भगवान परशुराम का जीवन ज्ञान, साहस और मर्यादा का अद्भुत संगम है : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली ,06 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा है कि भगवान परशुराम जी का जीवन ज्ञान, साहस और मर्यादा का अद्भुत संगम है। उनके आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि धर्म का सार केवल आचरण में नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी है।

मुख्यमंत्री ने यह विचार आज अंतरराज्यीय ब्राह्मण सम्मेलन में व्यक्त किए। यह कार्यक्रम पीतमपुरा स्थित वेस्ट एन्क्लेव में श्री मैथिली ब्राह्मण सभा, दिल्ली प्रदेश द्वारा आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार ब्राह्मण समाज ने सदैव ज्ञान, संस्कृति और धर्म के माध्यम से समाज को दिशा दी है।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य हर वर्ग के लोगों को समान अवसर और सभी समुदायों के योगदान को सम्मान के साथ स्वीकार करना है।

इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के समाज कल्याा मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्रराज सिंह, हरियाणा सरकार के मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, विधायक श्रीमती पूनम भारद्वाज सहित अनेक गणमान्यजन, सामाजिक प्रतिनिधि और विभिन्न राज्यों से आए ब्राह्मण समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिनिधियों को भगवान परशुराम जी के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने समाज की एकजुटता को उसकी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि संगठित समाज ही वास्तविक प्रगति कर सकता है।

मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि ब्राह्मण समाज केवल शास्त्रों के उपासक नहीं बल्कि शस्त्र के भी रक्षक रहे हैं, जिन्होंने धर्म, शिक्षा और सद्भावना की लौ को जलाए रखा है।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विकास की दिशा में सभी वर्गों से सहयोग की अपील की और कहा कि अब समय आ गया है कि दिल्ली अपने विकास की गति तेज करे और विकसित राजधानी के रूप में उदाहरण बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि हर वर्ग के लोगों को समान अवसर मिले और सभी समुदायों के योगदान को सम्मान के साथ स्वीकार किया जाए।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सबका सहयोग दिल्ली के सर्वांगीण विकास और हर वर्ग की प्रगति के लिए हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और समरसता के भाव को भी मजबूत करते हैं।

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छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला : 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी प्रकार की सिरप नहीं दी जाएगी, एडवाइजरी जारी

रायपुर 06 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए।

साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियां अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणाली

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियां सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं। यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।

निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेज

भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने के लिए औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।

प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है।

इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।

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नौसेना के नए पोतों का नामकरण होगा छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर, बस्तर में होगी भर्ती रैली

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में छत्तीसगढ़ में रक्षा उद्योगों के विस्तार, बस्तर में सेना भर्ती रैली के आयोजन, और नौसैनिक पोतों को छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर रखने जैसे कई अहम विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि बिलासपुर के निकट राज्य सरकार ने वर्ष 2012 में भारतीय सेना को लगभग 1000 एकड़ भूमि सौंपी थी। यह भूमि वर्तमान में सेना के पास है, परंतु किसी सक्रिय परियोजना में उपयोग नहीं हो रही।

मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि यदि इस भूमि का उपयोग रक्षा उत्पादन से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों, अनुसंधान केंद्रों या उपकरण निर्माण पार्कों की स्थापना में किया जाए, तो यह न केवल क्षेत्रीय विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि देश के रक्षा उद्योग नेटवर्क को भी सशक्त बनाएगा।

उन्होंने कहा कि बिलासपुर का यह क्षेत्र रेल और हवाई मार्ग से भली-भाँति जुड़ा हुआ है, जिससे किसी भी रक्षा संबंधित उद्योग या अनुसंधान इकाई की स्थापना के लिए यह एक उपयुक्त स्थान बनता है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार इस क्षेत्र को रक्षा पार्क के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर कार्य करने को तैयार है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे, बल्कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन मानचित्र पर एक नई पहचान बना सकेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में भारतीय सेना या वायुसेना का कोई स्थायी कैंप नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति, सामरिक स्थिरता और युवाओं में देश सेवा की भावना इसे एक रक्षा प्रशिक्षण केंद्र या भर्ती क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए आदर्श बनाती है। उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि यदि बिलासपुर या बस्तर क्षेत्र में सेना का प्रशिक्षण या भर्ती केंद्र स्थापित किया जाए, तो इससे स्थानीय युवाओं को राष्ट्र सेवा में सीधे योगदान देने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में सेना में भर्ती होने का गहरा उत्साह है, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के युवाओं में। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा शारीरिक रूप से सक्षम, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हैं। इसलिए, मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि बस्तर क्षेत्र में एक विशेष “सेना भर्ती रैली” आयोजित की जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में सेना में भर्ती होने का अवसर मिल सके। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि केंद्र सरकार देश के हर कोने से योग्य युवाओं को सेना में जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बस्तर में शीघ्र ही सेना भर्ती रैली आयोजित करने का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जा सकता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर जैसे नाम देश के लिए गर्व का विषय होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा देंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के इस सुझाव की सराहना करते हुए कहा कि यह विचार न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर है, बल्कि इससे भारत की विविधता और एकता की भावना भी प्रतिबिंबित होती है।

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगा और उपयुक्त अवसर पर इस दिशा में कदम उठाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर रक्षा मंत्री को राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के बारे में भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से संबंधित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एक विशेष औद्योगिक नीति पर कार्य कर रही है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है। इस नीति के तहत राज्य में रक्षा उपकरण निर्माण, अनुसंधान, उच्च तकनीकी प्रशिक्षण और निजी निवेश के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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हिमाचल में समय से 20 दिन पहले बर्फबारी, पहाड़ों ने ओढ़ी सफेद चादर; सैलानियों के चेहरे खिले

शिमला ,06 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मानसून की विदाई के तुरंत बाद हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रविवार (5 अक्टूबर) को प्रदेश के कई हिस्सों में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जो आमतौर पर होने वाले समय से करीब 20 दिन पहले है।

इस बर्फबारी से जहां तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, वहीं पर्यटन स्थलों पर सैलानियों के चेहरे खिल उठे हैं। मौसम विभाग ने आज (सोमवार, 6 अक्टूबर) के लिए भी कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

रविवार को चंबा, लाहौल-स्पीति, सोलंग वैली और धौलाधार की पहाडिय़ों पर सीजन का पहला हिमपात हुआ। मनाली स्थित अटल टनल के प्रवेश द्वार पर हुई बर्फबारी का वहां मौजूद पर्यटकों ने जमकर आनंद लिया।

बर्फबारी की खबर लगते ही निचले इलाकों से भी लोग पहाड़ों का रुख करने लगे हैं। आमतौर पर हिमाचल में बर्फबारी अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में होती है, लेकिन इस बार मौसम ने पहले ही करवट बदल ली है।

बर्फबारी के बाद रोहतांग दर्रे पर फिसलन काफी बढ़ गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो वाहनों को आगे जाने से रोक रहे हैं।

मौसम विभाग ने 6 और 7 अक्टूबर को प्रदेश में बर्फबारी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। आज के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में ऑरेंज अलर्ट है।

इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। प्रदेश का अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 अक्टूबर तक प्रदेश में बादल छाए रहेंगे, हालांकि आगे के लिए फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

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जल्द दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, भारत का पहला हाइड्रोजन प्लांट तैयार; इस रूट पर चलेगी यह रेलगाड़ी

जींद 06 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : हरियाणा के जींद से देश में स्वच्छ ऊर्जा के नए युग की शुरुआत होने जा रही है। भारत का पहला हाइड्रोजन फ्यूल प्लांट लगभग तैयार है और अगले 10-15 दिनों में इसका काम पूरी तरह पूरा हो जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय सहित कुछ विभागों से अंतिम स्वीकृति (एनओसी) मिलना बाकी है, जो जल्द मिलने की उम्मीद है।

 प्लांट की जांच के दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम में मिली कमियों को दुरुस्त किया जा रहा है। फिलहाल प्लांट में हाइड्रोजन गैस का उत्पादन शुरू हो गया है और इसकी टेस्टिंग जारी है। यह प्लांट प्रतिदिन 430 किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा, जिस पर करीब 70 करोड़ रुपये की लागत आई है।

इस पायलट परियोजना के तहत एक डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (DEMU) रैक को हाइड्रोजन ईंधन में अपग्रेड किया जा रहा है। सबसे पहले जींद-गोहाना-सोनीपत रेल मार्ग (करीब 89 किमी) पर हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन दौड़ेगी। ट्रेन की गति 110 से 140 किमी प्रति घंटे तक होगी और इसमें एक बार में 2638 यात्री यात्रा कर सकेंगे। हाइड्रोजन की आपूर्ति इसी जींद प्लांट से की जाएगी। प्लांट में तीन हजार किलोग्राम भंडारण क्षमता वाला ईंधन स्टेशन, कंप्रेसर और तेज रिफ्यूलिंग के लिए प्री-कूलर इंटीग्रेशन वाले दो डिस्पेंसर लगाए गए हैं।

यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगी, जो पारंपरिक डीजल ट्रेनों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प साबित होगी। ट्रेन का इंजन धुएं की बजाय पानी और भाप छोड़ेगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य रहेगा और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। भारत की यह पहली हाइड्रोजन ट्रेन देश में हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

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माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित, अब इस दिन से फिर होगी शुरू

मां के दर्शन के लिए कटड़ा में रुके हजारों श्रद्धालु

कटरा 06 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी किए जाने के बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 5 से 7 अक्टूबर तक मां वैष्णो देवी की यात्रा स्थगित कर दी है। इसके चलते रविवार को मां वैष्णो देवी भवन, यात्रा मार्ग, आद्कुंवारी मंदिर परिसर और दर्शनी ड्योढ़ी क्षेत्र पूरी तरह वीरान नजर आए।

हालांकि, देशभर से कटरा पहुंचे करीब तीन से चार हजार श्रद्धालु अभी भी कटरा में रुके हुए हैं और यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार रात श्राइन बोर्ड ने पंजीकरण केंद्रों को सामान्य समय से दो घंटे पहले, यानी रात आठ बजे ही बंद कर दिया, जिससे देर रात यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई श्रद्धालु दर्शनी ड्योढ़ी तक पहुंचे और भवन की ओर जाने की अनुमति मांगते रहे, लेकिन सुरक्षा कारणों से श्राइन बोर्ड ने आगे जाने की इजाजत नहीं दी। अंततः उन्हें वापस कटरा लौटना पड़ा।

शनिवार देर शाम मौसम ने फिर करवट बदली थी। आसमान पर घने बादल छा गए और रविवार सुबह तक हल्की बारिश जारी रही। हालांकि उसके बाद मौसम साफ हो गया और दिनभर धूप खिली रही।

श्रद्धालु अब श्राइन बोर्ड से लगातार अपील कर रहे हैं कि चूंकि मौसम सुधर गया है, उन्हें भवन की ओर जाने की अनुमति दी जाए। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यात्रा बहाल करने का निर्णय मौसम की स्थिति और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

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सोनम वांगचुक को क्यों न रिहा किया जाए?’…SC का केंद्र से सीधा सवाल, गिरफ्तारी पर नोटिस जारी

नई दिल्ली 06 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): लद्दाख के प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत गिरफ्तारी और रिहाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सख्त रुख अपनाया और केंद्र सरकार, लद्दाख प्रशासन व जोधपुर जेल अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि सोनम वांगचुक को आखिर क्यों रिहा नहीं किया जाना चाहिए।

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच के समक्ष वांगचुक की पत्नी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन आज तक परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई है कि उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

सिब्बल ने कहा, “यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि एक एक्टिविस्ट को चुप कराने की कोशिश है। मेरे मुवक्किल (वांगचुक) गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, जो उनका संवैधानिक अधिकार है। यह संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है।”

इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति (वांगचुक) को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी गई है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इन कारणों की एक विस्तृत कॉपी उनकी पत्नी को भी उपलब्ध कराई जाए।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने का आरोप है और उन्हें रासुका के तहत जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। याचिका में गीतांजलि ने मांग की है कि उनके पति को टेलीफोन पर बात करने और उनसे मुलाकात करने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा जेल में उचित दवा, भोजन और कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

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चर्चाओं के बीच : राजेश कुमार सिनेमा वाला

कर्म जिनका शस्त्र बन चुका,

उन्हें चाहिए किसी का एहसान नहीं।

त्याग मांगता ये पथ उनसे,

बिना त्याग कोई श्री राम नहीं।।

लक्ष्य साधना है योद्धा को,

बिना विजय अब विश्राम नहीं।

कांटों को भी रौंदते चलते हैं वो,

पुष्पों पर चलना जिनकी पहचान नहीं।।

06.10.2025 – उपरोक्त पंक्तियां अक्षरशः कंबाइन आर्टिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक/अध्यक्ष राजेश कुमार सिनेमावाला पर लागू होती है, जो लगभग 18वर्षों से सिने कामगारों के हित में विकलांग होने के बावजूद संघर्षरत हैं। फिल्मविधा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के कुल 42000 सिने कामगार कंबाइन आर्टिस्ट एसोसिएशन के सदस्य हैं।

अपने जन्म के दो वर्ष के बाद ही पोलियो के अटैक के बाद पद विकलांगता के बावजूद बढ़ती उम्र के साथ राजेश कुमार सिनेमावाला, जो पहले राजेश ठक्कर के रूप में जाने जाते थे, अपने हौसले को बुलंद रखा और शारीरिक व आर्थिक कष्ट को झेलते हुए बी कॉम, एल एल बी की पढ़ाई पूरी की, ये चाहते तो जीविकोपार्जन के लिए आरक्षण कोटे के तहत सरकारी नौकरी में जा सकते थे परन्तु फिल्मों के प्रति बचपन से ही रुचि रहने के कारण उन्होंने फिल्म विधा से जुड़े सिने कामगारों के हित में अपना जीवन समर्पित करने का फैसला लिया।

प्रतिफल स्वरूप कंबाइन आर्टिस्ट एसोसिएशन सामने आया। आदर्श नगर, (अंधेरी वेस्ट), मुंबई में संचालित इस एसोसिएशन की सचिव रेशमा बाग हैं। इन दिनों नवोदित प्रतिभान को प्रकाश में लाने के उद्देश्य से राजेश कुमार सिनेमावाला प्रोडक्शन के क्षेत्र में कदम रखने जा रहे हैं।

इस बात को लेकर इन दिनों वो बॉलीवुड में चर्चा का विषय बन गए हैं। उनकी प्रस्तावित परियोजना/ प्रोडक्शन नंबर-1, राष्ट्र सर्वोपरि और ‘श्रमेव जयते’ जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजना और पहल से जुड़ी है।

जन जागरूकता अभियान के तहत खुशी नॉन लिमिटेड सर्विसेज के बैनर तले बनने वाली इस फिल्म के टाइटल की घोषणा वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एंड टी वी एसोसिएशन के स्वीकृति के बाद कर दी जाएगी।

राजेश कुमार सिनेमावाला की इस नवीनतम प्रस्तुति के निर्माण संयोजन का कार्यभार बॉलीवुड के चर्चित फिल्मकार ललित कुमार आर्या के सौंपा गया है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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धोखाधड़ी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, ओजोन अर्बाना की 423.38 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त

बेंगलुरु 05 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु में मेसर्स ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत 423.38 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।

ईडी की यह कार्रवाई कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बेंगलुरु के विभिन्न पुलिस थानों में धोखाधड़ी (आईपीसी की धारा 419, 420, और 120बी) के तहत दर्ज कई एफआईआर पर आधारित है। इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ईओ-I नई दिल्ली ने भी एक एफआईआर दर्ज की है।

कंपनी पर मुख्य आरोप यह है कि उसने ग्राहकों को गुमराह किया है और समय पर परियोजना निर्माण पूरा नहीं किया। इसके चलते उन्हें फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया गया है।

आरोप है कि कंपनी ने ग्राहकों को फ्लैट का कब्जा मिलने तक निर्माण पूर्व ईएमआई का भुगतान करने का वादा किया, लेकिन पूरा करने में विफल रही है। बिल्डर ने न तो घर खरीदारों को आवासीय इकाइयां सौंपीं, न ही उनकी जमा राशि वापस की, बल्कि पूरी अग्रिम बुकिंग राशि और ऋण राशि का गबन कर लिया।

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने मुख्य प्रमोटर एस वासुदेवन के साथ मिलकर घर खरीदारों को कुल 927.22 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।

इस धन को बेईमानी से रोककर रखा गया और अन्य समूह संस्थाओं तथा संबद्ध व्यक्तियों, जिनमें स्वयं वासुदेवन और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं।

ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए ईडी ने मेसर्स ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की अचल संपत्तियां, जिनमें एवेन्यू में 92 फ्लैट और एक्वा 2 में 13 फ्लैट की परियोजनाओं में बिना बिके स्टॉक और 4.5 एकड़ व्यावसायिक भूमि शामिल हैं। इसके साथ-साथ प्रमोटर एस वासुदेवन और उनकी पत्नी की निजी संपत्तियां, मुदिगेरे के कन्नहल्ली गांव में 179 एकड़ भूमि कुर्क की हैं।

कुर्क की गई इन संपत्तियों का कुल मूल्य 423.38 करोड़ रुपए है। पीएमएलए के तहत मामले में आगे की जांच जारी है।

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एनआईए ने पंजाब के पूर्व मंत्री के आवास पर ग्रेनेड हमले के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ दायर किया आरोपपत्र

नई दिल्ली 05 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के आवास पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में 4 आरोपियों पर आरोपपत्र दाखिल किया है। इस बात की जानकारी एनआईए ने एक प्रेस रिलीज के माध्यम से दी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यह आरोपपत्र रविवार को विशेष एनआईए अदालत में दाखिल किया गया। आरोप पत्र में दो गिरफ्तार आरोपियों सैदुल अमीन (अमरोहा, उत्तर प्रदेश) और अभिजोत जांगड़ा (कुरुक्षेत्र, हरियाणा) तथा दो फरार आरोपियों कुलबीर सिंह सिद्धू (यमुनानगर, हरियाणा) और मनीष उर्फ काका राणा (करनाल, हरियाणा) के नाम शामिल हैं।

इन पर गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

7 अप्रैल 2025 की रात जालंधर में पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के आवास पर ग्रेनेड हमला हुआ था। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने 12 अप्रैल को जांच अपने हाथ में ली।

जांच में पता चला कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के कार्यकर्ता कुलबीर सिंह ने अपने सहयोगी मनीष उर्फ काका राणा के साथ मिलकर एक आतंकवादी गिरोह बनाया था।

इस गिरोह का उद्देश्य पंजाब के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाना, जनता में दहशत फैलाना, और जबरन वसूली के जरिए बीकेआई के लिए धन जुटाना था।

एनआईए की जांच के अनुसार, मनीष ने सैदुल अमीन को इस साजिश में शामिल किया, जिसने हमले की रात ग्रेनेड फेंका। ग्रेनेड कुलबीर सिंह ने उपलब्ध कराया था, जबकि अभिजोत जांगड़ा ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराया।

हमले के बाद कुलबीर ने एक पोस्टर प्रसारित कर मनीष के साथ मिलकर इस साजिश की जिम्मेदारी ली।
कुलबीर सिंह के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित है।

एनआईए ने इससे पहले अप्रैल 2024 में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता विकास प्रभाकर की हत्या (मामला आरसी-06/2024/एनआईए/डीएलआई) से संबंधित कुलबीर के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया था।

एनआईए ने फरार आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। साथ ही, भारत में सक्रिय बीकेआई के अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए भी जांच जारी है।

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रानी दुर्गावती की जीवनगाथा पढ़कर युवाओं को राष्ट्रहित का संकल्प लेना चाहिए: अमित शाह

नई दिल्ली 05 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को रानी दुर्गावती की जयंती पर कहा कि देश के युवाओं को उनकी जीवन गाथा को पढ़ना चाहिए और राष्ट्रहित का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें नमन किया।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि न्यायप्रिय शासन, प्रजावत्सलता और मातृभूमि की रक्षा की प्रतीक रानी दुर्गावती जी ने गोंडवाना को नारी शक्ति, राष्ट्रभक्ति और सेवाभाव की प्रेरणा का केंद्र बनाया। रानी दुर्गावती को उनकी जयंती पर नमन करता हूं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि अदम्य साहस, पराक्रम और शक्तिशाली नेतृत्व से मुगल शासकों के दांत खट्टे करने वाली महान वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर शत्-शत् नमन। आपका शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाली महान वीरांगना, नारी शक्ति की अद्वितीय प्रतीक रानी दुर्गावती की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनका अटूट साहस, त्याग और बलिदान हम सबको राष्ट्र सेवा और धर्म की रक्षा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा कि अपनी वीरता, दृढ़ता व साहस से अमर शौर्य गाथा लिखने वाली, नारी शक्ति की अद्वितीय प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना रानी दुर्गावती जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि व स्वाभिमान की रक्षा के लिए मुगलों के विरुद्ध उनका आर-पार का संघर्ष और बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में लिखा कि बाज बहादुर की सेना को धूल चटाने और मुगलों की सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर देने वाली अद्वितीय शौर्य, साहस और पराक्रम की पर्याय, महान वीरांगना रानी दुर्गावती जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं।

जनजातीय गौरव, वीरांगना रानी दुर्गावती ने मातृभूमि के स्वाभिमान एवं स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। आपकी असाधारण वीरता की गाथाएं अनंत काल तक हम सबको गौरवान्वित करती रहेंगी।

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दिल्ली में ‘वीजा ट्रैप’: रिश्वत देकर फंसाया, फिर कराई सेना की जासूसी; पाकिस्तानी दूतावास का बड़ा खेल उजागर

नई दिल्ली 05 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी उच्चायोग की आड़ में चलाए जा रहे एक और जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

इस मामले में हरियाणा के पलवल निवासी एक सिविल इंजीनियर वसीम अकरम को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी अधिकारी के लिए जासूसी कर रहा था।

इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कैसे पाकिस्तानी दूतावास वीजा डेस्क का दुरुपयोग भारत विरोधी गतिविधियों के लिए कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, वसीम अकरम को मंगलवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (OSA) के तहत गिरफ्तार किया गया।

जांच में सामने आया है कि अकरम पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी जफर उर्फ मुजम्मिल हुसैन के लिए काम करता था। अकरम की मुलाकात जफर से तब हुई जब वह पाकिस्तान के कसूर में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए वीजा का आवेदन करने गया था।

पहले तो उसका वीजा खारिज कर दिया गया, लेकिन जब अकरम ने 20,000 रुपये की रिश्वत दी, तो वीजा स्वीकृत हो गया। मई 2022 में जब वह पाकिस्तान से लौटा, तो अधिकारी जफर ने उससे व्हाट्सएप के जरिए संपर्क बनाए रखा।

आरोप है कि जफर ने अकरम को कमीशन का लालच देकर उसका बैंक खाता “वीजा सुविधा कोष” के लिए इस्तेमाल किया।

अकरम के खाते में लगभग पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जिसमें से उसने 2.3 लाख रुपये (डेढ़ लाख नकद समेत) वापस अधिकारी को दिए।

इसके अलावा, अकरम ने पाकिस्तानी अधिकारी को भारतीय सिम कार्ड, ओटीपी और भारतीय सेना के जवानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी मुहैया कराई।

अधिकारियों ने बताया कि यह “पलवल मॉड्यूल” ठीक उसी पैटर्न पर काम कर रहा था, जैसे पहले मलेरकोटला और नूंह में उजागर हुए मॉड्यूल कर रहे थे। इस साल की शुरुआत में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मलेरकोटला मामले का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें पाकिस्तानी अधिकारी दानिश ने स्थानीय लोगों को वीजा का लालच देकर जासूसी के लिए इस्तेमाल किया था।

इसी तरह नूंह में भी अरमान नाम के एक व्यक्ति को डिफेंस एक्सपो के वीडियो और सिम कार्ड मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह पैटर्न साफ ​​दिखाता है कि पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी भ्रष्टाचार के जरिए वीजा आवेदकों का शोषण करते हैं और फिर उन्हें जासूसी के लिए मजबूर करते हैं।

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पंजाब से राज्यसभा सीट के लिए AAP ने फाइनल किया कैंडिडेट, उद्योगपति राजिंदर गुप्ता के नाम पर लगी मुहर

चंडीगढ़ 05 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब से राज्यसभा की खाली सीट के लिए उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह सीट संजय अरोड़ा के विधानसभा उपचुनाव लड़ने और मंत्री बनने के बाद खाली हुई थी।

सूत्रों के अनुसार, राजिंदर गुप्ता सोमवार को पंजाब विधानसभा में नामांकन दाखिल कर सकते हैं और इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के भी मौजूद रहने की संभावना है।

 इस सीट के लिए पहले ओसवाल ग्रुप के कमल ओसवाल का नाम सबसे आगे चल रहा था, लेकिन आखिरी समय में पार्टी ने राजिंदर गुप्ता के नाम पर मुहर लगा दी।

यह आम आदमी पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह उद्योग जगत के चेहरों को राज्यसभा में भेजकर राजनीतिक और औद्योगिक संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। इससे पहले पार्टी संजीव अरोड़ा जैसे व्यवसायी को भी राज्यसभा भेज चुकी है।

राजिंदर गुप्ता पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक हैं और ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक व चेयरमैन हैं। यह ग्रुप 1 बिलियन डॉलर से अधिक का कारोबार करता है और इसके उत्पाद भारत सहित कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। ट्राइडेंट ग्रुप का मुख्यालय लुधियाना, पंजाब में स्थित है। इसकी प्रमुख इंडस्ट्रीज में होम टेक्सटाइल्स, पेपर निर्माण, केमिकल्स और पावर शामिल हैं।

राजिंदर गुप्ता का जन्म 2 जनवरी 1959 को हुआ था। वे लंबे समय तक पंजाब के सबसे अमीर व्यक्तियों में गिने जाते रहे हैं और राज्य में उद्योग जगत का एक बड़ा नाम हैं। पंजाब की इस राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। मतदान और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी।

चूंकि आम आदमी पार्टी के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है, इसलिए राजिंदर गुप्ता का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। इस फैसले से यह स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी पंजाब में अपने राजनीतिक दायरे को औद्योगिक वर्ग तक बढ़ाकर व्यापक आधार तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

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PAK आर्मी की गीदड़भभकी, अब भारत से युद्ध हुआ तो तबाही होगी; पीछे नहीं हटेंगे

नई दिल्ली 05 Oct, (Rns): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों की हालिया चेतावनियों के बाद पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है। दोनों पक्षों के कड़े बयान पर क्षेत्र में तनाव दिख रहा है।

विजयादशमी (2 अक्टूबर) को भुज में जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पाकिस्तान कोई दुस्साहस करेगा तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल सकते हैं। उन्होंने खासकर सायर क्रीक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य हरकत को लेकर कड़ा इशारा किया।

वहीं, पाकिस्तान की सेना (ISPR) ने कहा गया कि यदि संघर्ष छिड़ता है तो उसकी विनाशकारी प्रकृति दोनों देशों के लिए हानिकारक होगी और पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा। ISPR ने यह भी कहा कि उसने अब एक “नए सामान्य” के तौर पर त्वरित, निर्णायक और विनाशकारी प्रतिक्रिया की एक नीतिगत क्षमता स्थापित कर ली है।

भारत की ओर से दावे में यह तर्क किया जा रहा है कि राज्य-समर्थित आतंकवाद भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और उसे सीमित रखा जाना चाहिए।

दूसरी ओर पाकिस्तान ने आरोपों को आधारहीन करार देते हुए कहा है कि ऐसी बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देने का अधिकार उसके पास है और गतिरोध और बढ़ने पर दोनों पक्षों को भारी क्षति झेलनी पड़ सकती है।

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संत प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य फिर नासाज, पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

आश्रम ने भक्तों से की खास अपील

वृंदावन 05 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। महाराज जी के स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी दैनिक पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। पिछले दो दिनों से वह पदयात्रा में शामिल नहीं हो रहे थे, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालु उनकी एक झलक पाने के लिए सड़कों पर इंतजार कर रहे थे।

श्री राधे हित केलि कुंज आश्रम की ओर से उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर यह जानकारी साझा की गई है। संदेश में कहा गया है, “आप सभी को सूचित किया जाता है कि महाराज जी का स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है, जिस कारण पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। अतः आप सभी से विनम्र निवेदन है कि पदयात्रा के लिए मार्ग में प्रतीक्षा न करें।” आश्रम ने यह भी आश्वासन दिया है कि जब भी पदयात्रा दोबारा शुरू होगी, इसकी सूचना दे दी जाएगी।

यह पहली बार नहीं है जब संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को स्थगित किया गया है। विदित हो कि वह किडनी की गंभीर समस्या से पीड़ित हैं और उनकी नियमित रूप से डायलिसिस होती है। जब भी उनके स्वास्थ्य में गिरावट आती है, तो डॉक्टरों की सलाह पर उनकी पदयात्रा को रोक दिया जाता है, ताकि उनके शरीर को आराम मिल सके।

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आस्था के महापर्व छठ को लेकर रेखा सरकार ने शुरू की ऐतिहासिक और भव्य तैयारियां

नई दिल्ली 05 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आज यमुना तट पर बने घाटों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने नौका द्वारा यमुना के प्रवेश द्वार पल्ला से लेकर आईटीओ तक छठ पूजा की व्यवस्था से जुड़े घाटों की स्थिति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से इस बार छठ पर्व पहले से अधिक भव्य और सुविधाजनक तरीके से मनाया जाएगा। मुख्यमत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार शहर के भीतर भी बनने वाले सैकड़ों छठ घाटों पर सभी तरह की तैयारी सुनिश्चित कर रही है।

छठ गीतों से मुख्यमंत्री का हुआ स्वागत

इस दौरे में मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह, श्री कपिल मिश्रा, विधायक श्री अभय वर्मा सहित सम्बंधित विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने पल्ला के पास बने घाट से निरीक्षण की शुरुआत की और श्याम घाट, गीता कॉलोनी, सोनिया विहार, बोट क्लब, हाथी घाट पर छठ पूजा की तैयारियों की समीक्षा की।

आईटीओ के पास हाथी घाट पर मुख्यमंत्री के आगमन पर यमुना घाट पर मौजूद महिलाओं ने पारंपरिक छठ पूजा के गीतों और पूजा की विधियों के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से इस बार का छठ पर्व पहले से अधिक भव्य और सुविधाजनक तरीके से मनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं का आशीर्वाद ग्रहण करते हुए कहा कि यह पर्व मातृशक्ति की आस्था और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है और दिल्ली सरकार इसे पूरे सम्मान और भव्यता के साथ आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यमुना किनारे जहां आबादी, वहां छठ घाट बनेंगे

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य इस वर्ष राजधानीवासियों को एक भव्य, स्वच्छ और ऐतिहासिक छठ पर्व मनाने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि पल्ला से लेकर ओखला तक यमुना के किनारे जहां-जहां आबादी है, वहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छठ घाटों का निर्माण करेंगे, ताकि लोग अपने नजदीकी स्थान पर ही पूजा-अर्चना कर सकें।

इसके अतिरिक्त, दिल्ली सरकार शहर के भीतर सैकड़ों छठ घाटों पर सभी तरह की तैयारी सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री ने छठ पर्व को प्रकृति, पवित्रता और स्वच्छता से जुड़ा एक विशिष्ट पर्व बताते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति का उत्सव है।

उन्होंने कहा कि छठ पर्व न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह जल स्रोतों को स्वच्छ और जीवंत बनाए रखने का भी संदेश देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छठ के आयोजन से जुड़ी हर व्यवस्था चाहे वह सुरक्षा हो, स्वच्छता, लाइट व्यवस्था या यातायात प्रबंधन, सभी दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी है और उसे बेहतर तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार केवल घाट निर्माण तक ही सीमित न रहकर, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी इस आयोजन का हिस्सा बनाया जा रहा है, जिससे यह पर्व श्रद्धा, संस्कृति और सामूहिक उत्साह के साथ मनाया जा सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को अपने नजदीकी घाट पर सुरक्षित, स्वच्छ और भक्तिमय वातावरण में छठ पूजा करने की सुविधा प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से दिल्ली के पूर्वांचलवासी छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के लिए यमुना किनारे उचित व्यवस्था की प्रतीक्षा कर रहे थे। न तो पिछली सरकारों ने इस ओर ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने कभी कोई ठोस प्रयास किया।

इस बार दिल्ली सरकार ने पूर्वांचल के भाई-बहनों को यह विश्वास दिलाया है कि उन्हें छठ पर्व मनाने के लिए भव्य और सुसज्जित घाटों की सौगात दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के सभी मंत्री, विधायक और सम्बंधित अधिकारी पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं और छठ घाट तैयार किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित घाट उपलब्ध होंगे

इस अवसर पर दिल्ली सरकार के जल तथा सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि इस बार दिल्ली में एक यादगार और सुव्यवस्थित छठ पूजा का आयोजन होगा। यमुना नदी के किनारों को अत्यंत सावधानी से विकसित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित घाट उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने बताया कि छठ पूजा सूर्य देव को समर्पित त्योहार है, जिसका मूल तत्व शारीरिक और पर्यावरणीय शुद्धता है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक भक्त पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ इस महापर्व में सम्मिलित हो सके, साथ ही यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त रखा जाए।

सरकार के विकास तथा कला व संस्कृति मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार इस बार छठ पर्व को श्रद्धा और भव्य व्यवस्था के साथ मनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यमुना तटों पर बिजली, लाइट , जल एवं स्वच्छता की व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से पूजा कर सकें। उन्होंने कहा कि छठ पर्व दिल्ली की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है।

हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धा और स्वच्छता दोनों का संगम इस पर्व में दिखे और दिल्लीवासियों को ऐसा अनुभव मिले जो आने वाले वर्षों के लिए मिसाल बने।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का किया शुभारंभ

रायपुर, 04 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । बस्तर से नक्सलवाद का अंत शीघ्र होगा और क्षेत्र में शांति स्थापित कर हम विकास के नए आयाम गढ़ेंगे। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलवासी अब विकास से विश्वास तक की यात्रा में सहभागी बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और क्षेत्रवासियों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लाल आतंक की समाप्ति प्रदेश के सुदूर इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी।

आज प्रारंभ हुई यात्री बस सेवा हमारे नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि अब 250 गांवों के लोग अपने निकटवर्ती शासकीय कार्यालयों, स्कूलों और अस्पतालों तक आसानी से पहुंच पाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार जनसुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य यात्री बस सुविधा से वंचित गांवों में बसों का परिचालन सुनिश्चित करना है। इससे लोग कम लागत में अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकेंगे।

रोज़मर्रा के कामकाज, शासकीय कार्यों और अन्य गतिविधियों में भी सहूलियत बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य उन गांवों तक बस सेवा पहुँचाना है, जहाँ अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

इस पहल से ग्रामीणों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिलेगा, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा पर फोकस योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में कुल 34 मार्गों पर 34 बसों का संचालन प्रारंभ होगा।

इस पहल से 11 जिलों के 250 नए गांव बस सेवा से जुड़ेंगे। यह प्रयास विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा, जहां सड़क संपर्क सीमित है और लोग जिला मुख्यालय या अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करते हैं। ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।

इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। योजना के तहत संचालित बसें समयबद्ध और सुरक्षित यात्रा का भरोसा देंगी, जिससे ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। योजना की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बस संचालकों को वायबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान करने का प्रावधान किया है।

यह वित्तीय सहयोग संचालकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगा, ताकि वे इन दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर सेवा दे सकें। यह कदम न केवल परिवहन सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान देगा। 250 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोडऩे की उपलब्धि इस योजना के तहत लगभग 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ रहे हैं।

यह ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देगा। ग्रामीणों को अब अपनी आवश्यकताओं के लिए लंबी दूरी पैदल तय करने या निजी वाहनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। समावेशी विकास की दिशा में कदम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना की शुरुआत पर कहा कि हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें शहरों से जोडऩे का प्रयास है। यह योजना न केवल परिवहन की सुविधा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। यह योजना न केवल परिवहन की दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।

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युवाओं के लिए खुला 62,000 करोड़ रुपए का पिटारा, PM मोदी ने की कौशल और रोजगार की बौछार

नई दिल्ली 04 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को एक नई दिशा देते हुए ₹62,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों का अनावरण किया। इस महात्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश में कौशल विकास, आधुनिक शिक्षा और रोजगार के अवसरों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणा ‘पीएम-सेतु’ (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन) योजना रही, जो ₹60,000 करोड़ के विशाल निवेश वाली एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इस योजना के तहत देश भर के 1,000 सरकारी आईटीआई को ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल पर उन्नत किया जाएगा। इससे ये संस्थान उन्नत बुनियादी ढांचे, आधुनिक ट्रेड, डिजिटल शिक्षण प्रणाली और इनक्यूबेशन जैसी सुविधाओं से लैस होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, “हमारे आईटीआई ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए कार्यशालाएं हैं। आज का यह समारोह भारत में कौशल को दिए जाने वाले महत्व का प्रतीक है।”

प्रधानमंत्री ने बिहार पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कई योजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत बिहार के पांच लाख स्नातकों को दो वर्षों तक ₹1,000 का मासिक भत्ता मिलेगा। साथ ही, उन्होंने उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए बिहार में ‘जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय’ का उद्घाटन किया और बिहटा में एनआईटी पटना के नए परिसर का लोकार्पण भी किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले दो दशकों में बिहार सरकार ने 50 लाख युवाओं को रोज़गार से जोड़ा है और पिछले कुछ वर्षों में ही लगभग 10 लाख स्थायी सरकारी नौकरियां दी गई हैं।”

इस समारोह में वर्चुअली शामिल हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह बहुत खुशी की बात है। बिहार में युवा आयोग और कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना से युवाओं को बहुत लाभ मिलेगा। राज्य में 25 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एक और बड़ा कदम उठाते हुए 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में स्थापित 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन किया। ये प्रयोगशालाएं आईटी, ऑटोमोटिव, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन जैसे 12 उच्च-मांग वाले क्षेत्रों में छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगी, जिससे रोजगार के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा।

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Ranchi DC श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय भवन (ब्लॉक ए एवं ब्लॉक बी) का औचक निरीक्षण

प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और कार्यकुशलता पर जोर

कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित होने और अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने की सख्त हिदायत

किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होती है और जाँच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी

समाहरणालय परिसर की स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान

04.10.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 04 अक्टूबर 2025 को समाहरणालय भवन (ब्लॉक ए एवं ब्लॉक बी) का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री उत्कर्ष कुमार, अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक एवं जिला के सभी सम्बंधित वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस दौरान उन्होंने भवन में अवस्थित विभिन्न कार्यालयों, जैसे- जिला आपूर्ति कार्यालय, जिला जन संपर्क कार्यालय, जिला समाज कल्याण विभाग, जिला कल्याण कार्यालय, विशिष्ट अनुभाजन कार्यालय, जिला कोषागार कार्यालय, और कार्यालय का निरीक्षण किया।

बाकी कार्यालयों में जिला के वरीय पदाधिकारियों ने निरीक्षण किया।

कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित होने और अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने की सख्त हिदायत

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी कार्यालयों के कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से उनके उत्तरदायित्व के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, और कार्यालयों में कर्मचारियों के टेबल पर नेम प्लेट (पद नाम सहित) की जाँच की।

उपायुक्त ने सभी कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित होने और अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने की सख्त हिदायत दी।

किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होती है और जाँच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि समाहरणालय में आने वाले आम लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना जाए और उनके साथ शालीनता से पेश आया जाए।

उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होती है और जाँच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन राँची को श्रेष्ठ जिला बनाने के लिए कटिबद्ध है

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन राँची को श्रेष्ठ जिला बनाने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी सहभागिता निभानी होगी। उन्होंने सभी से कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण की अपेक्षा की।

नो पार्किंग में खड़े वाहनों का चालान किया गया

उपायुक्त ने निरीक्षण क्रम में समाहरणालय परिसर में नो पार्किंग में खड़े सैकड़ो वाहनों का तत्काल चालान कराने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी को दिया गया। तत्काल इन सभी वाहनों का चालान कर दिया गया।

समाहरणालय परिसर की स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने समाहरणालय भवन और इसके पूरे परिसर में का निरीक्षण करते हुए विशेष साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने परिसर में सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था लागू करने, आगंतुकों के लिए बैठने की व्यवस्था, और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

जिला प्रशासन, राँची जनता से अपील करते हुए कहा की किसी भी समस्या या शिकायत के लिए समाहरणालय के संबंधित कार्यालयों से संपर्क करें।

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सेवा निवृति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समारोह का आयोजन

सेवानिवृत हुए कुल 07 शिक्षकों को मोमेंटो, शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया

जिला का यह कार्यक्रम जिसमें सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के ही दिन सेवानिवृत्ति के सारे लाभ दे दिए गए

रांची,04.10.2025 -जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक- 04 अक्टूबर 2025 को समाहरणालय ब्लॉक- ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में सेवा निवृति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

उपायुक्त द्वारा सेवानिवृत हुए कुल 07 शिक्षकों को मोमेंटो, शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया।

जानकारी हो की जिला का यह कार्यक्रम जिसमें सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के ही दिन सेवानिवृत्ति के सारे लाभ दे दिए गए।

सेवा निवृत्ति होने वाले शिक्षक जिन्हें सम्मानित किया गया

1. राजू कुमार उपध्याय, स.शि. रा.उ.म.वि. गागी, काँके

2. सरोज लकड़ा, स.शि. रा.म.वि. सुकुरहुद्ध, काँके

3.अनिल कुमार, स.शि. रा.म.वि. टांगर, चान्हों

4. विनोद कुमार, स.शि. रा.म.वि. लुन्दरी, चान्हों, राँची

5. श्री अजय कुमार, स.शि. रा.म.वि. लालगुटुवा, नगड़ी, राँची

6. श्रीमती सुमन किस्पोट्टा, स.शि. संत जोसेफ मध्य विद्यालय हुलहुण्डू, नामकुम

7. श्रीमती जीवानी बागे, स.शि. गोस्नर म.वि. राँची-2

उपायुक्त ने इस आयोजन में सभी सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को ढेर सारी शुभकामनाऐं देते हुए साथ ही उन्होंने कहा की आज सेवानिवृत्ति के ही दिन रिटायरमेंट बेनिफिट का सारा लाभ दिया जा रहा है, यह बहुत बड़ी बात है।

साथ उन्होंने सभी सेवानिवृत शिक्षकों से विशेष रूप से कहा की शिक्षकों को अपने आप को व्यस्त रखे। उन्होंने सभी सेवा निर्वित हो रहें सभी शिक्षकों से उनके अनुभव के बारे में एक-एक करके जाना उन्होंने कहा की भविष्य में आप शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे। आपके अनुभव विभाग के साथ साझा करें। ताकि गुणात्मक सुधार किए जा सकें।

उपायुक्त ने इस कार्यक्रम आयोजन के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को विशेष धन्यवाद दिया साथ ही सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों शुभकामनाऐं देते भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा की ईश्वर आपको लम्बी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दे। आप सभी को जीवन के अगली कड़ी के लिए शुभकामनाऐं आप सभी नए नए कार्यों में उपलब्धि पाए।

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एनसीआर में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 6 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी

नोएडा 04 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

विभाग का अनुमान है कि इस दिन पूरे दिन बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और गरज-चमक का सामना करना पड़ सकता है। इससे तापमान में भी गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 5 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तूफान देखने को मिल सकता है।

इस दौरान कोई बड़ा अलर्ट नहीं जारी किया गया है। हालांकि, 6 अक्टूबर को हालात बदलेंगे और सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होगा, जो दिनभर रुक-रुक कर जारी रह सकता है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, 6 अक्टूबर को पूरे दिन अलग-अलग समय पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

6 और 7 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक और न्यूनतम 23-24 डिग्री तक रहेगा, जबकि ह्यूमिडिटी 90 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। 7 अक्टूबर को एनसीआर में बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश की संभावना है।

8 और 9 अक्टूबर से मौसम धीरे-धीरे साफ होना शुरू होगा। 8 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बदला रहेगा जबकि 9 अक्टूबर को मुख्य रूप से साफ मौसम की संभावना जताई गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक रह सकता है।

बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में हल्की गिरावट दर्ज होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से जहां फसलों और पर्यावरण को लाभ होगा, वहीं ट्रैफिक और आम जनजीवन पर असर भी पड़ सकता है।

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वैष्णो देवी यात्रा 5 से 7 अक्टूबर तक स्थगित, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लिया गया फैसला

कटरा 04 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : माता वैष्णो देवी की यात्रा को खराब मौसम के कारण 5 अक्टूबर, रविवार से 7 अक्टूबर तक रोक दिया गया है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। यह फैसला भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी की गई चेतावनी के मद्देनजर किया गया है।

बता दें कि इससे पहले अगस्त में यात्रा मार्ग में लैंडस्लाइड की वजह से हुई तबाही के बाद 22 दिनों तक यात्रा रुकी थी। उस हादसे में 34 लोगों की जान चली गई थी।

 श्राइन बोर्ड ने शुक्रवार को की मौसम संबंधी सलाह को देखते हुए तीर्थयात्रा को स्थगित करने की घोषणा की। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके भक्तों को सूचित किया है कि यात्रा 8 अक्टूबर को फिर से शुरू होगी, बशर्ते मौसम की स्थिति अनुकूल रहे।

अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि यह निलंबन तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भलाई के हित में लागू किया गया है, और सभी से इस सलाह का पालन करने का आग्रह किया गया है।

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सेना प्रमुख की पाकिस्तान को चेतावनी, नक्शे से मिटा देंगे नामोनिशां, ऑपरेशन सिंदूर-2.0′ दूर नहीं

अनूपगढ़ 04 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को सख्त अल्टिमेटम दिया और कहा कि अगर पाकिस्तान राज्य-समर्थित आतंकवाद को बंद नहीं करेगा तो उसे अपने भूगोल पर बने रहने के बारे में सोचना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पाकिस्तान ने आतंकवाद की आपूर्ति बंद नहीं की तो भारत “संयम भूल” सकता है।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान दुनिया के नक्शे पर बना रहना चाहता है तो उसे हर हाल में आतंकवाद रोकना होगा, वरना हम संयम भूल जाएंगे और पाकिस्तान का नक्शे पर से नामोनिशां मिटा देंगे।

राजस्थान के अनूपगढ़ में एक सैन्य चौकी पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना इस बार कोई संयम नहीं दिखाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि अगर पाक आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाता है और आतंकियों की सप्लाई बंद नहीं करता है, तो ‘ऑपरेशन सिंदूर-2.0’ दूर नहीं होगा।

सेना प्रमुख ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में भारत संयम नहीं रखेगा जो ऑपरेशन सिंदूर 1.0 में रखा था। इस बार भारत ऐसी कार्रवाई करेगा कि पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा की उसे इतिहास में भूगोल पर रहना है या नहीं। अगर पाकिस्तान को भूगोल पर जगह बनानी है तो उसे आतंकवाद को खत्म करना होगा।

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AAP ने तरनतारन उपचुनाव के लिए हरमीत संधू को उतारा प्रत्याक्षी, सीएम भगवंत मान ने किया ऐलान

तरनतारन 04 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- सीएम भगवंत मान ने पूर्व सीपीएस हरमीत सिंह संधू को विधानसभा हलका तरनतारन का प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि आम तौर पर पार्टियां अपनी पसंद का प्रत्याशी मैदान में उतारती है, लेकिन हमने हलके की लोगों की पसंद को मैदान में उतारा है। हरमीत संधू तरनतारन से तीन बार विधायक रह चुके है।

हरमीत सिंह संधू को अगस्त माह में हलका इंचार्ज बनाया गया था। मुख्यमंत्री मान ने अपने संबोधन के आखिर में कहा कि तरनतारन के लोगों को नई सड़कों के साथ नया एमएलए दे रहा हूं।

इन्हें संभालकर रखना व गौर भी फरमाना। संधू की जीत के लिए कोई कसर न रहे। मुझे जब भी बुलाओगे, चुनाव प्रचार के लिए आ जाउंगा।

बता दें कि कि शिअद ने सुखविंदर कौर रंधावा, भाजपा ने हरजीत सिंह संधू को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर रखा है। मुख्यमंत्री मान ने हरमीत सिंह संधू की पीठ थपथपाते कहा कि अब तगड़े हो जाओ।

डेरा बाबा नानक, गिद्दड़बाहा, चब्बेवाल, जालंधर व लुधियाना की तरह उप चुनाव में हरमीत सिंह संधू की जीत सुनिश्चित करके आम आदमी पार्टी नया रिकॉर्ड बनाएगी।

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