उत्तर भारत में बारिश के कहर से 14 लोगों की मौत, आईएमडी ने जारी किया 8 राज्यों में बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली 09 जुलाई ,(एजेंसी)।  भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय होने के साथ तेज बारिश से बाढ जैसी स्थिति बन गई है। वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में हो रही इस बारिश के कारण 14 लोगों की मौत हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के आसपास के इलाकों में ‘बेहद भारी बारिशÓ की भविष्यवाणी की है।

आईएमडी ने उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश की भी भविष्यवाणी की है। आईएमडी ने कहा कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। पश्चिम भारत में हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात के घाट क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश जारी रहेगी। तीन दिनों के बाद बारिश में कमी आने की उम्मीद है।

आईएमडी ने आगे कहा कि अगले पांच दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अगले पांच दिनों के दौरान ओडिशा में छिटपुट भारी वर्षा होने की संभावना है और 10 जुलाई से 12 जुलाई के बीच झारखंड, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और बिहार में भारी वर्षा होने की उम्मीद है। मध्य भारत में, मध्य प्रदेश में अगले पांच दिनों के दौरान भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी तरह, दक्षिण भारत में, तटीय कर्नाटक और केरल में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

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अचानक ढह गई पुरानी इमारत की सीढ़ी, 54 लोगों को बचाया

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। महानगर कोलकात के बेनियापुर इलाके में आज तब स्थानीय लोगों में सनसनी फैल गई जब यहां के एक बहुमंजिली इमारत की सीढ़ी अचानक भरभरा कर गिर पड़ी। खबर के लिखे जाने तक इस घटना में 54 लोग इमारत के अंदर फंस गए जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। आज दोपहर कोलकाता नगर पालिका के वार्ड नंबर 60 के तीन नंबर गोराचंद लेन इलाके में हुई है।  मुख्यत: यह आवासीय क्षेत्र है। यह बहुत पुरानी इमारत है।

सूत्रों के मुताबिक यहां कम से कम 100 लोग रहते हैं। मकान की हालत बदतर होने के बावजूद मज़बूरी में लोग लंबे समय से यहां रह रहे थे। अचानक चौंथी मंजिल से सीढिय़ां गिरने लगीं।  दहशत के कारण निवासी नीचे उतरने के लिए दौडऩे लगे. कुछ तो बाहर निकलने में कामयाब हो गए, लेकिन करीब 54 लोग फंस गए। घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सूचना पाकर दमकल अधिकारी मौके पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद निवासियों को सुरक्षित निकाला गया। हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

उन्हें भारती ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।  इस संबंध में स्थानीय पार्षद कैसर जमील ने कहा कि यह बहुत पुरानी बहुमंजिली इमारत है। हाल ही में चन्दा इक_ा कर मरम्मत कराया गया था। हालांकि, सीढिय़ां काम नहीं आईं. यहीं परेशानी हुई। सूत्रों के अनुसार, मरम्मत का काम जारी है। मरम्मत कार्य के बाद निवासियों को घर लौटा दिया जायेगा।

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चैत्र रामनवमी को रामलला के ललाट पर पड़ेगी सूर्य की पहली किरण

*गर्भगृह के बाहर मंडप की हो रही नक्काशी*

*ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण की गतिविधियों से पत्रकारों को कराया अवगत*

अयोध्या 09 जुलाई ,(एजेंसी)। श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे रामलला के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी शुरू हो गई है। जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के बाद रामलला को गर्भगृह में विराजमान कर दिया जाएगा।  ग्राउंड फ्लोर के गर्भगृह में रामलला अपने चारो भाइयों और हनुमान जी के साथ विराजमान होंगे। मंदिर के बाहर 8 एकड़ में परकोटा बनाया जा रहा है, जिसका आकार 800 गुणा 800 मीटर है। गर्भगृह के बाहर मंडप की नक्काशी की जा रही है।

श्रीराम जन्मभूति तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डा. अनिल मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2024 में मकर संक्रांति के बाद शुभ मुहूर्त पर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। पहली चैत्र राम नवमी पर सूर्य की किरण भगवान के ललाट पर पड़ेगी इसकी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्राउंड फ्लोर पर फर्श, लाइट और कुछ नक्काशी होना बाकी है। ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है। भगवान की मूर्ति का काम तय समय से पूरा कर लिया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर फर्श, लाइट और कुछ नक्काशी होना बाकी है। ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है।  भगवान की मूर्ति का काम तय समय से पूरा कर लिया जाएगा।
रविवार को मंदिर निर्माण की गतिविधियों से अवगत कराने के लिए पत्रकारों को बुलाया गया  जिसमें बताया गया कि 162 खंभों पर राम मंदिर का भूतल तैयार किया गया है, जिसमें मंदिर के गर्भगृह कोली मंडप, गूढ़ मंडप, नृत्य मंडप, रंग मंडप व उत्तर और दक्षिण दिशा में कीर्तन मंडप के साथ गर्भगृह की परिक्रमा पथ को बनाया गया है।

वहीं अष्टकोणीय बने गर्भगृह की भव्यता सफेद मकराना मार्बल से की गई है। जहां पर रामलला विराजमान होंगे और आने वाले श्रद्धालु 30 फीट की दूरी से दर्शन प्राप्त करेंगे। भूतल में बने मंडप को लेकर लगाए गए पीलर उनके गरिमा के अनुरूप होंगे। आर्किटेक्ट इंजीनियर चंद्रशेखर सोनपुरा ने बताया कि इन खंभों पर कला कृतियां उकेरी जा रही हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के सहयोगी इंजीनियर गोपाल जी राव ने बताया कि खंभों पर उकेरी जा रही मूर्तियों के लिए केरल के कारीगरों को बुलाया गया है। वर्तमान में 40 कारीगर कर कार्य कर रहे हैं। जल्द ही इनकी संख्या 150 होगी। जिससे इस कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।  श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर में पांच मंडप हैं। मंडप राम मंदिर के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा। मुख्य मंडप से भगवान की पताका फहराएंगे। ग्राउंड फ्लोर का ढांचा बनकर तैयार है।

मंदिर के गर्भगृह की दीवार और छत बन चुकी है। फर्श और बाहर का काम बाकी है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर में 166 खंभों पर मूर्तियों को उकेरने का काम चल रहा है। मंदिर के गर्भगृह में लगे 6 खंभे सफेद संगमरमर के हैं, जबकि बाहरी खंभे पिंक सैंडस्टोन से बनाए गए हैं।गर्भगृह सहित ग्रांउड फ्लोर का ढांचा और छत तैयार है। आंतरिक सज्जा का काम चल रहा है।

मंदिर के फर्स्ट फ्लोर का भी काम शुरू कर दिया गया है। कामेश्वर ने बताया, साल 2024 में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को राम नवमी के दिन भगवान का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। राम जन्म के समय ठीक दोपहर 12:00 बजे सूर्य की किरण कुछ देर के लिए रामलला की मूर्ति पर पड़ेगी। इससे जन्म के समय रामलला का दर्शन बहुत ही दिव्य और भव्य होगा। खगोल शास्त्र के लोग इसे लेकर काम कर रहे हैं।

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आज बंगाल के सौ से अधिक बूथों पर पुनर्मतदान

*हर बूथों पर केन्द्रीय बल के 4 जवान होंगे तैनात*

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। तमाम आरोप प्रत्यारोपों के बीच एक बार फिर राज्य के तमाम जिलों के काफी बूथों पर फिर से मतदान होंगे। हर बूथों पर केंद्रीय बलों के चार जवान होंगे। फिर से उक्त दोबारा मतदान की बात आज खुद राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ने कही। लेकिन खास बात है कि जिन जगहों या बूथों पर आज यानी सोमवार को पुनर्मतदान होगा वहां केंद्रीय बलों की तैनाती होगी। राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य के तमाम बूथों पर सोमवार को दोबारा चुनाव होंगे।

केंद्रीय बलों की तैनाती कर मतदान कराया जायेगा। चुनाव आयोग ने आज पुनर्मतदान के लिए सूची प्रकाशित की है। उक्त सूची के अनुसार पूर्व मेदिनीपुर के 31 बूथों, दक्षिण चौबीस परगना के 36 बूथों पर दोबारा चुनाव का आदेश दिया गया है। पूर्व मेदिनीपुर के जिन बूथों पर दोबारा वोटिंग होगी, उनमें नंदीग्राम के भी दो बूथ हैं इसके अलावा उत्तर दिनाजपुर में 39 बूथों, पश्चिम मेदिनीपुर में 10 बूथों और हावड़ा में 8 बूथों पर दोबारा मतदान होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार को राज्य में 80.71 प्रतिशत मतदान हुआ।  जिसमें से सबसे ज्यादा वोट पूर्व मेदिनीपुर में मिले हैं। वहां वोटिंग दर 84.79 फीसदी है। राज्य में पंचायत चुनाव के लिए किसी भी मतदान केंद्र पर केंद्रीय बल नजर नहीं आये।  बीएसएफ के डीआइजी ने केंद्रीय बलों का उपयोग करने की आयोग की इच्छा पर भी सवाल उठाया। इसके बाद विपक्ष ने दावा किया कि दोबारा चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती की घटना आंख में धूल झोंकने की कोशिश है।

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उत्तराखंड में बारिश के चलते भूस्खलन से हाईवे सहित 165 सड़कें बंद

देहरादून 09 जुलाई ,(एजेंसी)। उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश से बड़ी संख्या में सड़कें बाधित हो गई हैं। इससे यातायात के साथ ही जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बारिश से राज्य की 165 सड़कें बंद चल रही हैं। जिसमें 11 राज्य मार्ग भी शामिल हैं। लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार तक राज्य में 133 सड़कें बंद थी।

जबकि शनिवार को 89 सड़कें और बंद हो गईं जिससे कुल बंद सड़कों का आंकड़ा 222 पहुंच गया था। लेकिन देर सांय तक 57 सड़कों को लोनिवि द्वारा खोल दिया गया। जिसके बाद अब राज्य में कुल बंद सड़कों की संख्या 165 रह गई है। लोनिवि के एचओडी डीके यादव ने बताया कि भारी बारिश की वजह से सड़कों को खोलने के काम में खासी कठिनाई आ रही है।

बार बार सड़कों पर मलबा आ रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि सड़कों को खोलने के काम को युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। सभी डिविजनों को सड़कों को तत्काल खोलने को कहा गया है। उधर, बद्रीनाथ मार्ग छिनका व चाड़ा के पास सड़क बाधित रहा, जिससे लोगों को कुछ देर इंतजार करना पड़ा।

राज्य की प्रमुख बंद सड़कें

रुद्रप्रयाग पोखरी गोपेश्वर मार्ग, टिहरी घनसाली तिलवाड़ा मार्ग, कर्णप्रयाग नौटी पैठाणी मार्ग, सहिया क्वानू मोटर मार्ग, मोरी नैटवाड़ साकरी जखोल मार्ग, ककरालीगेट ठुलीगाड मार्ग, काठगोदाम खुटानी देवीधुरा लोहाघाट पंचेश्वर मार्ग, लोहाघाट बाराकोट सिमलखेत काफलीखान भनोली मार्ग, रामनगर भंडारपानी विल्लेख मार्ग आदि के साथ ही बड़े स्तर पर ग्रामीण मार्ग बंद चल रहे हैं।

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वरुण धवन और जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म ‘बवाल’ का ट्रेलर प्राइम वीडियो ने दुबई में आयोजित एक ग्लोबल प्रेस इवेंट में जारी किया….!

10.07.2023  –  दुबई में स्थित आलीशान ‘क्वीन एलिजाबेथ2’ प्रेक्षागृह में आयोजित एक भव्य ग्लोबल प्रेस इवेंट के दौरान भारत में दर्शकों के मनोरंजन के लिए सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन, प्राइम वीडियो द्वारा पूरी दुनिया के सिनेदर्शकों के लिए वरुण धवन और जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म ‘बवाल’ का ट्रेलर जारी कर दिया गया है।

फिल्म के ट्रेलर रिलीज के मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी के साथ प्रोड्यूसर साजिद नाडियावाला भी मौजूद रहे। इसके साथ ही फिल्म की स्टारकास्ट भी मौके पर मौजूद रही। फिल्म के ट्रेलर को काफी पसंद भी किया जा रहा है। इस फिल्म को साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन बैनर नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट ने अश्विनी अय्यर तिवारी और नितेश तिवारी की अर्थस्काई पिक्चर्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। 21 जुलाई को भारत के साथ-साथ दुनिया के 200 देशों एवं क्षेत्रों में प्राइम वीडियो पर ‘बवाल’ का एक्सक्लूसिव प्रीमियर होगा। ‘बवाल’ प्राइम मेंबरशिप में शामिल की गई सबसे नई फिल्म है। रोमांटिक फिल्म ‘बवाल’ की कहानी हाई स्कूल में इतिहास पढ़ाने वाले एक साधारण शिक्षक, अजय दीक्षित के इर्द-गिर्द घूमती है, जो काफी मशहूर हैं और लोग उन्हें अज्जू भैया के नाम से भी जानते हैं। उसने इस शहर में लोगों के बीच अपनी झूठी छवि बनाई है, और इसी वजह से वह यहाँ के लोगों के लिए किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। हालात की वजह से मजबूर होकर उसे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यूरोप के सफर पर निकलना पड़ता है, और न चाहते हुए भी उसे अपनी नई-नवेली पत्नी ‘निशा’ को साथ ले जाना पड़ता है, जिसके साथ उसका रिश्ता बेहद तनावपूर्ण है। इसके बाद होने वाली घटनाओं का सिलसिला उनकी शादी को कसौटी पर परखता है और वह सबसे बड़ी लड़ाई- यानी अपने भीतर चल रहे संघर्ष का सामना करने के लिए मजबूर हो जाता है। देश और दुनिया के कई खूबसूरत लोकेशन पर फिल्माई गई इस प्रेम-कहानी का संदेश काफी मायने रखता है, जो निश्चित तौर पर दुनिया भर के दर्शकों को पसंद आएगा।

ग्लोबल प्रेस इवेंट के दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर, साजिद नाडियाडवाला ने ‘बवाल’ के मेकिंग की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि ‘बवाल’ एक ऐसी कहानी है जिसकी आने वाले समय में लोग मिसाल देंगे, और सचमुच यह फ़िल्म दुनिया भर के दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनी है। 200 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में इस फ़िल्म के प्रीमियर के लिए प्राइम वीडियो के साथ साझेदारी करना और अब दुबई जैसे आलीशान शहर में इसका ट्रेलर लॉन्च करना, यही दिखाता है कि हम वाकई दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचना चाहते हैं। आज यहाँ दुबई में आकर हम बेहद रोमांचित महसूस कर रहे हैं, और अब हमें 21 जुलाई का बेसब्री से इंतजार है, जब प्राइम वीडियो पर इसका प्रीमियर होगा और ‘बवाल’ की दीवानगी पूरी दुनिया में छा जाएगी।

अभिनेता वरुण धवन ने ‘बवाल’ को अपने फिल्मी कैरियर का बेहतरीन सृजन बताते हुए कहा कि ‘बवाल’ का सफर मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है और यह मेरे करियर में एक बड़ी उपलब्धि है, साथ ही यह मेरे लिए सबसे रोमांचक और बेहद फायदेमंद भी रही है। अज्जू अपने शहर में मशहूर है, इसके बावजूद वह लगातार ऐसे हालातों से जूझ रहा है जिस पर उसका कोई ज़ोर नहीं है। इस किरदार को बड़ी बारीकी से तैयार किया गया है, जिसके भीतर और चारों ओर सचमुच बवाल दिखाई देता है, और इसी वजह से यह किरदार हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा। मुझे अब उस लम्हे का बेसब्री से इंतजार है, जब दुनिया भर के दर्शक अज्जू और निशा की बिल्कुल अलग…. लेकिन बेहद खूबसूरत रोमांटिक कहानी को देखेंगे और उसे महसूस करेंगे। दुबई मेरे लिए घर जैसा ही है, और मेरे ख्याल से भारत को दिल में संजोने वाली इस ग्लोबल फ़िल्म के प्रमोशन की शुरुआत के लिए इससे बेहतर जगह कोई और नहीं हो सकती थी।

अभिनेता वरुण धवन की बातों में अपनी सहमति जताते हुए अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने कहा कि एक्टर होने के नाते हम ऐसी भूमिकाएँ निभाते हैं, जो या तो हमारे लिए बनी होती हैं, या जिन्हें हम अपना लेते हैं। लेकिन शायद ही कभी हमें इतनी शानदार भूमिका निभाने का मौका मिलता है, जिसमें एक कलाकार को अपनी काबिलियत दिखाने के लिए बहुत कुछ हो। इस अनोखी रोमांटिक कहानी में, निशा एक साधारण-सी लड़की है जिसके दिल में कई अरमान और सपने हैं, लेकिन वह इतनी प्यारी है कि वह आपको हर उस जज्बात को महसूस करने पर मजबूर कर देती है, जिसे वह अनुभव कर रही है। फ़िल्म बवाल में निशा एक ऐसे सफर पर है, जो आपको उसकी जिंदगी, उसके प्यार और इस दौरान सामने आने वाली हर चीज़ का दिल से एहसास करने पर मजबूर कर देगी।

फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा- “ संवेदनशील प्रेम कहानियों का दर्शकों तक पहुंचना बेहद जरूरी होता है ताकि वे उसे महसूस कर सकें, और ऐसी कहानियों को दर्शकों तक पहुंचने के लिए हमेशा एक माध्यम मिल ही जाता है। बीते कुछ सालों में ऐसी कहानियों ने सही मायने में मिसाल कायम की है, जिसकी वजह यह नहीं है कि उन्हें बड़े भव्य तरीके से बनाया और पेश किया गया है, बल्कि दिल को छू लेने वाली, अंदर तक झकझोर देने वाली इन कहानियों, उनके जज्बातों से दर्शकों को जुड़ाव महसूस होता है। बवाल एक भारतीय फ़िल्म है, जो दुनिया भर के दर्शकों को पसंद आएगी। यह फ़िल्म आपको घबराहट के दौरान दिलो-दिमाग में होने वाली हलचल, एक-साथ होने की खुशी, बिछड़ने का दर्द और इसी तरह के बहुत से जज्बातों का एहसास कराएगी। वरुण और जान्हवी ने अज्जू और निशा के किरदारों को बखूबी निभाया है, जो आपको भारत के छोटे शहर से लेकर यूरोप तक के सफर पर ले जाएंगे, और उनकी कहानी आपके दिलो-दिमाग में हमेशा के लिए बस जाएगी।”

इस मौके पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए प्राइम वीडियो, इंडिया में कंटेंट लाइसेंसिंग के डायरेक्टर, मनीष मेंघानी ने ‘बवाल’ के बाद की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘बवाल’ बिल्कुल अनोखी और हटकर फ़िल्म है, जो सही मायने में ग्लोबल स्टेज के लिए बनी है। आज, यहाँ दुबई में इस फ़िल्म का ट्रेलर लॉन्च करके हम इसे दुनिया भर के दर्शकों तक ले जा रहे हैं, जिसका प्रीमियर 21 जुलाई को 200 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में होगा। प्राइम वीडियो में हम अपने ग्राहकों की मनोरंजन से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने की लगातार कोशिश करते रहते हैं, और इसी वजह से हम हमेशा उम्मीद से बढ़कर मनोरंजन करने वाली और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने वाली कहानियों की तलाश में रहते हैं। हमारी कोशिश यहीं नहीं रुकती है, बल्कि नितेश तिवारी जैसे बेमिसाल कहानीकारों की शानदार कहानियों की पेशकश करना ही हमारे कंटेंट की जान है, और अपने दर्शकों के सामने ‘बवाल’ जैसी मनोरंजक फ़िल्म लाने के लिए साजिद नाडियाडवाला के साथ हमारी सफल साझेदारी से भी यह बात जाहिर होती है। हम यह देखने के लिए बेताब हैं कि, प्राइम वीडियो पर प्रीमियर के बाद यह फ़िल्म हमें और भी कितनी नई उपलब्धियों को हासिल करने में मदद करेगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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केजरीवाल ने अधिकारियों से बारिश प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने को कहा

नई दिल्ली 09 जुलाई ,(एजेंसी)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को सभी सरकारी अधिकारियों की साप्ताहिक छुट्टी रद्द कर दी और उन्हें अपने-अपने बारिश प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

केजरीवाल ने ट्विट किया, कल दिल्ली में 126 मिमी बारिश हुई। कुल मॉनसून वर्षा का केवल 15 प्रतिशत 12 घंटों के भीतर हुआ। जलभराव के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आज दिल्ली के सभी मंत्री और मेयर समस्याग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। सभी विभागों के अधिकारियों को रविवार की छुट्टी रद्द कर निरीक्षण के लिए मैदान पर मौजूद रहने का निर्देश दिया है।

दो दिनों से पूरे एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में भारी बारिश हो रही है, जिससे जलभराव की समस्या और अन्य महत्वपूर्ण समस्याएं पैदा हो गई हैं।

मानसून की शुरुआती बारिश ने शनिवार को दिल्ली के आवासीय और वाणिज्यिक दोनों क्षेत्रों में कहर बरपाया, सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच 126.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 10 जुलाई 2003 को 24 घंटे की 133.4 मिमी बारिश के बाद से सबसे अधिक है। आईएमडी (भारत मौसम विज्ञान विभाग) के अधिकारी। 21 जुलाई, 1958 को शहर में 266.2 मिमी का उच्चतम स्तर दर्ज किया गया था।

शुक्रवार को शुरू हुई मूसलाधार बारिश, सीजन की पहली पर्याप्त वर्षा थी, जिसके चलते शनिवार को और बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया।

बारिश के चलते शनिवार को राजधानी में 15 मकान ढह गये, वहीं रविवार सुबह एक मकान ढह गया।

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दिल्ली के जखीरा फ्लाईओवर के पास मकान ढहा, तीन फंसे

नई दिल्ली 09 जुलाई ,(एजेंसी)। भारी बारिश के कारण रविवार सुबह उत्तरी दिल्ली के जखीरा फ्लाईओवर के पास एक घर ढह गया, जिसमें तीन लोग फंस गए। हालांकि, उनमें से दो को बचा लिया गया है। एक की तालाश जारी है।

अग्निशमन कार्यालय के अनुसार सुबह करीब 9.34 बजे फोन पर किसी ने घटना की जानकारी दी। जानकारी देने वाले ने बताया कि जखीरा फ्लाईओवर के पास मछली मार्केट में एक घर गिर गया है जिसमें तीन लोग फंस गए हैं।

कॉल मिलने के बाद दमकल की तीन गाडिय़ां मौके पर भेजी गई। अधिकारी ने बताया कि यह टिन शेड वाला घर था जो बारिश में ढह गया।
अधिकारी ने कहा, दो लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया है। तीसरे की तलाश जारी है।

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कोलकाता के मशहूर बिल्डरों के घरों में राजस्थान पुलिस के छापे

*संजय, राजीव पसारी, आरके, सुजाता मोदी व सिद्धार्थ जयपुरिया फरार*

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। एक ओर जहां बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाओं को लेकर तनातनी का दौर चल रहा था तो अन्य ओर राजस्थान पुलिस राजस्थान के चर्चित नीमराना रिसॉर्ट प्रोजेक्ट ठगी मामले में कोलकाता के न्यू रोड अलीपुर की धूल खंगाल रही थी। लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी राजस्थान पुलिस के हत्थे उक्त शातिर आरोपी नहीं लगे। राजस्थान पुलिस सूत्रों ने बताया कि, राजस्थान के नीमराना रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले मशहूर बिल्डर संजय पसारी, राजीव पसारी, राजकिशोर मोदी, सुजाता मोदी और सिद्धार्थ जयपुरिया के कोलकाता में स्थित ठिकानों पर राजस्थान पुलिस ने दबिश दी। लेकिन, गिरफ्तारी के डर से ठगों की पूरी गैंग घरों से फरार हो गई।

ठगों की इस गैंग के खिलाफ राजस्थान के शाहजहांपुर में पीडि़त निवेशकों की ओर से फर्जी आवंटन पत्र जारी कर करोड़ों रुपए की ठगी करने के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनकी ठगी के शिकार पीडि़त निवेशक पिछले कई दिनों से पुलिस के पास न्याय की गुहार लगा रहे हैं। निवेशकों का कहना है कि कोलकाता और राजस्थान में इनकी प्रशासनिक और राजनीतिक पहुंच की वजह से सारी सूचनाएं लीक हो रही हैं। इससे इन्हें राजस्थान पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी मिल रही है। लेकिन, निवेशकों का मानना है कि आखिर कब तक ये पुलिस से भागेंगे। पुलिस इनका हर जगह पीछा कर रही है। सूत्रों के मुताबिक संजय पसारी गैंग कोलकाता के ऐसे क्षेत्रों में छिपे हैं जहां लंबे-चौड़े इलाके में इनके आलीशान महल बने है।

निवेशकों का कहना है कि ये गैंग इतनी शातिर है कि इन्होंने 400 करोड़ रुपए का लोन लेने वाली कंपनियों के ऑफिस एक ही फर्जी एड्रेस जो बन्द अथवा फैक्ट्रियां हैं, में दिखा रखे हैं। ताकि फ्रॉड करने के बाद अगर पुलिस दबिश भी दे तो कोई सुराग नहीं मिले। वहां या तो ताला लटका मिलेगा अथवा बूढ़ा चौकीदार। पुलिस के मुताबिक संजय पसारी के आलीशान महल 5बी, 5 सी, न्यू रोड अलीपुर पर राजस्थान पुलिस ने छापा मारा तो वहां गार्डों की फौज तैनात थी। पूछने पर बताया कि संजय पसारी लंदन भाग गया है। लेकिन, पुलिस के इन छापों से इस शातिर गैंग में खलबली मची हुई है।

जानकारी मिली है कि संजय पसारी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके राजकिशोर मोदी, सुजाता मोदी, सिद्धार्थ और उसकी पत्नी स्मिता को कोलकाता में ही कहीं छिपा रखा है। लेकिन, इनमें राजस्थान पुलिस का खौफ इतना ही कि इन शातिरों ने राजस्थान पुलिस से बचने के लिए किसी दूसरे की आईडी यूज करके उस पर वाट्सएप से बात कर रहे हैं। लेकिन, राजस्थान पुलिस ने जिस व्यक्ति का मोबाइल मिस यूज किया है इसका भी तोड़ निकाल लिया है। जल्दी ही इनकी गिरफ्तारी होने की संभावना है।

इनके चौकीदार और नौकरों ड्राइवर का कहना है कि ये लोग पूरे कोलकाता में ठगी और धोखेबाजी के लिए मशहूर हैं। इन्होंने स्थानीय लोगों से भी लाखों रुपए की ठगी की है। अब अगर, किसी कारण ये शातिर आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आए तो पुलिस राजस्थान अधिनियम के तहत जानकारी कर इनकी तमाम संपत्ति को कुर्क करवाने की तैयारी में है। बता दें के उक्त लोगों पर राजस्थान के नीमराना रिसॉर्ट में सस्ते भूखंड दिलाने के नाम पर जयपुर, अलवर और दिल्ली में तमाम लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी के आरोप है।

कोलकाता के ठग बिल्डर्स ने करोड़ों रुपए की ठगी के बाद कंपनी डायमंड संजीवनी प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. भी बेच दी।अब तक की पड़ताल से पता चला है कि ये बिल्डर्स बहुत बड़े ठग हैं। कंपनियां बनाना और उनमें करोड़ों का फर्जीवाड़ा करके बंद कर देना अथवा डायरेक्टर्स बदलकर कंपनी का नाम बदलना इनकी आदत है।

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बंगाल के कई जिलों में जोड़ा फूल को कमल से कड़ी टक्कर

*सी-वोटर एग्जिट पोल में भाजपा बढ़ा सकती है तृणमूल की परेशानी*

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। पंचायत चुनाव के दौरान बंगाल में हालात बेकाबू हो गए और कुल मिला कर मतदान के दौरान 18 लोगों की बलि चढ़ गई। आरोप लग रहा है कि सत्तारुढ़ तृणमूल ने गड़बड़ी की सारी हदें पार कर दी है लेकिन एबीपी-सीवोटर एग्जिट पोल की बात करे तो भले ही तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व कायम है, लेकिन सत्तारूढ़ दल को कई जिलों में कड़ी टक्कर के संकेत मिले हैं। एग्जिट पोल के संकेत की माने तो एग्जिट पोल में संकेत मिले हैं कि कूचबिहार जिले में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली में सबसे ऊंचे स्तर यानी जिला परिषद तृणमूल कांग्रेस के हाथ से छिन सकता है और भाजपा वहां नियंत्रण कर सकती है। यहां 18 से 22 जिला परिषद सीटों पर भाजपा जीत हासिल कर सकती है। वहीं तृणमूल कांग्रेस 11 से 17 सीटों पर सिमट सकती है। जिले में वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन शून्य से एक सीट के बीच सिमट सकता है।

इसी तरह, एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा उत्तर बंगाल के एक अन्य जिले अलीपुरद्वार में जिला परिषद पर नियंत्रण हासिल कर सकती है। एग्जिट पोल के मुताबिक, अलीपुरद्वार में इस बार भाजपा को 10 से 14 जिला परिषद सीटों पर जीत मिल सकती है। वहीं तृणमूल कांग्रेस चार से आठ सीटों पर सिमट सकती है। जिले में वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन शून्य से एक सीट के बीच सिमट सकता है। मुर्शिदाबाद, जहां चुनाव संबंधी हिंसा में सबसे अधिक मौतें हुईं, एक और जिला है जहां कुल मिलाकर वर्चस्व बनाए रखने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस कड़ी प्रतिस्पर्धा की ओर बढ़ रही है। एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक, इस जिले में सत्ताधारी पार्टी को भाजपा से ज्यादा चुनौती वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन से मिलेगी। मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस 39 से 49 जिला परिषद सीटें जीत सकती है। वहीं, वाम मोर्चा-कांग्रेस को 26 और 36 के बीच सीटें मिल सकती है, जबकि भाजपा शून्य से चार के बीच रह सकती है।

इसी तरह, पूर्व मेदिनीपुर जिले में, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का गृह जिला है, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को भाजपा से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। एग्जिट पोल के मुताबिक, पूर्व मेदिनीपुर में जहां तृणमूल कांग्रेस 35 से 45 सीटों के बीच सिमट सकती है, वहीं भाजपा 26 से 32 सीटों पर कब्ज़ा जमा सकती है, जबकि वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन शून्य से दो सीटों के बीच सिमट सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनावों में आम तौर पर राज्य में सत्तारूढ़ दल कुल मिलाकर हावी रहता है। हालांकि, पंचायत चुनाव मतदाताओं के बारे में कुछ संकेत देते हैं और जो संकेत मिले है वह तृणमूल के लिए लोकसभा से विधानसभा के लिए बेहतर नहीं रह सकता है।

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बंगाल में हिंसा का खेल खेलने वालों से कांग्रेस मिला रही है हाथ : स्मृति ईरानी

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। बंगाल में पंचायत चुनाव दौरान 18 लोगों की बलि चढ़ गई है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को हुए पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर आज बंगाल की सत्तरुढ़ पार्टी तृणमूल सहित कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उनसे पूछा कि क्या उन्हें ऐसी घटनाएं स्वीकार्य है?।

स्मृति ईरानी ने कहा, पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में जिस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या होते हुए लोग देख रहे हैं, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों को जताने के लिए लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। स्मृति ईरानी ने कहा, लोकतांत्रिक अधिकारियों के प्रयोग पर लोग मौत के घाट वहां उतारे जा रहे हैं।

उसी टीएमसी के साथ गांधी परिवार गठबंधन कर रहा है। मेरा गांधी परिवार से यह विशेष प्रश्न है कि उनसे हाथ मिलना उन्हें मंजूर है जो पश्चिम बंगाल में कहर मचा रहे हैं। वहां मौत के घाट इसलिए लोगों को उतार रहे हैं कि वोट करना चाहते हैं।

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मंत्री चंद्रिमा ने हिंसा के लिए राज्यपाल व विपक्ष के सिर ठीकरा फोड़ा

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। मतदान के बाद आज भी राज्य भर में हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बातचीत में हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। इतना ही नहीं चंद्रिमा भट्टाचार्य के निशाने पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस भी रहें और मंत्री ने उन पर भा सवाल उठाया। यही नहीं हिंसा के लिए चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विपक्ष और राज्यपाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ”कई घटनाएं हुई हैं।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विपक्ष और माननीय राज्यपाल ने इतना प्रोत्साहन दिया। मतदान के दिन ही 17 लोगों की मौत हो गयी। बसंती के एक आज फिर एक तृणमूल कर्मी की मौत हो गई जो मतदान के दिन हुई हिंसा में वह घायल हो गये थे। उस संदर्भ में चंद्रिमा ने कहा, ‘सभी मौतें दुखद हैं। लेकिन मरने वालों में तृणमूल कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों की संख्या अधिक है।

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अब कूनो से बाहर जंगल में रह सकेंगे चीते

लियर,09 जुलाई (एजेंसी)। कूनो नेशनल पार्क के जंगल में विचरण कर रहे चीते यदि नजदीकी जंगल में जाते हैं और रहते हैं तो रहने दिया जाएगा। यदि चीतों को या फिर चीतों से किसी को खतरा नहीं होगा तो उन्हें ट्रैक्युलाइज कर वापस नहीं लाया जाएगा। यह निर्णय ग्वालियर में हुई चीफ स्टेचरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश के अधिकारी भी शामिल हुए थे। अब चीते अगर उत्तर प्रदेश या दूसरी रेंज के जंगल में जाते हैं उन्हें वहां भी रहने दिया जाएगा। डीएफओ पीके वर्मा ने बताया कि चीतों के लिए अब जंगल की सीमा नहीं होगी।

चीते अगर कूनो से नजदीकी राजस्थान या उत्तर प्रदेश के जंगल में भी जाएंगे तो ट्रैकिंग टीम उनके पीछे जाकर निगरानी करेगी। उत्तर प्रदेश या दूसरे जंगल में स्थानीय अमला टीम की मदद करेगा। कूनो के जंगल में दस चीते नर पवन, मादा आशा, चीता धौरा, वीरा, गामिनी, धावी, निर्वा, नर चीता गौरव, सूरज, शौर्य रह रहे हैं।

सात नर-मादा चीते और एक शावक बाड़े में है। चीतों को बार-बार ट्रैकुलाइज नहीं किया जाएगा पवन और आशा के कूनो से निकलकर दूसरे जंगल में जाने की आदत से ही मानीटरिंग कर रहे अफसरों ने रेंज फ्री किए जाने पर विचार किया। यह निर्णय लिया गया कि नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को लंबे समय तक बाड़े में या निश्चित सीमा के जंगल में रखना ठीक नहीं है।

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केंद्रीय बलों की तैनाती पर आयोग ने भ्रमित किया: डीआईजी

*कहा-केद्रीय बलों पर किसी भी तरह का दोष मढऩा निराधार है*

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। बंगाल के पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा का ताण्डव होने और इस दौराल 18 लोगों की मौत की घटना ने एक बार फिर बंगाल को खबरों में ला दिया है और हिंसा की घटनाओं को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। ऐसे में आज केंद्रीय बलों के कोऑर्डिनेशन के लिए नियुक्त किए गए बीएसएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने बताया कि उन्हें मतदान के पहले तक केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए विस्तृत जानकारी बार-बार मांगने के बावजूद दी ही नहीं गई थी। केद्रीय बलों पर किसी भी तरह का दोष मढऩा निराधार है। डीआईजी गुलेरिया ने कहा कि जहां भी केंद्रीय बलों की तैनाती थी, वहां किसी तरह की कोई हिंसा नहीं हुई। किसी ने हिंसा की कोशिश भी की तो हमने उसे पूरी तरह से बेअसर कर दिया।

जहां भी मारपीट और हत्या की घटनाएं हुई हैं वहां केंद्रीय बलों की तैनाती ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि पांच जून से ही बीएसएफ की ओर से लगातार राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा को पत्र लिखे जा रहे थे और संवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी मांगी जा रही थी। कहां-कहां केंद्रीय बलों को तैनात किया जाना है उसकी भी पूरी जानकारी मांगी जा रही थी, लेकिन अंतिम समय तक केवल मतदान केंद्रों की संख्या और किस जिले में कितने मतदान केंद्र हैं यह बताया गया। लोकेशन क्या है, मतदान केंद्र का नाम क्या है, कहां कितनी संख्या में केंद्रीय बलों को भेजा जाना है, इस बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं मिली। ऐसे में बलों की तैनाती पर संशय के बादल छाए रहे। एक तरह से हमें भ्रमित किया गया।

गुलेरिया ने बताया कि चुनाव आयोग ने कहा कि जिला प्रशासन आप लोगों की तैनाती करेगा, लेकिन जब हम लोग वहां पहुंचे तो हमें केवल बता दिया गया कि कहां कितने लोगों को लेकर जाना है। हमें इसकी कोई विस्तृत सूची नहीं मिली। राज्य सरकार और चुनाव आयोग की ओर से केंद्रीय बलों की देर से तैनाती के लगाए गए आरोपों के जवाब में गुलेरिया ने कहा कि जब हमारे बार-बार आवेदन के बावजूद हमें विस्तार से तैनाती के लिए लोकेशन के बारे में नहीं बताया गया तो देरी किस की ओर से हुई यह समझा जाना चाहिए। जवान तो राज्य में पहले से ही मौजूद थे। अगर वाकई में जवानों की तैनाती को लेकर चुनाव आयोग गंभीर था तो विस्तृत तौर पर लिखित में बार-बार मांगने के बावजूद हमें जानकारी क्यों नहीं दी गई।

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बीएसएफ के आरोपों को चुनाव आयुक्त ने बताया गलत

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। बंगाल के पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा का ताण्डव होने और इस दौराल 18 लोगों की मौत की घटना के बाद जहां एक ओर राज्य चुनाव आयोग ने हिंसा के लिए केन्द्रीय बलों पर सवाल उठाया है। वहीं बीएसएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने बताया कि उन्हें मतदान के पहले तक केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए विस्तृत जानकारी बार-बार मांगने के बावजूद दी ही नहीं गई थी। ऐसे में राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ने बीएसएफ के आरोपों को गलत करार दिया।

राजीव सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से उन्हें ऐसे बूथों की संख्या के बारे में बताया गया था। यह बीएसएफ के आईजी और हमारे (चुनाव आयोग) बीच कम्युनिकेशन के रिकॉर्ड में दर्ज है। वह भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती कैसे थी?  बीएसएफ को संवेदनशील बूथों की जानकारी नहीं दिए जाने के जो दावे किए जा रहे हैं वे गलत हैं। संवेदनशील बूथों की पूरी जानकारी उन्हें संबंधित डीएम और एसपी ने दी थी।

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मतदान के एक दिन बाद कहीं नाले तो कहीं तालाब में मिले बैलेट बॉक्स

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। पंचायत चुनाव के दिन कहीं कोई बैलेट बॉक्स लेकर भाग गया था, कहीं बैलेट बॉक्स को तालाब में फेंका दिया गया था तो कहीं इसमे आग लगाई गई थी। ऐसे में मतदान शनिवार को समाप्त हो गया लेकिन आज सुबह जलपाईगुड़ी के एक मतदान केंद्र के पीछे  नाले से नाटकीय ढंग से मतपेटियां बरामद की गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के पहाड़पुर हकीमपारा बीएफपी स्कूल के मतदान केंद्र पर हुई यह घटना घटी।

सूत्रों के अनुसार बूथ संख्या 13 की मतपेटी आज सुबह तक जिले के स्ट्रांग रूम में जमा नहीं किया गया था। कथित तौर पर शनिवार को सदर प्रखंड के पहाड़पुर हाकिमपाड़ा बीएफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया था और फर्जी वोटिंग की। इसके बाद कुछ बदमाशों ने मतपेटी छीन ली। इसके बाद से रविवार सुबह तक मतपेटी का कुछ पता नहीं चल पाया था।

मतपेटी न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। बाद में, स्थानीय तृणमूल उम्मीदवार के पति अमल रॉय ने इसे नाटकीय ढंग से बरामद किया। उन्होंने कहा कि हम यहां मतदान कर रहे थे। अचानक भाजपा के लोग आए और हमला कर दिया और तोडफ़ोड़ की। इसी तरह दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती में लूट लिए गए बैलेट बाक्स को आज पास बूथ के पास एक तालाब से बरामद किया गया। मामले को लेकर तृणमूल ने यहां फिर से वोट कराने की मांग की है।

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बाइक सवार बदमाशों ने दावत हवेली पर की फायरिंग, संचालक से मांगी 50 लाख रूपये की रंगदारी

जींद 09 Jully (एजेंसी): जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर जुलाना के पास शनिवार देर रात को बाइक सवार दो युवकों ने दावत हवेली पर फायरिंग की और होटल संचालक से 50 लाख रूपये की रंगदारी मांगी है। फायरिंग के बाद बदमाश धमकी भरा पत्र डालकर गए हैं और 50 लाख रूपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। जुलाना थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रंगदारी मांगने, दहशत फैलाने व शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस को शिकायत देते हुए जुलाना के वार्ड दो निवासी बलजीत लाठर ने बताया कि उसने जुलाना के पास नेशनल हाईवे पर दावत हवेली के नाम से होटल किया हुआ है। शनिवार रात करीब 11 बजे दो युवक बाइक पर सवार होकर आए और उसके होटल के सामने बाइक खड़ी की तथा एक बदमाश ने नीचे उतरकर अपनी पिस्तौल निकाली और तीन बार फायर किया। इसके बाद धमकी भरा पत्र उसके होटल के सामने डालकर चले गए। इसमें 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।

बदमाशों के जाने के बाद जब पत्र को देखा तो इसमें लिखा हुआ था कि वह सेंट्रल जेल में बंद कुलदीप सरपंच लिजवाना व भोलू ढिगाना गैंग से हैं। यह जो वारदात हुई है, यह कुलदीप सरपंच लजवाना व भोलू ढिगाना कहने से हुई है। अबकी बार तो सिर्फ ट्रेलर है, अगली बार तुम्हें मार देंगे। जान प्यारी है तो 50 लाख रुपये दे दो। तुझे जिसकी भी स्पोर्ट लेनी है, ले लेना। अगर कोई भी किसी तरह की बात हुई तो तुरंत ही रिजल्ट मिलेगा।

होटल संचालक ने धमकी मिलते ही पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और धमकी दिए गए पत्र को कब्जे में ले लिया और बदमाशों की पहचान के लिए आसपास के एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। जांच अधिकारी एसआई अनिल कुमार ने बताया कि ढाबा संचालक की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रंगदारी मांगने, दहशत फैलाने व शस्त्र अधिनियम के तहत के तहत केस दर्ज किया है।

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पवित्र जलस्रोतों के जल से होगा अयोध्या में रामलला का जलाभिषेक

लखनऊ 09 Jully (एजेंसी)-रामनगरी अयोध्या में राममंदिर का निर्माण काफी तेज गति से चल रहा है। मंदिर में-प्राण प्रतिष्ठा को भव्य बनाने की तैयारी भी जोरशोर से हो रही है। प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर को इतिहास के पन्ने में दर्ज कराने के लिए प्रभु राम की मूर्ति का जलाभिषेक देश के प्रमुख व पवित्र जलस्रोतों से एकत्र जल से किया जाएगा।

विश्व हिंदू परिषद की मानें तो रामलला की मूर्ति का शास्त्रीय विधान से जलाभिषेक करवाने की पूरी तैयारी है। विश्व हिंदू परिषद के अंतर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि कुएं, तलाब, झील, नदी और जितने भी पुण्य स्थल हैं, वहां का जल एकत्रित किया जाएगा और उससे जलाभिषेक किया जाएगा। गंगा, यमुना, गोदावरी, सतलुज, राप्ती, नर्मदा, सोन समेत प्रमुख सभी नदियों का पवित्र जल होगा। इसके अलावा बद्रीधाम स्थित नारद कुंड, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के सरोवर से जल भी होगा।

इसी तरह बिहार के गया स्थित पवित्र नदी फल्गु, हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित सूर्य सरोवर, राजस्थान के पुष्कर सरोवर तथा दिल्ली स्थित गुरुद्वारा सीसगंज साहिब स्थित कुआं, जिसमें गुरु तेगबहादुर ने स्नान किया था, वहां के जल को भी अयोध्या भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया, रायपुर में विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में तय हुआ कि देशभर के जलस्त्रोतों से इकट्ठा किए गए जल से प्रभु राम का जलाभिषेक किया जाए। इसकी शुरुआत मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के 10 दिन पहले से चलेगी। औसतन 200-200 ग्राम जल तांबे के बर्तन में धार्मिक अनुष्ठान के बाद रखा जाएगा। फिर इसे कूरियर से अयोध्या भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसे अयोध्या में एक टैंक में इकट्ठा किया जाएगा।

धर्म-कर्म के जानकार प्रसिद्ध शास्त्री सरोजकांत मिश्रा कहते हैं कि अभिषेक का मतलब होता है सिंचन करना। पुराने काल में जब किसी को राजा बनाया जाता था तो उसके सिर पर अभिमंत्रित जल की वर्षा की जाती थी। इसके लिए पवित्र नदियों के जल को एकत्रित किया जाता था। उसके बाद राजा को नहलाया जाता था।

राम मंदिर में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने अयोध्या में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में होटल, रेस्तरां, डॉरमेट्री और धर्मशाला खुलवाने के निर्देश दिए हैं।

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चारधाम यात्राः तीर्थयात्रियों से भरा वाहन गंगा नदी में गिरा, कई लोग लापता

देहरादून 09 Jully, (एजेंसी): उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आए विभिन्न राज्यों के तीर्थयात्रियों से भरा एक वाहन रविवार सुबह गंगा नदी में गिर गया। हादसे के बाद पांच लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि छह यात्री अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल, नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आज तड़के 3:00 बजे चौकी ब्यासी, थाना मुनि की रेती पर सूचना प्राप्त हुई कि एक वाहन जो सोनप्रयाग से ऋषिकेश आ रहा था, मालाकुंती पुल से होटल आनंद काशी के बीच में राष्ट्रीय राजमार्ग से नीचे गहरी खाई में गिर गया है।

उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल थाना पुलिस और एसडीआरएफ द्वारा मौके पर पहुंचकर, गंगा नदी से पांच व्यक्तियों को बाहर निकाला है। उन्होंने बताया कि वाहन में चालक सहित कुल ग्यारह यात्री सवार थे। भुल्लर ने बताया कि बिजेंदर पुत्र जगदीश पांडे (46), निवासी बदरपुर, दिल्ली, आकाश (22) पुत्र तेज सिंह, प्रदीप कुमार (27) पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी शाहपुर, पंजाब, रोशन कुमार (25) पुत्र सुबोध, निवासी नालंदा, बिहार, और हरियाणवी पत्नी रवि सिंह (25), निवासी हैदराबाद को सकुशल निकाल लिया गया है। सभी को एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार चालक सहित अन्य छह लोगों की तलाश जारी है। जिनका नाम, पता रेस्क्यू किए गए यात्रियों द्वारा अभिजीत त्यागी, निवासी भोजपुर, भजन गढ़, दिल्ली, अतुल सिंह पुत्र विनोद, निवासी शिवपुरी, बिहार, अक्षय कुमार पुत्र मनोज सिंह, निवासी बिहार, सौरभ कुमार, रवि पुत्र अज्ञात हैदराबाद और मैक्स वाहन चालक नाम, पता अज्ञात अभी लापता हैं। इनकी तलाश लगातार जारी है।

रेस्क्यू किए गए यात्रियों द्वारा बताया गया कि वे सभी लोग अलग-अलग स्थानों के रहने वाले है। आठ जुलाई को वे सभी सोनप्रयाग से समय रात्रि 8: 00 बजे एक मैक्स गाड़ी में बैठे थे एवम आज तड़के तीन बजे के करीब मालाकुंठी पुल से आगे गुलर की तरफ पहाड़ से बारिश में अचानक पत्थर गिरने के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई और गाड़ी सीधे नदी में जा गिरी।

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मध्यप्रदेश चुनाव प्रभारी यादव आज इंदौर प्रवास पर

इंदौर 09 Jully (एजेंसी) : भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त मध्यप्रदेश चुनाव प्रभारी और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव आज प्रदेश के इंदौर प्रवास पर रहेंगे।

पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यादव सुबह स्थानीय ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में जी-20 की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद वे स्थानीय छप्पन दुकान पहुंचकर निरीक्षण करेंगे।

वे दोपहर को आईआईएम इंदौर में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करेंगे। यादव दोपहर को ही यहां स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे। यहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। यादव शाम को इंदौर से दिल्ली रवाना होंगे।

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राजस्थान आवासन मंडल में 311 पदों पर होंगी भर्तियां

जयपुर 09 Jully (एजेंसी) : प्रदेश के युवाओं के लिए राजस्थान आवासन मंडल विभिन्न संवर्गों के 311 पदों के लिए जल्द ही भर्ती निकालेगा। आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि मंडल में कई दशकों के बाद इतनी बड़ी भर्ती का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मंडल ने भवन निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में कीर्तिमान कायम किए हैं उसी तरह पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ परीक्षा संचालित होंगी।

अरोड़ा ने बताया कि इसके तहत प्रोग्रामर पद के लिए 1, परियोजना अभियन्ता (वरिष्ठ) (सिविल) के 48 और नगर नियोजन सहायक या वास्तुविद् सहायक के 4 राजपत्रित पदों के लिए आरपीएससी भर्ती कराएगा। जबकि कम्प्यूटर ऑपरेटर (सहायक प्रोग्रामर (एल-10) के 6, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर (सूचना सहायक) के 18, परियोजना अभियन्ता (कनिष्ठ) (सिविल) के 100, परियोजना अभियन्ता (कनिष्ठ) (विद्युत) के 11, वरिष्ठ प्रारूपकार के 4, कनिष्ठ प्रारूपकार 10, विधि सहायक (कनिष्ठ विधि अधिकारी) 9, कनिष्ठ लेखाकार के 50 और कनिष्ठ सहायक के 50 अराजपत्रित पदों के लिए सी डैक भर्ती कराएगा।

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Good News: अब विश्वविद्यालयों में Admission Cancel कराने पर भी छात्रों को वापस मिलेगी फीस

नई दिल्ली 09 Jully (एजेंसी) : उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के इच्छुक छात्र अब यदि अपना दाखिला स्वयं ही कैंसिल कराते हैं तो ऐसी स्थिति में भी उनकी फीस वापस मिल जाएगी। देश भर के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को इस बाबत स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों में कहा गया है कि दाखिला रद्द करवाने पर छात्रों को उनकी फीस वापस लौटाने ही पड़ेगी।

दरअसल ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब छात्रों ने एक संस्थान में फीस जमा कराई, लेकिन सेशन लेट होने या फिर किसी अन्य कारणों से जब छात्रों ने दूसरे संस्थानों में दाखिला लिया तो उन्हें पुराने संस्थान ने फीस वापस नहीं लौटाई। नोएडा के एक्यूरेट इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में बी फार्मा के लिए आवेदन करने वाली एक छात्रा ने बताया कि बीते वर्ष सितंबर में उन्होंने यहां दाखिला लिया। लेकिन सत्र शुरु न होने की स्थिति में छात्रा ने अपना दाखिला रद्द करवा के किसी दूसरे शिक्षण संस्थान में दाखिला लिया।

दाखिला रद्द करवाने के साथ ही छात्रा ने फीस वापसी के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन 10 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद संस्थान ने छात्रा द्वारा अदा की गई 80 हजार रुपए से अधिक की फीस नहीं लौटाई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने अब शिक्षण संस्थानों को फीस वापस करने का निर्देश जारी किया है। कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि जो छात्र अपना दाखिला एक जगह से रद्द कराकर दूसरी जगह एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें उनकी पूरी फीस लौटाई जाए।

यदि छात्र एडमिशन रद्द कराने की सूचना देने में विलंब करते हैं तो ऐसी स्थिति में कॉलेज या विश्वविद्यालय केवल एक छोटा एमाउंट प्रोसेसिंग फीस के नाम पर काट सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र यानी वर्ष 2023-24 के लिए यह फीस रिफंड पॉलिसी तैयार की है की है। आयोग द्वारा तैयार की गई छात्र फ्रेंडली इस पॉलिसी में सभी देशभर के सभी विश्वविद्यालयों को फीस वापसी के संदर्भ में सख्त हिदायत दी गई है।

यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों से कहा गया है कि जो छात्र एक शिक्षण संस्थान से अपना दाखिला रद्द करवाने के उपरांत किसी दूसरे शिक्षण संस्थान में दाखिला लेना चाहे तो तुरंत प्रभाव से उसकी फीस वापस की जाए। यूजीसी द्वारा तय किए गए नियमों के मुताबिक यदि कोई छात्र 30 सितंबर तक अपना एडमिशन कैंसल या वापस करता है तो उसके द्वारा भुगतान की गई पूरी फीस संबंधित शिक्षण संस्थान छात्र को वापस करेगा।

हालांकि ऐसा नहीं है कि 30 सितंबर के बाद फीस वापसी को लेकर छात्रों के पास कोई विकल्प शेष नहीं रहेगा। यूजीसी ने इसके लिए भी प्रावधान किया है। आयोग का कहना है कि यदि किन्हीं कारणों से छात्र समय रहते अपना दाखिला रद्द नहीं करवा सके या फिर फीस वापसी के लिए आवेदन नहीं कर सके तो यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक भी की जा सकती है। 30 सितंबर के बाद 31 अक्टूबर तक अपना दाखिला रद्द करवाने पर छात्रों को एक निश्चित प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना होगा।

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पूर्व CM और कांग्रेस के दिग्गज नेता की मुश्किलें बढ़ी, RSS की छवि धूमिल करने के आरोप में FIR

इंदौर 09 Jully (एजेंसी) : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छवि धूमिल करने का आरोप लगा है। इस मामले में उनके खिलाफ इंदौर के तुकोगंज थाने में मामला भी दर्ज कर लिया गया है। इंदौर के सुदामा नगर क्षेत्र के निवासी राजेश जोशी ने तुकोगंज पुलिस थाने में कांग्रेस नेता के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में कहा है कि सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह ने माधव सदाशिव राव गोलवलकर की तस्वीर के साथ मिथ्या एवं अनर्गल पोस्ट प्रसारित किया। ऐसा विभिन्न जातियों, वर्गों में शत्रुता, घृणा, वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से किया गया है।

उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के अधिवक्ता राजेश जोशी ने शिकायत में कहा है कि दिग्विजय सिंह नामक फेसबुक आईडी की टाइमलाइन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक गोलवलकर की तस्वीर और संघ के ध्वज के साथ आरएसएस चीफ लिखकर तस्वीर के ऊपरी हिस्से में लिखा है कि सदाशिव राव गोलवलकर ने अपनी पुस्तक ‘वी एंड आवर नेशनहुड आईडेंटिफाइड’ में स्पष्ट लिखा है कि जब भी सत्ता हाथ लगे, तो सबसे पहले सरकार की धन-संपत्ति राज्य की जमीन और जंगल अपने दो-तीन विश्वसनीय धनी लोगों को सौंप दें। 95 प्रतिशत लोगों को भिखारी बना दें, उसके बाद सात जन्मों तक सत्ता हाथ से नहीं जाएगी। वहीं, तस्वीर के निचले हिस्से में लिखा है, मैं सारी जिंदगी अंग्रेजों की गुलामी करने के लिए तैयार हूं लेकिन जो दलित, पिछड़ों और मुसलमानों को बराबरी का अधिकार देती हो, ऐसी आजादी मुझे नहीं चाहिए।

अधिवक्ता ने शिकायत में कहा है कि गुरु जी की तस्वीर के साथ जो पोस्ट अपलोड किए गए हैं, विश्व के सबसे बड़े नि:स्वार्थ सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरुद्ध विद्वेष पूर्ण तरीके से दलित, पिछड़ों, मुसलमानों और हिंदुओं में शत्रुता, घृणा, वैमनस्य पैदा कर उन्‍हें उकसाने और वर्ग संघर्ष के उद्देश्य से जानबूझकर पोस्ट किए गए हैं, जिससे आरएसएस के कार्यकर्ताओं और समस्त हिंदू समाज की धार्मिक आस्था आहत हुई है। जोशी की शिकायत पर तुकोगंज थाने की पुलिस ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 153ए, 469, 500, 505 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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नेपाल बन रहा खतरे की घंटी! चीन-पाक के जासूस भारत में आसानी से कर रहे Entry

नोएडा 09 Jully (एजेंसी) : नेपाल के भारत का मित्र देश होने और बिना फेंसिंग के बॉर्डर होने का पूरा फायदा भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन उठाते हैं। भारत में घुसपैठ करने के लिए नेपाल को अपना जरिया बनाकर यह पड़ोसी मुल्क यहां अपने लोगों को भेजते हैं और गैर कानूनी काम में शामिल कर देते हैं। हाल ही में सामने आए मामले में पब्जी गेम से मोहब्बत और उसके बाद पाकिस्तानी महिला नेपाल के जरिए भारत पहुंच गई। यहां पर उसने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहने वाले सचिन के साथ घर बसाने का सपना देख लिया और अपने साथ अपने बच्चों को भी लेकर आ गई। न कोई वैलिड डॉक्यूमेंट न ही वीजा और महिला आराम से बीते 50 दिनों से अपने भारतीय प्रेमी के साथ किराए पर कमरा लेकर रह रही थी।

उसके पकड़े जाने के बाद जब पुलिस को उसके आने का रूट पता चला तो नोएडा पुलिस ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को पत्र लिखकर मामले की जांच करने को कहा और मंत्रालय को भी पत्र लिखकर नेपाल के रास्ते से आने वाले एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा कड़ी करने की गुहार लगाई। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुलिस ने कई चाइनीस विदेशी नागरिकों को नेपाल के जरिए भारत में एंट्री कर यहां अवैध तरीके से रहने के बाद मामले में पकड़ा है।

बीते 6 जुलाई को नेपाल के रास्ते भारत आकर ग्रेटर नोएडा में रह रहे चीन के दो नागरिकों — डेंग चोंकों और मैग हाउजे को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बृहस्पतिवार देर शाम गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से फर्जी आधार और पेन कार्ड बरामद किया गया है। दस दिन पहले एसटीएफ ने दो ऐसे आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जो चीन के नागरिकों का भारतीय पासपोर्ट बनवाते थे।

मैग हाउजे उन्हीं आरोपिओ का साथी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बैग हाउजे ओप्पो फैक्ट्री में नौकरी करता था। वर्ष 2022 में अक्टूबर माह में पुलिस ने उसको बिना वीजा के पकड़ा था। उसको उसके देश चीन वापस डिपोर्ट कर दिया गया था।

चीन पहुंचने के बाद वह टूरिस्ट वीजा पर नेपाल आया। वहां से बस में सवार होकर महाराजगंज बार्डर के रास्ते वह फिर से ग्रेटर नोएडा आ गया और यहां अवैध रूप से रहने लगा। जांच में पता चला है कि आरोपी ने खुद के आदि शर्मा नाम का फर्जी आधार कार्ड बना लिया था। ग्रेटर नोएडा के ओमेगा 2 थाना बीटा-2 विला नं.0-23 ग्रीन बुड फेस में रह रहा था।

आशंका है कि उसने चीन के कई अन्य लोगों का भी फर्जी दस्तावेज तैयार किया है। दोनो की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है, जिनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए डिटेन्शन सैन्टर आर.के. पुरम नई दिल्ली भेजा गया। पाकिस्तान और चीन से अवैध रूप से भारत आने वाले लोगों के लिए नेपाल सेफ पैसेज बनता जा रहा है।

चाइनीज नागरिक नेपाल के जरिए भारत आने को सबसे आसान और सेफ पैसेज मानते हैं। कुछ दिनों पहले ही बॉर्डर पर चीनी नागरिकों को वापस जाते समय एसएसबी के जवानों ने गिरफ्तार कर लिया था। वे बिना वीजा के 18 दिनों तक दिल्ली- एनसीआर में घूमते रहे।

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