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दोहरे हत्याकांड से दहला मेरठ, बच्चों के विवाद में चलीं गोलियां, दो की मौत, गांव बना छावनी

मेरठ 10 अपै्रल (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मेरठ में रविवार की रात दो पक्षों में गोली चल गई। यहां गोली लगने से एक महिला और युवक की मौत हो गई। दोहरे हत्याकांड से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों को कंट्रोल किया। पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।

घटना खरखौदा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव की है। गांव में अधिकतर आबादी मुस्लिम समुदाय की है। यहां रविवार रात बच्चों के विवाद में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी इतनी बढ़ी कि एक पक्ष ने धर्मस्थल में घुसकर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। दूसरे पक्ष के दूध कारोबारी मैराज (35) को गोली लगने से वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गया।

लोग घरों में हो गए कैद

इस पर दूसरे पक्ष ने भी गोली चलानी शुरू कर दी। एक गोली पहले पक्ष के इकबाल की पत्नी अफरोज (45) को लगी। वह भी वही लहूलुहान होकर गिर गई। घटना से गांव में सनसनी फैल गई। ताबाड़तोड़ गोलियां बरसने से लोगों में दहशत फैल गई। लोग दरवाजे बंद कर घरों में बंद हो गए।

नमाज पढऩे के दौरान इकट्ठा हुए दोनों पक्ष

ग्रामीणों के अनुसार दो दिन पहले गांव के ही एक ही समाज के इकबाल व मेहराज पक्ष के बच्चों में आपस में कहासुनी हो गई थी। इसमें ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया था। लेकिन, रविवार को रोजा इफ्तार के बाद जब सब लोग गांव में ही मस्जिद के बाहर नमाज पढऩे के लिए इकट्ठा हुए तो दोनों पक्ष भी वहां पहुंच गए।

दोनों पक्षों में फिर कहासुनी होने लगी

इस दौरान उसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों में फिर कहासुनी होने लगी। बताया कि कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में फायरिंग शुरू हो गई। इसमें एक तरफ से मेहराज (35) व दूसरी ओर से अफरोज (45) पत्नी इकबाल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को परिजन अलग-अलग अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल के सामने ही भिडऩे को तैयार हो गए

वहीं दो हत्याओं की सूचना पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। वहीं अस्पताल के सामने ही दोनों पक्ष फिर से आपस में भिडऩे को तैयार हो गए। लेकिन, समय रहते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उधर शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए गांव सलेमपुर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।  खरखौदा पुलिस ने दोनों पक्षों के मकान पर दबिश दी है। लेकिन, दोनों के मकानों पर सभी लोग फरार हैं।

एक पक्ष ने स्वयं ही महिला की हत्या करने की कही बात

मेहराज पक्ष ने बताया कि इकबाल पक्ष ने पहले मस्जिद के सामने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। जैसे ही इकबाल पक्ष को जानकारी हुई कि मेहराज की मौत हो गई तो मेहराज पक्ष को फंसाने के लिए स्वयं ही अफरोज को गोली मार दी। इससे अफरोज की भी मौत हो गई।

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हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के 258 नए मामले, तीन मरीजों की मौत

शिमला 10 अपै्रल,(एजेंसी)।  हिमाचल प्रदेश में शनिवार को कोविड-19 के 258 नए मामले आए और मंडी तथा सिरमौर जिलों में संक्रमण के कारण दो और मरीजों की मौत हो गयी। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, राज्य में कोरोना वायरस के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,807 है।

मंडी जिले में 63 वर्षीय व्यक्ति और सिरमौर जिले में ?68 वर्षीय महिला की संक्रमण के कारण मौत हो गयी जिससे राज्य में कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,200 हो गयी है। मंडी में शुक्रवार को 19 वर्षीय महिला की संक्रमण से मौत हो गयी थी। अभी तक कोविड-19 के कारण सबसे अधिक मौत कांगड़ा (1,268) में हुई है।

इसके बाद शिमला में 730, मंडी में 518, सोलन में 341, हमीरपुर में 333, ऊना में 283, सिरमौर में 228, चंबा में 179, कुल्लू में 164, बिलासपुर में 97, किन्नौर में 41 तथा लाहौल और स्पीति में 18 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने शुक्रवार को कहा था कि एक दिन में कोविड-19 का पता लगाने के लिए करीब 5,000 नमूनों की जांच की जा रही है और अस्पताल में भर्ती होने की दर 0.9 प्रतिशत है।

केंद्र के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार स्थिति पर नियमित आधार पर नजर रख रही है। शांडिल ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने सतर्कता बरतने और कोविड अनुकूल व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने केंद्र से कोविड-19 रोधी टीकों की आपूर्ति करने का भी अनुरोध किया ताकि लोगों को एहतियाती खुराक दी जा सके।

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कांग्रेस के लिए एक व्यक्ति देश, संसद और अदालतों से भी ऊपर है : अनुराग ठाकुर

बिलासपुर 10 अपै्रल,(एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने  राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए एक व्यक्ति देश, संसद और अदालतों से ऊपर है और विपक्षी दल के कुछ सहयोगी इस रवैये के कारण उसे छोड़कर जा रहे हैं।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने समाचार एजेंसी आरएनएस से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी पर आपराधिक मानहानि के एक मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दायर करने के लिए मुख्यमंत्रियों सहित कई कांग्रेस नेताओं को साथ ले जाने पर भी निशाना साधा।

ठाकुर ने कहा कि असल बात यह है कि अपील दायर करने के लिए उन्हें भी जाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश की। गौरतलब है कि ‘मोदी उपनाम’ टिप्पणी को लेकर 2019 के मानहानि के एक मामले में दोषसिद्धि तथा दो साल की जेल की सजा के बाद राहुल गांधी को पिछले महीने लोकसभा के अयोग्य करार दे दिया गया।

ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को पिछड़े वर्गों का अपमान करने के लिए माफी मांगनी चाहिए, लेकिन एक बार फिर उनका अहंकार उनके आगे आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने दावा किया कि कांग्रेस के लिए एक व्यक्ति देश, संसद और अदालतों से ऊपर है।

उन्होंने कहा कि इस रवैये के कारण कांग्रेस के सहयोगी भी उन्हें छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लड़ती है और हिमाचल प्रदेश के लोग आगामी चुनावों में राज्य में चार लोकसभा सीटों पर उसकी जीत सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसी विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं का उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के लिए इस साल 1,000 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं।

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अखिलेश पहले परशुराम अब कांशीराम के सहारे, सपा व बसपा मौसमी पार्टियां : भूपेंद्र चौधरी

*निकाय चुनाव में बड़ी जीत का किया दावा 

कानपुर 10 अपै्रल,(एजेंसी)। निकाय चुनाव को लेकर  सोमवार को कानपुर में भाजपा ने अहम बैठक की। इसमें प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि जब विरोधी पार्टियां षड्यंत्र कर रही थी, हम निकाय चुनाव की तैयारियां कर रहे थे।

महापौर और पार्षद के टिकट पर क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुशंसा करेंगे, जिसके आधार पर चुनाव समिति टिकटों पर फैसला लेगी। इसके अलावा नगर पंचायत के सभासद व अध्यक्ष और नगर पालिकाओं के सभासदों के टिकट पर क्षेत्रीय अध्यक्ष ही फैसला लेंगे। बैठक में कहा कि नगर निगमों में हम अच्छी स्थिति में हैं, जबकि नगर पालिका व नगर पंचायत में काम करने की जरूरत है।

विरोधी पार्टियों पर बोला सियासी हमला

कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों पर निकाय चुनाव को लेकर समीक्षा करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष कानपुर पहुंचे हैं। सभी पदाधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक की और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने पर जोर दिया। वहीं मीडिया से बातचीत में उन्होंने सपा और बसपा को मौसमी पार्टियां बताया। कहा कि अखिलेश यादव पिछले चुनाव में परशुराम अब कांशीराम के सहारे हैं।

जिताऊ प्रत्याशियों को प्राथमिकता

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी जिताऊ प्रत्याशियों का टिकट नहीं काटेगी,उन्हें प्राथमिकता के आधार पर टिकट दी जाएगी। बता दें कि कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में दो नगर निगम और 108 नगर पालिका एवं नगर पंचायत हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक क्षेत्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष कानपुर और झांसी की महापौर सीट को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं।

निकाय चुनाव में बड़ी जीत को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने दावा कि पिछली बार 2 सीटें बसपा के खाते में गईं थीं, लेकिन इस बार सभी 17 निकायों पर जीत दर्ज करेंगे। सभी पर सिंबल के साथ प्रत्याशी उतारेंगे। सभासद सीट पर जीतने वालों को ही पार्टी टिकट देगी।

प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ भाजपा की 17 जिला इकाइयों के जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, मन की बात कार्यक्रम के जिला व विधानसभा संयोजकों, 52 विधानसभा के विधायक और चुनाव लड़े नेताओं को संबोधित कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने बोला हमारा संगठन ही हमारी ताकत है। दूसरे सत्र की बैठक में प्रदेश पदाधिकारी,क्षेत्रीय पदाधिकारी,जिलाध्यक्ष,जिला प्रभारी मौजूद रहे।

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प्रदेश में मुख्यमंत्री शिंदे का दबदबा कायम

मुंबई 10.04.2023 (एजेंसी)  अयोध्या यात्रा के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दबदबा बढ़ गया है। शिंदे राज्य में हिंदुत्व के नये प्रतीक बन गये हैं। निश्चित ही आने वाले चुनावों में मुख्यमंत्री की इस छवि का फायदा सत्तारुढ़ गठबंधन को होगा। देखा जाये तो उद्धव ठाकरे ने सत्ता के लिए एमवीए से समझौता किया जिसके चलते हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों से उन्होंने किनारा किया लेकिन हिंदुत्व के मुद्दे पर उद्धव का साथ छोडऩे वाले एकनाथ शिंदे को पहले मुख्यमंत्री पद मिला, फिर उन्हें शिवसेना का चुनाव चिह्न तीर कमान मिला और अब प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद भी मिल गया।

बाला साहेब ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाने को आतुर एकनाथ शिंदे को अयोध्या में जिस तरह साधु संतों का आशीर्वाद मिला और रामनगरी में रोड शो के दौरान स्थानीय जनता का स्नेह मिला वह दर्शाता है कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना की भूमिका के महत्व को जनता आज भी स्वीकार करती है। उद्धव ठाकरे के राज में हुए पालघर कांड के चलते भले साधु संतों का मोह शिवसेना से भंग हो गया था लेकिन अब जब शिवसेना अपने पुराने रूप में लौट आई है तो अयोध्या वासियों ने पार्टी नेताओं का भव्य स्वागत किया।

हम आपको बता दें कि अयोध्या यात्रा के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार देर शाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राजधानी लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की और कहा कि योगी आदित्यनाथ ने हमारी आस्था के गौरव को पुनर्जीवित किया है। दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को उत्तर प्रदेश आए एकनाथ शिंदे ने रविवार देर शाम भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या से वापस लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी से उनके पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर भेंट की। योगी से भेंट के दौरान महाराष्ट्र से आए मंत्रियों के समूह ने अपनी अयोध्या यात्रा के अनुभव को साझा किया और वहां हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।

शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारी आस्था के गौरव को पुनर्जीवित किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा, उनके नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की नगरी विकास के नए आयाम छू रही है। योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के सम्मान में रात्रिभोज का भी आयोजन किया।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, शिंदे ने योगी आदित्यनाथ से रविवार को उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। शिंदे के साथ उनकी सरकार के मंत्रियों का समूह भी मौजूद था।

शिंदे के नेतृत्व में मंत्रियों का समूह अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी के निमंत्रण पर राजधानी लखनऊ पहुंचा था। इस अवसर पर योग आदित्यनाथ ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हुए देश में रामराज्य की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में अयोध्या विश्व की सबसे वैभवशाली नगरी और वैश्विक तीर्थ का केंद्र बन रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास के लिए हजारों करोड़ की नई योजनाएं शुरू की गई हैं और सड़कों का विकास हो रहा है तथा नए आधारभूत ढांचे तैयार किये जा रहे हैं।वहीं शिंदे ने अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान शिवसेना और भाजपा गठबंधन का भगवा महाराष्ट्र में पूरे बहुमत से लहराएगा।

शिंदे ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने जहां पिता को नहीं दिए गए वचन की लाज रखने के लिए बिना किसी आपत्ति के 14 वर्ष का वनवास भोग लिया वहीं, ठाकरे ने अपने पिता बाला साहब ठाकरे की मंशा और इच्छा के विपरीत कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता के लालच में सरकार बना ली जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया था।

हम आपको बता दें कि शिंदे ने रविवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन किए, राम मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन किया और हनुमानगढ़ी मंदिर भी गए। इस मौके पर शिवसेना भाजपा गठबंधन के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। रविवार की शाम शिंदे अयोध्या में वैदिक मंत्रोच्चार और सरयू मैया की जय तथा हर-हर महादेव के नारों के बीच सरयू आरती में शामिल हुए।

रामनामी दुपट्टा और भगवा चादर ओढ़कर उन्होंने सरयू नदी में जाकर दुग्ध अर्पित कर लोकमंगल की कामना की। शिंदे के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी सरयू आरती में शामिल हुए।

इसके पहले लक्ष्मण किला (अयोध्या में) में एक अन्य सार्वजनिक समारोह को संबोधित करते हुए शिंदे ने जय श्रीराम और पवनसुत हनुमान के उद्घोष के बाद कहा कि, मैं निश्चित रूप से भगवान राम के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बना हूं। लेकिन, मैं यहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं आया हूं। मैं यहां एक रामभक्त के रूप में आया हूं।

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कोरोना वायरस संक्रमण की संख्या बढ़कर 35,199 हुई

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (आरएनएस)। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,880 नए मामले आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,47,62,496 हो गई है।

वहीं उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 35,199 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली तथा हिमाचल प्रदेश में चार-चार और गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र तथा राजस्थान में एक-एक मरीज की मौत होने के बाद देश में संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5,30,979 हो गई।

साथ ही, संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में दो नाम और जोड़े हैं। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी 35,199 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.8 प्रतिशत है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.73 प्रतिशत है। देश में संक्रमण की दैनिक दर 6.91 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 3.67 प्रतिशत है। अभी तक कुल 4,41,96,318 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड’9 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड’9 रोधी टीकों की 220.66 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं।गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी।

संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। चार मई 2021 को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। पिछले साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार चले गए थे।

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सुप्रीम कोर्ट ने अग्निपथ को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज, कहा- मनमानी नहीं है योजना

नई दिल्ली 10 April, (एजेंसी): सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। योजना के तहत चार साल की अवधि के लिए तीनों सशस्त्र बल डिवीजनों में युवाओं को शामिल करने की बात कही गई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह योजना मनमानी नहीं है। अधिवक्ता एम.एल. शर्मा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि इसे संसद द्वारा पारित किया जाना चाहिए और इसे एक योजना के रूप में नहीं लाया जाना चाहिए था। शर्मा ने कहा, मेरा सवाल बस इतना है कि जब तक संसद इसे मंजूरी नहीं देती, ऐसा नहीं किया जा सकता।

शर्मा की दलीलें सुनने के बाद, खंडपीठ में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला ने याचिका खारिज कर दी। फरवरी में, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र की अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसे राष्ट्रीय हित में पेश किया गया है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को भारतीय सेना और वायु सेना के लिए शुरू की गई उन भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश देने की मांग वाली एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई की, जिन्हें पिछले साल जून में ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा के बाद बंद कर दिया गया था।

एक वकील ने कहा कि वह अग्निपथ योजना को चुनौती नहीं दे रहे हैं और यह मामला सेना और वायु सेना के लिए पूर्व में अधिसूचित भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने तक ही सीमित है। उन्होंने आगे कहा कि कोविड का हवाला देते हुए कई बार परीक्षाएं स्थगित की गईं और अचानक जून में अग्निपथ योजना की घोषणा की गई और वायु सेना के लिए परीक्षाएं हुईं, लेकिन परिणाम जारी नहीं किए गए।

याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए पीठ ने कहा कि उम्मीदवारों के पास भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने की मांग करने का कोई निहित अधिकार नहीं है। वकील ने जोर देकर कहा कि इन लोगों की भर्ती होने पर भी अग्निपथ योजना प्रभावित नहीं होगी। केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रही अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि हाईकोर्ट ने इन मुद्दों पर विस्तार से विचार किया है।

एक अन्य मामले में एक याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह वायु सेना की नियमित भर्ती के संबंध में है और कहा कि एक लिखित परीक्षा के बाद चिकित्सा परीक्षण और सब कुछ किया गया था, उसके बाद रैंक आदि दिखाते हुए एक प्रोविजनल सूची प्रकाशित की गई थी।

भूषण ने कहा, एक साल से अधिक समय तक, हर तीन महीने में वे कहते रहे कि नियुक्ति पत्र जारी होने जा रहे हैं। इस बीच, उन्होंने उन्हीं पदों के लिए रैली भर्तियां कीं, जिन्हें वे फास्टट्रैक भर्तियां कहते थे। भूषण ने कहा कि पहला है प्रॉमिसरी एस्टोपेल, उन्होंने दो साल की प्रक्रिया के बाद एक लिस्ट प्रकाशित की, लोगों से बार-बार कहा कि नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे और कोविड के कारण देरी हो रही है और, फिर वे उन्हीं पदों के लिए इन फास्टट्रैक भर्तियों के साथ आगे बढ़ेंगे। पीठ ने कहा कि यह योजना मनमानी नहीं है और वचनबद्ध विबंधन हमेशा व्यापक जनहित के अधीन होता है।

पीठ ने भूषण से कहा, यह एक अनुबंध का मामला नहीं है, जहां सार्वजनिक रूप से वचनबद्ध विबंधन लागू किया गया था। यह एक सार्वजनिक रोजगार है। इस मामले में इस सिद्धांत को लागू करने का सवाल ही नहीं उठेगा। हालांकि, भूषण ने जोर देकर कहा कि अदालत को उनके मामले की सुनवाई करनी चाहिए। पीठ 17 अप्रैल को भूषण के मामले पर अलग से सुनवाई करने पर सहमत हुई, लेकिन अन्य दो याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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RTI के जवाब में सरकार ने कहा, भारत-चीन के बीच सामान्य रूप से परिभाषित वास्तविक नियंत्रण रेखा नहीं

मुंबई 10 April, (एजेंसी): भारत और चीन के बीच अपने-अपने क्षेत्रीय अधिकारों को लेकर बढ़ती झड़पों के बीच एक आरटीआई के जवाब में सरकार ने कहा कि दरअसल दोनों देशों के बीच कोई ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा’ नहीं है। पुणे के व्यवसायी प्रफुल्ल सारदा द्वारा सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में सरकार ने यह बात कही है। सारदा ने गृह मंत्रालय से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बारे में जानकारी मांगी थी। गृह मंत्रालय ने बाद में उनकी आरटीआई को विदेश मंत्रालय के पास भेज दी थी।

आरटीआई का जवाब अचंभित कर देना वाला है। इसमें कहा गया है: भारत और चीन के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में सामान्य रूप से परिभाषित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) नहीं है। सरकार ने अपने अप्रैल 2018 के जवाब में स्वीकार किया कि समय-समय पर, एलएसी की धारणा में अंतर के कारण जमीनी स्तर पर ऐसी स्थितियां उत्पन्न हुईं जिन्हें टाला जा सकता था, यदि हमारे पास एलएसी की एक आम धारणा होती।

सरकार ने कहा कि वह सीमा पर तैनात जवानों की बैठकों, फ्लैग मीटिंग, भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं संयोजन कार्य प्रणाली की बैठकों तथा राजनयिक चैनलों के माध्यम से नियमित रूप से एलएसी के उल्लंघन का मसला उठाती रहती है।

सारदा का कहना है, भारतीय जनता पार्टी सरकार दावा करती रही है कि उसने अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख क्षेत्र में चीनी घुसपैठ से देश की रक्षा की है। जब वह स्वयं मानती है कि दोनों पक्षों को स्वीकृत कोई एलएसी नहीं है, तो फिर उसने किन क्षेत्रों को सुरक्षित किया है और वर्तमान में वास्तविक जमीनी स्थिति क्या है?

दिलचस्प बात यह है कि बहुत बाद में, थल सेना मुख्यालय ने आरटीआई अधिनियम के सेक्शन 8(1)(ए) के तहत छूट का हवाला देते हुए एलएसी पर युद्ध विराम के उल्लंघन और जून 2017 के डोकलाम संघर्ष की जानकारी देने से इनकार कर दिया था।

आरटीआई अधिनियम के इस सेक्शन के अनुसार, सरकार नागरिकों को ऐसी कोई भी सूचना देने के लिए बाध्य नहीं है जिसके प्रकटीकरण से भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, रणनीतिक, वैज्ञानिक या आर्थिक हितों, विदेशी राज्य के साथ संबंध पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े या किसी अपराध को उकसावा मिले।

सारदा ने कहा, जहां तक भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) का संबंध है, सरकार ने संप्रग सरकार के समय 2004-2013 के बीच लगभग 320 बार युद्ध विराम के उल्लंघन की बात स्वीकार की है। यह संख्या 2014 से फरवरी 2021 के बीच बढ़कर 11,625 हो गई। इसी तरह भारत-चीन के बीच एलएसी पर युद्ध विराम उल्लंघन के आंकड़ों के बारे में जनता और संसद को जानकारी क्यों नहीं दी जा सकती।

भारत-चीन सीमा पिछले पांच साल से चिंता का सबब बना हुआ है। दोनों देशों की सेनाओं में कई बार झड़प हो चुकी है जिसमें कुछ सैनिक शहीद भी हुए हैं। पूरा विश्व चिंतित है कि कहीं दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले परमाणु हथियार से लैस देशों के बीच युद्ध न छिड़ जाए।

एलएसी पर हाल में हुई झड़पों में शामिल हैं – डोकलाम (जून 2017), गलवान घाटी में झड़पें (जून 2020) जिसमें मौत की खबरें हैं, सिक्किम के पास झड़पें (जनवरी 2021), हवाई गोलाबारी के आरोप (सितंबर 2021) और तवांग में घमासान (दिसंबर 2022) जिसमें कुछ सैनिक घायल हुए थे।

विवादित भारत-चीन सीमा 3500 किलोमीटर लंबी है। इसमें निर्विवादित मैकमोहन रेखा भी शामिल है। चीन से जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सीमाएं लगती हैं।

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ज्ञानवापी मस्जिद में वुजू की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली 10 April, (एजेंसी): उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में वुजू की वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में एक याचिका पर वह 14 अप्रैल को सुनवाई करेगा। याचिका में कहा गया है कि रमजान के कारण मस्जिद में नमाजियों की संख्या बढ़ गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने सोमवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह रमजान के कारण इस मसले पर जोर दे रहे हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पिछली सुनवाई में खंडपीठ का हिस्सा रहे न्यायमूर्ति सूर्यकांत के लिए सुनवाई में शामिल होना कठिन होगा। अधिवक्ता की ओर से कुछ और तथ्य रखे जाने के बाद खंडपीठ ने कहा कि वह 14 अप्रैल को मामले की सुनवाई करेगी। उच्चतम न्यायलय ने पिछले साल नवंबर में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में उस हिस्से में सुरक्षा बढ़ा दी थी जहां कथित तौर पर एक ‘शिवलिंग’ मिला था। अदालत ने कहा था कि उस हिस्से की सुरक्षा के संबंध में मई 2022 में उसके द्वारा पारित आदेश अगले आदेश तक जारी रहेगा।

अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद वारणसी की प्रबंधन समिति ने अपनी याचिका में कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद के वुजूखाने के विवादित क्षेत्र में जो शिवलिंग जैसी चीज मिली है वह वास्तव में पुराने फाउंटेन का हिस्सा है। याचिका में कहा गया है कि जिला प्रशासन ने उसे सील कर दिया है और वह आज तक सील है। इसके साथ लगा शौचालय भी सील कर दिया गया है।

याचिका में कहा गया है कि इससे नमाजियों की असुविधा हो रही है। उनसे वुजूखाने की सुविधा छीन ली गई है जो नमाज से पहले जरूरी है। साथ ही शौचालय की सुविधा भी उन्हें नहीं मिल रही है। इसमें कहा गया है कि शौचालय का दरवाजा वुजूखाने वाले हिस्से में है जो सील है।

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महाराष्ट्र में कोरोना के 788 नये मामले, एक की मौत

मुंबई 10 April, (एजेंसी): महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 788 नये मामले सामने आये हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके बाद राज्य में इस महामारी से अब तक प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,48,459 हो गई है।

नए 788 सकारात्मक मामलों में से 211 मुंबई में दर्ज किए गए। वहीं रत्नागिरी जिले में इस संक्रमण से एक मरीज की मौत हो गई। वहीं, राज्य में 560 मरीजों ने इस जानलेवा विषाणु को मात दी। राज्य में फिलहाल 4,597 मरीजों का इलाज चल रहा है।

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दिल्ली में साल का सबसे ज्यादा गर्म दिन

नई दिल्ली 10 April, (एजेंसी): दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत उत्तर भारत के करीब 10 राज्यों में अब तक गर्मी से राहत मिली हुई थी, जो अब खत्म होती दिख रही है। रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली में इस साल का यह अधिकतम तापमान था। यही नहीं आने वाले दिनों में गर्मी प्रचंड रूप धारण कर सकती है। मार्च के आखिरी सप्ताह और अप्रैल के शुरुआती दिनों में बारिश के चलते तापमान थोड़ा कम था, जो अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इससे पहले 2 अप्रैल तक तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक ही बना हुआ था।

इसके बाद 3 तारीख को अधिकतम तापमान 32 के पार गया था और 7 अप्रैल से ही 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना हुआ है। इसके बाद भी राहत की बात यह है कि रात के वक्त तापमान कम बना हुआ है। सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस तापमान था। इसके अलावा रविवार को यह 15.4 डिग्री सेल्सियस था। इस बीच मौसम विभाग का अनुमान थोड़ी चिंता बढ़ाने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 अप्रैल तक तापमान बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। साफ है कि इसी सप्ताह के अंत तक गर्मी बढ़ सकती है और अब तक जो राहत मिली थी, वह खत्म हो सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। बुधवार को यह 37 तक पहुंच सकता है और संभावना है कि शनिवार तक तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। हालांकि थोड़ी राहत की बात यह है कि तीखी धूप ज्यादातर दिनों में नहीं रहेगी और बादल छाए रहेंगे। हालांकि न्यूनतम और अधिकतम तापमान में आधे के करीब का अंतर रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 अप्रैल तक न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक हो जाएगा, जबकि अधिकतम 38 तक रहेगा।

बता दें कि मार्च और अप्रैल के महीने में अब तक लोगों को गर्मी से कमोबेश राहत ही रही है। बीच-बीच में बारिश होने और बादल छाए रहने से मार्च में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार नहीं गया था। इसके अलावा अप्रैल के शुरुआती दिनों में भी बारिश जारी रहने से राहत रही है, जो अब खत्म होती दिख रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते अब तक राहत मिलती रही है, जो आने वाले दिनों में खत्म हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अप्रैल से जून के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है।

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आकाशीय बिजली का कहर, 13 लोगों की मौत, एक की डूबने से गई जान

मुंबई 10 April, (एजेंसी): महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में पिछले 48 घंटों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि व बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। एक शख्स की मौत डुबने से हुई।

अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अकोला के पारसगांव गांव में रविवार देर रात सात लोगों की मौत हो गई। वहां बाबूजी महाराज संस्थान आश्रम में बिजली गिरने से एक टिन शेड पर 150 साल पुराना नीम का पेड़ गिर गया।

हादसे में प्रार्थना समारोहों में भाग लेने वाले कम से कम चार दर्जन भक्त नीचे फंस गए थे, लेकिन अधिकांश को बचा लिया गया था। हादसे में चार की मौके पर ही मौत हो गई और तीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अन्य 10 को पास के अस्पतालों में ले जाया गया, इनमें से दो को गंभीर बताया गया।

इसके अलावा बिजली गिरने से औरंगाबाद, बीड, हिंगोली, नंदुरबार, परभणी और पुणे में एक-एक मौत हुई है। इनमें मुख्य रूप से खेतों में काम कर रहे किसान शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, रविवार को नासिक में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ में एक व्यक्ति डूब गया। इसके अतिरिक्त, पिछले कुछ हफ्तों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में खराब मौसम के कहर के कारण बिजली गिरने से सैकड़ों जानवर भी मारे गए।

कई जिलों में ओलावृष्टि के कारण बड़े पैमाने पर कृषि क्षति हुई है, खड़ी फसलों, विशेष रूप से आम और अन्य फलों और सब्जियों की तबाही हुई है।

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लोकसभा से अयोग्य ठहराए जाने के बाद राहुल करेंगे वायनाड का पहला दौरा

नई दिल्ली 10 April, (एजेंसी): लोकसभा से अयोग्य घोषित होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र वायनाड का दौरा करेंगे, जहां वह रोड शो करेंगे। कांग्रेस उनका भव्य स्वागत करने और शक्ति प्रदर्शन करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

दोषसिद्धि पर गांधी की अपील पर सूरत की अदालत में 13 अप्रैल को सुनवाई होगी। वह जमानत पर है, जिसे गुजरात के सत्र न्यायालय ने बढ़ा दिया था। अदालत इस मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी अपील पर 13 अप्रैल को सुनवाई करेगी।

23 मार्च को सूरत की एक निचली अदालत ने उन्हें भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर एक मामले में पूरे मोदी समुदाय को बदनाम करने का दोषी पाया। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को बाद में एक नियम के तहत लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

गांधी को उनके अपराध के लिए अधिकतम 2 साल की जेल की सजा दी गई थी, लेकिन आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के लिए सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था। यदि दोषसिद्धि को पलटा नहीं जाता है, तो वह अगले आठ वर्षों के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य हो जाएंगे।

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अतीक की पत्नी, बेटे अली और साबिर पर एक और मुक़दमा दर्ज

प्रयागराज 09 अपै्रल (एजेंसी)। माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता बेटे अली और दो गुर्गों सहित 7 लोगों पर धूमनगंज थाने में एक और मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा फर्जी दस्तावेजों के लिए दर्ज हुआ है।

पुलिस के अनुसार उमेश पाल एवं 02 पुलिस कर्मियों की हत्या से सम्बन्धित मुक़दमे में पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए अभियुक्त राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा शाइस्ता परवीन द्वारा दिए गए बैग को छुपाया गया था।

इस अभियुक्त की निशादेही पर बरामद हुए सामानों में अली अहमद का फोटो लगे हुए दो अदद आधार कार्ड भी थे, जिसमे एक अदद आधार कार्ड में मोहम्मद साबिर पुत्र मुन्ने सिद्धिकी का नाम है जिसपर अली अहमद पुत्र अतीक का फोटो लगा है, जो कूटरचित प्रतीत होता है।

इस सम्बंध में शाइस्ता परवीन पत्नी अतीक अहमद, अली अहमद पुत्र अतीक अहमद, मोहम्मद साबिर, राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला 5 अन्य अज्ञात लोगों के विरूद्ध मुक़दमा अपराध संख्या 175/2023 धारा 419/420/ 467/468/471 भा0दं0वि0 दिनांक 8/4/2023 को थाना धूमनगंज पर पंजीकृत किया गया है। विवेचना निरीक्षक संजय कुमार सिंह द्वारा की जा रही है।

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लैंड जिहाद पर सख्त हुए मुख्यमंत्री धामी बोले, अवैध निर्माण नहीं किया जाएगा बर्दाश्त

हरिद्वार 09 अपै्रल,(एजेंसी)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा, हरिद्वार में रिंग रोड निर्माण, हरकी पैड़ी कॉरिडोर निर्माण समेत लैंड जिहाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिर से लैंड जिहाद पर बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिसने भी अवैध मजार बनाकर अतिक्रमण किया है, वो जल्द हटा लें। साथ ही उन्होंने किसी भी सूरत में अवैध निर्माण बर्दाश्त न करने की बात कही।

दरअसल, लैंड जिहाद पर पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कई सालों से देवभूमि में साजिश के तहत लैंड जिहाद चल रहा था, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका सभी से आग्रह है, जिन्होंने अवैध मजार बनाकर अतिक्रमण किया है। वो खुद ही हटा लें, नहीं तो प्रशासन इसे जल्द ही हटाएगा। अब किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले समय हरिद्वार का एक अलग ही स्वरूप देखने को मिलेगा। जाम से निजात दिलाने और हरिद्वार की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रिंग रोड का काम चल रहा है। इसके अलावा हरिद्वार की सुंदरता को बढ़ाने के लिए जल्द ही हरकी पैड़ी क्षेत्र में कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बाद हरिद्वार का एक अलग ही रूप देखने को मिलेगा।

वहीं 22 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा पर सीएम धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है। जिसे लेकर सरकार की तरफ से सभी तैयारियां की जा रही हैं। अभी तक 11 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम यात्रा 2023 के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की व्यवस्था को देखते हुए यह भी निर्णय लिया है कि जो लोग होटल में बुकिंग करा लेंगे। उनका स्वत: ही चारधाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। जो भी श्रद्धालु चारधाम यात्रा के दर्शन करने आ रहे हैं, उन्हें सकुशल और व्यवस्थित ढंग से सभी धामों के दर्शन कराना सरकारी की प्राथमिकता है।

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देश में बाघों की संख्या बढ़कर 3167 हुई, पीएम मोदी ने जारी किया नया आंकड़ा

मैसूर 09 अपै्रल,(एजेंसी)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बांदीपुर और मुडुमलाई टाइगर रिजर्व का दौरा करने के बाद बाघों का नया आंकड़ा जारी किया।

उन्होंने कहा कि देश में पिछले 10 सालों में बाघों की संख्या 75 प्रतिशत बढ़ी है। इसके साथ ही देश में बाघों की संख्या बढ़कर 3167 हो गई है।

इस दौरान पीएम मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि देश में 4 साल में 200 बाघ बढ़े। उन्होंने कहा कि हम सभी एक बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव के साक्षी बन रहे हैं। प्रोजेक्ट टाइगर को 50 वर्ष हो गए।

यह भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए गर्व की बात है। भारत ने न सिर्फ टाइगर को बचाया है बल्कि उसे फलने फूलने का एक बेहतरीन ईको सिस्टम दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब अनेक टाइगर रिजर्व देशों में उनकी आबादी स्थिर है या आबादी घट रही है तो फिर भारत में तेजी से बढ़ क्यों रही है?

इसका उत्तर है भारत की परंपरा, भारत की संस्कृति और भारत के समाज में बायो डायवर्सिटी को लेकर, पर्यावरण को लेकर हमारा स्वाभाविक आग्रह। उन्होंने कहा कि दशकों पहले भारत से चीता विलुप्त हो गया था।

हम इस शानदार बिग कैट को नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भारत लेकर आए हैं। कुछ दिन पहले ही कूनो नेशनल पार्क में 4 सुंदर शावकों ने जन्म लिया है।

उन्होंने कहा कि बिग कैट्स की वजह से टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या बढ़ी और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

इनकी मौजूदगी ने हर जगह स्थानीय लोगों के जीवन और वहां की इकोलॉजी पर सकारात्मक असर डाला है।

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विशेषज्ञों ने किया आश्वस्त : कोरोना से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा टीके से नहीं

नई दिल्ली 09 अपै्रल,(एजेंसी)।  देश में दिल के दौरों के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर कोविड-19 महामारी के बाद। जहां कुछ लोग टीकाकरण को हृदय संबंधी समस्याएं बढऩे के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस तरह की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि टीका लगवाने से दिल का दौरा हो सकता है। ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीजÓ के अनुसार, भारत में लगभग एक चौथाई (24.8 प्रतिशत) लोगों की मौत हृदय रोगों के कारण होती है।

हाल के दिनों में देखा गया है कि कई युवा हस्तियों, कलाकारों, एथलीटों और खिलाडी जो आमतौर पर फिट रहते हैं और दिल की बीमारी की जिनकी कोई हिस्ट्री नहीं है उन्हें दिल का दौरा पड़ा है और उनमें कुछ की मौत भी हुई है।

अशोका यूनिवर्सिटी के त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज में बायोसाइंसेज एंड हेल्थ रिसर्च के डीन डॉ. अनुराग अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, दिल के दौरे के मामलों में वृद्धि को इस प्रकार सबसे अच्छी तरह समझा जा सकता है कि लगभग हर व्यक्ति को कोविड हुआ था, कुछ लोगों को तो कई बार।

जॉर्ज इंस्टीट्यूट इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. विवेकानंद झा ने कहा, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि दिल के दौरे का कोविड वैक्सीन से कोई संबंध है। दिल के दौरे सहित हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा उन व्यक्तियों में बढ़ जाता है जो कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार रहे हैं।

कई अध्ययनों से इन बात के प्रमाण मिले हैं कि बढ़ते दिल के दौरे के पीछे कोविड संक्रमण की भूमिका है। शोध से पता चला है कि कोविड में उन लोगों में छिपी दिल की बीमारियों के लक्षणों को उजागर करने की क्षमता है, जिनमें इसका पहले पता नहीं चला था।

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के एक अध्ययन में पाया गया है कि कोविड के कारण हार्ट और किडनी में इनफ्लेमेशन होता है। साथ ही यह शरीर की रक्षा प्रणाली द्वारा जनित इनफ्लेमेशन को भी बढ़ाता है।

यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी की एक पत्रिका कार्डियोवास्कुलर रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोविड अल्पावधि और दीर्घावधि में हृदय रोग के बढ़े जोखिम और मृत्यु से जुड़ा है। इस साल की शुरूआत में लगभग 1,60,000 लोगों पर किये गये इस अध्ययन में पता चला कि असंक्रमित व्यक्तियों की तुलना में कोविड रोगियों के संक्रमण के पहले तीन सप्ताह में मरने की संभावना 81 गुना अधिक होती है और संक्रमण के 18 महीने बाद तक पांच गुना अधिक रहती है।

पिछले साल नेचर मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कोविड की मामूली बीमारी भी कम से कम एक साल के लिए संक्रमित व्यक्ति में हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि हृदय गति रुकने और स्ट्रोक जैसी कई बीमारियों की दर उन लोगों की तुलना में जो कोविड से संक्रमित नहीं हुए हैं, उन लोगों में काफी अधिक थी जो कोविड से उबरे हैं।

हालांकि, कुछ लोगों ने कोविड टीकों को लेकर भी चिंता जताई है। सीडीसी (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, अमेरिका) के अनुसार, अमेरिका और दुनिया भर में कई निगरानी प्रणालियों से प्राप्त साक्ष्य एमआरएनए कोविड-19 टीकों (जैसे, मोडेरना और फाइजर बायोटेक के टीकों) और मायोकार्डिटिस (दिल की मांसपेशियों में इनफलेमेशन) और पेरिकार्डिटिस (दिल की बाहरी सतह में इनफ्लेमेशन) के बीच कर्ता-कारक संबंध का समर्थन करते हैं।

मीडिया रिपोटरें में यह भी कहा गया है कि भारत में कोवीशील्ड के रूप में दी जाने वाली ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीकों का संबंध धमनियों या नसों के अवरुद्ध होने की बढ़ती प्रवृत्ति से है। हाल ही में, प्रख्यात ब्रिटिश-भारतीय हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. असीम मल्होत्रा ने कहा था कि यह हृदय संबंधी प्रभावों, दिल के दौरे और स्ट्रोक के मामले में यह बदतर था।

आईआईटी मंडी में स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड बोयाइंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित प्रसाद ने कहा, दिल के दौरों में वृद्धि सीधे तौर पर कोविड वैक्सीन से नहीं जुड़ी है, बल्कि मुख्य रूप से कोविड संक्रमण से जुड़ी हुई है क्योंकि ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो कोविड बीमारी हृदय प्रणाली के साथ कर सकती है। कोविड संक्रमित लोगों के खून में चिपचिपाहट बढऩे की भी खबरें हैं।

अग्रवाल ने कहा, टीकाकरण शुरू होने से पहले ही, कोविड और भविष्य में दिल के दौरे में वृद्धि के बीच संबंध देखे जा सकते थे। यह अवलोकन 2020 के आंकड़ों से है। इस तरह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि टीकाकरण शुरू होने से पहले दिल के दौरे में वृद्धि का खतरा शुरू हो गया था।

इस बीच, बढ़ते दिल के दौरों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस सप्ताह के आरंभ में कहा था कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोविड-19 के बाद हृदय संबंधी रोगों में अचानक वृद्धि पर एक शोध शुरू किया है। अगले दो महीनों में नतीजे आने की उम्मीद है।

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नौ राज्यों ने सीबीआई को दी गई आम सहमति वापस ली, संसदीय पैनल ने नए कानून का दिया सुझाव

नई दिल्ली 09 अपै्रल,(एजेंसी)।  तेलंगाना और मेघालय समेत नौ राज्यों ने चुनिंदा अपराधों की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दी गई आम सहमति वापस ले ली है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा को बताया कि दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम (डीएसपीई एक्ट) की धारा 6 के तहत किसी राज्य की सीमा के भीतर जांच के लिए सीबीआई को संबंधित राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।

सिंह ने बताया कि राज्यों ने कुछ खास तरह के अपराधों और कुछ विशेष श्रेणी के लोगों के खिलाफ जांच के लिए सीबीआई को एक आम सहमति दे रखी थी ताकि वह सीधे केस दर्ज कर जांच कर सके। हालांकि छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, मेघालय, मिजोरम, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल ने सीबीआई को दी गई आम सहमति वापस ले ली है।

गैर-भाजपा शासित राज्यों ने सीबीआई पर विपक्षी नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आम सहमति वापस लेने से सीबीआई को उन मामलों की जांच में भी दिक्कत आ सकती है जिनका राष्ट्रीय महत्व है या अंतर-राज्यीय विस्तार है। यह देखना होगा कि सीबीआई इन चुनौतियों का किस प्रकार सामना करती है और प्रभावी ढंग से अपने कत्र्तव्य का निर्वहन करती है।

नौ राज्यों के आम सहमति वापस लेने के बाद डीएसपीई एक्ट,1946 और सीबीआई के अधिकार क्षेत्र तथा अधिकारों की वृहद समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस साल मार्च में एक संसदीय समिति ने कई राज्यों द्वारा सीबीआई को दी गई आम सहमति वापस लेने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संघीय जांच एजेंसी को नियंत्रित करने वाले मौजूदा कानूनों की कई सीमाएं हैं।

समिति ने सीबीआई के अधिकार और काम के लिए नए सिरे से कानून बनाने का सुझाव दिया है। उसने कहा, समिति महसूस करती है कि दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम की कई सीमाएं हैं और इसलिए, सिफारिश करती है कि एक नया कानून बनाने और सीबीआई की स्थिति, कार्यों और शक्तियों को परिभाषित करने की आवश्यकता है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों को निर्धारित करने की भी आवश्यकता है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील रुद्र विक्रम सिंह ने कहा कि आम सहमति वापस लेने का मतलब है कि सीबीआई को हर मामले की जांच से पहले नए सिरे से आवेदन करना होगा और सहमति दिए जाने से पहले वह कार्य नहीं कर सकती है।

उन्होंने कहा, सीबीआई आम सहमति वापस लेने से पहले उस राज्य में पंजीकृत मामलों की जांच जारी रख सकती है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जुलाई 2022 में अवैध कोयला खनन और पशु तस्करी के मामले में यह फैसला सुनाया कि केंद्रीय एजेंसी को केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी के खिलाफ जांच करने से किसी भी राज्य में नहीं रोका जा सकता है।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि देश भर में भ्रष्टाचार के मामलों को एक ही नजर से देखा जाना चाहिए। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को इस आधार पर जांच से छूट नहीं दी जा सकती कि वे उन राज्यों में कार्यरत हैं जिन्होंने आम सहमति वापस ले ली है। आम सहमति वापस लेने से सिर्फ वहीं मामले प्रभावित होंगे जो सिर्फ और सिर्फ राज्य सरकार के कर्मचारियों से जुड़े हैं।

हालांकि, इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई है, जहां मामला अभी भी लंबित है। इसलिए, सीबीआई कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का उपयोग करते हुए कुछ मामलों में तब तक जांच जारी रख सकती है जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय आदेश को खारिज नहीं कर देता।

कानून विशेषज्ञ और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य गुरमीत नेहरा ने कहा कि सीबीआई सर्च वारंट जारी करने के लिए उस राज्य की स्थानीय अदालत से संपर्क कर सकती है और वह दिल्ली में मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा सकती है।

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सपा पार्टी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं : ब्रजेश पाठक

लखनऊ 09 अपै्रल,(एजेंसी)। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी वेंटीलेटर पर है। यह बातें रविवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कही। उन्होंने  सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान पर त्वरित पलटवार करते हुए कहा कि  उनके नेता अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।

ज्ञात हो कि हाल में ही सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बयान दिया था कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं। इस मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि अखिलेश यादव की सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को गर्त में पहुंचाने का काम किया था। आज आम जनमानस को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, विपक्षियों को यह पसंद नहीं आ रहा।

डिप्टी सीएम ने कहा कि अखिलेश यादव अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं, अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्हें बाहर निकलकर सच्चाई देखनी चाहिए। डिप्टी सीएम ने कहा कि आज के दौर में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं और लोगों को नि:शुल्क इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अस्पताल में दवाई मिल रही हैं। चिकित्सक समय पर पहुंच रहे हैं। वन डिस्टिक – वन मेडिकल कॉलेज, योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 1,046 करोड़ रु0 की 258 परियोजनाओं का किया शुभारंभ

लखनऊ 09 अपै्रल,(एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज गोरखपुर में 1,046 करोड़ रुपये लागत की 258 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें लगभग 334 करोड़ रुपये लागत की 56 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं लगभग 712 करोड़ रुपये लागत की 202 परियोजनाओ का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर सीएम ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं होता है। आज देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूता हुआ दुनिया के विभिन्न देशों के लिए एक आदर्श देश बना है। सरकार बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ गांव, किसान, नौजवान, महिला सहित समाज के प्रत्येक तबके को उपलब्ध करा रही है। विगत 09 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश की आन्तरिक और वाह्य सुरक्षा का बेहतर वातावरण बना है। देश के प्रत्येक नागरिक के मन में नया विश्वास सृजित करने का कार्य हुआ है। वहीं प्रदेश भी विगत 06 वर्षों में अपनी नई आभा और नए कलेवर के साथ दुनिया के सामने है।

प्रदेश की कानून व्यवस्था के बारे में बताते हुये मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 06 वर्ष में उत्तर प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ है। जो भी अराजकता करेगा, उस पर सरकार कानून सम्मत कार्यवाही करेगी। एक ओर उत्तर प्रदेश बेहतर कानून व्यवस्था के माहौल के लिए देश में जाना जा रहा है। हम भी कदम से कदम मिलाकर इस कार्य को आगे बढ़ाएंगे। इसमें सफलता भी प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर कार्य करके विकास की योजनाओं का लाभ आसानी से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जनपद गोरखपुर के उनवल बाजार में 4,000 से अधिक गरीबों को एक-एक मकान मिले हैं। बाईपास सड़क तथा कार्यालय भवन बन गया है। विकास का लाभ वहां बिना भेदभाव हर नागरिक को प्राप्त हुआ है। प्रदेश के 20 लाख नौजवानों को अब तक टेबलेट स्मार्टफोन का वितरण किया जा चुका है। इस संख्या को 02 करोड़ युवाओं तक पहुंचाया जायेगा, जिससे प्रदेश के युवा तकनीकी दृष्टि से सक्षम हो सकें। शहरी क्षेत्र में 2.50 लाख रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 1.50 लाख रुपये सीधे मकान बनाने के लिए पात्र परिवारों को उपलब्ध कराया जाता हैं। यह विकास की योजना के प्रति सरकार की सकारात्मक सोच का परिणाम है।

आज गोरखपुर में चारों ओर तेजी से विकास दिखाई दे रहा है। फर्टिलाइजर कारखाना वर्ष 1990 में बन्द हो गया था, आज फर्टिलाइजऱ कारखाना अपनी क्षमता से अधिक क्षमता से कार्य कर रहा है। यहां पर सैनिक स्कूल का भी निर्माण हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा हेतु एस0एस0बी0 का एक महत्वपूर्ण स्टेशन यहां गोरखपुर फर्टिलाइजर कारखाना में ही है। फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन के द्वारा चिलुआताल के साथ ही रामगढ़ताल का सुंदरीकरण हुआ है। चिलुआताल-रामगढ़ के सुन्दरीकरण के माध्यम से पर्यटन विकास परियोजनाओं को आज फ़र्टिलाइजऱ कारखाना आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 1046 करोड़ रुपए की जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवम लोकार्पण हुआ है, इनमें मिनी स्टेडियम, सड़कें, फ्लाईओवर, शैक्षणिक संस्थान, हॉस्पिटल्स की परियोजनाएं शामिल है।

इस दौरान सीएम ने कृषि विभाग, बाल विकास पुष्टाहार विभाग तथा उद्यान विभाग सहित ओ0डी0ओ0पी0 के स्टालों का अवलोकन किया। गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की एवं बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।

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सीडीएस अनिल चौहान ने उत्तर बंगाल वायु सेना स्टेशन किया दौरा

नई दिल्ली, 09 अप्रैल (एजेंसी)। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान का उत्तर बंगाल में वायु सेना स्टेशन और आस-पास के क्षेत्रों का दौरा एक महत्वपूर्ण अवसर था जिसमें वे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, विकास, परिचालन और रसद तैयारी की प्रगति की समीक्षा कर सकते थे। इसके अलावा, उन्होंने दूर-दराज के इलाकों में तैनात जवानों से भी बातचीत की और उनके ऊंचे मनोबल और पेशेवर अंदाज की सराहना की।

इस दौरे से, सीडीएस ने यह सुनिश्चित किया कि उत्तर बंगाल में वायु सेना की तैयारियों का स्तर बेहतर होता जा रहा है और वह अपने कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम होगी।जनरल अनिल चौहान ने उत्तर बंगाल और सिक्किम में अपने दौरे के दौरान बहुत सारे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों और सेना के जवानों से मिलकर स्थानीय मुद्दों पर जानकारी हासिल की और उन्हें समाधान निकालने के लिए सहायता की।

उन्होंने सेना की तैनाती को भी समीक्षा की और सुनिश्चित किया कि वे अपनी क्षमता के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं जैसे हिमस्खलन या भूकंप के समय मदद कर सकें। इसके अलावा, उन्होंने सेना के बल संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए बल के गठन की सराहना भी की।सीडीएस द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, सैनिकों को सूचना प्रौद्योगिकी में नवीनतम रुझानों और उभरते साइबर खतरों के साथ अवगत रहना चाहिए।

इसके लिए, उन्हें नियमित रूप से सूचना प्रौद्योगिकी से सम्बंधित संसाधनों का उपयोग करना चाहिए जैसे कि विभिन्न साइबर सुरक्षा टूल्स और संसाधनों का परीक्षण और उनके बारे में जानकारी लेना। वे नवीनतम सुरक्षा तकनीकों, साइबर हमलों और उनके जवाबी उपायों को भी समझने के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके अलावा, सैनिकों को साइबर सुरक्षा अभ्यास करना चाहिए ताकि वे संभवतः सामने आने वाली किसी भी सुरक्षा घटना से निपटने में सक्षम हों।

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राहुल गांधी की उम्र बढ़ रही है, समझ नहीं : नरेंद्र सिंह तोमर

इंदौर,०९ अप्रैल (एजेंसी)। कांग्रेस या कांग्रेस के साथ कुछ दल उनका लोकतंत्र में कोई भरोसा बचा नहीं है। राहुल गांधी की उम्र बढ़ रही है लेकिन दुर्भाग्य से उनकी समझ नहीं बढ़ पा रही है। यह बात इंदौर प्रवास पर आए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कही।

एक दिन पहले हुई संघ की हाई पावर मीटिंग के बाद तोमर पहुंचे थे। उन्होंने जिला और नगर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। कार्यकर्ताओं की नाराजगी मुख्य मुद्दा रही। साथ ही विधायकों के टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों को किस प्रकार से साधा जाएगा इस पर भी चर्चा की गई।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान तोमर ने कहा आज अगर राहुल गांधी को सजा हुई है तो इसके लिए उनको आत्म अवलोकन करना चाहिए, सजा उनको उनके कृत्य के कारण हुई है। इस पर भाजपा कहां आती है।

उन्होंने गलत बोला किसी व्यक्ति को तकलीफ हुई उसने कोर्ट में पिटीशन किया कोर्ट ने उनको अपना पक्ष रखना चाहिए था, अपनी दलीलें रखना चाहिए थी।  वह ऐसा मानते हैं कुल मिलाकर वह  देश के ऊपर है।

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किसानों को रुला रहा प्याज… निर्यात नहीं होने से घटे दाम

इंदौर,०९ अप्रैल (एजेंसी)। थोक मंडियों में प्याज के दाम में गिरावट का दौर जारी है। इंदौर की थोक मंडी में गत दिवस प्याज ६०० से ८०० रुपये क्विंटल के दाम पर बिके। कमजोर दाम किसानों की नाराज और निराश कर रहे हैं। किसानों की घबराहट इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि १५ अप्रैल से प्याज की आवक और बढऩे वाली है। प्याज उत्पादक किसान नाराज हैं, क्योंकि लागत भी नहीं निकल रही है।

व्यापारी कह रहे हैं कि पड़ोसी देशों की परिस्थितियां देश की मंडियों में प्याज के गिरते दामों की वजह है। किसान संघ प्याज के घटे दामों के लिए सरकार की नीतियों की जिम्मेदार बता रहे हैं। फरवरी में इंदौर थोक मंडी में प्याज के दाम १३०० क्विंटल तक थे। यानी दो महीने में दाम में ५०० रुपये क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। प्याज उत्पादक किसानों के अनुसार उत्पादन लागत ही १२०० रुपये क्विंटल है। ऐसे में प्याज कम से कम १५०० रुपये के दामों पर बिकेगा तब ही किसानों की लागत निकलकर कुछ आय हो सकेगी।

भारतीय किसान संघ के महानगर अध्यक्ष दिलीप मुकाती के अनुसार १५ अप्रैल से मालवा-निमाड़ में प्याज की आवक बढ़ेगी। दो साल से किसान-व्यापारी घाटे में हैं। केेंद्र की गलत नीतियां इसकी वजह है। सरकारी एजेंसी नाफेड अब प्याज की खरीदी करीगी, क्योंकि सरकार को खरीदी करना है इसलिए वह खुद दाम बढऩे देना नहीं चाहती। निर्यात नीति भी अस्थिर है।

देश और विदेश के व्यापारियों में डर है कि सरकार अचानक रातों-रात निर्यात प्रतिबंधित कर सकती है। अन्य देशों के व्यापारी एडवांस सौदे भी नहीं कर रहे। इंदौर आलू-प्याज व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग के अनुसार विदेशी असर प्याज के गिरते दामों की खास वजह है। श्रीलंका, बांग्लादेश भारतीय प्याज के बड़े खरीददार हैं। श्रीलंका के आर्थिक हालत बिगडऩे से वहां निर्यात नहीं हो रहा।

बांग्लादेश से भी मांग नहीं है, क्योंकि वहां स्थानीय प्याज है। निर्यात मांग नहीं निकलने और उपलब्धता अच्छी होने से दामों में गिरावट आ रही है। हालांकि उम्मीद है कि १५ दिन बाद बांग्लादेश से भाग निलने लगेगी।

कुछ व्यापारी बता रहे हैं कि बीते वर्षों में श्रीलंका-नेपाल भेजे गएप्याज के रुपयों का भुगतान अब भी अटका हुआ है। इस अविश्वास से भी निर्यात घटा है।

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जल्द जब्त की जाएंगी याकूब के परिवार की 32 गाडिय़ां

मेरठ 09 April, (एजेंसी) । पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की करोडों रुपये की कीमत की 32 गाडियां जल्द ही जब्त की जाएंगी। इसके लिए पुलिस ने आरटीओ से वाहनों की सूची भी मंगवा ली है।

इस मामले में पूर्व मंत्री के बेटों को पुलिस ने नोटिस भी जारी किया था, लेकिन पुलिस को संतोषजनक जबाव नहीं मिल सका। जल्द शिकंजा कसते हुए गाडी को जब्त किया जाएगा।

पुलिस ने पूर्व मंत्री की करीब 30 करोड रुपये की संपत्ति चिह्नित की थी। इसमें पुलिस करीब 26 करोड रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

अब 32 लग्जरी गाडय़िों को जब्त किया जाना बाकी है।

पुलिस के मुताबिक पिछले वर्ष 31 मार्च को खरखौदा थाना क्षेत्र के हापुड रोड अलीपुर अल फहीम मीटैक्स लिमिटेड मे पुलिस पांच करोड कीमत का मीट पकडा था। इस मामले में याकूब परिवार समेंत 17 लोगो के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

इसके बाद गैंगस्टर के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। सीओ रुपाली राय चौधरी का कहना है कि जल्द ही इन गाडय़िों को जब्त किया जाएगा।

वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाया अभियान

निकाय चुनाव के मद्देनजर जिला बदर और वांछितों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। शुक्रवार देर रात थाना प्रभारियों ने वांछित अपराधियों के धर पकड अभियान चलाया। पुलिस ने 249 नए अपराधियों की सूची तैयार की है।

चुनाव के पहले पुलिस बडी कार्रवाई करेगे। एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि शहर के थानेदारों को अपराधियों की सूची तैयार करने के आदेश दिए

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