IOS Sagar docks at Colombo Port, furthering India-Sri Lanka maritime cooperation

भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाते हुए आईओएस सागर कोलंबो बंदरगाह पर ठहरा

नई दिल्ली – 16 मैत्रीपूर्ण विदेशी देशों (एफएफसी) के कर्मियों द्वारा संचालित भारतीय महासागर पोत (आईओएस) सागर, हिन्‍द महासागर क्षेत्र में अपनी जारी परिचालन तैनाती के अंतर्गत 15 मई 2026 को कोलंबो बंदरगाह पहुँचा। श्रीलंकाई जलक्षेत्र में पोत का प्रवेश भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना (एसएलएन) के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और अंतर-संचालनीयता को रेखांकित करता है। आगमन पर, आईओएस सागर को श्रीलंका नौसेना के एक पोत द्वारा बंदरगाह तक पहुँचाया गया।

कोलंबो बंदरगाह पर इस तीन दिवसीय ठहराव का उद्देश्य समुद्री सहयोग को और सुदृढ़ करना तथा क्षेत्र में सहयोगात्मक सुरक्षा संरचना को मजबूत बनाना है।

इस यात्रा के दौरान, आईओएस सागर के कमांडिंग अधिकारी द्वारा श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ नेतृत्व, जिसमें कमांडर वेस्टर्न नेवल एरिया तथा फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग नेवल फ्लीट शामिल हैं, से भेंट किया जाना भी निर्धारित है। कमांडिंग अधिकारी कोलंबो में भारत के उच्चायुक्त से भी भेंट करेंगे। इसके अतिरिक्त, श्रीलंका नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ द्वारा पोत का दौरा किया जाना तथा पोत पर सवार बहुराष्ट्रीय चालक दल के साथ संवाद किया जाना भी निर्धारित है।

व्यावसायिक एवं सांस्कृतिक सहभागिताओं के अंतर्गत, आईओएस सागर का बहुराष्ट्रीय चालक दल आईओएस सागर 2026 तैनाती के उद्देश्यों को रेखांकित करने वाले मीडिया संवादों में भाग लेगा। भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के कर्मियों के बीच सौहार्द तथा दल भावना को प्रोत्साहित करने हेतु वॉलीबॉल और बास्केटबॉल मैचों सहित, मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबलों की भी योजना बनाई गई है।

बंदरगाह पर ठहराव के दौरान पोत को आगंतुकों के लिए खुला रखा जाएगा, जहाँ श्रीलंका नौसेना के कर्मियों, स्कूली बच्चों तथा कोलंबो स्थित भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों के आगमन की अपेक्षा है।

आधिकारिक सहभागिताओं के अतिरिक्त, आईओएस सागर का चालक दल जन-से-जन संबंधों तथा पारस्परिक समझ को और गहरा करने के उद्देश्य से कोलंबो बंदरगाह, गाले, कैंडी तथा पिन्नावाला के सांस्कृतिक भ्रमण और व्यावसायिक दौरों पर जाएगा।

आईओएस सागर 18 मई 2026 को श्रीलंका नौसेना के साथ एक पैसेज एक्सरसाइज (पासेक्स) के साथ कोलंबो से प्रस्थान करेगा।

कोलंबो के लिए आईओएस सागर की यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति तथा हिन्‍द महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतिबिंब है।

**************************