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ओडिशा के बालासोर में ट्रेन हादसा, कोरोमंडल ट्रेन पटरी से उतरी, कई जख्मी

बालासोर,02 जून (एजेंसी)। बालासोर जिले में बहानागा रेलवे स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में कई यात्री जख्मी हो गए हैं. तलाशी और बचाव अभियान के लिए टीमें मौके पर पहुंच गई है. इसके अलावा घटनास्थल पर 15 एंबुलेंस पहुंच गई है. अधिकारियों ने बताया कि घायल यात्रियों को सोरो सीएचसी में शिफ्ट किया जा रहा है. हम उम्मीद करते हैं कि कुछ को अच्छी देखभाल के लिए रेफर किया जाएगा.

विशेष राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि बालासोर के कलेक्टर को भी सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए मौके पर पहुंचने और राज्य स्तर से किसी भी अतिरिक्त मदद की आवश्यकता होने पर एसआरसी को सूचित करने का निर्देश दिया गया है. वहीं सीपीआरओ दक्षिण रेलवे के मुताबिक, कई बोगियों के पटरी से उतरने की सूचना है.
रेलवे ने जारी किया इमरजेंसी नंबर

भारतीय रेलवे ने फंसे यात्रियों के परिजनों के लिए नंबर जारी किया है. किसी भी यात्रा को अपने परिवार के सदस्य को लेकर जानकारी चाहिए है तो वह  इमरजेंसी नंबर +91 6782 262 286 पर फोन कर सकते हैं. फिलहाल सामने नहीं आया है कि कितने लोग घायल हुए हैं. ऑपरेशन जारी है.

बता दें कि 12841 शालीमार-मद्रास कोरोमंडल एक्सप्रेस शालीमार से दोपहर 3.20 बजे रवाना होती है और  कुल 1656 किलोमीटर की दूरी तय करती है. अगले दिन शाम 4.50 बजे एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन (चेन्नई) पंहुचती है. ट्रेन बालासोर के पास हादसे की शिकार हुई. यह ट्रेन शाम 6.32 बजे बालासोर पहुंचती है.

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सीआईडी हिरासत में भेजे गये कुर्मी नेता कौशिक महतो

झाडग़्राम,02 जून (एजेंसी)। विगत 25 मई को अभिषेक बनर्जी के नव ज्वार कार्यक्रम के काफिले पर हमले के सिलसिले में आज कुर्मी नेता कौशिक महतो को सीआईडी द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। गौरतलब हो कि इस घटना के संदर्भ में कुल 15 लोगों के खिलाफ झाडग़्राम जिला पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा एक-एक कर कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

तथा चार आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। भाजपा नेता की गिरफ्तारी के पश्चात राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दिया था । सीआईडी टीम ने झाडग़्राम पहुंचकर भाजपा नेता जय महतो को बुधवार गिरफ्तार किया। जिसके पश्चात  पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी गिरफ्तार हुए नेताओं के परिवार वालों से मिलने झाडग़्राम के गढ़ सालबोनी पहुंचे तथा परिवार वालों से मिलकर हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

आखिरकार गत दिन एक अगली पंक्ति के कुर्मी नेता कौशिक महतो को गड़कोला से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं आज कई गैर जमानती मामले के आरोपी कौशिक महतो को  झाडग़्राम न्यायालय में पेश किया गया। सीआईडी द्वारा 8 दिनों के लिए रिमांड की अर्जी दी गई थी परंतु न्यायाधीश द्वारा आरोपी को 6 दिनों की हिरासत की मंजूरी दी गई  है। अपराध जांच विभाग द्वारा फरार अन्य चार आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया जा रहा है।

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दिन दहाड़े घर में घुसकर बीजेपी नेता की हत्या की

*घटना को लेकर भाजपा व तृणमूल के बीच जुबानी जंग शुरु*

कूचबिहार 02 June (एजेंसी) । जिले में तब सनसनी फैल गई जब दिनहाटा में एक बीजेपी नेता की हत्या की कर दी गई। पुलिस व स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार घटना दिनहाटा के शिमुलतला में घटी। जहां बीजेपी नेता प्रशांत राय बसुनिया की दिन दहाड़े उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना को लेकर तनाव व्याप्त हो गया। आरोप है कि,  बसुनिया अपनी मां के साथ अपने घर पर थे। तभी कुछ बदमाशों ने अंदर घुसकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।

कहासुनी के बाद अचानक एक बदमाश ने पिस्टल निकाली और बसुनिया को बेहद करीब से गोली मार दी। खून से लथपथ बसुनिया को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।बीजेपी इस हत्या के पीछे तृणमूल कांग्रेस समर्थित अपराधियों को दोषी करार दे रही है। विपक्ष के नेता, शुभेंदु अधिकारी ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए हत्या के पीछे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा समर्थित गुंडों की संलिप्तता का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, तृणमूल नेतृत्व डरा हुआ है क्योंकि कई जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ता सत्तारूढ़ दल को छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं। हम मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। उत्तर बंगाल के विकास मंत्री और विधायक उदयन गुहा ने दावा किया है कि इस घटना से राजनीति का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मृतक विभिन्न असामाजिक गतिविधियों में शामिल था। परिजनों के मुताबिक आज सुबह प्रशांत घर में चारपाई पर बैठा था। मकान का गेट खुला हुआ था। इसी दौरान कुछ युवक घर में घुसे और कथित तौर पर उन पर गोली चला दी।

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भाजपा का सबसे बड़ा हथियार झूठ – अखिलेश यादव

लखनऊ 02 June (एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार भाजपा सरकार की पहचान है। गरीबों, पिछड़ों और दलितों के साथ अन्याय हो रहा है। भाजपा का सबसे बड़ा हथियार झूठ का सहारा है। संविधान और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। इसलिए लोकसभा के चुनाव में भाजपा को पराजित किया जाना बहुत जरूरी हो गया है।

अखिलेश यादव आज समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में जनपद सोनभद्र और मिर्जापुर के कार्यकर्ताओं की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सन् 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, मतदाता सूची पर निगरानी रखने और व्यापक जनसम्पर्क करने का आग्रह किया। उन्होंनेे कहा कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्षों के चुनाव में भाजपा द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करने के बाद भी वह अधिकांश क्षेत्रों में पराजित हुई।

नगर निगम के चुनाव में जमकर धांधली की गई। भाजपा सरकारी संसाधनों से चुनाव को प्रभावित करती है। अखिलेश यादव ने कहा भाजपा सरकार जनता के हित में कोई काम नहीं कर रही है। निष्क्रियता और अकर्मण्यता उसका स्वभाव है। आदिवासी बहुल क्षेत्र में कोल, बिंद, गोंड, सियार, निषाद, खरवार जातियां है उनके उन्नयन व विकास के लिए कुछ नहीं हो रहा है। जमीन के पट्टे के आवंटन में धांधली की शिकायतें हैं। जो काम समाजवादी सरकार में हो रहे थे उन्हें भी बर्बाद कर दिया गया है या रोक दिया गया है। भाजपा सरकार आदिवासियों के साथ छलावा कर रही है।

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले अरविंद केजरीवाल

*केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मिला*

रांची,02 जून (एजेंसी)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अध्यादेश के खिलाफ केजरीवाल को समर्थन दिया। केजरीवाल ने मुलाकात की जानकारी ट्विटर पर साझा कर लिखा, झारखंड मुक्ति मोर्चा भी संसद में दिल्ली की जनता को अपना पूरा समर्थन देते हुए लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को बचाने के लिए खड़ी होगी। मैं दिल्लीवासियों की तरफ से हेमंत सोरेन जी का तहेदिल से शुक्रिया करता हूं।

केजरीवाल के साथ झारखंड की राजधानी रांची में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद संजय सिंह, राघव चड्ढा और विधायक आतिशी उपस्थित रहीं। बता दें कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण वाले केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ केजरीवाल ने एक दिन पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की थी। वह कई अन्य विपक्षी नेताओं से भी मिल चुके हैं। केजरीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और राहुल गांधी से भी मुलाकात का समय मांगा है।

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अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण हुआ

नई दिल्ली, 02 जून (एजेंसी)।अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सामरिक बल कमान द्वारा किया गया। यह मध्यम दूरी का मिसाइल है जिसका नाम अग्नि-1 है। इस मिसाइल की विशेषता है कि यह लक्ष्य को भेदने में कारगर है और उच्च परिशुद्धता वाली प्रणाली का उपयोग करती है। उपयोगकर्ता प्रशिक्षण लॉन्च में मिसाइल के सभी नियंत्रण और तकनीकी मापदंड सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं।

यह सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण भारतीय रक्षा शोध और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित किया गया है। भारत ने  अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण करके दुश्मनों के खेमे में खलबली मचा दी है। यह मिसाइल इतनी खतरनाक है कि आसमान में काफी ऊंचाई से दुश्मनों के घर आग बरसा सकती है। इस मिसाइल के प्रक्षेपण से चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों को जरूरत पड़ने पर सबक सिखाया जा सकेगा। इसके प्रयोग से दुश्मन बच नहीं सकेंगे।

इसके सफल प्रक्षेपण से रणनीतिक हथियार के सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सत्यापित किया गया।रक्षा मंत्रालय के अनुसार सामरिक बल कमान (एसएफसी) ने ओडिशा में ए.पी.जे.अब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल का प्रक्षेपण किया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि  ए.पी.जे.अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा से सामरिक बल कमान द्वारा एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रक्षेपण किया गया। ’’ इसमें कहा गया है, ‘‘यह सिद्ध हो चुका है कि यह मिसाइल बहुत ऊंचाई से लक्ष्य को भेदने में सक्षम हैं। इस प्रक्षेपण के जरिये मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक सत्यापित किया गया।

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1984 सिख विरोधी दंगे: जगदीश टाइटलर पर MP-MLA कोर्ट में चलेगा मुकद्दमा- सप्लीमेंट्री चार्जशीट को मंजूरी

नई दिल्ली 02 June (एजेंसी): 1984 के सिख विरोधी दंगों में आरोपी कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर के खिलाफ अब एमपी-एमएलए कोर्ट में मुकदमा चलेगा। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने टाइटलर के खिलाफ सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट को मंजूरी के साथ विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में मुकदमा चलाने के लिए ट्रांसफर कर दिया है। कोर्ट इस मामले की सुनवाई 8 जून को करेगा।

टाइटलर पर हत्या करने वाली भीड़ को उकसाने का आरोप है। सीबीआई ने पुल बंगश इलाके में हुए सिख विरोधी दंगों के मामले में हाल में टाइटलर की आवाज का नमूना लिया था। दंगों की जांच करने वाले नानावती आयोग की रिपोर्ट में टाइटलर का नाम शामिल था।

सीबीआई ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े पुल बंगश मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ 20 मई को आरोप पत्र दाखिल किया था। यह मामला तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के एक दिन बाद एक नवंबर, 1984 को पुल बंगश इलाके में एक गुरुद्वारे में आग लगाए जाने और तीन लोगों की हत्या किए जाने से जुड़ा है।

सीबीआई ने यहां एक विशेष अदालत के समक्ष दाखिल अपने आरोप पत्र में कहा था कि टाइटलर ने एक नवंबर 1984 को ”पुल बंगश गुरुद्वारा आजाद मार्केट में एकत्र भीड़ को उकसाया और भड़काया”, जिसके परिणामस्वरूप गुरुद्वारे को जला दिया गया और तीन सिखों ठाकुर सिंह, बादल सिंह और गुरु चरण सिंह की हत्या कर दी गई।

सीबीआई की चार्जशीट ने टाइटलर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की 147 (दंगा), 148, 149 (गैर कानूनी तरीके से एकत्र होना) 109 (उकसाना), 302 (हत्या) और 295 (धार्मिक स्थलों को अपवित्र करना) समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

बता दें कि, सीबीआई ने मामले में तीन क्लोजर रिपोर्ट (मामला बंद करने संबंधी रिपोर्ट) भी दाखिल की थीं, जिन्हें विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था।

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अयोध्या के अखाड़े में बृजभूषण को झटका, 5 जून की समर्थन रैली को नहीं मिली इजाजत

अयोध्या 02 June (एजेंसी): महिला पहलवानों के आरोपों में घिरे बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को झटका लगा है। बृजभूषण के समर्थन में सरयू तट किनारे बने राम कथा पार्क में 5 जून को कैसरगंज के सांसद द्वारा आयोजित जनचेतना महारैली के कार्यक्रम को करने की जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। फिर भी कार्यक्रम की तैयारियां उनके समर्थकों द्वारा की जा रही है। आस-पड़ोस के जिलों में बैनर और होल्डिंग के माध्यम से लोगों को अयोध्या चलने का आवाहन किया जा रहा है। पूरे जिले में धारा 144 लगे होने की बात बताई गई है।

बृजभूषण शरण सिंह ने कार्यक्रम में 10 लाख से अधिक भीड़ होने की बात कही है। नगर के प्रमुख साधु-संतों का उन्हें समर्थन मिल चुका है। प्रशासन ने आस-पड़ोस के जिलों में खुफिया संगठनों को सक्रिय कर दिया है। इससे संख्या बल की सही जानकारी मिल सके। क्षेत्राधिकारी एसपी गौतम के मुताबिक राम कथा पार्क में कार्यक्रम करने की अनुमति उन्हें नहीं दी गई है। क्योंकि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस का सरकारी आयोजन होना है। इस बात से उन्हें अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा बाकी अन्य स्थान पर कार्यक्रम करने के लिए उन्होंने अभी कोई आवेदन नहीं किया है। अगर करेंगे तो उस पर जांच की जाएगी। इसके बाद जिला प्रशासन निर्णय लेगा। उन्होंने बताया पूरे जिले में धारा 144 लगी हुई है। प्राइवेट आयोजनों पर पाबंदी है।

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खुद की 2660 फर्जी कंपनियां और सरकार को लगा दिया 15 हजार करोड़ का चूना, माल्या और नीरव मोदी को भी पीछे छोड़ा

नोयडा 02 June (एजेंसी): दिल्ली से सटे नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जिसने भारत के भगोडे कारोबारियों विजय माल्या और नीरव मोदी को भी पीछे छोड़ दिया है। जी हां.. नोएडा पुलिस ने जीएसटी नंबर सहित 2660 फर्जी कंपनियां बनाने वाले एक गिरोह के महिला समेत 8 लोगों को पकड़ा है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि ये लोग सरकार को प्रति माह करीब 15000 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे थे।

इस गिरोह ने फर्जी कंपनियां बनाकर देशभर में सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। नोएडा पुलिस ने मामले में सरगना समेत 8 को गिरफ्तार किया है। बता दें कि, विजय माल्या पर 9 हजार करोड़, जबकि नीरव मोदी पर 14 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड का आरोप है।

नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गुरुवार को बताया कि आरोपी दिल्ली-गाजियाबाद के तीन स्थानों पर ऑफिस खोलकर फर्जीवाड़ा कर रहे थे। आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेजों से तैयार 2600 से अधिक कंपनियों की सूची भी मिली है। पुलिस ने सरगना दीपक मुरजानी, विनीता, अश्वनी, यासीन, आकाश सैनी, राजीव, अतुल और विशाल को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

जांच में आठ हजार लोगों के पैन की डिटेल के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस गिरोह ने पांच साल में सरकार को करीब 15 हजार करोड़ का राजस्व नुकसान पहुंचाया है। गिरोह फर्जी कंपनी और फर्जी जीएसटी नंबर के आधार पर जीएसटी रिफंड ले लेता था। मार्च में मिली शिकायत के बाद पुलिस की तीन टीमों ने जांच कर गिरोह का खुलासा किया है।

सेक्टर-20 पुलिस की ओर से पकड़ा गया ठग गिरोह 2660 फर्जी कंपनियों के जरिये देशभर में फर्जीवाड़ा कर रहा था। गिरोह में शामिल आठ आरोपियों से आठ लाख लोगों के पैन कार्ड के ब्योरे समेत फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गाजियाबाद और चंडीगढ़ में छापेमारी की।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि गिरोह में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है, जो देश के अलग-अलग हिस्से में बैठकर आरोपियों के साथ ठगी कर रहे थे। जांच में आरोपियों से 12 लाख 66 हजार रुपये नगद, 32 मोबाइल, चार लैपटॉप, 118 फर्जी आधार कार्ड, तीन कार, फर्जी जीएसटी नंबर के साथ ही अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी सबसे पहले फर्जी कंपनी और जीएसटी नंबर हासिल करने के लिए निजी वेबसाइट और अन्य आउसोर्सिंग कंपनियों के जरिए लोगों के पैन कार्ड का डाटा हासिल करते थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को कुछ रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड में अपने नंबर को रजिस्टर्ड करा देते थे। इस प्रकार से एक ही व्यक्ति से मिलते-जुलते नामों के सैकड़ों लोगों के आधार कार्ड में संशोधन कर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस काम को गिरोह का सरगना दीपक मुरजानी और उसकी पत्नी विनीता और उनके साथी करते थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों से फर्जी कंपानियां और उनकी जीएसटी नंबर हासिल करते लेते थे, जिसको आरोपी उसके साथ शामिल किए गए चार्टर्ड अकाउंटेंट को बेच देते थे।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह के सरगना दीपक मुरजानी द्वारा तैयार की गई फर्जी कंपनी और जीएसटी नंबर को गिरोह में शामिल 12 सीए हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे पूरे देश में फैले उनके क्लाइंट को कम दरों में जीएसटी इनपुट क्रेडिट रिफंड और ब्लैक मनी को व्हाइट कराने के लुभावने ऑफर देते थे। वे सरकार से लाखों रुपये का इनपुट क्रेडिट का रिफंड भी अलग-अलग तरीके से ले लिया करते थे। गिरोह के सीए इन कंपनियों का जीएसटी बिल भी बेच देते थे।

लक्ष्मी सिंह, (पुलिस कमिश्नर, गौतमबुद्ध नगर) ने कहा, ”फर्जी कंपनी बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह का खुलासा किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है। मामले की जांच के लिए जीएसटी विभाग के साथ ही अन्य एजेसियों को भी सूचित किया है।”

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यूपी में धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा कड़ी

लखनऊ 02 June (एजेंसी): उत्तर प्रदेश में अयोध्या, वाराणसी और मथुरा जैसे हिंदू धार्मिक स्थलों पर आतंकी खतरे की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि विस्फोटक और अवांछित सामग्री का पता लगाने के लिए एंटी-सबोटेज जांच दलों को इन स्थानों पर तैनात किया जाएगा। एडीजी (सुरक्षा) विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में दो नए जांच दल तैनात किए जाएंगे, जबकि एक-एक वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और मथुरा के वृंदावन मंदिर में तैनात किए जाएंगे।

दस टीमों को गुरुवार को उनके गंतव्य स्थलों के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

उन्होंने कहा, चार टीमों को धार्मिक स्थलों पर तैनात किया जाना है, छह अन्य लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, मुरादाबाद, आगरा और झांसी में राजकीय रेलवे पुलिस डिवीजनों में तैनात रहेंगे।

एडीजी ने कहा कि हाल ही में राज्य सुरक्षा मुख्यालय के शस्त्रागार में बम का पता लगाने और निपटान दस्ते (बीडीडीएस) और तोड़फोड़ रोधी जांच टीमों को जोड़ा गया था।

अप्रैल में अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा जांच के लिए दो बीडीडीएस और दो एंटी-तोड़फोड़ जांच दल तैनात किए गए हैं। एक बीडीडीएस लखनऊ में सचिवालय परिसर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में तैनात किया गया है।

एडीजी ने कहा कि 1987 में पांच बीडीडीएस टीमें थीं, जो 2010 में बढ़कर 26 हो गईं।

उन्होंने कहा, वर्तमान में, उत्तर प्रदेश सुरक्षा मुख्यालय में 61 एएस जांच दल और 31 बीडीडीएस दल हैं। सभी बीडीडीएस दल आवागमन के लिए एसी बसों से सुसज्जित हैं।

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प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के लिए उलटी गिनती शुरू

प्रयागराज 02 June, (एजेंसी): महाकुंभ 2025 की उलटी गिनती आधिकारिक रूप से मुख्य स्नान पर्वों की तारीखों की घोषणा करने वाले होडिर्ंग के साथ शुरू हो गई है। होडिर्ंग प्रयागराज में राज्य पर्यटन विभाग के कार्यालय के बाहर होटल राही इलावर्त परिसर के पास लगाया गया है। राज्य के पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मेगा धार्मिक मेला 45 दिनों तक चलेगा।

अधिकारी ने आगे कहा कि मेले के पहले 21 दिनों के भीतर ही तीन ‘शाही स्नान’ आयोजित किए जाएंगे।

डी.पी. होटल इलावर्त राही के सीनियर मैनेजर सिंह ने कहा, ‘यह होडिर्ंग होटल प्रशासन ने लगाया है। इसका मकसद महाकुंभ-2025 का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करना है, ताकि दुनिया भर से लोग इसका हिस्सा बनें। यह अनोखा और सबसे सम्मानित कार्यक्रम है। स्नान उत्सवों की तारीखों से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को अपनी यात्राओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

होडिर्ंग के ऊपर मोटे अक्षरों में महाकुंभ 2025 लिखा हुआ है। इसके बाद ‘दुनिया का सबसी बड़ी आध्यात्मिक सभा’ का वर्णन है।

होडिर्ंग में महाकुंभ-2025 के स्नान की तारीखों का जिक्र है। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही इस तरह के होडिर्ंग देश के कोने-कोने में लगाए जाएंगे।

2025 में, मेला 13 जनवरी, 2025 को पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ शुरू होगा, इसके बाद 14 जनवरी को ‘मकर संक्रांति’ शाही स्नान और 29 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान पर्व होगा।

इस मेले का तीसरा और अंतिम शाही स्नान ‘बसंत पंचमी’ का स्नान पर्व 3 फरवरी, 2025 को होगा।

होडिर्ंग में यह भी लिखा है कि अचला सप्तमी का स्नान 4 फरवरी को होगा और माघी पूर्णिमा का स्नान 12 फरवरी को होगा।

महाशिवरात्रि का अंतिम आधिकारिक स्नान पर्व 26 फरवरी को होगा।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने माना कि ऐसा पहली बार हुआ है कि धार्मिक मेले का प्रचार-प्रसार कई महीने पहले होडिर्ंग के माध्यम से शुरू हो गया है।

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वायनाड में चुनाव जीतने को राहुल गांधी मुस्लिम लीग को बता रहे धर्मनिरपेक्ष पार्टी : मालवीय

नई दिल्ली 02 June (एजेंसी): अमेरिकी यात्रा पर गए राहुल गांधी द्वारा मुस्लिम लीग को धर्मनिरपेक्ष पार्टी बताने की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा है कि केरल के वायनाड लोक सभा सीट पर अपनी स्वीकार्यता बनाये रखने ( फिर से चुनाव जीतने के लिए ) के लिए अब राहुल गांधी भारत विभाजन के लिए जिम्मेदार जिन्ना की पार्टी मुस्लिम लीग को भी धर्मनिरपेक्ष पार्टी बताने लगे हैं। मालवीय ने मुस्लिम लीग को राहुल गांधी द्वारा धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल बताने के बयान के अंश को शेयर करते हुए ट्वीट कर कहा, जिन्ना की मुस्लिम लीग, जो पार्टी धार्मिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार है, राहुल गांधी के अनुसार एक ‘धर्मनिरपेक्ष’ पार्टी है।

भाजपा नेता ने इस बयान को राहुल गांधी की वायनाड से लोक सभा चुनाव जीतने की मजबूरी करार देते हुए आगे कहा, वायनाड में स्वीकार्य रहना भी उनकी मजबूरी है।

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झारखंड में स्कूलों के नाम बदलने को लेकर विवाद शुरू

रांची 02 June (एजेंसी): झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा कई स्कूलों के नाम बदलने को लेकर विवाद छिड़ गया है। राज्य में कुछ दिन पहले शुरू की गई सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत चयनित 80 स्कूलों के नाम मुख्यमंत्री द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार बदल दिए गए हैं।

लोहरदगा में नादिया हिंदू हाई स्कूल और चास में राम रुद्र हाई स्कूल दो ऐसे शैक्षणिक संस्थान हैं, जिन्होंने राज्य सरकार द्वारा अपने नाम बदलने का विरोध किया है।

राज्य शिक्षा विभाग के एक आदेश के बाद नदिया हिंदू हाई स्कूल से ‘हिंदू’ शब्द हटा दिया गया है। स्कूल का नाम बदलकर जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस लोहरदगा कर दिया गया है।

इसी तरह चास के राम रुद्र हाई स्कूल से ‘राम रुद्र’ शब्द हटा दिया गया है, और धनबाद के एसएसएलएनटी गराजकीय कन्या विद्यालय से ‘एसएसएलएनटी’ (श्री श्री लक्ष्मी नारायण ट्रस्ट) शब्द हटा दिया गया है।

लोहरदगा के नादिया हिंदू हाई स्कूल की स्थापना 1931 में भारत के आजादी से पहले जमीन के मालिक घनश्याम दास बिड़ला ने की थी, जिन्होंने इस स्कूल को बनाने के लिए अपनी जमीन दान की थी, जिसे बाद में बिहार सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया था।

उस वक्त भी बिड़ला ने शर्त रखी थी कि वह जमीन राज्य सरकार को देंगे, लेकिन स्कूल का नाम नदिया हिंदू हाई स्कूल ही रहेगा।

झारखंड सरकार के इस फैसले का पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोहरदगा से सांसद सुदर्शन भगत ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला ‘गलत’ है और ‘तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा’ है।

शिक्षाविद् मदन मोहन पांडेय ने बताया कि बिरला ने जमीन दान करते समय यह शर्त रखी थी कि स्कूल का नाम हमेशा नदिया हिंदू हाई स्कूल ही रहेगा। इस स्कूल भवन के निर्माण में राय साहेब बलदेव साहू, श्रीकृष्ण साहू और मनु बाबू सहित कई लोगों ने आर्थिक मदद की थी।

पांडेय ने कहा, राज्य सरकार की ओर से स्कूल से ‘हिंदू’ शब्द हटाना गलत है।

झारखंड सरकार द्वारा बदले गए अन्य स्कूलों में गढ़वा स्थित आरके गर्ल्स स्कूल, झुमरी तिलैया स्थित सीडी गर्ल्स स्कूल, रामगढ़ कैंट का एसएस गर्ल्स हाई स्कूल और हजारीबाग का जिला स्कूल शामिल हैं।

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नाम बदलना मौलिक अधिकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज 02 June (एजेंसी): इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि पसंद का नाम रखने या व्यक्तिगत पसंद के अनुसार नाम बदलने का अधिकार भारत के संविधान में निहित मौलिक अधिकारों के दायरे में आता है। न्यायमूर्ति अजय भनोट ने समीर राव की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया, जिसमें उत्तर प्रदेश के बरेली में माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय सचिव ने नाम बदलने वाले एक आवेदन को खारिज कर दिया था।

हाईकोर्ट ने उत्तरदाताओं को याचिकाकर्ता को शाहनवाज से एमडी समीर राव में अपना नाम बदलने और उक्त परिवर्तन को शामिल करते हुए नए हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड द्वारा हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा प्रमाणपत्रों में अपना नाम बदलने के लिए अपने आवेदन की अस्वीकृति को चुनौती दी थी।

अपने फैसले में, हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि पसंद का नाम रखने या व्यक्तिगत वरीयता के अनुसार नाम बदलने का अधिकार अनुच्छेद 19 (1) (अ), अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के दायरे में आता है।

हाईकोर्ट ने कहा, अधिकारियों ने मनमाने ढंग से नाम बदलने के आवेदन को खारिज कर दिया और कानून में खुद को गलत तरीके से निर्देशित किया। अधिकारियों की कार्रवाई अनुच्छेद 19 (1) (ए), अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 14 के तहत गारंटीकृत याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।

तथ्यों के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 2013 और 2015 में जारी किए गए हाई स्कूल परीक्षा प्रमाण पत्र और इंटरमीडिएट परीक्षा प्रमाण पत्र में याचिकाकर्ता का नाम क्रमश: शाहनवाज के रूप में दर्ज था।

सितंबर-अक्टूबर 2020 में, उसने सार्वजनिक रूप से अपना नाम शाहनवाज से बदलकर एमडी समीर राव करने का खुलासा किया।

इसके बाद, उसने 2020 में बोर्ड में अपना नाम शाहनवाज से बदलकर एमडी समीर राव करने के लिए आवेदन किया। 24 दिसंबर, 2020 उक्त आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया था।

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रद्द नहीं हो सकता देशद्रोह कानून, लॉ कमीशन ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट

दिल्ली 02 June (एजेंसी): देशद्रोह कानून पर लॉ कमीशन (विधि आयोग) ने अपनी रिपोर्ट  केंद्र सरकार को सौंप दी है। उसका कहना है कि देशद्रोह से निपटने के लिए आईपीसी की धारा 124ए को बनाए रखने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में कहा कि इसे निरस्त करने से देश की अखंड़ता और सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है।

कानून मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में आयोग ने कहा कि राजद्रोह कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र कुछ दिशा-निर्देश तैयार कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा IPC की धारा 124A के दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ सुरक्षा उपायों के साथ बरकरार रखा जाना चाहिए। प्रावधान के उपयोग को लेकर ज्यादा स्पष्टता के लिए कुछ संशोधन किए जा सकते हैं। रिपोर्ट में कहा कि धारा 124A के दुरुपयोग पर विचारों का संज्ञान लेते हुए इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार दिशानिर्देश जारी करे। जिससे इसमें और पारदर्शिता आए।

22वें लॉ कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस रितु राज अवस्थी (सेवानिवृत्त) ने कुछ सुझाव भी दिए हैं। रिपोर्ट में दिए गए सुझाव में कहा कि IPC की धारा 124A जैसे प्रावधान की अनुपस्थिति में, सरकार के खिलाफ हिंसा भड़काने वाली किसी भी अभिव्यक्ति पर निश्चित रूप से विशेष कानूनों और आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, जिसमें अभियुक्तों से निपटने के लिए कहीं अधिक कड़े प्रावधान हैं। रिपोर्ट में कहा कि यह (कानून खत्म करना) ठीक नहीं है, क्योंकि ऐसा करना भारत में मौजूद जमीनी हकीकत से आंखें मूंद लेने की तरह होगा।

रिपोर्ट में कहा कि आईपीसी की धारा 124A को केवल इस आधार पर निरस्त नहीं किया जा सकता क्योंकि कुछ देशों ने ऐसा किया है। रिपोर्ट में कहा कि यह ठीक नहीं है क्योंकि ऐसा करना भारत में मौजूद जमीनी हकीकत से आंखें मूंद लेने की तरह होगा। रिपोर्ट में कहा कि इसे निरस्त करने से देश की अखंड़ता और सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है।

रिपोर्ट में कहा कि अक्सर यह कहा जाता है कि राजद्रोह का अपराध एक औपनिवेशिक विरासत है। जो उस युग (अंग्रेजों के जमाने) पर आधारित है। इसमें इसे अधिनियमित किया गया था। विशेष रूप से भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ इसके उपयोग के इतिहास को देखते हुए ये बात कही जाती है। लेकिन ऐसे में तो भारतीय कानूनी प्रणाली का संपूर्ण ढांचा एक औपनिवेशिक विरासत है। फिर तो सबको बदलने की जरुरत है।

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श्रीलंका में भारतीय आई ड्रॉप से 35 लोगों की आंखें संक्रमित, दवा पर लगाई गई रोक

नई दिल्ली 02 June  (एजेंसी): श्रीलंका के अस्पतालों में 35 मरीजों में आंखों का संक्रमण बढ़ने पर भारत निर्मित दवा की जांच शुरू हुई है।  केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात की फार्मा कंपनी की दवा की जांच की जा रही है।

शिकायत मिली है कि मिथाइल प्रेडनिसोलोन आई ड्रॉप का उपयोग करने के बाद मरीजों में बैक्टीरिया संक्रमण बढ़ा है। इसी साल मार्च में कंपनी ने आईड्रॉप के दो बड़े बैच श्रीलंका निर्यात किए, लेकिन अप्रैल में वहां के तीन बड़े अस्पतालों में करीब 30 लोगों ने दवा लेने के बाद आंखों में संक्रमण की शिकायत की।

इसके बाद श्रीलंका की सरकार ने न सिर्फ दवा पर तत्काल रोक लगाई, बल्कि उसके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी। इस बीच कंपनी ने भी अपनी दवाओं को वापस ले लिया। श्रीलंका सरकार ने 16 मई को पत्र लिखकर भारत से भी निष्पक्ष जांच की अपील की। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ। मनसुख मांडविया ने चेतावनी देते हुए कहा कि फार्मा उद्योग देश की साख से जुड़ा है। अगर गुणवत्ता से समझौता किया जाता है तो यह देश के लिए अच्छा नहीं रहेगा और इसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका से पत्र मिलने के बाद तत्काल दवा की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी के मौजूदा बैच को सील कर दिया गया है। नमूने केंद्रीय प्रयोगशाला भेजे हैं, जहां से 10 से 15 दिन में रिपोर्ट मिलने की संभावना है।

यह नौ माह में चौथा ऐसा मामला है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। पहले गांबिया और उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत के पीछे भारतीय कंपनियों के कफ सीरप को जिम्मेदार ठहराया गया था। जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फार्मा क्षेत्र की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए थे। इसी तरह का एक मामला मार्शल आइलैंड्स और माइक्रोनेशिया में भी सामने आया, जिसके बाद बीते अप्रैल माह में डब्ल्यूएचओ ने अलर्ट जारी किया।

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कालीघाट के काकू का ईडी की पूछताछ में खुलासा

*पार्थ चटर्जी ही है शिक्षा घोटाले का मुखिया*

कोलकाता  01 जून,(एजेंसी)। गिरफ्तारी के बाद सुजय कृष्ण भद्र उर्फ कालीघाट के काकू ने ईडी को पूछताछ में तमाम ऐसे तथ्य दिए हैं जिससे ममता सरकार पर सवाल उठ सकते हैं। राज्य के चर्चित स्कूल भर्ती मामले में गिरफ्तार सुजय कृष्ण भद्र ने स्कूल भर्ती मामले में पार्थ चटर्जी को ही सरगना के तौर पर चिन्हित किया है। सुजय कृष्ण भद्र उर्फ कालीघाट के काकू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों द्वारा पूछताछ के दौरान राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी को मामले का एकमात्र किंगपिन बता रहे हैं।

भद्र लगातार चटर्जी का नाम उन मुद्दों में भी शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जहां राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री की संलिप्तता के बारे में कोई सबूत अभी तक नहीं है। सूत्रों ने कहा कि भद्र ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक और पश्चिम बंगाल प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीपीई) के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के साथ अपने संबंधों के बारे में पूछताछ करने वालों को गुमराह करने की भी कोशिश की, जो स्कूल में भर्ती के कथित संबंधों के आरोप में न्यायिक हिरासत में भी हैं। पूछताछ के दौरान, भद्र ने दावा किया कि उसका भट्टाचार्य से परिचय 2021 में ही हुआ था। हालांकि, उसके मोबाइल फोन से बरामद व्हाट्सएप चैट इतिहास 2018 से भट्टाचार्य के साथ भद्र के संचार को स्थापित करता है।

निश्चित रूप से, वह बहुत सारी जानकारी को डायवर्ट करने की कोशिश कर रहा है, जिसकी हमें उम्मीद है। बुधवार को ही कोलकाता में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने भद्र को 14 जून तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले 30 मई को केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने 12 घंटे से अधिक की मैराथन जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। ईडी के वकील ने बुधवार को अदालत को एक सिविक वालंटियर राहुल बेरा के बारे में भी बताया, जिसे भद्र ने मामले से संबंधित सभी इलेक्ट्रॉनिक डेटा को हटाने का निर्देश दिया था। ईडी सूत्रों ने कहा कि बेरा को जल्द ही एजेंसी के कार्यालय में बुलाया जाएगा और उनसे भद्र के साथ पूछताछ की जाएगी।

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कुशीनगर में भाजपा महा जनसंपर्क अभियान की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री झारखंड रघुबर दास करेंगे

कुशीनगर  01 जून,(एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सफलतम 9 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे महा जनसंपर्क अभियान कुशीनगर लोकसभा में की शुरुआत शनिवार 3 जून से होगा । जो आगामी 30 जून तक चलेगा। जिसके अंतर्गत लोकसभा से लेकर बूथ स्तर तक 14 तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास,राज्यसभा सांसद कृष्ण लाल पंवार, पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र यादव, प्रभारी मंत्री सतीश शर्मा, जिला प्रभारी रमेश सिंह जिलाध्यक्ष डॉ प्रेमचन्द मिश्र और कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे शनिवार को प्रेस-वार्ता, व्यापारी सम्मेलन और सोशल मीडिया वालंटियर सम्मेलन के जरिए महा जनसंपर्क अभियान के साथ ही मिशन 2024 का आगाज करेंगे।
यह जानकारी भारतीय जनता पार्टी कुशीनगर जिलाध्यक्ष डॉ प्रेमचन्द मिश्र के हवाले से जिला मीडिया प्रभारी विश्वरंजन कुमार आनन्द ने दिया। उन्होंने बताया कि कुशीनगर लोकसभा में महाजनसंपर्क अभियान के अन्तर्गत शनिवार को अपराह्न 02 बजे रायल रेजीडेंसी होटल कुशीनगर में प्रेस-वार्ता, 03 बजे पार्थ रिजार्ट रामकोला रोड पडरौना में व्यापारी सम्मेलन और 05 बजे मंगलम मैरेज हॉल हाटा में सोशल मीडिया वालंटियर का लोकसभा स्तरीय सम्मेलन आयोजित होगा सभी कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और उपरोक्त विशिष्ट अतिथि गण के साथ कुशीनगर विधायक पीएन पाठक, पडरौना विधायक मनीष जायसवाल मंटू, हाटा विधायक मोहन वर्मा, रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोंड और खड्डा विधायक विवेकानन्द पाण्डेय और मौजूद रहेंगे

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कूचबिहार-कोलकाता फ्लाइट हफ्ते में सात दिन भरेंगी उड़ान

कूचबिहार 01 June (एजेंसी) । कूचबिहार-कोलकाता हवाई सेवा गुरुवार से सप्ताह के सातों दिन चलेगी. अभी तक कूचबिहार-कोलकाता उड़ानें सप्ताह में छह दिन संचालित होती थी. रविवार को सेवाएं बंद रहती थी. हालांकि एयरलाइन ने यात्रियों की मांग के मुताबिक हफ्ते के हर दिन उड़ान भरने का फैसला किया है.

उल्लेखनीय है कि जब सेवा फरवरी में शुरू की गई थी तब उड़ान सप्ताह में पांच दिन संचालित होती थी. इसके बाद उड़ान 22 अप्रैल से सप्ताह में छह दिन की गई थी. कूचबिहार  के जिलाधिकारी पवन कादियान ने कहा कि कूचबिहार-कोलकाता उड़ान सेवा यात्रियों की मांग पर आज से सप्ताह के हर दिन उड़ान भरेंगी. विमान सेवा को भविष्य में और बेहतर किया जाएगा.

कूचबिहार-कोलकाता रूट पर नौ सीट वाला विमान चल रहा है. एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम पहले से ही चल रहा है. लोक निर्माण विभाग एयरपोर्ट को जाने वाली सड़क के जीर्णोद्धार का काम कर रहा है. जून तक सड़क का काम पूरा कर लिया जाएगा.

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मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना बनी वरदान, दुग्ध उत्पादन में अव्वल राजस्थान

जयपुर 01 जून,(एजेंसी)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्व दुग्ध दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि ‘यह गर्व का विषय है कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पूरे देश में पहले नंबर पर है।’ राजस्थान के दुग्ध उत्पादकों ने देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 15.05 प्रतिशत कर प्रदेश का परचम लहरा दिया, इसके लिए राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना का बहुत बडा योगदान है।

केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग की वार्षिक प्रकाशन ‘बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी 2022’ के अनुसार  2021-22 में 221.06 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन हुआ जो गत वर्ष की तुलना में 5.29 प्रतिशत ज्यादा था। राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश 14.93, मध्यप्रदेश 8.06, गुजरात 7.56 एवं आंध्रप्रदेश 6.97 प्रतिशत के साथ अन्य मुख्य दुग्ध उत्पादक राज्य हैं। दूध की विश्वव्यापी महत्ता को दुखते हुए 1 जून, 2001 से विश्व दुग्ध दिवस की शुरूआत की गई थी। राजस्थान कॉ-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रबंध निदेशक कहती हैं कि देश में सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन राजस्थान में हो रहा है इसका श्रेय मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना को दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2019 में इस योजना की शुरूआत की, इसके बाद 2022-23 की बजट घोषणा में दुग्ध उत्पादकों को दिया जाने वाला अनुदान 2 रूपए प्रति लीटर से बढा कर 5 रूपए प्रति लीटर कर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि दुग्ध उत्पादन तेजी से बढा, उत्पादकों की आय बढी तो पशु बढे और घर में खुशहाली आई। सुषमा कहती हैं कि योजना की शुरूआत सु लेकर अब तक 1109 करोड रूपएका अनुदान दुग्ध उत्पादकों को दिया जा चुका है। इस वित्तीय वर्ष में 550 करोड रूपए अनुदान के रूप में दिया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सरस डेयरी ने 10 जनवरी, 2023 को एक दिन में 52 लाख, 51 हजार लीटर दूध का संकलन कर एक कीर्तिमान स्थापित किया, 1977 में अपनी स्थापना के बाद 45 सालों में ऐसा पहली बार हुआ। इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि आरसीडीएफ से जुडी गांव स्तर पर 17,805 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां हैं, जिनका सफल संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर देने के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 5 हजार डेयरी बूथ खोलने की घोषणा करते हुए कहा था कि इनमें से एक हजार डेयरी बूथ महिलाओं एवं महिला स्वयंसहायता समूहों को दिए जाएंगें। इसकी पालना में 31 अगस्त, 2022 तक 434 डेयरी बूथ आवंटित कर दिए जिनमें से 282 बूथ महिलाओं और समूहों को आवंटित किए गए। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी 5 हजार से अधिक डेयरी बूथ खोलने की घोषण की गई थी, 31 मार्च, 2022 तक 5 हजार, 269 डेयरी बूथ खोले गए।

जयपुर जिले के ग्राम रामपुरा डाबडी की दुग्ध उत्पादक रजनी देवी का कहना है कि मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना से मुझे आर्थिक रूप से बहुत मजबूती मिली है। इस योजना से मिलने वाले पैसों से पशुओं के आहार आदि खरीदने में मदद मिलती है। यह योजना पशुपालकों के लिए वरदान है। इसी तरह दौसा जिले के ग्राम खेडला के दुग्ध उत्पादक राजेश ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से मिल रहे अनुदान से मेरे जीवन स्तर में सुधार आया है, आय में वृद्धि हुई है और हमारी मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिलने लगा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने बाल गोपाल योजना के तहत 67,760 शिक्षण संस्थानों के 68.56 लाख बच्चों को निशुल्क दूध वितरण का निर्णय किया है जिसमें आरसीडीएफ की बहुत बडी भूमिका है।

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इसरो लॉन्च करेगा चंद्रयान-3 : रूस ने भारत के लिए मून लैंडर स्थगित किया, इसरो चीफ बोले- देश इतिहास रचेगा

नई दिल्ली 01 जून,(आरएनएस)। भारत का स्पेस शिप चांद पर उतरने को तैयार है। इसरो 3 जुलाई को चंद्रयान-3 लॉन्च करेगा। इसे देखते हुए रूस ने मून लैंडर मिशन को स्थगित कर दिया है ताकि चंद्रयान-3 को चंद्रमा पर उतरने का मौका मिल सके। अगर चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग सफल रहती है तो भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन चंद्रमा पर अपने यान उतार चुके हैं।
चंद्रयान-2 मिशन को 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया गया था। करीब 2 महीने बाद 7 सितंबर 2019 को चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने की कोशिश कर रहा विक्रम लैंडर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद से ही भारत चंद्रयान-3 मिशन की तैयारी कर रहा है।
भारत इतिहास रचेगा

इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान -2 मिशन में हम असफल हुए थे। जरूरी नहीं कि हर बार हम सफल ही हों, लेकिन बड़ी बात ये है कि हम इससे सीख लें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि असफलता मिलने का मतलब ये नहीं कि हम कोशिश करना ही बंद कर दें। चंद्रयान- 3 मिशन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और हम इतिहास रचेंगे।

बता दें कि चंद्रयान मिशन के तहत इसरो अपना स्पेस शिप चंद्रमा पर भेजता है। इसका मकसद है चांद पर गतिविधियों को समझना। भारत ने पहली बार 2008 में चंद्रयान की लॉन्चिग की थी, लेकिन इसरो इस मिशन में सफल नहीं हो सका। इसके बाद 2009 में चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में भी भारत को असफलता मिली। अब भारत चंद्रयान-3 लॉन्च करके इतिहास रचने की कोशिश में है। इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से होगी।

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भोपाल का गौरव दिवस आज, अगले साल रहेगा अवकाश

भोपाल 01 Jun (एजेंसी): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का आज विलीनीकरण दिवस है, इसे भोपाल के गौरव दिवस के रुप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अगले साल भोपाल गौरव दिवस के मौके पर शासकीय अवकाश रखने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने इस मौके पर शहर को साफ सुथरा रखने वाले सफाई मित्रों का सम्मान किया और शहर के गौरव में इन का बड़ा योगदान है। साथ ही यह भी कहा कि आज अपने शहर को स्वच्छ और सुंदर रखने का संकल्प लेते हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है भोपाल का गौरवपूर्ण इतिहास सबको पता रहे, इसके लिए शोध संस्थान जैसी रचना बनाकर राजा भोज, रानी कमलापति से लेकर भोपाल का अब तक का इतिहास उसमें समाहित हो सके, इसके प्रयास किए जाएंगे। अगले साल एक जून को भोपाल में अवकाश भी रखा जाएगा।

चौहान ने कहा है कि कई महापुरुषों ने भोपाल विलीनीकरण की लड़ाई लड़ी। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की कोशिशों से एक जून 1949 को भोपाल भारत का अंग बना, इसलिए भोपाल ने तय किया है कि भोपाल की आजादी का दिन ही गौरव दिवस होगा।

ज्ञात हो कि देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन भोपाल स्वतंत्र नहीं हुआ था, यहां के नवाब ने भोपाल रियासत को भारत में विलीन करने से इंकार कर दिया था। उस दौरान विलीनीकरण आंदोलन चला और लगभग पौने दो साल भोपाल में रियासत में रहने वाले लोगों ने भोपाल को भारत मे विलीन कराने के लिए आंदोलन चलाया था, इसमें कई लोग शहीद हुए थे।

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बदायूं मस्जिद पूजा स्थल अधिनियम के तहत संरक्षित : एएसआई

बदायूं 01 Jun (एजेंसी): भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने एक अदालत के समक्ष कहा है कि बदायूं में 800 साल पुरानी जामा मस्जिद पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 के तहत संरक्षित है, यह 15 अगस्त, 1947 को जैसे थी, वैसे ही रहेगी।

एएसआई अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) द्वारा पिछले साल 8 अगस्त को बदायूं की एक दीवानी अदालत में दायर एक याचिका का जवाब दे रहा था, इसमें दावा किया गया था कि मस्जिद ‘एक प्राचीन शिव मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी’, इसकी पुष्टि के लिए सर्वेक्षण करना चाहिए।

एएसआई और केंद्र की ओर से पेश वकील (सिविल) संजीव कुमार वैश्य ने अदालत में जवाब दाखिल किया।

कुमार ने संवाददाताओं से कहा, हमने चार आपत्तियां उठाई हैं और अदालत तय करेगी कि मामला विचारणीय है या नहीं।

कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 30 जुलाई तय की है।

यह स्थल मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे साम्राज्ञी रजिया सुल्ताना का जन्मस्थान माना जाता है, जबकि हिंदुओं का मानना है कि नीलकंठ के एक प्राचीन मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था।

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गहलोत की घोषणा पर बोली भाजपा, ध्यान भटकाने के लिए कर रहें झूठी घोषणाएं

नई दिल्ली 01 Jun (एजेंसी): राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर जंगलराज का आरोप लगाते हुए भाजपा ने राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। अशोक गहलोत ने राजस्थान में  देर रात को बिजली बिलों में मिलने वाली स्लैबवार छूट में बड़ा बदलाव करते हुए जनता को राहत देने की घोषणा की। लेकिन भाजपा ने सीएम गहलोत को स्टेयरिंग फ्री मुख्यमंत्री बताते हुए आरोप लगाया कि महिला अत्याचार, जंगलराज, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से ध्यान भटकाने के लिए अशोक गहलोत झूठी घोषणाएं कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने मुख्यमंत्री गहलोत पर आरोप लगाते हुए ट्वीट कर कहा, राजस्थान मे आजकल स्टेयरिंग फ्री मुख्यमंत्री काम कर रहे है, जो रोज महिला अत्याचार, जंगलराज, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से ध्यान भटकाने के लिए झूंठी घोषणाएं कर रहे हैं।

सिंह ने राजस्थान में गहलोत सरकार पर जंगलराज का आरोप लगाते हुए आगे कहा कि जनता सब जानती है और अशोक गहलोत सरकार को सबक सिखाने को तैयार है।

आपको बता दें कि, बुधवार शाम को राजस्थान के अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी रैली कर अपनी सरकार के 9 साल के कामकाज का रिपोर्ट पेश करने के साथ-साथ कांग्रेस और राजस्थान सरकार पर जमकर निशाना साधा था।

प्रधानमंत्री की अजमेर रैली के बाद बुधवार को ही देर रात में अशोक गहलोत ने बिजली बिलों को लेकर यह ऐलान कर दिया।

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