CM Rekha Gupta and Union Minister Manohar Lal Khattar inaugurated the Emergency Memorial Exhibition

सीएम रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आपातकाल स्मृति प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

कहा-इससे काला दिन नहीं हो सकता

नई दिल्ली,25 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। देश में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सेंट्रल पार्क में आपातकाल स्मृति प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, कांग्रेस का मानना है कि देश पर शासन करने का अधिकार केवल एक परिवार को है.

विपक्षी पार्टी ने अभी तक आपातकाल के लिए माफी नहीं मांगी है. आपातकाल जून 1975 से मार्च 1977 के बीच का 21 महीने का काल था, जिसके दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया था, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी थी और नागरिक स्वतंत्रता को निलंबित कर दिया था.

उन्होंने आगे कहा, आपातकाल को 50 साल बीत गए. मुझे उन लोगों पर हंसी और गुस्सा आता है जो कहते हैं लोकतंत्र की रक्षा करो, मैं उन्हें कहना चाहती हूं कि इससे काला दिन नहीं हो सकता, जिन्होंने संविधान का गला घोट दिया. आज आप संविधान की कॉपी को जेब में रख के घूमते हो और कहते हो लोकतंत्र बचाओ.

आप कैसे भूल सकते हो 25 जून, 1975 को जब लाखों लोकतंत्र के सेनानियों को 21 महीने तक जेल में डाल दिया गया. एक-एक परिवार से 10-10 लोगों को जेल भेजा गया, पूरा विपक्ष खत्म कर दिया गया. हर नेता देश का जेल में डाल दिया गया. इसलिए हमलोग चाहते हैं कि यह दिन बार बार याद किया जाए की फिर रभी भारत के इतिहास में न आने पाए.

वहीं कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, इमरजेंसी के दौरान लोगों ने यातनाएं सही, अत्याचार सहा. 5 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय है, जिसकी विभीषिका को राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता. आज ही के दिन सन 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भारतीय संविधान में निहित मूल्यों को दरकिनार कर मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया था.

उन्होंने आगे कहा, रातों-रात आपातकाल थोपकर कांग्रेस ने यह साबित कर दिया कि उसके लिए सत्ता सर्वोपरि है, लोकतंत्र और संविधान नहीं. कोई भी भारतीय यह कभी नहीं भूलेगा कि किस प्रकार हमारे संविधान की भावना का सरेआम हनन किया गया था. इस दौरान बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज, प्रवीण खंडेलवाल, मंत्री प्रवेश वर्मा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल आदि लोग उपस्थित रहे.

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