Category Archives: life style

स्ट्रॉ का उपयोग से सेहत को होते हैं भयंकर नुकसान

14.07.2022 – क्या आप भी होटल एवं पार्टियों में स्ट्रॉ की सहायता से पानी एवं जूस का सेवन करना पसंद करते हैं। तो यह आदत आपकी जानलेवा हो सकती है। क्योंकि स्ट्रॉ की सहायता से सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करने से आपको सेहत से जुड़े कई नुकसान हो सकते हैं। आज हम आपको इस आर्टिकल में स्ट्रॉ का उपयोग करने से होने वाले सेहत पर नुकसान के बारे में बताएंगे।मोटापा बढ़ाएं जब आप स्ट्रॉ की सहायता से जूस या कोल्डड्रिंक पीते हैं तो आप सामान्य से अधिक पी लेते हैं।

वही हाई कैलोरी वाले सॉफ्ट ड्रिंक के छोटे घुंट पीने से आपका अधिक वजन बढ़ाने का मुख्य कारण बनते हैं। जिससे आपको भूख अधिक लगती है और आपके शरीर को नुकसान होता है। जिससे वजन बढ़ता है। हानिकारक केमिकल्स जाते हैं शरीर के अंदर प्लास्टिक के स्ट्रॉ से बने होते हैं। और जब आप इस स्ट्रॉ से ड्रिंक करते हैं तो यह आपकी बॉडी में सीधे जाकर आपके शरीर के हार्मोन के लेवल को प्रभावित करते हैं। साथ ही ये हानिकारक केमिकल्स बीमारियों को बढ़ावा देते हैं।

दांतो को होता है नुकसान अधिकतर आपने सुना होगा कि जंक फूड खाने से दांतों में सडऩ, कैविटी एवं अन्य ओरल स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। लेकिन स्ट्रॉ की सहायता से भी दांतों में समस्याएं हो सकती हैं। स्ट्रॉ का उपयोग करके यदि आप कुछ पीते हैं तो यह सीधे आपके दांतों और इनेमल को छूते हैं। यह आपके दांतों को नुकसान पहुंचाता है।

दिखने लगती है झुर्रियां जब आप स्ट्रॉ की सहायता से ड्रिंक को पीते हैं तो मुंह में चूसने के लिए अपने होठों से एक पाउट बनाते हैं। इस एक्टिविटी को दोहराने से आपके होठों के आसपास फाइन लाइंस और झुर्रियां हो सकती हैं।

साथ ही आंखों के आसपास भी झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं। यानी कम उम्र में ही आपके फेस पर झुर्रियां नजर आने लगेंगी। (एजेंसी)

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आयुर्वेद के इन नुस्खों से दूर होगी खांसी, आजमाते ही मिलेगा आराम

13.07.2022 – आयुर्वेद के इन नुस्खों से दूर होगी खांसी. मौसम के बदलाव के साथ ही शरीर में कई तरह की परेशानियां उठने लगती हैं। मानसून के दिन आते ही जहां खांसी-जुकाम की समस्या तो दो-चार दिन में दूर हो जाती हैं लेकिन खांसी की समस्या लम्बे समय तक परेशान करती हैं। हाई पॉल्यूशन लेवल, धूल और जहरीले धुएं के कारण भी खांसी की तकलीफ होती हैं। इसके कारण दिन को तकलीफ होने के साथ ही रात की नींद भी खराब हो जाती हैं। कई बार दवाइयों का सेवन करने पर भी खांसी दूर नहीं हो पाती हैं।

ऐसे में आपकी मदद कर सकता हैं आयुर्वेद जिसमें कई ऐसे नुस्खें बताए गए हैं जो खांसी से आराम दिलाने का काम करते हैं। आज इस कड़ी में हम आपको आयुर्वेद के उन उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें अपना कर आप जल्द ही सूखी खांसी से निजात पा सकते है। आइये जानते हैं इन उपायों के बारे में…नमक के पानी से गरारे यह एक गले में खराश से निपटने का सबसे आम तरीका है। यह सुरक्षित और तत्काल राहत प्रदान करता है और गले में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने में भी प्रभावी है। इसे तैयार करने के लिए, एक कप गर्म पानी लें और उसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं।

अच्छी तरह से मिलाएं और गरारे करें।पिप्पलीपिप्पली में वायुनाशक, दर्द निवारक और कफ को साफ करने वाले गुण पाए जाते हैं। वात प्रकृति वाले लोगों के लिए पिप्पली का इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है। खांसी के साथ-साथ ब्रॉन्काइटिस, गठिया, अस्थमा और साइटिका के आयुर्वेदिक इलाज में भी इसका प्रयोग किया जाता है। यह आयुर्वेदिक हर्ब शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में उपयोगी है।शहद शहद के एंटी-बैक्टीरियल गुण खांसी से जल्द राहत दिलाते हैं। सिर्फ शहद चाटने से खांसी को दूर किया जा सकता है।

रात को सोने से पहले 1 चम्मच शहद पिएं। वहीं शहद के उपयोग का एक तरीका यह भी है कि आधा चम्मच शहद में थोड़ी इलायची और नींबू का जूस डालकर दिन में 3 बार लें।हल्दी पाउडरहल्दी के अंदर एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी एवं एंटी ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं। आधी चम्मच हल्दी गर्म दूध में मिला लें। 15 दिनों तक दिन में दो बार पियें। यह खाँसी को कम करके बलगम को गले से निकल देता है। यह सर्वश्रेष्ठ उपायों में से एक उपाय है। इसके अलावा हल्दी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से सूखी खांसी का इलाज होता है। यह खांसी का देसी इलाज है, जो कि बहुत प्रभावी साबित होता है।काली मिर्चखाँसी का कोई भी उपचार काली मिर्च द्वारा किया जा सकता है। यह बलगम की झिल्ली को ढीला करता है तथा छाती के जमाव को कम करता है और खोलता है।

आप दो तीन साबुत काली मिर्च आधे घंटे तक धीरे धीरे चबाएं फिर उसके ऊपर एक चम्मच शहद खा लें, फिर धीरे-धीरे चबाई हुई इस काली मिर्च को निगल लें। इसके अलावा काली मिर्च और अजवाइन को थोड़ी मात्रा में लेकर आधा चम्मच नमक मिलाकर धीरे-धीरे चबाएं।अदरक का काढ़ाअदरक का इस्तेमाल सर्दी-खांसी के घरेलू उपाय के रूप में कई सदियों से किया जा रहा है। यह गले में खराश, उल्टी और दर्द को कम करने में भी घरों में इस्तेमाल की जाती है। दिन में दो बार आधी छोटी चम्मच अदरक के रस में उसी मात्रा में शहद मिलाकर लें।

या फिर एक छोटी चम्मच ताजा पिसा हुआ अदरक लें, एक बड़ा चम्मच मेथी दाना और 7 कालीमिर्च लें इन सबको दो कप पानी में तब तक उबालें जब तक यह केवल एक कप के बराबर ना रह जाए। इस काढ़े को दिन में तीन चार बार पीएं।मुलेठी रात को सूखी खांसी बेहद परेशान करती है तो मुलेठी, सौंफ और मिश्री का चूर्ण बनाकर खाएं। मुलेठी सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर बारीक पाउडर बना लें। इस चूर्ण को रोज रात सोने से पहले शुद्ध शहद के साथ खाएं आपको फायदा मिलेगा।प्याजप्याज के अंदर बेहतरीन जीवाणुरोधक, अज्वलनशील, तथा अनेक कीटाणुनाशक तत्व पाए जाते हैं। कटी हुई प्याज का रस पीने से बलगम ढीला हो जाता है, जिससे छाती की जकडऩ कम हो जाती है।

एक-दो छोटी चम्मच प्याज का रस ले, इसमें एक दो छोटी चम्मच शहद मिलाएँ। इस मिश्रण को 5 घंटे के लिए अलग रखें, फिर रोगी को इसमें से एक चम्मच रस दिन में दो तीन बार दें। या फिर एक-दो छोटी चम्मच प्याज का रस में एक-दो छोटी चम्मच नींबू का रस निचोड़े, थोड़ा पानी डालकर उबालें। जब ठंडा हो जाए 1-2 छोटी चम्मच शहद मिलाएँ।

इस कफ सिरप को 5 घंटे के लिए अलग रखें फिर दिन में दो तीन बार एक छोटीतुलसीतुलसी में दर्द निवारक, जीवाणुरोधक और रोगाणुरोधक गुण होते हैं। सभी तरह की खांसी के प्रकार में यह उपयोगी है। तुलसी से खांसी कैसे सही करें? इस सवाल का जवाब यह है कि तुलसी के पत्ते, अदरक और शहद से बनी चाय पिएं। तेज रिकवरी के लिए आप तुलसी के पत्तों को चबा भी सकते हैं। खांसी की वजह से गले में दर्द है, तो इसके लिए इसमें दालचीनी का पाउडर भी मिला सकते हैं।अदरक लहसुन की चायखाँसी और गले के दर्द के लिए बहुत फायदेमंद।

यह चाय न केवल गले के दर्द में आराम देगी बल्कि यह बलगम की झिल्ली को ढीला कर के छाती की जकडऩ भी कम करेगी। एक छोटा अदरक का टुकड़ा, 1-2 लहसुन की कलियाँ, कुछ बूंदे नींबू का रस उबलते पानी में डालें, 15 -20 मिनट इस पानी को उबालें।

इस को छानकर एक तरफ रखें, थोड़ा सा शहद मिलाकर रोगी को दें। नींबू का रस खाँसी को कम करने तथा साँस लेने में आसानी लाने में मदद करता है।

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प्याज के छिलके विटामिन व पोषक तत्वों का भंडार हैं

13.07.2022 – प्याज के छिलके विटामिन व पोषक तत्वों का भंडार हैं . अक्सर आप सब्जियों के तना और छिलकों को कचरा समझकर फेंक देते होंगे लेकिन ऐसा करना आपकी सबसे बड़ी भूल है। सब्जियों के सभी भाग में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व उपस्थित होते हैं। यहां तक कि प्याज के छिलकों में भी। प्याज के छिलकों में विटामिन ए, सी, ई और कई तरह एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। प्याज के छिलकों में मुख्य रूप से फ्लेवोनोइड, एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाएं जाते हैं।

ऐसे में हम आपको बता रहें हैं इसके इसे हेल्थ संबंधित फायदे और इस्तेमाल करने का तरीका जिसके बाद आप दुबारा फेंकने की भूल नहीं करेंगे।मांसपेशियों के दर्द में फायदेमंदप्याज के छिलको में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण मसल क्रैंप्स या मांसपेशियों में दर्द को कम करने का काम करता है। ऐसे में आप प्याज के छिलके को 10-20 मिनट के लिए पानी में उबालें। फिर इसे छान लें और सोने से पहले इसे चाय की तरह पिएं।त्वचा में खुजली से राहतप्याज में छिलकों में एंटी-फंगल गुण होते हैं।

जो उन्हें एथलीट फुट समेत त्वचा की समस्याओं जैसे-खुजली से राहत दिलाने में प्रभावी काम करते हैं। राहत के लिए अपनी त्वचा पर छिलकों को पानी में उबाल कर लगा सकते हैं।सूजन और कैंसर से बचावएक शोध में सामने आया है कि प्याज के छिलकों में प्रचूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड्स, क्वेरसेटिन और फीनोलिक शरीर में सूजन, कैंसर जैसी समस्याओं से बचाव में काफी कारगर साबित होते हैं।

गले की समस्याओं में राहतप्याज के छिलकों को पानी में डालकर गरारा किया जाए या फिर चाय में उबालकर पिया जाए तो इससे गले की खराश व अन्य समस्याओं से राहत मिलती है। सर्दी-जुकाम में गले में दर्द रहता है। प्याज के छिलकों को पानी के साथ उबालकर उससे गरारा करने से तुरंत फायदा मिलता है।अनिद्रा की समस्या में फायदेमंदप्याज के छिलके अनिद्रा में प्राकृतिक प्रेरक का काम करती है। यदि आपको नींद नहीं आती है या बार-बार टूट जाती है तो इनके छिलकों से तैयार चाय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।हार्ट की समस्याप्याज के छिलकों को पानी में डालें और उसे अच्छी तरह से उबाल ले इसके बाद इसको छानकर गर्म-गर्मी पिएं।

ऐसा करने से आपकी हार्ट की समस्या दूर होती है।आंखों की रोशनी बढ़ाने में उपयोगीप्याज के छिलकों में भरपूर मात्रा में विटामिन सी व ए पाया जाता है। और यह दोनो ही विटामिन आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं। आंखों को हेल्दी रखने के लिए आप इससे तैयार चाय का सेवन कर सकत हैं।त्वचा के लिए दमकती त्वचा पाने के लिए प्याज के छिलकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए प्याज के रस को हल्दी में मिक्स करें और चेहरे पर लगाएं। ऐसा करने से चेहरे के दाग-धब्बों दूर होते हैं। प्याज के छिलकों का रस डेड स्किन को बाहर निकलाने में मददगार माना जाता है। इससे न सिर्फ स्कीन साफ होगी बल्कि त्वचा भी चमकदार बनेगा।

कैसे बनाएं प्याज के छिलकों की चाय?सामग्री3 से 4 मीडियम आकार के प्याज के छिलके2 कप पानी1 चम्मच शहदकैसे करें तैयार

– प्याज के छिलकों से चाय बनाने के लिए छिलकों को पानी में अच्छी तरह से साफ कर लें।

– अब पानी में इसे उबाल लें। – इसे तब तक आंच पर चढ़ा रहने दें जब तक पानी का रंग न बदलने लगे।

– फिर इसे कप में छानकर स्वादानुसार शहद मिलाकर पी जाएं। (एजेंसी)

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अपनी चाय को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए मिलाएं कुछ जड़ी बूटियां, मानसून का लें मजा

09.07.2022 – मानसून ने गर्म-गर्म चाय का मजा लेना और बालकनी में खड़े होकर बारिश को देखना, ऐसी इच्छा सभी की होती है. लेकिन अगर सर्दी, जुकाम, खांसी आदि से बचाना चाहते हैं तो आप अपनी चाय में कुछ ऐसी जड़ी बूटियां को मिला सकते हैं, जिनके सेवन से आप मानसून में होने वाली सभी समस्याओं से बच सकते हैं. आज का हमारा लेख उन्हीं जड़ी बूटियों पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आप अपनी चाय में किन जड़ी बूटियों को मिला सकते हैं.

हल्दी

जब बारिश शुरू होती है, तो हल्दी, जिसमें करक्यूमिन, डेस्मेथोक्सीकुरक्यूमिन और बिस-डेस्मेथोक्सीकुरक्यूमिन की ताकत होती है, हमारे शरीर के अंदरूनी हिस्से को मजबूत कर सकती है। जड़ी बूटी की जीवाणुरोधी विशेषताओं के कारण, यह मानसून के मौसम में होने वाले कई संक्रमणों का इलाज कर सकता है। हमारे वजन घटाने के कार्यक्रम के लिए हल्दी की चाय के अतिरिक्त फायदे हैं।

तुलसी

चिकित्सीय जड़ी बूटियों के क्षेत्र में तुलसी एक प्रसिद्ध रॉकस्टार है. एक कप तुलसी की मिश्रित चाय छाती की भीड़ को कम करेगी, हमारी नाक को खोल देगी और बीमारी को खत्म कर देगी. तुलसी में पाए जाने वाले विटामिन ए, डी, आयरन, फाइबर और अन्य घटक बैक्टीरिया को नष्ट करने और प्रतिरक्षा में सुधार करने में मदद करते हैं. इसके अतिरिक्त, तुलसी अच्छे मौखिक और दंत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक शानदार जड़ी बूटी है.

सतपर्णा

मॉनसून के कारण मच्छरों की आबादी में वृद्धि और मलेरिया का खतरा दोनों बढ़ गए हैं. इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में प्राचीन सतपर्ण का पेड़ एक शक्तिशाली हर्बल हथियार है. इस जड़ी बूटी, जिसे सफेद चीजवुड भी कहा जाता है, में शक्तिशाली मलेरिया-रोधी गुण होते हैं. इसके ज्वरनाशक प्रभाव बुखार को कम कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, यह मलेरिया के लिए शरीर के समग्र प्रतिरोध को मजबूत कर सकता है. अंतिम लेकिन कम से कम, यह त्वचा की कई समस्याओं के साथ-साथ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है.

अदरक

जबकि बारिश के दौरान सड़क पर खाना बेहद आकर्षक हो सकता है, पेट दर्द के एक भयानक मामले के साथ आता है. इस वजह से, हमारी चाय में अदरक मिलाना एक शानदार विचार है. अदरक एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो पाचन और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है, जो हमारे आंत को काम करने में मदद करती है. मोशन सिकनेस या मॉर्निंग सिकनेस के कारण होने वाली मतली को नियंत्रित करने के लिए भी यह एक बेहतरीन पेय है.

गुड़हल

चाय में शामिल करने के लिए गुड़हल एक महत्वपूर्ण घटक है, खासकर जब बारिश होती है, क्योंकि यह बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी और एंथोसायनिन से भरपूर होता है. जड़ी बूटी हमारी आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलन में रखती है, एक अवांछित बीमारी या संक्रमण के उद्भव को विफल करती है. (एजेंसी)

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मानसून के दौरान बढ़ते वजन को कम करने के लिए अपनाएं ये टिप्स

09.07.2022 – मानसून में वजन के बढऩे की संभावना अधिक हो जाती है। दरअसल, अधिकतर लोग बारिश होने पर गर्मागर्म समोसा और चाट-पकौड़ी खाना काफी पसंद करते हैं, लेकिन ये तैलीय खाद्य पदार्थ शरीर में फैट बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त, इस मौसम में कई लोग जिम जाने से भी बचते हैं, जिस वजह से शरीर की अतिरिक्त कैलोरी बर्न नहीं हो पाती और वजन बढऩे लगता है। आइए आज हम आपको मानसून के दौरान वजन घटाने के लिए पांच टिप्स देते हैं।

भूखे न रहें और डाइट में शामिल करें पोषक गुणों से भरपूर चीजें

वजन घटाने के चक्कर में भूखे रहना बिल्कुल भी अच्छा विचार नहीं है क्योंकि भूखे रहने के कारण काफी ज्यादा भूख लगती है और इससे आपकी दिनभर भूखे रहने की मेहनत बर्बाद हो जाती है। बेहतर होगा कि आप भूखे न रहें बल्कि अपनी डाइट में प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट, विटामिन, मिनरल्स और लो फैट वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इससे शरीर में कमजोरी भी नहीं आएगी और वजन भी घटेगा।

हाइड्रेशन का ध्यान रखें

अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन तेजी से घटे तो स्वास्थ्यवर्धक खान-पान के साथ-साथ पानी के महत्व को भी समझें। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए रोजाना कम से कम सात से आठ गिलास पानी पीने की जरूरत होती है। सही मात्रा में पानी पीना, विशेष रूप से गर्म पानी शरीर के फैट को कम करने में मदद कर सकता है। आप चाहें तो अपनी डाइट में डिटॉक्स वॉटर भी शामिल कर सकते हैं।

तैलीय खाद्य पदार्थों की जगह स्नैक्स में खाएं ये चीजें

मानसून के दौरान एक प्लेट गर्मागर्म पकौड़े, समोसे और जलेबी जैसे तैलीय खाद्य पदार्थों को खाने की इच्छा होना एक सामान्य बात है, लेकिन आपको इनके सेवन से बचने की कोशिश करनी पड़ेगी क्योंकि ये आपके वजन घटाने वाले प्लान को असफल कर सकते हैं। आप चाहें तो स्नैक्स के तौर पर इन चीजों की बजाय उबले स्वीटकॉर्न, मूंगफली चाट और स्प्राउट्स जैसे स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों का सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं।

एक्सरसाइज भी है बेहद जरूरी

वजन को घटाने के लिए जितना जरूरी डाइट पर ध्यान देना है, ठीक उतना ही महत्वपूर्ण एक्सरसाइज करना भी है। स्ट्रेचिंग, पुश-अप्स, कोर ट्रेनिंग, प्लैंक और स्क्वाट जैसी आसान एक्सरसाइज करने से मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ता है और कैलोरी तेजी से बर्न होती है, जिसके परिणामस्वरूप आपका वजन कम हो सकता है। इसके अलावा, आप चाहें तो जॉगिंग, स्वीमिंग, डांसिंग, रनिंग या फिर कोई आउटडोर गेम को भी अपने दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

रोजाना 7-8 घंटे की नींद पूरी करें

अगर आपके घर में एसी या कूलर जैसे उपकरण नहीं हैं तो आपके लिए मानसून के उमस भरे मौसम में 7-8 घंटे की नींद लेना मुश्किल हो सकता है, लेकिन आप रोजाना इतने घंटे की नींद जरूर पूरी करें। दरअसल, वजन घटाने के लिए मेटाबॉलिज्म के स्तर का तेज होना महत्वपूर्ण है, जिसके लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। इसके अतिरिक्त, खुद को तनाव से दूर रखने की भी हर संभव कोशिश करें। (एजेंसी)

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इम्युनिटी बूस्ट रसोई में रखें इन पदार्थों से करें

08.07.2022 – इम्युनिटी बूस्ट रसोई में रखें इन पदार्थों से करें. कोरोना वायरस महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। देश में रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए जहां वैक्सीन जरूरी है तो वहीं इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाना भी जरूरी है। कोरोना के कई वेरिएंट्स एंटी बॉडी को चकमा दे रहे हैं और यही वजह है कि वैक्सीन लगवाने लोग भी वायरस की चपेट में आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स अब भी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने की सलाह दे रहे हैं। हम आपको कुछ खाने-पीने से जुड़े टिप्स बता रहे हैं, जो आपकी सेहत को दुरुस्त रख सकते हैं।

लंच में शामिल करें हेल्दी चीजें

अगर आप लंच में सिर्फ रोटी-सब्जी खाते हैं, तो इस आदत में सुधार करें। इसके बजाय आपको अपने लंच हर चीज शामिल करनी चाहिए। उसमें दाल, सब्जी, रोटी, चावल, सलाद, रायता या दही शामिल करें, ताकि लंबे समय तक आपका पेट भरा रहे।

हेल्दी स्नैक्स भी जरूरी

सड़क किनारे ठेलों पर खाने की बजाय आपको हेल्दी स्नैक पर जोर देना चाहिए। बेहतर है आप घर पर ही इस तैयार करें। अगर आप ऑफिस जा रहे हैं, तो घर से बनाकर ही ले जाएं। कुल मिलाकर बात यह है कि आप खाली पेट न रहें और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का अधिक सेवन करें।

लंच में खूब खाएं, वजन बढऩे की न करें चिंता

अगर आप वजन बढऩे की चिंता की वजह से लंच में कम खाते हैं, तो अब ऐसा न करें। लंच में सभी चीजें शामिल करें जैसे कि चावल, रोटी, दाल, सब्जी और सलाद। पेट भरकर खाना खाएं और वजन बढऩे की चिंता न करें।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

आप घर पर हों या ऑफिस में, आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। अपने साथ हमेशा पानी की बोतल रखें। पानी के साथ-साथ आप अन्य तरल पदार्थों जैसे छाछ, रायता, नींबू पानी और लस्सी आदि का भी सेवन कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

खाने में सभी मौसमी सब्जियां होनी चाहिए। अगर बनाने का समय नहीं है, तो कुछ ऐसा बनाएं जो तैयार करने में आसान हो। उदाहरण के लिए आप दाल, चावल और सब्जी की जगह खिचड़ी बनाकर उसमें एक घी डाल सकते हैं। (एजेंसी)

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हल्दी मिला पानी सुबह के समय पीएं, होंगे गजब के फायदे

08.07.2022 -हल्दी मिला पानी सुबह के समय पीएं.  हल्दी का इस्तेमाल भारतीय करी में लोकप्रिय रूप से किया जाता है। इसमें करक्यूमिन नामक तत्व होता है। इसमें कई औषधीय गुण होते हैं। आप फिट रहने के लिए हल्दी के पानी का सेवन भी कर सकते हैं। ये आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है। दिन की शुरुआत हल्दी के पानी से करें। ये शरीर को अन्य तरह के लाभ भी प्रदान करता है। हल्दी का पानी कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से बचाने में भी मदद करता है। आयुर्वेद में हल्दी का इस्तेमाल सालों से लोकप्रिय से किया जाता रहा है। आइए जानें हल्दी के स्वास्थ्य लाभ।

हल्दी का पानी इम्युनिटी को बढ़ाता है

हल्दी में करक्यूमिन होता है। ये इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाने में मदद करता है। हल्दी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसलिए इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए भी आप नियमित रूप से हल्दी के पानी का सेवन कर सकते हैं।

वजन घटाने और पाचन में मदद करता है

हल्दी पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है। ये मेटाबॉलिज्म को तेज करती है। इस प्रकार हल्दी का पानी वजन घटाने में मदद करता है। आप वजन कम करने वाली डाइट में भी हल्दी का पानी शामिल कर सकते हैं।

कैंसर को रोकने में मदद करता है

हल्दी में करक्यूमिन होता है। करक्यूमिन में एंटी-ट्यूमर गुण होते हैं। ये ट्यूमर के विकास को सीमित करते हैं और कैंसर कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करते हैं।

त्वचा को हेल्दी बनाए रखता है

हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। साथ ही त्वचा में निखार लाने में मदद करते हैं और हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं। ये त्वचा के उम्र बढऩे की प्रक्रिया को भी धीरे करते हैं। ये आपकी त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद करते हैं। (एजेंसी)

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वजन को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकते हैं ये प्रोटीन शेक, जानिए रेसिपी

07.07.2022 – ये प्रोटीन शेक वजन को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. जैसे कई लोग मोटापे से ग्रस्त हैं। वैसे ही कई लोग ऐसे हैं, जो बहुत ज्यादा पतले होने की समस्या से परेशान हैं और मोटा होने के उपाय तलाश रहे हैं। खासकर, युवाओं के लिए यह एक चिंता का विषय है क्योंकि सामान्य से कम वजन होना भी स्वास्थ्य के लिए उतना ही बुरा होता है, जितना मोटापा। आइए आज हम आपको ऐसे प्रोटीन शेक की रेसिपी बताते हैं, जो तेजी से वजन बढ़ाने में काफी मदद कर सकते हैं।

चॉकलेट और पीनट बटर वाला प्रोटीन शेक

कोको पाउडर और पीनट बटर से बना प्रोटीन शेक कार्ब्स, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से युक्त होता है, इसलिए इसका सेवन आसानी से वजन बढ़ाने में मदद कर सकता है। प्रोटीन शेक बनाने के लिए सबसे पहले चॉकलेट प्रोटीन पाउडर, पीनट बटर, फ्रोजन केले, बादाम का दूध और बिना मीठे का कोको पाउडर ब्लेंड करें, फिर इस मिश्रण को एक गिलास में डालें और ठंडा-ठंडा परोसें।

रसभरी और चुकंदर का प्रोटीन शेक

यह प्रोटीन शेक स्वाद में मीठा और मिट्टी जैसा होता है और इसका सेवन वजन को बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है। इसका मुख्य कारण है कि यह आयरन और आवश्यक विटाम्सि समेत कई तरह के खनिज से भी भरपूर होता है। प्रोटीन शेक बनाने के लिए बादाम का दूध, तीन-चौथाई कप नारियल पानी, फ्रोजन रसभरी, अलसी और चुकंदर को एकसाथ ब्लेंड करें, फिर इस मिश्रण को गिलास में डालकर परोसें।

अनानास और खजूर का प्रोटीन शेक

अगर आप दुबलेपन से परेशान है तो अपनी डाइट में अनानास और खजूर का प्रोटीन शेक जरूरी शामिल करें क्योंकि यह भी वजन को तेजी से बढ़ाने में सहायता प्रदान कर सकता हैय़ प्रोटीन शेक बनाने के लिए ग्रीक योगर्ट, फ्रोजन अनानास, काजू, नारियल पानी, फ्रोजन आम और सूखे खजूर को एक साथ ब्लेंड कर दें, फिर इस मिश्रण को एक गिलास में डालें और उसके बाद चिया सीड्स गार्निश करें। इसके बाद इस प्रोटीन शेक का आनंद लें।

ब्लूबेरी, केला और क्विनोआ का प्रोटीन शेक

यह उच्च कैलोरी प्रोटीन शेक स्वादिष्ट होने के साथ ही एंटी-ऑक्सिडेंट, प्रोटीन, साबुत अनाज और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से युक्त होता है। वहीं, इसका सेवन आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करवा सकता है। इसे बनाने के लिए केला, क्विनोआ, दही, शहद, व्हीट जर्म, चिया सीड्स, बादाम का दूध और फ्रोजन ब्लूबेरी को एकसाथ ब्लेंड करें, फिर इस प्रोटीन शेक को गिलास में डालकर इसका सेवन करें। (एजेंसी)

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ये हेयर कंडीशनर हैक्स एक बार जरूर ट्राई करें,बेहद खूबसूरत लगेंगे बाल

07.07.2022 – कई लोग शैंपू के बाद किसी न किसी तरह के हेयर कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं ताकि उनके बाल सिल्की, हाइड्रेट और चमकदार बने रहें। हालांकि, अधिकतर लोग कंडीशनर का इस्तेमाल सही से नहीं करते हैं, जिस वजह से उन्हें इससे मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता। अगर आप चाहते हैं कि कंडीशनर के इस्तेमाल से आपके बालों को भरपूर फायदे मिले तो इससे जुड़े इन पांच हैक्स को एक बार जरूर अपनाकर देखें।

शैंपू से पहले बालों पर कंडीशनर लगाएं

सुनने में भले ही आपको अजीब लगे, लेकिन यह एक बेहतरीन हैक है। दरअसल, शैंपू बालों के प्राकृतिक तेल को प्रभावित करता है, जिससे बालों के रूखे और बेजान होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, कंडीशनर बालों के प्राकृतिक तेलों को छीने बिना अतिरिक्त तेल से छुटकारा दिलाता है। इसलिए अपने बालों पर शैंपू करने से पहले कंडीशनर का इस्तेमाल करें ताकि इसकी सुरक्षात्मक परत कठोर शैंपू के प्रभाव को रोके।

हल्के गीले बालों पर लगाएं कंडीशनर

अगर आप कंडीशनर के इस्तेमाल से भरपूर फायदे पाना चाहते हैं तो शैंपू करने के तुरंत बाद बालों पर कंडीशनर लगाने की गलती न करें क्योंकि इससे आपको कंडीशनर का कोई लाभ नहीं मिलेगा। बेहतर होगा कि शैंपू करने के बाद अपने बालों को माइक्रोफाइबर तौलिए से पोंछ लें, फिर हल्के गीले बालों पर कंडीशनर का इस्तेमाल करें और 8-10 मिनट के बाद सिर को पानी से धोएं।

कंडीशनर लगाने के बाद बालों पर कंघी फेंरे

धोने से पहले आपको अपने बालों पर कंडीशनर 5-10 मिनट के लिए लगाकर रखना चाहिए। बेहतर परिणाम के लिए आप लीव इन कंडीशनर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं और कंडीशनर को अपने बालों पर रातभर लगा रहने दें, फिर लगाने के बाद बालों में कंघी करना न भूलें। अंत में सिर को पानी से धो लें। दरअसल, शैंपू करने से बाल उलझ सकते हैं और कंडीशनर लगाकर कंघी करने से बाल आसानी से सुलझ जाते हैं।

होममेड कंडीशनर का इस्तेमाल करें

हर किसी के बालों का प्रकार अलग होता है और वे तब स्वस्थ और खूबसूरत बने रहते हैं, जब उनके मुताबिक उत्पादों का इस्तेमाल किया जाए। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने बालों की जरूरत के हिसाब से तरह-तरह की सामग्रियों का इस्तेमाल करके घर पर ही केमिकल-फ्री कंडीशनर बना सकते हैं। बता दें कि दही, अंडे की जर्दी, एलोवेरा जेल और नारियल का दूध जैसी सामग्रियां प्राकृतिक कंडीशनर के रूप में काम करती हैं।

हेयर कंडीशनर के विभिन्न इस्तेमाल

आप चाहें तो हेयर कंडीशनर का इस्तेमाल कई उत्पादों के विकल्प के तौर पर कर सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपकी हेयर रिमूवर क्रीम खत्म हो चुकी है और किसी कारणवश आप उसे खरीदने नहीं जा सकते हैं तो आप उसके विकल्प के तौर पर हेयर कंडीशनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, चमड़े के बैग, जैकेट या जूतों को चमकाने या इनसे कोई दाग हटाने के लिए भी आप हेयर कंडीशनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। (एजेंसी)

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चेहरे से मेकअप को ढंग से हटाने के लिए अपनाएं ये टिप्स

06.07.2022 – आपके लिए मेकअप करने का कारण भले ही कुछ भी हो, रात को सोने से पहले इसे हटाना बहुत ही महत्वपूर्ण स्किन केयर स्टेप है। दरअसल, अगर आप चेहरे से मेकअप हटाकर नहीं सोते हैं तो इस वजह से आपको रूखेपन, मुहांसे, झाइयां और झुर्रियों जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए आज हम आपको पांच ऐसी टिप्स बताते हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने चेहरे से मेकअप को अच्छे से हटा सकते हैं।

अपने चेहरे को दो बार साफ करेंयह एक कोरियन ब्यूटी टिप है, जिसमें मेकअप को प्रभावी ढंग से हटाने के लिए चेहरे को दो बार साफ करना होता है। इसके लिए सबसे पहले माईसैलर वॉटर या फिर नारियल के तेल या बादाम के तेल को चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मले, फिर कॉटन पैड को चेहरे पर फेरे। इसके बाद एक हल्के फोमिंग क्लींजर का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को साफ करें। इससे आपका चेहरा हाइड्रेट होगा। स्टीम की लें मददअपने चेहरे को दो बार साफ करने के बाद स्टीम लेना भी बेहतर है।

इससे आपके रोमछिद्र ढीले हो जाएंगे और उसमें से सभी जिद्दी मेकअप प्रोडक्ट्स और गंदगी आसानी से निकल जाएगी। स्टीम के लिए सबसे पहले एक बड़े कटोरे में गर्म पानी लें, उसके नजदीक अपना चेहरा लेकर आएं, फिर अपने सिर को एक तौलिए से ढक लें ताकि स्टीम चेहरे पर लगे। कम से कम 5’0 मिनट तक अपने चेहरे पर स्टीम करें।

मस्कारा हटाने के लिए इस्तेमाल करें स्पूली ब्रशअगर आपको पलकों से मस्कारा हटाने में दिक्कत हो तो उस समय अपने पुराने मस्कारा वैंड या स्पूली ब्रश का इस्तेमाल करें। इसके लिए सबसे पहले स्पूली ब्रश को अच्छी तरह से पानी से धोएं, फिर इससे अपनी पलकों से मस्कारा हटाने के लिए इसका इस्तेमाल करें। मस्कारा को ढंग से साफ करने के लिए अपनी पलकों को कुछ क्लींजिंग ऑयल लगाएं, फिर स्पूली ब्रश से मस्कारा को हटाएं।

इसके बाद अपने चेहरे को फोमिंग क्लींजर से साफ लें। हेयरलाइन और लिपस्टिक साफ करने का तरीकाहेयरलाइन साफ करने के लिए सबसे पहले अपने बालों की पोनीटेल बनाएं और एक हेडबैंड से आगे के बालों को पीछे करें। इसके बाद हेयरलाइन के आस-पास जमा हुए मेकअप को साफ करने के लिए एक कॉटन पैड को क्रीम बेस्ड मेकअप रिमूवर से भिगोएं, फिर उसे हल्के हाथों से हेयरलाइन पर फेरें। वहीं, लिपस्टिक साफ करने के लिए नारियल के तेल से भीगे कॉटन पैड को होंठो पर हल्के हाथों से फेरे।

काजल और आईलाइनर हटाने का तरीकाकॉटन पैड का इस्तेमाल करके वाटरप्रूफ आईलाइनर और काजल को हटाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अपनी आंखों से काजल और आईलाइनर को हटाने के लिए कॉटन बड या क्यू-टिप का इस्तेमाल करें और इसे किसी मेकअप रिमूवर में डुबोएं।

इसके बाद इससे अपनी आंखें साफ करके अपने चेहरे को धोएं। इसके बाद अपने चेहरे पर एक लाइट मॉइश्चराइजर लगाकर सो जाएं (एजेंसी)

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स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है काढ़ा, रोजाना करें इसका सेवन

06.07.2022 – काढ़ा एक पारंपरिक आयुर्वेदिक पेय है, जिसे कई ऐसी औषधीय सामग्रियों का इस्तेमाल करके बनाया जाता है, जो विभिन्न स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में सक्षम हैं। यही वजह है कि कोविड’9 महामारी के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय ने रोजाना इस कप काढ़ा पीने की सलाह दी। यह पेय रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने समते त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। आइए आज रोजाना काढ़ा पीने के फायदे जानते हैं।

घर पर काढ़ा कैसे बनाते हैं?सबसे पहले एक पैन में दो कप पानी गर्म करें, फिर उसमें अदरक, दालचीनी, लौंग, इलायची, गुड़, तुलसी के पत्ते और काली मिर्च की थोड़ी-थोड़ी मात्रा डालें, फिर 20 मिनट तक पानी को मध्यम आंच पर रखने के बाद मिश्रण को कप में डालकर पिएं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में है सहायकअगर आप रोजाना सिर्फ एक कप काढ़ा पीते हैं तो इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिल सकती है क्योंकि यह पेय कई तरह के एंटी-ऑक्सिडेंट और विटामिन्स से भरपूर होता है।

इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट हानिकारक बैक्टीरिया और मुक्त कणों से शरीर को बचाने में मददगार हैं और आंतरिक संक्रमण और बीमारियों के विकास के जोखिम को कम कर सकते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, काढ़े का सेवन कोविड’9 से लडऩे में प्रभावी है। पाचन के लिए है फायदेमंदअगर आप अकसर गैस, कब्ज और अपच जैसी पेट से जुड़ी बीमारियों से परेशान रहते हैं तो अपनी डाइट में काढ़े को जरूर शामिल करें। यह पेट की खराबी को शांत करने और पाचन को स्वस्थ रखने में काफी मदद कर सकता है। यह गर्म पेय पाचन क्रिया के ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने और मुक्त कणों से लड़ता है, जो अपच की समस्या पैदा कर सकते हैं।

वहीं, इसमें मौजूद फिनोल पेट और आंतों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। वजन घटाने में है मददगारविभिन्न आवश्यक जड़ी-बूटियों से बनाया जाने वाला काढ़ा आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है, जिससे आप अतिरिक्त कैलोरी का सेवन करने से बच जाते हैं और अपने बढ़ते वजन पर काबू पा सकते हैं। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करने में मदद करते हैं। अगर आप किसी वजन घटाने वाली डाइट पर हैं तो अपनी डाइटीशियन की सलाह लेकर रोजाना दिन में दो बार काढ़े का सेवन करें।

तनाव से राहत दिलाने में है कारगरहर किसी को किसी न किसी कारण तनाव होता है जिसके चलते व्यक्ति को समझ नहीं आता कि उसे क्या करना चाहिए। हालांकि, अगर आप चाहें तो रोजाना एक कप काढ़े का सेवन करके तनाव से राहत पा सकते हैं। दरअसल, काढ़े में एडाप्टोजेनिक गुण होता है, जो एक स्ट्रेस बस्टर के रूप में काम करता है और तनाव और चिंता के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है। त्वचा और बालों के लिए भी है स्वास्थ्यवर्धकहर रोज एक कप काढ़े का सेवन करने से बालों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

इस पेय में मौजूद प्राकृतिक तत्व हानिकारक विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद करते हैं और आपकी त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं। इसके अतिरिक्त, यह समय से पहले उभरते बढ़ती उम्र के प्रभाव को भी दूर कर सकता है। यह स्वास्थ्यवर्धक पेय बालों को भी मजबूत करने में मददगार है। (एजेंसी)

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आइब्रो में हो गए हैं दाने तो अपनाए ये घरेलू नुस्खे

05.07.2022 – भौहों (आइब्रो )में बालों के बीच होने वाले दानों से कई लोग परेशान रहते हैं। जी हाँ, दुनिया में कई लोग हैं जो भौहों में बालों के बीच होने वाले दानों को लेकर परेशान रहते हैं और कुछ कर नहीं पाते। कई बार ये दाने दर्द करते हैं और इनसे निजात पाना आसान नहीं होता। हालाँकि अगर आप भी अक्सर इस समस्या को झेलते हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए आप इन घरेलू नुस्खों को आजमा सकते हैं जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

हल्दी का लेप: अगर आप चाहे तो, आइब्रो में होने वाले दानों से राहत के लिए हल्दी का लेप लगा सकते हैं। जी दरअसलहल्दी के एंटीसेप्टिक गुण दानों को कुछ ही समय में कम कर देंगे और इनसे होने वाले दर्द से भी आपको राहत मिल सकती है।

बर्फ की सिकाई: अगर आपको आंखों के आसपास और आइब्रो में पिंपल या दाने के होने पर इसका तुरंत इलाज करना है तो ऐसी स्थिति में आपको आइब्रो पर बर्फ की सिकाई करनी है। इसके लिए एक कॉटन के कपड़े में बर्फ लें और इसे दाने पर कुछ मिनटों के लिए लगाए रखें।

खीरे का रस: आप खीरे के रस से आइब्रो में हुए दानों का इलाज कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें गुलाब जल मिलाकर आइब्रो पर लगाएं। इससे दाने तो कम होंगे ही, साथ ही ठंडक भी मिलेगा।दालचीनी पाउडर: मसाले के रूप में किचन में इस्तेमाल होने वाली दालचीनी को दानों के इलाज में भी बेस्ट माना जाता है। आप दालचीनी पाउडर में शहद मिलाकर इसे भौह में दाने पर लगाएं और रात भर के लिए छोड़ दें और कुछ समय में आप फर्क पाएंगे। (एजेंसी)

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भिंडी का सेवन करना सेहत के लिए है लाभकारी जानिए इसके बेमिसाल फायदे

05.07.2022 – भिंडी में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है अगर आप रोजाना 100 ग्राम भिंडी का सेवन करेंगे तो आपकी बॉडी के लिए आवश्यक विटामिन सी की मात्रा का 38 त्न इससे पूरा हो जाता है विटामिन सी कई बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रखने में सहायता करता है भिंडी से न केवल बॉडी को पोषक तत्व मिलते है बल्कि इसके सेवन से वजन भी कंट्रोल होता है यह एक ऐसी हरी सब्जी है जिससे कई बीमारियां भी दूर रहती है

यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में काफी सहायक है डायबिटीज के मरीजों के लिए भिंडी किसी वरदान से कम नहीं है वजन कम करने के लिए भिंडी वजन घटाने में काफी लाभकारी है इस सब्जी में फाइबर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है ऐसे में इसके सेवन से वेट कम करने में सहायता मिलती है यानि इस सब्जी से आपको बिल्कुल भी कैलोरी नहीं मिलेगी जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है कैंसर में भी मिलेगी सहायता कैंसर में भी भिंडी काफी लाभकारी होती है.

अगर आप इसे डाइट में शामिल करेंगे तो इससे आपकी आंतों में मौजूद विषैले तत्व दूर हो जाते है यानि यह सब्जी आंतों के लिए बहुत लाभकारी है डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी डायबिटीज के मरीजों के लिए भिंडी किसी वरदान से कम नहीं है अगर आप भिंडी को अपनी डाइट में शामिल करते है तो यह किसी वरदान से कम नहीं है.

गंभीर मरीजों को इसे खाने से पहले डॉक्टर से राय लेनी चाहिए भिंडी में फाइबर की प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसकी इस खासियत के कारण न केवल पेट देर तक भरा रहता है बल्कि पाचन भी दुरस्त बना रहता है इसके सेवन से फाइट इक_ा नहीं होता है तोड़े से व्यायाम की सहायता से फैट को तेजी से बर्न करने में सहायता मिलती है. (एजेंसी)

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संगीत सुनने से सेहत को मिलते हैं चौकाने वाले फायदे

03.07.2022 – संगीत सुनने से सेहत को मिलते हैं चौकाने वाले फायदे. वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी है और काम का वजन इतना अधिक बढ़ गया है कि मानसिक तनाव बढऩे लगा है। वहीं बीते समय से कोरोना के चलते मानसिक तनाव की समस्याएं भी काफी सामने आई है। इसी के साथ अगर आप भी तनाव महसूस कर रहे हैं तो इसके लिए म्यूजिक या संगीत सुनना काफी बेहतर विकल्प माना जा सकता हैं।

आज विश्व संगीत दिवस है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं क्या है संगीत सुनने के फायदे।संगीत सुनने से सेहत को होने वाले खास फायदे

— म्यूजिक की धुन हमारे मन और मस्तिष्क पर शांत प्रभाव पैदा करती है। जी हाँ और अगर आप मानसिक शांति चाहते है, तो म्यूजिक का सहारा लें।

– अगर आपका दिमाग खराब रहता है, चिड़चिड़ापन महसूस कर रहे है, तो नियमित रूप से भी आप म्यूजिक सुन सकते है।

– अगर आप अकेलापन महसूस करते हैं, तो संगीत को अपना साथी बना सकते है। मानसिक तनाव की सबसे अहम वजह अकेलापन होती है जब आपके पास ऐसा कोई नहीं जिनसे आप अपनी मन में चल रही परेशानियों को बता सकें, तो उस वक्त आप म्यूजिक का सहारा ले सकते हैं।

– संगीत की धुन कान में पडऩे से अच्छा महसूस करवाने वाले सेरोटोनिन और एंडोरफिन्स हार्मोन रिलीज होने लगते हैं।

– आज के समय में डिप्रेशन एक गंभीर समस्या है, और म्यूजिक इसके लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।

– म्यूजिक थैरेपी स्ट्रेस फ्री रहने में मदद करती है, और एन्जाइटी की समस्या से बचाने में सहायक है।

– म्यूजिक परेशानियों को हल करने में काफी बेहतरीन साबित होता है। (एजेंसी)

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बेड खरीदते से पहले इन बातों पर दें ध्यान, होगा सही चयन

03.07.2022 – एक बेड को चुनना उतना ही मुश्किल काम है, जितना कि चावल में से कंकड बिनना। यह सिर्फ एक मजाक था, लेकिन बेड एक महत्वपूर्ण चीज है क्योंकि यह न सिर्फ बेडरूम की शोभ बढ़ाता है बल्कि आपको आराम भी देता है। वैसे आजकल मार्केट में कई तरह के बेड है, लेकिन सही वही होगा, जो आपके बेडरूम के लिए सही होगा। आइए जानते हैं कि बेडरूम के हिसाब से किस तरह के बेड का चयन करना बेहतर है।

कमरे के साइज पर दें ध्यानआप चाहें किसी फर्नीचर मार्केट जाकर बेड खरीदने वाले हो या ऑनलाइन, इससे पहले अपने उस कमरे की जगह को अच्छे से माप लें, जहां आप बेड रखने वाले हैं। यह काम इंची टेप की मदद से आसानी से हो सकती है, लेकिन अगर आपके पास इंची टेप नहीं है और आपके कमरे में टाइल लगी हैं तो उनकी लंबाई और चौड़ाई के हिसाब से गिनती करके उस फर्श की जगह को मापें, जिस पर आपका बेड रखा जाएगा।

स्पेस होना है जरूरीअगर आपको अपने कमरे को अच्छा-खासा स्पेस वाला बनाना है तो अपने बेड को कोने में दीवार के पास रखें। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आपके कमरे या बाथरूम का दरवाजा बेड के करीब न हो क्योंकि इससे आपको उसे पूरी तरह से खोलने या बंद करने में दिक्कत आ सकती है। अगर आप अपने बेड के आस-पास स्पेस चाहते हैं तो इसे एक खिड़की के पास रखें।

किस साइज का बेड चुनें?अगर आप दो लोगों के हिसाब से बेड खरीदने वाले हैं तो आपके लिए क्यून साइज बेड खरीदना करना अच्छा है। हालांकि, अगर आप तीन या चार लोगों के हिसाब से बेड खरीदने वाले हैं तो इसके लिए किंग साइज का चयन करें। वैसे आजकल फर्नीचर मार्केट में कई तरह के साइज में बेड उपलब्ध है, जिन्हें आप अपनी पसंद और जरूरत अनुसार खरीद सकते हैं। गुणवत्ता का भी रखें

ध्यानविशेषज्ञों की मानें तो हमेशा बेड खरीदते समय सिर्फ इसकी सुंदरता पर ध्यान न दें बल्कि इसकी गुणवत्ता को भी महत्व दें। ऑनलाइन ग्राहक के तौर पर आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अगर अगले कुछ दिनों में ही बेड के साथ कोई समस्या आ जाए तो उसे ठीक करवाने के लिए आप क्या सकते हैं या फिर उसकी एक्सचेंज पॉलिसी क्या है आदि। वहीं, शिफ्टिंग चार्ज, डिलीवरी टाइम इन चीजों को भी जरूर देखें। (एजेंसी)

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सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में मदद करेंगे ये पांच घरेलू नुस्खे

02.07.2022 – सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में मदद करेंगे ये पांच घरेलू नुस्खे. बालों को अच्छी तरह से न धोना, हेयर स्टाइल प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करना, सिर में पसीना आने के बाद उसे न साफ करना आदि की वजह स्कैल्प के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं, जिस वजह से सिर में मुंहासे हो सकते हैं। यह एक कष्टदायक समस्या है क्योंकि इसके कारण दर्द और जलन जैसी समस्याएं होती हैं। आइए आज हम आपको पांच ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं, जिन्हें अपनाकर आप सिर के मुंहासों से जल्द राहत पा सकते हैं।

टमाटर के रस का करें इस्तेमालटमाटर का रस सिर के मुंहासों के उपचार के लिए एक बेहतरीन घरेलू नुस्खा है। सैलिसिलिक एसिड से भरपूर टमाटर आपके सिर के श्च॥ स्तर को संतुलित करके मुंहासों को धीरे-धीरे कम करने में मदद कर सकता है। लाभ के लिए एक कटोरी में टमाटर का रस निकालें, फिर उससे रूई के टुकड़े को भिगोकर सिर के मुंहासों पर हल्के हाथ लगाएं। एक घंटे के बाद अपने सिर को माइल्ड शैंपू और पानी से धोकर साफ करें।

लहसुन लगाएंलहसुन सैलिसिलिक एसिड, एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुणों से समृद्ध होता है, जो सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में काफी मदद कर सकते हैं। शायद इससे आपके सिर से लहसुन की महक आए, लेकिन यह इसे स्वस्थ और मुंहासों से मुक्त बना सकता है। राहत के लिए लहसुन की कुछ कलियों को पानी में उबाल लें, फिर इस पानी को ठंडा करके अपने स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट के बाद अपने सिर को माइल्ड शैंपू से साफ करें। सेब का सिरका आएगा कामसेब का सिरका एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भरपूर होता है, जो सिर में मुंहासें पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं।

इसके अतिरिक्त, यह सिर के पीएच स्तर को संतुलित करके इसे बहुत अधिक तैलीय या बहुत शुष्क होने से भी बचाता है। लाभ के लिए एक कटोरी में तीन चम्मच सेब का सिरका और पानी मिलाएं, फिर शैंपू करने के बाद इस मिश्रण को अपने सिर पर लगाएं। एक मिनट बाद फिर से अपना सिर धोएं। एलोवेरा करेगा मददएंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर एलोवेरा भी सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में काफी मदद कर सकता है।

यह मुहांसो के कारण होने वाली सिर में जलन और खुजली से भी जल्द राहत दिलाकर स्कैल्प को हाइड्रेट रखने समेत स्वस्थ बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। लाभ के लिए ताजा एलोवेरा जेल सीधे अपने स्कैल्प पर लगाएं और 15-30 मिनट के बाद अपने सिर को सिर्फ पानी से धो लें। टी ट्री ऑयल से भी दूर होंगे सिर के मुंहासेंएंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से समृद्ध टी ट्री ऑयल सिर के मुंहासों का इलाज काफी प्रभावी तरीके से कर सकता है। यह सिर के रोमछिद्रों को खोलकर मुंहासों को कम कर सकता है।

लाभ के लिए टी ट्री ऑयल की दो-तीन बूंदों को जोजोबा ऑयल में मिलाएं, फिर इसे अपने स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। एक घंटे बाद सिर को माइल्ड शैंपू से साफ करें। (एजेंसी)

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क्या आप जिम करने के साथ प्रोटीन लेते है तो यहां जान ले एक्सपर्ट्स की राय

02.07.2022 – कुछ लोगों को बॉडी बनाने का काफी शौक होता है वह इसके लिए प्रोटीन पाउडर समेत कई सप्लीमेंट्स यूज करते हैं जानकारों के अनुसार पाउडर प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल थोड़ा सोच समझ कर ही करना चाहिए इस मामले में लापरवाही बरतना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप जिम के साथ प्रोटीन डाइट ले रहे हैं तो कैसे अपना ध्यान रखें।

हेल्थ एंड फिटनेस कोच के अनुसार जिम के दौरान सभी लोगों को नेचुरल तरीके से प्रोटीन की मात्रा पूरी करने की सलाह दी जाती है मसल मास को मेंटेन करने के लिए व्यक्ति को 1 किलोग्राम वजन पर 1 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है जो लोग अपनी डाइट में अंडे ,मटर ,पनीर, चिकन, दूध ,दही को शामिल करते हैं उन्हें जरूरत के हिसाब से प्रोटीन मिल जाती है लेकिन कई बार लोगों नेचुरल तरीके से प्रोटीन ले नहीं पाते ऐसे में कभी-कभी उन्हें प्रोटीन पाउडर की सलाह दी जाती है।

हालांकि प्रोटीन पाउडर काफी सावधानी के साथ खरीदना चाहिए मार्केट में मौजूद कई प्रोडक्ट हेल्थ के लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं डाइटिशियन के अनुसार जो लोग लीवर की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें प्रोटीन पाउडर लेने की सलाह नहीं दी जाती है इसके अलावा अलावा किडनी व अन्य इंटरनल डिजीज वाले मरीजों को किसी भी तरह के सप्लीमेंट लेने की मनाही होती है।

फिटनेस कोच के अनुसार कभी भी डॉक्टर प्रोटीन पाउडर सजेस्ट नहीं करते हैं अगर आप प्रोटीन लेना चाहते हैं तो इस बारे में डॉक्टर से डिस्कस कर सकते हैं ऐसे लोगों को क्वालिफाइड ट्रेनर के इंस्ट्रक्शन के अनुसार जिम करनी चाहिए। (एजेंसी)

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तरह-तरह के स्वादिष्ट बिस्किट घर पर बना सकते हैं , जानिए पांच आसान रेसिपी

01.07.2022 – बिस्किट दुनियाभर में अलग-अलग स्वाद में लोकप्रिय हो चुके हैं, जिनका मजा आप अपनी पसंदीदा चाय या फिर कॉफी के साथ ले सकते हैं। आइए आज हम आपको पांच तरह के बिस्किट की रेसिपी बताते हैं, जिन्हें आप घर पर बहुत आसानी से कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकते हैं। यकीनन ये बिस्किट आपको और आपके परिवार को बेहद पसंद आएंगे।

केसर पिस्ता बिस्किट

सबसे पहले एक कटोरे में घी और चीनी मिला लें, फिर इसमें केसर-दूध का मिश्रण, इलायची का पाउडर और जायफल का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद इसमें मैदा और दूध डालकर नरम आटा गूंथ लें, फिर आटे को बेलिए और उसके ऊपर पिस्ता और बादाम छिड़ककर उसे चौकोर आकार में काट लें। अब 15 मिनट तक बिस्किट को बेक करें और जब ये ठंडे हो जाएं तो इन्हें एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

चॉकलेट और ओट्स बिस्किट

इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरे में मैदा, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा को मिलाकर एक तरफ रख दें। इसके बाद एक अलग कटोरे में मक्खन और चीनी को साथ फेंटें, फिर इसमें अंडा, वनिला एसेंस, मैदे का मिश्रण, ओट्स, चॉकलेट चिप्स और कद्दूकस किया हुआ सेब डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब इस मिश्रण को घी लगी बेकिंग शीट पर चौकोर आकार में रखें और 15 मिनट तक बेक करने के बाद बिस्किट को ठंडा करके खाएं।

नानखटाई

सबसे पहले एक कटोरे में मैदा, बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर को मिलाकर एक तरफ रख दें। अब एक अलग कटोरे में घी और पिसी हुई चीनी को मिलाएं, फिर इसमें मैदे का मिश्रण, सूजी, पिसा हुआ बादाम, पिसा हुआ पिस्ता और इलायची पाउडर मिलाकर नरम आटा गूंथ लें। इसके बाद आटे को बेलकर गोल आकार में काट लें, फिर बेकिंग ट्रे पर रखकर इन्हें 20-25 मिनट तक बेक करें।

आटा बिस्किट

सबसे पहले एक कटोरे में साबुत अनाज का आटा, दालचीनी पाउडर और चीनी को मिलाएं, फिर इसमें थोडा़ मक्खन मिलाकर नरम और मुलायम आटा गूंथ लें। अब आटे को एक पेपर में लपेट कर आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें, फिर उसे फ्रिज से निकालकर बेलिए और बिस्किट के आकार में काटकर दोबारा 10 मिनट के लिए फ्रिज में रखें। इसके बाद पहले से गर्म ओवन में 10 मिनट तक बिस्किट को बेक करें और उनका आनंद लें।

बटर बिस्किट

सबसे पहले एक कटोरे में मक्खन को चिकना और फूलने तक फेंटें, फिर इसमें पिसी हुई चीनी डालकर फेंटें, फिर इसमें मैदा और थोड़ा सा नमक मिलाएं। इसके बाद आटे को बेलिए और उसके ऊपर बादाम छिड़ककर उसे चौकोर या फिर किसी भी आकार में काट लें। अब सारे बिस्किट को बेकिंग शीट से ढकी बेकिंग ट्रे पर रखें और उसे पहले से गर्म ओवन में 10 मिनट तक बेक करें। इसके बाद बिस्किट को ठंडा करके परोसें। (एजेंसी)

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मानसून के दौरान बालों की देखभाल करने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स

01.07.2022 – जैसे-जैसे मौसम में बदलता है, वैसे-वैसे हेयर रूटीन में भी बदलाव करने की जरूरत होती है क्योंकि हर मौसम कुछ समस्याओं के साथ आता है। अभी मानसून आने वाला है और इस मौसम में अगर आप अपने बालों को तरह-तरह की समस्याओं से बचाए रखकर उन्हें स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इनकी अतिरिक्त देखभाल करें।

तेल मालिश है जरूरी

मानसून के दौरान सिर में खुजली, रूसी, बालों का झडऩा और रूखापन आना आदि समस्याएं होना आम बात हैं क्योंकि यह मौसम काफी उमस भरा होता है, जिसके कारण काफी पसीना आता है। अगर आप अपने सिर इन समस्याओं से बचाए रखना चाहते हैं तो नियमित रूप से हल्के हाथों से पूरे सिर की तेल मालिश करें। तिल या फिर बादाम का तेल बालों के स्वास्थ्य में सुधार करने समेत रूसी और खुजली जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है।

मानसून में होममेड हेयर पैक लगाएं

होममेड हेयर पैक बनाने के लिए दो बड़ी चम्मच मेथी के दानों को रातभर के लिए पानी में भिगो दें, फिर अगली सुबह उन्हें मिक्सी में पीसकर एक कटोरी में निकालें। अब कटोरी में एक बड़ी चम्मच एलोवेरा जेल और आधी बड़ी चम्मच तिल का तेल डालकर मिलाएं। सिर धोने से एक घंटे पहले इस मिश्रण को पूरे स्कैल्प और बालों की लंबाई में लगाएं। यह होममेड पैक सिर को मानसून की कई समस्याओं से बचाए रखने में मदद करेगा।

बालों को स्वस्थ रखने के लिए डाइट टिप्स

अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें, जो बालों को पोषित करने में मदद कर सकें। जैसे बादाम बायोटिन से भरपूर होते हैं और स्वस्थ बालों के विकास के लिए उपयोगी होते हैं। इसके अतिरिक्त, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर तिल के बीज बालों को पोषण देते हैं। आप अपने दैनिक आहार में भुने हुए तिल को सलाद और चटनी में मिलाकर खा सकते हैं। हरी सब्जियां भी बालों के स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद हैं।

बारीश में भीग जाएं तो बालों को जरूर धोएं

जब कभी बारिश में आपके बाल भीग जाएं तो उन्हें जरूर धोएं क्योंकि बालों में फंसा बारी का अम्लीय पानी आपके स्कैल्प के पीएच को असंतुलित कर सकता है, जिससे बालों की समस्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद अपने बालों को एक गुणवत्तापूर्ण शैंपू और कंडीशनर से साफ करें। इसके बाद अपने सिर को प्राकृतिक तरीके से सुखाएं। (एजेंसी)

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वजन कम करने में कैसे मदद करती है ग्रीन टी?

28.06.2022 – वजन कम करने में कैसे मदद करती है ग्रीन टी?. जब बात फिटनेस और स्वास्थ्य की आती है तो ग्रीन टी का नाम लगभग हर किसी की जुबान पर आता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इसमें बायोएक्टिव पदार्थों के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म तेज करके शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने समेत कई तरह के स्वास्थ्य लाभ देने में सक्षम है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि वजन घटाने में ग्रीन टी का सेवन कैसे मदद करता है। वजन घटाने में काफी मदद कर सकती है ग्रीन टीविशेषज्ञों ने बताया कि ग्रीन टी शरीर में ग्लूकोसिडेज, पैंक्रियाटिक लाइपेज और एमाइलेज जैसे एंजाइमों को रोकती है, जो आंतों में कार्बोहाइड्रेट और फैट के निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं। ऐसे जटिल अणुओं को कम करके ग्लूकोज और फैटी एसिड जैसे सरल अणुओं का अवशोषण भी कम हो जाता है। वहीं, वजन घटाने के लिए ग्रीन टी की प्रभावकारिता भिन्न होती है और यह चर्चा का विषय है, लेकिन शरीर के लिए ग्रीन टी सबसे कम दुष्प्रभावी है। मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मददगार है ग्रीन टीग्रीन टी में जरूरी बायोएक्टिव पदार्थ जैसे कैफीन और कैटेचिन होते हैं, जो शरीर की मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। तेज मेटाबॉलिज्म दर शरीर की अधिक कैलोरी बर्न करके ऊर्जा को बढ़ाती है, जिस कारण वजन घटाने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, यह शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में एंटी-ऑक्सीडेंट के स्तर को भी बढ़ाता है। अध्ययनों के अनुसार, ग्रीन टी के सेवन से रोजाना 75’00 कैलोरी बर्न की जा सकती है। वर्कआउट से पहले करें ग्रीन टी का सेवनकैलोरी को बर्न करने में ग्रीन टी काफी प्रभावी मानी जाती है, इसलिए आजकल विभिन्न वजन घटाने वाले सप्लीमेंट्स में ग्रीन टी का अर्क मौजूद होता है। हालांकि, इन सप्लीमेंट्स का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के करना गलत है। आप चाहें तो अपने शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को तेजी से बर्न करने के लिए अपने रोजाना के वर्कआउट सेशन से पहले एक कप ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं। भूख को सीमित और चीनी के सेवन को कम करने में है कारगरअधिक मात्रा में चीनी का सेवन वजन को बढ़ाने और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का कारण बन सकता है और ग्रीन टी चीनी के सेवन को कम करने में मदद करती है क्योंकि इसके लिए चीनी की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा, ग्रीन टी शरीर के डोपामाइन और नॉरपेनेफ्रिन जैसे तत्वों को प्रभावित करके आपकी भूख को भी सीमित करने में भी मदद करती है, जिससे आप अधिक खाने से बचकर वजन को कम कर सकते हैं। अच्छे फैट को बढ़ाने में सहायक है ग्रीन टीहमारे शरीर में दो तरह के फैट होते हैं, जिसे ब्राउन फैट और व्हाइट फैट कहा जाता है। ब्राउन फैट को गुड फैट के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह वजन कम करने में सहयोगी होता है, जबकि व्हाइट फैट शरीर में स्क्विशी बैड फैट होता है, जो वजन बढऩे पर दिखाई देता है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन शरीर के ब्राउन फैट को बढ़ाने में मदद करता है, जो वजन को कम करने में मदद कर सकता है।

(एजेंसी)

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पूरे साल किसी भी मौसम में ये कपड़े पहन सकती हैं महिलाएं

28.06.2022 – पूरे साल किसी भी मौसम में ये कपड़े पहन सकती हैं महिलाएं. मौसम बदलता रहता है और ऐसे में हर बार उसके अनुसार अपनी अलमारी को अपग्रेड करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी हर बार अपनी अलमारी को अपग्रेड करने का झंझट नहीं चाहती हैं तो आइए आज हम आपको कुछ ऐसे कपड़ों के बारे में बताते हैं, जिन्हें आप जनवरी से लेकर दिसंबर तक पहन सकते हैं।

इससे हमारा मतलब है कि उन कपड़ों को आप किसी भी मौसम में पहन सकते हैं। जींसजींस एक ऐसा बॉटम वीयर है, जिसे आप किसी भी मौसम में पहन सकती हैं, इसलिए अपनी अलमारी में हमेशा एक ब्लू डेनिम जींस जरूर रखें। इसे आप गर्मियों के दौरान लूज ग्राफिक टॉप या क्रॉप और व्हाइट स्नीकर्स के साथ पेयर करके पहन सकती हैं। वहीं, मानसून के दौरान पफ स्लीव्स के साथ डेनिम ब्लू जींस को पहन सकती हैं।

सर्दियों में ब्लू डेनिम जींस को फजी स्वेटर और एंकल लेंथ बूट्स के साथ पेयर करके पहन सकती हैं। स्कर्टमैक्सी स्कर्ट से लेकर प्लेड स्कर्ट तक हर मौसम में और किसी भी अवसर पर पहना जा सकता है, लेकिन आपको इन्हें सही तरीके से स्टाइल करना आना चाहिए। उदाहरण के लिए आप मैक्सी स्कर्ट को प्लेन शर्ट को टक इन करके और बूट्स के साथ पेयर करके पहन सकती हैं।

इसके अतिरिक्त, डेनिम स्कर्ट के साथ प्लेन बटन डाउन शर्ट पहन सकती हैं। हाई वेस्ट स्कर्ट और प्लेड स्कर्ट को आप तरह-तरह के तरीके से पहन सकती हैं। ड्रेसेसड्रेसेस भी जनवरी से लेकर दिसंबर तक कभी भी पहनी जा सकती हैं। सर्दियों के दौरान ड्रेस को काले रंग की लैदर जैकेट और जूतों के साथ टिमअप करके पहना जा सकता है। वहीं, गर्मियों और मानसून में ड्रेस को सैंडल या फ्लिप-फ्लॉप के साथ पहना जा सकता है, लेकिन इस दौरान लाइट फैशन एसेसरीज भी जरूर पहनें।

शरद ऋतु के दौरान ड्रेस को सफेद रंग की शर्ट और किसी भी जूते के साथ टिमअप करके पहना जा सकता है। लेगिंगलेगिंग्स भी सालभर आपकी आलमारी का हिस्सा बनी रह सकती हैं, जिसे आप लॉग टॉप से लेकर किसी भी सूट, कुर्ते या फिर गाउन आदि के नीचे पहन सकते हैं। गर्मियों और बरसात के मौसम में लेगिंग को ट्यूनिक्स या ढीले टॉप के साथ पहना जा सकता है। वहीं, ठंड के मौसम में इसे बड़े आकार के स्वेटर के साथ पहनें और ठंड ज्यादा हो तो अपनी किसी भी बॉटम वियर के अंदर लेगिंग पहनें। जंप सूटजंप सूट भी किसी भी मौसम में पहना जा सकता है। वहीं, अगर आप स्टाइलिश और आरामदायक कपड़ों के शौकिन हैं तो जंप सूट आपके स्टाइल में तबाही मचा सकते हैं क्योंकि यह आपको कॉन्फिडेंट फील कराने में भी मदद करते है।

गर्मियों और मानसून के दौरान आप जंप सूट को स्नीकर्स के साथ टिमअप करके पहन सकती हैं। वहीं, सर्दियों में जंप सूट के ऊपर लॉन्ग कोट और जूतों को टिमअप करके पहना जा सकता है। (एजेंसी)

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ये पांच तरह के बैग, हर महिला के पास जरूर होने चाहिए

27.06.2022 – बैग न सिर्फ उपयोगी होते हैं बल्कि एक महत्वपूर्ण फैशन एक्सेसरी भी है। खासतौर से महिलाओं के लिए क्योंकि उनके ज्यादात्तर आउटफिट में जेब नहीं होती है, जिस वजह से उन्हें अपने साथ एक बैग कैरी करना पड़ता है, जिसमें वह अपनी हर जरूरत की चीज को रखती हैं। वैसे बाजार में अलग-अलग तरह के बैग उपलब्ध हैं, लेकिन आज हम आपको पांच ऐसे बैग के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हर महिला के पास जरूर होने चाहिए।

टोटे बैग

बाजार में उपलब्ध सबसे लोकप्रिय बैगों में से एक टोटे बैग बड़े होते हैं, जिसे महिलाएं अपने किसी भी तरह के आउटफिट के साथ कैरी कर सकती हैं। आमतौर पर कपड़े या फिर लैदर से बने टोटे बैग कैरी करने के लिए आरामदायक होते हैं और दैनिक इस्तेमाल या जब आप खरीदारी के लिए बाहर जाते हैं तो उसके लिए भी यह एकदम सही हैं। अच्छी बात यह है कि टोटे बैग पर्यावरण के अनूकुल होते हैं।

शोल्डर बैग

क्लासिक शोल्डर बैग 1990 के दशक के दौरान बहुत लोकप्रिय था और अभी भी आधुनिक पीढ़ी के बीच लोकप्रिय है क्योंकि यह स्टाइलिश है और आपके आउटफिट में एक अतिरिक्त स्टाइल शामिल करता है। आजकल बाजार में कई तरह के डिजाइन और मध्यम आकार में शोल्डर बैग मौजूद है, जिनमें से आप अपने पसंदीदा शोल्डर बैग खरीदकर कॉलेज, ऑफिस या फिर किसी छोटी ट्रेवलिंग ट्रिप के लिए कंधे पर टांग कर ले जा सकती हैं।

स्लिंग बैग

स्लिंग बैग का आकार छोटा होता है, इसलिए महिलाएं इसे कहीं भी जाते समय आसानी से कैरी कर सकती हैं और उसमें अपनी जरूरी चीजें जैसे चाबियां, मोबाइल, पैसे और दवाइयां आदि रख सकती हैं। इस बैग्स में एडजस्टेबल स्ट्रैप होता हैं, जिन्हें आप अपने कंफर्ट अनुसार बड़ा या छोटा करके कंधे पर टांग सकती हैं। यह बैग रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बिल्कुल सही है और आपके लगभग हर आउटफिट के साथ भी जचेगा।

बैकपैक

बैकपैक में महिलाएं अपना लैपटॉप, हल्के कपड़े और किताबें आदि बहुत ही आसानी से कैरी कर सकती हैं। वैसे आजकल बाजार में बैकपैक की भी कई तरह की वैरायटी उपलब्ध हैं और आपको यह अलग-अलग आकार और सुविधाओं से युक्त भी मिल सकता है, इसलिए जब भी बैकपैक खरीदने जाए तो अपनी जरूरत को ध्यान में रखें। बेहतर होगा कि आप सोबर रंग, हल्का और वाटरप्रूफ बैकपैक ही खरीदें।

फैनी पैक

1990 के दशक की शुरुआत में लोकप्रिय हुए फैनी पैक या बेल्ट बैग दोबारा से चलन में आ गए हैं, जिन्हें आमतौर पर कमर के चारों ओर बांधकर कैरी कर सकते हैं और अपने हाथों को मुक्त करके सुविधा प्रदान कर सकते हैं। बाइकिंग या क्लबिंग के दौरान पर्स ले जाने की बजाय फैनी पैक कैरी कर सकती हैं। यकीनन यह आपको फैशनेबल लुक भी देंगे। वहीं, कैजुअल आउटफिट पर तो ये काफी सूट करते हैं। (एजेंसी)

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अनानास के इन फायदों को जानकार रोज खाएंगे आप

27.06.2022 – खट्टे -मीठे स्वाद के साथ से भरपूर अनानास को सेहत के लिए सबसे अहम और लाभकारी माना जाता है। जी हाँ और कई बीमारियों में मरीजों को इलाज के दौरान विशेषज्ञ इसे खाने की सलाह देते है। जी दरअसल अनानास बॉडी में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए एक अच्छा तरीका माना जाता है और इसके सेवन से बॉडी से जुडी कई परेशानियां दूर होती है। आज हम आपको बताते हैं इसको खाने के फायदे।

* अनानास मोटापा दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योकि अनानास में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। इस वजह से अनानास का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है यह पाचन शक्ति को बढ़ाने के साथ साथ वजन को भी कम करने में सहायता करता है। जी दरअसल अनानास में विटामिन ए भी पाया जाता है इसमें विटामिन के अलावा फाइबर पोटेशियम फास्फोरस और कैल्शियम भी मौजूद होते है यह सभी तत्व बॉडी को हेल्दी रखने के लिए बहुत जरुरी होते है

* अनानास में फाइबर मैग्नीशियम होता है इसमें मौजूद थाइमिन हार्ट को हेल्दी रखने के लिए अच्छा माना जाता है। इसी के साथ अनानास में कई तरह के एंटी ऑक्सीडेंट्स तत्व पाए जाते है जो बॉडी को फिट रखने में सहायता करते है। जी हाँ और यह एंटीऑक्सीडेंट्स गठिया ह्रदय संबंधी रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से आपको दूर रखता है अनानास खाने से दांतऔर मसूड़े मजबूत होते है।

* हाई ब्लड प्रेशर से परेशान लोगो अपनी डाइट में पाइनेपल को शामिल कर सकते है। जी दरअसल इसमें पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है और इसमें सोडियम की मात्रा काफी कम होती है। इसी के साथ इससे यह बॉडी में ब्लड फ्लो को शानदार बनाए रखता है।

* आपको शायद ही पता होगा कि अनानास में एंटी कैंसर एजेंट होते है। जी दरअसल अनानास के नियमित सेवन करने से बॉडी में कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। (एजेंसी)

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अपने पालतू कुत्ते को साफ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए अपनाएं ये ग्रूमिंग टिप्स

22.06.2022 – बिल्लियों जैसे पालतू जानवरों खुद को संवार लेते हैं, लेकिन जब बात कुत्तों की आती है तो उनके लिए खुद को संवारना मुश्किल होता है। हालांकि, कुत्ते खुद को साफ रखने के लिए कई तरह की कोशिश करते हैं, लेकिन उसमें पूरी तरह से सफल नहीं हो पाते। अगर आपने कोई कुत्ता पाल रखा है तो आइए आज हम आपको कुछ ऐसी ग्रूमिंग टिप्स बताते हैं, जिन्हें अपनाकर आप उसे साफ और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं।

कुत्ते को रोजाना नहलाने से बचेंअपने कुत्ते को नहलाने के लिए सबसे पहले एक मग गुनगुना पानी अपने कुत्ते पर डालकर उस पर हल्के हाथों से माइल्ड शैंपू लगाएं, फिर उसे सावधानीपूर्वक गुनगुने पानी से नहालकर तौलिये से पोंछे। किसी भी कुत्ते को नहलाने की आवृत्ति उसकी नस्ल पर निर्भर करती है, लेकिन अधिकांश कुत्तों को महीने में एक-दो बार नहलाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर अपने कुत्ते के फर को अच्छी तरह से ब्रश करें ताकि उनमें पिस्सू जैसे कीड़े न हो।

दांतों के स्वास्थ्य पर दें ध्यानइंसानों की तरह ही कुत्तों के मुंह का स्वच्छ होना जरूरी है, इसलिए अपने कुत्ते के दांतों को नियमित रूप से ब्रश करें। दरअसल, बैक्टीरिया उनके दांतों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने का कारण बन सकते हैं, जिससे उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। द अमेरिकन सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स के मुताबिक, सप्ताह में दो-तीन बार कुत्तों को टूथब्रश कराने की सलाह देती है।

समय-समय पर करें ट्रिमिंगजब बात ट्रिमिंग की आती है तो इसमें आपके कुत्ते के फर और नाखून दोनों शामिल होते हैं। हालांकि, ट्रिम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें क्योंकि उस दौरान आप एक तेज उपकरण का इस्तेमाल कर रहे होते हैं और आपका कुत्ता आपकी पकड़ से बाहर निकलने की कोशिश कर सकता है, जिसके कारण उसे या फिर आपको चोट लगने का खतरा हो सकता है। इसलिए धीरज और सावधानी से यह कार्य करें या फिर उसे डॉग सैलून लेकर जाएं।

अपने कुत्ते के कानों पर रखें नजरजब आप अपने कुत्ते पर ब्रश करें या फिर उसे नहलाएं तो उसके कानों की जांच करें। दरअसल, कुत्ते के कान में कोई संक्रमण होता है और उसका समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो वे दर्दनाक और परेशान करने वाला हो सकता है।

इसलिए अगर कभी आपके कुत्ते के कान से अजीब सी गंध आए या वह अपने कान को बार-बार छूएं तो समझ जाए कि उसे संक्रमण है, ऐसे में उसे पशु चिकित्सक के पास ले जाएं। (एजेंसी)

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