पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेश किया बजट

*कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों पर ध्यान*

चंडीगढ़,10 मार्च (एजेंसी)। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को यहां विधानसभा में 2023-24 के लिए राज्य का बजट पेश किया। आप आदमी पार्टी (आप) की सरकार द्वारा पेश किया गया यह पहला पूर्ण बजट है।

मार्च 2022 में सत्ता में आने के बाद ‘आप’ सरकार ने 22 मार्च को लेखानुदान पारित किया था और फिर साल के बचे हुए समय के लिए जून में अपना बजट पेश किया था।

चीमा ने विधानसभा में कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ‘आम आदमी क्लीनिक’ में अब तक 10.50 लाख लोगों का इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार द्वारा अब तक 26,797 नौकरियां दी गईं।

वित्त मंत्री चीमा ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 1.96 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बजट का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पंजाब का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 6,98,635 करोड़ रुपये होगा।

चीमा ने सदन को बताया कि पंजाब सरकार जल्द ही एक नई कृषि नीति लाएगी जिसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने फसल विविधीकरण के लिए 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। साथ ही फसल बीमा योजना भी जल्द शुरू की जाएगी।

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आप विधायक सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने अपने-अपने विभागों का कार्यभार संभाला

नयी दिल्ली,10 मार्च (एजेंसी)। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने शुक्रवार को अपने-अपने विभागों का कार्यभार संभाला। दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के.सक्सेना ने बृहस्पतिवार को दोनों को मंत्री पद की शपथ दिलाई थी।

आतिशी को शिक्षा, लोकनिर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), विद्युत और पर्यटन विभाग का कार्यभार दिया जाएगा, जबकि भारद्वाज स्वास्थ्य, शहरी विकास, जल और उद्योग विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।

मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में दो पद खाली हो गए थे। मनीष सिसोदिया को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली की आबकारी नीति (जिसे अब वापस ले लिया गया है) में कथित अनियमितताओं के मामले में 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था।

वहीं पिछले साल 30 मई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित धन शोधन के एक मामले में सत्यैंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। दोनों ने हाल ही में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। सिसोदिया और जैन दोनों ही इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।

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पिछले नौ वर्षों में महिला विकास से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ा भारत: पीएम मोदी

नई दिल्ली,10 मार्च (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों में यूनिकॉर्न बनाने पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत पिछले नौ वर्षों में महिला विकास से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ा है.

महिला सशक्तिकरण पर बजट पश्चात एक वेबिनार को संबोधित करते हुए मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि आज भारत में इंजीनियरिंग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं के दाखिले का आंकड़ा 42 प्रतिशत है, जो अमेरिका जैसे विकसित देशों से कहीं अधिक है.

उन्होंने कहा कि क्या हम स्वयं सहायता समूहों में भी यूनिकॉर्न बना सकते हैं. हमने इस साल के बजट में यह दृष्टिकोण भी पेश किया है. यूनिकॉर्न ऐसी कंपनियां होती हैं, जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए बिना एक अरब अमेरिकी डॉलर के मूल्य तक पहुंच जाती हैं.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मुद्रा ऋण योजना के तहत लगभग 70 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं. उन्होंने कहा कि ये महिलाएं न केवल अपने परिवारों की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि देश के लिए नए आर्थिक दरवाजे भी खोल रही हैं. मोदी ने महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को उनकी समानता से भी जोड़ा.

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कांग्रेस मानसिक दिवालियापन का शिकार हो चुकी है:नड्डा

बेंगलुरु,10 मार्च (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘मानसिक दिवालियापन’ का शिकार हो चुकी है और उसमें लोकतंत्र में काम करने की पात्रता का अभाव है.

उन्होंने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने विरोध के दौरान देश का विरोध करने का आरोप लगाया. भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हाल में संपन्न राष्ट्रव्यापी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान ‘भारत तोड़ो यात्रा’ का काम हाथ में लिया.

उन्होंने नवाचार और कई अन्य क्षेत्रों में अग्रणी होने में भाजपा सरकार और बेंगलुरु की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ब्रिटेन में हाल ही में दिए गए भाषण पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि देश में हाल में उनकी ‘भारत जोड़ो यात्राÓ के दौरान किसी ने उनकी बात नहीं सुनी, इसलिए इन दिनों इंग्लैंड में भाषण दे रहे हैं.

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भारत के खिलाफ झूठ फैला रहा है एनवाईटी:अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली,10 मार्च (आरएनएस)। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क टाइम्स पर भारत के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया और कश्मीर में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर इसमें प्रकाशित एक लेख को छलावा और काल्पनिक करार दिया.

ठाकुर ने ट्वीट किया कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत के बारे में कुछ भी प्रकाशित करते समय तटस्थता मानकों को बहुत पहले छोड़ दिया था. कश्मीर में प्रेस की स्वतंत्रता पर एनवाईटी की तथाकथित ‘राय’ छलावा और काल्पनिक है. इसे भारत और उसके लोकतांत्रिक संस्थानों एवं और मूल्य के बारे में दुष्प्रचार करने के एकमात्र उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है.

केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा, यह, न्यूयॉर्क टाइम्स और इसी तरह के कुछ अन्य विदेशी मीडिया द्वारा भारत और लोकतांत्रिक रूप से चुने गए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में झूठ फैलाने का विस्तार है.

ऐसा झूठ लंबे समय तक नहीं चल सकता. ठाकुर की ओर से यह कड़ा खंडन कश्मीर में सूचना प्रवाह पर कथित प्रतिबंधों पर अमेरिकी समाचारपत्र में एक लेख प्रकाशित होने के बाद आया है.

ठाकुर ने कहा कि भारत और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ईर्ष्या रखने वाले कुछ विदेशी मीडिया हमारे लोकतंत्र एवं बहुलतावादी समाज के बारे में व्यवस्थित तरीके से झूठ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता का उतना ही महत्व है जितना अन्य मौलिक अधिकारों का. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र और हम लोग बहुत परिपक्व हैं और हमें इस तरह के एजेंडे से चलने वाले मीडिया से लोकतंत्र का व्याकरण सीखने की जरूरत नहीं है.

ठाकुर ने कहा कि कश्मीर में प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में एनवाईटी द्वारा फैलाया गया झूठ निंदनीय है.

मंत्री ने कहा कि भारतीय ऐसी मानसिकता वालों को भारत की धरती पर अपना एजेंडा नहीं चलाने देंगे.

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बीएसएफ ने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को पकड़ा

नई दिल्ली,10 मार्च (एजेंसी)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने शुक्रवार को पंजाब में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को पकड़ा. बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी.

प्रवक्ता ने बताया कि घुसपैठिये ने 9-10 मार्च की दरमियानी रात सीमा पार की और राज्य के फिरोजपुर सेक्टर में ‘तीरथ’ सीमा चौकी क्षेत्र से भारत में प्रवेश किया. प्रवक्ता ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने बताया कि वह पाकिस्तान के खैबर जिले का रहने वाला है.

अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों का एक संयुक्त दल उससे पूछताछ कर रहा है और बाद में उसे स्थानीय पुलिस को सौंपा जा सकता है. यह घटना एक दिन पहले बीएसएफ द्वारा एक बांग्लादेशी और एक पाकिस्तानी नागरिक को इसी तरह पंजाब में इस सीमा पर पकड़े जाने के बाद सामने आयी है.

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लालू परिवार, राजद नेताओं के परिसरों पर ईडी की छापेमारी

*नौकरी के बदले जमीन*

नयी दिल्ली,10 मार्च (एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय ने ‘नौकरी के बदले जमीन घोटालाÓ मामले में धनशोधन की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को बिहार के शहरों एवं कई अन्य जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की तीन पुत्रियों और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं के परिसरों में की गई।

अधिकारियों ने कहा कि छापे पटना, फुलवारीशरीफ, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), रांची और मुंबई में लालू प्रसाद की बेटियों रागिनी यादव, चंदा यादव और हेमा यादव और राजद के पूर्व विधायक अबू दोजाना से जुड़े परिसरों में मारे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह मामला, लालू प्रसाद के 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के पद पर रहने के दौरान उनके परिवार को तोहफे में भूखंड प्राप्त होने या इसे बेचने के बदले में लोगों को रेलवे में कथित तौर पर नौकरी दिये जाने से संबद्ध है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के

तहत प्रसाद, उनकी पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और 14 अन्य के खिलाफ एक आरोपपत्र दाखिल किया है और सभी आरोपियों को 15 मार्च को तलब किया गया है।

ईडी का मामला सीबीआई की शिकायत से उपजा है जिसे धनशोधन रोकथाम अधिनियम की आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
इस मामले में सीबीआई ने हाल ही में राजद के नेता लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी से पूछताछ की थी।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष से की वार्ता

नयी दिल्ली,10 मार्च (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापार और निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में समग्र द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ व्यापक वार्ता की।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अहमदाबाद और मुंबई में अपने कार्यक्रमों के समापन के बाद बृहस्पतिवार शाम को दिल्ली पहुंचे। अल्बनीज ने आज सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किए जाने के बाद कहा, ऑस्ट्रेलिया और भारत अच्छे दोस्त हैं। हम साझेदार हैं और हम हर दिन इस साझेदारी को और मजबूत बना रहे हैं।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि कैनबरा संस्कृति, आर्थिक संबंधों के साथ-साथ सुरक्षा के क्षेत्रों में मजबूत संबंध बनाने के लिए भारत के साथ सहयोग करना चाहता है। उन्होंने कहा, हम क्रिकेट के मैदान पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं लेकिन साथ मिलकर हम एक बेहतर दुनिया का निर्माण भी कर रहे हैं।

अपनी भारत यात्रा से कुछ दिन पहले अल्बनीज ने कहा था कि मजबूत भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अच्छी है और इसका मतलब अधिक व्यापार और निवेश भी है। पिछले साल मई में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। इससे पहले 2017 में किसी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भारत का दौरा किया था।

अल्बनीज की यात्रा 2022 और 2023 में दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय वार्ताओं और मंत्रिस्तरीय यात्राओं के आदान-प्रदान के बाद हो रही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 18 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की थी जबकि उनके समकक्ष पेनी वोंग ने 28 फरवरी से तीन मार्च तक नई दिल्ली का दौरा किया था।

गौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं। आर्थिक सहयोग व्यापार समझौता (ईसीटीए) दिसंबर 2022 से लागू हो गया है।यह एक दशक में किसी भी विकसित देश के साथ भारत द्वारा हस्ताक्षरित पहला मुक्त व्यापार समझौता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया, भारत का 17वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और भारत, ऑस्ट्रेलिया का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।ईसीटीए के साथ, द्विपक्षीय व्यापार पांच वर्षों में लगभग 50 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।

भारत, ऑस्ट्रेलिया में कुशल अप्रवासियों के शीर्ष स्रोतों में से एक है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की संख्या बढ़ रही है और उनका महत्व भी लगातार बढ़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग भी आगे बढ़ रहा है।

दोनों पक्षों ने शैक्षिक योग्यता की परस्पर मान्यता के लिए दो मार्च को एक तंत्र तैयार किया था। इससे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच छात्रों के आवागमन की सुविधा में इजाफा होने की उम्मीद है।

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देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,294 हुई

नयी दिल्ली,10 मार्च (एजेंसी)। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 440 नए मामले आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,89,512 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,294 पर पहुंच गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक 5,30,779 लोगों की जान जा चुकी है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है।

अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में अभी तक कुल 4,41,55,439 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, देश में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.64 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। चार मई 2021 को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। पिछले साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

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पहली बार बिहारी का किरदार निभाना कठिन था: पूनम राजपूत

10.03.2023 (एजेंसी)  –  बेगम जान’ की अभिनेत्री पूनम राजपूत को अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी शॉर्ट फिल्म चार चप्पलें’ में लिया गया है, जिसमें मानव कौल, रणदीप झा और संजय गांधी भी हैं। पूनम ने दिग्गज फिल्म निमार्ता के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा किया और यह भी बताया कि पहली बार बिहारी किरदार निभाना कितना चुनौतीपूर्ण था।

उन्होंने कहा: चार चप्पलें बिहार में स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म है। मैं एक 21 वर्षीय नवविवाहित महिला का किरदार निभा रही हूं और मैं रणदीप झा के साथ मुख्य भूमिका निभा रही हूं। फिल्म की शूटिंग वाराणसी में हुई थी। मिजार्पुर 2′ की अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने पहले कभी बिहारी किरदार नहीं निभाया और भाषा उनके लिए एक चुनौती थी।

उन्होंने कहा- मैंने अपने अभिनय करियर में कभी बिहारी किरदार नहीं निभाया है, इसलिए मुझे हिमाचल प्रदेश से होने के कारण बोली और लहजे को सीखने की जरूरत थी। मुझे भूमिका निभाने के लिए चुने जाने के 2 दिन बाद शूटिंग शुरू हुई, इसलिए मुझे जल्दी से इसमें शामिल होने की जरूरत थी। मैंने उसके छोटे शहर से आने की प्रामाणिकता को खोए बिना उसे स्वाभाविक और वास्तविक रखने की कोशिश की। साथ ही, वह एक अंतमुर्खी और सरल लड़की है, जो असल जिंदगी में मैं जैसी हूं, उससे बिल्कुल उलट है।

निर्देशक के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए, पूनम ने साझा किया: अनुराग सर कामचलाऊ प्रक्रिया को अपनाते हैं, अभिनेताओं को उनके प्रदर्शन पर पूर्ण रचनात्मक नियंत्रण देते हैं। वह अपने अभिनेताओं को सेट पर बहुत सहज महसूस कराते हैं, और वह चाहते हैं कि वे स्क्रीन पर स्वाभाविक और यथार्थवादी दिखें। जब मैंने इस रोल के लिए ऑडिशन दिया तो मुझे भरोसा नहीं था कि सर सच में मुझे कास्ट करेंगे। मुझे यकीन नहीं था कि मैं भूमिका के लिए चुने जाने के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकती हूं, लेकिन मेरी क्षमताओं और कड़ी मेहनत में उनके विश्वास के लिए धन्यवाद।

उन्होंने सेट पर अपना पहला दिन याद किया और बताया कि कैसे वह नर्वस थी। मैं इतने अनुभवी निर्देशक के साथ काम करने को लेकर नर्वस थी। पहले तो मुझे सर से काफी डर लगा लेकिन मेरे को-एक्टर रणदीप झा और मैंने एक ही टेक में पहला शॉट दे दिया। इसने मुझ पर से कुछ दबाव हटा लिया और मुझे खुद पर गर्व महसूस हुआ।

साथ ही, शूटिंग शेड्यूल प्रीपोन किया गया था, हम उसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थे लेकिन फिर भी, हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और यह अच्छी तरह से हुआ।

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कियारा को देख दीवाने हुए फैंस…सामने आई खूबसूरत तस्वीर

10.03.2023 (एजेंसी)  –  बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी सिद्धार्थ मल्होत्रा संग शादी करने के बाद से ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अभी हाल ही में सिद्धार्थ मल्होत्रा की पत्नी कियारा का विमेंस प्रीमियर लीग 2023 की ओपनिंग सेरेमनी से एक डांस वीडियो भी इस समय तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे फैंस ने बहुत पसंद किया।

जिसके उपरांत अब कियारा की नई तस्वीरें भी वायरल हों लगी है। कियारा आडवाणी की नई तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। कियारा आडवाणी की इन तस्वीरों को उनके फैंस बहुत पसंद कर रहे हैं। बता दें कि कियारा आडवाणी इन तस्वीरों में पिंक ड्रेस में नजर आ रही है। कियारा आडवाणी की इन तस्वीरों को उनके फैंस बहुत पसंद कर रहे है।

इस फोटो में कियारा आडवाणी लाइट मेकअप किए हुए दिखाई दे रही है कियारा आडवाणी की इन तस्वीरों को उनके फैंस खूब साझा कर रहे हैं। इस वायरल हो रही तस्वीर में कियारा आडवाणी अपना फिगर फ्लॉन्ट करती हुई नजर आ रही हैं। कियारा आडवाणी की इस अदा पर फैंस फिदा हो चुके है।कियारा आडवाणी इस तस्वीर में किलर पोज देती हुई दिखाई दे रही है।

कियारा आडवाणी की ये अदा फैंस को बहुत पसंद आ रही हैं। कियारा आडवाणी का ये नया लुक सोशल मीडिया पर आते ही वायरल होने लगा है। कियारा आडवाणी का ये नया लुक फैंस का ध्यान अपनी तरफ खींचने लगा है। कियारा आडवाणी इस तस्वीर में खुले बालों में दिखाई दे रही हैं। कियारा आडवाणी की का ये हेयर स्टाइल फैंस को खूब भा रहा है।

कियारा आडवाणी इन तस्वीरों में जो ड्रेस पहने हुए नजर आ रही हैं। कियारा आडवाणी की ये ड्रेस बैकलेस है। कियारा आडवाणी की ड्रेस का ये डिजाइन खूब वायरल होने लगा है।

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नाखूनों को आकर्षक बनाता हैं नेलआर्ट, पार्लर जैसा लुक देने के लिए आजमाए ये टूल

(एजेंसी)  –  फैशन की परिभाषा और तरीका समय के साथ बदलता रहता है। जो फैशन कल था, वो आज नहीं है और जो फैशन आज है, वो आने वाले कल में नहीं होगा। ऐसे में आज के समय में नेलआर्ट का फैशन बहुत उभरकर सामने आया हैं। नाखूनों को आकर्षक बनाने के लिए ज्यादातर महिलाएं नेल आर्ट की मदद लेती हैं। इसके लिए महिलाएं पार्लर जाना पसंद करती हैं। लेकिन अगर आप चाहें तो घर में पर ही इससे जुड़ी आम चीजों का इस्तेमाल करके अपनी क्रिएटिविटी के अनुसार परफेक्ट नेल आर्ट बना सकती हैं।

आज इस कड़ी में हम आपको नेल आर्ट करने के कुछ टूल्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके किट में जरूर होने चाहिए।

आइये जानते हैं..

नेलपेंट रिमूवररिमूवर की जरुरत नेल पॉलिश को हटाने के लिए किया जाता है। इसके लिए नेल पॉलिश रिमूवर वाइप्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। इन वाइप्स का आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको बता दें कि इसमें एसीटोन और एल्कोहल नहीं होता है।डॉटिंग टूल्सनेल आर्ट बनाने के लिए नेल आर्ट किट में डॉटिंग टूल्स का होना बेहद जरुरी है। यह नाखूनों पर डॉट बनाने में मदद करता हैं। यदि आप नेल आर्ट करना सीख रहे हैं, तो आपके लिए घर पर ऑन-फ्लीक नेल आर्ट बनाने के लिए एक डॉटिंग टूल का इस्तेमाल सबसे अच्छा तरीका हो सकता है।

आप या तो नेल पेन में निवेश कर सकते हैं या टूथपिक, बॉबी पिन, ऑरेंज स्टिक या पेंसिल जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग कर सकते हैं, जो भी उपलब्ध हो।टोपकोट और बेसकोटअपनी नेल आर्ट किट में एक अच्छी क्वालिटी और जल्दी सूखने वाला टोपकोट जरूर शामिल करें।

टोपकोट की मदद से आप अपने नाखूनों पर शाइन ला सकती है। अपने नेल्स के हिसाब से बेसकोट शामिल करें। आपके नाखूनों को अगर कैल्शियम की जरुरत है तो कैल्शियम बिल्डर की मदद लें। इसके लिए नेल पेंट लगाने से पहले बेसकोट लगाना बिल्कुल ना भूलें।

स्ट्रिपिंग टेपअपने नेल आर्ट को आकर्षक बनाने के लिए सुपर पतली स्ट्रिपिंग टेप का प्रयोग करें। आप या तो इन मैटेलिक टेप्स का इस्तेमाल अपने नेल आर्ट को बनाने के लिए कर सकती हैं या सुपर स्ट्रेट लाइन्स बनाने के लिए और फिर इसे हटा सकती हैं। एक रंगीन स्ट्रिपिंग टेप उन सभी के लिए बहुत मददगार हो सकता है जो बिना गड़बड़ किए अपने नाखूनों पर ग्राफिक डिज़ाइन और सीधे किनारे बनाना चाहते हैं।

स्ट्रिपर ब्रशआप या तो किसी ब्यूटी स्टोर से स्ट्रिपर ब्रश ले सकती हैं या अपने नाखूनों पर जटिल विवरण और पतली रेखाएं बनाने के लिए पतले पेंट ब्रश का उपयोग कर सकती हैं। सुनिश्चित करें कि आपने अपने ब्रश को किसी अन्य रंग में डुबाने से पहले नेल पॉलिश रिमूवर से ठीक से साफ कर लिया है।

ट्वीजरनेल आर्ट करते हुए आपको कई चीजों की जरुरत होती है जिसे नेल आर्ट करते समय आप नाखूनों पर लगाती हैं। इन चीजों को लगाने के लिए आपको छोटी चिमटी या ट्वीजरकी जरूरत पड़ सकती है जिसकी मदद से भी आप इन सजाने की चीजों को अपने नाखूनों पर लगा सकती हैं।

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परेशान कर रही हैं पैरों की रूखी त्वचा, इन टिप्स की मदद से दूर होगी

10.03.2023 (एजेंसी)  –  सर्दियों में सर्द हवाएं स्किन की नमी को तेजी से चुरा लेती हैं। कई बार तो क्रीम और लोशन लगाने के बाद भी हाथ, पैर और चेहरे से रूखापन नहीं जाता। खासतौर से पैरों की रूखी त्वचा ज्यादा परेशान करती हैं और इससे खुजली की समस्या खड़ी हो जाती हैं। कई बार पैर सूज जाते हैं या फिर दरार दिखने लग जाती है और पैरों में रूखेपन की वजह से चलना भी मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी विंटर के मौसम में इस समस्या से जूझ रहे हैं तो आज इस कड़ी में हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से पैरों की रूखी त्वचा को दूर करने में मदद मिलेगी। तो आइये जानते हैं किस तरह सर्दियों में मुलायम और कोमल त्वचा पाने के लिए आपको त्वचा का ख्याल रखना चाहिए।स्क्रब से हटाएं डेड स्किन सेल्सअपने पैरों की रूखी त्वचा को खत्म करने के लिए आप घरेलू स्क्रब की मदद से सबसे पहले डेड स्किन सेल्स को हटाए। इसके लिए आप थोड़ा शहद, चीनी और गर्म पानी को एक साथ मिलाकर अपने पैरों पर लगाएं और अच्छी तरह से मसल कर डेड स्किन सेल्स को हटाए। यह आपके पैरों को मुलायम और चमकदार बना देगा और पैरों से डेड स्किन सेल्स भी निकल जाएंगे। इसके साथ ही आप मॉश्चराइजर का भी जरूर इस्तेमाल करें। इससे पैरों का रूखापन कम होता है।लें एलोवेरा की मदद एलर्जी के कारण भी पैरों की त्वचा ड्राय हो सकती है, इस समस्या को दूर करने के लिए आप एलोवेरा का इस्तेमाल करें। एलोवेरा जेल को आप पत्ते से निकालकर सीधे पैर पर एप्लाई करें और 20 मिनट बाद पैरों को धो लें। आपको खुजली, त्वचा की पीलिंग या क्रैक्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपके पैरों का रूखापन किसी मेडिकल कंडीशन के कारण है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। पैरों को रूखी त्वचा से बचाने के लिए आपको उसे सूरज की किरणों से बचाकर रखना चाहिए, यूवी रेज पैरों की त्वचा को रूखा बनाने का काम करते हैं।गर्म पानी मे रखें पैरपैरों से रूखेपन को कम करने के लिए आप यह घरेलू नुस्खा भी आजमा सकते हैं। एक कटोरा या टब में अच्छे से गर्म पानी लेकर उसमें नींबू और शैंपू डालकर करीब 30 मिनिट तक पैर रखें और मसले। ऐसा करने से भी डेड स्किन सेल्स निकल जाएंगे, पैरों की रूखी त्वचा से भी आपको छुटकारा मिलेगा और पैर मुलायम व साफ दिखेंगे। ऐसा करने से भी डेड स्किन सेल्स जल्दी अपनी जगह छोड़ देंगे।प्यूमिक स्टोन का इस्तेमाल प्यूमिक स्टोन प्राकृतिक लावा से बना पत्थर होता है, जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को बहुत अच्छी तरह हटा देता है। पैरो में कड़े घट्टे (कैलस) हों तो उन्हें प्यूमिक स्टोन नर्म कर देता है। कैलस या त्वचा की मृत कोशिकाओं पर प्यूमिक स्टोन को सौम्यता से रगड़ें। सर्कुलर मोशन में और आगे-पीछे घुमाते हुए प्यूमिक स्टोन से अपनी त्वचा को साफ़ करें।मॉइश्चराइजर और तेल का करें इस्तेमालपैरों को रूखेपन से बचाने के लिए मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि मॉइश्चराइजर सर्दियों में रूखी त्वचा और फटे हुए पैरों से छुटकारा दिलाने में काफी मददगार भूमिका अदा करते हैं। रूखी और सख्त त्वचा को मुलायम बनाने के लिए रोज रात में मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। पैरों में मॉइश्चराइजर लगाकर मोजे पहनकर सोना चाहिए। मॉइश्चराइजर के अलावा आप नारियल तेल या बादाम तेल या फिर सरसों का तेल भी लगा सकते हैं। पैरों की अच्छे से मालिश जरूर करें क्योंकि इससे भी डेड स्किन सेल्स निकल जाते हैं। पैरों की त्वचा भी मुलायम होती है और रूखेपन से भी छुटकारा मिलता है।पहने मोजेविंटर सीजन रूखे पन से पैरों को बचाने के लिए मोजे पहना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि मोजे धूल मिट्टी को सीधे पैरों तक नहीं पहुंचने देते हैं। अगर आप ज्यादा देर तक खड़े हो रहे हैं या फिर कहीं बाहर जा रहे हैं तो आप कोशिश करेंगे की मोज़े जरूर पहने घर में चप्पल भी पहन कर रखें। साथी मोज़े भी जरूर पहने क्योंकि यहां आपको रूखेपन से भी बचाएंगे और पैरों को फटने से भी रुकेंगे।त्वचा को हाइड्रेट करेंआपको रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। रोजाना 8 से 10 गिलास पानी का सेवन करें। पानी के अलावा भी आपको स्टार्च और चीनी मुक्त तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। आप अपनी डाइट में नारियल पानी, नींबू पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। बहुत से लोग त्वचा में हाइड्रेशन के लिए जूस का सेवन करते हैं पर आपको बता दें कि जूस में फल के रेशे मौजूद नहीं होते हैं एक्सपर्ट्स के मुताबिक उसे आप चीनी का घोल कह सकते हैं। आपको उसे अवॉइड करना चाहिए। त्वचा को तरल पदार्थ और पानी से हाइड्रेशन मिलेगा तो त्वचा में रूखापन नहीं नजर आएगा।सही फुटवेयर का करें चयनविंटर सीजन में सही फूड अफेयर का चयन करना बहुत ही जरूरी है। वैसे तो आपको कोशिश करना चाहिए कि आप जूते या फिर पैरों को पूरी तरह से कवर करने वाले शूज पहने और हो सके तो मोजे भी जरुर पहनें। लेकिन अगर आप हिल्स या फिर सैंडल पहन रहे हैं तो आपको मॉइश्चराइजर लगाने के बाद ही फुटवियर पहनना चाहिए।

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क्यों हिंसक हो रहे हैं बच्चे

रोहित कौशिक  –  हाल ही में इंदौर में एक छात्र द्वारा पेट्रोल डालकर जलाई गई कॉलेज की प्रिंसिपल की मौत हो गई। आरोपी छात्र के खिलाफ रासुका लगा दी गई है।कुछ दिनों पहले ही मार्कशीट न मिलने से गुस्साए एक पूर्व छात्र आशुतोष श्रीवास्तव ने इंदौर के बीएम फॉर्मेसी कॉलेज की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। चार-पांच दिनों तक अस्पताल में मौत से जूझने के बाद उनकी मौत हो गई।

इसी तरह अमेरिका के फ्लोरिडा से भी छात्र द्वारा की गई हिंसा की खबर प्रकाश में आई है। फलोरिडा के मतांजस हाई स्कूल में एक छात्र ने अपने शिक्षक के सहयोगी को बुरी तरह पीटा क्योंकि उसने छात्र का वीडियो गेम छीन लिया था। कुछ समय पहले लखनऊ में पबजी खेलने से मना करने पर 16 साल के एक बेटे ने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया था। ये घटनाएं तो उदाहरण मात्र हैं।

भारत समेत पूरे विश्व में इस तरह की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि इस दौर में बच्चों और युवाओं में हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। दरअसल, बच्चों और युवाओं पर किसी न किसी रूप में बदलते समय का प्रभाव पड़ता ही है। इस दौर में पूरे विश्व में हिंसा का तत्व प्रभावी हो गया है। हिंसा का यह तत्व प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हमारे मानस को प्रभावित कर रहा है। हिंसा की भावना मात्र हिंसक दृश्यों को देखकर ही नहीं पनपती, बल्कि अगर किसी भी कारण से हमारे व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है और हमारा दिमाग आसानी से उस परिवर्तन को स्वीकार नहीं कर पा रहा है, तो भी हमारे अंदर हिंसा की भावना पैदा होती है।

दरअसल, नये दौर में दुनिया तेजी से बदल रही है। इसलिए इस माहौल में बच्चों का व्यवहार भी तेजी से बदल रहा है। इस बदलाव के कारण बच्चे अनेक दबाव झेल रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि स्कूल-कॉलेजों के बच्चों और युवाओं द्वारा की जाने वाली हिंसा कुंठा और दबाव के कारण होती है। यह स्थिति बच्चों और युवाओं के संदर्भ में गंभीर समस्याओं को जन्म देती है।

इसी कारण बच्चे अपने अंदर सहयोग और सदभाव की भावना विकसित नहीं कर पाते। स्कूल और कॉलेजों की शिक्षा प्रणाली भी बच्चों और युवाओं में मानिसक दबाव और तनाव पैदा कर रही है।विडंबना यह है कि बदलते माहौल में बच्चों के मनोभाव और समस्याओं को समझने की कोशिश भी नहीं की जाती। यही वजह है कि बच्चे आत्मकेंद्रित होने लगते हैं।

हमें गंभीरता से इस बात पर विचार करना होगा कि कहीं बच्चों को हिंसक बनाने में हमारा ही हाथ तो नहीं है ? अक्सर देखा गया है कि माताएं तो अपने बच्चों को समय दे देती हैं, लेकिन ज्यादातर पिता अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते। दूसरी तरफ, सोशल मीडिया ने भी बच्चों और युवाओं के व्यवहार को बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। दरअसल, कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा की मजबूरी के चलते भी बच्चों को मोबाइल की ज्यादा लत लगी। इस लत ने धीरे-धीरे इस तरह अपनी जड़ें जमा लीं कि इसके दुष्परिणाम बच्चों को अपनी चपेट में लेने लगे।

परिवार भी बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रखने का कोई व्यावहारिक हल नहीं ढूंढ़ पाए। यही कारण है कि आज के बच्चे अनेक मनोवैज्ञानिक व्याधियों से ग्रस्त हैं। दरअसल, हम बच्चों और युवाओं के मनोविज्ञान को समझने की कोशिश ही नहीं करते और सतही तौर पर उनकी समस्याओं पर बात करने लगते हैं। एक अध्ययन के अनुसार मोबाइल गेम खेलने वाले लगभग 95 फीसदी बच्चे तनाव की चपेट में आसानी से आ जाते हैं।

करीब 80 फीसदी बच्चे गेम के बारे में हर समय सोचते रहते हैं। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जून, 2018 में ऑनलाइन गेमिंग को एक मानसिक स्वास्थ्य विकार घोषित किया था। ऑनलाइन गेम उद्योग में भारत दुनिया में चौथे नंबर पर है। हमारे देश में 60 फीसदी से ज्यादा ऑनलाइन गेम खेलने वाले 24 साल से कम उम्र के हैं। सवाल है कि क्या इस दौर में गंभीरता के साथ इस बात को लेकर चिंतन हो रहा है कि बच्चों और युवाओं में प्रतिशोध की भावना क्यों पैदा हो रही है?

क्या कारण है कि आज हिंसक चरित्र बच्चों के आदर्श बन रहे हैं? क्यों बच्चों में धैर्य और संयम खत्म होता जा रहा है? इन सवालों के उत्तर ढूंढऩे की कोशिश की जाएगी तो उनके मूल में संवादहीनता की बात ही सामने आएगी। यह संवादहीनता द्विपक्षीय है यानी एक तरफ बच्चों का परिवार से संवाद नहीं है तो दूसरी तरफ परिवार का भी बच्चों से संवाद नहीं है।

अगर कहीं परिवार का बच्चों से संवाद है, तो उसमें भी नकारात्मकता का भाव ज्यादा है। यही कारण है कि बच्चों और युवाओं में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। जब तक बच्चों और युवाओं से परिवार और शिक्षण संस्थानों का सकारात्मक संवाद स्थापित नहीं होगा तब तक बच्चों में धैर्य और संयम जैसे गुण विकसित नहीं हो पाएंगे।

इस दौर में जिस तरह से भारत समेत पूरे विश्व के बच्चों और युवाओं में हिंसा की भावना बढ़ रही है, उसे देखते हुए परिवार और शिक्षण संस्थानों को कई स्तरों पर प्रयास करने होंगे। इन प्रयासों के व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान देने की कोशिश करनी होगी।

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सोना इसलिए सोणा है

सतीश सिंह  –  आजादी के 75 सालों में सोने की कीमत आसमान पर पहुंच गई है। भारत जब आजाद हुआ था, तब 10 ग्राम सोने की कीमत 88.62 रु पये थी और 1964 में इसकी कीमत कम होकर 63.25 रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।इस तरह, सोने की कीमत 75 सालों में चंद रुपयों से आगे बढ़ते हुए 50 हजार रुपये से भी अधिक के स्तर पर पहुंच गई है। आज 10 ग्राम सोने की कीमत 58 हजार रुपये है।

आजादी के समय दिल्ली से मुंबई के हवाई मार्ग के किफायती वर्ग का किराया 140 रुपये था, जो उस समय के 10 ग्राम सोने की कीमत से लगभग दोगुना था। आज इस स्थिति में आमूलचूल बदलाव आ गया है, और हवाई जहाज का किराया 10 ग्राम सोने की कीमत से कई गुणा कम हो गया है। भारत में सोना इतना ज्यादा सोणा इसलिए है क्योंकि भारतीय महिलाएं सोने के प्रति दीवानी हैं। यह दीवानगी अनादिकाल से है।

प्राचीनकाल में तो पुरु ष भी सोने के गहने पहना करते थे। इसके प्रमाण हड़प्पा और मोहनजोदाड़ो काल के अवशेषों में मिले हैं। मई, 2022 में हड़प्पाकालीन राखीगढ़ी में खुदाई में सोने के कड़े, बाली आदि आभूषण मिले थे, जिन्हें पुरुष पहना करते थे। खुदाई में स्त्रियों द्वारा पहनी जाने वाली चूडिय़ां, हार, अंगूठी, झुमके आदि भी मिले हैं। स्त्री और पुरु ष द्वारा पहने जाने वाले गहनों के खुदाई में मिलने से साबित होता है कि सोने के गहनों को लेकर भारतीय सदियों से आसक्त रहे हैं।

भारतीयों के रहन-सहन, सभ्यता-संस्कृति आदि में सोना इस तरह रचा-बसा है कि इसके बिना उनका जीवन अधूरा है। भारतीय स्त्रियों के लिए सोना उनके लिए सिर्फ गहना नहीं है, बल्कि सुहाग, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। हिंदू धर्म के 16 संस्कारों अर्थात जन्म से मृत्यु तक में सोने का लेन देन किया जाता है। बच्चे के जन्म के समय उसे कमर में काले धागे के साथ सोने की लटकन पहनाई जाती है।

यज्ञोपवीत संस्कार के समय भी सोने का गहना बच्चे को पहनाया जाता है, घर में पहली बार प्रवेश करने पर सास बहू को सोने के जेवर सौगात में देती है। मृत्यु के समय भी ब्राहमण को दान में सोना दिया जाता है। इस तरह, किसी भी शुभ मुहूर्त में, शादी, त्योहार या मृत्यु के समय सोने की खरीददारी की जाती है, जबकि पश्चिमी देशों में ऐसा नहीं होता। वहां लोग शादी में बहुत सारे गहने नहीं पहनते। न ही गिफ्ट में सोने के जेवर या सोना देने का चलन है।

अमेरिका और यूरोप में शादी में सिर्फ सोने की रिंग दी जाती है, जो 9 या 12 कैरेट की होती है, जबकि भारत में शादी में 22 या 24 कैरेट का सोना जेवर के रूप में लड़की और लड़के को दिया जाता है। आजकल शादी में सोने का बिस्किट भी सौगात में दिया जाता है। र्वल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की मई, 2020 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय महिलाओं के पास लगभग 24 हजार टन सोना है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा सोने का खजाना माना जा सकता है।

डब्ल्यूजीसी के मुताबिक भारतीय महिलाएं दुनिया के कुल स्वर्ण भंडार का 11 प्रतिशत हिस्सा आभूषणों के रूप में पहनती हैं, जो वि के शीर्ष 5 देशों के सोने के कुल भंडार से अधिक है। आज अमेरिका के पास 8,000 टन, जर्मनी के पास 3,300 टन, इटली के पास 2,450 टन, फ्रांस के पास 2,400 टन और रूस के पास 1,900 टन सोना है। दक्षिण भारत के राज्यों की देश के कुल गहने की खरीदारी में 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, जिसमें से अकेले तमिलनाडु की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत है। भारत में फिल्म नायिकाएं, बड़े कारोबारिया कॉरपोरेट घराने या राजे-रजवाड़ों के वारिसों की बहु-बेटियां शादी या किसी भी त्योहार या किसी पार्टी या कार्यक्रम में सोने के जेवरात पहनना पसंद करती हैं।

इस वजह से आज शादी-विवाह में अरबों-खरबों रुपये सोने के जेवर खरीदने में खर्च किए जा रहे हैं। शादी के मौसम या दीवाली या अक्षय तृतीया में सोने या सोने के गहनों की जमकर खरीदारी की जाती है क्योंकि आजकल सौगात में सोना या सोने के जेवर देने का चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। भारत के मंदिरों में भी अकूत सोना जमा है।इस संबंध में डब्ल्यूजीसी ने 2020 में एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके अनुसार लगभग 4 हजार टन से अधिक सोना भारत के मंदिरों में जमा है। केरल के पद्मनाभ स्वामी मंदिर में 1,300 टन सोना जमा है, जबकि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में 300 टन सोना जमा है।

चूंकि भारत सोने की मांग की घरेलू आपूर्ति खुद से करने में असमर्थ है, इसलिए उसे घरेलू जरूरत पूरा करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। भारत स्विट्जरलैंड से 45.8 प्रतिशत, यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) से 12.7 प्रतिशत, दक्षिण अफ्रीका और गिनी से 7.3 प्रतिशत और पेरू से 5 प्रतिशत सोना आयात करता है।सोना खरीदने के मामले में दुनिया में चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर है, लेकिन भारत में सोने की मांग जिस तरह से लगातार बढ़ रही है, उससे प्रतीत हो रहा है कि जल्द ही भारत चीन को पछाड़ करके दुनिया में सबसे अधिक सोना खरीदने वाला देश बन जाएगा। भारत में सोने के उपयोग में निरंतर इजाफा हो रहा है।

सोने की आयात में तेजी की वजह से देश के व्यापार घाटे में भी इजाफा हो रहा है। साथ ही रुपया भी अमेरिकी डॉलर की तुलना में कमजोर होता है। दुनिया में सबसे मजबूत करंसी अमेरिकी डॉलर है। इसलिए लगभग सभी देश आयात के लिए दूसरे देश के कारोबारियों को डॉलर में भुगतान करते हैं। फिलवक्त, रूस-यूक्रेन के बीच में युद्ध और मंहगाई की वजह से रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, और रुपये को कमजोर करने में सोने के बढ़ते आयात की भी बड़ी भूमिका है।

इस वजह से जुलाई, 2022 में रुपये में कमजोरी को रोकने और सोने का आयात कम करने के लिए सोने पर आयात शुल्क 7.5 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया था। यह इसलिए भी जरूरी था क्योंकि वित्त वर्ष 2021-22 में देश में सोने के आयात में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी और सोने के कुल आयात की कीमत लगभग 37,44 अरब रुपये हो गई थी।

पड़ताल से साफ है कि भारत में आने वाले दिनों में सोने की मांग में इजाफा होगा और इसकी मांग में बढ़ोतरी होने से कीमत में भी वृद्धि होगी। मौजूदा हालात में आयात शुल्क में बढ़ोतरी भी सोने का आयात को रोकने में समर्थ नहीं है क्योंकि भारत में सोने को लेकर आम जन पागल हैं। इसे भारत के लोग निवेश नहीं मानते। यह भारतीय स्त्रियों की धमनियों में बहने वाले खून के समान है, जिसे शिराओं से बाहर कभी भी नहीं निकाला जा सकता।

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आज का राशिफल

मेष : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज का दिन आपके लिए फायदेमंद रहेगा। अगर बिजनेस में हैं तो आपको फायदा मिलने वाला है। मान-सम्मान बढेगा। किसी को उधार दिया हुआ पैसा आज वापस मिलेगा। आज आपका स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। इस राशि के वकीलों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। आज सभी केस उनके पक्ष में रहेंगे, साथ ही नये केस मिलने के योग बन रहे हैं। आज किसी फ्रेंड से सोशल मीडिया पर बात होंगी। मन खुश रहेगा।

वृष : (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु , वे, वो

)आज का दिन बेहतरीन रहेगा। किसी नई जमीन से संबंधित कोई लेन-देन करने जा रहे हैं तो पहले उसकी अच्छे से जांच-पड़ताल जरूर कर लें। आज किसी भी अनजान व्यक्ति से बात करते समय सही भाषा का प्रयोग करें। इस राशि के विवाहितों के लिए आज का दिन अच्छा है। जीवनसाथी के साथ घर पर ही डिनर करेंगे। दोनों के बीच में सामांजस्य बना रहेगा। प्रेमीजनों के लिए आज का दिन बढिय़ा रहेगा।

मिथुन : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज आपका दिन लाभदायक रहेगा। इस राशि के जो लोग बिजनेसमैन है आज उन्हें कहीं अच्छी जगह निवेश करने का मौका मिलेगा, जिसका फायदा आपको भविष्य में होगा। आज ऑफिस की तरफ से ऑनलाइन कोई बिजनेस मीटिंग ज्वाइन करेंगे। आज दोस्तों के साथ बात कर के मूड अच्छा होगा। इस राशि के लवमेट्स आज अपनी शादी की बात घर पर कर सकते है। घरवाले आपकी बात को मान लेंगे।

कर्क : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज आपका दिन अच्छा रहेगा। आज आप अपने संपर्क में आने आने वाले हर व्यक्ति के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करेंगे। साथ ही आपको अपने सब कामों को निपटाने की गति जरा धीमी करनी होगी, क्योकि जल्दी मे काम निपटाने के चक्कर में आपसे गलतियाँ हो सकती है। अपनी बेहतर प्रतिभा को दिखाते हुए अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे की कोशिश करें। इस राशि के जो लोग इलेक्ट्रानिक सामान का व्यापार करते है, आज उन्हें धनलाभ होगा।

सिंह : (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज आपका दिन सही रहेगा। आप उन चीजों को महत्व दें जो सच में आपके लिए महत्वपूर्ण हैं तो आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा। आपको अपने दोस्तों और काम के बीच संतुलन बनाकर रखना होगा, जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा काम करने का समय मिल सके। अविवाहितों को विवाह के प्रस्ताव मिलेगा। आज आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। अपनी ऊर्जा का सही जगह प्रयोग करें तो परिणाम बेहतर मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताएंगे तो आपको अच्छा महसूस होगा।

कन्या : (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज आपका दिन अनुकूल रहेगा। किसी दोस्त से अपनी कोई बात शेयर करेंगे। आज पुराने विचारों को छोड़कर नए विचारों को अपनाऐंगे। आपके इस विचार को देखकर परिवार का मन उत्साह से भर जाएगा। साथ ही आज घर पर अपने मनपसंद खाने का आनंद उठाएंगे। इस राशि के जो लोग अपने करियर की नई शुरुआत करने की सोच रहे है, आज उनके लिए दिन शुभ है। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने से आपको अच्छा महसूस होगा।

तुला : (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज का दिन आपके लिए बहुत बढिय़ा रहेगा बस आज पैसों के लेन-देन से बचें। कहीं निवेश कर रहें है तो आज का दिन आपके लिए शुभ है। आज अपने गुस्से पर कंट्रोल करें इससे आपके बिगड़ते हुए काम पूरे हो जाएंगे। इस राशि के स्टूडेंट्स को आज किसी कंपनी से जॉब के लिए कॉल आयेगा। साथ ही किसी नए कोर्स को ऑनलाईन ज्वॉइन करने के लिए आज का दिन शुभ है।

वृश्चिक : (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज आपका दिन खुशनुमा रहने वाला है। इस राशि के प्रोफेशर्स के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। किसी अच्छे कॉलेज में लेक्चर देने के लिए ऑफर आ सकता है। साथ ही लॉ के स्टूडेंट्स आज आगे की पढ़ाई करने के लिए फार्म भर सकते है। माता-पिता का आशीर्वाद लेने से आपके सारे कामों में सफलता जरुर मिलेगी। इस राशि के बिजनेसमैन को कोई इन्वेस्टर मिल सकता है। घर में खुशी का माहौल बना रहेगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।

धनु : (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज आपके सोचे हुए काम पूरे होंगे। जीवन साथी के सहयोग से आपको किसी बड़े काम में सफलता मिलेगी। आज आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी। अगर कहीं निवेश करना चाह रहें है तो किसी जानकर से सलाह लेकर ही करें। अगर आज नये बिजनेस की शुरूआत करने की सोच रहें है तो आज का दिन आपके लिए शुभ है। पहले जिस मित्र से आपकी अनबन हुई थी वो आज आपसे दोस्ती के लिए हाथ मिलायेगा।

मकर : (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज आपका दिन खास रहेगा। इस राशि के अविवाहितों को आज विवाह के लिए शादी का प्रस्ताव आ सकता है। आज आपके घर का माहौल अच्छा रहेगा। आज सोशल मीडिया पर किसी ऐसे व्यक्ति से बात हो सकती है जिसका फायदा आपको भविष्य में अवश्य मिलेगा। आज जीवनसाथी के साथ मिलकर घर के जरुरी कामों में हाथ बटा सकते है, जिससे उन्हे थोड़ा राहत महसूस होगी। पिता बच्चों के साथ समय बिताएंगें। स्वास्थ्य सही रहेगा।

कुंभ : (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आपका आज का दिन सामान्य रहेगा। इस राशि के लोगों को आज के दिन कम्प्यूटर से रिलेटेड सामान खरीदना शुभ है। आज आपको माता-पिता से स्नेह मिलेगा। किसी कार्य को करने में आज आपके सामने कई बड़ी चुनौतियां आएंगी। जिसे आप धैर्य के साथ सॉल्व कर लेंगे। आज समाज में आपको अपनी आपके सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जायेगा। निवेश करने के लिए आज का दिन आपके लिए शुभ है।

मीन : (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आपका आज का दिन बेहतरीन रहेगा। संचार सेवा और इंटरनेट से जुड़े लोगों के लिए भी आज का दिन अच्छा रहेगा। इस राशि के बिजनेस वाले लोग अपने जरूरी कागजों को संभालकर रखें साथ ही कागजी कार्यवाही में सावधानी रखें। कानूनी मामले में आज आपको राहत मिलने के असार नजर आ रहे है। आज परिवार वालों को खुश करने के लिए घर में छोटी पार्टी कर सकते हैं।

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नहीं रहे मशहूर अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक

09.03.2023 – बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक का बृहस्पतिवार को अहले सुबह 66 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक की वज़ह से निधन हो गया। 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘जाने भी दो यारों’ से उन्होंने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत की थी।

सतीश कौशिक ने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। सतीश कौशिक को अभिनय के क्षेत्र में पहचान ‘मिस्टर इंडिया’ फिल्म से मिली। उन्होंने हास्य के साथ-साथ गंभीर किरदारों को भी निभाया।

साल 1993 में ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ से बतौर निर्देशक उन्होंने अपनी दूसरी पारी शुरू की और इसके बाद एक दर्जन से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया। सतीश कौशिक को 1990 में फिल्म ‘राम लखन’ और 1997 में फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया था।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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*फूल और अन्य प्राकृतिक चीजों से पलाश समूह की महिलाएं बनाती हैं हर्बल गुलाल

*फूल और अन्य प्राकृतिक चीजों से पलाश समूह की महिलाएं बनाती हैं हर्बल गुलाल

*हर्बल पलाश गुलाल बना बेहतर विकल्प

*गुलाल बन रहा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन में सहायक

*उपायुक्त नैन्सी सहाय ने भी की महिला समूह के प्रयास की सराहना

हजारीबाग (दिव्या राजन)  –  हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अन्तर्गत पेटो गांव की महिलाएं समूह से जुड़कर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर हर्बल गुलाल बना रही हैं। इस हर्बल गुलाल तैयार करने में प्राकृतिक फल एवं फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे पालक, पलाश का फूल, गेंदा फूल, गुलाब फूल, बीट, जैस्मिन तेल, अरारोट, चंदन और मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल कर हर्बल गुलाल तैयार किया जाता है।

यह गुलाल पूरी तरह ऑर्गेनिक एवं केमिकल रहित है जो शरीर की त्वचा एवं आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाता।साथ ही इसमें प्रयोग किये जाने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट जैसे जैस्मिन तेल, चंदन, मुल्तानी मिट्टी आदि त्वचा के लिए फायदेमंद हैं। यह हर्बल गुलाल के रूप में महिला समूह के द्वारा तैयार अबीर जेएसएलपीएस के पलाश मार्ट में उपलब्ध है। ऐसे तैयार किया जाता है गुलाल झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शांति मार्डी ने बताया समूह की महिलाएं, विभिन्न प्रकार के फूल-पत्ती और फलों को सबसे पहले गर्म पानी में उबालकर मिक्सर में पीसकर इसका मिश्रण तैयार करती हैं। फिर अरारोट के आटे में मिलाकर इसे अच्छी तरह से गूंथती हैं और फिर इसे फैलाकर सुखाती हैं। इसके बाद इसे अच्छी प्रकार से पीसा जाता हैं। इसके बाद उसमें चंदन, नायसिल पाउडर और थोड़ा सा नेचुरल परफ्यूम मिलाकर इससे हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है।

गुलाल तैयार होने के बाद इसे आकर्षक पैकेट में पैकेजिंग कर जेएसएलपीएस के विभिन्न स्थानों पर स्थापित क्रय केन्द्र पलाश मार्ट में बिक्री के लिए भेजा जाता है। डेढ़ सौ ग्राम वजन के हर्बल गुलाल के पैकेट की कीमत 90 रूपया निर्धारित है। लॉट में खरीदारी के लिए इन क्रय केंद्रों में ऑर्डर भी लिया जाता है। ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा प्रशिक्षण व रोजगार ग्रामीण सेवा केन्द्र दारू की अध्यक्ष राखी देवी बताती हैं कि हर्बल रंगों के निर्माण में प्राकृतिक उत्पादों के अलावे तुलसी और लेमन ग्रास के तेल का भी उपयोग किया जाता है।

पलाश ब्रांड के अन्तर्गत हमारे द्वारा निर्मित अबीर गुलाल विगत चार वर्षो से बाजार में आमलोगों के लिए उलपब्ध कराया जा रहा है, जिसे लोगों काफी पंसद कर रहे हैं। त्योहर के अलावे वर्ष के शेष महीनों में भी कई तरह के उत्पादों का प्रोसेस कर बाजार में उपलब्ध कराया जाता है। जिससे महिलाओं को जीविकोपार्जन हेतु रोजगार के साथ आर्थिक संबलता मिल रही है।

उपायुक्त नैन्सी सहाय ने महिला समूह के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हर्बल गुलाल पूर्णता प्रकृति से प्राप्त फल, फूल आदि एवं केमिकल रहित उत्पादों से निर्मित है। इस प्राकृतिक गुलाल की मांग राज्य स्तर से भी होने लगी है, इस वर्ष में बड़े पैमान पर संलग्न महिलाओं द्वारा उत्पाद तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से कई महिलाओं रोजगार के साथ आर्थिक समृद्धि प्राप्त होने लगी है।

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मराठी फिल्म ‘बाईपण भारी देवा’ 30 जून को रिलीज होगी

08.03.2023 –  जियो स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत, ज्योति देशपांडे, माधुरी भोसले द्वारा निर्मित, बेला शिंदे और अजीत भूरे द्वारा सह-निर्मित, केदार शिंदे द्वारा निर्देशित मराठी कॉमेडी-पारिवारिक फिल्म ‘बाईपण भारी देवा’ 30 जून  को महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इस बात की जानकारी क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दी है। ‘बाईपण भारी देवा’  छह बहनों की कहानी है जिसमें प्यार, भ्रम, समझौता, दृढ़ संकल्प, महत्वाकांक्षा, उदासी, स्वार्थ जैसी भावनाओं का खजाना है।

यह एक ऐसी कहानी है जो एक महिला के अलग-अलग रंगों, जीवन के प्रति दृष्टिकोण और उसके बहुमुखी व्यक्तित्व को साबित करने के क्रम में उन्हें ‘रुको, जरा सांस लो…’ कहने की क्षमता भी रखती है।

इस फिल्म के मुख्य कलाकार रोहिणी हट्टंगड़ी, वंदना गुप्ते, सुकन्या मोने, शिल्पा नवलकर, सुचित्रा बांदेकर और दीपा परब आदि हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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झारखंड राज्य के लोहरदगा जिले के बरही चटकपुर गांव में मनाई जाती है – ढेलामार होली

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*होली पर विशेष*

दिव्या राजन –

लठमार होली, फूलों की होली, रंगों की होली और भी न जाने कितनी तरह की होली पूरे विश्व में मनाई जाती हैं ।
ऐसी हीं एक होली झारखंड राज्य के लोहरदगा जिले के बरही चटकपुर गांव में मनाई जाती है– ढेलामार होली

बिलकुल सही समझ रहे हैं आप..
दरअसल यह परंपरा गांव के दामादों के लिए मज़ाक में शुरू की गई थी, जिसमें बाद में पूरा गांव शामिल हो गया।

परंपरा यह है कि होलिका दहन के दिन पूजा के बाद गांव के पुजारी मैदान में खंभा गाड़ देते हैं और अगले दिन इसे उखाड़ने और मिट्टी का ढेला मारने के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गांव के तमाम लोग इकट्ठा होते हैं।

मान्यता यह है कि कि जो लोग ढेलों से चोट खाने का डर छोड़कर खूंटा उखाड़ने बढ़ते हैं, उन्हें सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ये लोग सत्य के मार्ग पर चलने वाले माने जाते हैं।

बीते कुछ वर्षों में बरही चटकपुर की इस होली को देखने के लिए लोहरदगा के अलावा आसपास के जिले से बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं, लेकिन इसमें सिर्फ इसी गांव के लोगों को भागीदारी की इजाजत होती है।

रंगों के इस त्योहार को मनाने का तरीका जैसा भी हो लेकिन इसमें त्योहार की मिठास, खुशी और उत्साह होना चाहिए। जलन, बदला जैसे भाव और शराब और अन्य नशा का प्रयोग करने के बहाने के रूप में कभी भी इस त्योहार का प्रयोग न करें।

अंत में होली की अनेकों शुभकामनाएं ।।

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होली पर शहर की सफाई के लिए मेयर को खुद कूड़ा हटाने की कार्यवाही देखनी चाहिए : कांग्रेस

नई दिल्ली , 07 मार्च (एजेंसी)। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने दिल्लीवासियों को रंगो के त्यौहार होली की शुभकामनाएं दी। अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ तीन दिन पहले फोटो सेशन के लिए ओखला लैंडफिल साइट पर गए थे, जहां उन्होंने कहा कि लैंडफिल साइट को समतल करने की डेड लाईन मई 2024 से घटाकर दिसंबर 2023 तक करने की घोषणा पूरी तरह निराधार और दिल्लीवासियों को धोखा देने वाली है। जबकि सच्चाई यह है कि होली के त्यौहार के समय दिल्ली के लोग जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर और बदबूदार वातावरण से जूझना पड़ रहा था।

अनिल कुमार ने कहा कि शैली ओबेरॉय ने दिल्ली के मेयर के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाला नगर निगम एमसीडी चुनावों से पहले लोगों से पार्टी की 10 गारंटी देने के लिए काम करेगा परंतु 10 गारंटी सिर्फ खोखला वादा बनकर रहने वाला है। उन्होंने कहा कि 10 गारंटी पूरी करने की वास्तविकता जल्द ही दिल्लीवालों के सामने आ जाऐगी क्योंकि पिछले 3 महीनों में इनकी प्रशासनिक नाकामी और शहर को साफ सुथरा रखने की विफलता दिल्लीवालों के सामने उजागर हो चुकी है।

अनिल कुमार ने कहा कि ऐसा लगता है कि शेली ओबेरॉय ने केजरीवाल के शासन के मॉडल पर चलने वाली है, क्योंकि अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में मेयर ने दिल्ली में कूड़ा व्यवस्था और जमा कूड़े के ढेरों को साफ करके लोगों के जीवन को सुचारु बनाने के दृष्टिकोण के तहत आदेश पारित करने की बजाय एमसीडी द्वारा संचालित अस्पतालों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया और पहले से चल रही और पूरी हुई परियोजनाओं पर ध्यान देने के अधिकारियों को  निर्देश दिए गए और अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली सरकार के पिछले 9 वर्षों के काम श्रेय खुद लिया।

अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने अब तक अपने 3 कार्यकाल में दिल्लीवालों से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया। नए विश्वविद्यालय, स्कूल बनाने का जो वायदा किया एक भी स्कूल नहीं बनवाया। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले में मुख्य आरोपी मनीष सिसोदिया की छवि उबारने के लिए स्कूल के छात्रों और उनके माता-पिता को उनके पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने पर दबाव जरुर डाला गया परंतु उन्हें आखिर में तिहाड़ में न्याययिक हिरासत में जाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम में पिछले कार्यकाल में आम आदमी पार्टी ने विपक्ष में रहते आरोप प्रत्यारोप के अलावा कुछ नही किया और यही प्रक्रिया निगम की सत्ता हासिल करने के बाद बयान दे रहे है।

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राहुल गांधी पर पूरी तरह से माओवादियों का प्रभाव : रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली ,  07 मार्च (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के हालिया दिए गए बयान पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेशों में जाकर अपने ही देश के बारे में गलत बयान बाजी कर रहे हैं उससे प्रतीत होता है कि  राहुल गांधी पर पूरी तरह से माओवादियों का प्रभाव पड़ गया है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मैं सवाल पूछता हूं कि क्या राहुल गांधी के दिए गए बयान से यह दोनों लोग और कांग्रेस पार्टी सहमत है अगर सहमत नहीं है तो राहुल गांधी पर तुरंत कार्रवाई की जाए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को विदेश जाते ही क्या हो जाता है, सारी मर्यादा, सारी  शालीनता सारी परम्परा, सारी लोकतांत्रिक धर्म भूल जाते हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अब देश की जनता उनको न सुनती है और ना ही समझती है और उनको समर्थन करना तो दूर की बात है। तब राहुल गांधी विदेश में जाकर विलाप करते हैं कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है। यह बेहद शर्मिंदगी भरी बात है।

राहुल गांधी को यह सोचना चाहिए कि देश की जनता उनकी बातों को ध्यान से क्यों नहीं सुन रही है लेकिन राहुल गांधी की बात को जब देश की जनता अनसुनी कर रही है तो विदेश में जाकर देश के खिलाफ बयान देना कहां तक उचित है यह तो कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ही बता सकते हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ब्रिटेन की संसद में जाकर राहुल गांधी बोल रहे हैं कि भारत में उन्हें किसी तरह की आजादी नहीं है बोलने की तो भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पूरे देश में घूम घम कर क्या क्या नहीं बोला यह किसी से छिपा हुआ नहीं है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अभी हाल ही में लोकसभा में राहुल गांधी ने एक लंबा भाषण दिया और प्रधानमंत्री को लेकर भद्दी बातें कही। क्या राहुल गांधी लोकसभा में पूरी बातें कही या नहीं कही।राहुल गांधी ने नार्थ ईस्ट में प्रचार करने गए और कांग्रेस को जीरो बटा जीरो मिला, जो कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। भारतीय जनता पार्टी भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए किसी भी विदेशी ताकत का मुखर विरोधी रही है।

भारत में सर्वसम्मति रही है कि किसी भी विदेशी ताकतों को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने नहीं देंगे।राहुल गांधी ने विदेश जाकर भारत को शर्मसार करने की कोषिष की है। जब उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में यूरोप और अमेरिका को हस्तक्षेप करना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने राष्टीय स्वयंसेवक संघ के बारे में बहुत कहा है तो क्या राहुल गांधी संघ का पूरा नाम भी जानते हैं।

संघ के संस्थापक के नाम भी जानते हैं क्या? राहुल गांधी ने संघ की तुलना मुस्लिम बद्ररहूड से की। इससे ज्यादा शर्मनाक बात नहीं हो सकती है। राहुल गांधी का यह बयान अत्यंत निदंनीय है। राष्टीय स्वयंसेवक संघ एक राष्टवादी संघ हैं। आरएसएस 1925 से राष्ट सेवा और राष्टभक्ति, राष्ट संकल्प और राष्ट समर्पण में बहुत बड़ा योगदान दिया है। हमे गर्व है कि हम संघ के स्वयंसेवक हैं।

आज राष्टीय स्वयंसेवक संघ से प्रभावित एवं प्रेरित हजारो लोग देश में इस दिशा में काम कर रहे हैं।

राष्टीय स्वयंसेवक संघ की आलोचना राहुल गांधी के परनाना जी पंडित जवाहरलाल नेहरू करते थे। राहुल गांधी जी आपके दादी  इंदिरा गांधी और आपके पिता  राजीव गांधी भी आरएसएस की आलोचना करते थे।राष्टीय स्वयंसेवक संघ कहां से कहां पहुंच गया। आरएसएस के विचारधारा और प्रभाव पूरे देश के अंदर हैं।

जबकि राहुल गांधी आपकी कांग्रेस पार्टी सिमटकर कहां पहुंच गयी और 2024 में कांग्रेस पार्टी और सिमटने वाली है।भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी माओवादी, हिंसा और अराजक विचारधारा के प्रभाव में हैं। अन्यथा कोई व्यक्ति ऐसा बोल सकता है।आरएसएस के कामों को राहुल गांधी ने देखा है क्या? नार्थ ईस्ट में सामाजिक समरसता का काम किया है क्या राहुल गांधी ने उसे कभी देखा है?

1962 भारत चीन युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने गणतंत्र दिवस की पैरेड में आरएसएस को आमंत्रित किया था।राष्टीय स्वयंसेवक संघ्ज्ञ प्रेम और राष्टभक्ति का पाठ पढ़ता है। उस संघ के बारे में राहुल गांधी बेबुनियाद और ऐसी हल्की बातें करते हैं। भारतीय जनता पार्टी की इसकी भर्त्सना करती है।राहुल गांधी चीन को सद्भावना का सर्टिफिकेट दे रहे हैं और सवाल भारत से पूछ रहे हैं।

राहुल गांधी जी यह सवाल आपको अपने परिवार से पूछना चाहिए। जब आपके परनाना पंडित नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे तब 1962 युद्ध में क्या हुआ था? भारतीय सैनिकों की पिटाई हुई थी। अब इतिहास में सारी बातें आ गयी हैं कि भारतीय सैनिक उस समय कपड़े के जूते में युद्ध लड़ते थे। उनके पास बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं थे। अच्छी बंदूके नहीं थी।

राहुल गांधी को यह जानाना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक स्टैंड के बारे में यूपीए सरकार के रक्षा मंत्री एके एंटोनी ने लोकसभा में कहा था कि मैं देश के अंदर सरहद पर आधारभूत संरचना को विकसित कर चीन को नाराज नहीं करना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी की यह विदेश नीति थी।प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लद्दाख से लेकर नार्थ ईस्ट तक सड़के पुल आदि आधारभूत संरचना को विकसित किया और सेना का मनोबल बढ़ाया।

इसे कहते हैं देश का स्वाभिमान और सामारिक सुरक्षा। राहुल गांधी देश का स्वाभिमान एवं सामारिक सुरक्षा के बारे में कितना समझता हैं यह बहस का अलग विषय है।राहुल गांधी द्वारा चीन को लेकर किए गए सभी टिप्पणियों की भर्त्सना करते हैं। राहुल गांधी विदेश की धरती पर भारत को बदनाम करना बंद करें।

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रंग में भंग डालने की साजिश नाकाम, सुरक्षाबलों ने पकड़े 2 आतंकी- हथियार और गोला-बारूद बरामद

जम्मू 07 March (एजेंसी): होली से पहले पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम हुई है। सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं।

प्रथम जानकारी के अनुसार ये दोनों आतंकियों को सुरक्षाबलों ने बारामूला से पकड़ा है। इन दोनों से काफी मात्रा में कई हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है।

बता दें कि इस समय देश में होली का त्यौहार चल रहा है। हमारे रंगीन त्यौहार में कोई भंग न डाले, इससे पहले ही सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

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प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने के लिए इग्लैंड और अमेरिका चला रहे अभियान, रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली 07 March (एजेंसी): सेंटर फॉर रिसर्च ऑन ग्लोबलाइजेशन के एफ. विलियम एंगडाहल का दावा है कि घटनाओं की श्रृंखला बताती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए अमेरिका व इग्लैंड द्वारा एक अभियान शुरू किया गया है।

एंगडाहल के मुताबिक वर्तमान भू-राजनीति परिस्थितियों में भारत के प्रधानमंत्री मोदी के रुख से अमेरिका व यूरोपीय देश खुश नहीं हैं। उनके अनुसार यूक्रेन युद्ध को लेकर वाशिंगटन और यूरोपीय संघ ने रूस पर अभूतपूर्व आर्थिक प्रतिबंध लगा रखा है।

लेकिन भारत रूस का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझीदार बना हुआ है। ऐसे में रूस के खिलाफ लगाया गया प्रतिबंध प्रभावी नहीं हो पा रहा है।

एंगडाहल के लेख में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार और ब्रिटेन के बार-बार के प्रयासों के बावजूद मोदी ने रूसी व्यापार के खिलाफ प्रतिबंधों में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

इसी प्रकार मोदी के नेतृत्व में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन पर रूसी हमले के खिलाफ वाशिंगटन का साथ देने से भी परहेज किया है। बार-बार परिणाम भुगतने की अमेरिकी धमकियों के बावजूद भारत बड़े पैमाने पर रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंधों को मानने से इनकार किया है।

ब्रिक्स का साथी सदस्य होने के अलावा, भारत रूसी रक्षा उपकरणों का एक प्रमुख खरीदार भी है। इसके कारण भी एंग्लो-अमेरिकन समूह मोदी सरकार से असंतुष्ट है।

एंगडाहल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जनवरी में मोदी और उनके प्रमुख वित्तीय समर्थक पर एक एंग्लो-अमेरिकन हमला शुरू किया गया।

उनके मुताबिक वॉल स्ट्रीट वित्तीय फर्म, हिंडनबर्ग रिसर्च ने, जिस पर अमेरिकी इंटेलीजेंस के साथ संबंध होने का संदेह है, जनवरी में मोदी के निकटस्थ कहे जाने वाले अरबपति गौतम अदानी को निशाना बनाया। इससे अदानी समूह को 120 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ।

लेख के मुताबिक हिंडनबर्ग के पास मोदी से करीबी संबंध रखने वालों की खुफिया जानकारी हो सकती है। इसी आधार पर हिंडनबर्ग ने अदानी समूह को निशाना बनाया।

उसी महीने जब अदानी पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई, जनवरी में ब्रिटिश सरकार के स्वामित्व वाली बीबीसी ने एक डॉक्यूमेंट्री जारी की, जिसमें 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों में मोदी की भूमिका का आरोप लगाया गया था, जब वे वहां के मुख्यमंत्री थे। एंगडाहल के मुताबिक बीबीसी की रिपोर्ट ब्रिटेन के विदेश कार्यालय द्वारा बीबीसी को दी गई अप्रकाशित खुफिया जानकारी पर आधारित थी।

लेख के मुताबिक एक और संकेत मिलता है कि वाशिंगटन और लंदन भारत में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। 92 वर्षीय अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस ने 17 फरवरी को वार्षिक म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि अब मोदी के गिने-चुने दिन हैं।

सोरोस ने कहा, भारत में लोकतंत्र है, लेकिन इसके नेता नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक नहीं हैं। सोरोस ने कहा कि एक तरफ भारत क्वाड (जिसमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान भी शामिल हैं) का सदस्य है, लेकिन यह रूस से भी बहुत घनिष्ठ संबंध रखते हुए व्यापार कर रहा और तेल खरीद रहा है। सोरोस ने कह कि मैं भारत में एक लोकतांत्रिक पुनरुद्धार की उम्मीद करता हूं।

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