दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचा वीके मल्होत्रा का पार्थिव शरीर

अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे कई दिग्गज नेता

नई दिल्ली,01 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा. अंतिम संस्कार से पहले उनका पार्थिव भाजपा कार्यालय में पहुंच चुका है.

दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक आम कार्यकर्ताओं के लिए उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन हो सकेंगे. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे. अंतिम संस्कार दोपहर तीन बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा.

स्वर्गीय विजय कुमार मल्होत्रा का पार्थिव शरीर दिल्ली तालकटोरा रोड स्थित उनके निवास से दिल्ली बीजेपी पंत मार्ग कार्यालय तक पहुंच चुका है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में उनका शव दोपहर 2:00 बजे तक आम कार्यकरताओं और नेता के लिए रखा गया है.

उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह से ही प्रदेश कार्यालय बीजेपी के नेता पहुंच रहे हैं.

विश्व हिंदू परिषद के कार्यकाल में अध्यक्ष आलोक कुमार, भाजपा नेता शिव प्रताप सिंह, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार में मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह, दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत पार्टी के तमाम बड़े पदाधिकारी और नेता कार्यकर्ता पहुंच गए है. अन्य बड़े नेता भी पहुंच रहे है.

दिल्ली सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली भाजपा के प्रथम अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा के निधन पर एक दिन (बुधवार) को राजकीय शोक की घोषणा की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रो. मल्होत्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि उनका निधन अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति है.

मुख्यमंत्री ने अपने सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने उनके निवास पर जाकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के सांसद व विधायक भी रहे मल्होत्रा भारतीय जनसंघ और भाजपा की प्रथम पंक्ति के योद्धा थे.

बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार सुबह निधन हो गया. यह जानकारी प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दी थी. वह 94वें वर्ष के थे. दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद एवं सांसद विजय कुमार मल्होत्रा का कुछ दिन से एम्स में इलाज चल रहा था और आज प्रात: लगभग 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.

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भारत के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए 7 कंपनियों ने लगाई बोली

नईदिल्ली,01 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भारत में बनने वाले 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। 7 भारतीय कंपनियों ने इसके प्रोटोटाइप डिजाइन और विकसित करने के लिए बोली लगाई है।

अब इनमें से 2 कंपनियों का चयन किया जाएगा, जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर लड़ाकू विमानों पर काम करेगी। सबकुछ ठीक रहा तो 2035 के आसपास भारत को 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान मिल सकता है।

जिन कंपनियों ने बोली लगाई हैं, उनमें लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स और अडाणी डिफेंस शामिल हैं।

अब ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व प्रमुख ए शिवथानु पिल्लई के नेतृत्व वाली एक समिति इन बोलियों का मूल्यांकन करेगी और रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपेगी। फिर 2 कंपनियों को चुना जाएगा, जिन्हें एएमसीए के 5 मॉडल बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

एएमसीए 2 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली निर्माण परियोजना है, जिसके तहत 125 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का उत्पादन किया जाना है। डीआरडीओ के अंतर्गत आने वाली एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) इस परियोजना की नोडल एजेंसी है।

अप्रैल, 2024 में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी विमानों के डिजाइन और विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी थी। जून में केंद्र सरकार ने एएमसीए के प्रोडक्शन मॉडल को मंजूरी दी थी।

एएमसीए भारत का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जा रहा है। 2 इंजन वाला ये विमान हर मौसम में 65,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम होगा।

स्टील्थ तकनीक की वजह से ये रडार को भी चकमा दे सकेगा। 25 टन वजनी ये विमान अपने साथ 7,000 किलोग्राम वजन लेकर उड़ सकेगा। आधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस इस विमान की रेंज 3,200 किलोमीटर के आसपास होगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, सरकार का ध्यान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में है। एएमसीए न केवल रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा था, इस निर्णय का उद्देश्य भारत की स्वदेशी विशेषज्ञता, क्षमता और संसाधनों का उपयोग करते हुए 5वीं पीढ़ी के विमान प्रोटोटाइप का विकास करना है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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आरएसएस के 100 साल पर प्रधानमंत्री मोदी जारी किया विशेष डाक टिकट और सिक्का

नईदिल्ली,01 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विशेष डाक टिकट और सिक्का जारी किया है।

नई दिल्ली में स्थित डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में मनाए गए आरएसएस के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि थे।

उन्होंने 1963 में राजपथ (अब कर्तव्यपथ) पर निकाली गई आरएसएस की परेड से जुड़ा एक डाक टिकट और आरएसएस स्मारक 100 रुपये मूल्य का सिक्का जारी किया है।

 

आज जो डाक टिकट जारी हुआ है, उसमें स्वयंसेवकों के सेवा कार्य और 1963 में गणतंत्र दिवस की परेड की पुरानी तस्वीरों को शामिल किया गया है।

कहा जाता है कि परेड तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के अनुरोध पर हुई थी, जो 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नागरिकों की एकजुटता की प्रतीक थी।

आरएसएस भी इस क्षण को गर्व से देखता है। सरकार ने स्मृति को  आरएसएस के 100 वर्ष पर विशेष स्मारक डाक टिकट में संजोया है।

कार्यक्रम में एक 100 रुपये का सिक्का भी जारी किया गया है, जो आरएसएस के 100 वर्ष पर विशेष स्मारक है। इस सिक्के में आरएसएस कार्यकर्ताओं को भारत माता के समक्ष उनकी पारंपरिक मुद्रा में दिखाया गया है, जो आरएसएस के प्रत्येक आयोजन और समारोह का मानक है।

यह स्मारक सिक्का शुद्ध चांदी का बना है। सिक्के के पिछले भाग पर भारत माता को प्रणाम करते 3 स्वयंसेवक और सामने के भाग में अशोक स्तंभ का सिंह हैं।

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इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन के बढ़ते कदम……..!

01.010.2025 – अंधेरी (पश्चिम), मुंबई स्थित रहेजा क्लासिक क्लब के प्रेक्षागृह में आयोजित इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन( ISAMRA ) के 12वीं वार्षिक आम सभा में एक ऐतिहासिक घोषणा की गई है। उसके अनुसार अब रॉयल्टी केवल गायकों को ही नहीं, बल्कि संगीतकारों, कोरस गायकों और वाद्ययंत्र वादकों को भी वितरित की जाएगी।

भारतीय संगीत के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी गीत में योगदान देने वाला प्रत्येक व्यक्ति उसके मूल्य में हिस्सा लेगा। विदित हो कि वर्ष 2012 में इंडियन सिंगर्स राइट्स एसोसिएशन (ISRA) की स्थापना हुई थी। गायकों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में अग्रसर यह पंजीकृत संस्था अपने परिवर्तित नाम इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन के साथ गायकों के अलावा संगीतकारों, कोरस गायकों और वाद्ययंत्र वादकों के हितों के लिए क्रियाशील हो गया है।

2012 से अब तक, गायकों को उनकी उचित रॉयल्टी दिलाने के लिए एसोसिएशन का सफर काफी लंबा रहा है और अभी भी उन्हें काफी लंबा सफर तय करना है। हालाँकि, फ़िलवक़्त यह एक बड़ी उपलब्धि है और इंडियन सिंगर्स राइट्स एसोसिएशन अपने बदले हुए नाम के साथ एक कदम और आगे बढ़ गया है।

अब इसे यूनाइटेड किंगडम जैसे विदेशी देशों से भी रॉयल्टी मिलनी शुरू हो गई है। वितरण के लिए ₹4.5 करोड़ निर्धारित किए गए हैं और केसरिया और रतन लंबियाँ जैसे नए चार्टबस्टर गानों से लेकर कल हो ना हो और सात समुंदर पार जैसे सदाबहार गानों से भी रॉयल्टी मिल रही है।

इस तरह, ISAMRA ने संगीत अधिकारों के क्षेत्र को सचमुच नया रूप दे दिया है। पहली बार, प्रत्येक स्वर – चाहे वह गाया गया हो या बजाया गया हो – अपना उचित महत्व रखेगा।यहाँ उल्लेखनीय है कि पहले चरण में 62 संगीतकारों और 40 कोरस गायकों को उनकी देय राशि प्राप्त होगी।

रॉयल्टी इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन (ISAMRA) के संस्थापक और प्रबंध निदेशक संजय टंडन, अध्यक्ष अनूप जलोटा और सिंगर सोनू निगम, हरिहरन, उदित नारायण, अनुराधा पौडवाल, जसपिंदर नरूला, सुदेश भोसले और शैलेंद्र सिंह जैसे नामचीन शख्सियतों द्वारा प्रदान की जाएगी।

आम सभा के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप जलोटा ने इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन की संघर्ष यात्रा की विस्तृत चर्चा करते हुए सदस्यता के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा- “जब तक आप सदस्य नहीं बन जाते, आप अपनी रॉयल्टी नहीं ले सकते। ISAMRA में, हम गायकों से आजीवन सदस्यता के लिए ₹10,000 और संगीतकारों से ₹2,000 लेते हैं, जो रॉयल्टी के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।”

ISAMRA के संस्थापक संजय टंडन ने भी यही भावना व्यक्त की: “यह भारतीय इतिहास में पहली बार होगा। इससे पहले संगीतकारों और कोरस गायकों को कभी रॉयल्टी नहीं मिली।

हमने इसके लिए वर्षों तक संघर्ष किया है, और अब मुझे इसे हकीकत बनते देखकर गर्व हो रहा है। सबसे कठिन काम गैर-फीचर्ड कलाकारों और उनके मेटाडेटा की पहचान करना होगा। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे आगे आएँ, ISAMRA से जुड़ें, और जो उनका हक़ है, उसे प्राप्त करें।”

* सिंगर सोनू निगम, जिन्होंने इस पल का हिस्सा बनने और इसे संगीतकारों और कोरस गायकों के साथ साझा करने के लिए लंबी दूरी तय की, उन्होंने इस उपलब्धि का सारांश देते हुए कहा: “जो एक छोटे से प्रयास से शुरू हुआ था, वह अब एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया है। पहली बार, गायकों, संगीतकारों और कोरस गायकों को ISAMRA के माध्यम से उनकी उचित रॉयल्टी मिल रही है। समुदाय का विश्वास हमेशा से हमारी ताकत रहा है, और यही विश्वास ISAMRA को संगीत जगत के हर कलाकार के अधिकारों के लिए अथक प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।”

* सिंगर जसपिंदर नरूला के लिए, यह पहल बेहद निजी है: “मुझे बहुत खुशी है कि ISAMRA संगीत समुदाय को उनका हक दिलाने का एक माध्यम है, और मैं इस महान आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए आभारी हूँ।”

* वरिष्ठ सिंगर शैलेंद्र सिंह ने इसे एक लंबे समय से प्रतीक्षित विजय बताया: “यह एक लंबी लड़ाई रही है, और यह तो आने वाली रॉयल्टी की शुरुआत मात्र है।”

सिंगर उदित नारायण ने इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन के ऐतिहासिक रॉयल्टी वितरण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बहुत संघर्ष के बाद संगीत समुदाय के हित में सफलता मिली है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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