प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2025 का किया उद्घाटन

3 दिन चलेगा सम्मेलन

नईदिल्ली,02 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (2 सितंबर) नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2025 का उद्घाटन किया है। कार्यक्रम में सेमीकॉन इंडिया मिशन, फैब परियोजनाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), निवेश और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

यह 3 दिवसीय सम्मेलन 2 से 4 सितंबर तक चलेगा और भारत में मजबूत तथा टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर केंद्रित है। इस सम्मेलन का मकसद भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी शक्ति बनाना है।

इस सम्मेलन में 33 देशों की लगभग 350 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं और इसमें 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज होगी।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है। दुनियाभर के विशेषज्ञ यहां नए निवेश अवसरों, अनुसंधान, नवाचार और नीतिगत पहलों पर चर्चा करेंगे। इससे भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री को विक्रम 32-बिट प्रोसेसर और 4 स्वीकृत परियोजनाओं के परीक्षण चिप्स भेंट किए। यह पूरी तरह मेक-इन-इंडिया माइक्रोप्रोसेसर है, जिसे इसरो सेमीकंडक्टर लैब ने विकसित किया है।

वैष्णव ने कहा कि कुछ साल पहले शुरू हुआ सेमीकंडक्टर मिशन आज बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने है और दुनिया भारत की प्रगति पर विश्वास से देख रही है।

प्रधानमंत्री मोदी इस 3 दिवसीय कार्यक्रम में कल यानी 3 सितंबर को भी शामिल होंगे और बड़ी टेक कंपनियों के सीईओ के साथ मुलाकात करेंगे। सम्मेलन में सेमीकंडक्टर फैब्स, एआई, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा होगी।

इसके साथ ही, निवेश को आकर्षित करने और राज्यों की नीतियों को और मजबूत बनाने पर भी विचार किया जाएगा। यह आयोजन भारत के तकनीकी भविष्य को दिशा देने में अहम साबित होगा।

इस बार का आयोजन अब तक का सबसे बड़ा है, जिसमें 48 देशों से 2,500 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इनमें 50 वैश्विक स्टार्स और 150 विशेषज्ञ वक्ता भी मौजूद हैं।

इससे पहले सेमीकॉन इंडिया कॉन्फ्रेंस 2022 में बेंगलुरु, 2023 में गांधीनगर और 2024 में दिल्ली में आयोजित हो चुकी है। इस बार के सम्मेलन से भारत के सेमीकंडक्टर रोडमैप को और गति मिलने की उम्मीद है, खासकर घरेलू चिप निर्माण की दिशा में।

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प्रधानमंत्री मोदी का बिहार में कांग्रेस-आरजेडी पर निशाना

कहा- मां को गाली हर महिला का अपमान

नईदिल्ली,02 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को निशाने पर लिया।

उन्होंने पिछले दिनों वोटर अधिकार यात्रा के मंच से उनको दी गई मां की गाली का मुद्दा उठाया और कहा कि उनकी मां को गाली हर महिला का अपमान है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जो हुआ, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, बिहार में कुछ दिनों पहले जो हुआ…उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। बिहार में आरजेडी -कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं…ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है…ये देश की मां-बहन-बेटी का अपमान है।

आप सबको भी ये देखकर और सुनकर बुरा लगा है। मैंने हर दिन, हर क्षण अपने देश के लिए पूरी मेहनत से काम किया है। और इसमें मेरी मां की बहुत बड़ी भूमिका रही है।

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पुलिस को मिला 3 करोड़ का सोना, बिहार की लुटेरे गिरफ्तार

कट्टे की नोंक पर लूट ले गए थे 15 करोड़ का गोल्ड

जबलपुर 01 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) ।  मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में डकैती कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बिहार के रहने वाले दो लुटेरों से 3 किलो सोना बरामद किया गया है। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है।

बिहार के लुटेरे राजेश दास उर्फ आकाश दास और इंद्रजीत दास से सोना बरामद किया गया है। लूटे गए 14 किलो 875 ग्राम सोने में से पुलिस ने 3 किलो गोल्ड बरामद किया है। आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।

इसके पहले पुलिस ने बैंक डकैती कांड के आरोपी रहीस लोधी, हेमराज सिंह, सोनू बर्मन और विकास चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि 11 अगस्त को खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में डकैती हुई थी। हेलमेट पहनकर आए बदमाशों ने कट्टा की नोक पर करीब 15 करोड़ का सोना और 5 लाख की रकम लूटी थी।

पकड़ा गया आरोपी राजेश उर्फ आकाश दास बैंक डकैती कांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस से संपर्क कर आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई। पकड़े गए दोनों आरोपियों के जरिए बाकी लोगों की तलाश में पुलिस जुटी है।

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अखिलेश यादव का आरोप: भाजपा-आरएसएस ने भारत की विदेश नीति को कमजोर किया

चीन पर बढ़ती निर्भरता चिंता का विषय

लखनऊ 01 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा है कि वर्तमान केंद्र सरकार ने भारत की विदेश नीति को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के मित्र देशों ने भारत का साथ छोड़ दिया है और पड़ोसी देश भी सुरक्षा मामलों में साथ नहीं खड़े हुए।

अखिलेश यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान पर चीन की हर प्रकार की मदद मिली थी, जबकि अमेरिका से मित्रता होने के बावजूद उस समय अमेरिका ने व्यापार पर 50 प्रतिशत टैरिफ और आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी दी।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब चीन की शरण में पहुंच गई है, जो भारत के लिए परंपरागत रूप से दुश्मन रहा है।उन्होंने चीन के भारत विरोधी रुख का इतिहास भी याद दिलाया और कहा कि 1962 की युद्ध में चीन ने 4 हजार भारतीय सैनिकों और अधिकारियों को कैद किया और उन्हें यातनाएँ दीं। इसके अलावा 1950 में चीन ने तिब्बत पर कब्जा किया और बाद में रिजंगला में भारत के वार मेमोरियल को तोड़ दिया।

फाइव फिंगर क्षेत्र पर कब्जा किया और पेंगान लेक समेत भारत के कई हिस्सों को अपने अधीन कर लिया। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार का यह कहना कि ‘कोई घुसा नहीं’ का क्या अर्थ है, जबकि दोनों देशों के बीच वार्ता चल रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि चीन के विस्तारवादी रवैये के कारण भारत व्यापारिक क्षेत्र में भी कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत चीन के कच्चे माल पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे स्वदेशी उत्पादन और आर्थिक आत्मनिर्भरता खतरे में है। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन सामरिक व व्यापारिक क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने के बाद भारत को आर्थिक दृष्टि से भी कमजोर करने की पूरी कोशिश करेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन लगातार अपनी सीमाओं का विस्तार करता रहा है, पड़ोसी देशों को कर्ज में डुबोता रहा है और अब तक भारत के कब्जे वाले क्षेत्रों पर बातचीत में कोई ठोस रूख नहीं अपनाया है। उन्होंने कहा कि तिब्बत पर कब्जे के बाद चीन अब अरुणाचल प्रदेश, लेह और लद्दाख में भी अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है और इस कारण उस पर किसी भी स्तर पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि भारत को चीन पर बढ़ती निर्भरता से बाहर निकालने के लिए ठोस रणनीति अपनाई जाए और विदेशी नीति में सुधार किया जाए, ताकि देश की सुरक्षा और आर्थिक हित सुरक्षित रहें।

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बांग्ला भाषियों के उत्पीड़न के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव स्वीकृत

कोलकाता 01 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । देश भर में बांग्ला भाषियों के उत्पीड़न की कथित घटनाएं बढ़ गई है और जिसका लगातार ममता सरकार विरोध कर रही है।

ऐसे में पश्चिम बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन आज राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासी श्रमिकों के कथित उत्पीड़न के मुद्दे पर प्रस्ताव पेश किया।

विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इसकी चर्चा मंगलवार और गुरुवार को निर्धारित की। बुधवार को करम पूजा के अवसर पर अवकाश रहेगा। सदन की कार्यवाही आज प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद स्थगित कर दी गई। तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार और गुरुवार को प्रस्ताव पर दो-दो घंटे की चर्चा होगी। इन दोनों दिनों सदन में ‘कॉलिंग अटेंशन’ और ‘मेंशन’ सत्र आयोजित नहीं किए जाएंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल से बाहर काम करने गए बंगाली भाषी लोगों को उत्पीड़न और उत्पात का सामना करना पड़ रहा है, जिससे राज्य में चिंता व्याप्त है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संवेदनशील विषय पर सभी दल राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भाषा और संस्कृति के हितों को ध्यान में रखते हुए गंभीर चर्चा करेंगे।

जानकारी के अनुसार, विशेष सत्र में इस प्रस्ताव के अलावा कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा संभव है। इनमें मुख्य रूप से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और ‘अपराजिता महिला एवं बाल (प.बं. दंडाधिकार संशोधन) विधेयक’ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पुनर्विचार हेतु राज्य सरकार को लौटाए जाने का मुद्दा शामिल है।

यह विधेयक बलात्कार तथा बलात्कार-हत्या जैसे मामलों में कठोरतम सजा सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसकी कुछ धाराओं पर आपत्ति जताई थी, जिसके चलते जुलाई में इसे वापस भेजा गया।

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पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालात, अमित शाह ने CM मान को किया फोन; दिया हर संभव मदद का आश्वासन

नई दिल्ली 01 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न हुए गंभीर हालात के बीच केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया।

गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से बाढ़ की मौजूदा स्थिति, उससे हुए नुकसान और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। अमित शाह ने पंजाब को केंद्र की ओर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्यों में पंजाब सरकार का पूरा सहयोग करेंगी। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि इस मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार पूरी तरह से पंजाब सरकार के साथ खड़ी है और बाढ़ से निपटने के लिए हर जरूरी सहायता मुहैया कराई जाएगी

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SCO समिट में दिखी भारत की धमक, जब मोदी-पुतिन साथ चले तो कोने में खड़े देखते रह गए शहबाज शरीफ

नई दिल्ली 01 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : चीन के तियानजिन शहर में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आज वैश्विक कूटनीति के कई दिलचस्प रंग देखने को मिले।

एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गर्मजोशी दिखी, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बिल्कुल अलग-थलग नजर आए।

सम्मेलन के दूसरे दिन सोमवार को एक ऐसा मौका आया, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक-दूसरे से बातचीत करते हुए हॉल से गुजर रहे थे।

दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज उनकी गहरी दोस्ती और मजबूत रिश्तों की गवाही दे रही थी। ठीक उसी समय, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ एक कोने में हाथ बांधे अकेले खड़े थे और इन दोनों वैश्विक नेताओं को हसरत भरी निगाहों से देख रहे थे।  इस दौरान किसी भी अन्य नेता को उनसे बातचीत करते या उन्हें तवज्जो देते नहीं देखा गया।

यह नजारा वैश्विक मंचों पर भारत के बढ़ते कद और पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को साफ तौर पर बयां कर रहा था। इससे पहले आज पीएम मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी एक साथ अनौपचारिक रूप से बातचीत करते देखा गया था, जो इस सम्मेलन की सबसे प्रमुख तस्वीरों में से एक रही।

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सलामत रहे दोस्ताना हमारा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार में हुए सवार

New Delhi/- 01 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के समापन के बाद द्विपक्षीय बैठक के लिए एक ही कार में सवार होकर मीटिंग में पहुंचे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर शेयर कर इस मुलाकात की जानकारी दी।

पीएम मोदी ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, “एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद मैं और राष्ट्रपति पुतिन साथ में द्विपक्षीय बैठक के स्थान पर गए। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।” यह मुलाकात दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को दर्शाती है।

इससे पहले दिन में, पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन के बीच अनौपचारिक बातचीत की तस्वीरें सामने आईं, जो एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं के बीच हल्के-फुल्के पल को दर्शाती हैं। इन तस्वीरों में तीनों नेता मुस्कुराते और बातचीत करते नजर आए, जो रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की एक समान तस्वीर की याद दिलाती हैं।

ताजा तस्वीर में पुतिन बायीं ओर, बीच में प्रधानमंत्री मोदी और दायीं ओर शी जिनपिंग एक साथ चलते हुए एससीओ फैमिली फोटो के लिए पोज देते दिखे। इस तस्वीर को साझा करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “तियानजिन में मुलाकातें जारी। एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।”

प्रधानमंत्री ने एक अन्य तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह और राष्ट्रपति पुतिन एक-दूसरे से हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आए।

इस तस्वीर के साथ पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है।” इसके अलावा, सोमवार को पीएम मोदी और पुतिन को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पास से गुजरते हुए देखा गया, जो उस समय अकेले खड़े थे। दोनों नेता अनौपचारिक बातचीत में मशगूल थे, जबकि शरीफ उदास दिख रहे थे। यह क्षण तब हुआ, जब एससीओ सदस्य देशों के नेता तियानजिन में फोटो सेशन के लिए इकट्ठा हुए थे।

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रक्षा क्षेत्र में अडानी समूह की ऊंची उड़ान, अब भारत के लिए बनाएगा 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट

नई दिल्ली 01 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में एक बड़े विकास के तहत, दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनी ‘अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ अब लड़ाकू विमानों के निर्माण में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने रक्षा मंत्रालय के महत्वाकांक्षी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम में अपनी भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। यह भारत की सबसे प्रमुख पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ लड़ाकू विमान परियोजना है।

कंपनी के सीईओ आशीष राजवंशी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम फिलहाल ‘रुचि पत्र’ (Expression of Interest) के चरण में है, जिस पर प्रतिक्रिया देने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। अडानी डिफेंस ने इस परियोजना के लिए बोली लगाने में अपनी रुचि स्पष्ट कर दी है।

राजवंशी के अनुसार, एएमसीए एक 10 वर्षीय विकास कार्यक्रम है, जिसके सफल कार्यान्वयन के बाद पहला स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान 2034-35 तक भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “यदि हमें यह प्रोजेक्ट मिलता है, तो हम बाद में उत्पादन में तेजी लाएंगे।”

गौरतलब है कि हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एएमसीए कार्यक्रम को मंजूरी दी थी, जिसके बाद पहली बार इस कार्यक्रम में सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी का रास्ता भी खुल गया है। सरकार ने इस परियोजना के शुरुआती चरण पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के तहत एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा संचालित यह परियोजना, भारत का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम है। AMCA को दो इंजन वाले 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान के रूप में डिजाइन किया गया है, जो दुश्मन के रडार को चकमा देने में माहिर होगा। यह विमान हवाई हमले, जमीनी हमले और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध मिशन को एक साथ अंजाम देने में पूरी तरह सक्षम होगा।

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पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सम्मान समारोह का आयोजन

नौ शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के दिन ही समस्त सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए गए

“आप सभी अपने जीवन की अगली पारी में भी सक्रिय रहें, नए कार्यों में उपलब्धियां अर्जित करें और समाज को प्रेरित करते रहें”:- जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,01.09.2025 – जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 01 सितंबर 2025 को आज समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में एक भव्य पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर जिले के नौ सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को मोमेंटो, शाल और सम्मान पत्र प्रदान कर उनके समर्पण और सेवा भावना की सराहना की। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि सभी शिक्षकों को उनकी सेवानिवृत्ति के दिन ही समस्त सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान कर दिए गए, जो रांची जिला प्रशासन की एक अनुकरणीय पहल है।

सम्मानित किए गए शिक्षक

इस समारोह में निम्नलिखित नौ शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के दिन ही समस्त सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए गए:-

(1) श्रीमती तलत फातमा, सहायक शिक्षिका, राजकीय मध्य विद्यालय उर्दू हिन्दपीढ़ी, रांची-2।

(2) श्रीमती सुनिता कुमारी, सहायक शिक्षिका, राजकीय मध्य विद्यालय अशोकनगर, रांची-2।

(3) श्रीमती रेखा कच्छप, सहायक शिक्षिका, राजकीय मध्य विद्यालय चुद्ध, कांके।

(4) श्री सच्चिदानंद महतो, सहायक शिक्षक, राजकीय मध्य विद्यालय अरसंडे, कांके।
(5) श्रीमती नीलम अंजु पुर्ति, सहायक शिक्षिका, राजकीय मध्य विद्यालय मासु, अनगड़ा।

(6) श्रीमती पुष्पा टोप्पो, सहायक शिक्षिका, राजकीय मध्य विद्यालय अनगड़ा।

(7) श्री मनोज कुमार सिंह, सहायक शिक्षक, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुड़गुड़जाड़ी, मांडर।

(8) श्री सोमर साहु, सहायक शिक्षक, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय पांडु लापुंग।

(9) श्रीमती खीस्त दुलारी सुबरदानी कुल्लू, सहायक शिक्षिका, बेथेसदा बालिका मध्य विद्यालय, रांची।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं, जिनका योगदान अतुलनीय है। आप सभी ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है।

सेवानिवृत्ति के दिन ही समस्त लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने शिक्षकों से अपने अनुभव और ज्ञान को समाज के साथ साझा करने का आग्रह करते हुए कहा, “आप सभी अपने जीवन की अगली पारी में भी सक्रिय रहें, नए कार्यों में उपलब्धियां अर्जित करें और समाज को प्रेरित करते रहें।”

उपायुक्त ने आयोजन की सफलता के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक और उनकी पूरी टीम को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त हो।

जिला प्रशासन की पहल

यह पेंशन दरबार-सह-सम्मान समारोह रांची जिला प्रशासन की उस संवेदनशील और त्वरित कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति सम्मान और उनके हितों के प्रति कटिबद्धता को प्राथमिकता देता है। इस तरह के आयोजन न केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हैं।

रांची जिला प्रशासन इस तरह के आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए उचित सम्मान और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। यह आयोजन न केवल एक विदाई समारोह था, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और उनके नए जीवन की शुरुआत का एक प्रेरणादायक अवसर भी साबित हुआ।

उपायुक्त ने कहा की इस तरह के आयोजन सभी विभागों को आयोजित करना चाहिए। जिससे सेवानिवृत्ति के दिन ही समस्त लाभ प्रदान किए जा सकें।

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बॉलीवुड में दस्तक देगी अभिनेत्री सुचंद्रा एक्स वानिया……!

01.09.2025 – बंगाल फिल्म इंडस्ट्री में अपनी कला से दर्शकों को प्रभावित करने वाली अभिनेत्री सुचंद्रा एक्स वानिया इन दिनों अपनी अति महत्वाकांक्षी फिल्म ‘द गरुणा’ को लेकर सुर्ख़ियों में हैं। ‘द गरुणा’ रहस्य, रोमांच, प्राचीन इतिहास, दंतकथाओं और मायथोलॉजी से जुड़ी संदेशात्मक कहानी है। इस फिल्म की शूटिंग अक्टूबर से शुरू होगी।

पश्चिम बंगाल के एक छोटे से कस्बे से निकल कर बॉलीवुड में उड़ान भरने वाली सुचंद्रा एक्स वानिया अभिनय के साथ-साथ निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक्टिव रहते हुए बंगाल फिल्म इंडस्ट्री में अपनी विशिष्ट छवि कायम कर चुकी हैं।

उनकी खुद की प्रोडक्शन हाउस ‘वानिया ग्रुप ऑफ कंपनी’ है जिसके बैनर तले फिल्मों का निर्माण होता है। बतौर अभिनेत्री उन्होंने कई बंगाली फिल्मों, वेब सीरीज़ और शॉर्ट फिल्मों में काम किया है जिनमें ‘डाइट’ (हॉटस्टार), ‘पथ जदि ना सेश होय’ (क्लिक्क), ‘बालुकाबेला.कॉम’ (ज़ी5), ‘बोंकु बाबु’ (ज़ी5), ‘जमाई बोरन’, ‘नॉट अ डर्टी फिल्म’ (क्लिक्क), ‘चोतुष्कोण’ (प्राइम वीडियो), ‘कंडीशन्स अप्लाई’ (प्राइम वीडियो), ‘कोलकाताय कोलंबस’ (सोनी लिव), ‘नीलाचले किरीटी’, ‘सूर्यो पृथिबीर चारिदिके घोरे’ और ‘पूरब पश्चिम दक्षिण उत्तर आशबेई’ उल्लेखनीय हैं।

निर्देशन में सुचंद्रा एक्स वानिया ने सबसे पहले अपने प्रोडक्शन की फिल्म ‘पूरब पश्चिम दक्षिण उत्तर आशबेई’ का क्रिएटिव डायरेक्शन किया, जो एक बड़े बजट की बंगाली स्पिरिचुअल थ्रिलर फिल्म थी और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। इसके बाद उन्होंने ‘सूर्पनखा आगोमोन’ (The Arrival of Shurpanakha) का निर्देशन किया। यह फिल्म 2022 में कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चुनी गई और अलग-अलग कैटेगरी में 10 से भी अधिक पुरस्कार जीत चुकी है। 17 मिनट की इस शॉर्ट फिल्म में माता सीता और शूर्पणखा के संवाद और भावनाओं को दिखाया गया है। इसकी शूटिंग पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों में हुई थी और इसमें छाऊ कलाकारों, आदिवासी और नए कलाकारों को अवसर दिया गया था।

दक्षिण कोलकाता की पृष्ठभूमि से आने वाली सुचंद्रा को बचपन से ही कला और फिल्म निर्माण का वातावरण मिला। उनके पिता को फोटोग्राफी का शौक था और उनके आसपास फिल्म और स्क्रिप्ट पर चर्चाएँ होती थीं। बारहवीं कक्षा के दौरान उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म में अभिनय किया और वहीं एक निर्देशक ने उन्हें देखा और अपनी फिल्म का हिस्सा बनाया जहाँ से उनके फिल्मी कैरियर की शुरुआत हुई। हालांकि वह पहले अभिनेत्री बनना चाहती थीं, लेकिन निर्देशन और फिल्म निर्माण की इच्छा हमेशा उनके मन में रही।

सुचंद्रा एक्स वानिया ने निर्देशन की पढ़ाई न्यूयॉर्क फिल्म अकेडमी से की है और सुजीत रॉय इंस्टीट्यूट से निर्देशन की बारीकियों को भी सीखा है। आज सुचंद्रा एक्स वानिया बतौर अभिनेत्री और निर्देशक कई पुरस्कारों से सम्मानित हैं। वह समाज सेवा में भी सक्रिय रहती हैं और गरीबों व ज़रूरतमंदों की सहायता करती हैं।

उनका मानना है कि फिल्मों में मनोरंजन के साथ संस्कृति, इतिहास और परंपरा का समावेश होना चाहिए ताकि सिनेमा के माध्यम से लोगों को नई और वास्तविक जानकारियाँ मिलें। वर्तमान में वह बंगला प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ दो हिंदी फिल्मों पर काम कर रही हैं।

सुचंद्रा एक्स वानिया कहने से ज़्यादा करने में विश्वास रखती हैं। उनका कहना है कि अभी तो सफर की शुरुआत है, मंज़िल तक पहुँचना बाकी है और वहाँ वे अपने स्वाभिमान और शर्तों के साथ पहुँचेंगी। फिलहाल सुचंद्रा एक्स वानिया अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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