मुख्यमंत्री बोले-48 घंटे अहम
मुंबई ,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। मुंबई, ठाणे, नांदेड़, रायगढ़, रत्नागिरी और संभाजी नगर समेत कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
मुंबई में सड़कों, घरों और दुकानों में पानी भर गया है। इस वजह से हवाई यातायात से लेकर रेल यातायात भी प्रभावित हुई है। करीब 250 विमानों ने या तो देरी से उड़ान भरी या रद्द कर दी गई हैं। मुंबई लोकल ट्रेनों पर भी असर पड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में भारी बारिश के कारण कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग विस्थापित हुए हैं। नेपियन सी रोड पर दीवार गिरने से 75 वर्षीय चौकीदार की मौत हो गई।
कांजुरमार्ग में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नांदेड़ जिले में बादल फटने जैसी स्थिति के कारण आई बाढ़ में 8 लोगों की मौत हो गई है।
18 अगस्त सुबह 8 बजे से 19 अगस्त की सुबह 8 बजे तक मुंबई में 300 मिलीमीटर बारिश हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में 84 घंटों में 500 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 19 अगस्त सुबह 8 बजे तक विक्रोली में सबसे ज्यादा 255.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद बायकुला में 241.0, सांताक्रूज में 238.2, जुहू में 221.5, बांद्रा में 211.0, कोलाबा में 110.4 और महालक्ष्मी में 72.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने जरूरी सेवाओं से जुड़े कार्यालयों को छोड़कर सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और बीएमसी कार्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मुंबई महानगर क्षेत्र के सभी निजी कार्यालयों को भी सलाह दी गई है कि वे जहां तक संभव हो सके कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दें।
मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कई इलाकों में भी कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है।
सड़कों पर पानी भरने के कारण कुछ जगहों पर बेस्ट बसों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। अंधेरी पश्चिम का एसवी रोड जलभराव के बाद पूरी तरह बंद हो गया है।
सायन के गांधी मार्केट, मुंबई सेंट्रल और दादर टीटी सहित कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं। दादर, माटुंगा, परेल और सायन के निचले इलाकों में रेल पटरियों पर जलभराव हो गया है। हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।
नांदेड़ सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक है। यहां राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ ही भारतीय सेना को भी तैनात किया गया है। नांदेड़ कलेक्टर राहुल कर्दिले ने कहा, भारी बारिश के कारण मुखेड़ तहसील के 4 गांवों को भारी नुकसान पहुंचा।
एसडीआरएफ की टीम ने 300 लोगों को बचाया लेकिन हसनद गांव में 5-6 लोगों की मौत हो गई। उनके शव आज बरामद किए गए। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अगले 48 घंटे मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए महत्वपूर्ण है, जो हाई अलर्ट पर हैं। मौसम विभाग ने मुंबई, रायगढ़, पुणे और नासिक के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
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