Category Archives: life style

गैस की समस्या होने पर करें इन चाय का सेवन, जल्द मिलेगा समस्या से छुटकारा

22.06.2022 – गैस बनने की समस्या तब होती है, जब गले और पेट को जोडऩे वाली एक प्रकार की नली कमजोर हो जाती है और इससे पेट में मौजूद एसिड ऊपर की ओर आ जाता है। यह एक सामान्य शारीरिक समस्या है और इससे डॉक्टरी इलाज की मदद से राहत पाई जा सकती है। वहीं, कुछ हर्बल चाय भी आपको इससे राहत दिला सकती हैं।

आइए आज हम आपको कुछ ऐसी चाय के बारे में बताते हैं। पुदीने की चायपुदीने की चाय का सेवन गैस के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। इस चाय को बनाने के लिए पहले एक पैन में दो कप पानी उबालें, फिर इसमें 10 से 15 पुदीने की पत्तियां डालें और पानी को थोड़ी देर तक उबालें। कुछ सेकंड बाद गैस बंद करके पानी को ढक दें, फिर कुछ मिनट बाद इस चाय को छानकर इसका सेवन करें।

आप चाहें तो इस चाय में भी स्वादानुसार शहद मिला सकते हैं। अदरक की चायअदरक की चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो सूजन को कम करने समेत गैस से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। इस चाय को बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में दो से तीन कप पानी और थोड़ा सा कदूकस किया हुआ अदरक डालें। इसके बाद कुछ मिनट तक पानी को उबलाकर गैस बंद कर दें।

अब इस चाय को छानकर एक कप में डालें, फिर इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर पिएं। कैमोमाइल टीकैमोमाइल टी का सेवन भी गैस से राहत दिलाकर पाचन को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। इस चाय को बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में एक गिलास पानी और एक चौथाई कप सूखे कैमोमाइल के फूल डालकर उबालें और जब पानी आधा हो जाए तो गैस बंद करके चाय को छानकर कप में डालें।

इसके बाद चाय में स्वादानुसार शहद मिलाकर इसका सेवन करें। सौंफ की चायइस चाय का सेवन भी गैस की समस्या से राहत दिलाने में सहायक है। सौंफ की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में एक कप पानी गर्म करें, फिर उसमें एक छोटी चम्मच सौंफ डालकर पानी को एक उबाला दिलाएं।

इसके बाद इसमें एक छोटी चम्मच चायपत्ती डालें और चाय अच्छे से कड़ जाए तो गैस बंद कर दें। अब इस चाय को छानकर एक कप में डालें, फिर इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर पिएं। (एजेंसी)

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चेहरे के बाल कर रहे है शर्मिंदा तो ये नेचुरल रिमूवर है बड़े असरकारक

21.06.2022 – चेहरे के बाल कर रहे है शर्मिंदा तो ये नेचुरल रिमूवर है बड़े असरकारक. बाल हमारे शरीर के एक महत्वपूर्ण हिस्सा है बाल स्किन को जलवायु परिवर्तन ,बैक्टीरिया जैसी बाहरी कारकों से बचाने में जरूरी भूमिका निभाते हैं लेकिन हमारे शरीर के कई हिस्से पर ऐसे बाल होते हैं जो आत्म विश्वास को कम कर सकता है साथ हमारे चेहरे की सुंदरता को भी खराब कर देते हैं शरीर में हार्मोन संतुलन संतुलन के अवस्थाओं के बाद या कुछ चिंताओं के कारण चेहरे के अनचाहे बाल बढ़ सकते हैं आज अब आपको चेहरे के बालों को हटाने की कुछ नेचुरल उपाय बताते हैं।

दाल का फेस पैक :लाल मसूर की दाल का चिकना पेस्ट बनाकर दाल का फेसपैक तैयार करें इस पैक को विपरीत दिशा में स्क्रब करे जहाँ अनचाहे बाल हैं वहां आपके चेहरे पर घृश्न पैदा होता है धीरे-धीरे और बालों को हटा देता जो आप नहीं चाहते हैं ।

नींबू का रस और शहद :शहद और नींबू के रस का एक फेस पैक आपकी स्किन से चिपक जाता है आपकी त्वचा से धीरे-धीरे छिलने पर बालों के विकास को दूर करने में मदद करता है शहद में हाइड्रेटिंग और मॉइश्चराइजिंग गुण होते हैं जो स्किन को चिकना और मुलायम बनाने में मदद करेंगे हां वही नींबू का रस आपकी स्किन को साफ करता है और आपकी त्वचा के छिद्रों को कसने में मदद करता है यहआपके चेहरे के और सारे शरीर के अन्य अंगों के बालों को भी हल्का करता है।

हल्दी :हल्दी एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जानी जाती है लेकिन हल्दी आपके चेहरों पर बालों को बढऩे से रोकने में मददगार है यह विशेष रुप से आपकी शरीर के घने बालों को हटाने का काम करता है। (एजेंसी)

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घुटनो और कोहनी के कालेपन को दूर करने के लिए फॉलो करे

21.06.2022 – घुटनो और कोहनी के कालेपन को दूर करने के लिए फॉलो करे. अक्सर लोग अपने स्किन और हेल्थ की देखभाल ज्यादा करते है लेकिन गर्मी में कई बार त्वचा कलाई और डार्क घुटने,कोहनी और अंडर आर्म्स से जुडी समस्या होने लगती है इस मौसम में कई बार कोहनी और घुटने का काले हो जाते है इसके कई कारन होते है लेकिन आपको बता दे की इस समस्या से बचने के लिए कुछ इसी टिप्स है जिससे त्वचा खूबसूरत दिखती है और डार्क घुटने कोहनी की समस्या दूर होती है तो चलिए जानते है इनके बारे में

फ्रिक्शन कम करे-कई बार काम काज करते समय अपने पेरो को काफी देर तक मोड़े रखते है जिसके कारन इनमे फ्रिक्शन हो जाता है जो डार्क स्किन का रूप लेता है ऐसे में इससे समस्या से बचने के लिए अपने जॉइंट्स को फ्रिक्शन कम करे इससे डार्क स्किन की समस्या दूर रहती है।

विटामिन ए और ई का इस्तेमाल करे-अगर आप विटामिन ए और ई का नियमित इस्तेमाल करते है तो आपको काफी फायदा होगा इससे स्किन के पिगमेंट नहीं बढ़ते है और डार्क स्किन की समस्या दूर होती है इसके लिए गाजर,शकरकंद जैसी चीजे लाभदायक है। इसके अलावा टाइट कपडे पहनने से बचे। (एजेंसी)

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ब्रांडेड कपड़ों की शॉपिंग में कहीं आप भी तो नहीं खा रहे धोखा

20.06.2022 – ब्रांडेड कपड़ों की शॉपिंग में कहीं आप भी तो नहीं खा रहे धोखा. फैशन के इस बदलते दौर में हर कोई ट्रेंड में रहना चाहता है। हर कोई चाहता है कि स्टाइल के मामले में वो पहले स्थान पर रहे है। फैशन में आगे रहने के चलते आज युवाओं में ब्रांडेड कपड़े खरीदने की होड़ सी लगी है। जिसे देखो वो ही अपने कपड़े, जूते से लेकर बैग्स तक खरीदने के मामले में ब्रांड कॉन्शियस है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जो चीज़ हम ब्रांड समझ कर खरीदते हैं बाद हमें पता चलता है कि वो सामान नकली है।

कई बार लोग खरीदी करते वक़्त ब्रांड्स के नाम पर ठगे जाते हैं। ब्रांडेड कपड़ों से लेकर ब्रांडेड बैग्स तक मार्केट में हर चीज़ की कॉपी मौजूद है। ऐसे में इनकी शॉपिंग करते वक़्त धोखा खा लेना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रांडेड कपड़ों में कई ऐसी खासियत होती है जिसे कॉपी नहीं किया जा सकता है।

तो चलिए आज हम आपको ब्रांडेड कपड़ों की इन्हीं बारीकियों से रूबरू करवाते हैं, जिससे आगे से शॉपिंग करते वक़्त आप ब्रांडेड कपड़ों की पहचान आसानी से कर पाएंगे।स्टिचिंगब्रांडेड कपड़ों की स्टिचिंग पर ध्यान देकर आप आसानी से पहचान सकते हैं कि यह कपड़ा असली है या नकली। ब्रांडेड कपड़ों की सिलाई सीधी, नीट और एक जैसी होती है। इसमें इस्तेमाल होने वाला धागा भी एक जैसा ही होता है।

फोटो में दिखाए गए इस बटन को ध्यान से देखने पर आपको दिखेगा कि बटन के नीचे दिए पेंच में ब्रांड का नाम लिखा है। इसका मतलब है कि यह कोई नार्मल पेंच नहीं बल्कि ओरिजिनल है।जिपब्रांडेड कपड़ों की जिप बहुत ही स्मूथ और अच्छी क्वालिटी की होती है। जबकि लोकल कपड़ों की जिप पर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि ये अटकती है और लो क्वालिटी की होती है।

ब्रांडेड कपड़ों की पहचान इसकी जिप से करना बहुत ही आसान है। जिप को तेजी से खोले और बंद करें। ऐसा करने से आपको अंदाजा हो जाएगा की कपड़ा ब्रांड का है या लोकल। एक बात का जरुर ध्यान दें, ज्यादातर ब्रांडेड कपड़ों की जिप पर ब्रांड का नाम लिखा होता है।

बटनब्रांडेड कपड़ों के बटन पर ब्रांड का नाम लिखा होता है वहीं कॉपी कपड़ों पर सिंपल बटन होता है। अगली बार शॉपिंग करते हुए बटन पर भी जरूर गौर करें।लोगोकपड़ों पर बने ब्रांड के लोगो को देखकर बहुत बार हम कंफ्यूज हो जाते हैं। ब्रांडेड कपड़ों की लोगो देखकर पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है.

लेकिन आप अपने मोबाइल पर उस ब्रांड का लोगो खोल उस प्रोडक्ट के लोगो से मिला सकते हैं। लोगो के फॉन्ट स्टाइल को मिला कर आप ये पहचान सकते हैं कि ये ब्रांड असली है या नकली।टैग्सब्रांडेड कपड़ों को खरीदते वक्त आमतौर पर हम उनके टैग्स से उनकी पहचान करते हैं लेकिन बाजार में मौजूद उनकी कॉपी पर भी बिल्कुल सेम टैग लगाकर कपड़े बेचे जा रहे हैं।

अगली बार जब आप शॉपिंग जाएं तो टैग की पहचान करें। बहुत सारे ऐसे ब्रांड हैं जो कपड़ों की लाइनिंग में टैग लगाते हैं जिसकी मदद से आप इनकी सही पहचान कर सकते हैं. (एजेंसी)

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हलासन रोज करना चाहिए, होते हैं चौकाने वाले फायदे

20.06.2022 – हलासन रोज करना चाहिए. आप सभी जानते ही होंगे योग हमारे जीवन को खूबसूरत बनाने के लिए बेहद जरूरी होता है। जी हाँ और हर दिन योग करने से शारीरिक और मानसिक सेहत में फायदा पहुंचता है। जी दरअसल योगा के कई पोज होते हैं, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों को स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए किया जाता है। जी हाँ और इसमें एक पोज होता है हलासन (श्चद्यश2 श्चशह्यद्ग) होता है जिसको करने से एक दो नहीं बल्कि कई सारे फायदे होते हैं।

जी दरअसल चेहरे पर ग्लो लाने के साथ-साथ यह पेट को फ्लैट करने में भी मदद करता है। अब हम आपको बताते हैं हलासन करने से क्या-क्या फायदे होते हैं और इसे कितनी देर करना चाहिए.जी दरअसल आने वाले 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। जी हाँ और इसका मकसद होता है हर इंसान की जिंदगी में इसे शामिल करना। आपको बता दें कि योग के कई पोज में एक पोज हलासन का भी होता है और इसके कई फायदे होते हैं।

चेहरे पर चमक बढ़ाता, बाल गिरने से रोकता हैहलासन को हर रोज 10 मिनट करने से चेहरे में ग्लो आती है। जी हाँ और इसके पीछे वजह है ब्लड सर्कुलेशन का अच्छी तरह होना। आपको बता दें कि हलासन करने से ब्लड फॉलो बेहतर होता है। इससे स्किन टाइट होती है और इसी के साथ पिंपल और झुर्रियों से राहत मिलती है। केवल यही नहीं बल्कि यह बाल झडऩे की समस्या से भी निजात दिलाता है।

पीठ का दर्द होता है दूरहलासन करने से पीठ और रीढ़ की मांसपेशियां मजबूत होती है। जी हाँ और यह कमर दर्द में राहत देता है। अगर आप पीठ दर्द की समस्या से ग्रसित हैं तो हलासन के लिए अपने डेली रुटीन से बस कुछ मिनट का वक्त निकालें। पेट कम करने में करता है

मददहलासन करने से बढ़ते हुए वजन से निजात मिलता है। जी हाँ और इसको करने के साथ पेट की चर्बी भी धीरे-धीरे खत्म हो जाती हैं।पेट के विकार को करता है दूरहलासन पेट संबंधित विकार को दूर करता है। जी हाँ और इस योगा पोज को करने से पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। इसको करने से पेट, आंत समेत कई अंग उत्तेजित हो जाते हैं।

जी हाँ और ऐसा करने से पाचन क्रिया सही हो जाती है। गैस , एसिडिटी और कब्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है। (एजेंसी)

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वीगन डाइट फॉलो कर रहे हैं तो बनाकर खाएं ये डेजर्ट, आसान हैं इनकी रेसिपी

19.06.2022 – वीगन डाइट पत्तेदार चीजों पर आधारित होती है और इसमें जानवर या उनसे उत्पादित किसी भी खाद्य पदार्थ को शामिल नहीं किया जाता है जैसे दूध, दही और शहद आदि। यही वजह है कि वीगन डाइट वाले लोग डेजर्ट जैसी चीजों का आनंद नहीं ले पाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अगर आप वीगन डाइट फॉलो कर रहे हैं तो आइए आज हम आपको कुछ ऐसे वीगन डेजर्ट की रेसिपी बताते हैं, जिनको आप बार-बार बनाकर खाना पसंद करेंगे।

वीगन रबड़ी

अगर आप वीगन डाइट पर है तो डेजर्ट के तौर पर वीगन रबड़ी का आनंद ले सकते हैं। इसे बनाने के लिए थोड़े काजू को रातभर बादाम के दूध में भिगोकर रखें, फिर सुबह उठकर इसे ब्लेंडर में डालकर ब्लेंड करें। इसके बाद इस मिश्रण को गाढ़ा होने तक पकाएं, फिर इसमें बादाम का आटा और चीनी मिलाएं, फिर इसमें केसर, इलायची पाउडर और वनिला एसेंस मिलाएं। अब गैस बंद कर दें और रबड़ी को ठंडा होने के बाद खाएं।

वीगन लड्डू

इसे बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं के आटे को एक पैन में हल्का सुनहरा होने तक भून लें, फिर इसमें अलसी, बादाम का आटा, नमक और वीगन मक्खन डालें और अच्छी तरह मिलाएं। अब इस मिश्रण को तीन-चार मिनट तक भूनें और ठंडा होने दें, फिर इसमें खजूर, इलायची, काजू और गेहूं के आटे का मिश्रण मिलाकर इससे गोल-गोल आकार के लड्डू तैयार कर लें। आप इन लड्डू को पांच दिनों तक स्टोर कर सकते हैं।

ब्राउन राइस खीर

सबसे पहले ब्राउन राइस को पानी के साथ 30 मिनट तक पकाएं, फिर जब चावल पक जाएं तो उससे पानी को छान दें। अब एक पैन में बादाम के दूध गर्म करें, फिर उसमें काजू और पकाएं चावल मिला दें, फिर इसमें इलायची के दाने और चीनी डालकर 15-20 मिनट तक पकाएं। इसके बाद खीर में भूने सूखे मेवे डालें और 10-20 मिनट तक और पकाकर गैस बंद कर दें। अंत में खीर पर बादाम गर्निश करके इसका आनंद लें।

वीगन चॉकलेट आइसक्रीम

सबसे पहले भीगे हुए बादाम को पानी के साथ पीस लें, फिर इस मिश्रण के पानी को छानकर एक पैन में डालें और इसे दो मिनट तक पकाएं, फिर इसे ठंडा होने दें। इसके बाद एक ब्लेंडर में पकाया हुआ बादाम वाला पानी, कोको पाउडर, केला, वेनिला एसेंस और चीनी को एक साथ ब्लेंड करें, फिर इसे एक कंटेनर में डालकर एक घंटे के लिए फ्रीजर में रखें, फिर दोबारा से इस मिश्रण को ब्लेंड करके फ्रीजर में रखें।(एजेंसी)

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पांच तरह के आईशैडो बाजार में मौजूद हैं , जानिए आपको कौन सा चुनना चाहिए

19.06.2022 – आईशैडो एक आई मेकअप प्रोडक्ट है, जिसका इस्तेमाल आईलिड पर किया जाता है और इससे कई तरह के स्टाइल आसानी से क्रिएट किए जा सकते हैं। वैसे बाजार में पांच तरह के आईशैडो मौजूद हैं और अगर आपको नहीं पता कि इनमें से कौन-सा आपके लिए बेहतरीन हैं तो परेशान न होइए क्योंकि आज का हमारा लेख आपके लिए ही है। चलिए फिर जानते हैं कि आपके लिए किस तरह का आईशैडो चुनना अच्छा है।

पाउडर आईशैडो

पाउडर आईशैडो कई प्रकार के फॉर्मूला में आते हैं, जिसमें शीर, ओपैक और पूरी तरह से मैट आदि शामिल हैं। इनका इस्तेमाल करके आप कई तरह के लुक्स क्रिएट कर सकते हैं जैसे न्यूट्रल, रोज, ड्रामेटिक आदि। अगर आपकी त्वचा तैलीय प्रकार की है तो आपके लिए पाउडर आईशैडो का इस्तेमाल करना अच्छा हो सकता है क्योंकि यह आईलिड पर आने वाले अतिरिक्त तैलीय प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

स्टिक आईशैडो

यह आसानी से लगाया जाने वाला आईशैडो है, जिसे क्रेयॉन आईशैडो भी कहा जाता है। अगर आप मेकअप बिगनर हैं तो स्टिक आईशैडो का चयन करें और इसे लिपस्टिक की तरह अपनी दोनों आईलिड पर लगाएं, फिर इसे उंगलियों की मदद से अच्छे से फैला लें। अच्छी बात यह है कि मेकअप के दौरान लगाया गया यह आईशैडो लंबे समय तक बरकरार रहता है।

लिक्विड आईशैडो

महिलाएं लिक्विड आईशैडो को आप अपनी दोनों आईलिड पर लगाकर उंगलियों या ब्रश की मदद से अच्छी तरह से ब्लेंड कर सकती है और अच्छी बात है कि यह आईशैडो आईलिड पर लगाने के बाद जल्दी सूख जाता है। यह आईशैडो कांच या प्लास्टिक की बोतल में ड्रॉपर के साथ आता है। इसके अतिरिक्त, इसमें ऐसे तेल मौजूद होते हैं, जो आसानी से आपकी त्वचा में समा जाते हैं। रूखे प्रकार की त्वचा के लिए यह बेस्ट ऑप्शन है।

क्रीम आईशैडो

आप आसानी से अपनी उंगलियों से क्रीम आईशैडो को अपनी दोनों आईलिड पर लगा सकती हैं या सबटल लुक के लिए ब्रश का इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर आपके पास आई प्राइमर नही हो तो क्रीम शैडो का चयन करना बेहतरीन विकल्प है। यह एक बहुमुखी आई मेकअप प्रोडक्ट है और इसे रंगीन आईलाइनर के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, यह वॉटरप्रूफ और लंबे समय तक बरकरार रहने वाला आईशैडो होता है।

पिगमेंट आईशैडो

पिगमेंट पाउडर वाले आईशैडो होते हैं, जिनका ज्यादातर इस्तेमाल पेशेवर मेकअप आर्टिस्ट करते हैं। यह आईशैडो रूखी त्वचा वालों के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि यह आपकी त्वचा को और रूखा बना सकता है। (एजेंसी)

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बहुत अधिक पसीना आना हो सकता है इस बीमारी का संकेत

18.06.2022 – गर्मी के मौसम में पसीना निकलना आम बात है। पसीना निकला शरीर के लिए जरूरी गतिविधियों में से है। इससे शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है। और त्वचा पर नैच्यूरल ग्लों भी बना रहता है। इसके अलावा यह वजन, मूड और नींद को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जिन्हें बहुत ज्यादा पसीना आता है।

बिना किसी बीमारी, शारीरिक गतिविधि और गर्मी के पसीना आना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। यह परेशानी तब होती है जब शरीर से पसीने को बाहर निकालने वाली ग्रंथियां ऑवर एक्टिव हो जाती हैं।

सामान्य से अधिक पसीना आना हाइपरहाइड्रोसिस के कारण हो सकता है। इस रोग से पीडि़त लोगों के पसीने की ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं। इसी वजह से इन लोगों के हाथ और पैर में पसीना आने लगता है। हाइपरहाइड्रोसिस बीमारी दो तरह की होती है। प्राइमरी तो नहीं लेकिन सेकेंड्री हाइपरहाइड्रोसिस से पीडि़त मरीज कई बीमारियों की चपेट में आ सकता है। ये बीमारियां है शुगर का बढ़ जाना, लो ब्लड प्रेशर और हाइपर थायरॉइडिज्म।

के अनुसार हाइपरहाइड्रोसिस से लगभग 3 प्रतिशत आबादी ग्रसित है।

ज्यादा पसीना आने के ये दो कारण

पहला कारण

अगर बिना किसी बीमारी के ज्यादा पसीना निकलता है तो इसके पीछे इसे बाहर निकालने वाली ग्रंथियां जिम्मेदार होती है। ये जब ऑवर एक्टिव हो जाती हैं तो शरीर से सामान्य से ज्यादा पसीना निकलने लगता है।

दूसरा कारण

जब कोई व्यक्ति थायराइड ग्लैंड डिसऑर्डर, डायबिटीज, मेनोपॉज, बुखार, घबराहट और हार्ट संबंधित रोगों से ग्रसित होता है।
ज्यादा पसीना निकल रहा है तो खाने पर रखें कंट्रोल

* मसालेदार खाना और खट्टा कम खाएं या न खाएं।

*आहार में गर्म खाद्य पदार्थों को शामिल न करें।

*रोज 10 भिगोएं हुए किशमिश को खाली पेट खाएं।

*आहार में कसैले और मि_े स्वाद वाले खाद्य पदार्थों को ज्यादा खाएं।

इन पेय पदार्थ का करे सेवन

धनिया पानी

धनिया के बीजों को पीसकर रात भर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

खस पानी

पसीने की परेशानी ज्यादा गर्मियों में रहती है ऐसे में आप सादा पानी पीने की जगह खस का पानी पी सकते हैं। इसके लिए एक चम्मच खस के जड़ को 2 लीटर पानी में 20 मिनट के लिए भिगो दें। इसके बाद इसे छानकर इसका सेवन करें।
नींबू, नमक और पानी का करें सेवन

नींबू और नमक का मिश्रण इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है। पसीने की वजह से शरीर में नमक की कमी हो जाती है। ऐसे में ठंडे पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीने से अधिक पसीना निकलने की समस्या में आराम मिलेगा।
इन घरेलू उपचारों से कर सकते हैं दूर

सेब का सिरका

सेब के सिरका में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है जो शारीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव को नियंत्रित करता है और रात को पसीना आने की समस्या से निजात दिलाता है।

विटामिन-ई

विटामिन-ई पसीना होने की समस्या से निजात दिलाने में मदद करता है। वेजिटेबल ऑयल और नट्स में विटामिन-ई होता है। विटामिन ई 35-40त्न तक हॉट फ्लैश और नाइट स्वेट को उत्तेजित करता है।

अलसी के बीज

अलसी में ओमेगा – फैटी एसिड और फाइबर होता है जो पसीना आने की समस्या से निजात दिलाता है। इसके अलावा यह पसीना को नियंत्रित करने वाले हार्मोन को भी नियंत्रित करता है। अलसी के बीज में पाए जाने वाले तत्व शरीर में उन इंफेक्शन से लडऩे में मदद करता है जिसके कारण पसीना आने की समस्या कम होती है।

अश्वगंधा

अश्वगंधा सिर दर्द, तनाव और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए एक बेहतर उपचार होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है जिसके कारण यह मेनोपॉज के लक्षणों को कम करता है जिससे पसीना आने की समस्या कम हो जाती है। ये शरीर में एस्ट्रोजेन के स्तर को कम करता है जिससे पसीन आने की परेशानी दूर हो जाती है।

टी बैग का करें इस्तेमाल

पसीना ज्यादा आने की वजह से शरीर में दुर्गंध पैदा हो जाती है। ऐसे में आप एक कटोरी में 4 से 5 टी बैग को डालें। इसके बाद इसमें अपने हाथ को कुछ देर के लिए डुबोए रखें। रोजाना ऐसा करने से आपके ज्यादा पसीने आने की समस्या खत्म हो जाएगी। इसके अलावा आपगर्मी के मौसम में कॉटन के कपड़े पहनें। ऐसा करने से भी आपको फायदा होगा। (एजेंसी)

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टिनिटस के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं ये योगासन

18.06.2022 – टिनिटस कान से जुड़ी एक बीमारी है, जिससे ग्रस्त व्यक्ति को कानों में सीटी या भिनभिनाने जैसी आवाज सुनाई देती है, जबकि ये आवाजें कहीं बाहर से नहीं आती। सुनने की क्षमता कम होने, कान में मैल का जमाव, कान में चोट या संक्रमण होने आदि के कारण टिनिटस हो सकता है। हालांकि, कुछ योगासनों का नियमित अभ्यास इसके प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। आइए आज ऐसे कुछ योगासनों के अभ्यास का तरीका जानते हैं।

गोमुखासन

सबसे पहले योगा मैट पर दंडासन की स्थिति में बैठकर अपने दाएं पैर को मोड़ें और इसे बाईं जांघ के ऊपर से ले जाते हुए बाएं नितंब के पास जमीन पर रख लें। इसी तरह अपने बाएं पैर को मोड़ते हुए दाईं जंघा के नीचे से दाए नितंब के पास जमीन पर रख लें। अब अपने दोनों हाथों को कोहनी से मोड़ते हुए उन्हें पीठ के पीछे आपस में पकडऩे का प्रयास करें। कुछ देर इसी अवस्था में बने रहें।

उष्ट्रासन

उष्ट्रासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट बिछाकर उस पर घुटनों के बल बैठ जाएं, फिर घुटनों के बल ही खड़े हो जाएं। अब सामान्य रूप से सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें और दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर और बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखने की कोशिश करें। इस मुद्रा में कम से कम एक-दो मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं और कुछ मिनट विश्राम करें।

विपरीतकरणी आसन

विपरीतकरणी आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठा कर 90 डिग्री का कोण बना लें। ध्यान रखें कि आपके तलवे ऊपर की ओर होने चाहिए। इसके बाद अपने नितंब को ऊपर उठाने की कोशिश करें। इस मुद्रा में कम से कम दो-तीन मिनट तक रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। इसके बाद दोबारा इस योगासन का अभ्यास करें।

मत्स्यासन

मत्स्यासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपनी पीठ की दिशा में झुकें और अपने सिर को जमीन से सटाने की कोशिश करें। इसके बाद अपने पैरों की उंगलियों को पकड़ें और जितना संभव हो सके उतनी देर इसी मुद्रा में रूकने की कोशिश करें। कुछ मिनट तक ऐसे ही रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। (एजेंसी)

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कई तरह के फेस हाइलाइटर बाजार में मौजूद हैं,जानिए किसका चयन करना सही

17.06.2022 – फेस हाइलाइटर चेहरे के बेस्ट फीचर्स को हाइलाइट करने और उसकी कुछ कमियों को छिपाने में मदद करता है। यही कारण है कि सिर्फ प्रोफेशनल्स ही नहीं बल्कि आम लड़कियां भी अपनी मेकअप किट में हाईलाइटर को जगह देती हैं। वैसे बाजार में पांच तरह के फेस हाइलाइटर मौजूद हैं और अगर आपको नहीं पता कि इनमें से किसका चयन करना चाहिए तो परेशान न होइए। आइए आज हम आपको इन पांच हाइलाइटर्स की विशेषताएं बताते हैं।

स्ट्रॉबिंग क्रीम

अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा प्राकृतिक रूप से चमके तो आपके लिए स्ट्रॉबिंग क्रीम का इस्तेमाल करना एकदम सही है। यह एक प्रकार का चमकीला मॉइश्चराइजर या प्राइमर हता है, जो आपके चेहरे को विशेष हिस्सों को हाइलाइट करने में मदद कर सकता है। आप चाहें तो चेहरे पर फाउंडेशन लगाने से पहले भी स्ट्रॉबिंग क्रीम लगा सकते हैं या इसे अपने फाउंडेशन के साथ मिला सकते हैं।

स्टिक हाइलाइटर

एक स्टिक हाइलाइटर मोटे क्रेयॉन की तरह ठोस होता है, जो मेकअप बिगनर्स के इस्तेमाल के लिए सही माना जाता है क्योंकि इनका इस्तेमाल करना काफी आसान होता है। आप चाहें तो इसे सीधा अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। स्टिक हाइलाइटर आमतौर पर पैराफिन या बीजवैक्स से तैयार किए जाते हैं। आप इस हाइलाइटर का इस्तेमाल आईलिड पर भी कर सकते हैं। हालांकि, हाइलाइटर को चेहरे पर अच्छे से ब्लेंड करने के लिए अपनी उंगलियों का इस्तेमाल जरूर करें।

लिक्विड हाइलाइटर

अगर आप किसी अवसर के लिए हैवी मेकअप करने वाले हैं तो उस दौरान लिक्विड हाइलाइटर का इस्तेमाल करें। यह हाइलाइट कांच या प्लास्टिक की बोतल में ड्रॉपर के साथ आता है। इसके अतिरिक्त, इसमें ऐसे तेल मौजूद होते हैं, जो आसानी से आपकी त्वचा में समा जाते हैं। रूखे प्रकार की त्वचा के लिए यह बेस्ट ऑप्शन है। अपने लिक्विड हाइलाइटर को अपने फाउंडेशन के साथ मिलाएं और परफेक्ट ग्लो के लिए इसे अपनी त्वचा पर लगाएं।

पाउडर हाइलाइटर

अगर आपकी त्वचा तैलीय प्रकार की है तो आपके लिए पाउडर हाइलाइटर का इस्तेमाल करना अच्छा है। वहीं, रूखे प्रकार की त्वचा वाले लोग उचित मॉइश्चराइजेशन के बाद इसका इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि त्वचा पर रूखे पैच न पड़े। पाउडर हाइलाइटर शिमरी पाउडर होता है, जो कॉम्पैक्ट पाउडर की तरह दिखता है। पूरा मेकअप करने के बाद पाउडर हाइलाइटर को ब्रश से लगाएं। आप इसे अपनी आंखों के अंदरूनी कोनों पर भी लगा सकते हैं।

ब्रिक हाइलाइटर

ब्रिक हाइलाइटर सभी प्रकार की त्वचा के लिए एकदम सही है। यह हाइलाइटर भी पाउडर आधारित होता है, जिसमें छोटे-छोटे चमकीले कण होते हैं और प्रत्येक रंग के लिए अलग-अलग पंक्तियां होती हैं। आप अपने कस्टम हाइलाइटर रंग बनाने के लिए अलग-अलग रंगों को एक साथ मिला सकते हैं या इसे अलग से एक ब्रोंजर या ब्लश के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। आप चाहें तो इसे बतौर आईशैडो भी इस्तेमाल कर सकते हैं। (एजेंसी)

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ये पांच तरह के पौधे घर को प्राकृतिक रूप से महकाने में मदद कर सकते हैं

17.06.2022 – ये पांच तरह के पौधे घर को प्राकृतिक रूप से महकाने में मदद कर सकते हैं. घर को महकाने के लिए लोग तरह-तरह के रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये काफी महंगे होते हैं और इनकी आर्टिफीशियल खुशबू स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए इनके इस्तेमाल से बचें। आप चाहें तो खूशबूदार पौधे लगाकर अपने घर को प्राकृतिक रूप से महका सकते हैं। आइए आज हम आपको पांच ऐसे पौधों के बारे में बताते हैं, जो घर की सुंदरता में इजाफा करने के समेत खूशबू फैलाने में भी मदद कर सकते हैं।

पैशन फ्लावर्स का पौधा

यह पौधा न सिर्फ आपके घर को एक हल्की सुगंध से भर देता है बल्कि इसके फूल भी घर की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। रूम फ्रेशनर के लिए एक आदर्श प्राकृतिक विकल्प इस पौधे के फूल गर्मियों में खिलना शुरू करते हैं और सर्दियों तक ठीक रहते हैं। इस पौधे को आप घर के अंदर और बाहर दोनों तरफ लगा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि यह पौधा अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है।

गार्डेनिया का पौधा

गार्डेनिया एक विदेशी पौधा है, जिसकी खूशबू आपके घर को महकाने के साथ-साथ अरोमाथेरेपी का काम करके आपको तनाव, चिंता आदि से छुटाकारा दिला सकती है। तेज खुशबू वाला यह सफेद रंग के फूल से भरा पौधा दिमाग को शांत रखने में मदद करता है, जिससे आपको सुकून की नींद आराम से मिल सकती है। अगर आप इस पौधे को बैडरूम में रखते हैं तो यह आपके कमरे को महकाने लगेगा, जिसके जरिए आपको कई तरह स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे।

चमेली का पौधा

चमेली पौधा अपनी खुशबू और सुंदर सफेद रंग के फूलों के लिए जाना जाता है। यह एक बारहमासी पौधा है क्योंकि इसके फूल पूरे साल खिलते हैं। इस पौधे को हल्की धूप वाली जगह पर रखना सुरक्षित है। वहीं, इसके गमले में पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर डालें। आपको गर्मियों के दौरान इस पौधे में ज्यादा पानी डालना पड़ सकता है। जब भी इसके गमले की मिट्टी एक इंच तक सूखी लगे, तब इसे पानी दें।

लैवेंडर का पौधा

लैवेंडर का पौधा भी आपके घर को प्राकृतिक रूप से महका सकता है। वहीं, इसका इस्तेमाल भी अरोमाथेरेपी के लिए किया जाता है। इससे हमारा मतलब है कि इस पौधे की सुगंध दिमाग को सुकून देने में सहायक मानी जाती है। इस पौधे को भी ज्यादा केयर की जरुरत नहीं होती है। बस इसको खुली जगह पर रखकर इसमें तीन-चार दिन में एक बार पानी डालना होता है। हालांकि, ध्यान रखें कि इस पर धूप पडऩा भी जरूरी है।

लेमनग्रास का पौधा

लेमनग्रास भी एक सुगंधित पौधा है, जिसकी पत्तियां ही आपके घर को प्राकृतिक रूप से महकाने का काम कर सकती हैं। वहीं, इस पौधे की पत्तियों का इस्तेमाल आप चाय के लिए कर सकते हैं क्योंकि इसके सेवन से ताजगी महसूस होती है। यह एक ऐसा रिफ्रेशिंग पौधा है, जिसको आप घर में किसी मिट्टी के गमले में आसानी से लगा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि यह पौधा अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है। (एजेंसी)

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मसूर दाल के चिप्स बच्चों को घर पर बनाकर खिलाएं ,ये है बनाने का आसान तरीका

16.06.2022 – मसूर दाल के चिप्स बच्चों को घर पर बनाकर खिलाएं. बड़े हो या बच्चे सभी चिप्स को बढ़े चाव से खाते है। घर पर फुर्सत के पल हों या फिर परिवार के बीच की गपशप, अगर इस बीच मसूर दाल की क्रिस्पी चिप्स मिल जाए तो मजा ही कुछ और हो जाता है। हालांकि मार्केट की चिप्स बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अगर आप घर पर ही मसूर दाल की क्रिस्पी चिप्स बनाना चाहते है तो इस आर्टिकल को जरूर पढऩा चाहिए। आज हम आपको मसूर दाल से क्रिस्पी चिप्स कैसे बनाते है उसकी विधि बताने जा रहे है।

तो आइए जानते हैं.

आवश्यक सामग्री : 1 कप मसूर दालनमक स्वादानुसार1/2 टेबलस्पून जीरा1/2 टेबलस्पून लाल मिर्च पाउडर1 चुटकी बेकिंग सोडा1टेबलस्पून चाट मसाला1 टेबलस्पून काली मिर्च2 कप तेल2 टेबलस्पून सूजी2 टेबलस्पून गेहूं का आटा

बनाने की विधि- मसूर दाल से चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले आप मसूर दाल को पानी में भिगोकर लगभग 2 से 3 घंटे के लिए छोड़ दें।- 2 से 3 घंटे बाद दाल को पानी से निकालकर मिक्सी में महीन पीस लें।

*जब पूरी दाल पीस जाए, तो उसे मिक्सी से निकाल कर एक बर्तन में रख लें।

*अब पीसे गए सामग्री में सूजी, गेहूं का आटा और बेकिंग सोडा डालकर उसे अच्छी तरह गूंथ लें।

*अब उस मिश्रण में लाल मिर्च पाउडर, नमक, काली मिर्च डालकर सभी को अच्छी तरह फेट लें।

*अब उस सामग्री से छोटी-छोटी लोई बना लें।

* जब सारी लोई बन जाए, तो उसे चिप्स के शेप में कट कर लें।

* बाद में कट किए गए चिप्स को एक दिन 1 से 2 दिन तक धूप में सूखने के लिए छोड़ दें।

*जब चिप्स अच्छी तरह से सूख जाए, तो उसे धूप से हटा लें।

*अब एक पैन में तेल डालकर उसे गैस पर गर्म करें।

* जब तेल अच्छी तरह से गर्म हो जाए, तो उसमें बनाएं गए चिप्स को डालकर फ्राई करें।

* जब सारे चिप्स फ्राई हो जाए, तो उसे चाय के साथ स्नैक्स के तौर पर सर्व करें या खाएं।

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स्वास्थ के लिए बिलकुल अच्छा नहीं है बर्फ वाला पानी पीना

16.06.2022 – गर्मियों के मौसम में लोग ठंडा पानी पीना पसंद करते है। कुछ लोग तो पानी में बर्फ डालकर पीते हैं। भले ही आपको गर्मी में ठंडा बर्फ वाला पानी पीकर राहत मिलती है लेकिन ये आपके स्वास्थ के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं हैं। पानी जब बहुत ठंडा होता है तो थोड़े से पानी से ही आपको ऐसा महसूस होगा, जैसे बहुत ज्यादा पानी पी लिया हो। यह आपकी प्यास पर कंट्रोल लगा देता है। इससे आपके शरीर में पानी की मात्रा भी कम होती है।

डॉक्टर की मानें तो हमे हमेशा 20 से 22 डिग्री टेम्प्रेचर वाला पानी ही पीना चाहिए। बर्फ वाला या ठंडा पानी पीने से आपको पेट से जुड़़ी कई सारी परेशानियां जैसे पेट दर्द, खाना पचने में दिक्कत हो सकती है। अगर आप ज्यादा ठंडा पानी पीते हैं तो इससे कई बार नर्व ठंडी होकर आपके हार्ट रेट को धीमी कर देती है। आज हम आपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको विस्तार से बताने जा रहे कि अगर आप नियमित तौर पर ठंडा पानी पीते है तो सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.

पाचन तंत्र को नुकसानठंडा पानी पीने से पाचन तन्त्र को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि ठंडे पीने से ब्लड सेल्स सिकुड़ जाती हैं। इससे डाइजेशन धीमा पड़ जाता है। डाइजेशन ठीक से नहीं होता इसलिए खाने के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं या शरीर द्वारा अवशोषित नहीं किए जाते।बॉडी हाइड्रेट नहीं रहतीबर्फ का पानी ठीक तरह से बॉडी को हाइड्रेट नहीं कर पाता है। कभी भी खाने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि यह शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।

पोषक तत्वों का खत्म हो जानाशरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है और जब आप कोई ठंडी चीज पीते हैं तो उसके तापमान को नियमित करने के लिए आपके शरीर को कुछ ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। वरना इस उर्जा का उपयोग भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए होता है। यही कारण है कि ठंडा पानी पीने से आपके शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते।माइग्रेनमाइग्रेन वाले लोगों को बर्फ का पानी पीना ज्यादा तकलीफ दे सकता है।

जब आप ठंडा पानी पीते हैं तो यह आपके नाक और रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को ब्लॉक कर देता है। जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ा देता है।मोटापाहर वक्त बर्फ वाला पीने से शरीर में मौजूद फैट बर्न नहीं हो पाते है जिसकी वजह मोटापा बढऩे लगता है और वजन कम करने में परेशानी होती है।गला खराबठंडा पानी पीने से आपके श्वसन तंत्र में म्युकोसा बन सकता है जो श्वसन तंत्र की सुरक्षात्मक परत होती है। जब यह परत सिकुड़ जाती है तो आपका श्वसन तंत्र अनावृत हो जाता है और इंफेक्शन की चपेट में आ जाता है।

इसी कारण गला खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।हार्ट रेट को कम करता हैबर्फ का पानी या ठंडा पानी पीने से आपका हार्ट रेट कम हो सकता है। रिसर्च से पता चला है कि ठंडा पानी वेगस तंत्रिका को उत्तेजित करता है।

वेगस तंत्रिका 10 वीं कपाल तंत्रिका है और यह शरीर के स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शरीर के अनैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करती है। वेगस तंत्रिका हार्ट रेट को कम करने में मध्यस्थता करती है और ठंडा पानी इस तंत्रिका को उत्तेजित करता है जिसके कारण हार्ट रेट कम हो जाता है। (एजेंसी)

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लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने के पांच फायदे

15.06.2022 – लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने के पांच फायदे.  प्लास्टिक की कंघी से बाल करने से बहुत बाल टूटते हैं और इससे स्कैल्प का प्राकृतिक तेल भी प्रभावित होता है। यही वजह है कि हेयर केयर एक्सपर्ट्स लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं क्योंकि यह स्कैल्प को पोषित करने के साथ-साथ सिर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर रखने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त, यह पर्यावरण के भी अनुकूल है। आइए आज हम आपको लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने के पांच फायदे बताते हैं।

डैंड्रफ को कम करने में है सहायक

प्लास्टिक या फिर किसी भी अन्य धातु की कंघी आपके स्कैल्प पर रूखापन बढ़ाकर डैंड्रफ की समस्या पैदा कर सकती है, जो आपके बालों के लिए नुकसानदायक है। हालांकि, लकड़ी की कंघी स्कैल्प की प्राकृतिक तेल को नुकसान पहुंचाए बिना कोमलता से अपना काम करती है, जिससे डैंड्रफ भी नहीं होता। दरअसल, यह आपके स्कैल्प पर तेल उत्पादन को उत्तेजित करती है और स्कैल्प पर तेल के खराब फैलाव को रोकती है, जो डैंड्रफ को दूर रखने में मददगार है।

बालों का झडऩा होगा खत्म

प्लास्टिक की कंघी फेराते समय बाल काफी ज्यादा खींचते हैं, जिससे बालों के झडऩे की संभावना बढ़ जाती है। खासकर, अगर बाल में लगी किसी गांठ को सुलझाना हो तो बाल काफी ज्यादा झड़ते हैं। हालांकि, लकड़ी की कंघी से ऐसा कुछ नहीं होता है। यह आपके बालों को बिना खींचे आसानी से उन्हें सुलझा सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी हेयर केयर किट में प्लास्टिक की बजाय लकड़ी की कंघी को शामिल करें।

ग्रेसी बालों से मिलेगा छुटकारा

जो लोग ग्रेसी बालों की समस्या का सामना करते हैं तो वे इससे छुटकारा पाने के लिए कई तरह के महंगे-महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं, फिर भी उन्हें मनचाह परिणाम नहीं मिल पाता। हालांकि, लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से आपकी यह समस्या खत्म हो सकती है क्योंकि यह कंघी स्कैल्प के सीबम के उत्पादन को नियंत्रित करती है, जिससे आपके बाल ग्रेसी नहीं होते हैं।

स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन होगा बेहतर

प्लास्टिक की कंघी बालों के लिए कठोर होती है, जबकि लकड़ी की कंघी कोमलता से बालों को सुलझाने में मदद करती है और इनकी गुणवत्ता में भी सुधार करती है। लकड़ी की कंघी कार्बन आधारित होती हैं, जो स्कैल्प की मालिश करने में मदद करती है और इससे खरोंच या जलन जैसी समस्याएं नहीं होती है। इस वजह से लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में काफी मदद कर सकती है।

स्कैल्प को किसी भी एलर्जी से बचाने में है सहायक

लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करना हर तरह के बालों के लिए सुरक्षित है। भले ही आपका स्कैल्प संवेदनशील प्रकार की ही क्यों न हो। प्लास्टिक या अन्य धातु की कंघी कभी-कभी खोपड़ी पर एलर्जी या जलन पैदा कर सकती है, जबकि लकड़ी की कंघी से ऐसा कुछ नहीं होता। प्राकृतिक घटकों से बनी लकड़ी की कंघी पर एक सुरक्षात्मक कोटिंग होती है, जो आपकी खोपड़ी को एलर्जी या किसी भी जलन से बचाती है।(एजेंसी)

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झूठा हंसना भी सेहत को पहुंचाता है ढेरों फायदे

15.06.2022 – हंसी को सबसे बढिय़ा दवा माना गया है, फिर भी हम जिंदगी की आपाधापी में हंसना भूल जाते हैं। क्या आपको बता है आपकी एक छोटी सी मुस्कान दूसरों को खुशी का एहसास करा सकती है और यह खुद के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। जिस तरह अच्छी हवा, अच्छा खानपान सेहतमंद रहने के लिए जरूरी होता है, उसी प्रकार आपकी हंसी भी आपको स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है। जर्मन वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च के मुताबिक गुस्सा निकालना भी जरूरी होता है क्योंकि इससे कई जानलेवा बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। गुस्से को दबा लेने या मन ही मन घुटने वाले लोगों में स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टीसोल का स्तर बढ़ जाता है और उन्हें हार्ट अटैक, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां होने का खतरा 37त्न तक बढ़ सकता है, इसलिए अपने गुस्से को हंस कर निकाल दें।

अगर आप सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई भी बीमारी, चाहे मानसिक हो या शारीरिक आपके पास भी नहीं आएगी। हेल्थ एक्पर्ट के मुताबिक, रोजाना हंसने से सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ ही इससे शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है। तो चलिए आज हम विस्तार से आपको हंसने से सेहत को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं…

* खुलकर हंसने से हमारे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है। दरअसल, जब हम हंसते हैं तो हमारे शरीर में ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचता हैं। जो हार्ट पंपिग रेट को ठीक रखने में मदद करता है।

* हँसना हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है, जो कई तरह की बीमारियों से लडऩे में फायदा पहुंचाता है। इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरुरी है हँसना।

* जिंदगी को खुलकर जीने वाले लोगों का बुढ़ापा खुशी से बीतता है। खुश रहने वाले बुजुर्ग लोगों को बिस्तर से उठने में, कपड़े पहनने में या नहाने में कोई दिक्कत नहीं होती।

*अगर आपको रात में आसानी से नींद नहीं आती तो आज से ही हंसने की आदल डाल लें। हंसने से शरीर में मेलाटोनिन नाम का हार्मोन बनता है, जो हमें सुकून की नींद देने में मदद करता है।

*हंसने से हमारा दिल बेहतर तरीके से काम करने लगता है। साथ ही नियमित रूप से हंसने से हार्ट अटैक और अन्य दिल से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

*अगर आप झूठा भी हँसते है वो भी आपके लिए फायदेमंद रहता है। कई शोधों में साबित हुआ है कि नकली हंसी में भी आपकी कई मसल्स काम करती हैं और रिलेक्स महसूस करती हैं। साथ ही हंसने से शरीर में प्लेजर हार्मोंस का स्राव होता है, जिससे व्यक्ति का मूड ठीक रहता है।

*यंग और खूबसूरत दिखने की हर किसी को चाहत होती है। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो खुलकर हंसना शुरू कर दें। क्योंकि जब हम हँसते हैं तो हमारे चेहरे में मौजूद मांसपेशियां अच्छी तरह से काम करने लगती हैं। जिससे चेहरे के चारों तरफ ब्लड सर्क्युलेशन अच्छी तरह से होता है। जो हमें यंग और खूबसूरत दिखाता है।

*जो लोग अधिक हंसते हैं वे लंबे समय तक युवा दिखते हैं। हंसने से चेहरे की मांसपेशियों की बेहतर एक्सरसाइज होती है, जिससे चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़तीं। हंसने से दिल तक पहुंचने वाली धमनियों में खून का प्रवाह सुचारू रूप से होता है, जिससे हृदय रोगों की समस्या भी नहीं होती।

*तनाव को कम करने के लिए सबसे बेहतर दवा है हंसी। आपके दिमाग और शरीर को कंट्रोल करने का जो काम हंसी कर सकती है, वह दुनिया की कोई दवा नहीं कर सकती। विशेषज्ञों के अनुसार हंसना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे आप सामाजिक बने रहते हैं और लोगों के साथ जुड़े रहने पर आपको तनाव या अवसाद जैसी समस्या नहीं सताती हैं।

*दिल व दिमाग के बोझ को आप बड़ी आसानी से हंसी मजाक करके कम कर सकते हैं। अगर आप खुश रहते है तो आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आप इसे अपने इर्द-गिर्द भी फैलाते हैं। आप जो काम करते हैं, उस पर अच्छे से फोकस कर पाते हैं। हंसने से आपकी बॉडी रिलेक्स होती है। कुछ देर तक खुलकर हंसने से मांसपेशियां कम से कम 45 मिनट तक रिलेक्स महसूस करती हैं। इसके अलावा आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

*जब हम हंसते हैं तो हमारे फेफड़ों से हवा तेजी से निकलती है, जिस वजह से हमें गहरी सांस लेने में मदद मिलती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर तरीके से होती है। साथ ही हंसने से हमें एनर्जी भी मिलती है, जो हमारे शरीर से थकावट और सुस्ती को दूर करती है।

किस उम्र में हो कितनी हंसी एक दिन में

5 साल से कम

औसतन हंसते हैं: 350 से 400 बार

हंसना चाहिए: 400 बार से ज्यादा, एक बार में कम से कम 2 से 5 सेकंड के लिए

5 साल से ज्यादा

औसतन हंसते हैं: 30 से 40 बार 3 से 7 सेकंड के लिए

हंसना चाहिए: 50 बार से ज्यादा, एक बार में कम से कम 5 से 7 सेकंड के लिए

(एजेंसी)

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खून में घुल चुका है यूरिक एसिड तो बाहर निकालने के लिए खाएं ये फल

13.06.2022 – यूरिक एसिड खून में पाया जाने वाला एक गंदा पदार्थ है। जी दरअसल यह तब बनता है जब शरीर प्यूरीन नाम के रसायनों को तोड़ता है। आपको बता दें कि यूरिक एसिड खून में घुल जाता है और किडनी से होकर टॉयलेट के साथ निकल जाता है लेकिन कई बार यह निकल नहीं पाता और खून में जमा होता रहता है इससे आपको हाइपरयूरिसीमिया नाम की बीमारी का खतरा हो सकता है.

हाइपरयूरिसीमिया बीमारी की वजह से यूरिक एसिड क्रिस्टल का रूप ले लेता है और ये क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो जाते हैं और गठिया गाउट का कारण भी बन सकते हैं। जी दरअसल कई बार ये किडनी में भी जा सकते हैं पथरी भी बना सकते हैं। हालाँकि यूरिक एसिड से बचने का सबसे आसान उपाय यह है कि आप उन चीजों का सेवन न करें जिनमें प्यूरीन की मात्रा कम होती है। जी दरअसल यूरिक एसिड के लिए कई दवाएं और इलाज हैं लेकिन आप कुछ फलों को अपनी डाइट में शामिल करके नैचुरली इसका लेवल कम कर सकते हैं।

सिट्रस फ्रूट्स

अंगूर, संतरा, अनानास और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों में विटामिन सी पाया जाता है जो आपके यूरिक एसिड लेवल को कम करते हैं। इसी के साथ गाउट के जोखिम को भी रोकने में मदद करते हैं हालाँकि अगर आप अपने गठिया के लिए ‘कोल्सीसिन’ दवा लेते हैं तो अंगूर न खाएं क्योंकि यह आपकी दवा के असर को कम कर सकता है।

एवोकैडो

अगर आप यूरिक एसिड को कम करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में एवोकैडो शामिल कीजिये। जी दरअसल यह एंटीऑक्सीडेंट का एक बेहतर स्रोत है। आपको बता दें कि एवोकाडो में विटामिन ई की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो एक एंटी-इंफ्लेमेटरी है जो गाउट को रोकने में मदद कर सकता है।

एप्पल

सेब में फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो यूरिक एसिड लेवल को कम करने में मदद करती है। इसी के साथ फाइबर आपके शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को खत्म करता है। वहीं सेब में मैलिक एसिड होते हैं जो शरीर में यूरिक एसिड के प्रभाव को बेअसर कर देते हैं। (एजेंसी)

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च्विंगम चबाने के फायदे

13.06.2022 – जी दरअसल लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार दोपहर का खाना खाने के बाद जो लोग च्विंगम चबाते हैं, उन्हें पूरे दिन भूख कम लगती है। केवल यही नहीं बल्कि इसके अलावा वह लोग अधिक कैलोरी वाले खाने-पीने के सामान को खाने से बचते हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश साइंसेज इंस्टिट्यूट के प्रोफेसर एंड्रयू शोले का कहना है कि च्विंगम चबाने से शॉर्ट टर्म मेमोरी की समस्या में 35 प्रतिशत से अधिक का सुधार होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि च्विंगम चबाने के दौरान दिमाग में खून का प्रवाह भी अच्छे से होता है।
पाचन क्रिया भी बेहतर

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार च्विंगम चबाने से तनाव कम होता है। केवल यही नहीं बल्कि लोग इसे चबाने के समय घबराहट महसूस नहीं करते। जी दरअसल च्विंगम चबाने के दौरान मुंह में थूक अधिक आता है। यह डायजेस्टिव एसिड को पेट से मुंह में आने से रोकता है। जी हाँ और यही कारण है कि खाना आसानी से पच जाता है और पाचन क्रिया भी बेहतर होती है।

डबल चिन से रहत- कई लोग ओरल हेल्थ को लेकर भी बहुत परेशान रहते हैं। वहीं च्विंगम चबाने से दांतों की सडऩ व मुंह से बुरी दुर्गंध समाप्त हो जाती है। इसके अलावा ऊपर से दांत भी साफ रहते हैं। वहीं जिन लोगों को डबल चिन होती है यानि गले के पास मोटापा दिखने लगता है, उनके लिए चुइंगम चबाना एक्सरसाइज जैसा है।

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कई तरह के होते हैं फेस पाउडर, जानिए आपको कौन सा चुनना चाहिए

10.06.2022 – फेस पाउडर एक तरह का मेकअप प्रोडक्ट है, जिसका इस्तेमाल मेकअप को सेट करने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, इसकी मदद से मुंहासों और महीन रेखाओं को भी छिपाने में मदद मिलती है। वैसे बाजार में पांच तरह के फेस पाउडर मौजूद हैं और अगर आपको नहीं पता कि इनमें से कौन-सा आपकी त्वचा के लिए बेहतरीन हैं तो परेशान न होइए। आइए जानते हैं कि किस तरह का फेस पाउडर आपकी त्वचा के लिए बेहतरीन है।

लूज पाउडर

लूज पाउडर आमतौर पर एक छोटे कंटेनर में आते हैं, जो हल्का कवरेज और प्राकृतिक फिनिश लुक देता है और आपके मेकअप को लंबे समय तक बरकरार रखने में मदद करता है। यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद करता है और मेकअप को मैट और फ्रेश लुक देता है। अगर आपकी त्वचा तैलीय या फिर मिश्रित प्रकार की है तो आपके लिए लूज पाउडर का इस्तेमाल करना अच्छा है।

प्रेस्ड पाउडर

प्रेस्ड पाउडर आसानी से इस्तेमाल करने के लिए एक नरम स्पंज के साथ कॉम्पैक्ट के रूप में आते हैं। यह पाउडर लूज पाउडर की तुलना में अधिक पिगमेंटेड होते हैं। इनमें आमतौर पर मोम और सिलिकॉन जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो एक थोड़े ठोस रूप में बदल जाते हैं। प्रेस्ड पाउडर अच्छा कवरेज प्रदान करते हैं और बिना मेकअप बेस के भी आप इसका इस्तेमाल अपने चेहरे पर कर सकते हैं।

बनाना पाउडर

बनाना पाउडर मेकअप की दुनिया में नया है। यह एक पीले रंग का टोंड पाउडर है, जो अल्ट्रा-फाइन स्थिरता में आता है। यह आपके कंसीलर को सेट करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, यह त्वचा पर आई किसी भी तरह की लालिमा को ठीक करता है। यह उन लोगों के लिए एकदम सही है, जिनके चेहरे पर दाग-धब्बे और काले घेरे हैं। यह त्वचा को एक अच्छी हाइलाइटिंग बनावट देगा और मेकअप को भी लंबे समय तक बनाए रखेगा।

मिनरल पाउडर

लूज और प्रेस्ड, दोनों रूपों में उपलब्ध मिनरल पाउडर छोटे सूक्ष्म कणों से बने होते हैं, जिनमें कोई सिंथेटिक तत्व नहीं होते हैं। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर ये पाउडर चेहरे पर एक सुरक्षित परत बनाता है और एक अच्छा कवरेज प्रदान करता है। आजकल बाजार में मिनरल पाउडर हर तरह की त्वचा के लिए मौजूद है, इसलिए आप अपनी त्वचा के प्रकार और इसकी जरूरत के हिसाब से ही मिनरल पाउडर का चयन करें।

पाउडर फाउंडेशन

अगर आपकी त्वचा तैलीय प्रकार की है तो आपके लिए पाउडर फाउंडेशन का इस्तेमाल करना अच्छा है। इसका मुख्य कारण है कि यह कई घंटों तक चेहरे के अतिरिक्त तैलीय प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, जिस वजह से मेकअप के फैलने की संभावना काफी कम हो जाती है। वहीं, इससे आपको मैट फिनिश मेकअप लुक मिलता है। हालांकि, इसके लिए एक अच्छा गुणवत्ता वाला पाउडर फाउंडेशन ही खरीदें। (एजेंसी)

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हाथों की ड्रायनेस दूर करेंगे, ये 4 हैंड स्क्रब्स

10.06.2022 – हाथों की ड्रायनेस दूर करेंगे, ये 4 हैंड स्क्रब्स,हाथ धोना एक अच्छी आदत है और कोरोना महामारी ने तो इस बात को और अच्छी तरह से समझा दिया है। बार-बार हाथ धोने से जर्म्स और बैक्टीरिया भले ही खत्म हो जाएं लेकिन इससे हाथ भी बहुत ज्यादा रूखे हो जाते हैं। जिससे बहुत इरीटेशन होती है। तो हाथों की ड्रायनेस दूर करने से लेकर उनकी गहराई से सफाई और नमी बनाए रखने के लिए इन हैंड स्क्रब्स का करें इस्तेमाल।

1. नींबू और चीनी

नींबू और चीनी के स्क्रब के फायदे कई मायनों में अद्भुत हैं। नींबू में विटामिन सी का एक प्राकृतिक स्त्रोत है। चीनी एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटर है जो डेड स्किन सेल्स को आसानी से हटा देता है।

पैक बनाने के लिए सामग्री

85 ग्राम चीनी, 32 ग्राम नारियल या जैतून का तेल, 1 नींबू का रस
विधि

*एक कटोरी में चीनी और नींबू का रस मिलाएं।

*इस मिश्रण को हाथों पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करते हुए रगड़ें।

*अब पानी से धोकर हैंड क्रीम लगाएं।

2. एवॉकाडो हैंड मास्क

एवॉकाडो बायोटिन का स्त्रोत है, जो शुष्क त्वचा और नाखूनों को नर्म बनाने में मदद करता है। दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो हाइड्रेट और एक्सफोलिएट करता है जबकि ऑलिव ऑयल कंडिशनिंग करता है।

पैक बनाने के लिए सामग्री

1 पका हुआ एवॉकाडो, 2 टेबलस्पून रॉ शहद, 1 टेबलस्पून जैतून का तेल, 2 टीस्पून दही
विधि

*एक ब्लेंडर में सारी चीज़ों को ब्लेंड कर लें।

*इस मिश्रण को हाथों पर लगाएं। इस पैक को लगाने के बाद 10-20 मिनट के लिए ग्लव्स पहनकर छोड़ दें। धो लें और फिर हैंड क्रीम लगाएं।

3. दलिया और एलोवेरा

दलिया, नारियल तेल और एलोवेरा जेल का मिश्रण त्वचा के लिए एक मॉयस्चराइजिंग के तौर पर काम करता है। इसे हाथों के लिए बेस्ट एक्सफोलिएटर माना जाता है।

पैक बनाने के लिए सामग्री

ग्राम दलिया, ग्राम मोटा समुद्री नमक, ग्राम नारियल तेल, टेबलस्पून एलोवेरा जेल
विधि

*एक बोल में सारी चीज़ें मिलाएं।

*हाथों पर लगाएं और 2-3 मिनट के लिए सर्कुलर मोशन में धीरे से स्क्रबिंग करें।

*नॉर्मल पानी से धो लें और फिर मॉयस्चराइजर लगा लें

4. कोकोनट ऑयल

नारियल का तेल अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है, जो त्वचा के प्राकृतिक पीएच स्तर को सुधारने में सहायक होता है। इसके रोजाना इस्तेमाल का असर आपको कुछ ही समय में नजर आने लगेगा।

पैक बनाने के लिए सामग्री

1 चम्मच ऑर्गेनिक नारियल तेल, 1 टेबलस्पून नारियल का बुरादा

विधि

*तेल में नारियल का बुरादा मिलाकर हाथों और क्यूटिकल्स पर रगड़ें।

*लगाने के बाद हाथों को तौलिए या किसी कपड़े से लपेट लें और पांच मिनट रखें।

*फिर हैंड वॉश कर लें और क्रीम लगा लें।

(एजेंसी)

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साइकिल सुबह के समय चलाएं , जानें क्या है इसके फायदे

09.06.2022 -साइकिल सुबह के समय चलाएं , जानें क्या है इसके फायदे.  स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना बहुत जरूरी होता है। लेकिन कुछ लोग फिट रहने के लिए व्यायाम की बजाय साइकिल जैसी एक्टिविटी करते हैं।

आपने भी अपने जीवन में कभी न कभी साइकिल जरूर चलाई होगी और आप यह भी जानते हैं कि यह एक अच्छा व्यायाम है। लेकिन साइकिल चलाने से मिलने वाले लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरीका होना बेहद जरूरी है। आज विश्व साइकिल दिवस के मौके पर हम साइकिल चलाने का सही तरीका और उससे मिलने वाले फायदों के बारे में जानेंगे।
साइकिल चलाने का सही तरीका

1. धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाएं-

साइकिल चलाना शुरू करते हुए उसे दौड़ाना शुरू न करें बल्कि धीरे-धीरे उसकी तीव्रता को बढ़ाएं। कम से कम 200 से 300 मीटर की दूरी तक रिलैक्स होकर साइकिल चलाएं।

2. दोनों पैरों की पोजीशन का ध्यान रखें-

यह ध्यान रखें कि आपके दोनों पैर पैडल पर समान पोजीशन पर ही रखे गए हैं। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि पैडल पर पैर का पंजा या एड़ी न रखें। बल्कि पंजे से ठीक पिछला हिस्सा पैडल पर रखें

3. आगे की तरफ न झुकें-

साइकिल चलाते समय आगे की तरफ झुकने की कोशिश न करें बल्कि यह ध्यान रखें कि आपकी रीढ़ की हड्डी में ज्यादा मोड़ तो नहीं आया है। हालांकि, आप थोड़ा सा आगे की तरफ मुड़ सकते हैं, लेकिन पूरी तरह कमर मोड़ कर रखना रीढ़ की हड्डी को परेशान कर सकता है।

4. हैंडल को जोर से न पकड़ें-

साइकिल चलाते समय आपको यह ध्यान रखना है कि आप हैंडल को रिलैक्स होकर पकड़ रहे हैं। हालांकि, अगर आप स्पीड से साइकिल चला रहे हैं, तो हैंडल को इतना हल्के से भी पकडऩा नहीं चाहिए।

साइकिल चलाने के फायदे

वैसे तो आप साइकिल किसी भी समय चला सकते हैं और उसके फायदे भी ले सकते हैं। लेकिन सुबह के समय साइकिलिंग करने के अपने अलग ही फायदे होते हैं। सुबह के समय साइकिल चलाने के प्रमुख फायदों में निम्न शामिल हैं-

1. शरीर फिट रहता है-

अगर आप फिट रहना चाहते हैं, तो रोजाना सुबह के समय कम से कम 30 मिनट साइकिल चलाना शुरू करें। इससे शरीर की अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे अपने आप गायब होना शुरू हो जाएगी।

2. मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है-

सुबह के समय साइकिल चलाते समय आपको ताजी हवा मिलती है, जिसे मन अच्छा होता है। साथ ही डिप्रेशन जैसी समस्याओं को भी सुबह के समय साइकिलिंग करके दूर किया जा सकता है।

3. मांसपेशियां मजबूत होती हैं-

अच्छी मस्कुलर बॉडी चाहिए तो रोजाना सुबह के समय कम से कम 40 मिनट तक साइकिल चलाएं। साइकिल चलाने से शरीर की कई मांसपेशियों में खिंचाव आता है और वे मजबूत बनती हैं।

4. पाचन क्रिया तेज होती है-

साइकिल मांसपेशियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। अगर आपको पेट में गैस, बदहजमी, दस्त या कब्ज आदि में से कोई भी समस्या महसूस हो रही है, तो आपको रोज सुबह उठकर साइकिलिंग करने की आदत डाल लेनी चाहिए। (एजेंसी)

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गर्दन के कालेपन को करें दूर, अपनाएं ये तरीके

09.06.2022 – गर्दन के कालेपन को करें दूर, अपनाएं ये तरीके. जिस तरह से हम अपने चेहरे की देखभाल करते हैं ठीक उसी तरह हमे अपने पूरे शरीर की देखभाल करना बेहद ज़रूरी हो जाता है. सिर्फ चेहरे के सुन्दर दिखने से हमारी पूरी बॉडी पर असर नहीं होता.
शरीर के हर अंग को साफ़ रखना उतना ही ज़रूरी होता है जितना चेहरे को. ऐसे में हमारी गर्दन एक ऐसा भाग है जो कि साफ़ सफाई के विषय में कई बार पीछे छूट जाता है. जिसके कारण हमारी गर्दन गन्दी दिखने लगती है.वैसे देखा जाये तो गर्दन के कालेपन का कारण डिहाइड्रेशन, टैनिंग भी हो सकता है.

कई लोग अपने गर्दन के कालेपन को दूर करने के लिए मार्किट के प्रोडक्ट्स का भी इस्तेमाल करते हैं. ऐसा करने से भी हमे कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता है. इसलिए इन महंगे प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के बजाये आप घरेलू प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.
खीरा, एलोवेरा जेल और गुलाब जल

सामग्री-

2 बड़ा चम्मच खीरे का रस

1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल

एक छोटा चम्मच गुलाब जल.

विधि-एक बाउल में इन तीनों सामग्री को मिला लें. इस मिश्रण को कॉटन बॉल की सहायता से अपनी गर्दन पर लगाएं. आपके लिए अच्छा होगा कि इसे आप रात में गर्दन पर लगाएं और ओवरनाइट ऐसे ही लगा रहने दें. नियमित रूप से आप इस मिश्रण को सुबह और रात में सोने से पहले गर्दन पर लगाए. आपको अच्छे रिजल्ट ज़रूर मिलेंगे.
हल्दी , बेसन और दही

सामग्री-

एक बड़ा चम्मच बेसन

एक छोटा चम्मच दही

एक चुटकी हल्दी

विधि-एक बाउल में तीनो सामग्री को मिला लें और गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. इसे अपने गर्दन पर लगाएं याद रखें की ये गर्दन पर सुखना नहीं चाहिए. आप इस उबटन का रोज़ाना इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपको अच्छा रिजल्ट मिल सकता है.

टमाटर का रस और कॉफ़ी पाउडर

सामग्री-

एक बड़ा चम्मच टमाटर का रस

एक छोटा चम्मच कॉफ़ी पाउडर

विधि-इस पैक को बनाने के लिए टमाटर के रस में कॉफ़ी पाउडर को मिक्स करें और स्क्रब करें. इस स्क्रब की मदद से गर्दन को साफ करें. इसको दो से तीन मिनट बाद गर्दन से साफ़ कर लें. (एजेंसी)

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नींबू को इन तरीकों से करें स्टोर, लंबे समय तक रहेंगे फ्रेश

08.06.2022 – अगर नींबू को सही ढंग से स्टोर न किया जाए तो कुछ ही दिनों में ये सूखने लगते हैं। वहीं, इनका स्वाद भी खराब लगता है, जिस वजह से इन्हें मजबूरन फेंकना पड़ जाता है। अगर आप यह नहीं चाहते हैं कि आपके द्वारा लाए गए नींबू जल्दी खराब हो तो आइए आज हम आपको इन्हें स्टोर करने के पांच बेहतरीन तरीके बताते हैं ताकि नींबू लंबे समय तक फ्रेश रहें।
फ्रीजर में स्टोर करें नींबू

जब भी आप नींबू खरीदकर लाएं तो इन्हें धोकर एक जिप लॉक बैग में रखकर फ्रीजर में रख दें और जब आपको उनकी आवश्यकता हो तो आप नींबू को फिर से नरम होने तक डीफ्रॉस्ट कर सकते हैं। डीफ्रॉस्ट के लिए आप नींबू को हल्के गर्म पानी में कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इस तरीके से आप नींबू के ताजे रस का इस्तेमाल कर पाएंगे। फ्रीजर में रखें नींबू का इस्तेमाल आप तीन-चार महीने तक कर सकते हैं।
एयर टाइट कंटनेर का करें इस्तेमाल

आप चाहें तो नींबू को स्टोर करने के लिए एयर टाइट कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले सारे नींबू को साफ पानी से धो लें, फिर इन्हें बीच में से काटकर इनका रस एक कटोरी में निकाल लें। इसके बाद कटोरी वाले रस को किसी एयर टाइट कंटेनर में डालकर फ्रिज में रख दें। इस तरह से आप चार दिनों तक नींबू के रस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नींबू को काटकर करें स्टोर

इसके लिए सबसे पहले सारे नींबू को धोकर छोटे-छोटे में काट लें, फिर इनके बीज निकालें। इसके बाद नींबू के टुकड़ों को एक बेकिंग शीट पर फैलाकर फ्रीजर में रखें और जब ये ठोस हो जाएं तो इन्हें एक जिप लॉक बैग में डालकर दोबार फ्रीजर में कर दें। इस तरह से नींबू तीन से चार महीने तक चलेंगे। हालांकि, इस्तेमाल करने से पहले नींबू के टुकड़ों को कुछ देर के लिए कमरे के तापमान पर छोड़ दें।
फ्रिज में करें स्टोर

नींबू को स्टोर करने के लिए इन्हें फ्रिज में भी रखा जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले एक प्लास्टिक के रेपर से सारे नींबू को लपेटें और उसे किसी धागे से बांधकर फ्रिज में रख दें। आप चाहें तो नींबू को पेपर टॉवल में लपेटकर भी फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं। इस तरह से आप नींबू का इस्तेमाल लगभग दो-तीन सप्ताह तक कर सकते हैं।

आप चाहें तो नींबू को कमरे के तापमान पर भी स्टोर कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि इन पर सीधी धूप न पड़े। इस तरीके से नींबू कम से कम छह दिन तक ठीक रहेंगे। (एजेंसी)

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फटी एडिय़ों में वैसलीन के साथ मिलाकर रातभर लगे रहने दे यह चीज

08.06.2022 -फटी एडिय़ों में वैसलीन के साथ मिलाकर रातभर लगे रहने दे यह चीज.  फटी एडिय़ों की समस्या आज के समय में हर किसी को परेशां करती है। हालाँकि इसके लिए नींबू रामबाण है। जी हाँ, आप इसके इस्तेमाल से कुछ ही दिनों में फटी एडिय़ों की परेशानी को दूर कर सकते हैं।

आप सभी को बता दें कि नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण फटी एडिय़ों की परेशानी को दूर करने में प्रभावी हो सकता है। इसी के साथ ही यह एडिय़ों में सूजन, दरारों को कम कर सकता है। अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं फटी एडिय़ों के लिए नींबू के फायदों के बारे में और इसका इस्तेमाल कैसे करना है।

रातभर मोजे में नींबू रखकर सोएं

अगर आप काफी दिनों से फटी एडिय़ों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो यह नुस्खा काम का है। इसके लिए आपको 1 नींबू के छोटे से टुकड़े को मोजे में डालकर पहनकर सोने की जरूरत है। वहीं रातभर मोजे में मौजूद नींबू आपके पैरों को मॉइश्चराइज कर सकता है और इससे आपके पैरों में नमी बनी रहेगी, जो पैरों के रूखेपन को दूर कर सकता है। वैसे आप चाहे तो मोजे में नींबू डालने से पहले इसे अपने तलवों पर रगड़ लें।

नींबू और पेट्रोलियम जेली

जी दरअसल इन दोनों का मिश्रण आपके पैरों को सॉफ्ट कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए रात में सोने से पहले नींबू और पेट्रोलियम जेली का मिश्रण तैयार कर लें। उसके बाद इस मिश्रण को सोने से पहले अपने पैरों पर लगा लें। वहीं सुबह उठकर अपने पैरों को धो लें। जी दरअसल नियमित रूप से इस तरह पैरों में नींबू लगाने से फटी एडिय़ों की परेशानी दूर हो सकती है।

सीधे तौर पर एडिय़ों में रगड़े नींबू

रात में सोने से पहले नींबू के रस को अपनी एडिय़ों पर रगड़ें। आप सुबह उठकर अपने पैरों को गर्म या गुनगुने पानी से अच्छी तरह से धो लेंक्योंकि नियमित रूप से ऐसा करने से आपके पैरों की खूबसूरती बढ़ेगी।

नारियल तेल और नींबू

इसको इस्तेमाल करने के लिए रात में सोने से पहले नारियल तेल में नींबू के रस की कुछ बूंदें मिक्स कर लें और अब इस मिश्रण को अपने पैरों पर रगड़ लें। उसके बाद पैरों की हल्की सी सिंकाई करें, ऐसा करने से कुछ समय तक पैरों की मसाज करने से थकान कम होगी और इसके बाद मोजे पहनकर सो जाएं। वहीं सुबह उठकर पैरों को गुनगुने पानी से धो लें। इससे आपके पैर सॉफ्ट होंगे और फटी एडिय़ों की परेशानी दूर होगी। (एजेंसी)

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इलायची की चाय पीने से मिलते हैं ये स्वास्थ्य लाभ

07.06.2022 – इलायची की चाय पीने से मिलते हैं ये स्वास्थ्य लाभ. कई लोग अपने दिन की शुरूआत चाय और कॉफी से करना पसंद करते हैं। खासकर, चाय में तो कई तरह के फ्लेवर मौजूद हैं। किसी को ग्रीन टी पसंद है तो कोई कड़क चाय या नींबू की चाय का जायका लेना पसंद करता है। वहीं, इलायची की चाय पीने वालों की भी कमी नहीं है क्योंकि इस चाय का सेवन कई तरह के स्वास्थ्य लाभ देने में सक्षम है। आइए इस चाय को बनाने का तरीका और इसके फायदे जानें।

इलायची की चाय बनाने का तरीका

सामग्री: तीन-चार हरी इलायची या आधा चम्मच हरी इलायची का पाउडर, एक कप पानी, एक चौथाई चम्मच चायपत्ती, थोड़ा सा दूध (वैकल्पिक) और शहद (स्वादानुसार)। चाय बनाने का तरीका: सबसे पहले एक पैन में पानी को गर्म करें, फिर उसमें चायपत्ती डालें और जब पानी में उबाला आ जाए तो कूटी हरी इलायची या फिर हरी इलायची का पाउडर और दूध डालकर फिर से उबालें। अब चाय को एक कप में छानकर डालें और इसमें शहद मिलाकर इसका सेवन करें।

पाचन को दुरुस्त रखने में है सहायक

इलायची की चाय का सेवन पाचन क्रिया के लिए बहुत फायदेमंद होती है। एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि इलायची की चाय पाचन एंजाइम को उत्तेजित करके पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद कर सकती है। इसके साथ ही यह कब्ज, डायरिया, अपच और गैस जैसी समस्याओं से निजात दिलाने का भी काम कर सकती है। इसके लिए बस रोजाना एक कप इलायची की चाय का सेवन करना सुनिश्चित करें।

हृदय के स्वास्थ्य के लिए है लाभदायक

एक शोध के अनुसार, इलायची की चाय में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट धमनियों के सेल्स से कोलेस्ट्रॉल को हटाकर हृदय को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही ये धमनियों के सख्त होने और इससे होने वाली समस्या एथेरोस्क्लेरोसिस से भी निजात दिलाने में सहायक हैं। एक अन्य शोध के मुताबिक, इलायची की चाय का सेवन हृदय में रक्त संचार में सुधार लाता है, जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर के स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद मिलती है।

सर्दी और खांसी से मिलेगी जल्द राहत

मौसम में बदलाव के कारण सर्दी और खांसी जैसी समस्याएं होना सामान्य बात है, लेकिन ये काफी परेशान कर देती हैं, इसलिए इनसे जल्द राहत पाना जरूरी है। आप चाहें तो सर्दी और खांसी के उपचार के लिए इलायची की चाय का सेवन कर सकते हैं। कई अध्ययन के मुताबिक, इलायची की चाय एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-सेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो इन समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार हैं।

ताजा सांस के लिए करें इस चाय का सेवन

इलायची की चाय में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो मुंह के कीटाणुओं को दूर कर मुंह की बदबू से राहत दिलाने में सहायक होते हैं। इसके अलावा, इलायची की चाय में मौजूद मेंथॉल प्रभाव की वजह से ताजगी का अहसास भी होता है। आप चाहें तो माउथ फ्रेशनर के रूप में भी इसका सेवन कर सकते हैं। इन्हीं फायदों की वजह से इलायची की चाय का सेवन मुंह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। (एजेंसी)

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