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चर्चाओं के बीच : गायिका खुशी ठाकुर

07.05.2026 – इन दिनों संगीत की दुनिया में सैड और रोमांटिक गानों में माहिर, एक वर्सटाइल सिंगर के रूप में गायिका खुशी ठाकुर का नाम तेजी से उभर रहा है। अपनी मधुर आवाज और कड़ी मेहनत के दम पर खुशी ठाकुर वर्तमान समय में लाइव सिंगिंग और प्लेबैक सिंगिंग दोनों में शानदार पहचान बना रही हैं। इस कारण बॉलीवुड में खुशी ठाकुर काफी चर्चा का विषय भी बनी हुई हैं। खुशी ठाकुर ने अपने प्लेबैक सिंगिंग करियर की शुरुआत फिल्म ‘लव के फंडे’ के ‘अनमोल मस्का’ गीत से की।

इसके बाद उन्होंने लगातार सफलता की ओर कदम बढ़ाए। अब तक वह 20 से अधिक हिंदी और पंजाबी म्यूजिक वीडियो में अपनी आवाज दे चुकी हैं। इसके साथ ही वह नृत्य में भी निपुण हैं और उन्होंने भरतनाट्यम की शिक्षा भी प्राप्त की है। लाइव परफॉर्मेंस में भी खुशी पीछे नहीं हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध सैफई महोत्सव में अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीता है।

इसके अलावा कई स्टेज शो और सरकारी कार्यक्रमों में भी अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरा है।खुशी ठाकुर को मुंबई में ‘वॉइस ऑफ वैली’ के नाम से भी जाना जाता है। अपनी सुरीली, दिल को छू लेने वाली आवाज और शानदार परफॉर्मेंस के कारण उन्होंने यह खास पहचान हासिल की है, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता और प्रतिभा को दर्शाती है।खुशी ने पुराने गीतों के रीक्रिएट, कवर सॉन्ग और रीमिक्स वर्जन में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।

वह किशोर कुमार, अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और श्रेया घोषाल के गाने सुनना पसंद करती हैं। साथ ही वह सुरों की मलिका लता मंगेशकर और आशा भोसले की बड़ी प्रशंसक हैं और उन्हें अपना आदर्श मानती हैं। खुशी का सपना बॉलीवुड में एक सफल प्लेबैक सिंगर बनना है। उनके संगीत गुरु कमलेश समान्या हैं, जिनसे उन्हें निरंतर मार्गदर्शन मिलता है।

उन्होंने पंजाबी फिल्म में दर्शन लख्खेवाला के साथ डुएट सॉन्ग भी गाया है और वेबसीरीज़ के लिए भी गाना गाया है। खुशी के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में ‘राइजिंग रोनाल्डो’ शामिल है जो एक ट्रिब्यूट सॉन्ग है। इसके अलावा ‘वो जो पास था मेरे’ और ‘तू मुझमें क्यों नहीं’ जैसे गाने जल्द ही आने वाले हैं।

विदित हो कि सिंगिंग के साथ-साथ खुशी ठाकुर ने 50 से अधिक पहाड़ी गढ़वाली म्यूजिक वीडियो में अभिनय भी किया है, जिससे उनकी बहुमुखी प्रतिभा सामने आती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी ने दिल्ली के सीआर पार्क स्थित काली बाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की

नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी ने आज मंगलवार को नई दिल्ली के चितरंजन पार्क स्थित काली बाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा, सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज सहित अन्य नेतागण भी उपस्थित रहे।

श्री नितिन नवीन ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता का बहुत-बहुत अभिनंदन है। पांच राज्यों में हुए चुनावों के लिए सभी राज्यों की जनता का भी बहुत-बहुत अभिवादन है। मां काली और मां कामाख्या की पवित्र भूमि में जो विजयश्री मिली है, उसके लिए हम आज मां काली के दरबार में मत्था टेकने आए हैं।

मां काली, मां दुर्गा और मां कामाख्या हम सभी को आशीर्वाद दें, ताकि हम पश्चिम बंगाल और असम समेत पूरे भारत के विकास में योगदान दे सकें। हमारे नेता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, जो राष्ट्र नायक के रूप में लगातार इस देश में प्रधान सेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं, वे विकास के साथ-साथ हमारी विरासत और संस्कृति को भी संजोते हुए आगे बढ़ा रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल की संस्कृति और विरासत को यदि किसी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा सकता है, तो वह यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव है। हम यह भी मानते हैं कि पूरे देश की जनता ने वर्ष 2024 में जो कसक रह गई थी, उस कसक और जनता के मन में जो टीस थी, उसे कहीं न कहीं लगातार विजयश्री देकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

हम आज मां काली के दरबार में आए, आशीर्वाद लिया है और यही कामना करते हैं कि पूरे देश, पश्चिम बंगाल और समस्त राज्यों में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे तथा विकास और विरासत के संकल्प के साथ हम आगे बढ़ें।

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विशाखापत्तनम स्थित आंध्र विश्वविद्यालय में कोस्टल एटमॉस्फेरिक रिसर्च टेस्टबेड (सी-एआरटी) की खुली वेधशाला का उद्घाटन

नई दिल्ली – भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान, भारतीय उष्णदेशीय  मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) ने विशाखापत्तनम स्थित आंध्र विश्वविद्यालय (एयू) में एक कोस्टल एटमॉस्फेरिक रिसर्च टेस्टबेड (सी-एआरटी) की स्थापना की है। आंध्र विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में एक खुली मौसम विज्ञान वेधशाला स्थापित करने हेतु भूमि आवंटित की है, जिससे निरंतर और एकीकृत अवलोकन एवं अनुसंधान संबंधी सहयोग संभव हो सकेगा।

कोस्टल एटमॉस्फेरिक रिसर्च टेस्टबेड (सी-एआरटी) की खुली वेधशाला का उद्घाटन 1 मई  2026 को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन द्वारा माननीय कुलपति प्रोफेसर  जी.पी. राजा शेखर और आईआईटीएम के निदेशक डॉ. सूर्यचंद्र राव की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) की मिशन मौसम पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसका उद्देश्य अवलोकन संबंधी नेटवर्क और मॉडल पूर्वानुमान को बढ़ाना है।

इस समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि एमओईएस के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन, सम्मानित अतिथि आंध्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जी.पी. राजा शेखर, आईआईटीएम के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव, एयू के मौसम विज्ञान एवं समुद्र विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सी.वी. नायडू, एयू के प्राचार्य प्रोफेसर एमवीआर राजू और आईआईटीएम की परियोजना निदेशक डॉ. बी. पद्मा कुमारी के स्वागत के साथ हुई।

आईआईटीएम के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव ने स्वागत भाषण दिया। अपने भाषण में, उन्होंने आईआईटीएम की अनुसंधान संबंधी गतिविधियों और पूर्वी तट पर स्थित विशाखापत्तनम में कोस्टल एटमॉस्फेरिक रिसर्च टेस्टबेड की स्थापना के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एयू में मौसम विज्ञान एवं समुद्र विज्ञान विभाग में उपकरणों की स्थापना के पहले चरण और कोस्टल रिसर्च टेस्टबेड के अंतर्गत आने वाले अत्याधुनिक रिमोट सेंसिंग, प्रोफाइलिंग और यथास्थान उपकरणों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी।

एमओईएस के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने “कोस्टल एटमॉस्फेरिक रिसर्च टेस्टबेड” पर एक विवरण पुस्तिका जारी की। इस पुस्तिका में अनुसंधान संबंधी उद्देश्यों, कार्यान्वयन की रणनीति, संस्थागत सहयोग, उन्नत मौसम संबंधी उपकरणों और क्षेत्रीय प्रभाव का विवरण दिया गया है। उन्होंने विशाखापत्तनम स्थित “कोस्टल एटमॉस्फेरिक रिसर्च टेस्टबेड” से संबंधित एक लघु फिल्म भी जारी की।

एयू के माननीय कुलपति प्रोफेसर जी. पी. राजा शेखर ने उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विशाखापत्तनम में इस रिसर्च टेस्टबेड की स्थापना में एयू और आईआईटीएम के संयुक्त प्रयास कितने महत्वपूर्ण रहे। यह केन्द्र आईआईटीएम और एयू के बीच दीर्घकालिक वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

माननीय सचिव एम. रविचंद्रन ने मिशन मौसम के तहत वर्तमान अवलोकन क्षमता (स्थानिक और सामयिक सहित) में सुधार लाने हेतु एमओईएस की योजनाओं एवं पहलों पर जोर दिया, ताकि मौसम संबंधी सभी स्थितियों, विशेष रूप से गंभीर मौसम की निगरानी की जा सके और बेहतर मौसम पूर्वानुमान में सहायता मिल सके। उन्होंने एमओईएस के संस्थानों और राज्यों  के विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित किया।

इस टेस्टबेड से पहली बार अवलोकन करने के उपलक्ष्य में, एमओईएस के सचिव, एयू के कुलपति और आईआईटीएम के निदेशक द्वारा एक मौसम संबंधी गुब्बारे का प्रक्षेपण किया गया। इस स्थल पर इम्पैक्ट डिसड्रोमीटर, 2-डायमेंशनल वीडियो डिसड्रोमीटर (2डीवीडी), 3डी  प्रिंटेड ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (3डी-पीएडब्ल्यूएस), कन्वेक्शनल एडब्ल्यूएस और एडी कोवेरियंस टावर जैसे अन्य उपकरण भी स्थापित हैं। इन उपकरणों ने विशाखापत्तनम में आज हुई पहली गरज के साथ बारिश के माप दर्ज किए। ये उपकरण बूंदों के आकार एवं आकृति सहित उनके आकार के वितरण, वर्षा की सूक्ष्म भौतिकी, अशांति प्रवाह और हवा की जानकारी की उच्च-रिजॉल्यूशन वाली निगरानी में सक्षम बनाएंगे – जो प्रक्रिया की समझ को बेहतर बनाने और संख्यात्मक मॉडलों में उनके प्रतिनिधित्व के लिए महत्वपूर्ण है।

इस टेस्टबेड के लिए भविष्य में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों में स्कैनिंग विंड लिडार, पोलारिमेट्रिक क्लाउड एवं प्रेसिपिटेशन डॉप्लर रडार, फेज एरे रडार, प्रोटॉन ट्रांसफर रिएक्शन मास स्पेक्ट्रोमीटर शामिल होंगे, जो न केवल हमें वायुमंडल को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे बल्कि चरम स्थितियों का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाने में भी सहायक होंगे।

यह कोस्टल एटमॉस्फेरिक रिसर्च टेस्टबेड (सी-एआरटी) मानसून संवहन के प्रक्रिया-स्तरीय निदान में सहायता हेतु अनुसंधान संबंधी अवलोकन प्रदान करने, संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडलों में पैरामीटराइजेशन योजनाओं को बेहतर बनाने, पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने और मॉडल मूल्यांकन के लिए डेटा एसिमिलेशन प्रयोगों को सक्षम करने हेतु एक राष्ट्रीय उपयोगकर्ता सुविधा के रूप में कार्य करेगा। इससे चक्रवातों और चरम मौसमों के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को बेहतर बनाने और आपदा प्रबंधन में सहायता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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भारत की राष्ट्रपति ने सेना प्रशिक्षण कमान मुख्यालय का दौरा किया

नई दिल्ली – भारत की महामहिम राष्ट्रपति तथा सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी) मुख्यालय का दौरा किया। एआरटीआरएसी पहुंचने पर उनका स्वागत हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता तथा एआरटीआरएसी के जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने किया।

राष्ट्रपति को जीओसी-इन-सी द्वारा एआरटीआरएसी के विकास क्रम, भारतीय सेना के कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर परिचालन दक्षता बढ़ाने में इसकी उत्कृष्ट भूमिका तथा एआरटीआरएसी की प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी गई। एआरटीआरएसी की नवोन्मेषी पहलों का उल्लेख करते हुए जीओसी-इन-सी ने ड्रोन प्रशिक्षण को बढ़ावा देने, विशिष्ट प्रौद्योगिकियों को अपनाने हेतु उठाए गए कदम, ‘रेड टीमिंग’ की अवधारणा की शुरुआत तथा भारतीय सेना में डिजिटलीकरण और स्वचालन की दिशा में की गई पहलों पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रपति ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि एआरटीआरएसी भारतीय सेना के लिए युद्ध संबंधी अवधारणाओं के निर्माण, संसाधन विकास तथा मित्र देशों और अन्‍य रक्षा सेवाओं के साथ व्यापक सहभागिता में सर्वसमावेशी भूमिका निभाता है। यह सैन्य गौरव, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। एआरटीआरएसी अपने 32 प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से भारतीय सेना में व्यावसायिक उत्कृष्टता के क्षेत्र को सुदृढ़ करता है, जिससे उसे युद्धकला के सिद्धांत और व्यवहार—दोनों के प्रति एक विशिष्ट दृष्टिकोण प्राप्त होता है।

राष्ट्रपति ने राष्ट्र को सुरक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय सेना में प्रशिक्षण से संबंधित विषयों पर, हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता की उपस्थिति में, लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा के साथ विचार-विमर्श भी किया।

राष्ट्रपति ने एआरटीआरएसी से भारतीय सेना की परिचालन तैयारी को और सुदृढ़ करने के लिए पूरे उत्साह और समर्पण के साथ कार्य जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने एआरटीआरएसी के सभी रैंकों तथा रक्षा नागरिक कर्मियों की उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहना की और उन्हें और अधिक जोश एवं उत्साह के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।

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केन्द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास सचिव श्री संजय जाजू तीन दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा पहुंचे

नई दिल्ली  – पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू त्रिपुरा राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर आज दोपहर अगरतला पहुंचे। दोपहर में, उन्होंने काइलाशहर स्थित पुरातात्विक एवं पर्यटन स्थल उनाकोटी का दौरा किया। वहां उन्होंने पहाड़ी की ढलानों पर उकेरी गई अद्भुत रॉक-कट वास्तुकला और मूर्तियों का अवलोकन किया और इस स्थल के इतिहास, विरासत के महत्व और इससे जुड़ी पौराणिक कथाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उनाकोटी के विकास के लिए किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा चलाए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस दौरे के दौरान, उनके साथ पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास निदेशक विवेक गोयल, राज्य योजना विभाग के सचिव एल.टी. डरलॉन्ग और उनाकोटि के जिलाधिकारी डॉ. तमल मजूमदार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। उनाकोटि पहुंचने पर, उनका भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। शैव तीर्थ स्थल उनाकोटी के भ्रमण के बाद, श्री जाजू ने कहा कि उनका त्रिपुरा का तीन दिवसीय दौरा केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित चल रही और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की प्रगति की जमीनी स्तर पर समीक्षा करना है। उन्होंने उनाकोटी की वास्तुकला और मूर्तिकला विरासत के प्रति गहरी प्रशंसा व्यक्त की।

बाद में श्री जाजू ने उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर उपमंडल के फूलबारी स्थित अगर की खेती वाले गांव का दौरा किया। उन्होंने अगर की खेलती करने वाले किसानों से बातचीत की और राज्य में इसकी खेती की विशाल संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अगर किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर अगर की खेती के विस्तार के लिए कई पहलें की जा रही हैं।

रविवार को, श्री जाजू सिपाहीजला वन्यजीव अभयारण्य का दौरा करेंगे और विश्रामगंज में ‘PM-DevINE’ परियोजना का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे नीरमहल होते हुए माताबारी स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जाएंगे। कल वे महारानी बैराज का निरीक्षण करेंगे और फिर चबीमुरा तथा डम्बूर में नारियल के बागान भी देखने जाएंगे।

 

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वेब सीरीज ‘मेरा आईना’ का मुहूर्त संपन्न

06.05.2026 – प्राजक्ता शिंदे प्रोडक्शन्स की नवीनतम वेब सीरीज ‘मेरा आईना’ का मुहूर्त पिछले दिनों मुंबई में संपन्न हुआ।
प्राजक्ता शिंदे के निर्देशन में बनने वाली यह वेब सीरीज डिजिटल स्टोरीटेलिंग की दुनिया में एक नई और रोमांचक पहल है, जो दमदार कहानी और प्रभावशाली अभिनय का वादा करता है।

अपनी रचनात्मक सोच और समर्पण के लिए जानी जाने वाली प्राजक्ता शिंदे इस प्रोजेक्ट से बतौर लेखिका, निर्मात्री और अभिनेत्री के रूप में भी जुड़ी हुई हैं और दर्शकों के लिए एक अनोखी और भावनात्मक रूप से जुड़ने वाली कहानी प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखती हैं।

इस वेब सीरीज के क्रिएटिव डायरेक्टर धीरज आदिक,कास्टिंग डायरेक्टर शाहज़ाद आलम खान, डीओपी के. विजय, मेकअप टीम निर्भय सिंह (टीम) और हेयर ड्रेसर इंदु दीदी हैं। इस वेब सीरीज के मुख्य कलाकार प्राजक्ता शिंदे, आशी शर्मा, विवेक चौधरी, स्मिता डोंगरे, फरहान खान, हरभजन भट्टी एवं शुभांगी आदि।

‘मेरा आईना’ गहरी भावनाओं, रिश्तों और आत्म-चिंतन को दर्शाने वाली कहानी है, जो दर्शकों को एक अर्थपूर्ण और जुड़ाव भरा सिनेमाई अनुभव देगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक एवं प्रचंड विजय पर बधाई दी

बंगाल में प्रचंड जनादेश भय, तुष्टिकरण और घुसपैठियों के संरक्षकों को बंगाल की जनता का करारा जवाब है।

यह टीएमसी के ‘भय’ के खिलाफ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पर जनता के ‘भरोसे’ की जीत है।

बंगाल में भाजपा को मिली यह ऐतिहासिक जीत हमारे असंख्य कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। यह उन परिवारों के धैर्य की जीत है, जिन्होंने हिंसा सहकर भी भगवा ध्वज नहीं छोड़ा।

बंगालवासियों ने घुसपैठियों और उनके हितैषियों को ऐसा सबक सिखाया है, जिसे तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली पार्टियाँ कभी भूल नहीं पाएँगी।

बंगाल ने जिन आशाओं और आकांक्षाओं के साथ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व पर यह विश्वास जताया है, हम निश्चित रूप से उन्हें पूरा करेंगे।

नई दिल्ली – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड विजय को आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के विकास और जनकल्याण कार्यों पर पश्चिम बंगाल की जनता की मुहर बताया। श्री शाह ने इस ऐतिहासिक विजय के लिए पश्चिम बंगाल की जनता का धन्यवाद देते हुए भाजपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री समिक भट्टाचार्य और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष श्री सुवेंदु अधिकारी सहित प्रदेश के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई दी।

श्री शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बंगाल की जनता को कोटि-कोटि नमन किया और कहा कि यह प्रचंड जनादेश भय, तुष्टिकरण और घुसपैठियों के संरक्षकों को बंगाल की जनता का करारा जवाब है। यह टीएमसी के ‘भय’ के ऊपर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पर ‘भरोसे’ की जीत है। मेरे जैसे हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए यह गर्व का क्षण है कि गंगोत्री में माँ गंगा के उद्गम से लेकर गंगासागर तक आज हर जगह भाजपा का भगवा ध्वज शान से लहरा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे लिखा कि बंगाल में भाजपा को मिली यह ऐतिहासिक जीत हमारे असंख्य कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। यह उन परिवारों के धैर्य की जीत है, जिन्होंने हिंसा सहकर भी भगवा ध्वज नहीं छोड़ा। भाजपा की शून्य से आज प्रचंड बहुमत तक पहुँचने की इस कठिन यात्रा में जिन कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी, हिंसा झेली, यातनाएँ सहीं और फिर भी विचारधारा के पथ से डिगे नहीं, उन सभी कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों को नमन करता हूँ। बंगाल की जनता ने इस प्रचंड बहुमत से भाजपा के उन सभी शहीद कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी है। इस ऐतिहासिक विजय के लिए मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन, पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री समिक भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री शुभेंदु अधिकारी और बंगाल के कोने-कोने में डटे हर एक कार्यकर्ता को बधाई देता हूँ।

श्री शाह ने लिखा कि बंगालवासियों ने घुसपैठियों और उनके हितैषियों को ऐसा सबक सिखाया है, जिसे तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली पार्टियाँ कभी भूल नहीं पाएँगी। बंगाल ने जिन आशाओं और आकांक्षाओं के साथ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व पर यह विश्वास जताया है, हम निश्चित रूप से उन्हें पूरा करेंगे। चैतन्य महाप्रभु, स्वामी विवेकानंद, कविगुरु टैगोर, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरुषों की पावन भूमि बंगाल का खोया गौरव लौटाने और ‘सोनार बांग्ला’ के स्वप्न को साकार करने के लिए भाजपा दिन-रात एक कर देगी।

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‘स्वामी विवेकानंद गौरव सम्मान 2026’ समारोह का आयोजन 17 मई को…..!

अमोल भगत मीडिया (ABM) ग्रुप के द्वारा कोलकाता के साइंस सिटी परिसर स्थित ‘ऑफबीट बैंक्वेट हॉल’ में‘स्वामी विवेकानंद गौरव सम्मान 2026’ समारोह का आयोजन 17 मई को किया जाएगा।

स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित इस अवॉर्ड समारोह का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन काम, नेतृत्व और प्रभावशाली योगदान को पहचान देना है। इच्छुक प्रतिभागी सीधे वेब साइट www.amolbhagatmedia.co.in⁠ पे जाकर अपना नॉमिनेशन जमा कर सकते हैं और कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम में जानी-मानी अभिनेत्री पायल मुखर्जी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। अमोल भगत मीडिया ग्रुप ने 2026 के पुरस्कारों के लिए नॉमिनेशन की (नामांकन) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें पूरे देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों से भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पुरस्कारों की श्रेणियां काफी विविध हैं, जिनमें व्यापार और उद्यमिता, सामाजिक सक्रियता, बैंकिंग और वित्त, यात्रा और पर्यटन, ई-कॉमर्स, साहित्य, खान-पान, कला और मनोरंजन, फैशन, खेल, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।

आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य उन सफल लोगों को पहचान देने के लिए एक मंच तैयार करना है, जो नए प्रयोगों, समर्पण और नेतृत्व के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं। इस कार्यक्रम से पेशेवरों, उद्यमियों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को आपस में जुड़ने (नेटवर्किंग) के अवसर मिलने की भी उम्मीद है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री का जनता दरबार

पेंशन से लेकर जमीन संबंधित शिकायतो पर त्वरित कार्रवाई

पेंशन बहाल होने पर बुजुर्ग के चेहरे पर लौटी मुस्कान

लापुंग और हेहल अंचल अधिकारियों को शोकॉज, ईटकी राजस्व कर्मचारी को भी शोकॉज

राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ की शिकायत पर जांच के आदेश

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री का सख्त रुख

सरकारी जमीन की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,04.05.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का सशक्त मंच साबित हुआ। इस दौरान जिला के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित पदाधिकारियों को शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए।

पेंशन बहाल होने पर बुजुर्ग के चेहरे पर लौटी मुस्कान

तुपुदाना निवासी बुजुर्ग भोलाराम, जिनका पेंशन नवंबर 2024 से बंद था, जनता दरबार में गुहार लगाने के बाद उन्हें राहत मिली। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर हुई जांच में आधार सीडिंग की कमी सामने आई, जिसे तत्परता से ठीक कराया गया। परिणामस्वरूप उनका पेंशन पुनः नियमित हुआ। भावुक होकर उन्होंने कहा कि अब वे अपना चश्मा बनवा पाएंगे और इसके लिए बुजुर्ग भोलाराम ने माननीय मुख्यमंत्री एवं उपायुक्त का आभार जताया।

EWS प्रमाण पत्र हेतु आवेदन का त्वरित निष्पादन

हेहल अंचल के आलोक कुमार द्वारा अपने पुत्र के लिए EWS प्रमाण पत्र हेतु दिया गया। आवेदन को जनता दरबार में प्राथमिकता के आधार पर लिया गया। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश के बाद अंचल कार्यालय ने सभी दस्तावेजों की जांच कर प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया, जिससे उनके पुत्र के छात्रवृति हेतु आवेदन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ की शिकायत पर जांच के आदेश

सोनाहातू अंचल के गणेश महतो द्वारा पंजी-2 में कथित छेड़छाड़ की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अंचल अधिकारी को पूरे मामले की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

लापुंग और हेहल अंचल अधिकारियों को शोकॉज

लापुंग अंचल में फर्जी कागजात के आधार पर जमीन कब्जा करने की शिकायत पर समय पर कार्रवाई नहीं करने पर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा संबंधित अंचल अधिकारी को शो-कॉज करने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार, हेहल अंचल में शीला गाड़ी द्वारा आय प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण उनके पुत्र का नामांकन बाधित होने की शिकायत पर भी संबंधित अंचल अधिकारी को भी शोकॉज करने का निर्देश दिया गया।

ईटकी राजस्व कर्मचारी को शोकॉज

फर्जी तरीके से जमीन बिक्री और म्यूटेशन पर रोक लगाने हेतु आपत्ति पर कार्रवाई नहीं करने पर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने ईटकी अंचल के राजस्व कर्मचारी को शोकॉज करने का निर्देश दिया गया। मामला ईटकी अंचल के कुन्दी मौजा से संबंधित है, जिसे लेकर सेवानिवृत्त शिक्षक द्वारा जनता दरबार में आवेदन दिया गया था।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त रुख

ओरमांझी अंचल के गांगु टोला के ग्रामीणों द्वारा बांध की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अंचल अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भू-माफियाओं की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखें, राजस्व अभिलेखों की नियमित जांच सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध कब्जे की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी जमीन की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

त्वरित समाधान और जवाबदेही पर विशेष जोर

जनता दरबार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर आवेदन पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों का विश्वास प्रशासन पर और मजबूत हो सके।

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जिले के सभी डैम एवं जलाशयों में नौका विहार (बोटिंग) परिचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

जिला स्तर पर वाटर ट्रांसपोर्ट एक्शन ग्रुप गठन करने का निर्देश

किसी भी अपातकालीन स्थिति या दुर्घटना में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के सख़्त निर्देश

सभी पर्यटकों/यात्रीगण के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट के किसी भी व्यक्ति को बोटिंग कराने पर संबंधित बोट ऑपरेटर/संचालक पर कार्रवाई करने का सख्त निर्देश

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने या बिना सुरक्षा के नौका विहार कराने वालों पर सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी

पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के डैम एवं जलाशयों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करते हुए भी किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी:- जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,04.05.2026 – जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिले के सभी डैम एवं जलाशयों में नौका विहार (बोटिंग) परिचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक(03.05.2026) आयोजित की गई।

बैठक में जिला स्तर पर वाटर ट्रांसपोर्ट एक्शन ग्रुप गठन करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी अपातकालीन स्थिति या दुर्घटना में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), राँची – श्री गौरव गोस्वामी, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, राँची श्री कुमार रजत, जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक , राँची, श्री बादल राज , जिला खेल पदाधिकारी, राँची – श्री शिवेंद्र सिंह, जिला नौका विहार संचालक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं सख्त निर्देश:

1. लाइफ जैकेट अनिवार्य: सभी पर्यटकों/यात्रीगण के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट के किसी भी व्यक्ति को बोटिंग कराने पर संबंधित बोट ऑपरेटर/संचालक पर कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया गया।

2. मौसम की निगरानी: बोटिंग परिचालन के दौरान मौसम की स्थिति पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रतिकूल मौसम में बोटिंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।

3. दण्डात्मक कार्रवाई: सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने या बिना सुरक्षा के नौका विहार कराने वालों पर सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।

4. बोट की फिटनेस जाँच: सभी संचालित नौकाओं का आयल फिटनेस सर्टिफिकेट (Oil Fitness Certificate) अनिवार्य रूप से जाँचा जाएगा। बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र वाली नौकाओं को परिचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

5. हेल्पलाइन बोर्ड: सभी जलाशयों एवं बोटिंग स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर वाले सूचना पट्ट (Information Boards) लगाए जाएंगे।

6. नशापान पर पूर्ण प्रतिबंध: बोट ऑपरेटर्स द्वारा बोटिंग स्थल पर नशापान पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

7. सुरक्षा मानकों का पालन: सभी बोटिंग संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें।

जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के डैम एवं जलाशयों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करते हुए भी किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बच्चों वाले परिवारों से अपील की है कि बोटिंग करते पुरे समय लाइफ जैकेट की बेल्ट को अच्छी तरह से कस कर बांधें। बच्चों की लाइफ जैकेट की बेल्ट अभिभावक स्वयं बांधें और यह सुनिश्चित करें कि बच्चे पूरे समय लाइफ जैकेट पहने रहें

जानकारी हो की पर्यटक स्थलों पर बोटिंग गतिविधियों के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन ने सभी पर्यटकों, विशेष रूप से बच्चों वाले परिवारों से अपील की है कि बोटिंग करते पुरे समय लाइफ जैकेट की बेल्ट को अच्छी तरह से कस कर बांधें। बच्चों की लाइफ जैकेट की बेल्ट अभिभावक स्वयं बांधें और यह सुनिश्चित करें कि बच्चे पूरे समय लाइफ जैकेट पहने रहें।

बोट को निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं। किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी, अनावश्यक तेज रफ्तार, या जोखिम भरे तरीके से बोट चलाने पर सख्त कार्रवाई

बोटिंग संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बोट को निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं। किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी, अनावश्यक तेज रफ्तार, या जोखिम भरे तरीके से बोट चलाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अभिभावकों की होगी। बोटिंग संचालक यात्री क्षमता और निर्धारित गति का पालन करें।
कोई भी स्टंट या शो-ऑफ सख्ती से वर्जित।

उक्त बैठक में तय सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

‘‘श्रमिक राष्ट्र के विश्वकर्मा हैं’’: डॉ. मनसुख मांडविया ने राष्ट्र-निर्माण में श्रमिकों की अहम भूमिका पर जोर दिया

डॉ. मनसुख मांडविया ने डोड्डाबल्लापुर में 100 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन किया; कर्नाटक के बेल्लारी में 100 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल की वर्चुअल आधारशिला रखी

श्रम संहिता के अंतर्गत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए 7 मई से निःशुल्क राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य जांच अभियान: डॉ. मांडविया

19 प्रतिशत से 64 प्रतिशत कवरेज तक: भारत सामाजिक सुरक्षा में ऐतिहासिक विस्तार का साक्षी बना : डॉ. मांडविया

नई दिल्ली – केंद्रीय श्रम एवं रोजगार एवं युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज डोड्डाबल्लापुर, कर्नाटक में नवनिर्मित 100 बिस्तर वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल का उद्घाटन किया और डोड्डाबल्लापुर से ही दूरस्थ माध्यम से बेल्लारी, कर्नाटक में 100 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल की आधारशिला रखी। इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे और लोकसभा सांसद श्री के. सुधाकर भी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा, “श्रमिक ही राष्ट्र के सच्चे निर्माता और हमारे विश्वकर्मा हैं। उनके कल्याण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों की गरिमा और सशक्तिकरण शासन और राष्ट्रीय विकास का केंद्रबिंदु है।

डॉ. मांडविया ने पिछले दशक में सामाजिक सुरक्षा बीमा (ईएसआईसी) के दायरे में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों की संख्या लगभग 2 करोड़ से बढ़कर 4 करोड़ हो गई है। उन्होंने आगे कहा, “देश में 4 करोड़ से अधिक श्रमिक अब विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत आते हैं, जो 2015 में 19 प्रतिशत कवरेज से बढ़कर आज 64 प्रतिशत से अधिक हो जाने को दर्शाता है, जैसा कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने भी बताया है।”

श्रम सुधारों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता सुनिश्चित होती है। उन्होंने बताया कि नियुक्ति पत्र अनिवार्य कर दिए गए हैं, पुरुषों और महिलाओं के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया गया है और जोखिम भरे व्यवसायों में काम करने वाले श्रमिकों को अब ईएसआईसी कवरेज की गारंटी दी गई है। डॉ. मांडविया ने यह भी कहा कि श्रमिकों के परिवारों को चिकित्सा शिक्षा सुलभ बनाने के लिए ईएसआईसी के तहत 20 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। बीमित व्यक्तियों के बच्चों के लिए 40-50 प्रतिशत सीटें आरक्षित होने से ये संस्थान श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए नए मार्ग और अवसर खोल रहे हैं।

निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर जोर देते हुए, मंत्री ने घोषणा की कि नए श्रम ढांचे के अंतर्गत, 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए बीमारियों का प्रारंभिक चरण में पता लगाने के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराना अनिवार्य होगा। डॉ. मांडविया ने घोषणा की कि इस पहल के तहत, श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य जांच अभियान 7 मई से देश भर के ईएसआईसी अस्पतालों में शुरू किया जाएगा जिससे व्यापक स्तर पर कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।

नवउद्घाटित अस्पताल के क्षेत्रीय प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री जी ने बताया कि इस क्षेत्र में कई कपड़ा उद्योग हैं जिनमें 15 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवारों सहित लगभग 55 लाख लोग ईएसआईसी की स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि ये अस्पताल श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए वरदान साबित होंगे, क्योंकि ये बीमाकृत व्यक्तियों और उनके आश्रितों को पूरी तरह से मुफ्त चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे।

सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि श्रमिकों का कल्याण एक प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है, और भारत के कार्यबल के लिए सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस अस्पताल की स्थापना कर्नाटक के लिए गौरव का क्षण है और श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डोड्डाबल्लापुरा स्थित यह सुविधा ओपीडी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, आपातकालीन देखभाल, स्त्री रोग, बाल रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा, फार्मेसी और निदान सहित व्यापक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल से बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्र के 15 लाख बीमित व्यक्तियों और 55 लाख लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि यह उद्घाटन भारत सरकार और ईएसआईसी के इस अटूट संकल्प को दर्शाता है कि प्रत्येक श्रमिक और उसके परिवार को वह सामाजिक सुरक्षा और चिकित्सा देखभाल मिले जिसके वे हकदार हैं, और यह एक स्वस्थ, संरक्षित और उत्पादक कार्यबल के लिए सरकार के दृष्टिकोण को मजबूत करता है, जिसका उद्देश्य विकसित भारत है।

एक विशेष भाव के रूप में, डॉ. मांडविया ने अस्पताल के विकास में योगदान देने वाले निर्माण श्रमिकों को भी सम्मानित किया और कार्यक्रम के दौरान ईएसआई लाभार्थियों को लाभ वितरित किए।

कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण क्षेत्र के डोड्डाबल्लापुर में स्थित ईएसआईसी अस्पताल 100 बिस्तर वाला एक बहु-विशेषज्ञता माध्यमिक चिकित्सा अस्पताल है, जो 5 एकड़ भूमि पर 101.14 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसमें 32 स्टाफ क्वार्टर शामिल हैं और यह सामान्य चिकित्सा, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, अस्थि रोग, आपातकालीन देखभाल और रेडियोलॉजी, प्रयोगशाला और रक्त बैंक सहित व्यापक निदान सुविधाएं जैसी प्रमुख सेवाएं प्रदान करता है। बेल्लारी में प्रस्तावित ईएसआईसी अस्पताल 5.21 एकड़ भूमि पर 150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा और ईएसआई योजना के तहत बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को आधुनिक, अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।

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सीबीआईसी सदस्य श्री सुरजीत भुजबल ने आज ईटानगर में जीएसटी भवन का उद्घाटन किया

नई  दिल्ली – केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य (अनुपालन प्रबंधन एवं क्षेत्रीय सदस्य) श्री सुरजीत भुजबल ने आज अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में नए ‘जीएसटी भवन’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुवाहाटी क्षेत्र के मुख्य आयुक्त, सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क श्री कुल प्रकाश सिंह और इटानगर के आयुक्त, सीजीएसटी एवं सीएक्स श्री श्याम कानू महंत उपस्थित थे।

इटानगर के नीति विहार, एमओडब्ल्यूबी-II में स्थित जीएसटी भवन को सीबीआईसी के अंतर्गत इटानगर आयुक्त कार्यालय के लिए एक आधुनिक कार्यालय परिसर के रूप में स्थापित किया गया है। इस सुविधा को करदाताओं के लिए एक समर्पित सुविधा केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसका उद्देश्य सेवा वितरण को सुदृढ़ करना, पहुंच में सुधार करना और अनुपालन को सुगम बनाना है।

 

उद्घाटन समारोह में श्री लोबसांग त्सेरिंग, डीसी पापुमपारे और अरुणाचल प्रदेश के एसजीएसटी आयुक्त, श्री अमित कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त सीजीएसटी इटानगर, श्री शशि वापंग लानु, अपर आयुक्त सीजीएसटी दीमापुर, श्री ओट्टो येपुथुमी, संयुक्त आयुक्त सीजीएसटी दीमापुर, श्रीमती बुल्लो मामुंग, सचिव, कौशल विकास, श्री मार्टो काटो, उप सॉलिसिटर जनरल, श्री अरुण कासिनाथ, सीजीएम, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, श्री प्रदीप कुमार, कार्यकारी निदेशक, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, श्री राजेंदर कुमार, कमांडेंट, सीआरपीएफ और सीजीएसटी एवं सी.ई. गुवाहाटी जोन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए श्री सुरजीत भुजबल ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए जीएसटी के मूलभूत सिद्धांतों पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि जीएसटी की सफलता केवल प्रवर्तन में ही नहीं, बल्कि विश्वास, स्वैच्छिक अनुपालन और करदाताओं तथा प्रशासन के बीच सहयोगात्मक साझेदारी में निहित है। अरुणाचल प्रदेश की अंतर्निहित सत्‍यनिष्‍ठा और सामुदायिक विश्वास के मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने कहा कि विभाग इसी प्रकार की उत्तरदायी और जन-केंद्रित कर व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि यह जीएसटी भवन केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि सुविधा, संवाद और आपसी विश्वास का केंद्र होगा।

जीएसटी के अंतर्गत राज्य के प्रदर्शन का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्व संग्रह 526 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है और देश में सबसे अधिक वृद्धि में से एक है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि जीएसटी के अनुपालन में सुधार और जीएसटी प्रणाली में बढ़े हुए विश्वास को दर्शाती है, और कर आधार को और अधिक बढ़ाने के लिए निरंतर जनसंपर्क की आवश्यकता पर बल दिया।

गुवाहाटी जोन के मुख्य आयुक्त, सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क श्री कुल प्रकाश सिंह ने कहा कि बुनियादी ढांचे के निर्माण से करदाताओं के अनुभव में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास एक सहयोगात्मक अनुपालन प्रारूप की ओर बढ़ना है, जहां करदाताओं को मार्गदर्शन, समर्थन और प्रोत्साहन दिया जाए ताकि वे स्वेच्छा से अनुपालन करें।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अधिकारियों को सुविधादाता और भागीदार के रूप में कार्य करना चाहिए और विचार-विमर्शों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में यह तीसरा जीएसटी भवन है, जो इस क्षेत्र में कर प्रशासन को मजबूत करने पर सरकार के निरंतर ध्यान को रेखांकित करता है।

इटानगर स्थित सीजीएसटी एवं सीएक्स आयुक्त श्री श्याम कानू महंत ने कहा कि नया जीएसटी भवन करदाताओं को दी जाने वाली सेवाओं की सुगमता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार लाएगा। उन्होंने कहा कि पंजीकृत करदाताओं की संख्या में निरंतर वृद्धि जीएसटी प्रणाली में बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमारी कर प्रणाली की शक्ति करदाताओं के साथ बनाए गए भरोसे में निहित है और हमारा निरंतर प्रयास अनुपालन को सरल, पारदर्शी और बाधा-मुक्त बनाना रहेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और करदाताओं की सहभागिता को मजबूत करने के लिए राज्य भर में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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आधार के “नए स्वरूप” से संबंधित कुछ समाचार रिपोर्टों पर स्पष्टीकर

हाल ही में कुछ समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ ऐसी खबरें और पोस्ट प्रसारित हो रही हैं, जिनमें बताया जा रहा है कि वर्ष के अंत तक आधार कार्ड के स्वरूप में बदलाव कर केवल एक फोटो और एक क्यूआर कोड तक सीमित किया जा सकता है।

यह सही नहीं है। इस तरह के किसी भी बदलाव की कोई योजना नहीं है।

इस तरह के समाचार और सोशल मीडिया पोस्ट लोगों के मन में अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहे हैं।

आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी खबरों और सोशल मीडिया पोस्टों को नजरअंदाज करें और यूआईडीएआई द्वारा अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और पीआईबी के माध्यम से जारी प्रेस विज्ञप्तियों के द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। मीडिया को भी ऐसी जानकारी को बढ़ावा न देने की सलाह दी जाती है।

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प्रशिक्षु उप समाहर्त्ताओं के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

प्रशिक्षु उप समाहर्त्ताओं से एक-एक कर उनके कार्य अनुभव, पिछली भूमिकाओं तथा प्रशासनिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी ली

*जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनका शीघ्र समाधान करना ही सच्ची जनसेवा है

”जिला प्रशासन में अपनी भूमिका निभाते हुए आप जनसेवा के प्रति पूर्ण समर्पण रखें। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, निष्ठा, जवाबदेही और तेज गति से कार्य संपादन सुनिश्चित करें”:- जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

04.05.2026 – जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में प्रशिक्षु उप समाहर्त्ताओं के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को जिला प्रशिक्षण के दौरान मार्गदर्शन प्रदान करना तथा उन्हें जिला प्रशासन की भूमिका, जिम्मेदारियों और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना था।

प्रशिक्षु उप समाहर्त्ताओं से एक-एक कर उनके कार्य अनुभव, पिछली भूमिकाओं तथा प्रशासनिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी ली

बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी उप समाहर्त्ताओं से एक-एक कर उनके कार्य अनुभव, पिछली भूमिकाओं तथा प्रशासनिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से उनके विचार, चुनौतियों और सुझाव भी जाने। इसके उपरांत उपायुक्त ने उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और निर्देश दिया कि वे योजनाओं को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़कर वास्तविक लाभ सुनिश्चित करें।

जनसेवा के प्रति पूर्ण समर्पण रखें

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को जिला प्रशासन में अपनी भूमिका निभाते हुए आप जनसेवा के प्रति पूर्ण समर्पण रखें। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, निष्ठा, जवाबदेही और तेज गति से कार्य संपादन सुनिश्चित करें।”

जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनका शीघ्र समाधान करना ही सच्ची जनसेवा है

उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशिक्षण के दौरान सभी अधिकारी सक्रिय रहें, स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था, अधिकारियों की भूमिका, विभिन्न विभागों के कार्यप्रणाली तथा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया को गहराई से समझें। जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनका शीघ्र समाधान करना ही सच्ची जनसेवा है।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अधिकारी प्रशिक्षण अवधि में विभिन्न प्रखंडों, अंचलों तथा विभागों का अध्ययन करें तथा वास्तविक क्षेत्रीय समस्याओं से रू-ब-रू हों। उन्होंने कहा कि प्रशासन का अंतिम लक्ष्य आम नागरिक तक बेहतर सुविधाएं और विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

इस अवसर पर उप समाहर्त्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए।

बैठक में स्थापना उप समाहर्ता राँची श्री बिवेक सुमन भी उपस्थित रहे।

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श्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनटीए मुख्यालय के दौरे के दौरान नीट यूजी 2026 की व्यवस्थाओं का जायजा लिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज आयोजित हो रही नीट यूजी 2026 परीक्षा के जमीनी स्तर पर संचालन का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के मुख्यालय का दौरा किया।

अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने परीक्षा से जुड़े अहम पहलुओं का जायजा लिया। इनमें परीक्षा की व्यवस्था, केंद्रों के साथ समन्वय और पूरे देश में परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए स्थापित निगरानी प्रणालियां शामिल थीं। अधिकारियों ने उन्हें बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को संभालने और परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।

नीट यूजी 2026 परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा लगभग 23 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा देश भर में बने केंद्रों पर कड़े नियमों के तहत आयोजित की जा रही है।

नीट यूजी भारत की सबसे बड़ी स्नातक प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। यह देश भर के संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य संबंधित मेडिकल प्रोग्राम में एडमिशन के लिए एक मुख्य माध्यम   का काम करती है।

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पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को भादवि की धारा 225 के तहत एक वर्ष की सजा

दुमका, 04.05.2026 – 16 वर्ष पुराने सड़क जाम मामले में एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को भादवि की धारा 225 के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

हालांकि, सजा के तुरंत बाद अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी। वहीं, साक्ष्य के अभाव में पूर्व भाजपा विधायक रणधीर सिंह समेत अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।

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भारत–कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ के लिए भारतीय सेना का दल रवाना

नई दिल्ली – भारतीय सेना का दल भारत–कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के दूसरे संस्करण – ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ – के लिए रवाना हो गया है। यह अभ्यास 04 से 17 मई 2026 तक कंबोडिया साम्राज्य के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत स्थित टेको सेन फ्नोम थॉम म्रीस प्रॉव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र (कैंप बेसिल) में आयोजित किया जाएगा।

मित्र देशों के साथ चल रहे भारत के रक्षा सहयोग के अंतर्गत कंबोडिया के साथ यह द्विपक्षीय अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय’ वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बदलते परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के अध्याय VII के ढांचे के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा, जिसमें उप-पारंपरिक वातावरण में अभियानों के संचालन हेतु कंपनी स्तर का संयुक्त प्रशिक्षण प्रदर्शित किया जाएगा।

भारतीय सेना के दल में 120  सैन्‍य कर्मी हैं, जिनमें अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। कंबोडियाई दल 160 कार्मिकों का है, जो रॉयल कंबोडियन आर्मी से हैं।

यह संयुक्त अभ्यास उन आतंकवाद-रोधी अभियानों की वर्तमान कार्य-प्रक्रिया के अनुरूप होगा, जिनका सामना संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के दौरान शांति-रक्षक बलों द्वारा किया जाता है । इस उद्देश्य की प्राप्ति विभिन्न व्यावहारिक एवं व्यापक विचार-विमर्शों तथा सामरिक अभ्यासों के माध्यम से की जाएगी, जो एक समग्र प्रमाणीकरण अभ्यास में परिणत होगा।

अभ्यास के अंतर्गत ड्रोन संचालन, मोर्टार तथा स्नाइपर रणनीतियों सहित विशेष कौशल प्रशिक्षण भी होगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के दलों के बीच अंतर-संचालन क्षमता, समन्वय तथा परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करना है।

यह अभ्यास न केवल वैश्विक शांति बनाए रखने के प्रति दोनों देशों की क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि अर्ध-शहरी परिदृश्य में शत्रुतापूर्ण बलों के विरुद्ध विभिन्न अभियानों के दौरान प्राप्त परिचालन अनुभवों के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम पद्धतियां साझा करने को भी प्रोत्साहित करेगा।

संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘सिनबैक्स-द्वितीय 2026’ भारत–कंबोडिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को प्रतिबिंबित करता है और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पारस्परिक समझ को सुदृढ़ करते हुए दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करेगा।

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रांची जिले में सेवानिवृत्त शिक्षकों का भावपूर्ण विदाई सम्मान, पेंशन दरबार आयोजित

 सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की शिक्षकों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है 

जिले के 11 सेवानिवृत्त शिक्षकों 02 कर्मी को उनके लंबे, समर्पित और अनुकरणीय सेवा काल के लिए सम्मानित किया गया

उपायुक्त ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा: “जीवन की इस नई पारी में आप सभी नई ऊंचाइयों को छुएँ। स्वयं को व्यस्त रखें, समाज सेवा में सक्रिय रहें और नई उपलब्धियाँ हासिल करें। ईश्वर आपको लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।”

रांची,03.05.2026 – जिला प्रशासन ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन (02.05.2026) किया। समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सोमवार को पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने की। इस अवसर पर जिले के 11 सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं 02 कर्मचारियों को उनके लंबे, निष्ठापूर्ण एवं प्रेरणादायी सेवा योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मियों को स्मृति चिह्न, शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री* ने कहा, “शिक्षक समाज के निर्माणकर्ता और राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार होते हैं। उनकी निष्ठा, समर्पण और ज्ञान की ज्योति से ही नई पीढ़ी आलोकित होती है। सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद सभी पेंशनरी लाभ सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने जीवन की नई यात्रा शुरू कर सकें।”

“अब आपका अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए बहुत कीमती है

उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए आगे कहा: “अब आपका अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए बहुत कीमती है। नई पीढ़ी को प्रेरित करें, सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहें और स्वस्थ, सुखमय जीवन व्यतीत करें। ईश्वर आपको दीर्घायु और निरोगी रखे।”*

सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मी:

1. श्रीमती बसन्ती कुमारी, स.शि. रा.म.वि. कन्या बुण्डू।

2. श्रीमती शोभा कुजूर, स.शि. रा.म.वि. कोकर, राँची-1।

3. श्रीमती सोरिना केरकेट्टा, स.शि. परमबीर अलबर्ट एक्का रा.म.वि. राँची-2

4. श्री बुद्ध सिंह मुण्डा, स.शि. रा.म.वि. लुंगटू, तमाड़।

5. श्रीमती विनीता मिंज, स.शि. उत्क्र.म.वि. नेवरी, उर्दू काँके।

6. श्री शान्तनु कुमार, स.शि. रा.म.वि. पिस्का, ओरमाँझी।

7. श्रीमती नूतन आईन्द, स.शि. रा.प्रा.वि. कोचेटोला, राहे।

8. श्री सुदीप कुमार सुबर्णो, स.शि. संत पॉल मध्य विद्यालय, राँची-2।

9. श्रीमती संध्या लकड़ा, स.शि. संत मारग्रेट मध्य विद्यालय बहुबाजार, राँची-2।

10. श्री नोएल बाड़ा, स.शि. निर्मला मध्य विद्यालय, सामलौंग, राँची-2।

11. श्री संजेश मोहन ठाकुर, स.शि. डोरण्डा बालिका म०वि० डोरण्डा, राँची-2।

कर्मी:

1. श्री मो० जसीम अख्तर अंसारी, कार्यालय अधीक्षक, राँची समाहरणालय।

2. श्रीमती कनीज फातमा, भाषा सहायक (उर्दू)

कार्यक्रम में जिला उप समाहर्ता श्री बिवेक सुमन एवं जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं धन्यवाद दिया।

यह कार्यक्रम जिला प्रशासन की उस निरंतर प्रयास का हिस्सा है जिसमें शिक्षकों और कर्मचारियों के कल्याण, सम्मान एवं समयबद्ध पेंशन व अन्य लाभों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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सोना सोबरन मेमोरियल सोसायटी द्वारा मोरहाबादी में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

मुख्य अतिथि जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलित शिविर का किया गया शुभारंभ

कैंप में ओरल, सर्वाइकल, ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग, हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप), डायबिटीज, हीमोग्लोबिन एवं टीबी की जांच

जांच में सर्वाइकल कैंसर के 02 और ब्रेस्ट कैंसर के 01 सस्पेक्ट पाए गए

50 लोगों का हीमोग्लोबिन 10 से कम पाया गया

ट्यूबरक्लोसिस के 6 सस्पेक्ट पाए गए

शिविर में “ब्लड डोनेट, सेव लाइफ” का भी दिया गया संदेश

सैकड़ो लोगों ने उठाया मुफ्त जांच शिविर का लाभ

रांची,03.05.2026 – सोना सोबरन मेमोरियल सोसायटी की ओर से  02.05.2026 रांची के मोरहाबादी मे निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर (FREE HEALTH CHECKUP CAMP) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। शिविर का उद्देश्य समाज के लोगों विशेषकर 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना एवं गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य जांच शिविर समाज के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा लोगों को समय रहते बीमारी की पहचान और उपचार का अवसर प्रदान करते हैं।

स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने निःशुल्क जांच का लाभ उठाया। शिविर में चिकित्सकों द्वारा विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाएं प्रदान की गईं।

स्वास्थ्य जांच शिविर में उपलब्ध प्रमुख जांच सेवाएं निम्नलिखित रहीं:-

ओरल कैंसर स्क्रीनिंग – मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान हेतु विशेष जांच की व्यवस्था की गई, जिससे समय पर उपचार संभव हो सके।

सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग – महिलाओं के लिए गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे इस गंभीर बीमारी की रोकथाम में सहायता मिले।

ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग – स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच एवं जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) जांच – लोगों का ब्लड प्रेशर जांचकर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया।

डायबिटीज (मधुमेह) जांच – रक्त शर्करा की जांच कर संभावित मरीजों को चिन्हित किया गया एवं उन्हें आगे की चिकित्सा सलाह दी गई।

कई सस्पेक्ट पाए गए

फ्री हेल्थ चेकअप कैंप में कई लोगों ने अपनी जांच कराई।

जांच में सर्वाइकल कैंसर के 02 और ब्रेस्ट कैंसर के 01 सस्पेक्ट पाए गए। 50 लोगों का हीमोग्लोबिन 10 से कम पाया गया, जबकि ट्यूबरक्लोसिस के 6 सस्पेक्ट पाए गए, सभी को चिकित्सकों द्वारा उचित सलाह दी गई

इस शिविर के आयोजन में जिला प्रशासन का विभिन्न संस्थाओं का सहयोग मिला। जिसमें रांची कैंसर कोर फाउंडेशन (टाटा ट्रस्ट द्वारा समर्थित) तथा राज्य एनसीडी कार्यक्रम (एनएचएम, झारखंड) का विशेष योगदान रहा। शिविर में “ब्लड डोनेट, सेव लाइफ” का संदेश भी दिया गया, जिससे लोगों को रक्तदान के प्रति प्रेरित किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते।

सोना सोबरन मेमोरियल सोसायटी ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके और एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

इस दौरान सिविल सर्जन श्री प्रभात कुमार, जिला नजारत उप समाहर्त्ता श्री सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय, सोना सोबरन मेमोरियल सोसायटी के रंजीत पाठक, प्रमोद कुमार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ रांची कैंसर कोर फाउंडेशन तथा राज्य एनसीडी कार्यक्रम (एनएचएम, झारखंड) के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने की PRE SIR कार्यों की समीक्षा

जिला अंतर्गत 64-हटिया विधानसभा क्षेत्र में PRE SIR कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा

मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर

बचे हुए वोटरों की मैपिंग का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश

BLO को हर घर में स्टीकर लगाने एवं घर-घर सत्यापन कार्य गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश

अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं का विलोपन का कार्य नियमानुसार करने के निर्देश

रांची,जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 02.05.2026 को रांची जिला अंतर्गत 64-हटिया विधानसभा क्षेत्र में PRE SIR कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी श्री बिवेक कुमार सुमन, निर्वाची निबंधक पदाधिकारी हटिया विधानसभा क्षेत्र श्री राजेश्वरनाथ आलोक, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री राजेश साहू, हटिया विधानसभा क्षेत्र की बूथ लेवल ऑफिसर एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा हटिया विधानसभा क्षेत्र में PRE SIR संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन के निर्देश दिये। उन्होंने मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर देते हुए बचे हुए वोटरों की मैपिंग का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिला पंचायती राज पदाधिकारी को पंचायत स्तर पर चुने गये सभी जनप्रतिनिधियों का मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

NOTIONAL हाउस नंबरिंग कार्य की समीक्षा करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा बीएलओ द्वारा रजिस्टर संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी BLO हर घर में स्टीकर लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी BLO अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर सत्यापन कार्य को गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें, ताकि किसी भी योग्य मतदाता का नाम छूटे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी BLO को मतदाताओं के नामों को चिन्हित कर अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं का विलोपन का कार्य नियमानुसार करने के निर्देश दिये, उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता में किसी प्रकार की त्रुटि स्वीकार्य नहीं होगी।

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जनगणना-2027 की तैयारी तेज, रांची प्रेस क्लब में स्व-गणना पर विशेष ब्रीफिंग आयोजित

रांची,02.05.2026  – जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां अब ज़मीनी स्तर पर तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को रांची प्रेस क्लब परिसर में (01.05.2026) स्व-गणना (Self-Enumeration) को लेकर एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रांची प्रेस क्लब और रांची नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें मीडिया और प्रशासन के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार जनगणना में डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत आम नागरिक स्वयं भी अपनी गणना ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए भारत सरकार द्वारा एक विशेष पोर्टल https://se.census.gov.in शुरू किया गया है, जहां 01 मई से 15 मई 2026 तक लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

ब्रीफिंग में बताया गया कि स्व-गणना से न केवल प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी और डेटा अधिक सटीक तरीके से संकलित किया जा सकेगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों को पोर्टल पर अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी, ताकि भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में इसका सही उपयोग हो सके।

इस अवसर पर मीडिया की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। उपस्थित पत्रकारों से अपील की गई कि वे इस जानकारी को व्यापक स्तर पर प्रसारित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

कार्यक्रम में रांची नगर निगम के उप नगर आयुक्त महोदय, रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंभू नाथ चौधरी, सचिव अभिषेक सिन्हा, संयुक्त सचिव चंदन भट्टाचार्य, कार्यकारी सदस्य सौरभ कुमार शुक्ला, प्रतिमा कुमारी, संजय सुमन और विजय कुमार गोप समेत कई वरिष्ठ पत्रकार और क्लब के सदस्य उपस्थित रहे।

अंत में सभी ने जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया और लोगों से समय रहते स्व-गणना में भाग लेने की अपील की।

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डीपीआईआईटी सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया ने हरियाणा और राजस्थान में एनआईसीडीसी परियोजनाओं की समीक्षा की; उद्योग जगत के हितधारकों के साथ परामर्श आयोजित किया

नई दिल्ली – उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित की जा रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और उद्योग जगत के हितधारकों से बातचीत करने के लिए हरियाणा और राजस्थान में प्रमुख औद्योगिक परियोजना स्थलों का दौरा किया।

यात्रा का शुभारंभ हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में स्थित एकीकृत बहुमॉडल लॉजिस्टिक्स हब (आईएमएलएच), नांगल चौधरी के निरीक्षण से हुआ। लगभग 886 एकड़ में फैली यह परियोजना मानेसर, बावल, धारूहेड़ा, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी/ उत्तरी हरियाणा के उप-क्षेत्रों सहित प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से माल ढुलाई की सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है।

भारत सरकार की ओर से इस परियोजना को ₹1,029 करोड़ की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी गई थी और इसे एनआईसीडीसी हरियाणा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट लिमिटेड नामक विशेष उद्यम जरिए पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया जा रहा है, जिसमें एनआईसीडीआईटी और एचएसआईआईडीसी की समान हिस्सेदारी है।

सचिव ने प्रथम चरण के विकास, बाहरी कनेक्टिविटी कार्य, आंतरिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रस्तावित लॉजिस्टिक सुविधाओं जैसे कि एग्जिम जोन, वेयरहाउसिंग, कंटेनर स्टैकिंग, परिवहन जोन और वाणिज्यिक क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की।

राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम सीईओ एवं एमडी श्री रजत कुमार सैनी इस दौरे के दौरान सचिव के साथ थे. हरियाणा में, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सरवन; नारनौल स्थित महेंद्रगढ़ की उपायुक्त श्रीमती अनुपमा अंजलि (आईएएस); नारनौल के उप-मंडल अधिकारी (सिविल) श्री अनिरुद्ध यादव (आईएएस); और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के नीमराना का दौरा किया, जहां उद्योग जगत के साथ संवाद आयोजित किया गया और एनआईसीडीसी नीमराना सौर ऊर्जा परियोजना का दौरा किया गया।

भारत जापान के सहयोग से तैयार यह परियोजना औद्योगिक इस्तेमाल के लिए स्मार्ट माइक्रोग्रिड प्रणालियों के साथ सौर ऊर्जा के एकीकरण को प्रदर्शित करती है। इसमें सौर पीवी उत्पादन सहित 6 मेगावॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल है, और यह औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा प्रदर्शन पहल के तौर पर कार्य करता है। डीपीआईआईटी सचिव ने एनआईसीडीसी नीमराना सौर ऊर्जा परियोजना के 5 मेगावॉट संयंत्र में एससीएडीए सुविधा का उद्घाटन किया।

श्री सुरेश कुमार ओला, आईएएस, प्रबंध निदेशक, आरआईआईसीओ, ने आरआईआईसीओ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र की समीक्षा और संबंधित चर्चाओं में भाग लिया।

नीमराना में, सचिव ने राजस्थान में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार किए जा रहे जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (जेपीएमआईए) की प्रगति की समीक्षा भी की।

लगभग 1,578 एकड़ में फैला यह क्षेत्र जोधपुर और पाली के बीच रणनीतिक रूप से स्थित है, जो दोनों शहरों से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है।

एनएच-62 और एसएच-64 के माध्यम से इसकी मजबूत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी है, साथ ही एनएच-25 और एसएच-68 तक अतिरिक्त पहुंच है और यह पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स बाजारों की सेवा करने के लिए उपयुक्त स्थान पर स्थित है।

जेपीएमआईए परियोजना का कार्यान्वयन राजस्थान औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम (आरआईडीसीओ) के जरिए किया जा रहा है, जो आरआईआईसीओ और एनआईसीडीसी की इक्विटी भागीदारी वाली एक विशेष उद्यम (एसपीवी) है।

इस परियोजना से लगभग ₹7,500 करोड़ का निवेश आकर्षित होने और लगभग 40,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। लक्षित क्षेत्रों में वस्त्र और परिधान, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल, हस्तशिल्प और भवन निर्माण सामग्री शामिल हैं। सचिव ने मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की स्थिति, परियोजना प्रबंधन व्यवस्था और कार्यान्वयन समय सीमा की समीक्षा की और समय पर क्रियान्वयन और निवेशकों की सुविधा के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने बाद में हरियाणा में स्थित आईएमटी बावल और आईएमटी सोहना का दौरा किया, जिसमें टीडीके बैटरी मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र भी शामिल था, और इसके बाद उद्योग प्रतिनिधियों के साथ आगे की बातचीत की।

हितधारकों के साथ परामर्श ने सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद के लिए एक रचनात्मक मंच प्रदान किया।

उद्योग प्रतिनिधियों ने कार्यान्वयन और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित मुद्दों को हल करने, व्यापार करने में सुगमता लाने और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के लिए लगातार सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

चर्चाओं में औद्योगिक समूहों के भीतर नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को प्रोत्साहन देने के महत्व को भी उजागर किया गया।

यात्रा के दौरान बोलते हुए श्री अमरदीप सिंह भाटिया ने दोहराया कि औद्योगिक कॉरिडोर परियोजनाओं को उद्योग की आवश्यकताओं और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों के अनुरूप प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए डीपीआईआईटी, एनआईसीडीसी और राज्य सरकारें निकट समन्वय में काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि बाधाओं की पहचान करने, मुद्दों के त्वरित समाधान को सक्षम बनाने और निवेशकों का विश्वास सुदृढ़ करने के लिए नियमित जमीनी दौरे और हितधारकों के साथ परामर्श जरूरी है।

श्री रजत कुमार सैनी ने विश्व स्तरीय औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निवेश को सुगम बनाने में सहायता करने और संपोषित औद्योगिक शहरों के निर्माण के लिए एनआईसीडीसी की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो आर्थिक विकास, रोजगार निर्माण और भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता में योगदान करते हैं।

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द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति की 5वीं बैठक दार एस सलाम में आयोजित की गई

नई दिल्ली – भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) का 5वां सत्र 29-30 अप्रैल 2026 को तंजानिया के दार एस सलाम में आयोजित किया गया। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल और तंजानिया गणराज्य के विदेश मामलों एवं पूर्वी अफ्रीकी सहयोग मंत्रालय के स्थायी सचिव राजदूत डॉ. सैमुअल विलियम शेलुकिंडो ने की। सत्र में अगस्त 2017 में नई दिल्ली में आयोजित चौथे सत्र के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की गई और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।

भारत और तंजानिया के बीच मजबूत और घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए, सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में चर्चाएं संपन्न हुईं। विचार-विमर्श में व्यापार और निवेश संबंधी मुद्दों पर संवाद और पारस्परिक लाभकारी आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख संस्थागत तंत्र के रूप में संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) के महत्व को रेखांकित किया गया। द्विपक्षीय व्यापार की व्यापक समीक्षा से पता चला कि अगस्त 2017 में नई दिल्ली में आयोजित चौथी जेटीसी के बाद से इसमें लगातार वृद्धि हुई है। द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 9.02 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो 2024-25 में 8.64 बिलियन डॉलर था।

इन चर्चाओं में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान को बढ़ावा देना, भारतीय व्यापारियों के लिए दीर्घकालिक व्यापार वीजा की सुविधा प्रदान करना, फार्मास्यूटिकल्स में नियामक सहयोग को मजबूत करना और स्वास्थ्य, आयुष, शिक्षा और जहाज निर्माण के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण जैसे विषय शामिल थे।

भूवैज्ञानिक अन्वेषण और खनन सहित खनन क्षेत्र में सहयोग, रत्न क्षेत्र में मूल्यवर्धन, रत्न निर्यात से संबंधित नियामक विकास और क्षमता निर्माण और कौशल विकास के अवसरों पर चर्चा की गई।

शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग को सुदृढ़ करना एक प्रमुख फोकस क्षेत्र बना रहा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उच्च शिक्षा के लिए एक उभरते क्षेत्रीय केंद्र के रूप में आईआईटी मद्रास ज़ांज़ीबार की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और नई संस्थागत साझेदारियों की संभावनाओं की खोज करने पर बल दिया गया। व्यावसायिक प्रशिक्षण, औद्योगिक अनुसंधान, नवाचार और सतत प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों की सहयोग के लिए आशाजनक अवसरों के रूप में पहचान की गई।

विद्यमान समझौता ज्ञापन के संबंध में डिजिटल सहयोग के विकास की समीक्षा की गई, जिसमें इंडिया स्टैक सहित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया गया। वास्‍तविक समय भुगतान, डिजिलॉकर और डिजिटल सेवाओं में सहयोग के अवसरों का पता लगाया गया। ई-कॉमर्स में सहभागिता, जिसमें सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करना और नियामक चुनौतियों का समाधान करना शामिल है, विचार-विमर्श का हिस्सा थी।

भारत ने जहाज निर्माण में अपनी विशेषज्ञता की पेशकश की और तंजानियाई संस्थानों के साथ संभावित साझेदारी के साथ-साथ शिपयार्ड विकास और बंदरगाह बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डाला।

भारत द्वारा तंजानिया में जल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए 1.1 बिलियन डॉलर से अधिक की ऋण राशि के माध्यम से किए गए विकास सहयोग को रेखांकित किया गया। वर्तमान में कार्यान्वित हो रही इन परियोजनाओं से 24 शहरों में 60 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। जल आपूर्ति नेटवर्क के विस्तार और अवसंरचना विकास में निरंतर सहयोग एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र बना हुआ है।

आर्थिक विकास, आजीविका और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने में मत्स्य पालन और समुद्री संसाधनों के महत्व पर बल दिया गया। मत्स्य पालन, मछली प्रसंस्करण, क्षमता निर्माण और सतत समुद्री संसाधन प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने के लिए तंजानिया के प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा में गहरी भागीदारी को बढ़ावा देने, साथ ही कैंसर विज्ञान जैसे क्षेत्रों में क्षमता निर्माण को बढ़ाने और भारत से चिकित्सा विशेषज्ञों, नर्सों और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए आदान-प्रदान कार्यक्रम स्थापित करने पर जोर दिया गया। तंजानिया के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य और टेलीमेडिसिन के विस्तार हेतु सहयोग को प्रोत्साहित किया गया। मलेरिया, तपेदिक और एचआईवी/एड्स सहित तंजानिया में आम बीमारियों से संबंधित संयुक्त अनुसंधान पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कृषि क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया गया, जिसमें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कृषि-प्रसंस्करण और अनुसंधान सहयोग शामिल थे। प्रमुख फसलों के मूल्यवर्धन और कृषि-प्रसंस्करण उद्योगों में भारतीय निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला गया। अनुबंध खेती, सूक्ष्म सिंचाई और दलहन (अरहर सहित) के व्यापार में सहयोग की संभावनाओं का भी पता लगाया गया। पशुधन क्षेत्र में भागीदारी, जिसमें डेयरी विकास, क्षमता निर्माण और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना शामिल है, को भी व्यापक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में सहमति दी गई।

भारत ने लोकोमोटिव और रोलिंग स्टॉक की आपूर्ति, रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण और विशेष संस्थानों के माध्यम से क्षमता निर्माण में सहयोग प्रदान किया। व्यवहार्यता अध्ययन और रखरखाव प्रणालियों में सहयोग के अवसरों की भी खोज की गई।

नवीकरणीय ऊर्जा, प्राकृतिक गैस, जैव ईंधन और विद्युत अवसंरचना में सहयोग पर चर्चा हुई। सभी ऊर्जा उप-क्षेत्रों को शामिल करने वाले एक व्यापक समझौता ज्ञापन की आवश्यकता पर बल दिया गया। भारत ने परामर्श, क्षमता निर्माण, परियोजना प्रबंधन और ट्रांसमिशन प्रणालियों तथा संकर ऊर्जा समाधानों सहित ऊर्जा अवसंरचना के विकास में सहयोग की पेशकश की।

सहयोग के कई अन्य क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जिनमें व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी, कृषि वैज्ञानिकों का आदान-प्रदान, आवास और शहरी विकास और पेशेवर सेवाओं में पारस्परिक मान्यता समझौते शामिल हैं। बाज़ार पहुंच से जुड़े मुद्दों, जैसे कि टैरिफ, पौध संरक्षण उपाय और नियामक प्रक्रियाओं पर भी विचार किया गया और इन चिंताओं को दूर करने के लिए निरंतर सहयोग की परिकल्पना की गई। मानकीकरण, प्रतिस्पर्धा नीति, व्यापार संवर्धन, आव्रजन और अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं में सहयोग के विकल्पों पर भी विचार किया गया।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के नेतृत्व में भारतीय व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी वाणिज्य सचिव के साथ था। भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार सम्मेलन (जेटीसी) के 5वें सत्र के दौरान एक संयुक्त व्यापार सम्मेलन भी आयोजित किया गया। भारत के वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ती व्यापार साझेदारी और उनके संबंधित बाजारों के बीच बढ़ते तालमेल की सराहना की। इस सम्मेलन में भारत और तंजानिया के प्रमुख व्यापार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। तंजानिया का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक कूटनीति के निदेशक राजदूत जॉन उलांगा और कई प्रमुख स्थानीय उद्यो‍गपतियों ने किया। उनके भाषणों में भारतीय निवेश के रणनीतिक महत्व और पूर्वी अफ्रीकी क्षेत्र में अधिक एकीकृत और समृद्ध व्यापारिक वातावरण को बढ़ावा देने के साझा लक्ष्य पर बल दिया गया।

संयुक्त व्यापार समिति की बैठक भारत और तंजानिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि के साथ समाप्त हुई। विचार-विमर्श में भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण नजर आया। इसमें संस्थागत तंत्रों को सुदृढ़ करने, जारी पहलों के त्‍वरित कार्यान्‍वयन और प्रमुख सेक्‍टरों में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया।

भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति का अगला (छठा) सत्र परस्‍पर सहमति से सुविधाजनक तिथियों पर नई दिल्ली में आयोजित करने पर सहमति बनी।

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प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान बुद्ध के आदर्शों को साकार करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता प्रकट की। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भगवान बुद्ध के विचार समाज में आनंद और एकजुटता की भावना को और प्रगाढ़ करेंगे। उन्होंने इस पवित्र अवसर पर सभी से भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों को अपनाने के संकल्प को दोहराने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर हमें शांति, करुणा और सद्भावना के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि गौतम बुद्ध के अनुसार, जब कोई व्यक्ति यह समझ लेता है कि उसके भीतर या बाहर कोई भी सत्ता स्थायी या स्व-अस्तित्ववान नहीं है, और जब वह ‘अष्टांगिक मार्ग’—यानी सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प और सम्यक आचरण—का अनुसरण करता है, तो वह दुखों से मुक्त हो जाता है और परम शांति को प्राप्त करता है।

प्रधानमंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट में लिखा:

“बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बुद्ध के आदर्शों को साकार करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता अत्यंत दृढ़ है। कामना है कि उनके विचार हमारे समाज में आनंद और एकजुटता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें।”

“सभी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की असीम शुभकामनाएं। शांति, करुणा और सद्भावना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाले इस पावन अवसर पर आइए, भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प दोहराएं।

नान्तर्बहिश्च लोकेषु त्वात्मानं दृष्टवान् क्वचित्।

आष्टाङ्गिकेन मार्गेण परमां शान्तिमाययौ॥”

गौतम बुद्ध के अनुसार, जब कोई व्यक्ति यह समझ जाता है कि उसके भीतर या बाहर कोई भी स्थायी, स्व-अस्तित्ववान सत्ता नहीं है, और ‘अष्टांगिक मार्ग’—यानी सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प और सम्यक आचरण—का पालन करता है, तब वह दुखों से मुक्त हो जाता है और परम शांति को प्राप्त करता है।

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