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पिंपल्स के दौरान की गई ये गलतियां पड़ती हैं स्किन पर भारी, पनपते हैं मुंहासे

11.08.2022 – चेहरे पर पिंपल्स होना एक आम समस्या हैं जो कि मौसम में बदलाव, गलत खानपान या स्किन की सही देखभाल ना करने की वजह से हो सकते हैं। कुछ समय के बाद ये पिंपल्स अपनेआप दूर हो जाते हैं। हांलाकि इन्हें दूर करने के लिए मार्केट में मिलने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। लेकिन कई बार देखने को मिलता हैं कि पिंपल्स के दौरान महिलाएं कुछ गलतियां कर बैठती हैं जो स्किन को नुकसान पहुचाते हुए मुंहासों की समस्या को पैदा करने का काम करते हैं।

हम आपको ऐसी ही कुछ गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में…पिंपल्स को छेडऩासिर्फ मुंहासे फोडऩे से ही नहीं, बल्कि उन्हें बार-बार छूने से भी बचना चाहिए। क्योंकि, हमारे हाथों पर गंदगी और कीटाणु हो सकते हैं। जो कि पिंपल्स को गंभीर बना सकते हैं और स्किन इंफेक्शन का खतरा बना सकते हैं।

मुंहासे फोडऩापिंपल्स के साथ लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि उन्हें फोडऩे लगते हैं। लेकिन, ऐसा करने से पूरे चेहरे पर मुंहासे आ सकते हैं। क्योंकि, पिंपल्स फोडऩे पर उनसे निकलने वाला पस (पदार्थ) बैक्टीरियल इंफेक्शन को बढ़ा सकता है। यह पस चेहरे के जिस हिस्से के संपर्क में आएगा, वहां मुंहासे आने का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं, यह गलती पिंपल्स के बाद गहरे दाग-धब्बे भी छोड़ सकती है।गंदा तकियाअगर चेहरे पर पिंपल्स हैं तो भूल से भी गंदे तकिए पर न सोए या उसका यूज करें। ऐसा करने से चेहरे पर और भी मिट्टी बैठती है। अगर आपकी स्किन ऑयली है तो आपके पिंपल्स बढऩे के ज्यादा आसार बन जाते हैं। गंदी मिट्टी से पिंपल्स और बढ़ सकते हैं।

पॉप अपदेखा जाए तो ये स्किन पर पिंपल्स के बढऩे की अहम वजह मानी जाती है। कोशिश करें कि पिंपल्स को कभी भी पॉप अप यानी उनकी पपड़ी छिलने की गलती न करें। लोगों को लगता है पिंपल की पपड़ी छील देने से वो वहीं खत्म हो जाएगा, जबकि इससे पिंपल्स और बढ़ते हैं।बार-बार चेहरे को धोनाअगर आपकी ऑयली स्किन है और आपको पिंपल्स परेशान कर रहे हैं, तो चेहरे को बार-बार धोने की गलती ना करें।

क्योंकि, जरूरत से ज्यादा चेहरा धोने से चेहरे की प्राकृतिक नमी छिन सकती है और त्वचा को खुरदुरा और उस पर गड्ढे बनने का कारण बन सकती है। दिन में दो बार से ज्यादा चेहरा धोने से बचना चाहिए।गलत फेसवॉश का इस्तेमालचेहरे को साफ रखने और पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए सही फेसवॉश का इस्तेमाल करें।

क्योंकि, गलत फेसवॉश का उपयोग स्किन इर्रिटेशन को बढ़ा सकता है। अपने लिए सही फेसवॉश का चुनाव करने के लिए अपनी स्किन का टाइप समझें और फिर फेसवॉश खरीदते समय उसके पैकेट पर दी जानकारी पर ध्यान दें।सनस्क्रीन का सही से इस्तेमाल ना करनाअक्सर लड़कियां गालों पर पिंपल्स होने पर सनस्क्रीन ना लगाना सही समझती है।

मगर सनस्क्रीन लगाने से स्किन का सूरज की तेज किरणों से बचाव रहता है।

इसलिए अपनी स्किन टाइप के हिसाब से सनस्क्रीन चुनें और कहीं जाने के 10’5 मिनट पहले इसे लगाएं। मगर इस बात का ध्यान रखें कि आपको सनस्क्रीन कम मात्रा में ही लगानी है। (एजेंसी)

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आईलाइनर का चुनाव चेहरे और आंखों की शेप के अनुसार करें, मिलेगा परफेक्ट लुक

11.08.2022 – आकर्षक दिखने के लिए महिलाएं मेकअप का सहारा लेती हैं जिसमें खासतौर से आंखों के मेकअप पर ध्यान दिया जाता हैं और आईलाइनर से इसे सुसज्जित किया जाता हैं। आमतौर पर लड़कियां आईलाइनर लगाते समय तरह-तरह के लेटेस्ट ट्रेंड को फॉलो करती हैं। अक्सर देखा जाता हैं कि महिलाएं दूसरों की आंखों में लगा आईलाइनर देख उसी तरह अप्लाई करती हैं लेकिन उनपर वो अच्छा नहीं लगता हैं क्योंकि आईलाइनर तभी आकर्षक लुक देता हैं जब इसे चहरे और आंखों की शेप के अनुसार लगाया जाए

। इसलिए आज इस कड़ी में हम आपको इससे जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं कि अपने चहरे और आंखों की शेप के अनुसार किस तरह आईलाइनर लगाना चाहिए ताकि आपको परफेक्ट लुक सके। तो आइये जानते हैं इसके बारे में…डायमंड फेस शेपवाइड चीकबोन्स और छोटा फोरहेड आपके चेहरे को एक डायमंड फेसशेप देता है। ऐसे में आपको आईलाइनर अप्लाई करते समय इस बात का इसके लिए विंग्ड आईलाइनर या अरेबिक स्टाइल आईलाइनर को चुन सकती हैं।

यकीन मानिएगा कि इसके बाद आपकी आंखें बेहद ही स्टाइलिश लुक देंगी। साथ ही आपका चेहरा भी काफी हद तक बैलेंस लगेगा।हार्ट शेप फेसअगर आपका चेहरे का माप माथे से होकर नीचे जॉ लाइन तक आते-आते संकरा हो जाता है, तो इसका मतलब है कि आपका चेहरा दिल के आकार का है। इसे फेस शेप पर नॉर्मल आईलाइनर स्टाइल ही सूट करता है। यह देखने में जितना आसान है, उतना ही ग्लैमरस लुक भी देता है। आप इस तरह के लाइनर के लिए पेंसिल या लिक्विड लाइनर इस्तेमाल कर सकती है।

नीचे की पलकों को खाली छोड़ दें। इसके बाद न्यूड पेंसिल को काजल की तरह अंदर की तरफ लगाएं। इससे आपकी आंखे बड़ी और बेहद सुंदर नजर आएंगी।राउंड फेस शेपचूंकि आपके चेहरे की लंबाई व चौड़ाई लगभग एकसमान ही है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने आईलाइनर के जरिए अपनी आंखों में थोड़ा ड्रामा एड करें। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी आईब्रो एकदम क्लीन दिखें क्योंकि वे वास्तव में आपके चेहरे को फ्रेम करने में मदद करेंगे। फिर एक विंग्ड लाइनर के साथ मोटी विंग्ड लाइनर या स्मोकी आइज़ लुक चुनें।

इसके बाद आपकी आंखें ही नहीं, पूरा फेस मेकअप भी बेहद ही ब्यूटीफुल लगेगा।ऑब्लॉन्ग फेसचूंकि आपका फेस शेप ऑब्लॉन्ग हैग, जिसके कारण आपका चेहरा अधिक लॉन्गर हाता है और इसलिए आपके माथे, चीकबोन्स और जॉलाइन अपेक्षाकृत समान चौड़ाई के होंगे। ऐसे में आपको आईलाइनर अप्लाई करते समय थोड़ा बोल्ड लुक चुनना चाहिए। इसके लिए आप बोल्ड आईशैडो कलर्स को चुन सकती हैं। साथ ही आप कैट आईलाइनर लुक को भी अप्लाई कर सकती हैं। यह आपकी आंखों व फेस को एक स्टाइलिश लुक देंगे।

स्क्वेयर फेस शेपअगर आपका फेस शेप स्क्वेयर है तो इसका अर्थ है कि आपका फोरहेड और जॉ आपके फेस को एक स्ट्रांग व एंग्युलर शेप देते हैं। इससे आपके चेहरे की लंबाई व चौड़ाई एकसमान नजर आती है। ऐसे में आपको आईलाइनर अप्लाई करते समय एंगल्स को थोड़ा सॉफ्टन लुक देना होगा, जिससे आपको अधिक फेमिनिन लुक मिले। ऐसे में आप अपर व लोअर लैश लाइन पर आईलाइनर अप्लाई करने के बाद क्यू-टिप या ब्रश की मदद से उसे एक सॉफ्ट लुक दें। वहीं आखिरी में अपनी आईलैशेज पर मस्कारा का हैवी कोट लगाना ना भूलें।

ओवल फेस शेपअगर आपका फेस शेप ओवल है तो यकीनन आप काफी लकी हैं, क्योंकि ऐसे चेहरे पर कई तरह के आईलाइनर काफी अच्छे लगते हैं। इसलिए अगर आप चाहें तो आईलाइनर के जरिए कई अलग-अलग लुक्स क्रिएट कर सकती हैं। हालांकि अगर आप बहुत अधिक ड्रामेटिक लुक नहीं चाहती हैं तो ऐसे में आप अपनी लोअर लैशलाइन के आउटर हाफ पर लाइनर अप्लाई करें। यह आपके चेहरे पर एक आकर्षण देगा, जिससे आपका लुक ब्यूटीफुल नजर आएगा।

बादाम शेप की आँखेंइस शेप की आंखों वाली महिलाएं किसी भी तरह से आईलाइनर लगा सकती हैं। लेकिन विंग्ड आईलाइनर बादाम शेप की आंखों पर ज्यादा अच्छा लगता है। अपनी आंखों के इनर कॉर्नर से लाइन खींचना शुरू करें और धीरे-धीरे लाइन को मोटा करें। आईलाइनर आपकी आंखों के आउटर कॉर्नर के बीच में मोटा होना चाहिए। आंखों के कोने पर विंग को हल्का सा फैला दें।

हुडेड आईआंखों की सुंदरता को बढ़ाने के लिए कैट आई बनाने की कोशिश करें। आईलाइनर को मोटा रखें। इससे आपकी आंखों का डिफिनेशन और शेप बेहतर नजर आएगा। साथ ही आपकी आंखें बड़ी दिखेंगी। आईलाइनर लगाते समय बीच में इसे मोटा और कॉर्नर पर पतला रखें।अपटर्न आईइस शेप की आंखों में आईलाइनर लगाते समय आउटर कॉर्नर से हल्का सा विंग दें। अपटर्न आई आमतौर पर बादाम शेप की आंखों की तरह होती है।

आंखों के आउटर कॉर्नर पर अधिक ध्यान दें। लोअर लैश लाइन पर हल्के हाथों से आईलाइनर लगाएं और इनर टियर डक्ट पर बिल्कुल न जाएं।डाउनटर्न आईडाउनटर्न आई पर बहुत साधारण तरीके से आईलाइनर लगाना चाहिए। आंखों को बड़ा और शार्प दिखाने के लिए आउटर कॉर्नर तक हल्का फ्लिक करें। मेकअप आर्टिस्ट इस तरह की आंखों को सुंदर दिखाने के लिए इनर कॉर्नर पर सिमरी आई शैडो या पेंसिल का यूज करते हैं।

लोअर लैश लाइन पर न्यूड लाइनर या पेंसिल का इस्तेमाल करें।डीप सेट आईइस तरह की आंखें बड़ी होती हैं। इसलिए आईलाइनर आउटर कॉर्नर से लगाना शुरू करना चाहिए। डीप सेट आई पर बहुत अधिक लंबा या मोटा आईलाइनर नहीं लगाना चाहिए।

इससे आंखों का आकार छोटा दिखता है। इसके अलावा डार्क आई शैडो और वाटर प्रूफ हैवी मस्कारा का इस्तेमाल करें। (एजेंसी)

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बरसात में बदबूदार हो गई है बेडशीट तो आपके काम आएँगे ये टिप्स

10.08.2022 – भारतीय लोग मानसून के मौसम को बहुत पसंद करते हैं। हालाँकि इस मौसम में घर का हाल बुरा हो जाता है। जी दरअसल बरसात में हवा में नमी होने के चलते कई चीजों से बदबू भी आने लगती है और इसी में शामिल होती है बेडशीट। बरसात में बेडशीट से भी एक अजीब किस्म की बदबू आने लगती है। वहीं इस दुर्गन्ध के चलते एक दिन के बाद ही बेडशीट को बदलना पड़ जाता है। हालाँकि अगर आप भी बेडशीट से आने वाली बरसाती बदबू से परेशान रहते हैं तो फिर आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

सबसे पहले करें ये काम –

बारिश के मौसम में गद्दा या फिर बेडशीट से बदबू आए तो इसके लिए नॉर्मल डिटर्जेंट से साफ करने की जगह आप कुछ अन्य चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। जी दरअसल सफाई के दौरान आप बेकिंग सोडा या सिरके का इस्तेमाल कर सकते हैं।

एसेंशियल ऑयल्स का करें इस्तेमाल –

आप चाहे तो एसेंशियल ऑयल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जी दरअसल इससे रूम भी सुगंधित रहेगा और बेडशीट भी। वहीं अगर आपको लैवेंडर ऑयल पसंद है तो सबसे पहले एक चम्मच ऑयल में तीन से चार कॉटन को अच्छे से भिगोकर बेड से सभी कोने पर रख दें। इससे कभी भी बदबू नहीं आएगी।

धूप में जरूर रखें-

बेडशीट को कुछ समय के लिए धूप में ज़रूर रखें। जी हाँ क्योंकि इससे बेडशीट में मौजूद नमी दूर हो जाती है, जिसके कारण बेडशीट से किसी भी तरह की दुर्गन्ध नहीं आती है। आप सप्ताह में एक से दो बार बेडशीट को धूप में रख सकते हैं।

इन गलतियों को करने से बचें

* मानसून में बेडशीट से कोई बदबू नहीं आए इसके लिए भीगे पैर बेड पर चढऩे से बचें।

* गीले कपड़े को बेडशीट के ऊपर रखने से बचें.   (एजेंसी)

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चेहरे को दूध जैसा सफ़ेद बना देगा सोडा वॉटर, जानिए कैसे करना है इस्तेमाल

10.08.2022 – चेहरा साफ रखने के लिए महिलाएं कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स घरेलू नुस्खे इस्तेमाल करती है। हालाँकि फिर भी कई बार चेहरे पर निखार नहीं आता, हालाँकि कभी आपने सोडा वॉटर चेहरे पर प्रयोग किया है। जी दरअसल सोडा वॉटर से चेहरा धोने से भी चेहरा ग्लोइंग और चमकदार बनता है और यह त्वचा संबंधी कई समस्याएं भी दूर करता है और चेहरे पर निखार लाने पर भी मदद करता है।

हालाँकि सोडा वॉटर आपकी त्वचा के लिए कैसे फायदेमंद है, यह आज हम आपको बताने जा रहे हैं।त्वचा के लिए कैसे फायदेमंद है सोडा वॉटर?- धूल, मिट्टी, प्रदूषण और सूर्य की हानिकारक किरणों के कारण त्वचा पर ज्यादा असर दिखाई देता है। इसी के साथ त्वचा की टाइप के कारण भी कई बार त्वचा संबंधी समस्याएं हो जाती है। हालाँकि आप सादे पानी की जगह चेहरा धोने के लिए सोडा वॉटर का प्रयोग कर सकते हैं। जी दरअसल सोडा वॉटर इस्तेमाल करने से त्वचा अंदर से साफ होती है और यह आपकी त्वचा में मौजूद गंदगी, एक्स्ट्रा ऑयल को भी साफ करने में भी बहुत ही मददगार माना जाता है।

पिंपल्स करे कम- यह त्वचा पर मौजूद एक्स्ट्रा ऑयल, गंदगी, रोम छिद्रों को खोलने में और ब्लैक हैड्स को साफ करने में सहायता करता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल करने से चेहरे पर धीरे-धीरे मुंहासे कम होने लगते हैं।एलर्जी करे दूर- सोडा वॉटर चेहरे पर पाए जाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को साफ करता है और अगर आपको चेहरे पर लाल चकत्ते, खुजली या किसी तरह की एलर्जी है तो आप इसका चेहरा पर इस्तेमाल कर सकते हैं।चेहरे पर लगाएं इंस्टेंट ग्लो- सोडा वॉटर चेहरे के दाग-धब्बों, मुहांसों को दूर करके चेहरे के जिद्दी निशानों को भी साफ करने में सहायता करता है।

जी दरअसल इसका पीएच सामान्य पानी से ज्यादा होता है। ऐसे में अगर आप चेहरे पर इसका इस्तेमाल करते हैं, तो आपके चेहरे पर इंस्टेंट ग्लो भी आता है।डेड स्किन से दिलवाए छुटकारा- यह चेहरे की डेड स्किन से भी राहत दिलवाता है, इसके लिए आप चेहरा धोते समय धीरे-धीरे त्वचा की इससे मालिश करें।ऐसे बनाएं घर पर सोडा वॉटर- सामग्री-नींबू – 4-5बेकिंग सोडा – 2 चम्मचनमक – 1 चम्मचकैसे बनाएं?- सबसे पहले आधी बाल्टी पानी में बेकिंग सोडा मिलाएं।

इसके बाद इसमें नमक या नींबू दोनों में से एक चीज मिलाएं। अब सारी चीजों को पानी में अच्छे से मिला लें। इसके बाद इस पानी से आप अपना चेहरा धो लें।

हालाँकि इस बात का खास ध्यान रखें कि सोडा वॉटर आंखों में न जाए। आप चेहरे पर 15 मिनट लगा रहे दें और तय समय के बाद चेहरा साफ पानी से धो लें। (एजेंसी)

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चाय की चुस्की लेना पड़ सकता है भारी, अधिक सेवन से होते हैं ये नुकसान

09.08.2022 – भारतीय लोगों द्वारा सबसे ज्यादा पिये जाने वाले पेय पदार्थ में से एक हैं चाय। कई लोगों को तो सुबह उठते ही चाय चाहिए होती हैं। वहीँ कई लोगों के लिए ऑफिस के काम की थकान मिटाने का जरिया हैं चाय जिसे पीने से लोगों शरीर में ताजगी महसूस होती हैं। इसके चलते कुछ लोग तो दिन में 4-5 कप चाय पी लेते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ज्यादा चाय पीने की लत आपको कई तरीकों से बीमार बना रही हैं। जी हां, जरूरत से ज्यादा चाय पीने से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है और आज हम आपको इन्हीं नुकसान की जानकारी देने जा रहे हैं। आइये जानते हैं इसके बारे में…पेट के लिए नुकसानदायकज्यादा चाय पीने से आपको पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इससे आपका पाचन खराब होता है। यह पेट में गैस, ब्लोटिंग और कब्ज जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

यह खासकर उन लोगों के लिए ज्यादा नुकसानदायक है जो सुबह की शुरुआत चाय के साथ करते हैं।आंतों के लिए नुकसानदायकचाय का ज्यादा सेवन करना आंतों के लिए भी नुकसानदायक होता है। इसके ज्यादा सेवन से आंतों के खराब होने का खतरा बना रहता है जिससे खाना पचने में दिक्कत हो सकती है।अनिद्रा की समस्या चाय में कैफीन मौजूद होता है साथ ही इसमें टैनिन भी होता है। जब आप चाय का सेवन अधिक करते हैं तो इससे आपको रात में सोने में तकलीफ होती है।

कैफीन एक उत्तेजक के रूप में कार्य करता है यह आपके मस्तिष्क को सचेत करता है। इसके ज्यादा सेवन से आप भी चिड़चिड़ा महसूस कर सकते हैं और मूड स्विंग भी हो सकता है।दिल की सेहत के लिए नुकसानदायकचाय पीकर भले ही आपके दिल को तसल्ली मिलती हो, लेकिन यह दिल की सेहत के लिए बहुत खराब है। ज्यादा चाय पीने से दिल की धड़कन तेज होती है और दिल की बीमारियां होने की संभावना में भी इजाफा हो जाता है।

हार्टबर्न की समस्या बहुत से लोग अक्सर सीने में जलन, पेट में गैस, बदहजमी और खट्टी डकार जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। ज्यादातर मामलों में ऐसा बहुत अधिक चाय के सेवन के कारण होता है। यहां तक कि कुछ लोग तो स्नैक्स के साथ ही चाय पीते हैं यह आपके पाचन को अधिक नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण आप उल्टी और जी मिचलाना जैसी समस्याओं से भी ग्रसित हो सकते हैं।आयरन का अवशोषण होता है कमचाय में मौजूद टैनिन शरीर में पहुंच कर आयरन को अवशोषित करने की क्षमता को कम कर देता है।

कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक चाय आयरन को अवशोषित करने की क्षमता को 60त्न तक कम कर सकती है।घबराहट महसूस कर सकते हैंचाय में मौजूद कैफीन और टैनिन आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। यह आपके नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। आपको ठीक से नींद नहीं आती है और आप सोच में डूबे रहते हैं। खासकर अगर आप दूध वाली चाय का अधिक सेवन करते हैं तो इससे आप घबराहट का अनुभव कर सकते हैं। (एजेंसी)

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पीठ को मजबूत करने में सहायक हैं ये योगासन, जानिए अभ्यास का तरीका

09.08.2022 – लंबे समय तक काम करने या गलत बॉडी पॉश्चर रखने का खामियाजा हमेशा पीठ को भुगतना पड़ता है। हालांकि, योग के आपकी पीठ को इन कारणों से बचाते हुए मजबूत बनाए रखने में काफी सहयोग प्रदान कर सकता है। आइए आज हम आपको पांच ऐसे योगासनों के अभ्यास का तरीका बताते हैं, जो आपकी पीठ को मजबूत करने के समेत तनाव और पीठ दर्द से राहत दिलाने में सहायक साबित हो सकते हैं।

वीरभद्रासन –  वीरभद्रासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पैरों को फैलाकर खड़े हो जाएं और हाथों को कंधे की सीध में फैला लें, फिर दाएं पैर को 90 डिग्री घुमाएं और शरीर को दाईं तरफ घुमाकर गहरी सांस लेते हुए दाएं घुटने को मोड़ें। थोड़ी देर इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।इसके बाद इस प्रक्रिया को विपरीत दिशा से दोहराएं। ताड़ासनताड़ासन के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं, फिर दोनों हाथों को आसमान की ओर सीधा उठाकर अपनी उंगलियों को आपस में फंसा लें। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए पंजों के बल खड़े हों और शरीर को ऊपर की ओर खीचने की कोशिश करें। जब शरीर पूरी तरह तन जाए तो इस मुद्रा में कुछ देर बने रहें और सांस लेते रहें। अंत में सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

अर्धमत्स्येन्द्रासन – अर्धमत्स्येन्द्रासन सबसे पहले योगा मैट पर दंडासन की मुद्रा में बैठ जाएं, फिर अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए बाएं घुटने के ऊपर से इसके किनारे पर रख लें। इसके बाद बाएं घुटने को मोड़कर इसकी एड़ी को दाएं कूल्हे के नीचे रखें और बाएं हाथ से दाएं टखने को पकडऩे की कोशिश करें। इस दौरान दाएं हाथ को कमर के पीछे रखें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में बने रहें और धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।

बालासन – बालासन के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठें और गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं, फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुककर माथे को जमीन से सटाएं। इस अवस्था में दोनों हाथ सामने, माथा जमीन से टिका हुआ और छाती जांघों पर रहेगी। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद सांस लेते हुए धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।

भुजंगासन – भुजंगासन  के अभ्यास के लिए सबसे पहले योगा मैट पर अपने हाथों को अपने कंधों के नीचे रखकर पेट के बल लेट जाएं। अब अपने हाथों से दबाव देते हुए अपने शरीर को जहां तक संभव हो सके, ऊपर उठाने की कोशिश करें। इस दौरान सामान्य तरीके से सांस लेते रहें। कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। कुछ देर बाद इस योगासन को फिर से दोहराएं। (एजेंसी)

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मानसून में त्वचा को ह्यूमिडिटी के प्रभाव से बचाने के लिए अपनाएं ये स्किन केयर टिप्स

08.08.2022 – मानसून के मौसम में ह्यूमिड्टी (नमी) का स्तर भी काफी बढ़ जाता है, जिससे चेहरे का स्वास्थ्य काफी प्रभावित होता है। इससे त्वचा अधिक तैलीय, कमजोर और बेजान होने लगती है। वहीं, ह्यूमिडिटी के कारण आने वाले पसीने के कारण त्वचा पर मुंहासें जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। आइए आज हम आपको पांच ऐसी स्किन केयर टिप्स देते हैं, जिन्हें अपनाकर आप मानसून के दौरान अपनी त्वचा को ह्यूमिडिटी से सुरक्षित रख सकते हैं।

मौसम भले ही कोई भी हो, मॉइश्चराइजर हर किसी के स्किन केयर रूटीन में जरूर शामिल होना चाहिए क्योंकि यह त्वचा पर एक सुरक्षित परत बनाकर उसे कई तरह के नुकसानों से बचा सकता है। मानसून में ऐसे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए, जो तेल रहित होने के साथ-साथ लाइट भी हो क्योंकि इससे त्वचा चिपचिपा नहीं लगेगा। इसके अतिरिक्त, यह आपकी त्वचा ह्यूमिडिटी से भी सुरक्षित रहेगी।

इस तरह का फेसवॉश करें इस्तेमालमानसून की समस्याओं से बचने के लिए सबसे पहले अपने गर्मियों के फेसवॉश को ग्लाइकोलिक एसिड और सैलिसिलिक एसिड युक्त फेसवॉश से स्विच करें, जो बेजान त्वचा के लिए सही है। इतना ही नहीं, अपनी स्किन टाइप के अनुसार ही फेसवॉश खरीदना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही त्वचा को साफ और तरोताजा रखने के लिए दिन में कई बार धोएं और नियमित रूप से टोनर का इस्तेमाल करें, इससे आपकी त्वचा हाइड्रेट रहेगी।

सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी है महत्वपूर्णमानसून के साथ-साथ सभी तरह के मौसम में सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। सनस्क्रीन त्वचा को हाइड्रेट करने के साथ ही सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाकर रखने में काफी मदद कर सकती है, इसलिए रोजाना सीमित मात्रा में एक बार अपने चेहरे पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं। अगर आप घर से बाहर हैं तो अपने चेहरे पर हर दो से तीन घंटे बाद सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

एक्सफोलिएट जरूर करेंगंदगी, डेड स्किन सेल्स और अन्य अशुद्धियां त्वचा की कोमलता को कम करने और मुंहासों को उभारने का मुख्य कारण मानी जाती हैं, इसलिए इनसे राहत पाने के लिए मानसून के दौरान भी एक्सफोलिएट करना बहुत जरूरी है। हालांकि, आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि अधिक एक्सफोलिएशन आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।

इसलिए हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा दो बार ही त्वचा को हल्के हाथों से एक्सफोलिएट करें। कम मेकअप करेंमानसून के दौरान आपको कम मेकअप करना चाहिए क्योंकि इस मौसम में हैवी मेकअप करने से चेहरे पर दाने या फिर खुजली की समस्या हो सकती है। इसके लिए आप चाहें तो एक मॉइश्चराइजर, एक कंसीलर और एक न्यूड शेड की लिपस्टिक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके साथ ही क्रीम या बहुत अधिक चमकदार चीजों का इस्तेमाल न करें क्योंकि ऐसी चीजें आपको पसीने से तर कर देगीं। (एजेंसी)

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ट्रेकिंग ट्रिप को आसान और मजेदार बनाने के लिए अपने पास जरूर रखें ये चीजें

08.08.2022 – अगर आप अपने दोस्तों या फिर परिवार के साथ ट्रेकिंग ट्रिप की योजना बना रहे हैं तो यह सफर बिना तैयारी के थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है। हालांकि, अगर आप चाहें तो अपनी ट्रेकिंग ट्रिप को न सिर्फ आसान बल्कि मजेदार भी बना सकते हैं। अगर आपका सवाल है कैसे? तो चलिए फिर आज हम आपको पांच ऐसी चीजें बताते हैं, जिनके साथ आपकी ट्रेकिंग ट्रिप आरामदायक और यादगार बन सकती है।

आरामदायक जूतें पहनेंट्रेकिंग के दौरान जूते अहम भूमिका अदा करते हैं। अगर आपके पास सही जूते नहीं हैं तो आपके बार-बार गिरने की संभावना बढ़ सकती है या फिर आपको ट्रेक पूरा करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे पैरों में दर्द होना या चोट लगना आदि। इसलिए ट्रेकिंग के लिए ऐसे जूते पहनें, जो आपको ट्रेक के दौरान दुर्घटनाओं से बचाए।

ट्रेकिंग के लिए हल्के और वॉटरप्रूफ जूतों का चयन करना अच्छा है। पानी की बोतलकिसी भी चीज के लिए अपनी पानी की बोतल को कभी न छोड़ें। पानी किसी भी तरह के ट्रेक के लिए जरूरी है। ट्रेक के दौरान आपका शरीर डिहाइड्रेट होता है, इसलिए उसे समय-समय पर हाइड्रेटेड करते रहने की जरूरत होती है, जो पानी कर सकता है। अच्छी बात यह है कि भारत में पहाड़ों पर बहुत सी छोटी-छोटी धाराएं हैं, जहां से आप पीने के साफ पानी के लिए अपनी बोतल भर सकते हैं।

स्वास्थ्यवर्धक स्नैक्सजैसे-जैसे आप ट्रेकिंग के लिए मीलों पैदल चलते हैं तो आपका शरीर जल्दी थक जाता है और आगे बढऩे के लिए इसे एनर्जी समेत पोषण की जरूरत होती है। हालांकि, ट्रेक के दौरान दुकानों को ढूंढना मुश्किल है, इसलिए अपने बैग में कुछ छोटे-छोटे स्नैक्स रखें, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी हों। बेहतर होगा कि आप चिप्स की जगह फल, एनर्जी बार या डार्क चॉकलेट लेकर जाएं।

सनस्क्रीनयह सभी यात्रियों के लिए जरूरी है। मौसम चाहे जो भी हो टैनिंग और सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से खुद को बचाने के लिए सनब्लॉक महत्वपूर्ण है। इसके लिए आपका अपनी त्वचा पर सनस्क्रीन लगाना महत्वपूर्ण है। सनस्क्रीन लगाना उन क्षेत्रों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है, जहां आपको घास के मैदानों से ट्रेक करना होता है।

उच्च एसपीएफ और व्यापक स्पेक्ट्रम वाला सनस्क्रीन चुनें और इसे त्वचा पर लगाएं। प्राथमिक चिकित्सा किटअपने ट्रेक बैग में एक प्राथमिक चिकित्सा किट रखें ताकि जरूर पडऩे पर आपके पर हर चीज उपलब्ध हो। इसके लिए एक जिपलॉक बैग में बैंड-एड्स, एंटीसेप्टिक वाइप्स, दर्द निवारक क्रीम और एंटासिड ले जाएं।

वहीं, अगर आप बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो अपने पास इलेक्ट्रोलाइट पेय, नमक, कैंडी और च्युइंग गम के साथ-साथ कुछ प्लास्टिक बैग जरूर रखें। (एजेंसी)

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इस रक्षाबंधन पर खुद बनाएं अपने भाई के लिए राखी, जानिए पांच तरीके

06.08.2022 – भाई-बहनों के बीच प्यार भरे बंधन का जश्न मनाने के लिए रक्षाबंधन का शुभ दिन कुछ ही दिनों में आने ही वाला है। हालांकि, अगर आपने इसके लिए अभी तक राखी नहीं खरीदी है तो अपने भाई के प्रति प्यार को इजहार करने के लिए अपने हाथों से घर पर ही खूबसूरत राखियां बना सकती हैं। आइए आज हम आपको पांच तरह की राखी बनाने का तरीका बताते हैं, जिनसे आप अपने भाई की कलाई को सजा सकती हैं।

कार्टून वाली राखीअगर आपका भाई छोटा है और वह कार्टून का शौकीन है तो उसके पसंदीदा कार्टून चरित्र जैसे टॉम एंड जेरी या डोरेमोन को चुनकर उससे राखी बनाएं। इसके लिए सबसे पहले अलग-अलग व्यास के एक सर्कल के आकार में दो रंगीन फेल्ट काट लें, फिर फेल्ट के बीच में एक साटन का रिबन रखें और इसे गोंद से चिपकाएं। अब इसके शीर्ष पर कार्टून चरित्र का मोटा स्टीकर चिपकाएं। इस तरह आपके भाई को पसंद आने वाली राखी तैयार है।

जरी की राखीअगर आप अपने भाई के लिए सबसे अच्छी और खूबसूरत राखी बनाना चाहती हैं तो जरी का इस्तेमाल करें, जो सुनहरे रंग का होता है। सबसे पहले मोर या फूल का चित्रण करते हुए एक जरी की आकृति लें, फिर जरी के रंग से मेल खाती हुई चमकीले रंग की डोरी चुनें और इसे आकृति के किनारों पर सिल दें। आप कपड़े को चिपकाने का इस्तेमाल करके डोरी चिपका भी सकते हैं। कॉटन इयरबड्स वाली राखीसबसे पहले कुछ कॉटन इयरबड्स को तीन अलग-अलग रंगों से रंगकर उनको सूखा दें, फिर कार्डबोर्ड से एक गोलाकार काट लें और उस पर एक डोरी स्टेपल करें। अब अलग-अलग रंग के कॉटन इयरबड्स को अलग-अलग आकार में काटकर उनको गोलाकार में चिपकाएं। ऐसे ही दो-तीन गोले बनाएं और इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सूखा दें। इसके बाद आपकी राखी तैयार हो जाएगी। आप ऐसे ही राखी की थाली भी सजा सकती हैं।

फोम की राखीइसके लिए रेशम की तीन डोरी लेकर सबसे पहले इसे चोटी की तरह गूंथ लें, फिर इसके दोनों सिरों पर जरी के धागों को लपेटें। अब इस पर फोम की पतली परत चिपकाएं। इसके लिए फोम को उसी शेप में काटें, जिसमें आप मोती चिपकाना चाहती हैं। फिर इसके ऊपर गोंद की मदद से रंग-बिरंगा कागज और मोती चिपकाकर अपनी फोम की राखी तैयार कर लें।

वैसे हमने आपको अपनी बहन के लिए गिफ्ट्स भी बताए हैं। क्विल पेपर वाली राखीयह आसानी से बनने वाली कागज की राखी है, जिसके लिए आपको क्विलिंग पेपर की जरूरत है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले रंगीन पेपर क्विल्स को काटें और क्विलिंग किट का उपयोग करके विभिन्न आकारों के आकर्षक और अनोखे आकार बनाएं। अब प्रत्येक क्विल के बीच में एक कुंदन चिपकाएं, फिर इसके ऊपर से मोतियों को भी चिपका दें। इसके बाद राखी के पीछे एक अच्छा सा रिबन चिपकाएं। बस यह राखी तैयार है। (एजेंसी)

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मानसून के दौरान अपने लेदर के बैग्स को ठीक रखना चाहते हैं तो अपनाएं ये टिप्स

06.08.2022 – मानसून के दौरान लेदर के बैग्स को फैशन का हिस्सा बनाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि इस मौसम में नमी और हवा में मौजूद कीटाणु लेदर के बैग्स को खराब कर सकते हैं। इनके कारण बैग्स पर फफूंद लगने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अगर आप अब इस सोच में पड़ गए हैं कि लेदर का बैग्स का कैसे ध्यान रखा जाए तो आइए आज हम आपको इसके लिए कुछ टिप्स देते हैं।

पानी से बचाकर रखें अपने बैगशायद आप इस बात से वाकिफ न हों, लेकिन ज्यादातर लेदर के बैग वॉटरप्रूफ नहीं होते हैं, इसलिए यह पानी के संपर्क में आने से खराब हो सकते हैं। अगर किसी कारणवश आपका लेदर बैग गीला हो जाता है तो आप बीजवैक्स (मोम) का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि बीजवैक्स के इस्तेमाल से बैग की चमक कम हो सकती है, इसलिए जितना संभव हो सके अपने बैग को पानी से दूर रखने की कोशिश करें।

अपने बैग ठीक से सुखाएं और सीधी धूप से दूर रखेंघर लौटते ही अपने लेदर के बैग को कुछ घंटों के लिए सीलिंग फैन के नीचे रखें ताकि उस पर जमा हुई नमी ठीक से सूख जाए। अगर आप जल्दी में हैं और अपने लेदर के बैग को सीधी धूप में या हीटर के पास सूखने के लिए छोड़ देते हैं तो आपको बता दें कि ऐसा करना गलत है। अत्यधिक तापमान और सीधी धूप आपके लेदर के बैग को नुकसान पहुंचा सकती है।

ऐसे हटाएं बैग से दाग और निशानअगर आपके लेदर के बैग पर इंक का निशान या किसी खाद्य पदार्थ के गिरने का दाग लग गया है तो इसे आप आसानी से हटा सकते हैं। उदाहरण के लिए इंक का निशान हटाने के लिए रुई के छोटे टुकड़े पर थोड़ा सा अल्कोहल डालकर इससे बैग को साफ करें। इसके बाद बैग को थोड़ी देर के लिए हल्की धूप में रख दें। खाद्य पदार्थों के दागों को हटाने के लिए नींबू के रस का इस्तेमाल करें।

अच्छी तरह पॉलिश करें और उन्हें ठीक से स्टोर करेंजूतों की तरह अपने लेदर के बैग को नमी से बचाने और उसके प्राकृतिक तेलों के संतुलन को बनाए रखने के लिए नियमित अंतराल पर पॉलिश करना सुनिश्चित करें। पॉलिश करने से लेदर की प्राकृतिक चमक बढ़ जाती है, जिससे बैग की शेल्फ लाइफ भी बढ़ जाती है।

बैग का आकार बनाए रखने और क्रीजिंग या फोल्डिंग को रोकने के लिए बैग को अखबारों में लपेटे, फिर एक डिब्बे के अंदर रखकर स्टोर करें। दुर्गंध से बचने के लिए बेकिंग सोडा का करें इस्तेमालअगर आप अपने लेदर के बैग को फ्रैश और गंध मुक्त रखने रखना चाहते हैं तो उसके अंदर थोड़ा बेकिंग सोडा छिड़कें।

बेकिंग सोडा छिड़कने के बाद बैग को बंद कर दें और गंध को सोखने के लिए इसे कुछ घंटे दें। आप चाहें तो हेयर ड्रायर को लो टू कूल सेटिंग पर करके इसका इस्तेमाल बैग के अंदर की अतिरिक्त नमी से भी छुटकारा पा सकते हैं। (एजेंसी)

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गीले बालों में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना हमेशा के लिए खराब हो जाएंगे

गीले बालों : यह बात हम सभी जानते है कि हर महिला की ख्वाहिश होती है कि उसके बाल अच्छे, लंबे, मजबूत और खूबसूरत हों। बालों की देखभाल करना आसान काम नहीं है क्योंकि छोटी-मोटी गलतियों की वजह से बाल तेजी से खराब होने लगते है। हेयर एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि आप लंबे समय तक अपने बालों को अच्छा रखना चाहती हैं तो गीले बालों में ये काम नहीं करें।भूलकर भी गीले बालों में ब्रश न करें ज्यादातर महिलाओं को लगता है कि बालों को सुलझाने का सबसे आसान तरीके गीले बालों में ब्रश करना है।

जबकि बाल जब गीले होते हैं तो बहुत ज्यादा कमजोर होते हैं और इसमें ब्रश लगाने से ये आसानी से टूटने लगते हैं। गीले बालों का जूड़ा नहीं बाधेगीले बालों का जूड़ा बनाना भले दिखने में अच्छा लगता हो लेकिन ये बालों के लिए बहुत हानिकारक होता है। गीले बाल कमजोर होते हैं ऐसे में जूड़ा बनाने या इन्हें रबर बैंड से बांधने में ये तुरंत टूटने लगते हैं।गीले बालों को ब्लो-ड्राई करना कुछ लोग गीले बालों को जल्दी सुखाने के लिए ब्लो ड्रायर करते हैं।

हमेशा ध्यान रखें कि बाथरूम से निकलते ही ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल ना करें। पहले बालों को थोड़ा सुखा लें उसके बाद हल्के गीले बालों में ड्रायर का इस्तेमाल करें। ड्रायर की सेटिंग हमेशा मीडियम पर रखें और धीरे-धीरे हाई पर ले जाएं।भूलकर भी गीले बालों में नहीं सोना चाहिएगीले बालों में भूलकर भी नहीं सोना चाहिए। क्योंकि इससे स्कैल्प के फोलिसेल को नुकसान पहुंचता है। अगर आपने रात में बाल धोया तो इसे पूरी तरह सूखाने के बाद ही बिस्तर पर लेटें।

गीले बालों को हवा में सुखानाकई लोगों को लगता है कि बालों को हवा में सुखाना एक नेचुरल तरीका है जो बालों के लिए अच्छा है। ये लोगों की बहुत बड़ी गलतफहमी है।

हवा में बाल सुखाने से बाल उलझ जाते हैं और कंघी करने पर टूटने लगते है। इसी तरह कभी भी तौलिए से रगड़ कर बालों को नहीं सुखाना चाहिए. इससे भी बाल टूटते हैं। (एजेंसी)

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जोड़ों में दर्द झेलना होता है बेहद ही मुश्किल, इनकी मालिश से मिलेगा आराम

04.08.2022 – एक उम्र के बाद इंसान का शरीर जवाब देने लगता हैं और जोड़ों में दर्द की शिकायत सामने आने लगती हैं। हांलाकि आज के समय में यह परेशानी युवाओं को भी होने लगी हैं और आए दिन घुटने और जोड़ों का दर्द झेलना पड़ता हैं। इस दर्द के चलते व्यक्ति के काम करने की कार्यक्षमता कम हो जाती हैं और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए कई लोग पेनकिलर का इस्तेमाल करते हैं जो कि आगे चलकर आपको कई और परेशानियों में भी डाल सकता हैं। ऐसे में आप तेल की मालिश की मदद ले सकते हैं। आज हम आपको कुछ खास प्रकार के तेल की जानकारी देने जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से जोड़ों का दर्द दूर करने में आपको मदद मिलेगी।

आइये जानते हैं इन तेल के बारे में…

लहसुन तेल

आयुर्वेद में लहसुन एक अच्छा दर्दनिवारक माना जाता है।लहसुन में विटामिन, एंटी-बैक्टीरियल, मिनरल्स और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करते हैं। इसके लिए सरसों के तेल में लहसुन की 10-12 कलियां, 2 जायफल, गिलोय की सूखी डंठल सभी को कूटकर डालें। इसके बाद सरसों के तेल को 1 घंटे तक धीमी आंच पर पकाते रहें। पकाने के बाद ठंडा करके छान लें और एक शीशी में करके रख लें। रात को सोने से पहले इस तेल से जोड़ों की मालिश करनी चाहिए। इस तेल से जोड़ों पर कम से कम 5-7 मिनट तक मालिश करें। इसे हल्का गर्म करके इस्तेमाल करें, जल्द आराम मिलेगा। एक हफ्ते में आपको दर्द से आराम मिलना शुरू हो जाएगा।

सरसों का तेल

हर भारतीय रसोई में सरसों का तेल जरूर पाया जाता है। यह तेल जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। इसके लिए आपको आधी कटोरी तेल को गर्म कर उसमें एक या दो लहसुन की कली डाल दें। अब तेल को ठंडा करें और फिर इस तेल से हाथों और पैरों की जमकर मालिश करें। इससे आपको जोड़ों के दर्द में आराम मिलेगा।

कपूर का तेल

शरीर के दर्द को दूर करने के लिए कपूर के तेल की मालिश की जा सकती है। यह काफी फायदेमंद होता है। दरअसल कपूर के तेल से मालिश करने से शरीर का ब्लड सर्कूलेशन ठीक बना रहता है। वहीं अर्थराइटिस के मरीज कपूर के तेल से मालिश कर सकते हैं। इससे उन्हें आराम मिलेगा।

लोबान का तेल

लोबान में एंटी-सेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द को दूर करने में मददगार हो सकते हैं। स्टडी के मुताबिक, लोबान का तेल अर्थराइटिस के लक्षणों जैसे- जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है। अगर आपको लगातार जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है, तो आप नियमित रूप से इस तेल से अपने घुटनों और प्रभावित हिस्से की मालिश कर सकते हैं।

काले जीरे का तेल

आयुर्वेद में काले जीरे का इस्तेमाल कई तरह की दवाओं को तैयार करने के लिए किया जाता है। इस जीरे से तैयार तेल का इस्तेमाल करने से आप जोड़ों के दर्द से राहत पा सकते हैं। अगर आपको लगातार जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती है, तो दिन में कम से कम 3 बार जीरे के तेल से अपने जोड़ों की मालिश करें।

अदरक का तेल

जोड़ों में दर्द होने पर आप अदरक के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लगातार जोड़ों के दर्द में शिकायत होने पर आप नियमित रूप से अदरक के तेल से मालिश करें। इससे आपको काफी बेहतर रिजल्ट मिल सकता है। इसके अलावा ज्वाइंट पेन से राहत पाने के लिए शारीरिक एक्टिविटी पर भी ध्यान दें।

अरंडी का तेल

अरंडी के तेल से मालिश करने से जोड़ों का दर्द कम होता है और सूजन की भी परेशानी कम होती है। इस तेल से मालिश करने से शरीर का दर्द धीरे-धीरे गायब हो जाता है।

महुआ का तेल

महुआ का तेल जोड़ों के दर्द में काफी आराम देता है। आप इसे दिन में दो बार शरीर पर लगाकर अच्छी तरह से मालिश कर सकते हैं। नियमित रूप से इसे लगाने से जोड़ों का दर्द धीरे-धीरे गायब हो जाएगा और सूजन भी कम हो जाएगा।

लेमनग्रास ऑयल

रुमेटॉइड अर्थराइटिस से ग्रसित लोगों के लिए लेमनग्रास ऑयल फायदेमंद हो सकता है। यह जोड़ों के दर्द से आराम दिलाने में आपकी मदद करता है। अगर आपको रुमेटॉइड अर्थराइटिस की वजह से जोड़ों में दर्द हो रहा है, तो नियमित रूप से लेमनग्रास ऑयल से अपने जोड़ों की मसाज करें। एक्सपर्ट का कहना है कि इस तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी का गुण पाया जाता है, जो अर्थराइटिस में होने वाले सूजन को कम करने में भी सहायक हो सकता है।

हल्दी का तेल

मसालों के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली हल्दी का आयुर्वेद में भी विशेष महत्व है। इसमें करक्यूमिन नामक यौगिक होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। हल्दी को तेल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जोड़ों में दर्द और सूजन को ठीक करने के लिए आप हल्दी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। रुमेटॉइड गठिया से ग्रसित रोगियों के लिए हल्दी का तेल उपयोगी हो सकता है। आप नियमित रूप से इस तेल को अपने जोड़ों पर लगा सकते हैं। इससे आपको जोड़ों के दर्द से आराम मिल सकता है। (एजेंसी)

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क्या आपका परफ्यूम लंबे समय तक चलता है..?

04.08.2022 – लंबे समय तक चलने वाले महिलाओं के परफ्यूम की मांग 2022 में बढ़ गई है क्योंकि मौसम के कारण सुगंध अधिक तेजी से फीकी पड़ जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 की शुरूआत के बाद से, वैश्विक खोज रुचि में 1,650 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

परफ्यूम कितने समय तक टिकता है के लिए हर महीने औसतन 6,400 सर्च होते हैं, जबकि 5,900 लोग सवाल करते हैं कि परफ्यूम को लंबे समय तक कैसे बनाया जाए। कुल मिलाकर, यह हर साल 147,600 वैश्विक खोजें हैं।

इसे ध्यान में रखते हुए, ताजमीली के विशेषज्ञों ने समझाया है कि सुगंध गर्मियों के दौरान लंबे समय तक क्यों नहीं रहती है। एक प्रवक्ता बताते हैं:

जब सूरज निकलता है और तापमान अधिक होता है, तो आपके परफ्यूम में अल्कोहल आपकी त्वचा से अधिक तेजी से वाष्पित हो जाएगा। जैसे ही यह वाष्पित हो जाता है, सुगंध इसके साथ जाती है।

जहां आप अपना परफ्यूम स्टोर करते हैं वह भी एक भूमिका निभा सकता है। सीधी धूप या नम स्थितियों के संपर्क में आने से आपका परफ्यूम बोतल में खराब हो जाता है।

अच्छी खबर यह है कि कुछ हैक्स हैं जो आपकी सुगंध को पूरी गर्मियों में मीठी महक रखने में मदद कर सकते हैं – और रहस्य एक विनम्र लोशन में निहित हो सकता है।

नमीयुक्त त्वचा पर सुगंध अधिक समय तक टिकती है, क्योंकि यह सुगंध को बनाए रखता है। इसलिए इसके फीके पडऩे की संभावना कम होती है।

स्प्रे करने से पहले, सुनिश्चित करें कि आप अपनी कलाई और गर्दन पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं। जो परफ्यूम की खुशबू को बनाए रखने में मदद करता है। (एजेंसी)

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जिम स्टैमिना बढ़ाने के लिए वर्कआउट से पहले लें ये 8 फूड्स, शरीर को मिलेगी एनर्जी

03.08.2022 एक्सरसाइज करना आजकल की हेल्दी लाइफस्टाइल का महत्वूर्ण हिस्सा बन चुका हैं जिसके लिए कई लोग जिम जाना पसंद करते हैं। जिम में कई तरह की हैवी एक्सरसाइज के लिए शरीर को एनर्जी की जरूरत होती हैं और उसके लिए हेल्दी फ़ूड से अच्छा कुछ भी नहीं हैं। कई लोग सोचते हैं कि जिम जाने से पहले कुछ नहीं खाना चाहिए जो कि गलत हैं। वर्कआउट से पहले आपको ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिनमें कार्ब्स और प्रोटीन हो ताकि बॉडी को एनर्जी और स्टेमिना मिल सकें।

आज इस कड़ी में हम आपके लिए कुछ ऐसे फूड्स की जानकारी लेकर आए हैं जिनका सेवन वर्कआउट से पहले किया जाना चाहिए। इन्हें खाने से आप एक्सरसाइज अच्छे से कर पाते हैं और मसल्स रिकवरी में भी मदद मिलती है।

आइये जानते हैं इन आहार के बारे में :-

बादामबादाम पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है।

बादाम में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई, डाइट्री फाइबर, ओमेगा 3 फैटी एसिड और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित तौर पर बादाम का सेवन किया जाए, तो ये स्टैमिना को बढ़ाने में मददगार साबित होता है। बादाम का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं और ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

पीनट बटरवेजिटेरियन ऑप्शन में शामिल पीनट बटर भी एनर्जी का बेहतरीन खजाना है। हेल्दी फैट और प्रोटीन से भरपूर पीनट बटर को खाने से पेट भरा-भरा सा लगता है और इससे वर्कआउट के लिए जरूरी प्रोटीन भी मिल जाता है। पीनट बटर को ब्राउन ब्रेड के साथ खाना और भी ज्यादा फायदेमंद होता है।केलाजब बात आती है वजन बढ़ाने की तो केले का नाम सबसे पहले लिया जाता है।

केला न सिर्फ वजन बढ़ाने के काम आता है, बल्कि इसमें पाया जाने वाले फाइबर और नैचुरल शुगर स्टैमिना को भी बढ़ाने में सहायक होते हैं। केले में थाइमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, फॉलिक एसिड, विटामिन ए और विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देते हैं।ओट्स ओट्स, फाइबर, कार्ब और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं इसलिए एक्सपर्ट वर्कआउट से पहले इसे खाने की सलाह देते हैं। दरअसल, ओट्स वर्कआउट के लिए लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखते हैं, जिससे देर तक अच्छा वर्कआउट करने में मदद मिलती है। ओट्स विटामिन बी का भी कफी अच्छा सोर्स होता है जो कार्बोहाइड्रेट को एनर्जी में बदल देता है। इसलिए वर्कआउट के 30-40 मिनट पहले अनप्रोसेस्ड ओट्स को खा सकते हैं।

आलूआलू जिम जाने वाले लोगों के लिए बेस्ट फूड माना जाता है। आलू में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और पोटेशियम पाया जाता है। ये जिम में एक्सरसाइज करते वक्त एनर्जी देने में मददगार साबित होता हैं। आप चाहें तो जिम जाने से आधे घंटे पहले उबले आलू का सेवन कर सकते हैं।ड्राई फ्रूट्स ड्राई फ्रूट्स में हेल्दी फैट, प्रोटीन, कुछ मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और फाइबर पाया जाता है। यह पचने में आसान होते हैं और न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं।

ड्राई फ्रूट्स एनर्जी लेवल को तुरंत बढ़ा देते हैं, जिससे वर्कआउट के लिए एनर्जी मिल सकती है। लेकिन ध्यान रखें ड्राई फ्रूट्स में फैट भी काफी अधिक मात्रा में होता है। अधिक मात्रा में खाने से आलस आ सकता है, इसलिए ओट्स में मिलाकर इनका सेवन कर सकते हैं।दही इंडियन करी में इस्तेमाल की जाने वाली एक लोकप्रिय फ़ूड है। सीमित मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम और नेचुरल शुगर से भरपूर, यह एक हल्का प्री-वर्कआउट फूड है, जो स्टैमिना बढ़ाने वाले गुणों से युक्त होता है। यदि आप इंटरवल ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी टफ एक्सरसाइज करते हैं तो आपको इसका लाभ प्राप्त करने के लिए दही का सेवन जरूर करना चाहिए।

कॉफी कॉफी शरीर की थकान को दूर करने के लिए बेस्ट मानी जाती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कॉफी का सेवन करने से स्टैमिना भी बढ़ता है। कॉफी का सेवन करने से शरीर से एड्रेनेलिन हार्मोन रिलीज होती है, जो मांसपेशियों में ब्लड को तेजी से पंप करने में मददगार साबित होती है। जिम जाने वाले लोगों को रोजाना 2 कप कॉफी पीने की सलाह दी जाती है। (एजेंसी)

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संगीत : इन फायदों को जानकर आप भी आज से ही सुनने लगेंगे, बदल जाएगी जिंदगी

03.08.2022 – आपने कई लोगों को देखा होगा जो बिना संगीत के नहीं रह पाते हैं और पूरे दिन उनके आसपास संगीत चलता रहता हैं। आपने देखा होगा कि ऐसे लोग दिमाग से शांत रहते हैं और उनमें दिनभर एनर्जी बनी रहती हैं। इसके पीछे का कारण हैं संगीत। कहा जाता हैं कि जिस तरह स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार की जरूरत होती हैं, उसी तरह संगीत भी आपकी सेहत बनाने का काम करता हैं।

रिसर्च के अनुसार संगीत बुरे ख्यालों को दूर करते हुए मन को एकाग्रचित करने में मदद करता हैं। संगीत से सेहत को इतने फायदे मिलते हैं कि आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे और अपनी दिनचर्या में संगीत को शामिल कर लेंगे। आइये जानते हैं संगीत से मिलने फायदों के बारे में…तनाव और चिंता को करें दूरजानकारों की मानें तो संगीत सुनने से रोगों से लडऩे की क्षमता में इजाफा होता है। नियमित संगीत सुनने दिमागी सुकून तो मिलता ही है, साथ ही ब्रेन फंक्शन भी बेहतर होता है।

इससे हमारी सर्जनात्मक क्षमता भी बढ़ती है।सुधरता है उच्च-रक्तचाप का स्तररोजाना सुबह-शाम कुछ देर तक संगीत सुनने से उच्च-रक्तचाप का स्तर सुधरता है तो वहीं धीमी गति का संगीत सुनने से स्ट्रोक की समस्या भी दूर होती है। एक अध्ययन के मुताबिक, संगीत में तीन तंत्रिका तंत्र होते हैं, जिससे दिमागी सुकून मिलता है। स्ट्रोक की स्थिति में बिस्तर पर धीमा संगीत सुनने से आराम मिलता है।व्यायाम करते वक्त संगीत सुनना फायदेमंदएक सर्वे के मुताबिक़ ये पाया गया है कि संगीत उत्साह को बनाए रखता है, धैर्य बढाता है और मूड में सुधार करता है।

संगीत सुनने से हमारा ध्यान व्यायाम के दौरान होनेवाली असुविधा की ओर नहीं जाता। रिसर्च में ट्रेड मिल पर चलते हुए 30 लोगों पर संगीत के प्रभाव का अध्ययन किया गया था। मोटिवेशनल व नॉन-मोटिवेशनल संगीत सुनने के दौरान का प्रदर्शन, संगीत नहीं सुनने के दौरान किए गए व्यायाम से बेहतर था।बढ़ती है स्मरण शक्तिकुछ लोगों को पढ़ाई करते हुए संगीत सुनने की आदत होती है। उनके अनुसार, इससे वे बेहतर पढ़ाई कर पाते हैं। अब शोध भी उनकी बात साबित करते हैं। नियमित संगीत सुनना बुढापे की प्रक्रिया को कम करता है।

डिमेंशिया के शिकार लोगों पर भी इसका अच्छा असर होता है। संगीत में रुचि लेना शरीर में डोपामाइन हार्मोन का स्राव करता है, जो जोश व प्रेरणा देता है। संगीत के प्रति बच्चों का झुकाव उनकी बातचीत को प्रभावी बनाता है। सोचने-समझने की क्षमता पर अच्छा असर पड़ता है, जिससे वर्बल आईक्यू तेज़ होने लगता है।नींद अच्छी आती हैअगर आप अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं तो सोते समय सुखदायक संगीत सुनना शुरू कर दीजिए। एक सुखद नींद के लिए सोने से पहले 30-45 मिनट का संगीत सुनने की आदत अवश्य डालें।

रॉक या रेट्रो म्यूजि़क से रात को दूर रहे, नहीं तो परिणाम विपरीत भी आ सकते हैं। सोने से कुछ समय पहले शास्त्रीय संगीत को सुनें, क्योंकि शास्त्रीय संगीत सहानुभूति तंत्रिका तंत्र की गतिविधि को कम करके चिंता को घटाता है। मांसपेशियों को आराम देता है और उन विचारों की व्याकुलता को दूर करता है जो आपके सोने में बाधक है।कैलोरी के कम सेवन में मददगार भोजन के दौरान अगर सॉफ्ट म्यूजि़क सुना जाये तो खाना खाने वाले का पेट जल्दी भरता है। संगीत ऐसे लोगों को जागरूक बनाता है कि आपका पेट भर चुका है।

एक शोध से यह सामने आया है कि संगीत कैलोरी के सेवन को कम करके संयमी बनाने में मदद करता है। चिंता में व्यक्ति कार्बोहाइड्रेट और वसा युक्त भोजन को खाने की ज्यादा इच्छा रखता है। जैसा की आप जानते हैं संगीत से चिंता भी दूर होती है और इससे आपको स्वस्थ खाने में मदद मिल सकती है।दर्द की अनुभूती होती है कमसंगीत का नर्वस सिस्टम पर अच्छा असर होता है। यह वह हिस्सा है, जो रक्तचाप, हृदय गति और दिमाग की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। जिससे हम आराम से और बेहतर सांस ले पाते हैं।

एक रिसर्च में यह पाया गया है कि जिन लोगों को बैक सर्जरी के बाद म्यूजि़क थैरेपी दी गई उन्हें सर्जरी के बाद बैकपेन में बहुत राहत मिली। इससे मस्तिष्क के उस हिस्से पर भी असर होता है, जो भाव को नियंत्रित करता है।

मांसपेशियों के दर्द से पीडि़त लोगों का नियमित संगीत सुनना डिप्रेशन के लक्षण व दर्द को कम करता है। धीमी लय वाले संगीत से बढ़ी हुई हृदय गति काबू होती है। कंधे, पेट व पीठ का तनाव कम होता है। (एजेंसी)

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जरूरी हैं मॉनसून में बच्चों की इम्यूनिटी को किया जाए बूस्ट, ये आहार रहेंगे बेस्ट

02.08.2022 – मॉनसून के दिनों की शुरुआत हो चुकी हैं और बरसात ने वातावरण में ठंडक लाने का काम किया हैं। लेकिन इस सुहाने मौसम के साथ ही कई तरह की बीमारियों का भी आगमन होता हैं जिनसे बच्चो को सुरक्षित रख पाना एक बड़ी चुनौती होती हैं। इन दिनों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की समस्या बढऩे लगती हैं और बच्चों की इम्युनिटी कम होने की वजह से बच्चे जल्दी से इसकी चपेट में आ जाते हैं।

ऐसे में जरूरी हैं कि बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत बनाया जाए और बीमारियों से संरक्षण किया जाए। आज इस कड़ी में हम आपको कुछ ऐसे आहार की जानकारी देने जा रहे हैं जिनका सेवन बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करेगा। आइये जानते हैं इनके बारे में…आंवलाजुकाम और फ्लू के इलाज या इम्यूनिटी बढ़ाने के काम आता है आंवला।

कई सालों से दवा के रूप में आंवले का सेवन किया जाता रहा है। आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है जो शरीर में कई इंफेक्शन और बीमारियों से लडऩे में मदद करने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है। इसके अलावा आंवले में आयरन, कैल्शियम और कई अन्य तरह के खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं।

आप बच्चे को आंवले का जूस भी दे सकते हैं। 100 ग्राम आंवले में 600 मिलीग्राम विटामिन सी होता है।हरी पत्तेदार सब्जियांपत्तागोभी, पालक, ब्रोकली और केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन ए, सी, के, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्च भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनके सेवन से संक्रमण से लडऩे और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है।

बच्चों के आहार में इनको जरूर शामिल करना चाहिए।खट्टे फलजैसा कि खट्टे फल यानि सिट्रस फ्रूट्स विटामिन सी का भंडार होते हैं और विटामिन सी इम्यूनिटी बढ़ाने वाला तत्व माना जाता है। खासकर, गर्मियों में संतरा और नींबू जैसे खट्टे फलों का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी होने का रिस्क भी कम होता है। गर्मियों में बच्चों को संतरा, नींबू, चकोतरा और कीवी जैसे विटामिन सी रिच फल खिलाएं।

इसी तरह नींबू की शिकंजी, संतरे का जूस, लेमनेड जैसे ड्रिंक्स भी पिलाएं।दहीहेल्दी फूड होने के साथ-साथ दही एक हेल्दी प्रोबायोटिक भी है। यह गट की हेल्थ बेहतर रखता है जिससे भोजन से प्राप्त पोषण का भी फायदा शरीर को मिल सकता है। ये डाइजेशन सिस्टम के लिए भी अच्छा होता है। आप बच्चों को खाने के साथ दही देंगे, तो उनकी इम्यूनिटी अच्छी रहेगी।

वहीं, इसमें विटामिन डी की भी मात्रा काफी अधिक होती है जो हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ानेवाला तत्व है। गर्मियों में बच्चों को नाश्ते और लंच में दही खिला सकते हैं। इसके अलावा उन्हें दही से बनी छाछ, श्रीखंड और लस्सी पीने के लिए भी दें।लहसुनखाने का स्वाद बढ़ाने वाले लहसुन में एलिसिन नाम तत्व होता है जिसमें एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। आज भी ग्रामीण इलाकों में लोग लहसुन को भूनकर खाते हैं, ताकि वे सर्दी या जुकाम से बचे रहें। इसे इम्यूनिटी बूस्ट करने वाला सुपरफूड भी माना जाता है।

यह सफेद रक्त कोशिकाओं की रोग से लडऩे की प्रतिक्रिया को बढ़ाकर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है।संतरासंतरा इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है। संतरे के जूस से इम्यून सिस्टम को काफी मदद मिल सकती है क्योंकि इसमें कई तरह के विटामिन और पोषक तत्व मौजूद होते हैं। विटामिन सी कोशिकाओं को सुरक्षित रखकर और इम्यून कोशिकाओं के कार्य और उत्पादन को बढ़ावा देकर इम्यून कोशिकाओं को मजबूती प्रदान करता है।

चूंकि, सतरे में विटामिन सी ज्यादा होता है इसलिए इससे इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। एक 100 ग्राम संतरे में 42।72 मिलीग्राम विटामिन सी होता है।हल्दीऔषधीय गुणों से भरपूर हल्दी को लंबे समय से देसी इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक व अन्य गुणों से युक्त हल्दी का सेवन करने की सलाह आयुर्वेद में भी दी गई है।

रोजाना रात में सोने से पहले बच्चे को हल्दी वाला दूध जरूर पिलाएं। हल्दी इंफेक्शन से लडऩे का काम करती है और इसमें एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं जो जुकाम और फ्लू से लड़ते हैं।

ड्राई फ्रूट्स और सीड्सआपको बता दें कि ड्राई फ्रूट्स में जिंक, आयरन, विटामिन- ई, ओमेगा 3 फैटी एसिड्स आदि भरपूर मात्रा में होते हैं, जो किसी भी तरह के इंफेक्शन को बढऩे से रोकते हैं। ऐसे में आप बच्चों को सुबह-सुबह ड्राई फ्रूट्स ज़रूर खिलाएं। (एजेंसी)

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ये फूड्स दूर कर देंगे सिरदर्द, दवाईयों की जगह करे इनका सेवन

02.08.2022 – आजकल के बिजी लाइफस्टाइल के कारण अपनी सेहत का ध्यान रखना थोड़ा सा मुश्किल हो गया है। ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण आंखों और सिरदर्द जैसी समस्या होने लगती हैं। कई बार तो सिरदर्द इतना ज्यादा होने लगता है कि काम में भी ध्यान नहीं लग पाता। जिसके कारण बहुत से लोग दवाईयों का सेवन करना शुरु कर देते हैं।

परंतु बाद में इन दवाईयों का आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अपनी डाइट में कुछ फूड्स को शामिल करके आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में…दही सिरदर्द जैसी समस्या से राहत पाने के लिए आप कैल्शियम से भरपूर फूड्स का सेवन जरुर करें।

दही में भी भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। इसके अलावा इसमें राइबोफ्लेविन भी होता है जो विटामिन-बी का हिस्सा होता है। यह आपके सिरदर्द को दूर करने में सहायता करता है। इसलिए आप रोज दही का सेवन करें। यदि आप दही नहीं खाना चाहते तो रायता या फिर इसकी छाछ बनाकर भी पी सकते हैं।

अदरक आप अदरक का सेवन भी सिरदर्द को दूर करने के लिए कर सकते हैं। यह एक ऐसा सूपरफूड होता है जो सिरदर्द को कम करने में सहायता करता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व रुट प्रोस्टाग्लैंडीन को ब्लॉक करते हैं, जिससे आपको सिरदर्द में काफी आराम मिलता है। आप अदरक की चाय बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

इसके अलावा आप अदरक को अपने खाने में भी शामिल कर सकते हैं।हरी पत्तेदार सब्जियां आप हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। यह शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। यदि आपको लगातार सिर में दर्द रहता है तो आप इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। हरी सब्जियों में मैग्नीशियम पाया जाता है।

मैग्नीशियम की कमी के कारण भी सिरदर्द होने लगता है। आप पालक, कोलार्ड ग्रीन्स, शलजम, साग और ब्रोकली अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। पालक में 24 मिलीग्राम मैग्नीशियम मौजदू होता है जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। फ्रूट्स करें शामिल फल भी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।

जिन फलों में मैग्निशियम, पोटेशियम पाया जाता है खासकर वह आपकी सिरदर्द जैसी समस्या के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। आप केले का सेवन सिरदर्द से राहत पाने के लिए कर सकते हैं। इसमें पोटेशियम, मैग्नीनिशयम और विटामिन-बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

केले के अलावा आप खुबानी, एवोकाडो, रास्पबेरी, खरबूज और तरबूज का सेवन भी कर सकते हैं। सिरदर्द का एक कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। डिहाइड्रेशन दूर करने के लिए आप पानी से भरपूर फ्रूट्स का सेवन करें। (एजेंसी)

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योग और एरोबिक्स में से किसका अभ्यास करना अधिक फायदेमंद?

01.08.2022 – योग और एरोबिक्स : वैसे तो वर्कआउट रूटीन में शामिल करने के लिए कई एक्सरसाइज हैं, जो शरीर को फिट एंड फाइन रखने में मदद कर सकती हैं। एरोबिक्स सभी एक्सरसाइज में से अधिक ट्रेंडिंग है। हालांकि, मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग के अभ्यास को सबसे ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि यह दिमाग को शांत रखकर उसे कई विकारों से सुरक्षित रखने में सक्षम है। हालांकि, अगर आप इन दोनों के चयन के बीच उलझे हुए हैं तो आइए इसे सुलझाते हैं।

एरोबिक्स क्या है?एरोबिक्स एक्सरसाइज को कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मददगार है और सभी मांसपेशियों तक बेहतर तरीके ऑक्सीजन की पूर्ति करने में भी मदद कर सकती है। इसके अतिरिक्त, एरोबिक अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाती है। यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करती है और बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी सहयोग प्रदान करती है। योग से क्या समझते हैं आप?योग एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो मन, शरीर और आत्मा को मजबूती प्रदान करती है।

योग विभिन्न प्रकार के होते हैं जैसे आसन (शारीरिक मुद्रा), प्राणायाम (श्वास व्यायाम) और मेडिटेशन (ध्यान)। योग के अभ्यास की मदद से आपको सिर्फ शारीरिक लाभ ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े फायदे भी मिल सकते हैं। बस इस एक्सरसाइज का अभ्यास करते समय सांस पर नियंत्रण रखना जरूरी है। वजन घटाने के लिए इस एक्सरसाइज को रूटीन में करें शामिलएरोबिक्स में हाई कैलोरी बर्निंग एक्सरसाइज शामिल है, जबकि योग कोर मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाने में सहायक है और मांसपेशियों के लचीलेपन में भी सुधार करता है। योग का आत्मा पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है और आध्यात्मिक विकास होता है।

योग के कुछ रूप हैं, जैसे हॉट योग, जो वजन कम करने के लिए ही डिजाइन किया गया है। हालांकि, अगर वजन घटाना आपका प्राथमिक लक्ष्य है तो एरोबिक्स बेहतर विकल्प होगा। समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है यह एक्सरसाइजएरोबिक और योग दोनों समग्र स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे हैं। ये दोनों ही मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती प्रदान करते हैं और शारीरिक मुद्रा में सुधार करते हैं।

हालांकि, एरोबिक शरीर को वह शक्ति और लचीलापन प्रदान नहीं कर सकता, जो योग का नियमित अभ्यास करके मिल सकता है। योग न केवल किसी की शारीरिक स्थिति में सुधार करता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई लाभ देने में सक्षम है। दोनों एक्सरसाइज से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्सआप चाहें अपनी रूटीन में योगाभ्यास शामिल करें या एक्सरसाइज, संतुलित आहार का सेवन करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

वजन घटाने और शारीरिक शक्ति के लिए 70 प्रतिशत स्वास्थ्यवर्धक आहार और 30 प्रतिशत एक्सरसाइज पर ध्यान देना जरूरी है, जिससे आपके शरीर को अंदर से साफ रखना आसान हो जाता है।

अगर आप एक्सरसाइज कर रहे हैं और बहुत अधिक या बहुत कम खा रहे हैं तो आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। (एजेंसी)

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एलोवेरा जेल लगाने के बाद फेसवॉश करना सही या गलत..?

01.08.2022 – एलोवेरा जेल प्रकृति से प्राप्त एक ऐसी औषधि है जो ना सिर्फ हमारी सेहत को दुरुस्त रखने का काम करती है बल्कि ये आपकी खूबसूरती निखारने में भी सहायक है। ज्यादातर लोग एलोवेरा का इस्तेमाल चेहरे और बालों पर करते है, ताकि उनमें नेचुरल शाइन आ सकें। चाहे वो कोई फेस पैक हो हेयर पैक हो या नाइट क्रीम एलोवेरा जेल को हर तरीके से यूज किया जा सकता है। लेकिन सवाल ये उठता है कि एलोवेरा जेल को फेस पर अप्लाई करने के बाद साबुन से चेहरे को वॉश करना चाहिए या नहीं।

क्या ऐसा करना जरूरी है, या फिर ऐसा करने से एलोवेरा का प्रभाव कम हो सकता है। खैर, यहां हम आपको आपके इसी सवाल का जवाब देने वाले है, ताकि आप ये जान सकें कि एलोवेरा लगाने के बाद फेशवॉश करना सही है या गलत।एलोवेरा लगाने के बाद फेसवॉश करें या नहींवैसे हम चेहरे को धोते क्यूं है, शायद उसे क्लीन करने के लिए, उस पर जमा गंदगी हटाने के लिए या फिर रिफ्रेश महसूस करने के लिए। तो ये तीनों काम एलोवेरा जेल की मदद से भी किए जा सकते है।

बल्कि एलोवेरा जेल अपने आप में एक क्लींजर है जो आपके चेहरे की कुदरती रंगत लौटाता है। इसलिए अगर आप अब तक एलोवेरा को चेहरे पर लगाने के बाद साबुन से चेहरा वॉश करने की गलती करती आई है, तो आज से ही इस गलती को सुधार लें। क्यूंकि ऐसा करने से आपके चेहरे का पीएच बैलेंस खराब हो सकता है। इसलिए आप चाहे एलोवेरा फेस पैक की तरह प्रयोग करें या मास्क के रूप में किसी भी हाल में साबुन से चेहरा धोने से बचें।

अगर आपने ये जेल लगाने के बाद चेहरा धोया तो इसके अलग साइडइफेक्ट निकल कर आ सकते है।एलोवेरा के स्किन बेनिफिटस चेहरे पर एलोवेरा लगाने के अनगनित फायदे है। यह स्किन से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। साथ ही साफ और निखरी त्वचा पाने में भी मदद करता है। एलोवेरा एंटी-बैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। साथ ही इसमें विटामिन बी1, बी2, बी6, बी12 भी प्रचुर मात्रा में होते हैं।

यही कारण है कि त्वचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए लोग एलोवेरा का अधिक इस्तेमाल करते हैं। ये जेल फ्री-रेडिकल्स से लडऩे, चेहरे की गहराई से सफाई करने, मुहांसों की सूजन को कम करने में सहायक है। एलोवेरा लगाने से चेहरे की स्किन में टाइटनेस आती है। जिसकी मदद से झुर्रियां और फाइन लाइन्स कम होती है, और आपका चेहरा हमेशा जवां खूबसूरत नजर आ सकता है। एलोवेरा को नाइट क्रीम के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे चेहरे के दाग-धब्बों, टैनिंग, पिगमेंटेशन से छुटकारा पाने में मदद मिलती है और चेहरे की रंगत में सुधार आता है।

एलोवेरा स्किन के लिए एक परफेक्ट मॉइस्चराइजर के रूप में भी काम करता है। जब आप अपने चेहरे पर एलोवेरा लगाते है तो उसमें मॉइश्चर लॉक हो सकता है और स्किन हाइड्रेट रहती है।

खासकर जिनकी ड्राई स्किन है, वो एलोवेरा के इस्तेमाल से सॉफ्ट और स्मूद स्किन पा सकते है। (एजेंसी)

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शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं ये पांच योगासन

31.07.2022 – हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोटीन है। यह अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है और कार्बनडाइऑक्साइड को शरीर से बाहर निकालने के लिए फेफड़ों तक पहुंचाता है। कम हीमोग्लोबिन के स्तर से एनीमिया हो सकता है, जहां रक्त में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है।

आइए आज हम आपको पांच ऐसे योगासनों के अभ्यास का तरीका बताते हैं, जो शरीर में प्राकृतिक रूप से हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

कपालभाति प्राणायाम : कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास के लिए पहले योगा मैट पर पद्मासन की मुद्रा में बैठें और अपने दोनों हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें। इसके बाद अपनी दोनों आंखों को बंद करें और अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़कर नाक से गहरी सांस लें, फिर पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए इस सांस को छोड़ें। कुछ मिनट तक इस प्रक्रिया को दोहराते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे अपनी आंखों को खोलें और प्राणायाम का अभ्यास बंद कर दें।

विपरीतकरणी आसन : विपरीतकरणी आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठा कर 90 डिग्री का कोण बना लें। ध्यान रखें कि आपके तलवे ऊपर की ओर होने चाहिए। इसके बाद अपने नितंब को ऊपर उठाने की कोशिश करें। इस मुद्रा में कम से कम दो-तीन मिनट तक रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। इसके बाद दोबारा इस योगासन का अभ्यास करें।

सर्वांगासन : सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेटकर दोनों हाथों को शरीर से सटाकर सीधा कर लें। अब सामान्य रूप से सांस लेते हुए पैरों, कूल्हों और कमर को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। साथ ही हाथों से कमर को सहारा देते हुए कोहनियों को जमीन से सटा लें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे वापस अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं। नियमित रूप से इस योगासन का कुछ मिनट अभ्यास जरूर करें।

शीतली प्राणायाम : सबसे पहले योगा मैट पर किसी भी आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं और आंखें बंद करें। अब अपने हाथों को ज्ञानमुद्रा में घुटनों पर रखकर अपनी जीभ से नली का आकार बना लें। दोनों किनारों से जिह्वा को मोड़कर पाइप का आकार बना लें, फिर इसी स्थिति में लंबी और गहरी सांस लेकर जीभ को अन्दर करके मुहं को बंद कर लें। इसके बाद अपनी नाक के जरिए धीरे-धीरे सांस निकालें। इस प्रक्रिया को कम से कम 20-25 बार दोहराएं।

भ्रामरी प्राणायाम : भ्रामरी प्राणायाम के लिए योगा मैट पर पद्मासन की स्थिति में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर अपने कानों के पास लाएं और अंगूठों से अपने दोनों कानो को बंद करें, फिर हाथों की तर्जनी उंगलियों को माथे पर और मध्यमा, अनामिका और कनिष्का उंगली को बंद आंखों के ऊपर रखें। इसके बाद मुंह बंद करें और नाक से सांस लेते हुए ओम का उच्चारण करें। कुछ मिनट बाद धीरे-धीरे प्राणायाम को छोड़ दें। (एजेंसी)

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बारिश में नहाने के इन फायदों को जान आप भी नहीं रोक पाएंगे खुद को बौछार में भीगने से!

31.07.2022 – बारिश : मानसून का सीजन जारी हैं और देश के हर हिस्से में बरसात की बौछार जारी हैं। कई लोग तो बरसात का इंतजार करते हैं और पहली बूंद गिरने के साथ ही भीगने के लिए घर के बाहर निकल आते हैं या छत पर पहुंच जाते हैं। लेकिन वहीँ कई लोग ऐसे हैं जो बरसात में भीगना पसंद नहीं करते हैं क्योंकि वो इसके फायदे नहीं जानते हैं। जी हां, बारिश में भीगना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। बारिश का पानी बहुत हल्का होता है और इसका पीएच क्षारीय होता है जो वॉटर थेरेपी की तरह काम करता हैं। बारिश के पानी से सेहत के साथ ही स्किन को भी फायदे पहुंचाने के गुण होते हैं। आइये जानते हैं इन फायदों के बारे में…

हार्मोनल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

बारिश के पानी में नहाने के बाद बहुत से लोग ऐसा मानते हैं कि उन्हें बहुत अच्छी नींद आती है। ये बात गलत भी नहीं है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि बारिश के पानी में भीगने या नहाने से व्यक्ति के शरीर में सही तरीके से हार्मोन बनता है और हार्मोन का संतुलन भी बना रहता है। वहीं ये आपको शांत करके रिलेक्स महसूस करवा सकता है। इस तरह ये हार्मोनल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।

घमौरियां होती हैं दूर

गर्मी के मौसम में पसीने की वजह से घमौरियां हो जाती हैं और ज्यादातर बच्चों को यह परेशानी अधिक होती है। गर्मी की वजह से घमौरियां छोटे-छोटे दाने के रूप में पीठ और गर्दन पर हो जाती हैं और चुभती हैं। बारिश में नहाने से इस परेशानी से छुटकारा मिल जाता है।
आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ सकता है

2013 में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि बारिश में आपका शरीर ठंडा हो जाता है और ठंड की स्थिति में आपके शरीर की ऊर्जा की मांग बढ़ जाती है। ठंडी स्थिति में किसी भी प्रकार का व्यायाम करते समय, आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है। यदि आप ठंडे तापमान में काम कर रहे हैं, तो वातावरण आपके शरीर को ठंडा करने और अधिक स्थिर तापमान बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए, बारिश में दौडऩे से आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ सकता है!

बेहतरीन क्लींजर है बारिश का पानी

बारिश का पानी एक बेहतरीन क्लींजर की तरह काम करता है। पुराने लोग आज भी इस पानी का इस्तेमाल करके शरीर से लेकर कपड़ो तक की सफाई करते हैं और कहते हैं कि ये इससे बेहतरीन क्लींजर कोई हो नहीं सकता। आप चाहें तो बारिश का पानी किसी साफ बर्तन या बॉटल में भरकर रख लें। सोने से पहले अपनी त्वचा पर इस पानी को लगाएं या इससे त्वचा को साफ करें। कुछ ही दिन में आपकी त्वचा बेदाग और मुलायम हो जाएगी। सुबह उठकर इस पानी से चेहरा धोने पर त्वचा का रंग भी साफ होता है। झांइयां और दाग-धब्बे भी मिट जाते हैं।

दाद, खाज, खुजली से छुटकारा

गर्मी में कुछ लोगों के हाथ व पैरों से त्वचा निकलना शुरू हो जाती है और पैर की एडिय़ां फट जाती है। साथ ही पैर की दरारों से काफी खून भी निकलने लगता है। ऐसे लोगों के लिए बारिश का पानी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। बारिश का पानी लगते ही दाद, खाज, खुजली ठीक हो जाती हैं।

विटामिन बी12 का होता हैं उत्पादन

बारिश का पानी बहुत हल्का होता है और इसका पीएच एल्कलाइन होता है। यह आपके दिमाग को पल भर में तरोताजा करने की ताकत रखता है। बारिश के पानी में सूक्ष्मजीव होते हैं जो विटामिन बी12 का उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं। यदि आप विटामिन प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप 10-15 मिनट के लिए बारिश में सुरक्षित रूप से स्नान कर सकते हैं।

बालों और स्किन के लिए फायदेमंद

बालों में जमे धूल और गंदगी को पूरी तरह से साफ करने में बारिश का पानी बहुत फायदेमंद होता है। वहीं जिन लोगों को अकसर गर्मियों के मौसम में घमौरियां हो जाती हैं उनके लिए ये रामबाण इलाज है। दरअसल ये रैशेज त्वचा पर सर्द गर्म होने के कारण होती हैं। अकसर बच्चे जब पसीने में नहा लेते हैं तो उनकी स्किन पर छोटे छोटे दाने हो जाते हैं। गर्मी बढऩे पर ये दाने काटते भी हैं। इन्हें दूर करने के लिए बच्चों को बारिश में नहाना चाहिए। इससे त्वचा का तापमान संतुलित होता है और घमौरियां भी ठीक हो जाती हैं।
बारिश में कब नहाने से बचें

अकसर पहली बारिश का लुत्फ उठाना चाहते हैं, जबकि ये फायदेमंद नहीं है। पहली बारिश में नहाने से हमें हमेशा बचना चाहिए क्योंकि इससे न सिर्फ स्वास्थ्य खराब होने का खतरा बढ़ सकता है बल्कि त्वचा सम्बंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। रैशेज, मुंहासे जैसी समस्याओं का अकसर पहली बरसात में भीगने से और बढ़ जाती है। इसके पीछे एक वजह यह है कि बरसात की पहली फुहार प्रदूषित या एसिड रेन वाली होती है, जिसका आपकी त्वचा पर खराब असर पड़ता है। (एजेंसी)

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बालों की हर समस्या का इलाज हैं अंडा, इसके ये 10 होममेड हेयर मास्क दिखाएंगे अपना कमाल

30.07.2022 – बालों की हर समस्या का इलाज हैं अंडा. चहरे के साथ-साथ बालों की भी अच्छी देखभाल करने की जरूरत होती हैं, खासतौर से मॉनसून के इन दिनों में। बाल घने और मजबूत बने रहें इसके लिए आपको इन्हें पोषण देने की जरूरत होती हैं। बाल प्रोटीन से बने होते हैं और इन्हें पोषण देने का सबसे अच्छा जरिया बनता हैं प्रोटीन से भरपूर अंडा। जी हां, अंडे में मौजूद प्रोटीन, ओमेगा-3 और मिनरल्स आदि बालों की ग्रोथ के साथ ही अन्य समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित होते हैं। आज इस कड़ी में हम आपको अंडे से बने कुछ होममेड हेयर मास्क बताने जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से बालों को झडऩे से रोकने के साथ ही इन्हें चमकदार, काले और खूबसूरत बनाया जा सकता हैं। आइये जानते हैं अंडे से बने इन हेयर मास्क के बारे में..

मिल्क क्रीम और अंडे का हेयर मास्क

अगर आपके सफेद बाल हैं तो आप अंडे और मिल्क क्रीम की मदद से हेयर पैक बना सकती हैं। इसके लिए सबसे पहले एक बाउल लें। अब बाउल में दो चम्मच मिल्क क्रीम डालें। इसके बाद 2 अंडों को फेंट लें। फेंटे हुए अंडे को मिल्क क्रीम वाले बाउल में डालें। अब दोनों चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें। लीजिए तैयार है आपका होममेड हेयर पैक। इसे अपने बालों में लगा लें। हेयर पैक लगाने के बाद अपने सिर को शॉवर कैप या किसी पन्नी से ढक लें। करीब 30 मिनट बाद अपने बालों को शैंपू से धो लें। आपको शैंपू करने के बाद एक बार फिर अपने बालों को केवल ठंडे पानी से धोना चाहिए। हफ्ते में दो बार इस हेयर पैक को अपने बालों में जरूर लगाएं।

अंडा, नींबू और दही का मास्क

यह मास्क आपको झड़ते बालों की समस्या से निजात दिलाएगा। नींबू का रस आपकी स्कैल्प को साफ करेगा और डैन्ड्रफ से छुटकारा दिलाएगा। वहीं अंडा और दही बालों को स्वस्थ बनाएंगे। दही भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत है जो बालों का गिरना कम करके उन्हें चमक देता है। इसके लिए एक अंडा, 3 से 4 चम्मच दही और एक चम्मच नींबू का रस एक कटोरे में मिक्स करें। इसे स्कैल्प पर लगाएं। मास्क को आधे से एक घण्टे लगा रहने दें और फिर शैम्पू कर लें। इन अंडे के चमत्कारी मास्क को इस्तेमाल करके देखें, आपको तीसरे इस्तेमाल से ही असर नजर आने लगेगा।

अंडा और ऑलिव ऑयल का हेयर मास्क

अगर आपके बाल डैमेज हो गए हैं तो आपको बालों पर अंडे का इस्तेमाल करना चाहिए। काले, घने और सिल्की बालें के लिए अंडे की जर्दी यानी एग योक से बेहतर और कुछ नहीं है। इसमें ऐसे विटमिन्स होते हैं जो बालों को डैमेज होने से बचाते हैं और उनकी ग्रोथ में मदद करते है। इसके लिए आप एग योक में ऑलिव ऑयल मिलाएं और फिर ग्लव्स की मदद से बालों की जड़ों से लेकर टिप तक लगाएं। इसके आधे घंटे बाद शैंपू कर लें। आप चाहे तो पूरा अंडा भी सिर में लगा सकते हैं।

अंडा, दही व शहद का हेयर मास्क

इस हेयर मास्क को बनाने के लिए 2-3 एग योक में थोड़ा-सा दही और शहद की कुछ बूंदे डालकर एक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों की जड़ों और बालों के सिरों पर अच्छी तरह से लगाएं और आधे घंटे तक छोडऩे के बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें। आपके बाल हल्के और काफी स्मूद हो जाएंगे।

अंडा, केला और शहद का मास्क

यह मास्क आपके डैमेज हुए बालों की मरम्मत करेगा और बालों को प्रोटीन देगा। इस मास्क में केले, अंडे और शहद के अलावा जैतून का तेल और दूध भी इस्तेमाल होता है। केला और शहद बालों को मॉइस्चर प्रदान करते हैं, वहीं जैतून का तेल और दूध बालों को चमक देते हैं। इसके लिए एक पूरा अंडा लें, उसमें एक पिसा हुआ केला, 3 चम्मच दूध, 3 चम्मच शहद और 5 चम्मच जैतून का तेल मिलाएं। इसे अच्छी तरह मिला लें और पेस्ट बना लें। इस मास्क को बालों और जड़ों पर अच्छे से लगाएं और शावर कैप बांध लें। मास्क को एक घण्टे लगा रहने दें और फिर शैम्पू कर लें। ठंडे पानी का ही प्रयोग करें।

अंडे और नींबू का हेयर पैक

अंडा बालों से डैंड्रफ दूर करने में मदद करता है और उन्हें तेज धूप और पसीने से होने वाले इंफेक्शन से भी बचाता है। इसके लिए एक एग योक में 2 से 3 चम्मच नींबू का रस मिलाएं और फिर उसे अच्छी तरह मिक्स करके जड़ों में लगा लें। आधा घंटा ऐसे ही रहने दें और फिर शैंपू से बाल धो लें। नींबू में विटमिन सी, बी और एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं जो स्कैल्प से पूरी गंदगी निकाल देते हैं और उसे हेल्दी रखते हैं। साथ ही डैंड्रफ की समस्या से भी मुक्ति मिलती है।

अंडा, नारियल तेल और बादाम का तेल

बादाम और नारियल तेल दोनों ही विटामिन ई से भरपूर होते हैं जो बालों को नमी देते हैं और सॉफ्ट बनाते हैं। अंडे में मौजूद प्रोटीन बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाता है। इसके लिए 5 चम्मच बादाम तेल, अंडे की सफेदी और 1 से 2 चम्मच नारियल तेल मिलाएं और अच्छे से फेंट लें। इस मास्क को बालों में लगाकर हल्के हाथ से मसाज करें। बालों को ठंडे पानी से धोएं और शैम्पू कर लें।

अंडे और मेहंदी का हेयर पैक

बालों की अच्छी ग्रोथ और मजबूती के लिए आप अंडे को मेहंदी में मिलाकर लगा सकते हैं। इसके लिए मेहंदी में एक अंडा, थोड़े से मेथी के दाने और कॉफी मिलाकर कम से कम 4 घंटे के लिए रख दें। अब इसे बालों में लगाएं और 3 घंटे बाद बालों को पानी से धो लें। सिर से मेहंदी धोने के बाद तुरंत शैंपू न करें। जब बाल अच्छी तरह से सूख जाएं तो उनमें सरसों या फिर नारियल के तेल से मालिश करें और फिर अगले दिन बालों में शैंपू करें। इससे मेहंदी का रंग भी बालों से जल्दी नहीं निकलेगा और वह मजबूत भी बने रहेंगे।

अंडा, एलोवेरा और जैतून का तेल

अंडे और एलोवेरा मिलकर बालों को मजबूती देते हैं और ऑलिव ऑयल बालों को सॉफ्ट बनाता है। एलोवेरा बालों को हाइड्रेट भी करता है और इस मास्क के इस्तेमाल से आपके बाल थिक नजर आते हैं। इसके लिए एक कटोरे में 2 से 3 चम्मच अंडे का योक लें जिसमे 4-5 चम्मच एलोवेरा जेल लगाएं। एक चम्मच जैतून का तेल लें और उसे इस मिश्रण में मिलाने से पहले हल्का गुनगुना कर लें। इस मास्क को बालों और स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाएं। जड़ों पर खास ध्यान दें। इसे 30 मिनट तक रखने के बाद ठंडे पानी से धो लें।

अरंडी का तेल और अंडा

एक अंडे को तोड़कर एक बाउल में फेंट लें। फेंटे हुए अंडे में दो बड़े चम्मच अरंडी का तेल डालें और एक साथ मिलाएं। अपने बालों और स्कैल्प पर हेयर मास्क लगाएं। अपनी उंगलियों से धीरे से मसाज करें। इसे 30-40 मिनट तक लगा रहने दें और फिर माइल्ड शैंपू और ठंडे पानी से धो लें। सप्ताह में एक या दो बार इसका इस्तेमाल करें। (एजेंसी)

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रात में आंखों से काजल साफ करके सोएं, ले इन 10 आसान टिप्स की मदद

30.07.2022 – रात में आंखों से काजल साफ करके सोएं.जब भी मेकअप की बात की जाती हैं तो काजल को जरूर शामिल किया जाता हैं जो भारतीय महिलाओं के मेकअप का अभिन्न हिस्सा बन चुका हैं। काजल मुरझाई हुई आंखों में भी नई जान डाल देता हैं। काजल कई प्रकार के मिलते हैं, जैसे पेन्सिल, रोल और या फिर बॉक्स में। आजकल तो वाटरप्रूफ काजल भी आने लगा हैं।

काजल का इस्तेमाल करना तो सभी पसंद करते हैं लेकिन इसे रात को सोने से पहले हटाना मुश्किल हो जाता हैं क्योंकि इसे आंख की वॉटरलाइन पर लगाया जाता है। कई बार ऐसा होता हैं कि हटाने के बाद भी काजल रह ही जाता हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ आसान तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आसानी से काजल को हटाया जा सकता हैं और संवेदनशील आंखों को भी नुकसान नहीं होगा। आइये जानते हैं इन तरीकों के बारे में…

नारियल तेल

नारियल का तेल सबसे सुरक्षित और सबसे प्रभावी चीजों में से एक है जिसका उपयोग आप सभी प्रकार के मेकअप को हटाने के लिए कर सकती हैं, विशेष रूप से आंख और होंठों के लिए यह तेल बहुत ही अच्छा होता है। इसके लिए आप वर्जिन या कोल्ड प्रेस्ड वेरिएंट तेल का इस्तेमाल करें। आप क्यू-टिप पर या कॉटन पैड पर नारियल लेकर और धीरे से इसे वॉटरलाइन को साफ करें। कुछ सेकंड के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें और धीरे से प्रोडक्ट को हटा दें।

बेबी ऑयल और बेबी वाइप्स

यह सबसे जेंटल आई मेकअप रिमूवर है जिसे आप बाजार से प्राप्त कर सकते हैं। बेबी ऑयल की कुछ बूंदों के साथ एक कॉटन बॉल को गीला करें और आसानी से आँखों पर स्वाइप करें। इसके बाद आंखों को गुनगुने पानी से धो लें। मेकअप वाइप्स और बेबी वाइप्स दोनों ही जिद्दी काजल और उसके स्मज से छुटकारा पाने के असरदार तरीके हैं।

ऑलिव ऑयल

ऑलिव ऑयल एक और पोषक तत्वों से भरपूर तेल है जिसका इस्तेमाल आप मेकअप हटाने और आंखों के नाजुक हिस्से को मॉइश्चराइज करने के लिए भी कर सकती हैं। आंखों से काजल हटाने के लिए आप तेल आर्गेनिक और वर्जिन वेरिएंट तेल का उपयोग करें और नारियल तेल की तरह इसका भी इस्तेमाल करें

कच्चा दूध

जी हां, आंखों का मेकअप साफ करने के लिए हम कच्चे दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। वास्तव में, आप त्वचा की रंगत को निखारने के लिए कच्चे दूध को पूरे चेहरे पर लगा सकते हैं। कच्चे दूध के इस्तेमाल से नॉन वाटरप्रूफ काजल को आसानी से हटाया जा सकता है। आप अपने पूरे चेहरे को साफ करने के लिए कच्चे दूध का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्लींजिंग मिल्क

अगर तेल का इस्तेमाल करना आपको अच्छा नहीं लगता है तो आप क्लींजिंग मिल्क का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। इसके लिए कॉटन बॉल पर पर्याप्त मात्रा में क्लींजिंग मिल्क लें और इससे काजल को धीरे-धीरे पोंछ लें। आप इसे 2-3 बार दोहरा सकती हैं जब तक कि काजल पूरी तरह से साफ न हो जाए।

गीले कपडे का इस्तेमाल करें

यदि आप जल्दी में हैं तो सबसे आसान चीज जो आप अपना सकते हैं वह है कपड़े का एक गीला टुकड़ा। यह सुरक्षित है और आपको केवल यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आप इसे आंखों पर धीरे से रगड़ें और बहुत कठोर न हों। काजल को आँखों से हटाने के सबसे तेज़ तरीकों में से एक यह है कि रुमाल की तरह एक बहुत ही नरम कपड़ा लें और इसे कुछ सेकंड के लिए नल के नीचे रखें। कपड़े से अतिरिक्त पानी निकाल दें और इसका इस्तेमाल काजल को धीरे से पोंछने के लिए करें।

मिस्लर वॉटर

आंखों पर काजल के अवशेष से छुटकारा पाने के लिए मिस्लर वॉटर एक और बेहतरीन विकल्प है। अपनी त्वचा के टाइप के अनुसार किसी भी मिस्लर वॉटर को चुनें। इसे बाउल में थोड़ा सा डालें और इसमें क्यू-टिप डुबोएं। जब एक बार क्यू-टिप प्रोडक्ट को सोख लेती है तो आप इसे काजल को धीरे से पोंछने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं।

गुलाब जल

आंखों के मेकअप को हटाने के लिए गुलाब जल बहुत ही कोमल और प्रभावी घटक है। यह आंखों को बिल्कुल नहीं चुभता है और काजल के सभी निशान को प्रभावी रूप से हटा देता है।

पेट्रोलियम जैली

आप अपनी आंखों से काजल अवशेषों को हटाने के लिए वैसलीन जैसी पेट्रोलियम जैली का उपयोग कर सकती हैं। अपनी उंगलियों पर थोड़ी सी वैसलीन लें और जहां भी काजल के निशान हो वहां पर मसाज करें। अब कॉटन पैड लें और धीरे से काजल को हटा दें।

बादाम का तेल

आंखों के आस-पास थोड़े से बादाम के तेल से मसाज करें और इस तेल से वॉटरप्रूफ काजल को साफ करें। बादाम के तेल में मौजूद विटामिन ई आंखों के आस-पास मौजूद झुर्रियों से भी छुटकारा दिलाता है। (एजेंसी)

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चीज़ का ज्यादा सेवन सेहत पर भारी ना पड़ जाए, होते हैं ये नुकसान

29.07.2022 – चीज़ एक ऐसा फूड बन चुका हैं जिसके बिना तो अब फास्टफ़ूड की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं। आपने सोशल मीडिया पर कई फूड देखें होंगे जहां भरकर खाने में चीज़ डाला जा रहा हैं। चीज़ एक डेयरी प्रोडक्ट है जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो सेहत को फायदा पहुंचाते हैं। लेकिन यह तब ही फायदेमंद हैं जब इसका सेवन सिमित मात्रा में किया जाए। हद से ज्यादा किया गया इसका सेवन आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह चीज़ का सेवन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा हैं। आइये जानते हैं इसके बारे में.

डायबिटीज का खतरा

चीज़ का अत्यधिक सेवन करने से शरीर में मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। चीज़ में शुगर की मात्रा पायी जाती है जिससे रक्त में शुगर की मात्रा में वृद्धि हो सकती है। डायट्री गाइडलाइंस एडवाइसरी कमेटी 2015 की एक रिपोर्ट के मुताबिक अपनी रोजना के आहार में हमें 20 से 30 प्रतिशत ही फैट को शामिल करना चाहिए। जिसमें से सिर्फ 10 प्रतिशत मात्रा में ही सेचुरेटेड फैट लेना चाहिए। अगर कोई 1800 कैलोरी की डायट ले रहा है तो उसमें मात्र 18 ग्राम सेचुरेटेड फैट की मात्रा हर रोज लेनी चाहिए। अगर आपको चेडार चीज़ पसंद है तो उसमें छह ग्राम सेचुरेटेड फैट होता है। ज्यादा मात्रा में सेचुरेटेड फैट लेने से डायबिटीज, मोटापा और हृदय रोग होने का खतरा बढ़ सकता है।

हृदय संबंधी रोग का खतरा

चीज़ में फाइबर की मात्रा बिल्कुल भी नहीं होती है इसलिए भी इसके अधिक सेवन से कब्ज की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। चीज़ में मौजूद संतृप्त वसा, मोटापे जैसी समस्या का कारण होती है जिसमें हृदय से जुड़ी बीमारियां बढ़ जाती हैं। अगर आप लगतार अधिक मात्रा में चीज़ का सेवन करते हैं तो इसकी वजह से हार्ट अटैक और हार्ट से जुड़ी दूसरी अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढऩे का खतरा

अधिकांश चीज़ में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, इसलिए ज्यादा चीज़ खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। चीज़ या पनीर में सैचुरेटेड फैट भी अधिक होता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने का काम करता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल की वजह से हृदय रोग और वजन बढऩे जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है।

पाचन से जुड़ी समस्या का खतरा

चीज़ का अत्यधिक सेवन करने से शरीर में मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। चीज़ में शुगर की मात्रा पायी जाती है जिससे रक्त में शुगर की मात्रा में वृद्धि हो सकती है। सभी डेयरी प्रोडक्ट्स में लैक्टोज अधिक मात्रा में पाया जाता है, जिसे पचाने में बहुत से लोगों को काफी दिक्कत होती है। चीज़ में फाइबर की मात्रा बिल्कुल भी नहीं होती है इसलिए भी इसके अधिक सेवन से कब्ज की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है।

वजन बढऩे की समस्या का खतरा

चीज़ का अत्यधिक सेवन करने से शरीर में मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। चीज़ में शुगर की मात्रा पायी जाती है जिससे रक्त में शुगर की मात्रा में वृद्धि हो सकती है। जो लोग पहले से अधिक वजन या मोटापे की समस्या से पीडि़त हैं उन्हें इसके सेवन से दूरी बनानी चाहिए। ऐसे लोग अगर ज्यादा चीज़ का सेवन करते हैं तो उन्हें मोटापे के साथ-साथ दूसरी समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है।

ब्लड प्रेशर बढऩे का खतरा

चीज़ में सोडियम की अधिक मात्रा पाई जाती है जिसकी वजह से शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में चिकित्सक भी नमक और सोडियम की अधिकता वाले पदार्थों के सेवन से मना करते हैं। अगर आप भी पनीर या चीज़ का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो इसकी वजह से ब्लड प्रेशर बढऩे का खतरा बना रहता है। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से शरीर में कई अन्य समस्याएं जैसे हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी और ऑस्टियोपोरोसिस आदि हो सकते हैं।

संतृप्त वसा के सेवन का खतरा

चीज़ या पनीर के अधिक सेवन से सबसे बड़ा नुकसान यह भी होता है कि इसमें सैचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा होती है। अच्छी सेहत के लिए हमें संतृप्त वसा का सेवन बेहद कम करना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर में इसकी खपत कैलोरी से दस प्रतिशत कम होनी चाहिए। लेकिन चीज़ में इसकी उच्च मात्रा होती है जो शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होता है। सैचुरेटेड फैट की अधिकता से हृदय से जुड़े रोग भी हो सकते हैं।

हार्मोनल असंतुलन का खतरा

हमारे द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लगभग सभी डेयरी उत्पादों में कुछ मात्रा में हार्मोन पाए जाते हैं। अगर शरीर में इनकी अधिकता होती है तो इसकी वजह से आंत की सूजन जैसी कई अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कुछ लोगों को तो डेयरी उत्पादों का अधिक सेवन करने से स्किन के फटने की समस्या भी होती है, यह इसमें मौजूद हार्मोन की वजह से ही होता है। (एजेंसी)

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