प्राकृतिक आपदाओं पर मायावती की प्रतिक्रिया, केंद्र और राज्य सरकारों से मानवीय रुख अपनाने की अपील

लखनऊ ,04 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न हालात पर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि इन आपदाओं के कारण पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, असम सहित कई राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में जान-माल और पशुधन की भारी क्षति हो रही है। साथ ही गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या ने करोड़ों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इन कठिन हालातों में जनता को भारी परेशानियों और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पीडि़तों की मदद के लिए आम लोगों की तरफ से स्वयं आगे आने की खबरें और तस्वीरें संतोषजनक हैं और यह मानवता की भावना को दर्शाता है।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि वे इस आपदा के समय अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएं और पीडि़तों की हर संभव सहायता करें। मायावती ने कहा कि सरकारों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल राहत पहुंचाने के लिए कदम उठाने चाहिए।

इसके साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने सुझाव दिया कि भविष्य में इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए बुनियादी जनसुविधाओं और ढांचे पर लगातार ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि हर साल आम जनजीवन, खासकर किसानों, गरीबों, मजदूरों और मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी पर इस तरह का विपरीत असर न पड़े।

गौरतलब है कि इस बार मानसून में पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। पहाड़ों में बारिश के साथ भूस्खलन और बादल फटने जैसे घटनाएं भी हुईं।

पहाड़ों पर भारी बारिश और बादल फटने जैसे घटनाओं के कारण मैदानी इलाकों में हालात और गंभीर हुए हैं। नदियां उफान पर हैं। पिछले दो महीने में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की इन घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।

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जीएसटी में बदलाव देश की अर्थव्यस्था में मील का पत्थर साबित होंगे : सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली ,04 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि जीएसटी काउंसिल के नए सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले हैं और आने वाले वर्षों में यह मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी को पूरी तरह से शून्य करने को भी एक ऐतिहासिक कदम बताया।

जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद घोषित नए सुधारों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली के नागरिक इन सुधारों का हृदय से स्वागत करते हैं। उन्होंने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन निर्णयों से आम नागरिक को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब हर नागरिक स्वतंत्र रूप से अपना जीवन बीमा ले सकेगा, अपनी जिंदगी को मूल्य दे सकेगा। यह कदम न केवल आर्थिक सुरक्षा देगा बल्कि सामाजिक न्याय को भी सशक्त करेगा।

शिक्षा क्षेत्र में राहत की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक सामग्री पर जीएसटी खत्म करना विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए बहुत बड़ी राहत है।

उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा सस्ती और सुलभ होगी तथा हर बच्चा बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकेगा। नए बदलावों में देश के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र और नवीकरणीय ऊर्जा पर दी गई जीएसटी छूट से देश और दिल्ली दोनों को व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार लंबे समय से सौर ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है और यह निर्णय उन प्रयासों को नई गति देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसिल की बैठक में प्रत्येक बिंदु पर गहन विचार-विमर्श के बाद जो फैसले लिए गए, वे न केवल दूरदर्शी हैं बल्कि देश की आर्थिक विकास यात्रा में बेहद मजबूत कदम साबित होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस इस विषय को भी राजनीति से जोड़ रही है।

यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि देश और नागरिकों के हित में उठाए गए इन कदमों का समर्थन करने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से दिल्ली सहित पूरे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, नागरिकों का जीवन आसान होगा और भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाएगा।

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विधानसभा बनी अखाड़ा, टीएमसी और बीजेपी विधायकों के बीच हाथापाई, फेकी बोतलें

कोलकाता ,04 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में उस वक्त जबरदस्त हंगामा हो गया, जब बीजेपी और टीएमसी विधायक आपस में भिड़ गए। जानकारी के अनुसार अल्पसंख्यकों से जुड़े एक बिल पर चर्चा के दौरान हंगामा शुरू हुआ।

जिस की वजह से विधानसभा स्पीकर को मार्शल बुलाने पड़े। इस दौरान बीजेपी के चीफ व्हिप शंकर घोष को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। उनके अलावा बीजेपी के 4 और विधायकों को भी सस्पेंड कर दिया गया।

हंगामे के दौरान टीएमसी और बीजेपी विधायकों के बीच हाथापाई भी हुई। इस दौरान जब पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने बीजेपी विधायक और पार्टी के मुख्य सचेतक डॉ. शंकर घोष को निलंबित करने के बाद उन्हें बाहर निकालने के लिए मार्शल बुलाए, तो तनाव पैदा हो गया।

बीजेपी विधायक आसन के सामने आ गए। उन्होंने जय श्री राम के नारे लगाए और कार्यवाही बाधित की। जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली प्रवासी कामगारों पर हमलों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित करने की कोशिश कर रही थी। शंकर घोष के साथ भगवा पार्टी की अग्निमित्रा पॉल को भी पश्चिम बंगाल विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।

स्पीकर बिमान बनर्जी ने उन्हें बाहर निकालने के लिए महिला मार्शल बुलाए। इसके अलावा तीन अन्य बीजेपी विधायकों अशोक डिंडा, बमकिन घोष और मिहिर गोस्वामी को भी सदन से निलंबित कर दिया गया हैं। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि हंगामे के दौरान सत्ता पक्ष की बेंच से उन पर पानी की बोतलें फेंकी गईं।

सीएम ममता ने बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बंगाल विरोधी होने और बंगालियों के उत्पीडऩ पर चर्चा को रोकने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रस्ताव पर बोलने वाली थीं, तभी भाजपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद घोष को निलंबित कर दिया गया।

बीजेपी विधायकों ने जानना चाहा कि दो सितंबर को विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को क्यों निलंबित किया गया था। जब घोष ने जाने से इनकार किया तो मार्शल की मदद से उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया। मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों के असंसदीय आचरण की निंदा की।

ममता बनर्जी ने कहा कि वे बंगाली प्रवासियों के अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित एक गंभीर चर्चा को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे। हंगामे के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके कारण कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

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झारखंड में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, दो जवान शहीद; एक गंभीर घायल

पलामू 04 Sep, (एजेंसी): झारखंड के पलामू जिले में पुलिस और प्रतिबंधित संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के नक्सलियों के बीच बुधवार की देर रात हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना मनातू थाना क्षेत्र के केदल जंगल में रात लगभग एक से डेढ़ बजे के बीच हुई। पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने मुठभेड़ और शहादत की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी का 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर शशिकांत गंझू करमा पर्व पर अपने गांव केदल पहुंच सकता है।

इसी आधार पर पुलिस ने विशेष सर्च अभियान चलाया। जैसे ही पुलिस टीम गांव के करीब पहुंची, नक्सलियों को इसकी भनक लग गई। शशिकांत गंझू और उसके दस्ते ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।

गोलीबारी के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी को तुरंत डालटनगंज स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो जवानों को मृत घोषित कर दिया। शहीद जवानों की पहचान संतन कुमार और सुनील राम के रूप में की गई है। इनमें से एक जवान पलामू एएसपी का अंगरक्षक था। घायल जवान का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह इलाका लंबे समय से टीएसपीसी का गढ़ माना जाता है। शशिकांत गंझू इसी क्षेत्र से पलामू और चतरा जिलों में संगठन की गतिविधियों को नियंत्रित करता रहा है। झारखंड सरकार ने उस पर दस लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शशिकांत और उसके दस्ते की इलाके में सक्रियता की लगातार सूचना मिल रही थी, जिसके बाद अभियान चलाया गया। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। आसपास के गांवों में भी पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है।

पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि घायल जवान के इलाज की हर संभव व्यवस्था की गई है।

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जीएसटी 2.0 पर जयराम रमेश का सवाल,क्या परिषद एक औपचारिकता रह गई है?

नई दिल्ली 04 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने जीएसटी 2.0 को लेकर केंद्र सरकार की हालिया घोषणाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से जीएसटी 2.0 की वकालत करती रही है। मैं पूछता हूं कि क्या जीएसटी परिषद अब केवल एक औपचारिकता बनकर रह गई है?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लंबे समय से जीएसटी 2.0 की वकालत करती रही है, जो दरों की संख्या घटाए, बड़े पैमाने पर उपभोग होने वाली वस्तुओं पर टैक्स की दरें कम करे, टैक्स चोरी, गलत वर्गीकरण और विवादों को न्यूनतम करे, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (जहां इनपुट पर आउटपुट की तुलना में अधिक टैक्स लगता है) समाप्त करे, एमएसएमई पर प्रक्रियागत नियमों का बोझ कम करे और जीएसटी के दायरे का विस्तार करे।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कल शाम संवैधानिक निकाय जीएसटी परिषद की बैठक के बाद बड़े ऐलान किए। हालांकि, जीएसटी परिषद की बैठक से पहले ही प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त, 2025 के अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में इसके निर्णयों की सारगर्भित घोषणा कर दी थी। क्या जीएसटी परिषद अब केवल एक औपचारिकता बनकर रह गई है?”

जयराम रमेश ने जीएसटी 1.0 पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “निजी खपत में कमी, निजी निवेश की सुस्त दरें और अंतहीन वर्गीकरण विवादों के बीच केंद्र सरकार को अब मानना पड़ा है कि जीएसटी 1.0 अपनी अंतिम सीमा तक पहुंच चुका है।

दरअसल, जीएसटी 1.0 की डिजाइन ही त्रुटिपूर्ण थी और कांग्रेस ने जुलाई 2017 में ही इस पर ध्यान दिला दिया था, जब प्रधानमंत्री ने अपना यू-टर्न लेकर इसे लागू करने का निर्णय लिया था। इसे गुड एंड सिंपल टैक्स कहा गया था, लेकिन यह ग्रोथ सप्रेसिंग टैक्स साबित हुआ।”

उन्होंने कहा, “कल की घोषणाओं ने सुर्खियां बटोरीं, क्योंकि प्रधानमंत्री पहले ही प्री-दीवाली डेडलाइन तय कर चुके थे। यह माना जा रहा है कि दर कटौती के लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। हालांकि, असली जीएसटी 2.0 का इंतजार अभी भी जारी है।

क्या यह नया जीएसटी 1.5 (अगर इसे ऐसा कहा जा सके) निजी निवेश, विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करेगा, यह देखना बाकी है। क्या इससे एमएसएमई पर बोझ कम होगा, यह तो समय ही बताएगा।”

जयराम रमेश ने राज्यों की मांग का जिक्र करते हुए कहा, “इस बीच, राज्यों की एक अहम मांग, जो कि सहकारी संघवाद की सच्ची भावना से की गई थी, यानी राजस्व की पूर्ण सुरक्षा के लिए पांच और वर्षों तक मुआवजा अवधि का विस्तार, अभी भी अनसुलझी है। वास्तव में, दर कटौती के बाद इस मांग का महत्व और भी बढ़ गया है।”

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दिल्ली में बाढ़ ने मचाई तबाही, यमुना नदी का जलस्तर 207 मीटर के पार; निचले इलाकों में घुसा पानी

नई दिल्ली 04 Sep,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार सुबह 7 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर 207.48 मीटर दर्ज किया गया। नदी के उफान के कारण दिल्ली के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह 6 बजे से 7 बजे तक जलस्तर 207.48 मीटर पर स्थिर रहा। अधिकारियों ने बताया कि सुबह 5 बजे यह 207.47 मीटर था और रात 2 बजे से सुबह 5 बजे तक यह इसी स्तर पर बना रहा।

बाढ़ का पानी दिल्ली सचिवालय की ओर बढ़ गया, जहां मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों के कार्यालय स्थित हैं। इसके अलावा, वासुदेव घाट के आसपास के क्षेत्र भी पानी में डूब गए हैं।

यमुना के बढ़ते जलस्तर ने यमुना बाजार, गीता कॉलोनी, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट, गढ़ी मांडू और मयूर विहार जैसे इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जहां आवासीय और व्यावसायिक इमारतें स्थित हैं।

अधिकारियों के अनुसार, अब तक 14,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रभावित लोगों के लिए आईटीओ, मयूर विहार और गीता कॉलोनी में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। राजस्व विभाग के अनुसार, 8,018 लोगों को तंबुओं में और 2,030 लोगों को 13 स्थायी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया है।

बाढ़ का पानी दिल्ली के सबसे पुराने और व्यस्त निगमबोध घाट में भी घुस गया है, जिससे वहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। कश्मीरी गेट के पास श्री मरघट वाले हनुमान बाबा मंदिर तक भी पानी पहुंच गया है।

बुधवार शाम को जारी बाढ़ नियंत्रण बुलेटिन में कहा गया है कि गुरुवार सुबह 8 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर जलस्तर 207.48 मीटर रहेगा, लेकिन इसके बाद नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है। पुराने रेलवे ब्रिज यमुना के प्रवाह और बाढ़ के जोखिम का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु बना हुआ है।

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‘निशानची’ का ट्रेलर जारी…….19 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म……!

04.09.2025 – अमेजन MGM स्टूडियोज़ इंडिया और डायरेक्टर अनुराग कश्यप की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘निशानची’ का ट्रेलर जारी कर दिया गया है। ‘निशानची’ का ट्रेलर दर्शकों को सीधे उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर की चहल-पहल भरी गलियों में ले जाता है, जहाँ बबलू निशानची, रंगीली रिंकू और डबलू की ज़िंदगियाँ अचानक अनोखे तरीके से आपस में टकराती हैं।

जबरदस्त पीछा करने वाले सीन, सीटी बजवाने वाले डायलॉग, जोरदार टकराव और प्यार व तड़प के नाज़ुक पलों के साथ यह एक ऐसी दुनिया रचता है, जो जितनी अव्यवस्थित है उतनी ही आकर्षक भी है। रोमांच, कॉमेडी और देसी अंदाज़ से भरपूर इस ट्रेलर में विद्रोह, रोमांस और प्रतिद्वंद्विता को समान रूप से दर्शाया गया है। यह ट्रेलर दर्शकों को एक्शन और ड्रामा का एक हाई-ऑक्टेन मिक्स देगा।

अजय राय और रंजन सिंह के प्रोडक्शन हाउस ‘जार पिक्चर्स’ के बैनर तले बनी यह फिल्म, फ्लिप फिल्म्स के साथ एसोसिएशन में बनाई गई है। फिल्म की कथा, पटकथा और संवाद प्रसून मिश्रा, रंजन चंदेल और अनुराग कश्यप ने मिलकर लिखा है। फिल्म में डेब्यू कर रहे ऐश्वर्य ठाकरे डबल रोल में नज़र आएंगे।

‘निशानची’ की कहानी दो जुडवा भाइयों बबलू और डबलू की रोमांचक ज़िंदगी पर आधारित है, जो एक-दूसरे की तरह दिखते तो हैं लेकिन उनके विचार और मान्यताएँ बिल्कुल अलग हैं।

इस फिल्म में ऐश्वर्य ठाकरे के अलावा वेदिका पिंटो, मोनिका पंवार, मोहम्मद जीशान अय्यूब और कुमुद मिश्रा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। एक्शन, ह्यूमर और ड्रामा से भरपूर यह मसाला एंटरटेनर 19 सितंबर को पूरे भारत के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी मामले पर हाईकोर्ट ने उठाया सीबीआई जांच पर सवाल

कोलकाता 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ आज 32,000 अप्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों के मामले में अहम टिप्पणी की है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार के मामले की सीबीआई जांच की प्रगति पर सवाल उठाए हैं। अदालत पूछ रही है कि जांच कब पूरी होगी।

न्यायमूर्ति तपोव्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति रीताब्रत कुमार मित्रा की खंडपीठ ने कहा, “हममें से कोई नहीं जानता कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार की जांच कब पूरी होगी।” उच्च न्यायालय ने यह भी कहा, “जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, यह जानना संभव नहीं है कि भ्रष्टाचार के ज़रिए किसने नौकरी पाई और उस भ्रष्टाचार में कौन शामिल है।”

हाईकोर्ट ने सवाल किया कि योग्य और अयोग्य उम्मीदवारों में अंतर कैसे संभव है। हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने सवाल किया, “किसने योग्यता परीक्षा पास की है और किसने नहीं, किसने भ्रष्टाचार के ज़रिए नौकरी पाई है और किसने नहीं? भला न्यायालय उन्हें कैसे अलग करेगा? न्यायालय के लिए यह चयन करना संभव नहीं है।” बता दे कि,

पूर्व न्यायाधीश (अब भाजपा सांसद) अभिजीत गंगोपाध्याय ने 32,000 से ज़्यादा नौकरियों को रद्द कर दिया था। न्यायमूर्ति तपोब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति रीताब्रत कुमार मित्रा की खंडपीठ ने मंगलवार को उस मामले की सुनवाई में उपरोक्त टिप्पणी की।

आज सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति तपोब्रत चक्रवर्ती ने वादी पक्ष की वकील सौम्या मजूमदार से कहा, “आपने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। लेकिन हमें इसके समर्थन में सबूत नहीं मिल रहे हैं। आरोप है कि योग्यता परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी। लेकिन कुछ लोग कह रहे हैं कि यह आयोजित की गई थी।

कुछ लोग कह रहे हैं कि यह आयोजित नहीं की गई थी।” उन्होंने आगे कहा, “अप्रशिक्षित लोगों को नौकरी पर रखने के आरोप लगे हैं। आप कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार हुआ है। नौकरियां इसलिए नहीं दी गईं क्योंकि वे भुगतान नहीं कर सकते थे। आप यह भी कह रहे हैं कि अप्रशिक्षित लोगों को नौकरी दी गई है।

मान लीजिए हम आपकी बात मान लेते हैं। अनियमितताएं हुई हैं। फिर हम इन नौकरियों को कैसे रद्द कर सकते हैं? हम ‘अलग’ नहीं कर सकते।”

पीठ ने आगे कहा, “अगर हम उपरोक्त हज़ारो लोगों की नौकरियां रद्द कर देते हैं, तो इस आदेश से प्रभावित होने वाले लोग अदालत आएंगे। हमें उनकी भी बात सुननी होगी। फिर हमें साल-दर-साल मामले की सुनवाई करनी होगी। ऐसे अगर भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो कोई उम्मीदवार भ्रष्टाचार का सहारा लेने के बाद भी 7-8 साल तक नौकरी करता रहेगा!”

इस मामले की सुनवाई 11 सितंबर को फिर होगी। अदालत ने वादी पक्ष की वकील सौम्या मजूमदार को उस दिन अपना बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है।

इस दिन वकील सौम्या मजूमदार ने कहा, “2016 के प्राइमरी में 42 हज़ार नियुक्तियां हुई थीं। नियमानुसार पैनल प्रकाशित करना अनिवार्य है। लेकिन प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने नियमानुसार पैनल प्रकाशित नहीं किया। बोर्ड ने खुद कहा कि चयन समिति ने ज़िलेवार सूची प्रकाशित की थी।

लेकिन वह पैनल आरक्षण के नियमों के अनुसार प्रकाशित नहीं किया गया। क्योंकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अलग से पैनल प्रकाशित किया जाना चाहिए।” वकील के बयान के आधार पर, न्यायमूर्ति तपोब्रत चक्रवर्ती की पीठ ने पूछा कि अदालत को क्या करना चाहिए। वकील अगली सुनवाई में इसकी जानकारी देंगे।

12 मई, 2023 को तत्कालीन न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने 36,000 कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया था। बाद में इसे घटाकर 32,000 कर दिया गया।

प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने 2014 की टीईटी परीक्षा के आधार पर 2016 में लगभग 42,942 शिक्षकों की भर्ती की थी। इस बीच, प्रियंका नस्कर नामक एक अभ्यर्थी सहित लगभग 140 लोगों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि भर्ती में कई अनियमितताएं थीं।

अभियोगी ने आरोप लगाया कि इन शिक्षकों की भर्ती में नियमों के अनुसार योग्यता परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी। बिना प्रशिक्षण के अभ्यर्थियों को शिक्षक के रूप में भर्ती किया गया था।

शिक्षकों की भर्ती आरक्षण सूची के अनुसार नहीं की गई थी। न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश को चुनौती देते हुए, प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने उसी वर्ष 15 मई को कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ में एक आवेदन दायर किया। तब न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार और न्यायमूर्ति सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने नियुक्ति रद्द करने पर रोक लगा दी थी। तब से इस पर सुनवाई चल रही है।

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अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर हमला

कहा—2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, मिलेगा सबको न्याय और सम्मान

लखनऊ,03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश से सामाजिक न्याय की स्थापना और अन्याय मिटाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जाता है और संविधान के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है।प्रदेश मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को चरम पर पहुंचा दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। अस्पतालों में दवा और इलाज की सुविधा नहीं है, एम्बुलेंस सेवाएं ठप पड़ी हैं। प्रशासन का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के तीसरे कार्यकाल में देश की जनता को परेशानी और तबाही के अलावा कुछ नहीं मिला। नोटबंदी का परिणाम आज तक सामने नहीं आया। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास क्यों नहीं हुआ? वहां आई बाढ़ की भयावह तस्वीरों को सबने देखा। भाजपा ने झूठे सपने दिखाकर जनता को विनाश के कगार पर पहुंचा दिया है।

अखिलेश यादव ने भाजपा को “इस्तेमाल करने वाली पार्टी” बताते हुए कहा कि यह लोगों का इस्तेमाल कर उन्हें बर्बाद कर देती है। जीएसटी को इतना जटिल बना दिया गया कि व्यापार और व्यापारी उलझकर रह गए। उन्होंने कहा कि व्यापार करना आसान होना चाहिए, टैक्स की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए लेकिन भाजपा ने इसे उलझाकर रख दिया। भाजपा सरकार के पास बेरोजगारी और महंगाई का कोई समाधान नहीं है। आउटसोर्सिंग से बेरोजगारी का स्थायी हल नहीं होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने नौ साल के कार्यकाल में एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ाया, कोई नया बिजली कारखाना नहीं लगाया। जनता का भाजपा पर से भरोसा उठ चुका है। समाजवादी पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों पर ही जनता का विश्वास कायम है। सपा सरकार में किसानों, नौजवानों और सभी वर्गों के हित में फैसले लिए गए, विकास के अनेक कार्य हुए।

अखिलेश यादव ने विश्वास जताया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश में सामाजिक न्याय का राज स्थापित होगा। हर वर्ग को न्याय और सम्मान मिलेगा, सबका विकास होगा और प्रदेश में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि 2027 में भाजपा सरकार को कोई नहीं बचा पाएगा।

इस अवसर पर नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय, राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, शिक्षक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. बी. पांडेय, पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा, विजमा यादव, अताउर्रहमान, कमला कांत राजभर, शोएब अंसारी, पूर्व मंत्री शेख सुलेमान और सलामतुल्ला समेत बड़ी संख्या में विधायक, नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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हिंद मोटर अपार्टमेंट के एमिनेंट कॉम्प्लेक्स में ईडी का छापा

हुगली 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । जिले में आज तब एक बार फिर हड़कंप मच गया जब हिंद मोटर अपार्टमेंट में ईडी ने वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सघन छापेमारी की। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हुगली के हिंद मोटर स्थित एमिनेंट कॉम्प्लेक्स के एक अपार्टमेंट पर छापा मारा है।

यह छापा विकास लछिया नामक एक व्यक्ति के घर पर मारा गया, लछिया एक अकाउंटेंट है और कथित तौर पर कोलकाता की एक निजी फर्म में काम करता है। ईडी अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों की एक बड़ी टीम के साथ की गई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।

ईडी की टीम तीन वाहनों में एमिनेंट कॉम्प्लेक्स के सी-ब्लॉक पहुँची, जिसमें पांच अधिकारी और छह केंद्रीय सुरक्षा गार्ड शामिल थे। टीम पहली मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में दाखिल हुई और गहन तलाशी अभियान शुरू किया। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी सहित वित्तीय अपराधों में संलिप्ता को लेकर की गई है।

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लछिया लछिरामका डायमंड इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में एकाउंटेंट के रूप में काम कर रहा था। हालांकि आरोपों की सटीक प्रकृति अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। एजेंसी लछिया और जिस फर्म में वह काम करता था, उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

खबरों के अनुसार, विकास लछिया झारखंड के जामताड़ा का मूल निवासी बताया जा रहा है। इस जानकारी ने जांचकर्ताओं की दिलचस्पी बढ़ा दी है, क्योंकि जामताड़ा ज़िला विभिन्न साइबर अपराधों और वित्तीय घोटालों का केंद्र होने के लिए कुख्यात रहा है।

वै़से तलाशी अभियान खबर के लिखे जाने तक जारी था। ईडी के अधिकारी अपार्टमेंट में मिले दस्तावेज़ों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य संपत्तियों की जांच कर रहे हैं।

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राज्यों को केंद्र का निर्देश, अवैध घुसपैठियों के लिए बनाएं डिटेंशन सेंटर

विदेशी न्यायाधिकरण को मिले नए अधिकार

नई दिल्ली 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्र सरकार ने अवैध विदेशी घुसपैठियों पर शिकंजा कसते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने क्षेत्रों में डिटेंशन सेंटर (विशेष हिरासत केंद्र) स्थापित करने का निर्देश दिया है।

मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक गजट नोटिफिकेशन में यह आदेश दिया गया, ताकि देश से बाहर निकाले जाने से पहले अवैध घुसपैठियों की गतिविधियों को सीमित किया जा सके और उन्हें इन केंद्रों में रखा जा सके।

सरकार ने ‘आव्रजन एवं विदेशी आदेश, 2025′ के माध्यम से विदेशी न्यायाधिकरणों (Foreigners’ Tribunals) की शक्तियों में भी विस्तार किया है। इस नए आदेश के तहत, यदि कोई व्यक्ति जिसकी नागरिकता पर संदेह है, वह न्यायाधिकरण के समक्ष पेश होने में विफल रहता है, तो न्यायाधिकरण उसकी हिरासत का आदेश जारी कर सकता है।

नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया कि जो व्यक्ति यह साबित करने के लिए सबूत पेश नहीं कर पाता कि वह विदेशी नहीं है, और अपने दावे के संबंध में जमानत की व्यवस्था करने में भी असमर्थ है तो उसे डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा।

विदेशियों के रोजगार पर भी नए नियम

अधिसूचना में निजी क्षेत्र में विदेशियों को रोजगार देने को लेकर भी सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक, वैध वर्क वीजा रखने वाला कोई भी विदेशी नागरिक, नागरिक प्राधिकरण की अनुमति के बिना बिजली, पानी या पेट्रोलियम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े किसी भी निजी उपक्रम में काम नहीं कर सकेगा।

इसके अलावा, रक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा या मानवाधिकार जैसे क्षेत्रों में किसी विदेशी नागरिक को नियुक्त करने से पहले केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

नेपाल-भूटान के नागरिकों को राहत

एक अन्य अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नेपाल और भूटान के नागरिकों को जमीन या हवाई मार्ग से भारत में आने-जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की आवश्यकता नहीं है।

यह नियम उन तिब्बती शरणार्थियों पर भी लागू होगा जो 1959 के बाद लेकिन 30 मई, 2003 से पहले भारत में प्रवेश कर चुके हैं और संबंधित अधिकारियों के पास पंजीकृत हैं।

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पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा पर दो वोटर आईडी रखने का आरोप

अमित मालवीय ने की जांच की मांग

नई दिल्ली 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के बाद उनकी पत्नी कोटा नीलिमा दो वोटर आईडी को लेकर विवादों में आ गई हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया है कि तेलंगाना के खैरताबाद से चुनाव लड़ने वाली नीलिमा के पास दो सक्रिय मतदाता पहचान पत्र हैं। मालवीय ने चुनाव आयोग से इसकी जांच करने की मांग की है।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मतदाता सूची शेयर करते हुए आरोप लगाया कि कोटा नीलिमा का नाम खैरताबाद और नई दिल्ली, दोनों जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज है।

उनके मुताबिक, नीलिमा ने 2023 में दाखिल शपथपत्र में अपने खैरताबाद स्थित ऐपिक नंबर टीजीजेड2666014 का उल्लेख किया था, जो 2025 तक भी सक्रिय है। यह ऐपिक ‘गफ्फर खान कॉलोनी रोड नं. 10’ पते पर पंजीकृत था, जो अब ‘गौरी शंकर नगर वेलफेयर एसोसिएशन’ पते पर दर्ज है।

इसके साथ ही मालवीय ने यह भी दावा किया कि कोटा नीलिमा के पास एक और एपिक नंबर (एसजेई0755975) है, जिसमें नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के काका नगर इलाके का पता दर्ज है। इस एपिक में नाम ‘के. नीलिमा’ लिखा है और पति के नाम में पवन खेड़ा का उल्लेख है।

अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के कई नेता ‘वोट चोरी’ में लिप्त हैं और खुद को ईमानदार दिखाते हुए आम नागरिकों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।

उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना पर्याप्त जांच के आम वोटरों की पहचान उजागर कर उन्हें खतरे में डालते हैं, जबकि अपनी पार्टी के नेताओं की कथित गड़बड़ियों पर चुप्पी साधे रहते हैं।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा नेता ने कहा, “राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के ईमानदार मतदाताओं को निशाना बनाया और उन्हें बदनाम किया, यहां तक कि बिना सहमति के उनकी पहचान उजागर करके उन्हें खतरे में डाल दिया।

उन्होंने युवा, तरक्की की राह पर अग्रसर पेशेवरों और बेहतर अवसरों की तलाश में शहर बदलने वाले गरीब दिहाड़ी मजदूरों की पहचान उजागर की। फिर भी उन्होंने इस चौंकाने वाले खुलासे पर चुप्पी साधे रखी है कि उनके करीबी सहयोगी के पास दो एपिक नंबर हैं।”

पवन खेड़ा और उनकी पत्नी कोटा नीलिमा का उदाहरण देते हुए अमित मालवीय ने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के पास कई एपिक नंबर हैं और वे एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकृत मतदाता हैं।

यह कोई संयोग नहीं है। ‘वोट चोरी’ में लिप्त लोग ही आम नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने और हमारी संस्थाओं को कमजोर करने के लिए बदनाम कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में लिखा, “यह मामला सिर्फ पवन खेड़ा और उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक फैला हुआ है।”

सोनिया गांधी का नाम लेते हुए उन्होंने दावा किया कि 1980 में उन्होंने इटली की नागरिक होने के बावजूद भारत की वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाया था।

मालवीय ने आरोप लगाए, “कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन अवैध प्रवासियों और गैर-भारतीयों का बचाव करने के लिए हमारे अपने लोगों पर ही आरोप लगा रहे हैं।”

मालवीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि वे अपने ही दल के भीतर, खासकर सार्वजनिक पद के इच्छुक लोगों और अपने करीबी लोगों के साथ, इन आपराधिक कृत्यों से खुद को मुक्त नहीं कर सकते। उन्हें बोलना चाहिए।

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हिमाचल से लेकर ओडिशा तक अगले 3 घंटे होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को देश के कई राज्यों में भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 3 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। आईएमडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इसकी जानकारी दी है।

मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 3 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब, उत्तरी हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

आईएमडी ने जानकारी दी है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बुधवार सुबह 5:30 बजे तक उसी क्षेत्र में स्पष्ट रूप से चिह्नित हो गया है। यह अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में ओडिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटे में जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश के बारे में भी जानकारी दी। आईएमडी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2 सितंबर 2025 की सुबह 8:30 बजे से 3 सितंबर 2025 की सुबह 5:30 बजे तक रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर के रियासी में 230.5 मिमी (अत्यधिक भारी बारिश), कटरा में 193 मिमी, बटोत में 157.3 मिमी, डोडा में 114 मिमी, बदरवाह में 96.2 मिमी, बनिहाल में 95 मिमी, रामबन में 82 मिमी, जम्मू वेधशाला में 81 मिमी, कोकेरनाग में 68.2 मिमी, काजीगुंड में 68 मिमी, राजौरी में 57.4 मिमी, पहलगाम में 55 मिमी, किश्तवाड़ में 50 मिमी, सांबा में 48 मिमी और श्रीनगर वेधशाला में 32 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे में जम्मू-कश्मीर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तटीय ओडिशा, तटीय महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में मध्यम बारिश दर्ज की गई है।

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क्या पूरा जिला दे देंगे?’…3000 बीघा जमीन प्राइवेट कंपनी को देने पर भड़का HC

सरकार से मांगा जवाब

गुवाहाटी 03 Sep,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : असम के आदिवासी बहुल दीमा हसाओ जिले में एक निजी सीमेंट कंपनी को 3,000 बीघा (करीब 1,000 एकड़) जमीन आवंटित करने के मामले पर गौहाटी हाई कोर्ट ने नाराजगी और हैरानी जताई है।

22 स्थानीय निवासियों की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की, “क्या हो रहा है? एक निजी कंपनी को 3,000 बीघा जमीन दी जा रही है… क्या पूरा जिला दे देंगे?”

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार मेधी ने कहा कि अदालत इतने बड़े भू-भाग के आवंटन से ‘परेशान और स्तब्ध’ है। हाई कोर्ट ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि क्या इस विशाल परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी ली गई थी।

सुनवाई के दौरान जस्टिस मेधी और राज्य के महाधिवक्ता देबोजीत सैकिया के बीच इस बात पर तीखी बहस हुई कि संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्र में महाबल सीमेंट को इतनी अधिक जमीन क्यों दी गई।

जब मामले से संबंधित भूमि का अधिकार क्षेत्र रखने वाली एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद (NCHAC) के वकील ने कुछ दस्तावेज पेश किए, तो कोर्ट ने उन्हें पूरी फाइल पेश करने का निर्देश दिया।

जस्टिस मेधी ने कहा, “हमारा उद्देश्य कुछ कागजात देखना नहीं, बल्कि उस पूरी फाइल को देखना है जिसमें जमीन के इतने बड़े हिस्से को एक निजी फर्म को आवंटित करने का निर्णय लिया गया।”

महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कंपनी ने 2 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से जमीन खरीदी है और राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

कोर्ट ने सरकार को आज यानी 3 सितंबर तक अपना हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है और NCHAC को अगली सुनवाई में पूरी फाइल के साथ पेश होने को कहा है।

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सिर्फ आधार कार्ड ही अकेले नागरिकता का सबूत नहीं’ एसआईआर पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम टिप्पणी

नई दिल्ली 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आधार को नागरिकता का प्रमाणपत्र मानने की कोशिशें स्वीकार्य नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर देखा जा सकता है, न कि इसे नागरिकता के लिए माना जा सकता है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि आधार पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे अकेले नागरिकता साबित करने के लिए नहीं माना जा सकता। पीठ ने कहा, “हम आधार की स्थिति को न तो आधार अधिनियम से परे बढ़ा सकते हैं और न ही पुट्टस्वामी मामले के फैसले से आगे ले जा सकते हैं।”

बता दें कि आधार अधिनियम की धारा 9 में स्पष्ट प्रावधान है कि आधार न तो नागरिकता देता है और न ही निवास का अधिकार। साथ ही, 2018 के पुट्टस्वामी केस में भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार नागरिकता का सबूत नहीं है।

दरअसल, बिहार की मतदाता सूची से 65 लाख नाम हटाए जाने के बाद राजद समेत कुछ दलों ने आधार को मतदाता पंजीकरण के लिए अंतिम प्रमाण बनाने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा, “आधार पर इतना जोर क्यों?”

चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि बिहार के कई जिलों में आधार सैचुरेशन 140 प्रतिशत से अधिक है, जो बड़े पैमाने पर फर्जी नामांकन को दर्शाता है। केंद्र सरकार ने भी जानकारी दी कि कई राज्यों में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या शरणार्थियों ने धोखाधड़ी से आधार कार्ड हासिल कर लिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को सलाह दी कि वे असली मतदाताओं की मदद के लिए जमीनी स्तर पर काम करें और बूथ लेवल एजेंटों के जरिए दावे-आपत्तियां दाखिल करवाएं, बजाय इसके कि शॉर्टकट ढूंढकर मतदाता सूची को कमजोर करें।

अदालत का दो टूक संदेश है कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है। फर्जी मतदाताओं को भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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भारत की रक्षा प्रणाली होगी और मजबूत, मिलेंगे S-400 डिफेंस सिस्टम

रूस ने सप्लाई बढ़ाने के दिए संकेत

नई दिल्ली 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग और मजबूत होता जा रहा है। इस साझेदारी का एक और बड़ा संकेत है – S-400 मिसाइल सिस्टम की अतिरिक्त आपूर्ति को लेकर जारी बातचीत।

रूस के डिफेंस एक्सपोर्ट विभाग के प्रमुख दिमित्री शुगायेव ने पुष्टि की है कि भारत के पास पहले से मौजूद S-400 सिस्टम के अलावा और यूनिट्स के लिए बातचीत चल रही है।

 गौरतलब है कि भारत ने साल 2018 में रूस के साथ पांच S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए 5.5 अरब डॉलर की डील साइन की थी। इस हाई-टेक मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी में कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन अंतिम दो यूनिट्स के 2026 और 2027 तक भारत पहुंचने की उम्मीद है।

पाकिस्तान के खिलाफ हुए ऑपरेशन सिंदूर में S-400 ने अहम भूमिका निभाई। भारत की हवाई सीमाओं की सुरक्षा में इस सिस्टम ने दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को समय रहते ट्रैक कर ध्वस्त कर दिया। यह सिस्टम 400 किलोमीटर की रेंज में 36 से 80 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम है।

S-400 ट्रायम्फ रूस की सबसे एडवांस एयर डिफेंस टेक्नोलॉजी मानी जाती है। यह न केवल दुश्मन के लड़ाकू विमानों बल्कि मिसाइल और ड्रोन जैसे खतरों को भी बेअसर करने में सक्षम है।

भारत ने 2021 से पंजाब, राजस्थान और पूर्वोत्तर जैसे रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्रों में इसकी तैनाती कर दी थी। इस डील पर अमेरिका की नाराजगी के बावजूद भारत ने रूस के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दी। यह दिखाता है कि भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों को सर्वोपरि रखते हुए स्वतंत्र विदेश नीति का पालन कर रहा है।

S-400 मिसाइल सिस्टम भारत की वायु सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। अब जब भारत और रूस इसके अतिरिक्त यूनिट्स की सप्लाई पर बात कर रहे हैं, तो यह साफ है कि आने वाले वर्षों में भारत की हवाई सुरक्षा और भी ज्यादा मजबूत और अजेय बनने वाली है।

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पंजाब में सभी 23 जिले आपदाग्रस्त घोषित

CM मान ने केंद्र से कहा- भीख नहीं, अपना हक़ मांग रहे हैं

चंडीगढ़ 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पंजाब पिछले कई दशकों की सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में है, जिसके चलते राज्य सरकार ने सभी 23 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है।

इस विनाशकारी आपदा में अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है और 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान पर होने और प्रमुख बांधों के जलाशयों के पूरी तरह भर जाने से स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। नदियां खतरे के निशान के पास बह रही हैं, जिसके कारण कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री मान ने नाव पर बैठकर फिरोजपुर के गांवों का दौरा किया, जबकि राज्यपाल ने फिरोजपुर और तरनतारन के गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

दौरे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्राकृतिक आपदाओं के लिए मिलने वाले “अल्प मुआवजे” पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से राहत मानदंडों को बढ़ाने की मांग की।

उन्होंने केंद्र के पास लंबित पंजाब के 60,000 करोड़ रुपये के फंड को तत्काल जारी करने की अपनी मांग दोहराते हुए कहा, हम बाढ़ की इस घड़ी में राज्य के अधिकारों की मांग कर रहे हैं, कोई भीख नहीं मांग रहे हैं।

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पटना में शुरू हुई मुंबई जैसी ओपन डबल डेकर बस सेवा

जेपी गंगा पथ पर 15 किलोमीटर में होगा परिचालन

शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक दीघा रोटरी घाट से कंगन घाट के बीच चलेगी बस

पटना, 02 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राजधानी पटना अब पर्यटकों को मुंबई जैसी अनूठी अनुभव देने के लिए तैयार है। मंगलवार को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (बीएसटीडीसी) की ओर से जेपी गंगा पथ पर पहली ओपन डबल डेकर बस सेवा की शुरुआत की गई। पर्यटन मंत्री राजू सिंह ने दीघा रोटरी से कंगन घाट के बीच 15 किलोमीटर के रूट पर इस बस का उद्घाटन किया।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि यह डबल डेकर बस पर्यटकों को गंगा दर्शन का शानदार अनुभव देगी। बीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक नंद किशोर ने कहा कि इस पहल से बिहार में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।बस में 40 सीटें हैं, जिनमें 20 वातानुकूलित सीटें निचले और 20 सीटें ऊपरी डेक पर हैं।

बस में टॉयलेट, रेफ्रिजरेटर और एक गाइड भी होगा, जो पर्यटकों को रास्ते के दर्शनीय स्थलों की जानकारी देगा। यह बस शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक जे.पी. गंगा पथ गोलम्बर, सभ्यता द्वार, दरभंगा हाउस, गांधी घाट, महात्मा गांधी सेतु, चित्रगुप्त मंदिर और कंगन घाट जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन कराएगी।

किराया 100 रुपये प्रति व्यक्ति (दोनों ओर की यात्रा) और 50 रुपये प्रति व्यक्ति (एक ओर की यात्रा) निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा की सफलता के आधार पर बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अभियंता सुनील कुमार सुमन, प्रबंधक परिवहन रत्नेश कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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महाराष्ट्र सरकार ने मानी मनोज जरांगे की मांग, खत्म किया 5 दिन से चल रहा अनशन

मुंबई ,02 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 5 दिनों से मुंबई के आजाद मैदान पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल की मांगे मान ली है। इसके बाद जरांगे ने अपना अनशन खत्म कर दिया। जरांगे ने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय को कुनबी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा देने समेत अन्य मांगे मान ली है।

जरांगे ने कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, शिवेंद्र राजे भोंसले और जय कुमार गोरे की उप समिति के साथ बैठक के बाद कहा, हम जीत गए हैं। सरकार हमारी मुख्य मांग पर सहमत हो गई है, जिससे आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की ओर से आज ही कुछ देर में जीआर यानी सरकारी आदेश जारी किया जाएगा। अधिकारी जीआर प्रक्रिया के लिए रवाना हो गए। जीआर आने के बाद आंदोलन को समाप्त कर दिया जाएगा।

जरांगे ने बताया कि सरकार ने आरक्षण आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिजनों को एक सप्ताह में 15 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया है। इसके अलावा एक आश्रित को राज्य परिवहन बोर्ड में नौकरियां दी जाएंगी। इसी तरह प्रदर्शकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मुदकमों को भी सितंबर के अंत तक वापस लेने का वादा किया है। जरांगे ने कहा कि सरकार को बच्चे की अच्छी पढ़ाई को देखते हुए सरकारी नौकरी भी देनी चाहिए।

समिति ने जरांगे को बताया कि कुनबी और मराठा को एक ही समुदाय बताने वाला सरकारी आदेश जारी करने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में 2 महीने लग सकते हैं। इस पर जरांगे सहमत हो गए।

जरांगे ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनके अधिकांश समर्थक या तो मुंबई छोड़ चुके हैं या मंगलवार को छोड़ देंगे। उन्होंने कहा, हम लोग मुंबई के रास्ते समझते नहीं हैं। आप लोगों ने गाडिय़ों पर 5,000 का दंड लगाया है, उसे वापस लीजिए। सरकार ने बात मानी है। हम यहां से जश्न मनाकर ही जाएंगे। जश्न का मतलब हुल्लड़बाजी नहीं है। जीआर लेकर आइए तुरंत हम आंदोलन खत्म कर गुलाल उड़ाएंगे।

सुबह मुंबई पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेशों को लेकर जरांगे को नोटिस भेजकर तत्काल आजाद मैदान खाली करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि आंदोलन के कारण पूरा शहर ठहर गया है। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं है और इसमें सभी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में मंगलवार दोपहर तक मुंबई की सभी सड़कें खाली कराई जानी चाहिए। इसको लेकर पुलिस ने सुबह से ही समर्थकों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी थी।

पुलिस के नोटिस के बाद जरांगे ने 5,000 लोगों को छोड़कर सभी समर्थकों को वापस लौटने के लिए कह दिया था, लेकिन पुलिस आजाद मैदान को पूरी तरह से खाली करने पर अड़ गई। पुलिस ने समर्थकों को वहां से हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी। इस पर जरांगे समर्थक और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। आंदोलनकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया कि जरांगे के आजाद मैदान खाली न करने तक वह भी वहां से नहीं हटेंगे।

बता दें कि 43 वर्षीय जारंगे ने मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग को लेकर गत 29 अगस्त को अपने 5,000 समर्थकों के साथ आजाद मैदान पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। हालांकि, उसके बाद हजारों समर्थक बसों और ट्रकों में सवार होकर आंदोलन में शामिल होने के लिए मुंबई पहुंच गए थे। इससे मुंबई में जाम के हालात बन गए थे। लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

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करमा पर्व के शुभ अवसर पर राज्य सरकार का महिलाओं को उपहार

रांची जिले में झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों को अगस्त महीने की सम्मान राशि का भुगतान

03 लाख 78 हजार 641 लाभुकों को आधार बेस्ड सम्मान राशि (2500 रुपये) का भुगतान

लाभुकों के मध्य 94 करोड़ 66 लाख 2500 की राशि का भुगतान

रांची, 02.09.2025 – करमा पर्व के शुभ अवसर पर राज्य सरकार ने महिलाओं को विशेष उपहार स्वरूप मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की अगस्त माह की सम्मान राशि प्रदान की है। इस योजना के तहत रांची जिले की 03 लाख 78 हजार 641 महिलाओं के बैंक खातों में 94 करोड़ 66 लाख 2 हजार 500 रुपये की राशि का आधार बेस्ड भुगतान किया गया है।

राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज और परिवार में गरिमा व सम्मान के साथ जीवनयापन कर सकें। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत प्रत्येक लाभुक महिला को प्रति माह 2500 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है।

अगस्त माह में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना अंतर्गत लाभुकों की संख्या निम्न है, जिनके बैंक खाते में सम्मान राशि (2500 रुपये) हस्तांतरित की गयी है:-

1. अनगड़ा – 16687

2. अरगोड़ा शहरी क्षेत्र – 11925

3. बड़गाईं शहरी क्षेत्र – 8493

4. बेड़ो – 20672

5. बुण्डू – 8521

6. बुण्डू नगर पंचायत – 3454

7. बुढ़मू – 17699

8. चान्हो – 19772

9. हेहल शहरी क्षेत्र – 15006

10. ईटकी – 10471

11. कांके – 31487

12. कांके शहरी क्षेत्र – 1231

13. खलारी – 9604

14. लापुंग – 11257

15. माण्डर – 23234

16. नगड़ी – 17374

17. नगड़ी शहरी क्षेत्र – 7270

18. नामकुम – 17524

19. नामकुम शहरी क्षेत्र – 7627

20. ओरमांझी – 18270

21. राहे – 9577

22. रातू – 18630

23. सिल्ली – 21234

24. सोनाहातू – 12932

25. तमाड़ – 18486

26. सदर शहरी क्षेत्र – 20204

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि करमा पर्व पर इस सम्मान राशि का भुगतान महिलाओं के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि रांची जिला में लाभुकों के खातों में राशि का समय पर और पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

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जनता दरबार में कई शिकायतें का समाधान त्वरित गति से किया गया

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशन में जिले के सभी अंचलों में आज जनता दरबार का आयोजन

जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि हर नागरिक को के शिकायत का समाधान मिले

रांची,02.09.2025 – उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशन में जिले के सभी अंचलों में प्रत्येक मंगलवार को जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना, उनका त्वरित निवारण करना और प्रशासन को जन-केंद्रित बनाना है।

जिस कड़ी में आज दिनांक -02 सितंबर 2025 को राँची जिले के सभी अंचलों में जनता दरबार का आयोजन किया गया।

“जनता दरबार एक ऐसा मंच है, जहाँ हम नागरिकों की हर छोटी-बड़ी समस्या को सुनते हैं और तुरंत समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि हर नागरिक को के शिकायत का समाधान मिले।”

जनता दरबार में प्रमुख शिकायतें और समाधान

जनता दरबार में निम्नलिखित मुद्दों पर आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही समाधान किया गया:-

आवासीय, जाति, आय और स्थानीय प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन, दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, पंजी-2 में सुधार और भूमि अभिलेख से जुड़े मामले।

पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था, विधवा, और दिव्यांग पेंशन से संबंधित शिकायतें।

मनरेगा, कृषि ऋण माफी, केसीसी, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लंबित भुगतान।

जटिल मामलों को संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया, जबकि कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया गया।

वृद्ध, दिव्यांग और महिलाओं को प्राथमिकता

राँची जिला प्रशासन ने वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, और महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता देने का सराहनीय कदम उठाया है। जहाँ उनकी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुना गया।

जिला प्रशासन का पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में कदम

जनता दरबार प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करता है। जहाँ नागरिकों को अपनी समस्याएँ, जैसे

भूमि विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ, या प्रमाण पत्रों से जुड़े मुद्दे, अधिकारियों तक पहुँचाने का अवसर देता है। यह

पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आम जनों की शिकायतों का हुआ समाधान

केस-01

एक आवेदक जिनका नगड़ी अंचल अंतर्गत मौजा पुंदाग के भूमि का लगान रसीद भुगतान का विकल्प एवं रैयत के नाम

में आंशिक संशोधन की शिकायत का समाधान करते हुए उनका आंशिक संशोधन किया गया।

केस-02

एक आवेदक ने आयोजित जनता दरबार में नगड़ी अंचल अंतर्गत मौजा टुंडल के भूमि का नामांतरण होने के उपरांत

लगान रसीद नहीं कट रहा था जिसमे आवेदक के आवेदन के आधार पर लगान भुगतान का विकल्प दिया गया एवं रैयत

के द्वारा लगान भुगतान कर रसीद प्राप्त किया गया। जिसपर आवेदक ने जिला प्रशासन का बहुत बहुत आभार व्यक्त

किया।

केस-03

आज अरगोड़ा अंचल में आयोजित जनता दरबार में आवेदक रोपना मुंडा के मौजा हिनू का लगान रसीद निर्गत नहीं हो

रहा था जिसका लगान रसीद निर्गत नहीं होने की शिकायत किया, जिसपर उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए लगान

रसीद निर्गत कर दिया गया। आवेदक ने इसके लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।

केस-04

आवेदक नीरज प्रसाद के मौजा अरगोड़ा का लगान निर्गत नहीं हो रहा था, जिसकी शिकायत इन्होंने आयोजित जनता

दरबार में की जिसपर आज इनका लगान निर्गत कर दिया गया।

केस-05

आवेदक अरुण प्रसाद के ने मौजा अरगोड़ा का नाम गलत दर्ज होने की शिकायत की जिसपर त्वरित संज्ञान लेते हुए

इनका नाम सुधार कर दिया गया। जिसकी खुशी आवेदक के चेहरे में साफ- साफ देखी जा सकती थी।

केस-06

आवेदक लीला देवी के मौजा अरगोड़ा का नामांतरण होने के बाद लगान रसीद निर्गत नहीं हो रहा था जिसे आयोजित

जनता दरबार के माध्यम से निर्गत कर दिया गया। साथ ही अरगोड़ा अंचल में कई वर्षों से अटके हुए वृद्धा पेंशन एवं

विधवा पेंशन का निष्पादन आज के कैंप में किया गया एवं अन्य राजस्व संबंधी कार्यों का निष्पादन भी कैंप के माध्यम

से किया गया।

केस-07

सोनाहातु अंचल अंतर्गत आवेदक कपिल देव प्रसाद केशरी ग्राम हरिण थाना सोनाहातु जिला रांची के द्वारा ऑनलाइन

पंजी 2 के सुधार करने से संबंधित आवेदन प्राप्त हुआ। जिसमें आवेदक जाँच कर खाता में सुधार कर दिया गया जिसपर

आवेदक ने कहा अब शिकायतों का समाधान अंचलों में हो रहा है, जो काफ़ी अच्छी बात है।

केस-08

आवेदिका हुरिया मुस्तफा, ग्राम -तुको, थाना -बेड़ो

कार्य तत्काल आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन दिया गया। जिसपर त्वरित उन्हें आय प्रमाण पत्र बना कर दिया गया। इस

त्वरित समाधान में के लिए जिला प्रशासन का शुक्रिया अदा किया।

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दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोपियों उमर खालिद समेत नौ आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला आज

नई दिल्ली,02 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम समेत नौ आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आज यानि 2 सितंबर को फैसला सुनाएगा. जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा.हाईकोर्ट ने सभी नौ आरोपियों की जमानत याचिका पर 9 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

हाईकोर्ट उमर खालिद और शरजील इमाम समेत जिन आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाएगा उनमें अतहर खान, अब्दुल खालिद सैफी, मोहम्मद सलीम खान, शिफा उर रहमान, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा और शादाब अहमद शामिल हैं.जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अगर आरोपी देश के खिलाफ कार्रवाई करें तो उनके लिए बेहतर जगह जेल ही है. मेहता ने कहा था कि दिल्ली में दंगे पूर्व नियोजित थे.

दंगों की जिस तरह से योजना बनाई गई थी वो किसी को जमानत का हक नहीं देता है. ये कोई साधारण अपराध नहीं है बल्कि सुनियोजित दंगों की साजिश रचने का मामला है. मेहता ने कहा था कि दंगों की साजिश रचने के आरोपी इसका प्रभाव पूरे देश में देखना चाहते थे.इस मामले के आरोपी उमर खालिद की ओर से कहा गया था कि महज व्हाट्स ऐप ग्रुप का सदस्य होना किसी अपराध में शामिल होने का सबूत नहीं है.

उमर खालिद की ओर से पेश वकील त्रिदिप पेस ने दिल्ली पुलिस की ओर से साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए व्हाट्स ऐप ग्रुप चैटिंग पर कहा था कि उमर खालिद तीन व्हाट्स ऐप ग्रुप में शामिल जरुर था लेकिन शायद ही किसी ग्रुप में मैसेज भेजा हो. उन्होंने कहा था कि किसी व्हाट्स ऐप ग्रुप में शामिल होना भर किसी गलती का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा था कि उमर खालिद ने किसी के पूछने पर केवल विरोध स्थल का लोकेशन शेयर किया था.

आरोपी मीरान हैदर की ओर से पेश वकील ने सुनवाई के दौरान कहा था कि उसने न तो किसी बैठक में हिस्सा लिया था और न ही किसी वैसे चैट ग्रुप का हिस्सा था जहां हिंसा भड़काने की साजिश पर कोई बात हुई हो. उन्होंने कहा कि मीरान हैदर एक युवा नेता था और जामिया विश्वविद्यालय का छात्र था.

उन्होंने कहा था कि मीरान हैदर ने केवल नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था न कि किसी दंगा भड़काने की साजिश रचने में। उसके पास से कोई हथियार बरामद नहीं किया गया था.इसके पहले दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि ट्रायल में देरी का मतलब फ्री पास नहीं है.

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा था कि इस मामले में ट्रायल में देरी की वजह अभियोजन पक्ष नहीं है बल्कि ट्रायल में देरी आरोपियों की वजह से हो रही है. उन्होंने कहा था कि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर सुनवाई चल रही है. आरोप तय करने के मामले में दूसरे आरोपी की ओर से दलीलें खत्म की गई है.

आरोपियों की ओर से दलीलें रखने में देरी की जा रही है. चेतन शर्मा ने कहा था कि तेज ट्रायल जरुरी है लेकिन राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के मामले में लंबे समय तक जेल में रखने को जमानत देने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। बता दें कि फरवरी 2020 में दिल्ली दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और काफी लोग घायल हुए थे.

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राहुल गांधी की हाइड्रोजन बम की चेतावनी के बाद बीजेपी ने दो वोटर आईडी को लेकर पवन खेड़ा पर निशाना साधा

नई दिल्ली,02 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा के पास दो ईपीआईसी नंबर हैं. बीजेपी ने यह आरोप ऐसे समय में लगाया है, जब राहुल गांधी ने सोमवार को बीजेपी को कथित वोट चोरी के दावों पर नया खुलासा करने की चेतावनी दी थी, जिसमें उन्होंने जल्द ही हाइड्रोजन बम गिराने की कसम खाई थी.

इस संबंध में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, पिछले कुछ दिनों से देश देख रहा है कि राहुल गांधी देश के कोने-कोने में जाकर आम नागरिकों को नकली और चोर कह रहे हैं…राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा के पास दो ईपीआईसी नंबर हैं…राहुल गांधी का एक करीबी सहयोगी वोटों की हेराफेरी में शामिल है.

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62, सब सेक्शन 2 के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक से ज़्यादा विधानसभा क्षेत्रों में वोट नहीं दे सकता…अब मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या वह मानेंगे कि असली चोर पवन खेड़ा हैं..वहीं, भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी मंगलवार को कांग्रेस को सर्वोत्कृष्ट वोट चोर कहा और आरोप लगाया कि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दिल्ली में दो चुनावी फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) नंबर हैं.

मालवीय ने एक्स पर ईपीआईसी की डिटेल शेयर करते हुए दावा किया कि खेड़ा दो विधानसभा क्षेत्रों, जंगपुरा और नई दिल्ली, में मतदाता के रूप में रजिस्टर हैं.मालवीय ने एक्स पर लिखा, राहुल गांधी ने वोट चोरी का नारा जोर-जोर से लगाया, लेकिन जिस तरह वह यह बताना भूल गए कि उनकी मां सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही भारत की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया था, उसी तरह अब यह सामने आया है कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा—जो गांधी परिवार से अपनी निकटता दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते—के पास दो एक्टिल श्वक्कढ्ढष्ट नंबर हैं (जंगपुरा और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में, जो क्रमश: पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं).

उन्होंने चुनाव आयोग से खेड़ा के कई ईपीआईसी नंबर रखने की जांच करने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि वह बिहार में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मतदाताओं को गुमराह कर रहे हैं. मालवीय ने लिखा, अब चुनाव आयोग को यह जांच करनी है कि पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय ईपीआईसी नंबर कैसे हैं और क्या उन्होंने कई बार मतदान किया—जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है.मालवीय ने राहुल गांधी पर पिछले आरोपों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और कांग्रेस के खिलाफ अपने आरोप दोहराए.

उन्होंने दावा किया, रिकॉर्ड के लिए राहुल गांधी ने अभी तक बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के बारे में लगाए गए फजऱ्ी आरोपों की जांच की मांग के लिए शपथ लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है. यह तो बताने की जरूरत नहीं कि सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र में गड़बड़ी के आरोप वाले मामले को पहले ही खारिज कर चुका है.

इन आरोपों का जवाब देते हुए, पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची में त्रुटियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है. उनका दावा है कि 2016 में स्थानांतरित होने के बावजूद उनका नाम अभी भी नई दिल्ली में है. उन्होंने चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी आपत्ति जताई.

खेड़ा ने बताया, कांग्रेस पार्टी बिल्कुल यही कह रही है. चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर हम यही सवाल उठा रहे हैं… यह सूची भाजपा नेताओं के साथ-साथ चुनाव आयोग के पास भी उपलब्ध है. कांग्रेस बार-बार सूची मांगती रहती है, लेकिन उसे कभी नहीं मिलती… मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि मेरे नाम पर नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से किसे वोट डालने के लिए मजबूर किया जा रहा है. मुझे सीसीटीवी फुटेज चाहिए. मैं 2016 में वहां से शिफ्ट हो गया था. मैंने वहाँ से अपना नाम हटवाने की प्रक्रिया का पालन किया, लेकिन मेरा नाम अभी भी वहां क्यों है?

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नागपुर से कोलकाता के लिए रवाना इंडिगो के विमान से पक्षी टकराया, आपातकालीन लैंडिंग

नागपुर,02 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के नागपुर से पश्चिम बंगाल के कोलकाता के लिए रवाना इंडिगो के विमान को आपाताकालीन परिस्थितियों में वापस लौटना पड़ा।

दरअसल, आसमान में एक पक्षी के टकराने के बाद पायलट ने विमान को वापस नागपुर लौटाने का फैसला किया। विमान में 272 यात्री सवार थे। विमान नागपुर हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया है। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।

नागपुर हवाई अड्डे के वरिष्ठ हवाई अड्डा निदेशक आबिद रूही ने बताया कि इंडिगो की 6ई812 नागपुर-कोलकाता उड़ान मंगलवार को रवाना हुआ था। कुछ देर बाद विमान के वापस आने की सूचना मिली।

हालांकि, उसे सुरक्षित हवाई अड्डे पर उतार लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसी पक्षी के टकराने की आशंका है। हवाई अड्डे के अधिकारी विश्लेषण करने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर हुआ क्या था। पक्षी टकराने से विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।

31 अगस्त को एयर इंडिया के साथ बड़ा हादसा होते-होते बचा था। दिल्ली से इंदौर जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान एआई-2913 रवाना होने के कुछ देर बाद दिल्ली लौट आई थी। विमान के पायलट को दाहिने इंजन में आग लगने के संकेत मिले थे, जिसके बाद मेडे घोषित किया गया था।

दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने पूर्ण आपातकाल घोषित कर दिया और एहतियाती उपाय किए थे। हालांकि, सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया था।

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