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केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पहुंचे ऊना, सोमभद्रा नदी पर बने घालुवाल पुल को हुए नुकसान का लिया जायजा

ऊना 17 Jully (एजेंसी): केंद्रीय खेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ऊना जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान ऊना हरोली सीमा पर स्थित घालुवाल मे सोमभद्रा नदी के ऊपर बने पुल की शुरुवाती दीवार टूटने से हुए नुकसान का जायज़ा लेने पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ ऊना सदर के विद्यायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व केबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर , एच पीएसआईडीसी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो राम कुमार उपस्थित रहे। बारिश के चलते प्रभावित हुए घालुवाल पुल पर पहुंच पुल की स्थिति को देखा। उन्होंने आपदा प्रभावित इलाके का दौरा भी किया।

इसके ऊपरांत केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उपायुक्त कार्यालय परिसर के बचत भवन में आयोजित दिशा समिति की बैठक में भारी बारिश के चलते जिला में हुए नुकसान का अधिकारियों से जायजा भी लिया। वहीं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा की हिमाचल प्रदेश में आई आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार प्रदेश की पूरी मदद कर रही है। जिसके मद्देनजर आपदा के दौरान पहाड़ों में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए 13 एनडीआरएफ की टीम सहित भारतीय वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर भेजने का काम किया तो साथ ही 361 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद कर संकट की इस घड़ी में प्रदेश को राहत देने काम भी किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मानूसन का दौर थमने के बाद हिमाचल सरकार प्रदेश में हुए नुकसान को लेकर जो रिपोर्ट भेजेगी उस हिसाब से केंद्र सरकार हिमाचल सरकार को राहत देने का काम भी जरूर करेगी।

अनुराग ठाकुर ने दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा आपदा के पानी को लेकर दिए बयान पर उन्होंने करते हुए कहा कि घड़ी में सभी सरकारों को एक साथ खड़ा होना चाहिए ना कि एक दूसरे पर शब्दों का प्रहार करके अपनी अपनी नाकामियों को छुपाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को गिरते हुए कहा कि दिल्ली सीएम हमेशा अपनी जिम्मेवारियों से भागते नजर आये हैं और दिल्ली सरकार का 09 साल का कार्यकाल विफल देखने को मिला है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड काल से लेकर बिजली की समस्या तक और दिल्ली में बाढ़ की स्थिति के दौरान अरविंद केजरीवाल केवल दूसरों पर ठीकरा फोड़ते आए है। जिससे उनकी लोगों के प्रति केवल नाकामयाबी ही साबित हुई है।

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जालंधर में सावन के दूसरे सोमवार प्राचीन शिव मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब, सैकड़ों शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक

जालंधर 17 Jully (एजेंसी): सावन मां के दूसरे सोमवार और सोमवती अमावस्या के एक ही दिन होने के दुर्लभ संयोग पर सैकड़ों भक्तों ने दोमोरिया पुल के नजदीक पुरानी रेलवे रोड पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भोले बाबा का जलाभिषेक किया। सूर्य उदय से पूर्व मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी पंक्तियां लगनी शुरू हो गई थी। शास्त्रों में बताया गया है कि सोमवती अमावस्या के दिन श्राद्ध कर्म, तर्पण, स्नान एवं दान करने से साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आ रही कई प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस बार सोमवती अमावस्या के साथ श्रावण सोमवार एवं सोमवार व्रत का अद्भुत एवं सुन्दर संयोग बना।

सावन माह के बीच में पुरुषोत्तम मास आने के कारण इस बार सावन मास की अवधि 59 दिनों की है और इस बार सावन मास में 8 सोमवार हैं, इस लिए शिव भक्तों में इस बार अत्यधिक उत्साह है। भक्तों की सुविधा के लिए शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्पादि का विशेष प्रबंध किया गया। भक्तों ने शिवलिंग का पंचामृत से स्नान करवा कर जलाभिषेक किया। पंडित चक्र प्रसाद जोशी द्वारा वैदिक मंत्रों से भोले बाबा का महा रुद्राभिषेक करवाया गया और उपरांत फलों का लंगर भी लगाया गया।

भक्तों ने सावन महीने का दूसरा उपवास रखा और व्रत की कथा भी मंदिर प्रांगण में बैठकर पढ़ी। मंदिर में विश्व विख्यात अमर भजन लेखक बलबीर निर्दोष जी द्वारा रचित शिव अमृतवाणी का संगीतमय पाठ भी किया गया। इस अवसर पर प्रधान यादव खोसला, रमेश सहदेव, गुरुचरन बजाज, मानव बजाज, गोविंद खोसला, सुनील सहदेव, अश्वनी तुली, मनीष रेहान, नरेंद्र जैन, विनय नैयर,नरेंद्र सग्गू, नीलम बजाज, पूजा खोसला, आशु बजाज, पूर्णिमा सैनी,रुचि चोपड़ा, श्वेता सहगल, वैदेही, वंशिका, सौम्या उपस्थित थे।

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बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक में हिस्सा लेंगी 23 पार्टियां- राहुल गांधी, ममता, नीतीश, स्टालिन, केजरीवाल शामिल होंगे

बेंगलुरु 17 Jully (एजेंसी): बेंगलुरु में विपक्षी दलों के दो दिवसीय सम्मेलन में 23 राजनीतिक दल शामिल होंगे। वे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को संयुक्त चुनौती देने का प्रयास करेंगे। स्थानीय पार्टी जद-एस ने पार्टी के भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने की अफवाहों के बीच बैठक से बाहर रहने का विकल्प चुना है। बेंगलुरु की मुख्य सड़कों पर राष्ट्रीय नेताओं के स्वागत वाले पोस्टर लगाए गए हैं क्योंकि राज्य में शासन कर रही कांग्रेस देश को एक संदेश देना चाहती है।

बैठक में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ ब्रायन, सीपीआई के डी. राजा, सीपीआई-एम के सीताराम येचुरी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार और पार्टी नेता जीतेंद्र अहवाद और सुप्रिया सुले भी हिस्सा लेने जा रहे हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनकी पार्टी जनता दल-यूनाइटेड के अध्यक्ष ललन सिंह और पार्टी नेता संजय कुमार झा, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनकी पार्टी डीएमके के सांसद टी.आर. बालू, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, झारखंड के मुख्यमंत्री और जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन, शिवसेना-यूबीटी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, और पार्टी नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने भी अपनी मौजूदगी की पुष्टि की है।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, सीपीआई-माले प्रमुख दीपांकर भट्टाचार्य और रालोद प्रमुख जयंत सिंह चौधरी भी शामिल हो रहे हैं।

इसके अलावा आईयूएमएल से के.एम. खादर मोहिदीन, केरल कांग्रेस-एम से जोस के. मणि, एमडीएमके से वाइको, वीसीके से थोल थिरुमावलवन, एन.के. भी मौजूद रहेंगे। आरएसपी से प्रेमचंद्रन, केरल कांग्रेस से पी.जे. जोसेफ, केएमडीके से ई.आर. ईश्वरन और एआईएफबी से जी. देवराजन ने अपनी मौजूदगी की पुष्टि की है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 17 जुलाई की शाम को रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जिसके बाद अगले दिन औपचारिक विचार-विमर्श होगा। पहली बैठक पटना में होने के बाद विपक्षी दलों की दूसरी संयुक्त बैठक हो रही है।

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भोपाल से दिल्ली जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस में लगी आग, मची अफरा-तफरी

भोपाल 17 Jully (एजेंसी): मध्य प्रदेश के बीना में दिल्ली-भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में आग लग गई है। ट्रेन आज सुबह भोपाल से दिल्ली जा रही है। आग की सूचना मिलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। ट्रेन को रोक दिया गया है। आनन-फानन में रेलवे स्टाफ मौके पर पहुंचा। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

जानकारी के अनुसार, रानी कमलापति (भोपाल) से निज़ामुद्दीन (दिल्ली) जा रही वंदे भारत ट्रेन के C-14 कोच में आग लग गई। ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री के मुताबिक आग बैटरी से लगी। ट्रेन संख्या 20171 भोपाल-हजरत निज़ामुद्दीन वंदे भारत सोमवार सुबह 5.40 बजे रवाना हुई थी। बीना रेलवे स्टेशन से पहले कुरवाई केथोरा में ट्रेन के सी-14 कोच में आग लग गई। कोच में करीब 36 यात्री सवार थे। सुबह 7:10 बजे ट्रेन को कुरवाई केथोरा में रोका गया और यात्री सुरक्षित उतर गए। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।

घटना के बारे में एक यात्री पवन कुमार ने बताया कि आग सी-14 कोच के नीचे लगी। सभी यात्रियों को बाहर निकल लिया गया है। ट्रेन रुकी तो देखा कि बैटरी में आग लगी हुई थी। ट्रेन को बीना रेलवे स्टेशन से पहले कुरवाई केथोरा में रोका गया। इधर स्थानीय ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड टीम की मदद की।

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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, गोलीबारी में दो लोगों की मौत; नेशनल हाइवे बंद करने का ऐलान

इंफाल 17 Jully (एजेंसी): मणिपुर में हिंसा अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार रात भी दो जगहों पर गोलीबारी हुई जिसमें कम से कम दो की मौत हो गई। फायरिंग की पहली घटना फैलेंग गांव में हुई तो दूसरी कांगपोकपी के थांगबुह गांव में। एक मृतक की पहचान 34 साल के जांगखोलुम हाओकिप के रूप में हुई है। इसके अलावा 16 जुलाई को ही कमिटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने नेशनल हाइवे-2 पर 72 घंटे के शटडाउन का ऐलान कर दिया।

मणिपुर में हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद संगठन ने शटडाउन का ऐलान किया है। सीओटीयू के महासचिव लाम्मिनलुन सिंगसित ने कहा, 16 जुलाई की मध्य रात्रि से शटडाउन का ऐलान किया गया है। लगातार हो रहे हमले और हत्याओं को देखते हुए ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा कि मासूम कुकी लोगों की हत्या हुई है। उनका आरोप हैकि म्यांमार से घुसपैठ होती है और वे कट्टरंथियों के साथ मिलकर हमला करते हैं।

बता दें कि शनिवार को भी हिंसा हुई थी जिसमें एक अधेड़ महिला को गेली लगी थी। इंफाल ईस्ट में गोलीबारी के दौरान उसकी मौत हो गई थी। हमलावरों ने महिला की हत्या के बाद उसका चेहरा कुचल दिया था। रविवार को मणिपुर यूनाइटेड नगा काउंसिल ने नगा इलाकों में 12 घंटे के बंद का ऐलान किया था।

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सिद्धू मूसेवाला को मारने के लिए दुबई से पाकिस्तानी स्पलायर ने भेजे थे हथियार, NIA का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली 17 Jully (एजेंसी): पंजाबी रैपर सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ा खुलासा किया है। NIA के मुताबिक मूसेवाला को मारने के लिए जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था वो दुबई से आए थे और एक पाकिस्तानी सप्लायर ने भेजे थे। बता दें, ये पहली बार है जब पंजाबी सिंगर की मौत के मामले में किसी पाकिस्तानी का हाथ होने की बात सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दुबई के हथियार सप्लायर हामिद ने लॉरेन्स बिश्नोई गैंग को हथियार बेचे थे। हामिद ने बुलंदशहर के सप्लायर शहबाज अंसारी से भी मुलाकात की थी, जो अक्सर बिश्नोई गैंग को हथियार देता रहा है। हामिद की ओर से ही गोल्डी बराड़ ग्रुप को हथियार दिए जाते हैं।

NIA द्वारा अदालत में जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक शहबाज अंसारी ने कई बार दुबई का दौरा किया था जहां वह एक पाकिस्तानी नागरिक के जरिए हामिद से मिला था। इसी दौरान दोनों के बीच भारत में हथियार सप्लाई को लेकर बातचीत हुई थी, इसी दौरान हामिद ने बताया था कि वह सिद्धू मूसेवाला के लिए लॉरेन्स बिश्नोई को सप्लाई दे रहे हैं और वो लोग गोल्डी बरार के संपर्क में भी हैं।

बता दें कि 28 साल के सिद्धू मूसेवाला पंजाब के फेमस रैपर थे और युवाओं में काफी पॉपुलर थे. पिछले साल मई में पंजाब के मांसा जिले में करीब आधा दर्जन शूटर्स ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी थी। सिद्धू मूसेवाला कांग्रेस के नेता भी थे, हत्या से कुछ दिन पहले ही उनकी सुरक्षा भी हटाई गई थी जिसपर काफी विवाद हुआ था।

सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में पंजाब पुलिस ने मनसा कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी जिसमें कुल 34 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया समेत करीब एक दर्जन शूटरों के नाम शामिल हैं। हत्या का मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ को बताया गया, उसी ने लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर मूसेवाला की हत्या की पूरी प्लानिंग की और फिर अपने शूटरों के जरिए हत्या को अंजाम दिया।

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एयर इंडिया फ्लाइट के अपहरण की चेतावनी देने वाले के खिलाफ FIR

नई दिल्ली 17 Jully (एजेंसी): दिल्ली पुलिस ने रविवार को उस व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, जिसने ‘दिल्ली-तेल अवीव उड़ान के अपहरण’ के संबंध में पुणे में एयर इंडिया के कॉल सेंटर को कॉल किया था।

यह कॉल 13 जुलाई को की गई थी। कॉल करने वाले असम के रहने वाले अनुराग ने दावा किया कि उसने सुना है कि फ्लाइट को हाईजैक कर लिया गया है। उनके कॉल के तुरंत बाद, वारदात को विफल करने और आरोपियों को पकड़ने” के लिए बीटीएसी (बम खतरा आकलन समिति) की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई।

बाद में एक विशेष सुरक्षा समिति ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की। वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्हें इस मामले में कुछ भी गंभीर नहीं मिला है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने आईजीआई पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है और मामले की जांच कर रहे हैं।

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बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक में आज शामिल नहीं होंगे शरद पवार, जानें नया अपडेट

मुंबई 17 Jully (एजेंसी): अफवाहों के विपरीत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और उनकी बेटी सांसद सुप्रिया सुले मंगलवार को बेंगलुरु में विपक्षी दलों के दूसरे बैठक में भाग लेंगे। पार्टी के एक शीर्ष पदाधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

राकांपा सुप्रीमो, जो सोमवार को बेंगलुरु पहुंचने वाले थे, ने कुछ कारणों से अपनी यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी और इसलिए वह आज रात वहां विपक्ष के रात्रिभोज में शामिल नहीं होंगे। एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने बताया, “पवार साहब और सुप्रिया सुले कल सुबह बेंगलुरु पहुंच रहे हैं और विपक्ष की बैठक में शामिल होंगे।”

इसके साथ ही, शिवसेना (यूबीटी) सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे विपक्ष के लिए बेंगलुरु जा रहे हैं। उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि पवार मंगलवार को बेंगलुरु में विपक्षी दल में शामिल होंगे – मुझे इसका यकीन है, हम एकजुट हैं।

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सेना ने पुंछ में LOC पर घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम, 2 आतंकवादी ढेर

जम्मू 17 Jully (एजेंसी): जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक संयुक्त अभियान में सेना और पुलिस ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया और दो आतंकियों को मार गिराया। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया गया।

सेना ने कहा, आज सुबह जनरल एरिया पुंछ में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया और भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त अभियान जारी है। इस बीच, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्त्वाल ने कहा कि इलाके में अतिरिक्त तलाशी भी जारी है।

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33 सुनवाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को एसएनसी लवलिन मामले पर करेगी सुनवाई

तिरुवनंतपुरम 17 Jully (एजेंसी): सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े विवादास्पद एसएनसी लवलीन मामले की सुनवाई करेगा, जिसे 2017 में पहली बार शीर्ष अदालत में आने के बाद से 33 बार स्थगित किया जा चुका है। मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और दीपांकर दत्ता की खंडपीठ करेगी। मामले में स्थगन 2017 में शुरू हुआ और अब तक इसे 33 बार स्थगित किया जा चुका है।

हर बार ऐसा होने पर केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष आरोप लगाता है कि यह कुछ राजनीतिक कारणों से सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच गुप्त समझौते का हिस्सा है। यहां के कांग्रेस नेताओं का एक और आरोप यह है कि विजयन ने अभी तक विवादास्पद मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला नहीं किया है।

मामले में सीएम विजयन को बरी करने के उच्च न्यायालय के फैसले के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिसंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दलील दी कि उन्हें मामले में मुकदमे का सामना करना चाहिए।

मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और दीपांकर दत्ता की खंडपीठ करेगी। मामले में स्थगन 2017 में शुरू हुआ और अब तक इसे 33 बार स्थगित किया जा चुका है।

हर बार ऐसा होने पर केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष आरोप लगाता है कि यह कुछ राजनीतिक कारणों से सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच गुप्त समझौते का हिस्सा है। यहां के कांग्रेस नेताओं का एक और आरोप यह है कि विजयन ने अभी तक विवादास्पद मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला नहीं किया है।

मामले में सीएम विजयन को बरी करने के उच्च न्यायालय के फैसले के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिसंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दलील दी कि उन्हें मामले में मुकदमे का सामना करना चाहिए।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने अगस्त 2022 में मामले को उसी साल 13 सितंबर के लिए सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसे टाला न जाए, लेकिन उसके बाद इसे दो बार और टाला गया।

यह मामला 1996 में इडुक्की जिले में पल्लीवासल, सेंगुलम और पन्नियार पनबिजली परियोजनाओं के नवीकरण और आधुनिकीकरण के लिए कनाडा स्थित एसएनसी लावलिन के साथ केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) के अनुबंध में 374 करोड़ रुपये के नुकसान से संबंधित है, जब विजयन ई.के. नयनार की कैब‍िनेेट में ऊर्जा मंत्री थे।

2017 में केरल उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें क्लीन चिट दिए जाने के बाद, विजयन ने तुरंत एक प्रेस वार्ता बुलाई और ओमन चांडी सरकार की आलोचना की, जिसने 2006 में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था।

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दिल्ली में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक जारी रहेंगे राहत शिविर : कांग्रेस

नई दिल्ली, 16  जुलाई (एजेंसी)।  दिल्ली में बाढ़ के बिगड़ते स्वरुप के कारण दिल्लीवासियों को बड़े पैमाने पर राहत देने के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार  के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मजनु का टिला राहत शिविर कैंप का दौरा किया और पीडि़तों को खाना वितरित किया। मीडिया को संबोधित करते हुए  चौधरी ने कहा कि दिल्ली में बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों की स्थिति जब तक सामान्य नहीं हो जाती कांग्रेस के राहत शिविर जारी रहेंगे। इस दौरान पूर्व सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष  जय प्रकाश अग्रवाल, पूर्व मंत्री  अरविंदर सिंह लवली, पूर्व मंत्री  हारून युसूफ, पूर्व विधायक  अनिल भारद्वाज, जिलाध्यक्ष श्री मिर्जा जावेद मौजूद रहे।

पीडि़तों को राहत पहुंचाने में दिल्ली सरकार के फेल होने के दावा करते हुए पूर्व सांसद व दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष  जय प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली में जो भयावह परिस्थिति बनी हुई है उसमें दिल्ली कांग्रेस तू – तू मैं मैं में नहीं पडऩा चाहती। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि दिल्ली में पहली बार पानी आया है इसके पहले भी दिल्ली में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई थी और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद  ने और पूर्व प्रधान मंत्री  इंदिरा गांधीजी ने दिल्ली के जमुना पार के इलाकों का दौरा किया और लोगों के राहत के लिए कई बड़े फैसले लिए। कांग्रेस की पूर्व सरकार ने कभी भी दिल्ली को दिल्लीवालों के हाल पर कभी नहीं छोड़ा।

स्व. शीला दीक्षित के सरकार में छह महीने पहले तैयारी हो जाती थी। सिर्फ आरोप प्रत्यारोप की राजनीति हो रही है।इसके पश्चात दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री  अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली चार राजनीतिक पार्टियां हैं एक बीजेपी, एक आम आदमी पार्टी और एक कांग्रेस के साथ एक नई पार्टी है जो अफसरों की पार्टी है। सरकार दिल्ली को लेकर अलग दावा करती है तो अफसर अलग प्रेस वार्ता करते हैं।

दिल्ली कांग्रेस वर्तमान परिस्थिति पर कोई राजनीति नहीं करना चाहती लेकिन हालात ऐसे उत्पन्न हो गए हैं कि सच्चाई दिखाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्तामन सरकार ने दिल्ली के ऐपेक्स कमेटी का अस्तित्व खत्म कर दिया है। इस कमेटी का मुखिया मुख्यमंत्री होता है, उसके साथ दिल्ली से सटे राज्यों के सिंचाई विभाग के मुख्य सिचव सदस्य होते हैं और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी इसके सदस्य होते हैं। हर साल जनवरी फरवरी के महीने में यह बैठक होना आवश्यक है लेकिन केजरीवाल ने पिछले 10 सालों में कोई बैठक नहीं की।

केजरीवाल सरकार ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति बाढ़ नियंत्रण की जगह अवैध कॉलोनियों में सड़क निर्माण कार्य पर लगा दी है। केजरीवाल ने खुद दिल्ली में बाढ़ को आमंत्रित किया है।उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने बाढ़ से बचाव को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। एनडीआरएफ के मदद का हवाला तो दे रहे हैं लेकिन डीडीआरएफ के नोडल ऑफिसर की नियुक्ति नहीं की। अगर केजरीवाल समय रहते ऐपेक्स कमेटी की बैठक कर निगरानी रखते तो आज दिल्ली वालों को इस बुरे दौर से गुजरना नहीं पड़ता।

दिल्ली में जब कांग्रेस की सरकार थी तो स्व. शीला जी छह महीने पहले ऐपेक्स कमेटी की बैठक बुलाती थी और शहरी विकास मंत्री के साथ साथ पड़ोसी राज्यों के सिंचाई विभाग के अधिकारियों समनव्य रखते हुए बरसात से पहले नालों और नदियों से गाद निकालने का काम पूरा कर लिया जाता था। आज केजरीवाल ने दिल्ली में बाढ़ को खुद आमंत्रित किया है और उनकी लापरवाही ने दिल्ली को बदहाल कर दिया है।

हारून युसूफ ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने भाजपा और आम आदमी पार्टी ने फुटबॉल बना दिया है। अरविंद केजरीवाल और उनके योग्य मंत्री चाहते तो दिल्ली की जनता को बाढ़ से बचाया जा सकता था। केजरीवाल ने दिल्ली के बच्चों के बचपन को पानी में बहा दिया। मानसून से पूर्व कांग्रेस सरकार के मंत्री जमुना पार के क्षेत्रों का दौरा करते थे और मानसून ऐक्शन प्लान को गंभीरता से लेते हुए समय रहते हुए कार्य पूरा कर लेते थे।

आज केजरीवाल सिर्फ स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं। दिल्ली को बर्बाद करने में केजरीवाल और भाजपा बराबर के जिम्मेवार हैं। अनिल भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में वाद – विवाद है लेकिन सरकारों में आपसी संवाद नहीं है और यही कारण है कि इनके आपसी विवाद और संवादहीनता ने दिल्ली को पानी पानी कर दिया।

उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार तुरंत बाढ़ पीडि़तों के बैंक खाते में दस दस हजार रुपए डाले और राहत पैकेज के तर्ज पर दस दस लाख रुपए मुहैया कराए जिससे पीडि़तों के नुकसान की भरपाई हो सके।

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चुनावी हिंसा में बालक को मारी गोली, घायल माकपाइ की भी मौत

कोलकाता 16 जुलाई ,(एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के बाद भी हिंसा का खूनी खेल जारी है. कूचबिहार जिले के दिनहाटा में 12 साल के बालक को गोली मारने की घटना घटी है. दूसरी ओर, मुर्शिदाबाद का एक सीपीएम समर्थक रिंटू शेख (42) चुनावी हिंसा का शिकार हुआ था.

आज कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में उनका निधन हो गया. मृतक के परिवार ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की है. वहीं, पुलिस ने भांगड़ जा रहे आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को रोक लिया है.रिंटू के परिवार का दावा है कि वोटिंग के दिन स्थानीय बूथ पर धांधली चल रही थी. आरोप है कि विरोध करने पर रिंटू पर हमला कर दिया गया और आस अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया. इस बीच, कूचबिहार के दिनहाटा में एक 12 साल के एक बालक को गोली मार दी गयी. उसे दिनहाटा उप जिला अस्पताल लाया गया. हालत बिगडऩे पर उसे बेहतर इलाज के लिए कूचबिहार मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया.

मालूम हो कि नयारहाट निवासी बच्चा आज बाजार जा रहा था. बच्चे के पिता का नाम महबूब आलम है. बता दें कि इसके पहले भी बंगाल में चुनावी हिंसा और बम ब्लास्ट में पहले ही बच्चे घायल हो गये थे.

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ममता और अभिषेक को छोड़ नहीं होगी किसी और की तस्वीर

*21 जुलाई की रैली को लेकर तृणमूल ने जारी किया निर्देश व गाइड*

कोलकाता 16 Jully (Rns) । बीते साल की तरह इस साल भी 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली के लिए तृणमूल द्वारा पार्टी में सख्त दिशा निर्देश तय किए गए हैं। तृणमूल की शहीद दिवस रैली के लिए बंगाल तैयारी शुरु हो गई है। तृणमूल राज्य नेतृत्व ने एक निर्देश में साफ किया है कि, शहीद दिवस कार्यक्रम के होर्डिंग और बैनर व प्रचार सामग्री पर तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीर के अलावा किसी अन्य कोई भी नेता की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

राज्य की राजनीति के जानकारों की माने तो बिते कई मामलों पर घिर चुकी ममता सरकार कोई जोखिम उठना नहीं चाहती है। तृणमूल शीर्ष नेतृत्व इतनी बड़ी रैली के प्रचार को लेकर पार्टी के अंदर आपसी कोई टकराव नहीं चाहता है।  इसलिए जिला, ब्लॉक या पंचायत स्तर पर प्रचार के लिए दीवार लेखन, बैनर, होर्डिंग्स पर दोनों शीर्ष नेताओं के अलावा किसी और की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है।

इन निर्देशों के अतिरिक्त राज्य समिति द्वारा भेजी गई सीडी के अनुसार दीवार लेखन कराया जाए। होर्डिंग, बैनर उसमें दिये गये निर्देशों का पालन करते हुए बनाये जाए। हां, इस रैली के तहत स्थानीय संगठन का नाम भी लिखा जा सकता है। रैली से संबंधित प्रचार कार्यक्रम जिला अध्यक्ष को व्हाट्सएप पर भेजने का निर्देश दिया गया है।

रैली के प्रचार के लिए होने वाले सभा व कार्यक्रम में पार्टी विधायकों और शाखा संगठन के सदस्यों को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि इस रैली को पंचायत चुनाव में मारे गए कार्यकर्ताओं के सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाएगा।  इसलिए सभी स्तर के नेताओं को प्रचार के तहत इसका ध्यान रखने को कहा गया है।

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केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रुपाला ने गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 से विशिष्ट लोगों को किया सम्मानित

16.07.2023  –   गौ वंश पर आधारितआर्थिक राजधानी मुंबई से प्रकाशित समाचार पत्र ‘गऊ भारत भारती’ के नौवें वर्षगांठ पर पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उसी अवसर पर उन्होंने कई समाजसेवकों, बिजनेसमैन, साहित्यकार, डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी व पत्रकारों को ‘गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023′ से सम्मानित किया। साथ ही गऊ भारत भारती’ समाचार पत्र द्वारा एक विशेषांक का भी  विमोचन माननीय मंत्री केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रुपाला ने किया। कार्यक्रम का आयोजन संजय अमान ने किया और इसे सफल बनाने में एकता मंच की विशेष भूमिका रही।

ऑर्किड इंटरनेशनल स्कूल हॉल वर्सोवा, अंधेरी में सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में जेपी गुप्ता (पूर्व प्रधान सचिव महाराष्ट्र सरकार), शेखर मूंदड़ा (गौसेवा आयोग के चेयरमैन), गिरीश भाई शाह (समस्त महाजन चैरिटेबल ट्रस्ट व पशु प्रेमी), तरुण राठी (उत्तर प्रदेश फिल्म आयोग के उपाध्यक्ष), अजय कौल (चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर शैक्षणिक संस्थान के चेयरमैन), संजय शर्मा अमान (गऊ भारत भारती समाचार पत्र के प्रकाशक संपादक), अभिजीत राणे (धड़क कामगार यूनियन के अध्यक्ष), विशाल भगत (बीजेपी बिहार प्रकोष्ठ), प्रेम पांडेय (प्रवक्ता) की विशेष उपस्थिति रही। मंच का संचालन करते हुए आनंद सिंह ने गाय की महिमा का बखान किया।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रुपाला के हाथों सेवानिवृत्त जेपी गुप्ता, शेखर मूंदड़ा, गिरीश भाई शाह, तरुण राठी, वागीश सारस्वत (साहित्यकार), अभिजीत राणे (धड़क कामगार यूनियन के अध्यक्ष), यशवंत राव बरामतिकर (पूर्व सीईओ खादी ग्रामोद्योग), डॉ अंकुश तुलसीराम परिहार (पुणे डिस्ट्रिक्ट डिप्युटी कमिश्नर ऑफ एनिमल हस्बेंडरी), सेवानिवृत्त डॉ धनंजय धोन्डीराम परकाले (अडिशनल कमिश्नर ऑफ एनिमल हस्बेंडरी, महाराष्ट्र), डॉ वल्लभ जोशी (ठाणे डिस्ट्रिक्ट डेप्युटी कमिश्नर ऑफ एनिमल हस्बेंडरी) प्रशांत कासिद (समाजसेवी, एकता मंच के उपाध्यक्ष), बिजनेसमैन सचिन सालुंखे के अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में एनडीटीवी चैनल के सुनील सिंह, इंडिया टीवी के जयप्रकाश सिंह, पत्रकार संतोष साहू भी सम्मानित हुए।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रुपाला ने कहा कि मुझे पता चला कि गऊ भारत भारती गाय माता को समर्पित समाचार पत्र है इसलिए मैं यहां आया हूँ। इसके प्रकाशन को 9 वर्ष हुए हैं और संयोगवश प्रधानमंत्री मोदी जी का कार्यकाल भी 9 वर्ष पूरा कर लिया गया है। कार्यक्रम का आयोजन संजय अमान ने किया और इसे सफल बनाने में एकता मंच की विशेष भूमिका रही।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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फिक्की सड़क सुरक्षा अवार्ड पर सम्मेलन करेगा आयोजित

*पार्टनर स्टेट ओडिशा की माननीय परिवहन और राजीव प्रताप रूडी का विशेष संबोधन भी सम्मेलन में रहेगा*

नई दिल्ली, 16 जुलाई (एजेंसी)।  फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) 18 जुलाई, 2023 को “सड़क सुरक्षा 2023 में कॉर्पोरेट्स की भूमिका” और “फिक्की सड़क सुरक्षा पुरस्कारों” पर एक सम्मेलन आयोजित करेगा। इस आयोजन का उद्देश्य पूरे भारत में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कॉर्पोरेट पहल को बढ़ावा देना है।

इस आयोजन के लिए ओडिशा पार्टनर स्टेट है। सम्मेलन में ओडिशा सरकार की माननीय परिवहन, जल और वाणिज्य मंत्री श्रीमती तुकुनी साहू का मुख्य भाषण होगा। वह अपने संबोधन से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस उद्देश्य के लिए कॉर्पोरेट सरकार के साथ कैसे साझेदारी करने की उम्मीद हैं, इसके लिए ओडिशा सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों पर प्रकाश डालने की संभावना है।

तुकुनी साहू के मुख्य भाषण के अलावा संसद सदस्य श्री राजीव प्रताप रूडी सम्मेलन में एक विशेष भाषण देंगे। सार्वजनिक नीति में अपने विशाल अनुभव और विशेषज्ञता के साथ श्री रूडी से सड़क सुरक्षा पर मूल्यवान अंतर्दृष्टि साझा करने और सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर देने की उम्मीद है।

सम्मेलन विचारशील नेताओं, उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और कॉर्पोरेट्स को सड़क सुरक्षा प्रथाओं, इनोवेशन और रणनीतियों पर चर्चा करने और विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

यह ज्ञान साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा और देश भर में सुरक्षित सड़क नेटवर्क बनाने के लिए सहयोग को प्रोत्साहित करेगा। इसके अलावा आयोजन के दौरान फिक्की द्वारा प्रतिष्ठित फिक्की सड़क सुरक्षा अवार्ड के माध्यम से अनुकरणीय कॉर्पोरेट पहलों का सम्मान किया जाएगा।

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शांतनु व सुकांत ने की ममता सरकार के छह माह में गिरने की भविष्यवाणी

*तृणमूल ने कहा- उनके हसीन सपने कभी नहीं होंगे पूरे*

कोलकाता 16 जुलाई ,(एजेंसी)। बंगाल में चल रही सियासी बयार की हवा पर देश भर की नजर है। कारण पंचायत चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद से बंगाल में जिस तरह का माहौल बन गया है, उक्त माहौल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी से लेकर भविष्यवाणी का दौर चल रहा है।

ऐसे में अब अपने ही गढ़ में पंचायत चुनाव में भाजपा की लाज नहीं बचा पाने वाले सांसद और केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने सियासी भविष्यवाणी की है कि बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली वर्तमान तृणमूल कांग्रेस सरकार अगले पांच-छह महीने के भीतर गिर सकती है।

केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने अपनी भविष्यवाणी के पीछे तर्क बताए बिना कहा, मैं गारंटी दे सकता हूं कि वर्तमान राज्य सरकार पांच-छह महीने से अधिक नहीं चलेगी। इधर उक्त सांसद के भविष्यवाणी करने के कुछ घंटों बाद, पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बालुरघाट से पार्टी के लोकसभा सदस्य सुकांत मजूमदार शांतनु ठाकुर की राह पर चलते हुए भविष्यवाणी कर दी।

मजूमदार ने कहा, राज्य सरकार पांच-छह महीने के भीतर किसी भी समय गिर सकती है। राज्य सरकार कैसे काम करती है? यह निर्वाचित विधायकों के समर्थन के कारण है। यह संभव है कि कभी भी विधायकों का एक समूह अपना समर्थन वापस ले ले। उनके अनुसार, एक निर्वाचित राज्य सरकार के गिराए जाने की एक और संभावना है। मजूमदार ने बताया, मान लीजिए कि कोई जन आंदोलन है और दबाव के कारण विधायकों का एक समूह इस्तीफा दे देता है।

यह एक और संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में कोई भी संभावना कभी भी सामने आ सकती है।तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसी तरह के कई अनुमान लगाए थे।

उन्होंने कहा, अब वे समय बताकर भविष्यवाणी कर रहे हैं। उन्हें ऐसी भविष्यवाणियां करने दीजिए। उनके हसीन सपने कभी पूरे नहीं होंगे। भाजपा का पश्चिम बंगाल में कोई जनाधार नहीं है।

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पंजाब कांग्रेस को बड़ा झटका: पूर्व विधायक अश्विनी सेखड़ी भाजपा में शामिल, बताई पार्टी छोड़ने की वजह

नई दिल्ली 16 Jully (एजेंसी): पंजाब कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्वनी सेखड़ी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले रविवार दोपहर उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इससे पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और जयवीर शेरगिल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

अश्वनी सेखड़ी वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष राजा वड़िंग के कामकाज से नाखुश थे। सेखड़ी समर्थकों का कहना है कि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था। कांग्रेस छोड़ने वाली अश्वनी सेखड़ी ने कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई।

उन्होंने कहा भाजपा में आने का मुख्य कारण बार्डर एरिया के जिले पठानकोट गुरदापुर, अमृतसर, फिरोज़पुर, तरनतारन, फाज़िल्का पिछड़े हुए हैं। सेखड़ी ने कहा कि पूरा देश तरक्की कर रहा है, तो पंजाब या ये बार्डर एरिया के 6 जिले क्यों पीछे रहें। भाजपा से यही मांग की है कि बार्डर एरिया के जिलों की तरक्की के लिए पैकेज जारी करे।

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कावेरी नदी के बैकवाटर में तीन युवक डूबे, एक शव बरामद

बेंगलुरु 16 Jully (एजेंसी): कर्नाटक के मैसूर जिले के मीनाक्षीपुरा में कावेरी नदी के बैकवॉटर में तैरते समय तीन युवक डूब गए। पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए कहा कि बचाव दल ने एक युवक का शव बाहर निकाल लिया है और बाकी दो की तलाश जारी है।

पुुुलिस ने बताया कि शनिवार को पांच छात्र बैकवाटर में तैरने गए थे, लेकिन तेज पानी के बहाव के कारण 20 वर्षीय भरत प्रवीण और वरुण डूब गए, जबकि दो छात्र सुरक्षित तैरने में कामयाब रहे। डूबे तीन छात्रों में से भरत का शव निकाल लिया गया है। बाकी की तलाश के लिए अभियान जारी है।

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दिल्ली अध्यादेश विवादः AAP को मिला कांग्रेस के हाथ का साथ

नई दिल्ली 16 Jully (एजेंसी)-दिल्ली में केंद्र के अध्यादेश पर अपने पत्ते खोलते हुए कांग्रेस ने रविवार को कहा कि वह संघीय ढांचे को बिगाड़ने के मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सभी कदमों का विरोध करेगी। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “कांग्रेस राज्यपालों और उपराज्यपालों के माध्यम से संघीय ढांचे को बिगाड़ने के केंद्र के सभी कदमों का विरोध करेगी, जिसमें संसद में दिल्ली अध्यादेश भी शामिल है।” उनकी टिप्पणी 17 और 18 जुलाई को कर्नाटक के बेंगलुरु में 24 विपक्षी दलों की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक से एक दिन पहले आई है। इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल होंगी।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को सोनिया गांधी के आवास पर संसदीय रणनीति समूह की दूसरी बैठक के दौरान इस मुद्दे पर काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी संघीय ढांचे पर हमले का मुद्दा उठाएगी। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस अध्यादेश विवाद पर आप पार्टी का समर्थन करेगी तो रमेश ने सवाल टाल दिया और कहा, “मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि मोदी सरकार ने संघीय ढांचे पर हमला किया है, हम इसका विरोध करेंगे।” रमेश ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के संवैधानिक अधिकारों और जिम्मेदारियों पर मोदी सरकार के हमलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।

यह हमला सीधे तौर पर या फिर मोदी सरकार द्वारा नियुक्त राज्यपालों की ओर से होता है। हमने इसका विरोध किया था और हम इसका विरोध करते रहेंगे। यह संविधान पर खुला हमला है और इसके विभिन्न रूप होते हैं। संवैधानिक निकायों को कमजोर किया जाता है और संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाता है।” बेंगलुरु में होने वाली बैठक में आम आदमी पार्टी के शामिल होने की भी संभावना है। बिहार के पटना में विपक्षी दलों की पहली बैठक के दौरान आप ने कांग्रेस से अध्यादेश मुद्दे पर अपना रुख साफ करने को कहा था।

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अध्यादेश पर कांग्रेस का साथ मिलने के बाद फैसला, विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होगी आम आदमी पार्टी

नई दिल्ली 16 Jully (एजेंसी)- बेंगलुरु में शुरू होने जा रही विपक्षी दलों की बैठक से ठीक पहले कांग्रेस ने रविवार को बयान जारी कर साफ कर दिया कि वह दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण से संबंधित केंद्र के अध्यादेश का संसद में समर्थन नहीं करेगी। कांग्रेस का कहना है कि वह देश में ‘संघवाद को ध्वस्त’ करने के केंद्र की सभी कोशिशों का विरोध करेगी। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के इस रुख का स्वागत किया है। आप ने बयान जारी कर कहा कि वह 17 से 18 जुलाई को बेंगलुरु में होने वाली विपक्ष की बैठक में शामिल होगी।

कांग्रेस का बयान आने के बाद आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक बुलाई। यह बैठक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई जिसमें राघव चड्ढा, गोपाल राय, आतिशी समेत पार्टी के कई कद्दावर नेताओं ने भाग लिया। इसी बैठक में फैसला लिया गया कि आम आदमी पार्टी बेंगलुरु में सोमवार से शुरू होने जा रही विपक्षी दलों की दो दिवसीय बैठक में भाग लेगी।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने बैठक में लिए गए फैसले के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा कि PAC बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। दिल्ली का ऑर्डिनेंस साफ तौर पर राष्ट्र विरोधी है। इसका समर्थन करने वाला हर शख्स राष्ट्रविरोधी है। हर वो शख्स जो देश के लोकतंत्र से प्यार करता है, वह इस काले अध्यादेश के खिलाफ अपना वोट देगा।

राघव चड्ढा ने आगे कहा- अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर हर विपक्षी दल से संपर्क किया था। सबने इस मुद्दे पर समर्थन की घोषणा की। आज कांग्रेस पार्टी ने भी दिल्ली के अध्यादेश के खिलाफ अपना स्टैंड क्लियर कर दिया और विरोध दर्ज करने की घोषणा की। हम कांग्रेस की घोषणा का स्वागत करते हैं। मैं कहना चाहूंगा कि 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हिस्सा लेगी।

इससे पहले कांग्रेस ने साफ कर दिया था कि वह दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण से संबंधित केंद्र के अध्यादेश का विरोध करेगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि हमारा रुख साफ है। हम राज्यपालों के जरिए विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में हस्तक्षेप करने के केंद्र के कदमों का विरोध करेंगे। कांग्रेस ने संसद में दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण से संबंधित अध्यादेश का विरोध करने का फैसला किया है।

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80 रुपये किलो कीमत हुई, आगे और कीमतों में आएगी गिरवाट : अश्विनी चौबे

बक्सर , 16 जुलाई (एजेंसी)। देश में टमाटर की कीमतों को लेकर हर ओर चर्चा जारी है, रिटेल मार्केट में इसका भाव 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। सरकार के प्रयासों से टमाटर की कीमतों में भारी कमी आई है इसी पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि आने वाले समय में टमाटर की कीमतों में और अधिक गिरावट आयेगी।

भारत सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कड़ी में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बाजारों में टमाटर की कीमतों में भारी गिरावट आई है।  टमाटर की कीमतों पर भी सरकार की पैनी नजर है। देश में कई स्थानों पर, जहां कीमतें असाधारण रूप से ऊंची थीं, टमाटर को 90 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचने के सरकार के हस्तक्षेप के कारण टमाटर की थोक कीमतों में कमी आई है।

मौजूद समय में टमाटर 80 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। उन्होंने बताया कि देश भर में 500 से अधिक प्वाइंटों पर स्थिति का दोबारा आकलन करने के बाद रविवार 16 जुलाई 2023 से इसे अस्सी (80) रुपये प्रति किलोग्राम बेचने का निर्णय लिया गया है।  नैफेड और एनसीसीएफ  के माध्यम से नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, पटना, मुजफ्फरपुर और आरा बिक्री हो रही है।  ऐसे स्थानों पर मौजूदा बाजार कीमतों के आधार पर सोमवार से इसका विस्तार अधिक शहरों में किया जाएगा। 12 जुलाई को राष्ट्रीय स्तर पर टमाटर की 111.71 रुपए प्रति किलो था।

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शरद पवार का एक और अटैक, अजित गुट के 12 विधायकों को कारण बताओ नोटिस

मुंबई 16 Jully (एजेंसी): महाराष्ट्र में राजनीति हलचल तेज होती जा रही है। अजित पवार के विद्रोह से घायल हुए शरद पवार अब अपनी पार्टी (एनसीपी) के पुनरुद्धार के लिए जी जान से जुट चुके हैं। इसी कड़ी में अपने पहले प्रभावशाली कदम के रूप में शरद पवार ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक पहुंच बनाने के लिए एनसीपी के युवा कार्यकर्ताओं के साथ एक मैराथन बैठक की है। इस बैठक में सीनियर पवार ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा का पाठ पढ़ाया, जिसमें भाजपा की “विभाजनकारी राजनीति” का विरोध करने पर जोर दिया गया।

पवार ने एनसीपी के कैडरों से समावेशिता, समानता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के सिद्धांतों को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने युवा कैडरों से पार्टी की स्थापना और एनसीपी की यात्रा में सराहनीय योगदान देने वाले पार्टी के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों से बातचीत करने का आह्वान किया। पवार ने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं को पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों के साथ बातचीत बढ़ानी चाहिए और 1999 में पार्टी की स्थापना के बाद से पार्टी की यात्रा में उनके बहुमूल्य योगदान को पहचानना चाहिए।” एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य का व्यापक दौरा करने को कहा है।

इस बीच, सख्त कदम उठाते हुए शरद पवार द्वारा नियुक्त मुख्य सचेतक जीतेंद्र अव्हाड ने अजित पवार के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने के तीन दिन बाद 5 जुलाई को सीनियर पवार की अध्यक्षता में हुई पार्टी की बैठक में शामिल नहीं होने पर अजित समूह के 12 विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उन्हें 48 घंटों के अंदर जवाब देने को कहा है।

जिन 12 विधायकों को नोटिस भेजा गया है उनमें सुनील शेल्के, दिलीप बनकर, नितिन पवार, दीपक चव्हाण, इंद्रनील नाइक, यशवंत माने, शेखर निकम, राजू कारेमोरे, मनोहर चंद्रिकापुरे, संग्राम जगताप, राजेश पाटिल और माणिकराव कोकाटे शामिल हैं। सभी 12 लोग अजित पवार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। शरद पवार समूह ने पहले ही अजित सहित नौ विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू कर दी है, जिन्होंने 2 जुलाई को मंत्री पद की शपथ ली थी।

शरद पवार गुट के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिन 12 विधायकों को नोटिस दिया गया है, उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों पर स्पीकर राहुल नार्वेकर को एक पत्र भी भेजा जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीपी के 53 विधायकों में से 35 से ज्यादा ने अजित पवार को समर्थन दिया है। हालांकि, अजित गुट के प्रफुल्ल पटेल ने 45 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

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बीजेपी के प्राथमिक निशाने पर उद्धव; सेना यूबीटी ने खोखा सरकार का लगाया आरोप

मुंबई 16 Jully (एजेंसी): राजनीतिक ‘हत्या’ को सूंघते हुए, महाराष्ट्र के राजनीतिक शिकारी आगामी चुनावों के लिए अपने नाखून और पंजे तेज करने में व्यस्त हैं। पहले लोकसभा चुनाव और फिर राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए 2024 की पहली और दूसरी छमाही हंगामेदार होने की उम्‍मीद है।

2019 के बाद से, राज्य ने दो मुख्यमंत्री, 2 उप मुख्यमंत्री और संभवतः दो विपक्ष के नेता देखे। कांग्रेस जो राज्‍य चौथी बड़ी पार्टी थी, अब अपने झुंड को बरकरार रखते हुए (भारतीय जनता पार्टी के बाद) दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

वर्तमान में, राज्य की राजनीतिक सेनाएं दो अलग-अलग समूहों में विभाजित हैं, इनमें पूर्ववर्ती पुरानी पार्टियों के दो टूटे हुए गुट और छोटी पार्टियां या निर्दलीय शामिल हैं।

एक तरफ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी है, जिसके साथ अलग हुए शिव सेना (सीएम एकनाथ शिंदे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) हैं।

विपक्ष में महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस है, इसमें शिवसेना-यूबीटी (पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे) और एनसीपी (शरद पवार) हैं।

बमुश्किल चार वर्षों में, राज्य – जो प्रगति और स्थिरता के लिए प्रसिद्ध है, ‘अयाराम-गयाराम’ शैली की राजनीति से अलग है, ने अभूतपूर्व चार राजनीतिक उथल-पुथल देखी है, इसने राज्‍य में सामाजिक-राजनीतिक माहौल खराब कर दिया है।

23 नवंबर को 2019 को तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक भोर समारोह में भाजपा के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दो-सदस्यीय शासन को पद की शपथ दिलाई, जो बमुश्किल 80 घंटों में ध्वस्त हो गई।

पांच दिन बाद, शिवसेना के उद्धव ठाकरे ने नए सीएम के रूप में शपथ ली और एक महीने बाद, अजीत पवार एमवीए सरकार में डिप्टी सीएम के रूप में शामिल हुए। लगभग 31 महीने बाद जून 2022 में, शिवसेना विभाजित हो गई और एक विद्रोही नेता एकनाथ शिंदे सीएम बन गए और बीजेपी के फड़णवीस डिप्टी सीएम बने।

तेरह महीने बाद जुलाई 2023 में, अजीत पवार ने एनसीपी (अपने चाचा शरद पवार द्वारा स्थापित) को उसके रजत जयंती वर्ष में विभाजित कर दिया, और शिंदे-फडणवीस प्रशासन में दूसरे डिप्टी सीएम के रूप में शामिल हो गए और रिकॉर्ड 5वीं बार यह पद ग्रहण किया।

इन सभी साजिशों के दौरान, राज्य की हतप्रभ जनता मूकदर्शक बनी रही, अधिकांश आश्चर्यचकित थे कि वास्तव में उनका 2019 का जनादेश कहांं गायब हो गया है!

जहां तक ​​भाजपा का सवाल है, उसने नवंबर 2019 में ही चुनावी बिगुल बजा दिया था, जब ठाकरे ने गठबंधन तोड़ दिया और एमवीए में शामिल हो गए, और आज तक वह एक ‘दोषी ‘ बने हुए हैं।

इस महीने, भाजपा ने विभिन्न पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के सम्मेलनों के साथ औपचारिक रूप से अपना चुनाव पूर्व अभियान शुरू किया है, जहां आम तौर पर एमवीए और विशेष रूप से ठाकरे पसंदीदा व्हिप बॉय बने हुए हैं।

भाजपा के हथियार में ठाकरे का ‘अवसरवादी विश्वासघात’, दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के ‘हिंदुत्व’ को त्यागना, एक ‘डब्ल्यूएफएच अप्रभावी सीएम’, ‘बीजेपी की पीठ में छुरा घोंपना’, एमवीए में ‘भ्रष्ट कांग्रेस-एनसीपी’ के साथ गठबंधन शामिल है।

एमवीए के शस्त्रागार में ‘खोखा सरकार’ (करोड़ों रुपये के लिए बोली जाने वाली भाषा), ‘सत्ता की भूखी’ भाजपा, सरकारों, राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को बनाने या तोड़ने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग, ‘आसमान छूती मुद्रास्फीति’, ‘रिकॉर्ड बेरोजगारी’, किसानों का संकट, महिला-युवा मुद्दे, राज्य में बिगड़ती कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि मामले शामिल हैं।

अति आत्मविश्वास से भरपूर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुल ने दावा किया कि पार्टी और उसके सहयोगी राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से 43-45 सीटें जीतेंगे, और 288 सदस्यीय विधानसभा में से वह 152 सीटें जीतेंगे, जबकि अन्य 50 सीटों पर सहयोगी दल कब्जा कर लेंगे। इस बयान से शिव सेना व एनसीपी (अजित पवार) नाराज हैं, लेकिन अभी तक चुप हैं।

यह आरोप लगाते हुए कि राज्य 13 महीनों से पंगु है, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने राष्ट्रपति शासन की मांग की है, और एमवीए सहयोगियों को सत्ता में वापसी की उम्मीद है। उन्होंने चेतावनी दी है कि राज्य की जनता सत्तारूढ़ गठबंधन को उसकी भ्रष्‍ट राजनीति के लिए ‘करारा सबक’ सिखाएगी और भाजपा ‘शिंदे-अजित पवार दोनों को राजनीतिक रूप से मिटा देगी’।

दक्षिण मुंबई का सबसे भ्रमित राजनेता कहे जाने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे लोगों का ध्यान आकर्षित करने और राज्य की राजनीति में पैर जमाने के लिए संघर्ष कर रहेे हैं।

वह किसी भी पक्ष से जुड़े नहीं हैं, उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई की बाड़ पर बैठे हैं। वह अनिश्चित हैं कि प्रासंगिक बनने के लिए कहां कूदें।

हाशिए पर मंडराते हुए, वह कभी-कभार उत्तर-भारतीयों को निशाना बनाने (2008), पहले भाजपा के साथ तालमेल बिठाने, एक मनोरंजक भाजपा विरोधी पर्दाफाश अभियान ‘लाव रे ते वीडियो’ (उस वीडियो को चलाएं) जैसे मुद्दों पर तुरंत चुटकी लेते हैं। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उन्‍हें पूछताछ के लिए बुलाया गया (अगस्त 2019), मस्जिद के लाउडस्पीकरों में ‘अज़ान’ के खिलाफ पिछले साल अभियान छेड़ा़।

राज्य के निराश मतदाता समान रूप से उत्सुकता से चुनाव का इंतजार कर रहे हैं, मानसिक रूप से चाकू और तलवारें तेज कर रहे हैं, चुपचाप वफादारों/दलबदलुओं पर निशान लगा रहे हैं, इस उत्कट आशा के साथ कि उनका बहुमूल्य वोट ईवीएम के माध्यम से वांछित/इच्छित गंतव्य तक पहुंच जाएगा।

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केरल में पति की हत्या के आरोप में महिला गिरफ्तार

तिरुवनंतपुरम 16 Jully (एजेंसी): केरल पुलिस ने रविवार सुबह त्रिशूर में अपने पति की हत्या के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार महिला की पहचान त्रिशूर जिले के वरन्थापल्ली की मूल निवासी निशा के रूप में की गई है।

पुलिस के मुताबिक, मृतक विनोद को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था और आए दिन झगड़ा होता था। 11 जुलाई को जब विनोद ने निशा के मोबाइल पर फोन किया तो वह लगातार इंगेज था। गुस्से में विनोद घर पहुंचा और इस बात पर निशा से झगड़ा करने लगा। पुलिस ने कहा कि विनोद ने निशा की बांह मरोड़ दी और उसने तुरंत रसोई से चाकू उठाया और विनोद की छाती पर तीन बार वार किया। विनोद की मौके पर ही मौत हो गई।

निशा ने यह कहकर जांच को गुमराह करने की कोशिश की कि वह घर पर नहीं थी और जब वह वापस आई तो उसने विनोद को खून से लथपथ पाया। जांच करने पर पुलिस को निशा पर शक हुआ और पूछताछ के दौरान उसने सारा राज उगल दिया।

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