Centre directs states to build detention centres for illegal intruders

राज्यों को केंद्र का निर्देश, अवैध घुसपैठियों के लिए बनाएं डिटेंशन सेंटर

विदेशी न्यायाधिकरण को मिले नए अधिकार

नई दिल्ली 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्र सरकार ने अवैध विदेशी घुसपैठियों पर शिकंजा कसते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने क्षेत्रों में डिटेंशन सेंटर (विशेष हिरासत केंद्र) स्थापित करने का निर्देश दिया है।

मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक गजट नोटिफिकेशन में यह आदेश दिया गया, ताकि देश से बाहर निकाले जाने से पहले अवैध घुसपैठियों की गतिविधियों को सीमित किया जा सके और उन्हें इन केंद्रों में रखा जा सके।

सरकार ने ‘आव्रजन एवं विदेशी आदेश, 2025′ के माध्यम से विदेशी न्यायाधिकरणों (Foreigners’ Tribunals) की शक्तियों में भी विस्तार किया है। इस नए आदेश के तहत, यदि कोई व्यक्ति जिसकी नागरिकता पर संदेह है, वह न्यायाधिकरण के समक्ष पेश होने में विफल रहता है, तो न्यायाधिकरण उसकी हिरासत का आदेश जारी कर सकता है।

नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया कि जो व्यक्ति यह साबित करने के लिए सबूत पेश नहीं कर पाता कि वह विदेशी नहीं है, और अपने दावे के संबंध में जमानत की व्यवस्था करने में भी असमर्थ है तो उसे डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा।

विदेशियों के रोजगार पर भी नए नियम

अधिसूचना में निजी क्षेत्र में विदेशियों को रोजगार देने को लेकर भी सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक, वैध वर्क वीजा रखने वाला कोई भी विदेशी नागरिक, नागरिक प्राधिकरण की अनुमति के बिना बिजली, पानी या पेट्रोलियम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े किसी भी निजी उपक्रम में काम नहीं कर सकेगा।

इसके अलावा, रक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा या मानवाधिकार जैसे क्षेत्रों में किसी विदेशी नागरिक को नियुक्त करने से पहले केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

नेपाल-भूटान के नागरिकों को राहत

एक अन्य अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नेपाल और भूटान के नागरिकों को जमीन या हवाई मार्ग से भारत में आने-जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की आवश्यकता नहीं है।

यह नियम उन तिब्बती शरणार्थियों पर भी लागू होगा जो 1959 के बाद लेकिन 30 मई, 2003 से पहले भारत में प्रवेश कर चुके हैं और संबंधित अधिकारियों के पास पंजीकृत हैं।

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