CM मान ने केंद्र से कहा- भीख नहीं, अपना हक़ मांग रहे हैं
चंडीगढ़ 03 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पंजाब पिछले कई दशकों की सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में है, जिसके चलते राज्य सरकार ने सभी 23 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है।
इस विनाशकारी आपदा में अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है और 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान पर होने और प्रमुख बांधों के जलाशयों के पूरी तरह भर जाने से स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। नदियां खतरे के निशान के पास बह रही हैं, जिसके कारण कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
इस बीच, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री मान ने नाव पर बैठकर फिरोजपुर के गांवों का दौरा किया, जबकि राज्यपाल ने फिरोजपुर और तरनतारन के गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
दौरे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्राकृतिक आपदाओं के लिए मिलने वाले “अल्प मुआवजे” पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से राहत मानदंडों को बढ़ाने की मांग की।
उन्होंने केंद्र के पास लंबित पंजाब के 60,000 करोड़ रुपये के फंड को तत्काल जारी करने की अपनी मांग दोहराते हुए कहा, हम बाढ़ की इस घड़ी में राज्य के अधिकारों की मांग कर रहे हैं, कोई भीख नहीं मांग रहे हैं।
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