मुझे तूफानों से जूझने की आदत, आसुरी शक्तियों से डरने वाली नहीं : सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली ,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने विरोधियों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी आसुरी शक्ति से डरने वाली नहीं हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के वार्षिक दिवस समारोह को संबोधित कर रही थीं।

अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए, सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक छात्र नेता के रूप में अपने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, मुझे तूफानों से जूझने की आदत है।

जब मैं डूसू प्रेसिडेंट थी, तो एक बार एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुतला फूंकते समय एक समझदार व्यक्ति ने केरोसिन की जगह पेट्रोल डाल दिया था, जिसके कारण मेरा चेहरा जल गया। मुझे एक-डेढ़ महीने इस हालात से गुजरना पड़ा था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा, छोटी उम्र में भी, मेरा मानना था कि आगे बढ़ते रहना चाहिए।

आज दिल्ली की जनता की शक्ति और आशीर्वाद से मैं चुनौतियों का साहस के साथ सामना कर रही हूं। उन्होंने खुद को शक्तियों का अंबार बताते हुए कहा कि मैं किसी भी असुरी शक्ति से डरने वाली नहीं हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा, जब तक दिल्ली को उसके अधिकार नहीं मिल जाते, मैं लगातार संघर्ष करती रहूंगी। न डरूंगी, न थकूंगी और न ही हार मानूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने ऊपर हुए हमले के बावजूद उनकी हिम्मत और संकल्प पहले से और मजबूत हुए हैं।

श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) ने शनिवार को अपना 99वां वार्षिकोत्सव मनाया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं।

रेखा गुप्ता अपने ऊपर हुए हमले के बाद सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कॉलेज का शताब्दी लोगो लॉन्च किया।

इस मौके पर सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन पर बल देते हुए कहा कि देश और दिल्ली को बेहतर बनाने में हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, एसआरसीसी के 99वें वार्षिकोत्सव पर परिसर में शिक्षकों और छात्रों से संवाद का अवसर मिला।

सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को ढेरों शुभकामनाएं। एशिया के सर्वश्रेष्ठ कॉमर्स कॉलेज का यह गौरवशाली सफर हम सबके लिए गर्व का विषय है।

कॉलेज जीवन की यादें सचमुच सुनहरी होती हैं। चाहे जीवन में हम कितनी भी ऊंचाइयां क्यों न छू लें, वे दिन हमेशा मन में ताजा रहते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा रही हूं, इसलिए यह वातावरण मुझे अपने ही पुराने दिनों में लौटा ले गया।

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बिहार में वोटर अधिकार यात्रा जारी, 26 अगस्त को प्रियंका गांधी वाड्रा होंगी शामिल

पटना ,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । बिहार में इन दिनों सियासत का तापमान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा राज्य की सड़कों पर जारी है। इस यात्रा के जरिए विपक्ष वोट चोरी का आरोप लगा रहा है।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, अगर आपने कहीं 1-2 किलोमीटर की चमचमाती सड़क बना दी है, तो क्या आपने अपने पैसे से बनाई है? क्या ये कोई एहसान है? ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बिहार के मंत्रियों की भाषा बेहद अहंकारी और शर्मनाक है। बिहार में सरकार बदलने जा रही है।

कांग्रेस महिला मोर्चा प्रमुख अलका लांबा ने बताया कि यात्रा कटिहार से पूर्णिया की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने ऐलान किया कि 26 अगस्त को प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस यात्रा में शामिल होंगी।

अलका लांबा ने कहा, 25 अगस्त को यात्रा में ब्रेक रहेगा, लेकिन 26 को प्रियंका गांधी वाड्रा खुद बिहार आएंगी। इंडिया गठबंधन के सभी मुख्यमंत्री इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। माहौल बन चुका है, ये सरकार अब बदल जाएगी। हम वोट की पूरी पहरेदारी करेंगे और वोट चोरी करने वालों को घुटनों पर लाएंगे।

अलका लांबा ने बिहार की सड़कों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, सड़कें तो हैं, लेकिन क्या वो बेटियों के लिए सुरक्षित हैं? क्या उन रास्तों से बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है? सड़क का क्या फायदा जब उस पर चलकर इंसान दवाई, पढ़ाई या कमाई के लिए ही नहीं जा सकता?

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बात करते हुए अलका लांबा ने कहा, राजनीतिक दलों में कमियां हैं और हम उन्हें सुधारने की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं।

कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा, इस यात्रा से बिहार के लोगों को एक नई उम्मीद मिली है। चुनाव आयोग को बार-बार सुप्रीम कोर्ट की फटकार मिल रही है। बिहार के युवा जाग चुके हैं। हर वर्ग बोल रहा है, वोट चोर, गद्दी छोड़।

राजद के एमएलसी कारी सोहैब ने कहा, इस यात्रा में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। जनता को अब मालूम हो चुका है कि यह सरकार वोट चोरी करके बनी है। इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी और हम वोट चोरी नहीं होने देंगे।

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रांची में परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा

झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा आयोजित संपूरक/समुन्नत माध्यमिक सैद्धांतिक परीक्षा-2025 को लेकर निषेधाज्ञा

रांची के 05 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई है परीक्षा

रांची,23.08.2025 – झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा आयोजित संपूरक/समुन्नत माध्यमिक सैद्धांतिक परीक्षा-2025 रांची जिला के 05 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गयी है।

परीक्षा के सफल संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची तथा अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था, रांची के संयुक्तादेश पर पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है।

असामाजिक तत्व परीक्षा केन्द्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं, इस आशंका को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बी०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो निम्न है :-

1- पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

2- किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

3- किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे बंदूक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

4- किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे-लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोडकर)।

5- किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 23, 25, 26, 28 एवं 29.08.2025 के पूर्वाह्न 06:45 बजे से अपराह्न 08:15 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केंद्रों के नाम :-

1. केबी गर्ल्स हाई स्कूल, रातू रोड, रांची।

2. गौरी दत्त मंडिलिया हाई स्कूल, रांची।

3. बाल कृष्णा, +2 हाई स्कूल रांची।

4. मारवाड़ी +2 हाई स्कूल, रांची।

5. संत पॉल, हाई स्कूल, रांची।

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उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने कांके के पूर्व अंचलाधिकारी, दिवंगत जयकुमार राम जी को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

रांची,23.08.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने आज  23 अगस्त 2025 को भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट राँची में झारखण्ड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कांके के पूर्व अंचलाधिकारी, दिवंगत जयकुमार राम जी को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उपायुक्त ने कहा की जिला प्रशासन इस दुखद समय में आपके साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और आपको व आपके शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें।”

इस दौरान अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू, श्री किस्टो कुमार बेसरा एवं जिला के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी स्थित प्रस्तावित रिस्स–2 के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू

शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा जारी की गई निषेधाज्ञा

रांची,23.08.2025 – कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी में प्रस्तावित रिस्स–2 के सीमांकन एवं फेंसिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। इस दौरान यह देखा गया कि उक्त स्थल पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही है तथा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फेंसिंग के अंदर प्रवेश का प्रयास एवं विधि-व्यवस्था भंग करने की आशंका बनी हुई है।

शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा बीएनएसएस की धारा-163 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी स्थित प्रस्तावित रिस्स–2 के 200 मीटर परिधि में निषेधाज्ञा लागू की गई है, जो निम्न प्रकार है :-

1. पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्रित होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों, सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

2. ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग।

3. किसी प्रकार का अस्त्र–शस्त्र जैसे बंदूक, रायफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

4. किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी–डंडा, तीर–धनुष, गड़ासा–भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

5. किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन।

यह निषेधाज्ञा सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं है।

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एफआईआर पर तेजस्वी यादव भड़के, कहा- हम डरने वाले नहीं है

कटिहार,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। 22 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गया में दौरा था. इसको लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया था. इसको लेकर अब तेजस्वी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.

उनपर महाराष्ट्र और यूपी में एफआईआर किया गया है. इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि सच बोलने से वह डरते नहीं है.

कटिहार में वोटर अधिकार यात्रा में शामिल होने पहुंचे तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एफआईआर से कौन डरता है? अब बताओ जुमला बोलना भी अपराध हो गया है. जिन लोगों ने एफआईआर किया है, वो लोग जाने कि आखिर क्यों केस किया गया. ये लोग सच बोलने से घबराते हैं.

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी के गया दौरे को लेकर एक पोस्ट किया था और इसमें पीएम की तस्वीर भी शामिल की थी. उन्होंने लिखा था, आज गया में लगेगी झूठ और जुमलों की दुकान, प्रधानमंत्री जी, गया में बिना हड्डी की जुबान से आज झूठ और जुमलों का हिमालय खड़ा करेंगे.

लेकिन बिहार के न्यायप्रिय जनता दशरथ मांझी की तरह उनके झूठ और जुमलों के इन विशाल पहाड़ों को तोड़ देगी. ग्यारह साल अपनी और बीस वर्षों की एनडीए सरकार के बीस सालों का हिसाब दो.

गढ़चिरौली के भाजपा विधायक मिलिंद रामजी नरोटे की शिकायत पर, राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने का मामला दर्ज किया गया है.

गढ़चिरौली पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, जैसे धारा 196(1)(ए)(बी), 356(2)(3), 352, 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

वहीं यूपी के शाहजहांपुर में बीजेपी महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने सदर बाजार थाने में तेजस्वी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है. उन्होंने शिकायत कर कहा कि राजद के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर शुक्रवार को एक पोस्ट जारी किया गया था.

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असिस्टेंट प्रोफेसरों की सैलरी सिर्फ 30 हजार रुपये, सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई..

वेतन सही करने का दिया आदेश

नई दिल्ली,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। गुजरात के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में संविदा के आधार पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को दिए जा रहे कम सैलरी पर असंतोष व्यक्त किया.

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब शिक्षकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता या उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक नहीं दिया जाता, तो इससे देश में ज्ञान के महत्व में कमी आती है और बौद्धिक पूंजी के निर्माण की जिम्मेदारी संभालने वालों की प्रेरणा कमजोर होती है.

अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के लिए यह बिल्कुल सही समय है कि वह असिस्टेंट प्रोफेसरों के कार्यों के आधार पर उनके वेतन को तर्कसंगत बनाए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कॉन्टेक्ट के आधार पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को वर्तमान में 30,000 हजार रुपये मासिक सैलरी मिल रहा है. वहीं एडहॉक असिस्टेंट प्रोफेसरों को लगभग 1,16,000 रुपये मासिक और रेगुलर असिस्टेंट प्रोफेसरों को लगभग 1,36,000 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है, जबकि ये सभी समान कार्य कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक समारोहों में केवल गुरुब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुदेवो महेश्वर: का जाप करना पर्याप्त नहीं है. अदालत ने आगे कहा कि, अगर हम ऐसे जाप पर विश्वास करते हैं, तो यह राष्ट्र द्वारा अपने शिक्षकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार में भी दिखना चाहिए.

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की बेंच ने गुजरात के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में कॉन्ट्रैक्ट के आधार (संविदा) पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों को दिए जा रहे कम वेतन पर असंतोष व्यक्त किया है.

बेंच ने 22 अगस्त को दिए गए अपने फैसले में कहा कि, यह परेशान करने वाला है कि सहायक प्रोफेसरों को 30,000 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है. अब समय आ गया है कि राज्य इस मुद्दे को उठाए और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों के आधार पर वेतन संरचना को युक्तिसंगत बनाए.

बेंच ने कहा कि शिक्षाविद, लेक्चरर और प्रोफेसर किसी भी राष्ट्र की बौद्धिक रीढ़ होते हैं, क्योंकि वे अपना जीवन भावी पीढिय़ों के मन और चरित्र को आकार देने के लिए समर्पित करते हैं.

बेंच ने यह भी कहा कि उनका काम शिक्षा देने से कहीं आगे जाता है. इसमें मार्गदर्शन, अनुसंधान का मार्गदर्शन, आलोचनात्मक सोच को पोषित करना और समाज की प्रगति में योगदान देने वाले मूल्यों का संचार करना शामिल है.

बेंच ने कहा, जब शिक्षकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है या उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक नहीं दिया जाता है, तो यह ज्ञान के प्रति देश के मूल्य को कम करता है और उन लोगों की प्रेरणा को कमजोर करता है जिन्हें इसकी बौद्धिक पूंजी के निर्माण का दायित्व सौंपा गया है.

बेंच ने कहा कि उचित पारिश्रमिक और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करके, हम उनकी भूमिका के महत्व की पुष्टि करते हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और अपने युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां कई अपीलों पर सुनवाई करते हुए कीं, जो गुजरात हाई कोर्ट की खंडपीठ द्वारा दिए गए दो निर्णयों से पैदा हुई थीं.

पहले फैसले में, गुजरात राज्य एवं अन्य बनाम गोहेल विशाल छगनभाई एवं अन्य, संविदा के आधार पर सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त प्रतिवादियों को सहायक प्रोफेसरों का न्यूनतम वेतनमान प्रदान करने वाले सिंगल जज के आदेशों के विरुद्ध राज्य की लेटर पेटेंट अपील (एलपीए) खारिज कर दी गई थी.

राज्य ने पहले सेट की दीवानी अपीलों में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. दूसरी सेट की दीवानी अपीलें बाद में नियुक्त कुछ संविदा सहायक प्रोफेसरों से संबंधित थीं, जिनकी रिट याचिकाओं को सिंगल जज ने समान पद पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों के साथ पूर्ण समानता प्रदान करते हुए स्वीकार कर लिया था.

बेंच ने कहा, राज्य के एलपीए में खंडपीठ ने अपीलों को स्वीकार करने और रिट याचिकाओं को पूरी तरह से खारिज करने के दूसरे चरम पर जाकर फैसला सुनाया. इस प्रकार, संविदा के आधार पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर हमारे समक्ष हैं.

बेंच ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांतों को लागू करते हुए और प्रतिवादियों को सहायक प्रोफेसरों के न्यूनतम वेतनमान का भुगतान करने के खंडपीठ के निर्देशों की पुष्टि करते हुए, हमने राज्य की अपीलों को खारिज कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उन्हीं सिद्धांतों को लागू करते हुए, हमने समान पदों पर संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों द्वारा दायर दीवानी अपीलों को स्वीकार कर लिया है और निर्देश दिया है कि उन्हें सहायक प्रोफेसरों को देय वेतनमान का न्यूनतम वेतन दिया जाएगा.

बेंच ने कहा कि अपीलों को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए, हम निर्देश देते हैं कि संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसरों को देय न्यूनतम वेतनमान के हकदार होंगे.

बेंच ने कहा, रिट याचिका दायर करने की तारीख से तीन साल पहले से 8 प्रतिशत की दर से गणना की गई बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा. इन निर्देशों के साथ अपीलें स्वीकार की जाती हैं.

बेंच ने कहा कि अपीलकर्ता वेतन में समानता की मांग कर रहे थे और नियमितीकरण की उनकी प्रार्थना, हालांकि मुकदमेबाजी के पहले के दौरों में की गई थी, कभी स्वीकार नहीं की गई. मौजूदा मामले के तथ्य बेहद गंभीर हैं.

2011 से 2025 के दौरान संविदा के आधार पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर पिछले दो दशकों से बेहद कम मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हालांकि उनके और नियमित या एडहॉक के आधार पर नियुक्त उनके सहयोगियों द्वारा किए गए कर्तव्यों और कार्यों के बीच अंतर करने वाला कोई भी प्रमाण उपलब्ध नहीं है, फिर भी वे 30,000 रुपये का मासिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं.

2025 में, एक एडहॉक सहायक प्रोफेसर का सकल वेतन लगभग 1.16 लाख रुपये प्रति माह और एक नियमित सहायक प्रोफेसर का लगभग 1.36 लाख रुपये प्रति माह है.

बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर विचार किया है और इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर नियमित कर्मचारियों के साथ वेतन में समानता की मांग नहीं कर सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम अपील को स्वीकार करते हैं और 20 दिसंबर, 2023 को खंडपीठ द्वारा पारित हाई कोर्ट के फैसले और आदेश को रद्द करते हैं, साथ ही आर/स्पेशल सिविल एप्लीकेशन में एकल न्यायाधीश द्वारा 5 जुलाई, 2023 को पारित आदेश को भी रद्द करते हैं.

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ईडी ने अवैध सट्टेबाजी मामले में कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया

रेड में मिले नोटों के ढेर; 12 करोड़ कैश, करोड़ों की ज्वैलरी जब्त

नईदिल्ली,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑनलाइन गेमिंग विधेयक के संसद में पास होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 22 और 23 अगस्त को देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।

यह मामला कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले से कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र और उनके करीबियों से जुड़ा हुआ है। ईडी ने इस मामले में विधायक वीरेंद्र को सिक्किम की राजधानी गंगटोक से गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ जारी है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईडी की टीमों ने गंगटोक, चित्रदुर्ग, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा में कुल 31 जगहों पर एकसाथ छापेमारी की।

गोवा में भी ईडी ने पपीज कैसिनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसिनो, पपीज कैसिनो प्राइड, ओशन 7 कैसिनो और बिग डैडी कैसिनो पर छापा मारकर तलाशी ली।

जांच में सामने आया है कि विधायक वीरेंद्र किंग567 और राजा567 जैसे कई ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों का संचालन कर मोटा पैसा कमा रहे थे।

ईडी ने छापेमारी के दौरान करीब 12 करोड़ रुपये की नकदी, 1 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा, लगभग 6 करोड़ रुपये मूल्य का सोना, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाडिय़ां बरामद की है।

इसके अलावा 17 बैंक खाते और 2 लॉकर भी फ्रीज किए हैं। ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत भी मिले हैं, जिनसे यह साफ हुआ है कि अवैध कमाई को अलग-अलग तरीकों से सफेद दिखाने की कोशिश की जा रही थी।

ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपी विधायक वीरेंद्र का भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से डायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज़ और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज नामक तीन कंपनियों के जरिये यह धंधा संभाल रहा था।

इसी तरह एक और भाई केसी नागराज और उसका बेटा पृथ्वी एन राज भी इस काम में शामिल है। ईडी ने गत दिनों ही विधायक और अन्य लोगों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी को लेकर एफआईआर दर्ज की थी।

ईडी को कार्रवाई के दौरान पता चला की विधायक वीरेंद्र ऑफलाइन सट्टेबाजी के मामले में हाल ही में अपने साथियों के साथ गंगटोक भी गए थे, जहां वे एक लैंड कैसिनो लीज पर लेने की कोशिश कर रहे थे।

इसके बाद ईडी एक टीम भी गंगटोक रवाना हो गई और दबिश देकर विधायक को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें स्थानीय कोर्ट में पेश कर ईडी ने बेंगलुरु कोर्ट ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया।

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असम में 18 से ज्यादा उम्र वालों का नया आधार कार्ड नहीं बनेगा

कोलकाता 22 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। असम में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का नया आधार कार्ड नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा- असम कैबिनेट ने अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता से रोकने के लिए यह फैसला लिया है।

सीएम हिमंत ने बताया कि राज्य में 18 साल से अधिक उम्र के जिन लोगों के पास अभी तक आधार कार्ड नहीं है, उन्हें आवेदन के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और चाय जनजाति के 18+ आयु वाले एक साल तक आधार कार्ड बनवा सकेंगे।

असम में कुछ खास वर्गों को छोड़कर बाकी सभी लोगों को आधार कार्ड मिल चुका है। अब नए आधार कार्ड सिर्फ डिप्टी कमिश्नर ही बहुत ही विशेष मामलों में जारी करेंगे, ताकि अवैध घुसपैठियों की ओर से आने वाले आवेदनों पर सख्त निगरानी रखी जा सके। अवैध विदेशी असम में आकर आधार न बनवा सके: हमने लगातार बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पर वापस भेजा है।

हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी अवैध विदेशी असम में आकर आधार कार्ड न बनवा सके और खुद को भारतीय नागरिक साबित न कर सके। हमने इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है।सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर में सिटिजनशिप एक्ट की धारा 6A की वैधता को बरकरार रखा था।

सिटिजनशिप एक्ट की धारा 6A को 1985 में असम समझौते के दौरान जोड़ा गया था। इस कानून के तहत जो बांग्लादेशी अप्रवासी 1 जनवरी 1966 से 25 मार्च 1971 तक असम आए हैं वो भारतीय नागरिक के तौर पर खुद को रजिस्टर करा सकते हैं। हालांकि 25 मार्च 1971 के बाद असम आने वाले विदेशी भारतीय नागरिकता के लायक नहीं हैं।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की कॉन्स्टिट्यूशन बेंच ने इस पर फैसला सुनाया था। फैसले पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सहित चार जजों ने सहमति जताई है। वहीं जस्टिस जेबी पारदीवाला ने असहमति जताई।

सिटीजनशिप एक्ट 1955 की धारा 6A, भारतीय मूल के विदेशी प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की अनुमति देती है। जो 1 जनवरी, 1966 के बाद लेकिन 25 मार्च, 1971 से पहले असम आए थे।

यह प्रावधान 1985 में असम समझौते के बाद डाला गया था, जो भारत सरकार और असम आंदोलन के नेताओं के बीच हुआ समझौता था।

ये नेता बांग्लादेश से असम में प्रवेश करने वाले अवैध प्रवासियों को हटाने का विरोध कर रहे थे। जब बांग्लादेश मुक्ति युद्ध समाप्त हुआ था।असम के कुछ स्वदेशी समूहों ने इस प्रावधान को चुनौती दी, उनका तर्क था कि यह बांग्लादेश से विदेशी प्रवासियों की अवैध घुसपैठ को वैध बनाता है।

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भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग कर वोटों की डकैती की, लोकतंत्र खतरे में: अखिलेश यादव

लखनऊ 22 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) –  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग कर उपचुनावों में भी वोटों की डकैती की है। उन्होंने कहा कि वोट बनना, वोट बचाना, वोट डलवाना और वोट गिनने तक जनता को सतर्क रहना होगा, तभी लोकतंत्र सुरक्षित रह सकेगा।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा गरीबों का वोट कटवा रही है। वर्ष 2022 में जब समाजवादी पार्टी ने गलत तरीके से काटे गए वोटों पर आवाज उठाई, तो चुनाव आयोग ने पार्टी को नोटिस भेजा था। पार्टी ने वोटर लिस्ट से डिलीट किए गए 18 हजार वोटरों की सूची शपथ पत्र के साथ चुनाव आयोग को भेजी थी, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

जब वोट चोरी और वोट काटने का मामला उठा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि कोई एफिडेविट नहीं मिला। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास हर एफिडेविट की रसीद मौजूद है।उन्होंने कहा कि भाजपा की असलियत अब जनता के सामने आ चुकी है और गरीब जनता भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए संकल्पबद्ध है।

भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को खाद नहीं मिल रही, महिलाओं को खाद के लिए लाइन लगानी पड़ रही है, लेकिन सरकार लाठियां चला रही है। खाद का बड़ा घोटाला हुआ है। जल जीवन मिशन में बजट का जमकर बंदरबांट किया गया, पानी की टंकियां गिर रही हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था चौपट कर दी है, बंद किए गए स्कूल अब तक चालू नहीं हुए। प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त है, हत्या, लूट, बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वृक्षारोपण के सारे आंकड़े फर्जी हैं और सरकार ने पूरी व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।

उन्होंने दावा किया कि व्यवस्था सुधारने का काम समाजवादी पार्टी की सरकार ही कर सकती है।इस अवसर पर नेता विरोधी दल विधानसभा माता प्रसाद पांडेय, सांसद लालजी वर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, पार्टी के सचिव अवधेश सिंह सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

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तृणमूल जाबे, भाजपा आसबेः पीएम मोदी

पीएम ने कोलकाता को भारत का इतिहास और भविष्य पहचान बताया

पीएम ने किया 5200 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के शिलान्यास

नकुल कुमार मंडल/ जयदीप यादव

कोलकाता 22 Aug, (एजेंसी) बंगाल में भाजपा की सरकार बनाइए। हम श्याम प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाएंगे। विकसित बंगाल, मोदी की गारंटी है। भाजपा के पास बंगाल के विकास का रोडमैप है। लेकिन तृणमूल के पास नहीं है। तृणमूल विकास की दुश्मन है। दमदम के लोग भी इसके गवाह हैं। स्मार्ट सिटी मिशन में यहां काफी प्रगति हो सकती थी। लेकिन तृणमूल सरकार उस परियोजना में शामिल नहीं हुई।

तृणमूल का काम किसी भी तरह से पश्चिम बंगाल में केंद्रीय परियोजनाओं के कार्यान्वयन को रोकना है। इसलिए आपको यहां भी भाजपा को मौका देना चाहिए। उक्त बात आज पीएम मोदी ने कहा की, “तृणमूल जाबे, भाजपा आसबे” पीएम मोदी ने कोलकाता में कई मेट्रो रेलवे परियोजनाओं सहित 5200 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के शिलान्यास के दौरान कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने जेसोर रोड मेट्रो स्टेशन से नोआपाड़ा-जय हिंद विमानबंदर मेट्रो रूट, सियालदह-एस्प्लेनेड मेट्रो रूट और बेलेघाटा-हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो रूट का उद्घाटन किया। इन रूट की कुल लंबाई 13.62 किलोमीटर है। इसके अलावा पीएम 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से बनने वाले सिक्स-लेन कोना एक्सप्रेसवे की आधारशिला भी रखी। यह एक्सप्रेसवे 7.2 किलोमीटर लंबा होगा। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई हैं।

पीएम मोदी ने कहा- टीएमसी का मिशन भाजपा को रोकना है। केंद्र की योजनाओं को रोकना है। मैं बंगाल के लोगों से पूछता हूं क्या ये तरीका सही है, क्या इस राजनीति से बंगाल का भला होगा? भाजपा आएगी तो रेल और मेट्रो का तेजी से विकास होगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री बनेगी।

ये तभी होगा जब भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और बंगाल में डबल इंजन की सरकार होगी। पीएम ने कहा, ‘आज एक बार फिर मुझे पश्चिम बंगाल में विकास को गति देने का अवसर मिला। सभी खुश हैं कि कोलकाता के सार्वजनिक परिवहन में प्रगति हुई है। मैं इन विकास परियोजनाओं के लिए कोलकाता के लोगों को बधाई देता हूं।’
‘कोलकाता जैसे हमारे शहर भारत के इतिहास और हमारे भविष्य दोनों की समृद्ध पहचान है। आज जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है तब दमदम, कोलकाता इन शहरों की भूमिका बहुत बड़ी है… ये आयोजन इस बात का प्रमाण है कि आज का भारत अपने शहरों का कैसे कायाकल्प कर रहा है।’

केजरीवाल का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि वे भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बैठकर सरकार चला रहे हैं। और मोदी की नीति इस सारे भ्रष्टाचार को रोकने की है। तृणमूल भी भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पर पहुंच गई है। तृणमूल के लोगों ने दिल्ली में इस बिल के कागज फाड़ दिए हैं। लेकिन अब उनकी दबंगई और नहीं चलेगी।

तृणमूल के एक मंत्री पर गरीबों का राशन चुराने का आरोप है। ये मंत्री जेल जाने के बाद भी मंत्री बने हुए हैं। दरअसल, तृणमूल कानून का सम्मान नहीं करती, संविधान का सम्मान नहीं करती। क्या जनता को धोखा देने वालों को सरकार में रहना चाहिए? आपका क्या कहना है?

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, इस बार मैंने लाल किले की सभा से अपनी सबसे बड़ी चिंता व्यक्त की थी, कोलकाता के लोग सबसे पहले सोचते हैं। इसलिए मैं हमेशा आपकी बातों को सबसे पहले महत्व देता हूं। इसीलिए मैं घुसपैठ रोकना चाहता हूं। लेकिन ऐसा करते हुए, तृणमूल और कांग्रेस जैसी कुछ पार्टियां इंडिया गठबंधन के नाम पर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं। इससे बंगाल के साथ-साथ पूरे देश में संकट पैदा हो रहा है। जो लोग हमारे लोगों की रोज़ी-रोटी छीनना चाहते हैं, उन्हें यहां से जाना होगा।

इसकी हम व्यवस्था कर रहें हैं। अगर ऐसा हुआ, तो तृणमूल सरकार भी यहां से चली जाएगी।मोदी ने दावा किया कि ‘हमने बंगाली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार गर्व से बंगाली भाषा और बंगाली संस्कृति को मज़बूत करने का काम कर रही है।’ अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो पर्यटन में आमूल-चूल परिवर्तन आएगा।

युवाओं को रोज़गार मिलेगा।मैं ऐसे समय में आया हूँ जब दुर्गा पूजा की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। बड़ा बाजार से लेकर पार्क स्ट्रीट तक, कोलकाता इस उत्सव की तैयारी और सजावट में व्यस्त है। खुशी और आस्था के इस उत्सव में जब विकास का उत्सव भी जुड़ जाता है, तो खुशी दोगुनी हो जाती है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है। इसलिए जब तक पश्चिम बंगाल का सामर्थ्य नहीं बढ़ेगा, तब तक विकसित भारत की यात्रा सफल नहीं हो पाएगी। क्योंकि भाजपा मानती है,  भाजपा की श्रद्धा है – जब बंगाल का उदय होगा, तभी विकसित भारत बनेगा।

पीएम मोदी ने मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में हमारी सेना ने सीमा पार आतंकियों और आतंक के आकाओं के अड्डों को खंडहर में बदल दिया। आतंकियों को ऐसा सबक सिखाया कि पाकिस्तान की आज भी नींद उड़ी हुई है। सेना को ताकत देने में बंगाल की भूमि का बहुत बड़ा योगदान है।

इच्छापुर में गुलामी के दौर में डिफेंस मेन्युफैक्चरिंग का काम शुरू हुआ लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस इंडस्ट्री को बर्बाद कर दिया। सेना को विदेश पर निर्भर कर दिया। उन्होंने कहा- भाजपा सरकार ने डिफेंस सरकार को मजबूती दी।

इच्छापुर में बनी फैक्ट्री से यहां छोटे-छोटे उद्योगों के लिए अवसर बने। इस फैक्ट्री के कारण हजारों लोगों को रोजगार मिला। आप 2026 में भाजपा की सरकार बनाइए। बंगाल को डॉ मुखर्जी के सपनों का बंगाल में बनाएंगे। बंद पड़े कारखाने फिर से खुलेंगे। दमदम फिर से इंडस्ट्रियल हब बनेगा। ये भाजपा का संकल्प है।

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नई उत्पाद नियमावली (2025) के तहत राँची जिले में 150 खुदरा उत्पाद दुकानों की ई-लॉटरी के माध्यम से सफल बंदोबस्ती

लॉटरी प्रक्रिया में कुल 150 दुकानों के लिए 1752 आवेदकों ने भाग लिया

इस प्रक्रिया से सरकार को आवेदन शुल्क के रूप में 6,18,86,280 रुपये (छह करोड़ अठारह लाख छियासी हजार दो सौ अस्सी रुपये) का राजस्व प्राप्त

रांची, 22.08.2025 – उपायुक्त सह बंदोबस्त पदाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में  22 अगस्त 2025 को समाहरणालय सभागार में नई उत्पाद नियमावली (2025) के अंतर्गत राँची जिले की 150 खुदरा उत्पाद दुकानों की बंदोबस्ती प्रक्रिया ई-लॉटरी के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न की गई।

इस दौरान अपर समाहर्ता, राँची, श्री रामनारायण सिंह एवं सहायक उत्पाद आयुक्त, राँची, श्री अरुण कुमार मिश्रा एवं सम्बंधित सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस प्रक्रिया में दुकानों को 87 ग्रुपों में विभक्त किया गया था।

बंदोबस्ती प्रक्रिया की शुरुआत जिले की उन तीन खुदरा उत्पाद दुकानों से की गई, जिनके लिए सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इन दुकानों की लॉटरी डेमो के माध्यम से की गई। इसके पश्चात सभी आवेदकों की उपस्थिति में शेष दुकानों की बंदोबस्ती ऑनलाइन ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी ढंग से संपन्न की गई।

प्रत्येक दुकान के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेता घोषित किए गए। यदि प्रथम विजेता निर्धारित राशि जमा करने में असफल रहता है, तो क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता को अवसर प्रदान किया जाएगा।

इस लॉटरी प्रक्रिया में कुल 150 दुकानों के लिए 1752 आवेदकों ने भाग लिया। इस प्रक्रिया से सरकार को आवेदन शुल्क के रूप में 6,18,86,280 रुपये (छह करोड़ अठारह लाख छियासी हजार दो सौ अस्सी रुपये) का राजस्व प्राप्त हुआ।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राँची जिले में उत्पाद राजस्व के रूप में 736 करोड़ रुपये का लक्ष्य न्यूनतम गारंटी राजस्व (MGR) के रूप में निर्धारित किया गया है। 01 सितंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक की शेष अवधि में 449 करोड़ रुपये MGR के रूप में उत्पाद राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

यह प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और निष्पक्ष रही, जिसमें ऑनलाइन ई-लॉटरी प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों और आवेदकों की उपस्थिति में बंदोबस्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया गया।

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मेगा स्टार चिरंजीवी के 70वें जन्मदिन पर आई ‘विश्वंभरा’ की पहली झलक…….!

22.08.2025 – यूवी क्रिएशंस के विक्रम, वामसी और प्रमोद द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित और अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स के द्वारा प्रस्तुत की जा रही फिल्म ‘विश्वम्भरा’ का खास बर्थडे ग्लिम्प्स मेगास्टार चिरंजीवी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान जारी किया गया, जिसने भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी सोशियो-फैंटेसी फिल्मों में से एक की झलक दिखाई।

ग्लिम्प्स दर्शकों को ‘विश्वम्भरा’ की रहस्यमयी दुनिया में ले जाता है। शुरुआत में एक बच्चे और एक बुजुर्ग व्यक्ति के बीच बातचीत दिखाई जाती है, जिसमें वे बताते हैं कि किस प्रकार स्वार्थ ने अतीत में विनाश मचाया।

इसी अव्यवस्था से एक लंबे समय से प्रतीक्षित रक्षक का आगमन होता है, जिसे चिरंजीवी एक प्रभावशाली और बड़े जीवन्त अंदाज में निभा रहे हैं। फिल्म में चिरंजीवी के अलावा त्रिशा कृष्णन, अशिका रंगनाथ और कुनाल कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि मौनी रॉय एक विशेष गाने में दिखाई देंगी।

संगीत की जिम्मेदारी एम.एम. कीरवाणी के साथ भीम्स सेसिरोलियो ने संभाली है। सिनेमैटोग्राफी चोटा के. नायडू और प्रोडक्शन डिजाइन ए.एस. प्रकाश ने किया है। साउथ फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित निर्देशक वशिष्ठ के निर्देशन में बनी यह फिल्म तेलुगु, हिंदी, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में बड़े पैमाने पर रिलीज़ होगी।

इस फिल्म के प्रस्तुतकर्ता फिल्म निर्माता अभिषेक अग्रवाल, जो कार्तिकेय 2, कश्मीर फाइल्स, बंगाल फाइल्स जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने कहा ‘विश्वम्भरा’ के साथ हम तेलुगु सिनेमा की ताकत और भव्यता को पूरे भारत के दर्शकों तक ला रहे हैं। ‘विश्वम्भरा’ भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित एक हाई-कॉन्सेप्ट फैंटेसी है, जो एक वैश्विक स्तर के लिए तैयार की गई है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

एटा में श्री सीमेण्ट प्लांट का उद्घाटन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निवेश और रोजगार पर जोर दिया

एटा 21 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति के परिणाम अब प्रदेश के विकास के रूप में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसे विकसित और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया।

प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत एटा को श्री सीमेण्ट के रूप में नया निवेश और रोजगार का उपहार प्राप्त हुआ है।मुख्यमंत्री ने एटा में श्री सीमेण्ट प्लांट का उद्घाटन करने के बाद कहा कि जिले में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और स्थानीय हित में किए गए प्रयासों के कारण एटा आज विकास की बुलंदियों को छू रहा है।

उन्होंने बताया कि जिले में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, चौड़ी सड़कों, फोर लेन कनेक्टिविटी और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के विस्तार से एटा की पहचान पूरी तरह बदल चुकी है। पहले जहां अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था, अब वहां कानून-व्यवस्था और विकास की सकारात्मक छवि स्थापित हो रही है।मुख्यमंत्री ने जलेसर के पारंपरिक उद्योगों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और कहा कि एटा के जलेसर के घुंघरू और घण्टों की प्रसिद्धि पूरे देश में है।

मंदिरों व संगीत कार्यक्रमों में इनके उपयोग से जिले की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय उद्योगों का महत्व उजागर होता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जवाहरपुर में स्थापित थर्मल पावर प्लांट से डेढ़ हजार मेगावॉट विद्युत उत्पादन होता है, और श्री सीमेण्ट परिवार ने लगभग साढ़े सात सौ करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्लांट से प्रत्यक्ष रूप से 500 और अप्रत्यक्ष रूप से 3,000 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। उन्होंने प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों पर जोर देते हुए कहा कि सरकार द्वारा युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अब तक 70 हजार युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण प्रदान किया गया है, जिससे युवा नए उद्यम स्थापित कर रोजगार पैदा कर रहे हैं।उन्होंने श्री सीमेण्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक उत्तरदायित्व का भी उल्लेख किया और कहा कि अब तक 183 परिवारों को निःशुल्क सीमेंट उपलब्ध कराया गया है, जिसमें देश की सुरक्षा में शहीद हुए जवानों के परिवार भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और सुरक्षा के अवसर मिलने से प्रदेश में पलायन कम होगा और प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और उत्तर प्रदेश अब देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं, जिससे 60 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना वर्ष 2047 तक विकसित भारत की है और इसके लिए उत्तर प्रदेश को भी विकसित करना होगा।

सरकार ने “विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश” के रोड मैप पर आधारित योजनाओं को तैयार किया है, जिसमें युवाओं को अलग-अलग सेक्टरों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा और जनता से सुझाव लेकर प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री सीमेण्ट प्लांट का निरीक्षण किया और परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

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टीएमसी के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ रहा हैः मोदी

पीएम आज कोलकाता में 5,200 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं को दिखाएंगे हरी झंडी

कोलकाता/नई दिल्ली 21 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आज (शुक्रवार) महानगर कोलकाता में 5,200 करोड़ की लागत वाली मेट्रो रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अपनी यात्रा से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया: “मैं कोलकाता में एक रैली में @BJP4Bengal कार्यकर्ताओं के बीच शामिल होने के लिए उत्सुक हूं। हर गुजरते दिन के साथ, टीएमसी के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। हमारे विकास एजेंडे के कारण पश्चिम बंगाल भाजपा की ओर उत्सुकता से देख रहा है।”

इस उद्घाटन के साथ ही शहर भर में 13.61 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क का शुभारंभ होगा। मेट्रो सेवाएं तीन प्रमुख मार्गों पर शुरू होंगी: नोआपाड़ा-जय हिंद हवाई अड्डा, सियालदह-एस्प्लेनेड और बेलियाघाटा-हेमंत मुखोपाध्याय। प्रधानमंत्री मोदी जेसोर रोड से नोआपारा-जय हिंद हवाई अड्डा मेट्रो सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे, सियालदह-एस्प्लेनेड और बेलियाघाटा-हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो लाइनों का उद्घाटन करेंगे और हावड़ा मेट्रो स्टेशन पर एक नए सबवे का उद्घाटन करेंगे।

नोआपाड़ा-जय हिंद एयरपोर्ट मेट्रो सेवा से हवाई अड्डे तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। सियालदह-एस्प्लेनेड लाइन दोनों स्थानों के बीच यात्रा के समय को लगभग 40 मिनट से घटाकर केवल 11 मिनट कर देगी। बेलियाघाटा-हेमंत मुखोपाध्याय लाइन शहर के आईटी केंद्र के साथ संपर्क को मज़बूत करेगी और प्रमुख वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों को एकीकृत करेगी।

ये मेट्रो कॉरिडोर कोलकाता के कुछ सबसे व्यस्त इलाकों को जोड़ेंगे, मल्टीमॉडल परिवहन संपर्क को बढ़ाएंगे और लाखों दैनिक यात्रियों को लाभान्वित करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रा दक्षता में सुधार, यातायात की भीड़ को कम करना और शहर भर में शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देना है।

उद्घाटन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी जेसोर मेट्रो स्टेशन पर जनता को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के दौरे के लिए पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई मेट्रो सेवाएं आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान कोलकाता आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा को सुगम बनाएंगी।

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दिवाली और छठ पूजा के लिए चलाई जाएंगी 12,000 से अधिक स्पेशल ट्रेन

सरकार का बड़ा कदम, वापसी टिकटों पर मिलेगी छूट

नई दिल्ली ,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे 12,000 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि 13 से 26 अक्टूबर के बीच आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों और 17 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच वापसी यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वापसी टिकटों पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी दिवाली और छठ त्योहारों के लिए भारतीय रेलवे द्वारा विशेष व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा,यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को उनकी वापसी यात्रा के दौरान कोई कठिनाई न हो।

इसके अलावा, गया से दिल्ली, सहरसा से अमृतसर, छपरा से दिल्ली और मुजफ्फरपुर से हैदराबाद के लिए चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की जाएंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों और खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नई सर्किट ट्रेन भी शुरू की जाएगी। यह ट्रेन वैशाली, हाजीपुर, सोनपुर, पटना, राजगीर, गया और कोडरमा तक जाएगी।

बक्सर-लखीसराय रेल खंड का विस्तार चार-लाइन वाले कॉरिडोर में किया जाएगा, जिससे ज्यादा ट्रेन चल सकेंगी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पटना के चारों ओर एक रिंग रेलवे प्रणाली विकसित की जाएगी, जिसमें सुल्तानगंज और देवघर को रेल से जोड़ा जाएगा।

पटना और अयोध्या के बीच एक नई रेल सेवा भी चलाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि लौकहा बाजार में एक वाशिंग पिट सुविधा स्थापित की जाएगी और बिहार में कई नए स्वीकृत सड़क ओवरब्रिजों पर काम किया जाएगा।

प्राचीन लोक परंपराओं में निहित गहन आध्यात्मिक छठ पूजा साल में दो बार आती है और बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के मिथिला क्षेत्र में मनाई जाती है।

यह त्योहार सूर्य (सूर्य देव) और छठी मैया की पूजा के लिए मनाया जाता है, जिसे चार दिनों तक विस्तृत अनुष्ठानों के माध्यम से मनाया जाता है जो शुद्धिकरण, कृतज्ञता और अटूट भक्ति का प्रतीक हैं।

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उद्योगपतियों के विश्वास की डिजिटल खिडक़ी फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल

चंडीगढ़ ,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी। पंजाब में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मान सरकार ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल की शुरुआत की हुई है।इस पोर्टल से निवेशकों को 45 दिनों के भीतर सभी मंजूरियां प्रदान करना सुनिश्चित होगा। यह राज्य में औद्योगिक मॉडल शासन की रीढ़ है।

पोर्टल से इन्वेस्टमेंट को नए पंख लगेंगे। पांच करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स को ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी। यह राज्य में ई-गवर्नेंस व औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा परिवर्तन है।

पंजाब को देश के औद्योगिक केंद्र के रूप में उभारने के लिए उद्योगपतियों को फास्ट ट्रैक पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल पंजाब सरकार का एक दूरदर्शी एवं निवेशक अनुकूल पहल है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर आईटी तक, अब उद्योगों को सिंगल विंडो क्लियरेंस सुविधा मिलेगी।

फास्ट ट्रैक पोर्टल से निवेश की तस्वीर बदलेगी तथा पारदर्शिता व गति से पंजाब उद्योग हब बन रहा है।मुख्यमंत्री भगवंत मान का साफ कहना है कि पंजाब को उद्योग जगत में अग्रणी राज्य बनाना है। मान कहते हैं कि हम स्किल डेवल्पमेंट के लिए भी प्रयास कर रहे हैं ताकि उद्योग जगत को पंजाब से ही कुशल श्रमिक मिल सकें।

मान साफ कहते हैं ये सुधार अंत नहीं हैं, बल्कि ये एक आंदोलन की शुरुआत हैं – एक ऐसा आंदोलन जहां व्यापार करने में आसानी एक नारा नहीं बल्कि एक संस्कृति बन जाती है। इस क्रांतिकारी कदम का उद्देश्य राज्य में अपनी इकाइयाँ स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना है।

पंजाब सरकार के इस कदम से हजारों उद्यमियों के लिए राहतभरा कदम है जो पहले फाइलों के ढेरों और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से परेशान रहते थे।अब उन्हें ऐसी समस्याओं से राहत मिली है। उद्योगपतियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो और सिंगल पेन सिस्टम शुरू किया गया है ताकि वे स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। यहां काम करने वाले उद्योगपति रोजगार के अधिक अवसर पैदा करते हैं, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलती है।

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सीएम रेखा गुप्ता पर हमले के बाद हटाए गए पुलिस कमिश्नर

आईपीएस सतीश गोलचा होंगे नए सीपी

नई दिल्ली ,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर हुए अटैक के बाद दिल्ली पुलिस में बड़ा बदलाव हुआ है। सतीश गोलचा को नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।

पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे एसबीके सिंह को इस पद से फिलहाल हटा दिया गया है।

सतीश गोलचा वर्तमान में दिल्ली में जेल निदेशक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले डीजी होमगार्ड्स एसबीके सिंह को दिल्ली पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

बता दें, 1992 बैच के अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा ने दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त इंटेलीजेंस के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर निषेधाज्ञा

22.08.2025 के प्रातः 08:00 बजे से दिनांक 28.08.2025 के रात्रि 10:00 तक के लिए निषेधाज्ञा लागू

झारखंड विधानसभा (नया विधानसभा) परिसर के 1000 मीटर के दायरे में (माननीय उच्च न्यायालय झारखंड, रांची को छोड़कर) निषेधाज्ञा

रांची,21.08.2025 – विधानसभा भवन में षष्ठम झारखंड विधानसभा का तृतीय (मानसून) सत्र रांची में दिनांक 22.08.2025 से 28.08.2025 तक आहूत है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था, राँची के संयुक्तादेश मैं निहित निर्देश के आलोक में विधानसभा परिसर के 1000 मीटर के दायरे में किसी तरह के जुलूस, रैली, प्रदर्शन, घेराव आदि आयोजित नहीं किये जा सकेंगे।

इसके मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टिकोण से अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बी०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड विधानसभा (नया विधानसभा) परिसर के 1000 मीटर के दायरे में (माननीय उच्च न्यायालय झारखंड, रांची को छोड़कर) निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो निम्न है :-

1- उक्त क्षेत्र में पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

2- किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे बंदूक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

3- किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे-लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोडकर)।

4- किसी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली या आम सभा का आयोजन करना।

5- किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोडकर)।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 22.08.2025 के प्रातः 08:00 बजे से दिनांक 28.08.2025 के रात्रि 10:00 तक के लिए तक प्रभावी रहेगा।

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मानसून सत्र का लेखा-जोखा: लोकसभा में केवल 37 घंटे चर्चा हुई

लोकसभा से 12 और राज्यसभा से 14 विधेयक पारित हुए

नईदिल्ली,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) ।  21 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। विपक्ष के हंगामे के चलते आज लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।

हंगामे को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को फटकार भी लगाई। इस सत्र में बिहार में एसआईआर को लेकर खूब विवाद हुआ, जिसने दोनों सदनों की कार्यवाही को प्रभावित किया।

सत्र के दौरान लोकसभा से 12 और राज्यसभा से 14 विधेयक पारित हुए। लोकसभा से मर्चेंट शिपिंग विधेयक, मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, आयकर विधेयक, टैक्सेशन लॉज (संशोधन) विधेयक, भारतीय बंदरगाह विधेयक, खनन और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक और आईआईएम संशोधन विधेयक पारित हुए। राज्यसभा में मणिपुर से जुड़े 2 विधेयक, मर्चेंट शिपिंग विधेयक बिल और गोवा विधानसभा से जुड़ा प्रतिनिधित्व संशोधन विधेयक समेत कुछ और विधेयक पारित हुए।

लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा विधेयक पारित किया गया। इसमें मनी आधारित गेमों को विनियमित करने के प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और मंत्रियों को पद से हटाने वाले 3 विधेयक भी पेश किए गए।

इनमें प्रावधान हैं कि अगर मुख्यमंत्री और मंत्री को 30 दिन तक लगातार हिरासत में रखा गया तो उन्हें पद से इस्तीफा देना होगा। विपक्ष ने इन विधेयकों की प्रति फाड़कर उसकी टुकड़े गृह मंत्री अमित शाह की ओर फेंक दिए।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि सदन में केवल 37 घंटे ही चर्चा हो सकी, जबकि 120 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। साथ ही 2 बार स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

उन्होंने बताया कि सत्र में 419 सवाल किए गए, जिनमें से 55 के उत्तर दिए गए। स्पीकर ने हंगामे पर नाराजगी भी जताई। संसद के दोनों ही सदनों में प्रश्नकाल नहीं हो सका।

संसद में सबसे ज्यादा हंगामा बिहार में चुनाव आयोग के एसआईआर के मुद्दे पर हुआ। इसे लेकर विपक्षी सांसदों ने लगभग हर दिन सदन परिसर में प्रदर्शन किया।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विशेष चर्चा भी हुई। इसके बाद कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष ने खूब हंगामा किया। हंगामे के बीच कई अहम विधेयक बिना चर्चा के ध्वनिमत, आंशिक चर्चा या विपक्ष के वॉकआउट के बीच ही पारित हो गए।

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ था और 21 अगस्त तक चला। पहले इसे 12 अगस्त को ही खत्म होना था। इस दौरान 18 बैठकें प्रस्तावित की गई थीं।

सत्र की शुरुआत काफी हंगामेदार रही और शुरू के कुछ दिनों में तो लगातार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। इसके बाद वरिष्ठ सांसदों और स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें संसद सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनी।

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सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जम्मू-कश्मीर के 6 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया

श्रीनगर,21 अगस्त  (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सीबीआई ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक पुलिसकर्मी को कथित तौर पर हिरासत में प्रताडि़त करने के मामले में छह पुलिसकर्मियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारियां सुप्रीम कोर्ट के 21 जुलाई के निर्देश के बाद की गई है जिसमें जम्मू-कश्मीर में एक पुलिस कांस्टेबल के साथ क्रूर और अमानवीय यातना को गंभीरता से लिया गया था.

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में एक पुलिस उपाधीक्षक, एक निरीक्षक और एक सहायक उप-निरीक्षक शामिल हैं. आरोपी पुलिसकर्मियों को अपने हथियार और अन्य सरकारी सामान संबंधित जिला पुलिस लाइन में जमा करने का निर्देश दिया गया है.

आरोपी पुलिसकर्मियों में से एक – जो मानदेय पर काम करने वाला एक विशेष पुलिस अधिकारी है – को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) की सूची से हटा दिया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि आगे की जानकारी का इंतजार है. 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जम्मू-कश्मीर में एक पुलिस कांस्टेबल को हिरासत में क्रूर और अमानवीय यातना दिए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को उसे 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया.

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि अवैध हिरासत के दौरान कांस्टेबल को आई चोटें. विशेष रूप से उसके जननांगों को पूरी तरह से विकृत करना, उसके जननांगों पर काली मिर्च पाउडर डालना और बिजली के झटके देना, उसे दी गई अमानवीय गंभीर यातना की याद दिलाते हैं.

पीठ ने कहा, इन सभी तथ्यों का संयुक्त प्रभाव इस न्यायालय की अंतरात्मा को बहुत अधिक झकझोर देने वाला है. पीठ ने आगे कहा कि अनुच्छेद 21 का उल्लंघन न केवल स्पष्ट है, बल्कि गंभीर भी है. पीठ ने कहा कि कांस्टेबल को साथी सरकारी अधिकारियों की हिरासत में जानलेवा चोटें आई और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी निवारण नहीं किया गया.

सीबीआई ने 29 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. उन पर आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने और खतरनाक हथियारों से जानबूझकर चोट पहुँचाने के आरोप लगाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए एक महीने और जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया था.

अदालत का यह आदेश पीडि़त की पत्नी की शिकायत पर आया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति को मादक पदार्थों के एक मामले में तलब किए जाने के बाद छह दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और प्रताडि़त किया गया.

उन्होंने दावा किया कि आरोपी अधिकारियों ने लोहे की छड़ों और लकड़ी के डंडों का इस्तेमाल किया, बिजली के झटके दिए, उनके गुप्तांगों को विकृत किया, यहां तक कि उनके मलाशय में लाल मिर्च भी डाल दी.

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असम में 35 साल बाद अदालत ने टाडा मामले में 38 पूर्व उल्फा नेताओं को बरी किया

गुवाहाटी,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। एक ऐतिहासिक फैसले में गुवाहाटी में एक विशेष टाडा (आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां) अदालत ने गैरकानूनी यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (उल्फा) के 38 पूर्व नेताओं और सदस्यों को बरी कर दिया. इनमें अरबिंद राजखोवा, अनुप चेतिया, शशधर चौधरी, प्रदीप गोगोई, सुनील नाथ, कल्पज्योति नियोग, राजू बरुआ, मुनिन नोबिस और अनादर ठाकुरिया शामिल हैं.

यह मामला मूल रूप से असम के दिसपुर पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली, आतंक फैलाने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के आरोपों में केस संख्या 1/1991 के रूप में दर्ज किया गया था.

बाद में टाडा केस में बदल दिया गया. मुकदमे की कार्यवाही 2001 में शुरू हुई और लगभग 25 साल तक चली. इसके बाद बुधवार को फैसला आया.

इस मामले के 45 आरोपियों में से उल्फा (स्वतंत्र) कमांडर-इन-चीफ परेश बरुआ सहित तीन अभी भी फरार हैं, जबकि चार अन्य की पिछले कुछ वर्षों में मृत्यु हो चुकी है. फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उल्फा के पूर्व महासचिव अनूप चेतिया ने कहा, सरकार वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, इसलिए हमें बरी कर दिया गया.

हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और आज के फैसले से हमें बड़ी संतुष्टि मिली है. हम लोकतांत्रिक तरीके से देश और जनता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. एक और टाडा मामला अभी बाकी है, जिसमें हमारे 11-12 सदस्य शामिल हैं.

उल्फा के पूर्व अध्यक्ष अरबिंद राजखोवा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, हमारे कई साथियों को न्याय की प्रतीक्षा में गंभीर आर्थिक और भावनात्मक कष्टों का सामना करना पड़ा.

आज का फैसला उस लंबे इंतजार का अंत करता है और हम न्याय देने के लिए अदालत का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं.

इस बरी होने को असम के राजनीतिक और न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है. इससे तीन दशक से भी अधिक समय पहले उल्फा उग्रवाद के चरम पर शुरू हुआ एक अध्याय समाप्त हो गया है.

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उपराष्ट्रपति पद के लिए बी सुदर्शन रेड्डी ने किया नामांकन

इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार संग दिखे सोनिया-राहुल

नई दिल्ली,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए नामांकन का दौर जारी है. विपक्षी दलों (इंडिया ब्लॉक) के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने आज गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया. उन्होंने अब से कुछ देर पहले ही नामांकन किया.

इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राज्यसभा सदस्य और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत तमाम विपक्षी दलों के नेता उपस्थित रहे. वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कैंडीडेट और महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था.

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने नामांकन के बाद जोर देकर कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक व्यक्ति के बारे में नहीं है, बल्कि उस भारत के विचार की पुष्टि करता है जहां संसद ईमानदारी से काम करे, असहमति का सम्मान हो और संस्थाएँ स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ लोगों की सेवा करें.

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी ने संकल्प लिया कि अगर वे निर्वाचित होते हैं, तो उपराष्ट्रपति पद की भूमिका निष्पक्षता, गरिमा और संवाद व शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे.

रेड्डी ने एक बयान में कहा कि आज, मुझे विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने का सम्मान मिला. मैंने यह काम विनम्रता, जि़म्मेदारी और हमारे संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ किया.

उन्होंने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, विधि के छात्र और इस गणराज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित एक नागरिक के रूप में, जनसेवा के मेरे जीवन ने मुझे सिखाया है कि भारत की असली ताकत प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, संवैधानिक नैतिकता की रक्षा और हमारी विविधता में एकता में निहित है.

उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति पर संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचित होता हूं, तो मैं निष्पक्षता, गरिमा और संवाद एवं शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इस भूमिका का निर्वहन करने का वचन देता हूं.

रेड्डी ने विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा उन पर भरोसा जताने के लिए और उन अनगिनत नागरिकों के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया जो न्याय, समानता और सद्भाव के इस सामूहिक संघर्ष को प्रेरित करते रहते हैं.

रेड्डी ने आगे कहा कि हमारे संविधान में आस्था और अपने लोगों में आशा के साथ, मैं इस यात्रा पर निकल रहा हूं. हमारी लोकतांत्रिक भावना हम सभी का मार्गदर्शन करती रहे. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं.

राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी मतदान के पात्र होते हैं. निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है और बहुमत का आंकड़ा 391 है. गोवा के पहले लोकायुक्त रेड्डी, हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं.

नामांकन दाखिल करने से पहले सुदर्शन रेड्डी ने प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके बाद उन्होंने कहा कि बेशक, संख्याएं मायने रखती हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है. उन्होंने कहा कि चूंकि मैं किसी राजनीतिक दल से नहीं हूं, इसलिए मुझे विश्वास है कि सभी दल मेरा समर्थन करेंगे. मैंने कल बुधवार को यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दी थी. यह सिर्फ विचारधारा की लड़ाई है.

बता दें, दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत राज्यों से आते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार जीतेगा, वह दक्षिण का प्रतिनिधित्व करेगा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को बी सुदर्शन का घटक दलों के सभी नेताओं से परिचय कराया.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रेड्डी को इस हफ्ते की शुरुआत में विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में घोषित किया गया था. उनका मुकाबला एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा. सुदर्शन के नामांकन के समय संसद में दौरान विपक्षी दलों के नेताओं के भी उनके साथ रहने की उम्मीद है.

इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बुधवार को कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी का नामांकन राज्यसभा के कामकाज में निष्पक्षता, निष्पक्षता और गरिमा बहाल करने के लिए विपक्ष की दृढ़ प्रतिबद्धता है.

संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सदस्यों को संबोधित करते हुए खडग़े ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को उच्च सदन में महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंता के मामलों को उठाने का अवसर नहीं दिया गया है और इस उल्लंघन से बचने के लिए सुदर्शन रेड्डी का निर्वाचित होना महत्वपूर्ण है.

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CM श्री हेमन्त सोरेन ने रामदास सोरेन जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

जमशेदपुर,20.08.2025 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज अपनी धर्मपत्नी एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन संग स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रहे दिवंगत रामदास सोरेन जी के घोड़ाबांधा, जमशेदपुर स्थित आवास पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत रामदास सोरेन जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना जताई। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से कामना की। विदित हो कि शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन जी का 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था।

 

दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के बाद रामदास सोरेन जी का निधन इस राज्य के साथ मेरे लिए अपूरणीय क्षति

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु और मेरे बाबा शिबू सोरेन जी के निधन के एक पखवाड़े के अंदर ही रामदास सोरेन जी के इस तरह चले जाने की पीड़ा मेरे लिए असहनीय है। मन व्याकुल और व्यथित है। उनका निधन इस राज्य के साथ मेरे लिए अपूरणीय क्षति है। इस वजह से जो शून्यता आई है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती है।

संघर्ष से बनाई थी पहचान, झारखंड आंदोलन में था अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगत रामदास सोरेन जी ने संघर्ष से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के नेतृत्व में अलग झारखंड की खातिर हुए आंदोलन में अहम योगदान दिया था। उनका व्यवहार काफी सरल और सहज था। एक आंदोलनकारी के साथ उनका व्यापक सामाजिक सरोकार था। वे अपने सार्वजनिक जीवन में आम लोगों के दुःख -दर्द और समस्याएं दूर करने के लिए हमेशा खड़े रहे। वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका व्यक्तित्व और कार्य सदैव उर्जा प्रदान करता रहेगा।

बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, लगातार कर रहे थे प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री के रूप में रामदास सोरेन जी काफी बेहतर कार्य कर रहे थे। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए उन्होंने कई नई पहल की थी। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना मजबूत करने का काम तेज गति से हो रहा था। गांव- देहात के गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ उनका समग्र विकास हो, इसपर उनका विशेष जोर था।

रामदास सोरेन जी को शत -शत नमन।

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