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कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा समय से पहले शुरु करने की तैयारी में

नई दिल्ली, 14 जुलाई ( आरएनएस) । कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा समय से पहले शुरु करने की तैयारी में. केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ और देश में बढ़ती महंगाई को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा 2 अक्टूबर 2022 से शुरू करने जा रही है । पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रवक्ता जयराम रमेश और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के उदयपुर के नव संकल्प चिंतन शिविर के दौरान यह घोषणा की गई थी की भारत जोड़ो यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू होगी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार तथा भाजपा द्वारा हमारे लोकतंत्र हमारे देश के संविधान राष्ट्र की संस्थाओं और उग्र रूप से हो रहे हमलों को समक्ष रखते हुए कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो यात्रा को निर्धारित तिथि से पहले शुरू करने की संभावनाओं पर विचार भी कर रही है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो जैसे ही प्रदेश कांग्रेस समिति आपने तैयारी के संबंध में जानकारी देती है वैसे ही जाता को आरंभ करने की तिथि की घोषणा कर दी जाएगी।जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा लगभग 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होते हुए करीबन 3500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह सारी दूरी पदयात्रा के रुप में तय की जाएगी। इस पदयात्रा में कांग्रेस पार्टी का पूरा नेतृत्व और कार्यकर्ता भाग लेंगे। देश के कोने-कोने से कई अन्य यात्राएं इस पदयात्रा में शामिल होंगी। यात्रा के मार्ग का विशिष्ट विवरण की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उन सभी को कोटिशः श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, और जिन्होंने फूट डालो और राज करो की राजनीति को पराजित किया, विभाजन के गहरे घावों पर मरहम लगाया तथा जो देश को इसका महान संविधान देने के लिए एक साथ आए और भारत को प्रगति, समृद्धि और सद्भाव के पथ पर आगे बढ़ाया।दिग्विजय सिंह ने कहा कि बकि नफरत की राजनीति का अनुपालन उन लोगों के द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने कभी भी देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग नहीं लिया और जिनकी विचारधारा के परिणाम स्वरुप राष्ट्रपिता की हत्या हुई, इन परिस्थितियों में भारत जोड़ो यात्रा उन सभी भारतीयों को एकसूत्र में बांधने का एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है।दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो महात्मा गांधी के नेतृत्व में हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अंतर्निहित मूल्यों की रक्षा, संरक्षण और संवर्धन के प्रति प्रतिबद्ध है। जो नफरत, कट्टरवाद और ध्रुवीकरण की राजनीति से लड़ने के प्रति समर्पित है।जो ये मानते हैं कि सरकार का ध्यान विभाजनकारी राजनीति की अपेक्षा करोड़ों युवाओं को उत्पादक रोजगार प्रदान करने, हमारे करोड़ों परिवारों को आवश्यक वस्तुओं में हो रही असहनीय मूल्य वृद्धि से निजात दिलाने, किसान और खेत मजदूर का कल्याण और सुख-सुविधा सुनिश्चित करने तथा करोड़ों आदिवासियों, दलितों एवं समाज के अन्य कमजोर वर्गों की आजीविका और सम्मान की रक्षा के लिए हमारे जल जंगल और जमीन की रक्षा करना होना चाहिए।दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो सभी विपरीत परिस्थितियों के समक्ष देश के संविधान की मर्यादा को बनाए रखने के प्रति दृढ़ संकल्प हैं और जाति, वर्ग, आस्था, लिंग या भाषा की भावना से ऊपर उठकर सभी के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सुनिश्चित करने में विश्वास रखते हैं।दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों, नागरिक समाज समूहों, व्यापारिक और व्यावसायिक संघों और उपरोक्त उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध सभी भारतीयों से अपील करती है कि वे सब एकजुट होकर इस भारत जोड़ो यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल हों।

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रिंग रोड पर चाय बागान की 350 बीघा जमीन पर सैकड़ों निर्माण

हाईकोर्ट के आदेश से बढ़ेगी मुश्किलें

देहरादून 14 जुलाई (आरएनएस)। रिंग रोड पर जिस जमीन पर चाय बगान के नाम पर फर्जीवाड़ा करने मामला सामने आया है उस जमीन पर बीजेपी का नया बन रहा प्रदेश कार्यालय और सैकड़ों अन्य लोगों के आवास हैं। हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल पर यह मामला सही निकला तो सैकड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

याचिका कर्ता विकेश नेगी का कहना है कि विवाद 350 बीघा जमीन को लेकर है। यह रिंग रोड पर हैं। इस जमीन पर ही बीजेपी का प्रदेश कार्यालय बन रहा है। वहीं लाडपुर से छह नंबर पुलिया, चक रायपुर, नत्थपुर में बड़ी आवादी भी इस जमीनों के हिस्सों में रजिस्ट्री करार रह रही है। होईकोर्ट में कहा गया है कि यहां रजिस्ट्रियां फर्जीवाड़े से हुई हैं। जनहित याचिका में कहा गया है कि राजा चंद्र बहादुर सिंह की जमीन जो सरप्लस लैंड है, उसको 1960 में सरकार में निहित करा जाना था। लाडपुर, नत्थनपुर और चक रायपुर समेत अन्य जमीन को भूमाफिया बेच रहे हैं।

तहसील में विवादित भूमि के दस्तावेज ही नहीं

देहरादून के चकरायपुर और उसके आसपास की लगभग 350 बीघा जमीन को लेकर विवाद है। याचिका कर्ता का कहना है कि यह सरकारी भूमि है। इसकी निजी संपत्ति के तौर पर खरीद फरौख्त की जा रही है। उनका कहना है कि आरटीआई में खुलासा हुआ है कि तहसील में इस संपत्ति के दस्तावेज ही मौजूद नहीं हैं। एडवोकेट विकेश नेगी के मुताबिक दस्तावेज न होने से साबित होता है कि यह भूमि सरकारी है और इसको खुर्द-बुर्द किया जा रहा है।

रिंग रोड पर सूचना भवन के आसपास की जमीन पर कई बोर्ड लगे हैं एक व्यक्ति के नाम की संपत्ति होने के लगे हैं। इस भूमि को लेकर 1974 में ही विवाद था और इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। सीलिंग से बचने के लिए इस जमीन पर चाय बागान लगाने की कोशिश की गयी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस भूमि की कोई सेलडीड बनती है तो यह जमीन सरकार की मान ली जाएगी।

एडवोकेट विकेश नेगी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद 1988 में 35 बीघा जमीन की सेल डीड बना दी और इस भूमि का दाखिला खारिज 19 मार्च 2020 को हुआ। इस आधार पर यह गैरकानूनी है। एडवोकेट विकेश नेगी ने के अनुसार उन्होंने इस भूमि को लेकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी कि इसके सत्यापित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।

अपर तहसीलदार सदर ने बताया कि वाद संख्या 75/87 इंद्रावती बनाम कुंवर चंद्र बहादुर मौजा चकरायपुर का फैसला जो कि 17 जून 1988 को किया गया था उसके दस्तावेज नहीं हैं।

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कांग्रेस पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रैटजी ग्रुप की एक मीटिंग हुई

नई दिल्ली, 14 जुलाई (Rns) । कांग्रेस पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रैटजी ग्रुप की एक मीटिंग हुई. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि पार्लियामेंट्री स्ट्रैटजी ग्रुप की एक मीटिंग हुई है, करीब एक घंटे की मीटिंग थी। उसमें सभी बड़े नेता लोकसभा और राज्यसभा के पदाधिकारी मौजूद थे। राम रमेश ने कहा कि पार्लियामेंट मीटिंग में कांग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित थे और उन सभी के तरफ से एक ही बात पर चर्चा हो रही थी कि देश में एक ऐसी सरकार है जो जुमलाजीवी, नाटकबाजी, ड्रामेबाजी में माहिर है ।  मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी साथियों को मेरा नमस्कार और मेरे साथ बैठे हुए सभी को मेरा प्रणाम।

आज जो हमारी पार्लियामेंट्री स्ट्रैटजी कमेटी की मीटिंग हमारी कांग्रेस अध्यक्षा के नेतृत्व में हुई और हमने वहाँ पर हर विषय पर चर्चा की और एक घंटे तक हमने हर मुद्दे पर बातचीत की, करने के बाद एक नतीजे पर हम आए हैं। जो महत्व के मुद्दे हैं, उनको उठाना चाहिए।पहला मुद्दा है कि एलपीजी और प्राइस राइस, इसको जोड़ते हुए हम उसको प्रायोरिटी देना चाहेंगे। उसके बाद में अग्निपथ स्कीम, अब आर्मी रिक्रूटमेंट का है, जो सारे देश में बहुत बड़ा युवकों में एक हंगामा मचा हुआ है और बहुत युवक लोग चिंतित भी हैं और हम उस सब्जेक्ट को भी वहाँ पर उठाना चाहते हैं।

उसके अलावा और अनएम्प्लॉयमेंट का इशू है, वो भी हम वहाँ पर प्रस्तावित करना चाहते हैं और उसी के साथ- साथ ये अटैक ऑन फेडरल स्ट्रक्चर, ये हमारे जो संघीय ढांचा है, उसको भी वो लोग जो आज खराब कर रहे हैं और उस फेडरल स्ट्रक्चर को भी वो खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, उस विषय को भी हम सदन में उस मुद्दे को भी चर्चा में लेना चाहते हैं। उसके बाद में ये फिस्कल क्राइसिस, जो हमारा रुपए का मूल्य घटा है डॉलर के मुकाबले में और आज दिन-प्रतिदिन हमारी आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है, इसलिए उस मुद्दे पर भी हम चर्चा करेंगे।

उसके बाद ये माइनॉरिटी पर जो अन्याय हो रहे हैं और हेट स्पीच चल रहे हैं, उस पर भी हम दोनों सदनों में इस मुद्दे को चर्चा में लाना चाहते हैं। उसके अलावा जो ऑटोनमस बॉडी है, उनको कमजोर किया जा रहा है, मिसयूज किया जा रहा है और बहुत सी जगह सरकार खुद उसमें अपना इनफ्लुएंस यूज करके लोगों को, लीडरों को तंग करने का, ह्रास करने का, सरकारें गिराने का वो काम कर रही हैं, उस ईडी को और सीबीआई को लेकर वो काम भी कर रहे हैं, उस मुद्दे पर भी हम चर्चा चाहते हैं।उसके अलावा ये जो एक्सटर्नल थ्रेट है, जो चीन का आजकल सब जगह हमारे एरिया में जो आक्रमण हो रहा है, उस इशू को भी हम आगे बढ़ाना चाहते हैं, हाउस में उसके बारे में भी बात करना चाहते हैं।

उसके बाद जो फॉरेस्ट कंजरवेशन रुल हैं, जो पहले कांग्रेस पार्टी ने शेड्य़ूल ट्राइब के लिए, उनकी हिफाजत के लिए, उनकी रक्षा के लिए, उनकी जमीन की रक्षा के लिए जो कानून लाए थे, उसको रुल के मताबिक आगे करके वो डॉयल्यूट करना चाहते हैं।तो ये सारे मुद्दे हमारे सामने हैं। इन सभी मुद्दों पर चर्चा करके एक के बाद एक चर्चा में लेना और जो रुल, जो हमारे रुल ऑफ प्रोसीजर हैं, बिजनेस ट्रांजेक्शन रुल उसके मुताबिक हम वो रुल के मुताबिक ये मुद्दे उठाते रहेंगे और आखिरी और एक आपसे बात कहना चाहते हैं कि 17 को पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर ने जो ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है, उसके तत्काल बाद हमारे जो अपोजिशन पार्टी के और लीडर हैं, जो हम लाइक माइंडेड पार्टी, जो मिलकर सदन में काम करते हैं और करने की इच्छा रखते हैं, उनकी भी मीटिंग उसके बाद तुरंत हम वहीं पर करेंगे।

तो ये सारी चीजें हमने आपके सामने रखी हैं और यही चीजें हम आने वाले मानसून सेशन में रखेंगे और जो भी बिल आएंगे, क्योंकि बहुत से बिल हमारे जो स्टैंडिंग कमेटी में जो अप्रूव होकर चले गए या लोकसभा से अप्रूव होकर जो हमारे पास आने वाले हैं, उन सारी चीजों पर भी समय के अनुसार बातचीत करेगें और आगे आपको आगे का जो स्टेप्स है, क्या होने वाला है, वो आपको बताएंगे। क्योंकि हम तो बार-बार मिलते रहेंगे।

एक और जो एक बहुत बड़ा मुद्दा, जो बैंकों का निजीकरण, जो ये 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ था और श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने गरीबों के लिए बैंक जो खोला था, ये सरकार उसको, उस निजीकरण को नेशनलाइजेशन को हटाकर प्राइवेटाइजेशन करना चाहती है, उस बिल का भी हम विरोध कर रहे हैं और हम लड़ेंगे, क्योंकि ये 27 बैंक से 22 पर लाए, अब 22 से घटाकर अभी भी 20 पर ला रहे हैं और आहिस्ता –आहिस्ता निकाल कर वो  चाहते हैं कि देश में एक ही बैंक रहे, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया।तो ये उनकी मंशा है।

एक तरफ तो बैंकों का प्राइवेटाइजेशन हो रहा है, वो एक तरफ और जो नेशनलाइजेशन होकर लोगों को जो सहूलियत मिली थी, वो ये छीनना चाहते हैं, उसके खिलाफ भी हम लड़ेंगे।लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमारे नेता खरगे साहब ने सारे मुद्दे को अपनी तरफ से, मतलब पार्टी की तरफ से जो हमारा सदन के अंदर चर्चा करने की मंशा है, वो सारे आपके सामने उजागर कर चुके हैं। नई बात बोलने की कुछ नहीं है।

सबसे पहले अभी भी हमें ये जानकारी नहीं है कि सरकार की तरफ से कौन सा विधेयक या मुद्दा सदन में चर्चा करने के लिए लाया जा रहा है, ये हमारे सामने अभी उतना ज्यादा खुलासा नहीं है।तो सरकार के अपने कितने बिजनेस सदन में लाना चाहते हैं, उसके ऊपर निर्भर करेगा कि हमारी तरफ से और कौन-कौन सा मुद्दा हम उठाने की कोशिश करेंगे, क्योंकि सरकार का बिजनेस और हमारा मुद्दा, दोनों मिलकर सदन चलता है। मुद्दे की कोई कमी नहीं है, जब तक हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी हैं, तो मुद्दे की कभी कोई कमी नहीं हो सकती है।

अनेक मुद्दे होने की अभी संभावना हैं, क्योंकि मोदी जी है तो मुद्दा भी मुमकिन है, एक नहीं, अनेक मुद्दे मुमकिन है। लेकिन हमारी तकलीफ ये है कि कितने मुद्दे हमारी तरफ से उठाने की सदन के अंदर हमें इजाजत मिलेगी या नहीं। ये हमारे सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। क्योंकि जिधर से जाइए पंजाब से लेकर, नॉर्थ ईस्ट से लेकर कहीं बाढ़, कहीं तनाव, कहीं श्रीलंका इशू, कहीं चीन का इशू, सारे हमारे देश में चारों तरफ मुद्दे ही मुद्दे हैं।

चाहे आर्थिक हालात देखिए, सिकुड़ते जा रहे हैं और सबसे खास हमारे साम्प्रदायिक तनाव, सोशल टेंशन वो भी बढ़ती जा रही है। ये देश के लिए बड़ा हानिकारक होगा। एक तरफ, मतलब तन से सिर जुदा करने की और साथ-साथ मुसलमान समाज को खत्म करने की, ये दोनों तरफ से ये जो नजारा हमारे देश के सामने आज आ रहा है, इससे हम सब चिंतित हैं, क्योंकि हिंदुस्तान एक बड़ा देश है, इस देश को और सशक्त करने के लिए सोशल स्टेबिलिटी चाहिए।

समाज में शांति का माहौल कायम होना चाहिए, इसके लिए सदन के अंदर भी हम सरकार से ये बात रखने की मांग करेंगे, कि सरकार इसके बारे में क्या सोच रहे हैं। एक तो कम्युनिय़ल सोसाइटी हो रही हैं, हमारे आर्थिक हालात बिगड़ते जा रहे हैं, रोजाना रोजमर्रा के चीजों के दाम हैं, उनमें इजाफा हो रहा है, तो हम किधर जाएंगे, अंदर-बाहर चारों तरफ हमारी ये जो तकलीफ है, ये बढ़ती जा रही हैं।तो देखते हैं, हम चाहते हैं कि सदन सही ढंग से चले, सदन में ज्यादा से ज्यादा कामकाज हो और इस कामकाज में हम भी शिरकत लेना चाहते हैं।

जितना सदन के अंदर हमें मौका मिलना चाहिए, जैसे कि हमारा जीरो ऑवर है, क्वेश्चन ऑवर हैं, कॉलिंग अटेंशन है, प्राइवेट मेम्बर बिल, मतलब जो-जो है आप सब जानते हैं। सदन में आप लोगों को ज्यादा जानकारी भी है। ये सारे जो हमारे उपाय हैं, हमारे पास जितने औजार है, सबको हम इस्तेमाल करते हुए हमारे आम लोगों की बात रखने की कोशिश करेंगे। हमारे मुद्दे हिंदुस्तान के आम लोग परेशान हैं, हिंदुस्तान के आम लोग तकलीफ में हैं, हिंदुस्तान में बेरोजगारी का इजाफा हो रहा है धड्डल्ले से, तो लोगों की तकलीफ को उठाना और इस तकलीफ को सुलझाने की सरकार की क्या राय है, ये सरकार की राय मालुमात करना ये हमारा सदन में काम बनता है, फर्ज बनता है, वो भी काम हम करते रहेंगें और ये भी काम हम शांतिपूर्वक ढंग से करना चाहते हैं। सदन ढंग से चले, सारी चर्चा हो, हमें भी बात रखने का मौका दिया जाए, सरकार भी अपनी बात रखे, ये हम चाहते हैं।

शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि धन्यवाद जयराम जी। सबसे पहले आप सभी का स्वागत करता हूं। ये जो गला घोंटने की लोकतंत्र की आज पूरा देश जो देख रहा है, ये गुजरात में यही मोदी जी जब चीफ मिनिस्टर थे, मैं लीडर ऑफ अपोजिशन था, हम वहाँ के बिल्कुल विटनेस रहे हैं, इसी तरह से लोकतंत्र का गला घोंटा जाता था।

गुजरात से से फर्स्ट स्पीकर ऑफ लोकसभा मावलंक आते थे, उन मावलंकर ने खुद अपने पैसे दिए और उसके बाद हर सरकार फंड देती थी और मावलंकर ब्यूरो चलता था विधायकों, मंत्रियों की ट्रेनिंग का। मोदी बने मुख्यमंत्री, उस मावलंकर ब्यूरो को खत्म कर दिया, लोकतंत्र की ट्रेनिंग का गला घोंट दिया और आज आप देखें तो आंदोलन करना, वो संवैधानिक अधिकार है फिर भी वहाँ पर वो आंदोलनजीवी शब्द लाकर लोगों का मजाक बना रहे थे।

लोकतंत्र में जुमला देना, वो जायज नहीं है और इस देश के आज के गृहमंत्री ने खुद कहा कि चुनाव के वक्त हम कहते हैं, वो करना थोड़े ना होता है, वो तो जुमले होते हैं। वो बात हम उनको सुनाते हैं।

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15 जुलाई से 75 दिन के लिये 18 से अधिक आयु वर्ग के लोगों को कोविड टीके की एहतियाती डोज़ मुफ्त लगेगी

विशेष अभियान

नयी दिल्ली,13 जुलाई (आरएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में 18 से अधिक आयु वर्ग के लोगों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर कोविड रोधी टीके की एहतियाती खुराक मुफ्त लगाने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी। ठाकुर ने बताया कि इसके लिये 15 जुलाई से 75 दिन के एक विशेष अभियान की शुरुआत की जायेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अभियान चलाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इससे लोगों को सुरक्षा मिलेगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले हफ्ते सभी के लिए कोविड टीके की दूसरी और एहतियाती खुराक के बीच अंतराल को नौ महीने से घटाकर छह महीने कर दिया था। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी परामर्श समूह की सिफारिश पर ऐसा किया गया था।

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राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के भव्य स्वागत की तैयारी

भोपाल,13 जुलाई (आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की राष्ट्रपति प्रत्याशी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 15 जुलाई को दोपहर 2 बजे भोपाल पहुंचेंगी। स्टेट हैंगर पर उनका भव्य स्वागत किया जायेगा। प्रदेश संगठन महामंत्री  हितानंद  सहित पदाधिकारियों ने बुधवार को उनके स्वागत की तैयारियों का जायजा लिया।

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के स्वागत की भव्य तैयारियों को लेकर प्रदेश संगठन महामंत्री  हितानंद , प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह, प्रदेश महामंत्री  भगवानदास सबनानी, विधायक  रामेश्वर शर्मा, प्रदेश मंत्री  राहुल कोठारी एवं मध्यप्रदेश कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष  शैलेन्द्र शर्मा ने स्टेट हैंगर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।

स्वागत के पश्चात श्रीमती मुर्मू मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर विधायकगणों से मुलाकात करेंगी। तत्पश्चात श्रीमती द्रौपदी मुर्मू दिल्ली रवाना होगी।

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राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगी शिवसेना

मुंबई ,12 जुलाई (आरएनएस)। जैसी कि संभावना जताई गई थी, शिवसेना ने मंगलवार को घोषणा की कि वह विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की जगह राजग की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगी। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी के सांसदों, विधायकों और आदिवासियों सहित अन्य नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद इस बात की औपचारिक घोषणा की।

ठाकरे ने कहा, सांसदों की ओर से बिल्कुल कोई दबाव नहीं है, जैसा कि मीडिया में दावा किया गया है। हालांकि, शिवसेना के कई नेताओं और आदिवासी समुदायों के पदाधिकारियों ने हमसे अनुरोध किया है। हमने राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का निर्णय लिया है।

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राज्यों के विकास से राष्ट्र का विकास : पीएम मोदी

देवघर ,12 जुलाई (आरएनएस)।राज्यों के विकास से राष्ट्र का विकास. प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड के देवघर में देवघर हवाई अड्डे और अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। पीएम ने देवघर में 16,800 करोड़ लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल रमेश बैस भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने कहा, बाबा वैद्यनाथ के आशीर्वाद से आज 16 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इनसे झारखंड की आधुनिक कनेक्टिविटी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आस्था और पर्यटन को बहुत अधिक बल मिलेगा। राज्यों के विकास से राष्ट्र का विकास, देश पिछले 8 वर्षों से इसी सोच के साथ काम कर रहा है। पिछले 8 वर्षों में राजमार्ग, रेलवे, वायुमार्ग, जलमार्ग हर प्रकार से झारखंड को कनेक्ट करने के प्रयास में भी यही सोच, यही भावना सर्वोपरि रही है।

आज सरकार के प्रयासों का लाभ पूरे देश में दिख रहा है। उड़ान योजना के तहत पिछले 5-6 सालों में लगभग 70 नए स्थानों को एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोडोम्स के माध्यम से जोड़ा गया है। 400 से ज्यादा नए रूट्स पर आज सामान्य से सामान्य नागरिक को हवाई यात्रा की सुविधा मिल रही है।

कनेक्टिविटी के साथ-साथ देश के आस्था और आध्यात्म से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों पर सुविधाओं के निर्माण पर भी केंद्र सरकार बल दे रही है। बाबा बैद्यनाथ धाम में भी प्रसाद योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

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नए संसद भवन की छत पर लगा 9,500केजी का अशोक स्तंभ, प्रधानमंत्री मोदी ने किया अनावरण

नई दिल्ली ,11 जुलाई (आरएनएस)। नए संसद भवन की छत पर विशाल अशोक स्तंभ की स्थापना की गई है। सोमवार को संसद भवन के छत पर बने इस राष्ट्रीय प्रतीक की तस्वीर भी सामने आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नए संसद भवन की छत पर लगे विशाल अशोक स्तंभ का अनावरण किया।

इस दौरान उन्होंने नए संसद भवन के निर्माण कार्य में लगे श्रमजीवियों से बात भी की। बता दें कि कांस्य से बने इस राष्ट्रीय प्रतीक का कुल वजन 9,500 किलोग्राम और ऊंचाई 20 फीट है। इसे नए संसद भवन के सेंट्रल फोयर के शीर्ष पर स्थापित किया गया है। इसे सहारा देने के लिए 6,500 किलोग्राम वजन वाले स्टील की एक सहायक संरचना का निर्माण भी किया गया है।

नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक की ढलाई की अवधारणा स्केच और प्रक्रिया मिट्टी मॉडलिंग/कंप्यूटर ग्राफिक से कांस्य कास्टिंग और पॉलिशिंग तक तैयारी के आठ अलग-अलग चरणों से गुजरी है। इस स्तंभ को क्रेन के जरिए नए संसद भवन के छत पर स्थापित किया गया है।

नए संसद भवन की छत पर बने राष्ट्रीय प्रतीक के अनावरण के अवसर पर लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात होगी इम्पेक्ट प्रोटेक्शन व्हीकल

गाजियाबाद ,11 जुलाई (आरएनएस)। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात होगी इम्पेक्ट प्रोटेक्शन व्हीकल.  दिल्ली-मेरठ हाईवे पर कांवडिय़ों की सुरक्षा के मद्देनजर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से कई कदम उठाए जाएंगे। कांवड़ मार्ग पर चल रहे रैपिड रेल के निर्माण कार्य के बारे में श्रद्धालुओं को पहले से सचेत करने के लिए इंपेक्ट प्रोटेक्शन व्हीकल (बड़ी लाइट वाले वाहन) तैनात किए जाएंगे। व्हीकल की मदद से हरिद्वार से आने और जाने वाले लोगों को साइट पर चल रहे निर्माण कार्य का दूर से ही पता चल जाएगा।
व्हीकल में लगी बड़ी लाइटों की मदद से यात्री चल रहे कार्य के बारे में पहले से सचेत हो जाएंगे। हाईवे पर मेरठ तिराहे से दुहाई, मरादनगर होते हुए मोदीनगर तक विभिन्न स्थानों पर व्हीकल को लगाया जाएगा। रैपिड रेल कॉरिडोर के कार्य के चलते जगह-जगह बैरीकेडिंग की गई है। मार्ग को चौड़ा करने के लिए बैरीकेडिंग को थोड़ा पीछे खिसकाने का काम लगातार जारी है। एनसीआरटीसी की ओर से ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से कार्य किया जा रहा है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई कदम उठाए जाएंगे।

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NBCC के पूर्व अधिकारी के घर CBI और IT की रेड, करोड़ों का कैश मिला

नई दिल्ली 09 Jully (Rns): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), साथ ही आयकर (आई-टी) विभाग की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के संबंध में एनबीसीसी के पूर्व अधिकारी डी.के. मित्तल के घर पर छापेमारी की है। सीबीआई की टीम शुक्रवार रात घर पहुंची और तब से घर की तलाशी ले रही है।

आई-टी के एक सूत्र ने कहा कि सीबीआई टीम द्वारा भारी मात्रा में नकदी बरामद करने के बाद विभाग को छापेमारी करने के लिए बुलाया गया था। शनिवार सुबह आई-टी टीम मित्तल के घर पहुंची तो उसे भारी मात्रा में नकदी मिली। कैश इतना है कि नोट गिनने वाली 2 मशीनें मंगवानी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक करीब 2 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। नकदी के अलावा जेवरात भी बरामद किए गए हैं। मित्तल हाल ही में एनबीसीसी से सेवानिवृत्त हुए थे और नोएडा के सेक्टर-19 इलाके में रह रहे थे।

आयकर अधिकारी मित्तल के बैंक खातों की जांच कर रहे हैं। वे पिछले तीन साल के लेनदेन की जांच कर रहे हैं। सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसके बाद छापेमारी की गई।

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कांग्रेस पार्टी को आतंकवाद पर बोलने का हक नहीं : भाजपा

नई दिल्ली, 9 जनवरी (आरएनएस) । भारतीय जनता पार्टी ने आतंकवाद के मुद्दे पर कांग्रेस के रवैया पर सवाल उठाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी ने बाटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए आतंकी  के लाश देखकर फूट फूट कर रोई थी यह पूरे देश के जनता को याद है। यूपीए के सरकार के समय के मंत्री सलमान खुर्शीद ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी 3 रात तक सोयी नहीं पायी और रोती रही थी।

संबित पात्रा ने कांग्रेस और सोनिया गांधी से पूछा कि आतंकियों के मारे जाने पर क्यों रोयी थी  यह बताना चाहिए। संबित पात्रा ने कहा कि मुझे तो आश्चर्य होता है कि आज कांग्रेस आतंकवादियों को लेकर 22 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की हिम्मत रखती है । जिसने हिंदुस्तान में आतंकवादियों को बढ़ावा देने के लिए वैचारिक मैदान बनाने का काम किया। संबित पात्रा ने कहा कि जिन लोगों के मन मस्तिष्क के अंदर देश के अंदर उन्माद को बढ़ाना देने का काम किया है जाकिर नायक जैसे लोगों ने उनके साथ कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी खड़ी थी।

सोनिया गांधी ने राजीव गांधी फाउंडेशन से जाकिर नाइस को डोनेशन भी दिया था। संबित पात्रा ने कहा कि लश्कर ए तो वजह को स्लीपर सेल का सक्रिय सदस्य बनाया। एसआईटी ने आतंकवादी बताया किंतु सोनिया गांधी के कहने पर तमाम कांग्रेस के नेताओं से मासूम और बेकसूर बताती रही और कांग्रेस पार्टी ने आतंकी इशरत जहां एनकाउंटर मामले के विरोध में गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभियान चलाती रहती।

इशरत जहां के शहादत पर कांग्रेस पार्टी ने एंबुलेंस भी चलाया था। संबित पात्रा ने कहा कि कश्मीर फाइल में दिखाया गया यासीन मलिक ने खुद बंदूक उठाकर हत्याएं करता है और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताता है कि मैंने हिंदुस्तानियों का खून किया है। उस समय के यूपीए सरकार की सरकार के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ यासीन मलिक ने फोटो खींचा कर महिमामंडित किया गया। संबित पात्रा ने कहा कि बुरहान वान हेड मास्टर का बेटा है, उसे जिंदा रहना चाहिए था उसे मारना नहीं चाहिए था

बुरहान वानी गरीब परिवार का बेटा था ,इस प्रकार के निर्देशित को कांग्रेस पार्टी ने प्रचारित किया था। संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के लिए कोई तो कारण होगा कि हाफिज सईद जैसे कुख्यात आतंकवादी अगर बीच में किसी पार्टी से प्यार प्यार करता है तो उसका नाम कांग्रेस पार्टी है। हाफिज सईद अपने इंटरव्यू में कहा था कि हिंदुस्तान में कुछ अच्छे पत्रकार हैं और कुछ पक्षी राजनीतिक दल है वह कांग्रेस है। संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा आतंकवादियों को संरक्षण देने का काम किया है और इसी कारण आतंकवादी कांग्रेस को पसंद करते थे।

संबित पात्रा ने कहा कि शशि थरूर अंग्रेजी में और दिग्विजय सिंह हिंदी में पत्र लिखते हैं कि याकूब मेमन को फांसी नहीं होनी चाहिए और याकूब मेमन को फांसी देने की घटना को कांग्रेस ने उसे स्टेट स्टेट स्पांसर्ड टेररिज्म का नाम दिया था। न्यायिक प्रणाली के तीनो स्तर पर लोवर कोर्ट, हाईकोट और सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनायी थी। जो निहत्थे हिन्दूस्तानियों के मौत का जिम्मेदार था।

उनके साथ कांग्रेस पार्टी खड़ी थी। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि कांग्रेस का हाथ आतंकवादिं के साथ। संबित पात्रा ने कहा कि जहां तक राहुल गांधी राजकुमार का सवाल है अरूण जेटली ने ठीक ही कहा था कि क्लाउन प्रिंस आफ कांग्रेस पार्टी। राहुल गांधी जेएनयू में जाकर जहां अफजल हम जिन्दा है तेरे कातिल जिन्दा हैं, हर घर से अफजल निकलेगा। तुम कितने अफजल मारोगे, हर घर से अफजल निकलेगा।

इस प्रकार के बयानों के समर्थन करने वाले राहुल गांधी को  शर्म आनी चाहिए।  उन्हें अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए जबकि आतंकवाद को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करा रहे हैं।राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए कि विगत इतने वर्षो तक खासकर 2004 से 2014 तक यूपीए के शासन काल में किस तरह आतंकवाद को बढ़ावा दिया था।यूपीए के शासनकाल में हर रेलवे स्टेशन, हर एयरपोर्ट, हर मेटो में एनाउंसमेंट होती थी कि बैठने से पहले जांच कर लें कि आप कहां बैठे हैं। आप देख लें कि आपकी सीट के नीचे कोई बम तो नहीं है।

उस जमान में ऐसा माहौल था कि टिफिन का डिब्बा दिख जाए तो टिफिन का डिब्बा कम और बम ज्यादा नजर आता था। उस जमाने में कोई स्कूटर अकेली खड़ी नजर आ जाए तो मान पडता था कि कब फट जाएगा। इस प्रकार का माहौल पूरे हिन्दूस्तान में था। खुद सरकार का एनाउंसमेंट करनी पड़ती थी। संबित पात्रा ने कहा कि2005 में राम जन्म भूमि के अन्दर हमला  हुआ था  2005 के अक्टूबर में दिवाली के समय दिल्ली में निहत्थे लोगों सीरियल बम बलास्ट में मारे गए थे।

संबित पात्रा ने कहा कि काशी संकट मोचन अटैक 2006, मार्च 2007 में समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट,  उत्तर प्रदेश में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। 2008 में इंडियन मुजाहीददीन के द्वारा जयपुर में बम हमला किया गया था। सितम्बर में दिल्ली में बम हमला किया गया था। कोई महीना ऐसा नहीं होता था जब बम नहीं फटते थे और लोग नहीं मरते थे। संबित पात्रा ने कहा कि हम आज कह सकते हैं कि वर्तमान नरेंद्र मोदी के शासनकाल में आतंकवाद पर नियंत्रण किया गया है जिससे भारत सुरक्षित भी हुआ है। संबित पात्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आतंकवादियों से निपटने के लिए पोटा कानून लाया था।

कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने सबसे पहले पोटा को निरस्त करने का काम किया था। कांग्रेस के दस वर्षो की सरकार में आतंकवादियों को लगा कि यह हमारी ही सरकार है और मिलकर काम करते हैं। आतंकवादियों एवं कांग्रेसियों ने मिलकर हिन्दूस्तान एक आतंक का माहौल बना रखा था। सभी पात्रों ने कहा कि पाकिस्तान के साथ ही नहीं कांग्रेस ने 2008 में चीन के कम्यूनिस्ट पार्टी से एमओयू साइन किया था। प्रीमियर शी जिनपिंग और गांधी परिवार उस एमओयू साइन होने के वक्त मौजूद थे। यह सब चोरी छिपे समझौता किया गया था उसे सार्वजनिक नहीं किया था।

पात्र ने कहा कि यह देश बेचने का काम आतंकवादियों के हाथ में और आतंकवादियों को बढ़ावा देने का काम गांधी परिवार ने सिर्फ अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए किया था।  कोई परहेज नहीं है गांधी परिवार अपने आप को सत्ता में आने के लिए आतंकवादियों के साथ गठजोड़ करना पडे तो यह गांधी परिवार नहीं चुकती है यही गांधी परिवार का इतिहास रहा है जब से कांग्रेस पार्टी सत्ता में आयी है।

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी जिस प्रकार से देश को आतंकवद में धकेलने का काम किया है और आतंकवाद को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं, इसके लिए आपको अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि किस प्रकार से आप और आपके परिवार ने आतंकवादियों को बढ़ावा दिया है।

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भाजपा का आतंकवादियों से नाता क्या है : कांग्रेस

नई दिल्ली, 9 जुलाई, (आरएनएस)। कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में 22 जगहों पर आतंकवादियों से बीजेपी के रिश्ते को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। दिल्ली अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक वर्मा ने दिल्ली प्रदेश कार्यालय में कहा कि कांग्रेस पार्टी आतंकवाद पर राजनीति के पक्ष में कभी नहीं रही है, परंतु आज देश जिन हालातों से गुजर रहा है उसे पूरा देश देख रहा है कि किस तरह से एक के बाद एक घटनाओं में आतंकियों तथा अपराधियों के तार भाजपा से जुड़े मिले हैं, उस पर सवाल पूछना जरूरी हो जाता है और इसी कड़ी में देश भर में 22 राज्यों में सवांददाता सम्मेलन आयोजित करके पिछले दिनों हुई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के साथ भाजपा के पदाधिकारियों की संलिप्ता के बाद भाजपा का नकली राष्ट्रवाद हो गया है।

उन्हांने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक संकट जैसे ज्वलंत मुद्दों को छोड़ भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए देश में हिंदू मुस्लिम संबधों को मुद्दा बनाकर राष्ट्रवाद के साथ खिलवाड़ कर रही है।  आलोक शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के आरोपी “मोहम्मद रियाज अत्तारी“ भाजपा कार्यकर्ता निकला, जिसने बाकायदा भाजपा  नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और मीडिया रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि रियाज राजस्थान विधानसभा में बीजेपी के नेता और पूर्व मंत्री गुलाबचंद कटारिया के दामाद एवं पूर्व पार्षद अतुल चंडालिया की फैक्ट्री में काम कर चुका है।

मोहम्मद रियाज अत्तारी को भाजपा के कई कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ देखा गया है, इसकी जांच होनी चाहिए।  आलोक शर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या के कथित मास्टर माइंड इरफान खान  का निर्दलीय सांसद नवनीत राणा व उनके पति रवि राणा के साथ संबध मीडिया रिपोर्ट के देश के सामने आए और यह किसी से छिपा नही है सांसद नवनीत राणा और रवि राणा के भाजपा से क्या संबध हैं? इरफान खान राणा दंपति के लिए प्रचार करता था और वोट मांगता था, यह सभी जानते है। हम पूछना चाहते है कि भाजपा के साथ नवनीत राणा और राणा के साथ इरफान खान का रिश्ता क्या है।  आलोक शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों में से एक “तालिब हुसैन शाह“ भाजपा का पदाधिकारी निकला जिसकी भाजपा के कई वरिष्ट नेताओं, जे.एंडके प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सहित देश के गृहमंत्री अमित शाह के साथ भी तस्वीर है।

जब ये दो आतंकवादी पकड़े गए तब पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर हमले की योजना बना रहे थे।  श्री शर्मा ने कहा कि वर्ष 2020 में जम्मू कश्मीर में आतंकियों को हथियार मुहैया कराने के आरोप में भाजपा के पूर्व नेता एवं सरपंच “तारिक़ अहमद मीर“ को गिरफ्तार किया गया था। तारिक़ अहमद पर हिजबुल कमांडर नवेद बाबू को हथियार देने का आरोप था जो आतंकियों की मदद करने वाले डीएसपी दविंदर सिंह के साथ गिरफ्तार हुआ था। एनआईए ने साफ तौर पर कहा भी था कि “तारिक़ अहमद मीर“ दविंदर सिंह का सहयोगी है। यदि दविंदर सिंह के मामले की ढंग से जांच होती तो सच्चाई का पता चलता लेकिन दविन्दर सिंह को नौकरी से बर्खास्त करके जांच बीच में ही यह कह रोक दी गई यह राष्ट्रहित में नही है।

देशहित में जनता जाननी चाहती है कि जांच क्या जांच भाजपा में तो नही रोकी गई।  आलोक शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश में ए.टी.एस. की टीम ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश करते हुए ISI के 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक भाजपा आईटी सेल का मुख्य ध्रुव सक्सेना भी था जिसकी राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ तक तस्वीरें है। उन्होंने कहा कि इसके 2 साल बाद 2019 में मध्य प्रदेश में ही टेरर फंडिंग के आरोप में बजरंग दल के एक नेता “बलराम सिंह“ की गिरफ्तारी हुई थी।

उन्होंने पूछा कि दोनो नेता आज कहा है क्या वे जेल में या फिर जमानत पर है, देश जानना चाहता है कि आखिर भाजपा और आतंकवादी अपराधियों का क्या रिश्ता है। आलोक शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 में असम के भाजपा नेता “निरंजन होजाई“ को एन.आई.ए. की विशेष अदालत ने आतंकियों को आर्थिक मदद देने के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई। इन पर एक हजार करोड़ के वित्तीय घोटाले एवं टेरर फंडिंग मामले में दोषी पाया गया था। इनकी फंडिंग से मिली राशि से आतंकवादी हथियार खरीदते थे. जिसका इस्तेमाल देश की सेवा में लगे सुरक्षा बलों के खिलाफ होता था। उन्होंने कहा कि हर मुददे पर बोलने वाले भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा क्यों सोए हुए हैं।

आलोक शर्मा ने कहा कि इतना ही नहीं भाजपा सत्ता के लिए अपराध सिद्ध आतंकवादी को भी टिकट देने से नहीं चुकी है। भारतीय जनता पार्टी ने मसूद अजहर के शागिर्द “मोहम्मद फारुख खान“ को स्थानीय चुनाव में श्रीनगर के वार्ड नंबर 33 से टिकट दिया था। जो जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट एवं हरकत उल मुजाहिदीन का सदस्य रह चुका है।

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार द्वारा आतंकवाद मसूद अजहर को छोड़ा था जिसके बाद उसने पुलवामा में जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता वहां ’200 किलो आरडीएक्स’  गाड़ी में लेकर सीआरपीएफ ट्रक से टक्कर मारकर आतंकवादी घटना को अंजाम कैसे दिया इसका जवाब देश को अभी तक नही मिला। इसके अलावा मसूद अजहर ने देश में कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिया। इसकी जांच अभी तक क्यों हुई ये भी एक बहुत बड़ा सवाल है।

आलोक शर्मा ने कहा कि देश में बढ़ते आतंकवादी हमलों और अपराधिक घटनाओं में संलिप्त अपराधियों के भाजपा के साथ संबध के बाद भाजपा का नकली राष्ट्रवाद को पहचानने की जरुरत है कि भाजपा राष्ट्रवाद की आड़ में देश को खोखला करने का घिनौना खेल खेल रही हैं।

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अमरनाथ में लापता तीर्थयात्रियों का पता लगाने तलाश अभियान जारी

श्रीनगर 09 Jully (Rns): पवित्र अमरनाथ गुफा जम्मू कश्मीर में करीब 30-35 लापता तीर्थयात्रियों का पता लगाने के लिए व्यापक तलाश अभियान जारी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फिहाल यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित है।

शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गयी। घटना के बाद अचानक आयी बाढ़ से कम से कम 25 तंबू बह गये। घटना खोजी कुत्तों और नवीनतम उपकरणों से लैस कई एजेंसियों और बचाव दल लापता लोगों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के निदेशक अतुल करवाल ने कहा कि तलाश अभियान सुबह साढ़े चार बजे तक चला तथा बारिश के कारण इसे कुछ देर के लिए रोक दिया गया। इसके बाद अभियान सुबह 06.30 बजे फिर शुरू हुआ।

उन्होंने कहा , “ हम पंजाब के बठिंडा से खोजी श्वानों समेत कुछ और संसाधन लेकर जा रहे हैं । यह सब श्रीनगर के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है और फिर इसे हेलीकॉप्टर द्वारा मौके पर पहुंचाया जाएगा , ताकि बचावदलों को और मदद मिल सके।”

तलाश अभियान में एनडीआरएफ, सेना, पुलिस, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसडीआरएफ के अलावा अन्य एजेंसियां शामिल हैं।

सेना ने कहा कि श्रीनगर के बाहरी इलाके शरीफाबाद से हेलीकॉप्टर के जरिए बचाव अभियान के लिए दो ‘वाल रडार’ और दो खोज एवं बचाव कुत्तों को पवित्र गुफा में भेजा है।

उल्लेखनीय है कि 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा गत 30 जून से शुरू हुई तथा अब तक 90,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में पूजा अर्चना की है।

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कांवड़ यात्रा : ट्रैफिक प्लान 14 जुलाई से लागू होगा

ऋषिकेश ,08 जुलाई (आरएनएस)। देहरादून और टिहरी जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया है। भले ही ट्रैफिक प्लान 14 जुलाई से लागू होगा। लेकिन इसका ट्रॉयल 12 जुलाई के बाद भीड़ बढऩे पर किया जाएगा।
कांवड़ यात्रा को अब कुछ दिन रह गए हैं।

देहरादून और टिहरी जिला प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान पर भी होमवर्क पूरा कर लिया है। सीओ ऋषिकेश डीपी ढौंडिय़ाल ने बताया कि हरिद्वार से आने वाला ट्रैफिक नेपाली फार्म से श्यामपुर, नटराज चौक होकर ढालवाला आएगा। इसके बाद वाहन ढालवाला-भद्रकाली होकर तपोवन तिराहे से ब्रह्मपुरी होकर नीलकंठ रवाना होंगे। जबकि वाहनों की वापसी चीला वैराजमार्ग से हरिद्वार के लिये होगी। वाहनों को आईडीपीएल मैदान में पार्क करवाया जाएगा।

टिहरी जनपद के यायातात निरीक्षक सिद्धार्थ कुकरेती ने बताया कि कांवड़ यात्रियों के बड़े वाहन चंद्रभागा पुल पार्किंग ढालवाला में पार्क होंगे। छोटे वाहन खारास्त्रोत पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। दो पहिया वाहनों के लिए कैलाश गेट में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जबकि तिपहिया वाहन तपोवन तिराहे से आगे नहीं चलेंगे। कांवड़ मेले के दौरान पैदल यात्री पीडब्ल्यूडी तिराहे से रामझूला होते हुए नीलकंठ भेजे जाएंगे।

वापसी के दौरान नीलकंठ से पैदल यात्रियों को जानकी सेतु से निकाला जाएगा। श्रीनगर,देवप्रयाग से आने वाले बड़े वाहनों के अतिरिक्त सभी वाहन पूर्व की भांति ब्रह्मपुरी तिराहा-तपोवन तिराहा- बाईपास मार्ग होते हुए नटराज चौक से भेजे जाएंगे।

दिनभर बड़े वाहनों को पूर्व की भांति गूलर, शिवपुरी और ब्यासी पर रोका जाएगा। भारी वाहनों का आवागमन रात 10 बजे से तड़के 4 बजे तक रहेगा। कांवडिय़ों का दबाव बढऩे पर प्लान में बदलाव भी किया जा सकता है।

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पूर्वांचल के आम की मिठास पूरी दुनिया में अपनी मिठास घोल रही

नई दिल्ली, 7 जुलाई( आरएनएस) । पूर्वांचल के आम की मिठास पूरी दुनिया में अपनी मिठास घोल रही. प्रदेश भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के द्वारा नेता प्रतिपक्ष  रामवीर सिंह बिधूड़ी की उपस्थिति में प्रदेश कार्यालय में आम महोत्सव मनाया गया। पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष  कौशल मिश्रा की अगुवाई में आज हुए आम महोत्सव में पूर्वांचल से लाए गए आम की विभिन्न प्रजातियों-लंगड़ा, दशहरी, केसर, मालदा, तोतापुरी, मलदही, आम्रपाली आदि का प्रदर्शन किया गया तथा इनके स्वाद का लुत्फ पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं ने उठाया।

नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पक्षी उड़ाकर इस शानदार आयोजन के लिए पूर्वांचल मोर्चा की सराहना किया। इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया। उन्होंने कहा कि भारत में आम को ‘फलों का राजा’ कहा जाता है तथा प्राचीन ग्रंथों में इसे कल्पवृक्ष के नाम से संदर्भित किया गया है। यह सिर्फ स्वाद में ही अच्छा नहीं होता बल्कि यह सेहत के लिए फायदेमंद भी होता है।

 

इसमें कई तरह के विटामिन, जैसे विटामिन-ए, सी और डी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा आम फाइबर और मिनरल्स से भी भरपूर होता है। कौशल मिश्रा ने कहा कि 75 प्रतिशत आम पूर्वांचल से आता है। इसलिए इस महोत्सव का पूर्वांचल मोर्चा के द्वारा आयोजन किया जाता है। पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर आम की बागवानी की जाती है और यहां पैदा किए गए आम विदेशों तक में मशहूर हैं।

बागवानी उद्योग से लाखों लोगों को रोजगार भी मिलता है। इस मौके पर प्रदेश पूर्वांचल मोर्चा के प्रभारी विपिन बिहारी सिंह, मोर्चा सह-प्रभारी बृजेश राय, मोर्चा महामंत्री  संतोष ओझा एवं निर्मल मिश्रा, मोर्चा उपाध्यक्ष  जगदम्बा सिंह, प्रदेश मंत्री एस राहुल एवं  अभय सिंह, श्री संजय तिवारी, अनिल पंडित सहित प्रदेश, जिला एवं मंडल के पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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पुरानी करेंसी खरीदने के लिए खर्च कर दिए 14 लाख, दिल्ली पुलिस का चकराया माथा

नई दिल्ली,07 जुलाई (आरएनएस)। पुरानी करेंसी खरीदने के लिए खर्च कर दिए 14 लाख, दिल्ली पुलिस का चकराया माथा दिल्ली पुलिस के सामने एक ऐसा केस आया जिसे सुलाझाने में पसीने छूट रहे हैं। ये करेंसी के काले कारोबार से जुड़ा मामला है। आरोपियों ने फर्जी करेंसी के काले कारोबार को करने के लिए एक बड़ी धनराशि खर्च कर दी। पुलिस ने मामले की जांच के लिए अब जांच एजेंसी आईबी का सहारा लिया है।
दिल्ली के लक्ष्मीनगर इलाके से पुलिस एक शख्स को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस को उसके पास 62 लाख रुपए की पुरानी करेंसी मिली है। आरोपी लक्ष्मीनगर के रमेश पार्क से गिरफ्तार किया गया। उसका नाम डॉ. एजाज अहमद है। पुलिस को पूछताछ में जो जानकारी मिली है वो वाकई चौंकाने वाली है। आरोपी एजाज ने बताया कि उसने 62 लाख रुपए की पुरानी करेंसी एकत्र करने के लिए 14 लाख रुपए खर्च किए हैं। वो इसे 20 लाख में बेंचने वाले थे। दिल्ली पुलिस ने आरोपी के पास से 500 और 1000 रुपये के नोटों में पुरानी बरामद की।

भारी मात्रा में पुराने नोटों के बरामद होने के बाद दिल्ली के शकरपुर थाना की पुलिस ने इस मामले को दर्ज किया था। बाद में इसकी जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और आईबी की टीम को बुलाया गया। मामले अरोपी डॉ एजाज अहमद से अब एजेंसी अपने तरीके से पूछताछ करेगी और ये जानने के प्रायास किया जाएगा कि एजाज ने इतने साले पुराने नोट कहां से एकत्र किए हैं। करेंसी कारोबार में उनके पीछे और कौन लोग हैं। इन सभी पहलुओं पर अब गंभीरता से जांच की जानी है।

अब तक दिल्ली पुलिस की पूछताछ में ये सामने आया है कि उसने सिर्फ करेंसी बेंचने के लिए एकत्र किया था। लेकिन इस बात का अब तक जानकारी नहीं हो पाई है कि एजाज ने इस पुरानी करेंसी कहां बेचने का प्लान किया था और कौन लोग इसे खरीदना चाहते हैं। फिलहाल ये बात पुलिस और जांच एजेंसी की जांच से पता चल पाएगी।

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सोलर सिटी के रूप में पहचाना जाएगा गिरिडीह – हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री

रांची, 05.07.2022 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सवा सौ करोड़ जनसंख्या वाले हमारे देश में बड़े पैमाने पर ऊर्जा की आवश्यकता है। मानव जीवन में जितनी आवश्यकता भोजन की है उतनी ही आवश्यकता ऊर्जा की भी है। ऊर्जा की खपत और उत्पादन को लेकर सरकारें हमेशा से नीति बनाती रही हैं। हमारी सरकार पारंपरिक ऊर्जा स्रोत के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा स्रोतों पर विशेष फोकस कर रही है। जिस गति से राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करना प्रारंभ किया है, वह दिन दूर नहीं जब झारखंड ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में सक्षम और आत्मनिर्भर बनेगा। सौर ऊर्जा के सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आज सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण किया गया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय ऊर्जा राष्ट्र का भविष्य है। अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नीतिगत पहल की है। सौर ऊर्जा नीति-2022 में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं जिसमें निवेशकों को प्रोत्साहन, सिंगल विंडो सिस्टम, पेमेंट सिक्योरिटी मेकैनिज्म, छूट और सब्सिडियरी सहित कई सुविधा उपलब्ध करायी गई है। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सौर ऊर्जा नीति-2022का लोकार्पण के साथ-साथ किसान सोलर वाटर पंप सेट योजना हेतु कुसुम वेब पोर्टल, धनबाद एवं दुमका में 600 केवी के सोलर प्लांट एवं गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर सौर ऊर्जा नीति-2022 पुस्तिका का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। इस पुस्तिका में सौर ऊर्जा नीति-2022 की संपूर्ण जानकारी रखी गई है।

अक्षय ऊर्जा से समृद्ध होगा राज्य

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि भौगोलिक दृष्टिकोण से झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां पहाड़, नदी-नाले, घने जंगल सहित कई दुर्गम क्षेत्र हैं। ऐसे जगहों पर ट्रांसमिशन के माध्यम से बिजली पहुंचाना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है। इन सभी जगहों पर संचरण लाइन के कनेक्टिविटी में कठिनाइयां और बाधाएं उत्पन्न होती हैं जिससे आमजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे जगहों पर सौर ऊर्जा के माध्यम से घर-घर तक बिजली पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इसकी शुरुआत गिरिडीह से हो रहा है। गिरिडीह जिला को सोलर सिटी के रूप में चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम सौर ऊर्जा नीति को सिर्फ शहर में ही नहीं बल्कि गांवों में भी पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल-सिंचाई से लेकर घरेलू दिनचर्या में भी इस योजना का लाभ लोगों को मिले इस सोच के साथ कार्य योजना बनाकर हम आगे बढ़ रहे हैं। अक्षय ऊर्जा के माध्यम से हर वो काम लोग कर सकें, जो काम कोयले से उत्पादित बिजली से होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक बिजली स्रोतों से बिजली की कीमत प्रति यूनिट 5 रुपए से अधिक है वहीं सौर ऊर्जा से उत्पादन की गई ऊर्जा की कीमत 2 से 3 रुपया यूनिट ही होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कई ऐसे जिले हैं जहां पर  30 से 40 मेगावाट की बिजली की खपत होती है। इन जिलों में 400 से 500 एकड़ भूमि पर सौर ऊर्जा के माध्यम से पर्याप्त बिजली उत्पादन किया जा सकता है। हमें इन सारी बिंदुओं पर विचार करते हुए अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए राज्य को समृद्ध बनाना है।

निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। झारखंड निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने वाले निवेशकों को हमारी सरकार पूरा सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों का तहे दिल से स्वागत करती है। राज्य सरकार सौर ऊर्जा नीति के अंतर्गत उद्योग स्थापित करने वाले सभी निवेशकों को अनुकूल माहौल मिले इस निमित्त प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी के सहयोग और सुझाव से ही हम इन नीतियों को और व्यापक तथा सुगम बनाकर अधिक से अधिक ऊर्जा उत्पादन कर सकते हैं।

गिरिडीह जिला अब सोलर सिटी जिला के रूप में पहचाना जाएगा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का ऑनलाइन उद्घाटन किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने गिरिडीह विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू से ऑनलाइन माध्यम से वार्ता की। गिरिडीह विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने गिरिडीह जिला वासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोलर सिटी के रूप में आपके जिला को चयनित किया गया है। सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावादेने के लिए हमारी सरकार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 बनायी है। सोलर पॉलिसी को अब राज्य और व्यापार जगत के क्षेत्र में अपलोड करने जा रहे हैं। सौर ऊर्जा नीति राज्य को अब नई राह की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थापित छोटे-छोटे हवाई अड्डों को अब सोलर से संचालित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका आज विधिवत उद्घाटन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिडीह राज्य का पहला जिला बन रहा है जो सोलर सिटी के रूप में पहचाना जाएगा। अब हम सभी लोग मिलकर घर-घर में सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाएंगे। मौके पर गिरिडीह विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए हम सभी लोग कटिबद्ध हैं। आपकी इस सोच और नीति को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।

सौर ऊर्जा नीति के तहत सुविधा और लाभ प्रदान करना प्राथमिकता

इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्री अविनाश कुमार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले 5 सालों के लिए सौर उर्जा नीति का रास्ता तय करने की योजना को मंत्रिपरिषद से पारित करने का काम किया है। विधिवत रूप से आज सभी के सहयोग से इस नीति के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी पॉलिसी आम जनता, उद्यमियों सहित सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। राज्य वासियों को नीतिगत निर्णयों का लाभ और सुविधा किस प्रकार मिले इस निमित्त नीतियों में प्रावधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निवेशकों को आवश्यक सुविधा एवं अनुकूल माहौल प्रदान किया जा रहा है। मौके पर धन्यवाद ज्ञापन देते हुए जरेडा निदेशक श्री के.के. वर्मा ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा नीति-2022 में विशेष प्रावधान किए गए हैं। 3 लाख रुपए से कम आय वाले परिवारों को शत प्रतिशत सब्सिडियरी उपलब्ध कराया जा रहा है। सौर ऊर्जा नीति को रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन भी बनाया जा सकेगा। उन्होंने सौर ऊर्जा पॉलिसीके अंतर्गत भविष्य की कार्य योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।

इस अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से गिरिडीह से विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू, कार्यक्रम स्थल रांची में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्री अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, जरेडा निदेशक श्री के.के.वर्मा, सीईओ सीईईडब्ल्यू डॉ अरुणभ घोष सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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ताजमहल होटल के आर्ट गैलरी में आयोजित कला उत्सव सम्पन्न 

05.07.2022 – सेलेब्रेटी कॉलोमिस्ट निशा जामवाल ने कलाकार लता बालकृष्ण के कलाकृतियों को ताजमहल होटल (मुम्बई) में आयोजित कला उत्सव प्रदर्शित की इस क्रम में उन्होंने लता बालकृष्ण के लिए की अद्भुत मेजबानी करते हुये उनके द्वारा बनाये गए  ‘मींडरिंग्स’ भी प्रस्तुत किये। निशा जामवाल द्वारा पेश किया गया ये पांच दिवसीय कला उत्सव, इस साल का कोविड के बाद का सबसे चर्चित कार्यक्रम था।

प्रसिद्ध कला संग्रहकर्ता, कला प्रेमी,कौंसुल जनरल, लेखक, शीर्ष पुलिस आयुक्त, कॉर्पोरेट जगत के सीईओ, अभिनेता, गायक, मॉडल, फैशन डिजाइनर, निशा जामवाल के सभी दोस्त, रेका काला घोड़ा में एक ग्रैंड डिनर के साथ शुरू हुए इस शो में शामिल हुए। इस खास मौके पर जापानी कॉउन्सिल जरनल डॉ फुकाहोरी यासुकाता, कोबी शोशानी इज़राइल कौंसिल जनरल , कॉउन्सिल जनरल तुर्की तोल्गा काया, लेखक अश्विन सांघी, उस्ताद अनूप जलोटा, रूप कुमार राठौड़, सारा खान, तनाज ईरानी, ल्यूक केनी, डिजाइनर ईशा अमीन, एमी बिलिमोरिया,पल्लवी जयकिशन, रोशनी दमानिया, परवेज दमानिया, शशि बंसल, मालती जैन, निदान गोवानी सहित सितारों का मेला लगा हुआ था।

बकौल निशा जामवाल आर्टिस्ट लता बालकृष्ण ने मुझे अपना काम देखने के लिए आमंत्रित किया, जैसा कि दुनिया भर के कई कलाकार इस इच्छा से करते हैं कि मैं उनके लिए एक शो की मेजबानी करूं।  मैं ज्यादा उम्मीद किए बिना चली गयी जैसा कि मैं हमेशा करती हूं।  यह कहना एक अंडर स्टेटमेंट होगा कि मैं उन कैनवस के रूप में व्याख्या करती थी जो रंगीन बारीकियों और अनुभव के दंगे के साथ जीवन के प्रवाह की बात करते हैं। छाया और धूप की चीयरोस्कोरो, बहते पानी में रंगों की बौछार को देख मैं उसकी दुनिया में खींची चली गयी।

जहां ‘मैंडरिंग’ का टाइटल मेरे दिमाग में सिर्फ इसीलिए नही आई क्योंकि जलंधर की रहनेवाली, बचपन से ही दुनिया घूमने की अभिलाषी और कुछ अलग ढूंढने की उसकी प्यास थी जबकि मैंने उसके दिमाग मे कला के लिए एक यात्रा भी देखी, जो अपने आप मे अद्भुत हैं। पूरी दुनिया में महिलाओं को मल्टीटास्किंग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और घर और बाहर के कामों को मैनेज करना होता हैं।यहां तक की चैंपियन को भी जीवन मे आनेवाली चुनौतीपूर्ण बाधाओं के ऊपर चलना होता हैं जी जिंदगी उनको देती हैं।

बाहर काम करना, और घर भी चलाना,बच्चे जनना और उनका पालन-पोषण करना, परिवार की जरूरतों की देखभाल और प्रबंधन करना- एक भारतीय और संयुक्त परिवार और जहाँ पुरुषों को सबसे ऊपर समझा जाता हैं उन भावनाओ को खोदना और उसे कैनवास पर उतनी ही खूबसूरती से उभाराना बहुत बड़ी कला है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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केदारनाथ धाम के गर्भगृह में प्रवेश खुला, तीर्थयात्री कर सकते हैं दर्शन

देहरादून ,02 जुलाई (आरएनएस)। तीर्थयात्री अब केदारनाथ धाम के गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन कर सकेंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध हटा दिया है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन तीर्थयात्रियों की भीड़ उमडऩे से गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। श्रद्धालु सभा मंडप से बाबा केदार के दर्शन कर रहे थे। केदारनाथ धाम के कपाट छह मई को खुले थे।

पहले दिन ही 20 हजार से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे थे। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को भारी अव्यवस्थाओं को सामना करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन में लगने वाले समय को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य होने से शुक्रवार से केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया है। अब श्रद्धालु गर्भगृह में जाकर बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस वर्ष मई व जून माह में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। श्रद्धालु सभा मंडप से ही बाबा केदार के दर्शन कर रहे थे। अब संख्या कम होने के बाद श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए मंदिर में दर्शनों के समय में भी परिवर्तन किया गया है। शुक्रवार से केदारनाथ मंदिर में सुबह चार बजे के स्थान पर पांच बजे से धर्म दर्शन शुरू हो रहे हैं। अपराह्न् तीन बजे से 4:45 बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिए कपाट बंद किए जा रहे हैं। शाम को श्रृंगार पूजा के बाद रात्रि नौ बजे दोबारा कपाट बंद किए जाएंगे।

इसी तरह बदरीनाथ धाम में मंदिर में भगवान बदरी विशाल की अभिषेक पूजा सुबह पांच बजे से संपन्न हो रही है। इस दौरान भी तीर्थयात्री धर्म दर्शन कर रहे हैं। शाम को विभिन्न पूजाओं के बाद रात्रि नौ बजे तक कपाट बंद हो रहे हैं।

बीकेटीसी के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर समिति तीर्थयात्रियों को मंदिरों में सरल-सुगम दर्शन के लिए प्रतिबद्ध है। मंदिर समिति के अनुसार कपाट खुलने से अब तक केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में 17.32 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसमें बदरीनाथ धाम में 901081 और केदारनाथ धाम 831600 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।

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कांग्रेस का आरोप भाजपा के नेता राहुल गांधी के खिलाफ झूठी भ्रम फैला रहे

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आरएनएस) । कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखते हुए कहा कि यह जानकर स्तब्ध हूँ कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ सहयोगी जानबूझकर और अत्यंत उत्साह से एक न्यूज़ चैनल पर  पर कल (1 जुलाई, 2022), रात 9 बजे प्रसारित हुई शरारतपूर्ण रिपोर्ट साझा कर रहे हैं।

राहुल गांधी के वास्तविक वीडियो में वे उनके वायनाड कार्यालय पर एसएफआई द्वारा की गई हिंसा के संबंध में टिप्पणी कर रहे थे, लेकिन एक चैनल द्वारा उसे जानबूझकर और शरारतपूर्ण ढंग से काट-छांट करके इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया जैसे कि यह टिप्पणी उदयपुर में कन्हैया लाल की जघन्य हत्या के संबंध में थी।इस बात को हमारी ओर से तुरंत सभी संबंधित लोगों के ध्यान में लाया गया कि यह रिपोर्ट नितांत झूठी है और भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए जानबूझकर इसे प्रसारित किया गया है।

वास्तव में, किसी भी अन्य चैनल ने इस क्लिप को इस प्रकार जानबूझकर मनगढ़ंत और विकृत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया। जयराम रमेश ने कहा कि इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि आपकी पार्टी के कई सहयोगियों, जिनमें राज्यवर्धन राठौर, सांसद;  सुब्रत पाठक, सांसद; कमलेश सैनी, विधायक और अन्य शामिल हैं, उन्होंने बड़े उत्साहपूर्वक और कोई सत्यापन किए बिना जानबूझकर इस मनगढ़ंत और विकृत रिपोर्ट को सोशिल मीडिया पर प्रकाशित और शेयर किया। मेरी पार्टी के सहयोगियों द्वारा यह चेतावनी दिए जाने के बावजूद कि उक्त क्लिप दुर्भावनापूर्ण रूप से झूठी और भ्रामक है, राजवर्धन सिंह राठौर ने इसे प्रचारित करना जारी रखा, पहले इसे हटा दिया और फिर इसे दोबारा अपलोड कर दिया।

इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता है कि उनके द्वारा जानबूझकर किए गए इन कार्यों का उद्देश्य पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को बदनाम करना, कांग्रेस पार्टी को बदनाम करना और पहले से ही संवेदनशील बनी हुई सांप्रदायिक स्थिति का ध्रुवीकरण करना था, जो कि आपकी पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। यह कोई बहाना नहीं हो सकता कि आपके कुछ सहयोगियों ने पहले इस रिपोर्ट को अपलोड किया था और इस झूठी रिपोर्ट को साझा करने के बाद फिर उसे हटा दिया क्योंकि वास्तविकता यह है कि जो नुकसान वे पहुंचाना चाहते थे, वो उसे डिलीट करने से पहले पहुंचा चुके थे।

जयराम रमेश ने कहा कि हम लोग पहले ही मूल प्रसारणकर्ता चैनल के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हम आशा करते हैं कि आप और आपकी पार्टी के सहयोगी इस तरह के झूठ फैलाना बंद करेंगे और ऐसी हरकतों से बाज आएंगे। इसके अतिरिक्त, मुझे आशा है कि आप अपने उन सहयोगियों की ओर से तुरंत उचित माफीनामा जारी करेंगे, जिन्होंने सच्चाई का इस तरह से घोर अपमान किया है।

जयराम रमेश ने कहा कि अगर यह माफीनामा आज जारी नहीं किया जाता तो हम आपकी पार्टी और उसके उन नेताओं के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे, जो इस तरह के गैर-जिम्मेदार और आपराधिक तरीके से सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने पर जोर देते हैं।

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महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, देवेंद्र फडणवीस बने डिप्टी सीएम

मुंबई ,30 जून (आरएनएस)। एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। शिंदे ने मराठी में शपथ ली। बता दें कि देंवेंद्र फडणवीस ने ही ऐलान किया था कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद सरकार में नहीं होंगे और बाहर से सरकार की मदद करेंगे। हालांकि बाद में जेपी नड्डा ने खुद मीडिया के सामने  आकर कहा कि पार्टी चाहती है कि वह उपमुख्यमंत्री बनें।

शपथ ग्रहण के मौके पर एकनाथ शिंदे का परिवार भी राजभवन पहुंचा। बता दें कि एकनाथ शिंंदे उद्धव  सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। शपथ ग्रहण में शिवसेना के विधायक शामिल नहीं हो सके। दरअसल बागी विधायकों इस समय गोवा के होटल में ही हैं। हालांकि शपथ के दौरान उन्होंने गोवा के होटल में ही जश्न मानाया। भाजपा के नेता शपथ ग्रहण में पहुंचे।
देवेंद्र फडणवीस के त्याग की नड्डा ने की तारीफ

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे जी और देवेंद्र फडणवीस जी को बधाई। आज ये सिद्ध हो गया कि बीजेपी के मन में कभी मुख्यमंत्री पद की लालसा नहीं थी। 2019 के चुनाव में स्पष्ट जनादेश मा. नरेंद्र मोदी जी एवं देवेंद्र जी को मिला था। उद्धव ठाकरे ने सीएम पद के लालच में हमारा साथ छोड़कर विपक्ष के साथ सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार में रहें और उपमुख्यमंत्री का पदभार संभालें।

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पीएम मोदी ने शिंदे और फडणवीस को दी बधाई, शरद पवार बोले- किसी ने नहीं सोचा था ऐसा होगा

नई दिल्ली, ,30 जून (आरएनएस)। महाराष्ट्र में पिछले 2 हफ्ते से चल रहा सियासी ड्रामा आखिर थम गया है। शिवसेना के बागी गुट के विधायक एकनाथ शिंदे राज्य के नए सीएम बन गए हैं, जबकि देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बने हैं। एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। पीएम ने कहा है, मैं एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनने की बधाई देता हूं। एक जमीनी स्तर के नेता, वह अपने साथ समृद्ध राजनीतिक, विधायी और प्रशासनिक अनुभव लेकर आते हैं। मुझे विश्वास है कि वह महाराष्ट्र को और ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम करेंगे।

देवेंद्र फडणवीस का अनुभव आएगा काम- पीएम

पीएम मोदी ने देवेंद्र फडणवीस को भी डिप्टी सीएम बनाए जाने की बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा है, देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने पर बधाई। वह हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं। उनका अनुभव और विशेषज्ञता सरकार के लिए एक संपत्ति होगी। मुझे विश्वास है कि वह महाराष्ट्र के विकास पथ को और मजबूत करेंगे।
शिंदे का सीएम बनना किसी ने नहीं सोचा था

शरद पवार एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बन जाने से एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी काफी हैरान हुए हैं। शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा है कि किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी कि शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। शरद पवार ने कहा कि बागी गुट की मांग पर ही शिंदे को सीएम बनाया गया है।

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संताल को मिली  सौगात, दुग्ध उत्पादक बनेंगे खुशहाल

साहिबगंज ,29.06.2022 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज साहिबगंज में संतालवासियों को अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस डेयरी प्लांट के चालू होने से किसानों- पशुपालकों-दुग्ध उत्पादकों की  जिंदगी में आमूलचूल बदलाव आएगा। इनकी आमदनी बढ़ेगी। इस तरह हमारे किसान भाइयों के साथ राज्य भी आत्मनिर्भर बनेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादकों के सम्मान राशि के तौर पर 10 करोड़ रूपए का चेक झारखंड मिल्क फेडरेशन को सौंपा।

गांव -गांव तक पहुंचेगा मेधा डेयरी के दूध और दुग्ध उत्पाद

साहिबगंज डेयरी प्लांट के उद्घाटन समारोह में झारखंड मिल्क फेडरेशन और कॉमन सर्विस सेंटर (प्रज्ञा केंद्र) के बीच एमओयू पर करार हुआ । इसके तहत राज्य के डेयरी प्लांटों में प्रोसेसिंग दूध और दूध के उत्पादों को मेधा डेयरी के द्वारा बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।  इसी कड़ी में ही मेधा डेयरी के सभी दुग्ध उत्पाद राज्य के 20 हज़ार से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर पर मिलेगा । इसके लिए  संचालकों को आज मुख्यमंत्री ने रिटेल सर्टिफिकेट प्रदान किया।  इस तरह सरकार ने गांव गांव तक इन दुग्ध उत्पादकों को उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।

संसाधनों का समूचित और बेहतर इस्तेमाल हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और कल्याण के लिए सरकार संसाधन उपलब्ध कराती है । संसाधनों का समुचित और बेहतर इस्तेमाल हो, इसे आपको सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबगंज डेयरी प्लांट की वर्तमान प्रोसेसिंग क्षमता प्रतिदिन 50 हज़ार लीटर की है । इसकी क्षमता को बहुत जल्द बढ़ाकर एक लाख लीटर और फिर दो लाख लीटर तक करने के लिए सरकार सभी सहयोग करेगी ।

शुद्ध दूध और दुग्ध उत्पाद को बढ़ावा देने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज बाजार में कृत्रिम दूध और उससे बने दुग्ध उत्पाद धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।  यह दूध हमारे शरीर के लिए कितना खतरनाक है, इससे हम सभी वाकिफ हैं। अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया जाए तो मानव जीवन खतरे में पड़ सकता है।  इतना ही नहीं तमाम कोशिशों के बाद भी कुपोषण के मामले आ रहे हैं । आज इससे बचने के लिए शुद्ध दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत है , ताकि लोग इसका सेवन करें और स्वस्थ रहे । पशु पालकों से आग्रह है कि वे पशुधन को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें, ताकि ज्यादा से ज्यादा  शुद्ध दूध अधिकतम लोगों तक पहुंचे।

राज्य तभी आगे बढ़ेगा, जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 80 प्रतिशत जनता ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़ी है। ऐसे में किसानों और पशुपालकों को मजबूत किए बिना राज्य को विकास के रास्ते पर नहीं ले जा सकते हैं । उन्होंने कहा कि किसानों और पशुपालकों के लिए सरकार की कई योजनाएं चल रही है। इन योजनाओं का आप जरूर लाभ लें । उन्होंने कहा कि किसानों के लगभग 900 करोड़ रुपया की ऋण माफी को स्वीकृति दी जा चुकी है इसके अलावा अब तक 13 सौ करोड़ से ज्यादा का केसीसी लोन किसानों को दिया जा चुका है।  यह एक रिकॉर्ड है । हमारी प्राथमिकता किसानों को सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है।

समय के साथ किसानों को अपने में बदलाव लाना है

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है।  ऐसे में किसानों को समय के साथ बने रहने के लिए अपने में बदलाव लाना होगा।  उन्हें नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल करना होगा, ताकि कृषि कार्यों में संसाधनों का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल संभव हो सके । इसमें किसानों को जो भी जरूरत होगी,  सरकार के द्वारा मुहैया कराया जाएगा।

धान अधिप्राप्ति का बना रिकॉर्ड , खुलेंगे कई राइस मिल

मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि आपके सहयोग से सरकार ने धान अधिप्राप्ति का एक रिकॉर्ड बनाया है। अब इस धान का उपयोग अपने ही राज्य में हो, इसके लिए सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा राइस मिल खोलने को स्वीकृति दे दी है। भविष्य में किसानों और पशुपालकों के लिए इस तरह की कई और योजनाएं लाने की दिशा में सरकार  कार्ययोजना बना रही है।

महत्वपूर्ण तथ्य

 

  • 34 करोड़ रुपए की लागत से साहिबगंज डेयरी प्लांट का हुआ है निर्माण ।

 

  • राज्यभर में 6 हाई टेक डेयरी प्लांट से प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख लीटर से ज्यादा दुग्ध और दुग्ध से बनी वस्तुओं का हो रहा प्रसंस्करण।

 

  • झारखंड मिल्क फेडरेशन से अबतक 40 हज़ार से ज्यादा दुग्ध उत्पादक और एक लाख के करीब मवेशियों को जोड़ा जा चुका है।

 

  • दुग्ध उत्पादकों के बैंक खाते में सालाना 200 करोड़ रुपए दे रही सरकार।

 

  • दुग्ध उत्पादकों को दो रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी दे रही सरकार।

इस अवसर पर मंत्री श्री आलमगीर आलम और श्री बादल, सांसद श्री विजय हांसदा, विधायक श्री अनंत कुमार ओझा, एनडीडीबी के अध्यक्ष श्री मिनेश शाह, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीक और झारखंड मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री सुधीर कुमार सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया

नयी दिल्ली,27 जून (आरएनएस)। राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को होने जा रहे चुनाव में विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया।

सिन्हा ने नामांकन पत्रों के चार सेट राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी को सौंपे। पी. सी. मोदी राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा के नामांकन दाखिल करने के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, द्रमुक नेता ए राजा, नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और कई अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे।

विपक्षी दलों ने सिन्हा को 21 जून को अपना साझा उम्मीदवार घोषित किया था।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया था। राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होना है। मतगणना 21 जुलाई को होगी।

वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है

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