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WTO में भारत का मजाक उड़ना पड़ा महंगा, थाइलैंड ने बदल दी अपनी राजदूत

नई दिल्ली 02 March, (एजेंसी) : भारत के चावल खरीद कार्यक्रम को लेकर डब्ल्यूटीओ में थाइलैंड की राजदूत की विवादास्पद टिप्पणी पर नई दिल्ली के कड़ा विरोध दर्ज कराने के बाद थाइलैंड ने उन्हें हटा दिया है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि थाइलैंड की राजदूत पिमचानोक वॉनकोर्पोन पिटफील्ड को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) 13वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी-13) से हटाकर वापस थाइलैंड आने के लिए कहा गया है।

बताया जा रहा है कि थाइलैंड के विदेश सचिव ने उनका स्थान लिया है। मंत्रिस्तरीय वार्ता पांचवें दिन प्रवेश कर गई है। अधिकारी ने कहा कि भारत ने मंगलवार को एक परामर्श बैठक के दौरान पिटफील्ड की टिप्पणियों पर गहरी निराशा जताई थी। उन्होंने नयी दिल्ली पर आरोप लगाया था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चावल खरीद का कार्यक्रम लोगों के लिए नहीं, बल्कि निर्यात बाजार पर कब्जा करने के लिए है।

इसके बाद, भारत ने औपचारिक रूप से थाइलैंड सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराया और डब्ल्यूटीओ प्रमुख, कृषि समिति के प्रमुख केन्या और यूएई के प्रति नाराजगी भी जताई। अधिकारी ने कहा, ”थाइलैंड की राजदूत को बदल दिया गया है। उन्होंने भारत के पीएसएच (सार्वजनिक भंडारण) कार्यक्रम का मजाक उड़ाया है।” उन्होंने कहा कि थाई राजदूत की भाषा और व्यवहार अच्छा नहीं था।

इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के बाद भारतीय वार्ताकारों ने उन समूहों में भाग लेने से भी इनकार कर दिया था, जहां थाई प्रतिनिधि मौजूद थीं। सरकारी अधिकारी ने कहा कि उनके तथ्य गलत थे, क्योंकि सरकार खाद्य सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए धान की उपज का केवल 40 प्रतिशत ही खरीदती है। उन्होंने बताया कि बाकी हिस्से को सरकारी स्वामित्व वाली एजेंसियां नहीं खरीदती हैं और इसे भारत से बाजार कीमतों पर निर्यात किया जाता है।

भारत की तरह थाइलैंड भी एक प्रमुख चावल निर्यात देश है। विभिन्न मंचों पर कुछ विकसित और विकासशील देशों ने आरोप लगाया है कि भारत द्वारा चावल जैसी जिंसों का सार्वजनिक भंडारण वैश्विक बाजार में कीमतों को विकृत करता है। भारत 2018 से 2022 तक दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश था। उसके बाद थाइलैंड और वियतनाम थे।

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बेंगलुरु रामेश्वरम Cafe ब्लास्ट : CCTV में आरोपी का चेहरा आया सामने

बेंगलुरु 02 March, (एजेंसी): बेंगलुरु के मशहूर रामेश्वरम कैफे में शुक्रवार को हुए आईडी ब्लास्ट में 10 लोग घायल हो गए हैं। कैफे में हुए ब्लास्ट की लेटेस्ट वीडियो भी सामने आई है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी का चेहरा साफ नहीं दिख सका। ऐसे में पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मदद से आरोपी की पहचान करेगी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी 25 से 30 साल का शख्स है।

कर्नाटक के डिप्टी CM डी शिवकुमार ने कहा कि पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है। CCTV में कैप्चर उसके चेहरे को फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से मैच कराया जा रहा है। इससे उसे ट्रैक किया जाएगा।

CCTV फुटेज में दिख रहा है कि मास्क लगाए हुए एक व्यक्ति कैफे के पास बस से उतरता है और 11:30 बजे कैफे में दाखिल होता है। इसके बाद वह इडली ऑर्डर करता है, काउंटर पर पेमेंट करके टोकन लेता है। इसके बाद 11:45 बजे एक बैग को डस्टबिन के पास रखकर चला जाता है। एक घंटे बाद इसी बैग में टाइमर के जरिए धमाका किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम का CCTV फुटेज अभी सामने नहीं आया है। जो CCTV फुटेज और फोटोज अभी सामने आए हैं, वो भी आधिकारिक सोर्स से नहीं मिले हैं। ये सोशल मीडिया पर हैं।

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मोदी सरकार का बड़ा कदम, निजी क्षेत्र के 25 विशेषज्ञ प्रमुख पदों पर होंगे भर्ती

नई दिल्ली 02 March, (एजेंसी) – शासकीय कार्यों की सुगमता को और बेहतर बनाने के वास्ते मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत निजी क्षेत्र के 25 विशेषज्ञ जल्द ही केंद्र में प्रमुख पदों पर नियुक्त किए जाएंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में तीन संयुक्त सचिवों और 22 निदेशकों/उप सचिवों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

आमतौर पर संयुक्त सचिव, निदेश और उप सचिव के पद अखिल भारतीय सेवाओं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) और समूह ए की अन्य सेवाओं के अधिकारियों के पास होते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि इन विशेषज्ञों की सीधी भर्ती (सरकारी विभागों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति) की जा रही है। इसका मकसद सरकार में नई प्रतिभाओं को शामिल करना है। सीधी भर्ती योजना का शुभारंभ 2018 में किया गया था। इसके तहत संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिव के स्तर पर भर्ती की जाती है। इन स्तरों पर अधिकारी नीतियां बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इस प्रक्रिया से आने वाले अधिकारी बाद में सरकारी प्रणाली का अभिन्न अंग बन जाते हैं। 2018 में शुरू की गई लेटरल एंट्री स्कीम के तहत संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिव स्तर पर भर्तियां की जाती हैं। इन स्तरों पर अधिकारी नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जो अधिकारी पार्श्व प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से आते हैं वे सरकारी प्रणाली का अभिन्न अंग बन जाते हैं। कार्मिक मंत्रालय ने जून 2018 में पहली बार पार्श्व प्रवेश मोड के माध्यम से 10 संयुक्त सचिव-रैंक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों के लिए भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा निकाली गई थी।

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महादेव बुक के फरार चल रहे मुख्य सरगना रतन लाल जैन के खिलाफ ईडी ने शुरू की रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया

New Delhi / Raipur/ Bhopal   02 March, (एजेंसी) : प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने महादेव बुक के अवैध सट्टेबाजी  पर लगाम लगाने के लिए फरार चल रहे मुख्य सरगना रतन लाल जैन के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बता दे की रतन लाल जैन और गिरीश तलरेजा भोपाल के मूल रूप से स्थानीय निवासी है। दोनों ने सट्टेबाजों के रूप में पहले भोपाल मे ही काम शुरू किया था, लेकिन बाद में दोनों दुबई चले गए जहां से वे भारत में सबसे बड़े सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक को संचालित करते है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ने कथित तौर पर 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अभीतक इस अवैध कारोबार से कमाई कर चुके है।

इन दोनों के खिलाफ पहले से ही मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट पीएमएलए की रोकथाम के तहत एक विशेष अदालत द्वारा उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था, मामले मे आगे रतन लाल जैन के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए विदेश मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।

जानिए रेड कॉर्नर नोटिस का क्या होता है मतलब और कैसे करता है काम

रेड कॉर्नर नोटिस उन व्यक्तियों के खिलाफ जारी किया जाता है जो या तो अभियोजन के लिए वांछित हैं या रेड कॉर्नर नोटिस के तहत सजा काटने के लिए दुनिया भर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध किया जाता है कि वे उक्त व्यक्तियों का पता लगाने और गिरफ्तार करने के लिए लंबित प्रत्यर्पण अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन इंटरपोल है।

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन इंटरपोल ने अपने सभी 195 सदस्य देशों में एक राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो एनसीबी नियुक्त किया है, ये ब्यूरो इंटरपोल और भारत में उस सदस्य देश की संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच संपर्क के एकल बिंदु के रूप में काम करते हैं।

इन इंडिया द सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन सीबीआई इसकी आधिकारिक एनसीबी है जिसे भारत के कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा आवश्यक रूप से भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस को बनाए रखने और अद्यतन करने का काम सौंपा गया है।

महादेव बुक बैटिंग ऐप मामले में कई व्यक्तियों की गिरफ्तारी देखी गई है हाल ही में गिरफ्तार व्यक्तियों में चंद्रभूषण वर्मा नाम का एक एएसआई शामिल है, जो सतीश चंद्राकर नाम का मास्टरमाइंड का रिश्तेदार है और हवाला ऑपरेटर अनिल दममानी और सुनील दमानी वर्मा पर रिश्वत की राशि लेने का आरोप है। वर्मा पर 65 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने और अपने अधीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को वितरित करने का आरोप लगाया, जबकि अन्य पर अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन को अंजाम देने और देश से बाहर आय को लूटने का संदेह है।

वही ईडी ने चार हाई प्रोफाइल आरोपियों को हाल ही में एक विशेष अदालत में पेश किया जिसने उन्हें सात दिनों के लिए उनकी न्यायिक हिरासत प्रदान की जो उस समय के दौरान कल समाप्त हो गई है।ईडी ने सफलतापूर्वक अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों पर जानकारी के विभिन्न टुकड़े निकाले लिए है। वही सूत्रों की माने तो ईडी द्वारा जल्द इस पुरे मामले मे बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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डोपिंग टेस्ट में फेल हुए पॉल पोग्बा, लगा चार साल का बैन

नई दिल्ली ,02 मार्च । विश्व कप विजेता और मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व मिडफील्डर पॉल पोग्बा को डोप टेस्ट में फेल होने के बाद फुटबॉल से चार साल के लिए बैन कर दिया गया है।

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के पूर्व महासचिव शाजी प्रभाकरन ने एक्स पर यह खबर शेयर की है।

उन्होंने लिखा, पॉल पोग्बा को डोपिंग टेस्ट में फेल होने के बाद चार साल के लिए फुटबॉल से निलंबित कर दिया गया है। पोग्बा को शुरू में असफल परीक्षण के बाद सितंबर में नाडो (इतालवी डोपिंग रोधी संगठन) द्वारा अस्थायी निलंबन सौंपा गया था।

प्रतिबंध का मतलब है कि पोग्बा, जिन्होंने 2018 में फ्रांस के लिए फीफा विश्व कप जीता था, अब जब वापसी करेंगे तब तक संभावित रूप से 33 वर्ष के हो सकते हैं। फिलहाल,2026 तक पॉल पोग्बा का कॉन्ट्रैक्ट जुवेंटस के साथ है। माना जा रहा है कि वो शायद अब इस टीम के लिए फिर कभी नहीं खेलें। इटालियन क्लब के साथ उनका दूसरा कार्यकाल बहुत बुरा रहा है।

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केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को दी मंजूरी, 300 यूनिट बिजली मिलेगी फ्री

नई दिल्ली ,01 मार्च (एजेंसी)। करोड़ों परिवारों को मुक्त बिजली योजना देने के मकसद से केंद्र की मोदी सरकार ने उल्लेखनीय कदम उठाते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाÓ को हरी झंडी दिखा दी है। बीते 29 फरवरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी। योजना को धरातल पर लागू किए जाने से करोड़ों लोगों को मुफ्त बिजली मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। जिससे वो अपने 15 हजार रुपए बचा सकेंगे।

इस योजना के अंतर्गत जो लोग अपने घरों पर सौर बिजली इकाई स्थापित करेंगे, उससे उन्हें दो फायदे होंगे। पहला तो उन्हें 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इसके अलावा वो अपने 15 हजार रुपए भी बचा सकेंगे। इस योजना को 70,021 करोड़ के परिव्यय के साथ केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

यह योजना 2 किलोवाट क्षमता तक के सिस्टम के लिए सौर इकाई लागत का 60 प्रतिशत और 2 से 3 किलोवाट क्षमता के बीच के सिस्टम के लिए अतिरिक्त सिस्टम लागत की 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है। इस सब्सिडी को 3 किलोवाट क्षमता तक सीमित कर दिया गया है। मौजूदा मानक कीमतों पर, इसका मतलब 1 किलोवाट सिस्टम के लिए 30,000 रुपये, 2 किलोवाट सिस्टम के लिए 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक सिस्टम के लिए 78,000 रुपये होगी।

इस योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदक को राष्ट्रीय पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। आवेदन करते समय आवेदक को राज्य और बिजली वितरण कंपनी का चयन करना होगा। इसके बाद आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारियों को भरना होगा। उपभोक्ता विक्रेता और रूफ टॉप सोलर यूनिट का चयन कर सकते हैं जिसे वे अपनी छत पर लगाना चाहते हैं।

आवेदक के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं, जिनका अनुपालन करने पर ही आप आवेदन करने के पात्र होंगे। आवेदनकर्ता का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। गैर-भारतीय इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे। इसके अलावा सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत होना चाहिए।

इसके अलावा अगर सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में बात करें, तो सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा। इसके बाद राज्य और बिजली कंपनी का चयन करना होगा। आवेदक को इन प्रक्रियाओं को संपन्न करने के बाद अपना उपभोक्ता नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद जब आपका आवदेन मंजूर कर लिया जाएगा, तब आप किसी भी पंजीकृत विक्रेता से अपने छत पर संयंत्र लगाने के लिए पात्र हो जाएंगे। वहीं, जब संयंत्र को स्थापित करने की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।

तब आपको संयंत्र का विवरण जमा कराना होगा और इसके बाद आपको नेट मीटर के लिए आवेदन करना होगा। नेट मीटर की स्थापना और वितरण कंपनी (या डिस्कॉम) द्वारा निरीक्षण हो जाने के बाद पोर्टल से कमीशनिंग प्रमाणपत्र जेनरेट किया जाएगा। कमीशनिंग रिपोर्ट प्राप्त हो जाने के पश्चात पोर्टल के माध्यम से अपने बैंक खाते का विवरण और एक कैंसिल चेक जमा कराएं। आपको 30 दिन के भीतर अपने बैंक खाते में अपनी सब्सिडी प्राप्त हो जाएगी।

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मिलावट वालों की शामत लाने वाले डा. लखवीर सिंह हो सकते हैं आप में शामिल

होशियारपुर ,01 मार्च (एजेंसी)। अपनी तेजतर्रार कार्यशैली के कारण प्रसिद्ध हुए पूर्व जिला फूड सप्लाई अफसर डा. लखवीर सिंह आप में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो डा. लखवीर सिंह को लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी भी बनाया जा सकता है। डा. लखवीर सिंह ने खुद पार्टी ज्वाइन करने की पुष्टि की है। उम्मीद है कि ज्वाइनिंग चंडीगढ़ में ही करवाई जाएगी।

डा. लखबीर सिंह जब तक जिला फूड सप्लाई अफसर रहे तब तक इन्होंने मिलावटखोरों पर बहुत शिकंजा कसा। इनकी बहुत सी वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई और लोगों ने इनकी कार्यशैली को काफी सराहा। डा. लखवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने सदैव ईमानदारी से अपनी सेवाएं निभाई हैं। इसके साथ ही वह सियासत को भी एक मिशन के रूप लेंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में पहले की भांति काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने काम से लोगों का दिल जीतने की कोशिश करेंगे। याद उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कई पूर्व अधिकारी आप से जुड़ रहे हैं।

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भारतीय सेना के चेतक हेलीकॉप्टर की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग

जयपुर ,01 मार्च (एजेंसी)। भारतीय सेना के एक चेतक हेलीकॉप्टर ने शुक्रवार को राजस्थान के डीडवाना गांव के पास एक खेत में लैंडिंग की। इसके बाद एक और चेतक हेलीकॉप्टर आया जो लैंड कराए गए हेलीकॉप्टर की मदद के लिए वहां उतरा। सूत्रों के मुताबिक 10 मिनट बाद दोनों हेलीकॉप्टर ने दोबारा उड़ान भरी।

जयपुर के पीआरओ (रक्षा) कर्नल अमिताभ शर्मा ने कहा कि दोनों हेलिकॉप्टर अब अपने गंतव्य पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा, यह एहतियाती लैंडिंग थी। अधिकारियों ने बताया कि सेना के पायलटों और सैनिकों ने तकनीकी खामी का पता लगाया जिसे 10 मिनट के भीतर ठीक कर लिया गया, जिसके बाद दोनों हेलीकॉप्टरों ने फिर से उड़ान भरी।

किसी भी हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर में मामूली तकनीकी खराबी का अंदेशा होता है तो उसके वार्निंग सिग्नल एक्टिवेट हो जाते हैं। पायलट के लिए यह निर्देश होता है कि इस प्रकार का सिग्नल होने पर तुरंत उसको लैंडिंग करनी होगी। लैंडिंग करने के बाद तकनीकी खामियों को चेक कर दूर किया जाता है। सब ठीक होने पर वह दोबारा फ्लाई करने के लिए तैयार हो जाता है।

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जुबान संभालकर बोलें चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को दी नसीहत

नई दिल्ली ,01 मार्च (एजेंसी)। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को एडवाइजरी जारी की है। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने दलों और नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान शिष्टाचार और संयम बनाने रखने व मुद्दों पर आधारित बहस की जरूरत पर जोर दिया। आयोग ने यह भी कहा कि जिन स्टार प्रचारकों या उम्मीदवारों को पहले भी नोटिस जारी किए गए, उन्हें आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन के लिए सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

आयोग ने कहा कि नेता वे जाति, धर्म और भाषा के आधार पर वोट मांगने से परहेज करें तथा भक्त एवं भगवान के बीच के संबंधों का उपहास नहीं उड़ाएं अथवा दैवीय प्रकोप का हवाला नहीं दें। राजनीतिक दलों के लिए जारी परामर्श में आयोग ने कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों और स्टार प्रचारकों के खिलाफ ‘नैतिक भर्त्सना’ के बजाय कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक दल और नेता मतदाताओं को गुमराह करने के उद्देश्य से तथ्यात्मक आधार के बिना गलत बयानबाजी नहीं करेंगे। असत्यापित आरोपों या विकृतियों के आधार पर अन्य दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना होगा। उसने पार्टियों का चुनाव अभियान के स्तर को मुद्दों-आधारित बहस तक ले जाने का आह्वान किया और कहा कि राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को तथ्यात्मक आधार के बिना बयान नहीं देना चाहिए या मतदाताओं को गुमराह नहीं करना चाहिए।

राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को ऐसे किसी भी कार्य/कार्रवाई/कथन से बचना चाहिए जिसे महिलाओं के सम्मान और गरिमा के प्रतिकूल माना जा सकता है।

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मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई

*ज्ञानवापी मस्जिद मामला*

नईदिल्ली,01 मार्च (एजेंसी)। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में व्यासजी के तहखाने में पूजा पर रोक लगाने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा है कि वर्तमान मामले को संबंधित मामलों के साथ टैग करने का निर्णय लिया है और इन सबकी साथ में ही सुनवाई की जाएगी. दरअसल वाराणसी मसाजिद इंतजामिया कमेटी ने शुक्रवार को ज्ञानवापी तहखाने में पूजा जारी रखने के हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी. इसी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होना थी लेकिन कोर्ट की ओर से सभी मामलों को साथ टैग किए जाने की बात कही गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने आयुक्त की नियुक्ति में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. इसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने साफ कहा है कि केस के संबंध में अंजुमन इंतेजेमिया मसाजिद कमेटी की पिछली याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट के सामने निलंबित है. लिहाजा इन सभी मामलों की साथ में ही सुनवाई शुरू की जाएगी.

मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें ज्ञानवापी के व्यास जी तहखाने में पूजा जारी रखने का आदेश दिया गया है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि व्यासजी तहखाने वाला हिस्सा मस्जिद के हक में है और यहां पर किसी भी व्यास परिवार का पूजा करने का अधिकार नहीं है. लिहाजा हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई जाए.

हालांकि मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका से पहले हिंदू पक्षी की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दाखिल की गई थी. इस कैविएट के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में किसी भी तरह के फैसले से पहले हिंदू पक्ष की जरूर सुनेगा. हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी में पूजा से जुड़ा कोई फैसला अदालत की ओर से लिए जाने से पहले उनका पक्ष जरूर सुना जाए.

बता दें कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से हुजैफा ने कहा है कि ये पुराना मामला है और जबकि बाकी याचिकाएं लिस्ट नहीं हुई हैं. इसलिए सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जाए. हुजैफा अहमदी ने सर्वोच्च न्यायालय से सुनवाई टालने की भी मांग की जिसे सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत मान लिया. सीजेआई ने उनकी मांग पर सहमति जताते हुए कहा कि मूल विवाद की मेंटेनिबिलिटी के साथ ही अन्य याचिकाओं को भी सुना जाएगा.

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कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द, स्पीकर बोले- पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया

शिमला,01 मार्च (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश की विधानसभा स्पीकर ने कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी है।स्पीकर ने दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधानों का हवाला देते हुए बागी विधायकों को तत्काल प्रभाव से अयोग्य घोषित कर दिया है।दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने इस्तीफे पर नया बयान दिया है। सिंह ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया है और अंतिम फैसला लेना अभी बाकी है।

स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा, विधायकों ने चुनाव तो कांग्रेस पार्टी से लड़ा, लेकिन पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया और वोट नहीं दिया। मैंने सभी पक्षों को सुना। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पिछले फैसलों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है। 30 पन्नों का फैसला है। बजट सत्र के व्हिप के आधार पर फैसला लिया गया है। राज्यसभा चुनाव का व्हिप इस फैसले का पार्ट नहीं है।

जिन विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया है, उनमें धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा, लाहौल और स्पीति से विधायक रवि ठाकुर, सुजानपुर से विधायक राजेंद्र सिंह राणा, गगरेट से विधायक चैतन्य शर्मा, कुटलेहड़ से विधायक देवेंदर भुट्टो और बड़सर से विधायक इंदर दत्त लखनपाल शामिल हैं।इन सभी ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी की जगह भाजपा के उम्मीदवार हर्ष महाजन को वोट किया था।

आज सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस विधायकों को नाश्ते पर बुलाया था, जिसमें पार्टी के 40 में से 26 विधायक ही पहुंचे।विक्रमादित्य सिंह समेत मोहन लाल बरागटा, नंद लाल और स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल्य मुख्यमंत्री आवास पर नहीं पहुंचे। शांडिल्य स्वास्थ्य कारणों की वजह से शामिल नहीं हुए और विक्रमादित्य सिंह मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं।हालांकि, 2 और विधायकों के न आने की वजहों पर संशय बना हुआ है।

सिंह ने कहा, इस्तीफा वापस लेने और इसे स्वीकार करने के लिए दबाव नहीं डालने के बीच अंतर है। जब तक केंद्रीय पर्यवेक्षकों के प्रयासों से कोई अंतिम परिणाम सामने नहीं आ जाता, मैं अपने इस्तीफे पर जोर नहीं दूंगा। हमारी पर्यवेक्षकों के साथ कई दौर की चर्चा हो चुकी है। उन्हें हालात के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। जब तक कोई फैसला नहीं लिया जाता, मैं इस्तीफे पर जोर नहीं दूंगा।

हिमाचल की 68 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 35 था। अब 6 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद बहुमत का आंकड़ा 32 हो गया है। कांग्रेस के पास अब 34 विधायक हैं, लेकिन उनमें से 4 आज मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए नाश्ते में नहीं पहुंचे हैं।दूसरी ओर भाजपा के पास खुद के 25 विधायक हैं और उसे 3 निर्दलीय विधायक भी समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस के लिए आंकड़े अभी भी राहत देने वाले नहीं हैं।

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पीएम मोदी ने झारखंड को दी 36 हजार करोड़ की सौगात, कहा- आज मोदी की एक और गारंटी पूरी हुई

धनबाद ,01 मार्च (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को झारखंड के सिंदरी से करीब 36 हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और शुभारंभ किया। उन्होंने सिंदरी में हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड का नया संयंत्र राष्ट्र को समर्पित करते हुए इसे भारत की आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बताया।

प्रधानमंत्री ने चतरा जिले के नॉर्थ कर्णपुरा में एनटीपीसी की 660 मेगावाट की क्षमता वाली विद्युत उत्पादन इकाई और रामगढ़ जिले के नॉर्थ उरीमारी में सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) के कोल हैंडलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने देवघर से गोड्डा को जोडऩे वाली नई रेल लाइन एवं टोरी शिवपुर तीसरी रेलवे लाइन को लोकार्पित किया और देवघर-डिब्रूगढ़ के बीच नई ट्रेन, टाटा बादमपहाड़ डेली मेमू ट्रेन को भी रवाना किया। इसके अलावा पीएम मोदी ने रेलवे की सात परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।

इस मौके पर उपस्थित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने यह संकल्प लिया था कि सिंदरी में बंद पड़े खाद कारखाने को पुनर्जीवित करूंगा। 2018 में इसका शिलान्यास किया था और आज उद्घाटन किया है। यह मोदी की गारंटी थी और आज यह गारंटी पूरी हुई है।

उन्होंने कहा कि सिंदरी खाद कारखाने की फिर से शुरुआत झारखंड और देश के नौजवानों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसरों की शुरुआत है। देश को यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब हमारी सरकार बनी थी, तब मात्र 224 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन होता था। आज हमारे संकल्पों और प्रयासों की बदौलत 310 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हो रहा है। हमने सिंदरी के पहले रामागुंडम, गोरखपुर और बरौनी में खाद कारखानों को खुलवाया है और अब देश यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर होने की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री ने झारखंड में नई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करते हुए आज के दिन को झारखंड में रेल क्रांति का दिन बताया। उन्होंने कहा कि आज से बाबा वैद्यनाथ का धाम देवघर और माता कामख्या शक्तिपीठ रेल लाइन से जुड़ गए हैं। मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि अभी-अभी आए आंकड़े बताते हैं कि देश ने अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में 8.4 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितनी तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने विकसित भारत के संकल्पों को साकार करने के लिए विकसित झारखंड बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास के लिए हमारी सरकार हर संभव कदम उठा रही है। इन परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास के मौके पर झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी भी उपस्थित रहे।

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युवक की हत्या के आरोप में 15 को आजीवन कारावास

मुजफ्फरनगर,01 मार्च (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 2019 में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 15 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई और उन पर जुर्माना भी लगाया।

शासकीय अधिवक्ता रामनिवास पाल ने शुक्रवार को बताया कि 12 अगस्त 2019 को जिले के बुढ़ाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच हिंसक टकराव हुआ था और उस दौरान रफीक नामक एक युवक की मौत हो गई थी और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

उन्होंने बताया कि इस मामले में बुढ़ाना थाना में 15 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए आरोपी इरशाद, नफीस, फरहान, इरफान, एहसान, शहजाद, यूनुस, अनीस, सगीर, इरफान, परवेज, तहसीन, ढोला, वकील और शकील को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा उन पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया।

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अखिलेश को ऊंची जातियों व पीडीए के खेमों से करना पड़ रहा आलोचना का सामना

लखनऊ,01 मार्च (एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मुश्किल में फंस गए हैं। ओबीसी, दलितों और अल्पसंख्यकों पर उनकी रणनीति का उलटा असर हुआ है और ऊंची जातियों और पीडीए वर्गों ने उन पर तीखे हमले किए हैं।

हाल के राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग करने वाले सपा के सात विधायकों में से पांच ऊंची जातियों के थे। इनमें से तीन ब्राह्मण व दो ठाकुर थे। उनकी शिकायत थी कि समाजवादी पार्टी ने समावेशिता की नीति छोड़ दी है।

ब्राह्मण विधायकों में से एक ने कहा, पीडीए हमारे लिए कोई जगह नहीं छोड़ता। जिस तरह से स्वामी प्रसाद मौर्य ने सनातन धर्म की आलोचना की और अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी, उससे पता चलता है कि उन्होंने मौर्य की आलोचना को अपनी सहमति दे दी।

पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर गुरुवार को अयोध्या में राम मंदिर का दौरा करने वाले विधायकों में से एक, मनोज पांडे ने कहा, अधिकांश विधायक मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ अयोध्या जाना चाहते थे। हमें लगा कि मंदिर का दौरा पार्टी लाइन से ऊपर होना चाहिए, लेकिन हमारे नेताओं ने न जाने का फैसला किया और हमें इसका पालन करना पड़ा।

ऊंची जाति के विधायकों के साथ ही ओबीसी नेता भी पीडीए के फॉर्मूले पर सवाल उठा रहे हैं।

पार्टी विधायक पल्लवी पटेल ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन की आलोचना की और कहा, जया बच्चन और आलोक रंजन जैसे उम्मीदवारों के चयन में पीडीए कहां है। बाद में वह मान गईं, लेकिन उन्होंने अपना वोट दलित रामजी लाल सुमन को दिया।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा छोडऩे के बाद भी कहा कि सपा सही मायनों में पीडीए का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता के रास्ते से भटक गए हैं।

सपा के पूर्व सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर बार-बार अखिलेश की आलोचना करते रहे हैं और उन पर पीडीए के फॉर्मूले को महज नारे के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते रहे हैं।

पूर्व सांसद सलीम शेरवानी ने भी अखिलेश पर राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन में मुसलमानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी।

पूर्व मंत्री आबिद रजा ने भी इसी आधार पर इस्तीफा दे दिया।

लोकसभा चुनाव के पहले ऊंची जातियों, ओबीसी और मुस्लिम नेताओं द्वारा उनका साथ छोडऩे के बाद, अब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

एक तरफ, उन्हें अपनी पार्टी की एकता को बनाए रखने के लिए और दूसरी तरफ, अपनी नीतियों के प्रति अपने मतदाताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए कार्य करने की जरूरत है। इसके लिए राजनीतिक कौशल की आवश्यकता है।

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पूजा के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई

नईदिल्ली,01 मार्च (एजेंसी)। ज्ञानवापी के व्यासजी तहखाने में पूजा जारी रहेगी या फिर इस पर रोक लगाई जाएगी. इसको लेकर देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई चल रही है. दरअसल मुस्लिम पक्ष की ओर से इलाहबाद हाई कोर्ट के ज्ञानवापी के अंदर पूजा जारी रखने के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाया खटखटाया था.

इसी मामले को लेकर शुक्रवार को सुबह को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति की ओर से हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है. इसमें स्वामित्व की मांग वाली पांच याचिकाओं को पहले ही खारिज किया जा चुका है. वहीं याचिका में व्यास जी तहखाने में पूजा रोके जाने को लेकर मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच कर रही है.

अपनी याचिका के जरिए मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि पूजा स्थल अधिनियम 1991 में इलाहाबाद हाई कोर्ट का दखल सही नहीं है. मस्जिद समिति ने इस दौरान यह भी दलील दी है कि व्यास जी का तहखाना मस्जिद परिसर का ही एक अहम हिस्सा है ऐसे में यह उनके कब्जे में था और व्यास परिवार या उनके किसी सदस्य को यहां पर पूजा करने का अधिकार नहीं है. बता दें कि सुनवाई के दौरान यहां पर हिंदू पक्ष भी मौजूद रहेगा और अपनी बात रखेगा.

बता दें कि इससे पहले ही हिंदू पक्ष की ओर से कैविएट दाखिल कर दिया गया था. जब कैविएट दाखिल की जाती है तो कोर्ट हिंदू पक्ष को सुने बिना कोई आदेश नहीं दे सकता है. यही वजह है कि इस सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सर्वोच्च अदालत की ओर से सुना गया.

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कर्नाटक में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या, परिवार को सुपारी हत्या का शक

बेंगलुरु,01 मार्च (एजेंसी)। कर्नाटक के कलबुरगी जिले में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

परिवार को संदेह है कि यह सुपारी (ठेके पर) हत्या का मामला है। मृतक की पहचान गिरीश चक्र के रूप में हुई है, जो कलबुरगी से भाजपा सांसद डॉ. उमेश जाधव का करीबी था। यह घटना अफजलपुर तालुक के पास सगनुरा गांव में हुई।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात दोस्तों द्वारा एक पार्टी में आमंत्रित किए जाने के बाद गिरीश की हत्या कर दी गई। उन्हें हाल ही में सांसद उमेश जाधव ने बीएसएनएल सलाहकार समिति के निदेशक के रूप में नियुक्त किया था।

हमलावरों ने उसे मौत के घाट उतारने से पहले उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला। स्थानीय अधिकारियों को हत्या में किसी गिरोह के शामिल होने का संदेह है।

गंगापुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पीडि़त के भाई सदाशिव चक्र ने कहा, हत्या की वजह गिरीश की राजनीति हो रही प्रगति है। हमारे समुदाय के कुछ नेता इसमें शामिल हैं। दुश्मनों ने उसे खत्म करने के लिए कांट्रैक्ट किलर को काम पर रखा।

उन्होंने कहा, हत्यारों ने मेरे भाई की बेरहमी से हत्या करने से पहले उसे सम्मानित किया। मैं पुलिस को उन लोगों के नाम बताऊंगा जिन्होंने हत्यारों को सुपारी दी थी।

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राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा शनिवार को आएगी मध्य प्रदेश

भोपाल,01 मार्च (एजेंसी)। अखिल भारतीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांघी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मध्य प्रदेश आ रही है। यह यात्रा शनिवार दोपहर धौलपुर (राजस्थान) सीमा से मुरैना में प्रवेश करेगी।

प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा शनिवार दो मार्च को दोपहर डेढ़ बजे मुरैना में प्रवेश करेगी।

कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष योगेश यादव के नेतृत्व और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पार्टी के अन्य नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों की उपस्थिति में पार्टी ध्वज को सलामी दी जाएगी।

मिश्रा ने बताया कि इसी दिन दोपहर ढ़ाई बजे मुरैना में अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा, शाम पांच बजे ग्वालियर शहर में चार शहर का नाका से जीरा चौक तक रोड शो होगा। रात्रि विश्राम ग्वालियर में है। यह यात्रा छह मार्च तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी।

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DRDO ने किया घातक महाहथियार वीएसएचओआरएडीएस मिसाइल का सफल परीक्षण

नईदिल्ली,01 मार्च (एजेंसी)। भारत ने बुधवार और गुरुवार को अपनी स्वदेशी मानव-पोर्टेबल वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के दो सफल परीक्षण किए. इन मिसाइल्स को खासतौर पर शत्रु विमानों, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों को बहुत कम दूरी पर नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. DRDO ने बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली मिसाइलों का उड़ान परीक्षण किया, जिसकी मारक क्षमता 6 किमी तक है. बता दें कि डीआरडीओ ने ओडिशा तट से दूर एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से जमीन आधारित पोर्टेबल लॉन्चर से मिसाइलों का उड़ान परीक्षण किया. डीआरडीओ के एक अधिकारी ने इस बारे में तमाम महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है…

अधिकारी ने बताया कि, ये परीक्षण विभिन्न अवरोधन परिदृश्यों के तहत उच्च गति वाले मानवरहित हवाई लक्ष्यों के खिलाफ किए गए थे. सभी परीक्षण उड़ानों के दौरान, मिशन के उद्देश्यों को पूरा करते हुए, लक्ष्यों को मिसाइलों द्वारा रोका और नष्ट कर दिया गया. वीएसएचओआरएडीएस को अनुसंधान केंद्र इमारत (आरसीआई) द्वारा डीआरडीओ प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से तैयार किया गया है.

इसपर ज्यादा जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि, वीएसएचओआरएडीएस मिसाइल में लघु प्रतिक्रिया नियंत्रण प्रणाली और एकीकृत एवियोनिक्स समेत कई नई प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें परीक्षणों के दौरान सफलतापूर्वक साबित कर दिया गया है.
इसकी खासियत बताते हुए अधिकारी ने बताया कि, डुअल-थ्रस्ट सॉलिड मोटर द्वारा संचालित मिसाइल, कम दूरी पर कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए है. आसान पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए लॉन्चर सहित मिसाइल के डिजाइन को अत्यधिक अनुकूलित किया गया है

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, सेना और उद्योग को सफल विकास परीक्षणों के लिए बधाई देते हुए कहा कि, आधुनिक प्रौद्योगिकियों से लैस यह नई मिसाइल सशस्त्र बलों को और अधिक तकनीकी बढ़ावा देगी. बता दें कि, पिछले साल जनवरी में राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 1,920 करोड़ रुपये की लागत से डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और विकास के तहत इन्फ्रारेड होमिंग वीएसएचओआरएडीएस मिसाइलों की खरीद के लिए आवश्यकता की स्वीकृति दी थी.

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सुप्रीम कोर्ट ने की सांसदों, विधायकों की डिजिटल निगरानी की मांग वाली जनहित याचिका खारिज

नई दिल्ली,01 मार्च (एजेंसी)। बेहतर पारदर्शिता के लिए सभी निर्वाचित सांसदों और विधायकों की गतिविधियों की डिजिटल निगरानी की मांग करने वाली जनहित याचिका पर Supreme Court ने शुक्रवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, देश के सभी सांसदों और विधायकों की हम निगरानी नहीं कर सकते। निजता का अधिकार नाम की भी कोई चीज़ है। वे जो करते हैं उसकी निगरानी के लिए हम उनके पैरों या हाथों पर कुछ (इलेक्ट्रॉनिक) चिप्स नहीं लगा सकते।

सभी विधायकों की चौबीस घंटे सीसीटीवी निगरानी के लिए दायर की गई याचिका पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए पीठ ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का भी अपना निजी जीवन है।

जब याचिकाकर्ता ने मामला प्रस्तुत करने के लिए 15 मिनट का समय मांगा तो शीर्ष अदालत ने उसे 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी।

कोर्ट ने कहा, 5 लाख रुपए लगेंगे और अगर हम याचिका खारिज करते हैं तो इसे भू-राजस्व के बकाया के रूप में दिया जाएगा। यह समय की बर्बादी है।

याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर दलील दी कि सांसद और विधायक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत वेतनभोगी प्रतिनिधि हैं जो कानून, योजना और नीतियां बनाने में लोगों की राय का प्रतिनिधित्व करते हैं और चुनाव के बाद शासक के रूप में व्यवहार करना शुरू कर देते हैं।

जनहित याचिका में मांगी गई राहत से नाखुश सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, इसने याचिकाकर्ता पर कोई जुर्माना नहीं लगाया।

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आज भारत ने यूरिया के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है – मोदी

*धनबाद में बोले पीएम मोदी*

धनबाद,01 मार्च (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज झारखंड के दौरे पर हैं. झारखंड के दौरे पर पहुंचने के बाद PM MOdI ने सबसे पहले झारखंड में सिंदरी उर्वरक संयंत्र का निरीक्षण किया. उसके बाद उन्होंने इस संयंत्र के साथ-साथ कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. पीएम मोदी ने शुक्रवार को राज्य और राष्ट्र को 35700 करोड़ की विकास परियोजाओं का तोहफा दिया. बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार की पहले से गोरखपुर और रामागुंडम में उर्वरक संयंत्रों का पुनरुद्धार किया गया है. झारखंड का ये संयंत्र देश का तीसरा उर्वरक संयंत्र है जिसे मोदी सरकार ने फिर से विकसित किया है.

गौरतलब है कि करीब 20 साल पहले घाटे के चलते इस संयंत्र को बंद कर दिया गया था. लेकिन पीएम मोदी ने इस संयंत्र को एक बार फिर से शुरू करने की पहल की है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड में 17,600 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल परियोजनाओं का भी उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया. इसमें देवघर-डिब्रूगढ़ ट्रेन सेवा, टाटानगर और बादामपहाड़ के बीच मेमू ट्रेन सेवा (दैनिक) और शिवपुर स्टेशन से लंबी दूरी की मालगाड़ी शामिल है.

धनबाद के सिंदरी में एक सार्वजनिक रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि, पिछले 10 वर्षों में, हमने आदिवासी समुदाय, गरीबों, युवाओं और महिलाओं के विकास को प्राथमिकता देते हुए झारखंड के लिए काम किया है. हमें अपने देश को 2047 से पहले विकसित बनाना है. आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ से आगे बढऩे वाली अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में से एक है. भारत ने सभी उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है. भारत ने अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में आर्थिक विकास दर 8.4त्न हासिल की है.

पीएम मोदी ने कहा कि बीते दस वर्षों में हमारी सरकार ने रामागुंडम, गोरखपुर, बरौनी इन फर्टिलाइज प्लांट को दोबारा शुरू करवाया है. आज इसमें सिंदरी की नाम भी जुड़ गया है. तालचेल फर्टिलाइजर प्लांट भी अगले एक-डेढ़ साल में शुरू होने जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पक्का भरोसा है. देश की जनता पर भरोसा है कि उसके उद्घाटन के लिए भी मैं जरूर पहुंचूंगा. पीएम मोदी ने कहा कि इन पांचों प्लांट से भारत 60 लाख मैट्रिक टन से भी ज्यादा यूरिया का उत्पादन कर पाएगा. यानी भारत तेजी से यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर होने की तरफ बढ़ रहा है. इससे न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि वह पैसा किसानों के हितों के लिए खर्च होगा.

पीएम मोदी ने कहा कि इस खाद कारखाने के लोकार्पण के साथ ही आज भारत ने आत्मनिर्भरता की ओर भी एक बड़ा कदम उठाया है. हर वर्ष भारत में करीब-करीब 360 लाख मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत होती है, 2014 में जब हमारी सरकार बनी उस समय देश में 225 लाख मैट्रिक टन यूरिया का उत्पादन होता था. इस बड़े गैप को भरने के लिए भारत में बड़ी मात्रा में यूरिया का आयात करना पड़ता था. इसलिए हमने संकल्प लिया कि देश के यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे, हमारी सरकार के प्रयासों से बीते दस वर्षों में यूरिया का उत्पादन बढ़कर 310 लाख मैट्रिक टन हो गया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, आज सिंदरी उर्वरक कारखाने का लोकार्पण किया गया है. मैंने संकल्प लिया था कि सिंदरी के इस खाद कारखाने को जरूर शुरू करवाऊंगा. ये मोदी की गारंटी थी. और आज ये गारंटी पूरी हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि मैं 2018 में इस फर्टिलाइजर प्लांट का शिलान्यास करने आया था. आज सिर्फ सिंदरी कारखाने की ही शुरुआत नहीं हुई है. बल्कि मेरे देश के मेरे झारखंड के नौजवानों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसरों की शुरुआत हुई है.

धनबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, आज झारखंड को 35 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं का उपहार मिला है. मैं अपने किसान भाईयों को, मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों को इन योजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.

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17 लाख लोगों को रोजगार देने का ऐलान, Modi Cabinet बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर

नई दिल्ली 29 Feb, (एजेंसी)- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की गुरुवार को बैठक हुई जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि Modi Cabinet ने आगामी खरीफ सत्र 2024 के लिए फॉस्फोरस और पोटाश (पीएन्डके) उर्वरकों के लिए पोषण तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) की दरें गुरुवार को तय कीं। खरीफ सत्र में सरकार द्वारा इसके लिए बजट से 24,400 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दिए जाने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की गुरुवार को यहां हुई बैठक में पीएन्डके उर्वरकों पर एनबीएस की दरें निर्धारित करने के साथ-साथ उर्वरकों की तीन नई श्रेणियों को भी पोषण आधारित सब्सिडी योजना के अन्तर्गत लाने का फैसला किया गया है। बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति के अनुसार, खरीफ सत्र 2024 के लिये इस योजना के तहत बजट से करीब 24,420 करोड़ रुपये की सहायता की जरूरत पड़ेगी।

खरीफ फसल सत्र हर वर्ष पहली अप्रैल से 30 सितंबर तक चलता है। विज्ञप्ति में कहा गया कि इस निर्णय से किसानों को आगामी खरीफ सत्र में फसलों के लिये उचित दर पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की होगी। सरकार का कहना है कि एनबीएस योजना में उर्वरकों की तीन नयी श्रेणियों को शामिल किये जाने से किसानों को उर्वरकों के चयन के और विकल्प उपलब्ध होंगे तथा खेतों की ओर उर्वरता बनाये रखने में मदद मिलेगी।

सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और उर्वरकों के उत्पादन में लगने वाली सामग्री की कीमतों में हाल के परिवर्तन को देखते हुये, एनबीएस की दरों की समीक्षा की गयी हैं। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने रोग नियंत्रण और महामारी निपटने की तैयारी के लिये राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन का नेतृत्व करने के वास्ते नागपुर के ‘राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य संस्थान’ के निदेशक के पद के सृजन को स्वीकृति प्रदान की है।

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मोदी सरकार ने 17 लाख लोगों को रोजगार देने की घोषणा की। साथ ही कैबिनेट की बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बृहस्पतिवार को यहां हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमाेदन किया गया।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि नागपुर के राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक के रूप में वैज्ञानिक एच (वेतन स्तर 15 में) के स्तर पर एक पद के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो मिशन निदेशक के रूप में भी काम करेगा।

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संदेशखाली घटना के आरोपी की गिरफ्तारी में देरी सरकार की मिली भगत : तरुण चुग

चंडीगढ़ ,29 फरवरी (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने पश्चिम बंगाल में रोज़ाना हो रही रही अपराधिक घटनाओं तथा महिलाओं के हो रहे यौन शोषण की शर्मनाक घटनाओं पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली बंगाल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जारी अपने ब्यान में कहा कि पश्चिम बंगाल में जंगलराज चरम पर है। अपराधियों का संरक्षण तथा पालन पोषण ममता राज में हो रहा है।

चुग ने कहा कि आज बंगाल में ममता बनर्जी के शासन में बंगाल की बेटियां बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। अपराधी खुले आम घूम रहे हैं। अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यह दर्शाता है कि कानून और व्यवस्था की स्थिती बदतर हालत में है। संदेशखली घटना का आरोपी शेख शाहजहां गिरफ्तारी के बाद भी तैश में घूम रहा है।

चुग ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को देश तथा बंगाल की जनता को अब ये बताना चाहिए कि अपराधी को कौन बचाता रहा और क्यूँ बचता रहा? अगर किसी अपराधी के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ भी है तो उसकी गिरफ्तारी में विलंब क्यों हुआ? हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही गिरफ्तारी हुई जिससे यह स्पष्ट होता हैकी पुलिस राजनैतीक दबाव में काम कर रही है।

चुग ने कहा कि इन सभी मामलों की गंभीरता से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज ममता बनर्जी मॉडर्न भारत की जिन्ना का चेहरा बन चुकी है।

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मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन से सीसीएल के सीएमडी डॉ० बी वीरा रेड्डी ने मुलाकात की

झारखंड विधान सभा, रांची,29.02.2024  –  Chief Minister Shri Champai Soren से आज झारखंड विधान सभा में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के CMD Dr. B. Veera Reddy ने मुलाकात की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री से उन्होंने कोयला के उत्पादन एवं प्रेषण में 2023-24 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मार्गदर्शन का आग्रह किया। मुख्यमंत्री को उन्होंने अवगत कराया कि उत्पादन एवं प्रेषण लक्ष्य प्राप्त होने से राज्य को राजस्व की प्राप्ति में वृद्धि होगी।

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इस राज्य के डिप्टी सीएम को मिली जान से मारने की धमकी

मुंबई 29 Feb, (एजेंसी)-महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेन्द्र फड़णवीस को एक यूट्यूब चैनल के जरिए जान से मारने की धमकी भरा संदेश मिला है। अधिकारियों ने यहां गुरुवार को इस पर जानकारी देते हुए बताया कि सांताक्रूज पुलिस ने यूट्यूब साक्षात्कार के दौरान श्री फडणवीस को कथित तौर पर हत्या की धमकी देने के मामले में बुधवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि वीडियो कथित तौर पर यूट्यूब चैनल गावरान विश्लेषक द्वारा जारी किया गया और बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया मंच पर साझा किया जा रहा है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के शहर पदाधिकारी अक्षय पनवेलकर की शिकायत पर मंगलवार शाम को सांताक्रूज थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पनवलकर की शिकायत पर सांताक्रूज पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में कहा गया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा साक्षात्कार में फडणवीस के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और उनकी हत्या करने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार मंगलवार शाम को जब शिकायतकर्ता फेसबुक ब्राउज़ कर रहा था, तो टेप पर साक्षात्कारकर्ता उपमुख्यमंत्री को मारने के बारे में बयान दे रहा था।

साथ ही इस बार उन्होंने दो समुदाय के बीच विवाद होने का बयान दिया था। यह वीडियो यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर वायरल हो गया। इसे फेसबुक पर ‘योगेश सावंत 7796’ नाम के यूजर ने अपलोड किया था। साथ ही इस वीडियो को एक यूजर ने ट्विटर पर अपलोड किया है। साथ ही इस वीडियो को एक यूजर ने ‘ट्विटर’ पर अपलोड किया है। इसके चलते श्री फड़णवीस को जान से मारने की धमकी देने और दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करने वाला बयान देने की शिकायत दर्ज की गई है। सांताक्रूज पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच जारी है।

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