रायपुर ,31 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वालीं तृणमूल कांग्रेस (ञ्जरूष्ट) की सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर मुश्किलों में घिर गई हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए एक बेहद आपत्तिजनक बयान को लेकर उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना पुलिस थाने में स्नढ्ढक्र दर्ज की गई है। पुलिस ने रविवार (31 अगस्त) को इस बात की पुष्टि की।
दरअसल, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में पत्रकारों से बात करते हुए बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर एक विवादित बयान दिया था।
जब उनसे घुसपैठ पर सवाल किया गया, तो उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, अगर (अमित) शाह बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने में विफल रहते हैं, तो सबसे पहले आपको उनका सिर काटकर अपनी मेज पर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केंद्रीय गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह पूरी तरह विफल रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, एक स्थानीय निवासी गोपाल सामंतो की शिकायत पर बीते शनिवार को टीएमसी सांसद के खिलाफ यह स्नढ्ढक्र दर्ज की गई। उन पर भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए पूर्वाग्रह से भरी बातें कहना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोइत्रा का बयान न केवल आपत्तिजनक और असंवैधानिक है, बल्कि इससे रायपुर के माना कैंप इलाके में बसे बांग्लादेशी शरणार्थियों के बीच भय का माहौल भी बन रहा है और यह अन्य समुदायों में गुस्सा भड़का सकता है।
प्रशासन ने होटल और धर्मशालाओं को खाली करने का दिया आदेश
कटरा ,31 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के कटरा में पिछले दिनों हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन ने होटल और धर्मशालाओं को खाली करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन ने कटरा में भूस्खलन के खतरे के चलते व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाली करने का आदेश दिया है।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के उपमंडल मजिस्ट्रेट कटरा कार्यालय ने रविवार को यह आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि कटरा उपमंडल में हाल के दिनों में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण बालिनी ब्रिज और शनि मंदिर के पास कदमाल में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है।
साथ ही कुछ स्थानों पर सड़कें भी धंस गई हैं। इससे क्षेत्र में भविष्य में भूस्खलन और नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
कटरा उपमंडल मजिस्ट्रेट पीयूष धोत्रा ने श्री माता वैष्णो देवी यात्रा के लिए कटरा आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से बालिनी ब्रिज से दर्शनी ड्योढ़ी और बालिनी ब्रिज से एशिया चौक तक के क्षेत्र में स्थित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (जैसे होटल, धर्मशालाओं आदि) को खाली करने का आदेश जारी किया है।
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, इन प्रतिष्ठानों को तब तक खाली रखा जाएगा जब तक कि कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी), कटरा से सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हो जाता।
यह कदम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है, क्योंकि क्षेत्र भूस्खलन के प्रति संवेदनशील हो गया है।
आदेश में कहा गया है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व सूचना देना संभव नहीं था, इसलिए यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।
इस आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपमंडल मजिस्ट्रेट ने सभी संबंधित पक्षों से इस आदेश का पालन करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की है।
रांची, 31.08.2025 – क्षत्रिय समाज की एक बैठक लाल गुटुवा बैंकेट हॉल में क्षत्रिय गौरव एकता बैठक पूर्व एमएलसी प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक की शुरुआत जय माँ भवानी की गगनभेदी नारा के साथ द्वीप प्रजवल्लित कर किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड़ के विभिन्न जिलों से आये क्षत्रिय समाज के सभी सदस्यों का स्वागत समाजसेवी लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव ने किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ अजय शाहदेव ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन सत्यनारायण सिंह ने किया।
बैठक में प्रवीण सिंह ने विषय वस्तु प्रवेश कराते हुए आज की बैठक की एजेंडे को रखा। पहला एजेंडा 2026 के फरवरी माह में एक विशाल जनसभा का आयोजन करना,राज्य मे सवर्ण आयोग का गठन हो,सवर्ण वर्ग के कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों को दस प्रतिशत की आरक्षण प्राप्त करने हेतु अंचल कार्यालय से आय प्रमाण पत्र जारी किया जाए,समाज में अपनी रीति रिवाज और संस्कार को समाज के बच्चों को देना अनिवार्य हो।
आज की इस क्षत्रिय गौरव एकता बैठक में राज्य के कई जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में समाज की आर्थिक,सामाजिक,शैक्षणिक और राजनीतिक विषयों पर गहन विचार विमर्श किया गया।
बैठक को चतरा के पूर्व लोकसभा सदस्य सुनील सिंह ने बैठक में पेश की गई पांच एजेंडा पर सबकी सहमति ली और बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने एक स्वर में सभी एजेंडों को पारित किया।
सभा ने प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में एक संचालन समिति का गठन किये जाने का भी प्रस्ताव पारित किया।
महिला शिक्षा को आवश्यक बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया। रांची में एक होस्टल निर्माण पर सहमति बनी। देश मे परिसीमन को लागू कराने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
समाज में मृत्यु संस्कार के नाम पर समाज के लोग कर्ज लेकर अपनी आर्थिक स्थिति खराब करते है उसपर रोक लगनी चाहिए या संयम बरती जानी चाहिए। समाज को सामुहिक विवाह कराने पर भी विचार किया जाना चाहिए। क्षत्रिय परिवार की जनसंख्या बढ़ाने पर भी विचार जानी चाहिए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए धनबाद के पूर्व सांसद पशुपति नाथ सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज सम्मान का भूखा है धन दौलत की नहीं। हम वैसे जगहों पर नही जाते जहाँ हमें आशा होती है कि मेरा सम्मान नहीं होगा।
अब किसी भी राजनीतिक दल के द्वारा क्षत्रिय समाज का अपमान किये जाने का बदला लेने के लिए तैयार रहना चाहिए। जब तक अग्रेसिव नहीं होंगे तब तक हमें मान सम्मान नहीं मिलेगा।
सभा को पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज के हुतात्माओं ने त्याग,तपस्या और देश को बचाने हेतु अपनी आहुति दी है। उन अमर शहीदों को समाज न भूलें इसके लिए उनकी जयंती और पुण्यतिथि अवश्य मनाई जानी चाहिए।
क्षत्रिय का कोई जाति नहीं होती है हमारे छत्र छाया में जो आ जाये उसकी रक्षा करना हमारा धर्म है। उन्होंने ईडब्ल्यूएस के तहत मिलने वाली आरक्षण की समीक्षा समाज के द्वारा किये जाने पर जोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए शंभु सिंह ने कहा कि देश मे लोकसभा और विधानसभा की सीटों पर रोटेशन प्रणाली को फिर से शुरू की जाए ताकि जो सीटों का आरक्षण बदलता रहे। इस मांग को पूरा करवाने के लिए हमे एक बड़ी आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए।
बच्चों में अच्छे संस्कार देने काम माताएं करें। समाज के लोग क्षत्रिय समाज को मजबूत बनाने हेतु बाहरी भीतरी की राजनीति से बाहर आये। परिवार के बच्चों को कॉउंसलिंग अवश्य की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी क्षत्रिय समाज बहुत मजबूत है तभी हमारे समाज से कई विधायक और सांसद बन रहे है।
सभा को सम्बोधित करते हुए गढ़वा नगर उंटारी के राजा सह पूर्व विधायक राजेन्द्र देव् ने कहा कि समाज को सँगठित और मजबूत बनाने हेतु आपसी भेदभाव को भुलाना होगा। उन्होंने समाज को आश्वासन देते हुए कहा कि जब कभी भी समाज की बेहतरी के लिए कोई आंदोलन हो उसपर मैं बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए तैयार हैं। समाज मे जो विखराव है उसपर रोक लगे।
सभा को झारखंड़ के डीआईजी के पद से रिटायर्ड अधिकारी राजीव रंजन सिंह ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक केंद्रीय संचालन समिति का गठन किया जाए।
सभा को सम्बोधित करते हुए चंद्रगुप्त सिंह ने कहा कि समाज के कमजोर लोगों को शक्ति प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए तभी समाज,राज्य और देश का कल्याण होगा।
सभा को सम्बोधित करने वालों में किशोर शाहदेव,कविता परमार,मोती शाहदेव,मुन्ना सिंह,सुनील सिंह,जयनन्दू सिंह,रमेश सिंह कोकर, प्रेम सिंह, पूनम सिंह, सुरेंद्र सिंह,सुनील सिंह,विपिन सिंह, संतोष सिंह,सूरज शाहदेव,निर्भय सिंह, हेमन्त सिंहदेव,आदित्य राहुल देव,प्रवीण सिंह,भूपेंद्र,अभिषेक,आजत शत्रु,प्रियेश,सुधीर,सौरभ सिंह, मंजू सिंह, रीता सिंह ,शिवानी सिंह,प्रमोद सिंह,जेपी शाहदेव,सुबोध शाहदेव,राणा ऋषिकेश,मनोज शाहदेव, आशीष शाहदेव,शंभु शाहदेव,गोपाल सिंहदेव, जीवेश सिंह सोलंकी,अजय सिंह,विकाश शाहदेव,प्रमोद सिंह।
पटना ,31 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बिहार में वोटर अधिकार यात्रा में भाषा की सारी सीमाएं टूट गईं। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की गई।
अब, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर नीतीश सरकार पर विवादित टिप्पणी कर दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विवादित बयान देते हुए उन्हें चिट मिनिस्टर बता डाला।
राजद नेता ने कहा कि नीतीश सरकार के पास अपना कोई विजन नहीं है। बिहार की जनता इनके चाल और चरित्र को समझ चुकी है और अब परिवर्तन लाएगी।
पटना में रविवार को मीडिया से बातचीत में राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो चीटिंग कर ही रहे हैं। उनका अपना विजन तो है नहीं। वह मुख्यमंत्री की तरह नहीं, बल्कि चिट मिनिस्टर की तरह काम कर रहे हैं।
इनके पास अपना कोई विजन नहीं है। बिहार की जनता इनके चाल और चरित्र को पहचान गई है। अब परिवर्तन लाएगी।
दरअसल, बिहार मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को महिलाओं के रोजगार के लिए नई योजना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की स्वीकृति दी। इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है।
इस योजना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म एक्स पर लिखा था, हम लोगों ने नवंबर, 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिला सशक्तीकरण के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
अब महिलाएं अपनी मेहनत से न केवल बिहार की प्रगति में अपना योगदान दे रही हैं, बल्कि वे अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए हम लोगों ने महिलाओं के हित में अब एक महत्वपूर्ण एवं अभूतपूर्व निर्णय लिया है, जिसके सकारात्मक दूरगामी परिणाम होंगे।
नई योजना के तहत आर्थिक सहायता के रूप में सभी परिवारों की एक महिला को अपनी पसंद के रोजगार के लिए 10 हजार रुपए की राशि प्रथम किस्त के रूप में दी जाएगी। इच्छुक महिलाओं से आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
लखनऊ ,31 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार इकाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी और पूरे कार्यक्रम का दिशा निर्देशन वह खुद करेंगी।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, बिहार विधानसभा के लिए जल्द अगले कुछ महीनों में ही होने वाले चुनाव में बसपा उम्मीदवारों के चयन समेत पार्टी के हर स्तर की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों की बैठक में गहन चर्चा और समीक्षा की गई।
इस दौरान अकेले अपने बल पर चुनाव लडऩे के फैसले के मद्देनजर आने वाले दिनों में पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया गया।
मायावती ने बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को कमियों को दूर करके पूरी मुस्तैदी और तन-मन-धन से आगे बढऩे के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि अगले महीने से बिहार में बसपा की यात्रा और जनसभाएं शुरू हो जाएंगी। इस संबंध में भी मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट कहा है कि सभी कार्यक्रम उनके दिशा-निर्देशन में होंगे। इसकी विशेष जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद और केंद्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम के साथ-साथ बिहा इकाई को सौंपी गई है।
अपने पोस्ट में मायावती ने लिखा, बिहार एक बड़ा राज्य है और इसलिए वहां की जरूरतों को देखते हुए सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बांटा गया है।
इसी हिसाब से पार्टी के वरिष्ठ लोगों को अलग-अलग से उनकी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला भी बैठक में लिया गया।
बसपा की बैठक में राज्य इकाई ने चुनावी तैयारियों और रणनीति के बाद मायावती को भी बेहतर परिणाम लाने की भरोसा दिया है।
इससे पहले मायावती ने ओडिशा और तेलंगाना राज्य में भी संगठन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बसपा सुप्रीमो ने पोस्ट में लिखा, उन्होंने उत्तर प्रदेश पैटर्न पर ओडिशा और तेलंगाना में जिला-बूथ कमेटी बनाने के अलावा पार्टी का जनाधार बढ़ाने के टारगेट को लेकर समीक्षा बैठक की।
लखनऊ 31 Aug,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चीन से बढ़ते आयात और उसके भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को लेकर भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और चीनी सामान के बहिष्कार जैसे भाजपा के नारे खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि हकीकत यह है कि चीन पर भारत की निर्भरता लगातार बढ़ रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि चीन के माल से भारतीय बाज़ार भरते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर देश के उद्योगों, कारख़ानों और दुकानों पर पड़ रहा है।
परिणामस्वरूप बेरोज़गारी तेज़ी से बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब चीन पर निर्भरता चरम पर होगी, तब वह मनमाने दाम पर सामान बेचेगा, जिससे महंगाई और बेरोज़गारी और अधिक बढ़ेगी।सपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार चीन की हर ग़लत हरकत को अनदेखा करने को मजबूर है।
“जब चीन हमारी ज़मीन पर कब्ज़ा बढ़ाता जाएगा तो भाजपा यही कहेगी कि ‘न कोई घुसा है और न कोई घुस आया है’।”उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि दिल्ली में बैठे ‘ड्रोनवाले’ इस सच्चाई को नहीं समझ पा रहे हैं, तो यूपी में बैठे ‘बुलडोज़र वाले प्रवासी जी’ ही बता दें कि चीन ने अब तक हमारी कितनी ज़मीन हड़प ली है, क्योंकि उनका अपना मूल निवास स्थान भी चीनी कब्ज़े का शिकार हुआ है।
अखिलेश यादव ने भाजपा से सवाल किया कि देश का क्षेत्रफल सरकार आने से पहले जितना था, क्या उतना ही अब भी है या चीन के कब्ज़े से घट गया है? उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “भूमि का पलायन थोड़े ही होता है, जो चलकर कहीं और चली जाए।”
श्रीनगर ,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को आज एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। सेना ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुई एक भीषण मुठभेड़ में आतंक का पर्याय बन चुके और लंबे समय से वांछित आतंकी बागू खान उर्फ ‘समंदर चाचा को मार गिराया। 1995 से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (क्कश्य) से अपनी गतिविधियां चला रहे बागू खान को आतंकी संगठनों के बीच ह्यूमन जीपीएस के नाम से जाना जाता था।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह मुठभेड़ गुरेज सेक्टर के नैशेरा इलाके में उस समय हुई, जब आतंकियों का एक दल घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था। इस ऑपरेशन में बागू खान के साथ एक और आतंकी को भी ढेर कर दिया गया है।
बागू खान पिछले लगभग तीन दशकों में 100 से अधिक घुसपैठ की कोशिशों को अंजाम देने में शामिल रहा।
गुरेज सेक्टर के बेहद दुर्गम पहाड़ी रास्तों और गुप्त मार्गों की उसे इतनी गहरी जानकारी थी कि उसके नेतृत्व में की गई घुसपैठ की अधिकांश कोशिशें सफल रहती थीं। इसी काबिलियत के चलते हर आतंकी संगठन के लिए वह बेहद अहम था।
मूल रूप से वह हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर था, लेकिन उसने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद समेत सभी बड़े आतंकी संगठनों के आतंकियों को गुरेज और आसपास के इलाकों से कश्मीर घाटी में घुसपैठ कराने में मदद की।
सुरक्षा बलों की निगरानी से सालों तक बचते रहे बागू खान का मारा जाना आतंकी संगठनों के लॉजिस्टिक और घुसपैठ नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उसकी मौत से नियंत्रण रेखा (रुशष्ट) के इस हिस्से में आतंकी गतिविधियों की योजना और उनके क्रियान्वयन पर गहरा असर पड़ेगा।
यह कार्रवाई गुरुवार को हुई उस मुठभेड़ के ठीक दो दिन बाद हुई है, जिसमें सेना ने गुरेज सेक्टर में ही दो घुसपैठियों को मार गिराया था। सीमा पार से लगातार हो रही घुसपैठ की कोशिशों के मद्देनजर पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी जारी है और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
भोजपुर ,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजनीति के अखाड़े में जहां अक्सर तीखी बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन ही सुर्खियां बटोरते हैं, वहीं शनिवार को बिहार के भोजपुर जिले में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सबको हैरान कर दिया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा के दौरान जब भाजपा के युवा कार्यकर्ता उन्हें काले झंडे दिखाकर ‘मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे, तब राहुल ने कुछ ऐसा किया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे एक युवा को अपने पास बुलाया और मुस्कुराते हुए उसे एक टॉफी थमा दी।
यह वाकया उस समय हुआ जब राहुल गांधी का काफिला आरा शहर से गुजर रहा था। उनकी इस यात्रा में इंडिया गठबंधन की एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य और वीआईपी के मुकेश सहनी भी शामिल थे।
काफिले के आगे बढ़ते ही अचानक कुछ भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सामने आ गए और काले झंडों के साथ राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सुरक्षाकर्मी जब प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश कर रहे थे, तभी राहुल गांधी की नजर पूरी ताकत से नारा लगा रहे एक युवा पर पड़ी। उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और उस कार्यकर्ता को इशारे से अपने पास बुलाया। दोनों के बीच कुछ क्षणों के लिए बातचीत हुई। इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी जेब से एक टॉफी निकाली और उस युवा के हाथ में रख दी।
राहुल गांधी का यह अप्रत्याशित कदम देखकर वहां मौजूद हर कोई स्तब्ध रह गया। एक पल पहले जो युवा विरोध की आग में तप रहा था, वह अपने हाथ में टॉफी लिए अवाक खड़ा था। इस एक टॉफी की मिठास ने मानो राजनीतिक विरोध की सारी कड़वाहट को भुला दिया।
यह घटना तुरंत ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और चर्चा का विषय बन गई।
राजनीतिक विश्लेषक राहुल गांधी के इस कदम को उनकी राजनीतिक परिपक्वता और विनम्रता के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि इस छोटे से इशारे से राहुल ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर आपसी सम्मान और सद्भाव हमेशा कायम रहना चाहिए।
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में संगठनात्मक मजबूती और युवा नेतृत्व को नई पहचान
नई दिल्ली, 30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। डॉ. भार्गव मल्लप्पा, जिन्हें जमीनी स्तर पर उनकी प्रतिबद्धता और संगठनात्मक क्षमता के लिए जाना जाता है, को औपचारिक रूप से जनता पार्टी का राष्ट्रीय सचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है।
उन्हें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन चतुर्वेदी द्वारा कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में की गई। अपना आभार व्यक्त करते हुए डॉ. मल्लप्पा ने कहा, “मैं जनता पार्टी के नेतृत्व, विशेषकर अध्यक्ष श्री नवीन चतुर्वेदी जी का आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया।
मैं पूरी निष्ठा के साथ तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में संगठन विस्तार और जनता की सेवा के लिए कार्य करूंगा।
”उन्होंने आगे कहा, “मेरा फोकस जमीनी स्तर पर पहुंच बढ़ाने, स्थानीय नेतृत्व को सशक्त बनाने और एक मजबूत तथा एकजुट संगठन खड़ा करने पर रहेगा, जो दक्षिण भारत की जनता की आकांक्षाओं को दर्शाता हो। राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मैं जनता पार्टी के मूल्यों को आगे बढ़ाने और समाज में सार्थक परिवर्तन लाने के लिए पूरी तरह समर्पित रहूंगा।”
डॉ. मल्लप्पा राष्ट्रीय भारत सेवक समाज (NBSS) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं और केवल 25 वर्ष की आयु में अपनी उपलब्धियों के लिए पहचान बना चुके हैं। उनका सक्रिय सार्वजनिक सेवा कार्य, युवाओं की भागीदारी पर ध्यान और सिद्ध संगठनात्मक कौशल उन्हें दक्षिण भारत में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव लाने वाले सबसे आशाजनक युवा नेताओं में से एक बनाता है।
इस अवसर पर जनता पार्टी के अध्यक्ष श्री नवीन चतुर्वेदी ने कहा, “जनता पार्टी संगठनात्मक विकास और जनसेवा की स्पष्ट दृष्टि के साथ आगे बढ़ रही है। हमें खुशी है कि डॉ. भार्गव मल्लप्पा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी निष्ठा और अनुभव हमें दक्षिण भारत में पार्टी को मजबूत करने और सीधे जनता तक पहुंचने में मदद करेंगे।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने नामकुम अंचल में पंजी-2 सुधार प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में शामिल हो कर आवेदकों प्रमाण-पत्र वितरण किया
“जिला प्रशासन की यह पहल वाकई ‘गाँव की सरकार’ को सशक्त और पारदर्शी बना रही है।”
जमीन का रसीद, जो पिछले कई वर्षों से नहीं कट रहा था, आखिरकार उपायुक्त रांची के विशेष निर्देश पर आयोजित कैंप के माध्यम से निर्गत कर दिया गया
रांची,30.08.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने आज दिनांक- 30 अगस्त 2025 को नामकुम अंचल में पंजी-2 सुधार प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में शामिल हो कर आवेदकों को प्रमाण-पत्र वितरण किया।
साथ ही कुछ लोगों से मिल कर उनकी समस्या को जाना, साथ ही कुछ लोगों ने उपायुक्त से इस पहल की सरहाना करते हुए जिला प्रशासन की प्रशंसा करते कहा की ये पहल गाँव की सरकार के सपने को साकार कर रही है।
इस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों को उनके प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
“जिला प्रशासन की यह पहल वाकई ‘गाँव की सरकार’ को सशक्त और पारदर्शी बना रही है।”
स्थानीय लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “जिला प्रशासन की यह पहल वाकई ‘गाँव की सरकार’ को सशक्त और पारदर्शी बना रही है।” यह पहल न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बना रही है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी ला रही है।
जानकारी हो की आज राँची जिला के सभी अंचलों में पंजी-2 सुधार प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
जिला प्रशासन का तहे दिल से धन्यवाद
पंजी-2 सुधार प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में निर्मला गाड़ी पति पिरूवा कच्छप ग्राम, तुपुदाना का वर्षों से प्लॉट सुधार नही हो पा रहा था।
जिसपर आज इनका प्लाट सुधार कैंप के माध्यम से सुधार कर दिया गया। जिसपर आवेदिका ने इसके लिए जिला प्रशासन का तहे दिल से धन्यवाद दिया।
जमीन का रसीद, जो पिछले कई वर्षों से नहीं कट रहा था, आखिरकार उपायुक्त रांची के विशेष निर्देश पर आयोजित कैंप के माध्यम से निर्गत कर दिया गया
नामकुम अंचल में पंजी-2 सुधार प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का दिन ग्राम सिंगरसराय के निवासी महादेव मुंडा, पिता माधो मुंडा, के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन गया।
उनकी जमीन का रसीद, जो पिछले कई वर्षों से नहीं कट रहा था, आखिरकार उपायुक्त रांची के विशेष निर्देश पर आयोजित कैंप के माध्यम से निर्गत कर दिया गया। जिसकी खुशी आवेदक के चेहरे पर साफ नजर आ रही थी।
कई वर्षों का प्रयास आज सफल हुआ
भोलानाथ मुण्डा पिता सनिका मुण्डा जिनका कई वर्षों से रसीद नहीं कट रहा था। आज आयोजित कैंप में उपायुक्त राँची के पहल पर इनका रसीद कट गया।
जिसपर इन्होंने विशेष रूप से कहा की मैं जिला प्रशासन का अभारी रहूँगा। जिसकारण कई वर्षों का प्रयास आज सफल हुआ।
रांची,30.08.2025 – पूर्व एमएलसी श्री प्रवीण-सिंह के आवास हरमू में “क्षत्रिय गौरव” की कल होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक को लेकर एक पत्रकार वार्ता की गई.
कल की होनेवाली क्षत्रिय समाज की बैठक में समाज के कल्याण के लिए कई विषयों को लेकर समाज के लोगों से विचार आंमत्रित कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
क्षत्रिय समाज की एकता, समाज की उत्थान सहित कई विषयों को लेकर समाज आगे कैसे आगे बढ़े इसकी रणनीति बनाई जाएगी।
श्री प्रवीण सिंह जी ने कहा की क्षत्रिय समाज में कई समस्याएँ हैं जिनका समाधान समाज के लोगों के साथ मिल बैठकर उसका समाधान निकालने की आवश्यकता है।
श्री सिंह ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता है कि समाज एकजुट कैसे रहे आज इसपर विचार करने की तथा इसपर मिलकर काम करने की जरूरत है।
समाज शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से कैसे मजबूत हो और समाज के लोग कोसे आगे बढ़े इसपर क्षत्रिय गौरव की होने वाली कल की बैठक में चर्चा की जाएगी।
आज के प्रेस वार्ता में अजय सिंह,सत्यनारायण सिंह, रमेश सिंह,जीवेश सिंह सोलंकी,भूपेन्द्र सिंह,अभिषेक सिंह, ,विप्लव,प्रियेश आदि लोग उपस्थित रहे।
नई दिल्ली 30 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अमेरिकी कोर्ट के उस फैसले का समर्थन किया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया गया।
मसूद ने कहा कि एक समझदार नेता को देश का नेतृत्व करते समय लाभ-हानि का आकलन करना चाहिए।
उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह बिना सोचे-समझे नीतियां लागू कर रहे हैं। इससे अन्य देशों को कितना नुकसान होगा यह तो दूसरी बात है, लेकिन खुद अमेरिका की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान होगा, वे इसका आकलन नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद के अनुसार, ट्रंप की दादागिरी और वर्चस्व दिखाने की नीति से अमेरिका की वैश्विक स्थिति कमजोर होगी।
बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के शामिल होने पर कहा कि राहुल गांधी ने एक नई क्रांति की शुरुआत कर दी है। यह क्रांति एक चिंगारी की तरह है, जो पूरे देश में फैल रही है और इससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बौखला गई है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा इस क्रांति को रोकने के लिए नैरेटिव बदलने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे इसमें सफल नहीं होंगे।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा के बयान पर कहा कि मैंने उनका बयान नहीं सुना है, लेकिन वह एक सभ्य महिला हैं और मुझे नहीं लगता कि महुआ ने ऐसा कोई बयान दिया होगा।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता आकाश आनंद पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि चाहे बसपा उन्हें नंबर-1 की पोजीशन दे दें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर आकाश आनंद धारा के विपरीत चलते हैं, तो उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा, क्योंकि उनका आंदोलन दम तोड़ चुका है।
उन्होंने सुझाव दिया कि आकाश आनंद को मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए। मसूद ने आगे कहा कि देश में दो प्रमुख विचारधाराएं हैं, एक अंबेडकरवादी विचारधारा, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं और दूसरी सावरकरवादी विचारधारा, जिसका नेतृत्व भाजपा कर रही है।
उन्होंने आकाश आनंद को सलाह दी कि उन्हें यह तय करना होगा कि वे किस पक्ष का समर्थन करेंगे, क्योंकि बिना स्पष्ट रुख के रास्ता बनाना संभव नहीं है। मसूद ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने इस बारे में कई बार बसपा प्रमुख मायावती से भी बात की थी।
🥁 जनता दरबार में कला दल की फरियाद पर जिला प्रशासन ने पूरा किया वादा
🥁 करमा पर्व से पहले रांची जिला प्रशासन की तरफ़ से कला दल को मिला मांदर का तोहफ़ा
🥁 कलाकारों ने जतायी खुशी, करमा पूर्व संध्या पर जिला प्रशासन को किया आमंत्रित
रांची,30.08.2025 – जनता दरबार में सुनी गई एक छोटी सी फरियाद ने आज बेड़ो प्रखंड के कला दल के चेहरे पर मुस्कान ला दी। करमा पर्व की पूर्व संध्या पर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के संकल्प और संवेदनशील पहल से कला दल को दो मांदर उपलब्ध कराया गया।
कुछ दिन पूर्व उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के जनता दरबार में कला दल के सदस्यों ने बताया था कि उनके पास पारंपरिक वाद्ययंत्र मांदर नहीं है।
बिना मांदर उनके सांस्कृतिक कार्यक्रम अधूरे लगते हैं। इस निवेदन को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त श्री भजन्त्री ने आज कला दल को दो मांदर उपलब्ध करा दिए गए।
मांदर मिलने के बाद कलाकारों की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए करमा पर्व की पूर्व संध्या पर विशेष रूप से आमंत्रित भी किया।
अब कला दल करमा पर्व को झारखंड की असली सांस्कृतिक धुन और उल्लास के साथ मना सकेगा। यह पहल न केवल परंपरा को जीवंत बनाने बल्कि ग्रामीण संस्कृति और लोककला के संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम है।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि “हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान है। कलाकारों की जरूरत पूरी करना प्रशासन की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि गर्व की बात है।
करमा जैसे पर्व हमारे समाज को जोड़ने का काम करते हैं, इसे और भव्य बनाने में प्रशासन हमेशा साथ रहेगा।”
37 वाहनों पर कार्रवाई, 5.22 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया
अभियान का नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची श्री अखिलेश कुमार और मोटरयान निरीक्षक, राँची ने संयुक्त रूप से किया
लालगुटवा और पंडरा क्षेत्र में विशेष वाहन जाँच अभियान चलाया गया
जाँच के दौरान 37 वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए
जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार ने कहा, “हमारा उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है
रांची,29.08.2025 – जिला परिवहन विभाग, राँची द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आज दिनांक 29 अगस्त 2025 को लालगुटवा और पंडरा क्षेत्र में विशेष वाहन जाँच अभियान चलाया गया।
इस अभियान का नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची श्री अखिलेश कुमार और मोटरयान निरीक्षक, राँची ने संयुक्त रूप से किया।
इस अभियान के तहत कुल 256 वाहनों की गहन जाँच की गई, जिसमें वाहनों के प्रेशर हॉर्न, काला शीशा, पथकर, फिटनेश सर्टिफिकेट, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, परमिट, ओवरलोडिंग, और चालक अनुज्ञप्ति (ड्राइविंग लाइसेंस) जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों और नियमों की जाँच शामिल थी।
जाँच के दौरान 37 वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें अपूर्ण दस्तावेज और ओवरलोडिंग जैसे उल्लंघन शामिल थे। इन वाहनों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए 5,22,750 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त, 06 वाहनों को नियमों के गंभीर उल्लंघन के कारण जप्त कर पंडरा ओपी में सुरक्षित रखा गया है।
जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार ने कहा, “हमारा उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है। इस तरह के अभियान न केवल नियमों का उल्लंघन रोकने में मदद करते हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हैं। हम सभी वाहन चालकों से अनुरोध करते हैं कि वे अपने वाहनों के सभी दस्तावेज पूर्ण रखें और यातायात नियमों का पालन करें।”
यह अभियान जिला परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा और नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में भी इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि राँची की सड़कों को और सुरक्षित बनाया जा सके।
उत्तरकाशी,29 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। श्रीनगर क्षेत्र में शुक्रवार को अलकनंदा का रौद्र रूप नजर आया। नगर स्थित अल्केश्वर घाट में अलकनंदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान पर बहता हुआ दिखा। जबकि श्रीनगर के पपड़ासू में बदरीनाथ हाईवे अलकनंदा में डूबा रहा। और सिद्धपीठ धारी देवी के चरणों को छूते हुए भी अलकनंदा बही।
बढ़ते जलस्तर को देख पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन ने आमजनता से नदी किनारे न जाने की सलाह दी। कलियासौड़ स्थित सिद्धपीठ धारी देवी मंदिर के चरणों में कुछ मीटर नीचे अलकनंदा नदी बही। जबकि एक किमी दूरी पर स्थित पपड़ासू (मिनी गोवा) के समीप अलकनंदा के बढ़े जलस्तर का पानी बदरीनाथ राजमार्ग तक आ पहुंचा।
सुबह आठ से 11 बजे तक बदरीनाथ हाईवे अलकनंदा में डूबा रहा। इसके बाद पपड़ासू के पास नदी का पानी पहुंचने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीमों ने आमजनता की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें धारी देवी कलियासौड़ चौकी और फरासू के समीप बैरियर लगाकर रोका।
बदरीनाथ यात्रा से वापस लौट रहे श्रद्धालु दानेश, रुकमा, विश्वजीत और कमलेश ने बताया कि वह सुबह से राजमार्ग बंद होने के कारण वापस जाने का इंतजार करते रहे, मौसम खराब और जगह-जगह लैंडस्लाइड होने से उन्हें दिक्क़तों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी उन्हें सही ठिकानों तक पहुंचाती रही।
मौके पर श्रीनगर सीओ अनुज कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर बढ़ जाने से आमजन को सुरक्षित रोका गया। जीवीके डैम द्वारा पानी छोडऩे पर स्थिति सामान्य हो पाई, जिसके बाद दोपहर बारह बजे करीब यातायात को सुचारु किया गया और वाहनों को आगे भेजा गया।
विदेश दौरे से आज देर रात लौटेंगे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
नई दिल्ली , 29 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दस दिवसीय जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास के बाद देर रात नई दिल्ली लौट रहे हैं और कल दोपहर वे रायपुर पहुँचेंगे। यह विदेश यात्रा केवल एक कूटनीतिक दौरा भर नहीं थी, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस प्रवास के दौरान न केवल निवेशकों और उद्योगपतियों से संवाद किया बल्कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टोक्यो और ओसाका में जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JETRO) सहित कई प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों और संस्थानों से मुलाकात की।
उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024–30 का विस्तार से उल्लेख करते हुए आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, क्लीन एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और इस्पात का राज्य नहीं है, बल्कि यह नवाचार, तकनीक और वैश्विक साझेदारी का नया केंद्र बन रहा है।
इस दौरे का सबसे अहम परिणाम यह है कि अब छत्तीसगढ़ को केवल खनिज और धान उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आईटी और फार्मा जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों के लिए भी निवेश का गंतव्य माना जाने लगा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इन बैठकों में बनी सहमतियों को ज़मीन पर उतारा गया तो बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाक़ों के युवाओं को रोज़गार और विकास का नया रास्ता मिलेगा। इससे नक्सल उन्मूलन की लड़ाई को भी सामाजिक और आर्थिक आधार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा से मिले अनुभव और समझौते केवल निवेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह प्रदेश में युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खोलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को रोज़गार देना है। जब रोज़गार और विकास पहुँचेंगे तो नक्सल समस्या स्वतः समाप्त होगी।
साय ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ को विकसित भारत की दृष्टि से जोड़ते हुए इसे एक नए हब के रूप में स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ का सपना, छत्तीसगढ़ के माध्यम से नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा। यहाँ पर निवेश आएगा, उद्योग लगेंगे, तो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री का मानना है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ आम लोगों के जीवन को भी बदलने वाली है। इसमें समयबद्ध सेवाएँ, सरल नियम, महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि यह प्रदेश को नई तकनीक, वैश्विक साझेदारी और रोज़गार के अवसरों से जोड़ते हुए स्थायी औद्योगिक ढाँचे की नींव रख सकती है।
उप मेयर के घर तक पहुंची आरजीकर वित्तीय भ्रष्टाचार मामले की आंच
कोलकाता 29 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । टीएमसी विधायक व कोलकाता नगर निगम के उप मेयर अतिन घोष के घर सीबीआई के छापे से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया। सीबीआई की टीम अतिन घोष के उत्तर कोलकाता स्थित आवास पर पहुची और उनसे आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं के बारे में पूछताछ की, जिसकी सीबीआई बलात्कार और हत्या की घटना की साथ-साथ जांच कर रही है।
गौरतलब है कि आरजी कर अस्पताल कांड में दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं—एक बलात्कार और हत्या का तथा दूसरा भ्रष्टाचार से संबंधित। भ्रष्टाचार वाले मामले में उस समय के प्राचार्य संदीप घोष पहले से ही जेल में बंद हैं। अतिन घोष बतौर स्थानीय विधायक रोगी कल्याण समिति से जुड़े हुए थे और कई बैठकों में शामिल भी रहे थे।
जांच एजेंसियों का मानना है कि समिति द्वारा लिए गए कुछ फैसलों का संबंध अस्पताल में हुई कथित गड़बड़ियों से हो सकता है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सीबीआई ने किन बिंदुओं पर अतिन घोष से पूछताछ की। आज तीन सीबीआई अधिकारियों की एक टीम, सशस्त्र केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी के साथ, दोपहर करीब 2.15 बजे अतिन घोष के श्यामबाजार स्थित आवास, एपीसी रोड स्थित एक अपार्टमेंट में पहुंची ।
वैसे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार आरजी कर अस्पताल में हुए वित्तीय भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने कोलकाता नगर निगम के उप मेयर और काशीपुर-बेलगछिया विधायक अतिन घोष के घर पर छापा मारा है। खबर के लिखे जाने तक अतिन से पूछताछ की जा रही थी।
आरजी कर अस्पताल में बलात्कार-हत्या की घटना के बाद वित्तीय भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया था। आरोप है कि अस्पताल के विभिन्न पहलुओं के लिए आवंटित धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है।
इस मामले में आरजी के पूर्व कर निदेशक संदीप घोष को गिरफ्तार किया गया था। वह अभी भी जेल में हैं। शुरू से ही आरजी कर भ्रष्टाचार के संदर्भ में अतिन का नाम कई बार सामने आया है। सीबीआई ने अतिन को पहले ही सूचित कर दिया था कि उनसे शुक्रवार को पूछताछ की जाएगी।
इसी के तहत, केंद्रीय अधिकारी दोपहर में श्यामबाजार स्थित उनके घर पहुंचे। सीबीआई टीम में वित्तीय भ्रष्टाचार मामले के मुख्य जांच अधिकारी और कई उच्च पदस्थ सीबीआई अधिकारी शामिल हैं। कुछ दिन पहले, सीबीआई ने श्रीरामपुर विधायक सुदीप्त रॉय के घर पर भी छापा मारा था। जो अधिकारी वहाँ मौजूद थे, वे भी अतिन के घर पर मौजूद हैं।
कोलकाता 29 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ को लेकर चर्चा में हैं। बंगाल में इसके ट्रेलर को लेकर हंगामा किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने हाल में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान वेस्ट बंगाल में स्क्रीनिंग को लेकर सामने आ रही मुश्किलों पर बात की है।
इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि अगर मौका मिलता है तो वह अपनी फिल्म को वेस्ट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिखाना चाहेंगे, बावजूद इसके की उस राज्य में उनकी फिल्म को बैन कर दिया गया है। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने खुले दिल से की गई बातचीत में फिल्म को लेकर उठी विवादों पर अपनी बात रखते हुए कहा, ‘सच ही सबसे बड़ा विवाद होता है। इस दुनिया की सबसे विवादित चीज सच ही है।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी फिल्म बंगाल में दिखाई जाएगी, जिसपर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, ‘मैं क्या कर सकता हूं? क्या कर सकता हूं अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए?’ विवेक अग्निहोत्री ने अपनी बात साफ करते हुए कहा, ‘मैं सरकार को भक्षक कह रहा हूं। ममता बनर्जी इस समय बंगाल की रक्षक हैं।
वो मुख्यमंत्री हैं, वही पुलिस हैं और पुलिस उन्हीं के अधीन आती है। उन्हें ये जानना चाहिए।’जब विवेक अग्निहोत्री से पूछा गया कि क्या वह फिल्में बनाते समय बीजेपी जैसी पॉलिटिकल पार्टीज से मार्गदर्शन लेते हैं, तो उन्होंने मज़ाकिया अंदाज में कहा, “नहीं, बीजेपी तो खुद मुझसे पूछकर कैंपेन करती है।”
अपनी आलोचनाओं के बावजूद विवेक रंजन अग्निहोत्री ने यह साफ किया कि उनका मुख्यमंत्री के प्रति कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उन्होंने डायरेक्ट बातचीत का स्वागत करते हुए कहा, “अगर वो मुझसे कहें, मिस्टर विवेक आइए, मैं आपकी फिल्म देखना चाहती हूँ… तो मैं बिना किसी झिझक के वहां जाऊंगा।”
समारोह में दिनांक 01.08.2025 से 10.08.2025 तक परिशोधन पोर्टल के माध्यम से पंजी-2 में सुधार हेतु निष्पादित आवेदनों का होगा प्रमाण-पत्र वितरण
उक्त अवधि में प्राप्त आवेदनों का भौतिक सत्यापन और वांछित सुधार कर किया गया है निष्पादन
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समारोह के आयोजन के संबंध में सभी प्रखण्डों के वरीय पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
रांची,29.08.2028 – उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार विशेषकर ग्रामीण अंचलों में दिनांक 01-10.08.2025 तक परिशोधन पोर्टल के माध्यम से पंजी-2 में सुधार हेतु शिविर के माध्यम से प्राप्त किया गया था आवेदन
रांची जिला के विभिन्न अंचलों में दिनांक 01.08.2025 से 10.08.2025 तक परिशोधन पोर्टल के माध्यम से पंजी-2 में सुधार हेतु प्राप्त आवेदनों के निष्पादन पश्चात प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार दिनांक 30.08.2025 (शनिवार) को प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया जायेगा। इस संबंध में उन्होंने सभी प्रखण्डों के वरीय पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं।
पंजी – 2 में सुधार को लेकर जनता दरबार में लगातार आ रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा विशेषकर ग्रामीण अंचलों में दिनांक 01.08.2025 से 10.08.2025 तक परिशोधन पोर्टल के माध्यम से पंजी-2 में सुधार हेतु शिविर के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया था।
शिविर में प्राप्त आवेदनों का दिनांक 11.08.2025 से 20.08.2025 तक भौतिक सत्यापन किया गया तथा दिनांक 21.08.2025 से 25.08.2025 तक प्राप्त आवेदनों का भौतिक सत्यापन उपरांत वांछित सुधार कर निष्पादन किया गया। इन्हीं आवेदनों के निष्पादन के बाद शनिवार दिनांक 30.08.2025 को प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
उप विकास आयुक्त श्री सौरभ भुवनिया की उपस्थिति में मास्टर ट्रेनरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाना और सामुदायिक विकास में योगदान देना है
जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है, जिसमें शैक्षणिक, आर्थिक, और सामाजिक उत्थान पर विशेष जोर दिया गया
मास्टर ट्रेनर अब ब्लॉक स्तर पर जाकर अन्य कर्मचारियों और एजेंसियों को प्रशिक्षण देंगे
प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को क्षेत्रीय स्तर पर लागू करने से जनजातीय समुदायों में सकारात्मक बदलाव आएगा:-उप विकास आयुक्त श्री सौरभ भुवनिया
रांची, 29.08.2025 – भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आज दिनांक- 29 अगस्त 2025 को समाहरणालय भवन, ब्लॉक-बी के सभागार में उप विकास आयुक्त श्री सौरभ भुवनिया एवं निदेशक आई.टी.डी. ए. श्री संजय भगत, प्रतिनिधि MoTA मुकेश कुमार यादव की उपस्थिति में मास्टर ट्रेनरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर एवं सभी ब्लॉक लेवल मास्टर ट्रेनर सम्बंधित सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाना और सामुदायिक विकास में योगदान देना है।
आदि कर्मयोगी अभियान का लक्ष्य जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है, जिसमें शैक्षणिक, आर्थिक, और सामाजिक उत्थान पर विशेष जोर दिया गया है। इस अभियान के तहत प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर विभिन्न विकासखंडों में जाकर स्थानीय स्तर पर अन्य एजेंसियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, ताकि योजनाओं का कार्यान्वयन सुचारू और प्रभावी हो।
आज के प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, उनके कार्यान्वयन के तौर-तरीकों, और जनजातीय समुदायों की विशिष्ट आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उप-विकास आयुक्त श्री सौरभ भुवनिया ने कहा, “आदि कर्मयोगी अभियान जनजातीय समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह सुनिश्चित करता है कि शासन की योजनाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें। मास्टर ट्रेनरों की भूमिका इस अभियान को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण है, और मैं उनसे सजगता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करता हूँ।”
मास्टर ट्रेनरों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, और बुनियादी ढांचे से संबंधित योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
राज्य स्तर से आए विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनरों ने इंटरैक्टिव सत्रों, प्रस्तुतियों, और केस स्टडी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।
मास्टर ट्रेनर अब ब्लॉक स्तर पर जाकर अन्य कर्मचारियों और एजेंसियों को प्रशिक्षण देंगे
प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर अब ब्लॉक स्तर पर जाकर अन्य कर्मचारियों और एजेंसियों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि योजनाओं का लाभ जनजातीय समुदायों तक प्रभावी ढंग से पहुँचे।
अभियान का महत्व
आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा में लाने और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए शासकीय योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। यह अभियान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को क्षेत्रीय स्तर पर लागू करने से जनजातीय समुदायों में सकारात्मक बदलाव आएगा
कार्यक्रम के समापन पर उप विकास आयुक्त श्री सौरभ भुवनिया ने सभी प्रतिभागियों से इस अभियान को अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को क्षेत्रीय स्तर पर लागू करने से जनजातीय समुदायों में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस प्रशिक्षण से मास्टर ट्रेनरों को न केवल तकनीकी जानकारी प्राप्त हुई, बल्कि वे अभियान के प्रति और अधिक प्रेरित और जागरूक भी हुए। यह कार्यक्रम आदि कर्मयोगी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जनजातीय समुदायों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
नई दिल्ली ,28 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें विधानसभाओं द्वारा पारित बिलों पर राष्ट्रपति या राज्यपाल के फैसलों के खिलाफ मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का दावा करते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर नहीं कर सकतीं।
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह बात चीफ जस्टिस (सीजेआई) बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ के सामने कही। संविधान पीठ में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर भी शामिल थे।
मेहता ने कहा कि राष्ट्रपति इस बात पर सुप्रीम कोर्ट की राय लेना चाहती हैं कि क्या राज्य सरकारें संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ऐसी याचिकाएं दायर कर सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति यह भी जानना चाहती हैं कि संविधान के अनुच्छेद 361 का दायरा क्या है। यह अनुच्छेद कहता है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल अपने अधिकारों और कर्तव्यों के निर्वहन के लिए किसी भी अदालत के प्रति जवाबदेह नहीं होंगे।
राष्ट्रपति और राज्यपाल के विधेयकों पर फैसला लेने के अधिकार क्षेत्र से जुड़े प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पर संविधान पीठ सुनवाई कर रही है। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस रेफेरेंस के जरिए राष्ट्रपति दो सवालों पर कोर्ट की राय जानना चाहती है। मेहता ने संविधान पीठ को बताया कि इन सवालों पर पहले भी चर्चा हुई है।
लेकिन राष्ट्रपति का मत है कि अदालत की स्पष्ट राय जरूरी है, क्योंकि भविष्य में ऐसा मामला फिर उठ सकता है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 32 के तहत राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रपति या राज्यपाल के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।
न तो कोर्ट ऐसे मामलों में कोई निर्देश दे सकता है और न ही इन फैसलों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने आगे कहा, अनुच्छेद 32 का उपयोग तब किया जाता है, जब मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है। लेकिन सांविधानिक ढांचे में राज्य सरकार खुद मौलिक अधिकार नहीं रखती।
राज्य सरकार की भूमिका यह है कि वह अपने नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करे। सॉलिसिटर जनरल ने आठ अप्रैल के उस फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर राज्यपाल समयसीमा के भीतर विधेयकों पर फैसला नहीं करते तो राज्य सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
राज्यपाल का छह महीने तक विधेयक लंबित रखना सही नहीं: सीजेआई
इस पर सीजेआई गवई ने कहा कि वह आठ अप्रैल के दो जजों के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन यह भी कहा कि राज्यपाल का किसी विधेयक को छह महीने तक लंबित रखना सही नहीं है। मेहता ने जवाब में कहा कि अगर एक सांविधानिक संस्था अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करती, तो इसका मतलब यह नहीं कि कोर्ट दूसरी सांविधानिक संस्था को आदेश दे।
इस पर सीजेआई ने कहा, हां, हम समझ रहे हैं कि आप क्या कह रहे हैं। लेकिन अगर यह अदालत ही किसी मामले को 10 साल तक नहीं सुलझाए, तो क्या राष्ट्रपति को कोई आदेश देने का हक होगा? सुनवाई अभी जारी है। 26 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल उठाया था कि अगर कोई राज्यपाल किसी विधेयक पर अनिश्चितकाल तक फैसला नहीं लेता तो क्या अदालत के पास कोई उपाय नहीं रहेगा?
क्या राज्यपाल की स्वतंत्र शक्ति के चलते बजट जैसे जरूरी विधेयक भी अटक सकते हैं? शीर्ष कोर्ट ने यह सवाल तब उठाया जब कुछ भाजपा शासित राज्यों ने कहा कि राज्यपाल और राष्ट्रपति को विधेयकों पर फैसला लेने में पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। इन राज्यों ने यह भी कहा कि कोर्ट हर समस्या का हल नहीं हो सकती।
सुप्रीम कोर्ट अभी राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए उस सांविधानिक संदर्भ पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें पूछा गया है कि क्या अदालत राज्यपाल और राष्ट्रपति को यह निर्देश दे सकती है कि वे विधानसभा से पारित हुए विधेयकों पर तय समयसीमा में निर्णय लें? मई में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनुच्छेद 143(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट से राय मांगी थी कि क्या अदालत राष्ट्रपति को निर्देश दे सकती है कि वह राज्य विधानसभा से आए विधेयकों पर कब और कैसे फैसला लें।
कोलकाता 28 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगभग 190 करोड़ रुपये के एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में कोलकाता के व्यवसायी हरीश बाघला को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जेसोर रोड स्थित उनके आलीशान आवासीय परिसर में रात भर चली छापेमारी के बाद की गई। यह कार्रवाई एक परिष्कृत वित्तीय अपराध नेटवर्क की व्यापक जांच का हिस्सा है।
हरीश बाघला पर कई बैंकों से भारी-भरकम ऋण प्राप्त करके बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने का आरोप है। उनके खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने इन अवैध लेनदेन को अंजाम देने के लिए लगभग 30 फर्जी कंपनियां बनाईं, जिनमें से अधिकांश फर्जी मानी जाती हैं। इन ऋणों से प्राप्त धन का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित बैंकों को भारी नुकसान हुआ।
इस मामले की जांच कुछ समय से चल रही है, जिसमें ईडी बाघला की वित्तीय गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी और सबूत जुटा रहा है। मंगलवार रात उनके आवास पर की गई छापेमारी इस खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया का परिणाम थी, जिसके बाद परिसर में ही उनकी तत्काल गिरफ्तारी की गई।
ईडी अधिकारियों ने धोखाधड़ी के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए बाघला से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य इन अनगिनत फर्जी कंपनियों के निर्माण के पीछे के उद्देश्य को समझना और इस धोखाधड़ी योजना में शामिल अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान करना है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि गबन की गई धनराशि का उपयोग कैसे किया गया।
नई दिल्ली 28 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- नई दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के व्याख्यानमाला कार्यक्रम ‘100 वर्ष की संघ यात्रा नए क्षितिज’ का गुरुवार को अंतिम दिन रहा। इस दौरान आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बताया कि नई शिक्षा नीति क्यों जरूरी है?
मोहन भागवत ने कहा, “नई शिक्षा नीति इसलिए शुरू की गई, क्योंकि अतीत में विदेशी आक्रमणकारियों ने हम पर शासन किया था। हम उनके अधीन थे और उनके शासन में उनका उद्देश्य इस देश पर प्रभुत्व स्थापित करना था, न कि इसका विकास करना। उन्होंने राष्ट्र पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए प्रणालियां तैयार कीं, लेकिन अब जब हम स्वतंत्र हैं, तो हमारा लक्ष्य सिर्फ शासन करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा और देखभाल करना है।”
उन्होंने कहा, “तकनीक और आधुनिकता का कोई विरोध नहीं है। जैसे-जैसे मानव ज्ञान बढ़ता है, नई तकनीकें उभरती हैं और उन्हें कोई नहीं रोक सकता। वे मनुष्यों के लाभ के लिए आती हैं और यह मनुष्यों पर निर्भर करता है कि वे उनका उपयोग कैसे करते हैं। जब भी कोई तकनीक उभरती है, उसका उपयोग मानवता के लाभ के लिए किया जाना चाहिए। अगर कोई हानिकारक परिणाम हैं, तो हमें उनसे बचना चाहिए और उन्हें रोकना चाहिए।”
भाजपा और संघ में कोई विवाद नहीं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- भाजपा और संघ में कोई विवाद नहीं है। हमारे भाजपा सरकार ही नहीं सभी सरकारों के साथ अच्छे संबंध रहे हैं। सरकार में फैसले लेने के सवाल पर भागवत ने कहा कि यह कहना गलत है कि सरकार में सब कुछ संघ तय करता है। हम सलाह दे सकते हैं, लेकिन निर्णय वे ही लेते हैं। हम तय करते तो इतना समय नहीं लगता।
तीन बच्चे पैदा करना जरूरी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि सभी परिवारों को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में परिवार व्यवस्था बनी रहे और देश की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे, इसके लिए जरूरी है कि तीन बच्चे सभी परिवारों में रहें।
“हम अंग्रेज नहीं हैं और हमें अंग्रेज बनने की जरूरत नहीं
मोहन भागवत ने कहा, “हम अंग्रेज नहीं हैं और हमें अंग्रेज बनने की जरूरत नहीं है, लेकिन अंग्रेजी एक भाषा है और भाषा सीखने में क्या बुराई है? जब मैं आठवीं कक्षा में था, तब मेरे पिता ने मुझे ‘ओलिवर ट्विस्ट’ और ‘द प्रिजनर ऑफ जेंडा’ पढ़ने को कहा था। मैंने कई अंग्रेजी उपन्यास पढ़े हैं, फिर भी इससे हिंदुत्व के प्रति मेरे प्रेम पर जरा भी असर नहीं पड़ा।
इंग्लिश नॉवेल पढ़ें और प्रेमचंद जैसे भारतीय कहानीकारों को छोड़ दें, ये ठीक नहीं है।”उन्होंने कहा कि एक श्रमिक संगठन, एक लघु उद्योग संगठन, सरकार और पार्टी, इन चारों को एकमत होना होगा, जो बहुत दुर्लभ है। संघर्ष हो सकता है, लेकिन झगड़ा नहीं होना चाहिए।
लक्ष्य एक ही है, हमारे देश की भलाई, हमारे लोगों की भलाई। अगर यह समझ है, तो हमेशा समन्वय होता है, और हमारे स्वयंसेवकों में यह समझ है। हर जगह हमें अपनी परंपराओं, अपने मूल्यों और अपने मूल्य-आधारित आचरण की शिक्षा देनी चाहिए, जरूरी नहीं कि धार्मिक शिक्षा ही हो।
यह सामाजिक है। हमारे धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन समाज के सदस्य के रूप में हम एक हैं। समझें कि ये सामान्य सिद्धांत हैं, माता-पिता का सम्मान करना, बड़ों के सामने विनम्रता दिखाना, अहंकार से नियंत्रित न होना आदि। ये हमारी संस्कृति के विशेष और विशिष्ट पहलू हैं।
28.08.2025 – साउथ एशिया समिट पार्टनरशिप (इवेंट पार्टनर) और समारी इवेंट्स नेपाल (सहयोगी संस्था) के संयुक्त तत्वाधान में आभा फाउंडेशन नेपाल के सहयोग से एबीएम के बैनर तले राष्ट्रीय नाचघर ऑडिटोरियम, जमल, काठमांडू (नेपाल) में आयोजित इंटरनेशनल आइकॉन अवार्ड 2025 समारोह, कार्यक्रम के विशेष मुख्य अतिथि अब्दुल खान, पूर्व जल आपूर्ति मंत्री (नेपाल) और मुख्य अतिथि त्शेरिंग ल्हामू लामा (तामांग), संसद सदस्य (नेपाल) की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
इस प्रतिष्ठित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में क्रियाशील प्रतिभाओं को उनकी उपलब्धियों के आकलन के पश्चात सम्मानित किया गया।