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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन व बाढ़ से 22 की मौत

शिमला 14 Aug. (एजेंसी) । हिमाचल प्रदेश में दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण राज्यव्यापी बाढ़ और भूस्खलन के कारण सोमवार को कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने कहा कि राज्य की राजधानी में भगवान शिव के एक मंदिर के ढह जाने से नौ लोगों की मौत हो गई।

यह मंदिर समर हिल में स्थित था। आपदा के वक्त मंदिर में 25-30 लोग मौजूद थे। श्रावण मास के कारण मंदिर में भीड़ थी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, मलबे से पांच लोगों को निकाला गया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि अब तक नौ शव निकाले जा चुके हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, “स्थानीय प्रशासन लोगों को बचाने को मलबे को हटाने के लिए काम कर रहा है।”

एक अन्य प्राकृतिक आपदा में, सोलन जिले के कंडाघाट क्षेत्र में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद सात लोग जिंदा दफन हो गए।

यह आपदा राज्य की राजधानी से करीब 45 किलोमीटर दूर धवला उप-तहसील के जादोन गांव में देर रात करीब 1.30 बजे घटी।

अधिकारियों ने बताया कि चार शव बरामद कर लिए गए हैं और पांच को बचा लिया गया है। तीन लापता लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान जारी है।

बारिश के कहर ने बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचाया है और पहाड़ी राज्य में कई लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।

मंडी जिले में बारिश के कारण छह लोगों की मौत हो गई।

मंडी के डिप्टी कमिश्नर अरिंदम चौधरी ने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

मझवार गांव में दो घर और एक गौशाला क्षतिग्रस्त हो गए, जहां दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से बादल फटने और भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं, इससे जान-माल का नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा, “मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे फिसलन वाले क्षेत्रों से बचें और जल निकायों से दूर रहें।”

चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग शुक्रवार से मंडी और कुल्लू के बीच यातायात के लिए बंद है, जबकि सोमवार को भूस्खलन के कारण मंडी और कुल्लू के बीच वैकल्पिक मार्ग भी अवरुद्ध हो गए।

मनाली और कुल्लू के बीच ब्यास नदी का प्रवाह काफी बढ़ गया है। कुल्लू, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा तथा नूरपुर कस्बों में नदी से सटे क्षेत्र भी ऐसे ही हैं।

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नोएडा की कंपनी में भीषण आग, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने पाया काबू

नोएडा 14 Aug. (एजेंसी) । नोएडा के थाना फेस-2 इलाके में एक कंपनी के वेयरहाउस में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। इसकी सूचना लोकल पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

आग में किसी के जान के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी अभी मौके पर मौजूद है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि बाहर लगे ट्रांसफार्मर में हुई स्पार्किंग के चलते आग लगी।

गौतमबुद्ध नगर के चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप चौबे ने बताया की आज सुबह करीब 7:30 बजे नोएडा के थाना फेस 2 क्षेत्र में बी 120 सेक्टर 88 में एक कंपनी के वेयरहाउस में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगने की सूचना मिली थी।

इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को घटनास्थल पर रवाना किया गया।

मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

किसी के अंदर होने की और फसने की सूचना नहीं मिली है।

प्राथमिक जांच में पता चला है कि कंपनी के बाहर लगे ट्रांसफार्मर से शॉर्ट सर्किट होने की वजह से यह आग लगी थी

फिलहाल अब आग पर पूरी तरीके से काबू पा लिया गया है

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पंजाब के पठानकोट में बीएसएफ ने पाकिस्तानी घुसपैठिये को मार गिराया

चंडीगढ़ 14 Aug. (एजेंसी) । सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सोमवार को पंजाब के पठानकोट सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया।

बीएसएफ के एक बयान में कहा गया है कि लगभग 12.30 बजे बीएसएफ जवानों ने पठानकोट जिले के सिंबल सकोल गांव के पास सीमा बाड़ के आगे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए की संदिग्ध हरकत देखी।

इसमें कहा गया है कि घुसपैठिए को बार-बार चुनौती दी गई और बाद में आसन्न खतरे को रोकने के लिए आत्मरक्षा में उसे मार गिराया गया।

11 अगस्त को बीएसएफ ने तरनतारन सेक्टर में एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को उस वक्त मार गिराया था, जब वह सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था।

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कश्मीर घाटी में 33 साल बाद बिना किसी प्रतिबंध के मनेगा स्‍वतंत्रता दिवस

श्रीनगर 14 Aug. (एजेंसी)- कश्‍मीर घाटी में 33 साल के लंबे इंतजार के बाद सही मायने में सामान्‍य परिस्थितियों में स्‍वतंत्रता दिवस समारोहों का आयोजन होगा। अधिकारियों ने घाटी में स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच 15 अगस्त और उसके आसपास नागरिक आवाजाही पर सभी प्रतिबंध हटाने और मोबाइल फोन तथा इंटरनेट के सुचारू संचालन की घोषणा की है।

कश्मीर संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने 15 अगस्त के आसपास मोबाइल फोन और इंटरनेट को निलंबित करने से इनकार कर दिया है। यह पिछले कई वर्षों के विपरीत है जब अधिकारी 15 अगस्त के आसपास घाटी में मोबाइल फोन और इंटरनेट दोनों सेवाओं को निलंबित कर देते थे।

डिविजनल कमिश्नर ने यह भी कहा कि 15 अगस्त के आसपास और उस दिन घाटी में कहीं भी सार्वजनिक आवाजाही पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

कश्मीर के एडीजीपी विजय कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के सुचारू संचालन के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया गया है, जबकि ड्रोन निगरानी और हवाई रेकी नए सुरक्षा उपायों का हिस्सा होगी।

एडीजीपी ने आज यहां बख्शी स्टेडियम में आयोजित फुल-ड्रेस रिहर्सल के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हवाई रेकी और ड्रोन निगरानी इस साल 15 अगस्त को की गई सुरक्षा व्यवस्था का नवीनतम आयाम है।

घाटी में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह कई वर्षों के बाद बख्शी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। पिछले कई साल से यह समारोह शहर के सोनवार इलाके में शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा था।

एडीजीपी ने कहा है कि बख्शी स्टेडियम क्रिकेट स्टेडियम से कहीं बेहतर स्थल है।

उन्‍होंने कहा, “यहां हमारे पास उचित पार्किंग सुविधा और आवास सुविधा है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए लोगों को बड़ी संख्या में आना चाहिए।”

जम्‍मू-कश्‍मीर के उपराज्‍यपाल मनोज सिन्हा श्रीनगर में मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और सलामी लेंगे, जबकि विभिन्न जिला विकास आयुक्त अपने जिलों में समारोह का नेतृत्व करेंगे।

पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा बल तथा स्कूली बच्चों की टुकड़ियां बख्शी स्टेडियम में परेड का हिस्सा होंगी।

सोमवार को सभी स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थलों पर विविधता में एकता को उजागर करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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पीएम मोदी ने देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों को किया याद

नई दिल्ली 14 Aug. (एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1947 में हुए भारत के विभाजन और उस दौरान हुए लोगों के कष्ट और संघर्ष को याद करते हुए उन लोगों को नमन किया है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की बलि चढ़ गया था।वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1947 में धर्म के आधार पर हुए देश के विभाजन को भारत के इतिहास में एक काला अध्याय करार दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स ( पहले ट्विटर ) पर भारत विभाजन की विभीषिका को याद करते हुए कहा, ” विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन भारतवासियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने का अवसर है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की बलि चढ़ गया। इसके साथ ही यह दिन उन लोगों के कष्ट और संघर्ष की भी याद दिलाता है, जिन्हें विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ा। ऐसे सभी लोगों को मेरा शत-शत नमन। “

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्म के आधार पर विभाजन को काला अध्याय बताते हुए एक्स ( पहले ट्विटर ) पर कहा, ” 1947 में धर्म के आधार पर देश का विभाजन इतिहास में एक काला अध्याय है। इससे उत्पन्न हुई नफरत ने लाखों लोगों की जान ली और करोड़ों लोगों को विस्थापित किया। देश को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी और कई लोग आज भी इस विभीषिका का दंश झेल रहे हैं। आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन सभी लोगों को नमन करता हूं, जिन्होंने विभाजन के कारण अपनी और अपने परिजनों की जान गंवाई। “

आपको बता दें कि, भाजपा 14 अगस्त के दिन को पूरे देश में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर याद कर रही है और इसे लेकर पार्टी देशभर में कार्यक्रमों का भी आयोजन कर रही है।

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बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा

पटना 14 Aug. (एजेंसी): कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हुए अत्यधिक बारिश के कारण कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इससे कोसी के आसपास वाले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने की संभावना है।

बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने सोमवार को सुबह ट्वीट कर लिखा कि नेपाल में कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण सुबह वीरपुर स्थित कोसी बराज पर अधिकतम 4,62,345 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया है। इससे कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है।

उन्होंने आगे लिखा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं अभियंता अलर्ट हैं और सभी तटबंधों की दिन-रात निगरानी की जा रही है।

इधर, जल संसाधन विभाग के मुताबिक, वीरपुर बराज पर सुबह अधिकतम 4,62,345 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया है, जो इस वर्ष का अधिकतम जलस्राव प्रवाहित हुआ है। वर्ष 1989 के उपरांत अबतक का यह अधिकतम जलस्राव है।

उल्लेखनीय है कि कोसी नदी नेपाल प्रभाग से सुपौल जिलान्तर्गत वीरपुर में भारत भू-भाग में प्रवेश करती है। प्रवेश बिन्दु के निकट कोसी नदी पर कोसी बराज निर्मित है। कोसी नदी सुपौल, मधुबनी, सहरसा, दरभंगा, खगड़िया, मधेपुरा एवं कटिहार जिलों से प्रवाहित होते हुए कटिहार जिला के कुरसेला में गंगा नदी के बायें किनारे पर मिलती है।

विभाग के मुताबिक, कोसी नदी पर गेज स्थल बलतारा एवं कुरसेला मे पानी खतरे के निशान से उपर प्रवाहित हो रहा है।

इधर, नेपाल प्रभाग में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हुए वर्षापात के कारण सोमवार को सुबह आठ बजे वाल्मिकीनगर बराज से इस वर्ष का अधिकतम जलस्राव 3.03 लाख क्यूसेक प्रवाहित हुआ हैं एवं इसकी प्रवृति बढ़ने की है। वर्तमान में गंडक नदी पर गेज स्थल डुमरियाघाट में पानी खतरे के निशान से उपर प्रवाहित हो रही है।

कमला बलान नदी जयनगर एवं झंझारपुर रेलपुल पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि गंगा नदी का जलस्तर कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर स्थिर है, लेकिन बक्सर, दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, मुंगेर एवं भागलपुर के जलस्तर में कमी की प्रवृति है ।

इस बीच, कोसी, गंडक एवं कमला बलान नदियों में अप्रत्याशित जलस्राव के मद्देनजर सभी क्षेत्रीय अभियंताओं एवं जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। संबंधित जिला अधिकारियों को नाव, कैम्प की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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ठाणे में 18 मरीजों की मौत की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किया समिति का गठन

मुंबई 14 Aug, (एजेंसी): महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा किया कि राज्य सरकार ने ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में इलाज के दौरान 18 मरीजों की मौत के मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है।

बड़ी संख्या में मरीजों की अचानक मौत के कारण विपक्षी दलों के नेताओं ने इस घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि इस मामले की जांच करने के लिए स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति नियुक्त की गई है और इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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तिरुमाला मंदिर के पास लड़की को मारने वाला तेंदुआ पकड़ा गया

तिरूपति 14 Aug. (एजेंसी): तीन दिन पहले तिरूमाला मंदिर जाने वाले अलीपिरी फुटपाथ मार्ग पर छह साल की बच्ची को मार डालने वाले तेंदुए को सोमवार तड़के वन विभाग के कर्मियों ने पकड़ लिया।

लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के पास एक पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। यह वही जगह है, जहां 11 अगस्त की शाम को तेंदुए ने अपने माता-पिता से आगे चल रही लड़की पर हमला किया था।

तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम (टीटीडी) के कार्यकारी अधिकारी एवी धर्म रेड्डी ने कहा कि इसे तिरूपति एसवी चिड़ियाघर पार्क में स्थानांतरित किया जाएगा।

अधिकारी ने कहा कि विशेषज्ञ यह जांच करेंगे कि वह आदमखोर हो गया है या नहीं। वन विभाग बाद में तय करेगा कि तेंदुए को कहां छोड़ा जाए।

11 अगस्त की घटना के बाद, मंदिर निकाय ने तिरुमाला मंदिर के पैदल मार्ग के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर वन और पुलिस विभागों के साथ सुरक्षा बढ़ा दी है।

वन विभाग ने प्रशिक्षित कर्मियों के साथ ट्रैंक्विलाइज़र के साथ दो पिंजरे तैयार रखे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि तेंदुए की आवाजाही पांच स्थानों पर देखी गई।

तेंदुए ने लक्षिता (6) पर उस समय हमला किया, जब वह शुक्रवार को अलीपिरी फुटपाथ से तिरुमाला की ओर जा रही थी। वह अपने माता-पिता दिनेश और शशिकला से काफी आगे चल रही थी।

उसके माता-पिता ने उसकी तलाश की और टीटीडी अधिकारियों को सूचना दी। शनिवार सुबह बच्ची का शव नरसिम्हा स्वामी मंदिर के पीछे मिला।

दो माह में इसी फुटपाथ मार्ग पर यह तेंदुए के हमलेे की यह दूसरी घटना थी।इसके पहले 22 जून की रात अपने माता-पिता के साथ तिरुमाला की ओर ट्रैकिंग कर रहेे तीन साल के एक बच्चेे पर 7वें मील के पास तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था।

तीन दिन बाद तेंदुए को उसी स्थान के पास वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया।

ताजा घटना के बाद, टीटीडी ने दोपहर दो बजे के बाद 15 साल से कम उम्र के बच्चों को तिरुमाला मंदिर तक दोनों फुटपाथ मार्गों पर ट्रैकिंग करने के लिए अनुमति नहीं देने का फैसला किया।

अब 15 वर्ष से कम उम्र को बच्चेेसुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही अनुमति होगी।

एक अन्य अहम फैसले में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है।

टीटीडी के अध्यक्ष बी. करुणाकर रेड्डी सोमवार को टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, इसमें तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाए जाने वाले उपायों पर चर्चा की जाएगी।

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एक शख्‍स से 3.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में 2 लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली 14 Aug. (एजेंसी): दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक व्यक्ति से 3.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मधुर जैन और प्रॉपर्टी डीलर सर्बजीत सिंह के रूप में हुई।

शिकायतकर्ता सत्यन कपूर दिल्ली के लाजपत नगर इलाके में एक संपत्ति की तलाश कर रहे थे। वह प्रॉपर्टी एजेंट विजय मित्तल के संपर्क में आए, जिसने उसे लाजपत नगर-3 में एक संपत्ति के बारे में बताया और उसे सिंह और उसके सहयोगी सनी से मिलवाया।

उन्होंने दावा किया कि उषा रानी जैन संपत्ति की एकमात्र मालिक हैं और उनके पोते मधुर जैन जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) धारक हैं, जिनके पास इसे (संपत्ति) सरबजीत सिंह को बेचने का अधिकार था, जिन्होंने 5.11 करोड़ रुपये अग्रिम भुगतान किया था।

शिकायतकर्ता ने कहा, “आरोपी ने उसे 17.50 करोड़ रुपये में संपत्ति बेचने की पेशकश की। समझौते को अंतिम रूप देने से पहले उन्होंने संपत्ति पर हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड से मौजूदा ऋण का खुलासा किया। उन्होंने आश्‍वासन दिया कि पूरी ऋण राशि चुका दी जाएगी, और प्रारंभिक भुगतान किया जाएगा। ऋण चुकौती के लिए उपयोग किया गया।”

इन अभ्यावेदन के आधार पर कपूर संपत्ति खरीदने के लिए सहमत हुए। उन्होंने 3.50 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया।

कपूर ने दावा किया कि उन्होंने उषा रानी जैन नाम की एक महिला के साथ वीडियो कॉल की थी और उनके आश्‍वासन के बाद उन्होंने भुगतान किया।

पुलिस ने कहा, “हालांकि, कुछ समय बाद, कपूर को संपत्ति की मालिक उषा रानी जैन से एक कानूनी नोटिस मिला, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने अपने पोते मधुर जैन के पक्ष में कोई जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) जारी नहीं किया था, और प्रस्तुत जीपीए जाली था। और मनगढ़ंत। इसके बाद, कपूर ने एक शिकायत दर्ज की, जिसके कारण मामला दर्ज किया गया।”

“आरोपी मधुर जैन, दिल्ली विश्‍वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक, एक स्वतंत्र संपत्ति डीलर के रूप में काम करता था। हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के साथ मौजूदा बंधक के कारण उसे ऋण चुकाने के लिए धन की जरूरत थी। चूंकि संपत्ति उसकी दादी के नाम पर थी, इसलिए उसने कथित तौर पर एक संपत्ति डीलर बनाया। उसने शिकायतकर्ता को धोखा देकर अपने पक्ष में फर्जी जीपीए हासिल किया।”

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रेलवे क्लब पर छापा डालकर 34 लोगों को किया गिरफ्तार

अजमेर 14 Aug. (एजेंसी): राजस्थान में अजमेर शहर के अलवरगेट थानाक्षेत्र में रेलवे क्लब पर छापा डालकर पुलिस ने 34 लोगों को गिरफ्तार किया तथा चार लाख से ज्यादा की नकदी भी जब्त की है।

थानाप्रभारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि  मार्टिनडल ब्रिज स्थित अजमेर रेलवे बिसिट क्लब में जुआ खेलने की सूचना पर जिलापुलिस की स्पेशल टीम के साथ दबिश दी गई। मौके से छक्का दाना से जुआ खेलते 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया , जिनमें रेलवे कर्मी भी शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 लाख 170 रूपये भी जब्त किए। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी जुआरी अलवरगेट थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं।

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नौसेना के स्टील्थ फ्रिगेट को लॉन्च करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली ,13 अगस्त (एजेंसी) । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 अगस्त को कोलकाता में भारतीय नौसेना के लिए एक गुप्त युद्धपोत  का शुभारंभ करेंगी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम  गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित यह तीसरा और आखिरी स्टील्थ फ्रिगेट होगा।

इसे प्रोजेक्ट 17ए के तहत नौसेना के लिए बनाने हेतु युद्धपोत निर्माता को अनुबंधित किया गया था। विंध्यगिरि, जिसका नाम कर्नाटक की पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है, प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट्स का छठा जहाज है। ये युद्धपोत प्रोजेक्ट 17 क्लास फ्रिगेट्स (शिवालिक क्लास) के फॉलो-ऑन हैं, जिनमें बेहतर स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर और प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन सिस्टम हैं।

‘विंध्यगिरि’, एक तकनीकी रूप से उन्नत फ्रिगेट, अपने पूर्ववर्ती, पूर्ववर्ती आईएनएस विंध्यगिरि, लिएंडर क्लास एएसडब्ल्यू फ्रिगेट की विशिष्ट सेवा के लिए एक उचित श्रद्धांजलि देता है। 08 जुलाई 81 से 11 जून 12 तक अपनी लगभग 31 वर्षों की सेवा में पुराने विंध्यगिरि ने विभिन्न चुनौतीपूर्ण अभियानों और बहुराष्ट्रीय अभ्यासों को देखा था। नव नामित विंध्यगिरि स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के भविष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए अपनी समृद्ध नौसैनिक विरासत को अपनाने के भारत के दृढ़ संकल्प के प्रतीक के रूप में खड़ा है।

प्रोजेक्ट 17ए कार्यक्रम के तहत, मेसर्स एमडीएल द्वारा कुल चार जहाज और मेसर्स जीआरएसई द्वारा तीन जहाज निर्माणाधीन हैं। परियोजना के पहले पांच जहाज 2019-2022 के बीच एमडीएल और जीआरएसई द्वारा लॉन्च किए गए हैं।

प्रोजेक्ट 17ए जहाजों को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा इन-हाउस डिजाइन किया गया है, जो सभी युद्धपोत डिजाइन गतिविधियों के लिए अग्रणी संगठन है। ‘आत्मनिर्भरता’ के प्रति देश की दृढ़ प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रोजेक्ट 17ए जहाजों के उपकरणों और प्रणालियों के लिए 75% ऑर्डर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) सहित स्वदेशी फर्मों से हैं। विंध्यगिरि का प्रक्षेपण हमारे राष्ट्र द्वारा आत्मनिर्भर नौसैनिक बल के निर्माण में की गई अविश्वसनीय प्रगति का एक उपयुक्त प्रमाण है।

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प्रकाशक देश के भविष्य की दिशा तय करते हैं : प्रकाश नंदा

*पढ़ने वाले राष्ट्र का पोषण: भारत के बौद्धिक भविष्य के निर्माता के रूप में प्रकाशक *

*प्रकाशक पाठकों और लेखकों के बीच एक कड़ी के रूप में करते हैं कार्य*

नई दिल्ली, 13 अगस्त (एजेंसी)।  इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस 2023 के दूसरे दिन प्रकाशन उद्योग, सरकार और साहित्यिक समुदाय की प्रमुख हस्तियों की एक सभा देखी गई। फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय प्रकाशन परिदृश्य में विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देते हुए 50 वर्ष पूरे करने पर अपने स्वर्ण जयंती वर्ष का जश्न मना रही है।  द कलेरिजेस होटल, नई दिल्ली में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में ” भारत @ 2047: राष्ट्रनिर्माण में प्रकाशन की भूमिका” थीम पर देश के भविष्य की दिशा को आकार देने में प्रकाशन उद्योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

इस कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों के लिए चर्चा, बातचीत और नेटवर्किंग के अवसर शामिल थे। मध्यस्थों और वक्ताओं के प्रसिद्ध पैनल ने कॉन्फ्रेस में चार चांद लगा दिए।  प्रशांत नंदा, संसद सदस्य,  ने कहा कि  “इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस 2023 में आज की चर्चाएँ हमारे राष्ट्र के पथ पर गहरा प्रभाव डालने वाले प्रकाशन उद्योग की प्रकाशमान भूमिका को प्रदर्शित करती है। जैसा की हम भारत @ 2047: राष्ट्रनिर्माण में प्रकाशन की भूमिका” थीम पर चर्चा करते है तो यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रकाशक ही हमारे बौद्धिक भविष्य के निर्माता हैं। साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव ने थीम के महत्व पर जोर देते हुए कहा, ” भारत@2047 थीम हमें याद दिलाती हैं कि हमारे उद्योग का योगदान वाणिज्य से परे है। हमें अपने देश के बौद्धिक परिदृश्य को आकार देने का काम सौंपा गया है। नील्सन के  निदेशक विक्रांत माथुर,

बुकडाटा इंडिया और जीसीसी ने प्रकाशन उद्योग के बदलते परिप्रेक्ष्य पर अपने दृष्टिकोण साझा किए और तकनीकी प्रगति को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इस डिजिटल युग में प्रकाशकों के पास पढ़ने के अनुभव को बदलने का एक अनूठा अवसर है। यह परंपरा और नवीनता(इनोवेशन) के बीच सही संतुलन खोजने के बारे में है।

नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल युवराज मलिक ने दुनिया भर में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रकाशकों की सराहना की। उन्होंने कहा, “आज एक खास दिन है। मैं हर एक व्यक्ति की दो कारणों से सराहना करता हूं। पहला, ज्ञान का खजाना तैयार करने के लिए, अक्सर जानकारी के दस्तावेजीकरण में प्रकाशकों के महत्वपूर्ण योगदान पर लोगों का ध्यान नहीं जाता। दूसरा, प्रकाशक को व्यापारी की नजर से नहीं देखना चाहिए।

विश्व स्तर पर 10 व्यक्तियों के एक समूह की कल्पना करें और इसमें कोई संदेह नहीं है कि सभी 10 पुस्तक पाठक होंगे।कॉन्फ्रेंस दिल्ली हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस जसमीत सिंह राजपूत के समापन भाषण के साथ समाप्त हुई। उन्होंने अपने भाषण में कहा, “प्रकाशकों की भूमिका पाठकों और लेखकों को जोड़ने वाली होती है इसलिए लेखकों के दृष्टिकोण के साथ पाठकों की रुचियों का तालमेल अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में प्रकाशक एक महत्वपूर्ण पुल के रूप में काम करते हैं, जो दोनों को सहजता से जोड़ता है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स ने कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने के लिए सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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चाचा-भतीजा नहीं चाहते हैं कि दरभंगा में एम्स बने : अश्वनी चौबे

नई दिल्ली , 13 अगस्त (एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने बिहार की महागठबंधन सरकार पर दरभंगा में एम्स के लिए सही जगह पर जमीन नही मुहैयाकराने को लेकर आरोप लगाते हुए कहा कि चाचा -भतीजे नहीं चाहते हैं कि दरभंगा में एम्स बने। अश्वनी चौबे ने कहा कि सूप तो सूप चलनी भी बोली जिसमें बहत्तर छेद। अश्वनी चौबे ने कहा कि चाचा के जो भतीजे हैं उनकी पार्टी का पुराना इतिहास है जिनका कारनामा किसी से छिपा हुआ नहीं है।

अश्वनी चौबे ने कहा कि देश में जो सारे विपक्षी दलों ने मिलकर घमंडियां गठबंधन बनाया है जिनका विकास से कोई लेना-देना नहीं है। अश्वनी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दरभंगा में एम्स की स्वीकृति दी जा चुकी है, लेकिन राज्य सरकार जमीन मुहैया नहीं कराने की वजह से यहां की जनता की जो परेशानी है.

उसे देखकर मुझे इतना दुख हो रहा है कि गरीब लोग इलाज के लिए कितने परेशान होते हैं उन्हें अपना इलाज कराने के लिए पटना और दिल्ली का रास्ता देखना पड़ता है , जिसमें लाखों रुपए खर्च होते हैं और एक गरीब परिवार अपनी मेहनत की कमाई को इलाज के लिए खर्च करना पड़ता है, लेकिन इस घमंडियां गठबंधन की सरकार जिसके मुखिया चाचा- भतीजे को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि गरीब जनता इलाज के बिना मर रहा हो।

अश्वनी चौबे ने कहा कि इस चाचा भतीजे की सरकार को दरभंगा ही नहीं बल्कि पूरी बिहार की जनता सही जवाब देगी और जब चुनाव आएगी तो इन्हें सही आईना दिखाया जाएगा।

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77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मंच तैयार

*77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मंच तैयार*

  *प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी प्रतिष्ठित लाल किले से समारोह का नेतृत्व करेंगे*

 *समारोह को देखने के लिए देश भर से विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 1,800 लोगों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया*

नई दिल्ली , 13 अगस्त (एजेंसी)। प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी दिल्ली के प्रतिष्ठित लाल किले से 77वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने में देश का नेतृत्व करेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और ऐतिहासिक स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को पारंपरिक संबोधन देंगे। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोह का समापन होगा, जिसे प्रधानमंत्री ने 12 मार्च, 2021 को अहमदाबाद, गुजरात के साबरमती आश्रम से शुरू किया था और एक बार फिर, देश को नए सिरे से ‘अमृत काल’ में प्रवेश कराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है।

77वें स्वतंत्रता दिवस को मनाने के लिए कई नई पहल की गई हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल बड़ी संख्या में मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में लाल किले पर समारोह का हिस्सा बनने के लिए देश भर से विभिन्न व्यवसायों के लगभग 1,800 लोगों को उनके जीवनसाथी के साथ आमंत्रित किया गया है। यह पहल सरकार के ‘जनभागीदारी’ दृष्टिकोण के अनुरूप की गई है।

इन विशेष अतिथियों में 660 से अधिक जीवंत गांवों के 400 से अधिक सरपंच शामिल हैं; किसान उत्पादक संगठन योजना से 250; प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के 50-50 प्रतिभागी; नई संसद भवन सहित सेंट्रल विस्टा परियोजना के 50 श्रम योगी (निर्माण श्रमिक); 50-50 खादी कार्यकर्ता, सीमा सड़कों के निर्माण में शामिल लोग, अमृत सरोवर और हर घर जल योजना के साथ-साथ 50-50 प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, नर्स और मछुआरे। इनमें से कुछ विशेष अतिथियों का दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा करने और रक्षा राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट से मुलाकात करने का कार्यक्रम है।

प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से पचहत्तर (75) जोड़ों को भी उनकी पारंपरिक पोशाक में लाल किले पर समारोह देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, इंडिया गेट, विजय चौक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रगति मैदान, राज घाट, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन सहित 12 स्थानों पर सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों को समर्पित सेल्फी पॉइंट स्थापित किए गए हैं।  समारोह के हिस्से के रूप में, रक्षा मंत्रालय द्वारा 15-20 अगस्त तक MyGov पोर्टल पर एक ऑनलाइन सेल्फी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

लोगों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 12 में से एक या अधिक इंस्टॉलेशन पर सेल्फी लेने और उन्हें MyGov प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। प्रत्येक इंस्टॉलेशन से एक, बारह विजेताओं का चयन ऑनलाइन सेल्फी प्रतियोगिता के आधार पर किया जाएगा। विजेताओं को 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।लाल किले पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री  अजय भट्ट और रक्षा सचिव  गिरिधर अरामने करेंगे।

रक्षा सचिव दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का परिचय प्रधानमंत्री से कराएंगे। इसके बाद जीओसी दिल्ली क्षेत्र  नरेंद्र मोदी को सलामी अड्डे तक ले जाएगा जहां एक संयुक्त इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस गार्ड प्रधानमंत्री को सामान्य सलामी देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे।

प्रधानमंत्री के गार्ड ऑफ ऑनर दल में सेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी और 25 कर्मी और नौसेना से एक अधिकारी और 24 कर्मी शामिल होंगे।झंडा फहराए जाने के बाद तिरंगे को ‘राष्ट्रीय सलामी’ दी जाएगी। सेना का बैंड, जिसमें एक जेसीओ और 20 अन्य रैंक शामिल होंगे, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और ‘राष्ट्रीय सलामी’ प्रस्तुत करने के दौरान राष्ट्रगान बजाएगा।

बैंड का संचालन नायब सूबेदार जतिंदर सिंह करेंगे। मेजर निकिता नायर और मेजर जैस्मीन कौर राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। इसे विशिष्ट 8711 फील्ड बैटरी (औपचारिक) के बहादुर बंदूकधारियों द्वारा 21 तोपों की सलामी के साथ समन्वित किया जाएगा। सेरेमोनियल बैटरी की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल विकास कुमार द्वारा संभाली जाएगी और गन पोजिशन ऑफिसर नायब सूबेदार (एआईजी) अनूप सिंह होंगे।

राष्ट्रीय ध्वज गार्ड में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के पांच अधिकारी और 128 अन्य रैंक शामिल होंगे, जो प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय राष्ट्रीय सलामी देंगे। सेना के मेजर अभिनव देथा इस इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान संभालेंगे।राष्ट्रीय ध्वज गार्ड में सेना की टुकड़ी की कमान मेजर मुकेश कुमार सिंह, नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर हरप्रीत मान और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर श्रेय चौधरी के हाथों में होगी।

जैसे ही प्रधान मंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, लाइन एस्टर्न फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना के दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर मार्क-III ध्रुव द्वारा कार्यक्रम स्थल पर फूलों की वर्षा की जाएगी। हेलीकॉप्टर के कैप्टन विंग कमांडर अंबर अग्रवाल और स्क्वाड्रन लीडर हिमांशु शर्मा होंगे।पुष्पवर्षा के बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के भाषण के समापन पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट राष्ट्रगान गाएंगे. राष्ट्रीय उत्साह के इस उत्सव में देश भर के विभिन्न स्कूलों के एक हजार एक सौ (1,100) बालक और बालिका एनसीसी कैडेट (सेना, नौसेना और वायु सेना) भाग लेंगे।

ज्ञानपथ पर ब्लीचर्स लगाए गए हैं, जिस पर कैडेट्स सरकारी सफेद पोशाक में बैठेंगे।इसके अलावा, समारोह के हिस्से के रूप में एनसीसी कैडेटों को वर्दी में ज्ञान पथ पर बैठाया जाएगा। एक अन्य आकर्षण जी-20 लोगो होगा, जो लाल किले पर फूलों की सजावट का हिस्सा होगा।

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सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर, अनुच्‍छेद 370 को निरस्त करने की चुनौती पर हो रही सुनवाई

नई दिल्ली 13 Aug. (एजेंसी): भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की एक संविधान पीठ सोमवार और शुक्रवार को छोड़कर, 2 अगस्त से संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर लगातार सुनवाई कर रही है।

संविधान पीठ में शीर्ष अदालत के पांच वरिष्ठतम न्यायाधीश सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, और न्यायमूर्ति सूर्यकांत शामिल हैं।

राजनीतिक दलों, निजी व्यक्तियों, वकीलों, कार्यकर्ताओं द्वारा बड़ी संख्या में याचिकाएं दायर की गई हैं, इसमें पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छीनने वाले राष्ट्रपति के आदेश और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की संसद की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।

अब तक, उनके तर्क का मुख्य जोर यह रहा है कि जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा के विघटन के बाद संविधान के अनुच्छेद 370 ने स्थायी स्वरूप ग्रहण कर लिया है।

सुनवाई के दौरान संविधान पीठ ने बार-बार इस स्थायित्व पर संदेह जताया और एक मौके पर टिप्पणी की कि “यह कहना मुश्किल है कि अनुच्छेद 370 स्थायी है और इसे कभी भी निरस्त नहीं किया जा सकता है।” इसने याचिकाकर्ता पक्ष से ऐसे परिदृश्य पर विचार करने को कहा, जहां पूर्ववर्ती राज्य स्वयं भारतीय संविधान के सभी प्रावधानों को अपने क्षेत्र में लागू करना चाहता था।

दूसरे, यह तर्क दिया गया है कि अनुच्छेद 370 में अंतर्निहित संघवाद की अवधारणा को राष्ट्रपति या संसद की किसी भी कार्रवाई द्वारा निरस्त नहीं किया जा सकता है।

संविधान पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की है कि जम्मू-कश्मीर की संप्रभुता का भारत को समर्पण सशर्त नहीं था, बल्कि भारत के साथ विशेष संप्रभुता निहित करने वाला एक “पूर्ण” आत्मसमर्पण था।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा है कि राज्यों के साथ सहमति की आवश्यकता वाले संविधान के प्रावधान जरूरी नहीं कि भारत संघ की संप्रभुता को कमजोर करते हों।

वस्तुतः, जम्मू-कश्मीर के संविधान में ही प्रावधान है कि जम्मू-कश्मीर राज्य भारत संघ का अभिन्न अंग है और रहेगा।

इसी प्रकार, संविधान का अनुच्छेद 1 कहता है कि भारत ‘राज्यों का संघ’ होगा और इसमें संविधान की अनुसूची एक में जम्मू और कश्मीर राज्य शामिल है।

जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेता अकबर लोन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई की शुरुआत में कहा था कि भारत के साथ जम्मू-कश्मीर का एकीकरण “निर्विवाद है, निर्विवाद था और हमेशा निर्विवाद रहेगा”।

ब्रेकजि‍ट जैसे जनमत संग्रह का जिक्र करने वाले सिब्बल के सुझाव को पसंद नहीं किया गया और अदालत कक्ष के बाहर संविधान पीठ और बड़े पैमाने पर जनता ने इस पर नाराजगी व्यक्त की।

शीर्ष अदालत के समक्ष उठाए गए तर्क की एक और पंक्ति यह है कि 1957 के जम्मू और कश्मीर संविधान में जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति में बदलाव का कोई प्रावधान नहीं था।

हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने स्वयं सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष स्वीकार किया है कि निस्संदेह, भारतीय संविधान दोनों संविधानों के बीच श्रेष्ठ है।

लेकिन, याचिकाकर्ताओं ने संविधान पीठ के समक्ष आग्रह किया है कि मूल संरचना भारत और जम्मू-कश्मीर दोनों के संविधान से ली जानी चाहिए।

अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की सिफारिश करने में संसद द्वारा राज्य विधायिका की भूमिका निभाने का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष जोरदार ढंग से उठाया गया है।

यह तर्क दिया गया है कि “संविधान शक्ति” और “विधायी शक्ति” के बीच अंतर मौजूद है और एक विधान सभा को संविधान सभा में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है।

याचिकाकर्ताओं ने आगाह किया है कि दोनों को बराबर बताने वाली व्याख्या का खतरनाक प्रभाव होगा। “कल, संसद कह सकती है कि हम संविधान सभा हैं। वे बुनियादी ढांचे को खत्म कर सकते हैं,” सिब्बल ने संविधान पीठ के समक्ष तर्क दिया, उस स्थिति पर विचार करते हुए जहां संसद खुद को संविधान सभा में परिवर्तित कर देती है।

उन्होंने कहा, “इस मामले को भूल जाइए, मुझे हमारे भविष्य की चिंता है।”

उपरोक्त प्रस्तुतिकरण को महत्व मिला, क्योंकि सीजेआई चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की है कि संसद संविधान में संशोधन करती है, संविधान सभा की अपनी शक्ति का प्रयोग करके नहीं, हालांकि यह एक घटक शक्ति यानी संशोधन करने की शक्ति का प्रयोग कर रही है, लेकिन संविधान के भीतर प्रदान की गई रूपरेखा के भीतर।

अनुच्छेद 370 का सीमांत नोट, जिसे “जम्मू और कश्मीर राज्य के संबंध में अस्थायी प्रावधान” के रूप में पढ़ा जाता है, केंद्र द्वारा इसके निरस्तीकरण के समर्थन में दिया गया एक तर्क है।

लेकिन, याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि यह “अस्थायी” कानूनी प्रावधान की व्याख्या में बहुत ही न्यूनतम भूमिका निभाता है और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न पिछले निर्णयों का हवाला दिया है।

उन्होंने कहा है कि यह कहना गलत होगा कि अनुच्छेद 370 का खंड (3) अप्रासंगिक है और इसे संविधान सभा के रूप में पढ़ना संविधान के अनुच्छेद 370 (डी) में संशोधन के समान होगा, हालांकि इसे राष्‍ट्रपति के एक व्याख्या प्रावधान के माध्यम से डाला गया है।

संक्षेप में, याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा है कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए केंद्र द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह से “कानून के लिए अज्ञात” है।

सुप्रीम कोर्ट अपनी कार्रवाई का बचाव करने के लिए केंद्र से मौखिक दलीलें मांगने से पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से मौखिक दलीलें सुनना जारी रखेगा।

केंद्र, जो याचिकाकर्ताओं की ओर से मौखिक दलीलें समाप्त होने के बाद अपना मामला पेश करेगा, ने अपनी लिखित दलील में विशेष दर्जा रद्द करने का बचाव करते हुए कहा है कि अनुच्छेद 370 को कमजोर करने के उसके फैसले से क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास, प्रगति, सुरक्षा और स्थिरता आई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शीर्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया है कि आतंकवादियों और अलगाववादी नेटवर्क द्वारा सड़क पर हिंसा, अब अतीत की बात बन गई है और “आतंकवाद-अलगाववादी एजेंडे से जुड़ी संगठित पथराव की घटनाएं, जो कि बहुत अधिक थीं” 2018 में 1,767 की संख्या घटकर 2023 में अब तक शून्य हो गई है।”

इससे पहले, एक अन्य संविधान पीठ ने मामले को सात न्यायाधीशों की पीठ के पास भेजने की आवश्यकता के खिलाफ फैसला सुनाया था।

इस मामले में कश्मीरी पंडितों और उनके संगठनों द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदन अपने स्वतंत्र कानूनी पैरों पर खड़े नहीं दिखते बल्कि केंद्र के पक्ष में समर्थन का एक अंग जोड़ते हैं।

उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मैराथन कार्यवाही से निश्चित रूप से देश के संवैधानिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक निर्णय आएगा।

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आठ सितंबर तक किया जा सकेगा पीएचडी के लिए आवेदन

नई दिल्ली 13 Aug. (एजेंसी): देश के कई विश्वविद्यालयों में पीएचडी का इंट्रेंस एग्जाम अब हिंदी में भी आयोजित किया जाएगा। चार केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इसको स्वीकृति मिल चुकी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम संबंधी जानकारियां अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की है।

एनटीए ने दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू किया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 8 सितंबर है।

एनटीए का कहना है कि 8 सितंबर के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 9 सितंबर को करेक्शन विंडो खोली जाएगी। आवेदन के दौरान यदि छात्रों से कोई त्रुटि रह गई है या वे कोई अन्य जानकारी अपने फॉर्म में शामिल करना चाहते हैं तो और ऐसी स्थिति में छात्र, करेक्शन विंडो खुलने के बाद 11 सितंबर तक अपने आवेदन पत्र में सुधार कर सकेंगे।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक, पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) कर चुके छात्र, एंट्रेंस एग्जाम के लिए आवेदन कर सकते हैं। पीएचडी के लिए आवेदन हेतु कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

गौरतलब है कि पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम में पहले एग्जाम अंग्रेजी माध्यम में देने की व्यवस्था थी। उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्र इस व्यवस्था का लगातार विरोध कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि उनके इस विरोध के चलते परीक्षा की भाषा में हिंदी को भी शामिल किया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी आधिकारिक तौर पर परीक्षाएं हिंदी में कराने की घोषणा कर चुकी है और इसकी जानकारी एजेंसी ने अपनी वेबसाइट पर ही साझा की है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के इस निर्णय का असर देश के चार बड़े केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर में देखने को मिल रहा है अब यहां आयोजित की जानेवाली पीएचडी परीक्षाओं में एंट्रेंस एग्जाम का माध्यम हिंदी भी होगा।

हालांकि अंग्रेजी के इच्छुक छात्र पहले की तरह अंग्रेजी में परीक्षा देने के लिए स्वतंत्र होंगे।

इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है कि जो छात्र अंग्रेजी भाषा में एंट्रेंस एग्जाम देना चाहते हैं वे अंग्रेजी भाषा में परीक्षाएं दे सकेंगे, लेकिन हिंदी भाषा का विकल्प चुनने वाले छात्रों के लिए अब हिंदी में भी एंट्रेंस एग्जाम उपलब्ध होगा।

इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया है कि इन परीक्षाओं में अब निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

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केरल राज्य कांग्रेस पार्टी प्रमुख और पुलिस महानिरीक्षक को ईडी का नोटिस

तिरुवनंतपुरम 13 Aug. (एजेंसी): फर्जी एंटीक डीलर मोनसन मावुंकल के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सुधाकरन और केरल पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जी. लक्ष्मण पर शिकंजा कसते हुए उन्‍हें नोटिस थमाया है।

केपीसीसी अध्यक्ष को 18 अगस्त को कोच्चि में क्षेत्रीय कार्यालय में जांच एजेंसी के सामने पेश होना होगा।

इसी मामले में केरल पुलिस के महानिरीक्षक जी.लक्ष्मण को भी सोमवार 14 अगस्त को ईडी अधिकारियों के सामने पेश होना होगा।

यह नोटिस मोनसन मावुंकल के साथ उनके कथित परिचित होने से संबंधित है, जिन्हें नकली प्राचीन वस्तुओं के सौदे के लिए गिरफ्तार किया गया था। मामले में मोनसन न्यायिक हिरासत में हैं।

ईडी मोनसन मावुंकल के फर्जी एंटीक डीलिंग में पैसे के लेनदेन और कांग्रेस नेता और पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।

जांच एजेंसी ने सेवानिवृत्त पुलिस उपमहानिरीक्षक एस. सुरेंद्रन को भी नोटिस दिया है, जिन्हें 16 अगस्त को जांच अधिकारियों के सामने पेश होना होगा।

कोच्चि के एक नकली एंटीक डीलर मावुंकल के मित्र मंडली में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और नौकरशाहों सहित कई प्रमुख हस्तियां थीं। कई लोगों द्वारा उनके खिलाफ भारी रकम की धोखाधड़ी करने की शिकायत करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

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अमित शाह ने किया हर घर तिरंगा अभियान का उद्घाटन, बोले- हमें देश के लिए जीने से कोई नहीं रोक सकता

अहमदाबाद 13 Aug. (एजेंसी): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के अहमदाबाद में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्घाटन किया। यह आयोजन ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का हिस्सा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में राष्ट्रीय गौरव की मजबूत भावना पैदा करने के लिए अथक प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल हो गए हैं।

हम देश के लिए मर नहीं सकते क्योंकि देश पहले ही आजाद हो चुका है, लेकिन हमें देश के लिए जीने से कोई नहीं रोक सकता। शाह ने कहा कि पिछले साल के स्वतंत्रता दिवस पर कोई भी घर ऐसा नहीं था जहां तिरंगा न फहराया गया हो, यह एकजुट राष्ट्र को दर्शाता है।

अमित शाह ने आगे कहा कि उन्होंने कहा, जब हर घर पर तिरंगा लहराएगा तो पूरा देश ‘तिरंगामय’ हो जाएगा। आजादी मिलने के बाद देश के लिए मरना भले ही जरूरी न हो, लेकिन देश के लिए जीने का जुनून अटूट होना चाहिए। अमित शाह ने राष्ट्र के कल्याण के प्रति समर्पण की उत्कट भावना और इसके उज्ज्वल भविष्य में विश्वास व्यक्त किया।

गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय उत्सव के अगले चरण का रोडमैप भी साझा किया। जैसे ही ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ 15 अगस्त, 2023 को समाप्त होगा, उन्होंने घोषणा की कि तब से 15 अगस्त 2047 तक की अवधि को ‘आजादी का अमृत काल’ के रूप में मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह चरण आजादी के 75 से 100 वर्षों की यात्रा को चिह्नित करते हुए भारत को सभी क्षेत्रों में असाधारण बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जब शाह ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई, इस मौके पर उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया और आधारशिला रखी।

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हैदराबाद व सिकंदराबाद मंडलों में 20 ट्रेनें एक सप्ताह के लिए रद्द

हैदराबाद 13 Aug. (एजेंसी): दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने ढांचागत रखरखाव कार्यों के कारण हैदराबाद और सिकंदराबाद डिवीजनों में 20 ट्रेनों और 22 एमएमटीएस ट्रेनों को एक सप्ताह के लिए रद्द कर दिया है।

एससीआर ने घोषणा की कि 14 अगस्त से 20 अगस्त तक 20 ट्रेनें रद्द रहेंगी।

इनमें काजीपेट-दोर्नाकल, दोर्नाकल-काजीपेट, दोर्नाकल-विजयवाड़ा, विजयवाड़ा-दोर्नाकल, भद्राचलम रोड-विजयवाड़ा, विजयवाड़ा-भद्राचलम रोड, काजीपेट-सिरपुर टाउन, बल्हारशाह-काजीपेट, भद्राचलम रोड-बल्हारशाह, सिरपुर टाउन-भद्राचलम रोड, सिकंदराबाद -वारंगल, वारंगल-हैदराबाद, सिरपुर टाउन-करीमनगर, करीमनगर-सिरपुर टाउन, करीमनगर-निजामाबाद, निज़ामाबाद-करीमनगर, काजीपेट-बल्हारशाह, बल्हारशाह-काजीपेट, काचीगुडा-निजामाबाद और निज़ामाबाद-काचीगुडा।

दौंड-निजामाबाद मुदखेड-निज़ामाबाद के बीच और निज़ामाबाद-पंढरपुर निज़ामाबाद व मुदखेड के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी

हैदराबाद और लिंगमपल्ली, फलकनुमा और लिंगमपल्ली व उमदानगर और लिंगमपल्ली के बीच 22 एमएमटीएस ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं।

इस बीच, रेलवे अधिकारियों ने यह भी घोषणा की कि नांदेड़-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई) राज्य रानी एक्सप्रेस 13 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

इसी तरह, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई)-नांदेड़ को 14 और 15 अगस्त को रद्द कर दिया गया है।

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श्रीनगर तिरंगा रैली में जबरदस्त भागीदारी पर एलजी ने कहा ‘कश्मीर में बदलाव का सबूत’

श्रीनगर 13 Aug. (एजेंसी): जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि रविवार को श्रीनगर में ‘तिरंगा रैली’ में लोगों की जबरदस्त भागीदारी ने उन लोगों को गलत साबित कर दिया है जो कहते हैं कि अनुच्छेद 370 हटने पर कश्मीर में कोई भी राष्ट्रीय ध्वज नहीं उठाएगा।

सिन्हा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के उस भाषण की ओर इशारा कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया तो कश्मीर में कोई भी राष्ट्रीय झंडा नहीं उठाएगा।

श्रीनगर शहर में रविवार को तिरंगा रैली निकाली गई जिसमें सिन्हा भी शामिल हुए।

सिन्हा ने रैली के दौरान कहा, “आज हर हाथ में तिरंगा है और रैली में जबरदस्त उत्साह है। हर कश्मीरी इसके लिए तरस रहा था। आज की रैली में भारी भागीदारी उन लोगों के लिए कड़ा जवाब है जिन्होंने कभी दावा किया था कि अगर अनुच्छेद 370 हटा दिया गया तो घाटी में कोई भी तिरंगा नहीं उठाएगा।”

उन्होंने कहा कि न केवल प्रशासन और पुलिस अधिकारी, बल्कि बड़ी संख्या में श्रीनगर के लोगों को रैली में देखना गर्व का क्षण है।

उन्होंने इस बदलाव का श्रेय उन लोगों को दिया जिन्होंने तिरंगे के प्रति सम्मान दिखाने की अपनी जिम्मेदारी समझी।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा कि तिरंगा यात्रा में स्थानीय लोगों की व्यापक भागीदारी स्वागत योग्य है।

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर सभी मोर्चों पर स्थिति बहुत शांतिपूर्ण है, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को गुमराह करने की कोशिशें अभी भी जारी हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकियों की संख्या बहुत कम है और इस साल एलओसी पर सफल ऑपरेशन चलाए गए जिसमें बड़ी संख्या में घुसपैठिए मारे गए।

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उत्तर प्रदेश बदायूं के विनोद गुप्ता उत्तराखंड एमएसएमई पीसी के बने चेयरमैन

New Delhi. 13 Aug. (एजेंसी) /- भारत सरकार के उपक्रम एमएसएमई पीसी में उत्तर प्रदेश बदायूं के विनोद गुप्ता को उत्तराखंड प्रदेश का चेयरमैन नियुक्त किया है।

उत्तर प्रदेश बदायूं के विनोद गुप्ता ने समाज सेवा के अलावा उद्योग जगत के लिए काम किया है। वर्तमान में वे व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मैरिज लान ऑनर्स एसोसिएशन बदायूं के अध्यक्ष भी है। विनोद गुप्ता ने बताया कि वह उत्तराखंड प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने व भारत सरकार की उद्योग नीतियों को उद्यमियों तक पहुंचाने का काम करेंगे।

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हर घर तिरंगा अभियान को लेकर डाकघरों को करीब 2.5 करोड़ राष्ट्रीय ध्वज भेजे गए: संस्कृति मंत्रालय

नई दिल्ली 13 Aug. (एजेंसी) : संस्कृति मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने  बताया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत डाकघरों में बिक्री के लिए लगभग 2.5 करोड़ राष्ट्रीय ध्वज भेजे गए हैं. उन्होंने कहा कि जनभागीदारी बढ़ने के साथ यह अभियान ‘‘जन आंदोलन” बन गया है. केंद्रीय संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस अभियान को लेकर अभी देश में काफी उत्साह है, जिसे पिछले साल पहली बार शुरू होने पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 2023 में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को उसी बड़े पैमाने और प्रतिबद्धता के साथ मनाना है जैसा हमने पिछले साल किया था. पिछले साल की गई सभी तैयारियां इस साल भी कर ली गई हैं.” बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘वस्त्र मंत्रालय के माध्यम से, हमने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को झंडों की आपूर्ति सुनिश्चित की है. इस साल डाकघरों को लगभग 2.5 करोड़ ध्वज की आपूर्ति की गई है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा एक करोड़ था.”

संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस पहल के तहत डाक विभाग जनता को उच्च गुणवत्ता वाले राष्ट्रीय ध्वज बेचने और वितरित करने के लिए जिम्मेदार नामित इकाई के रूप में कार्य कर रहा है. एक बयान में संस्कृति सचिव के हवाले से कहा गया, ‘‘डाक विभाग ने इस वर्ष 2.5 करोड़ ध्वज के लिए मांग की है और 55 लाख ध्वज डाक घरों के माध्यम से पहले ही भेजे जा चुके हैं. वस्त्र मंत्रालय राज्यों को पहले ही 1.3 करोड़ ध्वज भेज चुका है.”

उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा करोड़ ध्वजों का निर्माण किया जा रहा है जो ध्वज विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के रुझान का संकेत देता है. मोहन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कम बिक्री का कारण यह भी है कि कई परिवार अभियान के तहत पिछले साल खरीदे गए झंडों का फिर से उपयोग करेंगे. मोहन ने कहा कि एक बैठक के दौरान, विभिन्न राज्यों के नोडल अधिकारियों ने बताया कि या तो मुख्यमंत्री या एक वरिष्ठ अधिकारी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से संबंधित गतिविधियों में भाग लेंगे.

उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री 14 अगस्त को ‘तिरंगा यात्रा’ का नेतृत्व करेंगे जो साबरमती रिवरफ्रंट से शुरू होगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह भी सूचना मिली है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भी ‘तिरंगा यात्रा’ में हिस्सा लेंगे.

केंद्रीय संस्कृति सचिव ने कहा कि 13 से 15 अगस्त तक सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में बड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ ‘प्रभात फेरी’ और ‘तिरंगा यात्राएं’ आयोजित की जाएंगी. मोहन ने कहा कि इस साल अब तक, संस्कृति मंत्रालय ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित ‘‘2,000 से अधिक कार्यक्रम” आयोजित किए हैं.

उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 26 करोड़ परिवार हैं और उनमें से लगभग सभी ने अपने परिसर में झंडा फहराया, जो देश के प्रति सम्मान और प्रेम का प्रतिबिंब है. पिछले साल, भारतीय ध्वज के साथ लगभग छह करोड़ सेल्फी ‘हर घर तिरंगा’ वेबसाइट पर अपलोड की गईं थीं. उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इस बार यह आंकड़ा बढ़ेगा.” सरकार आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 13-15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान मना रही है.

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आप देश कैसे चलाएंगे…पीएम के खूनी खेल वाले बयान पर ममता बनर्जी का तंज

पश्चिम बंगाल 13 Aug. (एजेंसी)/- खून से खेलने” वाली टिप्पणी के लिए पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा. पीएम मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन पर हर कदम पर राज्य को बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि बंगाल के लोगों ने कभी भी विभाजन की राजनीति के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया है. पीएम मोदी और ममता बनर्जी के बीच तनातनी ऐसे समय में हुई है जब भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा 2024 में राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 35 जीतने के गृह मंत्री अमित शाह के लक्ष्य को हासिल करने के तरीकों पर काम करने के लिए राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं.

प्रधानमंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पश्चिम बंगाल में भाजपा की क्षेत्रीय पंचायती राज परिषद को संबोधित करते हुए कहा, ”पंचायत चुनाव में देश ने देखा है कि कैसे तृणमूल कांग्रेस ने खूनी खेल खेला है…” तमाम ज्यादतियों के बावजूद, बंगाल की जनता ने भाजपा को आशीर्वाद देना जारी रखा और हमारे उम्मीदवार जीत गए. जब वे जीते, तो उन्हें जुलूस की अनुमति नहीं दी गई और उन पर जानलेवा हमले किए गए.” तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने पीएम के खिलाफ पार्टी की प्रतिक्रिया का नेतृत्व किया और कहा कि उन्होंने केवल राज्य में भाजपा नेताओं को खुश करने के लिए बंगाल को “अपमानित, वंचित, उत्पीड़ित किया और पीड़ा पहुंचाई.”

उन्होंने उन पर विदेशी देशों का दौरा करने, सौदे करने, उपहार देने, प्रमाणपत्रों के साथ लौटने और अपने दौरों के बारे में संसद को जानकारी देने की जहमत नहीं उठाने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा, “लोगों को मानवता का संदेश देने के बजाय, प्रधान मंत्री ने आज एक छोटे से कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल को बदनाम करने का फैसला किया. मैं बंगाल को याद करने के लिए व्यक्ति को नहीं, बल्कि पीएम की कुर्सी को धन्यवाद देती हूं. उन्होंने यहां केवल भाजपा नेताओं को संतुष्ट करने के लिए बंगाल का अपमान किया है.” .100 दिनों के काम (मनरेगा) योजना के तहत गरीब लोगों की मजदूरी रोक दी गई है. हमें इस योजना के लिए भारत सरकार द्वारा लगातार पांच बार शीर्ष राज्य के रूप में पुरस्कृत किया गया,

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल सीएम ने कहा, “मणिपुर पिछले 100 दिनों से जल रहा है. अगर प्रधानमंत्री मणिपुर जैसे छोटे राज्य में कानून-व्यवस्था को नियंत्रित नहीं कर सकते, तो वह पूरे देश को कैसे चला सकते हैं… अगर वह बंगाल को बदनाम करते और धमकाते रहते हैं तो वह देश को कैसे चला सकते हैं.” हर कदम पर यह याद रखना चाहिए कि बंगाल के लोगों ने कभी भी विभाजन और दंगों की राजनीति के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया है और लोगों का अंतिम फैसला होगा.”  बंगाल के मंत्री शशि पांजा ने भी भाजपा पर हमला किया और कहा कि पार्टी राज्य में अपनी हार को पचा नहीं पा रही है. ”

उन्होंने कहा कि आप बंगाल में हार गए हैं, आप 2021 में हार गए, भाजपा हार गई. यहां तक कि पंचायत चुनाव में भी हार गए. दरअसल आप इसे स्वीकार नहीं करना चाहते हैं. आप कहते हैं कि बंगाल में आतंक था. यह किसने किया? भाजपा कौन इसे शुरू किया? भाजपा,” वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ममता बनर्जी और तृणमूल पर लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश करने का आरोप लगाया. भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “अगर किसी ने लोकतंत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया है तो वह मोदीजी हैं. अगर किसी ने लोकतंत्र की हत्या करने की दिशा में काम किया है, तो वह ममता बनर्जी हैं. अगर किसी ने लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की है तो वह आप हैं, हमें यह याद रखना चाहिए. लेकिन मैं कुछ कहना चाहता हूं. जितना अधिक आप हमें कुचलने की कोशिश करेंगे, उतना ही हम समृद्ध होंगे और आगे आएंगे. ”

यह संकेत देते हुए कि राज्य पार्टी के लिए कितना महत्वपूर्ण है, गृह मंत्री शाह के भी इस महीने पश्चिम बंगाल में रहने की उम्मीद है. पश्चिम बंगाल 42 के साथ, राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है और गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 में 35 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है – जो 2019 में पार्टी को मिली 18 सीटों से दोगुने से भी अधिक है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा, जैसा कि 2021 के विधानसभा चुनाव और इस साल पंचायत चुनाव में हुआ था.

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ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 16 विद्यार्थी घायल

केंद्रपाड़ा,ओडिशा 13 Aug. (एजेंसी) : ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से सरकारी स्कूल के 16 विद्यार्थी घायल हो गये. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि गारदपुर प्रखंड में कुदानगरी आदर्श विद्यालय के पास 11 केवी विद्युत लाइन पर बिजली गिरी. इस आकाशीय बिजली का प्रभाव इतना जोरदार था कि स्कूल के हॉस्टल के एक कमरे में मौजूद छात्रों को भी झटके लगे.

पुलिस ने बताया कि बिजली गिरने से जो विद्यार्थी घायल हुए हैं उनमें दो छात्र और 14 छात्राएं शामिल हैं. सभी घायल कक्षा छह और सात के विद्यार्थी हैं.

जानकारी के मुताबिक, सभी घायल विद्यार्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. डॉक्टर प्रशांत कुमार जेना ने कहा कि सभी विद्यार्थियों की हालत खतरे से बाहर है.

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