हिमाचल प्रदेश : मनाली में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

बाढ़ में 4 दुकानें बहीं, लाखों का नुकसान

मनाली ,27 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बीते दिन मनाली में आई तेज बारिश की वजह से सड़कें टूट गई। जल स्तर बढऩे की वजह से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। 4 दुकानें बह गई, इससे दुकान मालिकों को लाखों का नुकसान हुआ है।

मनाली के अंजनी महादेव की पहाडिय़ों पर भारी वर्षा के चलते व्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। बारिश की वजह से नदी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। महज 15 मिनट में मनाली से सटे बाहंग इलाके में चार दुकानें बाढ़ की भेंट चढ़ गईं। नेशनल हाईवे-3 की एक लेन भी बह गई। दुकानदारों को सामान निकालने का भी समय नहीं मिला। दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। हालांकि, बाढ़ की वजह से किसी की जान जाने की कोई सूचना नहीं है।

व्यास नदी का प्रवाह थोड़ा और तेज होता तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था। यह फ्लैश फ्लड अंजनी महादेव क्षेत्र में हुई मूसलधार बारिश के बाद उत्पन्न हुआ, जिसने निचले इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया। मौसम विभाग ने आगामी 2 से 3 दिनों का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में स्थानीय लोगों को भविष्य की चिंता सता रही है।

रोशन लाल ने बताया, सैलाब इतना तेज था कि कुछ भी संभालने का मौका नहीं मिला। 2024 में भी पानी बढ़ा था, लेकिन तब नुकसान नहीं हुआ था। इस बार दुकान समेत 15 लाख रुपए का सामान बह गया।

प्रत्यक्षदर्शी गंगा राम ने बताया, शुरुआत में पानी धीरे-धीरे बढ़ा, लेकिन अचानक नदी का बहाव बाजार की ओर मुड़ गया। अगर थोड़ी देर और पानी उसी रफ्तार से बहता, तो शायद पूरा बाजार खत्म हो जाता। पहली ही बरसात में इतना नुकसान देखकर अब आगे का डर सता रहा है।
मनाली में अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा पर्यावरणीय असंतुलन का परिणाम है।

इससे यह भी स्पष्ट होता है कि आधारभूत संरचनाओं की कमी किस तरह लोगों की आजीविका को मिनटों में तबाह कर सकती है। किसी भी बड़े हादसे से बचने के लिए प्रशासन को अब सजग होने की जरूरत है, ताकि आने वाले दिनों में और बड़े हादसे से बचा जा सके।

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15 साल से भारत में डेरा, पहचान बदली, आधार-ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया

दिल्ली में गिरफ्तार बांग्लादेशी को लेकर खुलासा

नई दिल्ली ,27 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की धरपकड़ के लिए पुलिस का ऑपरेशन लगातार जारी है।

इसी क्रम में दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। ये व्यक्ति पिछले 15 साल से भारत में अवैध रूप से रह रहा था।

गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक की पहचान ओहिद के रूप में हुई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वो गैरकानूनी रूप से भारत में प्रवेश कर दिल्ली में फर्जी पहचान के सहारे रह रहा था।

दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम को अवैध प्रवासियों की पहचान और इलाके में सतर्कता बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

टीम की गश्त और खुफिया जानकारी जुटाने के प्रयासों के चलते 24 जून को वसंत कुंज इलाके में एक बांग्लादेशी नागरिक की मौजूदगी की सूचना मिली। सूचना पर तेजी से कार्रवाई करते हुए टीम ने संदिग्ध व्यक्ति को ढूंढ निकाला, जिसने शुरुआत में खुद को मोहम्मद रोहित शेख बताया।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाए, जिनमें उसे नदिया, पश्चिम बंगाल का निवासी दर्शाया गया था। हालांकि, गहन पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वो बांग्लादेशी नागरिक है और करीब 15 साल पहले एक अज्ञात व्यक्ति की मदद से भारत में घुसपैठ की थी।

पुलिस जांच में आरोपी के पास से उसके मूल बांग्लादेशी दस्तावेज, जैसे कि राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट, बरामद किए गए, जो ओहिद नाम पर जारी थे।

सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आरोपी को वसंत कुंज साउथ थाना में रखा गया है। दिल्ली पुलिस अब विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय की मदद से बांग्लादेशी नागरिक को डिपोर्ट करने की कार्रवाई कर रही है।

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हिंदी ने कर दिया एकजुट! उद्धव-राज ठाकरे एकसाथ करेंगे बड़ा आंदोलन

मुंबई ,27 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी को अनिवार्य बनाए जाने के मुद्दे ने उद्धव और राज ठाकरे को एक बार फिर साथ आने का मौका दे दिया है। इस मुद्दे को लेकर उद्धव और राज ठाकरे एक साथ आंदोलन करने वाले हैं। इसकी जानकारी खुद शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने दी है।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो शेयर किया। इसमें उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने लिखा, महाराष्ट्र के स्कूलों में अनिवार्य हिंदी के खिलाफ एकजुट प्रदर्शन होगा। ठाकरे ही ब्रांड हैं।

इसके अलावा, राउत ने एक अन्य पोस्ट भी शेयर की और इस तस्वीर में उद्धव और राज ठाकरे एक साथ खड़े हुए दिख रहे हैं, जबकि उनके पीछे बाला साहेब ठाकरे की तस्वीर दिख रही है। उन्होंने इस फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, महाराष्ट्र की जय हो।

हिंदी भाषा पर महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य किया गया है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

राज ठाकरे ने मुंबई में 6 जुलाई को मार्च का आह्वान किया था और उद्धव ठाकरे ने 7 जुलाई को मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन की घोषणा की थी, लेकिन अब संजय राउत ने बताया है कि वे दोनों एक साथ आंदोलन करेंगे।

इससे पहले, शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र सरकार पर हिंदी भाषा को जबरदस्ती थोपने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने एक बयान में कहा था, वर्तमान सरकार राज्य पर हिंदी लादने की कोशिश कर रही है। उनका किसी भाषा या हिंदी भाषी समुदाय से कोई विरोध नहीं है, बल्कि वह जबरन किसी भाषा को थोपने के खिलाफ हैं।

उन्होंने आरोप लगाया था, बीजेपी की बांटने और काटने की नीति स्पष्ट है। वह मराठी और अन्य भाषियों के बीच जो एकता है, उसे खत्म करने की कोशिश कर रही है।

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भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ, ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी बोले- सर्व कल्याण की प्रार्थना करता हूं

नई दिल्ली ,27 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का शुक्रवार को शुभ दिवस है। मान्यता है कि इस विशेष अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलते हैं। यह रथयात्रा विभिन्न राज्यों में निकाली जा रही है। इसी को देखते हुए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने रथयात्रा के शुरू होने पर बधाई दी।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, करोड़ों ओडि़सावासियों के आभूषण भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मैं चतुर्धामूर्ति के चरण कमलों में राज्य के विकास एवं सभी के कल्याण एवं उन्नति की प्रार्थना करता हूं।

उन्होंने आगे कहा, महाप्रभु से कामना करता हूं कि श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण यह यात्रा समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्य लेकर आए। जय जगन्नाथ!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, जय श्री जगन्नाथ! भगवान श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा के शुभारंभ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! यह मंगलमयी रथ यात्रा सभी के जीवन में सुख- शांति, समृद्धि, सेवा और सद्भाव का संचार करे, भगवान श्री जगन्नाथ जी से यही प्रार्थना है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, अखिल विश्व के नाथ महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा के शुभारंभ की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी, भगवान बलभद्र और देवी मां सुभद्रा की कृपा से राजस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे। साथ ही समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो, यही प्रार्थना है। जय जगन्नाथ!

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगन्नाथ यात्रा और लोक उत्सव गोंचा की बधाई देते हुए लिखा , जय जगन्नाथ! बस्तर गोंचा पर्व की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। महाप्रभु जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी लोक कल्याण की बात करते हुए पोस्ट में लिखा, प्रत्येक सनातनी के लिए विशेष महत्व रखने वाली रथयात्रा के पावन अवसर पर मैं महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं और भारत के कल्याण की कामना करता हूं।

बता दें कि देशभर में प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। वहीं, ओडिशा के पुरी की यात्रा सबसे बड़ी होती है। ओडिशा के पुरी से शुरू हुई यह जगन्नाथ यात्रा गुंडिचा मंदिर तक जाएगी। यह यात्रा 12 दिनों तक चलेगी। इसका समापन 15 जुलाई को नीलाद्रि विजय के साथ होगा, जब भगवान अपने मूल मंदिर लौटेंगे।

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भाषा विवाद : शरद पवार बोले- कक्षा एक से हिंदी अनिवार्य करना सही नहीं, 5वीं के बाद पढ़ाई जाए

मुंबई 27 June (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)| महाराष्ट्र में हिंदी भाषा के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बाद शरद पवार ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। एनसीपी शरद गुट के प्रमुख का कहना है कि पहली क्लास से हिंदी की अनिवार्यता उचित नहीं है।

शरद पवार ने शुक्रवार को कोल्हापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिंदी भाषा विवाद को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “इसके दो पहलू हैं। पहली कक्षा से प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी को अनिवार्य करना सही नहीं है।

पांचवीं कक्षा से हिंदी सीखना छात्र के हित में है। आज देश में करीब 55 फीसदी लोग हिंदी बोलते हैं। हिंदी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।”

पवार ने आगे कहा, “महाराष्ट्र में लोग हिंदी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अभी पहली क्लास से ही बच्चों पर नई भाषा थोपना ठीक नहीं है। वहां मातृभाषा महत्वपूर्ण है।

” उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में उठते विरोध की ओर इशारा करते हुए कहा कि दोनों ठाकरे (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) हिंदी की अनिवार्यता के खिलाफ हैं।”

बता दें कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने हिंदी भाषा का विरोध करते हुए आंदोलन करने का ऐलान किया है। 6 जुलाई को राज ठाकरे की ओर से मुंबई में मार्च निकाला जाना है, जबकि उद्धव ठाकरे की ओर से जुलाई को आंदोलन की घोषणा की गई है।

शरद पवार इन विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेंगे या नहीं, इस पर शुक्रवार को उन्होंने अपनी स्थिति जाहिर की। पवार ने कहा, “मैंने दोनों ठाकरे के बयान पढ़े हैं। में मुंबई जाकर समझंगा कि वो क्या कह रहे हैं।

मैं मुंबई जाकर उनसे मिलूंगा। हो सकता है कि आप सिर्फ कहने मात्र से इसमें भाग न ले पाएं, लेकिन यदि मुद्दा आपकी रुचि का है और आप हिस्सा लेना चाहते हैं तो आपको ठीक से समझना चाहिए कि उनकी नीति क्या है।”

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बिहार चुनाव को लेकर राजद ने कैंपेन सॉन्ग किया लॉन्च

तेजस्वी अबकी अईहें गे, रौशन सबेरा लईहें गे

पटना 27 June (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर अपना कैंपेन सॉन्ग लॉन्च कर दिया है। इस सॉन्ग की टैगलाइन है ‘तेजस्वी अबकी अईले गे, रोशन सबेरा नई गें। साथ ही इसमें उन्हें बिहार का बेटा बताया गया है और कई सारे वादों को पूरा करने की बात कही गई है।

राष्ट्रीय जनता दल का कैंपेन सॉन्ग करीब पांच मिनट 43 सेकंड का है। इस सॉन्ग की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्र के खूबसूरत नजारे के साथ होती है। सॉन्ग के बोल में तेजस्वी यादव का जिक्र किया गया है और उन्हें नेता नहीं बल्कि बिहार का बेटा बताया गया है। यह मगही भाषा में तैयार गीत है।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका वीडियो शेयर किया है, जिसमें लिखा है. “रौशन सवेरा ईगे।”

राजद के कैंपेन सॉन्ग में कहा गया है, “तेजस्वी अबकी अइहें गे, रोशन सबेरा लई गे। नेता नहीं. ई बेटा छी, कोय एकरा से बेहतर नहीं।”

इस कैंपेन सॉन्ग में बेरोजगारी का जिक्र, नौकरी देने का वादा 200 यूनिट मुफ्त बिजली, माई बहिन योजना और वृद्धा पेंशन के तहत 400 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति महीना देने का वादा किया गया है। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने, उद्योग पर फोकस और पलायन रोकने का भी वादा किया गया है।

कैंपेन सॉन्ग में कहा गया, “आपन तेजस्वी भैया मुमकिन सब के सब कर पड़हें गे।”

बता दें कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के मद्देनजर राजद नेता तेजस्वी यादव लगातार बैठक कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में छात्र युवा संसद में हिस्सा लिया था।

उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर कार्यक्रम की फोटो शेयर करते हुए लिखा, “आज छात्र युवा संसद में उमड़े युवाओं के लिए ढेर सारा प्यार और आभार। बिहार के युवा 20 वर्षों की इस निकम्मी एनडीए सरकार की मंशा भांप चुके हैं।

युवा अब वह सत्ता के फैसले का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि अब सत्ता का फैसला करेगा बिहारी युवा मिट्टी के नहीं, हौसलों और हिम्मत के बने हैं। हमारी सोच में बहू नहीं क्रांति दौड़ती है। युवा साथियों, उठो ठानों और चलो और तब तक मत रुकरें जब तक बिहार फिर से ज्ञान, कर्म, भक्ति, प्रगति और तरक्की की राजधानी न बन जाए।”

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अहमदाबाद में पहली बार भगवान जगन्नाथ को मिला गार्ड ऑफ ऑनर

मंगला आरती में शामिल हुए अमित शाह

27-Jun-25  अहमदाबाद 27 June (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : अहमदाबाद में भगवान श्री जगन्नाथ की 148वीं रथयात्रा पारंपरिक उल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ शुरू हो चुकी है। इस खास मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित मंगला आरती में परिवार समेत हिस्सा लिया और महाप्रभु के दर्शन कर पूजा अर्चना की।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रथयात्रा की विधिवत शुरुआत की और पारंपरिक पादि विधि का पालन करते हुए भगवान के रथ के सामने सोने की झाड़ू लगाकर यात्रा का शुभारंभ किया। ये विधि सेवा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।

गृह मंत्री अमित शाह ने मंगला आरती के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, रथयात्रा के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर, अहमदाबाद की मंगला आरती में शामिल होना अपने आप में दिव्य और अलौकिक अनुभव होता है। महाप्रभु की मंगला आरती में शामिल होकर दर्शन-पूजन किया। महाप्रभु सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।”

इसके पहले अमित शाह ने देशवासियों को श्री जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर शुभकामनाएं दी। शाह ने एक्स पर लिखा, “जय जगन्नाथा सभी को श्री जगन्नाथ रथयात्रा के पावन उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।

श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा आस्था और विश्वास का अनूठा संगम है, जो बताती है कि भक्ति, संस्कृति और विरासत को एक साथ सहेजते हुए आगे बढ़ते रहना हमारे मूल में हैं। महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्र और माता सुभद्रा से सभी के कल्याण व उन्नति की कामना करता हूँ।”

भगवान जगन्नाथ को अहमदाबाद में ओडिशा के पूरी की तरह गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा अहमदाबाद में पहली बार हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भगवान जगन्नाथ की पूजा की पहिंद विधि की और मंदिर से भगवान के रथ को प्रस्थान कराया।

फिलहाल नगर नाथ जगन्नाथ शहर के भ्रमण पर निकल चुके हैं। पूरी साल भक्त भगवान के दर पर आते हैं, लेकिन आज का दिन ऐसा होता है जब भगवान भक्त के घर पर जाते हैं। करीब 16 किलोमीटर की ये यात्रा शाम 6 बजे तक संपन्न होगी। मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ है।

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महाप्रभु हमारे लिए अराध्य भी हैं, प्रेरणा भी हैं, जगन्नाथ हैं, तो जीवन है: PM MODI

नई दिल्ली 27 June (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) PM नरेंद्र मोदी ने  भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू होने पर बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए उन्होंने देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की मंगलकामना की।

पीएम मोदी ने कहा, “भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति का यह पावन उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही कामना है। जय जगन्नाथा

प्रधानमंत्री ने बधाई संदेश के अलावा अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें वो भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के बारे में बता रहे हैं। वीडियो संदेश में कहा गया, “महाप्रभु हमारे लिए अराध्य भी हैं, प्रेरणा भी हैं। जगन्नाथ हैं, तो जीवन है। भगवान जगन्नाथ जनता जनार्दन को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण के लिए जा रहे हैं।”

इसके अलावा, प्रधानमंत्री आगे वीडियो में रथयात्रा की खूबियों के बारे में भी बताते हैं। कहते हैं कि रथयात्रा की पूरी दुनिया में एक विशिष्ट पहचान है। देश के अलग अलग राज्यों में बहुत बहुत धूमधाम से रथयात्रा निकाली जा रही है।

ओडिशा के पूरी में निकाली जा रही रथयात्रा अपने आप में अद्भुत है। प्रधानमंत्री वीडियो में कहते हैं कि इन रथ यात्राओं में जिस तरह से हर वर्ग, हर समाज के लोग उमड़ते हैं, वो अपने आप में बहुत अनुकरणीय है। यह आस्था के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत का भी प्रतिबिंब है। इस पावन अवसर पर आप सभी को बहुत बहुत बधाई।

साथ ही प्रधानमंत्री ने अपने एक अन्य पोस्ट में आषाढी बीज के विशेष अवसर पर दुनियाभर के कच्छी समुदाय के लोगों को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, “आषाढी बीज के विशेष अवसर पर विशेष रूप से दुनिया भर के कच्छी समुदाय को शुभकामनाएं। आने वाला वर्ष सभी के लिए शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।”

बता दें कि देशभर में प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। वहीं, ओडिशा के पूरी की यात्रा सबसे बड़ी होती है। ओडिशा के पूरी से शुरू हुई यह जगन्नाथ यात्रा गुंडिचा मंदिर तक जाएगी। यह यात्रा 12 दिनों तक चलेगी। इसका समापन 15 जुलाई को नीलाद्रि विजय के साथ होगा, जब भगवान अपने मूल मंदिर लौटेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान जगन्नाथ साल में एक बार अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। इस यात्रा की तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है। इस यात्रा के दौरान कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।

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दिल्ली की सीएम ने 105 इलेक्ट्रिक बसों  को दिखाई हरी झंडी

 नए डीटीसी डिपो नरेला का किया उद्घाटन

नई दिल्ली 27 June (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) CM रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को नरेला में बने नए डीटीसी बस डिपो का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने 100 से ज्यादा नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ये बसें ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरचेंज (देवी) योजना के तहत चलाई जाएंगी। यह पहल दिल्ली में स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए की गई है।

उद्घाटन समारोह में बीजेपी सांसद योगेंद्र चंदोलिया, मंत्री पंकज कुमार सिंह और रविंदर इंद्राज सिंह समेत कई प्रमुख नेता भी मौजूद थे।

इन इलेक्ट्रिक बसों का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना, यात्रा को आरामदायक बनाना और आखिरी मील तक कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री पंकज कुमार मंत्री ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “प्रदूषण दिल्ली के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन इस बार ऐसा कोई मौस नहीं आया जब एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण को कोई सख्त कदम उठाना पड़ा हो।

यह साफ हवा और प्रदूषण मुक्त दिल्ली की दिशा में बढ़ाया एक सकारात्मक कदम है। लोगों को आरामदायक और बेहतर यात्रा अनुभव देने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई है।”

नरेला क्षेत्र के बढ़ते महत्व पर बोलते हुए सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “आज यहां से 105 इलेक्ट्रिक ‘देवी’ बसों को रवाना किया गया है। नरेला में कई बड़ी सरकारी योजनाएं और विश्वविद्यालय बनाए जा रहे हैं, जिससे यह इलावा और भी अहम हो गया है।”

मंत्री सिंह ने नए बस डिपो के तेज निर्माण और उसकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह टर्मिनल सिर्फ 90 दिनों में बनकर तैयार हुआ है और इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ड्राइवरों कंडक्टरों और यात्रियों के लिए आरओ पानी की सुविधा और एक बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सेंटर भी बनाया गया है।”

उनके मुताबिक, नरेला डिपो से 105 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे उन्हें आधुनिक, आरामदायक और सुलभ परिवहन सुविधा मिलेगी, साथ ही वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। नया बस टर्मिनल दिल्ली में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बनेगा। यह आने वाले वर्षों में राजधानी में ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को घटाने में मदद करेगा।

दिल्ली सरकार में मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने इलेक्ट्रिक देवी बस शुरू होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। दिल्ली में इस बार प्रदूषण रहित रही है। दिल्ली के लोगों को अच्छी यात्रा करने के लिए इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जा रही हैं। आज इसी दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसी को देखते हुए देवी बसों को शुरू किया जा रहा है। मैं दिल्ली की मुख्यमंत्री का धन्यवाद करना चाहूंगा, जिन्होंने इतना अच्छा कदम उठाया है।

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गाजा में ईंधन की कमी से जल आपूर्ति को खतरा : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र ,26 जून (एजेंस)। गाजा में सहायता मांगने वालों पर घातक गोलीबारी की खबरों के बीच संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर गाजा पर ईंधन नाकाबंदी जारी रहती है, तो बच्चों सहित और अधिक लोग मारे जाएंगे।

गाजा में सहायता मांगने वालों पर घातक गोलीबारी की खबरों के बीच संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर गाजा पर ईंधन नाकाबंदी जारी रहती है, तो बच्चों सहित और अधिक लोग मारे जाएंगे।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि गाजा में संघर्ष में लोग मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं, खासकर उन गैर-संयुक्त राष्ट्र सैन्यीकृत सहायता वितरण स्थलों के पास या उन मार्गों पर, जहां इजरायली अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र को सहायता ट्रकों को लेने की अनुमति दी है।

ओसीएचए ने कहा, इजरायली अधिकारियों को उत्तर सहित गाजा में और पूरे गाजा में पर्याप्त मात्रा में ईंधन की डिलीवरी की अनुमति देनी चाहिए। अगर ये जीवन रक्षक कार्य बंद हो गए, तो और लोग मरेंगे।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने पिछले सप्ताह बताया था, अगर गाजा में आने वाले ईंधन पर वर्तमान 100 दिनों से अधिक की नाकाबंदी समाप्त नहीं होती है, तो बच्चे प्यास से मरने लगेंगे।

ईंधन 20 लाख से अधिक फिलिस्तीनियों के लिए पानी उत्पादन, उपचार और वितरण के लिए जरूरी है।

यूनिसेफ ने कहा कि मई में कुपोषण के इलाज के लिए भर्ती बच्चों की संख्या अप्रैल की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत बढ़ गई, जो स्वच्छ पानी की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है, क्योंकि पानी उत्पादन प्रणाली ध्वस्त हो रही हैं।

ओसीएचए ने बताया कि राफा में संग्रहीत ईंधन का इस्तेमाल दक्षिण में महत्वपूर्ण सेवाओं को चलाने के लिए किया जा रहा है, जिससे कुछ समय मिल रहा है। लेकिन, अगर गाजा में और ईंधन की अनुमति नहीं दी गई, तो ये जीवन रेखाएं जल्द ही बंद हो जाएंगी। राफा से ईंधन प्राप्त करने के लिए सोमवार को एक सफल मिशन चलाया गया है।

मानवीय कार्यकर्ताओं ने गाजा के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी चिंता जताई। ओसीएचए ने कहा, बच्चों की देखभाल करने वालों ने चेतावनी दी है कि गाजा में बच्चे बढ़ते मनोवैज्ञानिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

यह खराब हालात, विशेषकर भोजन की कमी के कारण है।

पिछले हफ्ते गाजा सिटी, देयर अल-बलाह और खान यूनिस के कई विस्थापन स्थलों पर संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदारों ने 1,000 से अधिक बच्चों को उनकी आशंकाओं और अन्य जटिल भावनाओं को संभालने के लिए सत्र प्रदान किए।

कार्यालय ने कहा कि विश्व निकाय और उसके सहयोगियों ने 2,000 से अधिक देखभाल करने वालों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाएं प्रदान की हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गाजा मानसिक स्वास्थ्य संकट पर बताया, पूरे क्षेत्र में डब्ल्यूएचओ ने सैकड़ों अग्रिम पंक्ति के मानवीय कार्यकर्ताओं को मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा में प्रशिक्षित किया है, ताकि लोगों का समर्थन किया जा सके और आबादी में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा दिया जा सके।

ओसीएचए ने बताया कि इजरायली सेना की ओर से एक और विस्थापन आदेश जारी हुआ है।

ओसीएचए ने कहा, गाजा में आश्रय सामग्री की आपूर्ति पूरी तरह से बंद है और कई मौजूदा आश्रयों को तत्काल मरम्मत की जरूरत है। खान यूनिस में साझेदार खाद्य शिपमेंट के साथ आए लकड़ी के पैलेट्स को रचनात्मक रूप से रीसायकल करके अस्थायी स्थलों को पुनर्वास और बनाए रखने का काम कर रहे हैं।

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ईरान में मोसाद के अंडर कवर एजेंट्स पर ताबड़तोड़ एक्शन

3 लोगों को फांसी, 700 से अधिक गिरफ्तार

तेहरान ,26 जून (एजेंसी)। हालांकि ईरान और इजरायल के बीच फिलहाल युद्धविराम लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। इसी क्रम में ईरान ने बुधवार सुबह इजरायल के लिए जासूसी और हत्या की साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों को फांसी दे दी।

एजेंसी के अनुसार, ईरान के न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि इदरीस अली, आज़ाद शोजाई और रसूल अहमद रसूल ने इजरायल के लिए काम करते हुए हत्या के लिए उपयोग में आने वाले उपकरण ईरान में लाने की कोशिश की थी। तीनों पर मुकदमा चलाने के बाद उत्तर-पश्चिमी ईरान के उरमिया शहर में उन्हें फांसी दे दी गई। ईरानी मीडिया ने तीनों की जेल वर्दी में तस्वीरें भी जारी की हैं।

फांसी की कार्रवाई का क्रम जारी

यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने इस तरह की कार्रवाई की हो। इससे पहले भी ईरान ने इजरायली खुफिया एजेंसी ‘मोसादÓ से संबंध रखने या विदेशी एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में कई लोगों को सजा-ए-मौत दी है। हाल ही में ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान भी तेहरान ने इस तरह की सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

700 लोग गिरफ्तार, सख्त जांच जारी

राज्य समर्थित मीडिया एजेंसी ‘नूर न्यूज’ के अनुसार, ईरान ने हालिया 12 दिन की जंग के दौरान इजरायल से संपर्क रखने के आरोप में करीब 700 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर ‘मोसाद’ से जुड़ाव, गोपनीय सूचनाएं लीक करने और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में मदद करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इनमें से कई से पूछताछ जारी है और कुछ को जल्द ही सजा सुनाई जा सकती है।

आंतरिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई

ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि युद्ध के दौरान कई अंदरूनी नेटवर्क इजरायल के लिए सक्रिय थे, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ लिया है। तेहरान का कहना है कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त किसी भी तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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विंग कमांडर अभिनंदन को पकडऩे वाला पाकिस्तानी मेजर मारा गया

टीटीपी के साथ वजीरिस्तान में हुई भीषण मुठभेड़

इस्लामाबाद ,26 जून (एजेंसी)।  पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान के सरगोधा में मेजर मोइज अब्बास शाह नाम का अफसर टीटीपी (तहरीक ए तालिबान-पाकिस्तान) के हमले में मारा गया है। मेजर मोइज अब्बास शाह वही ऑफिसर है जिसने 2019 में बालाकोट स्ट्राइक के दौरान भारत के एयरफोर्स अधिकारी विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पकड़ा था।

पाकिस्तान सेना के अनुसार टीटीपी के हमले में मेजर मोइज अब्बास शाह और लांस नायक जिब्रान मारा गया है। हालांकि पाकिस्तान सेना ने भी दावा किया है कि उन्होंने टीटीपी के 11 सदस्यों को एनकाउंटर में मार गिराया है।

डॉन न्यूज के अनुसार पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग ने मंगलवार को बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के दक्षिणी वजीरिस्तान जिले में खुफिया-आधारित ऑपरेशन के दौरान दो सैनिक मारे गए।

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंसके एक बयान के अनुसार, 24 जून 2025 को, सुरक्षा बलों ने दक्षिणी वजीरिस्तान जिले के सरगोधा क्षेत्र में एक ऑपरेशन किया। इस हमले में मेजर मोइज अब्बास शाह और लांस नायक जिब्रान मारे गए हैं।

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म्यूजिक वीडियो ‘तेरे बिना जीना नहीं’ जारी………!

27.06.2025 – शान से एंटरटेनमेंट के बैनर तले शांतनु भामरे द्वारा निर्मित बहुप्रतीक्षित म्यूजिक वीडियो ‘तेरे बिना जीना नहीं’ जारी कर दिया गया है। इस म्यूजिक वीडियो में बॉलीवुड अभिनेता शांतनु भामरे और नवोदित अभिनेत्री रुचिता अगलावे अपने अभिनय का जलवा बिखेरते नजर आयेंगे।

गाने की वीडियो शूटिंग पुणे के कुंडलिका घाटी में शांतनु भामरे के निर्देशन में की गई है, सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग सुमित यांडे ने की है। मेकअप मैन और हेयर आर्टिस्ट सिया राठौड़ हैं।

कॉस्ट्यूम और ज्वेलरी ‘शौर्य कलेक्शन’ द्वारा उपलब्ध कराया गया है। जेनरेशन Y और जेनरेशन Z (मिलेनियल्स) को ध्यान में रखकर बनाए गए इस म्यूजिक वीडियो के लिए गीतकार अरिजीत चौहान द्वारा लिखे दिल को छू लेने वाले गीत को मधुर संगीत से सजाया है संगीतकार शंकर मलिक ने और स्वर दिया है.

सिंगर शिवानी कश्यप और अरिजीत चौहान ने। ‘तेरे बिना जीना नहीं’, वीडियो फॉर्मेट के अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम, विंक, जियोसावन, यूट्यूब म्यूजिक, एप्पल म्यूजिक, आईट्यून्स, गाना, स्पॉटिफाई, हंगामा म्यूजिक, रेसो आदि जैसे सभी ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

साथ ही सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए कॉलर ट्यून्स भी उपलब्ध हैं। इस म्यूजिक वीडियो को बहुत जल्द ही संगीतप्रेमियों के लिए हंगामा प्ले, हंगामा, वनप्लस टीवी, एमआई एलईडी टीवी, टाटा प्ले म्यूजिक, हेफ्टीवर्स, टीसीएल, अमेज़न फायरटीवी स्टिक, एयरटेल डिजिटल टीवी,ज़ी5, शाओमी, वोडाफोन प्ले, एयरटेल वीडियो ऑन डिमांड, डायलॉग वीआईयू, मेटा फेसबुक के अलावा विभिन्न ओटीटी पर भी जारी किया जाएगा।

निर्माता शांतनु भामरे इस रोमांटिक म्यूजिक वीडियो की मार्केटिंग और प्रमोशन के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि इसे व्यापक पहुंच के लिए अच्छी संख्या में ऑर्गेनिक व्यूज मिल सके।

विदित हो कि कला और वाणिज्य के क्षेत्र में एक्टिव रहने वाले शख़्सियत शांतनु भामरे बॉलीवुड फिल्म ‘फायर ऑफ लव : रेड’ के पूर्व ‘कॉलर बम’ (2021), ‘मंत्र’ (2017), ‘एनिमी’ (2013), ‘दोस्ती के साइड इफेक्ट्स’ (2019) और ‘झलकी’ (2019) जैसी कई हिंदी फीचर फिल्मों में दमदार भूमिका निभा चुके हैं।

फिल्मों में हर तरह की भूमिका निभाने की चाहत रखने वाले अभिनेता शांतनु भामरे को बॉलीवुड के चर्चित फिल्म निर्माता राजीव चौधरी ने अपनी नवीनतम फिल्म ‘शक- द डाउट’ के लिए हाल ही में अनुबंधित किया है।

इस फिल्म का निर्माण, लेखन और निर्देशन राजीव चौधरी करेंगे और इसका संगीत हृजू रॉय देंगे। इस फिल्म के तीन गाने रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। फिल्म की शूटिंग लंदन में होगी।

शांतनु भामरे ‘शक- द डाउट’ में एक अंडरवर्ल्ड डॉन का मुख्य किरदार निभाएंगे। बॉलीवुड हिंदी फिल्म ‘शक- द डाउट’ के अलावा ‘न्यूयॉर्क से हरिद्वार’, ‘ब्रेकिंग न्यूज’, ‘भगवा’ और ‘सॉरी मदर’ में भी शांतनु भामरे काफी महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आएंगे।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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कनिष्क बम विस्फोट एक दुर्घटना नहीं थी : हरदीप सिंह पुरी

चंडीगढ़ ,26 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। एयर इंडिया फ्लाइट 182 (कनिष्क) बम विस्फोट के 40 साल पूरे होने पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने इस हादसे को कनाडा की धरती पर सुनियोजित बम विस्फोट करार दिया।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को चंडीगढ़ में कहा कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त इसे एक दुर्घटना करार दिया गया था। लेकिन, यह दुर्घटना नहीं थी। बल्कि, कनाडा की धरती पर सुनियोजित बम विस्फोट था।

चालीस साल पहले क्या हुआ था। हर कोई जानता है। 1985 में, जब वह भयानक, भयावह घटना घटी थी तब 329 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। उस समय, कई लोगों ने इसे दुर्घटना कहने की कोशिश की थी। लेकिन, वह दुर्घटना कैसे हो सकती है। कनाडा की धरती पर बम लगाया गया था।

उन्होंने इस बात पर संतोष जताया है कि लोगों ने भी मान लिया है कि वह बम विस्फोट था।

आतंकवाद पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, भारत के प्रतिनिधि जहां भी जाते हैं, आतंकवाद पर हमारा रुख बिल्कुल साफ होता है। मैंने खुद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधक समिति की अध्यक्षता की है। हमने शुरू से ही आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति की वकालत की है।

उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 50 साल पहले 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल निस्संदेह भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दौर था। उस दौरान हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार किया गया।

हमारे संविधान की पूरी तरह से अवहेलना की गई, नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट किया गया, न्यायपालिका को कमजोर किया गया, मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया गया, फिल्मों पर प्रतिबंध लगाया गया और कलाकारों को परेशान किया गया।

इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जो आपातकाल की भयावहता को दर्शाती है, जो भारत के लोकतंत्र के इतिहास पर सबसे काला धब्बा है, जिसने संविधान में निहित मूल्यों को कुचल दिया और एक समृद्ध लोकतंत्र के लिए पवित्र मानी जाने वाली हर चीज को गंभीर झटका दिया।

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पुरी रथ यात्रा : पुलिस ने सुरक्षा के लिए किए व्यापक इंतजाम

डीजी खुरानिया ने दी जानकारी

पुरी ,26 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ओडिशा पुलिस ने पुरी में होने वाली विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजी) वाई.बी. खुरानिया की अध्यक्षता में अंतिम पुलिस ब्रीफिंग पूरी हो चुकी है। डीजी ने बताया कि रथ यात्रा के सुचारू और सुरक्षित आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पुलिस महानिदेशक के मुताबिक, पुरी में रथ यात्रा के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को आठ क्षेत्रों में बांटा गया है। मंदिर परिसर, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए विस्तृत योजनाएं बनाई गई हैं। पहली बार एक एकीकृत कमांड और नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो वास्तविक समय में निगरानी करेगा।

श्री मंदिर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में 275 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका कवरेज भुवनेश्वर से पुरी और पुरी से कोणार्क तक फैला है। इन कैमरों की लाइव फीड कई नियंत्रण कक्षों से देखी जाएगी ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।

उनके मुताबिक, यातायात व्यवस्था के लिए विशेष योजना लागू की गई है। ड्रोन रोधी प्रणाली, तोडफ़ोड़ रोधी दल, डॉग स्क्वॉड और 200 पुलिस प्लाटून तैनात किए गए हैं।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (बीएसएफ, सीआरपीएफ, आरएएफ) की आठ कंपनियां भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगी। तटीय सुरक्षा के लिए मरीन पुलिस, तटरक्षक और भारतीय नौसेना संयुक्त गश्त करेंगे। हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग होगा।

पहली बार उच्च स्तरीय सुरक्षा मूल्यांकन के बाद एनएसजी स्नाइपर्स को भी तैनात किया गया है। कुल 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, केंद्रीय बल और होमगार्ड ड्यूटी पर रहेंगे।

डीजी खुरानिया ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए एक चैटबॉट-आधारित ऐप लॉन्च किया गया है। यह ऐप वास्तविक समय में यातायात की स्थिति, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग की उपलब्धता और अन्य जरूरी जानकारी प्रदान करेगा। उन्होंने लोगों से इस ऐप का उपयोग करने और पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके जरिए कोई भी असुविधा होने पर नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है।

खुरानिया ने कहा, हमने पुरी को पूर्ण सुरक्षा घेरे में रखने की व्यवस्था की है। ओडिशा पुलिस, केंद्रीय बल और तटरक्षक मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि रथ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित हो। साथ ही, उन्होंने भक्तों से सहयोग की अपील की ताकि यह पवित्र उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो।

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केदारनाथ यात्रा पर मौसम ने लगाया ब्रेक, सोनप्रयाग में रोके गए श्रद्धालु

फंसे लोगों का जंगलों के रास्ते रेस्क्यू जारी

रुद्रप्रयाग,26 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जोरदार बारिश हो रही है. बारिश के कारण चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है. बरसात में सबसे ज्यादा असर केदारनाथ यात्रा पर देखने को मिल रहा है. रुद्रप्रयाग जिले में बीते तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. गुरुवार 26 जून को भी तेज बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग भी भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है.

प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ जाने वाले सभी यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोक दिया है. इसी के साथ प्रशासन ने केदारनाथ से नीचे लौट रहे यात्रियों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए भी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर रवाना की है.

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार 26 जून को सुबह 11 बजे तक कुल 1269 यात्रियों को सुरक्षित सोनप्रयाग पहुंचाया जा चुका है, जिनमें 833 पुरुष और 436 महिला श्रद्धालु शामिल हैं. यह रेस्क्यू अभियान अत्यंत व्यवस्थित, संवेदनशील और समयबद्ध रूप से संचालित किया गया, जिससे किसी भी यात्री को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

वहीं, दूसरी ओर मार्ग को शीघ्र संचालित करने के लिए लोनिवि और अन्य संबद्ध विभागों द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है. मशीनों की सहायता से मलबा हटाने और मार्ग को सुगम बनाने का प्रयास लगातार जारी है.

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हरियाणा समेत 18 जगहों पर एनआईए की रेड

आतंकी साजि़श मामले में लिया गया बड़ा एक्शन

नईदिल्ली,26 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी साजि़श मामले में आज हरियाणा समेत देशभर में कुल 18 जगहों पर रेड मारी है. इसमें हरियाणा के 7, पंजाब के 9 और उत्तर प्रदेश के दो जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

आतंकवाद को लेकर सख्त कदम उठाते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज बड़ी छापेमारी कर डाली है. हरियाणा के करनाल समेत 7 जगहों पर रेड मारी है. एनआईए ने करनाल की पुलिस लाइन, कुंजपुरा और घरौंडा में छापेमारी की. एक पुलिसकर्मी के आवास पर कई घंटों से पूछताछ चल रही है.

एनआईए ने पंजाब में आपराधिक गतिविधियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन के सिलसिले में करनाल के आरके पुरम इलाके में भी छापेमारी की. एजेंसी ने अशोक भाटिया के परिवार से पूछताछ की जिनके बेटे ने अमेरिका में रहकर कथित तौर पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले एक व्यक्ति को पैसा ट्रांसफर किया था. छापेमारी और पूछताछ करीब 3 घंटे तक चली है.

वहीं एनआईए ने पंजाब के जालंधर और होशियारपुर में भी छापेमारी की. जालंधर के मनसा के बुढलाडा में एनआईए ने पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों को लेकर यूट्यूबर सुखबीर सिंह के घर की तलाशी ली. वहीं संदिग्ध लेनदेन को लेकर ब्रिटेन का एक लड़का भी जांच के दायरे में है.

साथ ही एनआईए ने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर आज सुबह होशियारपुर के टांडा के गढ़ी मोहल्ले में एक घर पर भी छापा मारा. टीम सुबह 6 बजे पहुंची और छापे की कार्रवाई शुरू की.

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भारतीय मूल के एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला का ऐतिहासिक सफर : 28 घंटे की यात्रा के बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे

अंतरिक्ष में रिसर्च करने वाले पहले भारतीय बने

नई दिल्ली ,26 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत ने गुरुवार को अंतरिक्ष विज्ञान में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। शुभांशु शुक्ला, भारतीय मूल के एस्ट्रोनॉट, 28 घंटे लंबे रोमांचक सफर के बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ढ्ढस्स्) पर पहुंच गए हैं। वे ढ्ढस्स् पर कदम रखने वाले पहले भारतीय हैं और अंतरिक्ष में पहुंचने वाले राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय नागरिक।
एक सपना, जो अंतरिक्ष तक पहुंचा

शुभांशु 25 जून को दोपहर करीब 12 बजे ‘एक्सियम मिशन 4’ के तहत स्पेसक्राफ्ट से रवाना हुए थे। मिशन की लॉन्चिंग को मौसम और तकनीकी कारणों से छह बार टाला गया, लेकिन हौसले अडिग रहे। अंतत: 26 जून की शाम 4 बजे वह ऐतिहासिक क्षण आया, जब शुभांशु और उनकी टीम अंतरिक्ष की सीमा पार करते हुए ढ्ढस्स् से जुड़े।

अंतरिक्ष से शुभांशु का पहला संदेश

नमस्कार फ्रॉम स्पेस!

अंतरिक्ष से शुभांशु का पहला संदेश दिल छू लेने वाला था। उन्होंने कहा –नमस्कार फ्रॉम स्पेस! मैं अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहां होने के लिए बेहद एक्साइटेड हूं।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा –जब हमें वैक्यूम में लॉन्च किया गया, तब मैं बहुत अच्छा महसूस नहीं कर रहा था। लेकिन अब मैं काफी सो चुका हूं और खुद को नई दुनिया में एक बच्चे की तरह महसूस कर रहा हूं… सीख रहा हूं कि यहां खाना और चलना कैसे है।
14 दिन, विज्ञान के नाम

शुभांशु अब 14 दिनों तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहेंगे। इस दौरान वे सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (द्वद्बष्ह्म्शद्दह्म्ड्ड1द्बह्ल4) की स्थितियों में वैज्ञानिक प्रयोग और अनुसंधान करेंगे। यह रिसर्च भारत और पूरी मानवता के लिए भविष्य की स्पेस टेक्नोलॉजी, मेडिसिन और एनवायरमेंट स्टडीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

राकेश शर्मा के बाद दूसरी छलांग

1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा ने सोवियत स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। उन्होंने सारे जहां से अच्छा कहकर भारत को गौरवांवित किया था। अब शुभांशु शुक्ला ने उस गौरवगाथा को आगे बढ़ाते हुए भारत की नई पीढ़ी को अंतरिक्ष में सपने देखने की प्रेरणा दी है।
भारत के लिए गर्व का पल

भारतीयों के लिए यह पल गर्व से भरा है। शुभांशु की यह उपलब्धि सिर्फ एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि भारत के वैज्ञानिक आत्मविश्वास और वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में सक्रिय भागीदारी का प्रमाण है।

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डच प्रतिनिधि मंडल ने गंगा सागर में लिया कपिल मुनि क्षेत्र का जायजा

सागरद्वीप,25 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। डच संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने आज दक्षिण 24 परगना के गंगासागर द्वीप पर कपिल मुनि मंदिर के सामने और पास में क्षतिग्रस्त क्षेत्र का जायजा।

उक्त प्रतिनिधि मंडल में किसी राजनीतिक दल का नेतृत्व नहीं था। उन्होंने कपिल मुनि मंदिर और कई अन्य इमारतों सहित क्षतिग्रस्त क्षेत्र का भी बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की और बाद में कुछ तस्वीरें लीं और चले गए।

हालांकि, विपक्ष ने कहा कि पहले पायलट प्रोजेक्ट को गंगासागर कपिल मुनि मंदिर नाम दिया गया था, जिसकी लागत लगभग 18 करोड़ रुपये थी।

समुद्र की कराल ग्रास के कारण वह राशि भी नहीं बचाई जा सकी। डच प्रतिनिधि मंडल के दौरे के बाद वास्तव में क्या होगा? स्थानीय लोग उम्मीद से भरे हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर कांग्रेस पर साधा निशाना

बोले-भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक

नईदिल्ली,25 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। देश में लगाए गए आपातकाल को 25 जून को 50 साल साल पूरे हो गए। उस समय कांग्रेस सरकार थी और इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। आपातकाल का वो काला अध्याय आज ही लोगों के जहन में बुरे सपने की तरह जिंदा है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर उसके दंश को याद करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है और कहा है कि इसके जरिए भारतीय संविधान की मूल भावना कुचली गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, आज भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक आपातकाल लागू होने के 50 साल पूरे हुए हैं। भारतीय इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन संविधान की मूल भावना को कुलचकर मौलिक अधिकारों को निलंबित किया था। इतना ही नहीं प्रेस की स्वतंत्रता को भी खत्म कर दिया गया था। लगता है जैसे उस समय सत्ताधारी कांग्रेस ने लोकतंत्र को बंधक बना लिया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, कोई भी भारतीय यह कभी नहीं भूल पाएगा कि किस तरह हमारे संविधान की भावना का उल्लंघन किया गया, संसद की आवाज को दबाया गया और अदालतों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। 42वां संशोधन उनकी हरकतों का एक प्रमुख उदाहरण है। गरीबों, हाशिए पर पड़े लोगों और दलितों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया, यहां तक कि उनकी गरिमा का अपमान भी किया गया। कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को बंधक बनाया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा, आपातकाल के दौरान कई राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को जेल में डाल दिया गया था। जब आपातकाल लगा था, उस समय वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के युवा प्रचारक थे। आपातकाल विरोधी आंदोलन उनके लिए सीखने का अनुभव था। इसने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को बचाए रखने की अहमियत को फिर से पुष्ट किया। साथ ही राजनीति से जुड़े लोगों से भ बहुत कुछ सीखने को मिला।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, आपातकाल के दौरान द इमरजेंसी डायरीज मेरी यात्रा का वृत्तांत है। इसने उस समय की कई यादें ताजा कर दीं। मैं उन सभी लोगों से आग्रह करता हूं जो आपातकाल के उन काले दिनों को याद करते हैं या जिनके परिवारों ने उस दौरान कष्ट झेले हैं कि वे अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा करें। उन्होंने लिखा, मुझे खुशी है कि ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने उन अनुभवों को एक किताब में संकलित किया है।

ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने एक्स पर लिखा, इमरजेंसी डायरीज नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकतंत्र के आदर्शों के लिए संघर्ष करने तथा इसे संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए उन्होंने किस प्रकार जीवन भर काम किया, इसकी एक जीवंत तस्वीर पेश करती है। यह पुस्तक उन लोगों के साहस और संकल्प को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने चुप रहने से इनकार कर दिया। फाउंडेशन ने बताया कि इस पुस्तक का विमोचन बुधवार शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

बता दें कि 25 जून, 1975 को इंदिरा गांधी सरकार ने पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया था। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा और वैश्विक तेल संकट के कारण अर्थव्यवस्था में गिरावट का हवाला दिया था। सरकार ने बताया था कि किस तरह हड़तालों ने उत्पादन को पंगु बना दिया है। आपातकाल की घोषणा ने संविधान में निहित मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया था। उसे अदालत में चुनौती देने का अधिकार भी निलंबित कर दिया गया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने जमनात आदेश की पालना न होने पर उत्तर प्रदेश सरकार पर लगाया जुर्माना

नई दिल्ली,25 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्वतंत्रता को एक मूल्यवान और अनमोल अधिकार बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह एक मुस्लिम व्यक्ति को 5 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा दे, जिस पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. उसे जमानत बांड भरने के बाद भी एक तकनीकी आधार पर रिहा नहीं किया गया था. बांड भरने के 28 दिन बाद रिहाई संभव हुई थी.

न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा, ‘भगवान जानता है कि ऐसे कितने लोग जेलों में सड़ रहे हैंज्’ न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने तकनीकी बातों पर जोर देने वाले जेल अधिकारियों के आचरण की निंदा की, जो स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है. गाजियाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को इसकी जांच करने और व्यक्ति की रिहाई में 28 दिनों की देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का आदेश दिया.

उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद और उत्तर प्रदेश के महानिदेशक कारागार पीसी मीना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालती कार्यवाही में शामिल हुए. गाजियाबाद जेल के जेल अधीक्षक पीठ के समक्ष शारीरिक रूप से उपस्थित थे.

न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा कि जब मामले और अपराधों का विवरण जमानत आदेश से स्पष्ट है, तो बेकार तकनीकी बातों और अप्रासंगिक त्रुटियों के आधार पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता से इनकार नहीं किया जा सकता. न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने राज्य के वकील को स्पष्ट कर दिया कि वह उनके द्वारा दिए गए इस तर्क को स्वीकार करने के लिए उत्सुक नहीं हैं कि कैदी को रिहा नहीं किया गया क्योंकि जमानत आदेश में एक विशेष प्रावधान का उल्लेख नहीं किया गया था.

न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने स्वतंत्रता को एक मूल्यवान और अनमोल अधिकार बताते हुए कहा, अदालती आदेशों पर टिप्पणी करना और इस बहाने उन्हें लागू न करना तथा व्यक्ति को सलाखों के पीछे रखना कर्तव्य की गंभीर उपेक्षा होगी. न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने मीना से पूछा, इस बात की क्या गारंटी है कि इस कारण से कई अन्य लोग कष्ट में नहीं हैं? आदेश इसी न्यायालय द्वारा दिया गया है.

आदेश में सही धारा का उल्लेख है और धारा में कई उपधाराएं होंगी. क्या आपके अनुभव में यह कोई वैध आपत्ति है. अधिकारियों को संवेदनशील बनाने के लिए आप क्या करने का प्रस्ताव रखते हैं? मीना ने पीठ को आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जेल अधिकारियों को संवेदनशील बनाने के उपाय किए जाएंगे.

न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने याचिकाकर्ता की रिहाई में 28 दिनों की देरी को दुर्भाग्यपूर्ण और बेतुका बताया. पीठ ने कहा, 28 मई की सुबह से लेकर कल शाम तक, जब उसे रिहा किया गया, स्वतंत्रता से वंचित किए जाने के इस स्वीकृत तथ्य पर हम एक तदर्थ आंकड़े पर पहुंचेंगे, जो अंतिम होगा और हम उस राशि के अनुपालन के लिए इसे शुक्रवार को रखेंगे.

याचिकाकर्ता की रिहाई में देरी की पृष्ठभूमि में, न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा कि स्थिति को सुधारने का एकमात्र तरीका तदर्थ मौद्रिक मुआवजे का आदेश देना है. राज्य सरकार को 5 लाख रुपये की राशि का भुगतान करने और 27 जून को अनुपालन रिपोर्ट देने का आदेश दिया. सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि जांच रिपोर्ट में अधिकारियों पर कोई जिम्मेदारी तय की जाती है, तो उनसे मुआवजा वसूला जाएगा.

न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने याचिकाकर्ता की रिहाई में देरी की निंदा करते हुए कहा, हमें नहीं पता कि इस आधार पर कितने लोग जेल में सड़ रहे हैं…जबकि उसे जमानत पर रिहा करने का वैध आदेश है और उसने एक महीने बाद जमानतें पेश की हैं…उसकी स्वतंत्रता की गारंटी देने का वैध आदेश है. पीठ ने राज्य सरकार से हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा कि इसमें निहित स्वार्थ शामिल नहीं हैं.

न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने प्रसाद से कहा, यह कहना कि धारा 5 (1) का उल्लेख नहीं किया गया है, क्या इस देश में किसी भी राज्य और किसी भी जेल में कभी भी ऐसा आधार लिया जा सकता है. पुलिस स्टेशन का गलत उल्लेख, नाम का गलत उल्लेख, उप-धारा का उल्लेख न किए जाने के समान है. सर्वोच्च न्यायालय को सबक सिखाने की कोशिश की जा रही है.

29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आफताब को जमानत दे दी थी, जिसने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हिंदू लड़की से शादी की थी. लड़की की मौसी ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी.

उस व्यक्ति पर तत्कालीन आईपीसी की धारा 366 (अपहरण, अपहरण या महिला को उसकी शादी के लिए मजबूर करना आदि) और 2021 अधिनियम की धारा 3 और 5 (गलत बयानी, बल, धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्म परिवर्तन का निषेध) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

मंगलवार को पीठ ने यह जानने के बाद असंतोष व्यक्त किया कि यूपी के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत एक मामले में अप्रैल में जमानत दिए गए एक व्यक्ति को अभी तक जेल से रिहा नहीं किया गया है. इसे न्याय का उपहास कहा गया है और जिला जेल गाजियाबाद के अधीक्षक जेलर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया.

सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर गौर किया था कि उसने 29 अप्रैल को इस व्यक्ति को जमानत दे दी थी और गाजियाबाद की एक निचली अदालत ने 27 मई को जेल अधीक्षक को रिहाई आदेश जारी किया था कि आरोपी को निजी मुचलका भरने पर हिरासत से रिहा कर दिया जाए, जब तक कि उसे किसी अन्य मामले में हिरासत में रखने की जरूरत न हो.

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सीएम रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आपातकाल स्मृति प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

कहा-इससे काला दिन नहीं हो सकता

नई दिल्ली,25 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। देश में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सेंट्रल पार्क में आपातकाल स्मृति प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, कांग्रेस का मानना है कि देश पर शासन करने का अधिकार केवल एक परिवार को है.

विपक्षी पार्टी ने अभी तक आपातकाल के लिए माफी नहीं मांगी है. आपातकाल जून 1975 से मार्च 1977 के बीच का 21 महीने का काल था, जिसके दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया था, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी थी और नागरिक स्वतंत्रता को निलंबित कर दिया था.

उन्होंने आगे कहा, आपातकाल को 50 साल बीत गए. मुझे उन लोगों पर हंसी और गुस्सा आता है जो कहते हैं लोकतंत्र की रक्षा करो, मैं उन्हें कहना चाहती हूं कि इससे काला दिन नहीं हो सकता, जिन्होंने संविधान का गला घोट दिया. आज आप संविधान की कॉपी को जेब में रख के घूमते हो और कहते हो लोकतंत्र बचाओ.

आप कैसे भूल सकते हो 25 जून, 1975 को जब लाखों लोकतंत्र के सेनानियों को 21 महीने तक जेल में डाल दिया गया. एक-एक परिवार से 10-10 लोगों को जेल भेजा गया, पूरा विपक्ष खत्म कर दिया गया. हर नेता देश का जेल में डाल दिया गया. इसलिए हमलोग चाहते हैं कि यह दिन बार बार याद किया जाए की फिर रभी भारत के इतिहास में न आने पाए.

वहीं कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, इमरजेंसी के दौरान लोगों ने यातनाएं सही, अत्याचार सहा. 5 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय है, जिसकी विभीषिका को राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता. आज ही के दिन सन 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भारतीय संविधान में निहित मूल्यों को दरकिनार कर मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया था.

उन्होंने आगे कहा, रातों-रात आपातकाल थोपकर कांग्रेस ने यह साबित कर दिया कि उसके लिए सत्ता सर्वोपरि है, लोकतंत्र और संविधान नहीं. कोई भी भारतीय यह कभी नहीं भूलेगा कि किस प्रकार हमारे संविधान की भावना का सरेआम हनन किया गया था. इस दौरान बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज, प्रवीण खंडेलवाल, मंत्री प्रवेश वर्मा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल आदि लोग उपस्थित रहे.

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जम्मू में भारी बारिश, तवी नदी में नौ लोग फंसे, पुलिस व एसडीआरएफ ने बचाया

जम्मू,25 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में हो रही बारिश की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच बारिश के कारण तवी नदी का जलस्तर अचानक से बढ़ जाने से नौ लोग फंस गए.

नदी में फंसे लोगों को बचाने के लिए बुधवार को पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त से अभियान चलाया. इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश होने की वजह से जम्मू-श्रीनगर एनएच पर तीन घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक बंद रहा. वहीं राजौरी जिले में एक नाले के उफान पर होने से कुछ वाहन पानी में बह गए.

बारिश से जलस्तर में इजाफा होने से तवी नदी में रेत निकालने गया सुबह लगभग 8.45 बजे गया मजदूर मदनलाल (52) नाम का मजदूर फंस गया. वह शहर के ज्यूएल चौक पुल के पास पानी में फंसा था.

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई. टीम के जवानों ने पुल से रस्सी की सीढ़ी नीचे नदी में उतारकर करीब दो घंटे से पानी में फंसे मदनलाल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

इसके अलावा पुलिस के साथ ही ट्रैफिक पुलिस, एसडीआरएफ व स्थानीय स्वयंसेवकों के आठ अन्य लोगों को बचा लिया. इनमें से कुछ व्यक्ति पिंडदान के लिए नदी में गए हुए थे. नदी में फंसे लोगों के अलावा कई फंसे हुए घोड़ों को भी सुरक्षित बचा लिया गया.

वहीं ट्रैफिक विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक भारी बारिश की वजह से भूस्खलन होने से सुबह करीब 6.30 बजे मेहाद में जम्मू-श्रीनगर एनएच पर रामबन इलाके में टी2 सुरंग ठप हो गई. इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. तीन घंटे की मशक्कत के बाद मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारू हो गया.

इतना ही नहीं राजौरी शहर के खेओरा, लोअर जवाहर नगर और थुडी में नदियों के उफान पर होने से बाढ़ जैसी हालात पैदा हो जाने से नदी के किनारे खड़े कुछ वाहन बह गए.

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान रियासी जिले के कटरा शहर में सबसे अधिक 108.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद राजौरी (80 मिमी), उधमपुर जिले (71.4 मिमी), पुंछ (48 मिमी) और रामबन (47.5 मिमी) में बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने 27 जून तक जम्मू संभाग के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पडऩे तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.

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तिरुपति लड्डू प्रसाद मामले में एसआईटी का खुलासा

हुई 240 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी

अमरावती,25 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। विश्व प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर में लड्डू प्रसाद बनाने में कथित नकली घी के इस्तमाल करने के मामले में सीबीआई ने अदालत में बड़ा खुलासा किया. सीबीआई ने कहा कि आरोपियों ने 60 लाख किलोग्राम मिलावटी घी की आपूर्ति की जिससे 240 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई.

सीबीआई ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को नकली घी की आपूर्ति मामले अदालत में बड़ा खुलासा किया है. सीबीआई निदेशक की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रही है. इसमें पाया गया कि वाईएसआरसीपी शासन के दौरान टीटीडी को नकली घी की आपूर्ति की गई.

एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया कि भोलेबाबा डेयरी के निदेशक आरोपी पोमिल जैन और विपिन जैन ने प्रसिद्ध लड्डू प्रसादम बनाने के लिए 60 लाख किलोग्राम मिलावटी घी की आपूर्ति करके 240 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.

एसआईटी ने खुलासा किया कि असली गाय के घी की जगह, खुशबू और बनावट की नकल करने के लिए रसायनों के साथ पाम ऑयल मिलाकर घी की आड़ में सप्लाई किया गया.

उत्तराखंड से लाया गया यह नकली घी एआर डेयरी (तमिलनाडु) और वैष्णवी डेयरी (श्रीकालहस्ती) के माध्यम से टैंकरों में भरकर टीटीडी तक पहुँचाया गया. उन्हें कागजो में आधिकारिक ठेकेदार के तौर पर दिखाया गया था, जबकि भोलेबाबा डेयरी पर्दे के पीछे से काम करती थी.

एसआईटी ने खुलासा किया कि यह रैकेट तिरुमाला से भी आगे तक फैला हुआ है. आंध्र प्रदेश के छह प्रमुख मंदिरों को भी इसी तरह का मिलावटी घी मिला. इनमें कनिपकम, श्रीकालहस्ती, द्वारका तिरुमाला, पेनुगंचिप्रोलु तिरुपथम्मा अम्मावरु मंदिर, श्रीशैलम, कनक दुर्गा मंदिर, विजयवाड़ा शामिल है.

एसआईटी ने हाईकोर्ट ये किया खुलासा कि ए.आर. और वैष्णवी डेयरियों के निदेशकों को कथित तौर पर नकली घी की आपूर्ति में भोलेबाबा की सहायता करने के लिए 3 रुपये प्रति किलोग्राम का कमीशन मिला.

निविदाओं के लिए ई.एम.डी. (बयाना राशि जमा) भोलेबाबा के खातों से ए.आर. डेयरी को भुगतान किया गया, जिससे सांठगांठ की पुष्टि हुई.
जांच से पता चला कि घोटाले की अवधि के दौरान भोलेबाबा के निदेशक वैष्णवी डेयरी में भी निदेशक के रूप में काम कर रहे थे.

एसआईटी ने अदालत को बताया कि आरोपी और उनके प्रतिनिधि गवाहों को डरा रहे थे. इस संबंध में कई मामले दर्ज किए गए हैं.
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि वाईसीपी शासन के दौरान घी आपूर्ति निविदाओं को सुरक्षित करने के लिए टीटीडी अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी.

25 सितंबर, 2024 को तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में मूल रूप से दर्ज किया गया यह मामला अदालत में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गया है. आरोपी पोमिल जैन, विपिन जैन और वैष्णवी डेयरी के सीईओ अपूर्व विनयकांत चावड़ा ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है.

सीबीआई के स्थायी वकील पी.एस.पी. सुरेश कुमार ने अपराध की गंभीरता और गवाहों को धमकाने का हवाला देते हुए जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ए.आर. और वैष्णवी डेयरियों के पास इतने बड़े पैमाने पर घी का उत्पादन करने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी थी.

भोलेबाबा डेयरी की ब्लैकलिस्ट स्थिति को दरकिनार करने के लिए उनका इस्तेमाल किया गया. उन्होंने अदालत से जमानत याचिकाओं को खारिज करने का आग्रह किया, इस बात पर जोर देते हुए कि आगे के सबूत अभी भी एकत्र किए जा रहे हैं.

आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस. श्रीराम और सी.वी. मोहन रेड्डी ने तर्क दिया कि आपूर्ति समझौता आधिकारिक तौर पर ए.आर. डेयरी और टीटीडी के बीच हुआ था. उन्होंने कहा कि आरोपी पहले ही चार महीने से जेल में हैं और सभी प्रासंगिक साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं.

उन्होंने बिना किसी शर्त के जमानत का अनुरोध किया, जिसमें कहा गया कि न्यायिक हिरासत में आगे रहने की कोई आवश्यकता नहीं है.
दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति के. श्रीनिवास रेड्डी ने वैष्णवी के सीईओ अपूर्वा के लिए जमानत का फैसला सुरक्षित रख लिया और अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अन्य आरोपियों की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी.

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