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एग्री वेलफेयर पोर्टल लॉन्च, किसानों को मोबाइल पर मिलेंगी सरकारी योजनाओं की जान

किसानों के लिए लॉन्च हुआ संशोधित एग्री वेलफेयर पोर्टल, मोबाइल पर मिलेगी सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं की जानकारी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया शुभारंभ, पीएम-किसान, फसल बीमा और एग्रीस्टैक जैसी योजनाओं के लिए बनेगा साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026। किसानों तक सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संशोधित ‘एग्री वेलफेयर पोर्टल’ का औपचारिक शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और किसान कल्याण के विजन को आगे बढ़ाने वाली इस पहल का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे किसानों के मोबाइल फोन तक पहुंचाना है, ताकि उन्हें जानकारी और आवेदन के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

नवरात्रि की नवमी के अवसर पर शुरू किए गए इस पोर्टल को किसानों के लिए एक साझा डिजिटल प्रवेश-द्वार के रूप में विकसित किया गया है। इसके माध्यम से कृषि मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी, नियमों और डिजिटल सेवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की योजना है।

‘सरकार हर समय किसानों के मोबाइल पर उपलब्ध रहे’

पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि सरकार आम नागरिकों और किसानों के लिए हर समय मोबाइल पर उपलब्ध रहे। तकनीक की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ सीधे खेत-खलिहान तक पहुंचे और किसानों का जीवन आसान बने।

उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप्स को भी एक साथ जोड़ने में मदद करेगा।

पीएम-किसान और फसल बीमा सहित कई सेवाओं के लिए साझा मंच

संशोधित एग्री वेलफेयर पोर्टल को पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी प्रमुख पहलों के लिए साझा प्रवेश-द्वार के रूप में तैयार किया गया है।

इसका उद्देश्य किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी, पात्रता संबंधी विवरण और आवेदन प्रक्रियाओं तक एक ही स्थान से पहुंच उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन पात्रता जांच और डिजिटल आवेदन जैसी सुविधाओं से सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होने तथा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

मौसम, खेती की तकनीक और मंडी भाव की जानकारी पर जोर

पोर्टल के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़ी उपयोगी और प्रामाणिक जानकारियां उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया गया है। इनमें मौसम की जानकारी, वैज्ञानिक खेती के तरीके, बीज और खाद की उपलब्धता तथा मंडियों के भाव जैसी सूचनाएं शामिल हैं।

इससे किसानों को खेती से संबंधित निर्णय लेने में मदद मिल सकती है। डिजिटल माध्यम से समय पर जानकारी उपलब्ध होने से कृषि योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक हो सकती है।

छोटे और सीमांत किसानों के लिए सरल बनाया गया पोर्टल

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी सही, अद्यतन और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी या अधूरी जानकारी से सरकारी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने पोर्टल की भाषा और प्रक्रियाओं को सरल रखने पर भी जोर दिया, ताकि कम पढ़े-लिखे छोटे और सीमांत किसान भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए पोर्टल को मोबाइल-अनुकूल और हल्का बनाया गया है।

कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से मिलेगा प्रशिक्षण

किसानों को डिजिटल सेवाओं के उपयोग में सक्षम बनाने के लिए देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं और डिजिटल कृषि सेवाओं के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देना है।

पोर्टल को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के DBIM 3.0 और GIGW 3.0 मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसे सुरक्षित, मोबाइल-अनुकूल और दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्क्रीन रीडर और सरल नेविगेशन जैसी सुविधाओं के माध्यम से अधिक लोगों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

पोर्टल के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतीश चंद्रा, अतिरिक्त सचिव प्रमोद मेहरदा, डिजिटल कृषि प्रभाग के प्रतिनिधि तथा मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री ने पोर्टल को समय पर तैयार करने के लिए तकनीकी टीम की सराहना की।

डिजिटल कृषि सेवाओं को मिलेगी नई दिशा

संशोधित एग्री वेलफेयर पोर्टल को किसानों और सरकारी सेवाओं के बीच डिजिटल संपर्क मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि पोर्टल पर सूचनाएं नियमित रूप से अपडेट होती हैं और किसानों को इसके इस्तेमाल का पर्याप्त प्रशिक्षण मिलता है, तो इससे योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, आवेदन करने और कृषि संबंधी निर्णय लेने में सुविधा हो सकती है।

इस पहल का व्यापक उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और किसान-केंद्रित बनाना है, ताकि डिजिटल तकनीक का लाभ देश के छोटे, सीमांत और दूरदराज के किसानों तक भी पहुंच सके।

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ऑस्ट्राहिंद 2026 शुरू: भारत-ऑस्ट्रेलिया के 240 सैनिक संयुक्त अभ्यास में शामिल

भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ शुरू, तिरुवनंतपुरम में 240 सैनिक दिखाएंगे दमखम

1 नवंबर तक चलेगा सैन्य अभ्यास, तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियान पर रहेगा जोर; पहली बार न्यूजीलैंड का पर्यवेक्षक दल भी शामिल

तिरुवनंतपुरम, 19 अक्टूबर 2026। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ के पांचवें संस्करण की शुरुआत केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में हो गई है। यह अभ्यास 19 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय सेना और ऑस्ट्रेलियाई सेना के लगभग 120-120 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।

इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, संयुक्त परिचालन क्षमता और सामरिक समन्वय को बेहतर बनाना है। अभ्यास के दौरान तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

गढ़वाल राइफल्स और ऑस्ट्रेलिया की 13वीं ब्रिगेड के सैनिक शामिल

भारतीय सेना के दल में गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों के साथ अन्य रेजिमेंट और सेवाओं के जवान शामिल हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई सेना की ओर से 13वीं ब्रिगेड के सैनिक इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं।

दोनों देशों के सैनिक वास्तविक परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और युद्ध-केंद्रित प्रशिक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता विकसित करना है।

तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियानों का प्रशिक्षण

‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के अंतर्गत अभियानों से संबंधित परिदृश्यों पर केंद्रित होगा। इसमें तटीय एवं द्वीपीय क्षेत्रों में उप-पारंपरिक अभियानों की तैयारी और संचालन पर जोर दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियां शामिल होंगी, जिनमें निगरानी और टोह लेना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा तथा समन्वित सैन्य अभियान चलाना प्रमुख हैं। इसके अलावा, अभ्यास में हवाई और समुद्री पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा, ताकि सैनिक जटिल परिचालन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल के साथ कार्य कर सकें।

मानवीय सहायता और आपदा राहत पर भी जोर

सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों से संबंधित प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया जाएगा। दोनों देशों के सैनिक अपने अनुभवों, पेशेवर कौशल और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करेंगे।

इससे संयुक्त अभियान के दौरान संचार, योजना और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

पहली बार न्यूजीलैंड का पर्यवेक्षक दल शामिल

इस संस्करण की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि पहली बार न्यूजीलैंड का एक पर्यवेक्षक दल भी अभ्यास में हिस्सा ले रहा है। इससे अभ्यास का अंतरराष्ट्रीय आयाम बढ़ा है और क्षेत्रीय सैन्य सहयोग को लेकर साझा अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा।

पिछले संस्करण का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में हुआ था

ऑस्ट्राहिंद का चौथा संस्करण 13 से 26 अक्टूबर 2025 तक ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित इरविन बैरक्स में आयोजित किया गया था। पांचवें संस्करण की भारत में मेजबानी दोनों देशों के बीच नियमित सैन्य सहयोग और संयुक्त प्रशिक्षण की निरंतरता को दर्शाती है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा पर जोर

‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सैन्य सहयोग, आपसी विश्वास और संयुक्त परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ यह संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को साझा रणनीतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए अधिक प्रभावी ढंग से काम करने का अवसर प्रदान करेगा।

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लेह से गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाई वायुसेना, एम्स में भर्ती

भारतीय वायुसेना का मानवीय अभियान: देर रात लेह से गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर दिल्ली पहुंचाया, एम्स में भर्ती

घने अंधेरे और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच सी-130जे विमान ने पूरा किया मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन, समय पर मिली सहायता

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने चिकित्सा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए लेह से एक गंभीर रूप से बीमार 30 वर्षीय नागरिक को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर दिल्ली के पालम हवाई अड्डे तक पहुंचाया। यह अभियान देर रात आपात सहायता की सूचना मिलने के बाद चलाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद मरीज को आगे के उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पूरा हुआ अभियान

भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान के जरिए इस मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन को अंजाम दिया गया। अभियान के दौरान घना अंधेरा और चुनौतीपूर्ण मौसम बड़ी परिचालन चुनौतियां थीं। इसके बावजूद वायुसेना ने उच्च स्तर की परिचालन तत्परता, पेशेवर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई के साथ मरीज को लेह से पालम तक पहुंचाया।

आपात स्थिति में वायुसेना की तत्परता

इस अभियान ने एक बार फिर गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों में भारतीय वायुसेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को रेखांकित किया है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बीच हवाई निकासी कई बार मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारतीय वायुसेना का यह मिशन केवल उसकी परिचालन क्षमता ही नहीं, बल्कि मानवीय जरूरतों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। आपात सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए गंभीर मरीज को दिल्ली पहुंचाना इस बात का उदाहरण है कि संकट की घड़ी में सैन्य संसाधनों का उपयोग नागरिकों की सहायता के लिए भी किया जाता है।

लेह से दिल्ली तक यह मेडिकल एयरलिफ्ट अभियान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय वायुसेना की तत्परता, समन्वय और मानवीय सेवा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

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डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: 10.27 किलो ड्रग्स जब्त, तीन गिरफ्तार

डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: 7.1 किलो एम्फ़ैटेमिन और 3.134 किलो कोकीन जब्त, तीन गिरफ्तार

बेंगलुरु, नागपुर और दिल्ली में खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई; हवाई अड्डों और सड़क मार्ग से नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिश नाकाम

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026। देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तीन अलग-अलग अभियानों में 7.136 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन और 3.134 किलोग्राम कोकीन जब्त की है। इन कार्रवाइयों में कुल 10.27 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई की ये कार्रवाई बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, महाराष्ट्र में नागपुर के निकट साओनेर क्षेत्र और नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर की गई। अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर संदिग्ध यात्रियों के सामान की जांच कर नशीले पदार्थों की खेप बरामद की।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 5.166 किलो एम्फ़ैटेमिन बरामद

डीआरआई अधिकारियों को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचे एक यात्री को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रोका गया। उसके सामान की तलाशी के दौरान 5.166 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन बरामद हुआ।

अधिकारियों ने बरामद मादक पदार्थ को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया। इस मामले में यात्री को गिरफ्तार किया गया।

नागपुर के पास महिला सूट में छिपाकर ले जाई जा रही थी खेप

दूसरी कार्रवाई में डीआरआई अधिकारियों ने नागपुर के बाहरी इलाके में साओनेर के खापा फाटा के पास दिल्ली से हैदराबाद जा रही एक बस में जांच की। इस दौरान एक भारतीय नागरिक के बैग की तलाशी ली गई।

बैग में रखे एक नए महिला सूट के भीतर सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ छिपाया गया था। बैग का वजन असामान्य रूप से अधिक होने पर अधिकारियों को संदेह हुआ। जांच के दौरान बैग की भीतरी परत में छिपा एक अन्य पैकेट भी मिला।

मौके पर किए गए परीक्षण में पदार्थ के एम्फ़ैटेमिन होने की पुष्टि हुई। इस अभियान में कुल 1.97 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन बरामद किया गया। इसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त कर संबंधित यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली एयरपोर्ट पर 3.134 किलो कोकीन जब्त

तीसरी कार्रवाई 15 और 16 अक्टूबर 2026 के दौरान नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर की गई। विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने घाना से पहुंचे एक भारतीय यात्री को रोका।

यात्री के सामान की व्यवस्थित जांच के दौरान छह पारदर्शी पैकेट बरामद किए गए। इनमें सफेद पाउडर भरा हुआ था, जिसका कुल वजन 3.134 किलोग्राम था। फील्ड टेस्ट में पदार्थ के कोकीन होने की पुष्टि हुई।

इसके बाद अधिकारियों ने कोकीन को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया और यात्री को गिरफ्तार कर लिया।

तस्करी के नए तरीकों पर डीआरआई की नजर

डीआरआई की इन कार्रवाइयों से पता चलता है कि तस्करी में शामिल लोग नशीले पदार्थों को छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। कभी सामान के भीतर तो कभी कपड़ों और बैग की परतों में नशीले पदार्थ छिपाकर ले जाने की कोशिश की जा रही है।

खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इन कार्रवाइयों का उद्देश्य मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना और हवाई तथा सड़क मार्ग से नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाना है।

तीनों मामलों में जब्त पदार्थों की कुल मात्रा 10.27 किलोग्राम है। डीआरआई की कार्रवाई देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है।

नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।

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नशामुक्त युवा अभियान: 36 राज्यों में 1,174 कार्यक्रम, 3.43 लाख लोगों की भागीदारी

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नशामुक्त युवा अभियान के पांचवें सप्ताह में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,174 कार्यक्रम आयोजित, 3.43 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

योग, ध्यान और युवा संसद के जरिए नशामुक्त भारत का संदेश, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया गया प्रेरित

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और देश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से मेरा युवा भारत (MY Bharat) की ओर से संचालित 100 सप्ताह के व्यापक अभियान के पांचवें सप्ताह के तहत 17 अक्टूबर 2026 को देशभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 1,174 कार्यक्रम हुए, जिनमें 3,43,288 युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया।

अभियान के पांचवें सप्ताह की मुख्य थीम ‘नशामुक्त युवा के लिए योग और ध्यान’ तथा ‘विकसित भारत हेतु नशामुक्त युवा पर चर्चा’ रही। इसके तहत योग एवं ध्यान सत्रों, नशामुक्ति संकल्प कार्यक्रमों, जागरूकता चर्चाओं और पड़ोस की युवा संसद के माध्यम से युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

योग और ध्यान से स्वस्थ जीवनशैली का संदेश

कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजनों में योग और ध्यान को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। वहीं, नशामुक्त युवा संकल्प के जरिए प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

युवा संसद में नशामुक्त भारत पर चर्चा

अभियान के तहत आयोजित पड़ोस की युवा संसद में नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को संवाद, विचार-विमर्श और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्ति अभियान से जोड़ना है। कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया।

विभिन्न संगठनों ने दिया सहयोग

इस अभियान को सफल बनाने में हार्टफुलनेस, प्रोजेक्ट पॉइंट, सीआईपीयू, एसोचैम, फिक्की, सीआईआई और ब्रह्माकुमारीज़ सहित विभिन्न संगठनों ने सहयोग किया। आध्यात्मिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योग संघों और अन्य हितधारकों की भागीदारी ने नशामुक्ति के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में योगदान दिया।

अभियान के तहत अब तक 3,380 गतिविधियां आयोजित

जारी जानकारी के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान अब तक 3,380 गतिविधियां आयोजित की गई हैं और 3,43,288 नशामुक्ति संकल्प लिए गए हैं। इन गतिविधियों के जरिए युवाओं और नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा सामुदायिक स्तर पर नशामुक्त वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

मेरा युवा भारत का यह 100 सप्ताह का अभियान विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप युवाओं को नशे से दूर रखने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक बनाने पर केंद्रित है। अभियान के माध्यम से युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयासों के जरिए नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया जा रहा है।

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डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आंकड़े और अभियान संबंधी विवरण मूल सूचना के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं

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ब्रिटेन के प्लायमाउथ के पास अभ्यास कोंकण-2026 संपन्न

भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास कोंकण-2026 15 अक्टूबर, 2026 को ब्रिटेन के प्लायमाउथ के निकट संपन्न हुआ। यह अभ्यास 8 से 15 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया गया। इस दौरान भारतीय नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने विभिन्न पेशेवर व परिचालन क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अभ्यास किया। इस अभ्यास के माध्यम से दोनों नौसेनाओं को आपसी तालमेल बढ़ाने, अनुभव साझा करने और समुद्री सहयोग को मजबूत करने का अवसर मिला।

अभ्यास कोंकण-26 में भारतीय नौसेना की ओर से स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल ने हिस्सा लिया, जबकि ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने ड्यूक-क्लास के पनडुब्बी रोधी युद्धक फ्रिगेट एचएमएस सदरलैंड को तैनात किया। इस संयुक्त समुद्री अभ्यास का संचालन रॉयल नेवी के बेड़ा परिचालन मानक और प्रशिक्षण (एफओएसटी) विभाग ने किया।

12 से 15 अक्टूबर 2026 तक आयोजित चार दिवसीय गहन समुद्री चरण में विभिन्न प्रकार के खतरों वाले समुद्री वातावरण में उन्नत समुद्री युद्धाभ्यास और संयुक्त सामरिक अभ्यास किए गए। इस दौरान संचार प्रक्रियाओं, सतही जहाजों के खिलाफ असममित युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध और हथियारों से फायरिंग का अभ्यास भी शामिल रहा। इन गतिविधियों से अभ्यास में भाग लेने वाली दोनों नौसेनाओं की इकाइयों के बीच आपसी तालमेल एवं परिचालन समन्वय को और मजबूती मिली।

पेशेवर विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के जरिए कोंकण-26 ने जटिल समुद्री परिस्थितियों में भारतीय नौसेना तथा ब्रिटेन की रॉयल नेवी की संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता को मजबूत किया। इस अभ्यास से दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय बेहतर हुआ और भारत-ब्रिटेन की दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी को नई मजबूती मिली।

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केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा – पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा है कि पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है।

X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। पंजाब सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर पंजाब की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? दिरबा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने पंजाब सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय भी इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब माँगेगा। पंजाब में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री  जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब, घोषणाएँ नहीं, परिणाम, नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जाँच चाहिए। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है – नशे के कारोबार पर प्रहार, युवाओं के भविष्य की रक्षा, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और कानून का ऐसा राज, जिसमें कोई भी नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर न हो।

 

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उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने कारवार में भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत आईएनएस “समर्थक” का शुभारंभ किया

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज कर्नाटक के कारवार में भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत आईएनएस समर्थक का शुभारंभ किया। यह शुभारंभ रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और उन्नत स्वदेशी नौसैनिक क्षमताओं के विकास की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

 

 

उपराष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से युक्त आईएनएस समर्थक भारत की औद्योगिक, प्रौद्योगिकीय और जहाज निर्माण क्षमताओं की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अब केवल एक आकांक्षा नहीं बल्कि एक उभरती हुई वास्तविकता है, जो भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन में योगदान देती है।

श्री सीपी राधाकृष्णन ने भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को रेखांकित करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज और चोल वंश की नौसैनिक परंपराओं को याद किया, जिन्होंने हिंद महासागर और दक्षिण पूर्व एशिया में भारत के समुद्री प्रभाव का विस्तार किया।

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय संप्रभुता और समुद्री हितों की रक्षा में भारतीय नौसेना की विशिष्ट सेवाओं की सराहना की। उन्होंने समुद्री डकैती विरोधी अभियानों, भारतीय नागरिकों की निकासी और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों सहित हिंद महासागर क्षेत्र में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता और पसंदीदा सुरक्षा भागीदार के रूप में इसकी भूमिका की भी प्रशंसा की।

उपराष्ट्रपति ने आईएनएस समर्थक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पोत अगली पीढ़ी के हथियारों, सेंसरों और उभरती प्रौद्योगिकियों के परीक्षण और मूल्यांकन के लिए एक बहुमुखी मंच के रूप में कार्य करेगा। इसकी क्षमताएं समुद्री निगरानी और टोही, अपतटीय गश्त, लक्ष्य प्रक्षेपण और पुनर्प्राप्ति, मानवरहित प्रणालियों से जुड़े अभियानों और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत में भी सहायक होंगी। उन्होंने कहा कि ऐसा मंच नौसेना को उभरते प्रौद्योगिकीय विकासों के साथ तेजी से तालमेल बिठाने और स्वदेशी नवाचार को परिचालन क्षमताओं में बदलने में सक्षम बनाएगा।

श्री सीपी राधाकृष्णन ने कारवार के रणनीतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका गहरा प्राकृतिक बंदरगाह और अरब सागर से निकटता इसे भारत की समुद्री सुरक्षा संरचना का एक महत्वपूर्ण घटक बनाती है। उन्होंने प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत चल रहे आधुनिक नौसैनिक अवसंरचना के विकास पर प्रकाश डाला, जो क्षेत्र के लिए व्यापक आर्थिक अवसर पैदा करते हुए जहाजों और पनडुब्बियों को तैनात करने और बनाए रखने की नौसेना की क्षमता को बढ़ा रहा है।

उपराष्ट्रपति ने भारत के रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने में भारतीय नौसेना, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी शिपयार्डों, डीआरडीओ, शिक्षाविदों, एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स के बीच बढ़ती साझेदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने परियोजना में लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) के योगदान का उल्लेख करते हुए, स्वदेशी नौसैनिक क्षमताओं के निर्माण में नौसेना डिजाइनरों, उत्पादन अधिकारियों, शिपयार्ड पेशेवरों, इंजीनियरों, तकनीशियनों, आपूर्तिकर्ताओं और सहायक उद्योगों के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन; फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्सयान; युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक वाइस एडमिरल संजय साधु; फ्लैग ऑफिसर (कर्नाटक) रियर एडमिरल विक्रम मेनन; एल एंड टी के जहाज निर्माण प्रमुख सेवानिवृत्त रियर एडमिरल जी.के. हरीश, आई.एस. समर्थक के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सुशील कुमार सिंह, भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित थे।

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रजरप्पा में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मां स्व. रूपी सोरेन की अस्थियों का किया विसर्जन, नम आंखों से दी विदाई

रजरप्पा, रामगढ़ | 19 अक्टूबर 2026  – झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को रामगढ़ जिले के रजरप्पा स्थित दामोदर-भैरवी नदी के पवित्र संगम तट पर अपनी दिवंगत माता स्व. रूपी सोरेन की अस्थियों का विधिवत विसर्जन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए और उन्होंने नम आंखों से अपनी पूजनीय माता को अंतिम विदाई दी। अस्थि विसर्जन के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच वस्त्र भी वितरित किए।

संताली परंपरा और रीति-रिवाजों के साथ हुआ अस्थि विसर्जन

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से दिवंगत माता की अस्थि कलश लेकर रजरप्पा पहुंचे। यहां प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर के निकट दामोदर और भैरवी नदियों के पवित्र संगम पर स्थित जाड्ंग बाहा तुपुनाई घाट में उन्होंने पारंपरिक संताली रीति-रिवाजों और सामाजिक मान्यताओं के अनुरूप अस्थियों का विसर्जन किया।

पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान माहौल गमगीन रहा। मुख्यमंत्री ने अपनी माता की स्मृति को नमन करते हुए श्रद्धा और भावुकता के साथ परंपराओं का निर्वहन किया।

पारंपरिक अनुष्ठान में शामिल हुए समाज के प्रमुख लोग

अस्थि विसर्जन से संबंधित पारंपरिक विधि-विधान परगना बाबा जोगेश्वर सोरेन के नेतृत्व में संपन्न कराया गया। इस अवसर पर मांझी बाबा बिन्दे सोरेन, लुगू गोडैत, सुरेन्द्र टुडू, पारानीक बाबा महावीर मुर्मू, सोमाय टुडू और जीतलाल मुर्मू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के साथ उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

ग्रामीणों के बीच वितरित किए वस्त्र

अस्थि विसर्जन और पारंपरिक विधि-विधान पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच वस्त्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने सामाजिक परंपराओं का पालन करते हुए स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता स्व. रूपी सोरेन का निधन 18 अक्टूबर 2026 को हुआ था। उनके पैतृक गांव नेमरा में 18 अक्टूबर को संस्कार भोज संपन्न हुआ था। इसके बाद 19 अक्टूबर को रजरप्पा में दामोदर-भैरवी संगम तट पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ अस्थियों का विसर्जन किया गया।

रजरप्पा, रामगढ़ से यह धार्मिक अनुष्ठान मुख्यमंत्री के परिवार की परंपराओं, मातृ-स्मृति और संताली रीति-रिवाजों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रहा।

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तमिलनाडु में 137 किलो क्रिस्टल मेथ जब्त, 4 गिरफ्तार; ₹100 करोड़ से अधिक कीमत का नशीला पदार्थ बरामद

नागपट्टिनम: तमिलनाडु के तटीय इलाके में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 137 किलो क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस खेप को समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की योजना थी।

खुफिया सूचना पर DRI की बड़ी कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, DRI ने 16 और 17 अक्टूबर 2026 को विशेष खुफिया सूचना के आधार पर तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के एक तटीय गांव में निगरानी और तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान अधिकारियों ने मादक पदार्थों के भंडारण और समुद्री मार्ग से उनकी तस्करी की कथित योजना का पता लगाया।

तलाशी के दौरान छह डफेल बैग बरामद किए गए। इनमें सिल्वर फॉयल में लिपटे 27 पैकेट मिले। प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग पांच किलोग्राम बताया गया है। पैकेटों में सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ था, जिसके उच्च शुद्धता वाले मेथामफेटामाइन होने का संदेह है। कुल जब्त खेप का वजन 137 किलोग्राम बताया गया है।

10 लाख रुपये नकद और तीन वाहन जब्त

DRI अधिकारियों ने कथित नेटवर्क के एक संदिग्ध आयोजक के परिसर में भी तलाशी ली। इस दौरान 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिनके तस्करी से प्राप्त रकम होने का संदेह है।

इसके अलावा, मादक पदार्थों के परिवहन में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दो चारपहिया वाहन और एक दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं।

श्रीलंका भेजने की थी कथित योजना

जांच एजेंसी के अनुसार, बरामद मादक पदार्थों को समुद्र के बीच में हस्तांतरण के माध्यम से श्रीलंका पहुंचाने की योजना होने का संदेह है। कार्रवाई में कथित तौर पर खेप के भंडारण, परिवहन और समुद्री मार्ग से तस्करी की व्यवस्था में शामिल लोगों की भूमिका सामने आई है।

इस मामले में चार व्यक्तियों को स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

संगठित मादक पदार्थ तस्करी पर कार्रवाई

DRI की इस कार्रवाई को तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। एजेंसी का उद्देश्य संगठित तस्करी नेटवर्क को तोड़ना और भारतीय तटीय क्षेत्रों के दुरुपयोग को रोकना है।

मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मादक पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।

नोट: मामले में आरोपियों की भूमिका और तस्करी की कथित योजना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

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राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने नेमरा पहुंचकर रूपी सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रामगढ़। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री की दिवंगत माता रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मुलाकात की तथा उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस दुखद घड़ी में परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताई।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत रूपी सोरेन की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

नेमरा में शोकाकुल परिवार से मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

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बाबा रामदेव ने हेमंत सोरेन को बताया ‘लेजेंडरी मुख्यमंत्री’, रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि

रामगढ़, 18 अक्टूबर। योग गुरु बाबा रामदेव रविवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सराहना करते हुए उन्हें ‘लेजेंडरी मुख्यमंत्री’ बताया।

मीडिया से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन अपने पुरखों की विरासत को पुरुषार्थ और अदम्य साहस के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। वह सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए आदिवासी समाज के साथ-साथ पूरे समाज को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

शिबू सोरेन को बताया सदी का महानायक

बाबा रामदेव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन को इस सदी का महानायक बताते हुए कहा कि सोरेन परिवार के साथ उनका करीब ढाई दशक पुराना आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन के बाद अब रूपी सोरेन का निधन परिवार के लिए बड़ी क्षति है।

रूपी सोरेन को बताया शक्ति स्वरूपा

बाबा रामदेव ने स्वर्गीय रूपी सोरेन को शक्ति स्वरूपा बताते हुए कहा कि उन्होंने परिवार को एक सूत्र में बांधकर रखा। उनके अनुसार, रूपी सोरेन ने केवल अपने परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड को अपना परिवार माना।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए उनकी माता रूपी सोरेन देवी स्वरूप थीं। हेमंत सोरेन अपने पिता शिबू सोरेन और पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। बाबा रामदेव ने उनके साहस और नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें ‘लेजेंडरी मुख्यमंत्री’ की संज्ञा दी।

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रांची में दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा सलाह, श्रद्धालुओं और आयोजकों के लिए जरूरी निर्देश

रांची। दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, अग्नि बचाव और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने और पूजा आयोजकों से सुरक्षा संबंधी इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा निर्देश

  • मोबाइल फोन: घर से निकलने से पहले फोन चार्ज रखें और इंटरनेट की उपलब्धता जांच लें।
  • बच्चों की सुरक्षा: बच्चों को पहचान पत्र पहनाएं और उनकी जेब में नाम, पता व संपर्क नंबर लिखकर रखें।
  • परिवार का ध्यान: भीड़ में परिवार के सदस्यों के संपर्क में रहें और बुजुर्गों की सहायता करें।
  • महिलाओं की सुरक्षा: छेड़छाड़ या परेशानी होने पर पुलिस अथवा सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें।
  • भीड़ में सावधानी: भीड़भाड़ में सेल्फी लेने से बचें और निकास द्वारों की जानकारी रखें।
  • वाहन सुरक्षा: नियंत्रित गति से वाहन चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें तथा नशे की हालत में वाहन न चलाएं।
  • अफवाहों से बचाव: अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और आपात स्थिति में सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

पूजा आयोजकों के लिए सुरक्षा निर्देश

  • भीड़ प्रबंधन: प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित करें तथा भीड़ नियंत्रित रखें।
  • अग्नि सुरक्षा: अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखें और बिजली के तारों व अस्थायी कनेक्शनों की जांच कराएं।
  • आपातकालीन निकासी: निकास द्वार स्पष्ट रूप से चिह्नित करें और रास्तों को अवरोधमुक्त रखें।
  • अग्निशमन व एंबुलेंस: आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह रखें।
  • सुरक्षा कर्मी: प्रवेश द्वारों, निकास मार्गों और भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करें।
  • चिकित्सा सुविधा: प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस उपलब्ध कराएं।
  • विभागीय समन्वय: पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखें।
  • आपातकालीन तैयारी: आग लगने या भगदड़ की स्थिति में निकासी के लिए स्वयंसेवकों को आवश्यक निर्देश दें।

श्रद्धालुओं और आयोजकों से सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की गई है। बेहतर भीड़ प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा और विभागीय समन्वय से संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान बड़ा हादसा, पंडाल में भगदड़ से 17 लोगों की मौत, 40 घायल होने का दावा

कोलकाता: दुर्गा पूजा की खुशियों के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दुखद खबर सामने आई है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान इलाके में सप्तमी की शाम पूजा पंडाल के बाहर भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी मचने की खबर है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी ह

जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान इलाके में स्थित पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर भीड़ का दबाव बढ़ गया। बारिश के बीच लोगों की भारी भीड़ जमा होने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। बताया गया है कि इस दौरान पंडाल का एक हिस्सा भी ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

राहत और बचाव कार्य में जुटीं टीमें

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को बाहर निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किए जाने की जानकारी है। पूजा आयोजकों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया।

बताया गया है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल भी घायलों का हाल जानने के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए।

कई पूजा पंडालों में आवाजाही पर रोक

हादसे के बाद चोरबागान के शारदा पार्क पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा प्रशासन के निर्देश पर ताला प्रतॉय पंडाल को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया, जबकि चेतला अग्रणी पूजा पंडाल को एक घंटे के लिए बंद रखने की सूचना दी गई।

सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रभावित लोगों के परिजन और अन्य संबंधित लोग इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, नंबर की आधिकारिक पुष्टि कर लेना उचित होगा।

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, घटनास्थल पर कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों की मदद से वहां से ले जाते हुए भी देखा गया। घटना के बाद इलाके में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दुर्गा पूजा के दौरान हुई इस घटना ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों, हताहतों की संख्या और प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट की पुष्टि का इंतजार है।

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मगध कोल माइंस में तनाव, CISF पर मारपीट और छिनतई के आरोप; ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

लातेहार। मगध कोल माइंस क्षेत्र में रेलवे साइडिंग मार्ग पर सीआईएसएफ (CISF) द्वारा सीसीएल के वाहनों को रोके जाने के बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और महिलाओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और सीआईएसएफ के जवानों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सीआईएसएफ के जवानों ने वाहन चालकों के साथ मारपीट की और उनके पैसे तथा अन्य सामान छीन लिए। इन आरोपों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे साइडिंग मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया और मामले की जांच शुरू की।

फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में सीआईएसएफ का पक्ष और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि

विजयवाड़ा। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन दिनों विजयवाड़ा के दौरे पर हैं। वह यहां आयोजित ‘राष्ट्रीय सरस मेला’ में शामिल होने पहुंची हैं। इसी दौरान उन्होंने डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भारत के प्रमुख वैज्ञानिकों और प्रेरणादायी राष्ट्रपतियों में गिना जाता है। मिसाइल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2002 से 2007 तक देश के राष्ट्रपति रहे डॉ. कलाम ने अपने विचारों, सादगी और युवाओं को प्रेरित करने वाले संदेशों से देशभर में विशेष पहचान बनाई।

उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें याद करना देश के वैज्ञानिक विकास, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।

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बयानबाजी पड़ी भारी, योगेंद्र साव कांग्रेस से तीन साल के लिए निष्कासित

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने 13 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की। पार्टी की ओर से जारी कार्रवाई के पीछे अनुशासनहीनता और गठबंधन सरकार के साथ मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने को प्रमुख कारण बताया गया है।

पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक कड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व का आरोप है कि योगेंद्र साव के बयान पार्टी की नीतियों और गठबंधन सरकार के प्रति निर्धारित मर्यादाओं के अनुरूप नहीं थे।

इस कार्रवाई के बाद झारखंड कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का तीन साल के लिए निष्कासन ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य में गठबंधन सरकार और सहयोगी दलों के बीच समन्वय को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार चर्चा में रहती है।

फिलहाल, इस मामले में योगेंद्र साव की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। उनकी प्रतिक्रिया आने के बाद मामले की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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रांची में साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार; नाबालिग भी पकड़ा गया

7.98 लाख रुपये नकद, 36 मोबाइल, लैपटॉप और बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज बरामद

रांची। राजधानी रांची में साइबर ठगी के एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सुखदेवनगर थाना और पंडरा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस की इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 7,98,100 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के 36 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में बैंकिंग और पहचान से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

बरामद सामग्री में 32 एटीएम कार्ड, पांच बैंक पासबुक और एक चेकबुक शामिल हैं। इसके साथ ही पांच आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, 12 सिम कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस और एक एनपीएस प्रान कार्ड भी पुलिस ने जब्त किया है।

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के जरिए गिरोह की कार्यप्रणाली तथा साइबर ठगी से जुड़े संभावित लेन-देन का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इसके तार अन्य लोगों या स्थानों से जुड़े हैं या नहीं।

रांची में साइबर अपराध के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। हालांकि, गिरोह के ठगी करने के तरीके, पीड़ितों की संख्या और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

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दुर्गा पूजा पर रांची प्रशासन अलर्ट, 24×7 कंट्रोल रूम; हर पंडाल में नशामुक्ति संदेश अनिवार्य

रांची। दुर्गा पूजा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पूजा के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उपायुक्त ने बिजली संबंधी समस्याओं और विधि-व्यवस्था की निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। प्रमुख पूजा पंडालों में बिजली कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ सभी पूजा समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने और आवश्यक सुरक्षा प्रमाण-पत्र सुरक्षित रखने को कहा गया।

इस वर्ष नशामुक्ति अभियान पर विशेष जोर रहेगा। रांची के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी पूजा पंडालों में नशामुक्ति जागरूकता फ्लेक्स लगाना अनिवार्य होगा, ताकि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।

प्रशासन ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही, अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।

विसर्जन व्यवस्था को लेकर उपायुक्त ने घाटों की साफ-सफाई कराने और सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने को कहा, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में दुर्गा पूजा मना सकें।

बैठक में पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य, बिजली, अग्निशमन, पथ निर्माण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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रांची के पंडरा में साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 11 हिरासत में; 7 से 8 लाख रुपये नकद बरामद

रांची | 13 अक्टूबर 2026

रांची में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंडरा थाना क्षेत्र में छापेमारी की। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 संदिग्ध साइबर ठगों को हिरासत में लिया है। छापेमारी के दौरान करीब 50 मोबाइल फोन और लगभग 7 से 8 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की सूचना है।

छापेमारी में मोबाइल फोन और नकदी जब्त

रांची पुलिस की इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन के अलावा डेबिट कार्ड और सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, जब्त किए गए मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड और नकदी की सटीक संख्या का आधिकारिक विवरण अभी साझा नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार, जब्त सामान का विस्तृत ब्योरा बाद में उपलब्ध कराया जाएगा।

पुलिस की कार्रवाई जारी

पंडरा थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों के खिलाफ छापेमारी अभी जारी है। हिरासत में लिए गए 11 संदिग्धों से जुड़े मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। छापेमारी पूरी होने के बाद बरामद सामान और मामले से संबंधित अन्य जानकारियां सामने आने की संभावना है।

साइबर अपराध पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की जा रही इस कार्रवाई को रांची पुलिस की अहम पहल माना जा रहा है। फिलहाल, मामले में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

Final Justice News

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रांची IIIT में छात्र आदित्य की मौत के बाद बवाल, निदेशक के इस्तीफे की मांग पर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना

हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप, एम्बुलेंस में देरी और लिफ्ट बंद रहने को लेकर छात्रों में आक्रोश

रांची: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), रांची में छात्र आदित्य की मौत के बाद छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। हॉस्टल के बाहर पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों ने संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की कमी, परीक्षा के दबाव और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

चिकित्सा सुविधाओं की कमी पर छात्रों में नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि संस्थान के हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा एम्बुलेंस की उपलब्धता में देरी, बार-बार बिजली कटौती और लिफ्ट खराब रहने जैसी समस्याएं भी छात्रों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। छात्रों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर मदद मिलना मुश्किल हो सकता है।

घटना के समय बिजली नहीं होने का दावा

छात्रों के मुताबिक, आदित्य से जुड़ी घटना के समय हॉस्टल में बिजली नहीं थी। उनका दावा है कि लिफ्ट बंद रहने के कारण आदित्य को पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे लाना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि एम्बुलेंस उपलब्ध होने में करीब 20 मिनट की देरी हुई।

छात्रों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में बिजली, लिफ्ट और चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने संस्थान प्रशासन से इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और घटना के दौरान सामने आई समस्याओं की जांच कराने की मांग की है।

परीक्षा के दबाव और प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

आदित्य की मौत के बाद छात्रों ने संस्थान में पढ़ाई और परीक्षा से जुड़े दबाव का मुद्दा भी उठाया है। उनका आरोप है कि शैक्षणिक दबाव के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासन की कथित लापरवाही ने स्थिति को गंभीर बनाया है।

फिलहाल, छात्र निदेशक के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और हॉस्टल के बाहर उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी है। छात्रों की मांग है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो तथा हॉस्टल में चिकित्सा सुविधाओं, बिजली, लिफ्ट और एम्बुलेंस की व्यवस्था में सुधार किया जाए।

नोट: घटना के कारणों, एम्बुलेंस पहुंचने में हुई कथित देरी और प्रशासन की भूमिका से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संस्थान प्रशासन का आधिकारिक पक्ष इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर शामिल नहीं किया जा सका है।

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विजयवाड़ा में 13 अक्टूबर से राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का आयोजन, 30 से अधिक राज्यों की 1,500 महिला उद्यमी लेंगी हिस्सा

विजयवाड़ा/नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय पहली बार दिल्ली-एनसीआर से बाहर राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का आयोजन कर रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से यह मेला 13 से 31 अक्टूबर 2026 तक विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट पर आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी 1,500 से अधिक महिला उद्यमियों के भाग लेने की उम्मीद है।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 15 अक्टूबर को मेले का उद्घाटन करेंगी। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने का कार्यक्रम है।

ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार

राष्ट्रीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को प्रदर्शित करने, उनकी बिक्री बढ़ाने और उन्हें नए ग्राहकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान स्थापित करने, विपणन कौशल विकसित करने और व्यवसाय का विस्तार करने के अवसर मिलेंगे।

यह आयोजन दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसके जरिए ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह पहल वर्ष 2029 तक छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने के निर्धारित लक्ष्य से भी जुड़ी है।

मेले में सरस आजीविका गैलरी के माध्यम से विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही ई-सरस (eSARAS) डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ग्रामीण उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।

देशभर की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प होंगे आकर्षण

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 में भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला की झलक देखने को मिलेगी। विभिन्न राज्यों की महिला उद्यमी अपने क्षेत्र के विशिष्ट उत्पादों को प्रदर्शित करेंगी।

मेले में पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना के इकत और तेलिया वस्त्र तथा मिजोरम की पुआनचई जैसी पारंपरिक कलाएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके अलावा मीनाकारी, डोकरा कला, पीतल के सामान, लकड़ी की कलाकृतियां, चित्रकला और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद उपलब्ध कराने के लिए 50 फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे आगंतुकों को एक ही स्थान पर देश की विविध खाद्य संस्कृति का अनुभव मिलेगा।

महिला उद्यमियों के लिए बनाए जाएंगे विशेष मंडप

महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, विपणन और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए मेले में कई विशेष मंडप स्थापित किए जाएंगे।

लखपति दीदी मंडप: इस मंडप में लखपति दीदी पहल और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक प्रगति और स्वरोजगार के अवसरों को सामने लाना है।

ज्ञान मंडप: यहां महिला उद्यमियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, व्यवसाय विकास और बाजार विस्तार से संबंधित जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने उत्पादों को अधिक प्रभावी ढंग से ग्राहकों तक पहुंचा सकें।

समन्वय मंडप: इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को सरकारी विभागों और विभिन्न संस्थानों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उन्हें उपलब्ध योजनाओं और सहायता सेवाओं का लाभ मिल सके।

डेमो मंडप: यहां पारंपरिक हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को तैयार करने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इससे आगंतुकों को ग्रामीण कारीगरों के कौशल, मेहनत और पारंपरिक तकनीकों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

16 फुट ऊंची कलाकृति ‘शक्ति – द स्पिरिट ऑफ लखपति दीदी’ होगी खास आकर्षण

मेले में 16 फुट ऊंची विशेष कलाकृति ‘शक्ति – द स्पिरिट ऑफ लखपति दीदी’ भी प्रदर्शित की जाएगी। यह कलाकृति ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, परिश्रम, उद्यमशीलता और आर्थिक सशक्तीकरण की भावना को दर्शाएगी।

इस आयोजन में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) का भी सहयोग रहेगा। विभिन्न संस्थानों की भागीदारी से महिला उद्यमियों को बाजार और संस्थागत सहायता से जोड़ने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तीकरण को मिलेगी नई दिशा

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के कौशल को व्यावसायिक अवसरों में बदलना, उनके उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार करना और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।

विजयवाड़ा में आयोजित यह मेला विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। इसके साथ ही महिला उद्यमियों को नए खरीदारों से संपर्क स्थापित करने, उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और अपने व्यवसाय को आगे ले जाने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार की इस संयुक्त पहल के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों के विपणन और महिला नेतृत्व वाले आजीविका मॉडल को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Final Justice news | विजयवाड़ा

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नशामुक्त भारत की दिशा में बड़ी पहल: 34 राज्यों के 1,469 स्थानों पर आयोजित हुए नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट और युवा मेले

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान’ के तहत मेरा युवा भारत (MY Bharat) ने देशभर में व्यापक जनभागीदारी के साथ नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट और युवा मेलों का आयोजन किया। 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित इन कार्यक्रमों में 34 राज्यों के 1,469 स्थानों पर 3.65 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

यह आयोजन 100 सप्ताह तक चलने वाले अभियान का हिस्सा था। विभिन्न साझेदार संगठनों के सहयोग से आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया।

युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा नशामुक्त भारत का संकल्प

नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट के तहत ब्लॉक स्तर पर आयोजित चर्चाओं में मादक पदार्थों के सेवन से जुड़ी चुनौतियों, जागरूकता को ठोस कार्रवाई में बदलने के उपायों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली प्रेरक कहानियों पर चर्चा की गई।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को केवल जागरूक करना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने समुदायों में नशे के खिलाफ अभियान चलाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए भी तैयार करना था। युवाओं को स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और नशे से दूर रहने का संदेश फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

शपथ, नुक्कड़ नाटक और प्रतियोगिताओं के जरिए फैला जागरूकता का संदेश

कार्यक्रमों के दौरान युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें नशामुक्त युवा शपथ, नारा लेखन प्रतियोगिताएं, हस्ताक्षर अभियान, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और संवादात्मक चर्चाएं प्रमुख रहीं।

इन गतिविधियों के जरिए मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही, प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार तथा समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

विभिन्न संगठनों का मिला सहयोग

इस अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाने के लिए कई आध्यात्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक और औद्योगिक संगठनों ने सहयोग किया। इनमें हार्टफुलनेस, प्रोजेक्ट पॉइंट, सीआईपीयू, एसोचैम, फिक्की और ब्रह्माकुमारीज सहित अन्य साझेदार संगठन शामिल रहे।

विभिन्न संगठनों की भागीदारी ने अभियान को बहु-हितधारक पहल का स्वरूप दिया। इससे युवाओं तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।

4,552 गतिविधियां आयोजित, 4,568 नारे एकत्रित

अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। इस दौरान एक सांसद और पांच विधायकों सहित कुल छह जनप्रतिनिधि कार्यक्रमों में शामिल हुए।

आंकड़ों के अनुसार, देशभर में कुल 4,552 गतिविधियां आयोजित की गईं और प्रतिभागियों से 4,568 नारे एकत्र किए गए। ये आंकड़े नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए युवाओं और नागरिकों की व्यापक भागीदारी को दर्शाते हैं।

100 सप्ताह का अभियान, नशामुक्त और विकसित भारत का लक्ष्य

‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान’ का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ देशव्यापी सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना, सामुदायिक भागीदारी मजबूत करना और युवाओं के नेतृत्व को प्रोत्साहित करना है।

मेरा युवा भारत के माध्यम से आयोजित नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट और युवा मेले इस दिशा में युवाओं को जागरूकता से आगे बढ़कर सामाजिक बदलाव का नेतृत्व करने का अवसर प्रदान करते हैं।

देशभर में 1,469 स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों और 3.65 लाख से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी ने नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। अभियान के तहत युवाओं की सक्रिय भूमिका को मजबूत करने और नशे के खिलाफ जनआंदोलन को व्यापक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

Final Justice News | नई दिल्ली

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भारत के लिए पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करना सम्मान की बात: अमित शाह

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत के लिए नई दिल्ली में पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करना गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने सदस्य देशों के गृह मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

अमित शाह ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक बैठक आतंकवाद, सीमा-पार संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथ, मानव एवं अन्य प्रकार की तस्करी, अवैध वित्तीय लेन-देन और साइबर खतरों जैसी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के सामूहिक संकल्प को दर्शाती है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर जोर

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि BIMSTEC सदस्य देशों के बीच ठोस समन्वय और सहयोग के माध्यम से क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सकता है। बैठक का प्रमुख उद्देश्य सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए साझा रणनीति और सहयोग को आगे बढ़ाना है।

आतंकवाद और सीमा-पार अपराधों के बढ़ते स्वरूप के बीच सदस्य देशों के बीच सूचना साझा करना, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा साइबर अपराधों और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर अंकुश लगाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साझा चुनौतियों से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

BIMSTEC यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल, बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है। सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए गृह मंत्रियों की यह पहली बैठक सदस्य देशों के बीच संवाद और समन्वय को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

अमित शाह ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि भारत एक सुरक्षित, मजबूत और अधिक संरक्षित BIMSTEC क्षेत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के माध्यम से आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथ और साइबर खतरों जैसी चुनौतियों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

भारत की मेजबानी में आयोजित यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

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