राज्य के नए मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने पदभार संभाला

 मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने निवर्तमान मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी को दी भावभीनी विदाई

झारखंड मंत्रालय, रांची,30.09.2025 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती अलका तिवारी को भावभीनी विदाई दी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निवर्तमान मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी ने अपने कार्यकाल के दौरान बेहतर प्रशासनिक क्षमता का परिचय देते हुए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन से राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में मदद मिली है।

मुख्यमंत्री ने उनके सेवा काल की सराहना करते हुए कहा कि श्रीमती तिवारी ने सदैव ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य किया।

उन्होंने राज्य प्रशासन को एक नई दिशा दी और प्रशासनिक परंपराओं को मजबूती दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए आशा व्यक्त की कि आगे भी वे अपने अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को लाभान्वित करती रहेंगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार को पदभार ग्रहण करने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री अविनाश कुमार की कार्यकुशलता, दूरदर्शिता एवं प्रशासनिक अनुभव से राज्य प्रशासन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा राज्य सरकार की विकास की योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी।

इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, राज्य के नए विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे.

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उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने किया माँ दुर्गा का दर्शन

जिला वासियों के लिए माँगी सुख-समृद्धि की कामना

रांची, 30.09.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 30 सितंबर 2025 को राँची के विभिन्न दुर्गापूजा पंडालों का भ्रमण कर सपरिवार माँ दुर्गा के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

उपायुक्त ने इस अवसर पर सभी के लिए सुख, समृद्धि और मंगलकामनाओं की प्रार्थना की। उन्होंने अपील की कि वे इस पावन पर्व को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएँ।

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डेंगू संकट और एंटीबायोटिक दुरुपयोग पर WHO के मानकों संग विशेषज्ञों की चेतावनी

मजबूत इम्युनिटी और जिम्मेदार स्वास्थ्य व्यवहार से ही मौसमी बुखारों से निपटा जा सकता है

नई दिल्ली, 30 सितम्बर 2025 (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भारत में डेंगू और मौसमी बुखारों की पुनरावृत्ति ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ी चुनौती के रूप में घेर लिया है।

इसी पृष्ठभूमि में हील फाउंडेशन और पैसिफिक वनहेल्थ द्वारा आयोजित वनहेल्थ कनेक्ट सीरीज़ में देश के नामी चिकित्सकों और पोषण विशेषज्ञों ने मिलकर जनता को सचेत करते हुए कहा कि – “डेंगू, स्व-औषधि और एंटीबायोटिक के गलत प्रयोग के खिलाफ तत्काल जन-जागरूकता बेहद जरूरी है।”

डेंगू को ‘आपदा’ बताते हुए चेतावनी

पद्मश्री डॉ. मोहसिन वाली, सीनियर कंसल्टेंट, सर गंगा राम हॉस्पिटल, ने डेंगू को “आपदा” करार दिया। उन्होंने कहा –“डेंगू पुनः उभरता संक्रमण है। पंजाब जैसे इलाकों में बाढ़ और ठहरे पानी से इसका प्रसार तेजी से बढ़ रहा है। वायरस शरीर में ‘साइटोकाइन स्टॉर्म’, प्लाज़्मा लीकेज और शॉक का कारण बनता है। समय रहते सही पहचान हो जाए तो यह जटिल रूप नहीं लेता।”

WHO की गाइडलाइन: एंटीबायोटिक का जिम्मेदाराना उपयोग

डॉ. नरेंद्र सैनी, पूर्व महासचिव IMA और चेयरमैन, IMA-AMR कमेटी ने WHO की एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा –

“90% बुखार वायरल होते हैं। ऐसे में एंटीबायोटिक लेना आत्म-क्षति है। ये दवाएं अच्छे बैक्टीरिया को नष्ट कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर करती हैं। WHO ने चेतावनी दी है कि 2050 तक अगर एंटीबायोटिक दुरुपयोग जारी रहा तो हर साल लाखों लोगों की मौत ‘ड्रग-रेसिस्टेंट इंफेक्शन’ से होगी।”

“20 साल बाद असरहीन हो जाएंगी सभी एंटीबायोटिक”

डॉ. एजाज इल्मी, कंसल्टेंट फिजिशियन, हेल्वेटिया डायग्नॉस्टिक्स ने कहा –“यदि एंटीबायोटिक का दुरुपयोग ऐसे ही चलता रहा, तो 20 साल बाद कोई भी एंटीबायोटिक असरदार नहीं रहेगी। सह-रुग्णता जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन आदि बुखार की गंभीरता को बढ़ाती हैं। वहीं, विटामिन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर आहार शरीर को रोग से लड़ने का मजबूत हथियार प्रदान करता है।”

पोषण ही है इम्युनिटी की असली ढाल

डॉ. मंजरी चंद्रा, फंक्शनल न्यूट्रिशनिस्ट ने कहा – “आपकी इम्युनिटी इस बात पर निर्भर करती है कि आप क्या खाते हैं। अच्छे आंतों के बैक्टीरिया और संतुलित आहार बीमारियों से बचाते हैं। खासकर डायबिटीज जैसी स्थितियों में सही पोषण ही मरीज की ढाल है।”

सामुदायिक जिम्मेदारी का संदेश

संवाद का संचालन करते हुए सुश्री मिशा डांगे, ट्रस्टी, हील फाउंडेशन ने कहा –

“मानसून में डेंगू और मौसमी बुखार का खतरा हमेशा चरम पर होता है। इसलिए जरूरी है कि चिकित्सा, पोषण, जीवनशैली और सामुदायिक जागरूकता एक साथ काम करें। तभी हम एक स्वस्थ समाज बना पाएंगे।”

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WHO का दृष्टिकोण

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) लगातार चेतावनी दे रहा है कि:

 

डेंगू विश्वभर में सबसे तेजी से फैलने वाला मच्छर जनित रोग है, हर साल लगभग 40 करोड़ लोग संक्रमित होते हैं।

 

एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस (AMR) मानवता के सामने 21वीं सदी की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है।

 

WHO की गाइडलाइन के अनुसार, संक्रमण नियंत्रण (Infection Control), जिम्मेदार दवा प्रयोग, टीकाकरण और पोषण—ये चार स्तंभ ही भविष्य में महामारियों से बचाव का रास्ता हैं।

 

 

 

 

 

यह संवाद केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है कि डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना होगा—समय पर पहचान, जिम्मेदार दवा उपयोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला आहार और सामुदायिक जिम्मेदारी ही असली समाधान हैं।

वनएक्सबेट सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी ऑफिस पहुंचीं उर्वशी रौतेला,पूछताछ जारी

नई दिल्ली,30  सितंबर (एजेंसी)। बॉलीवुड अभिनेत्री और मॉडल उर्वशी रौतेला मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली कार्यालय में पेश हुईं। उन्हें वनएक्सबेट नामक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया। यह मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें कई हाई-प्रोफाइल हस्तियां जांच के दायरे में हैं।

ईडी इस मामले में पहले ही कई क्रिकेटरों और सितारों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें युवराज सिंह, सुरेश रैना, शिखर धवन, रॉबिन उथप्पा, सोनू सूद, और मिमी चक्रवर्ती जैसे नाम शामिल हैं। मिमी चक्रवर्ती को पहले ही 15 सितंबर को ईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया गया था। प्रकाश राज, विजय देवराकोंडा, और राणा दग्गुबाती जैसे सितारों से भी सवाल-जवाब किए गए।

ईडी के सूत्रों ने बताया कि इस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध सट्टेबाजी ऐप किस प्रकार भारतीय कानून की अवहेलना करते हुए, मशहूर हस्तियों के जरिए अपने प्रचार-प्रसार कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन विज्ञापनों से प्राप्त होने वाली फीस से मनी लॉन्ड्रिंग की गई या नहीं।

बता दें कि सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म को लेकर सख्त कानून बनाए हैं। 2022 से लेकर जून 2025 तक ऐसे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के लिए 1,524 आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई ऐप्स अवैध तरीके से काम कर रहे हैं।

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मुंबई से दिल्ली आ रहे इंडिगो के विमान को मिली बम की धमकी, दिल्ली एयरपोर्ट पर सघन तलाशी

नई दिल्ली,30  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली एयरपोर्ट पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मुंबई से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई 762 को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी सुबह करीब 8 बजे मिली।

सूचना मिलने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी गई और विमान की लैंडिंग के समय सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया गया। हालांकि जांच में ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

हालांकि, जांच के बाद यह पता चला कि यह धमकी नॉन-स्पेसिफिक यानी स्पष्ट रूप से किसी सटीक खतरे की ओर इशारा नहीं कर रही थी। बावजूद इसके, किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की।

दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को उतारा गया और विमान की गहन तलाशी ली गई। यात्रियों के सामान की भी बारीकी से जांच की गई। जांच पूरी होने तक एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, मुंबई से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई 762 में सुरक्षा खतरा देखा गया। स्थापित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, हमने संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित किया और विमान को उड़ान भरने की अनुमति देने से पहले आवश्यक सुरक्षा जांच में उनका पूरा सहयोग किया।

हमने अपने यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास किया है, जिसमें उन्हें जलपान उपलब्ध कराना और नियमित अपडेट शेयर करना शामिल है। हमेशा की तरह, हमारे यात्री, पायलट और विमान की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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बरेली में इंटरनेट बहाली के बाद जनजीवन सामान्य, सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसबल तैनात

बरेली,30  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में इंटरनेट सेवाओं की बहाली के बाद माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है। इंटरनेट सेवाएं शुरू होने के बाद लोग एक बार फिर मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का उपयोग करते नजर आए।

सुरक्षा के लिहाज से मौलाना तौकीर रजा के आवास के आसपास के रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इन मार्गों पर आने-जाने वालों की सख्त निगरानी की जा रही है।

पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ गश्त भी बढ़ा दी गई है।

इंटरनेट सेवाएं बंद होने से पहले शहर में कुछ तनावपूर्ण घटनाएं हुई थीं, जिसके कारण प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा था। अब इंटरनेट बहाल होने के बाद लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।

बाजारों में रौनक लौटने लगी है और दुकानें सामान्य रूप से खुल रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इंटरनेट की वापसी से उन्हें काफी राहत मिली है, क्योंकि कई काम ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बरेली के निवासियों से अपील है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें। फिलहाल, शहर में शांति कायम है और प्रशासन हर स्थिति पर नजर रखे हुए है।

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काशी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, महागौरी और अन्नपूर्णा माता की पूजा का विशेष विधान

वाराणसी ,30  सितंबर  (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। धर्म नगरी काशी में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी और मां अन्नपूर्णा की आराधना का अनूठा उत्साह देखने को मिल रहा है।

नवरात्रि के दौरान जहां नौ दुर्गा स्वरूपों का पूजन किया जाता है, वहीं काशी में नौ गौरी की पूजा का विशेष विधान भी है।
सुबह से ही माता के दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। भक्त मां महागौरी और मां अन्नपूर्णा से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं।

दुर्गा सप्तशती में वर्णित है कि शुंभ-निशुंभ से पराजित देवताओं ने गंगा तट पर महागौरी की प्रार्थना की थी, जिनके अंश से कौशिकी का जन्म हुआ और उन्होंने दैत्यों के आतंक से देवताओं को मुक्ति दिलाई थी।

मां अन्नपूर्णा मंदिर के पुजारी अर्जुन पांडेय ने बताया, अष्टमी के दिन माता के आठवें स्वरूप महागौरी के दर्शन होते हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और माता उनके सारे कष्ट दूर करती हैं।

मां अन्नपूर्णा हिमाचल की पुत्री और अन्न की देवी हैं। कहा भी गया है, ‘हिमाचल की पुत्री तू ही शंभू रानी, नमो अन्नपूर्णा नमो अन्नदाता भवानी।’ भगवान विश्वनाथ भी यहां भिक्षा लेने आए थे। माता के दर्शन और परिक्रमा से धन-दौलत, यश-कीर्ति प्राप्त होती है।

श्रद्धालु राजकुमारी ने कहा, यहां भक्त पहले मां अन्नपूर्णा की पूजा करते हैं, फिर 108 परिक्रमा करते हैं। सभी देवियों में एक ही शक्ति है, बस नाम अलग हैं।

वहीं, प्रीति ने बताया, माता के दर्शन से जीवन में समृद्धि आती है। मां महागौरी और दुर्गा के स्वरूप में यहां विराजमान हैं।
काशी का अन्नपूर्णा मंदिर काफी प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इस मंदिर में आदिशंकराचार्य ने अन्नपूर्णा स्तोत्र की रचना की थी।

पुराणों में वर्णित है कि भगवान शिव ने स्वयं मां अन्नपूर्णा से अन्न की भिक्षा मांगी थी। माता के स्वर्णमयी स्वरूप के सामने भिक्षा मांगते हुए भगवान शिव की रजत प्रतिमा के दर्शन के लिए देश भर से श्रद्धालु यहां आते हैं।

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जीतेश्वर इंफ़्रा की प्रबंध निदेशिका रंजना सिंह और वर्षा चतुर्वेदी को अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने किया सम्मानित

30.09.2025 – गऊ भारत भारती समाचारपत्र की 11वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मुंबई के जुहू इस्कॉन सभागार में आयोजित ‘राष्ट्र सेवा सम्मान समारोह’ में जीतेश्वर इंफ्रा की प्रबंध निदेशिका रंजना सिंह और वर्षा चतुर्वेदी को अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने, गुरुदेव आचार्य लोकेश मुनि, सद्गुरु डॉ. दयानिधि, विनय गोपाल सिंह, और महेंद्र संगोई की उपस्थिति में सम्मानित किया।

रंजना सिंह और वर्षा चतुर्वेदी ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि संतों का आशीर्वाद और यह सम्मान उन्हें राष्ट्र निर्माण और गऊ सेवा के लिए और प्रेरित करता है। विदित हो कि जीतेश्वर इंफ्रा ने भवन निर्माण के क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

विवेक ओबेरॉय और आचार्य लोकेश मुनि ने संयुक्तरूप से नवरात्रि के पावन अवसर पर नारी शक्ति के सम्मान पर जोर देते हुए गऊ भारत भारती समाचारपत्र प्रकाशन परिवार की सराहना करते हुए कहा कि गऊ सेवा और समाजसेवा के क्षेत्र में क्रियाशील लोगों का मनोबल बढ़ेगा साथ ही गऊ वंश की रक्षा के लिए लोग आगे आयेंगे क्योंकि गऊ वंश की रक्षा से ही सनातन की रक्षा संभव है।

संवाद प्रेषक : काली दास पाण्डेय

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पांच बार सांसद और दो बार विधायक रहे इस दिग्गज नेता ​​का निधन, 93 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली 30 Sep, (एजेंसी): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। दिसंबर 1931 में लाहौर में जन्मे विजय कुमार मल्होत्रा दिल्ली से पांच बार सांसद और दो बार विधायक रह चुके थे।

वे 1972 से 1975 तक दिल्ली जनसंघ के अध्यक्ष रहे और इसके बाद दो बार भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष (1977-80 और 1980-84) के पद पर भी रहे।

एम्स ने एक बयान में कहा: “93 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा को एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया था, जहां 30 सितंबर 2025 की सुबह उनका निधन हो गया।” उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा, “जीवनपर्यंत जनसेवा में समर्पित रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा के निधन से गहरा दुख हुआ है। वे जमीन से जुड़े ऐसे नेता थे, जिन्हें जनता के मुद्दों की गहरी समझ थी। दिल्ली में पार्टी को सशक्त बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, “संसद में अपनी सक्रियता और योगदान के लिए भी वे सदैव याद किए जाएंगे। शोक की इस घड़ी में उनके परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ॐ शांति!”

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी शोक व्यक्त किया और कहा कि विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

सचदेवा ने एक बयान में कहा: “हमें दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष, प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का आज सुबह अचानक निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे।”

उन्होंने कहा, “प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण की एक मिसाल था। जनसंघ के समय से ही उन्होंने दिल्ली में आरएसएस की विचारधारा के प्रसार के लिए लगातार काम किया। उनका जीवन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणा रहा है और आगे भी रहेगा।”

दिल्ली भाजपा के अनुसार, विजय कुमार मल्होत्रा का केदारनाथ साहनी और मदन लाल खुराना के साथ राजनीति में सक्रिय योगदान रहा है। पार्टी उन्हें कई वर्षों तक दिल्ली में भाजपा को मजबूत और सक्रिय बनाए रखने का श्रेय भी देती है।

दिल्ली भाजपा के अनुसार, “विजय कुमार मल्होत्रा की सबसे बड़ी राजनीतिक जीत 1999 के आम चुनाव में मानी जाती है, जब उन्होंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारी अंतर से हराया था। वे पिछले 45 वर्षों में दिल्ली से 5 बार सांसद और 2 बार विधायक रहे, जिससे वे राजधानी में भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।”

2004 के लोकसभा चुनाव में, विजय कुमार मल्होत्रा दिल्ली से भाजपा के एकमात्र उम्मीदवार थे जो अपनी सीट जीत सके।

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किसानों के खेतों से रेत निकालने के लिए 7200 रुपये प्रति एकड़ दिए जाएंगेः मान

चंडीगढ़ 30 Sep, (एजेंसी): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बाढ़ प्रभावित जिलों में ‘जिस्दा खेत, ओहदी रेत’ योजना के तहत किसानों के खेतों से रेत निकालने के लिए 7200 रुपये प्रति एकड़ देने की घोषणा की।

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान चर्चा का समापन करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ जिस्दा रेत खेत, ओहदी रेत’ योजना के तहत किसानों को बाढ़ के कारण अपने खेतों में जमा रेत और गाद निकालने और इच्छानुसार उसे बेचने की अनुमति दी गई है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जलमग्न गाँवों के कई खेतों में रेत और गाद जमा हो गई है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि किसानों को अपने खेतों से रेत और गाद निकालने की अनुमति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने एसडीआरएफ मानदंडों के तहत 26 से 33 प्रतिशत फसल नुकसान के लिए मौजूदा 2000 रुपये प्रति एकड़ मुआवज़ा बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति एकड़ करने का फैसला किया है।

33 से 75 प्रतिशत फसल नुकसान के लिए मौजूदा 6800 रुपये प्रति एकड़ मुआवज़ा बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति एकड़ और 75 से 100 प्रतिशत फसल नुकसान के लिए मौजूदा 6800 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को दिए जा रहे 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवज़े में राज्य सरकार 14,900 रुपये का योगदान देगी, जो देश में सबसे अधिक है।

भगवंत मान ने कहा कि वह राज्य का मामला उठाने के लिए मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे।

उन्होने कहा कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए 1.20 लाख रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवज़ा मौजूदा 6500 रुपये से बढ़ाकर 35,100 रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि लोगों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए समयबद्ध विशेष गिरदावरी पहले से ही चल रही है।

मान ने कहा कि राज्य सरकार उन किसानों को 47,500 रुपये प्रति हेक्टेयर (18,800 रुपये प्रति एकड़) देगी जिनकी ज़मीन नदियों में बह गई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीडितों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार एक विधेयक पेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिवाली से पहले 15 अक्टूबर से बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवज़ा देना शुरू कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य के जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए पहले ही 4.50 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मौसम की भविष्यवाणी के लिए एक उन्नत तंत्र विकसित करने हेतु आईआईटी खड़गपुर और इंदौर के साथ-साथ थापर विश्वविद्यालय पटियाला को भी इसमें शामिल किया गया है।

थापर विश्वविद्यालय ऐसी प्राकृतिक त्रासदियों से होने वाले नुकसान को कम करने और टालने के लिए मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के लिए अपना स्वयं का उपग्रह लॉन्च करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये भी राज्य के साथ एक क्रूर मजाक है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना ही है कि राज्य को एसडीआरएफ से मिलने वाले 240 करोड़ रुपये भी इसमें शामिल कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ लगा दिया है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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NCR में मौसम ने फिर बदला रुख, नोएडा-गाज़ियाबाद में तेज बारिश से मिली राहत

नोएडा  30 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है।

मंगलवार सुबह से ही आसमान में काले बादलों ने डेरा जमा लिया, जिसके बाद नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से बेहाल लोगों के लिए यह बारिश किसी राहत से कम नहीं है।

हालांकि, 2 अक्टूबर से बारिश में कमी आएगी और आसमान में बादल तो रहेंगे, लेकिन तेज बारिश की संभावना कम हो जाएगी।

3 और 4 अक्टूबर को मौसम आंशिक रूप से बादल वाला रहने की उम्मीद है, जबकि 5 अक्टूबर तक मुख्य रूप से साफ आसमान देखने को मिलेगा। तापमान धीरे-धीरे कम होते हुए अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री तक आ सकता है।

बारिश के बाद से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई, कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

वहीं दूसरी ओर, बच्चों और युवाओं ने बारिश का खूब लुत्फ उठाया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने बारिश की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते हुए खुशी जाहिर की।

किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां देर से बोई गई फसल को पानी की जरूरत थी। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून विदाई से पहले यह बारिश मौसमी संतुलन बनाए रखने में मदद करेगी।

अचानक आई इस बरसात ने जहां तापमान में गिरावट की, वहीं सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक एनसीआर में इसी तरह का मौसम बना रहेगा।

30 सितंबर और 1 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री और न्यूनतम 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। इन दोनों दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी जारी रहने की संभावना है। ह्यूमिडिटी 55 से 85 प्रतिशत तक रहने के कारण हवा में नमी बनी रहेगी, जिससे हल्की ठंडक के साथ खुशनुमा एहसास रहेगा।

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क्या इस बार अयोध्या में नहीं जलेगा रावण?

जानें देश के सबसे ऊंचे रावण दहन पर क्यों मचा है बवाल

अयोध्या 30 Sep, (एजेंसी): उत्तर प्रदेश के अयोध्या में इस साल दशहरे पर देश के सबसे ऊंचे रावण के दहन पर संकट के बादल छा गए हैं।

पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 240 फुट ऊंचे रावण और 190-190 फुट ऊंचे मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों के दहन पर प्रतिबंध लगा दिया है।

यह कार्रवाई दशहरा पर्व से ठीक पहले की गई है, जबकि इन विशालकाय पुतलों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका था।

यह आयोजन अयोध्या की फिल्म कलाकार रामलीला समिति द्वारा राम कथा पार्क में किया जा रहा था, जहाँ पिछले एक महीने से मध्य प्रदेश और राजस्थान के कारीगर इन पुतलों को बनाने में जुटे थे।

अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि सुरक्षा मानकों को देखते हुए इतनी ऊंचाई वाले पुतलों के दहन की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयोजकों ने इसके लिए कोई पूर्व अनुमति नहीं ली थी। गश्त के दौरान जब पुलिस ने इन विशाल पुतलों का निर्माण होते देखा, तो तत्काल कार्रवाई करते हुए काम पर रोक लगा दी गई।

वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई से आयोजक सकते में हैं। फिल्म कलाकार रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि पुतलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इस पर लाखों रुपये खर्च हुए हैं।

दहन से ठीक तीन दिन पहले रोक लगने से यह सारी मेहनत और पैसा बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा, “दशहरे पर रावण का दहन न होना अशुभ माना जाता है। मैं भाजपा का एक छोटा कार्यकर्ता हूं और पिछले 7 वर्षों से अयोध्या में भव्य रामलीला का मंचन कर रहा हूं।”

सुभाष मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि अयोध्या में किसी भी सुरक्षित स्थान पर इन तैयार हो चुके पुतलों के दहन की अनुमति दी जाए, ताकि परंपरा खंडित न हो।

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निर्देशक सिद्धार्थ नागर की टी वी श्रृंखला ‘प्रतिबद्ध’ की शूटिंग तेज गति से जारी…..!

फानूस बन कर जिसकी हिफाज़त हवा करे,
वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन खुदा करे !

30.09.2025 – उपरोक्त पंक्तियां फिलवक्त लेखक, निर्माता व निर्देशक सिद्धार्थ नागर पर अक्षरशः फिट बैठती है

लगभग 3000 से अधिक प्रसारण अवधि के धारावाहिकों का निर्माण एवं निर्देशन कर चुके सिद्धार्थ नागर टी वी श्रृंखला ‘प्रतिबद्ध’ के साथ पुनः सक्रिय हो गए हैं।

विदित हो कि पिछले पांच वर्षों के लंबे गैप, जिसकी वजह रही परिवार के अभिन्न अंग रहे सदस्यों का देहावसान और पारिवारिक समस्याओं से जुड़ी झंझानिल बयार को निर्देशक सिद्धार्थ नागर ने बख़ूबी झेला।

प्रसार भारती ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन द्वारा आरम्भ किये गए ओ.टी.टी.चैनल वेव्स के लिए टी वी श्रृंखला ‘प्रतिबद्ध’ के निर्माण की स्वीकृति के पश्चात लेखक, निर्माता, निर्देशक सिद्धार्थ नागर को अनुबंधित कर लिया गया है।

बताते चलें कि ‘प्रतिबद्ध’ का मुहूर्त वृन्दावन स्थित श्री बाँके बिहारी जी के चरणों में शीश नवाते हुए किया गया, तत्पश्चात मथुरा, आगरा, लखनऊ में शूटिंग के बाद मुंबई के विभिन्न लोकेशन साई कुटीर, पुष्पा बंगलो, एस जे स्टूडियो, फिल्म सिटी, चांदिवली स्टूडियो आदि में शूटिंग का कार्य प्रगति पर है।

सार्थक चित्रम के बैनर तले बन रही ‘प्रतिबद्ध’ के सह निर्माता आकाश वशिष्ठ, दिनेश सहगल, कैमरामैन मुकेश शर्मा, एडिटर महेंद्र कुमार, रचनात्मक प्रमुख अर्चना सेकिया, निर्माण प्रमुख प्रवीण सोरते और कला निर्देशक महेंद्र राऊत हैं।

पिछले दिनों अंधेरी (ईस्ट) मुंबई स्थित एस जे स्टूडियो में ‘प्रतिबद्ध’ के कई महत्वपूर्ण दृश्य अभिनेता
अयूब खान, राजू खेर, अविनाश सजवानी, यश सिंह, अक्षमा के अलावा हम लोग और बुनियाद के चर्चित अभिनेता अभिनव चतुर्वेदी पर फिल्माए गए।

लगभग 35 साल बाद अभिनेता अभिनव चतुर्वेदी ‘प्रतिबद्ध’ की कास्ट में शामिल होकर अभिनय की दुनिया में पुनः कदम रख रहे हैं।

‘प्रतिबद्ध’ के अन्य प्रमुख कलाकार आस्था चौधरी, बृजेंद्र काला, किशोरी शहाणे, श्वेता रस्तोगी, दामिनी दवे, दीप्ति मिश्रा, अक्षिता अरोड़ा, प्रीति कोचर और लखनऊ की प्रतिष्ठित अभिनेत्री डॉ.अनीता सहगल आदि हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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यमुना के दोनों तरफ होगी छठ पूजा, हम करेंगे व्यवस्था : सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली ,29  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि आस्था का छठ पर्व इस बार यमुना नदी के दोनों किनारों पर आयोजित किया जाएगा। यमुना के किनारों पर छठ पूजा को लेकर विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि व्रतधारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि यमुना नदी के अलावा जहां कहीं भी छठ पूजा का आयोजन होगा, सरकार वहां पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगी। मुख्मयंत्री के अनुसार आस्था, प्रकृति और भावनाओं से जुड़े इस पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित ढंग से मनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।

यमुना में विसर्जन की मनाही है, पूजा आदि की नहीं

छठ पर्व की तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री आशीष सूद, श्री कपिल मिश्रा, मुख्य सचिव श्री धमेंद्र के अलावा संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे। छठ पर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत की, जानकारी ली और आवश्यक निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों के अनुसार यमुना नदी में विसर्जन की मनाही है और छठ पर्व के अनुष्ठानों में विसर्जन का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि राजधानी में पूर्वांचलवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इसलिए उनकी धार्मिक आस्था व सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में यमुना के प्रवेश स्थल पल्ला से लेकर अंतिम स्थल ओखला तक दोनों किनारों पर छठ पर्व का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों किनारों पर जहां भी छठ पर्व के लिए समतल किनारे उपलब्ध होंगे, वहां सरकार की ओर से व्रतधरियों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

पल्ला से ओखला तक होंगे विशेष इंतजाम

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होने कहा कि पल्ला से लेकर वजीराबाद तक के किनारों पर तो विशेष व्यवस्था की ही जाएगी, साथ ही आईटीओ, ओखला जैसे पुराने स्थलों पर भी व्यवस्थाएं और दुरुस्त की जाएंगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं कि छठ पूजा के दौरान वहां सफाई व स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा, व्रतधारियों व उनके अपनों को धूल आदि की परेशानी से बचाने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए, पुलिस व ट्रैफिक पुलिस को वहां सुरक्षा व यातायात व्यवस्था चौकस रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

आश्वयकता हुई तो पूजा स्थलों पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को छठ पर्व से पूर्व यमुना से जलकुंभी निकालने के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस बार इन स्थलों पर प्रकाश की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

छठ के अन्य घाटों का भी ध्यान रखेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में यमुना के किनारो के अलावा मुनक नहर, मुंगेशपुर ड्रेन के अलावा कृत्रिम तालाबों में भी छठ पूजा आयोजित की जाती है। राजधानी में कुल मिलाकर 929 स्थलों पर पूजा-अर्चना की जाती है। इन स्थलों पर सरकार की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। अगर किसी संस्थान को एनओसी चाहिए तो उसे भी बिना किसी परेशानी से उसे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुछ दिनों बाद वह यमुना नदी व अन्य स्थानों का दौरा करेंगी, ताकि तैयारियों की किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे विशेष स्थान भी चिन्हित किए जाएंगे जहां छठ पूजा का विशेष आयोजिन किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगर यमुना में अतिरिक्त पानी की जरूरत होती तो हरियाणा सरकार से निवेदन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व पूर्वांचलवासियों की आस्था और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है और इसे पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए दिल्ली सरकार पूरी तरह तैयार है।

यह पर्व हमें प्रकृति और स्वच्छता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार श्रद्धालुओं को छठ पर्व पर सभी सुविधाएँ उपलब्ध हों और पर्व का आयोजन स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य रूप में हो।

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पंजाब की मुश्किल घड़ी में सिर्फ 1,600 करोड़, जबकि बिहार को मिला 7,500 करोड़- भगवंत मान

चंडीगढ़ ,29  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बाढ़ के मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोग संकट की घड़ी में राज्य के साथ धोखा करने वाले असंवेदनशील और अवसरवादी नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशेष सत्र बाढ़ के बाद राज्य के पुनर्वास पर चर्चा के लिए बुलाया गया था, लेकिन इन नेताओं की संकीर्ण मानसिकता के कारण यह आलोचना तक सिमट गया।

उन्होंने कहा कि पंजाब, भाग्यशाली धरती है और यहां सब कुछ खो देने के बाद भी फिर से उभरने की प्रवृत्ति है, लेकिन पीठ में छुरा घोंपने वाले ऐसे नेताओं ने हमेशा इसे बर्बाद करने की कोशिश की है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं भी पंजाबियों की कड़ी मेहनत और दृढ़ इरादों के सामने झुक जाती हैं। उन्होंने पंजाबियों की बहादुरी से अवगत कराने के लिए सरागढ़ी की लड़ाई, लोंगोवाल की लड़ाई और अन्य ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी देश को किसी समस्या या मुश्किल का सामना करना पड़ा है, पंजाब ने ढाल बनकर देश को बचाया है, चाहे वह देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना हो, अपनी सीमाओं की रक्षा करना हो या राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम हो।

उन्होंने कहा कि जब पंजाब पर कोई संकट आता है, तो केंद्र सरकार हमारी समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाती है और संकट में पंजाब को अपने हाल पर छोड़ देती है।

भगवंत सिंह मान ने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि दीनानगर हमले के बाद पंजाब को भारतीय सेना की लागत चुकाने के लिए कहा गया था, जो सीमा पार से हुए आतंकी हमले को नाकाम करने के लिए पंजाब आई थी। इस गंभीर संकट की घड़ी में सभी पंजाबियों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को फिर से खड़ा करना समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह पंजाब के लिए प्रधानमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने से भी नहीं हिचकिचाएंगे।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग से नहीं डरते और राज्य के हितों की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग है क्योंकि इतिहास उन सभी को याद रखेगा जिन्होंने इस संकट की घड़ी में राज्य की भलाई के लिए काम किया और जिन्होंने रुकावटें खड़ी कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वह समय है जब हमें सभी को एक साथ आकर और अपने मतभेद भुलाकर पंजाब और इसके लोगों को इस गंभीर संकट से बाहर निकालना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सभी नेताओं को अपने प्रभाव का उपयोग करके राज्य के लोगों को इस संकट से बाहर निकालने में मदद करनी चाहिए और यही पंजाब की असली सेवा है। भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों और सभी समाजसेवी लोगों के समर्थन से वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब देश में अग्रणी राज्य के रूप में फिर से उभरेगा।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष को तंज कसते हुए कहा कि बाढ़ विपक्ष के कहने के अनुसार मानव निर्मित नहीं थी, बल्कि एक प्राकृतिक आपदा थी। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि क्या हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में आई बाढ़ भी उनके नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा योजनाबद्ध थी।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष को इस गंभीर संकट की घड़ी, जब राज्य अपनी सबसे बड़ी आपदा का सामना कर रहा है, में राजनीति करने से बचना चाहिए।

बाढ़ के कारण हुई तबाही का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे 2,300 से अधिक गांव डूब गए, 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और पांच लाख एकड़ जमीन में फसलें नष्ट हो गईं।

उन्होंने दुख जताया कि इस तबाही में 56 लोगों की जान चली गई और लगभग सात लाख लोग बेघर हो गए। उन्होंने आगे कहा कि 3,200 सरकारी स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए, 19 कॉलेज मलबे में बदल गए, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल खंडहर बन गए, 8,500 किलोमीटर सड़कें नष्ट हो गईं और 2,500 पुल ढह गए।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कुल नुकसान लगभग 13,800 करोड़ रुपए है, हालांकि वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नालियों की सफाई और गाद निकालने का काम अधिक कुशलता से किया है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान 2066 किलोमीटर नालियों की सफाई की गई थी, जबकि उनकी सरकार ने केवल तीन वर्षों में 3825 किलोमीटर नालियों की सफाई की है। उन्होंने कहा कि वे केंद्र सरकार से भाखड़ा और पौंग बांध से गाद निकालने की जोरदार मांग कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले 70 वर्षों से ऐसा नहीं हुआ है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस साल घग्गर नदी से गाद निकालने के कारण, अधिक पानी होने के बावजूद नदी में बाढ़ की कोई रिपोर्ट नहीं आई।

आई.एम.डी. की भविष्यवाणियों की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एजेंसी द्वारा की गई सभी भविष्यवाणियां गलत और सच्चाई से कोसों दूर थीं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक दिन इस एजेंसी की भविष्यवाणी से 1961 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जो इस एजेंसी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि शायद केंद्र सरकार का कोई पसंदीदा अधिकारी, जो इस काम से अच्छी तरह वाकिफ नहीं है, इस कार्यालय का प्रभारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आपदा बहुत बड़ी थी क्योंकि पौंग बांध में 1988 की तुलना में 60.4 प्रतिशत अधिक पानी आया, जबकि 1988 की बाढ़ के दौरान भाखड़ा बांध में 2.65 प्रतिशत अधिक पानी आया था। इसी तरह, उन्होंने कहा कि रणजीत सागर बांध में 2023 की तुलना में 65.3 प्रतिशत अधिक पानी आया, जो कल्पना से परे है।

राज्य आपदा राहत कोष (एस.डी.आर.एफ.), जिसे पहले आपदा राहत कोष के रूप में जाना जाता था, के बारे में बात करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में, जिनमें 12 साल अकाली-भाजपा और 10 साल कांग्रेस सत्ता में थी, राज्य को 6190 करोड़ रुपए कोष के रूप में प्राप्त हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पास एस.डी.आर.एफ. में 12,000 करोड़ रुपए होने का दावा उन सभी नेताओं की कल्पना है जो अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए सरकार की आलोचना करने के अलावा कुछ नहीं सोचते।

उन्होंने कहा कि यह अफवाह फैलाई जा रही है कि इसी आधार पर प्रधानमंत्री ने पंजाब के दौरे के दौरान राज्य को केवल 1600 करोड़ रुपए दिए। उन्होंने कहा कि मोदी द्वारा घोषित कोष राज्य के लिए महज एक औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं है क्योंकि पंजाब के 2305 गांव बाढ़ के कारण तबाह हो गए हैं।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रधानमंत्री के 1600 करोड़ रुपये के पैकेज से प्रत्येक बाढ़ प्रभावित गांव को केवल 80 लाख रुपए मिलेंगे, जो बहुत कम राशि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दौरे के दौरान भी प्रधानमंत्री ने वास्तविक बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलने के बजाय केवल उस कांग्रेस विंग से मुलाकात की, जिसे उन्होंने अपनी पसंद से चुना था। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री को अपने देशवासियों की समस्याओं की जरा भी परवाह नहीं है और वे विदेशी दौरों में व्यस्त हैं।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह देश के लोगों का घोर अपमान और उनके प्रति असंवेदनशील रवैया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इन विदेशी दौरों और विदेश नीति का कोई परिणाम नहीं निकला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के कहर से लोगों को बचाकर पहला चरण सफलतापूर्वक पार कर लिया है। उन्होंने उन युवाओं, सेना और अन्य समाजसेवकों का धन्यवाद किया जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की कीमती जिंदगियां बचाईं।

भगवंत सिंह मान ने निशाना साधते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भी कई लोग उनकी आलोचना करने का मौका तलाशते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सत्तारूढ़ पार्टी के नेता लोगों की सेवा और बचाव कार्यों में व्यस्त थे, तब विपक्ष के कुछ प्रमुख नेता जोंगों में बैठकर फोटो सेशन करवा रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य के लोग बाढ़ के कारण दुख झेल रहे थे, लेकिन विपक्षी नेताओं ने मगरमच्छ के आंसू बहाए और अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए उनकी आलोचना की।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाढ़ के दौरान केंद्रीय मंत्री भी केवल फोटो सेशन के लिए ही पंजाब आए थे, जिसके परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री ने 1600 करोड़ रुपए की मामूली राहत की घोषणा कर राज्य के लोगों के साथ भद्दा मजाक किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ के कहर से राज्य को बचाने के लिए प्रभावी ढंग से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पहली बाढ़ नियंत्रण बैठक 4 अप्रैल को की गई थी।

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, पिछली कांग्रेस सरकारों ने ये बैठकें जुलाई के महीनों में या उससे भी बाद में की थीं। उन्होंने कहा कि ये बैठकें 2017 में 12 जून को, 2018 में 1 जुलाई को और 2019 में 19 जुलाई को हुई थीं।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज करने के लिए रंगला पंजाब फंड शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फंड में डाले गए प्रत्येक पैसे का उपयोग राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों की भलाई के लिए पूरी समझदारी से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष की कुछ सीमाओं को देखते हुए यह नया फंड शुरू किया गया है और सी.एस.आर. के माध्यम से दिए गए फंड इसमें नहीं डाले जा सकते थे। उन्होंने कहा कि सांसद भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख से अधिक का योगदान नहीं दे सकते।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन चुनौतियों को दूर करने के लिए यह नया फंड शुरू किया जा रहा है, जिसे पहले ही समाज के हर वर्ग से भारी समर्थन मिला है।

अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल के अध्यक्ष अब शेखी बघार रहे हैं कि नदियों के किनारे कंक्रीट की दीवारें बनाई जाएंगी, लेकिन लोग सच्चाई जानते हैं कि उन्होंने अपने लंबे कुशासन के दौरान गलियां भी नहीं बनाईं।

उन्होंने कहा कि अकाली दल का अध्यक्ष गलत तरीकों से कमाए पैसे लोगों में बांट रहा है और ज्यादातर गांवों में लोगों को गुमराह करने के लिए एक ही फंड को घुमाया जा रहा है।

भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके कार्यकाल में राज्य का व्यापक विकास हुआ, लेकिन क्या उन्होंने कोटकपुरा, बहिबल कलां और अन्य जगहों पर हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और बेगुनाहों की हत्या की घटनाओं को अनदेखा कर दिया था।

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भाजपा की नीतियों से नौजवानों की उम्मीदें हो रही खत्म : राज बब्बर

लखनऊ ,29  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राज बब्बर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा की नीतियों से नौजवानों की सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं। जहां इनकी सरकार है, वहां युवा सड़कों पर हैं। ये लोग जो भी वादे करते हैं, उसे पूरा नहीं करते हैं।

उन्होंने कहा कि जहां भी भाजपा की सरकार है, उन राज्यों में नौजवानों का बुरा हाल है और वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। सरकार इन लोगों को सुन नहीं रही है, जिसकी वजह से युवाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

वोट चोरी पर बब्बर ने कहा कि आप लोगों ने भी देखा है कि कई जगहों पर वोट चोरी के सबूत भी मिले हैं। सबूत देखने के बाद कोई भी वोट चोरी की बात को नकार नहीं सकता है। वोट चोरी कई तरीकों से की जा रही है।

कांग्रेस पार्टी में चल रही गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर राज बब्बर ने कहा कि लोकतंत्र में गुटबाजी पार्टियों को मजबूत करती है। उन्होंने याद दिलाया कि जब से कांग्रेस पार्टी बनी है, तब से ही गुट हैं। पहले इन्हें नरम दल और गरम दल के नाम से जाना जाता था। उन्होंने कहा कि यह गुटबाजी कांग्रेस को मजबूती प्रदान करेगी।

हालांकि उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय नेतृत्व और उनके फैसलों की बात आती है तो कोई गुटबाजी नहीं होती।
इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिंह चौटाला के बयान पर राज बब्बर ने कहा कि हर पार्टी के हर नेता को बोलने का अधिकार है, लेकिन यह जनता तय करेगी कौन सत्ता में और कौन बाहर रहेगा। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।

बिहार विधानसभा चुनाव पर राज बब्बर ने कहा कि भाजपा की सरकार नहीं बनने वाली है। जनता उनकी सच्चाई जान चुकी है। युवा सड़कों पर आ रहे हैं, इससे बेकार दिन और क्या आएंगे?

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महिला अपराधों पर भाजपा सरकार को घेरा, अखिलेश यादव ने कहा—झूठे दावों से नहीं सुधर रही कानून-व्यवस्था

लखनऊ,29 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के साथ हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। महिला सुरक्षा पर सरकार के सभी दावे खोखले और झूठे साबित हो रहे हैं।

अपराधी तत्वों में कानून का कोई भय नहीं है और उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में देश में सबसे आगे खड़ा दिखाई दे रहा है।उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि शनिवार को मैनपुरी में 11वीं की छात्रा की गला घोटकर हत्या कर दी गई, वहीं अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना क्षेत्र में एक दलित छात्रा का शव खेत में मिला, जिसकी स्कूल से लौटते वक्त हत्या कर दी गई।

संतकबीरनगर में कंप्यूटर सेंटर पर काम करने वाली महिला की हत्या कर उसकी लाश नहर में फेंक दी गई और लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में महिला से दुष्कर्म की वारदात सामने आई। अखिलेश यादव ने कहा कि ये तो केवल चंद उदाहरण हैं, जबकि प्रदेशभर में हर दिन इसी तरह की घटनाएं हो रही हैं।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार के पास न तो अपराध रोकने की कोई नीति है और न ही महिला सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था। एन्टी रोमियो स्क्वाड सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है। भाजपा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया है। अपराधियों पर नियंत्रण करने के बजाय सरकार राजनीतिक विरोधियों से बदले की भावना से काम कर रही है। सत्ता में आने के बाद इस सरकार ने समाजवादी सरकार में शुरू की गई 1090 वूमेन पावर लाइन जैसी महत्वपूर्ण सेवा को भी खत्म कर दिया, जो महिलाओं की सुरक्षा का एक सशक्त माध्यम था।

अखिलेश यादव ने कहा कि कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मामलों में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। लगातार बढ़ती अपराधिक घटनाओं ने आम जनता के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब भाजपा सरकार से ऊब चुके हैं और इसे हटाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 में जनता भाजपा के झूठे वादों और झूठी सरकार का अंत कर देगी।

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पाकिस्तान पर भारत की जीत से राहुल गांधी और कांग्रेस सदमे में : अमित मालवीय

नई दिल्ली  29 Sep,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । एशिया कप फाइनल में भारत की शानदार जीत के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया।

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ऐसा लगता है कि एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की शानदार जीत से राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस सदमे में है।

जैसे ऑपरेशन सिंदूर के बाद, जब वे भारतीय सेना को उसके शानदार ऑपरेशन के लिए बधाई नहीं दे पाए थे, अब वे भी भारतीय क्रिकेट टीम की सफलता पर देश के साथ जश्न मनाने से पहले पाकिस्तान में अपने हैंडलर मोहसिन नकवी से इजाजत का इंतजार कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह तो अलग बात है कि टूर्नामेंट में पाकिस्तान को तीन बार हराने और एशिया कप जीतने पर हमारी राष्ट्रीय टीम को बधाई देने के लिए कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर एक भी पोस्ट नहीं आया। एक बार फिर, पाकिस्तान, राहुल गांधी और कांग्रेस एक ही खेमे में नजर आ रहे हैं।”

इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ खड़ी है। एक तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पाकिस्तान को खेल के मैदान पर धूल चटाने वाली भारतीय क्रिकेट टीम को अब तक बधाई नहीं दी।

दूसरी तरफ, जब पाकिस्तान पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घिर चुका है, तब कांग्रेस के नेता पाकिस्तान के लिए खेल भावना दिखाने की बात करते हैं। आखिर कांग्रेस हमेशा भारत के ऊपर पाकिस्तान का पक्ष क्यों लेती है?

उल्लेखनीय है कि दुबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को हराकर नौवीं बार एशिया कप खिताब अपने नाम किया। टीम इंडिया की इस जीत के बाद जहां पूरा देश जश्न मना रहा है, वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की ‘चुप्पी’ को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

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दिल्ली : रेल मंत्री ने 7 ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, छठ पूजा को लेकर किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली 29 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । नवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय रेलवे ने बिहार को सात नई ट्रेनों की सौगात दी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन अमृत भारत समेत सात ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।

इसमें मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली जंक्शन, दरभंगा-मदार जंक्शन और छपरा-आनंद विहार टर्मिनल तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा, “मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली जंक्शन, दरभंगा-मदार जंक्शन और छपरा-आनंद विहार टर्मिनल के बीच तीन नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की जा रही हैं।

इसके अलावा, चार पैसेंजर ट्रेनें भी आज से शुरू की गई हैं। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में तेजी से विकास किया जा रहा है और मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले दिनों में बिहार नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।”

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छठ पूजा के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छठ पूजा के दौरान बिहार के लिए 12,000 विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है।

इसके अतिरिक्त, 150 ट्रेनें रिजर्व रखी जाएंगी, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर संचालित किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में रेलवे में तेजी से कार्य किया गया। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कदम उठाए गए हैं। एक लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट आज बिहार में चल रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में 1,899 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण किया गया है। अभी बहुत सारे प्रोजेक्ट रेलवे में चल रहे हैं, जैसे वंदे भारत और नमो भारत ट्रेनें, जो बिहार की अर्थव्यवस्था को गति देंगी।”

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भाजपा की दिल्ली इकाई को मिलेगा नया भवन, हवन पूजन में शामिल हुईं सीएम रेखा गुप्ता, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली  29 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा के नए दिल्ली मुख्यालय में हवन पूजन किया।

इस अवसर पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद और प्रवेश वर्मा भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इस कार्यालय का उद्घाटन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देती हूं कि यह कार्यालय बनकर तैयार हुआ और प्रधानमंत्री मोदी के हाथों से इसका उद्घाटन होगा।

खुद को पार्टी की एक कार्यकर्ता बताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मुझे भी इस नए कार्यालय को लेकर खुशी है। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं एक कार्यकर्ता हूं और मुझे खुशी है कि सभी कार्यकर्ता इस कार्यालय में अपने भविष्य की नींव रख सकते हैं।”

दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने  कहा कि भाजपा की दिल्ली इकाई के नए कार्यालय में अभी हवन पूजन किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी यहां आकर इसका उद्घाटन करेंगे। भाजपा कार्यकर्ता आधारित जन संगठन है। न सिर्फ कार्यकर्ताओं के विकास का, बल्कि जन सेवाओं के लिए प्रेरित करने का केंद्र कार्यालय को मानकर भारतीय जनता पार्टी काम करती है।

उन्होंने कहा कि सरकारी भवन से हटकर अब भाजपा की दिल्ली इकाई अपने खुद के भवन में आएगी। यह एक सार्थक भवन होगा, जहां दिल्ली की जनता की सेवा हो पाएगी।

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि दिल्ली में भाजपा इकाई को स्थायी पता मिला है। यह बहुत महत्वपूर्ण दिन है और यह दिन तब आया है, जब दिल्ली में भाजपा की सरकार है, सभी सात सांसद भाजपा के हैं और मेयर भी भाजपा से हैं।

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बरेली दंगा मामला- यूपी पुलिस ने 15 उपद्रवियों को किया गिरफ्तार, निकाले गए फ्लैग मार्च

बरेली 29 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के बरेली में हुए दंगे के मामले में यूपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

बरेली सिटी के एसपी मानुष पारीक ने कहा कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कुछ लोगों ने उपद्रव मचाया था। इस मामले में अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज हुईं।

शनिवार को 12 उपद्रवियों को जेल भेजा गया था, वहीं रविवार को थाना बरादरी और थाना कोतवाली से 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी सामग्री बरामद की है। इसमें प्लास्टिक के कट्टे में रखे ईंट-पत्थर के टुकड़े, पांच जोड़ी पुरानी चप्पलें, एक 12 बोर का जिंदा कारतूस, एक 13 बोर के खोखे में जिंदा कारतूस और एक 315 बोर का तमंचा शामिल है।

एसपी ने साफ कहा कि ये सभी मामले शहरी इलाके से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आगे बताया कि पूरे मामले की जांच और उचित कार्रवाई के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।

दूसरी ओर, डीआईजी अजय साहनी ने भी पुलिस बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च किया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि हालात नियंत्रण में रहें और कोई अप्रिय घटना न हो।

फ्लैग मार्च का उद्देश्य लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना और यह दिखाना था कि प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।

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यूपी : वाराणसी में महिला पुलिसकर्मियों का सम्मान, पुलिस कमिश्नर ने किया लंच और पुरस्कृत

वाराणसी 29 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुरू किए गए ‘मिशन शक्ति-5.0’ के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश में कई पहल हो रही हैं। इसी कड़ी में वाराणसी में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने एक अनोखा आयोजन किया, जिसमें उन्होंने सभी थानों से आई महिला पुलिसकर्मियों के साथ लंच किया और उन्हें सम्मानित किया।

उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन उन्हें अपने कर्तव्यों को और बेहतर तरीके से निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। मिशन शक्ति के तहत ये महिला पुलिसकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही हैं।

पुलिस कमिश्ननर मोहित अग्रवाल ने कहा, “महिला पुलिसकर्मी हमारी पुलिस फोर्स की रीढ़ हैं। मिशन शक्ति के तहत इनका योगदान समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में महत्वपूर्ण है। यह सम्मान उनकी मेहनत और समर्पण को प्रोत्साहन देने का एक छोटा सा प्रयास है।”

सब इंस्पेक्टर मानसी चौरसिया ने बताया, “हमें इस सम्मान से बहुत प्रेरणा मिली है। हम मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक मेहनत करेंगे।”
वहीं, सब इंस्पेक्टर दीक्षा पांडेय ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “ऐसे आयोजन हमें यह एहसास दिलाते हैं कि हमारा काम समाज के लिए कितना महत्वपूर्ण है। हम अपने कर्तव्यों को और दृढ़ता से निभाएंगे।”

इस आयोजन ने न केवल महिला पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाया, बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘मिशन शक्ति-5.0’ के तहत ऐसे आयोजन पूरे प्रदेश में महिलाओं के लिए एक सकारात्मक माहौल बना रहे हैं।

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बरेली विवाद सोची समझी साजिश, सरकार की नाकामी छुपाने की कोशिश : अजय राय

लखनऊ 29 Sep,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बरेली विवाद की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह साजिश है। जिसे जानबूझकर भड़काया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की इजाजत के बगैर एक पत्ता भी नहीं हिलेगा। सरकार जब चाहती है, तो हमें हाउस अरेस्ट करवा लेती है। आपने यह सब कुछ जानबूझकर होने दिया।

इसका मतलब है कि यह सब कुछ किसी की शह पर किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है, जिसकी आड़ में यह लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश करते हैं।

वहीं, ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान पर अजय राय ने कहा कि हिंदुस्तान में हर व्यक्ति को अपने ईश्वर से प्यार करने का पूरा अधिकार है। लेकिन, यह अफसोस की बात है कि इसमें राजनीति का रंग घोलने की कोशिश की जा रही है, जो कि बिल्कुल भी उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह लोग आम जनमानस को परेशान करने के मकसद से उनका मकान गिराते हैं, उनके संसाधनों पर कब्जा करते हैं, उन्हें बेवजह परेशान करते हैं।

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान पर अजय राय ने कहा कि निश्चित तौर पर हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को यह बात खुलकर बतानी चाहिए।

उन्हें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान के पीछे का पूरा ध्येय बताना चाहिए कि आखिर उन्होंने किस मकसद से यह बयान दिया है। हमारे प्रधानमंत्री को सामने आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की बातों में कितनी सच्चाई है, नहीं तो इससे लोगों के बीच में भ्रम की स्थिति पैदा होगी

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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किए जमवाय माता के दर्शन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

जयपुर 29 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) ।उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी आज जमवारामगढ़ स्थित जमवाय माता मंदिर पहुंचीं, जहाँ उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों को नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ भी दीं और सभी से सामाजिक समरसता एवं आध्यात्मिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया।

दिया कुमारी ने श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा ना हो इसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए । इसके साथ ही मंदिर के पास पार्किंग की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

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