रिलायंस जियो का तिमाही लाभ 24 प्रतिशत वृद्धि के साथ 4,173 करोड़ रुपये हुया

Reliance Jio's quarterly profit up 24 percent to Rs 4,173 crore

मुंबई ,07 मई । रिलायंस इंड्सट्रीज समूह की दूरसंचार एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनी रिलायंस जियो ने वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में एकल आधार पर 24.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,173 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। वर्ष 2020-21 की इसी तिमाही में कंपनी को 3,360 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

कंपनी के शुक्रवार को जारी ऑडिट किए हुए वित्तीय परिणामों के अनुसार अलोच्य तिमाही में कंपनी की परिचालन आय करीब 20.4 प्रतिशत बढ़कर 20,901 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी दौरान परिचालन आय 17,358 करोड़ रुपये थी।
पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी ने एकल आधार पर 76,977 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व कमाते हुए 14,817 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दिखाया है। इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने परिचालन आय 69,888 करोड़ रुपये दर्ज की थी और उसे 12,015 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

रिलायंस जियो का एकल आधार पर शुद्ध लाभ मार्जिन 17 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले 16.4 प्रतिशत था। वर्ष 2021-22 में कंपनी का लाभ मार्जिन एक साल पहले की 14.6 प्रतिशत की तुलना में सुधरकर 16.4 प्रतिशत रहा।
31 मार्च 2022 को समाप्त हुयी तिमाही में कंपनी की परिचालन मार्जिन 27.5 प्रतिशत और पूरे वित्त वर्ष की परिचालन मार्जिन 26.5 प्रतिशत रही।

एकीकृत आधार पर रिलायंस जियो का 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में परिचालन राजस्व 77,356 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 14,854 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी को एकीकृत आधार पर 70,127 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व प्राप्त हुआ था और उस साल का शुद्ध लाभ 12,071 करोड़ रुपये था।

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टीवीएस ने वर्ष 2021-22 में कारोबार से सर्वश्रेष्ठ आय किया

कोलकाता,06 मई । टीवीएस मोटर कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में चार प्रतिशत वृद्धि के साथ 5,530 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 5,322 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। टीवीएस ने गुरुवार को बताया कि चौथी तिमाही में परिचालन मार्जिन 10.1 प्रतिशत रही। इस दौरान कंपनी का कर, ब्याज और अन्य खर्चों के प्रावधान से पूर्व लाभ (एबिटडा) चार प्रतिशत की वृद्धि के साथ 557 करोड़ रुपये रहा जोकि वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में 536 करोड़ रुपये था।
कंपनी का वित्त वर्ष 2021-22 में कर पूर्व तिमाही लाभ 373 करोड़ रुपये रहा जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में यह 387 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 275 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही यह 289 करोड़ रुपये था।
टीवीएस की वित्त वर्ष 2021-22 में परिचालन से आय 24 प्रतिशत बढ़कर 20,791 करोड़ रुपये रही जोकि इससे पिछले वित्त वर्ष 16,751 करोड़ रुपये थी।
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए कंपनी का परिचालन एबिटडा बढ़कर 9.4 प्रतिशत हुआ जो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था। टीवीएस ने 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में असाधारण खर्चों से पहले कर पूर्व लाभ 50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,243 करोड़ रुपये दर्ज किया जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष में 826 करोड़ रुपये था। इस वित्त वर्ष कंपनी ने कोविड-19 से जुड़ा 30 करोड़ रुपये का खर्च किया था और इसे असाधारण खर्चे के रूप में बताया है। टीवीएस ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष कोविड-19 की दूसरी और तीसरी लहर, सेमीकंडक्टर की कमी, परिवहन कंटेनरों का अभाव और वस्तुओं की बढ़ती कीमत जैसी चुनौतियों के बावजूद सर्वश्रेष्ठ आय और लाभ दर्ज किया है।
कंपनी ने 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में 894 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया जोकि वित्त वर्ष 2020-21 में 612 करोड़ रुपये था।

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गोयल को उम्मीद, निर्यात में नयी ऊंचाईयां हासिल करेगा भारत

नयी दिल्ली,04 मई ।गोयल को उम्मीद, निर्यात में नयी ऊंचाईयां हासिल करेगा भारत.  केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वित्त वर्ष 2022-23 के पहले माह अप्रैल में निर्यात के नए रिकॉर्ड को शानदार शुरूआत बताते हुए चालू वित्त वर्ष में निर्यात क्षेत्र में नयी उपलब्धियां प्राप्त होने का विश्वास जताया है।

श्री गोयल ने जारी अप्रैल 2022 के निर्यात के आंकड़ों पर ट्विटर पर बयान में कहा,शानदार शुरूआत , नए वित्त वर्ष की शुरूआत अप्रैल में निर्यात के नए कीर्तिमान के साथ हुयी है। यह पिछले साल से 24 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा, हमनें 2021-22 में निर्यात क्षेत्र में ऐतिहासिक ऊंचाई कायम की तथा उससे आगे बढ़ रहे हैं और हमें विश्वास है कि हाल में किए गए नए व्यापार समझौतों की मदद से हमें नए लक्ष्य हासिल होंगे।

भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद् (ईईपीसी इंडिया) के चेयरमैन महेश देसाई ने कहा कि भू-राजनैतिक चुनौतियों के बावजूद पिछले वित्त वर्ष में इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात में तेजी बनी रही। इसका अप्रैल में इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नौ अरब डालर से ऊपर रहा। इससे स्पष्ट दिख रहा है कि भारत धीरे-धीरे विनिर्माण क्षेत्र में दुनिया की एक ताकत बन रहा है।

श्री देसाई ने कहा कि यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौतों से निर्यात को और बल मिलने की उम्मीद है। ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों के साथ भी इसी तरह के समझौतों की बात चल रही है। उनके साथ समझौता होने के बाद भारत का निर्यात को और प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा की निर्यात क्षेत्र के सामने इस समय कई चुनौतियां भी हैं।

लॉजिस्टिक्स की लागत ऊंची है। कच्चे माल की कीमतों में भी अभूतपूर्व उछाल आया है। इससे इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों को नुकसान हो रहा है। हमें उम्मीद है कि सरकार इसका असर कम करने के लिए कुछ नीतिगत कदम जरूर उठाएगी।

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वर्ष 2023 तक आयेगी भारत की डिजिटल मुद्रा : सीतारमण

सैन फ्रांसिसकों, 28.04.2022 – वर्ष 2023 तक भारत में डिजिटल मुद्रा शुरू की जायेगी।केन्द्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने आज सिलिकॉन वैली में निवेशकों और उद्यमियों के साथ चर्चा की.

श्रीमती सीतारमण ने फिक्की द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने बजट में डिजिटलीकरण के लिए बजट में कई पहलों की घोषणायें की है। रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल मुद्रा, डिजिटल बैंक और डिजिटल विश्वविद्यालय बनाने की घोषणाओं का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में डिजिटलीकरण को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटलीकरण को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है और वर्ष 2023 तक नयी डिजिटल मुद्रा जारी करने की घोषणा की जा चुकी है।

उन्होंने हालांकि कहा कि दूसरे देशों की तरह प्रास्तवित डिजिटल मुद्रा का उद्देश्य वित्तीय समावेशन नहीं है। सरकार और रिजर्व बैंक के इसके विभिन्न व्यावसायिक उपयोग पर भी विचार कर रहा है। भारत में वित्तीय समावेशन को जैम तंत्र के माध्यम से हासिल किया गया है।

उन्होंने चर्चा के दौरान निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में रहने और उनकी चिंताओं को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बहुत ही सक्रिय स्टार्टअप प्रकोष्ठ का गठन भी किया है।

जो लोग स्टार्टअप के लिए इच्छुक हैं उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्हें उद्योग एवं आतंरिक व्यापार संवर्धन विभाग से जोड़ा गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि वे अपने सुझाव दे सकते हैं और कठिनाइयां भी बता सकते हैं और जहां तक संभव होगा उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जायेगा।
चर्चा के दौरान निवेशकों ने माना कि भारत में यूनिकार्न कंपनियां बनाने की बहुत संभावनायें हैं। (एजेंसी)

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श्रीलंका को तत्काल मदद करे आईएमएफ : सीतारमण

वाशिंगटन,19 अप्रैल ।श्रीलंका को तत्काल मदद करे आईएमएफ. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीलंका के भारी आर्थिक संकट और भारत द्वारा की जा रही मदद का हवाला देते हुये अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से इस पड़ोसी देश को तत्काल मदद दिये जाने की अपील की है। श्रीमती सीतारमण ने आज यहां अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष -विश्व बैंक (आईएमएफ- डब्ल्यूबी) की बैठक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जिसमें श्रीलंका का मुद्दा भी शामिल है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि आईएमएफ द्वारा श्रीलंका को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए। प्रबंध निदेशक ने वित्त मंत्री को आश्वासन दिया कि आईएमएफ श्रीलंका के साथ सक्रिय रूप से संपर्क जारी रखेगा। सुश्री जॉर्जीवा ने भारत के टीकाकरण कार्यक्रम तथा अपने पड़ोसी और अन्य कमजोर अर्थव्यवस्थाओं को दी गई सहायता की प्रशंसा की।

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने विशेष रूप से श्रीलंका के कठिन आर्थिक संकट के दौरान भारत द्वारा दी जा रही मदद का उल्लेख किया। हाल की भू-राजनीतिक घटनाओं पर चर्चा करते हुए श्रीमती सीतारमण और सुश्री जॉर्जीवा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इनके प्रभाव और इनके कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से जुड़ी चुनौतियों को लेकर चिंता व्यक्त की। वित्त मंत्री और प्रबंध निदेशक दोनों के साथ वरिष्ठ अधिकारीगण मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत वी. नागेश्वरन और आईएमएफ की एफडीएमडी गीता गोपीनाथ भी मौजूद थी।

बैठक के दौरान वित्त मंत्री और प्रबंध निदेशक ने भारत के महत्वपूर्ण मुद्दों के अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। सुश्री जॉर्जीवा ने भारत की समस्याओं से उबरने की क्षमता को रेखांकित किया, जो कोविड -19 महामारी से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद दुनिया में सबसे तेजी से विकसित होने वाला देश बना हुआ है। सुश्री जॉर्जीवा ने भारत द्वारा लागू की गयी एक मिश्रित नीति का भी उल्लेख किया, जो प्रभावी थी और जिसे अच्छी तरह से लक्षित किया गया था।

उन्होंने आईएमएफ की क्षमता-विकास गतिविधियों में योगदान के लिए भारत की सराहना की। भारत के नीतिगत दृष्टिकोण की व्याख्या करते हुए वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि एक समावेशी राजकोष के लिए संरचनात्मक सुधार किये गए हैं, जिनमें दिवालियापन संहिता और एमएसएमई व अन्य कमजोर वर्गों के लिए लक्षित सहायता शामिल हैं।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि उदार रूख के साथ मौद्रिक उपायों से इन प्रयासों को पूर्ण समर्थन दिया है और पूरक के रूप में कार्य किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को अच्छे कृषि उत्पादन से मदद मिली है। कोविड महामारी के दौरान अच्छे मानसून से कृषि को समर्थन मिला। अन्य निर्यातों के साथ-साथ कृषि निर्यात में भी तेजी से वृद्धि हुई है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत नई आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत कर रहा है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े कुछ मुद्दों को हल करने में मदद करेंगी। इससे पहले श्रीमती सीतारमण ने श्रीलंका के वित्त मंत्री अली साबरी के साथ अगल से भेंट कर इस पड़ोसी मुल्क को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। श्रीमती सीतारमण अभी अमेरिका की यात्रा पर है। वह वहां आईएमएफ विश्व बैंक की बैठक में भाग लेने के लिए गयी हुयी है। (एजेंसी)

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सोने चाँदी की चमक बढ़ी

मुंबई ,19 अप्रैल । सोने चाँदी की चमक बढ़ी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में आयी तेजी के बल पर आज घरेलू स्तर पर भी दोनों प्रमुख धातुओं में जबरदस्त तेजी रही। इस दौरान सोना 594 रुपये प्रति दस ग्राम और चाँदी 1555 रुपये प्रति किलोग्राम उछल गयी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना हाजिर 0.88 प्रतिशत बढ़कर 1991.94 डॉलर प्रति औंस पर और अमेरिकी सोना वायदा 1.19 प्रतिशत बढ़कर 1994.30 डॉलर प्रति औंस पर रहा। इस दौरान चाँदी 1.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 26 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गयी।

देश के सबसे बड़े वायदा बाजार एमसीएक्स में सोना 594 रुपये की बढ़त के साथ 53575 रुपये प्रति दस ग्राम पर और सोना मिनी 597 रुपये की तेजी के साथ 53392 रुपये प्रति दस ग्राम पर रहा। इस दौरान चाँदी 1555 रुपये की उछाल लेकर 70605 रुपये प्रति किलोग्राम और चाँदी मिनी 1502 रुपये की बढ़त के साथ 70596 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी। (एजेंसी)

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रुपया सात पैसे टूटा

मुंबई ,19 अप्रैल । रुपया सात पैसे टूटा. दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की तुलना डॉलर के कमजोर पडऩे के बीच घरेलू स्तर पर शेयर बाजार में हुयी जबरदस्त बिकवाली के दबाव में आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया सात पैसे फिसलकर 76.26 रुपये प्रति डॉलर पर रहा।
पिछले सत्र में रुपया 76.19 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।
रुपया आज 22 पैसे की गिरावट लेकर 76.41 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। सत्र के दौरान यह 76.43 रुपये प्रति डॉलर के निचले और 76.20 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर के बीच रहा। अंत में यह पिछले दिवस की तुलना में सात पैसे की गिरावट लेकर 76.26 रुपये प्रति डॉलर पर रहा। (एजेंसी)

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वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली

मुंबई ,16 मार्च । वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली के बल पर आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी दर्ज की गई. जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में 1.85 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही और इससे निवेशकों ने 4.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1039.80 अंकों की बढ़त के साथ 56816.65 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 312.35 अंक उछलकर 16975.35 अंक पर रहा। इस दौरान छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली हुई जिससे बीएसई का मिडकैप 1.80 प्रतिशत बढ़कर 23572.74 अंक पर और स्मॉलकैप 1.47 प्रतिशत चढ़कर 27383.82 अंक पर रहा। इस तेजी से बीएसई का बाजार पूंजीकरण पिछले दिवस के 25166630.06 करोड़ रुपये की तुलना में 456878.40 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 25623508.46 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इस तरह से निवेशकों ने 4.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। बीएसई में शामिल सभी समूहों में तेजी रही जिसमें रियल्टी में सबसे अधिक 3.66 प्रतिशत और हेल्थकेयर में सबसे कम 0.72 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई में कुल 3534 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2265 हरे निशान में और 1168 लाल निशान में रही जबकि 101 में कोई बदलाव नहीं हुआ। वैश्विक स्तर पर लगभग सभी बड़े सूचकांक हरे निशान में रहे जिसमें हांगकांग का हैंगसेंग 9.08 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 3.48 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 3.26 प्रतिशत, जापान का निक्केई 1.64 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 1.22 प्रतिशत शामिल है। (एजेंसी)

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पेट्रोल, डीजल के दाम 130वें दिन भी स्थिर

नईदिल्ली,14 मार्च (आरएनएस) । रूस यूक्रेन संकट से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चल रहे उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर आज लगातार 130वें दिन भी पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रूस यूक्रेन संकट के बाद ही शुरू हो गया था। जिसकी कीमत लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 2.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 109.92 डॉलर प्रति बैरल पर थी।
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच और 10 रुपये घटाने की घोषणा के बाद 04 नवंबर 2021 को ईंधन की कीमतों में तेजी से कमी आई थी। इसके बाद राज्य सरकार के मूल्य वर्धित कर (वैट) कम करने के फैसले के बाद राजधानी दिल्ली में भी वैट को कम करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद राजधानी में 02 दिसंबर 2021 को पेट्रोल लगभग आठ रुपये सस्ता हुआ था। डीजल की भी कीमतें हालांकि जस की तस बनी रहीं।
केंद्र द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद अधिकांश राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) कम कर दिया था, जिससे आम आदमी को काफी राहत मिली थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूयार्क में ब्रेंट क्रूड में 2.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी, जिससे कीमत 109.92 डॉलर प्रति बैरल पर थी, जबकि अमेरिकी क्रूड 2.79 प्रतिशत की गिरावट से 106.28 डॉलर प्रति बैरल पर था।
पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की नित्य प्रतिदिन समीक्षा होती है और उसके आधार पर प्रतिदिन सुबह छह बजे से नयी कीमतें लागू की जाती हैं।

अजवाइन के निर्यात में 2013 के बाद से लगभग 158 प्रतिशत की वृद्धि

*भारत का वस्तु निर्यात जनवरी 2022 में लगभग 336 बिलियन डॉलर तक पहुंचा

नईदिल्ली  (आरएनएस) भारत के अजवाइन का निर्यात अप्रैल-दिसंबर 2013 के 1.5 मिलियन डॉलर की तुलना में अप्रैल-दिसंबर 2021 में लगभग 158 प्रतिशत बढ़कर 3.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
अजवाइन के भारतीय निर्यात के प्रमुख गंतव्य स्थान हैं: अमेरिका (23.3 प्रतिशत), सऊदी अरब (20.1 प्रतिशत), कनाडा (11.2 प्रतिशत), नेपाल (11 प्रतिशत) तथा ब्रिटेन (9.1 प्रतिशत)।
भारत के निर्यात में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2022 में भारत के वस्तु निर्यात में जनवरी 2021 के 27.54 बिलियन डॉलर के मुकाबले 23.69 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 34.06 बिलियन डॉलर तक जा पहुंचा। जनवरी 2020 के 25.85 बिलियन डॉलर के मुकाबले इसमें 31.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
भारत का वस्तु निर्यात 2021-22 (अप्रैल-जनवरी) में 2020-21 (अप्रैल-जनवरी) के 228.9 बिलियन डॉलर की तुलना में 46.53 प्रतिशत बढ़कर 335.44 बिलियन डॉलर तक जा पहुंचा। 2019-20 (अप्रैल-जनवरी) के 264.13 बिलियन डॉलर की तुलना में इसमें 27.0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।
सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई सक्रिय कदम उठाती रही है। बाधाओं, समस्याओं तथा विशेष रूप से महामारी के दौरान निर्यातक समुदाय के समक्ष आने वाले व्यवधानों को दूर करने के लिए एक निर्यात निगरानी डेस्क का गठन किया गया है।
पुराने तथा अप्रचलित प्रावधानों को हटाने के लिए वाणिज्य विभाग के तहत विभिन्न अधिनियमों की समीक्षा की जा रही है। बड़े उत्साह के साथ कई द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसी पहलों के जरिये भारत के प्रत्येक जिले को एक निर्यात हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। निर्यातकों को विभिन्न निर्यातक केंद्रित योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विवेकीकरण तथा गैर अपराधीकरण के जरिये अनुपालनों में कमी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं तथा व्यवसाय करने की सुगमता में सुधार लाने के लिए कई अभिनव पहलें की जा रही हैं।
निर्यातकों को लाइसेंसिंग प्रदान करने तथा कार्य से संबंधित उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए एक आईटी आधारित प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की वैश्विक स्थिति में सुधार के लिए भारतीय निर्यात की ब्रांडिंग के मूल्य को बढ़ाने पर भी काम कर रही है और देश को वैश्विक मूल्य श्रृंखला के साथ जोडऩे के लिए सक्रिय कदम उठाये जा रहे हैं।

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे मजबूत

मुंबई,  अमेरिकी मुद्रा के कमजोर होने से शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे चढ़कर 74.71 पर पहुंच गया।
हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और घरेलू शेयर बाजार में गिरावट की वजह से रुपया में बढ़त सीमित रही।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.71 पर खुला, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 17 पैसे की बढ़त को दर्शाता है।
रुपया पिछले सत्र में डॉलर के मुकाबले 74.88 पर बंद हुआ था।
इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.14 पर था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.49 प्रतिशत बढ़कर 91.56 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बृहस्पतिवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 1,597.54 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। (आरएनएस)

मेटा के शेयर औंधे मुंह गिरे

एक ही दिन में ज़करबर्ग की संपत्ति अरबों रुपए घटी

नईदिल्ली, फेसबुक के यूजर्स में गिरावट का झटका मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग को भी जोर से ही लगा है। मेटा के शेयरों में आई करीब 25 फीसदी की गिरावट के कारण एक दिन में ही मार्क ज़करबर्ग की संपत्ति $31 अरब घट गई है। इसी के साथ ज़करबर्ग दुनिया के टॉप 10 धनी लोगों की सूची से भी बाहर हो गए हैं। वर्ष 2015 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि ज़करबर्ग धनकुबेरों की टॉप 10 में नहीं हैं। मेटा के सह-संस्थापक डस्टिन मोस्कोविट्ज़ की संपत्ति भी मेटा के शेयरों की कीमत में कमी होने से करीब 3 बिलियन डॉलर कम होकर 21.2 बिलियन डॉलर रह गई। डस्टिन दुनियां के 79वें सबसे धनी व्यक्ति हैं।
फिलहाल उनकी संपत्ति $92 अरब है जो बुधवार को बाज़ार बंद होने पर $120.6 अरब थी। शेयरों की कीमतों में गिरावट के कारण किसी व्यक्ति की संपत्ति में भारी कमी आने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले टेस्ला के एलन मस्क नवंबर में शेयरों के औंधे मुंह गिरने के कारण एक दिन में ही 35 बिलियन डॉलर खो चुके हैं। टेस्ला के शेयरों में गिरावट की वजह खुद मस्क ही थे। उन्होंने एक ट्विटर पोल के जरिये लोगों से पूछा था की, क्या उन्हें टेस्ला में से 10 फीसदी हिस्सा बेच देना चाहिये। इस पोल के बाद टेस्ला के शेयर औंधे मुंह गिरे। (आरएनएस)

फिर महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल

*वाहन ईंधन के दाम विमान ईंधन से 30 प्रतिशत ज्यादा!

*करीब एक दर्जन राज्यों में डीजल शतक को पार कर गया है

नईदिल्ली, वाहन ईंधन कीमतों में रविवार को फिर बढ़ोतरी हुई। पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 35-35 पैसे प्रति लीटर और बढ़ाए गए हैं। इससे अब वाहन ईंधन के दाम विमान ईंधन (एटीएफ) से एक-तिहाई ज्यादा हो गए हैं। साथ ही देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम अब नयी ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथे दिन 35 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलयम विपणन कंपनियों द्वारा जारी मूल्य अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। दिल्ली में अब पेट्रोल 105.84 रुपये प्रति लीटर के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया है। मुंबई में यह अब 111.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में डीजल 102.52 रुपये प्रति लीटर और दिल्ली में 94.57 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी के साथ सभी राज्यों की राजधानियों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया है। वहीं करीब एक दर्जन राज्यों में डीजल शतक को पार कर गया है। अब बेंगलुरु, दमन और सिलवासा में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है। इससे अब पेट्रोल का दाम एटीएफ से 33 प्रतिशत अधिक हो गया है। दिल्ली में एटीएफ 79,020.16 रुपये प्रति किलोलीटर यानी 79 रुपये प्रति लीटर है। राजस्थान के गंगानगर में पेट्रोल 117.86 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहां डीजल 105.95 रुपये प्रति लीटर हो गया है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में वाहन ईंधन कीमतों में तीन सप्ताह के बाद संशोधन का सिलसिला फिर शुरू हुआ था। उसके बाद से यह पेट्रोल में 16वीं वृद्धि है। वहीं इस दौरान डीजल के दाम 19 बार बढ़ाए गए हैं।

नाले में गिरते लोग कुम्भकर्णी नीद में रांची नगर निगम अधिकारी

म्यांमार से संवाद बनाये रखने की जरूरत

रक्षा निर्माण को मिली नयी उड़ान

 

 

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