Surprise Inspection of Various Offices Located at the Ranchi Collectorate

रांची समाहरणालय अवस्थित विभिन्न कार्यालयों को औचक निरीक्षण

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा किया गया औचक निरीक्षण

पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की जांच, आईडेंटिटी कार्ड नहीं पहनने पर क्लर्क को शोकॉज

अनुकंपा पर नियुक्त कर्मियों को कार्य प्रशिक्षण देने पर जोर

अग्निशामक यंत्रों की जांच, सभी तल्लों में फंक्शनल यंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश

कुष्ठ पीड़ित समाज की समस्या पर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने दिखाई संवेदनशीलता

रांची,15.05.2026 – आज शाम 04ः35 बजे जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा समाहरणालय स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अलग-अलग कार्यालयों में पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की जांच की। अनुपस्थित पाये गये कर्मियों के संबंध में यह भी सत्यापित किया गया कि उनके द्वारा अवकाश हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है अथवा नहीं। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि कार्यालयों में अनुशासन एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की प्राथमिक आवश्यकता है।

आईडेंटिटी कार्ड नहीं पहनने पर क्लर्क को शोकॉज

निरीक्षण के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों के टेबल पर स्पष्ट रूप से नेम प्लेट प्रदर्शित करने तथा प्रत्येक कर्मी के लिए पहचान पत्र धारण करने की भी जांच की। पंचायती राज कार्यालय में एक लिपिक के पहचान पत्र धारण नहीं करने पर उन्होंने शोकॉज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को कार्यालय में आने पर संबंधित कर्मी की पहचान में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

अनुकंपा पर नियुक्त कर्मियों को कार्य प्रशिक्षण देने पर जोर

विभिन्न कार्यालयों में अनुकंपा के आधार पर पदस्थापित कर्मियों को दिये गये कार्यों की भी जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा जानकारी ली गयी। उन्होंने संबंधित कार्यालय प्रधानों से जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि ऐसे कर्मियों को कार्यालय के कार्यों की समुचित जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाये, ताकि वे दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से कर सकें। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सभी कर्मियों को कार्य की स्पष्ट समझ होना आवश्यक है।

अग्निशामक यंत्रों की जांच, सभी तल्लों में फंक्शनल यंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश

समाहरणालय भवन के विभिन्न फ्लोर में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अग्निशामक यंत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया गया। उन्होंने जिला नजारत उपसमाहर्त्ता को निर्देश दिया कि सभी तल्लों में अग्निशामक यंत्रों का अधिष्ठापन सुनिश्चित किया जाये तथा यह भी देखा जाये कि सभी यंत्र पूरी तरह फंक्शनल हों। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी।

समाहरणालय परिसर की सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा समाहरणालय भवन की छत का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने का निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए पानी जमा होने की स्थिति नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चौकीदारों को 24 घंटे समाहरणालय परिसर की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।

कुष्ठ पीड़ित समाज की समस्या पर उपायुक्त ने दिखाई संवेदनशीलता

निरीक्षण के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की नजर तीसरे तल्ले में खड़े एक व्यक्ति पर पड़ी। पूछताछ करने पर उसने बताया कि निर्मल आवास परिसर में रहने वाले कुष्ठ पीड़ित समाज के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित पदाधिकारी को वहां बोरिंग कराने का निर्देश दिया।

समाहरणालय में अन्य व्यवस्था का जायजा लेते हुए भी जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये ।

इस दौरान अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वरनाथ आलोक, नजारत उपसमाहर्त्ता श्री सुदेश कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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