प्रयास करती हैं।

निया अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ी रहने के लिए सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहती हैं। अक्सर सोशल मीडिया पर उनके नए लुक की झलक देखने को मिलती रहती हैं। (एजेंसी)

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मसूर दाल के चिप्स बच्चों को घर पर बनाकर खिलाएं ,ये है बनाने का आसान तरीका

16.06.2022 – मसूर दाल के चिप्स बच्चों को घर पर बनाकर खिलाएं. बड़े हो या बच्चे सभी चिप्स को बढ़े चाव से खाते है। घर पर फुर्सत के पल हों या फिर परिवार के बीच की गपशप, अगर इस बीच मसूर दाल की क्रिस्पी चिप्स मिल जाए तो मजा ही कुछ और हो जाता है। हालांकि मार्केट की चिप्स बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अगर आप घर पर ही मसूर दाल की क्रिस्पी चिप्स बनाना चाहते है तो इस आर्टिकल को जरूर पढऩा चाहिए। आज हम आपको मसूर दाल से क्रिस्पी चिप्स कैसे बनाते है उसकी विधि बताने जा रहे है।

तो आइए जानते हैं.

आवश्यक सामग्री : 1 कप मसूर दालनमक स्वादानुसार1/2 टेबलस्पून जीरा1/2 टेबलस्पून लाल मिर्च पाउडर1 चुटकी बेकिंग सोडा1टेबलस्पून चाट मसाला1 टेबलस्पून काली मिर्च2 कप तेल2 टेबलस्पून सूजी2 टेबलस्पून गेहूं का आटा

बनाने की विधि- मसूर दाल से चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले आप मसूर दाल को पानी में भिगोकर लगभग 2 से 3 घंटे के लिए छोड़ दें।- 2 से 3 घंटे बाद दाल को पानी से निकालकर मिक्सी में महीन पीस लें।

*जब पूरी दाल पीस जाए, तो उसे मिक्सी से निकाल कर एक बर्तन में रख लें।

*अब पीसे गए सामग्री में सूजी, गेहूं का आटा और बेकिंग सोडा डालकर उसे अच्छी तरह गूंथ लें।

*अब उस मिश्रण में लाल मिर्च पाउडर, नमक, काली मिर्च डालकर सभी को अच्छी तरह फेट लें।

*अब उस सामग्री से छोटी-छोटी लोई बना लें।

* जब सारी लोई बन जाए, तो उसे चिप्स के शेप में कट कर लें।

* बाद में कट किए गए चिप्स को एक दिन 1 से 2 दिन तक धूप में सूखने के लिए छोड़ दें।

*जब चिप्स अच्छी तरह से सूख जाए, तो उसे धूप से हटा लें।

*अब एक पैन में तेल डालकर उसे गैस पर गर्म करें।

* जब तेल अच्छी तरह से गर्म हो जाए, तो उसमें बनाएं गए चिप्स को डालकर फ्राई करें।

* जब सारे चिप्स फ्राई हो जाए, तो उसे चाय के साथ स्नैक्स के तौर पर सर्व करें या खाएं।

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स्वास्थ के लिए बिलकुल अच्छा नहीं है बर्फ वाला पानी पीना

16.06.2022 – गर्मियों के मौसम में लोग ठंडा पानी पीना पसंद करते है। कुछ लोग तो पानी में बर्फ डालकर पीते हैं। भले ही आपको गर्मी में ठंडा बर्फ वाला पानी पीकर राहत मिलती है लेकिन ये आपके स्वास्थ के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं हैं। पानी जब बहुत ठंडा होता है तो थोड़े से पानी से ही आपको ऐसा महसूस होगा, जैसे बहुत ज्यादा पानी पी लिया हो। यह आपकी प्यास पर कंट्रोल लगा देता है। इससे आपके शरीर में पानी की मात्रा भी कम होती है।

डॉक्टर की मानें तो हमे हमेशा 20 से 22 डिग्री टेम्प्रेचर वाला पानी ही पीना चाहिए। बर्फ वाला या ठंडा पानी पीने से आपको पेट से जुड़़ी कई सारी परेशानियां जैसे पेट दर्द, खाना पचने में दिक्कत हो सकती है। अगर आप ज्यादा ठंडा पानी पीते हैं तो इससे कई बार नर्व ठंडी होकर आपके हार्ट रेट को धीमी कर देती है। आज हम आपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको विस्तार से बताने जा रहे कि अगर आप नियमित तौर पर ठंडा पानी पीते है तो सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.

पाचन तंत्र को नुकसानठंडा पानी पीने से पाचन तन्त्र को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि ठंडे पीने से ब्लड सेल्स सिकुड़ जाती हैं। इससे डाइजेशन धीमा पड़ जाता है। डाइजेशन ठीक से नहीं होता इसलिए खाने के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं या शरीर द्वारा अवशोषित नहीं किए जाते।बॉडी हाइड्रेट नहीं रहतीबर्फ का पानी ठीक तरह से बॉडी को हाइड्रेट नहीं कर पाता है। कभी भी खाने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि यह शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।

पोषक तत्वों का खत्म हो जानाशरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है और जब आप कोई ठंडी चीज पीते हैं तो उसके तापमान को नियमित करने के लिए आपके शरीर को कुछ ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। वरना इस उर्जा का उपयोग भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए होता है। यही कारण है कि ठंडा पानी पीने से आपके शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते।माइग्रेनमाइग्रेन वाले लोगों को बर्फ का पानी पीना ज्यादा तकलीफ दे सकता है।

जब आप ठंडा पानी पीते हैं तो यह आपके नाक और रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को ब्लॉक कर देता है। जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ा देता है।मोटापाहर वक्त बर्फ वाला पीने से शरीर में मौजूद फैट बर्न नहीं हो पाते है जिसकी वजह मोटापा बढऩे लगता है और वजन कम करने में परेशानी होती है।गला खराबठंडा पानी पीने से आपके श्वसन तंत्र में म्युकोसा बन सकता है जो श्वसन तंत्र की सुरक्षात्मक परत होती है। जब यह परत सिकुड़ जाती है तो आपका श्वसन तंत्र अनावृत हो जाता है और इंफेक्शन की चपेट में आ जाता है।

इसी कारण गला खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।हार्ट रेट को कम करता हैबर्फ का पानी या ठंडा पानी पीने से आपका हार्ट रेट कम हो सकता है। रिसर्च से पता चला है कि ठंडा पानी वेगस तंत्रिका को उत्तेजित करता है।

वेगस तंत्रिका 10 वीं कपाल तंत्रिका है और यह शरीर के स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शरीर के अनैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करती है। वेगस तंत्रिका हार्ट रेट को कम करने में मध्यस्थता करती है और ठंडा पानी इस तंत्रिका को उत्तेजित करता है जिसके कारण हार्ट रेट कम हो जाता है। (एजेंसी)

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नेशनल हेराल्ड केस : 22 घंटे की पूछताछ से थक गए राहुल गांधी?

मांगा एक दिन का ब्रेक, ईडी के सवाल अभी भी बाकी

नई दिल्ली,16 जून (आरएनएस)। नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को लगातार तीसरे दिन नौ घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद देर रात कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय से बाहर निकले। शुक्रवार को उनसे फिर से पूछताछ की जाएगी। यह ब्रेक राहुल ने खुद जांच एजेंसी से मांगा था।

सूत्रों ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी उनकी पूछताछ का एक ऑडियो और एक वीडियो संस्करण रिकॉर्ड कर रही है। बयान को बाद में टाइप किया जाता है। राहुल गांधी और जांच अधिकारी द्वारा उस पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।

पिछले तीन दिनों में राहुल गांधी से 30 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई है। उनकी मां और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, जो कोविड के लिए सकारात्मक परीक्षण के बाद अस्पताल में भर्ती हैं, से भी उनके स्वास्थ्य में सुधार के बाद पूछताछ की जाएगी।

ईडी कार्यालय के बाहर कांग्रेस दिल्ली पुलिस के साथ टकराव की राह पर है। पार्टी के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सत्तारूढ़ भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा है। कल सचिन पायलट सहित वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने घेर कर हिरासत में लिया था। केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल और रणदीप सुरजेवाला सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने कहा कि पुलिस पार्टी मुख्यालय में भी घुस गई जहां से उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया।

पायलट को भी पार्टी मुख्यालय के पास से उठाया गया। पायलट ने बताया, उन्होंने हमें बस में धकेल दिया और मुझे नहीं पता कि वे हमारे साथ आगे क्या करने की योजना बना रहे हैं। इस तरह की हिरासत पहले कभी नहीं हुई है। एक सभ्य समाज में ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के दावों का खंडन किया है।

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मौसम ने ली करवट, दिल्ली-NCR- पंजाब में बारिश

नई दिल्ली 16 June (Rns): मौसम ने ली करवट, दिल्ली-NCR- पंजाब में बारिश.  झुलसाती गर्मी और तपती धरती के बीच राजधानी दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कई जगहों पर हुई हल्की और तेज बारिश ने मौसम में बदलाव ला दिया है और मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम यूं ही सुहाना बना रहेगा और छुटपुट बारिश होती रहेगी। दिल्ली-एनसीआर में बुधवार देर रात तेज हवाओं के बारिश भी हुई जो गुरुवार सुबह तक जारी रही। राजस्थान और पंजाब में आज भी बारिश होने के आसार हैं। इसी तरह मेघालय के चेरापूंजी में एक दिन में भारी बारिश हुई और 811.6 मिलीमीटर दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर में देर रात कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे कई दिनों से गरमी से त्रस्त लोगों को खासी राहत मिली। मौसम विभाग ने पहले ही मौसम में बदलाव को लेकर भविष्यवाणी की थी। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और निचले स्तर की पुरवाई हवाओं के चलने की संभावना है, जिससे उमस भरी गरमी से लोगों को निजात मिल सकती है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग तो पहले ही राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार दोपहर या शाम तक गरज के साथ छीटें पड़ने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी कर चुका था। आईएमडी के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली में बादल छाए हुए थे, जिससे सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान इस महीने में पहली बार 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया था।

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अग्निवीरों के लिए विशेष कोर्स शुरू करेगा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय

नई दिल्ली 16 June (Rns) : अग्निवीरों के लिए विशेष कोर्स शुरू करेगा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय. अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तीन वर्षीय स्नातक कौशल डिग्री देने कि योजना तैयार की है। यह डिग्री इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के जरिये दी जाएगी। जल्द ही तीनों सेनाओं और इग्नू के बीच इस संबंध में एमओयू साइन किया जाएगा। यह फैसला आज ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया है।

बता दें कि विगत 14 जून को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय युवाओं के लिए अग्निपथ भर्ती योजना को मंजूरी दी थी। अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा को समाप्त करने के बाद युवाओं के भविष्य को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने रक्षा कर्मियों की सेवा के लिए एक विशेष, तीन वर्षीय कौशल आधारित स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है जो उनके कार्यकाल के अनुभव और कौशल को एक पहचान देगा।

कैसा होगा डिग्री पाठ्यक्रम?

इस कार्यक्रम के तहत डिग्री प्रोग्राम इग्नू द्वारा डिजाइन किया गया है. स्नातक की डिग्री के लिए 50त्न अंक कौशल प्रशिक्षण से प्राप्त होगा. जो कार्यकाल के दौरान अग्निवीरों के तकनीकी अथवा गैर-तकनीकी अनुभव के आधार पर तय किया जायेगा जबकि शेष 50 त्न पाठ्यक्रम के विषयों से तय होगा. जिसमें भाषा, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, गणित, शिक्षा, वाणिज्य, पर्यटन, व्यावसायिक अध्ययन, कृषि और ज्योतिष जैसे विविध विषयों को शामिल किया गया है. साथ ही अंग्रेजी में पर्यावरण अध्ययन और संचार कौशल को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

यह कार्यक्रम यूजीसी मानदंडों के साथ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क/राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के साथ संरेखित है।

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कांग्रेस महंगाई के खिलाफ लड़े

सोशल मीडिया में यह दिलचस्प पोस्ट देखने को मिली कि कांग्रेस को जो लड़ाई अदालत में लडऩी चाहिए वह सड़क पर लड़ रही है और जो लड़ाई सड़क पर लडऩी चाहिए वह ट्विटर पर लड़ रही है। सचमुच ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस कहीं की लड़ाई कहीं लड़ रही है। राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में हुई कथित गड़बड़ी के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया तो पूरी कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतर गई।

ध्यान रहे यह मामला काफी पुराना है और कांग्रेस सर्वोच्च अदालत तक जा चुकी है इस मामले को खारिज कराने के लिए। लेकिन अदालत से भी राहत नहीं मिली। यह मामला भी सुब्रह्मण्यम स्वामी का शुरू किया हुआ, जिन्होंने कभी सोनिया गांधी के साथ जयललिता को बैठा कर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरवाई थी। इसलिए यह सरकार के राजनीतिक बदले वाला बहुत सरल मामला नहीं है।

तभी जब कांग्रेस के सारे बड़े नेता सड़क पर उतरे तो उसका यह मैसेज गया कि कांग्रेस के नेता सिर्फ एक परिवार के प्रति समर्पित हैं। उनकी निष्ठा अवाम से नहीं, परिवार से है। दूसरे, भाजपा को भी यह कहने का मौका मिला कि भ्रष्टाचार के मामले में नेहरू-गांधी परिवार का बचाव करने के लिए कांग्रेस पार्टी आंदोलन कर रही है। सचमुच कांग्रेस को यह लड़ाई अदालत में लडऩी है।

कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि कैसे गुजरात दंगों के लिए बनी एसआईटी ने गुजरात के तब के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से घंटों पूछताछ की थी। मोदी चुपचाप एसआईटी के दफ्तर गए थे और पूछताछ में शामिल हुए थे।

अगर कांग्रेस राहुल की ईडी के सामने पेशी के विरोध में सड़क पर उतरने की बजाय उत्तर प्रदेश में लोगों के घरों पर चल रहे बुलडोजर के विरोध में सड़क पर उतरती या महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी के मुद्दे पर इस तरह सड़क पर उतर कर संघर्ष करती तो उससे आम लोग ज्यादा कनेक्ट होते। लेकिन इस तरह की सारी लड़ाई कांग्रेस पार्टी ट्विटर पर लड़ रही है।

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राजनीति सेवा नहीं, मेवा है

वेद प्रताप वैदिक – राजनीति सेवा नहीं, मेवा है. राज्यसभा के चुनावों में राज्यों के विधायक ही मतदाता होते हैं। आम चुनावों में मतदाताओं को अपनी तरफ फिसलाने के लिए सभी दल तरह-तरह की फिसलपट्टियां लगाते हैं लेकिन विधायकों के साथ उल्टा होता है। उनका अपना राजनीतिक दल उनको फिसलने से रोकने के लिए एक-से-एक अजीब तरीके अपनाता है। इस समय कांग्रेस, शिवसेना, भाजपा और पंवार-कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों का अपहरण कर लिया है और उन्हें दुल्हनों की तरह छिपाकर रख दिया है।

सभी पार्टियां अपने विधायकों से डरी रहती हैं। उन्हें डर लगा रहता है कि अगर उनके थोड़े-से विधायक भी विपक्ष के उम्मीदवार की तरफ खिसक गए तो उनका उम्मीदवार हार जाएगा। कई उम्मीदवार तो सिर्फ दो-चार वोटों के अंतर से ही हारते और जीतते हैं। विधायकों को फिसलाने के लिए नोटों के बंडल, मंत्रिपद का लालच, प्रतिद्वंदी पार्टी में ऊंचा पद आदि की चूसनियां लटका दी जाती हैं।

यदि राज्यसभा की सदस्यता का यह मतदान पूरी तरह दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत हो जाए तो ऐसे सांसदों के होश-हवास गुम कर देगा। पराए दल के उम्मीदवार को वोट देनेवाले सांसद की सदस्यता तो छिनेगी ही, उसकी बदनामी भी होगी। ऐसा कोई प्रावधान अभी तक नहीं बना है, इसीलिए सभी दल अपने विधायकों को अपने राज्यों के बाहर किसी होटल या रिसोर्ट में एकांतवास करवाते हैं। उन विधायकों के चारों तरफ कड़ी सुरक्षा रहती है।

उनका इधर-उधर आना-जाना और बाहरी लोगों से मिलना-जुलना मना होता है। उनके मोबाइल फोन भी रखवा लिये जाते हैं। उनके खाने-पीने, खेलने-कूदने और मौज-मजे का पूरा इंतजाम रहता हैं। उन पर लाखों रु. रोज़ खर्च होता है। कोई इन पार्टियों से पूछे कि जितने दिन ये विधायक आपकी कैद में रहते हैं, ये विधायक होने के कौनसे कर्तव्य का निर्वाह करते हैं? इससे भी बड़ा सवाल यह है कि लगभग सभी पार्टियां, आजकल यही ‘सावधानी’ क्यों बरतती हैं? इसका मूल अभिप्राय क्या है?

इसका एक ही अभिप्राय है। वह यह कि आज की राजनीति सेवा के लिए नहीं है। वह मेवा के लिए है। जिधर मेवा मिले, हमारे नेता उधर ही फिसलने को तैयार बैठे रहते हैं। वर्तमान राजनीति में न किसी सिद्धांत का महत्व है, न नीति का, न विचारधारा का! राजनीति में झूठ-सच, निंदा-स्तुति, अपार आमदनी-बेहिसाब खर्च, चापलूसी और कटु निंदा यह सब इस प्रकार चलता है, जैसे कि वह कोई वेश्या हो।

लगभग डेढ़ हजार साल पहले राजा भतृहरि ने ‘नीतिशतक’ में यह जो श्लोक लिखा था, वह आज भी सच मालूम पड़ता है। राजनीति में सक्रिय कई लोग आज भी इसके अपवाद हैं लेकिन जऱा मालूम कीजिए कि क्या वे कभी शीर्ष तक पहुंच सके हैं? जो लोग अपनी तिकड़मों में सफल हो जाते हैं, वे दावा करते हैं कि सेवा ही उनका धर्म है। इससे क्या फर्क पड़ता है कि हम बैठकर नहाते हैं या खड़े होकर नहाते हैं? भाजपा में रहें या कांग्रेस में जाएं, एक ही बात है। हमें तो जनता की सेवा करनी है। ऐसे लोग मेवा को चबाए बिना ही निगल लेते हैं।

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आज का राशिफल

मेष: आज आप छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्से हो जाएंगे। क्रोध को अंकुश में नहीं रखेंगे, तो मात्र अपना ही नहीं दूसरे का मूड भी खराब करेंगे। आज आप घर में अकेले रहना या घर में कोई फिल्म देखना पसंद करेंगे। ऐसा करने से आपका मन शांत पड़ेगा।

वृष: माता-पिता के साथ आज किसी मुद्दे पर वैचारिक मतभेद होगा। परंतु प्रभावकारी बातचीत द्वारा उसका हल ला सकेंगे। अपनी भावनाओं का संकेत अन्य लोगों तक स्पष्टरूप से पहुंचाने में सफल होंगे। आज का दिन आपके लिए अच्छा है।

मिथुन: आपका अत्यंत भावुक स्वभाव आपके लिए समस्या बनेगा। अत: भावनाओं पर नियंत्रण रखने में ही भलाई है। प्रणय संबंधों में सावधानी रखें। प्रिय व्यक्ति के समक्ष प्रेम का प्रस्ताव रखने के लिए धैर्यपूर्वक राह देखें।

कर्क: आनंद और परिपूर्णता आपको आत्मसंतोष की भावनाओं का अनुभव कराएंगे। आप जो कार्य करेंगे, उसमें आपको संतोष रहेगा। आर्थिक मामले आपके लिए आज गौंड़ रहेंगे, परंतु छोटी से छोटी बातों के संबंध में आप गहरी चिंता करने लगेंगे। आज का दिन खूब रंगीन रहेगा।

सिंह: नौकरी व्यवसाय में काम में पूरे दिन व्यस्त रहेंगे। विशेष रूप से बड़ी कंपनियों में कार्य करने वाले लोगों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण दिन रहेगा। गृहिणियों के लिए भी गृहकार्य के उपरांत अन्य कार्यों में अधिक व्यस्तता रहेगी। आज का दिन आपके लिए विशेष होगा।

कन्या: अपनी अद्भुत कार्यक्षमता से ऑफिस में आप अपने उच्च पदाधिकारियों की प्रशंसा प्राप्त कर सकेंगे। आपको इस खुशी के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी होगा। आपका योग्य अभिगम इच्छित परिणाम प्राप्त करने में लाभदायक साबित हो सकता है।

तुला: आपके उद्यमी स्वभाव से आपको बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त होगी। ऑफिस में उच्च पदाधिकारीगण आपके काम की कदर करेंगे। आपको वरिष्ठ पदाधिकारियों से प्रोत्साहन और प्रेरणा दोनों मिलेंग। आप किसी भी व्यक्ति के साथ सीधे संघर्ष में न उतरें, क्योंकि उससे अधिक उलझनें बढऩे की संभावना है।

वृश्चिक: अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आप आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। पैसे कमाने के नए मौके मुनाफ़ा देंगे। अपने मेहमानों से खऱाब बर्ताव न करें। आपका ऐसा व्यवहार न केवल आपके परिवार को दु:खी कर सकता है, बल्कि संबंधों में दूरी भी पैदा कर सकता है। आपके जीवनसाथी की ओर से मिला कोई ख़ास तोहफ़ा आपके खिन्न मन को ख़ुश करने में काफ़ी मददगार साबित होगा।

धनु: यदि आप बैंक या मैनेजमेंट इंस्टीच्यूट जैसी आर्थिक लेन-देन की प्रवृत्तियों के साथ जुड़े हुए क्षेत्र में कार्य करते हों, तो आज का दिन आपके लिए खूब लाभदायक होगा। अन्य सभी बातों में आपको अनुकूलता रहेगी। आप आर्थिक स्वतंत्रता पाने के लिए तनतोड़ परिश्रम करेंगे।

मकर: आज अपनी संतानों, अपने अधीनस्थ व्यक्तियों तथा पारिवारिक सदस्यों के साथ संबंध बनाए रखने के लिए अधिक प्रयास करने पड़ेंगे। अपनी बात आफिस में सहकर्मियों अथवा उच्च पदाधिकारियों के गले उतारने में अधिक समय देना पड़ेगा। आप घर में भाई-बंधुओं की कठिनाइयों को समझने का प्रयत्न करेंगे।

कुंभ: आपकी समस्त समस्याओं और चिंताओं का बहुत जल्दी अंत आएगा। इसके लिए केवल धैर्य रखने की आवश्यकता है। यह याद रखना आवश्यक है कि ईश्वर में श्रद्धा बड़ी से बड़ी समस्याएं दूर करने में सक्षम है। सही दिशा में प्रयत्न जारी रखें, आपको सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा।

मीन: आप यात्रा के शौकीन है और उसके लिए तत्पर रहते हैं। इसलिए आज आप बोरिया- बिस्तर बांधकर यात्रा के लिए चल पड़ें तो कोई आश्चर्य नहीं । आपकी यह यात्रा दैनिक घटनाक्रम में से थोड़े समय के लिए आराम करने के लिए होगा।

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राज्य सरकार का निर्णय…एविएशन टर्बाइन फ्यूल के टैक्स की दर 4 प्रतिशत होगी

रांची, 15.06.2022।राज्य सरकार का निर्णय…एविएशन टर्बाइन फ्यूल के टैक्स की दर 20 प्रतिशत से 4 प्रतिशत होगी. राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए झारखण्ड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 की अनुसूची II भाग-ई के क्रमांक एक को संशोधित करने का निर्णय झारखण्ड सरकार ने लिया है। इसके तहत एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के टैक्स की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत किया जायेगा।

यह अधिसूचना राजपत्र में इसके प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी। इस फैसले से हवाई किराए में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने के अतिरिक्त पर्यटन के क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।

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मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश – वन क्षेत्र से 5 किमी के दायरे में स्थित सभी आरा मिलों को हटाएं

Ranchi, 15.06.2022 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वन विभाग के उस प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया है, जिसमें राज्य में 1996 के पूर्व वन क्षेत्र से 5 किमी के दायरे में संचालित आरा मिलों को रेगुलराइज करने हेतु आग्रह किया गया था। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने वन विभाग को आदेश दिया है कि वन क्षेत्र से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी आरा मिलों को यथा शीघ्र हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

निर्णय से लगेगा अवैध कटाई पर लगाम

मुख्यमंत्री के इस निर्णय का दूरगामी प्रभाव आने वाले दिनों में झारखण्ड राज्य के जंगलों और पर्यावरण पर दिखेगा। इससे जंगलों में लकड़ियों की हो रही अवैध कटाई पर लगाम लगेगी। साथ ही, जंगली जीव, जंगल और वनस्पति संरक्षित हो सकेंगे।

शुरू हुई अवैध आरा मिलों पर कार्यवाही

वन विभाग ने देवघर जिला के सारठ एवं सरवन प्रखंड स्थित अवैध रूप से संचालित चार आरा मिलों में छापेमारी कर भारी मात्रा में सागवान की लकड़ी जब्त की है। साथ ही, वन विभाग द्वारा इन आरा मिलों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है।

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सभी उपायुक्त सुनिश्चित करें कोई जरूरतमंद पेंशन से वंचित न रह जाये – हेमन्त सोरेन

Ranchi,15.06.2022 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी उपायुक्तों को सर्वजन पेंशन योजना से जोड़ने का पुनः आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में पेंशन से वंचित जरूरतमंदों को सर्वजन पेंशन से जोड़ने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लाखों लोगों को योजना से जोड़ा जा चुका है। सभी उपायुक्त कृपया सुनिश्चित करें कोई जरूरतमंद पेंशन से वंचित न रह जाये।

*क्यों दिया पुनः आदेश

मालूम हो कि राज्य भर में विगत आठ जून से सर्वजन पेंशन योजना से जोड़ने हेतु एक माह तक आयोजित विशेष अभियान का शुभारभ मुख्यमंत्री ने गुमला से किया है। इस बीच मुख्यमंत्री को जानकारी मिली कि धनबाद तोपचांची प्रखंड के चिरुडीह गांव के सुनीता देवी के पति की मृत्यु लगभग दो वर्ष पूर्व हो चुकी है। लेकिन आज तक वे विधवा पेंशन से वंचित हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसकी जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने उपायुक्त धनबाद को मामले की जांच कर सुनीता जी को मदद पहुँचाते हुए सूचित करने का आदेश दिया है।
https://twitter.com/HemantSorenJMM/status/1536923099446202368?t=KDBcvES-G9fAbi90SmTzsA&s=08

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अमित शाह का बड़ा एलान,अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में दी जाएगी प्राथमिकता

नई दिल्ली 15 June (Rns): तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए शुरू की गई नई योजना ‘अग्निपथ’ को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने इस योजना में 4 साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अग्निपथ योजना’ के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पीएम मोदी का एक दूरदर्शी व स्वागत योग्य निर्णय है। इसी संदर्भ में आज गृह मंत्रालय ने इस योजना में चार साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय के इस निर्णय से ‘अग्निपथ योजना’ से प्रशिक्षित युवा आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में अपना योगदान दे पाएंगे। इस निर्णय पर विस्तृत योजना बनाने का काम शुरू हो गया है।

‘अग्निपथ भर्ती योजना’ के तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा। साढ़े 17 साल से 21 साल के युवा लड़के और लड़कियां इसके लिए पात्र होंगे। इसके लिए 10वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र आवेदन कर सकेंगे। इसकी शुरुआत 90 दिन के भीतर हो जाएगी। इस साल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। पहली भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग का समय भी चार साल में शामिल होगा।

हर अग्निवीर को भर्ती के साल 30 हजार महीने तनख्वाह मिलेगी। इसमें से 70 फीसदी यानी 21 हजार रुपये उसे दिए जाएंगे। बाकी 30 फीसदी यानी नौ हजार रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा होंगे। इस फंड में इतनी ही राशि सरकार भी डालेगी। दूसरे साल अग्निवीर की तनख्वाह बढ़कर 33 हजार, तीसरे साल 36.5 हजार तो चौथे साल 40 हजार रुपये हो जाएगी।

चार साल में उसकी कुल बचत करीब 5.02 लाख रुपए होगी। वहीं सरकार की ओर से भी इतनी ही रकम जमा की जाएगी। नौकरी पूरी होने के बाद उसे ये रकम ब्याज सहित मिलेगी। जो करीब 11.71 लाख रुपए होगी। ये रकम टैक्स फ्री होगी।

सेवा के दौरान शहीद होने या दिव्यांग होने पर आर्थिक मदद का प्रावधान भी है। अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है तो उसे सेवा निधि समेत एक करोड़ से ज्यादा की राशि ब्याज समेत दी जाएगी। इसके अलावा बची हुई नौकरी का वेतन भी दिया जाएगा। अगर कोई जवान ड्यूटी के दौरान डिसेबिल यानी दिव्यांग हो जाता है तो उसे 44 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी और बची हुई नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा। चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। जो 11.71 लाख रुपए होगा।

नई योजना मौजूदा खुली भर्ती की जगह ही लाई गई है। अभी जनरल ड्यूटी के अलावा, क्लर्क, स्टोर कीपर, ट्रेडमैन, नर्सिंग असिस्टेंट जैसे पदों के लिए खुली भर्ती होती है। इसमें चयनित होने वाले युवा करीब साढ़े 17 साल सेना में सेवाएं देते हैं। सेवा समाप्त होने के बाद इन्हें पेंशन भी मिलती है। अब इन पदों पर केवल चार साल के लिए भर्ती होगी। इन अग्निवीर को कोई पेंशन नहीं मिलेगी। सेवाकाल समाप्त होने के बाद उन्हें एकमुश्त राशि ही मिलेगी।

चार साल के सेवाकाल के बाद 75 फीसदी जवानों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। अधिकतम 25 फीसदी को रेगुलर काडर में जगह मिलेगी। इसके लिए सेवाकाल पूरा होने के बाद ऐच्छिक आधार पर रेगुलर काडर के लिए आवेदन करना होगा।

जिन जवानों को सेवा से मुक्त किया जाएगा, उन्हें सशस्त्र बल व अन्य सरकारी नौकरियों में वरीयता मिलेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि चार साल के सेवाएं देने वाले अग्निवीर को कई राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों में आने वाली नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। रक्षा मंत्री के एलान के बाद राज्यों के ओर से इस तरह की घोषणाएं भी होने लगी हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस में अग्निवीर जवानों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।

नई योजना में भर्ती की प्रक्रिया पहले की ही तरह रहेगी। चयनित होने के बाद छह महीने के कठिन ट्रेनिंग होगी। इसके बाद तैनाती होगी। नई योजना से सेना में युवाओं को ज्यादा मौके मिलेंगे। अभी सेना की औसत आयु 32 साल है। योजना लागू होने के बाद अगले छह से सात साल में ये घटकर 24 से 26 साल हो जाएगी।

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राहुल गांधी से तीसरे राउंड की पूछताछ, बाहर सड़क पर धरना..

नई दिल्ली 15 June (Rns) । कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए बुधवार को लगातार तीसरे दिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। राहुल गांधी सीआरपीएफ जवानों की ”जेड’ श्रेणी की सुरक्षा के साथ सुबह करीब 11 बजकर 35 मिनट पर मध्य दिल्ली में एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर स्थित ईडी मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा भी आयीं। वह 11 घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ के बाद मंगलवार रात साढ़े 11 बजे ईडी मुख्यालय से निकले थे।

केंद्रीय जांच एजेंसी अपने दफ्तर में उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं, कांग्रेस मुख्यालय के बाहर कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के वफादार नेता दिल्ली की तपती गर्मी में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध करने वाले नेताओं में अधीर रंजन चौधरी, अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरीखे नेता शामिल हैं। ये सभी सड़कों पर लगातार राहुल के खिलाफ ईडी की पूछताछ का विरोध कर रहे हैं और इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बता रहे हैं।

आपको बता दें कि ईडी के कार्यालय के आसपास पुलिस और अर्द्धसैन्य बलों के जवानों को भारी संख्या में तैनात किया गया है। यहां आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।

वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से पिछले दो दिनों में ईडी कार्यालय में तकरीबन 21 घंटे पूछताछ हुई है। उनसे कई सत्रों में पूछताछ की गयी और धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गांधी से मंगलवार को पूछताछ पूरी नहीं की जा सकी, इसलिए उन्हें बुधवार को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।

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जिंदगी की जंग जीतकर मौत के मुंह से बाहर निकला जांबाज राहुल

* छत्तीसगढ़ में मिशन 101 कामयाब

*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास

रायपुर, 14 जून (आरएनएस)जांबाज राहुल।जिंदगी की जंग जीतकर मौत के मुंह से बाहर निकला .  छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा के पिहरीद का 10 वर्षीय बालक राहुल आखिरकार मौत के मुंह से बाहर आ गया। राहुल पिछले एक सौ पांच घंटे तक बोरवेल के 65 फीट गहरे गड्ढे में फंसा रहा। पांच दिनों तक एक ही पोजीशन में बाहर निकाले जाने की आस लिए 10 साल के राहुल के जज्बे को न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लोग सलाम कर रहे है।

कई घंटों तक गले तक पानी में डूबे राहुल ने हार नहीं मानी और आखिरकार अपनी हिम्मत, रेस्क्यू टीम की मेहनत और लोगों की दुवाओं के दम पर जिंदगी की जंग जीत ली। रेस्क्यू टीम ने राहुल को मंगलवार रात टनल के जरिए बाहर निकाल लिया और तत्काल उसे उपचार के लिए बिलासपुर के अपोलो अस्पताल रवाना किया गया। राहुल को बचाने के अभियान के दौरान पल पल की जानकारी लेकर दिशानिर्देश देने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल के साहस को सलाम किया है।

उन्होंने बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ एसडीआरएफ,सेना सहित सभी टीमों की सराहना की है। राज्यपाल अनुसुइया उइके ने बचाव कार्य में जुटने वाले दलों को धन्यवाद दिया है। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू बचाव अभियान पर लगातार नजर रखे हुए थे। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भी राहुल की सलामती की कामना के साथ लगातार अपडेट लेते रहे।

रेस्क्यू ऑपरेशन के पांचवें दिन मंगलवार को बेहद सावधानी के साथ बचाव कार्यवाही की गई। कुछ चट्टानों को कटाई कर वाइब्रेटर चलाया गया। मलबा हटाने की कार्यवाही की गई। ड्रिल से चट्टान काटने के बाद विक्टिम लोकेशन कैमरा लगाया गया। इस विशेष कैमरे से दीवार या चट्टानों के उस पार से आने वाली आवाजों को आसानी से सुना जा सकता है। कैमरे से आवाज सुनकर रेस्क्यू को और आसान बनाया गया। एनडीआरएफ के जवान इस व्हीएलसी कैमरे की जाँच कर आवश्यक तैयारी में जुटे रहे।

रेस्क्यू दल ने अंतिम कार्यवाही सुरंग के भीतर शुरू की। बल्ली ले जाकर एक स्ट्रक्चर खड़ा किया गया। टीम ने वाइब्रेटर से राहुल के नीचे के पत्थर को छीलने जैसा जतन करते हुए उसके एकदम नजदीक पहुंची। हालांकि कई बार पानी भरने के चलते काम धीम हुआ जिसके लिए रेस्क्यू टीम ने पूरे गांव के बोर को चालू करवाया ताकि जिस गडढे में राहुल फंसा हुआ है वहां पानी न भरे। इस बीच शाम ढलने के साथ ही उम्मीद का सूरज ऊगता महसूस हुआ।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सारी व्यवस्था पहले से ही पूरी कर ली गई थी। राहुल को अस्पताल ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार था। डॉक्टरों की टीम पूरी तैयारी के साथ अलर्ट थी कि जैसे ही राहुल बोरबेल से बाहर निकाला जाय उसे फौरन अस्पताल ले जाएं। अस्पताल में भी पहले से ही तैयारी की गई थी। सेना की टीम ने इस अभियान का नेतृत्व किया। वहीं इस रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने मौके पर हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए थे।और जैसे ही राहुल के करीब होने की सूचना मिलती थी लोगो मे उत्साह उमड़ आता था।और लोग भारत माता की जय जैसे नारे भी लगा रहे थे।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा के पिहरीद का 10 वर्षीय बालक राहुल साहू पिछले शुक्रवार को दोपहर तीन बजे खेलते खेलते अपने घर के पीछे बने बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। जिसे बचाने के लिए शासन प्रशासन लगतार जुटा हुआ था। जिसे 105 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद बाहर निकाल लिया गया।

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मुग्धा गोडसे ने द ब्रोकन न्यूज में काम करने के बारे में की बात

15.06.2022 मुग्धा गोडसे ने द ब्रोकन न्यूज में काम करने के बारे में की बात. – मधुर भंडारकर की फिल्म फैशन से शानदार शुरूआत करने वाली अभिनेत्री मुग्धा वीरा गोडसे वर्तमान में अपने नए वेब शो द ब्रोकन न्यूज के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया का आनंद ले रही हैं।

हाल ही में, उन्होंने शो में अपने किरदार और कलाकारों के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की।

अपनी उत्तेजना व्यक्त करते हुए, अभिनेत्री ने कहा, द ब्रोकन न्यूज में मेरा किरदार बेहद रोमांचक और महत्वपूर्ण भी है। मैं एक राजनेता की भूमिका निभा रही हूं और इसके लिए काफी शोध और सचेत अभिनय की आवश्यकता है।

अपनी स्क्रीन उपस्थिति को तोड़ते हुए, उसने कहा, मेरे ²श्य ज्यादातर जयदीप के साथ थे, लेकिन सोनाली के साथ मेरे पसंदीदा ²श्य हैं। साथ ही पूरी टीम बिल्कुल सही थी और मेरे पास था उनके साथ काम करने का अच्छा समय है।

उसने आगे खुलासा किया कि वह इस परियोजना के लिए कैसे बोर्ड पर आई, चूंकि निर्माताओं ने मुझे पहले ही ब्लडी ब्रदर्स में देखा था – उनकी पिछली सीरीज, उन्होंने मुझसे इस सीरीज के लिए संपर्क किया। निर्देशक से मिलने के बाद और इस भाग को पढ़कर, मैं भाग लेने के लिए उत्सुक थी क्योंकि यह चुनौतीपूर्ण और वास्तव में नया था। (एजेंसी)

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