‘बदलता भारत मेरा अनुभव’ रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की गई

नई दिल्ली – भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ‘बदलता भारत मेरा अनुभव’ अभियान के अंतर्गत चार रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की। ये प्रतियोगिताएं मायगॅव के सहयोग से आयोजित की गईं और इनमें देश भर के नागरिकों को आमंत्रित किया गया था कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत में हुए परिवर्तनों को दर्शाते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव और रचनात्मक विचार साझा करें।

इस अभियान में विकसित भारत@2047′ की परिकल्‍पना के अनुरूप विभिन्न आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने रचनात्मक माध्यमों के द्वारा परिवर्तनकारी शासन और सभी क्षेत्रों में तीव्र विकास के प्रभाव को दर्शाया जिससे नागरिकों की आवाज़ बुलंद हुई और विकसित भारत की ओर राष्ट्र की यात्रा में जनभागीदारी को बल मिला। जमीनी स्तर की भागीदारी से लेकर रचनात्मक प्रदर्शनों तक, इस पहल ने प्रत्येक भारतीय को प्रेरित किया, उन्हें शामिल किया और उनकी आवाज़ को बुलंद किया।

श्रेणीवार विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

1. बदलता भारत मेरा अनुभव – इंस्टाग्राम रील प्रतियोगिता

  • प्रथम पुरस्कार: इंद्रजीत सुबोध मशंकर
  • द्वितीय पुरस्कार: मंजरी वी महाजन
  • तृतीय पुरस्कार: मिष्टी लोहारे
  • सांत्वना पुरस्कार: मोहम्मद हाज़िम राथर, अनुभवी सिन्हा, आयुष्मान बरमैया, सिद्धार्थ एम., कार्तिक भटनागर, ऐश्वर्या कुमावत,आतिश महापात्र

2. बदलता भारत मेरा अनुभव – यूट्यूब शॉर्ट्स चैलेंज

  • प्रथम पुरस्कार: मंथन रोहित
  • द्वितीय पुरस्कार: जूनियर ट्यूब चैनल
  • तृतीय पुरस्कार: लेखा चेतन कोठारी
  • सांत्वना पुरस्कार: सौमिता दत्ता, हैमंती मेटे, दिनेश चोटिया, दिव्या बिश्नोई, तपेश, सिद्धार्थ एम., दिनेश कुमार

3. लघु एवी चैलेंज – नए भारत की कहानी

  • प्रथम पुरस्कार: सुशोवन मन्ना
  • द्वितीय पुरस्कार: पाप्‍पे सोम
  • तृतीय पुरस्कार: रवि परिहार
  • सांत्वना पुरस्कार: दिनेश चोटिया, सिद्धार्थ एम.

4. बदलता भारत मेरा अनुभव – ब्लॉग लेखन प्रतियोगिता

  • प्रथम पुरस्कार: कृष्णा गुप्ता
  • द्वितीय पुरस्कार: सिंजिनी चटर्जी
  • तृतीय पुरस्कार: ब्रिंदा सोमानी
  • सांत्वना पुरस्कार: नूपुर जोशी, तृषा सिंह बघेल, मिनाक्षी भंसाली, विश्वनाथ क्लेयर, नंदनी भवसार, श्रीरामगणेश, अपूर्वा

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ‘बदलता भारत मेरा अनुभव’ अभियान के सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को ‘विकसित भारत’ की अपनी कहानियों को बताने में उनके उत्साहपूर्ण योगदान के लिए बधाई देता है और सभी विजेताओं से इस परिवर्तन यात्रा में अपनी रचनात्मक ऊर्जा को जारी रखने का आग्रह करता है।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज श्री विजय पुरम में अंडमान-निकोबार संघ शासित सरकार की ₹373 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

नई दिल्ली – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज श्री विजय पुरम में अंडमान एवं निकोबार सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय, श्री बंडी संजय कुमार, अंडमान एवं निकोबार के प्रशासक एडमिरल (सेवानिवृत्त) श्री डी के जोशी और केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने श्री विजयपुरम में तीन नए कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का लोकार्पण भी किया।

 

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इसी भूमि पर अंग्रेज़ों द्वारा बनाई गई सेलुलर जेल में आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले कई बलिदानी स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का लंबा समय काटा। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यहां दम तोड़कर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूती दी और कई वीर यहां फांसी के तख्ते पर लटका दिए गए। उन्होंने कहा कि आज सेलुलर जेल में बना वीर सावरकर का स्मारक और प्रज्वलित मशाल पूरी दुनिया को बता रही है कि यहां कई महान आत्माओं ने अपना बलिदान दिया था। श्री शाह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सबसे पहले आज़ाद भारत की इसी भूमि पर तिरंगा फहराया था और उन्ही की स्मृति और उनके उदगारों के सम्मान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दो द्वीपों के नाम शहीद और स्वराज रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस द्वीप समूह पर हर द्वीप को स्वतंत्रता संग्राम के शूरवीरों का नाम देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह भूमि आज़ाद भारत के हर नागरिक के लिए एक तीर्थभूमि है क्योंकि यहां हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पीड़ा को शक्ति, एकांत को संकल्प और यातना को स्वाधीनता तक सहन कर स्वतंत्रता प्राप्त की थी।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस द्वीप समूह को सामरिक शक्ति के रूप में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार अंडमान-निकोबार को देश के खजाने पर बोझ मानती थी, मोदी सरकार में यह देश के खजाने में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में आया यह बदलाव देश के कण कण को भारत माता मानकर उसे समर्पित रहने के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इसके तहत आज यहां नौ बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और 2 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है और एक ही दिन में 373 करोड़ रूपए के विकास के उपहार इस द्वीप समूह को मिले हैं। श्री शाह ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं में 229 करोड़ की लागत वाला एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केन्द्र शामिल है। उन्होंने कहा कि 33 करोड़ की लागत से ज़िला अस्पताल चरण-1 का लोकार्पण, फॉरेंसिक साइंस लैब का लोकार्पण और 50 करोड़ रूपए की लागत से 6 अन्य योजनाओं का लोकार्पण हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि आज इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से हमारे द्वीप समूहों के विकास के एक नए अध्याय की शुरूआत हो रही है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज यहां तीन नए आपराधिक कानूनों का परिचय देने वाली एक प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को इस प्रदर्शनी को ज़रूर देखना चाहिए जिससे उन्हें आने वाले दिनों में आपराधिक न्याय प्रणाली में आने वाले आमूलचूल परिवर्तन और तकनीक को मिलने वाले कानूनी आधार के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि यहां के सभी वकीलों, युवा विद्यार्थियों, विशेषकर महिलाओं, को इसे ज़रूर देखना चाहिए।

 

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशभर में गुलामी की निशानियों से मुक्ति पाने का अभियान शुरू किया है और इसीलिए नेताजी के नाम पर पोर्ट ब्लेयर का नामकरण विजय पुरम और हमारे वीर सेनानियों के नाम पर द्वीपों का नाम रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज अंडमान निकोबार द्वीप समूह एक प्रकार से हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता, समुद्री शक्ति और आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि अंडमान निकोबार में एक ओर जहां ब्लू इकोनॉमी और पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं, वहीं आज़ादी के आंदोलन की एक अमूर्त प्रतिकृति के रूप में हर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति भी यहां देखी जा सकती है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार विरासत को खोए बिना पर्यावरण को सुरक्षित और सुरक्षा को सुदृढ़ रखते हुए इस द्वीप समूह को पूर्ण विकसित भारत का हिस्सा बनाने के प्रति कटिबद्ध है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पर्यटन हो या पर्यावरण, मत्स्य संपदा हो या कृषि, MSME हो या स्वच्छ ऊर्जा, हर क्षेत्र में विकास की शुरूआत यहां हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार में आना वाला प्रोजेक्ट पूरे विश्व के नक्शे पर अंडमान निकोबार को एक महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थान और सामरिक सुरक्षा का केन्द्र बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के एक दशक बाद यह स्थान दुनिया के सबसे अधिक पर्यटकों द्वारा भ्रमण किए जाने वाला स्थान बन जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि स्कूबा डाइविंग के ISO मानांकों के अनुरूप अंडमान निकोबार को अपग्रेड कर हमने इसे वैश्विक स्कूबा और एडवेंटर वाटर स्पोर्ट्स का गंतव्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की एक पेड़ मां के नाम अपील के तहत यहां 24 लाख वृक्षों का रोपण कर हमने पर्यावरण की भी चिंता की है। उन्होंने कहा कि श्री विजयपुरम नगर पालिका परिषद द्वारा 98% घरों से कचरा संग्रहण किया जाना स्वच्छ भारत मिशन की ऐतिहासिक सफलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया का 11वें से चौथे नंबर का अर्थतंत्र बन गया है और 2 ही साल में हम तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि देश में आर्थिक विकास हो रहा है, हम दुनिया के उत्पादन का हब बन रहे हैं, देश सुरक्षित हो रहा है और परंपराओं को पुनर्जीवित कर अपनी संस्कृति और इतिहास के आधार पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत के लोगों ने हर क्षेत्र में अनेक प्रकार के परिवर्तन कर सर्वांगीण विकास का नया अध्याय गढ़ने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने संकल्प लिया है और देश की 130 करोड़ जनता को संकल्प दिलवाया है कि आज़ादी की शताब्दी के समय हर क्षेत्र में भारत विश्व में सर्वप्रथम होगा। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आत्मनिर्भर भारत और भारतीयों के लिए स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र बनने के लिए हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा और हर भारतीय को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संकल्प भी लेना होगा।

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तमिलनाडु के शिक्षक प्रतिनिधिमंडल का अयोध्या में स्वागत किया गया

नई दिल्ली – तमिलनाडु के शिक्षकों सहित प्रतिनिधियों का दूसरा बैच आज अयोध्या पहुंचा और उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे उनकी यात्रा की शुरुआत हुई।

स्वागत के बाद अयोध्या सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रामायण से केवट की कहानी की प्रस्तुति ने दर्शकों को बांधे रखा। इसके बाद तमिलनाडु की एक पारंपरिक कला “शिव पार्वती अट्टम” का प्रदर्शन किया गया।

शिक्षकों ने कहा कि इन यात्राओं ने राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता के बारे में उनकी समझ को और मजबूत किया। अधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिला इस तरह की पहल देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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2nd All India Judges Badminton Tournament 2026 का विधिवत शुभारंभ

रांची,03.01.2026 – मुख्य अतिथि माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय, न्यायमूर्ति श्रीमती अनुभा रावत चौधरी एवं भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सुश्री निक्की प्रधान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया प्रतियोगिता का शुभारंभ

03-04 जनवरी 2026 तक खेलगांव स्थित ठाकुर विश्वनाथ शहदेव इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई है प्रतियोगिता

देश के 09 विभिन्न उच्च न्यायालयों के 31 माननीय न्यायाधीश प्रतियोगिता में ले रहे हैं हिस्सा

मेन सिंगल्स, मेन डबल्स, वूमेन सिंगल्स एवं मिक्स्ड डबल्स कुल चार श्रेणियों में होंगे मुकाबले

प्रतियोगिता के आयोजन में जिला प्रशासन के उल्लेखनीय सहयोग एवं कुशल प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उपायुक्त-सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री सम्मानित

माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड के तत्वावधान में आयोजित 2nd All India Judges Badminton Tournament 2026 का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय, न्यायमूर्ति श्रीमती अनुभा रावत चौधरी एवं भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सुश्री निक्की प्रधान द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि खेल न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग को भी सुदृढ़ करते हैं। ऐसे आयोजन न्यायपालिका के सदस्यों को अपने दायित्वों के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित बैडमिंटन प्रतियोगिता 03 से 04 जनवरी 2026 तक झारखंड की राजधानी रांची स्थित खेलगांव परिसर के ठाकुर विश्वनाथ शहदेव इंडोर स्टेडियम, मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई है।

प्रतियोगिता में देश के 09 विभिन्न उच्च न्यायालयों झारखण्ड, इलाहाबाद, मद्रास, तेलंगाना, उड़ीसा, बॉम्बे, ओडिशा, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 31 माननीय न्यायाधीश भाग ले रहे हैं। टूर्नामेंट का उद्देश्य न्यायपालिका से जुड़े माननीय पदाधिकारियों के बीच खेल भावना, आपसी सौहार्द, शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

प्रतियोगिता के दौरान मेन सिंगल्स, मेन डबल्स, वूमेन सिंगल्स एवं मिक्स्ड डबल्स कुल चार श्रेणियों में मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें माननीय न्यायाधीश अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए खेलगांव परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बैडमिंटन कोर्ट, खिलाड़ियों के लिए विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उद्घाटन समारोह के दौरान प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन, रांची द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधन एवं समन्वय की सराहना की गयी। इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय द्वारा उपायुक्त-सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री को प्रतियोगिता के आयोजन में जिला प्रशासन के उल्लेखनीय सहयोग एवं कुशल प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सम्मानित किया गया।

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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत जागरूकता रथ रवाना : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का संकल्प

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय परिसर से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

01 जनवरी से 31 जनवरी-2026 तक सड़क सुरक्षा माह-2026 के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्यक्रम पूरे रांची जिला के अन्तर्गत आयोजित किए जा रहें हैं

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम “सीख से सुरक्षा” है, जिसके तहत हम नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास:- उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

राँची,03.01.2026 – सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के शुभारंभ अवसर पर आज उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय परिसर से आज दिनांक- 03 जनवरी 2025 को सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य जिले के नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, ओवर स्पीडिंग एवं नशे में वाहन चलाने से बचने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम “सीख से सुरक्षा” है, जिसके तहत हम नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ जीवन एवं संपत्ति की क्षति का प्रमुख कारण बन रही हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम “सीख से सुरक्षा” है, जिसके तहत हम नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास करेंगे। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों एवं बाजारों में भ्रमण कर लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का सख़्ती से पालन करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक राँची, श्री राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची श्री राजेश्वर नाथ आलोक, जिला परिवहन पदाधिकारी राँची श्री अखिलेश कुमार तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम जैसे रैली, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, वाहन जांच अभियान एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन, पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम इस अभियान को सफल बनाने में लगी हुई है।

सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक श्री राकेश सिंह ने अपील की कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता से सहयोग की उम्मीद है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और जीवन रक्षा हो।
वर्ष 2024

कुल दुर्घटनाओं की संख्या 746

कुल मौतों की संख्या 550

कुल घायलों की संख्या 465

वर्ष 2025 (नवंबर 2025 तक)

कुल दुर्घटनाओं की संख्या 747

कुल मौतों की संख्या 504

कुल घायलों की संख्या 486

01 जनवरी से 31 जनवरी-2026 तक सड़क सुरक्षा माह-2026 के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्यक्रम पूरे रांची जिला के अन्तर्गत आयोजित किए जा रहें हैं

1. सड़क सुरक्षा से संबंधित “जागरूकता रथ” द्वारा प्रचार-प्रसार (जिला के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में) LED Van के माध्यम से गांवों एवं शहरों में लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।

2. “सड़क सुरक्षा चौपाल” के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना।

3. “सावधानी की पाठशाला” के तहत स्कूलों, कॉलेजों में छात्रों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना।

4. “रोड़ ऑफ सेफ्टी” के तहत नियम पालन करने वालों का सम्मान और उल्लंघन करने वालों की गॉधीगिरी से समझाना।

5. “हेल्थ चेकअप कैम्प” का आयोजन करना।

6. “वाहन चालकों का प्रशिक्षण” कार्यक्रम का आयोजन करना।

7. “प्रभात फेरी” के माध्यम से लोगों सड़क सुरक्षा के विषय मे जागरूक करना।

8. “नुक्कड़ नाटक” के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।

9. “खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन” के माध्यम से गांवों एवं शहरों में लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।

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सर्द रात में संवेदना और सेवा का उदाहरण बना जिला प्रशासन

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों के बीच किया कंबल वितरण

कर्बला चौक और रांची रेलवे स्टेशन परिसर में बेसहारा, वृद्ध, महिला एवं जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण

गुणवत्ता पूर्ण मुलायम कंबल पाकर लोगों ने राज्य सरकार का किया धन्यवाद

ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है – उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,03.01.2026 – कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच जब पूरा शहर अपने घरों में सिमटा हुआ था, उसी समय उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों की पीड़ा समझने और उन्हें राहत देने के लिए स्वयं सड़कों पर उतरे।

रात के अंधेरे में खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर लोगों के लिए यह पहल किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं थी। कर्बला चौक और रांची रेलवे स्टेशन परिसर में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्वयं उपस्थित होकर बेसहारा, वृद्ध, महिला एवं जरूरतमंद लोगों के बीच मुलायम, गुणवत्ता-पूर्ण कंबलों का वितरण किया।

कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर जो सुकून और राहत दिखाई दी, वह इस मानवीय प्रयास की सार्थकता को स्वयं बयान कर रहा था। कई लोगों की आंखों में संतोष और कृतज्ञता के भाव थे।

गुणवत्ता पूर्ण कंबल पाकर लोगों ने राज्य सरकार का हृदय से धन्यवाद दिया। कई जरूरतमंदों ने कहा कि इस भीषण ठंड में सरकार द्वारा की गई यह मदद उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है। कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न सहे, यही जिला प्रशासन का प्रयास है।

जिला प्रशासन द्वारा ठंड के मौसम में लगातार कंबल वितरण के कार्य किए जा रहे हैं, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी सरकार की चिंता और संवेदना पहुंचे। यह कंबल वितरण केवल एक सहायता नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की मानवीय सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है।

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निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसई) का कार्यान्वयन 1 दिसंबर 2025 से जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से शुरू

नई दिल्ली – निर्यात भारतीय अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, जो जीडीपी का लगभग 21% है और मजबूत विदेशी मुद्रा इनफ्लो का माध्यम हैं। निर्यात आधारित उद्यमों में 45 मिलियन से अधिक लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार पाते हैं, और एमएसएमई कुल निर्यात में लगभग 45% का योगदान देते हैं। निर्यात में लगातार हो रही इस प्रगति ने भारत के चालू खाता बकाया और मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।

वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से लागू की जा रही निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसई) 01.12.2025 से शुरू हो गई है, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान (मेंबर लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस – एमएलआई) अनिश्चित मुश्किलों के समय में भारतीय निर्यातकों को अतिरिक्त वित्तीय मदद दे सकेंगे। इसके साथ ही, यह कदम निर्यात बाजार में विविधता लाएगा और उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। इस सक्रिय हस्तक्षेप का उद्देश्य निर्यातकों और एमएसएमई को क्रेडिट गारंटी देना है, जिससे उन्हें अतिरिक्त क्रेडिट मिल सके। इससे लिक्विडिटी मिलेगी, कारोबार लगातार चलता रहेगा और नए बाजार में विस्तार करने के मौके मिलेंगे।

इस स्कीम में योग्य एमएलआई के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निर्यातक एमएसएमई को ₹20,000 करोड़ तक का अतिरिक्त बिना गारंटी वाली क्रेडिट मदद देने की योजना है। 31.12.2025 तक, ₹8,599 करोड़ के 1,788 आवेदन मिले हैं, जिनमें से कुल 716 आवेदनों को ₹3,141 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जो हमारे निर्यातकों और एमएसएमई के ​​बीच अटूट भरोसे को दिखाता है।

मौजूदा निर्यात क्रेडिट/ वर्किंग कैपिटल लिमिट के 20% तक के वर्किंग कैपिटल लोन राशि के साथ, यह स्कीम निर्यातक और एमएसएमई को क्षमताएं विकसित करने और अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ-साथ नए और उभरते बाजारों में विविधीकरण की दिशा में कदम उठाने में मदद करेगी। इन संस्थाओं की लिक्विडिटी को आसान बनाकर, यह योजना कारोबार के कार्यान्वयन की निरंतरता सुनिश्चित करने और रोजगार बनाए रखने का उद्देश्य करती है।

सीजीएसई योजना 31.03.2026 तक या जब तक ₹20,000 करोड़ तक की गारंटी जारी नहीं हो जाती, तब तक खुली है। इस योजना को वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के माध्यम से लागू कर रहा है।

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वाहन चालकों को गुलाब फुल देकर ट्रैफिक के प्रति जागरूक किया गया

रोज ऐट रोड कार्यक्रम का आयोजन

उपयुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजुनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार अभियान चलाया गया

वाहन चालकों को गुलाब फुल देकर ट्रैफिक के प्रति जागरूक किया गया

सड़क सुरक्षा के मानक एवं सेफ्टी उपकरण का उपयोग के साथ नियमों का उल्लंघन करने पर MV Act के अंतर्गत जुर्माना लगाया जाएगा

रांची,02.01.2026 – उपयुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजुनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार के द्वारा आज (रोज ऐट रोड ) कार्यक्रम का आयोजन रांची जिले के शहरी थाना क्षेत्र के कई जगहों में किया गया।

इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन करने वाले का सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहार को बदलना है जिसके लिए सभी वाहन चालको को गुलाब फुल देकर जागरूक किया गया एवं बताया गया कि सड़क सुरक्षा के नियमों एवं सेफ्टी उपकरण जैसे हेलमेट सीटबेल्ट आदि के साथ सड़क परिवहन के नियमों का पालन करे।

सड़क दुर्घटना से बचने एवं अपने– दूसरों का अनमोल जीवन को बचाने को लेकर यह एक सड़क सुरक्षा का जागरूकता पहल है।

इसके साथ चेतावनी भी दी गई कि आगे से सड़क सुरक्षा के मानक एवं सेफ्टी उपकरण का उपयोग के साथ नियमों का उल्लंघन करने पर MV Act के अंतर्गत जुर्माना लगाया जाएगा।

इस दौरान जिला रोड इंजीनियर एनालिस्ट गौरव कुमार, तकनीकी सहायक अभय कुमार एवं पुलिस बल उपस्थिति रहे।

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वर्ष 2026 में दुगुनी गति से काम करना है – DC Ranchi

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ की बैठक

अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा

जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

कार्यालय में अनुशासन एवं साफ-सफाई पर विशेष बल

रांची,02.01.2026 – उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 02.01.2026 को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में जिला के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपविकास आयुक्त, रांची श्री सौरभ कुमार भुवनिया, अनुमण्डल पदाधिकारी, रांची सदर श्री कुमार रजत, परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री संजय कुमार भगत, अपर जिला दण्डाधिकारी श्री राजेश्वरनाथ आलोक, अपर समाहर्त्ता श्री रामनारायण सिंह सहित अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

“ वर्ष 2026 में दुगुनी गति से काम करना है ”

बैठक के दौरान उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने वर्ष 2025 में विभिन्न बड़े आयोजनों, कार्यक्रमों एवं पर्व-त्योहारों के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए “टीम रांची” को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष सभी विभागों के बीच तालमेल स्पष्ट रूप से देखने को मिला है, इसी समर्पण के साथ वर्ष 2026 में दुगुनी गति से कार्य करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त दायित्वों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करना है।

जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा निर्देश दिया गया कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध ढंग से पहुँचे, इसके लिए सभी विभाग और अधिक तत्परता से कार्य करें। बैठक में झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने आधार एवं बैंक खाता डुप्लीकेशन डिलिशन के कार्य को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये।

अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा

बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। नोडल पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में कुल 9600 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8000 से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया है। उपायुक्त ने शेष शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय में आयोजित होने वाले जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों की जांच रिपोर्ट ससमय उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

कार्यालय में अनुशासन एवं साफ-सफाई पर विशेष बल

बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया कि नए वर्ष में भी सभी अधीनस्थ कर्मी नेम प्लेट एवं पहचान पत्र (आई-कार्ड) अनिवार्य रूप से धारण करें। साथ ही, कार्यस्थलों पर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। समाहरणालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने हेतु नोडल पदाधिकारी एवं नगर निगम के संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

जिले की विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली छोटी से छोटी सूचना भी तत्काल उनके संज्ञान में लाई जाए। उन्होंने शांति समिति में युवाओं एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को आवश्यक निर्देश दिये।

समाहरणालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि परिसर में सुरक्षा एवं अनुशासन बना रहे।

बैठक के अंत में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए रांची जिले को विकास, सुशासन एवं जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सक्रिय भूमिका निभा

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कई प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रदान किए आईकार्ड, नव वर्ष की दी शुभकामनाएं तथा दिए महत्वपूर्ण निर्देश

प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें तथा प्रखंड कार्यालय में आने वाले आमजन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनें और उन्हें शीघ्रता से निष्पादित कराएं

हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए:- उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,02.01.2026 – उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज अपने कार्यालय कक्ष में कुल-08 प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आईकार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पदाधिकारियों को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा कार्यालयीन अनुशासन एवं जनसेवा के प्रति समर्पण पर जोर दिया।

उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें तथा प्रखंड कार्यालय में आने वाले आमजन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनें और उन्हें शीघ्रता से निष्पादित कराएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कार्यालय परिसर में बिचौलियों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहे तथा इस संबंध में कड़ी निगरानी रखी जाए।

हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए

साथ ही, उपायुक्त ने कहा कि हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि आम नागरिकों को त्वरित न्याय एवं राहत मिल सके। उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि नव वर्ष में जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाते हुए जिला प्रशासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए।

इस अवसर पर निम्नलिखित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आईकार्ड प्रदान किया गया:

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, लापुंग

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुढ़मु

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुंडू

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, कांके

* प्रखंड विकास पदाधिकारी, नामकुम

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, राहें

 *प्रखंड विकास पदाधिकारी, बेड़ो

 *प्रखंड विकास पदाधिकारी, चान्हो

यह आयोजन जिला प्रशासन की ओर से बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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नए साल के आगमन पर कई वरीय पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से की शिष्टाचार भेंट, सभी ने नव वर्ष की दी बधाई एवं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने भी सभी को नए साल की दी शुभकामनाएं, कहा – सभी के सहयोग एवं प्रयासों से झारखंड को सशक्त राज्य बनाएंगे

मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, रांची,02.01.2026 – नए साल के आगमन पर राज्य के कई वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नव वर्ष बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रशासनिक पदाधिकारियों में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीक, उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री के श्रीनिवासन,सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची के निदेशक श्री मनीष रंजन, परिवहन आयुक्त श्री संजीव कुमार बेसरा, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री संदीप सिंह, जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक श्री रमेश घोलप, धनबाद के उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, गढ़वा के उपायुक्त श्री दिनेश कुमार यादव, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त श्री सुशांत गौरव, धनबाद के नगर आयुक्त श्री आशीष गंगवार, हजारीबाग के नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता, पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, धनबाद के उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, हजारीबाग की उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह और धनबाद के अनुमंडल पदाधिकारी श्री लोकेश बारंगे शामिल थे।

वहीं, मुख्यमंत्री से भेंट कर नव वर्ष की बधाई देने वाले पुलिस पदाधिकारियों में एसीबी एडीजी श्रीमती प्रिया दुबे, सीआईडी आईजी श्री असीम विक्रांत मिंज, आईजी प्रोविजन श्री मयूर पटेल कन्हैयालाल आईजी मुख्यालय श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल, डीआईजी एसीबी श्री चंदन सिन्हा, डीआईजी एसीबी श्री शैलेंद्र कुमार वर्णवाल, डीआईजी विशेष शाखा श्री नौशाद आलम, डीआईजी बोकारो श्री आनंद प्रकाश, डीआईजी हजारीबाग श्री अंजनी कुमार झा, पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडेय, पाकुड़ पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी, सीआईडी एसपी श्री एहतेशाम वकारिब, रांची के सिटी एसपी श्री पारस राणा, रांची के ग्रामीण एसपी श्री प्रवीण पुष्कर, रांची के ट्रैफिक एसपी श्री राकेश सिंह, एसीबी की एसपी सुश्री श्रुति एवं एसीबी एएसपी श्री निखिल राय शामिल थे।

इसके अलावा सीसीएल के सीएमडी श्री एनके सिंह, रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रीमती सूची सिंह, महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन, अपर महाधिवक्ता श्री अशोक कुमार, झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ जमाल अहमद, एनएचएआई, झारखंड के रिजनल अफसर श्री मुकुंद अतरदे और झारखंड में केंद्रीय सड़क मंत्रालय के रिजनल ऑफिसर श्री अभिलाष श्रीवास्तव ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें नव वर्ष की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने भी अपनी ओर से सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दी और विश्वास जताया कि सभी के सहयोग एवं प्रयासों से झारखंड को एक मजबूत राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष- 2026 सभी के जीवन में खुशियां तथा सुख- समृद्धि लाए और राज्य में शांति- सद्भाव का वातावरण बना रहे।

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नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों के जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

02.01.2026 – जन्म एवं मृत्यु का समय पर तथा सटीक निबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, अपितु आधार कार्ड निर्माण, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, मतदाता सूची में नामांकन, संपत्ति हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होता है – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची जिले में नागरिक निबंधन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज रांची समाहरणालय, रांची के ब्लॉक-‘बी’ स्थित कमरा संख्या-505 में नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री भजन्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि जन्म एवं मृत्यु का समय पर तथा सटीक निबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, अपितु आधार कार्ड निर्माण, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, मतदाता सूची में नामांकन, संपत्ति हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि निबंधन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय-सीमा (जन्म के 21 दिनों एवं मृत्यु के 21 दिनों के अंदर) में निबंधन पूर्ण हो।

उपायुक्त ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों तथा नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत निबंधनकर्ताओं की क्षमता संवर्धन के लिए आयोजित किया गया है। इसमें ऑनलाइन पोर्टल (CRS – Civil Registration System) के उपयोग, दस्तावेज सत्यापन, त्रुटि सुधार तथा आमजन की सुविधा हेतु नवीनतम दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण का उपयोग कर अपनी कार्यकुशलता बढ़ाएं तथा आम नागरिकों को दलालों के चक्कर से मुक्ति दिलाते हुए त्वरित एवं पारदर्शी सेवा प्रदान करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री कुमार रजत, अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, नगर निगम के निबंधन कर्मी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रशिक्षण सत्र का संचालन जिला स्तर के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया, जिसमें व्यावहारिक प्रदर्शन एवं संदेह समाधान पर विशेष बल दिया गया।

उपायुक्त ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिव सह रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को अपने स्तर से निदेशित करेंगे कि प्रत्येक नियमित रूप से पंचायत सचिवालय सह जन्म मृत्यु निबंधन कार्यालय में उपस्थित रहकर जन्म मृत्यु निबंधन से संबंधित कार्य करेंगे। साथ ही प्रखण्ड सांख्यिकी पर्यवेक्षक एवं प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी को निदेशित करेंगे कि प्रत्येक माह कम-से-कम एक-एक निबंधन इकाई की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन जिला सांख्यिकी कार्यालय, राँची को निश्चित रूप से उपलब्ध करायेंगे।

जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रांची जिला नागरिक सेवाओं में उत्कृष्टता की मिसाल बनेगा तथा जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें सरकारी सेवाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाने तथा डिजिटल इंडिया की भावना को साकार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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राँची पुलिस के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा

राँची,02.01.2025 – राँची पुलिस के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है।पुलिस ने संगठित अपराधों और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल 399 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

The year 2025 was full of achievements for Ranchi Police

इसके साथ ही, नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस ने रिकॉर्ड 14.84 करोड़ मूल्य का नशीला पदार्थ बरामद किया है।एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि राँची पुलिस अपराध नियंत्रण और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्ष में भी यह अभियान सख्ती से जारी रहेगा।

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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने नया लोगो और शुभंकर लॉन्च किया

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 1 जनवरी 2026 को अपने नए लोगो और शुभंकर का अनावरण किया।

यह अनावरण सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा अपनी संस्थागत पहचान को आधुनिक बनाने, लोक संपर्क बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में आधिकारिक आंकड़ों की भूमिका को सुदृढ़ करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय का नया लोगो राष्ट्र के विकास में आंकड़ों के महत्व को दर्शाता है और भारत के डेटा-आधारित शासन, पारदर्शिता तथा प्रगति को सुगम बनाने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। भारत की समृद्ध विरासत और आधुनिक सांख्यिकी विज्ञान से प्रेरित यह लोगो मंत्रालय के “विकास के लिए डेटा” के संदेश को दर्शाता है।

लोगो में अशोक चक्र, सत्य, पारदर्शिता और सुशासन का प्रतीक है। मध्‍य में स्थित रुपये का चिह्न आर्थिक नियोजन, नीति निर्माण और राष्ट्रीय विकास में आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। संख्याओं और प्रतीकों का उपयोग आधुनिक डेटा प्रणालियों तथा सांख्यिकी विज्ञान को दर्शाता है।

ऊपर की ओर बढ़ती विकास रेखा प्रगति को दर्शाती है और बताती है कि विश्वसनीय डेटा सतत आर्थिक विकास की कैसे सहायता करता है। केसरिया, सफेद, हरा और गहरा नीला रंग भारत के राष्ट्रीय मूल्यों – विकास, सत्य, स्थिरता, स्थायित्व और ज्ञान – का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो आधिकारिक आंकड़ों के भरोसे और विश्वसनीयता को मजबूत करते हैं।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अपना नया शुभंकर, “सांख्यिकी” प्रस्‍तुत किया है। यह एक मैत्रीपूर्ण और लोक-केंद्रित चरित्र है, जिसे देश भर के लोगों के लिए आंकड़ों को सरल, समझने योग्य और आकर्षक बनाने के लिए बनाया गया है। यह शुभंकर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मूल मूल्यों – सटीकता, पारदर्शिता और डेटा-आधारित शासन – को दर्शाता है और आंकड़ों को इस तरह से प्रस्तुत करता है जो आम जनता के लिए समझना सरल है।

एक भरोसेमंद और बुद्धिमान आकृति के रूप में डिज़ाइन किया गया, “सांख्यिकी” जटिल सांख्यिकीय अवधारणाओं को सरल और दृश्य तरीके से समझाने में मदद करता है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की सार्वजनिक पहचान के रूप में, इस शुभंकर का उपयोग राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षणों, जागरूकता अभियानों, शैक्षिक सामग्री, डिजिटल प्लेटफार्मों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में किया जाएगा। इसका परिचय एनएसओ सर्वेक्षणों में जनता की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और एक सुसंगत तथा पहचानने योग्य दृश्य उपस्थिति के माध्यम से आधिकारिक आंकड़ों में विश्वास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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भारतीय रेल का राष्ट्र को नव वर्ष का उपहार: गुवाहाटी और हावड़ा के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

नई दिल्ली – रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली के रेल भवन में आयोजित बैठक में नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए घोषणा की कि असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू होगा। उन्होंने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संपूर्ण परीक्षण, जांच और प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। जनवरी माह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी इस मार्ग पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय रेल, राष्ट्र और इसके रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि 2026  में कई यात्री-केंद्रित पहल शुरू की जाएंगी और यह भारतीय रेल के लिए बड़े सुधारों वाला वर्ष होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से असम राज्य के कामरूप महानगरपालिका और बोंगाई गांव और पश्चिम बंगाल के कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्वी बर्धमान, हुगली और हावड़ा जैसे जिलों को लाभ मिलेगा। ट्रेन में 16 कोच होंगे, इनमें 11 थ्री-टियर एसी कोच, 4 टू-टियर एसी कोच और 1 फर्स्ट-क्लास एसी कोच शामिल हैं। इसकी कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की होगी।

श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पूरी तरह से नए सस्पेंशन वाली एक नई बोगी विकसित की गई है। डिजाइन के मानकों को नए स्तर पर ले जाया गया है। इसके आंतरिक भाग और सीढ़ियां एर्गोनॉमिक डिजाइन पर आधारित हैं, और सुरक्षा के लिए विशेष मापदंड लागू किए गए हैं।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रात्रिकालीन यात्राओं के लिए आरामदायक, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता का अनुभव प्रदान करेगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की समय सारिणी इस प्रकार बनाई गई है कि यह शाम को अपने प्रस्थान स्थल से रवाना होकर अगली सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचेगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को क्षेत्र विशेष व्यंजनों का आनंद मिलेगा। गुवाहाटी से शुरू होने वाली ट्रेन में प्रामाणिक असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे, जबकि कोलकाता से शुरू होने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन परोसे जाएंगे। इससे रेल में आनंददायक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भोजन मिलना सुनिश्चित होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की विशेषताएं:

  • 180 किमी प्रति घंटे तक की गति वाली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन
  • बेहतर तकिए के साथ एर्गोनॉमिक (ऐसे उत्पाद, जो आरामदायक, सुरक्षित और कुशल हों) रूप से डिज़ाइन किए गए बर्थ
  • सुगम आवागमन के लिए प्रवेश द्वारों सहित स्वचालित दरवाजे
  • बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करने की क्षमता के साथ बेहतर यात्रा का आनंद लें।
  • कवच से सुसज्जित
  • उच्च स्वच्छता बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक
  • उन्नत नियंत्रण और सुरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित ड्राइवर केबिन
  • वायुगतिकीय बाहरी बनावट और स्वचालित बाहरी यात्री दरवाजे
  • दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था
  • आपातकालीन स्थिति में यात्री और ट्रेन प्रबंधक/लोको पायलट के बीच संचार के लिए आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट।
  • सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
  • विद्युत कैबिनेट और शौचालयों में एरोसोल आधारित अग्नि पहचान और शमन प्रणाली से अग्नि सुरक्षा में सुधार हुआ है।

 

 

पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल के एक नए युग की शुरुआत है। यह रात भर की यात्रा के लिए गति, आराम और आधुनिक सुविधाओं का संगम है। यह भारतीय रेल की यात्री-केंद्रित सेवाओं, तकनीकी नवाचार और क्षेत्रीय संपर्क पर केंद्रित प्रतिबद्धता को दर्शाती है और यात्रियों को एक सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध यात्रा प्रदान करती है।

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प्रधानमंत्री 3 जनवरी को भगवान बुद्ध से संबंधित पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 3 जनवरी, 2026 को सुबह लगभग 11 बजे राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर, नई दिल्ली में भगवान बुद्ध से संबंधित पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसका शीर्षक द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन है।

यह प्रदर्शनी पहली बार उन पिपरहवा अवशेषों को एक साथ लाती है, जिन्हें एक सदी से भी अधिक समय के बाद स्वदेश वापस लाया गया है और साथ ही पिपरहवा से प्राप्त उन प्रामाणिक अवशेषों और पुरातात्विक सामग्रियों को भी प्रदर्शित करती है जो राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली और भारतीय संग्रहालय, कोलकाता के संग्रह में संरक्षित हैं।

1898 में खोजे गए पिपरहवा के अवशेष प्रारंभिक बौद्ध धर्म के पुरातात्विक अध्ययन में एक केंद्रीय स्थान रखते हैं। ये भगवान बुद्ध से सीधे जुड़े सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण अवशेषों में से हैं। पुरातात्विक प्रमाण पिपरहवा स्थल को प्राचीन कपिलवस्तु से जोड़ते हैं, जिसे व्यापक रूप से उस स्थान के रूप में पहचाना जाता है जहाँ भगवान बुद्ध ने संन्यास लेने से पहले अपना प्रारंभिक जीवन व्यतीत किया था।

यह प्रदर्शनी भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के साथ भारत के गहरे और निरंतर सभ्यतागत जुड़ाव को उजागर करती है और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इन अवशेषों को हाल ही में स्वदेश वापस लाना निरंतर सरकारी प्रयासों, संस्थागत सहयोग और अभिनव सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से संभव हुआ है।

प्रदर्शनी को विषयगत रूप से व्यवस्थित किया गया है। इसके केंद्र में सांची स्तूप से प्रेरित एक पुनर्निर्मित व्याख्यात्मक मॉडल है, जिसमें राष्ट्रीय संग्रहों के प्रामाणिक अवशेष और स्वदेश वापस लाए गए रत्न एक साथ रखे गए हैं। अन्य सेक्शन में पिपरहवा रिविजिटेड, बुद्ध के जीवन की झलकियाँ, मूर्त में अमूर्त: बौद्ध शिक्षाओं की सौंदर्यपरक भाषा, सीमाओं के पार बौद्ध कला और आदर्शों का विस्तार और सांस्कृतिक पुरावशेषों की वापसी: निरंतर प्रयास शामिल हैं।

जनसामान्य की समझ को बढ़ाने के लिए, इस प्रदर्शनी को एक व्यापक ऑडियो-विज़ुअल कॉम्पोनेंट का सहयोग मिला है, जिसमें इमर्सिव फिल्में, डिजिटल रिकंस्ट्रक्शन, इंटरप्रिटिव प्रोजेक्शन और मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन शामिल हैं। ये तत्व भगवान बुद्ध के जीवन, पिपरहवा अवशेषों की खोज, उनके विभिन्न क्षेत्रों में उनकी यात्रा और उनसे जुड़ी कला परंपराओं के बारे में सुलभ और गहरी जानकारी प्रदान करते हैं।

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रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ दिवस पर कहा कि ऑपरेशन“सिंदूर” के दौरान डीआरडीओ के हथियारों की निर्णायक भूमिका राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है

नई दिल्ली – केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 1 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ मुख्यालय के 68वें स्थापना दिवस के अवसर पर अपने दौरे के दौरान कहा कि  डीआरडीओ द्वारा विकसित हथियार प्रणालियों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई, जो राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के प्रति संगठन की व्यावसायिकता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों/उपकरणों से लैस करके भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए डीआरडीओ की सराहना की करते हुए उन्होंने कहा डीआरडीओ के उपकरणों ने इस ऑपरेशन के दौरान निर्बाध रूप से काम किया, जिससे सैनिकों का मनोबल बढ़ा।

रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस 2025 के अपने संबोधन में घोषित सुदर्शन चक्र के निर्माण में डीआरडीओ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “इस पहल के तहत डीआरडीओ अगले दशक में पूर्ण हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को वायु रक्षा प्रणाली से लैस करने के लिए जिम्मेदार है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने आधुनिक युद्ध में वायु रक्षा के महत्व को देखा। मुझे विश्वास है कि डीआरडीओ इस लक्ष्य को जल्द ही हासिल करने के लिए पूरी लगन से काम करेगा।”

श्री राजनाथ सिंह ने प्रौद्योगिकी के सृजन के साथ-साथ विश्वास निर्माण में डीआरडीओ की भूमिका की भी सराहना की, जिसके कारण लोग आशा, विश्वास और निश्चय के साथ इस संगठन की ओर देखते हैं। निजी क्षेत्र के साथ डीआरडीओ के सहयोग को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप्स के साथ बढ़ी सहभागिता से एक समन्वित रक्षा इकोसिस्टम का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा, “डीआरडीओ ने अपनी प्रणालियों, प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली में लगातार सुधार किया है। खरीद से लेकर परियोजना प्रबंधन तक, उद्योग जगत सहभागिता से  लेकर स्टार्टअप्स और एमएसएमई के साथ सहयोग- कार्य को सरल, तेज और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए स्पष्ट प्रयास दिखाई देते हैं।”

 

रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ से तेजी से विकसित हो रहे प्रौद्योगिकीय इकोसिस्टम के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ते रहने और बदलते समय के अनुरूप उत्पाद लाते रहने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन से नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने वाले अधिक क्षेत्रों की पहचान करने का आग्रह किया। डीआरडीओ द्वारा गहन प्रौद्योगिकी और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रगति से न केवल राष्ट्र की क्षमताओं में वृद्धि होगी, बल्कि रक्षा इकोसिस्टम भी मजबूत होगा।

श्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान युग केवल विज्ञान का नहीं, बल्कि निरंतर विकास और सीखने का युग है। उन्होंने कहा कि इस बदलती दुनिया में प्रौद्योगिकी स्कैनिंग, क्षमता आकलन और भविष्य की तैयारी अब केवल शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया हर दिन बदल रही है। प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा नए युद्ध क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे कल का ज्ञान अप्रचलित हो रहा है। हमें कभी यह नहीं मानना चाहिए कि सीखने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। हमें निरंतर सीखते रहना चाहिए और खुद को चुनौती देते रहना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके।”

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री को रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने चल रही अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, 2025 में संगठन की उपलब्धियों, उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षा जगत को बढ़ावा देने की विभिन्न पहलों तथा 2026 के रोडमैप के बारे में जानकारी दी। श्री राजनाथ सिंह को 2026 के लिए निर्धारित प्रमुख लक्ष्यों और संगठन की बेहतरी के लिए डीआरडीओ द्वारा किए जा रहे विभिन्न सुधारों से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री,  महानिदेशक, कॉर्पोरेट निदेशक और अन्य वरिष्ठ डीआरडीओ वैज्ञानिक तथा अधिकारी भी उपस्थित थे।

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केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल के अंतिम दिन महाराष्ट्र में किसानों से किया संवाद और नए साल के पहले दिन ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद

नई दिल्ली –  केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र प्रवास के दौरान अहिल्यानगर के बालेश्वर में कृषि विकास केन्द्र का भ्रमण कर किसानों से संवाद किया। शिवराज सिंह ने साल के अंतिम दिन खेत-खलिहान से जुड़े मुद्दों पर किसानों के साथ संवाद करते हुए कहा कि, केंद्र सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। साथ ही केन्द्रीय मंत्री हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसान उसके प्राण। किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। शिवराज सिंह ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की और अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

साल के पहले दिन करेंगे ग्रामीणों से चर्चा

वहीं केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने नए साल के पहले दिन, 1 जनवरी को ग्राम लोणी बुदरुक में ग्राम सभा कार्यक्रम में शामिल होंगे और ग्रामीणों से संवाद करेंगे, जहां गांवों के विकास, रोजगार, कृषि, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषयों पर केन्द्रीय मंत्री चर्चा करेंगे।

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राष्ट्रपति ने #SKILLTHENATION AI चैलेंज का शुभारंभ किया तथा वर्चुअली ओडिशा के रायरांगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और कौशल केंद्र का उद्घाटन किया

नई दिल्ली – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (1 जनवरी, 2026) राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक समारोह में एमएसडीई की एसओएआर (स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस) पहल के तहत #SkilltheNation चैलेंज का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्चुअली ओडिशा के रायरांगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और कौशल केंद्र का भी उद्घाटन किया।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विश्वभर की अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया आकार दे रही है। यह हमारे सीखने, काम करने, आधुनिक सेवाओं तक पहुँचने और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करने के तरीकों को बदल रही है। भारत जैसे युवा राष्ट्र के लिए एआई  केवल एक प्रौद्योगिकी नहीं, बल्कि सकारात्मक बदलाव का एक विशाल अवसर है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से यही रहा है कि प्रौद्योगिकी लोगों को सशक्त बनाए, समावेशन को बढ़ावा दे और सभी के लिए अवसरों का विस्तार करे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग सामाजिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकी विभाजनों को पाटने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इसके लाभ सभी पृष्ठभूमि और आयु वर्ग के लोगों तक पहुंचें, विशेष रूप से वंचित समुदायों तक।

राष्ट्रपति ने यह देखकर प्रसन्नता व्यक्त की कि छात्र संभावनाओं और अवसरों से भरे भविष्य के लिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे सदैव स्‍मरण रखें कि प्रौद्योगिकी, ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा, चुनौतियों का समाधान खोजने तथा दूसरों को सशक्त बनाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा करने वाले सांसदों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों के बारे में स्वयं सीखकर उन्होंने सीखने के माध्यम से नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए एक महत्‍वपूर्ण  चालक के रूप में उभर रही है। आने वाले दशक में एआई देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), रोजगार और समग्र उत्पादकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल देश के एआई प्रतिभा भंडार के विकास में एक अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न संस्थानों, उद्योग भागीदारों और शिक्षाविदों के सहयोग से यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी को अपनाए, बल्कि इसके माध्यम से एक जिम्मेदार भविष्य का निर्माण भी करे। उन्होंने सभी से एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारत को एक ज्ञान महाशक्ति बनाने तथा एक प्रौद्योगिकी संचालित, समावेशी और समृद्ध भारत के निर्माण में हम सभी को योगदान देना चाहिए।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत के कार्यबल को एआई-संचालित भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है।

प्रधानमंत्री ने आईएनएसवी कौंडिन्य क्रू को नए साल की शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने समुद्र के बीच यात्रा पर निकले आईएनएसवी कौंडिन्य के चालक दल (क्रू) से प्राप्त एक तस्वीर पर प्रसन्नता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने टीम के उत्साह की सराहना की और देश द्वारा वर्ष 2026 के स्वागत की तैयारियों के बीच उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा:

“आईएनएसवी कौंडिन्य की टीम से यह तस्वीर प्राप्त कर अत्यंत प्रसन्नता हुई! उनका उत्साह देखकर मन हर्षित है। जब हम सभी वर्ष 2026 का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, तो खुले समुद्र की लहरों पर सवार आईएनएसवी कौंडिन्य की टीम को मेरी विशेष शुभकामनाएं। कामना करता हूँ कि उनकी आगे की यात्रा भी हर्षोल्लास और सफलता से परिपूर्ण हो।

@INSVKaundinya”

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने कोटा-नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सीआरएस हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया

नई दिल्ली – भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम उच्च गति परीक्षण रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की देखरेख में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण कोटा-नागदा खंड पर किया गया और इस दौरान ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की, जो उन्नत और आत्मनिर्भर रेल प्रौद्योगिकी की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

परीक्षण के दौरान, व्यापक तकनीकी मूल्यांकन किए गए, जिनमें यात्रा स्थिरता, कंपन व्यवहार, ब्रेकिंग प्रणाली का प्रदर्शन, आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली, सुरक्षा प्रणाली और अन्य अहम मापदंड शामिल थे। उच्च गति पर ट्रेन का प्रदर्शन पूरी तरह संतोषजनक पाया गया और सीआरएस द्वारा परीक्षण को सफल घोषित किया गया।

रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर हाई-स्पीड ट्रायल का एक वीडियो साझा किया, जिसमें कोटा-नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के सफल सीआरएस ट्रायल को दिखाया गया है। वीडियो में पानी से भरे गिलासों की स्थिरता का प्रदर्शन भी किया गयाजिसमें पानी से भरे ये गिलास तेज रफ्तार होने के बावजूद बिना छलके स्थिर रहे। यह इस नई पीढ़ी की ट्रेन की उन्नत सवारी गुणवत्ताबेहतर सस्पेंशन और तकनीकी मजबूती को दर्शाता है।

परीक्षण में इस्तेमाल की गई 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, लंबी दूरी की यात्रा में जाने वाले मुसाफिरों को ध्यान में रखकर बनाई गई है और इसमें अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं मौजूद हैं। इनमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, उन्नत सस्पेंशन सिस्टम, स्वचालित दरवाजे, आधुनिक शौचालय, अग्नि सुरक्षा और निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी आधारित निगरानी, ​​डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली और ऊर्जा-कुशल तकनीकें शामिल हैं। इन सुविधाओं का मकसद यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में मौजूद व्यापक तकनीकी प्रगति और सुरक्षा सुविधाएं नीचे दी गई हैं।

  • कवच से सुसज्जित
  • दुर्घटना-प्रतिरोधी और झटके-रहित अर्ध-स्थायी कपलर और एंटी-क्लाइम्बर
  • प्रत्येक कोच के अंत में अग्निरोधक द्वार
  • विद्युत कैबिनेट और शौचालयों में बेहतर अग्नि सुरक्षा के लिए एरोसोल आधारित अग्नि पहचान और शमन प्रणाली
  • ऊर्जा दक्षता के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली
  • स्वदेशी रूप से विकसित यूवी-सी लैंप आधारित कीटाणुशोधन प्रणाली से सुसज्जित एयर कंडीशनिंग इकाइयाँ
  • केंद्रीय रूप से नियंत्रित स्वचालित प्लग द्वार और पूरी तरह से सीलबंद चौड़े गलियारे
  • सभी कोचों में सीसीटीवी
  • आपात स्थिति में यात्री और ट्रेन प्रबंधक/लोको पायलट के बीच संचार के लिए आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट
  • दिव्यांगजन यात्रियों के लिए प्रत्येक छोर पर ड्राइविंग कोचों में विशेष शौचालय
  • एयर कंडीशनिंग, सैलून लाइटिंग आदि जैसी यात्री सुविधाओं की बेहतर स्थिति निगरानी के लिए केंद्रीकृत कोच निगरानी प्रणाली
  • ऊपरी बर्थ पर चढ़ने में आसानी के लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन की गई सीढ़ी

सीआरएस हाई-स्पीड ट्रायल का सफल समापन एक अहम तकनीकी उपलब्धि है और इसके साथ ही वंदे भारत स्लीपर सेवाओं की शुरुआत के लिए रास्ता साफ हो गया है। यह विकास आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत नवाचार, सुरक्षा और स्वदेशी रेल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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2nd All India Judges Badminton Tournament का आयोजन

03 से 04 जनवरी 2026 तक रांची के खेलगांव में होगा आयोजन

देशभर के 09 उच्च न्यायालयों के 30 से ज्यादा माननीय न्यायाधीश प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा

रांची,01.01.2025 – माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड के तत्वावधान में 2nd All India Judges Badminton Tournament का आयोजन दिनांक 03 से 04 जनवरी 2026 तक झारखंड की राजधानी रांची में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आयोजन रांची स्थित खेल गांव परिसर के ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव इंडोर स्टेडियम में किया जाना निर्धारित है। 1st All India Judges Badminton Tournament का आयोजन 04-05 जनवरी 2025 को ओडिशा में आयोजित किया गया था।

इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न 09 उच्च न्यायालयों के 30 से ज्यादा माननीय न्यायाधीश भाग लेंगे। टूर्नामेंट का उद्देश्य न्यायपालिका से जुड़े माननीय पदाधिकारियों के बीच खेल भावना, आपसी सौहार्द, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के सफल एवं सुचारु संचालन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। खेल गांव परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बैडमिंटन कोर्ट, खिलाड़ियों के विश्राम, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

प्रतियोगिता के दौरान चार श्रेणियों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। मेन सिंगल, मेन डबल्स, वूमेन सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स में देशभर से आए न्यायाधीश अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

टूर्नामेंट के समापन पर विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं आगंतुकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

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माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड श्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची श्री राकेश रंजन ने की मुलाकात

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने माननीय मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर दीं नव वर्ष की शुभकामनाएं

रांची,01.01.2026 – माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड श्री हेमंत सोरेन से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची श्री राकेश रंजन ने आज शिष्टाचार मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने माननीय मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने दोनों पदाधिकारियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए रांची जिले के समग्र विकास, सुशासन एवं बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए दायित्वों के सफल निर्वहन की कामना की।

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माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार मुलाकात

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची श्री राकेश रंजन ने की मुलाकात

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने माननीय राज्यपाल को पुष्पगुच्छ भेंट कर दीं नव वर्ष की शुभकामनाएं

रांची,01.01.2026 – माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची श्री राकेश रंजन ने आज राजभवन में शिष्टाचार मुलाकात की।

 इस अवसर पर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने माननीय राज्यपाल को पुष्पगुच्छ भेंट कर नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। माननीय राज्यपाल ने भी दोनों पदाधिकारियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उनके दायित्व निर्वहन में सफलता की कामना की।

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