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देश की रक्षा करते हुए शहीद होने से बड़ा कोई बलिदान नहीं: योगी आदित्यनाथ

*शहीद स्मृति वाटिका में मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया

लखनऊ 26 Jully (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पूरा देश कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारत माता के उन सभी महान सपूतों के प्रति नमन करते हुए उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, जिन्होंने देश की आजादी को अक्षुण्ण रखने तथा भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री जी मंगलवार को कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध स्वतंत्र भारत का एक ऐसा युद्ध है, जो पाकिस्तान ने भारत पर जबरन थोपा था। यह युद्ध मई, 1999 में प्रारम्भ हुआ था और 26 जुलाई, 1999 को आज ही के दिन कारगिल युद्ध में भारत की विजय की घोषणा भी हुई थी। इस विजय के साथ ही, पूरी दुनिया में पाकिस्तान बेनकाब हुआ था। साथ ही, भारत के बहादुर जवानों के शौर्य, पराक्रम को पूरी दुनिया ने देखा था। इस युद्ध में अनेक वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। लखनऊ के कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, कैप्टन आदित्य मिश्र, लांसनायक केवलानन्द द्विवेदी, राइफलमैन सुनील जंग तथा मेजर रितेश शर्मा का नाम पूरा देश बड़े गर्व व सम्मान के साथ लेता है।

मुख्यमंत्री जी कहा कि कैप्टन मनोज कुमार पांडेय को युद्ध के उपरान्त उनकी अति असाधारण वीरता, अदम्य साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व तथा कर्तव्यनिष्ठा के लिए भारतीय सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र प्रदान किया गया था। प्रदेश सरकार ने लखनऊ में सन् 1960 में स्थापित देश के पहले सैनिक स्कूल का नामकरण कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय के नाम पर किया। इसके साथ ही, सूबेदार मेजर पद को सुशोभित करने वाले तत्कालीन लांस नायक योगेन्द्र यादव को भी परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए देश व प्रदेश के सभी बहादुर जवानों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा करते हुए शहीद होने से बड़ा बलिदान कोई और नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बलिदानियों का राष्ट्र के प्रति प्रेम, मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने की भावना, उनका साहस तथा वीरता के बारे में सोचकर ही प्रत्येक भारतवासी रोमांचित हो उठता है। पूरा राष्ट्र उनके प्रति ऋणी है। मुख्यमंत्री ने भारत माता के अमर सपूतों के परिजनों को आश्वस्त किया कि केन्द्र व राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कारगिल विजय दिवस का आयोजन ऐसे अवसर पर हो रहा है, जब यह देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। 15 अगस्त, 2022 को देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण हो रहे है। हम सौभाग्यशाली हैं कि देश की आजादी के इस अमृत महोत्सव आयोजन के साथ हमें जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कार्यक्रम पूरे देश के लिए उपलब्ध कराया है। यह केवल एक महोत्सव तक सीमित न रहे, बल्कि एक संकल्प दिवस भी बन जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आगामी 25 वर्षों की एक वृहद कार्ययोजना को लेकर हमें कार्य करना होगा कि हमें अपने देश को कहां लेकर जाना है, हम कैसा भारत चाहते हैं, आने वाली पीढ़ी को कैसा भारत चाहिए। ऐसे भारत के निर्माण के लिए 135 करोड़ भारतवासी एक साथ मिलकर कार्य करेंगे, तो उसके परिणाम हम सबके सामने आयेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री आशुतोष टंडन सहित जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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अर्पिता मुखर्जी ने किया स्वीकार, पार्थ चटर्जी का ही था रुपयों का ढेर

 छापेमारी के चलते फेल हो गई कैश बाहर निकालने की योजना

कोलकाता ,26 जुलाई (आरएनएस/FJ)। पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की निकट सहयोगी अर्पिता मुखर्जी ने कबूल किया है कि उनके घर से बरामद कैश बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी का ही है। मंत्री की करीबी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने यह कबूलनामा किया है। उन्होंने एजेंसी को बताया कि पैसा उनसे जुड़ी कंपनियों में लगाया जाना था। पूछताछ के दौरान, उन्होंने खुलासा किया कि कैश को एक या दो दिनों में घर से बाहर निकालने की योजना थी। लेकिन एजेंसी के छापे ने योजना को फेल कर दिया।

दोषी पाए जाने पर अपने मंत्री को नहीं बख्शूंगी : ममता

तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में ईडी द्वारा राज्य के मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार करने के बाद उनसे दूरी बना ली है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि घोटाले का जिम्मेदारी चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के ऊपर है। विभिन्न क्षेत्रों के प्रशंसित व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार के एक कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, बनर्जी ने कहा, भ्रष्टाचार का समर्थन करना न तो मेरा जुनून है और न ही मेरी आदत। मैं यह नहीं कह सकती कि हर कोई निर्दोष है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि एक महिला के आवास से बरामद धन का तृणमूल या राज्य सरकार से कोई संबंध नहीं है।

अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे आजीवन कारावास की सजा दी जाए। लेकिन जिस तरह से मेरा नाम नकदी की वसूली के मामले में घसीटा जा रहा है, उससे मैं दुखी हूं। मैं इस तरह के झूठे प्रचार को और बर्दाश्त नहीं करूंगी। मुख्यमंत्री ने एक वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें उन्हें दुर्गा पूजा के उद्घाटन समारोह के दौरान अर्पिता मुखर्जी के साथ मंच साझा करते देखा जा सकता है।

उन्होंने कहा, मैं कई पूजाओं के उद्घाटन के लिए जाती हूं। मुझे कैसे पता चलेगा कि आयोजकों ने किसे आमंत्रित किया है? मुझे कैसे पता चलेगा कि वह पार्थ की दोस्त थी? मैं अपने पार्टी के लोगों को भी नहीं बख्शती अगर वे गलती करते हैं। दोषी पाए जाने पर मैं अपने मंत्री को भी नहीं बख्शूंगी।

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केंद्रीय एजेंसियों के द्वारा विपक्ष को बदनाम करवाती है बीजेपी : कांग्रेस

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आरएनएस/FJ) । केंद्रीय एजेंसियों के द्वारा विपक्ष को बदनाम करवाती है बीजेपी.  कांग्रेस नेता अजय माकन ने  कहा कि देश में सारे बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी दो तरीके अपना रही है। देश को सांप्रदायिकता की आग में थूक दो और दूसरा प्रतिपक्ष को झूठे आरोप लगाकर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके लगातार बदनाम करो। अजय माकन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मोदी सरकार की नाकामियों पर पर्दा डालना चाहती है।

भाजपा नहीं चाहती है कि देश के संस्थानों की हो रही लूट की आवाज कांग्रेस पार्टी उठाएं। अजय माकन ने कहा कि देश में किसानों की दुर्दशा बेरोजगार युवाओं और जनता पर पढ़ते महंगाई के बोझ की बात सोनिया गांधी, राहुल गांधी और राहुल गांधी ना उठाएं सिर्फ इसीलिए केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर बनाया जा रहा है। अजय माकन ने कहा कि एक तरफ हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और विडंबना देखिए दूसरी और भाजपा की सरकार निर्भीकता से आजादी की लड़ाई लड़ने वाले नेशनल अखबार हेरॉल्ड अख़बार से प्रतिशोध ले रही है।

स्वाभाविक है जिस विचारधारा का आज़ादी के आंदोलन में योगदान नहीं रहा वो उस लड़ाई के मूल्यों को नहीं समझ सकती। अजय माकन ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक बार फिर से 26 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी कि यह पूछताछ नेशनल हेराल्ड से संबंधित एक धन शोधन मामले में हो रही है। हालांकि इससे पहले ईडी स्वयं इस मामले को अनावश्यक करार दे चुकी है।

जिससे यह माना जा रहा है कि इस केस को फिर से खोलने के लिए ईडी पर केंद्र सरकार का दबाव था।अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस को राजघाट पर सत्याग्रह की इजाजत नहीं दी- महात्मा गांधी की समाधि पर सत्याग्रह की इजाजत नहीं देना, लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है।

कांग्रेस ने इस पूछताछ का विरोध करने के लिए राजघाट पर सत्याग्रह करने की इजाजत मांगी थी। लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसे  इसकी अनुमति नहीं दी। यह अपने आप में एक विडंबना है कि देश ही नहीं बल्कि दुनिया को सत्याग्रह का मार्ग दिखाने वाले पूजनीय महात्मा गांधी की समाधि पर सरकार सत्याग्रह की अनुमति नहीं दे रही है। अगर कोई व्यक्ति या संस्था वहां सत्याग्रह नहीं कर सकती है तो फिर उसके लिए देश में दूसरी कौन सी जगह सत्याग्रह के लिए हो सकती है।

अजय माकन ने कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस को यहां पर सत्याग्रह की अनुमति नहीं दी है। लेकिन इसी भाजपा ने केंद्र के कांग्रेस शासन में, राजघाट पर एक ऐसा सत्याग्रह किया था। जो सत्याग्रह कम और उत्सव पार्टी ज्यादा थी। जिसमें भाजपा नेताओं ने डांस करते हुए ठुमके लगाए थे। ऐसा करने वालों में भाजपा सरकार के वर्तमान में की मंत्री शामिल थे। यह 5 जून 2011 का वाकया है, जब भाजपा ने राजघाट पर  बाबा रामदेव के समर्थन में, पूरी रात धरना दिया था।

इस दौरान भाजपा नेताओं का डांस करने वाला वीडियो खासा लोकप्रिय हुआ था।भाजपा राजघाट पर डांस पार्टी कर सकती है। लेकिन कांग्रेस को वहां पर सत्याग्रह करने की इजाजत नहीं दे रही है। इससे अधिक दुखद कुछ नहीं हो सकता है। खासकर महात्मा गांधी की समाधि पर सत्याग्रह की इजाजत नहीं देना एक तरह से लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है।

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चुनाव के दौरान मुफ्त की चीजें बांटने का वादा करने वाली पार्टियों पर एससी सख्त

नई दिल्ली ,26 जुलाई (आरएनएस/FJ)। चुनाव के दौरान लोगों को मुफ्त की चीजें बांटने का वादा करने वाली पार्टियों पर नियंत्रण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना रुख साफ करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि ये बेहद गंभीर मामला है। आखिर सरकार इसे लेकर अपना रुख स्पष्ट करने में हिचक क्यों कर रही है।

कोर्ट ने केंद्र की बीजेपी सरकार से कहा है कि वह वित्त आयोग से इस विषय पर राय पूछे और कोर्ट को अवगत करवाए।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका में इस बात की मांग की गई है कि ऐसे राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द होनी चाहिए जो चुनाव जीतने के लिए जनता को मुफ्त सुविधा या चीजें बांटने के वायदे करते हैं। लोगों को लालच देकर राजनीतिक दल उनके वोट को खरीदने की कोशिश करते हैं। ये चुनाव प्रकिया को दूषित करता है और सरकारी खजाने पर बेवजह बोझ का कारण बनता है।

अब आज कोर्ट ने जैसे ही मामला शुरू हुआ चुनाव आयोग और केंद्र सरकार दोनों ही इस मसले पर पल्ला झाड़ते दिखाई दिए। चुनाव आयोग के वकील अनिल शर्मा ने कहा कि आयोग ऐसी घोषणाओं पर रोक नहीं लगा सकता, केंद्र सरकार कानून बनाकर ही इससे निपट सकती है।

तो वहीं, केंद्र सरकार की ओर से 3 एएसजी के एम नटराज ने कहा कि ये मामला चुनाव आयोग के दायरे में आता है।

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सोनिया गांधी से ईडी की फिर पूछताछ शुरू, राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया

नयी दिल्ली,26 जुलाई (आरएनएस/FJ)।  राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं एवं सांसदों ने सोनिया गांधी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।  राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य सांसदों ने संसद भवन से मार्च निकाला.

वे राष्ट्रपति भवन की तरफ बढऩे का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विजय चौक पर रोक दिया। इसके बाद इन नेताओं ने वहां धरना दिया। कांग्रेस का कहना है कि राहुल को भी हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल ने आरोप लगाया, मोदी जी राजा हैं और भारत में पुलिस राज है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘पुलिस ने कांग्रेस सांसदों को विजय चौक पर रोक दिया। हमें राष्ट्रपति भवन जाने से रोक दिया गया। जबरन गिरफ्तार कर लिया गया। अब हम पुलिस बस में हैं, सिर्फ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जानते हैं कि हमें कहां ले जाया जा रहा है। इससे पहले, कांग्रेस के सांसदों ने संसद भवन में बैठक कर सोनिया से पूछताछ के विरोध से जुड़ी रणनीति पर चर्चा की।

सोनिया मंगलवार को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश हुईं। ईडी ने इससे पहले ‘नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े कथित धनशोधन मामले में बृहस्पतिवार को कांग्रेस अध्यक्ष से दो घंटे तक पूछताछ की थी। कांग्रेस ने इसके विरोध में पूरे देश में शक्ति प्रदर्शन किया था। पार्टी के कई नेताओं ने गिरफ्तारियां दी थीं।

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विपक्षी दलों ने खटखटाया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दरवाजा

*पत्र लिखकर की संसद में गतिरोध और जांच एजेंसियों के ‘दुरुपयोग को लेकर दखल देने की मांग

नयी दिल्ली,26 जुलाई (आरएनएस/FJ)। विपक्षी दलों की कई पार्टियों ने महंगाई और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर संसद में चल रहे गतिरोध तथा जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह किया कि वे इन मामलों में हस्तक्षेप करें। कांग्रेस, शिवसेना और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उन्हें पदभार ग्रहण करने की बधाई भी दी।

इन दलों ने पत्र में कहा, ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है क्योंकि सरकार महंगाई और कई खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी लगाने के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे कई उदाहरण हैं कि इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है, लेकिन यह सरकार अडिय़ल रुख अपनाए हुए है और चर्चा कराने के लिए तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘हम आपका ध्यान इस ओर भी खींचना चाहते हैं कि मोदी सरकार, राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ प्रतिशोध की सुनियोजित मुहिम के तहत जांच एजेंसियों का दुरुपयोग जारी रखे हुए है और इसे तेज कर दिया है। कानून को भय या पक्षपात के बिना लागू करना चाहिए।

लेकिन इसे मनमाने और चुनिंदा ढंग से विपक्ष के प्रमुख नेताओं के खिलाफ बिना किसी उचित कारण के, लागू नहीं किया जा सकता। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह इन मामलों में हस्तक्षेप करें।

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उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने जड़ा आरोप

कहा-नेताओं के फोन कॉल पर नजर रख रहे हैं ‘बिग ब्रदर’

नयी दिल्ली,26 जुलाई (आरएनएस/FJ)। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने केंद्र सरकार की ओर स्पष्ट रूप से इशारा करते हुए आरोप लगाया कि नेताओं के फोन कॉल पर ‘बिग ब्रदर नजर रख रहे हैं। इससे पहले, अल्वा ने कहा था कि वह ‘भाजपा में कुछ मित्रों से बात करने के बाद वह न तो किसी को फोन कर पा रही हैं और न ही उन्हें कोई कॉल आ पा रहा है।

अल्वा ने ट्वीट किया, ‘नए भारत में विभिन्न दलों के नेताओं के बीच सभी वार्तालापों के दौरान यह डर रहता है कि ‘बिग ब्रदर हमेशा देख और सुन रहे हैं। विभिन्न दलों के सांसद एवं नेता कई फोन रखते हैं, बार-बार नंबर बदलते हैं और वे जब मिलते हैं, तो फुसफुसाकर बात करते हैं। डर लोकतंत्र की हत्या कर देता है।

अल्वा ने दो सरकारी दूरसंचार कंपनी को संबोधित करते हुए सोमवार रात ट्वीट किया था, ‘प्रिय बीएसएनएल/एमटीएनएल, आज भाजपा के कुछ मित्रों से बात करने के बाद मैं किसी को कॉल नहीं कर पा रही हूं और न ही किसी का फोन आ पा रहा है।

अगर आप सेवाएं बहाल कर देंगे, तो मैं वादा करती हूं कि आज रात भाजपा, टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) या बीजद (बीजू जनता दल) के किसी सांसद को फोन नहीं करूंगी। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में अल्वा के सामने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल एवं राजग के प्रत्याशी जगदीप धनखड़ की चुनौती है।

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प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी

नईदिल्ली,26 जुलाई (आरएनएस/FJ)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर कारगिल में देश की रक्षा के लिए समर्पित सभी वीर योद्धाओं को उनके साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए श्रद्धांजलि दी है।

एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस मां भारती की आन-बान और शान का प्रतीक है। इस अवसर पर मातृभूमि की रक्षा में पराक्रम की पराकाष्ठा करने वाले देश के सभी साहसी सपूतों को मेरा शत-शत नमन। जय हिंद!

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‘गऊ ग्राम महोत्सव’ का आयोजन मुम्बई में..

25.07.2022 – ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ का आयोजन मुम्बई में… गौ वंश पर आधारित मुंबई से प्रकाशित समाचार पत्र ‘गऊ भारत भारती’ के तत्वाधान में गोरेगाँव (मुम्बई) के चाफेकर चौक के पास सममित्र ग्राउंड में सात दिवसीय ‘गऊ ग्राम महोत्सव- the Festival of Cow’ का आयोजन किया जाएगा जिसमे भारत वर्ष के सभी गौपालक , गौशाला संचालक , गौवंश से जुड़े प्रॉडक्ट निर्मातागण भाग लेंगे। ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के आयोजन के सम्बंध में आज 25 जुलाई को राज भवन में माननीय राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी से मुलाकात कर ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के प्रमुख आयोजक संजय अमान  ने कार्यक्रम की जानकारी दी और उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया।

इस अवसर पर इस कार्यक्रम के प्रमुख सलाहकार तथा संचालक संजय बलोदी ‘प्रखर’ ने  विशेष तौर पर माननीय महामहिम राज्यपाल महोदय को कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी प्रदान की  और बताया कि भारत वर्ष में गौ वंश पर आधारित अर्थव्यवस्था को खड़ा करने का यह एक सामूहिक प्रयास है जो कार्यक्रम के माध्यम से लोगों में जनजागृति लाएगा। इस अवसर पर आयोजन समिति के अन्य सदस्य रामकुमार पाल (संरक्षक गऊ भारत भारती ) ज्ञानमूर्ति शर्मा ( भाजपा नगरसेवक ), डॉ विनोद कोठारी (कोकणप्रांत विहिप बजरंगदल प्रमुख, महामंत्री भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश ) कपिल कियावत , प्रीति रीठा , जयेश नाईक , प्रदीप पांडेय मौजूद रहे।

आयोजन समिति के प्रमुख संजय अमान का कहना है कि पुरातन भारत वर्ष की अर्थव्यवस्था एक समय में गऊ वंश पर ही आधारित थी , परन्तु समय और काल के अनुसार हम उसे भूलते गए । इस सात दिवसीय ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के माध्यम से हम भारतीय गऊ वंश के वैज्ञानिक महत्व के साथ – साथ गौवंश मानव और पृथ्वी के लिए कितनी उपयोगी है इन तमाम विषयों की जानकारी जन जागृति लाने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु  ” गऊ ग्राम महोत्सव ” the Festival of Cow एक  माध्यम बनेगा , हमारा उद्देश्य यही है कि भारत के घर – घर में गऊ आधारित प्रॉडक्ट पहुंचे इससे हमारा समाज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को समझेगा जब गऊ माता का वैभव बढ़ेगा तो यक़ीनन हमारी सनातन संस्कृति और उसकी पद्धति का भी विकास होगा।

ज्ञात हो कि इस कार्यक्रम के सन्दर्भ केंद्रीय पशुपालन मंत्री परषोतम रुपाला जी से भी भेट संजय अमान ने कर ली है और उनका भी आशीर्वाद इस कार्यक्रम के लिए लिया और उन्हें आमंत्रित किया है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय  

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अमरनाथ यात्रा : श्रद्धालुओं का 25वां जत्था जम्मू से रवाना

जम्मू,25 जुलाई (आरएनएस/FJ)। अमरनाथ यात्रा. जम्मू स्थित आधार शिविर से 3,800 से अधिक तीर्थयात्रियों का 25वां जत्था दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए सोमवार को पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को 125 वाहनों के काफिले में कुल 3,862 तीर्थयात्री यहां भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुए।

उन्होंने बताया कि पहले 46 वाहनों में 1,835 तीर्थयात्री बालटाल के लिए भगवती नगर शिविर से रवाना हुए और इसके बाद 79 वाहनों में 2,027 यात्री पहलगाम रवाना हुए। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 2.25 लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र गुफा में बने हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं।

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 43 दिन की वार्षिक यात्रा दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान मार्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से 30 जून को शुरू हुई थी। अभी तक 135,585 तीर्थयात्री भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हो चुके हैं। यात्रा 11 अगस्त को रक्षाबंधन पर समाप्त होगी।

यात्रा के दौरान अभी तक 36 लोगों की विभिन्न वजहों से मौत हो चुकी है। इनके अलावा आठ जुलाई को गुफा मंदिर के पास अचानक आई बाढ़ में 15 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी।

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इस बार विद्रोह का मकसद शिवसेना को खत्म करना है : उद्धव ठाकरे

*दक्षिण मुंबई में वार्ड स्तरीय पार्टी कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर बोले पूर्व सीएम

मुंबई,25 जुलाई (आरएनएस/FJ)। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पार्टी में पिछले विद्रोहों के विपरीत, इस बार बगावत का उद्देश्य शिवसेना को खत्म करना है। ठाकरे ने दक्षिण मुंबई में एक वार्ड स्तरीय पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि शिवसेना हिंदुत्व के लिए राजनीति में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने राजनीतिक हितों के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल करती है।

ठाकरे ने कहा, ‘पहले के विद्रोहों के विपरीत, यह बगावत शिवसेना को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए है। उन्होंने हमारा मुकाबला करने के लिए पेशेवर एजेंसियों को लगा रखा है। यह धन और निष्ठा के बीच की लड़ाई है। ठाकरे 27 जुलाई को 62 वर्ष के हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार उन्हें अपने जन्मदिन पर गुलदस्ता नहीं चाहिए, लेकिन शिवसेना कार्यकर्ताओं से हलफनामा चाहिए कि वे पार्टी पर भरोसा करते हैं और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी के सदस्य के रूप में जोड़ेंगे।

ठाकरे ने कहा, ‘लड़ाई अब भारत निर्वाचन आयोग के पास भी पहुंची है, जिसमें दोनों गुट मूल शिवसेना होने का दावा कर रहे हैं। हमें न केवल जोश की जरूरत है, बल्कि पार्टी के सदस्यों के रूप में लोगों के ठोस समर्थन और पंजीकरण की भी जरूरत है। पूर्व मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा, जिन्होंने कथित तौर पर कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह शिवसेना के 40 बागी विधायकों को अपनी पार्टी में विलय करने की अनुमति देने पर विचार करेंगे।

उद्धव ठाकरे ने कहा, मुझे पता है कि इन लोगों के लिए एक प्रस्ताव दिया गया है। मुझे नहीं पता कि यह किस प्रकार का ‘केमिकल लोचा (असंतुलन) है, लेकिन इन लोगों को पता नहीं है कि उन्होंने किसके साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने बागी विधायकों का जिक्र करते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि आपको क्या कहकर बुलाऊं। इस पर वहां मौजूद भीड़ ने नारा लगाया, गद्दार । शिवसेना प्रमुख ने तब कहा, ‘यह उनके सिर पर ठप्पा है और वे जहां भी जाएंगे उन्हें इसे अपने साथ ले जाना होगा।

उन्होंने इसे अपने कर्मों से अर्जित किया है। लोगों के प्रतिनिधि होने के बावजूद, वे केंद्र सरकार की सुरक्षा के साथ घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘शिवसेना ने आम लोगों को खास बना दिया और इस इसी कारण इन 40 (बागी) विधायकों ने चुनाव जीता। उन्होंने कहा कि अब इसे शिवसेना कार्यकर्ताओं के नए समूह के साथ दोहराने का समय है।

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मुर्मू का राष्ट्रपति के रुप में पदभार ग्रहण करना ऐतिहासिक क्षण : मोदी

नयी दिल्ली,25 जुलाई (आरएनएस/FJ)। मुर्मू का राष्ट्रपति के रुप में पदभार ग्रहण करना ऐतिहासिक क्षण.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर द्रौपदी मुर्मू को बधाई दी और कहा कि उनका देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को संभालना भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण है, खासकर गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के लिए।

मोदी ने एक के बाद एक किए गए ट्वीट में कहा कि शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत की उपलब्धियों पर जोर दिया और आगे के रास्ते को लेकर एक भविष्यवादी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा, पूरे देश ने आज गर्व से द्रौपदी मुर्मू को भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेते देखा। उनका पदभार ग्रहण करना भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, खासकर गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के लिए। मैं उन्हें उपयोगी राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में द्रौपदी मुर्मू ने आशा और करुणा का संदेश दिया।मोदी ने कहा, उन्होंने भारत की उपलब्धियों पर जोर दिया और ऐसे समय में जब भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो उन्होंने आगे के रास्ते को लेकर एक भविष्यवादी दृष्टिकोण पेश किया।

द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलायी।

मुर्मू ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले राजघाट स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर सोमवार को सुबह पुष्पांजलि अर्पित की।शपथ ग्रहण समारोह में जाने से पहले द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन पहुंचीं जहां निर्वतमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनका स्वागत किया।

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पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को एयर एम्बुलेंस से भुवनेश्वर ले जाया गया

कोलकाता,25 जुलाई (आरएनएस/FJ)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी स्कूल में नौकरियों से संबंधित कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार एक ‘एयर एम्बुलेंस के जरिए सोमवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर लेकर गए।

अदालत ने 24 जुलाई को ईडी को निर्देश दिया था कि वह चटर्जी को सोमवार सुबह ‘एयर एम्बुलेंस से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर ले जाए। कथित घोटाले को लेकर ईडी की जांच के सिलसिले में चटर्जी को गिरफ्तार किया गया है। जब यह कथित घोटाला हुआ था, उस समय चटर्जी शिक्षा मंत्री थे।

ईडी के एक अधिकारी ने कहा, कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उन्हें (चटर्जी को) एक एयर एम्बुलेंस से भुवनेश्वर ले जाया गया है। इससे पहले चटर्जी को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल से एक एम्बुलेंस के जरिए कोलकाता हवाई अड्डे ले जाया गया। चटर्जी का एसएसकेएम अस्पताल में इलाज चल रहा था। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चटर्जी को ले जाने के लिए हरित गलियारा बनाया गया था, जिससे वह करीब 30 मिनट में यहां हवाईअड्डे पहुंच गए।

ईडी के अधिकारी ने बताया कि चटर्जी के दो वकील भी उनके साथ यात्रा कर रहे हैं। राज्य के उद्योग एवं संसदीय मामलों के मंत्री चटर्जी को कोलकाता की एक निचली अदालत ने सोमवार तक ईडी की हिरासत में भेजा था।

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भारत के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के अवसर पर श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सम्बोधन

New Delhi 25 JUL 2022

जोहार ! नमस्कार !

भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर निर्वाचित करने के लिए मैं सभी सांसदों और सभी विधानसभा सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं।

आपका मत देश के करोड़ों नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति है।

मैं भारत के समस्त नागरिकों की आशा-आकांक्षा और अधिकारों की प्रतीक इस पवित्र संसद से सभी देशवासियों का पूरी विनम्रता से अभिनंदन करती हूँ।

आपकी आत्मीयता, आपका विश्वास और आपका सहयोग, मेरे लिए इस नए दायित्व को निभाने में मेरी बहुत बड़ी ताकत होंगे।

मुझे राष्ट्रपति के रूप में देश ने एक ऐसे महत्वपूर्ण कालखंड में चुना है जब हम अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं।

आज से कुछ दिन बाद ही देश अपनी स्वाधीनता के 75 वर्ष पूरे करेगा।

ये भी एक संयोग है कि जब देश अपनी आजादी के 50वें वर्ष का पर्व मना रहा था तभी मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई थी।

और आज आजादी के 75वें वर्ष में मुझे ये नया दायित्व मिला है।

ऐसे ऐतिहासिक समय में जब भारत अगले 25 वर्षों के विजन को हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा से जुटा हुआ है, मुझे ये जिम्मेदारी मिलना मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है।

मैं देश की ऐसी पहली राष्ट्रपति भी हूँ जिसका जन्म आज़ाद भारत में हुआ है।

हमारे स्वाधीनता सेनानियों ने आजाद हिंदुस्तान के हम नागरिकों से जो अपेक्षाएं की थीं, उनकी पूर्ति के लिए इस अमृतकाल में हमें तेज गति से काम करना है।

इन 25 वर्षों में अमृतकाल की सिद्धि का रास्ता दो पटरियों पर आगे बढ़ेगा- सबका प्रयास और सबका कर्तव्य।

भारत के उज्ज्वल भविष्य की नई विकास यात्रा, हमें सबके प्रयास से करनी है, कर्तव्य पथ पर चलते हुए करनी है।

कल यानि 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस भी है।

ये दिन, भारत की सेनाओं के शौर्य और संयम, दोनों का ही प्रतीक है।

मैं आज, देश की सेनाओं को तथा देश के समस्त नागरिकों को कारगिल विजय दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देती हूं।

देवियों और सज्जनों,

मैंने अपनी जीवन यात्रा पूर्वी भारत में ओडिशा के एक छोटे से आदिवासी गाँव से शुरू की थी।

मैं जिस पृष्ठभूमि से आती हूँ, वहां मेरे लिये प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करना भी एक सपने जैसा ही था।

लेकिन अनेक बाधाओं के बावजूद मेरा संकल्प दृढ़ रहा और मैं कॉलेज जाने वाली अपने गांव की पहली बेटी बनी।

मैं जनजातीय समाज से हूँ, और वार्ड कौन्सिलर से लेकर भारत की राष्ट्रपति बनने तक का अवसर मुझे मिला है। यह लोकतंत्र की जननी भारतवर्ष की महानता है।

ये हमारे लोकतंत्र की ही शक्ति है कि उसमें एक गरीब घर में पैदा हुई बेटी, दूर-सुदूर आदिवासी क्षेत्र में पैदा हुई बेटी, भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकती है।

राष्ट्रपति के पद तक पहुँचना, मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, ये भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है।

मेरा निर्वाचन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।

और ये मेरे लिए बहुत संतोष की बात है कि जो सदियों से वंचित रहे, जो विकास के लाभ से दूर रहे, वे गरीब, दलित, पिछड़े तथा आदिवासी मुझ में अपना प्रतिबिंब देख रहे हैं।

मेरे इस निर्वाचन में देश के गरीब का आशीर्वाद शामिल है, देश की करोड़ों महिलाओं और बेटियों के सपनों और सामर्थ्य की झलक है।

मेरे इस निर्वाचन में, पुरानी लीक से हटकर नए रास्तों पर चलने वाले भारत के आज के युवाओं का साहस भी शामिल है।

ऐसे प्रगतिशील भारत का नेतृत्व करते हुए आज मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ।

मैं आज समस्त देशवासियों को, विशेषकर भारत के युवाओं को तथा भारत की महिलाओं को ये विश्वास दिलाती हूं कि इस पद पर कार्य करते हुए मेरे लिए उनके हित सर्वोपरि होंगे।

देवियों और सज्जनों,

मेरे सामने भारत के राष्ट्रपति पद की ऐसी महान विरासत है जिसने विश्व में भारतीय लोकतन्त्र की प्रतिष्ठा को निरंतर मजबूत किया है।

देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद से लेकर श्री राम नाथ कोविन्द जी तक, अनेक विभूतियों ने इस पद को सुशोभित किया है।

इस पद के साथ साथ देश ने इस महान परंपरा के प्रतिनिधित्व का दायित्व भी मुझे सौंपा है।

संविधान के आलोक में, मैं पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करूंगी।

मेरे लिए भारत के लोकतांत्रिक-सांस्कृतिक आदर्श और सभी देशवासी हमेशा मेरी ऊर्जा के स्रोत रहेंगे।

देवियों और सज्जनों,

हमारे स्वाधीनता संग्राम ने एक राष्ट्र के तौर पर भारत की नई यात्रा की रूपरेखा तैयार की थी।

हमारा स्वाधीनता संग्राम उन संघर्षों और बलिदानों की अविरल धारा था जिसने आज़ाद भारत के लिए कितने ही आदर्शों और संभावनाओं को सींचा था।

पूज्य बापू ने हमें स्वराज, स्वदेशी, स्वच्छता और सत्याग्रह द्वारा भारत के सांस्कृतिक आदर्शों की स्थापना का मार्ग दिखाया था।

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, नेहरू जी, सरदार पटेल, बाबा साहेब आंबेडकर, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू, चन्द्रशेखर आज़ाद जैसे अनगिनत स्वाधीनता सेनानियों ने हमें राष्ट्र के स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की शिक्षा दी थी।

रानी लक्ष्मीबाई, रानी वेलु नचियार, रानी गाइदिन्ल्यू और रानी चेन्नम्मा जैसी अनेकों वीरांगनाओं ने राष्ट्ररक्षा और राष्ट्रनिर्माण में नारीशक्ति की भूमिका को नई ऊंचाई दी थी।

संथाल क्रांति, पाइका क्रांति से लेकर कोल क्रांति और भील क्रांति ने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी योगदान को और सशक्त किया था।

सामाजिक उत्थान एवं देश-प्रेम के लिए ‘धरती आबा’ भगवान् बिरसा मुंडा जी के बलिदान से हमें प्रेरणा मिली थी।

मुझे खुशी है कि आजादी की लड़ाई में जनजातीय समुदाय के योगदान को समर्पित अनेक म्यूजियम देशभर में बनवाए जा रहे हैं।

देवियों और सज्जनों,

एक संसदीय लोकतंत्र के रूप में 75 वर्षों में भारत ने प्रगति के संकल्प को सहभागिता एवं सर्व-सम्मति से आगे बढ़ाया है।

विविधताओं से भरे अपने देश में हम अनेक भाषा, धर्म, संप्रदाय, खान-पान, रहन-सहन, रीति-रिवाजों को अपनाते हुए ‘एक भारत – श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सक्रिय हैं।

आजादी के 75वें वर्ष के अवसर पर आया ये अमृतकाल भारत के लिए नए संकल्पों का कालखंड है।

आज मैं इस नए युग के स्वागत में अपने देश को नई सोच के साथ तत्पर और तैयार देख रही हूँ।

भारत आज हर क्षेत्र में विकास का नया अध्याय जोड़ रहा है।

कोरोना महामारी के वैश्विक संकट का सामना करने में भारत ने जिस तरह का सामर्थ्य दिखाया है, उसने पूरे विश्व में भारत की साख बढ़ाई है।

हम हिंदुस्तानियों ने अपने प्रयासों से न सिर्फ इस वैश्विक चुनौती का सामना किया बल्कि दुनिया के सामने नए मापदंड भी स्थापित किए।

कुछ ही दिन पहले भारत ने कोरोना वैक्सीन की 200 करोड़ डोज़ लगाने का कीर्तिमान बनाया है।

इस पूरी लड़ाई में भारत के लोगों ने जिस संयम, साहस और सहयोग का परिचय दिया, वो एक समाज के रूप में हमारी बढ़ती हुई शक्ति और संवेदनशीलता का प्रतीक है।

भारत ने इन मुश्किल हालात में न केवल खुद को संभाला बल्कि दुनिया की मदद भी की।

कोरोना महामारी से बने माहौल में, आज दुनिया भारत को नए विश्वास से देख रही है।

दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए, सप्लाई चेन की सुगमता के लिए, और वैश्विक शांति के लिए दुनिया को भारत से बहुत उम्मीदें हैं।

आगामी महीनों में भारत अपनी अध्यक्षता में G-20 ग्रुप की मेजबानी भी करने जा रहा है।

इसमें दुनिया के बीस बड़े देश भारत की अध्यक्षता में वैश्विक विषयों पर मंथन करेंगे।

मुझे विश्वास है भारत में होने वाले इस मंथन से जो निष्कर्ष और नीतियाँ निर्धारित होंगी, उनसे आने वाले दशकों की दिशा तय होगी।

देवियों और सज्जनों,

दशकों पहले मुझे रायरंगपुर में श्री ऑरोबिंदो इंटीग्रल स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था।

कुछ ही दिनों बाद श्री ऑरोबिंदो की 150वीं जन्मजयंती मनाई जाएगी।

शिक्षा के बारे में श्री ऑरोबिंदो के विचारों ने मुझे निरंतर प्रेरित किया है।

जनप्रतिनिधि के रूप में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए और फिर राज्यपाल के रूप में भी मेरा शिक्षण संस्थानों के साथ सक्रिय जुड़ाव रहा है।

मैंने देश के युवाओं के उत्साह और आत्मबल को करीब से देखा है।

हम सभी के श्रद्धेय अटल जी कहा करते थे कि देश के युवा जब आगे बढ़ते हैं तो वे सिर्फ अपना ही भाग्य नहीं बनाते बल्कि देश का भी भाग्य बनाते हैं।

आज हम इसे सच होते देख रहे हैं।

Vocal For Local से लेकर Digital India तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा आज का भारत विश्व के साथ कदम से कदम मिला कर ‘औद्योगिक क्रांति फोर पॉइंट ओ’ के लिए पूरी तरह तैयार है।

रिकॉर्ड संख्या में बन रहे स्टार्ट-अप्स में, नए-नए इनोवेशन में, दूर-सुदूर क्षेत्रों में डिजिटल टेक्नोलॉजी की स्वीकार्यता में भारत के युवाओं की बड़ी भूमिका है।

बीते वर्षों में भारत ने जिस तरह महिला सशक्तिकरण के लिए निर्णय लिए हैं, नीतियां बनाई हैं, उससे भी देश में एक नई शक्ति का संचार हुआ है।

मैं चाहती हूं कि हमारी सभी बहनें व बेटियां अधिक से अधिक सशक्त हों तथा वे देश के हर क्षेत्र में अपना योगदान बढ़ाती रहें।

मैं अपने देश के युवाओं से कहना चाहती हूं कि आप न केवल अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं बल्कि भविष्य के भारत की नींव भी रख रहे हैं।

देश के राष्ट्रपति के तौर पर मेरा हमेशा आपको पूरा सहयोग रहेगा।

देवियों और सज्जनों,

विकास और प्रगतिशीलता का अर्थ निरंतर आगे बढ़ना होता है, लेकिन साथ ही अपने अतीत का ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है।

आज जब विश्व sustainable planet की बात कर रहा है तो उसमें भारत की प्राचीन परंपराओं, हमारे अतीत की sustainable lifestyle की भूमिका और बढ़ जाती है।

मेरा जन्म तो उस जनजातीय परंपरा में हुआ है जिसने हजारों वर्षों से प्रकृति के साथ ताल-मेल बनाकर जीवन को आगे बढ़ाया है।

मैंने जंगल और जलाशयों के महत्व को अपने जीवन में महसूस किया है।

हम प्रकृति से जरूरी संसाधन लेते हैं और उतनी ही श्रद्धा से प्रकृति की सेवा भी करते हैं।

यही संवेदनशीलता आज वैश्विक अनिवार्यता बन गई है।

मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि भारत पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है।

देवियों और सज्जनों,

मैंने अपने अब तक के जीवन में जन-सेवा में ही जीवन की सार्थकता को अनुभव किया है।

श्री जगन्नाथ क्षेत्र के एक प्रख्यात कवि भीम भोई जी की कविता की एक पंक्ति है-

“मो जीवन पछे नर्के पड़ी थाउ, जगत उद्धार हेउ”।

अर्थात, अपने जीवन के हित-अहित से बड़ा जगत कल्याण के लिए कार्य करना होता है।

जगत कल्याण की इसी भावना के साथ, मैं आप सब के विश्वास पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा व लगन से काम करने के लिए सदैव तत्पर रहूंगी।

आइए, हम सभी एक जुट होकर समर्पित भाव से कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ें तथा वैभवशाली व आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें।

धन्यवाद,

जय हिन्द!

(PIB Delhi)

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द्रौपदी मुर्मू ने देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में ली शपथ

*कहा-युवाओं और महिलाओं के हित सर्वोपरि

*राजघाट में महात्मा गांधी के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की

नयी दिल्ली,25 जुलाई (आरएनएस/FJ)। द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलायी। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा, ‘मैं भारत के समस्त नागरिकों की आशा-आकांक्षा और अधिकारों के प्रतीक इस पवित्र संसद भवन से सभी देशवासियों का पूरी विनम्रता से अभिनंदन करती हूँ। आपकी आत्मीयता, आपका विश्वास और आपका सहयोग, मेरे लिए इस नए दायित्व को निभाने में मेरी बहुत बड़ी ताकत होंगे। उन्होंने कहा, ‘भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर निर्वाचित करने के लिए मैं सभी सांसदों और सभी विधानसभा सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं।

आपका मत देश के करोड़ों नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति है। मुर्मू ने कहा, ‘मुझे राष्ट्रपति के रूप में देश ने एक ऐसे महत्वपूर्ण कालखंड में चुना है जब हम अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और आज से कुछ दिन बाद ही देश अपनी स्वाधीनता के 75 वर्ष पूरे करेगा। उन्होंने कहा कि ये भी एक संयोग है कि जब देश अपनी आजादी के 50वें वर्ष का जश्न मना रहा था तभी उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई थी और आज आजादी के 75वें वर्ष में उन्हें यह नया दायित्व मिला है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं देश की ऐसी पहली राष्ट्रपति भी हूँ जिसका जन्म आज़ाद भारत में हुआ है। हमारे स्वाधीनता सेनानियों ने आजाद हिंदुस्तान के हम नागरिकों से जो अपेक्षाएं की थीं, उनकी पूर्ति के लिए इस अमृतकाल में हमें तेज गति से काम करना है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में अमृतकाल की सिद्धि का रास्ता दो पटरियों…. सबका प्रयास और सबका कर्तव्य पर आगे बढ़ेगा।

मुर्मू ने कहा, राष्ट्रपति के पद तक पहुँचना, मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, ये भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है। मेरा निर्वाचन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है। उन्होंने कहा,  मैं आज समस्त देशवासियों को, विशेषकर भारत के युवाओं को तथा भारत की महिलाओं को ये विश्वास दिलाती हूं कि इस पद पर कार्य करते हुए मेरे लिए उनके हित सर्वोपरि होंगे।

मुर्मू ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले राजघाट स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर सोमवार को सुबह पुष्पांजलि अर्पित की। शपथ ग्रहण समारोह में जाने से पहले द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन पहुंचीं जहां निर्वतमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनका स्वागत किया। संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह से पहले, निवर्तमान राष्ट्रपति और निर्वाचित राष्ट्रपति संसद पहुंचे।

उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मंत्रिपरिषद के सदस्य, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, संसद सदस्य आदि समारोह में शामिल हुए।

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सावन में भक्तों की मांगी मुरादें होती हैं पूरी, नेपाल से भी आते हैं श्रद्धालु

सीतापुर ,24 जुलाई (आरएनएस/FJ)। सावन में भक्तों की मांगी मुरादें होती हैं पूरी, नेपाल से भी आते हैं श्रद्धालु.  गांजर क्षेत्र का पौराणिक शिव शक्ति धाम मोइया शिवाला लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र बन चुका है। शिव शक्ति धाम मोइया का शिवाला करीब तीन सौ पुराना है। जिसकी स्थापना राजा मल्लापुर रियासत के मोइया गांव निवासी हरिपाल सिंह और महिपाल सिंह ने की थी। स्थापना हेतु काशी के विद्वानों को बुलाया गया था।

करीब नौ दिन विधिवत अनुष्ठान के उपरांत भगवान शंकर सहित पूर्ण शिव परिवार विराजित हुआ था। मंदिर स्थापना पूजन के दरम्यान निरन्तर बारिश होती रही। जिसको लोक कल्याण की दृष्टि से देखा गया। मंदिर परिसर पांच बीघे में विस्तृत है जिसमें विकास कार्य चलते रहते हैं। वर्ष 1977 में हरिपाल सिंह के पौत्र शिव बक्श सिंह ने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। मंदिर के वर्तमान व्यवस्थापक राहुल सिंह के द्वारा पुनरू वर्ष 2014 में मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया गया।

जिसके उपरांत मंदिर की चारदीवारी का निर्माण करवाया गया। मंदिर में यात्रियों के ठहरने के लिए तीन हजार वर्गफीट एरिया में कमरे और बरामदे का निर्माण करवाया गया। साथ ही छायादार पेड़ मंदिर की शोभा बढ़ा रहे हैं। राहुल सिंह ने बताया कि मंदिर में प्रतिवर्ष सावन के महीने में भव्य मेले जैसा माहौल रहता है और हजारों की संख्या में कांवर यात्री चहलारी घाट से जल भरकर लेकर शिव शक्ति धाम मोइया शिवाला में जलाभिषेक करते थे। सावन मास के हर सोमवार को सामान्य से अधिक भीड़ होती है और मेले जैसी स्थिति समूचे सावन में बनी रहती है।

मंदिर के बाहर बनी सौ मूर्तियां भी आकषर्ण का केंद्र

मंदिर पर शानदार नक्काशी के साथ लगभग सौ मूर्तियां मंदिर के बाहर सतह पर शिवलिंग, माता गौरी, श्री गणेश, श्री कार्तिकेय के साथ साथ श्री दरबार और श्री हनुमान की मूर्तियां निर्मित है। जो देखते बनती है जो मंदिर की अलौकिक छटा बिखेर रही है। इसके साथ ही नेपाल से आकर भक्तजन माथा टेंककर आशीर्वाद लेते है और मांगी हुई मुराद भोले बाबा पूर्ण करते है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की स्नान करने व ठहरने अच्छी जगह उपलब्ध है।

मंदिर में प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा अर्चना सुबह व शाम को होती है। पूजा अर्चना के बाद लोंगों को प्रसाद किया जाता है। साथ में सावन माह में 24 घण्टे का शिव जाप किया जाता है। मान्यता है कि आस पास के लोगों का अगर कोई कीमती सामान चोरी होता है और किसी पर शक होता है तो मोइया शिवाला आकर कसम खिलाई जाती है।

कसम खाने वाला ब्यक्ति झूठी कसम खाता है तो उसका कुछ न कुछ नुकसान अवश्य हो जाता है। इसीलिए यहां पर आया हुआ व्यक्ति झूठी कसम नहीं खाता है। मंदिर के व्यस्थापक राहुल सिंह ने बताया कि सावन मास में इस समय सैकड़ों श्रद्धालुओं का आने जाने क्रम चल रहा है।

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जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत को सलाम : रामनाथ कोविंद

नई दिल्ली ,24 जुलाई (आरएनएस/FJ)।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। पद छोडऩे की पूर्व संध्या पर रविवार को राष्ट्रपति ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं देश की जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत को सलाम करता हूं। उन्होंने कहा कि 5 साल पहले मैं आपके चुने हुए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राष्ट्रपति चुना गया था। राष्ट्रपति के रूप में मेरा कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। मैं आप सभी और आपके जन प्रतिनिधियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहता हूं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, हमारे पूर्वजों और हमारे आधुनिक राष्ट्र-निर्माताओं ने अपने कठिन परिश्रम और सेवा भावना के द्वारा न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्शों को चरितार्थ किया था। हमें केवल उनके पदचिह्नों पर चलना है और आगे बढ़ते रहना है।
कोविंद ने कहा, अपने कार्यकाल के पांच वर्षों के दौरान, मैंने अपनी पूरी योग्यता से अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। मैं डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, डॉक्टर एस. राधाकृष्णन और डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जैसी महान विभूतियों का उत्तराधिकारी होने के नाते बहुत सचेत रहा हूं।
अपने दैनिक जीवन और नियमित च्वाइसों में, हमें प्रकृति के साथ-साथ अन्य सभी जीवों की रक्षा के लिए अधिक सावधान रहना चाहिए। हमें अपने बच्चों की खातिर अपने पर्यावरण, अपनी जमीन, हवा और पानी का ध्यान रखना चाहिए।

प्रकृति मां गहरी पीड़ा में है, जलवायु संकट इस ग्रह के भविष्य को खतरे में डाल सकता है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमारा देश 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने के लिए सुसज्जित हो रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवा भारतीयों को अपनी विरासत से जोडऩे, 21वीं सदी में अपने पैर जमाने में मदद करेगी। उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान समाज के सभी वर्गों से पूर्ण सहयोग, समर्थन और आशीर्वाद मिला।

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ट्रिपल जंप प्रतियोगिता में नौवें स्थान पर रहे भारत के एल्धोस पॉल

नईदिल्ली,24 जुलाई । ट्रिपल जंप प्रतियोगिता में नौवें स्थान पर रहे भारत के एल्धोस पॉल. विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय ट्रिपल जम्पर एल्धोस पॉल ने रविवार को शानदार प्रदर्शन कर नौवा स्थान हासिल किया. 25 साल के पॉल ने क्वालीफायर में 16.68 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए 12-मैन फाइनल में प्रवेश किया. उन्होंने अपने प्रयास में 16.37 मीटर की छलांग के साथ शुरुआत की.

अपने दूसरे प्रयास के साथ उन्होंने अपने अंक को 16.79 मीटर तक सुधार लिया. इस साल की शुरुआत में फेडरेशन कप में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 16.99 मीटर से केवल 0.20 मीटर कम रहे.

हालांकि, भारतीय जम्पर ने अपनी तीसरी छलांग के साथ निराशाजनक 13.86 मीटर पोस्ट किया और तीसरे दौर के बाद शीर्ष आठ में जगह बनाने से चूक गया.
टोक्यो 2020 चैंपियन प्रेडो पिचाडरे ने 17.95 मीटर के विश्व-अग्रणी चिह्न् के साथ स्वर्ण पदक जीता. टोक्यो 2020 के कांस्य पदक विजेता बुर्किना फांसो के ह्यूग्स फैब्रिस जांगो ने 17.55 मीटर के साथ रजत पदक जीता, जबकि कांस्य पदक चीन के यामिंग झू ने जीता.

इस बीच, मोहम्मद अनस याहिया, मोहम्मद अजमल वरियाथोडी, नागनाथन पांडी और राजेश रमेश की भारत की 4/400 मीटर टीम अपने हीट में अंतिम स्थान पर रहने के बाद फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में विफल रही. भारत फाइनल स्टैंडिंग में 12वें स्थान पर रहा.
विशेष रूप से इस वर्ष पुरुषों के 4/400 मीटर में भारत का सर्वश्रेष्ठ समय 3: 04.41 सेकेंड है, जो जून में तुर्की के एर्जुरम में अतातुर्क यूनिवर्सिटी स्टेडियम में 7वें अंतर्राष्ट्रीय स्प्रिंट और रिले कप में हासिल किया गया था.

मेजबान यूएसए, मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैंपियन, 2:58.96 के समय के साथ हीट में शीर्ष पर है, उसके बाद जापान (3:01.53) और जमैका (3:01.59) का समय है.

प्रत्येक हीट से शीर्ष तीन टीमों और दो हीट में अगली दो सबसे तेज टीमों ने रविवार के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया. फ्रांस (3:03.13एस) पदक दौर के लिए कट बनाने वाली अंतिम टीम थी.

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भाजपा करती है विनाश और विध्वंस की राजनीति : अखिलेश यादव

लखनऊ ,24 जुलाई (आरएनएस/FJ)।भाजपा करती है विनाश और विध्वंस की राजनीति.  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी विकासपरक और रचनात्मक राजनीति करती है। समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता में वंचित और उपेक्षित वर्ग है जिन्हें सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाया है। भाजपा विनाश और विध्वंस की राजनीति करती है और सत्ता हासिल करने के लिए नफरत फैलाने में लगी रहती है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा का एजेंडा सामाजिक सद्भाव बिगाडऩे का हैं।

समाज में तनाव पैदा कर अपना राजनैतिक स्वार्थ साधना ही भाजपा का लक्ष्य है, जबकि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और सामाजिक एकता के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा सश्रा के लिए सरकार का दुरूपयोग करती है। समाजवादी सरकार में प्रगति का रास्ता प्रशस्त होता रहा है। उन्होंने कहा कि  भाजपा सरकार ने विकास का झूठा भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह किया है।

विकास योजनायें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है। मंत्रियों और अधिकारियों में सरकारी बजट के बंदरबांट की होड़ लगी है। हाल ही में जिस बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन जोरशोर से किया गया वह भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है। हुक्मरानों ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण में ऐसा खेल खेला कि घटिया निर्माण एक ही बारिश में धुल गया।

प्रधानमंत्री जी द्वारा उद्घाटित बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे की सड़के कई जगह धंस गयी। यह डबल इंजन भाजपा सरकार के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को जालौन के बाद औरैया में भी धंसा एक्सप्रेस-वे प्रमाणित करता है।

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यूपी : 6 कांवडिय़ों की मौत के बाद हाथरस के एसपी निलंबित

हाथरस 24 जुलाई( आरएनएस/FJ)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास कुमार वैद्य को एक सड़क दुर्घटना में छह कांवडिय़ों की मौत के बाद हटा दिया गया है। वैद्य को मिर्जापुर में कमांडेंट पीएसी के पद पर तैनात किया गया है। उनकी जगह देवेश कुमार पांडे को नियुक्त किया गया है, जिन्होंने नए एसपी के रूप में पदभार संभाला है।

शनिवार को हाथरस के सादाबाद के पास डंपर ट्रक की चपेट में आने से छह कांवडिय़ों की मौत हो गई।

पुलिस ने कहा कि डंपर ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया था और फिर तीर्थयात्रियों से जा टकराया।

पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि छठे ने आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया।

कांवडिय़ों ने मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए पुलिस को दोषी ठहराया।

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, जयराम रमेश को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भेजा कानूनी नोटिस

नई दिल्ली 24 जुलाई( आरएनएस/FJ)। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपनी 18 वर्षीय बेटी पर टिप्पणी करने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, जयराम रमेश, नेटा डिसूजा और कांग्रेस को कानूनी नोटिस भेजा और उनसे बिना शर्त लिखित माफी मांगने और आरोपों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के लिए कहा है।

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पीएमके पदाधिकारी हत्याकांड : आरोपियों की जानकारी देने वालों को 5 लाख रुपये देगी एनआईए

चेन्नई ,24 जुलाई (आरएनएस/FJ)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तंजावुर में पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के पदाधिकारी रामलिंगम की हत्या के मामले में आरोपियों की जानकारी के लिए 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। 2019 में पीएमके नेता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 18 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

12 आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। मामला एनआईए को ट्रांसफर किए जाने के बाद, एजेंसी ने हत्या के एक प्रमुख साजिशकर्ता रहमान सादिक (41) को गिरफ्तार किया। एनआईए बाकी पांच आरोपियों मोहम्मद अली जिन्ना (37), अब्दुल मजीद (40), शाहुल हामिद (30), बुरहानीदीन (40), नफिल हसन (31) की तलाश कर रही है, जिन्हें पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

एनआईए के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने पहले 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। जांच एजेंसी ने पूरे तमिलनाडु में आरोपियों के पोस्टर लगाए हैं और राज्यभर में पर्चे बांट दिए हैं। पीएमके के एक वरिष्ठ पदाधिकारी रामलिंगम की कथित तौर पर 5 फरवरी, 2019 को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या कर दी गई थी।

एनआईए ने इस हत्याकांड में 18 पीएफआई और एसडीपीआई कार्यकर्ताओं को नामित करते हुए आरोप पत्र दायर किया था। एनआईए ने अपने आरोप पत्र में उल्लेख किया कि पीएफआई और एसडीपीआई लोगों में आतंक पैदा करना चाहते थे।

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वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2022 में नीरज चोपड़ा ने 88.13 मीटर दूर भाला फेंक जीता सिल्वर मेडल

0’9 साल बाद भारत को दिलाया पदक

यूजीन, 24 जुलाई (एजेंसी)। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2022 में गोल्डन ब्वाय हरियाणा के छोरे नीरज नीरज चोपड़ा ने अमेरिका के यूजीन में इतिहास रच दिया है। नीरज ने 88.13 मीटर दूर भाला फेंककर सिल्वर मेडल हासिल किया। नीरज ने 19 साल का सूखा खत्म करते हुए 2003 के बाद भारत को इस चैम्पियनशिप में पहला मेडल दिलाया है। इसी प्रतियोगिता में 10वें नंबर पर रहते हुए रोहित यादव रेस से बाहर हो गए थे। इससे पहले वर्ल्ड चैम्पियनशिप में इंडिया का सिर्फ एक ही मेडल था, जो लंबी कूद की एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में कांस्य पदक से हासिल किया था। अब 19 साल बाद भारत के खाते में दूसरा मेडल आया, जो सिल्वर है।

नीरज चोपड़ा का पहला अटेम्प्ट फाउल रहा, जबकि दूसरे अटेम्प्ट में उनहोंने 82.39 मीटर का थ्रो किया। यह उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी दूर था। दूसरी ओर, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने पहले ही अटेम्प्ट में 90 मीटर को पार कर लिया। उन्होंने लगातार 3 अटेम्प्ट में 90.46, 90.21 और 90.46 मीटर का थ्रो करते हुए अपना मेडल लगभग पक्का कर लिया था।

नीरज ने तीसरे अटेम्प्ट में अपने प्रदर्शन में सुधार किया। उन्होंने 86.37 मीटर का थ्रो करते हुए चौथे नंबर पर पहुंच गए। भारतीय स्टार ने चौथे राउंड में 88.13 मीटर का थ्रो करते हुए दूसरा नंबर पा लिया। नीरज का यह ओलिंपिक से भी बेहतर प्रदर्शन था। उन्होंने ओलिंपिक में 87.58 मीटर का जैवलिन थ्रो करते हए गोल्ड मेडल जीता था। अब चेक रिपब्लिक के जेकुब वाद्लेज तीसरे नंबर पर पहुंच गए थे। छठे राउंड में वह फाउल कर गए। वह 5वें राउंड में वह फाउल कर बैठे, लेकिन अच्छी बात यह रही कि जेकुब 81.31 मीटर ही फेंक सके। दूसरी ओर, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स को गोल्ड मेडल मिला, जिन्होंने लगातार दूसरे बड़े इवेंट में नीरज से गोल्ड छीना है।

39 साल से चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का गोल्ड जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया। उसे सिल्वर से संतोष करना पड़ा। 19 साल बाद देश को इस चैंपियनशिप में कोई मेडल मिला है। नीरज से पहले अंजू बॉबी जार्ज ने लॉन्ग जंप में 2003 में ब्रॉन्ज जीता था। नीरज इस चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। साथ ही वे पहले भारतीय पुरुष एथलीट हैं, जिन्होंने इस चैंपियनशिप में कोई मेडल जीता है।

नीरज ने पिछले साल ओलिंपिक में 120 सालों का सूखा खत्म किया था और भारत के लिए ट्रैक एंड फील्ड में गोल्ड मेडल लाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन पहली बार 1983 में किया गया था।

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महिला भाला फेंक फाइनल में सातवें स्थान पर रही अन्नू रानी

नईदिल्ली,23 जुलाई (Rns/FJ )। भारत की अन्नू रानी विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 61.12 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ शुक्रवार को महिला भाला फेंक फाइनल में सातवें स्थान पर रही. इस स्पर्धा में लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रतिस्पर्धा करते हुए अन्नू ने अपने दूसरे प्रयास में दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन उनके अन्य पांच थ्रो 60 मीटर की दूरी को पार करने में विफल रहे. अन्नू ने अपने छह प्रयास में भाले को क्रमश: 56.18 मीटर, 61.12 मीटर, 59.27 मीटर, 58.14 मीटर, 59.98 मीटर और 58.70 मीटर दूर फेंका.

इस 29 साल की खिलाड़ी का सीजन और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 63.82 मीटर (राष्ट्रीय रिकॉर्ड) हैं. अन्नु इस स्पर्धा में अगर अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड को हासिल करती तो उन्हें पदक मिल जाता लेकिन उन्होंने यहां अपने पूरे अभियान के दौरान संघर्ष किया. इस राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी ने 59.60 मीटर के थ्रो के साथ क्वालीफिकेशन दौर में आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह पक्की की थी.

गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की केल्सी-ली बार्बर ने 66.91 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया. अमेरिका की कारा विंगर ने अंतिम प्रयास में 64.05 मीटर की दूरी के साथ रजत अपने नाम किया, जबकि जापान की हारुका कितागुची ने 63.27 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य जीता.

ओलंपिक चैंपियन चीन की शियिंग लिउ 63.25 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथे स्थान पर रही. वो 2019 में दोहा में पिछली विश्व चैंपियनशिप में 61.12 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ फाइनल में आठवें स्थान पर रही थी. लंदन 2017 में वो फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी.

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