इस दौरे के दौरान, उनके साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास निदेशक विवेक गोयल, राज्य योजना विभाग के सचिव एल.टी. डरलॉन्ग और उनाकोटि के जिलाधिकारी डॉ. तमल मजूमदार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। उनाकोटि पहुंचने पर, उनका भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। शैव तीर्थ स्थल उनाकोटी के भ्रमण के बाद, श्री जाजू ने कहा कि उनका त्रिपुरा का तीन दिवसीय दौरा केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित चल रही और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की प्रगति की जमीनी स्तर पर समीक्षा करना है। उन्होंने उनाकोटी की वास्तुकला और मूर्तिकला विरासत के प्रति गहरी प्रशंसा व्यक्त की।
बाद में श्री जाजू ने उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर उपमंडल के फूलबारी स्थित अगर की खेती वाले गांव का दौरा किया। उन्होंने अगर की खेलती करने वाले किसानों से बातचीत की और राज्य में इसकी खेती की विशाल संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अगर किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर अगर की खेती के विस्तार के लिए कई पहलें की जा रही हैं।
रविवार को, श्री जाजू सिपाहीजला वन्यजीव अभयारण्य का दौरा करेंगे और विश्रामगंज में ‘PM-DevINE’ परियोजना का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे नीरमहल होते हुए माताबारी स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जाएंगे। कल वे महारानी बैराज का निरीक्षण करेंगे और फिर चबीमुरा तथा डम्बूर में नारियल के बागान भी देखने जाएंगे।
