दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी की स्थायी समिति सदस्यों के नये सिरे से चुनाव पर लगायी रोक

नयी दिल्ली,25 फरवरी (एजेंसी)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति के छह सदस्यों के लिए नये सिरे से चुनाव कराये जाने पर शनिवार को रोक लगा दी।

यह चुनाव 27 फरवरी को होने का कार्यक्रम था। न्यायमूर्ति गौरंग कंठ ने अदालत की छुट्टी के दिन एक विशेष सुनवाई में कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि 24 फरवरी को हुए चुनाव के परिणाम घोषित किये बगैर महापौर सोमवार को नये सिरे से चुनाव करा रही हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।

उल्लेखनीय है कि महापौर निर्वाचन अधिकारी भी हैं। उच्च न्यायालय ने कहा कि यहां नियमों से यह प्रदर्शित होता है कि दिल्ली के महापौर के पास स्थायी समिति के चुनाव को अवैध एवं अमान्य घोषित करने की शक्ति है।

उच्च न्यायालय ने पिछले चुनाव के परिणाम घोषित किये बगैर नये सिरे से चुनाव कराने के निर्णय को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर निर्वाचन अधिकारी और अन्य को नोटिस जारी किया।

न्यायाधीश ने कहा, ”इस बारे में नोटिस जारी किया जाए कि सुनवाई की अगली तारीख तक नये सिरे से चुनाव कराने पर रोक लगी रहेगी।

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आखिर संस्थानों से कहां गलती हुई

*आईआईटी छात्र खुदकुशी पर बोले चीफ जस्टिस*

हैदराबाद,25 फरवरी (एजेंसी)। भारत के प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने छात्रों द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि आखिर संस्थानों से कहां गलती हुई है कि विद्यार्थी खुद की जान लेने के लिए मजबूर हो गये हैं। मुंबई स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बॉम्बे) में पिछले दिनों एक छात्र की कथित आत्महत्या के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति वह संवेदना व्यक्त करते हैं।

उन्होंने कहा कि वह इस बात से चकित हैं कि संस्थानों ने कहां गलती की है जिसके चलते छात्र अपनी जान लेने को मजबूर हैं। हाल ही में आईआईटी बॉम्बे में एक दलित छात्र की कथित आत्महत्या की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने यहां ‘द नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च’ (एनएएलएसएआर) में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए अदालतों के अंदर और बाहर समाज से संवाद स्थापित करने में न्यायाधीशों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा, हाल ही में मैंने आईआईटी बॉम्बे में एक दलित छात्र की आत्महत्या के बारे में पढ़ा।

इसने मुझे पिछले साल ओडिशा में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में एक जनजातीय छात्र की आत्महत्या की घटना याद दिला दी। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, मैं इन छात्रों के परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। लेकिन मैं यह भी सोच रहा हूं कि हमारे संस्थानों ने कहां गलती की है, जिसके चलते छात्रों को अपना बहुमूल्य जीवन खत्म करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

गुजरात के रहने वाले प्रथम वर्ष के छात्र दर्शन सोलंकी ने कथित तौर पर 12 फरवरी को आईआईटी बॉम्बे में आत्महत्या कर ली थी। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ये कुछ उदाहरण हैं, जिनसे पता चलता है कि पिछड़े समुदायों में आत्महत्या की घटनाएं आम हो रही हैं।

ये संख्याएं सिर्फ आंकड़े नहीं हैं। ये कभी-कभी सदियों के संघर्ष की कहानियां बयां करती हैं। मेरा मानना है कि अगर हम इस समस्या का समाधान करना चाहते हैं तो पहला कदम समस्या को स्वीकार करना और पहचानना है। उन्होंने कहा कि वह वकीलों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देते रहे हैं और उतना ही महत्वपूर्ण छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य भी है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न केवल शिक्षा पाठ्यक्रम के जरिए छात्रों में करुणा की भावना पैदा करनी चाहिए, बल्कि अकादमिक विद्वानों को भी उनकी चिंताओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भेदभाव का मुद्दा सीधे तौर पर शिक्षण संस्थानों में सहानुभूति की कमी से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश का काम न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों के अलावा उन संरचनात्मक मुद्दों पर भी प्रकाश डालना है जो समाज के सामने हैं। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, सहानुभूति को बढ़ावा देना पहला कदम होना चाहिए। शिक्षा संस्थानों को यह कदम उठाना चाहिए

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उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी, नेता प्रतिपक्ष अखिलेश के बीच तीखी नोकझोंक

लखनऊ,25 फरवरी (एजेंसी)। प्रयागराज में पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह और उसके एक सुरक्षाकर्मी की हत्या के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विधानसभा में शनिवार को सत्र की शुरुआत होते ही समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय ने प्रयागराज की घटना पर चर्चा कराने की मांग की।

इस बीच नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इलाहाबाद में गवाह और एक सुरक्षाकर्मी की जिस तरह गोलियां बरसाकर हत्या की गयी, डबल इंजन की सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर इलाज मिल जाता तो शायद जान बच जाती। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं मिली है। नेता सदन (मुख्यमंत्री) का राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर वक्तव्य पहले से तय है।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा, इस पार्टी ने अपराधियों और माफिया को न सिर्फ पाला-पोसा बल्कि उन्हें विधायक और सांसद तक बनाया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार प्रयागराज मामले में दोषी बताये जा रहे माफिया को ‘मिट्टी में मिला देगी। इस पर सदन में सपा और विपक्ष के नेता अखिलेश यादव ने नाराजगी जाहिर की, जिसके बाद मुख्यमंत्री और अखिलेश के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

इसी दौरान, सपा के सदस्य सदन के बीचो बीच आकर नारेबाजी करने लगे। बहरहाल, बाद में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के आग्रह पर सपा सदस्य अपने-अपने स्थान पर चले गये और मुख्यमंत्री का भाषण शुरू हुआ। इस दौरान भी आदित्यनाथ बीच-बीच में सपा और नेता प्रतिपक्ष पर तंज करते रहे।

पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिये खड़े हुए। तभी सदन में विपक्ष के नेता अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रयागराज में पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके एक सुरक्षाकर्मी की हत्या का मामला उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किये।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सदन को आश्वस्त करते हैं कि सरकार प्रयागराज की घटना में दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर सपा पर निशाना साधते हुए कहा, लेकिन जो अपराधी और माफिया हैं, आखिर वे पाले किसके द्वारा गए हैं।

प्रयागराज की घटना में जिस माफिया का नाम आ रहा है, क्या यह सच नहीं है कि समाजवादी पार्टी ने उसे सांसद बनाया था।
गौरतलब है कि प्रयागराज मामले में फूलपुर सीट से सपा के पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद का हाथ होना बताया जा रहा है। अहमद इस वक्त गुजरात की एक जेल में बंद है। मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिये बगैर आरोप लगाया, ‘वह समाजवादी पार्टी द्वारा पोषित माफिया है। उसकी कमर तोडऩे का काम हमारी सरकार ने किया है।

हम इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे। उन्होंने सपा की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘यह पेशेवर अपराधियों के सरपरस्त हैं और यह लगातार यही करते आ रहे हैं। इनके रग-रग में अपराध भरा हुआ है। अपराध के अलावा इन्होंने कुछ सीखा ही नहीं है। पूरा उत्तर प्रदेश इस बात को जानता है और आज यह लोग अपनी सफाई देने के लिए यहां पर आए हैं।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘जिस माफिया ने कल यह कृत्य किया है वह उत्तर प्रदेश के बाहर है और वह माफिया समाजवादी पार्टी के सहयोग से ही बार-बार विधायक और सांसद बना है। क्या यह सच नहीं है कि 1996 में इलाहाबाद-पश्चिमी सीट से वह माफिया समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार और पार्टी के सहयोग से विधायक बना था।

यही नहीं वर्ष 2004 में भी वह माफिया इन्हीं लोगों के सहयोग से सांसद बना था। यह लोग चोरी और सीनाजोरी करने का काम कर रहे हैं। उन माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का काम हमारी सरकार करेगी।

योगी की इस तल्ख टिप्पणी पर सपा के विधायक सदन के बीचो बीच आ गए और नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने नारेबाजी कर रहे सपा विधायकों से अपने स्थान पर जाने को कहा। कुछ देर के बाद सपा सदस्य अपने-अपने स्थान पर चले गये। उसके बाद मुख्यमंत्री ने अपना भाषण दोबारा शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कई बार सपा पर तंज किया।

उन्होंने कहा कि जो लोग अभिभाषण पढ़ रहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का सदन में सम्मान नहीं करते वे महिलाओं का सम्मान कैसे करेंगे। उन्होंने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के ‘लड़के हैं, गलती हो जाती है, के वक्तव्य को लेकर भी सपा पर निशाना साधा।

योगी ने वर्ष 1995 में राज्य अतिथि गृह में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के साथ हुई घटना की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘स्टेट गेस्ट हाउस कांड के समय भी इनका (सपा का) आचरण सामने आया था।

इस पर आपत्ति करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को दिल्ली की सरकार सम्मान देती है… इनको शर्म आनी चाहिए।

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जदयू और आरजेडी का अपवित्र गठबंधन पानी और तेल जैसा:अमित शाह

पटना ,  25 फरवरी (एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के पश्चिमी चंपारण स्थित जैन साहू उच्च विद्यालय में विशाल जनसभा में कहा कि बिहार की धरती महर्षि और महापुरुषों की भूमि है जहां पर बाल्मीकि को महर्षि बनाने वाली तो गांधी को महात्मा गांधी बनाने वाली बिहार की भूमि है।

अमित शाह ने कहा कि मौर्य साम्राज्य का शासन सालों तक चला चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक ने सालों तक देश पर शासन किया यह वही भूमि है जिसे कभी भूला नहीं जा सकता कि यह किन-किन महापुरुषों ने जन्म लिया है। अमित शाह ने कहा कि इस जनसभा में जो भीड़ है वह लोग चिलचिलाती धूप में खड़े हैं उनसे पूछ ले आया हूं कि आपने पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डबल इंजन की सरकार बिहार में अच्छी तरह से चलाएं और हमारा वादा था कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाएंगे

जिसे भारतीय जनता पार्टी ने कम सीट आने के बाद भी पूरा किया लेकिन नीतीश कुमार को हर 3 साल में प्रधानमंत्री बनने का सपना आता है और नीतीश कुमार जिस कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़े जिस जंगल राज के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर बिहार में एनडीए की सरकार बनाई उसी जंगलराज के नायक लालू प्रसाद की गोदी में जाकर बैठ गए मैं बिहार की जनता से यह पूछना चाहता हूं कि क्या नीतीश कुमार ने यह ठीक किया है।

अमित शाह ने  महागठबंधन की सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि बहुत साल तक ‘आया राम गया राम’ कर लिए, अब नीतीश कुमार के लिए भाजपा के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए गए हैं। अमित शाह ने कहा कि बिहार की जनता से अपील करने आया हूं कि ये जदयू और आरजेडी का अपवित्र गठबंधन पानी और तेल जैसा है इसमें जदयू पानी है और आरजेडी तेल है। अमित शाह ने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनने के लिए विकासवादी से अवसरवादी वन गए हैं क्योंकि नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षी ने बिहार का बंटाधार कर दिया है।

जिन लोगों ने नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनने के लिए सलाह दी है वह लोग इसके लिए नए विमान भी खरीद रहे हैं। लेकिन नीतीश कुमार को यह जानकारी ले लेना चाहिए की प्रधानमंत्री बनने के लिए कोई भी वैकेंसी नहीं है वहां नरेंद्र मोदी और वही फिर से दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे। अमित शाह ने कहा कि बिहार में अराजकता की स्थिति बनी हुई है

अपराध फिर से चरम पर जा रहा है और कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शाह ने कहा कि हत्या बलात्कार अपहरण आदि के मामलों में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है, वही बोलने वाले पत्रकारों की हत्या शुरू हो गई है तो बालू माफिया, शराब माफिया आदि फिर से जिंदा हो रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि बिहार में आए दिन हथियारों के जखीरे पकड़े जा रहे हैं तो पीएफआइ जैसे संगठन बिहार में पैठ बना रही है और नीतीश कुमार चुप बैठे हुए हैं वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगा रहे हैं।

अमित शाह ने महागठबंधन की सरकार पर जोरदार प्रहार करते हुए जनसभा में आए हुए लोगों से पूछा कि क्या नीतीश कुमार में यह हिम्मत है कि लालटेन कि जो लौ उठी है जिससे पूरा बिहार धधक रहा है उसे बुझा पाएंगे। अमित शाह ने कहा कि मैं बिहार की जनता से यह अपील करने आया हूं कि ऐसे दलबदलू नेताओं को सबक सिखाने के लिए आप लोग तैयार रहिए और आने वाले चुनाव में ऐसे दलबदलू नेताओं को अपना जगह दिखाएं। अमित शाह ने कहा कि जंगलराज जो बिहार में चल रहा है उस से मुक्ति पाने का एकमात्र रास्ता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2024 में दो तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनाइए और देश और बिहार को खुशहाली की राह पर ले जाने में मदद करें।

अमित शाह ने कहा कि शराबबंदी से भारतीय जनता पार्टी और यहां के लोगों को कोई परेशानी नहीं है लेकिन इसके से नकली शराब पी कर यहां के लोग मर रहे हैं तो क्या नकली शराब की बिक्री रुकनी चाहिए या नहीं लेकिन नीतीश कुमार आंख मूंद कर बैठे हैं। अमित शाह ने कहा कि बिहार का क्षेत्र नेपाल की सीमाओं पर  जनसंख्या बदल रहा है।

यह काम जो लोग कर रहे हैं नीतीष कुमार में उनको रोकने की हिम्मत नहीं है। अमित शाह ने कहा कि 2024 में भाजपा द्वारा सरकार में आएगी और जनसंख्या नियंत्रण कानून पर काम अंगद के पैर की तरह रोक देने वाली काम करेगी। अमित शाह ने कहा कि नीतीश कुमार अपने सहयोगी लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी को यह आश्वासन दे रहे हैं कि उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाएंगे लेकिन आरजेडी वाले विधायक आए दिन पूछ रहे हैं कि कब तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि नीतीश कुमार को यह डेट बता देना चाहिए कि इस डेट को तेजस्वी यादव को बिहार का नया मुख्यमंत्री बनाऊगा क्योंकि आधा जंगलराज तो आ ही गया है पूरा जंगलराज भी बना दे। शाह ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 1000 करोड़ की लागत से हाईवे के तीन परियोजना जोक बेतिया से  पकनाहा तमकूही तक, दूसरा प्रोजेक्ट गोरखपुर से सिलीगुढ़ी षिवराजपुर गुडिय़ाखांड के बीच बनने वाला पुल निर्माण और तीसरा बेतिया पटना हाईवे का निर्माण।

मोदी जी ने बिहार के विकास के लिए 15 हजार करोड़ रूप्ए भेजे किन्तु नीतीष बाबू ने इसके लिए जमीन ही नहीं देते हैं। लालू प्रसाद उन्हें जमीन देने नहीं देते है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपय की मदद भेजी है जिसमें मैं नीतीश कुमार से कहना चाहता हूं कि आप रोड़ा मत बनिए नहीं तो बिहार की जनता इसका हिसाब आपको आने वाले चुनाव में कर देगी।

अमित शाह ने कहा कि पश्चिम चंपारण के 80 हजार लोगों को आयुष्मान भारत के काट दिए गए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमामि गंगे योजना के तहत गंडक नदी को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है जिससे इस क्षेत्र में काफी व्यापक व्यापार होने की संभावना है।

अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र की सरकार पश्चिमी चंपारण के इस जिले में लगभग 500 करो रुपए की योजनाओं को लागू कर रही है जिसमें इस जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई वही नरकटियागंज में आईटीआई की स्थापना की गयी है।

वाल्मिकी नगर को जल्द ही रामायण सर्किट में जोड़ा जाएगा जिसकी वजह से लाखो श्रद्धालु पश्चिमी चम्पारण में आएंगे। अमित शाह ने कहा कि मैं लालू प्रसाद से यह पूछना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार से पहले केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री थे तो बिहार को कितने रुपए दिया गया था।

अमित शाह ने कहा कि 2009 से 2014 के बीच में सिर्फ 50 हजार करोड़ रूप्ए दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से 2019 में बिहार को 1.09 लाख करोड़ रुपए दिया। अमित शाह ने कहा कि मैं केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार का हिसाब लेकर आया हूं अगर आप में साहस है तो कांग्रेस और आरजेडी के हिसाब जनता के सामने रखे।

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बढ़ रहा भारत का पारा, एक और ऊर्जा संकट की आहट ने बढ़ाई चिंता

नईदिल्ली ,25 फरवरी (एजेंसी)। भारत के कुछ हिस्सों में उच्च तापमान ने हाल के सप्ताहों में बिजली की मांग को लगभग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है, जिससे बिजली सप्लाई पर दबाव इस साल भी बढ़ सकता है।जनवरी में बिजली की मांग चरम स्तर पर 211 गीगावाट तक पहुंच गई, जो पिछली गर्मियों में एक सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब थी। पिछली साल गर्मियों में बिजली की मांग ने 122 साल पुराने गर्मी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था।

पिछले सप्ताह कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 11सी अधिक रहा है और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों को गेहूं और अन्य फसलों को गर्मी से बचाने की सलाह दी है।

गर्म मौसम की असामान्य रूप से शुरुआत और ये पूर्वानुमान है कि सिंचाई पंप और एयर कंडीशनरों का उपयोग पूरी क्षमता के साथ किया जाएगा। इस कारण बिजली की खपत में वृद्धि होगी। जिस तेजी से पारा चढ़ रहा है, उसी रफ्तार से बिजली की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में यह चिंता खाई जा रही है कि क्या लगातार दो वर्षों के व्यवधान के बाद देश के एनर्जी नेटवर्क पर एक नया तनाव आएगा।

इस चिंता को ध्यान में रखते हुए आयातित कोयले का उपयोग करने वाले पावर स्टेशनों को पहले ही गर्मी के मौसम में ब्लैकआउट से बचने और घरेलू कोयले की आपूर्ति पर दबाव कम करने के लिए तीन महीने के लिए पूरी क्षमता से काम करने का आदेश दिया गया है। भारत के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में बिजली की मांग 229 गीगावाट की नई ऊंचाई तय कर सकती है।

राजस्थान के बिजली मंत्री भंवर सिंह भाटी के अनुसार, ‘जिस तरह से तापमान बढ़ रहा है- फरवरी में यह काफी असमान्य है। यह स्थिति हमारे लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।Ó उन्होंने कहा कि बिजली की मांग पिछली गर्मियों की तुलना में 20 से 30 फीसदी तक बढ़ सकती है। बिजली आपूर्ति में कटौती के अलावा हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं है।Ó

राजस्थान देश के सबसे गर्म राज्यों में से एक है और सौर ऊर्जा का हब है, फिर भी गर्मी के महीनों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान को संघर्ष करना पड़ सकता है अगर अन्य क्षेत्रों के खदानों से कोयला प्राप्त करने में देरी हो रही है।

भारत में 70 फीसदी बिजली का उत्पादन कोयले से होता है, और बिजली स्टेशनों पर भंडार वर्तमान में 45 मिलियन टन के लक्ष्य से काफी नीचे है जिसे सरकार ने मार्च के अंत तक पूरा करने के लिए कहा था।

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बांग्लादेश की मालवाहक शिप हुगली नदी में डूबी

कोलकाता,25 फरवरी (एजेंसी)। फ्लाई ऐश लेकर स्वदेश लौट रहा बांग्लादेश का मालवाहक शिप एक दूसरे शिप से टकराने के बाद हुगली नदी में डूब गई। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि घटना कोलकाता से करीब 60 किलोमीटर दूर दक्षिण 24 परगना जिले के निश्चिंतपुर में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात हुई।

अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के बाद पोत पर सवार चालक दल के नौ सदस्यों को बचाया गया।

पुलिस ने बताया कि बाद में चालक दल के सदस्यों को पुलिस थाने लाया गया। शिप के प्रतिनिधि ने बताया कि शिप का एक हिस्सा डूब गया था और पानी तेजी से इंजन कक्ष में भर रहा था। उन्होंने कहा कि शिप को अब भी बचाया जा सकता है।

आईडब्ल्यूएआई के अधिकारी ने बताया कि कोलकाता बंदरगाह पर पोतों की आवाजाही इस हादसे से प्रभावित नहीं हुई है क्योंकि दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक पोत उस समय नौकायन मार्ग पर नहीं था। उन्होंने बताया कि निरीक्षण टीम मौके पर गई है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

अधिकारी के मुताबिक बचाए गए नाविकों को उनके देश भेजने के लिए बातचीत चल रही है।

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राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की चौथी वर्षगांठ पर 12 लाख से ज्यादा लोगों ने डिजिटल श्रद्धांजलि दी

*युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना जगाने के लिए गाइडेड टूर आयोजित किया गया*

*70 से अधिक स्कूलों के छात्रों ने बैंड की प्रस्तुति के माध्यम से अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया*

नई दिल्ली 25 फरवरी (एजेंसी)। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक( एनडब्ल्यूएम) अपनी चौथी वर्षगांठ मना रहा है। आज ही के दिन को चिह्नित करने के लिए चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के अध्यक्ष, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईसी) एयर मार्शल बीआर कृष्णा, उप सेना प्रमुख के साथ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार, नौसेना स्टाफ के कार्यवाहक उप प्रमुख वाइस एडमिरल किरण देशमुख और वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने प्रतिष्ठित स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद नायकों को श्रद्धांजलि दी।

स्मारक जो स्वतंत्रता के बाद से बहादुर सैनिकों द्वारा किए गए बलिदानों की गवाही देता है, 25 फरवरी, 2019 को प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था। सरकार द्वारा वीरतापूर्ण कार्यों के लिए कई पहल की गईं देशभक्ति, साहस, बलिदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना पैदा करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं को बहादुर। पहल ने जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त की है।डिजिटल श्रद्धांजलि

लोगों द्वारा शहीद नायकों को डिजिटल श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक के आसपास इंटरएक्टिव स्क्रीन लगाई गई थी। 25 फरवरी, 2022 से जीवन के सभी क्षेत्रों के 24.94 लाख आगंतुकों द्वारा 12.76 लाख डिजिटल श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
छात्रों के लिए निर्देशित पर्यटन

राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा में सशस्त्र बलों के महत्व को पहचानने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करने के लिए, हृङ्खरू में स्कूली छात्रों के लिए निर्देशित पर्यटन आयोजित किए जा रहे हैं। पिछली वर्षगांठ के बाद से, 1.80 लाख से अधिक छात्रों की संख्या वाले 1,460 से अधिक स्कूलों ने स्मारक का दौरा किया है।

स्कूल बैंड प्रदर्शन

एनब्ल्यूएम देशभक्ति की भावना पर आधारित स्कूल बैंड प्रदर्शन भी आयोजित करता रहा है। अब तक, 832 प्रतिभागियों के साथ 70 से अधिक स्कूलों ने अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मेमोरियल के वेब पोर्टल पर बैंड प्रदर्शन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म-आधारित प्रक्रिया बनाई गई है।

श्रद्धांजलि समारोह

प्रतिष्ठित स्मारक में शाश्वत लौ है जो एक सैनिक द्वारा कर्तव्य की पंक्ति में किए गए सर्वोच्च बलिदान का उदाहरण है और इस प्रकार उसे अमर बना देता है। इसके उद्घाटन के बाद से, सभी श्रद्धांजलि समारोह केवल एनडब्ल्यूएम में आयोजित किए जाते हैं, जिनमें राष्ट्रीय दिवस भी शामिल हैं। भारतीय सशस्त्र बलों के शहीद सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करने के लिए विदेशों से प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधिमंडल एनडब्ल्यूएम का दौरा करते रहे हैं। नौसेना के सचिव, यूएसए श्री कार्लोस डेल टोरो; फ्रांस के सशस्त्र बलों के मंत्री श्री लेकोर्नु सेबस्टियन और मंगोलियाई रक्षा मंत्री जनरल सैखानबयार गुरसेद उन विदेशी गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे जिन्होंने पिछले साल एनडब्ल्यूएम का दौरा किया था।

राष्ट्र निर्माण कार्यक्रम

प्रतिष्ठित स्मारक राष्ट्रीय एकता के लिए पहल को बढ़ावा देता है और राष्ट्र निर्माण की भावना को उत्साहित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा स्टेज शो ‘कारगिल: एक शौर्य गाथा’ और ललित कला अकादमी द्वारा ‘शौर्य गाथा’ विषय पर पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शक आए। ओलंपियन और राष्ट्रीय खेल और साहसिक पुरस्कार विजेताओं सहित प्रख्यात खिलाडिय़ों ने अपने सम्मान का भुगतान करने के लिए एनडब्ल्यूएम का दौरा किया। एक राष्ट्रीय स्मारक के रूप में एनडब्ल्यूएम के महत्व और प्रमुखता को मान्य करते हुए, प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान – पद्म पुरस्कार, ललित कला और संगीत कला अकादमी पुरस्कार और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त करने वालों ने पिछले एक साल में स्मारक का दौरा किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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कप्तान हरमनप्रीत ने हार के बाद बोल दी ये बड़ी बात

नईदिल्ली, 25 फरवरी (एजेंसी)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम वेस्टइंडीज में खेले जा रहे महिला टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है। सेमिफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी दुखी भी है परेशान भी है। लेकिन टीम की कप्तान हरमन प्रीत कौर ने एक खुला खत लिखा है, जिसने सब का दिल जीत लिया है।

अब हरमनप्रीत कौर ने दिल तोडऩे वाली हार के बाद फैन्स के नाम एक खत लिखा है। हरमनप्रीत ने कहा कि वह पूरे वर्ल्ड कप के दौरान मिले सपोर्ट के लिए फैन्स का आभार व्यक्त करती हैं। हरमन ने इसमें वादा किया कि उनकी टीम मजबूती से वापसी करेंगी।

हरमनप्रीत कौर ने ट्विटर पर लिखा, यह दुनिया भर में हमारे सभी प्रशंसकों के लिए है जिन्होंने इस विश्व कप के दौरान हमारा सपोर्ट किया है। उन्होंने आगे लिखा एक क्रिकेट प्रशंसक के रूप में जानती हूं कि अपनी टीम को हारते देखना दुखद है। मैं बस इतना कह सकती हूं कि हम मजबूती से वापसी करेंगे और शानदार प्रदर्शन करेंगे।

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टॉप पहलवानों के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेने से खेल मंत्रालय नाराज

नईदिल्ली, 25 फरवरी (एजेंसी)। खेल मंत्रालय देश के शीर्ष पहलवानों के भारतीय कुश्ती महासंघ और इसके अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के साथ चल रहे उनके गतिरोध के कारण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेने से नाराज है।

विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया, अंशु मलिक और संगिता मोर सहित शीर्ष पहलवानों ने जगरेब और अलेक्सजांद्रिया में यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि एक जांच पैनल डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोपों की जांच कर रहा है।

बृज भूषण लंबित जांच के कारण अपने पद से अलग हो गये हैं। पहलवानों के इस कदम से सरकार नाराज है जो पहलवानों को तैयारियों और ट्रेनिंग के लिये ‘टारगेट ओलंपिक्स पोडियम स्कीमÓ (टॉप्स) के अंतर्गत वित्तीय सहायता मुहैया कराती है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, हमें यह पता नहीं चल रहा कि जब उनकी मांगें मान ली गयी हैं तो वे (टूर्नामेंट में) हिस्सा क्यों नहीं ले रहे। हमें समिति को जांच पूरी करने के लिये समय देने की जरूरत है। यह पहलवानों का फैसला है और हम किसी को भी बाध्य नहीं कर सकते लेकिन उन्हें टूर्नामेंट से हटना नहीं चाहिए। डब्ल्यूएफआई का रोजमर्रा का कामकाज महान मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम की अगुआई वाली छह सदस्यीय निगरानी समिति देख रही है।

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हॉकी इंडिया की योजना अंडर-17, अंडर-19 स्तर रीजनल टूर्नामेंट शुरू कराने की

नईदिल्ली, 25 फरवरी (एजेंसी)। अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि जमीनी स्तर पर खेल के विकास की मुहिम में हॉकी इंडिया देश भर में सब-जूनियर (अंडर-17) और जूनियर (अंडर-19) वर्गों में क्षेत्रीय स्तर के टूर्नामेंट शुरू करने की योजना बना रहा है।

देश के लिये 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके टिर्की ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप की महत्ता दोहराते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर एक क्षेत्रीय प्रणाली के शुरू किये जाने की जरूरत है ताकि उभरते हुए खिलाडिय़ों को ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने को मिलें।

पूर्व भारतीय कप्तान टिर्की ने कहा, किसी भी खेल के विकास के लिये उन्हें जमीनीं स्तर पर विकसित करना अहम है। मजबूत नींव से अच्छे खिलाड़ी निकलते हैं और मजबूत सीनियर और जूनियर राष्ट्रीय टीमें बनती हैं।

उन्होंने कहा, बीते समय में सब जूनियर (अंडर-17) और जूनियर (अंडर-19) वर्गों के खिलाडिय़ों को ज्यादा मैच नहीं खेलने को मिलते थे। हम क्षेत्रीय प्रणाली के टूर्नामेंट लाकर इसमें सुधार करेंगे जिसमें वे ‘इंट्रा जोनÓ और ‘इंटर जोनÓ प्रतियोगितायें खेलेंगे।

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मोदी ने जी20 बैठक में कई देशों पर बढ़ते कर्ज के खतरे के प्रति किया आगाह

*वैश्विक कर्ज के समाधान की जरूरत*

नईदिल्ली, 25 फरवरी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुनिया के कई देशों पर असहनीय कर्ज के खतरे के प्रति आगाह किया जी20 राष्ट्रों के साथ ही बहुपक्षीय संस्थानों से इस समस्या का समाधान तलाशने का आह्वान किया।

जी20 राष्ट्रों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक को वर्चुअल संबोधन में मोदी ने कहा, ‘कर्ज का भारी बोझ कई देशों की वित्तीय स्थिति के लिए खतरा बन गया है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में भरोसा घटा है और ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि उन्होंने खुद में सुधार लाने की रफ्तार काफी धीमी रखी है। अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता, विश्वास और विकास बहाल करने की जिम्मेदारी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और मौद्रिक प्रणालियों के संरक्षकों पर है।

मोदी ने कहा, ‘दुनिया की आबादी 8 अरब के पार पहुंच गई है मगर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति धीमी प्रतीत होती है। हमें जलवायु परिवर्तन और कर्ज के ऊंचे बोझ जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करना होगा, जिसके लिए सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है।

एफएमसीबीजी बैठक की सह-अध्यक्ष वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी बैठक को संबोधित किया। दोनों ने वैश्विक कर्ज के बढ़ते बोझ का मसला उठाया और सीतारमण ने समस्या से निपटने के लिए बहुपक्षीय तालमेल पर जी20 देशों से विचार आमंत्रित किए।

एफएमसीबीजी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब भी महामारी के बाद के प्रभाव और भू-राजनीतिक तनाव से जूझ रही है, जो कई देशों की वित्तीय स्थिति के लिए खतरा बना हुआ है।

मोदी ने उम्मीद जताई कि जी20 के प्रतिभागी भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवंतता से प्रेरणा लेंगे। उन्होंने कहा, ‘भारतीय उपभोक्ता और उत्पादक भविष्य के प्रति आशावादी और आश्वस्त हैं। हम आशा करते हैं कि आप उसी सकारात्मक भावना का प्रसार वैश्विक अर्थव्यवस्था में करने में सक्षम होंगे।

मोदी ने कहा, ‘मैं आग्रह करूंगा कि आपकी चर्चा दुनिया के सबसे कमजोर नागरिकों पर केंद्रित होनी चाहिए क्योंकि समावेशी एजेंडा बनाकर ही वैश्विक आर्थिक नेतृत्व दुनिया का भरोसा वापस हासिल कर पाएगा।

मोदी ने जी20 सदस्यों से डिजिटल फाइनैंस में अस्थिरता और दुरुपयोग के संभावित जोखिम काबू में करने के लिए मानक विकसित करने और प्रौद्योगिकी की क्षमता का पता लगाकर उसका उपयोग करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान की अपनी व्यवस्था में अत्यधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया है।

उन्होंने कहा, ‘हमारे डिजिटल भुगतान तंत्र को मुक्त सार्वजनिक वस्तु के तौर पर विकसित किया गया है। उदाहरण के लिए यूपीआई कई अन्य देशों के लिए भी मानक हो सकते हैं। हमें अपने अनुभव को दुनिया के साथ साझा करने में खुशी होगी और जी 20 इसका एक जरिया हो सकता है।

सीतारमण ने सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों से कहा कि जी 20 संबंधित देश की जरूरत और हालात को ध्यान में रखते हुए सदस्य देशों की ताकत का लाभ उठाकर दुनिया भर में जीवन में बदल सकता है। यह नए विचारों का पोषण करने वाला और दुनिया के दक्षिणी हिस्से की आवाज सुनने का मंच बन सकता है।

इस बीच आरबीआई गवर्नर ने जी 20 देशों से वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष वित्तीय स्थिरिता के जोखिम और ऋण संकट जैसी चुनौतियों का दृढ़ता से समाधान करने का आह्वान किया।

दास ने कहा कि हाल के महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की तस्वीर सुधरी है और उम्मीद जगी है कि दुनिया व्यापक मंदी में जाने से बच सकती है। अगर मंदी आती भी है तो इसका असर काफी कम होगा, लेकिन अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।

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बाजार की तेजी के लिए बढ़ रहा है जोखिम, तेल शेयर मजबूत दांव

नईदिल्ली, 25 फरवरी (एजेंसी)। जेफरीज में इक्विटी रणनीति के वैश्विक प्रमुख क्रिस्टोफर वुड ने निवेशकों को भेजी अपनी ताजा रिपोर्ट ‘ग्रीड ऐंड फियर’ में कहा है कि वैश्विक इक्विटी बाजारों में तेजी की राह में जोखिम बढ़ रहा है, खासकर भूराजनीतिक चिंताओं से बाजार धारणा कमजोर पड़ती दिख रही है। उन्होंने लिखा है कि इससे भविष्य में तेल कीमतों में तेजी देखी जा सकती है।

उन्होंने लिखा है, ‘ग्रीड ऐंड फियर में न सिर्फ अमेरिका और चीन के बीच चल रहे मौजूदा टकराव पर ध्यान दिया गया है बल्कि यह भी आशंका है कि बाजार यूक्रेन से संबंधित खबरों पर फिर से प्रतिक्रिया देना शुरू कर सकता है, जिसे पिछले कुछ महीनों से नजरअंदाज कर दिया गया था। इसलिए चिंताएं फिर से बढऩे का खतरा पैदा हुआ है।

चीन द्वारा रूस को हथियारों की संभावित आपूर्ति के मुद्दे को पिछले सप्ताह अमेरिका द्वारा उठाए जाने से दोबारा से यूक्रेन और अमेरिका-चीन संबंधों पर बहस गरमा गई है, जैसा कि करीब एक साल पहले इस युद्ध की शुरुआत में भी देखने को मिला था।
वुड का कहना है, ‘यूक्रेन मुद्दा अभी भी बाजार में उतार-चढ़ाव लाने की क्षमता रखता है, खासकर ऊर्जा कीमतों में तेजी के संदर्भ में, जिसका नकारात्मक असर फेड की नीति पर पड़ सकता है।

निवेश रणनीति के तौर पर, वुड ने निवेशकों को ऊर्जा-संबंधित शेयर अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने का सुझाव दिया है, क्योंकि वे ऊर्जा/तेल कीमतों में यूक्रेन की वजह से आई तेजी के खिलाफ हेजिंग के सबसे अच्छे दांव हैं।

खबरों से पता चला है कि रूस ने अपने पश्चिमी बंदरगहों से तेल निर्यात मार्च में घटाकर 25 प्रतिशत करने की योजना बनाई है। कच्चे तेल की कीमतें शुक्रवार को 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं।

कई विश्लेषकों ने कुछ महीने पहले वर्ष के लिए अपने अनुमान पेश करते हुए तेल कीमतें कैलेंडर वर्ष 2023 के ज्यादातर समय में मजबूत बने रहने की संभावना जताई।

उदाहरण के लिए, मॉर्गन स्टैनली ने ब्रेंट क्रूड तेल 2023 की दूसरी छमाही में बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने का अनुमान जताया है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 33 प्रतिशत तक अधिक है। वहीं दूसरी तरफ, जेपी मॉर्गन ने 2023 में ब्रेंट की औसत कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने का अनुमान जताया था।

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गृह मंत्री अमित शाह के पटना दौरे को लेकर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम

पटना,25 फरवरी (आरएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शनिवार को पटना दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता गंवाने के बाद पहली बार शाह प्रदेश की राजधानी का दौरा कर रहे हैं.

कार्यक्रम के अनुसार शाह आज शाम करीब चार बजे पटना हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे. इससे पूर्व शाह पश्चिम चंपारण जिले में पार्टी की एक रैली को संबोधित करेंगे. गृह मंत्री पटना हवाई अड्डे से लगभग चार किलोमीटर दूर सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में एक किसान मजदूर समागम को संबोधित करेंगे. उन्हें सुरक्षा प्रदान करने में केंद्रीय अर्धसैनिक बल स्थानीय पुलिस की मदद करेंगे.

शाह शाम करीब साढ़े छह बजे तख्त हरमंदिर पटना साहिब गुरुद्वारा जाएंगे, जहां गुरु गोबिंद सिंह का जन्म हुआ था. गुरुद्वारे में करीब आधा घंटा रुकने के बाद गृह मंत्री राजकीय अतिथि गृह के लिए रवाना होंगे, जहां से रात्रि भोजन के बाद करीब सवा नौ बजे वह वापसी के लिए रवाना हो जाएंगे.

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने भविष्य की मांगों के अनुसार शिक्षा प्रणाली को नया आयाम दिया: पीएम मोदी

नई दिल्ली,25 फरवरी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) ने भविष्य की मांगों के अनुसार शिक्षा प्रणाली को नया आयाम दिया है.

बजट-पश्चात वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रणाली पहले सख्ती का शिकार थी.

उन्होंने कहा कि एनईपी लचीलापन लेकर आई है और इसने भविष्य की मांगों के अनुसार शिक्षा प्रणाली को नया आयाम दिया है.

प्रधानमंत्री ने 2023-24 के केंद्रीय बजट में की गई घोषणाओं को सूचीबद्ध करते हुए भारत को दुनिया की कौशल राजधानी बनाने की रूपरेखा को रेखांकित किया.

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देश में कोविड के 180 नए मामले आए सामने

*उपचाराधीन रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी*

नई दिल्ली,25 फरवरी (आरएनएस)। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 180 नये मामले सामने आए, जबकि उपचाराधीन रोगियों की संख्या बढ़कर 2,090 हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार मृतकों की कुल संख्या 5,30,764 है.

देश में अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की संख्या 4,46,85,799 हो गई है और 4,41,52,945 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं. संक्रमण से उबरने की दर 98.80 प्रतिशत, जबकि मृत्यु दर 1.19 फीसद है. मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार देश में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक कुल 220.63 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं.

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जगरगुंडा-कुंदेड़ में हुई मुठभेड़ में 03 डीआरजी के जवान शहीद, 02 घायल

सुकमा, 25 फरवरी (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरगुंडा व कुंदेड़ के बीच शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे हुई मुठभेड़ में 03 डीआरजी के जवान एएसआई रामूराम नाग निवासी जगरगुंडा, कांस्टेबल कुंजम जोगा निवासीमिटागुड़ा/ जगरगुंडा और सैनिक वंजम भीमा निवासी मरकागड़ा/चिंतलनार शहीद हो गये हैं, वहीं दो जवान घायल हुए हैं, मुठभेड़ अभी भी जारी है।

इसकी पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी.ने किया है। मिली जानकारी के अनुसार दंतेवाड़ा और सुकमा से डीआरजी के जवान नक्सल अभियान पर निकले थे, कुंदेड़ के पास नक्सलियों ने एंबुस लगा रखा था, जिसमें नक्सल अभियान पर निकले जवान फंस गए, इसी दौरान नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया।

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लेफ्टिनेंट जनरल आरएस रीन ने डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस का पदभार संभाला


नई दिल्ली , 25 फरवरी (एजेंसी)। लेफ्टिनेंट जनरल आरएस रीन ने डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस का पदभार संभाला। 1986 बैच के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल रीन भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र हैं। लेफ्टिनेंट जनरल आरएस ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, श्रीनगर से बीई (इलेक्ट्रिकल), रेडियो इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता और एमसी ईएमई, सिकंदराबाद से संचार इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। वह डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस, बेंगलुरु में सीनियर फैकल्टी थे।

इसके अलावा, अधिकारी भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता से प्रमाणित सिक्स सिग्मा ब्लैक बेल्ट हैं। उन्होंने आईआईटी, खड़गपुर से रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग में प्रमाणन किया है और ब्यूरो वेरिटास, बेंगलुरु से गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली और एकीकृत प्रबंधन प्रणाली में योग्य लीड ऑडिटर हैं।

अधिकारी ने एक वरिष्ठ गुणवत्ता आश्वासन प्रतिष्ठान का नेतृत्व किया है, मुख्यालय में ब्रिगेडियर, गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (डीजीक्यूए) और सिकंदराबाद में नियंत्रक (मिसाइल सिस्टम) थे। अधिकारी ने मुख्यालय डीजीक्यूए, नई दिल्ली में अतिरिक्त महानिदेशक (इलेक्ट्रॉनिक्स) के रूप में डीक्यूए (एल) का नेतृत्व किया।

डीजीक्यूए रक्षा मंत्रालय में रक्षा उत्पादन विभाग के तहत कार्यरत एक अंतर-सेवा संगठन है। यह भारतीय सेना, भारतीय नौसेना (नौसेना आयुध को छोड़कर) और निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र से खरीदे गए भारतीय वायु सेना के लिए आम उपयोगकर्ता वस्तुओं के लिए आयातित और साथ ही स्वदेशी दोनों तरह के रक्षा स्टोर और उपकरणों के दूसरे पक्ष के गुणवत्ता आश्वासन के लिए जिम्मेदार है।

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एनजीटी ने पुरानी दिल्ली में अवैध तेजाब बनाए जाने के दावों की पड़ताल के लिए समिति गठित की

नईदिल्ली,25 फरवरी (एजेंसी)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पुरानी दिल्ली में अवैध रूप से तेजाब बनाये जाने की शिकायत वाली याचिका के दावे की तहकीकात के लिए एक समिति का गठन किया है।

एनजीटी लाल दरवाजा की गली कुआं वाली के एक निवासी की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कहा गया है कि इलाके में अवैध रूप से तेजाब बनाया जा रहा है।

याचिका में कहा गया है कि अवैध तेजाब निर्माण के कारण खतरनाक धुआं निकलता है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सेहत पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने कहा, हमारी नजर में इस शिकायत की जांच-पड़ताल पहले स्थानीय अधिकारियों द्वारा की जा सकती है। इसलिए, हम दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, पुलिस उपायुक्त (उत्तर) और जिला अधिकारी (उत्तर) की सदस्यता वाली एक संयुक्त समिति का गठन करते हैं।

यह भी कहा गया कि जिलाधिकारी (डीएम) समन्वय और अमल के लिए नोडल एजेंसी होंगे। पीठ ने कहा कि यह समिति शिकायत की जांच करेगी, स्थल का दौरा करेगी और यदि किसी तरह का उल्लंघन हो रहा है तो प्रासंगिक सूचनाएं एकत्र करेगी और यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है तो दो माह के भीतर उसके निदान के लिए कार्रवाई करेगी। एनजीटी ने कहा कि समिति तीन महीने के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करेगी।

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मध्य दिल्ली में कड़ी सुरक्षा के बीच फुटपाथ पर बने धार्मिक ढांचे हटाये

नयी दिल्ली,25 फरवरी (एजेंसी)। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शनिवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मध्य दिल्ली में फुटपाथ पर बने धार्मिक ढांचों को तोडऩे का अभियान चलाया। एक अधिकारी ने कहा कि यह अभियान अदालत के निर्देश पर शुरू किया गया है। लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, फुटपाथ पर बने धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए अभियान चलाया गया है।

अदालत के आदेश पर ऐसा किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि तोडफ़ोड़ अभियान के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

दरअसल, 29 सितंबर 2009 के एक आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें सड़कों व पार्कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत धार्मिक संरचनाओं की मामला-दर-मामला समीक्षा करके तेजी से उचित कदम उठाएं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 14 मार्च, 2022 को एक आदेश में कहा था कि संबंधित सरकार सार्वजनिक भूमि पर मौजूद सभी अनधिकृत निर्माणों को हटाने के लिए ‘कर्तव्यबद्ध थी।

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महाधिवेशन को रोकने ईडी ने छापा मारा लेकिन कांग्रेस ने डटकर मुकाबला किया, ऐसे लडऩा सीखना चाहिए:खरगे

रायपुर,25 फरवरी (एजेंसी)। कांग्रेस के 85वें राष्ट्रीय महाधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भाजपा सरकार पर प्रहार किया. खरगे ने कहा कि आज सेंट्रल एजेंसी की मदद से चुनी हुई सरकारों को गिराया जा रहा है.

यहां तक कि कांग्रेस महाधिवेशन को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन छत्तीसगढ़ के चीफ मिनिस्टर और कांग्रेस नेताओं ने डटकर मुकाबला किया. ऐसे लडऩा और मुकाबला करना सीखना होगा, रोने से काम नहीं चलेगा. खरगे ने अडानी-अंबानी का नाम लिए बिना भी केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला।

देश में सबसे पहले हमारे कांग्रेस पार्टी के जितने भी पीसीसी डेलीगेट्स हैं, सबका धन्यवाद क्योंकि चुना और देश का नेतृत्व करने का मौका दिया. कांग्रेस जनों का विश्वास मेरे जीवनभर की कमाई है.

मैं अपने आखरी सांस तक कांग्रेस के मूल्यों की रक्षा करुंगा. हर बलिदान देकर हर चुनौती का सामना करेंगे. आप में से काफी साथी मेरे जीवन की राह से परिचित हैं. यह कांग्रेस में संभव है कि एक साधारण व्यक्ति जो कभी ब्लॉक कांग्रेस का अध्यक्ष हो, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष निर्वाचित हो गया।

मैं आज बेहद भावुक भी हूं, क्योंकि मैं और आप गौरवशाली विरासत की नुमाइंदगी कर रहे हैं, जिसे महात्मा गांधी, नेहरू जी, सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरोजनी नायडु, इंदिरा और राजीव जी ने अपने त्याग बलिदान और समर्पण से सींचा है. उनके दिखाए मार्ग पर लगातार हम आगे बढ़ाते रहेंगे।

मैं आज राहुल गांधी को धन्यवाद दूंगा यह प्रेम सिर्फ कांग्रेस जनों के लिए नहीं देश के करोड़ों भारत वासियों से उम्मीद है. देश में चारों ओर फैले नफरत के बीच टूटती उम्मीदों के बीच जब ऐसा लग रहा था कि अंधेरे की ताकत सच पर हावी न हो तब राहुल गांधी ने रौशनी की उम्मीदकी और संघर्ष की मशाल जला दी.

भारत जोड़ो यात्रा देश की उम्मीदों की सूरज का नाम है. जिसकी रौशनी कन्याकुमारी से कश्मीर तक फैल गई. हमने एक बार फिर साबित कर दिखाया कि भारत की आत्मा में कांग्रेस है.

भारत की पीड़ा कांग्रेस जानती है. देश वासियों की तकलीफें कांग्रेस जानती है. हमारा दिल तड़पता है. राहुल गांधी 3700 से ज्यादा किलोमीटर चलकर राहुल जी अपने कांग्रेस जनों के लिए दिखा दिया कि बलिदान की परिपाटी का जज्बा हमारे लहू के हर कतरे में मिलेगा. इसलिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं. इसी ढंग से मार्गदर्शन करते रहें.

आप सबको मैं याद दिलाना चाहता हूं कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आज से करीब 100 साल पहले 1924 में मेरे गृह राज्य कर्नाटक में बेलगाम राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे.

गांधी जी ने गांव देहात से लेकर किसानों मजदूरों को कांग्रेस के झंडे के नीचे खड़ा किया. बेलगाम में कांग्रेस संविधान में बड़ा बदलाव शामिल हुआ. गांधीजी ने मजबूरों और वंचितों से जोड़ा. यहीं से कांग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में जनता के सामने आई और पूरा देश कांग्रेस के साथ खड़ा हुआ.

बेलगाम में ही पहली बार कांग्रेस ने छुआछूत और जातीय भेदभाव के खिलाफ संघर्ष को अपने एजेंडे में अधिकारिक रूप से शामिल किया. एक ही बार कांग्रेस प्रेसीडेंट बने और वहां छुआछूत का एक रिजॉल्यूशन पारित कर सारे देश में प्रचार करने का काम किया. 75 वर्ष में आज देश सबसे कठिन चुनौतियों से गुजर रहा है.

सत्ता में बैठे लोगों ने देश की जनता के अधिकारों और भारत के मूल्यों पर हमला बोल रखा है. इसलिए आज एक नए आंदोलन के शुरुआज की जरूरत है. हर देशवासी को आगे बढ़कर संकल्प लेकर यह कहना होगा सेवा संघर्ष और बलिदान सबसे पहले हिंदुस्तान, यह हमारा नारा होगा और देश को आज सेवा संघर्ष और बलिदान की जरूरत है, क्योंकि भारत सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है.

आज भाजपा संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा को तोड़ रही है. युवाओं के भविष्य को अंधेरे में झोंका जा रहा है. महंगाई से बजट बिगड़ गया है. जीएसटी नोटबंदी से छोटे कारोबार को बर्बाद कर दिया है. फसल कीमत न देकर किसानों की आमदनी को खत्म कर दिया है.

नफरत के माहौल में देश का सामाजिक माहौल बिगाड़ दिया है. सेंट्रल एजेंसी की मदद से चुनी हुई सरकारों को गिराया जा रहा है. महाधिवेशन को रोकने के लिए छापा मारा, हमारे लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन हमारे चीफ मिनिस्टर और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डटकर मुकाबला किया. ऐसे लडऩा और मुकाबला सीखना चाहिए.

दिल्ली में बैठी सरकार का डीएनए गरीब विरोधी इस साल दिल्ली में बैठी सरकार ने फूड सिक्योरिटी का 90 हजार करोड़ काट दिया, जो सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने गरीबों का पेट भरने के लिए जो कानून बनाया, उसमें 90 हजार करोड़ की कटौती की है. आप सोचिए कि किस प्रकार यह सरकार चल रही है. मैं कई बार सोचता हूं कि भाजपा की यह सरकार कितनों के गरीबों के मुंह से निकाला छीन लेगी.

मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि दिल्ली की सरकार में बैठे गरीबों का डीएनए ही गरीब विरोधी है, इसलिए ही वे लोग ऐसा काम कर रहे हैं. एक ओर गरीबों पर हमला और दूसरी ओर चीन के अवैध कब्जे के खिलाफ घुटने टेकी हुई दिल्ली. हमारे राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन भारत की सुरक्षा के लिए एक हैं. वे कहते हैं कि कांग्रेस सेनाओं के खिलाफ है.

हमने देश के लिए सविधान बनाया, उसकी सुरक्षा की और लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं और आप लोकतंत्र को खत्म करने की बात कर रहे हैं. चाइना घुस गया और पीएम बोलते हैं कि कुछ नहीं हुआ. विदेश मंत्री कह रहे कि मेरे पिताजी को प्रमोशन नहीं दिया. सरकार ये बातें नहीं कर सकती.

आप सरकार में हैं. लेकिन वे लोग हर चीज को नया रंग देते हैं. चीन ने अप्रैल 2020 से आज तक हमारी जमीन पर जबरन कब्जा किया. मेरा सवाल है कि प्रधानमंत्री ने चीन को क्लीनचिट क्यों दिया? उनके विदेश मंत्री कहते हैं हम चीन से लड़ नहीं सकते, क्योंकि वे हमसे बड़ी अर्थ व्यवस्था हैं. यह तो आपकी नाकामयाबी है.

एक तरफ कहते हैं कोई घुसा नहीं, हम घुसने नहीं देंगे. वह तो घुसकर पुल बना रहा, रोड बना रहा. दूसरे तरफ छप्पन इंच का सीना तभी माना जाएगा जब आप चीन से हमारा जमीन छुड़वाकर 2020 से पहले ही स्थिति कायम करेंगे, तभी मानेंगे कि 56 इंच का सीना है. 2023 में 2024 में हमारा एजेंडा साफ है. हम देश के मुद्दों पर संघर्ष करेंगे और कुर्बानी देंगे. सबल और सक्षम राज्य बनाएंगे. यूपीए गठबंधन में समान विचारधारा के कई दल हमारे साथ आए थे.

डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व और सोनिया गांधी के सहकार से 10 साल मजबूत सरकार चली. वे तमाम दल जो बीजेपी आरएसएस के खिलाफ लडऩे के लिए तैयार हैं, हम उन्हें साथ लेने के लिए तैयार हैं. यह सच्चाई है कि हमारी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र के तहत झूठे आरोप लगाए गए थे. एक बेहद ईमानदार प्रधानमंत्री को बदनाम किया.

अब सच जनता के सामने आ चुका है. लोगों को मालूम है कि क्या सच्चाई है. हमारा लक्ष्य है कि रोजगार पैदा करें. महंगाई पर लगाम लगाई जाए. गैस सिलेंडर पेट्रोल डीजल आटा चावल उचित कीमत में दिलाकर हम रहेंगे.

हमारा लक्ष्य गरीब और अमीर के बीच जो खाई का काम चल रहा है, मजदूर के पास काम नहीं, गरीबों का सम्मान हो, सामाजिक न्याय सरकार का धर्म हो और रोटी रोजी का मौका सबको मिल पाए. देश के अन्नदाता किसान को फसल की उचित कीमत मिले और अन्नदाता को भूखे पेट न सोना पड़े. हमारा लक्ष्य देश से नफरत का माहौल खत्म करना है.

गरीब आदिवासी अल्पसंख्यक सिर उठाकर जिंदगी जीएं और उन्हें बराबरी का मौका मिले. देश के संवैधानिक संस्थाओं में बैठे लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित हो.

बगैर रोकटोक के अपना कर्तव्य निभाए. देश की सरकारें जनता की वोट से चुनी और बदली जाएं न कि नोटों की बोरियों या ईडी, आईटी सीबीआई की धमकी से न बदली जाए. मैं कहता हूं देश के लिए एक साथ देश के लिए हरेक हाथ हाथ से हाथ जोड़ों आओ भारत जोड़ो।

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अंडरवल्र्ड का कब्जा में चिन्नी प्रकाश के साथ काम कर खुश हैं श्रिया सरन

25.02.2023  (एजेंसी)  –  एक्ट्रेस श्रिया सरन अपनी अपकमिंग फिल्म अंडरवल्र्ड का कब्जा की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वह एक्साइटेड और नर्वस दोनों हैं, जब उन्हें पता चला कि वह नमामि नमामि के लिए अनुभवी कोरियोग्राफर चिन्नी प्रकाश के साथ काम करेंगी।

इस बारे में विस्तार से बताते हुए एक्ट्रेस ने कहा, चिन्नी प्रकाश सर एक लेजेंड हैं।

माधुरी दीक्षित से लेकर सलमान खान तक सभी के पास वह सिग्नेचर मूव है जिसे उन्होंने कोरियोग्राफ किया है। जब मैंने सुना कि चिन्नी सर मुझे नमामि नमामि के लिए कोरियोग्राफ करेंगे, तो मैं बहुत एक्साइटेड और नर्वस थी।

लेकिन मैं वास्तव में खुश हूं कि दर्शकों ने गाने में मेरे प्रदर्शन को पसंद किया। ऐसा लगा जैसे मैंने अपने गुरु को गौरवान्वित कर दिया है।

चूंकि एक्ट्रेस एक प्रशिक्षित डांसर है, इसलिए गाने के लिए शूट और रिहर्सल आसान थी: मैं एक ट्रेंड कथक डांसर हूं और 2 घंटे के प्रैक्टिस और 3 दिनों की शूटिंग के बाद हमने गाने पर काम किया और मैंने वास्तव में चिन्नी सर की कोरियोग्राफी का आनंद लिया।

आनंद पंडित मोशन पिक्चर्स द्वारा श्री सिद्धेश्वरा एंटरप्राइज और अलंकार पांडियन के सहयोग से निर्मित अंडरवल्र्ड का कब्जा का निर्देशन आर. चंद्रू ने किया है।

फिल्म अंडरवल्र्ड का कब्जा, जिसमें उपेंद्र, श्रिया सरन और किच्चा सुदीप भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं, 17 मार्च, 2023 को पूरे भारत में रिलीज होगी।

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शॉर्ट ड्रेस और खुले बाल, मोनालिसा ने क्यूट अदाओं से लूट ली महफिल

25.02.2023 (एजेंसी)  –  भोजपुरी क्वीन मोनालिसा हमेशा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर नए-नए फोटोशूट की तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। हाल ही में उनकी लेटेस्ट तस्वीरों में क्यूटनेस भरा अंदाज देख कर फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

इन तस्वीरों में मोनालिसा प्यारी सी डॉल से कम नहीं लग रही हैं। टीवी एक्ट्रेस मोनालिसा ने हाल ही में अपनी दिलकश और क्यूट तस्वीरों से इंटरनेट पर गरदा उड़ा दिया है। इन तस्वीरों में एक्ट्रेस का लुक देख कर फैंस एक बार फिर से उनके हुस्र के कायल हो गए हैं। हाल ही में हुए फोटोशूट के दौरान मोनालिसा ने शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई है, जिसमें वो बेहद प्यारी लग रही हैं।

बता दें कि एक्ट्रेस अपनी बोल्डनेस से बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हसीनाओं को टक्कर देती हैं। मोनालिसा पर बिकिनी से लेकर सिंपल आउटफिट तक काफी सूट करता है। हालांकि फैंस भी उनकी तारीफ करते नहीं थकते हैं।

एक्ट्रेस की इन तस्वीरों पर भी फैंस लाइक्स और कॉमेंट्स के जरिए दिलखोलकर अपना प्यार लूटा रहे हैं। उनकी इन तस्वीरों को देख कर यूजर्स उनका कंपेयर बार्बी डॉल से कर रहे हैं और साथ ही क्यूट भी बोल रहे हैं।

इन तस्वीरों में मोनालिसा बेहद ही गॉर्जियस लग रही हैं और प्यारी सी स्माइल देते हुए अलग-अलग पोज में फोटोज क्लिक करवा रही हैं।

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फूड पॉइजनिंग से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं ये 5 घरेलू नुस्खे

25.02.2023   (एजेंसी)  – लोग जहां भी जाते हैं नए भोजन विकल्पों को आजमाना पसंद करते हैं, लेकिन उनसे फूड पॉइजनिंग का खतरा अधिक रहता है। फूड पाइजनिंग स्टैफिलोकोकस नामक बैक्टीरिया, वायरस या अन्य जीवाणु के कारण हो सकता है। इससे पेट दर्द, उलटी और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

आइए आज हम आपको 5 ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं, जो फूड पॉइजनिंग की समस्या को दूर करने में प्रभावी हो सकते हैं। सेब का सिरका है उपयोगीसेब के सिरके में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ बहुत प्रभावी हैं। लाभ के लिए 1-2 बड़ी चम्मच कच्चे और अनफिल्टर्ड सेब के सिरके को एक गिलास गर्म पानी डालकर अच्छे से मिलाएं। समस्या ठीक होने तक इस पेय का रोजाना 2-3 बार सेवन करें। हालांकि, अगर आपको सेब का सिरका सूट नहीं करता है तो आप इस उपाय को न आजमाएं।

अदरक और शहद भी हैं प्रभावीअदरक और शहद का मिश्रण भी फूड पॉइजनिंग का प्राकृतिक रूप से इलाज करने में मदद कर सकता है। लाभ के लिए एक कप पानी में 1-2 इंच कटी हुई अदरक डालें और इसे सॉस पैन में उबालें। 5 मिनट के बाद मिश्रण को छाने और इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर सेवन करें। आप चाहें तो अदरक के रस की कुछ बूंदों को शहद में मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं।

शहद और तुलसी का मिश्रण है सहायकतुलसी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुणों खाद्य जनित रोगजनकों को मारने के लिए जाने जाते हैं। यह आपके पेट को स्वस्थ रखने के साथ फूड पॉइजनिंग से जुड़े लक्षणों को भी कम कर सकता है। लाभ के लिए तुलसी के कुछ पत्तों को पीसकर उसका रस निकालें और फिर एक चम्मच तुलसी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर तुरंत सेवन करें।

वैकल्पिक रूप से आप एक कप पानी में तुलसी के तेल की एक बूंद डालकर भी पी सकते हैं।

आंवले के जूस का करें सेवनआंवले के जूस का सेवन फूड पॉइजनिंग के दौरान होने वाले लक्षण जैसे जी मचलाना और उल्टी आना आदि की समस्या से राहत दिला सकता है। इतना ही नहीं इसमें प्रचुर मात्रा में सम्मिलित विटामिन- सी जैसे गुण पेट की समस्याओं को भी दूर करने का काम करते हैं। लाभ के लिए थोड़े-से आंवले के जूस को एक कप पानी में डालकर अच्छे से मिलाएं और उसके बाद इसका सेवन करें।

केले का सेवन भी हो सकता है लाभकारीकेला शरीर में खोए हुए पोटेशियम की भरपाई करके फूड पॉइजनिंग के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। लाभ के ले रोजाना एक केला खाएं। आप चाहें तो केले के पेस्ट को दूध में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। ऐसा आप दिन में 2 से 3 बार कर सकते हैं।

इसी तरह समस्या के पूरी तरह खत्म होने तक इस उपाय को दोहराते रहना चाहिए।

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पूरे शरीर का वर्कआउट कर सकती हैं ये 5 हुला हूप एक्सरसाइज

25.02.2023 (एजेंसी)  – अगर आप अपने वर्कआउट सेशन को मजेदार बनाना चाहते हैं तो इसके लिए हुला हूप एक्सरसाइज को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं। हुला हूप एक्सरसाइज फुल बॉडी वर्कआउट है, जो शरीर की शक्ति बढ़ाने, कैलोरी जलाने और तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों से निपटने में मदद कर सकती हैं। आइए आज हम आपको 5 हुला हूप एक्सरसाइज के बारे में बताते हैं, जिन्हें आप घर पर बहुत आसानी से कर सकते हैं।

हुला हूपिंग क्या है?काफी समय से हुला हूपिंग का इस्तेमाल फिटनेस के लिए हो रहा है, लेकिन विदेशों में इसका ज्यादा चलन है। वयस्कों के लिए हुला घेरा लगभग 45 इंच व्यास का होता है और इससे की जाने वाली एक्सरसाइज किकबॉक्सिंग या एरोबिक्स जितनी कैलोरी जलाती हैं। स्टैंडिंग ट्विस्टसबसे पहले अपने हुला हूप को दोनों हाथों से पकड़ें और पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा चौड़ा रखें। अब निचले शरीर को सीधा रखते हुए बाईं ओर मुड़ें और फिर दाईं ओर मुड़ें। ऐसा 5 सेकेंड तक लगातार करें।

यह एक्सरसाइज एब्स बनाने में काफी मदद कर सकती है। एब्स केवल शारीरिक ढांचे को आकर्षक बनाने का काम नहीं करते बल्कि मुख्य तौर पर इनसे शारीरिक ताकत भी मिलती है। रोलिंग रीच रोलिंग रीच पीठ और पैरों के लिए एक प्रभावी एक्सरसाइज है। इसे करने के लिए अपने सामने हुला हूप पकड़ें और आगे की ओर झुकते हुए पैरों को कंधे की चौड़ाई जितना खोलकर सीधे खड़े हो जाएं। अब पीठ को सीधा रखते हुए हुला हूप को दाईं ओर घुमाएं। इसे तब तक करें जब तक आप कमरे के एक छोर तक न पहुंच जाएं। इसके बाद हुला हूप को बाईं ओर घुमाएं और अपनी शुरुआती स्थिति में वापस आ जाएं।

ट्री प्रेसइस एक्सरसाइज में हुला हूप को डंबल की तरह इस्तेमाल करना होता है। ट्री प्रेस के लिए हुला हूप को अपने सिर के पीछे पकड़ें। अब दाएं पैर को उठाकर इसके तलवे को बाएं पैर के अंदरूनी हिस्से पर रखें। इसके बाद हाथों को कोहनियों को मोड़ते हुए हुला हूप को अपने पीछे से नीचे करें और फिर इसे शुरुआती स्थिति में वापस लाएं। पैर बदलने से पहले ऐसा 10 बार करें।

हुला हूप वी-सिट इसके लिए सबसे पहले एक्सरसाइज मैट पर बैठें और हुला हूप पकड़ें। अब पैरों को हूप के दूसरे सिरे पर रखें और पीछे की ओर झुकें। इस दौरानअपनी पीठ को सीधा रखकर दोनों पैरों को इस तरह ऊपर उठाएं कि वे 60 डिग्री पर हों। इसके बाद हाथों को आगे की ओर फैलाकर रखें, फिर हाथों और पैरों को ऊपर उठाकर उन्हें तब तक नीचे करें जब तक कि आपके पैर न थक जाएं। इसे कुछ मिनट ऐसे ही दोहराएं।

हुला हूप रशियन ट्विस्ट सबसे पहले एक्सरसाइज मैट पर बैठ जाएं और दोनों हाथों से हुला हूप को पकड़ लें। अब दोनों घुटनों को थोड़ा सा मोड़ें और दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। इसके बाद थोड़ा पीछे की ओर झुकें और हुला हूप के साथ दाईं ओर मुड़कर एक क्षण के लिए रुकते हुए अपनी बाईं ओर मुड़ें। एक सेट पूरा करने के लिए इसे 25 बार दोहराएं।

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