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अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमियों के लिए सिडबी की नई ऋण योजना

जालंधर ,23 दिसंबर। स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ़ इंडिया (सिडबी ) के महाप्रबंधक व चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय प्रमुख बलबीर सिंह ने आज यहां राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला की उपस्थिति में अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमियों के लिए नई सुगम सावधि ऋण योजना ‘साथ’ की घोषणा की

योजना की घोषणा के अवसर पर सांपला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए बहुत उदारता से नई-नई योजनाएं ला रही है  इसी उद्देश्य से यह ऋण योजना लाई जा रही है  प्रधानमंत्री के ध्यान में इन वर्गों के लोगों का कल्याण सर्वोपरि है  इसी मंतव्य के तहत सिडबी की ये ऋण योजना लायी जा रही है जिसका लाभ उद्यमी अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए निश्चित रूप से ले सकेंगे
सांपला ने कहा कि सिडबी की इस ऋण योजना ‘साथ’ का लाभ देश भर के अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमी उठा सकेंगे  वह सिडबी प्रबंधन के आभारी हैं कि उन्होंने विशेष तौर पर होशियारपुर जिले व फगवाड़ा (कपूरथला जिला) के उद्यमियों को ये ऋण उपलब्ध करने का उनका आग्रह मान लिया

बैंक के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर सिवसुब्रमणियन रमण 28 दिसंबर को होशियारपुर में इस योजना के तहत होशियारपुर में एक कार्यक्रम में उक्त वर्गों के पात्र ऋण आवेदकों को ऋण पत्र प्रदान करेंगे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विजय सांपला होंगे  इस अवसर पर 500 से ज्यादा उद्यमियों के पहुंचने की संभावना है जो इस ऋण योजना का लाभ उठा सकेंगे

बलबीरसिंहने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय लघुउद्योग विकास बैंक (सिडबी) की इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमी नयी इकाई की स्थापना अथवा पहले से स्थापित यूनिट के विस्तार या आधुनिकीकरण के लिए ऋण ले सकेंगे  पहले से स्थापित और उत्पादन में संलग्न अथवा सेवाक्षेत्र की इन मझौली व् छोटी इकाइयों की स्थापना, विस्तार अथवा आधुनिकीकरण के लिए या इनकी अन्य पूंजीगत जरूरतें पूरी करने के लिए दिए जाने वाले कर्जे पर ब्याज की दर बहुत सुगम होगी  ऋण लेने वाला उद्यमी 25 लाख रुपए से 3 करोड़ रुपए तक कर्जा ले सकेगा जिसे अधिकतम  वर्ष की अवधि में चुकाना होगा

‘साथ’ नामक इस योजना के तहत इन इकाइयों द्वारा भूमि के अधिग्रहण, कार्यालय स्थापना, उपकरण, संयंत्र व् मशीनरी की खरीद के लिए ऋण लिया जा सकेगा इसका उपयोग पुराने ऋण चुकाने में नहीं हो सकेगा  पात्रता के आधार पर इन इकाइयों के लिए प्रोत्साहन भी दिए जा सकेंगे

इस योजना के अंतर्गत देश भर में ऋण देने की वयवस्था है अपितु सिडबी के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के तहत होशियारपुर जिले और फगवाड़ा (जिला कपूरथला) के उद्यमियों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा

प्राथिमकता एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों की उन इकाइयों के लिए दी जाएगी जिन्होंने भारत सरकार की ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना के तहत धन प्राप्त किया है उद्यमी का मौजूदा इकाई में परियोजना लागत का न्यूनतम 20 % योगदान होना चाहिए  नई इकाई के लिए न्यूनतम योगदान लागत का 25 त्न रखा गया है

ऋण लेने के पात्र जो उद्यमी कोलेट्रल सिक्योरिटी देने में असमर्थ हैं उन्हें सिडबी सीजीटीएमएसई (क्रेडिट गारन्टी फण्ड फार माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज) के माध्यम से सिक्योरिटी की यह राशि उपलबध कराएगी इसी तरह सीजीटीएमएसई की प्रोसेसिंग फीस का 50 % भी सिडबी ही देगा

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168.59 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में सीबीआई का एक्शन, पीएनबी के पूर्व प्रबंधक पर एफआईआर

नई दिल्ली ,23 दिसंबर (एजेंसी)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शिकायत पर उसके पूर्व प्रबंधक और दो निजी कंपनियों सहित अन्य के खिलाफ कथित रूप से 168.59 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया।

पीएनबी के तत्कालीन प्रबंधक, प्रिया रंजन कुमार, इलांगबम रानानंद, हेई ग्लोबल एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा और आंध्र प्रदेश स्थित एमडीए एंटरप्राइजेज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि अभियुक्तों ने बैंक प्रणाली के अवैध और अनधिकृत उपयोग के माध्यम से साजिश रची, 34 फर्जी बैंक गारंटी जारी किए और 168.59 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।

सीबीआई ने आरोपियों के आवासीय और कार्यालय परिसरों में नोएडा, सारण, पटना, तड़ीपत्री (आंध्र प्रदेश), थौबल (मणिपुर) सहित छह स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।

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राहत : सस्ती होंगी पैरासीटामॉल जैसी 127 दवाएं, एनपीपीए ने तय की कीमतें

नई दिल्ली ,22 दिसंबर (एजेंसी)। रोज इस्तेमाल में आने वाली पैरासीटामॉल जैसी कई दवाइयां सस्ती होने जा रही हैं। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने 127 दवाओं की कीमतों की सीमा तय की है। खास बात है कि इस साल लगातार 5वीं बार कुछ दवाओं की कीमत कम होने जा रही है। इनमें ऐसी कई दवाएं भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल कई मरीज बड़ी मात्रा में करते हैं।

127 दवाओं की सूची में नाम शामिल है। एक ओर जहां पैरासीटामॉल जैसी अधिकांश घरों में इस्तेमाल होने वाली दवा की कीमत कम होने वाली है। वहीं, कुछ दवाओं की कीमत में इजाफा हो सकता है।

फिलहाल, पैरासीटामॉल (650 एमजी) 2.3 रुपये प्रति टैबलेट की दर से बिक रही है। अब इसकी कीमत 1.8 रुपये प्रति टैबलेट तय की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा, ‘यह अच्छा फैसला है, लेकिन पैरासीटामॉल जैसी कुछ दवाओं की कीमत पहले ही कम है। एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स की कीमत के बढऩे से निर्माताओं के लिए आगे कीमते कम करने की गुंजाइश कम है। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में सप्लाई प्रभावित नहीं होगी।’

बंगाल कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिव सजल गांगुली ने बताया कि नए प्राइस टैग जनवरी के अंत तक आएंगे। उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर नई कीमतों के साथ दवाओं को बाजार में आने में एक महीने का समय लगता है। हमें अगले महीने के अंत तक नया स्टॉक मिल जाना चाहिए।’

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मुकेश अंबानी का बड़ा दांव, 2850 करोड़ में जर्मन कंपनी का भारतीय कारोबार खरीदा

नई दिल्ली ,22 दिसंबर (एजेंसी)। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। कंपनी के चेयरमैन और एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी एक के बाद एक बिग डील कर रहे हैं। इसी बीच मुकेश अंबानी ने नए साल से पहले एक और बड़ी डील की है। एशिया के दूसरे सबसे अमीर अरबपति मुकेश अंबानी ने जर्मनी की रिटेल विक्रेता मेट्रो एजी के भारत के कारोबार को खरीद लिया है। यह डील 2,850 करोड़ रुपए में हुई है। बता दें कि अरबपति मुकेश अंबानी भारत के विशाल रिटेल सेक्टर में अपनी प्रमुख स्थिति को मजबूत करना चाहता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (‘आरआरवीएल’) ने कुल 2,850 करोड़ रुपए के नकद विचार के लिए मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (‘मेट्रो इंडिया’) में 100त्न इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मेट्रो इंडिया ने 2003 में देश में कैश-एंड-कैरी बिजनेस फॉर्मेट पेश करने वाली पहली कंपनी के रूप में भारत में परिचालन शुरू किया था और वर्तमान में लगभग 3,500 कर्मचारियों के साथ 21 शहरों में 31 बड़े स्टोर संचालित करती है। मल्टी-चैनल क्च2क्च कैश एंड कैरी होलसेलर भारत में 3 मिलियन से अधिक क्च2क्च ग्राहकों तक पहुंच गया है, जिनमें से 1 मिलियन ग्राहक अपने स्टोर नेटवर्क और द्गक्च2क्च ऐप के माध्यम से अक्सर खरीदारी कर रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2021/22 (सितंबर 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष) में, मेट्रो इंडिया ने ?7700 करोड़ (क्926 मिलियन) की बिक्री की, जो भारत में बाजार में प्रवेश के बाद से इसका सबसे अच्छा बिक्री प्रदर्शन है। कंपनी ने एक बयान में कहा, यह अधिग्रहण रिलायंस रिटेल के फिजिटल स्टोर और सप्लाई चेन नेटवर्क, प्रौद्योगिकी प्लेटफार्मों और सोर्सिंग क्षमताओं में तालमेल और दक्षता का लाभ उठाकर उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों की बेहतर सेवा करने की क्षमता को और मजबूत करेगा। इस अधिग्रहण के माध्यम से, रिलायंस रिटेल को प्रमुख शहरों में प्रमुख स्थानों में स्थित मेट्रो इंडिया स्टोर्स के एक विस्तृत नेटवर्क तक पहुंच होगी।

रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, मेट्रो इंडिया का अधिग्रहण छोटे व्यापारियों और उद्यमों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से साझा समृद्धि का एक अनूठा मॉडल बनाने की हमारी नई स्ट्रेटेजिक के तहत है। मेट्रो इंडिया भारतीय बी2बी बाजार में प्रमुख और दिग्गज प्लेयर है और इसने मजबूत ग्राहक अनुभव प्रदान करने वाला एक ठोस मल्टी-चैनल प्लेटफॉर्म बनाया है।

मेट्रो एजी के सीईओ स्टीफन ग्रेबेल ने कहा: मेट्रो इंडिया के साथ, हम सही समय पर एक बहुत ही गतिशील बाजार में बढ़ते और लाभदायक थोक व्यापार को बेच रहे हैं। हमें विश्वास है कि रिलायंस में हमें एक उपयुक्त भागीदार मिला है जो सफलतापूर्वक इच्छुक और सक्षम है। इस बाजार के माहौल में भविष्य में मेट्रो इंडिया का नेतृत्व करें। बता दें कि रिलायंस 16,600 से अधिक स्टोरों के साथ भारत का सबसे बड़ा ब्रिक-एंड-मोर्टार रिटेलर है। वहीं, मेट्रो 34 देशों में होलसेल और फूड रिटेल में टॉप इंटरनेशनल एनालिस्ट है।

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जून तक राज्यों का 17,176 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा था बाकी : सरकार

नईदिल्ली, 21 दिसंबर (एजेंसी)। सरकार ने संसद में कहा कि जून 2022 तक राज्यों का 17,176 करोड़ रुपये का जीएसटी (माल एवं सेवा कर) मुआवजा लंबित था। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि केंद्र पांच साल के लिए राज्यों को जीएसटी मुआवजा दे रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान जब कोई जीएसटी नहीं एकत्र किया गया था, केंद्र सरकार ने 2020-21 और 2021-22 के दौरान क्रमश: 1.1 लाख करोड़ रुपये और 1.59 लाख करोड़ रुपये का ऋण लेकर राज्यों को मुआवजा दिया था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र ने कुछ हद तक जून तक के सारे बकाए का भुगतान कर दिया है और लगभग 17,000 करोड़ रुपये लंबित हैं। उन्होंने कहा कि जून 2022 तक तमिलनाडु का बकाया केवल 1200 करोड़ रुपये है।

उन्होंने कहा कि अगर किसी राज्य से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ तो संबंधित राशि को लंबित नहीं माना जा सकता है। सीतारमण ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि 2022-23 में शिक्षा क्षेत्र को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक कोष प्राप्त हुआ है, और इस क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘ वित्त आयोग ने स्थानीय निकायों को सीधे धन देने को कहा है। हमने वह दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने अनुभव को देखते हुए प्रधानमंत्री 14वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पर आसानी से सहमत हुए। उसके तहत स्थानीय निकायों को सीधे पैसा दिया जा रहा है।’

उन्होंने कहा कि सभी उपकर एक विशेष मकसद के लिए एकत्र किए जा रहे हैं। वह विशेष मकसद स्पष्ट रूप से राज्यों के जरिए ही पूरा किया जा रहा है। निस्संदेह उपकर केंद्र द्वारा एकत्र किए जा रहे हैं लेकिन केंद्र उन्हें अपने पास नहीं रखता है और इसे केवल राज्यों के माध्यम से ही खर्च किया जाता है।

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ट्विटर के सीईओ के पद से इस्तीफा देंगे एलन मस्क!

*बोले- जनता के फैसले का करूंगा सम्मान*

नई दिल्ली ,19 दिसंबर (एजेंसी)। ट्विटर के नए बोस एलन मस्क प्लैटफॉर्म पर लगातार कई तरह के बदलाव कर रहे हैं और हमेशा कुछ नया करने का प्रयास करते रहे हैं। चाहे बात हो ट्विटर के काम काज करने के तरीके की या फिर बात हो प्रीमियम अकाउंट्स की उन्होंने हर तरह के बदलाव प्लैटफॉर्म को आगे बढ़ाने के लिए उठाया है।

लेकिन, हाल ही में उन्होंने अपने टिवट्र प्रोफाइल पर एक पोल भी शेयर किये है जिसमें उन्होंने जनता से पूछा है कि क्या उन्हें ट्विटर हेड के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए? इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि जनता का जो भी फैसला होगा वे उसका सम्मान करेंगे और उसे मानेंगे भी।

अपने सवाल में उन्हीने जनता से पूछा है कि क्या मुझे ट्विटर के हेड के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए? सवाल पूछे जाने के बाद उन्होंने जनता से यह वादा भी किया है कि वे जनता के तरफ से मिली प्रतिक्रिया का सम्मान करेंगे और उन्हें मानेंगे भी। एलन मस्क के इस पोल पर अभी तक करीबन 71,49,886 लोगों ने वोट दिए हैं।

पोल जारी करने के बाद टिव् के सीईओ ने जनता से वादा किया कि उनकी तरफ से जो भी प्रतक्रिया आएगी मस्क उसका सम्मान करेंगे और उसे पूरे दिल से मानेंगे भी। बता दें एलन मस्क के तरफ से जारी किये गए इस पोल पर अभी तक 1.5 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं।

केवल यही नहीं उनके इस पोस्ट पर करीबन 1 लाख 17 हजार से ज्यादा रिट्वीट्स भी आ चुके हैं। एलन मस्क के तरफ से जारी किये गए इस पोल को समाप्त होने में अभी भी करीबन 9 घंटे का समय बाकी है।

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ट्विटर यूजर्स को लुभाने के लिए कू ने की पुराने ट्वीट माइग्रेट करने की पेशकश

*फ्री मिलेगा वेरिफिकेशन टिक*

नई दिल्ली ,19 दिसंबर (एजेंसी)। माइक्रो ब्लॉगिंग मंच ट्विटर के भारतीय प्रतिद्वंद्वी ‘कू’ ने ट्विटर उपयोगकर्ताओं के लिए सभी पुराने ट्वीट्स को अपने मंच पर ले जाने की पेशकश की है।

यह पेशकश उन लोगों के लिए है, जो ट्विटर से कू के मंच पर स्थानांतरित होने के इच्छुक हैं। कू के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा कि उनकी कंपनी आगे भी सत्यापन चिह्न देने के लिए उपयोगकर्ताओं से कोई शुल्क नहीं लेगी।

एलन मस्क ने गत अक्टूबर में 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद उसके कई वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। इसके साथ ही ट्विटर की मॉडरेशन नीतियों में बदलाव और खाता सत्यापन के लिए शुल्क लेने की बात कही गई।

ट्विटर ने हाल में कई वरिष्ठ पत्रकारों के खातों को भी बिना किसी चेतावनी के निलंबित कर दिया था। हालांकि, सरकारी अधिकारियों, पत्रकार संगठनों और पैरोकारी समूहों की कड़ी आलोचना के बाद उन खातों को उसे बहाल करना पड़ा।

इस बीच भारतीय भाषाओं में अपने विचार व्यक्त करने का मंच मुहैया कराने वाले कू के उपयोगकर्ताओं की संख्या पांच करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर चुकी है।

कू ने अब ट्विटर उपयोगकर्ताओं को लुभाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। इसके तहत स्व-सत्यापन और एक नि:शुल्क पीले सत्यापन बैज की पेशकश की जा रही है। ताजा पेशकश के तहत कू ने किसी भी पुराने ट्वीट को अपने मंच पर ले जाने की पेशकश की है।

राधाकृष्ण ने कहा कि ट्विटर द्वारा कई खातों के निलंबन के परिणामस्वरूप ‘बौद्धिक हत्या’ से बचने के लिए यह पेशकश की गई है। हालांकि, किसी अन्य उपयोगकर्ता के ट्वीट पर किए गए रिप्लाई, लाइक और शेयर को माइग्रेट नहीं किया जा सकता है।

राधाकृष्णन ने कहा, कू ने इस ‘ब्लैकहोल’ से बचने के लिए एक सरल और रोचक समाधान तैयार किया है। बस ‘कू में माइग्रेट करें’ सेटिंग के भीतर एक सरल बटन आपको अपने सभी ट्वीट्स को कू में माइग्रेट करने की अनुमति देता है।’

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वैज्ञानिकों ने तोड़ा रिकॉर्ड : ढूंढ निकाला 20 लाख साल पुराना डीएनए

*ध्रुवीय क्षेत्रों में मौजूद थे पेड़-पौधे और जीव-जंतु*

लंदन ,10 दिसंबर (एजेंसी)। वैज्ञानिकों ने पहली बार बीस लाख साल पुराने डीएनए का पता लगाया है। इस खोज ने दुनिया की सबसे पुरानी डीएनए खोज का दस लाख साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दरअसल, उत्तरी ग्रीनलैंड में हिमयुग तलछट में पर्यावरणीय डीएनए के सूक्ष्म टुकड़े पाए गए। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि टुकड़े साइबेरियाई विशाल हड्डी से लिए गए डीएनए के पिछले रिकॉर्ड की तुलना में एक मिलियन वर्ष पुराने हैं।

कैंब्रिज विश्वविद्यालय में सेंट जॉन्स कॉलेज के प्रोफेसर एस्के विलर्सलेव और कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में लुंडबेक फाउंडेशन जियोजेनेटिक्स सेंटर के भूविज्ञान विशेषज्ञ कर्ट एच. केजेर के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम ने 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है। टीम को उम्मीद है कि परिणाम आज के ग्लोबल वार्मिंग के लॉन्ग टर्म पर्यावरणीय टोल से संबंधित मदद कर सकते हैं।

विलर्सलेव ने नेचर में प्रकाशित एक पेपर में कहा, इतिहास के दस लाख अतिरिक्त वर्षों का एक नया अध्याय खोला गया है और हम अतीत के पारिस्थितिकी तंत्र के डीएनए को सीधे देख सकते हैं। डीएनए जल्दी से खराब हो सकता है लेकिन हमने दिखाया है कि सही परिस्थितियों में, हम समय में और पीछे जा सकते हैं, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।

पुरातन डीएनए के नमूने तलछट में दबे हुए पाए गए थे, जो 20,000 वर्षों की अवधि में बने थे। उस समय ग्रीनलैंड में जलवायु आर्कटिक और नरम के बीच भिन्न थी और आज ग्रीनलैंड की तुलना में 10-17 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म थी।

वैज्ञानिकों ने जानवरों, पौधों और सूक्ष्मजीवों के साक्ष्य की खोज की जिसमें हिरन, खरगोश, नींबू पानी, सन्टी और चिनार के पेड़ शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि मास्टोडन, एक हिमयुग स्तनपायी, बाद में विलुप्त होने से पहले ग्रीनलैंड तक घूमा करता था।

दो मिलियन वर्ष पुराने नमूने भी शिक्षाविदों को आज भी अस्तित्व में कई प्रजातियों के डीएनए की तस्वीर बनाने में मदद करते हैं।

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उबर को ग्राहकों के साथ ये काम करना पड़ा महंगा, कोर्ट ने लगाया 115 करोड़ रुपए का जुर्माना

नई दिल्ली ,08 दिसंबर (एजेंसी)। अमेरिकी राइडिंग सर्विस प्रदाता कंपनी उबर पर कोर्ट ने 115 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर ये जुर्माना ग्राहकों को गुमराह करने और गलत चेतावनी देने के लिए लगाया गया है। कंपनी पर राइड कैंसिल करने पर चार्ज वसूलने की धमकी देने और कुछ सवारियों को किराया बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप था। इस मामले में ऑस्ट्रेलियन कंपटीशन एंड कंज्यूमर कमीशन ने उबर के खिलाफ केस दर्ज किया था। हालांकि, यह जुर्माना राशि उबर की उम्मीद से कम है। उबर ने ग्राहकों से अपनी गलती के लिए माफी मांगी है।

ऑस्ट्रेलिया की फेडरल कोर्ट ने कहा कि अमेरिकी राइड-शेयरिंग ऐप की ऑस्ट्रेलियाई विंग ने 2017 से 2021 के बीच कुछ राइड कैंसिल करने पर ग्राहकों को चार्ज वसूलने की धमकी देकर और अगस्त 2020 तक पेश की जाने वाली टैक्सी सर्विस के लिए किराया तय करने के लिए गलत सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम का इस्तेमाल करके कंज्यूमर कानूनों को तोड़ा है। इसलिए ग्राहकों को गुमराह करने पर कोर्ट ने 115 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोका है।

उबर ने अपनी वेबसाइट पर एक पोस्ट में ऑस्ट्रेलियाई यूजर्स से माफी मांगी है। कंपनी ने लिखा कि जो गलतियां हमने की हैं, उसके लिए ऑस्ट्रेलियाई लोगों से माफी मांगते हैं, और संबंधित चिंताओं के आधार पर हमने अपने प्लेटफॉर्म में सक्रिय तौर पर बदलाव किए हैं। वही, जज माइकल ह्यूग ओÓब्रायन ने लिखित फैसले में कहा कि स्मार्टफोन ऐप में गलत जानकारी देकर उबर ग्राहकों के राइड कैंसिल संबंधी फैसलों को बदलना चाहता था। ्र

राइडिंग ऐप आपसी समझौते के तहत 143 करोड़ रुपए के जुर्माने पर सहमत हो गए थे। लेकिन ओब्रायन ने बताया कि दोनों पार्टियों द्वारा पेश किए गए सबूत बेहद नाकाफी थे, जिसमें ग्राहकों के नुकसान का अनुमान लगाना उनके ऊपर छोड़ दिया गया। सबूतों में सामने आया कि राइड कैंसिलेशन चार्ज के डर से 0।5 फीसदी उबर यूजर्स को मजबूरन राइड पर जाना पड़ा।

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भारत को वल्र्ड बैंक ने दी खुशखबरी, 2022-23 के जीडीपी विकास दर अनुमान में सुधार

नई दिल्ली ,07 दिसंबर (एजेंसी)। विश्व बैंक ने आज भारत को एक अच्छी खबर दी है। वल्र्ड बैंक  ने कहा कि बिगड़ते बाहरी वातावरण के बीच वित्त वर्ष 2022-2023 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि में गिरावट की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2022-2023 में जीडीपी विकास दर घटकर 6.9प्रतिशत रहने की उम्मीद है। विश्व बैंक ने जारी भारत से संबंधित अपडेट में कहा है कि अमेरिका, यूरो क्षेत्र और चीन के घटनाक्रमों का असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है।

हालांकि, विश्व बैंक ने भरोसा जताया है कि सरकार चालू वित्त वर्ष में 6.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। विश्व बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई 7.1 फीसदी प्रतिशत पर रहेगी।

विश्व बैंक के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में जीडीपी विकास दर घटकर 6.9प्रतिशत रहने की उम्मीद है जो कि 2021-22 के 8.7प्रतिशत के मुकाबले बड़ी गिरावट मानी जा रही है। हालांकि, अक्तूबर के अनुमान के मुकाबले इसमें सुधार हुआ है, क्योंकि विश्व बैंक ने अक्तूबर में 2022-23 की जीडीपी के लिए 6.5 फीसदी का ही अनुमान लगाया था।

बता दें कि ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी सकल घरेलू उत्पाद किसी एक साल में देश में पैदा होने वाले सभी सामानों और सेवाओं की कुल वैल्यू को कहते हैं। जीडीपी आर्थिक गतिविधियों के स्तर को दिखाता है और इससे यह पता चलता है कि किन सेक्टरों की वजह से इसमें तेज़ी या गिरावट आई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वन मंत्रालय, भारत सरकार जीडीपी का मूल्यांकन करती है।

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झटका : आरबीआई ने रेपो रेट 0.35 फीसदी बढ़ाया

*कार-होम और पर्सनल समेत सभी तरह के लोन होंगे महंगे*

मुंबई ,07 दिसंबर (एजेंसी)। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास अनुमान को घटाते हुये महंगाई में नरमी आने की उम्मीद जताते हुए नीतिगत दरों में 0.35 प्रतिशत की बढोतरी करने की आज घोषणा की जिससे घर, कार और पर्सनल के साथ ही हर तरह का ऋण महंगा हो जायेगा।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुयी मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय द्विमासिक समीक्षा बैठक में बहुमत के आधार पर यह निर्णय लिया गया। समिति की यह बैठक आज सुबह में समाप्त हुयी जिसमें लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए दास ने कहा कि समिति ने बहुमत के आधार पर रेपो दर में 0.35 प्रतिशत की बढोतरी करने का निर्णय लिया है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अब रेपो दर 5.90 प्रतिशत से बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो गयी है।

इस बढोतरी के बाद स्टैंडिंग डिपोजिट फैसिलिटी दर (एसडीएफआर) 5.65 प्रतिशत से बढ़कर 6.00 प्रतिशत, बैंक दर बढ़कर 6.50 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर (एमएसएफआर) भी 6.50 प्रतिशत हो गयी है। रिजर्व बैंक ने महंगाई को काबू में करने के लिए इस वर्ष मई में नीतिगत दरों में की गयी 0.40 प्रतिशत की बढोतरी के बाद से लगातार इसमें वृद्धि कर रहा है। मई के बाद जून, अगस्त और सितंबर में भी इन दरों में आधी आधी फीसद की वृद्धि की गयी थी। दिसंबर में रेपो दर में 0.35 प्रतिशत की बढोतरी की गयी है।

दास ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी भू राजनैतिक तनाव के साथ ही दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत बनी हुयी है। खरीफ के बाद अब रबी सीजन में बुवाई में आयी तेजी के बल पर आगे महंगाई में नरमी आने की उम्मीद है

लेकिन वैश्विक स्तर पर इसमें जारी उथल पुथल के कारण चुनौती बनी हुयी है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुये रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के विकास अनुमान को 7.0 प्रतिशत से कम कर 6.80 प्रतिशत कर दिया है।

समिति के छह में से चार सदस्यों ने नीतिगत दरों में बढोतरी और समायोजन वाले रूख को कायम रखने के पक्ष में मतदान किया जबकि दो ने इसका विरोध किया।

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आज से देश में चलेगा डिजिटल रुपी , कैश का झंझट खत्म!

नई दिल्ली ,01 दिसंबर (एजेंसी)। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रुपये-होलसेल सेगमेंट में पायलट के तौर पर शुरू करने के एक महीने बाद, केंद्रीय बैंक आज खुदरा डिजिटल रुपये के लिए पहला चरण लॉन्च करने जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि रिजर्व बैंक ने 1 दिसंबर को खुदरा डिजिटल रुपये के लिए पहला पायलट लॉन्च करने की घोषणा की है। पहले चरण में मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में लोग भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किए गए डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ई-आर के साथ लेनदेन कर सकेंगे। इस तरह से जेब में कैश रखने का झंझट खत्म हो जाएगा।

ईआर-आर एक डिजिटल टोकन के रूप में होगा जो कानूनी निविदा का प्रतिनिधित्व करता है। आरबीआई ने कहा कि यह उसी मूल्यवर्ग में जारी किया जाएगा जो वर्तमान में कागजी मुद्रा और सिक्के जारी किए जाते हैं। यह बिचौलियों और बैंकों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट में डिजिटल रुपी क्रिएशन, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल यूज की पूरी प्रोसेस को बारीकी से परखा जाएगा। इस टेस्ट से मिली लर्निंग पर रिटेल डिजिटल रुपी में बदलाव होंगे फिर सभी के इस्तेमाल के लिए इसे जारी किया जाएगा।

बता दें कि मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में लोग भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किए गए डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ई-आर के साथ लेनदेन करने में सक्षम होंगे और पहले चरण में 1 दिसंबर से मोबाइल फोन/उपकरणों पर संग्रहीत होंगे, जिसे बाद में 9 और शहरों में विस्तारित किया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट शुरुआत में चार शहरों, मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर को कवर करेगा और बाद में अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला तक इसका विस्तार किया जाएगा।

पहला चरण देश भर के चार शहरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के चार बैंकों के साथ शुरू होगा। केंद्रीय बैंक के अनुसार, इस पायलट में चरणबद्ध भागीदारी के लिए आठ बैंकों की पहचान की गई है। बाद में चार और बैंकों, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को इस पायलट में शामिल किया जाएगा।
इस तरह से होगा डिजिटल रुपये से लेन-देन

उपयोगकर्ता भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किए गए और मोबाइल फोन/उपकरणों पर संग्रहीत डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ईआर-आर के साथ लेनदेन करने में सक्षम होंगे। लेन-देन व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-व्यापारी दोनों हो सकते हैं। मर्चेंट स्थानों पर प्रदर्शित त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड का उपयोग करके व्यापारियों को भुगतान किया जा सकता है।

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महिलाओं के नेतृत्व वाली किनारा कैपिटल ने भारत में एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये जुटाए

नई दिल्ली ,28 अक्टूबर (आरएनएस/FJ)। एमएसएमई के लिए असुरक्षित व्यावसायिक ऋण प्रदान करनेवाली किनारा कैपिटल ने कहा कि उसने यूके के विकास वित्त संस्थान और प्रभाव निवेशक, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (बीआईआई) के नेतृत्व में 200 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

ट्रिपल जंप द्वारा सलाह दिए गए मौजूदा इक्विटी निवेशकों नुवीन और एएसएन माइक्रोक्रेडिटफॉन्ड्स ने भी फंडिंग राउंड में भाग लिया।

इस फंडिंग के साथ, किनारा कैपिटल का लक्ष्य 2025 तक 5 गुना बढऩे और 6,000 करोड़ रुपये के प्रबंधन के तहत संपत्ति (एयूएम) तक पहुंचने का है।

किनारा कैपिटल के संस्थापक और सीईओ, हार्दिक शाह ने कहा, बीआईआई, नुवीन और ट्रिपल जंप की संयुक्त विशेषज्ञता और पूंजी निवेश, भारत में एमएसएमई क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किनारा कैपिटल की पेशकशों का विस्तार करेगा। इस समर्थन के साथ, हम, किनारा कैपिटल में, वित्तीय समावेशन के अपने मिशन को पूरा करने के लिए और अधिक प्रेरित हैं।

विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में 300 से अधिक एमएसएमई उप-क्षेत्र 1-30 लाख रुपये की सीमा में माईकिनारा कोलेट्रल-फ्री व्यापार ऋण का डिजिटल रूप से लाभ उठा सकते हैं।

किनारा कैपिटल की अगले तीन वर्षो में 100 से अधिक शहरों में 2,00,000 से अधिक एमएसएमई तक पहुंचने की योजना है।

कंपनी ने कहा कि इस वृद्धि के सामाजिक प्रभाव से स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में 1 मिलियन से अधिक नौकरियों का समर्थन करने और छोटे व्यवसाय उद्यमियों के लिए वृद्धिशील आय में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का सृजन होने की उम्मीद है।

किनारा कैपिटल के अन्य मुख्य इक्विटी निवेशकों में गाजा कैपिटल, गावा कैपिटल, माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन (एमएसडीएफ) और पटामार कैपिटल शामिल हैं।

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इलेक्ट्रिक गाडिय़ों की खरीदारी पर 10 हजार से लेकर 20 लाख तक की छूट

*लागू हुई नई पॉलिसी*

रांची, (झारखंड) 21 अक्टूबर (FJ) । झारखंड सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अपनी नई पॉलिसी का एलान कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक राज्य में कुल वाहनों में 10 प्रतिशत इलेक्ट्रिक व्हीकल हों। सरकार ने इन वाहनों की खरीदारी करने पर 10 हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक की छूट देने की घोषणा की है। रोड टैक्स और परमिट पर भी रियायत दी जाएगी। राज्य सरकार के कर्मियों को इलेक्ट्रिक दोपहिया या चारपहिया वाहन खरीदने पर 100 फीसदी इंटरेस्ट सब्सिडी दी जाएगी।

सरकार की ओर से नोटिफाई की गई नई पॉलिसी के अनुसार, इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 1.50 लाख रुपये तक की छूट का लाभ हासिल कर सकेंगे। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर 10 हजार रुपये तक का डिस्काउंट मिलेगा। कॉमर्शियल उद्देश्य से इलेक्ट्रिक ऑटो की खरीद पर 30 हजार रुपये की छूट हासिल होगी। सरकार चाहती है कि राज्य में ई-बसों का बड़े पैमाने पर परिचालन हो। लिहाजा, ऐसी बसों की खरीदारी पर लगभग 20 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है।

छूट की इन योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ सबसे पहले खरीदारी करने वाले ग्राहकों को मिलेगा। इवी के पहले 10 हजार खरीदार को 100 प्रतिशत, 10 से 15 हजार खरीदारों को 75 प्रतिशत और इसके बाद खरीदारी करने वालों 25 फीसदी तक की छूट दी जा सकती है। पॉलिसी में यह व्यवस्था की गई है कि खरीदारों को किसी भी स्थिति में कुल कीमत के लिहाज से 10 प्रतिशत की छूट उपभोक्ताओं को मिलेगी। इसमें वाहन पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स से पूर्ण छूट का भी एलान किया गया है।

सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों को झारखंड में प्रोडक्शन यूनिट लगाने पर आकर्षक ऑफर का एलान किया है। ऐसी कंपनियों को दो करोड़ से लेकर 30 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। यह लाभ हासिल करने के लिए उन्हें झारखंड की ईवी पॉलिसी के लॉन्च के बाद से पहले दो वर्षों के भीतर राज्य में प्रोडक्शन यूनिट लगानी होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एडवांस केमेस्ट्री सेल बैटरी का भी उत्पादन शुरू हो जाए। सरकार की योजना के मुताबिक हर तीन किमी के दायरे में एक चार्जिंग स्टेशन और नेशनल हाईवे पर हर 24 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन लगाये जायेंगे।

शहरी क्षेत्रों में हर 10 लाख की आबादी पर 50 चार्जिंग स्टेशन खोलने की तैयारी है। यह पॉलिसी पांच सालों के लिए लागू की गई है। सरकारी कार्यालयों में भी कार्यालय इस्तेमाल के लिए इवी के ही इस्तेमाल पर पर जोर दिया जायेगा।

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अब साल में सिर्फ 15 गैस सिलेंडर ही ले सकेंगे ग्राहक,महीने का कोटा भी तय

नई दिल्ली ,29 सितंबर । अब घरेलू रसोई एलपीजी गैस सिलेंडर की संख्या ग्राहकों के लिए फिक्स हो गई है। नए नियम के मुताबिक, अब ग्राहक एक साल में सिर्फ 15 सिलेंडर ही खरीद सकेंगे।

एक साल में किसी भी ग्राहक को 15 सिलेंडर से ज्यादा नहीं दिए जाएंगे। इसके अलावा ग्राहक सिर्फ महीने में दो सिलेंडर ही ले सकेंगे। ग्राहकों को 2 से ज्यादा सिलेंडर नहीं मिलेंगे। अभी तक सिलेंडर पाने के लिए महीने या साल का कोई कोटा तय नहीं था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नए नियम के हिसाब से अब साल में सब्सिडी वाले 12 सिलेंडरों की संख्या 12 होगी। इसके ज्यादा अगर आप सिलेंडर खरीदते हैं तो उस पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। बाकी के सिलेंडर ग्राहकों को बिना सब्सिडी के ही खरीदने होंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, राशनिंग के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। ये नियम लागू किए जा चुके हैं। खास बात यह है यह नए नियम इसलिए लागू किए गए हैं.

क्योंकि काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि घरेलू गैर सब्सिडी की रीफिल कॉमर्शियल से सस्ती होने की वजह से वहां इसका इस्तेमाल ज्यादा होने लगा था। जिसके कारण सिलेंडर पर राशनिंग की गई है।

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कम हो सकते हैं एलपीजी सिलेंडर के दाम, सरकार ने दिए संकेत

नई दिल्ली ,26 सितंबर (एजेंसी) । कुछ ही दिनों में नया महीना शरू हो जाएगा। नियमों के अनुसार हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर के नए दाम जारी कर दिए जाएंगे। 1 अक्टूबर से सरकार की तरफ से कई बदलाव किये जाएंगे। इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। इन बदलावों में गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर स्मॉल सेविंग्स स्कीम तक कई अन्य बदलाव शामिल है। चलिए हम आपको बताते हैं 1 तारीख से आप पर कितना बोझ बढ़ सकता है और किन नियमों में 1 तारीख से बदलाव होने वाला है।

हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर के नए दाम जारी किये जाते हैं। ऐसे में इस बार ये उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार की तरफ से गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की जा सकती है। दरअसल, नेचुरल गैस की कीमतों में कमी के कारण घरेलु गैस में गिरावट देखने को मिल सकती है ऐसी उम्मीद की जा रही है।

हर तीन महीने में केंद्र सरकार की ओर से स्मॉल सेविंग्स स्कीम के ब्याज दरों में बदलाव किया जाता है। ऐसी में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार जल्द ही पीपीएफ, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना में मिलने वाले ब्याज की राशि में इजाफा कर सकती है। बता दें कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से 30 सितंबर को नई ब्याज दरों का ऐलान किया जा सकता है। ये नई ब्याज दरें 1 अक्टूबर से लागू हो सकती हैं।

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नवरात्री से रियल एस्टेट सेक्टर को है उम्मीद

नई दिल्ली ,26 सितंबर (एजेंसी)। जैसा की हम सभी जानते हैं की वैश्विक महामारी कोविड 19 के कारण रियल एस्टेट सेक्टर भी परेशानी में रहा और अब जब स्थिति सामान्य होने लगी है तो यह सेक्टर एक बार फिर से सुचारु तरीके से चलने के लिए अग्रसर है । इसमें सरकार ने भी काफी मदद की और आम लोगों के सपनों को उड़ान देने के लिए नवरात्रों और दीपावली पर रियल्टी सेक्टर विशेष ऑफर देने की कोशिश में जुटे हैं। रोटी, कपड़ा और मकान हर घर परिवार की जरूरत से जुड़ा है। बाजार का पहिया घूमने के लिए बेताब है। ऐसे में रियल एस्टेट कारोबार को भी काफी उम्मीद है।

मनोज गौड़ के अध्यक्ष क्रेडाई एनसीआर के अनुसार, त्योहारों के मौके पर रियल एस्टेट सेक्टर पर प्रभाव पर श्री मनोज गौड़ के अध्यक्ष क्रेडाई एनसीआर ने कहा , हम पिछले 1 साल से रियल एस्टेट बाजार में पहले से ही उछाल देख रहे हैं। ब्याज दर में वृद्धि का बाजार पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है और खरीदारों की दिलचस्पी खरीदने के लिए है। हमें उम्मीद है कि पिछले साल की तुलना में इस त्योहारी सीजन में बिक्री कम से कम 30प्रतिशत अधिक होगी। इसके अलावा बहुत कम इन्वेंट्री के लिए तैयार हैं और अधिकांश खरीदार निर्माणाधीन घरों की ओर बढ़ रहे हैं।

प्रदीप अग्रवाल, अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशक, सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड. के अनुसार, कार, घर या जमीन जैसी नई चीजें खरीदने के लिए त्योहारी सीजन को सबसे शुभ माना गया है। अधिकांश भारतीय इस दौरान प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना चाहते हैं । लोगों की धार्मिक मान्यताओं और विचारधाराओं के कारण इस प्रवृत्ति के पीछे के दृष्टिकोण और घटना को अच्छी तरह से प्रलेखित किया गया है। यह रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट के लिए एक शुभ समय के रूप में देखा जाता है, और खरीदार भी आकर्षक और मुफ्त ऑफऱ जैसे रियायती घर की कीमतें, मुफ्त कार पार्किंग या अन्य सुविधाएं और छूट, वाउचर, कूपन आदि देखते हैं। यह विशेष रूप से एक ऐसा समय है जो एक अतिरिक्त निवेश का साक्षी है। अफोर्डेबल और मिड बजट हाउसिंग में छूट के कारण फीजिबल रेट्स और भी अधिक उचित हो जाती हैं। डेवलपर्स द्वारा दिए गए कई ऑफर्स के कारण त्योहारी सीजन के दौरान एक आम आदमी के लिए रियल एस्टेट पर दांव लगाना आर्थिक रूप से व्यावहारिक हो जाता है।

रहेजा डेवेलपर्स के नयन रहेजा इस बारे में कहते हैं, नवरात्रि का त्योहार शुभ शुरुआत के लिए एक पहचान के रूप में जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं को दृढ़ता से बनाए रखा जाता है और पीढिय़ों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है और लोगों के निर्णय लेने को प्रभावित करता है। खरीदारों को लगता है कि नवरात्रि के दौरान संपत्तियों में निवेश करना सबसे अच्छा है क्योंकि वे डेवलपर्स द्वारा लॉन्च और घोषित किए गए विभिन्न प्रकार के छूट ऑफऱ, कूपन और उपहारों के विशेषाधिकार प्राप्त अंत में हैं। नतीजतन, उस समय बाजार की भावना सकारात्मक होती है, और लाभों का एक बंदरगाह खरीदारों को संपत्ति निवेश में संलग्न करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे बिक्री में वृद्धि होती है।

अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल का कहना है की हमारे यहाँ नवरात्र से कोई भी नई चीज जैसे घर, कार, आभूषण इत्यादि लेना शुरू से ही सही माना गया है. इसके पीछे कई कारण हैं जिनमें उचित दाम और इन त्याहारों के प्रति लोगों की आस्था शामिल है. त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद भी काफी समय तक इस सेक्टर को आगे बढ़ाते रहेगा।

रितु अहलावत, सीईओ, इन्वेस्टीनप्रो ने कहा, त्योहारी सीजन रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बुकिंग में शानदार उछाल लेकर आएगा। क्योंकि इस दौरान संपत्ति निवेश की गतिविधियां बढ़ जाती है। जैसे-जैसे कोविड का असर कम हुआ है, वैसे वैसे अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ी है और इसका सकारात्मक असर त्योहारों के समय रियल एस्टेट में मांग में वृद्धि के रूप में दिखाई देगा। इसके साथ ही डेवलपर्स इस अवसर को भुनाने के लिए बुकिंग पर छूट, मुफ्त उपहार वाउचर और लचीली भुगतान सुविधा जैसे मूल्यवान ऑफऱ भी पेश कर रहे हैं, जो खरीदारों को आकर्षित करेंगे।

पुष्पेंद्र सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर जेएमएस ग्रुप ने कहा, यह साल का वह समय है जब पूरा देश त्योहारों के मौसम के लिए तैयार होता है जो गणेश चतुर्थी के साथ शुरू होता है और दिवाली के साथ चरम पर पहुंच जाता है। ऐसे समय में खरीदारी की फुहारों के अलावा और निवेश भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर घर व ज्वेलरी । चूंकि त्यौहार अक्सर नई शुरुआत और समृद्धि के लिए खड़े होते हैं, इस समय के आसपास संपत्ति खरीदना एक निवेश के रूप में देखा जाता है जो कभी गलत नहीं हो सकता। रियल एस्टेट निवेश समय के साथ महत्वपूर्ण रिटर्न लाने का वादा करता है और त्योहारी सीजन के दौरान खरीदारी का पसंदीदा विकल्प है।

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विंडोशील्ड में गड़बड़ी के चलते टेस्ला ने 11 लाख वाहनों को वापस बुलाया

सैन फ्रांसिस्को ,26 सितंबर (एजेंसी) । एलन मस्क द्वारा संचालित टेस्ला ने विंडोशील्ड में गड़बड़ी के चलते लगभग 11 लाख वाहनों को वापस बुला लिया है। इन टेस्ला कारों की खिड़कियां बंद करते समय कुछ वस्तुओं को नहीं पहचानती हैं, जिसके परिणामस्वरूप गाड़ी में बैठने वाले को चोट लग सकती है।

रिकॉल में 2017-2022 मॉडल 3, 2020-2021 मॉडल वाई और 2021-2022 मॉडल एस और मॉडल एक्स वाहन शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक कार निर्माता ने कहा कि यह प्रभावित वाहनों के लिए एक ओवर-द-एयर (ओटीए) फर्मवेयर अपडेट जारी करेगा जो वाहन के स्वचालित विंडो रिवर्सल सिस्टम व्यवहार में सुधार करेगा।

गुरुवार को नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (एनएचटीएसए) को सौंपी गई अपनी सेफ्टी रिकॉल रिपोर्ट में, टेस्ला ने कहा कि 12 सितंबर को, कंपनी ने निर्धारित किया कि परीक्षण के परिणामों में पिंच डिटेक्शन और र्रिटेक्शन परफॉर्मेंस स्प्रिंग फोर्स और रॉड कॉन्फिगरेशन के आधार पर एफएमवीएसएस 118, सेक्शन 5 (ऑटोमैटिक रिवर्सल सिस्टम) की आवश्यकताओं को पार कर गया।

तदनुसार, टेस्ला ने स्वैच्छिक रिकॉल जारी करने का ²ढ़ संकल्प किया।

टेस्ला ने कहा कि अगर एक खिड़की बंद होते समय बाधा पैदा करती है, तो स्थिति में रहने वाले को चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।

मई में, इलेक्ट्रिक कार निर्माता ने ओवरहीटिंग सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) के कारण टचस्क्रीन मुद्दों को ठीक करने के लिए 1,30,000 कारों को वापस बुलाया था।

एलन मस्क द्वारा संचालित कंपनी ने हाल ही में प्रभावित वाहनों पर समस्या को ठीक करने के लिए एक ओवर-द-एयर अपडेट (ओटीए) जारी किया, जिसमें 2022 मॉडल 3 और वाई और 2021 और 2022 मॉडल एक्स और एस शामिल हैं।

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बर्नार्ड अरनॉल्ट को पछाड़ अडानी बने दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति

*ऐसा करने वाले पहले एशियाई शख्स*

नई दिल्ली ,31 अगस्त (एजेंसी)। ब्लूमबर्ग और इसके अरबपतियों के सूचकांक के अनुसार, गौतम अदाणी पहले से ही एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं और अब वह एलवीएमएच के अध्यक्ष बर्नार्ड अरनॉल्ट को पछाड़कर दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हो गए हैं। यह स्थान लेने वाले वो पहले एशियाई व्यक्ति भी बन गए हैं। भारत के शीर्ष समूहों को चलाने वाले अदाणी की संपत्ति लगभग 137 अरब डॉलर है।

इस सप्ताह उन्हें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस से पीछे रखा गया है, जिनकी खुद की संपत्ति क्रमश: 251 अरब डॉलर और 153 अरब डॉलर आंकी गई है। दुनिया भर के अन्य अरबपतियों की तरह, अदाणी की संपत्ति भी महामारी के दौरान कई गुना बढ़ गई। अदाणी ग्रुप बंदरगाह और एयरोस्पेस से लेकर सौर ऊर्जा और कोयले तक की कंपनियों को नियंत्रित करता है।

कोरोना वायरस संकट की शुरुआत के बाद से उनका ग्राफ तेजी से बढ़ा। निवेशकों ने उन क्षेत्रों में अपना व्यवसाय बढ़ाने की उनकी क्षमता पर दांव लगाया जिन्हें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास के लिए प्राथमिकता दी। ब्लूमबर्ग के अनुसार, कोयले के उपयोग में तेजी से भी अदाणी को फायदा हुआ है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, वो इस साल फरवरी में सबसे धनी व्यक्ति बन गए।

जुलाई में, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने घोषणा की थी कि वह बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की बंदोबस्ती के लिए 20 अरब डॉलर समर्पित करेंगे और ‘दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची से बाहर निकलने के अपने इरादे को दोहराया। ब्लूमबर्ग के सूचकांक के अनुसार, बिल गेट्स वर्तमान में दुनिया के पांचवें सबसे संपन्न व्यक्ति हैं, जिनकी कुल संपत्ति 117 अरब डॉलर है।

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हवाई टिकट के नियमों में होने जा रहा बड़ा बदलाव

*कल से सस्ता हो सकता है हवाई सफर*

नई दिल्ली,31 अगस्त(एजेंसी)। यदि आप भी हवाई यात्रा से सफर करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। 31 अगस्त के बाद हवाई टिकट के नियमों में ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जिससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। दरअसल, सरकार की ओर से लागू प्राइस कैप की वजह से कई एयरलाइन कंपनियां ग्राहकों को ऐसे लुभावने ऑफर नहीं दे पा रही थी। लेकिन कल यानी 31 अगस्त के बाद से सरकार की ओर से लगाया गया प्राइस कैप का नियम हटा दिया जाएगा, जिसके बाद हवाई यात्रा के टिकटों पर असर देखने को मिल सकता है।

बता दें कि कोरोना काल में सरकार की ओर से हवाई यात्रा पर अपर और लोअर लिमिट को लगाया था। सरकार ने किराए की लिमिट तय की थी, जिसे सभी एयरलाइन कंपनियों को पालन करना था। इस लिमिट के मुताबिक ही एयरलाइन कंपनियां अपने टिकट के दाम तय करती थी। लेकिन ये नियम अब 31 अगस्त से खत्म होने जा रहा है।

31 अगस्त के बाद से हवाई टिकटों पर लगने वाला प्राइस कैप खत्म कर दिया जाएगा और एयरलाइन कंपनियां अपने हिसाब से टिकटों का किराया घटा और बढ़ा सकती हैं। केंद्रीय विमानन मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में इसकी जानकारी दी थी कि 27 महीने के अंतराल के बाद प्राइस कैप को 31 अगस्त से हटा लिया जाएगा। बता दें कि हवाई यात्रायों के लिए यात्रियों की मांग और घरेलू उड़ानों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्राइस कैप को हटाने का फैसला लिया गया है।

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मुकेश अंबानी की बड़ी घोषणा : दिवाली से शुरु होगी जीेओ 5जी

*नौकरियां पैदा करने में नया रिकॉर्ड बनाएगा रिलायंस*

मुंबई ,30 अगस्त (एजेंसी) । पेट्रोलियम और दूरसंचार से लेकर खुदरा स्टोर जैसे विविध कारोबार में लगी रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) के शेयरधारकों की सोमवार को हो रही 45वीं वार्षिक आम बैठक में रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी ने 5जी दूरसंचार सेवा को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं।

मुकेश अंबानी ने कहा कि 5जी सेवा दिवाली से शुरू होगी। दिसंबर 2023 तक देश के हर हिस्सा में सेवा उपलब्ध होगी। कंपनी अपनी वायर और वायरलेस सर्विस यूज करके पूरे देश में 5जी डिप्लॉय करेगी। अंबानी ने अपने संबोधन में कहा कि पीएम मोदी का लक्ष्य है कि भारत 2047 तक विकसित देशों में शामिल होगा और रिलायंस इंडस्ट्री इस लक्ष्य को पाने में पूरी मदद करेगा।

उन्होंने कहा, जियो 5जी दुनिया का सबसे तेज और सबसे बड़ा नेटवर्क होगा। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में देश दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल होगा। रिलायंस नई नौकरी पैदा करने में नया रिकॉर्ड बनाएगा। उन्होंने बताया कि अलग-अलग कारोबारों में कंपनी ने 2.32 लाख नौकरियां पैदा की हैं। रिलायंस रिटेल अब भारत में सबसे बड़े एंप्लॉयर्स में से एक है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि जीओ 5जी दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत 5जी नेटवर्क होगा। अन्य ऑपरेटरों के उलट जीओ का 5जी नेटवर्क 4जी नेटवर्क पर शून्य निर्भरता के साथ स्टैंड-अलोन होगा। स्टैंड-अलोन 5जी के साथ जियो कम विलंबता, बड़े पैमाने पर मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन, 5जी वॉयस, एज कंप्यूटिंग और नेटवर्क स्लाइसिंग और मेटावर्स जैसी नई और शक्तिशाली सेवाएं प्रदान कर सकता है।
मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे, हमारी व्यक्तिगत बातचीत और हमारा गर्मजोशी से मिलना याद आता है।

मुझे पूरी उम्मीद है कि अगले साल हम एक हाइब्रिड मोड पर मिलेंगे, जो भौतिक और डिजिटल दोनों तरीकों का एक संयोजन होगा।’
अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्री ने सभी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत से हिस्सों में भारी आर्थिक संकट है। ज्यादा महंगाई और सप्लाई में रूकावटों ने वैश्विक मंदी के लिए चुनौती पैदा की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में दिवाली से 5 जी सेवा शुरू होगी। उन्होंने कहा कि 5जी को लागू करने में 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। साथ ही, उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री को नई ऊंचाई तक ले जाएगा।

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आरबीआई का 8 बैंकों पर शिकंजा

*नियमों में ढिलाई बरतने पर लगाया मोटा जुर्माना*

नई दिल्ली ,30 अगस्त (एजेंसी) । भारतीय रिजर्व बैंक ने एक साथ 8 सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगा दिया है। इसमें एक बैंक विशाखापट्टनम को-ऑपरेटिव बैंक भी है जिस पर आरबीआई ने 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सभी बैंकों पर नियमों में ढिलाई बरतने और निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है। रिजर्व बैंक समय-समय पर ऐसी कार्रवाई करता रहता है और बैंकों को बताए दिशा-निर्देश के बारे में आगाह करता है। दरअसल, रिजर्व बैंक ने बैंकिंग रेगुलेशन के तहत नियम बनाए हैं जिनका पालन हर हाल में करना जरूरी होता है। ऐसा नहीं होने पर रिजर्व बैंक कार्रवाई करता है।

आरबीआई ने सहकारी बैंकों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बयान जारी किया और इसकी जानकारी दी। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स इंप्लॉईज को-ऑपरेटिव बैंक, कैलाशपुरम के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। केरल के पलक्कड़ जिला स्थित ओट्टापलन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, नं.एफ. 1647 के खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने तेलंगाना, हैदराबाद स्थित दारुस्सलाम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक बयान में रिजर्व बैंक ने कहा है कि आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक पर इनकम रिकॉग्निशन, एसेट क्लासिफिकेशन, प्रोविजनिंग और हाउसिंग स्कीम के फाइनेंस से जुड़े निर्देशों के उल्लंघन का आरोप है।
इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने नेल्लोर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, गांधी नगर, नेल्लोर जिला, आंध्रप्रदेश पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आंध्र प्रदेश के ही पूर्व गोदावरी जिले में स्थित काकीनाडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, केंद्रपाड़ा शहरी सहकारी बैंक, केंद्रपाड़ा पर 1 लाख रुपये और राष्ट्रीय शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

आरबीआई ने कहा कि जुर्माने से जुड़ा हर मामला दंड नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित हैं और उनके द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर रोक लगाने का इरादा नहीं है। इसका अर्थ हुआ कि बैंकों पर भले जुर्माना लगाया गया है, लेकिन ग्राहकों से जुड़े किसी काम पर असर नहीं होगा। ग्राहक पहले की तरह बैंकिंग सुविधाएं लेते रहेंगे।

आरबीआई इससे पहले भी बैंकों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। छोटे बैंकों से लेकर बड़े बैंक और सहकारी बैंक भी इस कार्रवाई में शामिल होते हैं। नियमों की अनदेखी या उल्लंघन के चलते रिजर्व बैंक इस तरह की कार्रवाई करता है। जुर्माने के अलावा बैंकों पर प्रतिबंध भी लगाया जाता है।

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डिज़्नी स्टार 2027 तक भारत में क्रिकेट का करेगा प्रसारण

दुबई ,28 अगस्त(एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने घोषणा की कि डिज्नी स्टार अगले चार वर्षों के लिए भारत में होने वाली सभी प्रतियोगिता पुरुषों और महिलाओं दोनों की वैश्विक आयोजनों के टीवी और डिजिटल अधिकार जीते हैं।

आईसीसी के अध्यक्ष ग्रेग बार्कले ने बताया कि डिज्नी स्टार ने एकल दौर की सीलबंद बोली प्रक्रिया के बाद यह जीत हासिल की है। उन्होंने कहा,हमें अगले चार वर्षों तक डिज्नी स्टार के साथ साझेदारी करते हुए खुशी हो रही है और वे हमारे खेल के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और पहले से कहीं अधिक प्रशंसकों से जुड़ेंगे और जुड़ेंगे।

डिज्नी स्टार के कंट्री मैनेजर और अध्यक्ष माधवन ने कहा कि आईसीसी के साथ अपने जुड़ाव को जारी रखने में सक्षम होने पर प्रसन्न हैं और आने वाले वर्षों में क्रिकेट के खेल को बढ़ाकर अपनी साझेदारी को मजबूत करने की आशा करते हैं।

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सेंसेक्स की टॉप 10 में से 7 कंपनियों को हुआ नुकसान

*टाटा की इस कंपनी को लगा सबसे अधिक झटका*

नई दिल्ली ,28 अगस्त।  सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 1,54,477.38 करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे अधिक नुकसान में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां… टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस रहीं। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 812.28 अंक या 1.36 प्रतिशत नीचे आया। सप्ताह के दौरान सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई

समीक्षाधीन सप्ताह में टीसीएस का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक 59,862.08 करोड़ रुपये टूटकर 11,78,818.29 करोड़ रुपये रह गया। इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 31,789.31 करोड़ रुपये के नुकसान से 6,40,351.57 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 16,090.67 करोड़ रुपये घटकर 8,13,952.05 करोड़ रुपये रह गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार मूल्यांकन 14,814.18 करोड़ रुपये घटकर 6,04,079.91 करोड़ रुपये रह गया।

इसी तरह बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 14,430.4 करोड़ रुपये घटकर 4,27,605.59 करोड़ रुपये तथा एचडीएफसी की 13,031.62 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 4,34,644.36 करोड़ रुपये पर आ गई।जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का बाजार मूल्यांकन 4,459.12 करोड़ रुपये घटकर 4,29,309.22 करोड़ रुपये रह गया। इस रुख के उलट रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 3,500.56 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 17,71,645.33 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एसबीआई का बाजार मूल्यांकन 3,034.37 करोड़ रुपये बढ़कर 4,67,471.16 करोड़ रुपये तथा आईसीआईसीआई बैंक का 523.02 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 6,06,330.11 करोड़ रुपये रहा। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई, एचडीएफसी, एलआईसी और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा।

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