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मध्य दिल्ली में कड़ी सुरक्षा के बीच फुटपाथ पर बने धार्मिक ढांचे हटाये

नयी दिल्ली,25 फरवरी (एजेंसी)। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शनिवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मध्य दिल्ली में फुटपाथ पर बने धार्मिक ढांचों को तोडऩे का अभियान चलाया। एक अधिकारी ने कहा कि यह अभियान अदालत के निर्देश पर शुरू किया गया है। लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, फुटपाथ पर बने धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए अभियान चलाया गया है।

अदालत के आदेश पर ऐसा किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि तोडफ़ोड़ अभियान के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

दरअसल, 29 सितंबर 2009 के एक आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें सड़कों व पार्कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत धार्मिक संरचनाओं की मामला-दर-मामला समीक्षा करके तेजी से उचित कदम उठाएं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 14 मार्च, 2022 को एक आदेश में कहा था कि संबंधित सरकार सार्वजनिक भूमि पर मौजूद सभी अनधिकृत निर्माणों को हटाने के लिए ‘कर्तव्यबद्ध थी।

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महाधिवेशन को रोकने ईडी ने छापा मारा लेकिन कांग्रेस ने डटकर मुकाबला किया, ऐसे लडऩा सीखना चाहिए:खरगे

रायपुर,25 फरवरी (एजेंसी)। कांग्रेस के 85वें राष्ट्रीय महाधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भाजपा सरकार पर प्रहार किया. खरगे ने कहा कि आज सेंट्रल एजेंसी की मदद से चुनी हुई सरकारों को गिराया जा रहा है.

यहां तक कि कांग्रेस महाधिवेशन को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन छत्तीसगढ़ के चीफ मिनिस्टर और कांग्रेस नेताओं ने डटकर मुकाबला किया. ऐसे लडऩा और मुकाबला करना सीखना होगा, रोने से काम नहीं चलेगा. खरगे ने अडानी-अंबानी का नाम लिए बिना भी केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला।

देश में सबसे पहले हमारे कांग्रेस पार्टी के जितने भी पीसीसी डेलीगेट्स हैं, सबका धन्यवाद क्योंकि चुना और देश का नेतृत्व करने का मौका दिया. कांग्रेस जनों का विश्वास मेरे जीवनभर की कमाई है.

मैं अपने आखरी सांस तक कांग्रेस के मूल्यों की रक्षा करुंगा. हर बलिदान देकर हर चुनौती का सामना करेंगे. आप में से काफी साथी मेरे जीवन की राह से परिचित हैं. यह कांग्रेस में संभव है कि एक साधारण व्यक्ति जो कभी ब्लॉक कांग्रेस का अध्यक्ष हो, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष निर्वाचित हो गया।

मैं आज बेहद भावुक भी हूं, क्योंकि मैं और आप गौरवशाली विरासत की नुमाइंदगी कर रहे हैं, जिसे महात्मा गांधी, नेहरू जी, सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरोजनी नायडु, इंदिरा और राजीव जी ने अपने त्याग बलिदान और समर्पण से सींचा है. उनके दिखाए मार्ग पर लगातार हम आगे बढ़ाते रहेंगे।

मैं आज राहुल गांधी को धन्यवाद दूंगा यह प्रेम सिर्फ कांग्रेस जनों के लिए नहीं देश के करोड़ों भारत वासियों से उम्मीद है. देश में चारों ओर फैले नफरत के बीच टूटती उम्मीदों के बीच जब ऐसा लग रहा था कि अंधेरे की ताकत सच पर हावी न हो तब राहुल गांधी ने रौशनी की उम्मीदकी और संघर्ष की मशाल जला दी.

भारत जोड़ो यात्रा देश की उम्मीदों की सूरज का नाम है. जिसकी रौशनी कन्याकुमारी से कश्मीर तक फैल गई. हमने एक बार फिर साबित कर दिखाया कि भारत की आत्मा में कांग्रेस है.

भारत की पीड़ा कांग्रेस जानती है. देश वासियों की तकलीफें कांग्रेस जानती है. हमारा दिल तड़पता है. राहुल गांधी 3700 से ज्यादा किलोमीटर चलकर राहुल जी अपने कांग्रेस जनों के लिए दिखा दिया कि बलिदान की परिपाटी का जज्बा हमारे लहू के हर कतरे में मिलेगा. इसलिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं. इसी ढंग से मार्गदर्शन करते रहें.

आप सबको मैं याद दिलाना चाहता हूं कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आज से करीब 100 साल पहले 1924 में मेरे गृह राज्य कर्नाटक में बेलगाम राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे.

गांधी जी ने गांव देहात से लेकर किसानों मजदूरों को कांग्रेस के झंडे के नीचे खड़ा किया. बेलगाम में कांग्रेस संविधान में बड़ा बदलाव शामिल हुआ. गांधीजी ने मजबूरों और वंचितों से जोड़ा. यहीं से कांग्रेस एक जन आंदोलन के रूप में जनता के सामने आई और पूरा देश कांग्रेस के साथ खड़ा हुआ.

बेलगाम में ही पहली बार कांग्रेस ने छुआछूत और जातीय भेदभाव के खिलाफ संघर्ष को अपने एजेंडे में अधिकारिक रूप से शामिल किया. एक ही बार कांग्रेस प्रेसीडेंट बने और वहां छुआछूत का एक रिजॉल्यूशन पारित कर सारे देश में प्रचार करने का काम किया. 75 वर्ष में आज देश सबसे कठिन चुनौतियों से गुजर रहा है.

सत्ता में बैठे लोगों ने देश की जनता के अधिकारों और भारत के मूल्यों पर हमला बोल रखा है. इसलिए आज एक नए आंदोलन के शुरुआज की जरूरत है. हर देशवासी को आगे बढ़कर संकल्प लेकर यह कहना होगा सेवा संघर्ष और बलिदान सबसे पहले हिंदुस्तान, यह हमारा नारा होगा और देश को आज सेवा संघर्ष और बलिदान की जरूरत है, क्योंकि भारत सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है.

आज भाजपा संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा को तोड़ रही है. युवाओं के भविष्य को अंधेरे में झोंका जा रहा है. महंगाई से बजट बिगड़ गया है. जीएसटी नोटबंदी से छोटे कारोबार को बर्बाद कर दिया है. फसल कीमत न देकर किसानों की आमदनी को खत्म कर दिया है.

नफरत के माहौल में देश का सामाजिक माहौल बिगाड़ दिया है. सेंट्रल एजेंसी की मदद से चुनी हुई सरकारों को गिराया जा रहा है. महाधिवेशन को रोकने के लिए छापा मारा, हमारे लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन हमारे चीफ मिनिस्टर और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डटकर मुकाबला किया. ऐसे लडऩा और मुकाबला सीखना चाहिए.

दिल्ली में बैठी सरकार का डीएनए गरीब विरोधी इस साल दिल्ली में बैठी सरकार ने फूड सिक्योरिटी का 90 हजार करोड़ काट दिया, जो सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने गरीबों का पेट भरने के लिए जो कानून बनाया, उसमें 90 हजार करोड़ की कटौती की है. आप सोचिए कि किस प्रकार यह सरकार चल रही है. मैं कई बार सोचता हूं कि भाजपा की यह सरकार कितनों के गरीबों के मुंह से निकाला छीन लेगी.

मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि दिल्ली की सरकार में बैठे गरीबों का डीएनए ही गरीब विरोधी है, इसलिए ही वे लोग ऐसा काम कर रहे हैं. एक ओर गरीबों पर हमला और दूसरी ओर चीन के अवैध कब्जे के खिलाफ घुटने टेकी हुई दिल्ली. हमारे राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन भारत की सुरक्षा के लिए एक हैं. वे कहते हैं कि कांग्रेस सेनाओं के खिलाफ है.

हमने देश के लिए सविधान बनाया, उसकी सुरक्षा की और लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं और आप लोकतंत्र को खत्म करने की बात कर रहे हैं. चाइना घुस गया और पीएम बोलते हैं कि कुछ नहीं हुआ. विदेश मंत्री कह रहे कि मेरे पिताजी को प्रमोशन नहीं दिया. सरकार ये बातें नहीं कर सकती.

आप सरकार में हैं. लेकिन वे लोग हर चीज को नया रंग देते हैं. चीन ने अप्रैल 2020 से आज तक हमारी जमीन पर जबरन कब्जा किया. मेरा सवाल है कि प्रधानमंत्री ने चीन को क्लीनचिट क्यों दिया? उनके विदेश मंत्री कहते हैं हम चीन से लड़ नहीं सकते, क्योंकि वे हमसे बड़ी अर्थ व्यवस्था हैं. यह तो आपकी नाकामयाबी है.

एक तरफ कहते हैं कोई घुसा नहीं, हम घुसने नहीं देंगे. वह तो घुसकर पुल बना रहा, रोड बना रहा. दूसरे तरफ छप्पन इंच का सीना तभी माना जाएगा जब आप चीन से हमारा जमीन छुड़वाकर 2020 से पहले ही स्थिति कायम करेंगे, तभी मानेंगे कि 56 इंच का सीना है. 2023 में 2024 में हमारा एजेंडा साफ है. हम देश के मुद्दों पर संघर्ष करेंगे और कुर्बानी देंगे. सबल और सक्षम राज्य बनाएंगे. यूपीए गठबंधन में समान विचारधारा के कई दल हमारे साथ आए थे.

डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व और सोनिया गांधी के सहकार से 10 साल मजबूत सरकार चली. वे तमाम दल जो बीजेपी आरएसएस के खिलाफ लडऩे के लिए तैयार हैं, हम उन्हें साथ लेने के लिए तैयार हैं. यह सच्चाई है कि हमारी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र के तहत झूठे आरोप लगाए गए थे. एक बेहद ईमानदार प्रधानमंत्री को बदनाम किया.

अब सच जनता के सामने आ चुका है. लोगों को मालूम है कि क्या सच्चाई है. हमारा लक्ष्य है कि रोजगार पैदा करें. महंगाई पर लगाम लगाई जाए. गैस सिलेंडर पेट्रोल डीजल आटा चावल उचित कीमत में दिलाकर हम रहेंगे.

हमारा लक्ष्य गरीब और अमीर के बीच जो खाई का काम चल रहा है, मजदूर के पास काम नहीं, गरीबों का सम्मान हो, सामाजिक न्याय सरकार का धर्म हो और रोटी रोजी का मौका सबको मिल पाए. देश के अन्नदाता किसान को फसल की उचित कीमत मिले और अन्नदाता को भूखे पेट न सोना पड़े. हमारा लक्ष्य देश से नफरत का माहौल खत्म करना है.

गरीब आदिवासी अल्पसंख्यक सिर उठाकर जिंदगी जीएं और उन्हें बराबरी का मौका मिले. देश के संवैधानिक संस्थाओं में बैठे लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित हो.

बगैर रोकटोक के अपना कर्तव्य निभाए. देश की सरकारें जनता की वोट से चुनी और बदली जाएं न कि नोटों की बोरियों या ईडी, आईटी सीबीआई की धमकी से न बदली जाए. मैं कहता हूं देश के लिए एक साथ देश के लिए हरेक हाथ हाथ से हाथ जोड़ों आओ भारत जोड़ो।

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नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एकमात्र लक्ष्य गरीब व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना: शाह

सतना , 24 फरवरी (एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मध्यप्रदेश के सतना में शबरी माता जन्मजयंती के अवसर पर आयोजित कोल जनजाति महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि एक जनजातीय माँ अपनी अनन्य राम भक्ति से युगों-युगों तक देश और करोड़ों लोगों के जीवन की प्रेरणा बन जाए – ऐसा जीवन, ऐसी भक्ति माँ शबरी थी। अमित शाह ने कहा कि  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में हमारा एकमात्र लक्ष्य है अंत्योदय के माध्यम से गरीब से गरीब व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना।

2014 में प्रधानमंत्री निर्वाचित होने के बाद अपने पहले उद्बोधन में  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने कहा था कि उनकी सरकार गाँव, गरीब, किसान, आदिवासी, दलित, पीडि़त, पिछड़ों, युवाओं और महिलाओं की सरकार होगी। अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कन्या पूजन, दीप प्रज्ज्वलन एवं माता शबरी और प्रभु श्रीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर ‘कोल जनजाति महाकुंभ’ कार्यक्रम का  शुभारंभ किया।अमित शाह  ने कार्यक्रम की शुरुआत में लगभग 532 करोड़ रुपये की लागत से विकास के 70 निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया और लगभग 26 करोड़ रुपये के छोटे-छोटे विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया।

शाह ने कहा कि मैं कोल जनजाति के विकास के लिए शिवराज सिंह चौहान  को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ। मैं जब पहले जबलपुर आया था तब शिवराज सिंह चौहान ने मुझसे 14 घोषणाएं करवाई थी। मुझे लगता था कि मेरी उपस्थिति में शिवराज घोषणाएं करा रहे हैं और यदि पूरी नहीं हुई तो क्या होगा लेकिन आज मुझे ख़ुशी है कि 14 की 14 घोषणा उन्होंने पूरी कर दी। यही भारतीय जनता पार्टी की पहचान है।

अमित शाह ने कहा कि जब पीछे मुड़ कर इन 9 वर्षों की यात्रा को देखता हूँ कि स्पष्ट हो जाता है।अमित शाह  ने कहा कि पिछले साढ़े 8 वर्षों में लगभग 9 करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन दिया गया, लगभग 11 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया, गरीबों के लिए लगभग तीन करोड़ से अधिक घर बनाए गए, देश के लगभग 55 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत का लाभ दिया गया, 10 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है, कोरोना काल में सभी देशवासियों के लिए मुफ्त में वैक्सीन की डबल डोज और बूस्टर डोज उपलब्ध कराई गई और पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत ढाई सालों से देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में हर महीने पांच किलो गेहूं/चावल और एक किलो दाल उपलब्ध कराया जा रहा है।

शाह ने कहा कि मैं कोल समाज के सभी भाई-बहनों को 1831 के कोल विद्रोह भी याद कराना चाहता हूं।  200 करोड़ रुपये की लागत से 10 ऐसे स्मारक बना रहे हैं। इन स्मारकों में सभी आदिवासी स्वातंत्र्य सेनानियों के योगदान को सामहित किया गया है। भगवान् बिरसा मुंडा जी के बारे में बात हो, गोंड महारानी की बहादुबा हो, रानी कमलापति का बलिदान हो, अमर सेनानी बुद्धू भगत हो, सभी आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानियों की यादों को संजोया गया है।अमित शाह  ने कहा कि पिछले 70 सालों तक कांग्रेस ने एक भी जनजाति समाज के बेटे या बेटी को राष्टपति पद पर प्रतिष्ठित नहीं किया।

ये प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  हैं जिन्होंने एक गरीब आदिवासी समाज की बीती  द्रौपदी मुर्मू  को राष्ट्रपति पद पर प्रतिष्ठित कर समग्र जनजाति समाज को सम्मानित किया।  शिवराज सिंह चौहान ने लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से वीर राजा रघुनाथ शाह और राजा शंकर साह जी का भी स्मारक बनाया। शाह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में अनुसूचित जनजाति के लिए महज 24,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया।  नरेन्द्र मोदी सरकार ने अनुसूचित जनजाति के लिए आम बजट में लगभग 89,000 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। पहले आदिवासी छात्रों के लिए केवल 167 एकलव्य मॉडल स्कूल स्वीकृत किये गए थे जबकि हमारी सरकार में ये संख्या लगभग 700 तक पहुँच गई है।

इस बजट में एकलव्य मॉडल स्कूलों में लगभग 38,800 शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव रखा गया है। कांग्रेस की सरकार में आदिवासी बच्चों को केवल हजार रुपये की छात्रवृत्ति दिया जाता था जिसे मोदी सरकार ने बढ़ा कर 2,833 रुपये कर दिया है।अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में बीच में थोड़े समय के लिए पंजे की सरकार आई, मतलब कांग्रेस की सरकार आई।

अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान  ने जनजाति कल्याण और गरीब कल्याण के लिए योजनायें शुरू की थी, कांग्रेस सरकार ने उन सभी योजनाओं को रोक दिया। हालांकि कांग्रेस की सरकार अपने ही क्रियाकलापों के कारण कुछ ही समय में खुद ही गिर गई और फिर से भाजपा की सरकार बनी। हमारी सरकार आते ही शिवराज जी ने उन सभी योजनाओं को फिर से शुरू किया।

अमित शाह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान  की सरकार – मध्य प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार राज्य में गरीबों को हर सुख, सुविधा पहुंचाने में लगी है, उन्हें खुशहाल बनाने में लगी है।

मैं आज यहाँ मेडिकल कॉलेज भवन के उद्घाटन के लिए और आप लोगों के दर्शन के लिए आया हूँ। इसी वर्ष चुनाव होने वाला है। आगामी चुनाव में मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को फिर से बनाना है और यहाँ विकास की गति को और तेज करना है।

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किसानों की समस्या को केवल नरेंद्र मोदी ने ही समझा: जेपी नड्डा

हनुमानगढ़ , 24 फरवरी ( एजेंसी)। राजस्थान के हनुमानगढ़ में सिख समाज द्वारा आयोजित ‘किसान संगत अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं। देश के किसानों के साथ लंबे समय तक छल हुआ। कई राजनीतिक लोग स्वयंभू किसान नेता बन गए। किसानों के लिए बड़े-बड़े नारे भी दिए, बातें की गई लेकिन किसानों की समस्या समझ कर उनके हित में योजनाओं को धरातल में लाने का कार्य केवल और केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है।

फसल बीमा तो पहले भी थी लेकिन बीमा कंपनियों से किसानों को केवल और केवल धोखा ही मिलता था। लड्ढा ने कहा कि  फसल क्षतिपूर्ति को लेकर किसानों के लगभग 1.20 करोड़ केस थे। नरेन्द्र मोदी सरकार ने उन सभी केसों का सेटलमेंट कराया। प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि के तहत हर साल देश के लगभग 11 करोड़ किसानों को छ:-छ: हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक एकाउंट में मिलती है। राजस्थान के भी लगभग 77 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। अब तक 12 किस्तों में लगभग सवा दो लाख करोड़ रुपये किसानों के एकाउंट में पहुंचाए जा चुके हैं।

आप ही बताइये कि किस किसान नेता ने किसानों के लिए ये काम किये? किस प्रधानमंत्री ने किसानों के सम्मान की बात की? क्या कभी किसी किसान ने सोचा था कि उन्हें भी पेंशन मिलेगी? किसानों को मासिक पेंशन देने की व्यवस्था  नरेन्द्र मोदी सरकार ने की है। इस योजना से देश के लगभग 20 लाख किसान जुड़ चुके हैं। राजस्थान में लगभग 38,000 किसान इस योजना से जुड़े हैं। हालांकि ये संख्या कम है। मैं तो चाहूंगा कि यहाँ से लाखों किसान इस योजना से जुड़ें और इसका लाभ उठायें।

नड्डा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विगत साढ़े 8 वर्षों में किसानों के कल्याण के लिए उठाये गए क़दमों की विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष  सतीश पूनिया, राजस्थान विधान सभा में उप-नेता  राजेंद्र राठौड़, राजस्थान की भाजपा प्रभारी  विजया राहटकर, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष सरदार अजय पाल सिंह, पूर्व मंत्री सरदार सुरेंद्र पाल सिंह, सरदार गुरचरण सिंह और सरदार कुलदीप सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे। नड्डा ने कहा कि ने कहा कि इस देश में आम नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता तक नहीं होती थी लेकिन आज मिट्टी के स्वास्थ्य की चिंता हो रही है।

देश में करोड़ों स्वायल हेल्थ कार्ड जारी किये गए हैं और किये जा रहे हैं। इसके माध्यम से देश में लगभग 93 प्रतिशत मिट्टी की जांच की जा चुकी है। पहले यूरिया और अन्य खाद ब्लैक किये जाते थे। यूरिया की किल्लत से किसान हमेशा परेशान रहते थे। यूरिया के लिए किसानों पर लाठीचार्ज होता था। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने नीमकोटेड यूरिया शुरू कर इसके ब्लैक मार्केटिंग पर अंकुश लगाया। अब किसानों को सही समय पर यूरिया मिलता है। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में कृषि क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया।

यहाँ के किसानों को भी इससे फायदा उठाना चाहिए। 2014 में कृषि का आम बजट महज 25 हजार करोड़ रुपये के आसपास था लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार में कृषि बजट लगभग पांच गुना बढ़ कर 1.25 लाख करोड़ रुपये हो गया है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के लिए लगभग 93,000 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके। 2014 में केवल दो मेगा फ़ूड पार्क थे, आज ये बढ़ कर 22 हो गए हैं। राजस्थान के रूपनगढ़ में मेगा फ़ूड पार्क का उद्घाटन हो चुका है। बीकानेर में भी मेगा फ़ूड पार्क जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा।

हमारी सरकार में लगभग 1,000 ई-मंडी बनायी गई है जिसमें लगभग 1.60 करोड़ किसान पंजीकृत हो चुके हैं। राजस्थान के भी लगभग 14 लाख किसान इसमें रजिस्टर्ड हैं। आज किसान अपने खेत से दुनिया के किसी भी जगह अपने उत्पादों को अच्छी कीमत पर भेज सकते हैं। जहां किसानों की ऊपज के अच्छे दाम मिलेंगे, वहां किसान अब अपने उत्पाद भेज कर बेच सकते हैं, ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है। मैं किसानों से आग्रह करता हूँ कि आप केवल पुरानी व्यवस्था पर भरोसा न करें, बल्कि आप ये देखें ई-मंडी और टेक्नोलॉजी से किस तरह आपको पता चल जाता है कि कहाँ आपकी ऊपज की कीमत कम है और कहा ज्यादा और आप इस आधार पर अपनी ऊपज अच्छी कीमत पर बेच सकते हैं।

इस साल आम बजट में कृषि शिक्षा एवं रिसर्च के लिए लगभग 1.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। श्री नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों के सशक्तिकरण के लिए कटिबद्ध है। नड्डा ने कहा कि हमारे सिख भाइयों ने देश की रक्षा के लिए जितना बलिदान दिया है, उसे देश कभी भी भूल नहीं सकता है। सिख गुरुओं ने हमें देश की रक्षा के लिए शिक्षा दी। दशम पिता गुरु गोबिंद सिंह सिंह जी ने देश के लिए शहादत दी। उनके वीर साहबजादों ने देश के लिए शहादत दी। अन्य सभी गुरुओं ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान देकर देश को एक रखने का काम किया है और समाज को आगे बढऩे की प्रेरणा दी है।

देश के विकास में महान सिख गुरुओं के योगदान को हम कभी भूल नहीं सकते। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में भाजपा को छोड़ कर सिख भाइयों के साथ लगभग सभी राजनीतिक दलों ने केवल और केवल राजनीति की। सिख भाइयों ने विवाह के मामले में कहा था कि क़ानून में बदलाव आना चाहिए। यह बात तो छोटी थी किंतु किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने इस पर ध्यान देकर क़ानून में बदलाव किया। पहले की सरकारों में और यहाँ तक कि 10 वर्षों तक एक सिख प्रधानमंत्री के काल में भी श्री श्री तख़्त हरमंदिर साहब के लंगर पर भी टैक्स लगता था। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने लंगर पर से टैक्स को ख़त्म कराया।

श्री श्री हरमंदिर साहिब को फॉरेन कंट्रीब्यूशन लेने का पहले कोई प्रावधान नहीं था लेकिन  प्रधानमंत्री  की प्रेरणा से एफसीआरए रजिस्ट्रेशन ग्रांट हुआ और अब श्री श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी योगदान मिलना शुरू हो गया है। आजादी से लेकर 70 सालों तक डेरा नानक साहब और करतारपुर साहिब का दर्शन करने का अवसर हमारे सिख भाइयों को नहीं मिल पाया था, यह रास्ता अब तक नहीं मिल पाया था लेकिन  प्रधानमंत्री  की प्रेरणा से यह कॉरिडोर बन कर तैयार हुआ और सिख भाइयों को डेरा नानक साहब और करतारपुर साहिब का दर्शन करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। नड्डा ने कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के आयोजन पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च करके सुल्तानपुर लोधी शहर को विकसित किया गया और रेलवे स्टेशन को तैयार कराया गया।

सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन चलाई गई। गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व को धूमधाम के साथ पूरे देश में मनाया गया। इसके लिए  नरेन्द्र मोदी सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की। गुजरात के जामनगर में  प्रधानमंत्री  ने 750 बेड का एक अस्पताल सिख भाइयों को समर्पित किया। गुरबानी पर रिसर्च करने के लिए लगभग 67 करोड़ रुपये की लागत से गुरुनानक यूनिवर्सिटी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटरफेथ स्टडीज की भी शुरुआत की गई है। इतना ही नहीं, गुरबानी को देश की 15 भाषाओं में अनुवाद करके पढ़ाने का काम शुरू किया गया है। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने यूनेस्को में आग्रह किया है कि विदेशी भाषाओं में गुरबानी का अनुवाद होना चाहिए ताकि पूरी दुनिया इसे पढ़ कर प्रेरणा ले सके। नड्डा ने कहा कि  प्रधानमंत्री  की दृढ़ इच्छाशक्ति से ब्लैकलिस्ट से 314 नाम हटाये जा चुके हैं, अब उसमें केवल दो नाम रह गए हैं।

हमारे सिख भाइयों के आंसू बह-बह के सूख गए लेकिन कांग्रेस की सरकारें 1984 के दंगों के दोषियों को सजा नहीं दिलवा पाई।  प्रधानमंत्री  ने एसआईटी बनाई और दोषियों को सलाखों के पीछे डालने का कार्य किया। दंगा पीडि़त परिवारों की भी मदद  नरेन्द्र मोदी सरकार में की गई। स्वदेश दर्शन योजना विकसित की जा रही है। जालियांवाला बाग़ को विकसित कराया गया है। आखिर क्यों पहले की सरकारों ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की? क्यों इसके लिए श्री नरेन्द्र मोदी जी का इंतजार करना पड़ा?

क्योंकि  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को सिख भाइयों के लिए दर्द है दिल में, प्यार है उनके प्रति। आखिर क्यों पहले की सरकारों को वीर बाल दिवस मनाने की याद नहीं आई? क्यों गुरु गोबिंद सिंह जी के शहजादों की शहादत याद नहीं आई? आज वीर बाल दिवस के दिन दुनिया बहादुर बलिदानी साहेबजादों को याद करती है, उनकी बहादुरी के इतिहास को याद करती है। नड्डा ने कहा कि आज रेलवे का बजट लगभग दौ गुना बढ़ गया है। एक समय राजस्थान में रेलवे के लिए बजट केवल 682 करोड़ रुपये होते थे, इस साल यह बढ़ कर 9,532 करोड़ रुपये हो गया है। देश के लगभग 1.72 लाख गांवों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है जिसमें राजस्थान के भी लगभग 8770 गाँव हैं। यह परिवर्तन है। यह भारत के विकास की कहानी है।

नड्डा ने कहा कि राजस्थान में यह देख कर बहुत दु:ख होता है कि यहाँ चुनाव से पहले किसानों की कर्ज माफी के दावे तो कांग्रेस द्वारा बहुत किये गए लेकिन आज तक ये नहीं हुआ। कहाँ गई वो बातें? क्यों यहाँ किसानों के साथ कांग्रेस की सरकार ने छल किया? वहीं, दूसरी ओर,  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने किसानों के खाते में केवल पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग सवा दो लाख रुपये पहुंचाए जा चुके हैं।

चुनाव आने पर लोग राजस्थान में जादूगरी करते हैं कि ये करूंगा, वो करूंगा लेकिन करते कुछ नहीं। इसलिए इनलोगों को आराम दीजिये और भाजपा को सेवा का अवसर दीजिये।

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सीडब्ल्यूसी का चुनाव नहीं होगा, खडग़े करेंगे नॉमिनेट

*कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन आरंभ*

रायपुर, 24 फरवरी (एजेंसी)। अखिल भारतीय कांग्रेस का राष्ट्रीय महा अधिवेशन शुरू हो गया है। राष्ट्रीय महा महाधिवेशन के पहले दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के की मौजूदगी में स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई।

बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि सीडब्ल्यूसी का चुनाव नहीं होगा।सर्वसम्मति से तय किया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सीडब्ल्यूसी नॉमिनेट करेंगे।

जयराम रमेश ने कहा कि ढाई घंटे चली कमेटी की बैठक में खुली बातचीत हुई। सभी सदस्यों ने अपनी बातें रखीं। कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों को सीडब्ल्यूसी में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि पार्टी के नेता, सभी पीसीसी डेलीगेट्स इसका समर्थन करेंगे।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में शामिल नहीं होने पर कहा कि बैठक में 45 सदस्य बैठे थे। गांधी परिवार से किसी तरह की जूम मीटिंग नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि प्लिनरी सेशन में पार्टी के संविधान में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। करीब 16 प्रावधानों में संशोधन और 32 नियमों में संशोधन पर प्लिनरी सेशन में चर्चा होगी। संशोधन में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दलित, आदिवासी, महिला, युवाओं का प्रतिनिधित्व पार्टी में निश्चित किया जा रहा है।

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मोदी ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करने का किया आह्वान

बेंगलुरु,24 फरवरी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि जी-20 भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवंतता से प्रेरणा लेगा और वैश्विक परिदृश्य पर स्थिरता, भरोसा और वृद्धि को वापस लाने की दिशा में काम करेगा। वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की जी-20 बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने वीडियो संदेश में जलवायु परिवर्तन और उच्च ऋण स्तर जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अभी भी महामारी के बाद के प्रभावों और व्यापक भू-राजनीतिक तनावों के असर का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इन घटनाक्रमों ने कई देशों की वित्तीय व्यवहार्यता को खतरे में डाल दिया है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 के पहले बड़े कार्यक्रम में मोदी ने कहा, यह अब आप (जी-20 के सदस्य देशों) पर निर्भर करता है जो दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं और मौद्रिक प्रणालियों के संरक्षक हैं कि वे वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता, भरोसा और वृद्धि वापस लाएं।

यह आसान काम नहीं है। भारत ने पिछले साल दिसंबर में विकसित और विकासशील देशों के समूह जी-20 की अध्यक्षता संभाली थी। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रतिभागी भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवंतता से प्रेरणा लेंगे। उन्होंने कहा, भारतीय उपभोक्ता और उत्पादक भविष्य को लेकर आशावादी और आश्वस्त हैं। हमें उम्मीद है कि आप वैश्विक अर्थव्यवस्था में उसी सकारात्मक भावना को प्रसारित करने में सक्षम होंगे। मोदी ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपनी चर्चा को दुनिया के सबसे कमजोर नागरिकों पर केंद्रित करें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक आर्थिक नेतृत्व केवल एक समावेशी एजेंडा बनाकर फिर से दुनिया का भरोसा जीत सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी जी-20 अध्यक्षता का विषय इस समावेशी दृष्टिकोण-एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व की जनसंख्या आठ अरब को पार कर चुकी है लेकिन ऐसा लग रहा है कि सतत विकास लक्ष्यों को लेकर प्रगति धीमी पड़ रही है। उन्होंने कहा, हमें जलवायु परिवर्तन और उच्च ऋण स्तर जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता है।

वित्त की दुनिया में प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभुत्व को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि कैसे डिजिटल भुगतान ने महामारी के दौरान संपर्क रहित और निर्बाध लेनदेन को सक्षम किया। उन्होंने जी-20 के सदस्य प्रतिभागियों से डिजिटल वित्त में अस्थिरता और दुरुपयोग के संभावित जोखिम को विनियमित करने के लिए मानकों को विकसित करते समय प्रौद्योगिकी की शक्ति का पता लगाने और उसका उपयोग करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में एक अत्यधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और प्रभावी सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचा बनाया है।

मोदी ने कहा, हमारे डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को एक मुक्त सार्वजनिक वस्तु के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने रेखांकित किया कि इसने देश में शासन, वित्तीय समावेशन और जीवन की सुगमता को मौलिक रूप से बदल दिया है। यह देखते हुए कि बैठक भारत की प्रौद्योगिकी राजधानी बेंगलुरु में हो रही है, उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष अनुभव मिल सकता है कि भारतीय उपभोक्ताओं ने डिजिटल भुगतान को कैसे अपनाया है।

उन्होंने भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान बनाई गई नयी प्रणाली के बारे में भी बताया जो जी-20 मेहमानों को भारत के यूपीआई का उपयोग करने की अनुमति देता है। उन्होंने कहा, यूपीआई जैसे उदाहरण कई अन्य देशों के लिए भी आदर्श हो सकते हैं। हमें दुनिया के साथ अपने अनुभव साझा करने में खुशी होगी और जी-20 इसके लिए एक माध्यम हो सकता है।

भारत की अध्यक्षता में शुक्रवार से शुरू हुई पहली बड़ी जी-20 बैठक के दौरान वैश्विक ऋण कमजोरियों, यूरोप में चल रहे युद्ध से विश्व अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम और महामारी के फिर उभरने की आशंकाओं के साथ-साथ आईएमएफ और विश्व बैंक सुधारों पर चर्चा की जाएगी। क्रिप्टो मुद्राओं के विनियमन के लिए वैश्विक ढांचे से संबंधित मुद्दे जिन पर गुरुवार को जी-20 देशों के वित्त और केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधियों द्वारा पहले ही विचार-विमर्श किया जा चुका है, मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान भी उठ सकते हैं।

बैठक में जी-20 के सदस्यों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर, आमंत्रित सदस्य और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। कुल मिलाकर, बैठक में भाग लेने वाले 72 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल होगा। जी-20 की अध्यक्षता भारत ऐसे समय में कर रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था साल भर चले रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव से जूझ रही है।

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एअर इंडिया एक्सप्रेस विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया

*तिरुवनंतपुरम में आपात स्थिति में उतरा*

तिरुवनंतपुरम (केरल),24 फरवरी (एजेंसी)। कालीकट से दम्मम जा रहे एअर इंडिया के एक विमान के पिछले हिस्से के उड़ान भरने के दौरान ‘संदिग्ध रूप से रनवे से टकरा जाने के बाद उसे यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया। एअर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान आईएक्स 385 दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर 168 यात्रियों के साथ तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी जिसके बाद हवाई अड्डा प्राधिकारियों ने पहले घोषित पूर्ण आपात स्थिति हटा दी।

एअर इंडिया ने कहा कि कालीकट हवाई अड्डे से उड़ान भरते हुए विमान का पिछला हिस्सा संदिग्ध रूप से टकरा गया जिसके कारण कोझीकोड-दम्मम उड़ान का मार्ग तिरुवनंतपुरम की ओर मोड़ दिया। एअरलाइन ने एक अन्य विमान से यात्रियों को दम्मम भेजने की व्यवस्था की। इस विमान के आज शाम को ही तिरुवनंतपुरम से उड़ान भरने की संभावना है। एअर इंडिया ने एक विज्ञप्ति में कहा, एअरलाइन कर्मी तिरुनवंतपुरम में यात्रियों की सभी आवश्यकताओं का ध्यान रख रहे हैं।

इस बीच, विमानन नियामक डीजीसीए ने कहा कि वह घटना की जांच करेगा। तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का प्रबंधन करने वाले अडाणी समूह ने कहा कि उन्होंने कालीकट पर घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद आपात स्थिति की घोषणा कर दी थी। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा, शुरुआत में विमान को सुबह 11 बजकर तीन मिनट पर उतरना था लेकिन बाद में इसका समय बदलकर दोपहर 12 बजकर 15 मिनट कर दिया गया।

सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर हमने हवाई अड्डे पर पूर्ण आपात स्थिति की घोषणा कर दी और सभी आपात सेवाओं को तैयार रहने को कहा। हवाई अड्डे पर सभी एम्बुलेंस और तीन क्रैश फायर टेंडर तैयार थे और आपात द्वार खुले थे। एहतियातन तौर पर नजदीकी अस्पतालों से एम्बुलेंस और पुलिसकर्मियों को लेकर तीन बस हवाई अड्डे पर पहुंची।

हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा, बहरहाल, अन्य विमानों का संचालन सामान्य रहा। विमान एहतियात के तौर पर अतिरिक्त ईंधन को खपाने के लिए करीब ढाई घंटे तक हवा में चक्कर काटने के बाद दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर हवाई अड्डे पर उतरा। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने रनवे का निरीक्षण किया और बाद में आपात स्थिति का निर्देश वापस ले लिया।

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85 प्रतिशत से अधिक पार्षदों ने किया मतदान

*एमसीडी स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव*

नयी दिल्ली,24 फरवरी (एजेंसी)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति के छह सदस्यों के चयन के लिए नए सिरे से कराए जा रहे मतदान के दौरान शुक्रवार को अपराह्न दो बजे तक 250 पार्षदों में से 85 प्रतिशत से अधिक ने मतदान किया।

मतदान पूर्वाह्न करीब सवा 11 बजे आरंभ हुआ और अपराह्न दो बजे तक करीब 220 पार्षदों ने अपना वोट डाल दिया था। दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय के आदेश पर स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव के लिए शुक्रवार को नए सिरे से मतदान हुआ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए पुन: मतदान कराए जाने की मांग की थी।

‘आप के बागी नेता पवन सहरावत ने भी मतदान किया। इस बीच उनके पूर्व पार्टी सहयोगियों ने उनका मजाक उड़ाया और कई ने उन्हें ‘विश्वासघाती कहा। आप के सदन के नेता मुकेश गोयल, उप महापौर आले मोहम्मद इकबाल, महापौर के चुनाव में ओबेरॉय से हारने वाली भाजपा की पार्षद रेखा गुप्ता, दक्षिण दिल्ली के पूर्व महापौर कमलजीत सहरावत और ट्रांसजेंडर समुदाय के पहले पार्षद एवं आप सदस्य बोबी ने वोट डाला। सीलमपुर वार्ड से पार्षद शकीला बेगम ने भी मतदान किया।

स्थायी समिति के 6 सदस्यों के लिए सात प्रत्याशी मैदान में हैं। आप ने आमिल मलिक (श्री राम कॉलोनी वार्ड), रमिंदर कौर (फतेह नगर वार्ड), मोहिनी जीनवाल (सुंदर नगरी वार्ड) और सारिका चौधरी (दरियागंज वार्ड) को उम्मीदवार बनाया है।

कमलजीत सहरावत (द्वारका-बी वार्ड) और पंकज लूथरा (झिलमिल वार्ड) भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं। निर्दलीय पार्षद गजेंद्र सिंह दराल भी उम्मीदवार हैं। वह बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। ओबेरॉय ने बीच-बीच में पार्षदों को याद दिलाया कि मतदान केंद्र में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव कराने की एक और कोशिश करने के लिए एमसीडी की बैठक शुक्रवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे पुन: शुरू हुई।

इससे एक दिन पहले सदन की कार्यवाही आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षदों के बीच झड़प और हंगामे के कारण दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई थी।

‘आप की नेता शैली ओबेरॉय को दिल्ली का नया महापौर चुने जाने के कुछ ही घंटों बाद एमसीडी के निर्णय लेने वाले सर्वोच्च निकाय- स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव कराने के लिए सदन की कार्यवाही बुधवार शाम सवा छह बजे शुरू हुई थी, लेकिन इस दौरान भाजपा सदस्यों के कड़े विरोध, ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा, नारेबाजी और 12 से अधिक बार स्थगन के बाद महापौर ने इसे दिनभर के लिए स्थगित कर दिया था।

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कांग्रेस ने पूर्वोत्तर के राज्यों को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया, हम अष्टलक्ष्मी मानते हैं: मोदी

दीमापुर,24 फरवरी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस पूर्वोत्तर को एटीएम की तरह इस्तेमाल करती थी जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) क्षेत्र के आठ राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी मानती है और यहां शांति एवं विकास के लिए काम कर रही है।

दीमापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नगालैंड में स्थायी शांति लाने का प्रयास कर रहा है ताकि राज्य से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 को पूरी तरह से हटाया जा सके। उन्होंने कहा, ”देश अपने ही लोगों पर अविश्वास करके नहीं, बल्कि अपने लोगों का सम्मान करके और उनकी समस्याओं का समाधान करके चलता है।

पहले पूर्वोत्तर में विभाजन की राजनीति थी, अब हमने इसे दिव्य शासन में बदल दिया है। भाजपा धर्म और क्षेत्र के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव नहीं करती है। कांग्रेस शासन के दौरान नगालैंड में राजनीतिक अस्थिरता का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने पूर्वोत्तर को दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित किया और दिल्ली से दीमापुर तक वंशवाद की राजनीति को प्राथमिकता देते हुए इसके विकास के लिए आवंटित धन की हेराफेरी की।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा नीत राजग ने नगालैंड को चलाने के लिए तीन मंत्र अपनाए हैं- शांति, प्रगति और समृद्धि। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके भ्रष्टाचार में एक बड़ी सेंध लगाई है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली से भेजा गया पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किया जाता है।

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वनोत्पाद से किसानों के स्वावलंबन को सुनिश्चित करने की दिशा में बढ़ते ठोस कदम

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*सिदो-कान्हू कृषि एवं वन उत्पाद संघ कृषि एवं वन उत्पाद के क्षेत्र में मजबूत ब्रांड बनाने की ओर अग्रसर*

*राज्य सरकार द्वारा पहली बार वनोत्पाद को बढ़ावा देने का हो रहा संगठित प्रयास*

रांची, 24.02.2023 (FJ) – वन उत्पाद के मामले में झारखण्ड पर प्रकृति की विशेष मेहरबानी है। लाह, तसर, शहद, ईमली, चिरौंजी, साल बीज, महुआ आदि झारखण्ड के वनों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। राज्य गठन के बाद से राज्य के किसानों को वन उत्पाद का सही मूल्य दिलवा पाना चुनौती का विषय बना हुआ था। लेकिन इस चुनौती को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने वीर शहीद सिद्दो-कान्हो के नाम से सिदो-कान्हू कृषि एवं वन उत्पाद संघ का निर्माण किया, जिसके तहत राज्य के सभी किसानों एवं वन उत्पाद संग्राहकों को संगठित करते हुए उनके विकास के कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना तैयार की गयी है। ताकि वनोत्पाद के माध्यम से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती हेतु नव ऊर्जा का संचार किया जा सके।

पैक्स लैंपस को किया जा रहा सशक्त, कार्यशाला का हो रहा आयोजन

किसानों के वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने के उदेश्य से सभी PACS/LAMPS को आधुनिक स्वरूप देने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश के तहत धरातल पर अब सकारात्मक प्रयास प्रारम्भ हुए हैं। इस कड़ी में सहकारिता के माध्यम से कृषि और वन उपज में आजीविका संवर्धन पर सभी जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत रांची से 17 फरवरी 2023 को की गयी। प्रत्येक जिले में कार्यशाला के आयोजन के बाद जल्द ही सभी PACS / LAMPS को जोड़ते हुए सदस्यता अभियान प्रारंभ किया जाएगा। राज्य भर में LAMPS/PACS के सदस्यों को उनकी कृषि और उपज के लिए प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करने की योजना भी सरकार की है।

एक मजबूत ब्रांड को खड़ा करने का प्रयास

मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत पलाश ब्रांड की ही तरह सिदो-कान्हू कृषि एवं वन उत्पाद संघ के विभिन्न उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेवारी निभाई जाएगी। इसका मूल उद्देश्य जिले के सभी लैम्प्स -पैक्स को उचित बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना, क्षमता निर्माण, प्रसंस्करण और एक मजबूत ब्रांड को खड़ा करना है। सिदो-कान्हू कृषि एवं वन उत्पाद संघ में त्रिस्तरीय संरचना का गठन किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर लैम्प्स -पैक्स, जिला स्तर पर संघ एवं राज्य स्तर पर महासंघ कार्य करेगा। पंचायत स्तरीय समिति उत्पादन एवं संग्रहण का जिम्मा एवं जिला स्तरीय संघ प्रसंस्करण की जिम्मेवारी निभाएगी। विभिन्न सुविधाओं से जोड़ते हुए वनोत्पाद के साथ आगे बढ़ने की जो परिकल्पना की गयी है, उससे प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में सिदो-कान्हू कृषि एवं वन उत्पाद संघ कृषि एवं वन उत्पाद के क्षेत्र में देश में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल होगा।

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महिलाओं को पीरियड्स लीव की याचिका पर SC का जवाब, यह पॉलिसी मैटर- सरकार के आगे रखें मांग

नई दिल्ली 24 Feb, (एजेंसी): सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में सभी कामकाजी महिलाओं और छात्रों को पीरियड्स लीव दिए जाने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पॉलिसी मैटर है इसलिए याचिकाकर्ता को सरकार के पास जाना होगा और अपनी मांग के साथ ज्ञापन देना होगा।

सुप्रीम कोर्ट में यह जनहित याचिका दिल्ली के रहने वाले शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 की धारा 14 के अनुपालन के लिए केंद्र और सभी राज्यों को निर्देश देने की भी मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विशाल तिवारी ने पिछले हफ्ते याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि यूनाइटेड किंगडम, चीन, वेल्स, जापान, ताइवान, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, स्पेन और जाम्बिया जैसे देशों में पहले से ही किसी न किसी रूप में पीरियड्स लीव दिया जा रहा है।

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अडानी ग्रुप को सुप्रीम झटका, मीडिया रिपोर्टिंग पर बैन की मांग वाली याचिका खारिज

नई दिल्ली 24 Feb, (Rns): संकटों का सामना कर रहे अडानी ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप को लेकर आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ी मीडिया कवरेज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में दायर याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि हम मीडिया पर रोक नहीं लगा सकते। हम अपना फैसला सुनाएंगे।

वकील एमएल शर्मा ने याचिका दायर की थी। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम ऐसा कोई आदेश नहीं जारी करेंगे, जो मीडिया पर रोक लगाने संबंधी है। अडानी संबंधी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी सख्ती दिखाई थी। कोर्ट ने केंद्र के उस पेशकश को खारिज किया था, जिसमें सरकार ने जांच पैनल की रिपोर्ट सील्ड कवर में पेश की थी। अडानी ग्रुप की तरफ से एक और याचिका दायर है, जिसमें हिंडनबर्ग के खिलाफ एक जांच के आदेश देने की मांग की गई है।

अडानी ग्रुप की तरफ से याचिका दायर करने वाले वकील एमएल शर्मा ने कोर्ट में कहा कि मामले की रिपोर्टिंग करके मीडिया सेंशेसन पैदा कर रही है। केस की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘वाजिब बात कीजिए, मीडिया रिपेर्टिंग पर रोक लगाने की बात मत कीजिए।’ चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि बेंच इस मामले में जल्द ही एक आदेश जारी करेगी।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते चीफ जस्टिस की ही एक बेंच ने हिंडनबर्ग-अडानी मामले में इन्वेस्टर्स और स्टॉक मार्केट को सुरक्षित रखने के लिए एक एक्सपर्ट पैनल बनाने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था।

इसी मामले में केंद्र सरकार ने एक सील्ड कवर में अपने सुझाव दिए था और कुछ नाम सुझाए थे, जिन्हें एक्सपर्ट पैनल में शामिल किया जा सकता था। सीजेआई की बेंच अडानी केस में कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है, जिसमें दो याचिकाओं में हिंडनबर्ग के खिलाफ जांच के आदेश की मांग और दो याचिकाएं अडानी ग्रुप के खिलाफ जांच के आदेश की मांग के लिए दायर हैं।

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कश्मीर के बच्चे आठ दिवसीय भारत दर्शन दौरे पर, लूलू मॉल का किया दौरा

लखनऊ 24 Feb, (एजेंसी): श्रीनगर के एक सरकारी स्कूल के 23 बच्चे, जो आठ दिवसीय भारत दर्शन दौरे पर हैं, बड़ा इमामबाड़ा पहुंचे और बाद में लखनऊ के लूलू मॉल गए। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) फ्रंटियर यूनिट द्वारा आयोजित यात्रा चंडीगढ़ से उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी पहुंची।

बड़ा इमामबाड़ा का भूल भुलैया देख बच्चे चकित रह गए।

बाद में वे एक मॉल में गए, जहां उनका स्वागत लाल गुलाब से किया गया। मॉल के गेमिंग जोन में बच्चों ने खूब मस्ती की।

छात्रों ने राज्य मंत्री संजय गंगवार की उपस्थिति में लू लू फार्म फ्रेश के उद्घाटन समारोह में भी भाग लिया। उनके साथ उनके शारीरिक शिक्षा शिक्षक वकील अहमद भी थे।

उन्होंने कहा, ये बच्चे साधारण परिवारों से हैं। इस दौरे से पहले वे श्रीनगर से बाहर कभी नहीं गए थे। बच्चे अब ताजमहल देखने आगरा जाएंगे।

एसएसबी लखनऊ फ्रंटियर के डीआईजी महेश कुमार ने कहा कि बच्चों को दूसरे राज्यों की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को दिखाना चाहिए।

उन्होंने कहा, मॉल में उन्हें बदलती तकनीक और बाजार से अवगत कराया गया। कुमार ने कहा कि ये बच्चे कश्मीर के उन इलाकों से आते हैं, जहां आतंकी घटनाएं होती हैं।

उन्होंने कहा, लेकिन अब कश्मीर में स्थिति बदल रही है। वे देश के हर शहर में जाकर और उनकी जीवन शैली देखकर खुद को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

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लखनऊ के क्रिकेटर से आईपीएल में ब्रेक दिलाने के नाम पर ठगी

लखनऊ 24 Feb, (एजेंसी): लखनऊ के क्रिकेट खिलाड़ी अभिलेख सिंह से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में ब्रेक दिलाने में मदद करने के नाम पर पांच लाख रुपए की ठगी की गई। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद गौतमपल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

लखनऊ के स्पोर्ट्स कॉलेज से पासआउट अभिलेख ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि 2019 में केडी सिंह बाबू स्टेडियम में एक अभ्यास मैच के दौरान उसकी मुलाकात कृष्ण कुमार झा से हुई थी।

उसने पहले मुझे आईपीएल में खेलने का लालच दिया और 17 लाख रुपए की मांग की। मैंने इतनी बड़ी राशि का भुगतान करने में असमर्थता व्यक्त की। उसने मुझे एक राज्य के लिए खेलने के लिए 5 लाख रुपए के एक और सौदे में फंसाया।

किसी तरह, मैंने अपने माता-पिता से पैसे लेने में कामयाबी हासिल की और फिर चेक के माध्यम से भुगतान किया। मुझे प्रतीक्षा के लिए बोला गया और मैंने कुछ दिनों के लिए अरुणाचल प्रदेश में एक अतिरिक्त के रूप में डेरा डाला, लेकिन टीम में खेलने का मौका नहीं मिला, जो आईपीएल खेलने के लिए एक आवश्यकता है।

बाद में, जब पीड़ित को खेलने का कोई मौका नहीं मिला, तो उसने अपने पैसे वापस मांगे, जिस पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

एडिशनल डीसीपी, पुलिस मुख्यालय, अखिलेश सिंह ने कहा कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा, हमने आरोपी का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली है।

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मथुरा जेल के कैदी तैयार कर रहे हर्बल गुलाल

मथुरा 24 Feb, (एजेंसी): मथुरा की जेल के कैदी ब्रज क्षेत्र की होली के लिए विशेष हर्बल गुलाल तैयार कर रहे हैं। मथुरा जिला जेल के छह कैदियों ने पर्यावरण के अनुकूल हर्बल रंग तैयार किए हैं।

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार की पहल से भी कैदियों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।

कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रदेश भर की जेलों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

जेल में अरारोट पाउडर और सब्जियों की मदद से हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है। इस कड़ी में पालक को पीसकर उसका हरा रंग निकाल कर तैयार किया जाता है। इसी तरह मेथी को पीसकर हल्का हरा रंग, चुकंदर को पीसकर लाल रंग, हल्दी पाउडर से पीला गुलाल तैयार किया जा रहा है। साथ ही इसमें खुशबू बरकरार रखने के लिए इत्र का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि जेल में हर साल क्विंटल में गुलाल तैयार किए जाते है।

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मार्च आते ही गर्मी तोड़ेगी रिकॉर्ड, IMD का अलर्ट- 40 डिग्री तक जाएगा तापमान

नई दिल्ली 24 Feb, (एजेंसी):  भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले पांच दिन में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक दर्ज किए जाने का अनुमान है। देश के कई हिस्सों में पहले से ही अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है जो आमतौर पर मार्च के पहले सप्ताह में दर्ज किया जाता है। इसने इस साल तीव्र गर्मी और लू को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है।

आईएमडी ने कहा कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद पारा दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है।

आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि मार्च के पहले पखवाड़े में उत्तर पश्चिमी भारत के एक या दो मौसम संबंधी उपखंडों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस और उससे अधिक तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने फरवरी में असामान्य रूप से गर्म मौसम के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें मजबूत पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति प्राथमिक कारण है।

मजबूत पश्चिमी विक्षोभ वर्षा लाते हैं और तापमान को कम रखने में मदद करते हैं। सोमवार को उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पश्चिम भारत के अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

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पुलिस की वर्दी में आतंकी कर सकते हैं अयोध्या में राम मंदिर पर हमला, पुलिस ने बनाया अभेद्य किला

अयोध्या 24 Feb, (एजेंसी)- श्रीराम मंदिर पर आत्मघाती हमला होने की आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच खबर आई है कि मंदिर परिसर को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। इसके बाद ड्रोन, हवाई जहाज या चॉपर, कोई भी यहां से नहीं गुजर सकेगा। ऐसी सूचना है कि नया खतरा आत्मघाती हमले का है।

सूत्रों के अनुसार, मंदिर में ‘पुलिस और फौज’ की वर्दी में घुसकर हमला हो सकता है। ऐसे हमले में आतंकी पहले धमाका करते हैं और उसके बाद फायरिंग होती है। इस तरह के संभावित हमलों के मद्देनजर मंदिर परिसर की सुरक्षा को और ज्यादा पुख्ता बनाया जा रहा है।|

सूत्रों के हवाले से कुछ दिन पहले एक मीडिया रिपोर्ट सामने आई थी कि 2024 में मंदिर के तैयार होने से पहले राम जन्मभूमि पर हमला करना अब इन आतंकी संगठनों का प्रमुख टारगेट बन गया है।

इन आतंकवादी संगठनों की मंशा इस हमले की साजिश को अंजाम देने के साथ ही इसे एक बड़ी हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक हिंसा के रूप में दुनिया के सामने पेश करने की भी है।

खुफिया सूत्रों का मानना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की इस बारे में कुछ मजबूरियां भी सामने आई हैं. पाकिस्तान की आईएसआई कश्मीर में धारा- 370 को सफलता से हटाए जाने के बाद से हिंसा भड़काने में साफ तौर से विफल रही है।

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कुकरैल नाइट सफारी पर जल्द शुरू होगा काम

लखनऊ 23 Feb, (एजेंसी): लखनऊ में कुकरैल नाइट सफारी और जूलॉजिकल पार्क के निर्माण का काम जल्द ही 50 करोड़ रुपए के प्रारंभिक बजटीय आवंटन के साथ शुरू होगा। वन अधिकारियों के अनुसार, हालांकि परियोजना की कुल लागत 1,600 करोड़ रुपए है, लेकिन बजटीय प्रावधान से वन विभाग निर्माण कार्य शुरू करने में सक्षम होगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक ममता दुबे ने कहा, परियोजना योजना को मंजूरी के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के पास भेज दिया गया है और प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हमें उम्मीद है कि अगले 15 दिनों में अनुमति मिल जाएगी।

कुकरैल में 2027 हेक्टेयर भूमि पर नाइट सफारी व जू बनाया जाएगा।

यह देश की पहली शहरी नाइट सफारी होगी और इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने और राजस्व सृजन में मदद करेगी।

लखनऊ चिड़ियाघर को भी नए स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।

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उप्र की राजधानी में चलेगा थूकना प्रतिबंधित है अभियान

लखनऊ 23 Feb, (एजेंसी): लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) में जीआईएस-23 और जी20 आयोजनों के लिए किए गए सौंदर्यीकरण कार्य को संरक्षित करने के प्रयास में गुरुवार से 1 मार्च तक ‘थूकना प्रतिबंधित है’ शीर्षक से एक विशेष अभियान चलाएगा। एलएमसी आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने एक बयान में कहा, स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए जाने वाले अभियान में खुले इलाकों में थूकने या पेशाब करने/शौच करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

अपराधियों को ‘श्री या सुश्री/श्रीमती पीकू’ की उपाधि दी जाएगी। उन पर उत्तर प्रदेश अपशिष्ट (प्रबंधन संचालन और स्वच्छता) नियम 2021 के तहत 250 रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

सिंह ने आगे कहा कि अभियान के लिए पुलिस, एनजीओ और स्थानीय लोगों की मदद ली जाएगी।

एलएमसी आयुक्त ने कहा, हम रेडियो/सार्वजनिक घोषणा के माध्यम से खुले में न थूकने/पेशाब करने या खुले में शौच करने के संदेश का भी प्रचार करेंगे। इसके अतिरिक्त, बसों पर बोर्ड और होडिर्ंग भी इसी संदेश के साथ लगाए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट और टी-शर्ट वितरित किए जाएंगे।

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उल्फा-आई के सदस्य ने असम पुलिस के सामने सरेंडर किया

गुवाहाटी 23 Feb, (एजेंसी): प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) के एक सदस्य ने असम पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस के अनुसार, बिक्रमजीत चेतिया उर्फ रंजीत असोम के रूप में पहचाने जाने वाला कैडर बुधवार को असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर पहुंच गया।

वह म्यांमार में संगठन के गुप्त ठिकाने से आ रहा था।

डिब्रूगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक श्वेतांक मिश्रा ने कहा, चेतिया चबुआ क्षेत्र का मूल निवासी है। वह पिछले साल जुलाई में उल्फा-आई शिविर में शामिल हुआ था। उसे म्यांमार के सागियांग प्रांत में स्थित प्रतिबंधित संगठन के शिविर में प्रशिक्षित किया गया था और बाद में मुख्यालय में तैनात किया गया था।

हालांकि, उल्फा-आई में शामिल होने के तुरंत बाद, वह हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का इच्छुक था। पुलिस को चेतिया के परिजनों व रिश्तेदारों से सूचना मिली।

मिश्रा ने कहा, जब पुलिस ने उसे सहायता के लिए प्रतिबद्ध किया, तो चेतिया ने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। वह बिना किसी हथियार या गोला-बारूद के वापस आ गया।

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यूफ्लेक्स कंपनी के 70 से ज्यादा ठिकानों पर रेड जारी, 150 करोड़ रुपए की हेरफेर का मामला

नोएडा 23 Feb, (एजेंसी): यूफ्लेक्स कंपनी के ठिकानों पर इनकम टैक्स की जांच का दायरा बढ़ गया है। देशभर में कंपनी के 70 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी जारी है। इसमें नोएडा में सबसे ज्यादा 32 ठिकाने हैं। अभी तक की जांच में दिल्ली एनसीआर में 1.50 करोड़ का कैश मिला है। टीम ने कैश जब्त कर लिया है। सूत्रों से पता चला है कि जांच में इनकम टैक्स अधिकारियों को करोड़ों के फेक ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है। जम्मू में भी संदिग्ध लेनदेन के दस्तावेज मिले हैं। वहीं, 10 सेल कंपनियां भी मिली हैं। एनसीआर की बात करें तो यहां पर करीब 600 टीम और बाहर करीब 150 टीम सर्च कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, 150 करोड़ रुपए से ज्यादा के फेक ट्रांजैक्शन मिले हैं। लेनदेन करने वालों में एक पक्ष ने ये बताया है कि ट्रांजैक्शन फेक हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आंकड़ा 500 करोड़ रुपए तक जा सकता है। वहीं, 15 लॉकर मिले हैं, जिनको जल्द खुलवाया जाएगा।

हैरानी की बात ये है कि 20 अकाउंट ऐसे मिले है जो बहुत ही गरीब तबके के लोगों के हैं। इनमें कई ऐसे लोग हैं, जिनके मकान एक कमरे के हैं। इन लोगों के खातों से 5 से 50 करोड़ रुपए तक ट्रांजैक्शन के दस्तावेज मिले हैं।

सर्च के दौरान जम्मू में करीब 100 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन देन के दस्तावेज मिले है। इनकी जांच की जा रही है। इसके साथ नोएडा के सेक्टर-4 और 57 की फैक्ट्री में 150 संदिग्ध दस्तावेज मिले है। ग्रुप की 10 फैक्ट्रियां विदेश में भी है। इसके ट्रांजैक्शन भी खंगाले जा रहे है। मनी लॉड्रिंग के संकेत भी मिले हैं।

सूत्रों के मुताबिक, यूफ्लेक्स कंपनी ने इनवेस्टर्स समिट के लिए भी करीब 600 करोड़ के एमओयू साइन किए है। जिसमें उनको दो प्लाटों पर नोएडा में निवेश भी करना है। यूफ्लेक्स लिमिटेड कंटेनरों और पैकेजिंग क्षेत्र की कंपनी है। कंपनी का कुल मूल्यांकन (मार्केट वैल्यू) 3,509 करोड़ है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1988 में की गई थी।

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हाथ की त्वचा और नसों से नया लिंग बनाकर किया प्रत्यारोपण

*05 डॉक्टर्स सहित 11 लोगों की टीम ने आठ घंटे के ऑपरेशन में पाई सफलता*

जयपुर 23 फरवरी, (एजेंसी)। भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एक जटिल सर्जरी के दौरान कैंसर ग्रस्त लिंग को हटाकर, रोगी के हाथ की त्वचा, रक्त वाहिनियों व नसों के जरिए नया लिंग बनाकर क्रियाशील लिंग पुन निर्माण किया गया। राज्य में पहली बार हाथ पर लिंग बनाकर यथास्थान प्रत्यारोपण करने का केस किया गया है। करीब आठ घंटे चली इस सर्जरी में पांच डॉक्टर्स सहित 11 लोगों की टीम ने सफलता पाई।

बीएमसीएचआरसी के कैंसर सर्जन डॉ प्रषांत शर्मा ने बताया कि बूंदी निवासी, 72 बर्षीय गुजर सिंह (परिवर्तित नाम) ने उपचार के दौरान लिंग हटाने की बात जानकर पहले उपचार के लिए मना कर दिया था। लिंग के हटने के बाद मरीज को पेषाब करने में दिक्कत होती है और उन्हें बैठकर पेषाब करना पड़ता है। दिनचर्या में आने वाले ऐसे बदलावों का रोगी की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इस सर्जरी में पहले डॉ प्रषांत शर्मा की टीम ने कैंसर ग्रस्त लिंग को हटाया। इसके पष्चात प्लास्टिक एंड रिकंसट्रक्टिव सर्जन डॉ उमेष बंसल और डॉ सौरभ रावत की टीम ने लिंग पुन:निर्माण की प्रकिया की। डॉ उमेष बंसल ने बताया कि कैंसर ग्रस्त लिंग को हटाकर सम्पूर्ण लिंग पुन:र्निमाण एक ही ऑपरेषन में करना एक जटिल प्रकिया है, लेकिन यह दोनों प्रकिया साथ होने से रोगी की मानसिक स्थिति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

सर्जरी के दौरान पहले रोगी के बाए हाथ की त्वचा, रक्त वाहिनियों व नसों को लेकर लिंग का निर्माण किया गया। उसके बाद माइक्रोस्कोपिक तकनीक से नवनिर्मित लिंग को यथा स्थान पर प्रत्यारोपित कर दिया गया और उसमें रक्त प्रवाह शुरू किया गया। इस सर्जरी में माइक्रो सर्जिकल तकनीक का इस्तेमाल किया। लिंग पुनर्निर्माण का उद्देश्य सही आकार, लंबाई और मूत्रमार्ग बनाने के साथ ही लिंग में संवेदना देना होता है। साथ ही जिस हाथ पर लिंग का निर्माण किया गया, उस हाथ की कार्य क्षमता और आकार में कोई परिवर्तन नहीं आया। ऐसे में रोगी पुन:निर्मित लिंग के साथ ही पूर्ण रूप से सामान्य जीवन जी सके।

करीब चार प्रतिशत कैंसर रोगियों में परेशानी

डॉ प्रशांत शर्मा ने बताया कि कैंसर रोगियों में से करीब चार प्रतिशत रोगी पुरुष जननांग अंग के कैंसर के होते हैं। इन रोगियों में करीब 50 फीसदी रोगियों में उपचार स्वरूप लिंग को हटाना पडता। प्लास्टिक सर्जन डॉ सौरभ रावत ने बताया कि राज्य की प्रथम लिंग पुन:निर्माण सर्जरी 2017 बीएमसीएचआरसी में ही की गई थी। चिकित्सालय में अब तक 10 लिंग पुन:निर्माण हो चुके है। इन सभी सर्जरी में ना सिर्फ सफलता मिली बल्कि नया लिंग हूबहू प्राकृतिक जैसा बनाया गया। पुन:निर्माण दो सप्ताह के अंदर व्यक्ति सामान्य रूप से चलना-फिरना और अन्य दैनिक कार्य आसानी से कर सकता है। डॉ रावत ने बताया कि किसी व्यक्ति का लिंग चोट, कैंसरग्रस्त या अन्य किसी कारण से हटाया गया हो या जन्मजात लिंग नहीं हो तो लिंग पुन:निर्माण संभव है।

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हिमाचल प्रदेश में 25 फरवरी से बर्फबारी की संभावना : मौसम विभाग

शिमला 23 फरवरी, (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में 25 फरवरी से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ का ज्यादा असर 26 व 27 फरवरी को प्रदेश भर में देखने को मिलेगा। प्रदेश के मैदानी जिलों में बारिश जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने मीडियो को बताया कि 25 फरवरी से हिमाचल प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस कारण प्रदेश के ऊंचाई वाले जिलों लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा जिलों में बर्फबारी हो सकती है। अन्य जिलों में बारिश होने का अनुमान है।

इस दौरान तापमान में भी हल्की गिरावट हो सकती है जबकि शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा। 27 फरवरी के बाद भी मौसम के साफ रहने का अनुमान लगाया गया है, जिससे दिन के तापमान में वृद्धि होगी।

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लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण अनुब्रत मंडल की बेटी का वेतन रुका

कोलकाता 23 फरवरी, (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के पशु-तस्करी घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर न्यायिक हिरासत में चल रहे तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल के लिए अतिरिक्त परेशानी बढ़ती दिख रही है। राजकीय स्कूल में प्राथमिक शिक्षक के रूप में उनकी बेटी सुकन्या का वर्षों से ड्यूटी से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोप में वेतन भुगतान रोक दिया गया है।

ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य की सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व ने मंडल से खुद को दूर करने के स्पष्ट संकेत देना शुरू कर दिया है।

सुकन्या बीरभूम जिले के बोलपुर में अपने पैतृक निवास के पास स्थित राजकीय कालिकापुर प्राथमिक विद्यालय में प्राथमिक शिक्षिका हैं। राज्य शिक्षा विभाग के सूत्रों ने कहा कि बुधवार को जिला प्राथमिक शिक्षा परिषद ने उनके वेतन भुगतान रोकने के संबंध में एक आदेश पारित किया।

विभाग के एक सूत्र ने कहा, उन्होंने कथित तौर पर अपनी सभी जमा छुट्टियां समाप्त कर दी हैं और अभी भी प्राथमिक विद्यालय में अपनी ड्यूटी पर नहीं जा रही है। इसलिए, राज्य सरकार ने उसके वेतन का भुगतान रोकने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने इसका स्वागत किया है, लेकिन राज्य के भाजपा नेताओं ने सवाल किया है कि यह कदम इतनी देर से क्यों उठाया गया है।

भाजपा के एक राज्य समिति के सदस्य ने कहा कि सुकन्या के खिलाफ सालों से स्कूल न जाने की शिकायतें आ रही थीं। यहां तक कि शिकायत थी कि उक्त स्कूल के ग्रुप-डी के कर्मचारी उनके हस्ताक्षर लेने के लिए उपस्थिति रजिस्टर के साथ उसके आवास पर आते थे।

ये सब संभव हो सका क्योंकि अनुब्रत मंडल तब तक सत्ताधारी दल के लिए एक संपत्ति थे। अब शायद इस तरह की कार्रवाई शुरू की गई हैं क्योंकि संपत्ति एक दायित्व में बदल गई है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हाल की बीरभूम यात्रा के दौरान पार्टी नेतृत्व के मंडल से दूर होने के संकेत स्पष्ट हो गए थे क्योंकि उनके द्वारा संबोधित विभिन्न जनसभाओं में उनकी एक भी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं किया गया था

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