रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन के साथ दाखिल शपथ-पत्रों में उम्मीदवारों की संपत्ति और आय का ब्यौरा सामने आने के बाद चुनावी चर्चा और भी गर्म हो गई है। इस बार चुनाव मैदान में उतरे निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी सबसे अधिक संपत्ति वाले प्रत्याशी के रूप में उभरे हैं।
शपथ-पत्र के अनुसार परिमल नाथवानी के पास कुल 754.86 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनकी वार्षिक आय 35.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जो अन्य उम्मीदवारों की संपत्ति की तुलना में भी काफी अधिक है। जानकारी के मुताबिक वे Reliance Industries को पेशेवर सेवाएं प्रदान करते हैं, जिसके एवज में उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 24.99 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होती है। उनकी पत्नी की वार्षिक आय भी 4.09 करोड़ रुपये बताई गई है।
वहीं वैद्यनाथ राम, जिन्हें Jharkhand Mukti Morcha (JMM) ने अपना उम्मीदवार बनाया है, की कुल संपत्ति 4.56 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। उनकी वार्षिक आय 15.52 लाख रुपये बताई गई है।
दूसरी ओर प्रणव झा, जो Indian National Congress के उम्मीदवार हैं, के पास कुल 1.91 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनकी सालाना आय 11.93 लाख रुपये दर्ज की गई है।
सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि चुनाव मैदान में मौजूद तीनों उम्मीदवार करोड़पति हैं, लेकिन परिमल नाथवानी की वार्षिक आय ही अन्य दोनों उम्मीदवारों की कुल संपत्ति से कई गुना अधिक है। शपथ-पत्रों के अनुसार किसी भी उम्मीदवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवारों की संपत्ति और आय से जुड़े आंकड़े अब राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। चुनावी मुकाबले के साथ-साथ प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
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रांची,09.06.2026 – जापान के काकामीगाहारा में आयोजित अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत का गौरव बढ़ाने वाले झारखंड के 8 हॉकी खिलाड़ियों का शुक्रवार को रांची में जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया के सम्मान समारोह में शामिल होने के बाद सभी खिलाड़ी अपने गृह राज्य झारखंड पहुंचे।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 29 मई से 6 जून 2026 तक जापान में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर पूरे एशिया में भारत का परचम लहराया।
झारखंड के खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का गौरव
स्वर्ण पदक विजेता भारतीय पुरुष टीम में झारखंड के आशीष तनी पूर्ति और प्रेमचंद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं कांस्य पदक विजेता भारतीय महिला टीम में झारखंड की संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, सुगन सांगा, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और श्रुति कुमारी ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन किया।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पारंपरिक स्वागत
रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचते ही हॉकी झारखंड की अगुवाई में सभी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज के तहत खिलाड़ियों के हाथ धुलवाए गए, उन्हें फूल-मालाएं पहनाई गईं और सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह, अशोक भगत, आश्रिता लकड़ा, दशरथ महतो, हॉकी कोच करुणा पूर्ति, दूलारी टोपनो, मनीष सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और समर्थक मौजूद रहे।
खिलाड़ियों के स्वागत के दौरान पूरा एयरपोर्ट परिसर “भारत माता की जय” और “हॉकी जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से पूरे झारखंड में उत्साह और गर्व का माहौल है।
रांची,08.06.2026 : सचिव, झारखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 (विज्ञापन संख्या 08/2025) के कदाचार मुक्त एवं शांतिपूर्ण संचालन तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से रांची प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर रांची, श्री कुमार रजत ने बीएनएसएस की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 14 जून 2026 को प्रातः 7:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन के अनुसार परीक्षा के सफल संचालन के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रांची राकेश रंजन के संयुक्त आदेश से पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके बावजूद असामाजिक तत्वों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगाकर कानून-व्यवस्था प्रभावित किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
निषेधाज्ञा के तहत प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में निम्नलिखित गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी—
पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्र होना (सरकारी कार्य में लगे कर्मियों एवं शवयात्रा को छोड़कर)।
किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग।
बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि अस्त्र-शस्त्र लेकर चलना (अधिकृत सरकारी कर्मियों को छोड़कर)।
लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला आदि हरवे हथियार लेकर चलना (अधिकृत सरकारी कर्मियों को छोड़कर)।
किसी प्रकार की बैठक, सभा या आमसभा का आयोजन।
परीक्षा केंद्र
रांची में निम्नलिखित पांच परीक्षा केंद्रों के आसपास यह निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी—
St. Paul’s College, चर्च रोड, रांची
St. John’s High School, करबला टैंक रोड, रांची
Ram Tahal Choudhary High School, बुटी, रांची
St. Margaret’s Girls High School, बहु बाजार, चर्च रोड, रांची
St. Anne’s Intermediate College, डॉ. कैमिल बुल्के पथ, पुरुलिया रोड, रांची
प्रशासन ने अभ्यर्थियों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
रांची,07.06.2026 – जिला प्रशासन रांची ने अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंडरा क्षेत्र से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग बिना वैध पंजीकरण के गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कर रहे थे, जो PC & PNDT Act (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) का गंभीर उल्लंघन है।
जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े निर्देश पर शनिवार को पंडरा इलाके में छापेमारी की गई। जिला प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि रवि स्टील चौक के पास एक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित किया जा रहा है, जहां गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है।
असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने जब मौके पर छापेमारी की तो तीन व्यक्तियों को एक पोर्टेबल USG मशीन (Micromaxx) के साथ अल्ट्रासाउंड करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, रातू थाना पुलिस, पीसी एंड पीएनडीटी सेल के कर्मी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरंजन कुमार, आकाश कुमार और शीला कुमारी के रूप में हुई है। प्रशासन ने मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन समेत अन्य आवश्यक साक्ष्य भी जब्त कर लिए हैं।
प्रशासन के अनुसार बिना वैध पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन पूरी तरह गैरकानूनी है। PC & PNDT Act के तहत भ्रूण के लिंग निर्धारण (Sex Determination) पर पूर्ण प्रतिबंध है। इस कानून का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और लिंगानुपात को संतुलित बनाए रखना है।
मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने रातू थाना को पत्र भेजकर तीनों आरोपियों के विरुद्ध PC & PNDT एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। मामले से संबंधित सभी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस संबंध में अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुरूप अवैध अल्ट्रासाउंड और लिंग निर्धारण जैसी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मशीन जब्ती, लाइसेंस रद्द करने और कारावास तक का प्रावधान है।
प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र या लिंग निर्धारण संबंधी गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस अथवा मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
नई दिल्ली – ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक के दूसरे दिन की कार्यवाही का शुभारंभ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. अरविंद कुमार के उद्घाटन वक्तव्य के साथ हुआ। बैठक में पहले दिन आरंभ हुई सारगर्भित चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए विचार-विमर्श जारी रहा, जो सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा सांस्कृतिक क्षेत्र में साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के प्रति ब्रिक्स सदस्य देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रथम परिचर्चा सत्र, “सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक संपदा की वापसी हेतु संस्थागत रणनीतियां”, का संचालन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के डीन प्रोफेसर रमेश सी. गौर ने किया। इस सत्र ने सदस्य देशों को सांस्कृतिक संपदा के संरक्षण, परिरक्षण और प्रत्यावर्तन से संबंधित अनुभवों तथा सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक संपदा की वापसी से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई तथा विरासत संरक्षण को साझा उत्तरदायित्व के रूप में रेखांकित किया। चर्चाओं में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सांस्कृतिक विरासत पहचान को सुदृढ़ करने, सामुदायिक अधिकारों की रक्षा करने तथा अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके उपरांत आयोजित परिचर्चा सत्र, “साझा विरासत के संरक्षण हेतु सहयोगात्मक दृष्टिकोण : यूनेस्को विश्व धरोहर अभिसमय, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत तथा मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड कार्यक्रम के अंतर्गत संयुक्त नामांकन”, का संचालन डॉ. अरविंद कुमार ने किया। इस सत्र में ब्रिक्स देशों के बीच संयुक्त नामांकन की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों ने साझा मूर्त एवं अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, मान्यता और पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरण को बढ़ावा देने के प्रभावी माध्यम के रूप में संयुक्त नामांकन की संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही, ब्रिक्स ढांचे के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया।
दिन के अंतिम परिचर्चा सत्र, “सतत विकास के प्रेरक के रूप में संस्कृति : 2030 के बाद का एजेंडा”, का संचालन भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव श्रीमती अमृता सरभाई ने किया। इस सत्र में संस्कृति को सतत विकास के सक्षमकर्ता और उत्प्रेरक के रूप में मिल रही बढ़ती मान्यता पर विचार किया गया। चर्चा के दौरान संस्कृति, सामाजिक समावेशन, पर्यावरणीय स्थिरता, आर्थिक लचीलापन तथा सामुदायिक कल्याण के बीच अंतर्संबंधों को रेखांकित किया गया। साथ ही, वर्ष 2030 के बाद उभरते वैश्विक विकास विमर्श में सांस्कृतिक आयामों को समाहित करने के संभावित मार्गों का भी अन्वेषण किया गया।
दिन के कार्यक्रम में काशी की समृद्ध सभ्यतागत एवं जीवंत सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रतिनिधियों ने गंगा आरती का अवलोकन किया, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया तथा लाइट एंड साउंड शो का आनंद लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और स्थायी विरासत का सजीव अनुभव प्राप्त हुआ। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम विचार-विमर्श का उपयुक्त समापन सिद्ध हुआ और इसके साथ ही ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक ने सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा जन-से-जन संपर्क को और प्रगाढ़ बनाने के प्रति ब्रिक्स सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।
नई दिल्ली – हाल ही में शुरू किए गए भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (बीएमआईपी) पर एक कार्यशाला का आयोजन आज मुंबई में भारतीय नौवहन निगम के सभागार में किया गया। यह कार्यक्रम नौवहन महानिदेशालय और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के सहयोग से आयोजित किया गया था।
इस कार्यशाला में समुद्री क्षेत्र के प्रमुख हितधारक, जिनमें जहाज मालिक, माल मालिक और नौवहन कंपनियां शामिल थीं, एक साथ आए और मैरीटाइम इंश्योरेंस समाधानों और इस क्षेत्र के भविष्य के विकास पर चर्चा की।
कार्यशाला का उद्घाटन डीएफएस में अतिरिक्त सचिव डॉ. देबाशीष प्रुस्टी ने किया, जिसमें नौवहन और सामान्य बीमा उद्योग के विभिन्न प्रमुख प्रतिनिधियों, जैसे कि जहाजरानी महानिदेशक श्री श्याम जगन्नाथन, निदेशक (भारतीय नौवहन निगम), जीआई काउंसिल, जीआईसी आरई और एनआईएसीएल में सीएमडी सुश्री गिरिजा सुब्रमणियन आदि ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
श्री प्रुस्टी ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और बीएमआई पूल के माध्यम से उपलब्ध वर्तमान कवर को समझने और भारत में पीएंडआई कवर और पीएंडआई क्लब पर उद्योग की जरूरतों और अपेक्षाओं पर विचार-विमर्श करने के लिए सभी हितधारकों को एक साथ लाने में जीआई काउंसिल, डीजी शिपिंग और जीआईसी आरई की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की। यह भी बताया गया कि बीएमआई पूल के अंतर्गत हल वॉर और कार्गो वॉर जोखिम कवर की पॉलिसियों के प्रीमियम में क्रमशः 27-48% की कमी आई है। उन्होंने तीन चरणों: घरेलू स्तर पर पीएंडआई उत्पाद तैयार करके समुद्री व्यापार में संप्रभुता प्राप्त करना, एमओपीएसडब्ल्यू के सहयोग से चुनिंदा समुद्री जहाजों के लिए बीएमआई पूल कवर का विस्तार करना और अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के अनुरूप पारस्परिक क्लब गठन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय समूह पीएंडआई क्लबों (आईजी) के साथ संभावित एकीकरण की संभावना तलाशना, में भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने का सुझाव दिया।
महानिदेशक (नौवहन) श्री श्याम जगन्नाथन ने जानकारी दी कि 2015 से भारतीय नौवहन में भारतीय जहाजों की संख्या में 36% की बढ़ोतरी हुई है, जो बढ़कर कुल 1600 हो गई है। उन्होंने 1 मार्च, 2026 तक होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात में 86% की गिरावट और मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता के चलते तेल की कीमतों में 10% की तेजी का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (बीएमआईपी) के जरिए समुद्री व्यापार के लिए निरंतर बीमा कवरेज सुनिश्चित करने के सरकारी प्रयासों की सराहना की।
एनआईएसीएल में सीएमडी सुश्री गिरिजा सुब्रमणियन ने बीएमआईपी को भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विश्वसनीय, संपोषित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित पीएंडआई (पीएंडआई) फ्रेमवर्क प्राप्त करने के तरीकों का पता लगाने के मंच के रूप में संबोधित किया। जीआईसी आरई सीएमडी ने समुद्री जोखिमों के बीमा के लिए जरूरी मदद प्रदान करने और देश के व्यापार के एक महत्वपूर्ण पहलू पर संप्रभु नियंत्रण प्राप्त करने में बीएमआई पूल की क्षमता को भी स्वीकार किया। जीआईसी आरई के पूल प्रबंधक ने जहाज मालिकों और उनके संघों की ओर से पूल के अंतर्गत कवरेज के संबंध में पूछे गए प्रश्नों/ स्पष्टीकरणों का उत्तर दिया। इसके साथ ही, देश की तत्काल पीएंडआई बीमा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक पीएंडआई बीमा उत्पाद तैयार करने के संबंध में समुद्री बीमाकर्ताओं, जहाज मालिकों और अन्य हितधारकों जैसे समायोजकों और संवाददाताओं के साथ विचार-विमर्श किया गया।
वर्तमान वैश्विक माहौल में, जहां अस्थिरता और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती जा रही है, समुद्री व्यापार पर काफी दबाव है। इसके साथ ही, भारतीय पोत तृतीय-पक्ष देनदारियों को कवर करने वाले बीमा के लिए आईजी पीएंडआई क्लबों पर अत्यधिक निर्भर हैं। इस पूल के अंतर्गत संप्रभु गारंटी का लाभ ग्राहकों/ जहाज मालिकों को कम प्रीमियम लेकर दिया जाता है, जिससे समुद्री व्यापार के लिए बीमा किफायती हो जाता है।
केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज उत्तर रेलवे के तिलक ब्रिज–शकूर बस्ती रेल खंड का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरे में उन्होंने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं और वर्तमान में जारी कार्यों की प्रगति का आकलन किया।
शकूर बस्ती डिपो में उन्नत तकनीकों और रखरखाव सुविधाओं का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान, रेल मंत्री ने शकूर बस्ती स्टेशन का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अत्याधुनिक वापस लेने योग्य ओवरहेड उपकरण (रिट्रैक्टेबल ओवरहेड इक्विपमेंट; ओएचई) प्रणाली का गहन निरीक्षण किया। यह तकनीक इंजन और रेलों के रखरखाव शेड में सुरक्षित और कुशल रखरखाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बोगी पिट और बोगी उठाने की सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को जमीनी स्तर पर परिचालन दक्षता को और बढ़ाने का निर्देश दिया।
हाइड्रोजन ट्रेन का निरीक्षण
इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण हाइड्रोजन ट्रेन का निरीक्षण था। रेल मंत्री ने इस पर्यावरण–अनुकूल हरित तकनीक पहल की प्रगति की समीक्षा की, जो भविष्य में भारतीय रेलवे को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विश्व पर्यावरण दिवस और हरित रेलवे के लिए प्रतिबद्धता
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, रेल मंत्री ने डिपो परिसर में आयोजित एक वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और एक पौधा लगाया। इस अवसर पर, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारतीय रेलवे की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।
भारतीय रेलवे तेजी से 100% विद्युतीकरण की ओर आगे बढ़ रहा है, जो एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और जो नेट–जीरो कार्बन उत्सर्जक बनने की देश की प्रतिबद्धता को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
श्री अश्विनी वैश्नव ने शकूर बस्ती डिपो में कार्यरत कर्मचारियों, रखरखाव कर्मियों और अन्य रेलवे कर्मचारियों के साथ बातचीत की। एक गर्मजोशी भरे और सौहार्दपूर्ण माहौल में, रेल मंत्री ने उनके अनुभवों को सुना, व्यक्तिगत रूप से उनके प्रयासों की प्रशंसा करके उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके दैनिक काम में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और समस्याओं की गहरी समझ प्राप्त की। केंद्रीय मंत्री ने कर्मचारियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के तत्काल और समयबद्ध समाधान के लिए वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए।
गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का निरीक्षण
रेल मंत्री ने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। उन्होंने वर्तमान में जारी विश्व–स्तरीय पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। स्टेशन का पुनर्विकास 300 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने स्टेशन पर उपस्थित यात्रियों के साथ सीधे बातचीत करके अपनी जमीन से जुड़ी नेतृत्व क्षमता को दिखाया। उन्होंने रेल सेवाओं, यात्रा अनुभवों और यात्राओं के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में उनके साथ विस्तृत चर्चा की।
राॅंची,06.06.2026 – देश में मानसून की सक्रियता के बीच झारखंड में भी मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग ने रांची और आसपास के क्षेत्रों में आज और कल गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई है।
विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने तथा खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूर्व गतिविधियों के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है।
काकामीगाहारा जापान में 29 मई से 06 जून 2026 तक आयोजित अंडर 18 एशिया कप में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोरिया को 3-0 से पराजित कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
तीसरे-चौथे स्थान के लिए खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने कल पेनल्टी शूटआउट में मिली हार से सबक लेते हुए आक्रामक शुरुआत की। मैच के दूसरे मिनट में ही झारखंड की संदीपा कुमारी ने फील्ड गोल कर भारत को बढ़त दिलाई और कांस्य पदक की ओर पहला कदम बढ़ाया।
दूसरे क्वार्टर के शुरुवात में भी मैच के 16 वे मिनट में कप्तान स्वीटी कुजूर ने दूसरा गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। उसी तरह तीसरे क्वार्टर के सुरु में ही में मैच के 33 वे मिनट में टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल करने वाली नौशीन नाज ने भारत की ओर से एक और गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया, जो निर्णायक साबित हुआ।
झारखंड की 6 खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान
कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम में झारखंड की 6 खिलाड़ी शामिल रहीं – संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, श्रुति कुमारी, सुगन सांगा, नीलम टोपनो और खिल्ली कुमारी है,और इन्होंने जबरजजस्त खेल का प्रदर्शन कर कई गोल भी किए है, झारखंड की संदीपा कुमारी और श्रुति कुमारी ने दो दो गोल किए जबकि पुष्पा मांझी ने एक गोल की।
संदीपा कुमारी को बेस्ट प्लेयर ऑफ द मैच का पुरुस्कार
मैच के दूसरे मिनट में ही भारत की ओर से गोल कर भारत की ओर से आक्रमण की शुरुआत करने करने वाली झारखंड की संदीपा कुमारी जिसने पूरे मैच के दौरान शानदार प्रदर्शन कर भारत को कांस्य पदक जितने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उसके शानदार खेल के प्रदर्शन के लिए आयोजन समिति की ओर से बेस्ट प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया ।
यह बड़ा संयोग का अवसर है आज से ठीक 10 वर्ष पहले 2016 में भी U 18 एशिया कप में भारतीय महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक प्राप्त की थी और उसके भी कांस्य पदक विजेता टीम में संदीपा कुमारी की बड़ी बहन संगीता कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान था, उसे भी उस मैच में बेस्ट प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया था और अब संगीता कुमारी सीनियर भारतीय हॉकी टीम की स्ट्राइकर है।
मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद हॉकी इंडिया के महासचिव श्री भोलानाथ सिंह और कोषाध्यक्ष शेखर जे मनोहरण ने जीत के बाद भारतीय टीम को बधाई दी।
झारखंड में होगा भव्य स्वागत
भारत की जीत पर हॉकी झारखंड और खेल विभाग झारखंड सरकार के पदाधिकारियों ने बधाई दी। हॉकी झारखंड की ओर से कहा गया कि झारखंड आगमन पर पदक विजेता सभी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया जाएगा।
रांची,06.06.2026 – झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में पूर्व मंत्री वैद्यनाथ राम के नाम की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण निर्णय पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन द्वारा वरिष्ठ नेताओं के साथ गहन विचार-विमर्श और वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के आकलन के बाद लिया गया।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे अपने विधायकों के समर्थन से उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे और वे सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस रणनीतिक कदम के पीछे आगामी राजनीतिक चुनौतियों और गठबंधन की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा गया है।
इसके अतिरिक्त, सहयोगी दलों के साथ भविष्य की चर्चाओं के लिए भी रास्ते खुले रखे गए हैं ताकि चुनावी सफलता प्राप्त की जा सके। यह पूरी प्रक्रिया पार्टी की आंतरिक एकजुटता और नेतृत्व के प्रति अटूट विश्वास को प्रदर्शित करती है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक
अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाले विशेष शिविर की दी गयी जानकारी
मैपिंग के लिए 06 एवं 07 जून 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर लगेगा स्पेशल कैंप
सुबह 08ः00 बजे से संध्या 04ः00 बजे तक विशेष शिविर का आयोजन
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अधिकाधिक मतदाताओं को शिविर तक पहुंचाने एवं मैपिंग कार्य में सहयोग का आग्रह
जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त बीएलओ सुबह 08ः00 बजे से दोपहर 01ः00 बजे तक मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाताओं की मैपिंग का कार्य करेंगे संपादित
रांची,05.06.2026 – जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में हटिया विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री नवीन जायसवाल, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाची निबंधन पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 06 एवं 07 जून 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाले विशेष शिविर की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अधिकाधिक मतदाताओं को शिविर तक पहुंचाने एवं मैपिंग कार्य में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि रांची जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 06 एवं 07 जून 2026 को प्रातः 08ः00 बजे से संध्या 04ः00 बजे तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त बीएलओ सुबह 08ः00 बजे से दोपहर 01ः00 बजे तक मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाताओं की मैपिंग का कार्य संपादित करेंगे।
बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) का नाम शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विशेष शिविर की जानकारी आम मतदाताओं तक पहुंचाने तथा पात्र मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और इस दिशा में सभी संबंधित पक्षों की सहभागिता आवश्यक है।
बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के निर्धारित कार्यक्रम एवं आगामी गतिविधियों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
राँची,05.06.2026 – झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का एक बड़ा फैसला।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज अचानक अपने आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई। बैठक के बाद आवास से बाहर निकले मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफीजुल हसन और विधायक बैद्यनाथ राम ने एक सुर में कहा कि पार्टी राज्यसभा की दोनों सीटों पर प्रत्याशी खड़ा करेगी।
जेएमएम के नेताओं ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई बैठक के दौरान तमाम बिंदुओं पर गहराई से मंथन किया गया।इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि कांग्रेस द्वारा बिना विश्वास में लिए प्रणव झा के रूप में प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी गई है।लिहाजा, भाजपा को रोकने के लिए पार्टी ने दोनों सीटों पर प्रत्याशी देने का फैसला लिया है।
नई दिल्ली – वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक डीम्ड यूनिवर्सिटी, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) में ग्लोबल बिजनेस रिसर्च कॉन्फ्रेंस (जीबीआरसी) 2026 का उद्घाटन किया। “वैश्विक उथल-पुथल के बीच व्यापार प्रबंधन” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में भारत और विदेश के प्रख्यात शिक्षाविद, नीति निर्माता, प्रबंधन शिक्षक, शोधकर्ता और उद्योग जगत के विशेषज्ञ वैश्विक व्यापार परिवेश को आकार देने के क्रम में उभरती चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित हुए हैं।
श्री जितिन प्रसाद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने व्यापार, विनिर्माण, नवाचार और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित दीर्घकालिक विजन अपनाया है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और वैश्विक व्यापार साझेदारी जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
श्री जितिन प्रसाद ने अनुसंधान आधारित अंतर्दृष्टि उत्पन्न करने, भविष्य के व्यापारिक क्षेत्र के दिग्गजों को तैयार करने और वैश्विक बाजारों के साथ भारत के एकीकरण में आईआईएफटी जैसे संस्थानों के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जीबीआरसी 2026 में होने वाली चर्चाओं से बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और सिफारिशें प्राप्त होंगी जो नीति निर्माण और भारत के आर्थिक विकास में योगदान दे सकती हैं।
आईआईएफटी के कुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी ने कहा कि संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार शिक्षा और नीति अनुसंधान में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए अपने अनुसंधान के कार्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल बिजनेस रिसर्च कॉन्फ्रेंस वैश्विक व्यापार, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विद्वानों, नीति निर्माताओं और संस्थागत प्रमुखों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने और गहन अकादमिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए आईआईएफटी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर प्रो. जोशी ने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम, बदलते व्यापारिक परिदृश्य और तकनीकी व्यवधान, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैश्विक व्यापार परिदृश्य को नया रूप दे रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जैसे-जैसे देश आर्थिक मजबूती बढ़ाते हैं और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का विस्तार करते हैं, अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित नीतिगत सुझाव अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जीबीआरसी 2026 के माध्यम से, आईआईएफटी वैश्विक व्यापार और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर विद्वानों, नीति निर्माताओं और अकादमिक प्रमुखों के बीच सार्थक चर्चा को बढ़ावा देगा।
इस सम्मेलन में निदेशकों की बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिसमें बिजनेस स्कूलों के लिए अंतरराष्ट्रीयकरण रणनीतियों, प्रबंधन शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में शिक्षण पद्धति और उच्च शिक्षा में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस सम्मेलन में वित्त, विपणन, सामान्य प्रबंधन और रणनीति, वैश्विक व्यापार और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा, संचालन और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी और विश्लेषण, तथा सार्वजनिक नीति और शासन सहित प्रमुख विषयों में शोध प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं। कई तकनीकी सत्रों के माध्यम से शोधकर्ता समकालीन व्यावसायिक और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए साक्ष्य-आधारित अंतर्दृष्टि और नीति-संबंधी निष्कर्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।
सम्मेलन के दौरान निर्धारित प्रमुख सत्रों में से एक “बहुध्रुवीय दुनिया में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ब्रिक्स” पर एक विशेष चर्चा है, जो वैश्विक आर्थिक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संरचना को आकार देने में ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं की विकसित होती भूमिका की पड़ताल करेगी।
यह सम्मेलन डॉक्टरेट शोधार्थियों को वरिष्ठ शिक्षाविदों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ जुड़ने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है, जिसके तहत एक समर्पित डॉक्टरेट संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य अनुसंधान की गुणवत्ता को मजबूत करना और विद्वानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों के प्रतिष्ठित अकादमिक प्रमुखों की भागीदारी है, जिनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), आईआईटी बॉम्बे, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआई) गुड़गांव, बीआईएमटेक, गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (आईआईएमसी), गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, आईआईएलएम विश्वविद्यालय और जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल शामिल हैं।
इस सम्मेलन में देश भर के प्रमुख संस्थानों के कुलपति, निदेशक, डीन और वरिष्ठ अकादमिक प्रमुख एक साथ आए हैं। प्रतिभागियों में आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौर; डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यशवंत सिंह ठाकुर; आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनीता एस. सहाय; बीआईएमटेक की निदेशक डॉ. प्रबीना राजीव; आईएसबी के पुंज लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट के कार्यकारी निदेशक प्रो. चंदन चौधरी; आईआईटी बॉम्बे के शैलेश जे. मेहता स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो. एसवीडी नागेश्वर राव; गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के कुलपति प्रो. उमाकांत डैश; आईआईएलएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रवि कुमार जैन; गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की निदेशक (अंतरराष्ट्रीय मामले) प्रो. विजया सिंह अग्रवाल; और आईआईएम तिरुचिरापल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. पवन कुमार सिंह आदि शामिल हैं।
यह कार्यक्रम 5 जून, 2026 को समापन सत्र के साथ समाप्त होगा, जिसमें सम्मेलन रिपोर्ट की प्रस्तुति, विशिष्ट अतिथियों के संबोधन और उत्कृष्ट शोध योगदानों को सम्मानित करने के लिए एक पुरस्कार समारोह शामिल होगा। विभिन्न विषयगत श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों, समग्र सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र, सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति और सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरेट संगोष्ठी शोध पत्र के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
आईआईएफटी के बारे में
1963 में स्थापित, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख संस्थान है। डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता प्राप्त आईआईएफटी अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वाणिज्य और आर्थिक नीति के क्षेत्रों में शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में संलग्न है। अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान पहलों और नीतिगत सहभागिता के माध्यम से, आईआईएफटी भारत के वैश्विक व्यापार और व्यवसायिक इकोसिस्टम को मजबूत करने में योगदान देता है।
नई दिल्ली – पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने आज नई दिल्ली में मारुति सुजुकी द्वारा निर्मित भारत के पहले फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन का शुभारम्भ किया, जिससे आत्मनिर्भर भारत के विज़न को गति मिली है। इस अवसर पर सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी भी उपस्थित थे। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ई20 से लेकर ई100 तक के विभिन्न इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों पर चल सकते हैं।
शुभारम्भ के इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री पुरी ने कहा कि यात्री वाहन क्षेत्र में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का प्रवेश महज एक वाहन का लॉन्च नहीं है, बल्कि देश के ऊर्जा बदलाव में एक नए अध्याय की शुरुआत है। श्री पुरी ने कहा कि भारत में लगभग 37 लाख यात्री वाहन हैं, जो मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं और व्यक्तिगत परिवहन के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। वाहन क्षेत्र में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाने से इथेनॉल-आधारित परिवहन के प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 28 फरवरी को सैन्य संघर्ष शुरू होने से पहले, भारत के एलपीजी आयात का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता था। 1.4 अरब की आबादी और वैश्विक औसत से तीन गुना अधिक ऊर्जा मांग वृद्धि वाले देश के रूप में, भारत ने पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की। उन्होंने कहा, “देश में कहीं भी तेल की कमी नहीं हुई। लोग सड़क और हवाई मार्ग से सामान्य रूप से यात्रा करते रहे। वैश्विक व्यवधानों के बावजूद भारत ने लगभग सामान्य स्थिति बनाए रखी।”
उन्होंने यह भी कहा कि गलत सूचना फैलाने और कृत्रिम कमी पैदा करने के कुछ प्रयास किए गए, लेकिन समय पर नीतिगत हस्तक्षेप और प्रभावी प्रबंधन के कारण स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में रही।
श्री पुरी ने देश की ऊर्जा रणनीति के तीन प्रमुख स्तंभों – उपलब्धता, सामर्थ्य और स्थिरता – के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उपलब्धता के संदर्भ में, श्री पुरी ने बताया कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत ने कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी। भारत ने संकट से पहले के 32 टन मीट्रिक टन प्रति दिन के एलपीजी उत्पादन को बढ़ाकर लगभग 52 टन मीट्रिक टन प्रति दिन कर दिया है, साथ ही पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस और सीएनजी की आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में भी काम किया है।
सामर्थ्य के विषय पर श्री पुरी ने कहा कि भारत में ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर सबसे कम वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी करने के निर्णय के बारे में भी बताया।
सतत विकास के विषय पर बोलते हुए, श्री पुरी ने ब्राजील और अमेरिका में अपने पूर्व अनुभवों को याद किया, जहां चीनी और मक्का आधारित इथेनॉल मिश्रण पहले ही सफलता प्रदर्शित कर चुका था। उन्होंने कहा कि भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ऊर्जा परिवर्तन की सबसे सफल पहलों में से एक बन गया है। उन्होंने बताया कि भारत की इथेनॉल सफलता की कहानी सरकार के समग्र सहयोग और किसानों, इथेनॉल उत्पादकों, तेल विपणन कंपनियों, वाहन निर्माताओं, वैज्ञानिकों और वित्तीय संस्थानों को शामिल करते हुए एक मजबूत परितंत्र के निर्माण के माध्यम से संभव हुई है।
भारत के पास अब टूटे हुए अनाज, कृषि अपशिष्ट, बांस और समुद्री शैवाल जैसे कई कच्चे माल के स्रोतों से इथेनॉल का उत्पादन करने की क्षमता है।
2013-14 में इथेनॉल का मिश्रण 1.5 प्रतिशत से कम था, जो 2025-26 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है, और इस तरह लक्ष्य निर्धारित समय से 5 वर्ष पहले ही हासिल कर लिया गया है। वर्ष 2013-14 के वित्तीय वर्ष में इथेनॉल की खरीद लगभग 38 करोड़ लीटर थी, जो आज बढ़कर 1,040 करोड़ लीटर से अधिक हो गई है, जबकि इथेनॉल उत्पादन क्षमता लगभग पांच गुना बढ़कर 2014 में 421 करोड़ लीटर से 2026 में लगभग 2000 करोड़ लीटर हो गई है। इस बदलाव से कच्चे तेल के आयात में कमी आई है, विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, उत्सर्जन कम हुआ है और किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
श्री पुरी ने कहा कि नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री का यदि 50 प्रतिशत हिस्सा फ्लेक्स फ्यूल मानकों के अनुरूप वाहनों की ओर स्थानांतरित हो जाता है, तो इससे 311.8 करोड़ लीटर इथेनॉल की अतिरिक्त मांग पैदा होगी और किसानों को 12,403 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इसके अलावा, इससे 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन डायऑक्साइड उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
नीति आयोग ने आधिकारिक तौर पर इथेनॉल आधारित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (एफएफवी) को शून्य-उत्सर्जन वाहन के रूप में वर्गीकृत किया है। इनमें ई85 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण पर चलने वाले वाहन भी शामिल हैं। ई85 ईंधन से कण पदार्थ (पीएम) का उत्सर्जन भी लगभग शून्य होता है, जिससे फ्लेक्स-फ्यूल वाहन देश में बढ़ते वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए एक आशाजनक समाधान बन जाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने देशव्यापी फ्लेक्स-फ्यूल प्रणाली बनाने के लिए सरकार के रोडमैप की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। प्रस्तावित रोडमैप के तहत, बीआईएस विनिर्देशों के अनुसार फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ई85 को एकल ईंधन मानक के रूप में निर्धारित किया गया है। योजना के अनुसार, शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में 50-100 फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए तैयार ईंधन खुदरा आउटलेट खोले जाएंगे, जिनका विस्तार दिसंबर 2026 तक लगभग 500 आउटलेट और 2027 के अंत तक प्रमुख शहरों में लगभग 5,000 आउटलेट तक किया जाएगा।
सरकार ईंधन के उपयोग को बढ़ाने के लिए मूल्य निर्धारण में सहायता, सड़क कर में छूट, ई85 परीक्षण ईंधन की उपलब्धता, ईंधन वाहन (एफएफवी) और खुदरा दुकानों के लिए विशेष पहचानकर्ता, उपभोक्ता जागरूकता पहल और भंडारण एवं वितरण अवसंरचना के विकास जैसे सहायक उपायों पर भी काम कर रही है। श्री पुरी ने कहा कि यह केवल ईंधन में बदलाव नहीं है, बल्कि स्वच्छ परिवहन, मजबूत ऊर्जा सुरक्षा और अधिक आत्मनिर्भरता के लिए एक संपूर्ण परितंत्र का निर्माण है।
हाल ही में हीरो मोटोकॉर्प द्वारा फ्लेक्स फ्यूल मोटरसाइकिलों के लॉन्च और आज मारुति सुजुकी द्वारा फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन के लॉन्च का जिक्र करते हुए श्री पुरी ने कहा कि देश स्वच्छ गतिशीलता के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है।
भारत में स्वच्छ ऊर्जा परिवहन के क्षेत्र में मारुति सुजुकी के योगदान की सराहना करते हुए श्री पुरी ने कहा कि भारत का ऊर्जा परिवर्तन भारत में ही निर्मित होगा, भारतीय नवाचारों द्वारा संचालित होगा, भारतीय किसानों के सहयोग से होगा और भारतीय उपभोक्ताओं द्वारा प्रेरित होगा। उन्होंने वाहन निर्माताओं से सभी वाहन श्रेणियों में फ्लेक्स फ्यूल मॉडल की शुरुआत में तेजी लाने और तेल विपणन कंपनियों से देश भर में ई85 की उपलब्धता को तेजी से बढ़ाने का आग्रह किया।
नई दिल्ली – केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की और वर्ष 2031 तक प्रस्तावित 19,209 करोड़ रुपये के समुद्री निवेश के साथ पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का प्रमुख समुद्री केंद्र बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 62,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, साथ ही पूर्वी भारत के लिए पश्चिम बंगाल एक प्रमुख समुद्री और रसद केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक के दौरान निवेश योजना की समीक्षा की गई, जहां दोनों नेताओं ने राज्य में बंदरगाहों, अंतर्देशीय जलमार्गों, जहाज निर्माण, रसद और बंदरगाह आधारित औद्योगीकरण के भविष्य के विकास पर चर्चा की।
समुद्री अमृत काल विजन 2047 के तहत प्रस्तावित निवेशों में, बालागढ़ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का विकास, कोलकाता और हल्दिया डॉक का विस्तार और मशीनीकरण, अंतर्देशीय जलमार्गों का सुदृढ़ीकरण, विश्व स्तरीय जहाज निर्माण और मरम्मत सुविधाओं का विकास, क्रूज पर्यटन ढ़ांचा, नदी तट का पुनर्विकास और बंदरगाह आधारित औद्योगिक क्लस्टर शामिल हैं।
सोनोवाल ने कहा कि निवेश कार्यक्रम का मकसद निजी पूंजी को आकर्षित करना, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना और पश्चिम बंगाल को समुद्री और लॉजिस्टिक्स निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
सोनोवाल ने कहा,“पश्चिम बंगाल भारत के समुद्री भविष्य का केंद्र है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, करीब 19,209 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, हमारा लक्ष्य बंगाल के समुद्री केंद्रों कोलकाता और हल्दिया को पूर्वी भारत के प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार में बदलना है और साथ ही 62,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। ‘डबल इंजन सरकार’ मॉडल, इन परियोजनाओं को साकार करेगा और व्यापार, उद्योग और पर्यटन के लिए अभूतपूर्व अवसर खोलेगा।”
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने समुद्री ढ़ांचे, जलमार्ग विकास, ड्रेजिंग, नदी तट परियोजनाओं और संपर्क स्थापित करने से जुड़ी पहलों पर केंद्र और राज्य के बीच निरंतर सहयोग का स्वागत किया और राज्य में आर्थिक गतिविधि और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को लेकर समर्थन मांगा। बैठक में पश्चिम बंगाल की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, व्यापक नदी नेटवर्क और औद्योगिक आधार का लाभ उठाते हुए, राज्य को भारत के लिए एक प्रमुख समुद्री निवेश गंतव्य और विकास इंजन में बदलने के केंद्र के दृष्टिकोण पर ज़ोर दिया गया।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “सागरमाला 2.0, हुगली नदी पर प्रस्तावित सुरंग, जेटी अवसंरचना का विकास, राष्ट्रीय जलमार्ग-1 की ड्रेजिंग, हुगली तटबंध का संरक्षण और भूमि तथा सिंचाई अवसंरचना से जुड़े मुद्दों सहित कई प्राथमिकता वाली समुद्री और संपर्क परियोजनाओं पर हमारी सार्थक चर्चा हुई। ये पहलें पश्चिम बंगाल के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बेहद अहम हैं। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार के साथ राज्य के विकास के लिए निरंतर सहयोग की आशा करते हैं, जिसमें केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल जी का सक्रिय सहयोग भी शामिल है,”
इस बैठक में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री शान्तनु ठाकुर, मंत्रालय के सचिव, पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्य की बढ़ती समुद्री क्षमता पर रोशनी डालते हुए सोनोवाल ने बताया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर माल ढुलाई 2014 में 46.29 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 70.87 मिलियन मीट्रिक टन हो गई है, जबकि अंतर्देशीय जलमार्गों से माल ढुलाई पिछले एक दशक में लगभग पांच गुना बढ़ गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित निवेश से रसद दक्षता में सुधार होगा, परिवहन लागत कम होगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और समुद्री संपर्क पर निर्भर उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों, जलमार्गों, रसद पार्कों और समुद्री विनिर्माण सुविधाओं के एकीकृत विकास से पश्चिम बंगाल और पूर्वी तथा उत्तरपूर्वी क्षेत्र में आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
नई दिल्ली – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर मध्य प्रदेश के रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों के लिए तैयार विशेष कृषि रोडमैप अब देश में कृषि परिवर्तन के एक मॉडल के रूप में उभरने जा रहा है। रायसेन में आयोजित “उन्नत कृषि महोत्सव” के दौरान की गई घोषणा को आगे बढ़ाते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसान की आय, जल संरक्षण, मिट्टी की सेहत, वैज्ञानिक खेती और योजनाओं के प्रभावी अभिसरण पर आधारित एक जवाबदेह मिशन है। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने मध्य प्रदेश के कृषि रोडमैप के लिए आज दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक ली जिसमें मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री एंदल सिंह कंसाना सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की।
रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों को कृषि विकास का आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा विजन सामने रखा है। उन्होंने आज की महत्वपूर्ण बैठक में कहा कि इन चार जिलों में जो कृषि रोडमैप लागू किया जा रहा है, वह केवल समीक्षा का दस्तावेज नहीं, बल्कि खेत, किसान और भविष्य की खेती को केंद्र में रखकर बनाया गया परिवर्तन का ठोस खाका है।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने स्वयं इन क्षेत्रों के खेतों की स्थिति देखी है। भूजल स्तर में गिरावट, मिट्टी की कमज़ोर होती सेहत और किसान की मेहनत के अनुरूप आय न मिलना चिंता का विषय है। इसी कारण उनकी दिली इच्छा है कि देवास, सीहोर, रायसेन और विदिशा कृषि सुधार के ऐसे सफल मॉडल बनें, जिन्हें आगे चलकर देश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस रोडमैप की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना किसान की शुद्ध आय होगी। प्रत्येक जिले में वर्तमान आय क्या है और रोडमैप लागू होने के बाद उसमें कितना सुधार होता है, यही आने वाली हर समीक्षा का मुख्य आधार रहेगा। उनके मुताबिक, यह बैठक केवल प्रगति देखने की औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि परिणाम सुनिश्चित करने वाली जवाबदेही की बैठक है।
केंद्रीय मंत्री ने श्री चौहान ने अल नीनो और जल संकट के संदर्भ में भी स्पष्ट रणनीतिक सोच रखी। उन्होंने कहा कि तात्कालिक हालात से आगे देखते हुए अभी से ऐसे कदम तय करने होंगे, जिनसे रबी फसल सुरक्षित रह सके। उन्होंने अल नीनो को चुनौती के साथ-साथ अवसर भी बताया और कहा कि यदि कठिन परिस्थिति में भी इस रोडमैप के माध्यम से किसान की फसल और आय सुरक्षित रहती है तो वैज्ञानिक खेती और एकीकृत कृषि मॉडल पर किसानों का भरोसा और मजबूत होगा।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर गठित समितियों को स्पष्ट संदेश दिया कि केवल समितियों का गठन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने “वन टीम वन टॉस्क” के मंत्र के साथ हर स्तर पर “कौन, क्या, कब तक” तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय समिति के लिए तीन प्रमुख जिम्मेदारियाँ भी स्पष्ट कीं- नीतिगत बाधाओं की पहचान और उनका निराकरण, केंद्र और राज्य की योजनाओं का प्रभावी अभिसरण तथा जिला स्तर तक जवाबदेही सुनिश्चित करना।
उन्होंने कहा कि PMKSY, NFSM, NMEO, MIDH और SMAM जैसी योजनाएँ अलग-अलग दिशा में नहीं चलेंगी, बल्कि किसान के खेत पर इनका एकीकृत और प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देना चाहिए। ICAR से उन्नत बीज आपूर्ति, KVK के माध्यम से प्रदर्शन खेत, और ATMA के जरिए विस्तार गतिविधियों को समयबद्ध रूप से जोड़ने की जिम्मेदारी राज्य स्तरीय समिति की होगी।
चारों जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समितियों के गठन, KVK, DAO और जिला प्रशासन के संयुक्त कामकाज, तथा जमीनी समन्वय की स्थिति पर भी श्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष रूप से जानकारी मांगी। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के वितरण, सूक्ष्म सिंचाई के लक्ष्य और प्रगति, कृषि यंत्रीकरण उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रत्येक ब्लॉक में कस्टम हायरिंग सेंटर की कार्यशील स्थिति की समीक्षा को जरूरी बताया।
फसल विविधीकरण को इस रोडमैप का केंद्रीय तत्व बताते हुए उन्होंने जिलेवार कृषि प्रणालियों को आगे बढ़ाने पर बल दिया। विदिशा में सोयाबीन-मक्का अंतरफसल, सीहोर में उच्च मूल्य फसलें, रायसेन में धान-लहसुन प्रणाली और देवास में मक्का-लहसुन-प्याज आधारित प्रणाली को किसानों तक पहुंचाने के प्रयासों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
समेकित कृषि प्रणाली को लेकर भी केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने खरीफ 2026 से प्रत्येक जिले में कम से कम एक ब्लॉक में पायलट शुरू करने का लक्ष्य रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डेयरी, मत्स्य पालन और बागवानी को कृषि के साथ जोड़कर आय के बहु-स्रोत विकसित करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए पशुपालन, उद्यानिकी और कृषि विभागों के बीच ठोस समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
किसान उत्पादक संगठनों और बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने पर भी उन्होंने फोकस किया। चारों जिलों के FPO को बाजार से जोड़ने, MIDH के अंतर्गत नर्सरी और कोल्ड चेन के लिए धनराशि जारी करने तथा जल संकट और शीत श्रृंखला जैसी बाधाओं के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इससे उत्पादन से विपणन तक किसानों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
किसान प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को रोडमैप की सफलता का आधार बताते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने KVK नेटवर्क की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल और केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल जैसे संस्थानों की भागीदारी बढ़ाने के साथ हर ब्लॉक में कम से कम एक अग्रणी किसान तैयार करने की दिशा में काम करने को कहा गया, ताकि वह स्थानीय स्तर पर प्रेरक और मार्गदर्शक की भूमिका निभा सके।
रायसेन के उन्नत कृषि महोत्सव में की गई घोषणा अब एक ठोस क्रियान्वयन ढांचे में बदलती दिखाई दे रही है। श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर तैयार यह कृषि रोडमैप केवल चार जिलों तक सीमित पहल नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे मध्यप्रदेश से देशव्यापी कृषि नवाचार, जल प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती, फसल विविधीकरण और किसान आय वृद्धि के एक व्यवहारिक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
नई दिल्ली – युवा संगम के छठे चरण के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 2 जून 2026 को लखनऊ के राजभवन में अरुणाचल प्रदेश के छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की।
इस संवाद के दौरान, राज्यपाल ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया साथ ही राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ बढ़ाने में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने युवा संगम यात्रा से प्राप्त अपने अनुभवों को साझा किया और नेतृत्व, सार्वजनिक सेवा और भारत के भविष्य को आकार देने में युवाओं की भूमिका के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त की।
इससे पहले, उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एनईआरआईएसटी) के नेतृत्व में युवा संगम के छठे चरण के तहत अरुणाचल प्रदेश के छात्र प्रतिनिधिमंडल का 1 जून 2026 को शैक्षिक और सांस्कृतिक यात्रा के पड़ाव भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ में हार्दिक स्वागत किया गया।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का दौरा किया, जहाँ उन्हें देश की प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थाओं में से एक के कामकाज की बहुमूल्य जानकारी प्राप्त हुई। इस दौरे ने उन्हें विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान किया, जो भारत में शासन की नींव का निर्माण करती हैं।
अपने प्रवास के दौरान, छात्रों ने उत्तर प्रदेश के कई सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, शैक्षिक और विकासात्मक स्थलों का भ्रमण किया। इन यात्राओं से उन्हें राज्य की समृद्ध विरासत, जीवंत परंपराओं और राष्ट्र की प्रगति में इसके महत्वपूर्ण योगदान का अनुभव करने का अवसर मिला, साथ ही इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिदृश्य की गहरी समझ विकसित हुई।
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया युवा संगम चरण VI, गहन शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और भावनात्मक एकीकरण को मजबूत करने का प्रयास करता है। यह पहल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को एक साथ रहने का अवसर देती है, जिससे भारत की विविधता, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और राष्ट्र निर्माण की साझा आकांक्षाओं की गहरी समझ विकसित विकसित होती हैं।
दिनांक 06.06.2026 (शनिवार) एवं दिनांक 07.06.2026 (रविवार) को आयोजित होगा विशेष कैंप, अनमैप्ड मतदाताओं की होगी मैपिंग
सभी बूथों पर सुबह 08ः00 बजे संध्या 04ः00 बजे तक बीएलओ रहेंगे उपस्थित
जनगणना कार्य में लगे बीएलओ सुबह 08ः00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक रहेंगे उपस्थित
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित बीएलओ सुपरवाइजर के साथ बैठक
मैपिंग का कार्य गंभीरता से करने का निर्देश, काम में लापरवाही बरतनेवाले BLO पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन की पात्र मतदाताओं से अपील- SIR को हल्के में न लें, अपना मैपिंग अवश्य कराएं
रांची,05.06.2026 – विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अंतर्गत अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रांची जिला के सभी मतदान केन्द्रों पर दिनांक 06 जून 2026 (शनिवार) एवं 07 जून 2026 (रविवार) को विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय ब्लॉक-बी स्थित कमरा संख्या-505 में बीएलओ सुपरवाइजर्स के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री बिवेक कुमार सुमन, अनुमंडल पदाधिकारी बुण्डू सहित बीएलओ सुपरवाइजर उपस्थित थे।
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा विशेष कैंप को पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ संचालित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है और इसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का सही एवं अद्यतन विवरण निर्वाचन नामावली में सुनिश्चित करना है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि जिले के सभी मतदान केन्द्रों पर 06 जून 2026 (शनिवार) एवं 07 जून 2026 (रविवार) को प्रातः 08ः00 बजे से संध्या 04ः00 बजे तक बीएलओ उपस्थित रहेंगे। जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त बीएलओ सुबह 08ः00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक मतदान केन्द्रों पर उपलब्ध रहकर मतदाताओं की मैपिंग कार्य संपादित करेंगे।
बैठक में सभी बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधीनस्थ बीएलओ की नियमित निगरानी करें तथा सुनिश्चित करें कि विशेष कैंप के दौरान अधिक से अधिक अनमैप्ड मतदाता मैपिंग के लिए बूथों तक पहुंचें।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित बीएलओ के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त प्रगति की समीक्षा भी की गई तथा शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बीएलओ सुपरवाइजरों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों का सत्यापन करें और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन, रांची ने जिले के सभी अनमैप्ड मतदाताओं से अपील की है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण को गंभीरता से लें तथा 06 एवं 07 जून 2026 को अपने संबंधित मतदान केन्द्र पर पहुंचकर बीएलओ से संपर्क करें और मैपिंग अवश्य कराएं।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। प्रत्येक पात्र नागरिक की सहभागिता से ही यह अभियान सफल होगा। उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे निर्धारित तिथि को अपने बूथ पर पहुंचकर निर्वाचन प्रक्रिया को सशक्त बनाने में सक्रिय योगदान दें।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक
अल्ट्रासाउंड सेंटर के निबंधन और नवीकरण सहित अन्य बिंदुओं पर समिति ने लिया निर्णय
समिति द्वारा 08 सेंटर के निबंधन एवं 10 के नवीकरण की दी गई स्वीकृति
रांची,05.06.2026 – उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 04.06.2026 को सदर अस्पताल राँची, सभागार में जिला सलाहकार समिति (PC & PNDT) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान समिति द्वारा अल्ट्रासाउंड सेंटर के निबंधन, रिन्यूअल, संस्थानों को मशीन के फॉर्म-B में एंट्री, चिकित्सकों की ज्वायनिंग एवं यूएसजी मशीन खरीदने पर विचार-विमर्श किया गया।
अल्ट्रासाउंड सेंटर के निबंधन और रिन्यूअल के लिए प्राप्त अभ्यावेदनों पर विचार-विमर्श करते हुए समिति द्वारा 08 सेंटर के निबंधन एवं 10 सेंटर के रिन्यूअल की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त बैठक में समिति द्वारा संस्थानों को मशीन के फॉर्म-B में इंट्री एवं सर्टिफिकेट जांच के बाद चिकित्सकों की ज्वाइनिंग का अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अल्ट्रासाउंड सेंटर के निरीक्षण को लेकर आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेंटर का निश्चित समय अंतराल पर निरीक्षण करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में समिति द्वारा यूएसजी मशीन को स्थानांतरित करने में कुल 02, क्लीनिक/अस्पतालों में नए डॉक्टर शामिल करने के लिए – कुल -17 आवेदन, यूएसजी मशीन खरीद अनुमति: – कुल 04 आवेदन, Form B में प्रविष्टि -कुल 05 एप्लीकेशन, (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद), अनुमोदन की जा सकती है) ।
बैठक में सिविल सर्जन, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. वंदीता,डॉ. मो. ताम्बा रिज़वी, डीपीएम, श्री प्रवीण कुमार सिंह, समिति सदस्य सहित अन्य सदस्य एवं PC & PNDT को-ऑर्डिनेटर श्री राकेश कुमार राय उपस्थित थे ।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक
15वें वित्त आयोग, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता एवं रोजगार सृजन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने का निर्देश
रांची,05.06.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में आईटीडीए, कल्याण विभाग एवं जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, रांची श्री संजय भगत, निदेशक आईटीडीए श्रीमती मनीषा तिर्की, जिला अभियंता, जिला परिषद सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।
बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही PM-ABHIM, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी अन्य योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप लंबित योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
गुणवत्ता पर विशेष जोर
बैठक के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में संचालित किसी भी योजना की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक योजना का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए तथा योजना पूर्ण होने के उपरांत समुचित जांच एवं सत्यापन के बाद ही भुगतान किया जाए।
छात्रवृत्ति एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति योजनाओं की अवशेष राशि का शीघ्र एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त साइकिल वितरण योजना की भी प्रखंडवार समीक्षा की गई तथा वितरण प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्वीकृत एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जरूरतमंदों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की समीक्षा करते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं जरूरतमंद मरीजों को योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की समीक्षा के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सकता है।
बैठक में पीवीटीजी ग्राम उत्थान योजना, धुमकुड़िया भवन निर्माण योजना, अल्पसंख्यक कब्रिस्तान घेराबंदी, सरना, मसना एवं हड़गड़ी स्थलों की घेराबंदी, कल्याण विभागीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की मरम्मति एवं जीर्णाेद्धार, विशेष केंद्रीय सहायता अंतर्गत संचालित योजनाओं सहित अन्य विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी योजनाओं के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा कहा कि विकास योजनाओं के माध्यम से आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
रांची जिले के सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता फैलाना, महिलाओं एवं किशोरियों में स्वच्छ प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा माहवारी अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान की आदत विकसित करना है
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक श्रीमती रंजीता हेम्ब्रम ने की। उन्होंने माहवारी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी शपथ दिलाई
रांची,05.06.2026 – स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पश्चिम के अंतर्गत “चुप्पी तोड़ो स्वस्थ रहो” अभियान चरण-VII का समापन आज रातु प्रखंड के मुरचू गांव में किया गया। अभियान 29 मई से 4 जून 2026 तक चला।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रांची जिले के सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता फैलाना, महिलाओं एवं किशोरियों में स्वच्छ प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा माहवारी अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान की आदत विकसित करना है। इस वर्ष अभियान के माध्यम से माहवारी संबंधी सेवाओं, सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को मजबूत करते हुए पूरे राज्य को “माहवारी अनुकूल” बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
समापन कार्यक्रम में यूनिसेफ के WASH विशेषज्ञ श्री कुमार प्रेमचंद एवं राज्य समन्वयक श्रीमती श्रेया अग्रवाल ने माहवारी स्वच्छता पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि माहवारी के दौरान किशोरियों एवं महिलाओं को शरीर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए तथा उपयोग किए गए पैड या कपड़े को मिट्टी खोदकर गड्ढे में दबाना चाहिए। खुले में फेंकने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक श्रीमती रंजीता हेम्ब्रम ने की। उन्होंने माहवारी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी शपथ दिलाई। पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम में वृक्षारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में कार्यपालक अभियंता, रांची पश्चिम, जिला समन्वयक, किशोरी बचाओ अभियान की टीम, ग्रामीण स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका, मुखिया, जल सहिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं एवं किशोरियां उपस्थित रहीं।
विशेष कैंप शनिवार, 06 जून 2026 एवं रविवार, 07 जून 2026 को आयोजित होगा
दो दिवसीय विशेष कैंप का आयोजन सभी मतदान केन्द्रों पर
कैंप प्रातः 08:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक रहेगा। लेकिन जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त बीएलओ मात्र सुबह 08:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक मतदान केन्द्र पर उपलब्ध रहेंगे
रांची,05.06.2026 – जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जानकारी देते हुए बताया की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के अंतर्गत अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रांची जिले के सभी मतदान केन्द्रों पर दो दिवसीय विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा।
यह विशेष कैंप शनिवार, 06 जून 2026 एवं रविवार, 07 जून 2026 को आयोजित होगा। दोनों दिनों कैंप का समय प्रातः 08:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक रहेगा।
जिले के सभी मतदान केन्द्रों पर उक्त दोनों दिनों बीएलओ (Booth Level Officer) उपस्थित रहेंगे। जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त बीएलओ सुबह 08:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक मतदान केन्द्र पर उपलब्ध रहकर मतदाताओं की मैपिंग का कार्य संपादित करेंगे।
जो मतदाता अभी तक मैप नहीं हुए हैं, वे इन दो दिनों में अपने संबंधित मतदान केंद्र पर आवश्यक दस्तावाजों के साथ अवश्य आएं ताकि उनकी मैपिंग शीघ्रातिशीघ्र पूरी की जा सके
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि जो मतदाता अभी तक मैपिंग नहीं हुए हैं, वे इन दो दिनों में अपने संबंधित मतदान केंद्र पर आवश्यक दस्तावाजों के साथ अवश्य आएं ताकि उनकी मैपिंग शीघ्रातिशीघ्र पूरी की जा सके।
कोडरमा: जिले के चितरपुर गांव में जमीन विवाद ने बुधवार देर रात हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या कर दी गई, जबकि उनकी बेटी सोनिका कुमारी, मां सुधा देवी और पिता दशरथ यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज कोडरमा सदर अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर बुधवार दिन में राजकुमार यादव की मां के साथ कथित रूप से मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया था। परिजनों का आरोप है कि मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। देर रात राजकुमार यादव पर पीछे से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही डॉ. नीरा यादव चितरपुर गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हत्या से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ कोडरमा थाना के सामने रांची–पटना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक
नलकूपों एवं जलमीनारों की मरम्मति की समीक्षा, ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित करने का निर्देश
सरकारी कार्यालयों एवं महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल व्यवस्था हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय स्थापित करने का निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में पानी-बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता तथा विद्युत विभाग से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्वी एवं पश्चिमी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जेबीवीएनएल के कार्यपालक अभियंता, सहायक/कनीय अभियंता सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
माननीय मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के आलोक में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा जिले में पेयजल एवं विद्युत सेवाओं से संबंधित सभी कार्यों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आम नागरिकों को पेयजल एवं बिजली की समुचित सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में खराब पड़े नलकूपों एवं जलमीनारों की मरम्मत की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने नलकूप एवं जलमीनार मरम्मत से संबंधित प्राप्त शिकायतों की नियमित ट्रैकिंग की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि “अबुआ साथी” पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके।
बैठक में माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सभी सरकारी कार्यालयों एवं महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय प्रदान करने का निर्देश जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा दिया गया।
जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित एसवीएस एवं एमवीएस योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कार्य प्रगति में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन में यदि किसी प्रकार की बाधाएं उत्पन्न हो रही हों तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक कारवाई किया जा सके।
जिले की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में बिजली एवं पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बिजली बिल से संबंधित शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन पर बल देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के साथ विभागीय कर्मियों का व्यवहार संवेदनशील एवं शिष्टतापूर्ण होना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना (MUJY) के तहत जिले में विद्युत आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए संचालित विभिन्न कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निष्पादन तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।