प्रमुख डच CEOs के साथ राउंडटेबल मीटिंग में प्रधानमंत्री ने कहा आज का भारत स्केल और stability का प्रतीक है

Your Excellency Prime Minister रॉब येत्तेन,
दोनों देशों के delegates,
Netherlands के business leaders,

नमस्कार!

आज यहाँ दुनिया की सबसे innovative कम्पनीस के लीडर्स के बीच होना, मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। आज 300 से अधिक Dutch companies इंडिया स्टोरी का हिस्सा हैं। आपके विज़न, और भारत पर confidence के कारण ही, नीदरलैंड यूरोप से भारत का largest इन्वेस्टर, और सेकंड largest ट्रेडिंग पार्टनर बना है।

Friends,

आपकी कम्पनीस भारत में सिर्फ जाने-माने brands ही नहीं, बल्कि भारत-नीदरलैंड मित्रता के brand ambassadors भी हैं। हमे बहुत खुशी है, कि NXP, फिलिप्स और प्रोसस भारत की टैलेंट के साथ world leading सोल्युशंस बना रहें हैं।

APM, डामेन, रॉयल वोपाक जैसी कम्पनीस भारत के पोर्ट, शिपिंग और लोजिस्टिक्स सेक्टर को ट्रान्स्फॉर्म कर रहें हैं। तो कई और ऐग्रिकल्चर और सस्टेनिबिलिटी में भारत के साथ मिलकर दुनिया के लिए एक better फ्यूचर सुनिश्चित कर रहें हैं।

कुछ ही समय पहले, ASML और टाटा के बीच MOU हुआ- अब ASML की इक्विप्मन्ट से भारत में सेमाइकन्डक्टर चिप बनेंगे। आज आप सभी की बातों में भारत के प्रति ऑप्टिमिज़म साफ दिखाई देता है। इस ऑप्टिमिज़म को outcome में बदलना, हमारी गारंटी है।

Friends,

आज का भारत स्केल और stability का प्रतीक है। स्केल की बात करें, तो हम दुनिया की fastest-growing major economy भी हैं और दुनिया का सबसे बड़ा talent pool भी। इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी या फिर कनेक्टिविटी- भारत की स्पीड को विश्व मे कोई मैच नहीं कर सकता। इसी कारण पूरे विश्व के ग्रोथ में आज भारत सेवन्टीन परसेंट योगदान दे रहा है।

और स्टेबिलिटी के विषय पर तो, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री के रूप मे सेवा करते हुए, आज ही के दिन, मेरे 12 वर्ष पूरे हूएं हैं। इन 12 वर्षों में, continuous reforms से, हमने अपना इकनॉमिक DNA ट्रांसफॉर्म किया है। हमारी दिशा स्पष्ट रही है – प्राइवेट सेक्टर को पॉलिसी प्रेडिक्टबिलिटी देना और उनके लिए अवसर बढ़ाना।

स्पेस, mining या nuclear एनर्जी, हमने हर क्षेत्र को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया है। हम Compliances लगातार कम कर रहें हैं, और Ease of Doing Business बढ़ा रहें हैं। हाल ही में हमने, टैक्सेशन, लेबर कोड, और गवर्नेंस जैसे विषयों में, नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स किए। अब भारत में मैन्युफैक्चरिंग करना, बहुत ही cost-effective हो रहा है।

इलेक्ट्रानिक्स जो पहले भारत का बड़ा इम्पोर्ट item था, आज भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट item बन गया है। इस मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए हम कई महत्वपूर्ण सेक्टर में इंसेंटिव्स दे रहे हैं। जिसका लाभ उठाकर, आप पूरे विश्व के लिए इंडिया में मैन्युफैक्चर कर सकते हैं।

इसी तरह, सर्विसेज़ सेक्टर में भी, भारत अपने टैलेंट के बल पर- efficiency और इनोवैशन का इंजन बन गया है। विश्व की सभी टेक्नॉलजी कॉम्पनीस ने भारत मे अपनी ग्लोबल कैपबिलटी सेंटर खोली है।

हम आप सभी को भी, भारत मे डिजाइन and इनोवैट करने के लिए आमंत्रित करते है। और इसके लिए आज से बेहतर समय कोई हो नहीं सकता।

Friends,

वर्ष 2026 से भारत और यूरोप संबंधों में एक नए golden era की शुरुआत है। इस वर्ष हमने ऐतिहासिक इंडिया-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट किया। विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतान्त्रिक और जिम्मेदार शक्तियों के बीच हुआ यह अग्रीमन्ट, Shared प्रास्पेरिटी का मजबूत आधार बनेगा।

इस FTA के फुल potential को unlock करने के लिए, प्राइम मिनिस्टर येत्तेन और मैं, आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रहें हैं। हम भारत-नीदरलैंड की इस ट्रस्टेड पार्ट्नर्शिप को एक स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप बनाने जा रहे हैं। हम ग्रीन हाइड्रोजेन में एक महत्वाकांक्षी जॉइन्ट रोडमैप लॉन्च करने जा रहे हैं। हम टेक्नॉलजी में हमारे संबंधों को फ्यूचर रेडी बनाने जा रहें हैं।

हम दोनों देशों के बीच, टैलेंट मोबिलिटी, university पार्ट्नर्शिप और जॉइन्ट R&D को भी और सुदृढ़ करने जा रहें हैं। यानि, The future of India-Netherlands partnership is brighter than ever before.

Friends,

भारत और यूरोप के बीच मजबूत हो रहा स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप, हमारे बिजनस रिलेशन्स को नई प्रेरणा दे रहा है। इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना, अब आप के हाथों में हैं। मुझे पूरा विश्वास है, कि अब आप भारत में अपना स्कोप, इनवेस्टमेंट और ऐम्बिशन बढ़ाएंगे। और आपके साथ पूरे यूरोप का इनोवेशन एकोसिस्टम भी भारत आएगा।

Friends,

नीदरलैंड में कहावत है,

“Ships are safe in harbour,but ships are not built to stay in harbour.”

डच बिजनस कम्यूनिटी से बेहतर यह बात कौन समझ सकता है? आपका देश सदियों से नए अवसरों की खोज में आगे बढ़ता रहा है। मैं आपको आश्वासन देता हूँ- भारत में आपकी ये खोज सफल होगी और सार्थक भी। अब आपको भारत में और boldly venture करना है।

बे-डांक्ट।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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नीदरलैंड ने भारत को चोल साम्राज्य के ताम्रपत्रों को वापस लौटाया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और  के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉब जेटन की उपस्थिति में, लाइडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय ने आज 11वीं शताब्दी के चोल ताम्रपत्र भारत सरकार को लौटा दिए।

चोल ताम्रपत्र, जिनमें 21 बड़े ताम्रपत्र और 3 छोटे ताम्रपत्र सम्मिलित हैं, 11वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान चोल राजाओं द्वारा जारी किए गए शाही अभिलेख हैं। ये अभिलेख अनैमंगलम ग्राम को तमिलनाडु के नागपट्टिनम स्थित ‘चूलामणिवर्म-विहार’ नामक बौद्ध विहार को भेंट किए जाने को औपचारिक रूप प्रदान करते हैं। इन ताम्रपत्रों में तमिल तथा संस्कृत भाषाओं में लिखित पाठ अंकित हैं।

इन चोल ताम्रपत्रों की पुनर्प्राप्ति विशेष महत्व रखती है, क्योंकि वे केवल अतीत की कलाकृतियाँ भर नहीं हैं, बल्कि भारत की विरासत और सभ्यता की अमूल्य गाथा भी हैं। इन ताम्रपत्रों की स्वदेश-वापसी भारत के लोगों के लिए गहरा भावनात्मक महत्‍त्‍व रखती है।

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85 वर्षीय बुजुर्ग को 24 घंटे के भीतर मिला पेंशन और आयुष्मान योजना का लाभ

बुजुर्ग ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन को दिया धन्यवाद

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर घर पहुंची सरकारी योजनाओं की सुविधा

रांची,17.05.2026 – रांची जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक राधेश्याम नाथ को 24 घंटे के भीतर सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।

किशोरगंज निवासी राधेश्याम नाथ को सर्वजन पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र उनके घर पहुंचकर उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही उनका आयुष्मान कार्ड भी बनवाकर सौंपा गया, ताकि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

राधेश्याम नाथ योजनाओं के लाभ के लिए समाहरणालय पहुंचे थे। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने बुजुर्ग की स्थिति को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर योजनाओं का लाभ बुजुर्ग के घर पर उपलब्ध कराया गया।

लाभ प्राप्त करने के बाद वरिष्ठ नागरिक राधेश्याम नाथ ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजंत्री रांची जिला प्रशासन ने कहा कि जरूरतमंद एवं पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा आगे भी इसी तरह संवेदनशीलता के साथ कार्य जारी रहेगा।

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Ranchi DC श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा पीएफएमई योजना अंतर्गत हैंड होल्डिंग किया जा रहा इकाइयों का निरीक्षण

उत्पादन कार्य, गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था एवं विपणन गतिविधियों का निरीक्षण

यूनिट संचालकों को गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश

युवा उद्यमी बन रोजगार सृजन करने वाले बनें – जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री

योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभुकों तक पहुंचाने का निर्देश

रांची,17.05.2026 – जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा आज दिनांक 17.05.2026 को मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा हैंड होल्डिंग सपोर्ट के तहत केंद्र सरकार की पीएफएमई योजना अंतर्गत संचालित विभिन्न उद्यम इकाइयों का निरीक्षण किया गया।

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा निरीक्षण के दौरान संबंधित यूनिटों में चल रहे उत्पादन कार्य, गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था एवं विपणन गतिविधियों का जायजा लिया गया। इस दौरान डेयरी प्रोडक्ट यूनिट (सुमन डेयरी), मशरूम प्रोडक्ट यूनिट (ASM MUSROOM )एवं बेकरी प्रोडक्ट यूनिट (सिद्धि विनायक) का दौरा कर वहाँ संचालित उत्पादन कार्यों एवं उत्पादों की गुणवत्ता का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा संबंधित यूनिटों में तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की गई तथा संचालकों से उत्पादन प्रक्रिया, स्वच्छता व्यवस्था एवं विपणन संबंधी जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने यूनिट संचालकों को गुणवत्ता मानकों का पालन करने तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमी बनें और दूसरों के लिए भी रोजगार का सृजन करें।

मशरूम प्रोडक्ट यूनिट में आधुनिक तकनीक से किए जा रहे उत्पादन कार्य की जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा सराहना की गई, वहीं डेयरी प्रोडक्ट यूनिट में दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता एवं उत्पादन प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया। बेकरी प्रोडक्ट यूनिट में तैयार खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पैकेजिंग व्यवस्था का अवलोकन किया गया।

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के माध्यम से छोटे एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभुकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड से जिला उद्यमी समन्वयक आतेन विशवासी तोपनो, ओरमांझी प्रखंड उद्यमी समन्वयक श्री शेखर प्रसाद एवं इटकी प्रखंड उद्यमी समन्वयक श्री राकेश रंजन सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं यूनिट संचालक उपस्थित थे।

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“ऑपरेशन प्रहार “ के तहत रांची पुलिस ने 100 से ज्यादा अपराधियों को किया गिरफ्तार

रांची,17.05.2026 – वरीय पुलिस अधीक्षक रांची महोदय के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक नगर, यातायात तथा ग्रामीण के नेतृत्व में विगत दो दिनों में “ऑपरेशन प्रहार “ के तहत रांची पुलिस द्वारा 100 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया गया एवं 220 से अधिक लंबित वारंटों का निष्पादन किया गया।

अपराधियों के खिलाफ रांची पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है।

“ऑपरेशन प्रहार” के तहत अपराध नियंत्रण, वारंट निष्पादन और संगठित अपराध पर शिकंजा कसने की विशेष रणनीति बनाई गई थी।देर रात तक चली इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस टीमों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर फरार अपराधियों, वारंटियों और संदिग्धों को धर दबोचा।

कई आरोपी ऐसे भी पकड़े गए, जो लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे।अभियान में जिले के सभी पुलिस अधीक्षक , उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और अन्य पुलिस पदाधिकारी व कर्मी शामिल थे l रांची पुलिस द्वारा भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी l

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आईएनएस सागरध्वनि मलेशिया के पोर्ट क्लांग पहुंचा

नई दिल्ली – भारतीय नौसेना का महासागरीय अनुसंधान पोत, आईएनएस सागरध्वनि, अपने दक्षिण-पूर्व एशिया दौरे के अंतर्गत 13 मई 2026 को मलेशिया के पोर्ट क्लांग पहुंचा। वहां पहुंचने पर, रॉयल मलेशियन नेवी के कर्मियों द्वारा जहाज का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान, भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियन नेवी के कर्मी कई तरह के सहयोगी कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इनमें व्यावसायिक बातचीत, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्रॉस-डेक दौरे और विषय-वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करना और बेहतर समन्वय, पारस्परिक समझ एवं मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ावा देना है।

आईएनएस सागरध्वनि की यह यात्रा वर्ष 2019 में हुए अपने पिछले वैज्ञानिक अभियान के बाद, पोर्ट क्लांग में वापसी का प्रतीक है। यह पोर्ट कॉल भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते समुद्री  साझेदारी को दर्शाता है तथा क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और सहयोग के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

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रक्षा मंत्री और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के कोर इंटीग्रेशन और फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर और नौसेना प्रणाली विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखी

नई दिल्ली – रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन चंद्र बाबू नायडू ने आज आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के पुट्टपर्थी में कई रणनीतिक एयरोस्पेस और रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखी और भूमि पूजन समारोह की अध्यक्षता की। पुट्टपर्थी में कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर की आधारशिला रखी गई, जिसका उद्देश्य पांचवीं पीढ़ी के मध्यम  श्रेणी के उन्नत लड़ाकू विमान (एएमसीए) और भविष्य के अन्य स्वदेशी प्लेटफार्म को तेजी से विकसित करना है। इसके अलावा, अनाकापल्ली जिले के टी सिरासापल्ली गांव में नौसेना प्रणाली विनिर्माण सुविधा की भी आधारशिला रखी गई, जिसका उद्देश्य उन्नत पनडुब्बी हथियार और नौसैनिक युद्ध प्रणालियों की आवश्यकताएं पूरी करना है।

 

 

श्री सत्य साई जिले के मदाकासिरा में रक्षा ऊर्जा संयंत्र और गोला बारूद एवं विद्युत फ्यूज संयंत्र के लिए भूमि पूजन समारोह आयोजित किए गए। इसके अलावा, आठ ड्रोन कंपनियों के एक संघ ने कुरनूल में ड्रोन सिटी स्थापित करने के लिए आपस में सहयोग किया है। विभिन्न कंपनियों ने राज्य में रक्षा इकाइयां स्थापित करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी किए।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में परियोजनाओं  आरंभ किए जाने को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में, अन्य देशों पर निरंतर निर्भरता की अपेक्षा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये परियोजनाएं रक्षा बलों की सभी शाखाओं की आवश्यकताएं पूरी करेंगी। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक विविधीकरण महज संयोग नहीं है बल्कि हमारा स्पष्ट उद्देश्य है और हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के दृढ़ लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सेना के तीनों अंगों को भविष्य अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राष्ट्र की आत्मनिर्भरता और आंध्र प्रदेश के विकास पथ में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

 

 

रक्षा मंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं शक्तिशाली “विकास केंद्र” के रूप में काम करेंगी, जिससे व्‍यापक रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों और आईटीआई सहित स्थानीय शैक्षणिक संस्थान इस पहल का अभिन्न अंग बनेंगे। इससे सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाएं स्थापित होंगी और लघु उद्योग विकसित होंगे तथा स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने, सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे एक संपूर्ण पारितंत्र विकसित होगा, जो राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के लिए कुल व्यय लगभग 15 हजार करोड़ रुपये है, और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन -डीआरडीओ की सहयोगी संस्था वैमानिकी विकास एजेंसी का कोर इंटीग्रेशन और फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस केंद्र की स्थापना लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से की जा रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि पुट्टापर्थी उन चुनिंदा वैश्विक स्थलों में शामिल होने वाला है जहां से पांचवीं पीढ़ी का विमान उड़ान भरेगा। यह एक ऐसे विमान की जन्मस्थली बनेगा जो पलक झपकते ही दुश्मन को नष्ट करने में सक्षम होगा।

 

 

भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की 480 करोड़ रुपये की परियोजना, नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा, स्वदेशी वाहनों, जलमग्न प्रतिवाद प्रणालियों (हमला रोकने) और अगली पीढ़ी के टॉरपीडो पर ध्यान केंद्रित करेगी। यहां कई महत्वपूर्ण घटकों और उप-प्रणालियों का निर्माण होगा जिन्हें देश अब तक विदेशों से आयात करता रहा है। रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना भारतीय नौसेना की क्षमता अत्यंत बढ़ाएगी और देश की समुद्र जनित अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

भारत फोर्ज लिमिटेड की सहायक कंपनी अग्नेयास्त्र एनर्जेटिक्स लिमिटेड की डिफेंस एनर्जेटिक्स फैसिलिटी 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की जा रही है। श्री राजनाथ सिंह ने आशा व्यक्त की कि यह सुविधा ऐसे हथियारों का निर्माण करेगी जो भविष्य के युद्धों के लिए भारत की तैयारी सुदृढ़ बनाएंगे।

एचएफसीएल लिमिटेड का गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज संयंत्र लगभग 1,200 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने फ्यूज को किसी भी गोला-बारूद का सबसे महत्वपूर्ण घटक बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना देश में गोला-बारूद निर्माण आत्मनिर्भरता में नए अध्याय की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र में निर्मित अत्याधुनिक फ्यूज हमारी रक्षा बलों की क्षमता काफी मजबूत बनाएंगे।

 

 

आगामी ड्रोन सिटी स्थापित किए जाने के बारे में श्री राजनाथ सिंह ने युवा उद्यमियों की सहयोगात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा कि ये इकाइयां, भले ही व्यक्तिगत रूप से लघु हों पर, मेक-इन-इंडिया के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक आधुनिक युद्ध में निर्णायक भूमिका निभा रही है। इसके अलावा, अन्य क्षेत्रों में भी इसकी उपयोगिता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यहां उत्पादित ड्रोन वैश्विक स्तर पर भारत की उत्कृष्टता का झंडा बुलंद करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिस प्रकार सूरत को डायमंड सिटी और बेंगलुरु को भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में जाना जाता है, उसी प्रकार यह क्षेत्र जल्द ही देश के ड्रोन हब’ के रूप में पहचाना जाएगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटने का प्रयास किया है और आज देश न केवल समग्र सरकारी दृष्टिकोण से, बल्कि समग्र राष्ट्र और समग्र जन दृष्टिकोण से आगे बढ़ रहा है। चाहे कोई व्यक्तिगत नवप्रवर्तक हो, कोई बड़ा निगम, कोई स्टार्टअप हो या कोई लघु एवं मध्यम उद्यम हो, इनमें से हर इकाई राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल ने रक्षा विनिर्माण को सफलतापूर्वक एक जन आंदोलन में बदल दिया है।

सरकार के प्रयासों से हासिल प्रगति का ब्योरा देते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादन 2014 के मात्र 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर अब लगभग 1.54 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रक्षा उत्पादन एक-दो महीने में 1.75 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लेगा। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात एक दशक पहले लगभग 600 करोड़ रुपये था वह आज लगभग 40,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

रक्षा मंत्री ने संबोधन का समापन करते हुए लोगों से गलत सूचनाओं के इस दौर में सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक नहीं कि हमारे शत्रु हम पर केवल हथियारों से ही हमला करें, वे अफवाहें या गलत सूचनाएं फैलाकर भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। वे ऐसी अफवाहें फैला सकते हैं कि देश में तेल खत्म हो गया है या कोई आपदा आने वाली है। यह सब देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने के गलत इरादे से किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमें अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि छोटी गलत सूचना भी हानिकारक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने हमें सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने या ईंधन बचाने की सलाह दी है, तो इसे बेहतर सलाह के रूप में ही लेनी चाहिए।

 

श्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र निर्माण का कार्य सामूहिक प्रयासों से ही पूरा होता है। उन्होंने आह्वान किया कि आइए हम सब मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करें जो स्वयं की रक्षा करते हुए सार्वभौमिक बंधुत्व की भावना से संपूर्ण विश्व को सहायता प्रदान करने में सक्षम हो।

 

इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन चंद्र बाबू नायडू ने अपने संबोधन में भारत की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने और स्वदेशीकरण एवं आत्मनिर्भरता पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए सेना के आधुनिकीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुधारों, निवेश और नवाचार पर निरंतर जोर देने से रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्रों में राष्ट्र की तैयारी और वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति व्यापक हुई है।

 

श्री नायडू ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की बढ़ती शक्ति और तकनीकी प्रगति का गौरवपूर्ण उदाहरण और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिन सुविधाओं की आधारशिला रखी गई है, वे देश की रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ बनाएंगी और क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देंगी।

श्री नायडू ने उद्योगों और उद्यमियों से आंध्र प्रदेश में डिजाइन करने, आंध्र प्रदेश में निर्माण करने, आंध्र प्रदेश से नेतृत्व करने का आह्वान किया और इसमें राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नया आंध्र प्रदेश तीन मजबूत स्तंभों – नवाचार, अवसंरचना और औद्योगीकरण के बल पर निर्मित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर होने में आंध्र प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू, आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार, रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

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एनएचएआई ‘परियोजना सक्षम’ के माध्यम से महिला-केंद्रित कौशल विकास को बढावा दे रहा है

नई दिल्ली – समावेशी विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), वर्टिस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में ‘परियोजना सक्षम’ के माध्यम से सार्थक सामाजिक प्रभाव पैदा कर रहा है। यह पहल स्थायी आजीविका के अवसरों के लिए संरचित कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। कौशल प्रशिक्षण से परे इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक वित्तीय आत्‍मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए मार्ग तैयार करना भी है।

‘परियोजना सक्षम’ देशभर में फैले 12 प्रशिक्षण केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से संचालिता होता है, जो वंचित समुदायों को उद्योग-प्रासांगिक कौशल और औपचारिक कार्यबल में शामिल होने के अवसर प्रदान करता हैं। अब तक इस पहल ने 6,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 4,000 से अधिक को विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक रोजगार मिला है। लाभार्थी औसतन 13,000 से 16,000 रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं, जो कई राज्यों में प्रवेश स्तर के वेतन मानकों से अधिक है। गौर तलब है कि 80 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं, जो जेंडर-आधारित सशक्तिकरण पर कार्यक्रम के मजबूत जोर को रेखांकित करता है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के समावेशी बुनियादी ढांचा विकास के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप, ‘सक्षम परियोजना’ इस विश्वास पर आधारित है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बसे समुदायों, विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को, बुनियादी ढांचे के विस्तार से उत्पन्न आर्थिक अवसरों का सीधा लाभ मिलना चाहिए। यह पहल उन समुदायों के लिए कौशल, रोजगार और वित्तीय आत्‍मनिर्भरता तक पहुंच को सक्षम बनाकर इस अंतर को पाटने का प्रयास करती है, जो इससे जुड़े तो हैं, लेकिन अक्सर बुनियादी ढांचे के विस्तार के आसपास की आर्थिक गति से बाहर रह जाते हैं।

‘परियोजना सक्षम’ अपनी जमीनी सहभागिता मॉडल के कारण विशिष्‍ट पहचान रखता है। इसकी फील्ड टीमें ग्रामीण समुदायों के भीतर परिवारों के साथ निकटता से कार्य करती है, ताकि विश्‍वास कायम किया जा सकें, सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं को दूर किया जा सकें तथा महिलाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसरों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किेया जा सके-कई मामलों में यह उनके लिए पहली बार होता है। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक कौशलों में प्रशिक्षित किया जाता है, जिनमें बिजली का काम, प्लंबिंग, उपकरण मरम्मत, सिलाई, जनरल ड्यूटी असिस्‍टेंट नर्सिंग और बहु-कुशल तकनीशियन प्रशिक्षण शामिल हैं।इन कार्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि लाभार्थियों को व्यावहारिक, बाजार-उन्‍मुख क्षमताएं प्राप्‍त हों, जिससे उनकी रोजगार योग्‍यता बढे। अनेक प्रतिभागियों के लिए यह पहल एक परिवर्तनकारी यात्रा सिद्ध हुई है, जिसने उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने तथा अपने और अपने समुदायों के लिए नई आकांक्षाएं निर्धारित करने में सक्षम बनाया है।

यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि एनएचएआई अवसंरचना विकास को केवल बेहतर कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसके माध्‍यम से समावेशी विकास के अवसर भी सुनिश्चित करना चाहता है, जिससे देश भर में अधिक और सशक्‍त समुदायों के निर्माण में योगदान मिल सके।

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 के लिए भारत की तैयारियों की समीक्षा की

नई दिल्ली – केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए भारत की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

 

बैठक में सभी हितधारकों के बीच सुचारू समन्वय सुनिश्चित करने और 2026 राष्‍ट्रमंडल खेल की तैयारी कर रहे भारतीय एथलीटों के लिए सहायता प्रणाली को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के प्रतिनिधि, जिनमें 2026 राष्‍ट्रमंडल खेल के लिए मिशन प्रमुख भी शामिल थे। उन्होंने खेलों के लिए परिचालन योजना, एथलीटों की तैयारी और समन्वय तंत्र पर अद्यतन जानकारी साझा की। इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के अधिकारी भी उपस्थित थे।

खेल मंत्री ने राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 के लिए भारत की तैयारी, प्रशिक्षण, व्यवस्था, कल्याण और समन्वय की समीक्षा की।

 

डॉ. मांडविया ने इस बात पर बल दिया कि सरकार राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय एथलीटों को उनके सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने देश के लिए एक सफल अभियान सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध योजना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और एथलीट-केंद्रित तैयारी के महत्व पर बल दिया।

बैठक में राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 के समापन समारोह से संबंधित तैयारियों पर भी चर्चा हुई, जिसके दौरान भारत को आधिकारिक तौर पर राष्‍ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी सौंपी जाएगी, जिनका आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होगा।

इस संदर्भ में, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और गुजरात सरकार के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी समीक्षा बैठक में भाग लिया और चर्चा में हिस्सा लिया।

बैठक में सचिव (खेल) द्वारा ग्लासगो 2026 के संचालन और रसद संबंधी तैयारियों के लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ किए जा रहे अंतर-मंत्रालयी समन्वय प्रयासों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

चर्चा का मुख्य केंद्र अंतर-मंत्रालयी समन्वय, सुगम्यीकरण व्‍यवस्‍था और भारतीय दल से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का सुचारू रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था।

एसएआई और मंत्रालय के अधिकारियों ने उपस्थित गणमान्‍यों को खेलों के लिए तैयार किए जा रहे प्रारूप की जानकारी दी, जिसमें प्रतियोगिता का अनुभव, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सहायक कर्मचारियों की तैनाती और आकस्मिक योजना शामिल थी।

समीक्षा बैठक में ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के अभियान के लिए व्यापक तैयारियों को सुनिश्चित करने के प्रति मंत्रालय, आईओए, एसएआई, गुजरात सरकार और संबंधित हितधारकों की सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।

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सतारा से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र को दी सौगात: महाराष्ट्र के 5 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्के घरों का गौरवपूर्ण गृह प्रवेश

नई दिल्ली – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ किया, 5 लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपीं और महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री जयकुमार गोरे, पर्यटन, खननकर्म एवं माजी सैनिक कल्याण मंत्री तथा सतारा के पालकमंत्री श्री शंभूराज देसाई, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री श्री शिवेंद्रसिंह भोसले, मदद एवं पुनर्वसन मंत्री श्री मकरंद जाधव (पाटील), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री श्री योगेश कदम तथा स्थानीय सांसद श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश में कोई भी गरीब कच्चे मकान में न रहे और प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्की छत मिले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने PMAY-G के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य करते हुए रिकॉर्ड समय में 5 लाख आवास पूर्ण कर सुशासन, संवेदनशीलता और परिणामोन्मुख प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महाराष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 8,368.50 करोड़ रु. की केंद्रीय अंश सहायता जारी किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य में ग्रामीण गरीबों के आवास निर्माण अभियान को और तेज करेगी तथा बेघर-मुक्त ग्रामीण महाराष्ट्र के संकल्प को मजबूत आधार देगी।

श्री चौहान ने यह भी कहा कि जिन पात्र परिवारों का नाम अब तक छूट गया है, उनके लिए भी रास्ता खुला है और सर्वे तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार और आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि बिजली, जल, स्वच्छता और सम्मानपूर्ण जीवन के साथ समग्र ग्रामीण जीवन-स्तर को ऊंचा उठाना है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए 122.98 करोड़ रु. की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री श्री फडणवीस को सौंपी। 95.99 किलोमीटर लंबाई की इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को लाभ मिलेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुगम होगी।

शिवराज सिंह चौहान ने ‘महा आवास अभियान’ के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, इकाइयों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री श्री फडणवीस के साथ सम्मानित करते हुए कहा कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण का भाव साथ आता है, तब विकास अभियान जनआंदोलन बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने ग्रामीण आवास के क्षेत्र में जिस गति और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विकसित भारत जी राम जी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 1 जुलाई से शुरू होने जा रही यह पहल गांवों के समग्र और सुनियोजित विकास की नई आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की व्यापक रूपरेखा तैयार करेंगी, जिससे गांवों के बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को विकसित गांवों के मजबूत आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

किसानों के मुद्दों पर विशेष रूप से बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने प्याज उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने और निर्यात संबंधी परिस्थितियों के कारण बाजार भाव प्रभावित हुए हैं, इसलिए आज से ही NAFED द्वारा 12 रु. 35 पैसे प्रति किलो की दर से प्याज की खरीदी शुरू की जाएगी, ताकि किसानों को तत्काल सहारा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार किसानों को संकट में अकेला नहीं छोड़ेगी और खरीदी व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने पर बल दिया। श्री चौहान ने अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रहे और वास्तविक किसानों को उसका लाभ मिल सके।

गन्ना उत्पादकों से जुड़े मुद्दों पर श्री चौहान ने भरोसा दिलाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर समस्याओं का समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री फडणवीस के साथ इस विषय पर चर्चा हुई है और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर आवश्यक विमर्श कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में पूरी कोशिश की जाएगी, क्योंकि किसान देश की अर्थव्यवस्था का आधार हैं।

श्री चौहान ने यह भी रेखांकित किया कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। उन्होंने MSP में हालिया बढ़ोतरी, तिलहन-दलहन खरीदी, कपास मिशन, फार्मर आईडी, किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं और ग्रामीण आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

शिवराज सिंह चौहान ने सतारा की पावन धरती को छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, स्वाभिमान और सुशासन की प्रेरणास्थली बताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नायक हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने देश को यह संदेश दिया कि सुशासन का अर्थ गरीबों के आँसू पोंछना, माताओं-बहनों का सम्मान सुनिश्चित करना, किसानों को समृद्ध बनाना और समाज के अंतिम व्यक्ति को गले लगाना है; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इसी जनकल्याणकारी और संवेदनशील शासन-दृष्टि को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली और राज्य ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूर्ण कर आज लाभार्थियों को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आवासों की गुणवत्ता बढ़ाने, सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली सुविधा उपलब्ध कराने और जमीनविहीन पात्र परिवारों को भी सहायता देकर इस अभियान को व्यापक सामाजिक सुरक्षा के मॉडल में बदला है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र का लक्ष्य बेघर-मुक्त राज्य का निर्माण है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने प्याज किसानों के लिए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा घोषित NAFED खरीदी का स्वागत किया तथा गन्ना एवं चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर केंद्र-राज्य समन्वय से समाधान निकालने का भरोसा व्यक्त किया।

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, लाभार्थियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की उपस्थिति रही

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रांची जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं, भू-अर्जन कार्यों तथा फ्लाईओवर एवं रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

रैयतों को मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश, निर्धारित समय-सीमा में परियोजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश

रांची,16.05.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 16.05.2026 को जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं, भू-अर्जन कार्यों तथा फ्लाईओवर एवं रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जिले में संचालित सभी आधारभूत संरचना एवं विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए परियोजनाओं में आ रही समस्याओं एवं बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने नारो- टिकराटोली क्षेत्र में संचालित एनएचएआई परियोजना के तहत शेष रैयतों के मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिये, ताकि निर्माण कार्य बिना बाधा के आगे बढ़ सके। एनएचएआई के कोयलारी-रामपुर इंटरचेंज परियोजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि परियोजना के लिए लगभग थ्री जी अवार्ड की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

बैठक जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री में रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने लिंक लाइन लोधमा परियोजना एवं इलू-सिल्ली रेलवे परियोजना में मुआवजा भुगतान शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि कार्य में शिथिलता होने पर संबंधित कर्मी पर जवाबदेही तय की जायेगी।

समीक्षा बैठक के दौरान सड़क निर्माण विभाग (RCD) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं फ्लाईओवर परियोजनाओं की भी प्रगति की समीक्षा की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कांटाटोली-सिरमटोली फ्लाईओवर सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि रैयतों को देय मुआवजा राशि का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब से परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, इसलिए संबंधित पदाधिकारी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें।

बैठक में अपर समहर्ता रांची श्री रामनारायण सिंह, जिला भूअर्जन पदाधिकारी श्री केके राजहंस, परियोजना निदेशक एनएचएआई, रांची एवं गुमला, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, शहरी एवं ग्रामीण, अतिरिक्त जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बेड़ो एवं ओरमांझी, एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

अस्पतालों में फायर सेफ्टी एवं इलेक्ट्रिकल ऑडिट को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इक्यूपमेंट्स, आईसीयू में संचालित एसी एवं जेनरेटर का विशेषज्ञों से नियमित ऑडिट करायें अस्पताल – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

पैसे के अभाव में बिल नहीं चुका पाने वाले मरीज के शव को परिजनों को नहीं सौंपना राज्य सरकार के आदेश एवं क्लिनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

अल्ट्रासाउण्ड सेंटर्स को लिंग निर्धारण संबंधी कानून का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश

अल्ट्रासाउण्ड सेंटर को अपने निबंधन की वैधता समाप्त होने से पूर्व नवीकरण हेतु आवेदन करने का निर्देश

अस्पतालों को डेंगू, मलेरिया, टीबी एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से संबंधित मरीजों की सूचना समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश

डॉक्टर्स एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ के प्रमाण पत्रों की जांच करने का निर्देश

मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार रखने पर भी विशेष जोर

रांची,16.05.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज दिनांक 16.05.2026 को समाहरणालय स्थित सभागार में जिले में संचालित निजी अस्पतालों के प्रबंधकों/प्रतिनिधियों एवं इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सिविल सर्जन श्री प्रभात कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी-सह-हेल्थ नोडल पदाधिकारी श्री राजेश साहू, जिला समन्वयक आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न निजी अस्पतालों एवं इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी एवं इलेक्ट्रिकल ऑडिट को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में लगे इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इक्यूपमेंट्स, आईसीयू में संचालित एसी एवं जेनरेटर का विशेषज्ञों से नियमित ऑडिट कराया जाये ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउण्ड सेंटरों को लिंग निर्धारण संबंधी कानून का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी सेंटर की संलिप्तता लिंग निर्धारण जैसे अवैध कार्य में पायी जाती है तो संबंधित संस्थान एवं व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही सभी अल्ट्रासाउण्ड सेंटरों को अपने निबंधन की वैधता समाप्त होने से पूर्व नवीकरण हेतु आवेदन करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में अस्पतालों द्वारा मरीजों के शव रोकने की शिकायतों पर भी जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में बिल नहीं चुका पाने वाले मरीज के शव को परिजनों को नहीं सौंपना राज्य सरकार के आदेश एवं क्लिनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन है। सभी अस्पतालों को कानून एवं राज्य सरकार के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत अस्पतालों को किये जाने वाले भुगतान की भी समीक्षा की गयी। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अस्पतालों को स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन के अनुसार प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया ताकि भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों का एफिलिएशन रद्द किया जा सकता है।

बैठक में सभी अस्पतालों को डेंगू, मलेरिया, टीबी एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से संबंधित मरीजों की सूचना समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि संबंधित क्षेत्रों में बीमारी की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अस्पताल प्रबंधन को बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल में निर्धारित नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डॉक्टर्स एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ के प्रमाण पत्रों की नियमित जांच करने तथा मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।

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राजनीतिक दलों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गयी विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावा एवं आपत्ति से संबंधित जानकारी

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक स्तर पर लोगों को जागरूक करने तथा सुयोग्य मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया में भाग लेने हेतु प्रेरित करने की अपील

राजनीतिक दलों से सभी बूथों पर बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की प्रतिनियुक्ति जल्द करने का आग्रह

रांची,16.05.2026 – जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 16.05.2026 समाहरणालय स्थित सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय विधायक हटिया विधानसभा क्षेत्र श्री नवीन जायसवाल, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री बिवेक कुमार सुमन, जिला अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्र निर्वाची निबंधक पदाधिकारी एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों एवं संबंधित पदाधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कोई भी योग्य मतदाता न छूटे। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत झारखंड में SIR की क्वालीफाइंग डेट 01 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा पीपीटी के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावा एवं आपत्ति से संबंधित आदि की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। साथ ही निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के माध्यम से वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की गई।

भारत निर्वाचन आयोग के गाइडलाइंस के अनुसार सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष गहन पुनरीक्षण अंतर्गत विभिन्न कैटेगरी के मतदाताओं के बारे में जानकारी दी गयी। साथ ही मतदाताओं की मैपिंग और अनमैप्ड मतदाताओं को वोटर लिस्ट से कैसे जोड़ा जाये इसकी जानकारी दी गयी।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक स्तर पर लोगों को जागरूक करने तथा सुयोग्य मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया में भाग लेने हेतु प्रेरित करने की अपील की।

 

बैठक के दौरान सभी राजनीतिक दलों से सभी बूथों पर बूथ लेवल एजेंट-2 (ठस्।-2) की प्रतिनियुक्ति जल्द करने का आग्रह किया गया। साथ ही राजनीतिक दलों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का जवाब देते हुए एसआईआर से संबंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये गये।

झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्यक्रम

SIR की क्वालीफाइंग डेट – 01.10.2026

तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग – 20.06.2026 से 29.06.2026

बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन – 30.06.2026 से 29.07.2026

मतदान केन्द्रों का रैशनालाइजेशन – 29.07.2026 तक

ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन – 05.08.2026

दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि – 05.08.2026 से 04.09.2026

दावा एवं आपत्तियों का निष्पादन – 05.08.2026 से 03.10.2026

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 07.10.2026

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ब्यूटी आइकन मेगा मॉडल वैशाली भाऊरजार को मिला लिजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड …….!

16.05.2026 – अपनी मेहनत, आत्मबल और कला कौशल के बल पर फैशन और समाज सेवा दोनों क्षेत्रों में स्थायी और प्रभावशाली पहचान बना चुकी ब्यूटी आइकन मेगा मॉडल वैशाली भाऊरजार को पिछले दिनों मुम्बई के रहेजा क्लासिक क्लब में कृष्णा चौहान फाउंडेशन (केसीएफ) के बैनर तले आयोजित लिजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2026 समारोह (7वें सीजन) में पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा, संगीतकार दिलीप सेन कॉमेडियन सुनील पाल और डॉ योगेश लखानी की उपस्थिति में अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई की मूल निवासी वैशाली भाऊरज़ार की मॉडल बनने की कहानी काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक है। वैशाली प्रारंभ में एयर होस्टेस बनना चाहती थी और वह बनी भी। किंगफिशर एयरलाइंस के साथ उन्होंने एक्स कैबिन क्रू (एयरहोस्टेस) के रूप में काम भी किया मगर उनकी किस्मत ने उन्हें मॉडलिंग की दुनिया मे ला दिया।

बॉलीवुड के चर्चित सिंगर उदित नारायण के द्वारा तीन बार और सिंगर दीपा नारायण के द्वारा दो बार वैशाली सम्मानित की जा चुकी हैं। मेगामॉडल वैशाली भाऊरज़ार को महात्मा गांधी रतन अवॉर्ड 2025 मिस इंडिया विनर, बॉलीवुड लीजेंड फिल्म फेस्टिवल 2025 और मुंबई ग्लोबल की ओर से अखंड भारत गौरव सम्मान 2025 जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाज़ा जा चुका है। लगातार मिल रहे ये राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार इस बात को दर्शाते हैं कि वैशाली आज न केवल फैशन इंडस्ट्री की सशक्त आवाज़ हैं, बल्कि देश की प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों में से एक बन चुकी हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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संस्कृति मंत्रालय और साहित्य अकादमी ने नई दिल्ली में आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी के जन्मशती समारोह और राष्ट्रीय संगोष्ठी का संयुक्त आयोजन किया

नई दिल्ली – भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने साहित्य अकादमी, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सहयोग से आज नई दिल्ली में “संस्कृत और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी का योगदान” विषय पर जन्मशती समारोह और एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का संयुक्त आयोजन किया। यह कार्यक्रम श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, के वाचस्पति सभागार में संपन्न हुआ।

प्रख्यात संस्कृत विद्वान, जाने-माने शिक्षाविद् तथा संस्कृत भाषा एवं भारत की सांस्कृतिक विरासत के विशिष्ट संवर्धक आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी की जन्म शताब्दी के अवसर पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

उद्घाटन सत्र भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव, श्री समर नंदा के स्वागत भाषण के साथ शुरू हुआ। प्रारंभिक भाषण साहित्य अकादमी के संस्कृत सलाहकार बोर्ड के संयोजक, श्री हरेकृष्ण शतपथी ने दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, श्री समर नंदा ने उपस्थित जनसमूह को सूचित किया कि भारत सरकार के केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली ‘राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति’ ने आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी के सम्मान में 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2027 तक पूरे देश में आयोजित होने वाले स्मरणोत्सव कार्यक्रमों, अकादमिक संगोष्ठियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और आध्यात्मिक सभाओं को स्वीकृति दे दी है।

श्री समर नंदा ने कहा कि एक दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र की घोर कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बावजूद, श्री दिनेश चंद्र जोशी अपनी विद्वत्ता, तपस्या, आध्यात्मिक अनुशासन और अटूट संकल्प के बल पर भारतीय संस्कृति के एक तेजस्वी पथप्रदर्शक के रूप में उभरे। उन्होंने कहा कि उनका जीवन एक शाश्वत प्रेरणा बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि व्यक्ति महान सुख-सुविधाओं से नहीं, बल्कि समर्पण, दृढ़ता और आंतरिक शक्ति से बनता है।

आचार्य दिनेश चंद्र जोशी के भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरे सरोकार को याद करते हुए, श्री नंदा ने कहा कि आचार्य जी ने ब्रिटिश शासन के दौरान भारत को देखा था और वह उस मनोवैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक हमले को स्पष्ट रूप से समझते थे, जिसने संस्कृत भाषा, गुरुकुल प्रणाली और सनातन संस्कृति की नींव को कमजोर करने का प्रयास किया था। नालंदा विश्वविद्यालय, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों के विनाश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य केवल पुस्तकों और पांडुलिपियों पर हमले नहीं थे, बल्कि ये भारत की आत्मा और उसकी पवित्र ज्ञान परंपरा पर किए गए हमले थे।

उन्होंने आगे बताया कि आचार्य का यह दृढ़ विश्वास था कि भारत की आध्यात्मिक चेतना की रक्षा के लिए संस्कृत का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उनके लिए, देशभक्ति महज़ एक भावना नहीं, बल्कि एक पवित्र संकल्प था। अपने पूरे जीवनकाल में, उन्होंने संस्कृत और भारतीय संस्कृति के पुनरुद्धार तथा संरक्षण के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया।

उद्घाटन सत्र में श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मुरलीमनोहर पाठक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। अध्यक्षीय उद्बोधन साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री माधव कौशिक ने दिया। श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री भागीरथी नंदा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट का विमोचन था, जो संस्कृत विद्वत्ता और भारतीय संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान की पहचान के रूप में किया गया। इस डाक टिकट का विमोचन संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपराओं के संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति इस विद्वान की आजीवन सेवा को दी गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय श्रद्धांजलि थी।

इस संगोष्ठी में तीन अकादमिक सत्र आयोजित किए गए, जो आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी के योगदान के विभिन्न पहलुओं को समर्पित थे।

पहला सत्र “आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी: वैदिक संस्कृति के एक महान संवर्धक” पर केंद्रित था, जिसकी अध्यक्षता रमाकांत पांडे ने की। इस सत्र में प्रकाश पंत, कीर्ति वल्लभ शाक्ता और अनिल कुमार ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

दूसरे सत्र में “आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी: पौराणिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और तीर्थयात्रा संस्कृति के एक अग्रणी संवर्धक” विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता बिहारी लाल शर्मा ने की, जिसमें राम विनय सिंह, राधे श्याम गंगवार और सर्वेश कुमार तिवारी ने प्रस्तुतियाँ दीं।

तीसरे सत्र में “आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी: संस्कृत, संस्कृति और संस्कारों के एक दूत” विषय पर चर्चा की गई। इस सत्र की अध्यक्षता ओम नाथ बिमाली ने की, जिसमें प्रेम शंकर शर्मा, भारतेंदु पांडे और सुनील जोशी ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।

समापन सत्र हरेकृष्ण शतपथी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। समापन भाषण महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति शिवशंकर मिश्र ने दिया। साहित्य अकादमी के उप सचिव एन. सुरेश बाबू ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

देश भर से विद्वानों, शिक्षाविदों, संस्कृत साहित्यकारों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने इस संगोष्ठी में उत्साहपूर्वक भाग लिया और संस्कृत अध्ययन, भारतीय दर्शन तथा सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में आचार्य श्री दिनेश चंद्र जोशी के योगदान की चिरस्थायी प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया।

समारोह के आयोजकों ने राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर शैक्षणिक और विद्वत्तापूर्ण पहलों के माध्यम से संस्कृत भाषा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

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केंद्रीय मंत्री श्री जयंत चौधरी ने युगांडा के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया

नई दिल्ली – भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री, श्री जयंत चौधरी हाल ही में युगांडा गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम जनरल योवेरी कगुटा मुसेवेनी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए युगांडा गए थे।

श्री चौधरी ने अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुसेवेनी को उनके सातवें कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारत की जनता की ओर से बधाई दी और सद्भावना का संदेश दिया। श्री चौधरी ने राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने में राजनीतिक निरंतरता और स्थिरता के महत्व के बारे में चर्चा करते हुए, युगांडा की निरंतर प्रगति को स्‍वीकारा और युगांडा तथा अफ्रीकी महाद्वीप के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को सुदृढ़ करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

श्री चौधरी ने जिंजा में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू-आई) युगांडा परिसर (कैंपस) का भी दौरा किया, जो भारत का पहला विदेशी सार्वजनिक शैक्षणिक कैंपस है। इस कैंपस में अक्टूबर 2025 में पहले बैच के छात्रों का नामांकन किया था।

श्री चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह कैंपस बहु-विषयक फोरेंसिक विज्ञान, अनुसंधान एवं विकास और क्षमता निर्माण के उत्कृष्ट केंद्र बन कर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान भारत और अफ्रीका के बीच सहयोग, मित्रता और साझा आकांक्षाओं की भावना का प्रतीक है।

श्री चौधरी ने कंपाला में भारतीय प्रवासियों के साथ भी बातचीत की, जो भारत और युगांडा के लोगों के बीच प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाते हैं। इस यात्रा से युगांडा के साथ सहयोग और बढ़ाने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को और बल मिला है।

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श्री तोखन साहू ने कार्यालय जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया, नागरिकों से ईंधन संरक्षण अभियान में सहयोग करने का अनुरोध किया

ईंधन की हर एक बूंद की बचत भारत के भविष्य और गौरव की रक्षा करती है: श्री तोखन साहू

नई दिल्ली – आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन संरक्षण की अपील के समर्थन में अपने आवास से संकल्प भवन तक 3 किलोमीटर साइकिल चलाई, जिससे उन्होंने संपोषित शहरी गतिशीलता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा का एक सशक्त संदेश दिया।

इस मौके पर बोलते हुए श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की कोविड काल के समय जैसे घर से काम करना, ऑनलाइन कक्षाएं, वर्चुअल मीटिंग और पेट्रोल व डीजल की खपत कम करना आदि को पुनर्जीवित करने की अपील मौजूदा अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में समयोचित और प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि ऐसे तरीके व्यापक तौर पर राष्ट्रहित में हैं और प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह राष्ट्र की सेवा के रूप में इस सामूहिक प्रयास में योगदान दे।

श्री साहू ने इस विषय पर जोर दिया कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता ही नहीं, बल्कि एक पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और एक सामूहिक राष्ट्रीय कर्तव्य भी है, जो चुनौतीपूर्ण समय में देश को मजबूत बना सकता है। उन्होंने कहा, “बचाया हुआ ईंधन का हर लीटर राष्ट्र के व्यापक हित में योगदान देता है। ऐसे समय में जब देश सामूहिक तौर पर स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहा है, नागरिक जीवनशैली में छोटे-छोटे लेकिन सचेत बदलाव लाकर सार्थक योगदान दे सकते हैं।”

श्री साहू ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उदाहरण का अनुसरण करते हुए केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने अपने काफिले को 50 प्रतिशत तक कम करना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि निजी कार्रवाई के माध्यम से नेतृत्व करना एक सशक्त संदेश देता है और व्यापक जनभागीदारी को प्रेरित करता है।

जनभागीदारी और देशभक्ति का व्यापक संदेश देते हुए श्री साहू ने कहा, “संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रीय सेवा की ओर एक कदम है, और बचाए गए ईंधन की हर बूंद भारत के भविष्य और गौरव की रक्षा करती है।”

उन्होंने जनता से इस आंदोलन में सक्रिय तौर पर भाग लेने की अपील करते हुए नागरिकों से अनुरोध किया कि वे जहां भी संभव हो, सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक बस, साइकिल चलाने और कारपूलिंग को अपनाकर पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें।

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राजस्थान को मिला पहला सेमीकंडक्टर प्लांट

भिवाड़ी में सहस्रा सेमीकंडक्टर्स द्वारा भारत के पहले एसएमई-नेतृत्व वाले सेमीकंडक्टर प्लांट का शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग में राजस्थान के प्रवेश की सराहना की

सलारपुर में ईएलसीआईएनए द्वारा विकसित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) का भी उद्घाटन किया गया

नई दिल्ली – राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा स्थित सलारपुर में ईएलसीआईएनए द्वारा विकसित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) और सहस्रा सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर एटीएमपी/ओएसएटी प्लांट का आज उद्घाटन किया गया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से इनका शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव भी उपस्थिति रहे।

यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर के लिए वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह प्रगति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी दूरदर्शी योजनाओं द्वारा संचालित है।

श्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित किया। श्री अश्विनी वैष्णव ने इस दिन को राजस्थान के लिए ऐतिहासिक दिन बताया, क्योंकि राज्य सेमीकंडक्टर उद्योग में प्रवेश कर रहा है। यह भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से विश्व स्तर पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उद्योग है।

उन्होंने पिछले 12 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की तीव्र प्रगति की जानकारी दी। इस दौरान उत्पादन 6 गुना बढ़कर लगभग ₹13 लाख करोड़ तक पहुंच गया है; और निर्यात बढ़कर लगभग ₹4.24 लाख करोड़ हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मोबाइल फोन अब भारत की शीर्ष निर्यात वस्तु बन गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया, जिन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर को ‘फोकस सेक्टर’ (केंद्रित क्षेत्रों) के रूप में प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (ईसीएमएस), ‘इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स’ (ईएमसी), ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (आईएसएम) और ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ (पीएलआई) जैसी योजनाओं को राज्य सरकारों और उद्योगों के साथ मिलकर व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा रहा है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य सरकार ने मार्च 2026 में ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति’ जारी की है। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के नज़दीकी क्षेत्र को विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता बताया है।

केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि पहले भिवाड़ी क्षेत्र मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहाँ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

ईएलसीआईएनए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी)

भिवाड़ी में इस क्लस्टर को 50.3 एकड़ ज़मीन पर ₹46.09 करोड़ की परियोजना लागत से विकसित किया गया है। भारत सरकार ने ईएमसी योजना के तहत ₹20.24 करोड़ की प्रत्यक्ष सहायता दी है।

इस क्लस्टर को मैसर्स ईएलसीआईएनए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड (एसपीवी) ने बनाया है। यह ईएलसीआईएनए के बैनर तले एमएसएमई उद्योगपतियों की मिली-जुली पहल है।

इसमें दुनिया-भर की बेहतरीन अवसंरचना सुविधाएँ हैं, जिनमें बिना रुकावट बिजली और पानी की सप्लाई, अंदरूनी सड़कें, एक ही जगह से संचालित प्रशासनिक सुविधाएँ, परीक्षण और प्रशिक्षण केंद्र और स्मार्ट क्लासरूम एवं लैब वाला विशेष कौशल विकास केंद्र शामिल हैं।

यह क्लस्टर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के पास विशेष स्थान पर बना है, जहाँ सड़क, रेल और हवाई जहाज़ से आने-जाने की बढ़िया सुविधाएँ हैं। इसके साथ ही आशा है कि यह क्लस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स के पुर्ज़े बनाने का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।

ईएमसी ने अब तक 20 कंपनियों से ₹1,200 करोड़ से ज़्यादा के निवेश की योजनाएँ आकर्षित की हैं। ये कंपनियाँ सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़ों से लेकर एयर कंडीशनर, आरएफआईडी प्रौद्योगिकी, ईवी के पुर्ज़े और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं। अभी ग्यारह कंपनियाँ काम कर रही हैं, जिनमें कुल ₹900 करोड़ से ज़्यादा का निवेश हुआ है, और जिनसे 2,700 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार मिला है।

इस क्लस्टर में काम कर रही मुख्य कंपनियों में Aisan Fiem Industries, E-Pack Durable, Sahasra Semiconductor, Sahasra Electronics, Varada Green Energy, Duggar Power Products और Electronics Sector Skill Council of India इत्यादि शामिल हैं।

सेमीकंडक्टर एटीएमपी/ओएसएटी सुविधा

मैसर्स सहस्रा सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का यह प्लांट भारत का पहला लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) है जिसने सेमीकंडक्टर चिप्स का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की ‘इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना’ (एसपीईसीएस) के तहत विकसित, यह प्लांट ₹150 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ स्थापित किया गया है। यह 57,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और इसमें क्लास 10K और 100K क्लीनरूम्स लगे हैं। इस प्लांट में Micro SD और फ्लैश स्टोरेज जैसे उत्पादों के लिए मेमोरी चिप्स, साथ ही LED ड्राइवर ICs, eSIMs और RFID उत्पादों की पैकेजिंग की जाएगी।

इस प्लांट की वर्तमान में 60 मिलियन सेमीकंडक्टर यूनिट्स की वार्षिक पैकेजिंग क्षमता है, जिसमें SPECS-समर्थित अनुमानित क्षमता लगभग 43 मिलियन यूनिट्स है। अगले 2-3 वर्षों में इसकी वार्षिक क्षमता को बढ़ाकर लगभग 400-600 मिलियन यूनिट्स तक ले जाने की योजना है।

यह प्लांट पहले से ही अपने उत्पादन का 60% से अधिक हिस्सा वैश्विक बाजारों में निर्यात कर रहा है, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और पूर्वी यूरोप, चीन और नेपाल शामिल हैं।

यह प्लांट अब अपने स्वयं के उत्पादअनुसंधान एवं विकास (R&D) की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें LED ड्राइवर चिप्स और अन्य सेमीकंडक्टर उत्पाद शामिल हैं। यह ESSCI और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और हाई-टेक विनिर्माण में युवाओं के प्रशिक्षण में भी सहायता करेगा।

वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपील के मद्देनज़र यह कार्यक्रम वर्चुअली आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने जहाँ भी संभव हो, ईंधन के उपयोग को कम करने का आग्रह किया था।

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नशा मुक्ति मित्र : नशा मुक्त भारत अभियान के लिए एक क्रांतिकारी कदम

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए हर आम नागरिक का आह्वान किया

केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने देश भर के प्रत्येक नागरिक से ‘नशा मुक्ति मित्र’ बनने और ‘नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए)’ में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। एनएमबीए ऐप 2.0 में उन्नत सुविधाओं के शुभारंभ के साथ अब नशा मुक्ति मित्र बनना हर उस आम नागरिक के लिए सरल, सुलभ और प्रभावशाली हो गया है, जो नशामुक्त भारत में अपना योगदान देना चाहता है।

‘नशा मुक्ति मित्र’ की परिकल्पना एक शक्तिशाली नागरिक-संचालित आंदोलन के रूप में की गई है, जो नशीली दवाओं (मादक पदार्थ) के दुरुपयोग के खिलाफ इस राष्ट्रीय अभियान में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। यह आम नागरिकों को मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ जमीनी स्तर पर अपनी ऊर्जा और प्रतिबद्धता को ठोस कार्रवाई में बदलने के लिए एक व्यवस्थित मंच प्रदान करता है।

मुख्य विशेषताएं:

  • अब तक 28,000 से अधिक नशा मुक्ति मित्र पंजीकृत हो चुके हैं और जागरूकता अभियान, परामर्श सहायता, शीघ्र निदान और पुनर्वास सहायता के माध्यम से अपने समुदायों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
  • आयु, पेशे या पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना कोई भी व्यक्ति अब एनएमबीए ऐप 2.0 के माध्यम से नशा मुक्ति मित्र के रूप में अपना नाम दर्ज करवा सकता है।
  • सफलतापूर्वक नाम दर्ज हो जाने पर मित्रों को इस नेक कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में एक आधिकारिक मान्यता प्रमाण पत्र और प्रतिष्ठित एनएमबीए बैज प्राप्त होता है।
  • यह प्लेटफॉर्म सभी के लिए खुला है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का मानना ​​है कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी नशा मुक्त भारत अभियान को अभूतपूर्व गति प्रदान करेगी। मादक पदार्थों की लत व्यक्तियों, परिवारों और पूरे समुदायों को नष्ट कर देती है। नशा मुक्ति मित्र बनकर नागरिक मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने, जागरूकता फैलाने, प्रभावित परिवारों की सहायता करने और इस खतरे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच बनाने में सीधी भूमिका निभा सकते हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा, ‘नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं – ये एक राष्ट्रीय संकल्प है। नशा मुक्ति मित्र के माध्यम से हम इस आंदोलन का लोकतंत्रीकरण कर रहे हैं। हर वो भारतीय जो बढते नशे के खतरे से आहत है, उसके पास अब कदम उठाने के लिए एक औपचारिक मंच है। हम छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, पेशेवरों, सेवानिवृत्त नागरिकों और युवाओं से एनएमबीए ऐप 2.0 डाउनलोड करने, नशा मुक्ति मित्र के रूप में पंजीकरण करने और समाज में वह बदलाव करने का आग्रह करते हैं, जिसे वे देखना चाहते हैं। साथ मिलकर हम एक अधिक स्वस्थ, मजबूत और नशा मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।”

नशा मुक्ति मित्र कैसे बनें:

  1. गूगल प्ले स्टोर से ‘एनएमबीए ऐप 2.0’  डाउनलोड करें।
  2. ऐप पर पंजीकरण करें और नशा मुक्ति मित्र के लिए सरलता से नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी करें।
  3. अपना डिजिटल प्रमाणपत्र और एनएमबीए बैज प्राप्त करें।
  4. अपने इलाके में जागरूकता गतिविधियों, सामुदायिक पहुंच और सहायता पहलों के माध्यम से योगदान देना शुरू करें।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग समाज के सभी वर्गों – विशेष रूप से युवाओं, शिक्षकों, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय नेतृत्व से आगे आने और इस अवसर का लाभ उठाने की अपील करता है। आपका आज का उठाया गया एक कदम कल कई जिंदगियां बचा सकता है।

आइये हाथ मिलायें. आइए हम नशा मुक्ति मित्र बनें। आइये एक नशा मुक्त भारत बनाएं।

अधिक जानकारी के लिए, आधिकारिक एनएमबीए वेबसाइट पर जाएं या एनएमबीए ऐप 2.0 डाउनलोड करें।

एनएमबीए ऐप:

https://play.google.com/store/search?q=nasha+mukt+bharat+abhiyan&c=apps&hl=en

https://www.instagram.com/nashamuktbharatabhiyaan/

https://x.com/NMBA_MSJE

https://www.youtube.com/@nashamuktbharatabhiyaan4550

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भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाते हुए आईओएस सागर कोलंबो बंदरगाह पर ठहरा

नई दिल्ली – 16 मैत्रीपूर्ण विदेशी देशों (एफएफसी) के कर्मियों द्वारा संचालित भारतीय महासागर पोत (आईओएस) सागर, हिन्‍द महासागर क्षेत्र में अपनी जारी परिचालन तैनाती के अंतर्गत 15 मई 2026 को कोलंबो बंदरगाह पहुँचा। श्रीलंकाई जलक्षेत्र में पोत का प्रवेश भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना (एसएलएन) के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और अंतर-संचालनीयता को रेखांकित करता है। आगमन पर, आईओएस सागर को श्रीलंका नौसेना के एक पोत द्वारा बंदरगाह तक पहुँचाया गया।

कोलंबो बंदरगाह पर इस तीन दिवसीय ठहराव का उद्देश्य समुद्री सहयोग को और सुदृढ़ करना तथा क्षेत्र में सहयोगात्मक सुरक्षा संरचना को मजबूत बनाना है।

इस यात्रा के दौरान, आईओएस सागर के कमांडिंग अधिकारी द्वारा श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ नेतृत्व, जिसमें कमांडर वेस्टर्न नेवल एरिया तथा फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग नेवल फ्लीट शामिल हैं, से भेंट किया जाना भी निर्धारित है। कमांडिंग अधिकारी कोलंबो में भारत के उच्चायुक्त से भी भेंट करेंगे। इसके अतिरिक्त, श्रीलंका नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ द्वारा पोत का दौरा किया जाना तथा पोत पर सवार बहुराष्ट्रीय चालक दल के साथ संवाद किया जाना भी निर्धारित है।

व्यावसायिक एवं सांस्कृतिक सहभागिताओं के अंतर्गत, आईओएस सागर का बहुराष्ट्रीय चालक दल आईओएस सागर 2026 तैनाती के उद्देश्यों को रेखांकित करने वाले मीडिया संवादों में भाग लेगा। भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के कर्मियों के बीच सौहार्द तथा दल भावना को प्रोत्साहित करने हेतु वॉलीबॉल और बास्केटबॉल मैचों सहित, मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबलों की भी योजना बनाई गई है।

बंदरगाह पर ठहराव के दौरान पोत को आगंतुकों के लिए खुला रखा जाएगा, जहाँ श्रीलंका नौसेना के कर्मियों, स्कूली बच्चों तथा कोलंबो स्थित भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों के आगमन की अपेक्षा है।

आधिकारिक सहभागिताओं के अतिरिक्त, आईओएस सागर का चालक दल जन-से-जन संबंधों तथा पारस्परिक समझ को और गहरा करने के उद्देश्य से कोलंबो बंदरगाह, गाले, कैंडी तथा पिन्नावाला के सांस्कृतिक भ्रमण और व्यावसायिक दौरों पर जाएगा।

आईओएस सागर 18 मई 2026 को श्रीलंका नौसेना के साथ एक पैसेज एक्सरसाइज (पासेक्स) के साथ कोलंबो से प्रस्थान करेगा।

कोलंबो के लिए आईओएस सागर की यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति तथा हिन्‍द महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतिबिंब है।

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रांची समाहरणालय अवस्थित विभिन्न कार्यालयों को औचक निरीक्षण

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा किया गया औचक निरीक्षण

पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की जांच, आईडेंटिटी कार्ड नहीं पहनने पर क्लर्क को शोकॉज

अनुकंपा पर नियुक्त कर्मियों को कार्य प्रशिक्षण देने पर जोर

अग्निशामक यंत्रों की जांच, सभी तल्लों में फंक्शनल यंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश

कुष्ठ पीड़ित समाज की समस्या पर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने दिखाई संवेदनशीलता

रांची,15.05.2026 – आज शाम 04ः35 बजे जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा समाहरणालय स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अलग-अलग कार्यालयों में पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की जांच की। अनुपस्थित पाये गये कर्मियों के संबंध में यह भी सत्यापित किया गया कि उनके द्वारा अवकाश हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है अथवा नहीं। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि कार्यालयों में अनुशासन एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की प्राथमिक आवश्यकता है।

आईडेंटिटी कार्ड नहीं पहनने पर क्लर्क को शोकॉज

निरीक्षण के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों के टेबल पर स्पष्ट रूप से नेम प्लेट प्रदर्शित करने तथा प्रत्येक कर्मी के लिए पहचान पत्र धारण करने की भी जांच की। पंचायती राज कार्यालय में एक लिपिक के पहचान पत्र धारण नहीं करने पर उन्होंने शोकॉज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को कार्यालय में आने पर संबंधित कर्मी की पहचान में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

अनुकंपा पर नियुक्त कर्मियों को कार्य प्रशिक्षण देने पर जोर

विभिन्न कार्यालयों में अनुकंपा के आधार पर पदस्थापित कर्मियों को दिये गये कार्यों की भी जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा जानकारी ली गयी। उन्होंने संबंधित कार्यालय प्रधानों से जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि ऐसे कर्मियों को कार्यालय के कार्यों की समुचित जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाये, ताकि वे दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से कर सकें। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सभी कर्मियों को कार्य की स्पष्ट समझ होना आवश्यक है।

अग्निशामक यंत्रों की जांच, सभी तल्लों में फंक्शनल यंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश

समाहरणालय भवन के विभिन्न फ्लोर में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अग्निशामक यंत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया गया। उन्होंने जिला नजारत उपसमाहर्त्ता को निर्देश दिया कि सभी तल्लों में अग्निशामक यंत्रों का अधिष्ठापन सुनिश्चित किया जाये तथा यह भी देखा जाये कि सभी यंत्र पूरी तरह फंक्शनल हों। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी।

समाहरणालय परिसर की सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा समाहरणालय भवन की छत का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने का निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए पानी जमा होने की स्थिति नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चौकीदारों को 24 घंटे समाहरणालय परिसर की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।

कुष्ठ पीड़ित समाज की समस्या पर उपायुक्त ने दिखाई संवेदनशीलता

निरीक्षण के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की नजर तीसरे तल्ले में खड़े एक व्यक्ति पर पड़ी। पूछताछ करने पर उसने बताया कि निर्मल आवास परिसर में रहने वाले कुष्ठ पीड़ित समाज के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित पदाधिकारी को वहां बोरिंग कराने का निर्देश दिया।

समाहरणालय में अन्य व्यवस्था का जायजा लेते हुए भी जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये ।

इस दौरान अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वरनाथ आलोक, नजारत उपसमाहर्त्ता श्री सुदेश कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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गेतलसूद डैम परिसर में बनाये जा रहे कम्यूनिटी सेंटर की कार्यप्रगति से संबंधित समीक्षात्मक बैठक

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

कम्यूनिटी सेंटर निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा नौका विहार में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

रांची,15.05.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 15.05.2026 को गेतलसूद डैम परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा बनाये जा रहे कम्यूनिटी सेंटर की कार्यप्रगति से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी।

समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी।

बैठक में वन प्रमण्डल पदाधिकारी रांची, प्रभारी उपविकास आयुक्त-सह-परियोजना निदेशक आईटीडीए, अपर समाहर्त्ता रांची, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर, जिला अभियंता, जिला खेल पदाधिकारी, संबंधित अंचल अधिकारी, स्वर्ण रेखा विद्युत परियोजना के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने गेतलसूद डैम परिसर में निर्माणाधीन कम्यूनिटी सेंटर की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्य एजेंसी को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं समयसीमा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि यह केंद्र पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों एवं आगंतुकों के लिए उपयोगी एवं आकर्षक सुविधा के रूप में विकसित हो सके।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा गेतलसूद डैम में संचालित नौका विहार व्यवस्था की भी समीक्षा की गयी। इस दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा नौका विहार के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित कर्मी एवं आपातकालीन व्यवस्था हर हाल में उपलब्ध रहनी चाहिए।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटन गतिविधियों के संचालन में सुरक्षा एवं सुविधा दोनों पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित एवं बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके।

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झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (बैकलॉग) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के सफल एवं कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार सभी केंद्राधीक्षकों के साथ ब्रीफिंग

पारदर्शी एवं कदाचारमुक्त परीक्षा आयोजन को लेकर सभी केंद्राधीक्षकों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

17.05.2026 को रांची के 64 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होगी परीक्षा

रांची ,15.05.2026 – झारखंड लोक सेवा आयोग, रांची द्वारा आयोजित झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा (बैकलॉग) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-05/2026) के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं कदाचारमुक्त आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज समाहरणालय परिसर स्थित ब्लॉक-बी के कक्ष संख्या-505 में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी केंद्राधीक्षकों के साथ ब्रीफिंग आयोजित की गई।

बैठक में अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वरनाथ आलोक ने आयोग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों की बिंदुवार जानकारी देते हुए सभी केंद्राधीक्षकों को परीक्षा संचालन के प्रत्येक चरण में पूर्ण सतर्कता, अनुशासन एवं समयबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में 17 मई 2026 को आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बताया गया कि परीक्षा रांची जिले के कुल 64 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होगी। सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने हेतु प्रशासनिक स्तर पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

अपर जिला दण्डाधिकारी द्वारा निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अनुचित साधनों के प्रयोग अथवा फर्जी परीक्षार्थियों की गतिविधियों को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि केंद्रों के भीतर एवं बाहर शांति व्यवस्था कायम रहे। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा गया।

परीक्षा संचालन में किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने हेतु चिकित्सा दल, एंबुलेंस सेवा, अग्निशमन इकाइयों एवं अन्य आपातकालीन संसाधनों को पूरी तरह सक्रिय एवं तैयार रखने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा किसी भी भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी रांची सदर श्री कुमार रजत, अपर समाहर्ता श्री राम नारायण सिंह, पदाधिकारी श्रीमती सारिका भगत, कार्यपालक दंडाधिकारी अमृता खाखा सहित परीक्षा संचालन से जुड़े सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा पूर्णतः निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो, अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम पूरी तत्परता से उठाए जा रहे हैं।

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पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी

बिग ब्रेकिंग: 

रांची,15.05.2026 – ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर अब सीधे-सीधे भारत पर पड़ता नजर आ रहा है। सुबह-सुबह भारतीयों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपए की बढ़ोतरी हो गई है।

मिडिल-ईस्ट जंग की शुरुआत के बाद से ये पहली बार है जब भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है।

बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से फ्यूल बचाने की अपील की थी। उन्होंने वर्क फ्रॉम करने और निजी वाहनों के कम इस्तेमाल पर जोर दिया था। तभी से ऐसे संकेत मिल रहे थे कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

पेट्रोल और डीजल के नए दाम शुक्रवार (15 मई 2026) से लागू हो गए हैं।

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