बंगाल की सीएम ने किया 130वें संविधान संशोधन बिल का विरोध
कोलकाता 20 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए 130वें संविधान संशोधन बिल का बंगाल की सत्तारुढ़ तृणमूल के द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। ऐसे में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संशोधन बिल का
विरोध करते हुए इसे ‘गणतंत्र की मौत की घंटा’ करार दिया है। उन्होंने इसे हिटलरी बिल बताया और कहा कि इसके माध्यम से जनता के मूल अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर खतरा है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह “आपातकाल से भी बड़ा” कदम है और भारत में लोकतांत्रिक युग को हमेशा के लिए “खत्म” कर देगा।
ममता बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार ने आज संसद में तीन संविधान संशोधन विधेयक पेश किए है।
इस विधेयक के तहत किसी प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार या हिरासत में रखने पर पद से हटाया जा सकेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉरम एक्स पर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने एक पोस्ट शेयर कर दावा किया कि प्रस्तावित कानून देश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खत्म कर देगा।
उन्होंने कहा कि मैं भारत सरकार द्वारा आज पेश किए जाने वाले 130वें संविधान संशोधन विधेयक की निंदा करती हूं। मैं इसे एक ऐसे कदम के रूप में निंदा करती हूं जो किसी आपातकाल से भी बढ़कर है और भारत के लोकतांत्रिक युग को हमेशा के लिए समाप्त करने वाला कदम है। यह कठोर कदम भारत में लोकतंत्र और संघवाद के लिए मृत्यु-घंटा है।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया, इस विधेयक का उद्देश्य ‘एक व्यक्ति-एक दल-एक सरकार’ की व्यवस्था को मजबूत करना है। यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे को कुचलता है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए इस विधेयक का हर कीमत पर विरोध किया जाना चाहिए।
नई दिल्ली,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाले सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में 14 अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
मुख्य न्यायाधीश गवई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की मंगलवार को बैठक हुई. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक बयान में कहा गया, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 19 अगस्त, 2025 को हुई अपनी बैठक में निम्नलिखित अधिवक्ताओं को बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
कॉलेजियम ने अधिवक्ता नंदेश शंकरराव देशपांडे, अमित सत्यवान जामसांडेकर, आशीष सहदेव चव्हाण, वैशाली निंबाजीराव पाटिल-जाधव, अबासाहेब धर्मजी शिंदे और फरहान परवेज दुबाश को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक अलग बयान में कॉलेजियम ने वकील सिद्धेश्वर सुंदरराव थोम्ब्रे, मेहरोज अशरफ खान पठान, रंजीतसिंह राजा भोंसले, संदेश दादासाहेब पाटिल, श्रीराम विनायक शिरसाट, हितेन शामराव वेनेगावकर, रजनीश रत्नाकर व्यास और राज दामोदर वाकोडे को बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. कॉलेजियम जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर की एक प्रणाली है. ये सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों से गठित हुई है.
मुंबई ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बहुप्रतीक्षित गठबंधन की शुरुआत निराशाजनक रही है।
मुंबई में हुए बीईएसटी क्रेडिट सोसायटी के चुनाव परिणामों ने ठाकरे बंधुओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों दलों ने ‘उत्कर्ष पैनल’ के तहत मिलकर 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उनमें से एक भी उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सका।
इस चुनाव में बीईएसटी वर्कर्स यूनियन के नेता शशांक राव के पैनल ने एकतरफा जीत हासिल करते हुए 21 में से 14 सीटों पर कब्जा जमाया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित पैनल ने भी 7 सीटें जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
इन परिणामों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने ठाकरे बंधुओं पर कटाक्ष करते हुए कहा, यह एक सरल गणित है कि दो शून्यों का जोड़ हमेशा शून्य ही होता है। वहीं, इस करारी हार पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इसे एक स्थानीय चुनाव बताकर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (क्चञ्ज) और राज ठाकरे की मनसे ने दशकों पुरानी राजनीतिक दुश्मनी भुलाकर पहली बार एक साथ चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन ने 18 उम्मीदवार शिवसेना (यूबीटी) से, दो मनसे से और एक संबद्ध संघ से मैदान में उतारे थे, लेकिन परिणाम पूरी तरह से उनके खिलाफ रहे।
नई दिल्ली ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनमें दागी प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने का सख्त प्रावधान शामिल है।
इस प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होता है और 30 दिनों तक जेल में रहता है, तो 31वें दिन उसे इस्तीफा देना होगा या उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा।
गृह मंत्री द्वारा पेश किए गए इन तीन विधेयकों में संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।
जैसे ही अमित शाह ने इन बिलों को सदन के पटल पर रखा, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष इन सख्त प्रावधानों को अलोकतांत्रिक बता रहा है।
विपक्षी हंगामे के बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि दागी मुख्यमंत्रियों, प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने से संबंधित इस विधेयक को विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा जाएगा। इसके बावजूद सदन में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
अमरावती ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। विश्व प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर में एक भक्त ने आस्था की मिसाल पेश करते हुए 121 किलोग्राम सोना दान किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 140 करोड़ रुपये है। इस महादान की जानकारी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने खुद सोशल मीडिया पर साझा की।
मुख्यमंत्री नायडू ने गुंटूर जिले के मंगलागिरी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस भक्त की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया, एक भक्त ने तिरुपति बालाजी से अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रार्थना की थी।
भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की कृपा से उन्हें अपने कारोबार में बड़ी सफलता मिली और उन्होंने अपनी कंपनी के शेयर बेचकर 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।
सीएम नायडू ने आगे बताया कि जब उस भक्त को यह पता चला कि मंदिर में भगवान की मूर्ति को प्रतिदिन लगभग 120 किलो सोने के आभूषणों से सजाया जाता है, तो उसने कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए 121 किलो सोना दान करने का संकल्प लिया। भक्त का मानना था कि यह धन उन्हें भगवान वेंकटेश्वर ने ही दिया है, इसलिए वह इसे उन्हीं के चरणों में अर्पित कर रहे हैं।
तिरुपति मंदिर में बड़े दान की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि यहाँ महादान की एक लंबी परंपरा रही है। अंबानी परिवार जैसे देश के शीर्ष उद्योगपतियों से लेकर आम श्रद्धालु तक, सभी अपनी श्रद्धा के अनुसार सोना, हीरे और नकदी अर्पित करते हैं।
इसी साल (2025) की बात करें तो, जनवरी में एक सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी वाईवीएसएस भास्कर राव ने 3.66 करोड़ रुपये की संपत्ति दान की थी, तो वहीं मई में उद्योगपति संजीव गोयनका ने 3.63 करोड़ रुपये का हीरा जडि़त सोने का हार चढ़ाया था।
इसी तरह, जुलाई में चेन्नई स्थित सुदर्शन एंटरप्राइजेज ने भी 2.4 करोड़ रुपये कीमत का 2.5 किलो सोना भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में अर्पित किया था।
नई दिल्ली ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा है कि भारत अब पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने के लिए पहला कदम नहीं उठाएगा। बार-बार धोखा और विश्वासघात झेलने के बाद भारत का धैर्य जवाब दे चुका है।
पूर्व राजदूत सुरेंद्र कुमार की किताब “Whither India-Pakistan Relations Today?”के लोकार्पण अवसर पर थरूर ने कहा कि भारत ने हमेशा अमन की पहल की, लेकिन हर बार पाकिस्तान ने दुश्मनी से जवाब दिया।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू का 1950 का समझौता, अटल बिहारी वाजपेयी की 1999 की लाहौर बस यात्रा और नरेंद्र मोदी का 2015 का लाहौर दौरा—हर बार भारत की दोस्ती की कोशिशों को पाकिस्तान ने धोखा दिया।
थरूर ने सख्त लहजे में कहा, अब जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। उसे अपनी जमीन पर चल रहे आतंकी ढांचे को खत्म करके अपनी नीयत साबित करनी होगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पाकिस्तान आतंकी कैंप बंद करने में गंभीर क्यों नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की कमेटी के पास 52 आतंकी व्यक्तियों, संगठनों और ठिकानों की लिस्ट है, पाकिस्तान को भी ये सब मालूम है। फिर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
थरूर ने साफ कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकी ढांचे को ध्वस्त करता है और आतंकियों को गिरफ्तार कर गंभीर इरादा दिखाता है, तो भारत भी सकारात्मक जवाब देगा। मगर अब पहला कदम पाकिस्तान को ही उठाना होगा।
मुंबई ,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। मुंबई, ठाणे, नांदेड़, रायगढ़, रत्नागिरी और संभाजी नगर समेत कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
मुंबई में सड़कों, घरों और दुकानों में पानी भर गया है। इस वजह से हवाई यातायात से लेकर रेल यातायात भी प्रभावित हुई है। करीब 250 विमानों ने या तो देरी से उड़ान भरी या रद्द कर दी गई हैं। मुंबई लोकल ट्रेनों पर भी असर पड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में भारी बारिश के कारण कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग विस्थापित हुए हैं। नेपियन सी रोड पर दीवार गिरने से 75 वर्षीय चौकीदार की मौत हो गई।
कांजुरमार्ग में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नांदेड़ जिले में बादल फटने जैसी स्थिति के कारण आई बाढ़ में 8 लोगों की मौत हो गई है।
18 अगस्त सुबह 8 बजे से 19 अगस्त की सुबह 8 बजे तक मुंबई में 300 मिलीमीटर बारिश हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में 84 घंटों में 500 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 19 अगस्त सुबह 8 बजे तक विक्रोली में सबसे ज्यादा 255.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद बायकुला में 241.0, सांताक्रूज में 238.2, जुहू में 221.5, बांद्रा में 211.0, कोलाबा में 110.4 और महालक्ष्मी में 72.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने जरूरी सेवाओं से जुड़े कार्यालयों को छोड़कर सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और बीएमसी कार्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मुंबई महानगर क्षेत्र के सभी निजी कार्यालयों को भी सलाह दी गई है कि वे जहां तक संभव हो सके कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दें।
मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कई इलाकों में भी कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है।
सड़कों पर पानी भरने के कारण कुछ जगहों पर बेस्ट बसों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। अंधेरी पश्चिम का एसवी रोड जलभराव के बाद पूरी तरह बंद हो गया है।
सायन के गांधी मार्केट, मुंबई सेंट्रल और दादर टीटी सहित कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं। दादर, माटुंगा, परेल और सायन के निचले इलाकों में रेल पटरियों पर जलभराव हो गया है। हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।
नांदेड़ सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक है। यहां राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ ही भारतीय सेना को भी तैनात किया गया है। नांदेड़ कलेक्टर राहुल कर्दिले ने कहा, भारी बारिश के कारण मुखेड़ तहसील के 4 गांवों को भारी नुकसान पहुंचा।
एसडीआरएफ की टीम ने 300 लोगों को बचाया लेकिन हसनद गांव में 5-6 लोगों की मौत हो गई। उनके शव आज बरामद किए गए। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अगले 48 घंटे मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए महत्वपूर्ण है, जो हाई अलर्ट पर हैं। मौसम विभाग ने मुंबई, रायगढ़, पुणे और नासिक के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
नई दिल्ली,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने के मामले पर ईडी के वकील से स्पष्टीकरण मांगा है.
स्पेशल जज विशाल गोगने ने कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए ईडी से स्पष्टीकरण मांगा है. इस मामले की अब अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी. कोर्ट ने 18 अगस्त को ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर शिव कुमार गुप्ता की मौजूदगी में दस्तावेजों का परीक्षण किया था.
इसके पहले 7 अगस्त को कोर्ट ने जांच अधिकारी से पूछा था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी का इस मामले से क्या लेना-देना है. इससे पहले कोर्ट ने 14 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था.
मामले में सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को जिन लोगों ने दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गई. कुछ दानदाताओं को टिकट भी दिए गए.
राजू ने गांधी परिवार की उस दलील का विरोध किया कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था. उन्होंने कहा कि एजेएल ही मूल रुप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक थी.
इस मामले में 5 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आरएस चीमा ने कहा था कि कांग्रेस ने एजेएल को बेचने की कोशिश नहीं की थी बल्कि वो इस संस्था को बचाना चाहती थी, क्योंकि वो स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी.
चीमा ने कहा था कि ईडी एजेएल का मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्यों नहीं दिखा रही है. एजेएल की स्थापना जवाहर लाल नेहरु, जेबी कृपलानी, रफी अहमद किदवई और दूसरे कांग्रेस नेताओं ने 1937 में की थी. चीमा ने कहा था कि एजेएल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएएशन में कहा गया है कि उसकी सभी नीतियां कांग्रेस की होगी.
बता दें कि 4 जुलाई को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया. उन्होंने कहा था कि ईडी ने आश्चर्यजनक से भी ज्यादा मामला बनाया है. ये मनी लांड्रिंग का ऐसा मामला है जिसमें संपत्ति का कोई जिक्र नहीं है.
सिंघवी ने कहा था कि यंग इंडियन ने पूरी कार्रवाई एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड को कर्ज मुक्त करने के लिए किया. उन्होंने कहा था कि हर कंपनी अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए कानून के मुताबिक कदम उठाती है.
कंपनियां अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए दूसरी कंपनी को दे देती हैं. उन्होंने कहा था कि यंग इंडियन लाभ कमाने वाली कंपनी नहीं है. सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने सालों तक कुछ नहीं किया और किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई शुरु की.
ईडी की ओर से 3 जुलाई को दलीलें पूरी कर ली गयी थी. ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि यंग इंडियन दो हजार करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त करने का एक साधन था और यह मनी लांड्रिंग का एक क्लासिक मामला है.
राजू ने कहा था कि शेयरहोल्डिंग सिर्फ नाम के लिए है और अन्य आरोपी गांधी परिवार की कठपुतली है.
ईडी ने कहा था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस को नियंत्रित करते हैं, उनका उद्देश्य 92 करोड़ प्राप्त करना नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य दो हजार करोड़ रुपये प्राप्त करना था.
ईडी ने कहा था सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दो हजार करोड़ की संपत्ति के लिए मात्र 50 लाख रुपये ही दिए. ईडी ने कहा था कि एसोसिएटेड जनरल्स लिमिटेड का स्वामित्व लेने के बाद गांधी परिवार के नियंत्रण वाली यंग इंडियन लिमिटेड ने घोषणा की कि वो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन नहीं करेगा.
कोर्ट ने 2 मई को इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को नोटिस जारी किया था. ईडी ने 15 अप्रैल को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी.
ईडी ने इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सैम पित्रोदा को आरोपी बनाया है. ईडी ने मनी लांड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दाखिल किया है.
इस मामले में शिकायतकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 16 सौ करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया.
स्वामी का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी थी, इस लिहाज से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
रांची, 19.08.2025 – को राँची समाहरणालय में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य, कक्षा 6-8 के भाषा शिक्षक पद हेतु कुल 111 अभियार्थियों की काउंसलिंग आयोजित की गई।
पूरी काउंसलिंग की प्रक्रिया उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री द्वारा नियुक्त नोडल पदाधिकारी श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्ता, नक्सल की अध्यक्षता में की गई।
जिसमें कुल 111 अभ्यर्थियों को काउन्सलिंग के लिए बुलाया गया था। जिसमे सभी 111 अभ्यर्थी उपस्थित हुए।
पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया दो पाली में पूर्ण की गई। इस पूरी प्रक्रिया में जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज उपस्थित रहे तथा काउंसलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाये रखने में अपना योगदान दिया ।
जयपुर,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्थान की धरती ने एक और बार इतिहास रच दिया है. श्रीगंगानगर की बेटी मनिका विश्वकर्मा को मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 का ताज पहनाया गया.
अब वह इस साल के अंत में थाईलैंड में आयोजित होने वाली 74वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. उन्होंने कहा कि यह राजस्थान के लिए यह एक गौरवपूर्ण पल है.
जाहिर है कि मनिका ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों से भी सपनों की बड़ी उड़ान भरी जा सकती है.
ताज जीतने के बाद जयपुर में मीडिया से बात करते हुए मनिका विश्वकर्मा ने कहा कि उनकी यात्रा शहर गंगानगर से शुरू हुई. इसके बाद वो दिल्ली आई और प्रतियोगिता की तैयारी की.
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि हमें अपने अंदर आत्मविश्वास और साहस जगाने की जरूरत है. सभी की इसमें बड़ी भूमिका थी. उन सभी का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मेरी मदद की और मुझे इस योग्य बनाया.
यह प्रतियोगिता सिर्फ एक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह अपनी ही एक दुनिया है, जो व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करती है. मनिका विश्वकर्मा अब मिस यूनिवर्स 2025 में भारत का परचम लहराने की तैयारी करेंगी.
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स इंडिया उर्वशी रौतेला भी जूरी सदस्य के रूप में मौजूद थीं. उन्होंने कहा, प्रतियोगिता बहुत कठिन थी, लेकिन विजेता हमारे साथ हैं.
यह मेरी 10वीं वर्षगांठ भी है. हमें बहुत खुशी है कि हमें हमारी विजेता मिल गई हैं. वह निश्चित रूप से मिस यूनिवर्स में हमें गौरवान्वित करेंगी.
हैदराबाद ,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 40 मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई वाले रॉकेट पर काम कर रहा है, जो 75,000 किलोग्राम पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करेगा।
इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने उस्मानिया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते इस योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतरिक्ष एजेंसी ने एक नया नेविगेशन विद इंडिया कांस्टेलेशन सिस्टम (नाविक) उपग्रह और एन1 रॉकेट जैसी परियोजनाओं की योजना बनाई है।
इसरो प्रमुख ने कहा, आप जानते हैं, रॉकेट की क्षमता क्या है? पहला लांचर अब्दुल कलाम जी ने बनाया था, जिसका भार 17 टन था और यह 35 किलोग्राम भार को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने में सक्षम था।
उन्होंने आगे कहा कि आज, हम 75,000 किलोग्राम भार को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने वाले रॉकेट पर विचार कर रहे हैं। यह रॉकेट 40 मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई का है।
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इस वर्ष प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उपग्रह और भारतीय नौसेना के लिए डिजाइन किया गया जीसैट-7आर को लॉन्च करने की योजना बनाई है, जो मौजूदा जीसैट-7आर (रुक्मिणी) उपग्रह को प्रतिस्थापित करेगा।
इसरो प्रमुख बताया कि आगामी योजना में भारतीय रॉकेटों का उपयोग करके 6,500 किलोग्राम वजनी अमेरिकी संचार उपग्रह का लॉन्च भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अभी भारत के 55 उपग्रह कक्षा में हैं और अगले 3-4 सालों में यह संख्या 3 गुना तक बढ़ जाएगी।
रांची,19.08.2025 – मुम्बई ग्लोबल की ओर से दुबई में आयोजित एशिया वर्ल्ड अवार्ड शो में मॉडल और एक्ट्रेस शाहीन परवीन को एशिया वर्ल्ड डायमंड विनर का खिताब मिला। मुम्बई ग्लोबल ने शाहीन परवीन को अपना ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया है।
हाल ही में गुजरात के वडोदरा में हुए एपिक शो फैशन रनवे शो में शाहीन परवीन को बेस्ट कॉन्फिडेंस अवार्ड से नवाजा गया। इस अवार्ड का चयन कई प्रतिभागियों के बीच वोटिंग सिस्टम से हुआ। साथ ही मुम्बई में हुए फैशन रनवे शो ‘द विनिंग क्राउन विनर’ में वह शो ओपनर भी रहीं।
इसके अलावा, वडोदरा में निधि फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘ब्यूटी सेलिब्रिटी अवार्ड’ शो में टीवी सीरियल अनुपमा और साराभाई वर्सेस साराभाई फेम अभिनेत्री रुपाली गांगुली के हाथों शाहीन परवीन को बेस्ट मॉडल अवार्ड मिल चुका है।
शाहीन अब तक कई विज्ञापन फिल्मों में काम कर चुकी हैं, जिनमें साड़ी, ज्वेलरी, घरेलू सामान और बड़े ब्रांड शामिल हैं। जिम, योगा, कुकिंग और ट्रैवलिंग की शौकीन शाहीन परवीन के पसंदीदा अभिनेता शाहरुख खान और सलमान खान हैं, जबकि अभिनेत्री काजोल का अभिनय उन्हें बेहद पसंद है।
विदित हो कि शाहीन ने अपने करियर की शुरुआत कोलकाता से बतौर मॉडल की। बिहार में जन्मी और पली-बढ़ी शाहीन की प्रारंभिक शिक्षा वहीं हुई। बाद में वह झारखंड और फिर शादी के बाद कोलकाता आ गईं।
उन्होंने आगे की शिक्षा के साथ ब्यूटीशियन और मेकअप आर्टिस्ट का कोर्स किया, लेकिन अभिनय के प्रति जुनून ने उन्हें मॉडलिंग और एक्टिंग की ओर मोड़ दिया। उनके परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। शाहीन का मानना है कि महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए समाज की सोच बदलने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि खुद आगे बढ़कर उदाहरण पेश करना चाहिए।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशन में जनता दरबार का आयोजन
“जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है:- उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री
जनता दरबार में कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन
आवेदक इस त्वरित सुधार को लेकर जिला प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा करते इस जनता दरबार को सार्थक पहल बताया
आवेदक ने कहा की जनता दरबार से लोगों की समस्या का समाधान सही मायने में हो रहा है। इससे लोगों का विश्वास झारखण्ड सरकार और जिला प्रशासन में काफ़ी बढ़ा है
रांची, 19.08.2025 – राँची जिला प्रशासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिले के सभी अंचलों में प्रत्येक मंगलवार को जनता दरबार* का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची के कुशल मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों और समस्याओं को सुनना, उनका त्वरित निवारण करना और प्रशासनिक सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाना है।
जनता दरबार में मुख्य रूप से आवासीय, जाति, आय एवं स्थानीय प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन, दाखिल-खारिज एवं भूमि विवाद निवारण, पंजी-2 में सुधार एवं भूमि अभिलेख संबंधी कार्य, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु आवेदन, वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से जुड़ी शिकायतें, मनरेगा एवं कृषि ऋण माफी, केसीसी से संबंधित मामले, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लंबित भुगतान आदि से संबंधित शिकायतें आयीं जिनमें कइयों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया जबकि जटिल मामलों को संबंधित विभाग/कार्यालय को अग्रसारित किया गया।
जनता दरबार का उद्देश्य
जनता दरबार का आयोजन जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। इस मंच के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएँ, जैसे भूमि विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ, प्रमाण पत्रों से संबंधित मुद्दे, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, और अन्य प्रशासनिक शिकायतें सीधे अधिकारियों के समक्ष रखा। यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
“जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची ने कहा, “जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है। हमारा प्रयास है कि प्रशासन जनता के और करीब आए और प्रत्येक नागरिक को उसका हक समय पर मिले। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि वे इस मंच का उपयोग करें और अपनी समस्याओं को बेझिझक हमारे समक्ष रखें।”
विशेष श्रेणी के लिए प्राथमिकता
उपायुक्त राँची के निर्देशानुसार राँची जिला के सभी प्रखंड़ों/अंचलों में वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, और महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। जिसको लेकर राँची जिला के सभी प्रखंड़ों अंचलों में विशेष रूप से उनकी समस्या को सुनते हुए कुछ शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया।
नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन, राँची सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे अपने अंचल में आयोजित होने वाले जनता दरबार में भाग लें और अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुँचाएँ। यह पहल न केवल समस्याओं के समाधान में सहायक होगी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी।
जनता दरबार में कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन
अंचल अनगड़ा, ग्राम – सालहन, खाता – 142, प्लाट – 1222, रकबा – 20 डिसमिल का राजस्व लगान रसीद बीस वर्षो से नहीं कट रहा था आवेदक परेशान था। जिसपर त्वरित संज्ञान लेते हुए ऑनलाइन सुधार कर लगान रसीद अद्यतन कर दिया गया जिससे रसीद कटना प्रारम्भ हो गया। इस त्वरित समाधान से आवेदक ने खुशी जाहिर करते हुए जिला प्रशासन की इस सार्थक पहल की प्रशंसा की।
तत्काल पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया
संगीता देवी पति स्व निवास सिंह मुंडा पंचायत हेसाडीह ग्राम चौकाहातु आज अंचल कार्यालय सोनाहातु में पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु आई थी। जिसपर त्वरित समाधान कराते हुए आवेदिका को तत्काल पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। जिससे आवेदिका काफ़ी खुश नजर आई, इस पहल पर आवेदिका ने कहा की ये सही मायने में गाँव की सरकार है, जिससे लोगों की समस्या का समाधान मिल रहा है।
आवेदक इस त्वरित सुधार को लेकर जिला प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा करते इस जनता दरबार को सार्थक पहल बताया
अंचल अनगड़ा, ग्राम – चीलदाग
खाता – 139, प्लाट – 1423, 1432 रकबा- 1.76 एकड़ एवं अंचल – अनगड़ा, ग्राम – महेशपुर, खाता – 96
प्लाट- 1327, रकबा – 20 डिसमिल, अंचल – अनगड़ा, ग्राम सोसो, खाता – 37, प्लाट – 893 रकबा- 14 डिसमिल सुधार का प्रकार – प्लॉट/पंजीII सुधार के लिए आवेदन दिया जिसपर तत्काल पंजीII में सुधार करा दिया गया। आवेदक इस त्वरित सुधार को लेकर जिला प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा करते इस जनता दरबार को सार्थक पहल बताया।
रसीद निर्गत कर दिया गया जिसकी खुशी आवेदक के चेहरे पर साफ झलक रही थी।आवेदक ने कहा की ये पहल कुशल प्रशासन को प्रदर्शित कर रही है
अंचल नगड़ी, मौजा- सपारोम,खाता संख्या-7, प्लॉट संख्या- 1192, 1193, रकबा-9.5 डिसमिल, दाखिल खारिज के उपरांत लगान रसीद निर्गत नही हो पा रहा था। जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए इनका लगान रसीद निर्गत कर दिया गया। जिसकी खुशी आवेदक के चेहरे पर साफ झलक रही थी। आवेदक ने कहा की ये पहल कुशल प्रशासन को प्रदर्शित कर रही है।
आवेदक ने कहा की जनता दरबार से लोगों की समस्या का समाधान सही मायने में हो रहा है। इससे लोगों का विश्वास झारखण्ड सरकार और जिला प्रशासन में काफ़ी बढ़ा है
आवेदक गंदूरा मुंडा ग्राम – सिंगरसाय खाता संख्या – 3 का काफी दिनों से रसीद नहीं कट रहा था। जिसको लेकर ये आज अंचल में आयोजित जनता दरबार में अपनी शिकायत लेकर अंचल अधिकारी के पास पहुचें उन्होंने शिकायत का तत्काल समाधान करते हुए रसीद निर्गत कर दिया। जिसको लेकर आवेदक ने कहा की जनता दरबार से लोगों की समस्या का समाधान सही मायने में हो रहा है। इससे लोगों का विश्वास झारखण्ड सरकार और जिला प्रशासन में काफ़ी बढ़ा है।
पिछले 3 वर्ष से ऑनलाइन सुधार के लिए प्रयासरत थे
बैजनाथ ठाकुर ग्राम आरा प्रखंड बुढ़मू का निवासी पिछले 3 वर्ष से ऑनलाइन सुधार के लिए प्रयासरत थे। कल उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के आयोजित जनता दरबार में आए जिसपर उनके द्वारा अंचल अधिकारी से मिलने के लिए कहा गया जिस पर तुरंत कागजात की जांच कर ऑनलाइन सुधार कर दिया गया और उन्हें रसीद उपलब्ध करा दिया गया। जिसको लेकर आवेदक द्वारा उपायुक्त को तहे दिल से बधाई दिया।
मुंबई,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही बारिश की वजह से लोग परेशान हो गए हैं। उपनगरों में पिछले 24 घंटे में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है।
बारिश को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के रूप में कार्यरत बृहन्मुंबई नगर निगम (क्चरूष्ट) ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालय बंद करने को कहा है।
निजी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारियों से घर से काम कराएं। स्कूल भी बंद हैं।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई के अलग-अलग क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
विक्रोली में सबसे अधिक 255.5 मिमी, सांताक्रूज़ में 238.2 मिमी, कोलाबा में 110.4 मिमी, बायकुला में 241 मिमी, जुहू में 221.5 मिमी और बांद्रा में 211 मिमी बारिश दर्ज हुई है। पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के कॉलेजों में अवकाश घोषित है।
इंडिगो एयरलाइंस ने भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए मुंबई से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए यात्रा सलाह जारी की है। इसमें कहा गया है कि बारिश के कारण हवाई अड्डे के कई मार्गों पर जलभराव और यातायात धीमा हो गया है, जिससे चुनौतियां पैदा हुई हैं।
एयरलाइंस ने यात्रियों को समय से पहले निकलने और ऐप या वेबसाइट से उड़ान की स्तिथि पर नजर रखने को कहा है। मुंबई में बसों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, हल्की बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होगी।
महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और गुजरात के कई इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी है। छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना के कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, असम, मेघालय में भारी बारिश की संभावना है।
कोलकाता 18 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ‘द फाइल्स’ फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त ‘द बंगाल फाइल्स’ को लेकर सुर्खियों में हैं। ये फिल्म रिलीज से पहले ही न सिर्फ विवादों में आ गई है बल्कि, इसे लेकर विवेक अग्निहोत्री पर कई एफआईआर भी दर्ज कराए जा चुके हैं। यह एफआईआर बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोपाल मुखर्जी के परिवार ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि फिल्म में गोपाल मुखर्जी की छवि गलत तरीके से दिखाई गई है।
ट्रेलर में उन्हें कथित तौर पर ‘कसाई गोपाल पाठा’ के रूप में दिखाया गया है। गोपाल मुखर्जी के पोते शांतनु मुखर्जी का कहना है कि उनके दादा कसाई नहीं थे, बल्कि एक पहलवान और अनुशीलन समिति के प्रमुख थे। दंगों को रोकने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। परिवार का आरोप है कि निर्देशक ने उनके दादा की छवि धूमिल की है। विवेक अग्निहोत्री ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, “मैंने गोपाल मुखर्जी को फिल्म में हीरो के तौर पर दिखाया है।
मैंने उनके पुराने इंटरव्यू से तथ्य लिए हैं और उसी आधार पर फिल्म बनाई है। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं।” निर्देशक का कहना है कि यह विवाद राजनीतिक दबाव में खड़ा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतनु मुखर्जी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हैं और उनसे राजनीतिक कारणों की वजह से एफआईआर दर्ज कराई गई है।
विवेक ने कहा, “हम अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और कानूनी तौर पर जवाब देंगे।” फिल्म की रिलीज डेट 5 सितंबर 2025 तय है। विवाद के बीच जब विवेक अग्निहोत्री से पूछा गया कि क्या फिल्म की रिलीज टल सकती है, तो उन्होंने कहा, “अगर हमें बंगाल में फिल्म रिलीज करने की इजाजत नहीं मिली, तो हम घर-घर जाकर लोगों को यह फिल्म दिखाएंगे।” फिल्म की स्टारकास्ट फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ में अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, मिथुन चक्रवर्ती, उमंग कुमार और शाश्वत चटर्जी जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
नईदिल्ली,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्षी इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के सामने खड़ा किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। रेड्डी का फैसला मंगलवार को इंडिया गठबंधन की बैठक में लिया गया है, जो खडग़े के आवास पर हुई थी।
खडग़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेड्डी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक बताया। उन्होंने कहा, रेड्डी का एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश, गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है। वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी चैंपियन रहे हैं।
खडग़े ने आगे कहा, वह एक भले आदमी हैं और यदि आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि कैसे उन्होंने गरीब लोगों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा भी की।
खडग़े ने कहा, हम सभी जानते हैं कि उन्होंने गरीबों के लिए कैसे खड़े होकर संविधान की रक्षा की। यह एक वैचारिक लड़ाई है। हमने मिलकर उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एक साझा उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर दिव्यांग बच्चे को मिली ट्राईसाईकिल
फरियादियों की समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई के निर्देश
नामकुम अंचल के लापरवाह कर्मचारी पर कार्रवाई का आदेश
रांची,18.08.2025 – शांति देवी के लिए आज का दिन सुखद था… वो अपने घर से 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चे के साथ उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के जनता दरबार के लिए निकलती हैं… उपायुक्त कार्यालय कक्ष में प्रवेश से पहले ही उनके बच्चे को ट्राई साईकिल मिल जाती है। दरअसल जैसे ही उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री को सूचना मिली की एक महिला दिव्यांग बच्चे के साथ अपनी समस्या लेकर आई है तो उन्होंने फौरन अंकित के लिए ट्राईसाईकिल की व्यवस्था करने के निर्देश दिये और बच्चे को संबंधित विभाग द्वारा ट्राई साईकिल उपलब्ध करा दिया गया।
भर्रायी आंखों से शांति देवी ने अपनी समस्या उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि पति दिहाड़ी मजदूर है और बरसात के कारण काम नहीं मिल रहा और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है। शांति देवी ने बताया कि वो मंईयां सम्मान योजना हेतु आवेदन भी नहीं कर पायीं। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही शांति देवी के बच्चे के लिए दिव्यांग पेंशन और उनके लिए मंईयां सम्मान योजना हेतु आवेदन की प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिये।
आज उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के जनता दरबार में एक बार फिर बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जनता दरबार के दौरान हुई घटनाओं ने प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने जमीन विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, राशन, शिक्षा एवं अन्य समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि विवाद मामलों में सीधी निगरानी
भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अंचलाधिकारियों को तत्काल समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक मामले में फोन पर संबंधित सीओ से अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और पारदर्शी ढंग से निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
लापरवाह कर्मचारी पर कार्रवाई का आदेश
जनता दरबार में नामकुम अंचल की संगीता देवी ने दाखिल-खारिज से संबंधित अपनी परेशानी रखी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल नामकुम सीओ से बात की। सीओ ने कर्मचारी की लापरवाही की पुष्टि की, जिस पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित कर्मचारी पर नियमसंगत कार्रवाई का आदेश दिया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं राशन से जुड़ी फरियादें
पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लंबित मामलों पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, एक युवक जिसने रेल हादसे में अपने दोनों पैर गंवा दिए थे, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पीला कार्ड बनाने की मांग लेकर आया। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को तत्काल उसका ऑनलाइन आवेदन कराने का निर्देश दिया। राशन एवं खाद्य आपूर्ति से जुड़ी अन्य शिकायतों पर भी उन्होंने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
जनता दरबार: जनता से सीधा संवाद का माध्यम
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, “जनता दरबार आम नागरिकों को प्रशासन से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम है। यहां किसी भी व्यक्ति को अपनी समस्या रखने का अवसर मिलता है और उसका समाधान पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाता है।”
आज के जनता दरबार में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं वृद्ध नागरिक भी पहुंचे। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए लोगों को भरोसा दिलाया कि हर मामले का निष्पादन प्राथमिकता और निर्धारित समयसीमा में किया जाएगा।
जिले के सभी प्रारंभिक 2128 सरकारी और अनुदानित विद्यालयों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया
रांची, 18.08.2025 – “श्री रामदास सोरेन जी का निधन न केवल झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री
स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के माननीय मंत्री श्री रामदास सोरेन जी के असामयिक निधन पर राँची जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में गहरा शोक व्यक्त किया गया।
उनके सम्मान में आज, 18 अगस्त 2025 को जिले के 2128 सरकारी और सरकारी अनुदानित विद्यालयों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया।
इन सभाओं में लगभग 2.5 लाख छात्र-छात्राओं और 10,000 शिक्षकों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने श्री सोरेन के शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान और उनके दूरदर्शी नेतृत्व को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभाओं में सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने श्री रामदास सोरेन जी के जीवन, उनके संघर्षशील व्यक्तित्व और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को याद किया।
शिक्षकों ने बच्चों को उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और गुणवत्ता सुधार के लिए उनके प्रयासों के बारे में बताया।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने अपने संदेश में कहा, “श्री रामदास सोरेन जी का निधन न केवल झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राँची जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग श्री रामदास सोरेन जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है और प्रार्थना करता है कि उनकी आत्मा को शांति प्राप्त हो। उनकी प्रेरणा और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण हम सभी को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।
झारखण्ड राज्य के लिए वर्ष-2025-26 के लिए सेना भर्ती रैली 22 अगस्त से 04 सितंबर 2025 तक रांची में आयोजन होने को लेकर बैठक
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक
रांची जिला के युवाओं को सेना में शामिल होने का सुनहरा अवसर
सेना भर्ती के दौरान दलालों से दूर रहने की सलाह
रांची, 18.08.2025 – झारखण्ड राज्य के लिए वर्ष-2025-26 के लिए सेना भर्ती रैली 22 अगस्त से 04 सितंबर 2025 तक रांची में आयोजन होने को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक- 18 अगस्त 2025 को समाहरणालय ब्लॉक- ए स्थित सभागार में बैठक आयोजित की गई।
सेना भर्ती रैली आयोजन स्थल में होने वालें तैयारियों को लेकर चर्चा
बैठक के दौरान सेना भर्ती रैली 22 अगस्त से 04 सितंबर 2025 तक रांची में आयोजन होने को लेकर कर्नल विकास भोला द्वारा उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची से अपनी बात रखते हुए विशेष रूप से कहा की रांची जिला के युवाओं को सेना में ज्यादा से ज्यादा शामिल करना हमारा लक्ष्य है। रांची जिला के युवा ज्यादा से ज्यादा सेना में भर्ती हो कर अपना भविष्य बनाए। ये हमारी प्राथमिकता है।
कर्नल विकास भोला द्वारा कहा गया की रैली के दौरान जो युवा इस रैली में भाग लेंगे उन्हें मौलिक सुविधा एवं अन्य सभी व्यवस्था रैली स्थल पर कराने को लेकर कहा की रैली के दौरान विधि व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था, रैली ग्राउंड में भर्ती स्थल की चौतरफा सुरक्षा, रैली स्थल ग्राउंड में सीजीआई शीट बैरिकेडेड क्षेत्र, रैली ग्राउंड, 1.6 कि.मी. रन एरिया और निर्धारित विश्राम क्षेत्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, मेडिकल कवर, रैली स्थल पर एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम 22 अगस्त से 04 सितंबर 2025 तक रैली के सभी दिनों में सुबह 0400 बजे से उम्मीदवारों की किसी भी चोट/बीमारी के मामले में देखभाल करने एवं अन्य सभी व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया। जिस पर उपायुक्त राँची द्वारा सारी व्यवस्था जो भी जिला प्रशासन की तरफ से संभव होगा वह सारी व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।
सेना भर्ती के दौरान दलालों से दूर रहने की सलाह
डायरेक्टर Recruiting रांची, कर्नल विकास भोला द्वारा सभी सेना में शामिल होने वालें उम्मीदवारों का शोषण करने वाले दलालों से दूर रहने की सलाह दी गई।
उन्होंने सभी उम्मीदवारों से विशेष रूप से कहा की सेना भर्ती पुरे पारदर्शिता तरीके से होती है। इसमें कोई भी भर्ती प्रक्रिया की सभी अर्हता पूरी नही करता उनका भर्ती किसी भी हालत में नही हो सकता इसलिए आप सभी उम्मीदवार दलालों से दूर रहेगा उनके किसी भी झांसे में नही आने की आवश्यकता है।
बैठक में अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री उत्कर्ष कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर राँची, श्री अजीत कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, श्री प्रवीण पुष्कर, डायरेक्टर Recruiting रांची, कर्नल विकास भोला, जिला नज़ारत उप समाहर्ता राँची, डॉ. सुधेश कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं भर्ती से सम्बंधित सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
जिला प्रशासन इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है
आम जनता से अनुरोध है कि वे Google Play Store या iOS App Store से ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ ऐप डाउनलोड करें
रांची,18.08.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने आज दिनांक 18 अगस्त 2025 को राँची समाहरणालय परिसर में गृह मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर शुरू किए गए Mitigation Project for Lightning Safety (MPLS) Awareness Programme के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह एवं सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य वज्रपात से होने वाली जनहानि और क्षति को कम करने के लिए जनजागरूकता फैलाना है।
M/S Global Media के सहयोग से संचालित इस जागरूकता रथ के माध्यम से राँची जिले के चार प्रखंडों रातु, नामकुम, ओरमांझी, और सोनाहातु में 14 दिनों तक (18 अगस्त 2025 से 3 सितंबर 2025 तक, अवकाश को छोड़कर) जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रत्येक प्रखंड में चार-चार स्थल चिन्हित किए गए हैं, जो स्कूलों, संस्थानों, बाजारों, स्वास्थ्य केंद्रों, और पंचायतों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर आधारित हैं। इन स्थलों का में अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकेंगे।
उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने कहा, “वज्रपात एक प्राकृतिक आपदा है, जिससे हर साल कई लोग प्रभावित होते हैं। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से हमारा लक्ष्य लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों, जैसे सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना, बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखना, और अन्य सुरक्षा सावधानियों के बारे में जागरूक करना है। यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रभावी होगा।”
कार्यक्रम की विशेषताएं:
दिनांक 18 अगस्त 2025 से 3 सितंबर 2025 तक (अवकाश को छोड़कर)। चयनित प्रखंड- रातु, नामकुम, ओरमांझी, और सोनाहातु में प्रत्येक प्रखंड में चार स्थल, जैसे स्कूल, संस्थान, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र, और पंचायत में जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य वज्रपात से बचाव के लिए जनजागरूकता बढ़ाना और सुरक्षा उपायों की जानकारी प्रदान कराना है।
सहयोगी संस्था M/S Global Media, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से यह जागरूकता रथ विभिन्न चिन्हित स्थानों पर जाकर लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों, जैसे खुले मैदान में न रहना, पेड़ों के नीचे शरण न लेना, और बिजली के उपकरणों से दूर रहना, के बारे में जानकारी देगा। साथ ही, स्थानीय समुदायों को प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने पर भी ध्यान केंद्रित कराएगी।
जिला प्रशासन इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।
उपायुक्त ने सभी जिला वासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और वज्रपात से बचाव के उपायों को अपनाने की अपील की है।
आम जनता से अनुरोध है कि वे Google Play Store या iOS App Store से ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ ऐप डाउनलोड करें ताकि समय पर प्राप्त चेतावनियों के माध्यम से वज्रपात से होने वाले खतरों से बचा जा सके। इस पहल से राज्य में जानमाल की हानि को न्यूनतम करने में सहायता मिलेगी।
नई दिल्ली,18 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े से बात की और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के लिए समर्थन मांगा.
रिपोर्ट के अनुसार 9 सितंबर को होने वाला उपराष्ट्रपति चुनाव एनडीए की ओर से राजनाथ सिंह की देखरेख में होगा. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को चुनाव एजेंट बनाया गया है. एनडीए ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद यह घोषणा की. भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि पार्टी सर्वसम्मति और संभवत: निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष से संपर्क करेगी.
नड्डा ने यहां एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम विपक्ष से भी बात करेंगे. हमें उनका समर्थन भी प्राप्त करना चाहिए ताकि हम मिलकर उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित कर सकें.
‘ उन्होंने कहा कि इस दिशा में पार्टी विपक्ष की सहमति जुटाने में लगी है. एनडीए का इसमें पूर्ण समर्थन है. सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद के लिए हमारे एनडीए के उम्मीदवार हैं.’
राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. वरिष्ठ भाजपा नेता राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए और इससे पहले तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे.
उनका राजनीतिक जीवन आरएसएस और जनसंघ जैसे संगठनों से जुडऩे और छात्र राजनीति से जुडऩे से शुरू हुआ. तब से उन्होंने राजनीति को जनता की सेवा के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया है.
उन्होंने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सुधार और जन कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दिखाई है और ऐसे आंदोलनों का नेतृत्व किया है जो महत्वपूर्ण सामाजिक और विकासात्मक चुनौतियों का समाधान करते हैं.
उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ था. तब से उन्होंने राजनीति को जनता की सेवा के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया है और चार दशकों से भी अधिक समय तक एक कार्यकर्ता के रूप में जनता की सेवा की है. उन्होंने 1998 में कोयंबटूर से अपना पहला चुनाव 150000 से अधिक मतों के अंतर से जीता था.
बाद में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल बने. उन्होंने 1974 में 16 साल की उम्र में जनसंघ के माध्यम से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की. 1996 में वे तमिलनाडु भाजपा के सचिव बने.
1998 में वे कोयंबटूर संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए, जहां उन्होंने 150000 से अधिक मतों से जीत हासिल की और 1999 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुने गए.
साल 2006 में उन्हें तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया. इस दौरान उन्होंने सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाया. 2016 से 2020 तक उन्होंने कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. उनके नेतृत्व में भारत का कॉयर निर्यात सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया.
उन्हें प्रतिष्ठित, ज्ञानी और किसी भी कानूनी आरोपों से बेदाग माना जाता है. उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले के तिरुपुर में हुआ था.
वह पेशे से एक कृषक और उद्योगपति हैं. उन्होंने तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वी.ओ.सी. कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई पूरी की.
जनता की सेवा के अपने चार दशकों से भी अधिक के अनुभव में उन्होंने अनेक पदों पर कार्य किया है. विविध भूमिकाओं में सिद्ध नेतृत्व के साथ सी.पी. राधाकृष्णन समृद्ध राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं.
चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी होगी. संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो गया था.
नई दिल्ली,18 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने उन कैडेटों की मुश्किलों पर स्वत: संज्ञान लिया है जिन्हें प्रशिक्षण के दौरान चोट या विकलांगता की वजह से बीच में ही चिकित्सा आधार पर छुट्टी दे दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और रक्षा बलों से जवाब मांगते हुए कहा है कि ऐसे कैडेटों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बीमा कवर की व्यवस्था पर विचार किया जाए.
न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने मामले में सुनवाई की. न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर के लिए निर्धारित की है. पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विकलांग होने वाले कैडेटों को चिकित्सा व्यय के लिए दी जाने वाली 40 हजार रुपये की अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्देश मांगें.
शीर्ष अदालत ने केंद्र से कहा कि वह इन दिव्यांग उम्मीदवारों के उपचार के बाद उन्हें डेस्क जॉब या रक्षा सेवाओं से संबंधित किसी अन्य कार्य में वापस लाने के लिए पुनर्वास की योजना पर विचार करे.
पीठ ने कहा, हम चाहते हैं कि बहादुर कैडेट सेना में रहें. हम नहीं चाहते कि चोट या विकलांगता इन कैडेटों के लिए किसी भी प्रकार की बाधा बने, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं.
शीर्ष अदालत ने 12 अगस्त को स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था, जब एक मीडिया रिपोर्ट में इन कैडेटों के मुद्दे को उठाया गया था. जो कभी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) जैसे देश के शीर्ष सैन्य संस्थानों में प्रशिक्षण का हिस्सा थे.
रिपोर्ट के अनुसार, 1985 से अब तक लगभग 500 अधिकारी कैडेटों को प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की विकलांगता के कारण इन सैन्य संस्थानों से चिकित्सा आधार पर छुट्टी दे दी गई है.
अब उन्हें बढ़ते चिकित्सा बिलों का सामना करना पड़ रहा है तथा उन्हें मासिक अनुग्रह राशि का भुगतान किया जा रहा है, जो उनकी आवश्यकताओं से बहुत कम है.
इसमें कहा गया है कि अकेले एनडीए में ही लगभग 20 ऐसे कैडेट हैं, जिन्हें 2021 से जुलाई 2025 के बीच केवल पांच वर्षों में चिकित्सा सेवा से छुट्टी दे दी गई.
रिपोर्ट में इन कैडेटों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला गया है, क्योंकि नियमों के अनुसार, वे पूर्व सैनिक का दर्जा पाने के हकदार नहीं हैं, जिससे वे पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के तहत सैन्य सुविधाओं और सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए पात्र हो जाते. जबकि उनकी विकलांगता, अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करने से पहले प्रशिक्षण के दौरान हुई थी.
इसमें कहा गया था कि इस श्रेणी के सैनिकों के विपरीत, जो ईएसएम दर्जा पाने के हकदार हैं, इन अधिकारी कैडेटों को अब विकलांगता की सीमा के आधार पर 40 हजार रुपये प्रति माह तक का अनुग्रह भुगतान मिलता है. यह राशि बुनियादी जरूरतों से बहुत कम है.
नई दिल्ली,18 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत चुनाव आयोग ने वोट चोरी के आरोप पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अल्टीमेटम दिया है. इसको लेकर विपक्ष आक्रामक हो गया है.
चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को निर्देश दिया कि वे या तो सात दिनों के भीतर अपने आरोपों के समर्थन में सबूतों के साथ हलफनामा दाखिल करें या सार्वजनिक रूप से पूरे देश से माफी मांगें. आयोग ने कहा कि हलफनामे के अभाव में ऐसे सभी आरोप झूठे माने जाएंगे.
सत्तारूढ़ भाजपा ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत किया, जबकि इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग पर असहमति को दबाने के लिए राजनीतिक हथियार के रूप में काम करने का आरोप लगाया है.
विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि राहुल गांधी माफी नहीं मांगेंगे. उनका तर्क था कि उन्होंने सच कहा है और कोई गलत काम नहीं किया है.
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुरजोर बचाव किया. उन्होंने कहा, मैं ज्ञानेश कुमार (मुख्य चुनाव आयुक्त) से कहना चाहूंगा कि एक संवैधानिक पद पर आसीन मुख्य चुनाव आयुक्त होने के नाते, उन्हें अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए.
जिस तरह से उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उसमें वोट चोरी शब्द बहुत हल्का लगता है. अगर नागरिक अपने अधिकारों का प्रयोग ही नहीं कर पाएंगे, तो उनकी रक्षा कौन करेगा? मैं उनसे जिम्मेदारी से काम लेने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं कि ऐसा कुछ न हो जिससे लोगों का उन पर से विश्वास उठ जाए.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, विपक्ष नेता राहुल गांधी माफी मांगें? उन्हें माफी क्यों मांगनी चाहिए? राहुल गांधी माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वह पूरी हिम्मत और दृढ़ता के साथ कहा है.
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग विपक्ष द्वारा उठाए गए मूल मुद्दों का समाधान करने में विफल रहा है. मसूद ने कहा, उन्होंने उस सवाल पर भी बात नहीं की जिसने पूरे देश में हंगामा मचा रखा है.
उन्होंने इसका जिक्र तक नहीं किया. उन्होंने लोकसभा का जिक्र तक नहीं किया, जहां इतने सारे फर्जी मतदाता पकड़े गए और उनकी पहचान की गई. इसका भी कोई जिक्र नहीं था.
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, हमें अपने सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं मिला. यह बस एक स्क्रिप्ट थी जो भाजपा कार्यालय से तैयार की गई लगती थी और जिसका उद्देश्य विपक्ष को निशाना बनाना था.
अब यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है, जबकि भाजपा इसे विपक्ष पर हमला करने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है.
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, अगर चुनाव आयोग देश के सामने शपथ लेकर कहता है कि उसकी मतदाता सूची पूरी तरह से सही है, तो उसे हलफनामा मांगने का अधिकार है.
अगर चुनाव आयोग कोई गलती करता है, तो वह सुधार के लिए आवेदन करने को कहता है, लेकिन अगर कोई उसकी ओर इशारा करता है, तो वह हलफनामा मांगता है. यह सही नहीं है.
एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने भी चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, हम चुनाव आयोग से कहना चाहते हैं कि आप एक संवैधानिक संस्था हैं.
आपको उसी तरह काम करना चाहिए जैसा आपसे अपेक्षित है, लेकिन आप ऐसा नहीं कर रहे हैं. आप भाजपा के एक विस्तारित विभाग की तरह काम कर रहे हैं. यहां आप वास्तविक कार्रवाई किए बिना केवल शब्दों या भाषा के माध्यम से गुमराह कर रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, चुनाव आयोग ने साफ कहा था कि उन्हें सात दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करना होगा, अन्यथा उन्हें (राहुल गांधी) लोगों से माफी मांगनी चाहिए.
मैं पूछना चाहता हूं कि आज 18 अगस्त है, अब तक उन्होंने कितने नामों को गलत पाया है और चुनाव आयोग को सौंपा है? भ्रम फैलाने से कोई फायदा नहीं होगा.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, राहुल गांधी अराजकता फैला रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं.
हर प्रक्रिया की एक उचित प्रक्रिया होती है; अगर किसी राजनीतिक दल को मतदाता सूची प्रकाशन और संशोधन पर आपत्ति है, तो वह इसे आधिकारिक रूप से उठा सकता है.
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी देश में अफवाहें फैला रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, उनका आचरण न तो लोकतांत्रिक है और न ही संवैधानिक, बल्कि पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है. विपक्ष के नेता जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी हरकतें शर्मनाक हैं.
जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामत ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की. उन्होंने कहा, चुनाव आयोग ने भ्रम की स्थिति का जवाब दे दिया है, अब राहुल गांधी के लिए भी ऐसा ही करने का समय आ गया है.
देश के लोग जानते हैं कि आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है. निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हलफनामा जरूरी है.
साहिबगंज ,17 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के साहिबगंज जिला प्रशासन ने रविवार को अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रशासन ने मंडरो अंचल के मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र अंतर्गत भुतहा मौजा में छापेमारी की।
इस दौरान अवैध खदान से खनन में प्रयुक्त दर्जनों मशीनों को जप्त किया गया।
टास्क फोर्स की टीम की इस कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है। साहिबगंज सदर एसडीओ अमर जॉन आईंद ने इस अभियान का नेतृत्व किया।
खनन टास्क फोर्स की टीम के साथ अचानक की गई इस छापेमारी में देखा गया कि स्टार इंडिया खदान के पास बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा था।
जैसे ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, वहां खनन में लगी कई गाडिय़ां फरार हो गईं। हालांकि, मौके पर मौजूद दर्जनों वाहन और मशीनें जब्त कर ली गईं।
एसडीओ अमर जॉन आईंद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि उन्हें लगातार सूचना मिल रही थी कि इस इलाके में अवैध खनन हो रहा है।
सत्यापन के लिए छापेमारी की गई और मौके पर भारी मात्रा में अवैध खनन पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि जांच में जुटी टीम फरार खननकर्ताओं और वाहनों की पहचान करने में जुट गई है।
उन्होंने साफ कहा कि जिला प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जो भी व्यक्ति या समूह अवैध खनन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।