अस्पतालों में फायर सेफ्टी एवं इलेक्ट्रिकल ऑडिट को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इक्यूपमेंट्स, आईसीयू में संचालित एसी एवं जेनरेटर का विशेषज्ञों से नियमित ऑडिट करायें अस्पताल – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री
पैसे के अभाव में बिल नहीं चुका पाने वाले मरीज के शव को परिजनों को नहीं सौंपना राज्य सरकार के आदेश एवं क्लिनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री
अल्ट्रासाउण्ड सेंटर्स को लिंग निर्धारण संबंधी कानून का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
अल्ट्रासाउण्ड सेंटर को अपने निबंधन की वैधता समाप्त होने से पूर्व नवीकरण हेतु आवेदन करने का निर्देश
अस्पतालों को डेंगू, मलेरिया, टीबी एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से संबंधित मरीजों की सूचना समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश
डॉक्टर्स एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ के प्रमाण पत्रों की जांच करने का निर्देश
मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार रखने पर भी विशेष जोर
रांची,16.05.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज दिनांक 16.05.2026 को समाहरणालय स्थित सभागार में जिले में संचालित निजी अस्पतालों के प्रबंधकों/प्रतिनिधियों एवं इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सिविल सर्जन श्री प्रभात कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी-सह-हेल्थ नोडल पदाधिकारी श्री राजेश साहू, जिला समन्वयक आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न निजी अस्पतालों एवं इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी एवं इलेक्ट्रिकल ऑडिट को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में लगे इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इक्यूपमेंट्स, आईसीयू में संचालित एसी एवं जेनरेटर का विशेषज्ञों से नियमित ऑडिट कराया जाये ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउण्ड सेंटरों को लिंग निर्धारण संबंधी कानून का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी सेंटर की संलिप्तता लिंग निर्धारण जैसे अवैध कार्य में पायी जाती है तो संबंधित संस्थान एवं व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही सभी अल्ट्रासाउण्ड सेंटरों को अपने निबंधन की वैधता समाप्त होने से पूर्व नवीकरण हेतु आवेदन करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अस्पतालों द्वारा मरीजों के शव रोकने की शिकायतों पर भी जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में बिल नहीं चुका पाने वाले मरीज के शव को परिजनों को नहीं सौंपना राज्य सरकार के आदेश एवं क्लिनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन है। सभी अस्पतालों को कानून एवं राज्य सरकार के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत अस्पतालों को किये जाने वाले भुगतान की भी समीक्षा की गयी। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अस्पतालों को स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन के अनुसार प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया ताकि भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों का एफिलिएशन रद्द किया जा सकता है।
बैठक में सभी अस्पतालों को डेंगू, मलेरिया, टीबी एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से संबंधित मरीजों की सूचना समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि संबंधित क्षेत्रों में बीमारी की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अस्पताल प्रबंधन को बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल में निर्धारित नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डॉक्टर्स एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ के प्रमाण पत्रों की नियमित जांच करने तथा मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
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