मुंबई 08 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला से जुड़े ड्रग सिंडिकेट पर शिकंजा कसा है। मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ईडी ने बुधवार को मुंबई में 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
यह छापेमारी फैसल जावेद शेख और अल्फिया फैसल शेख की ओर से संचालित एक ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ी अवैध कमाई का पता लगाने के लिए की गई है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि फैसल शेख, कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला के जरिए एमडी जैसे ड्रग्स की खरीद-फरोख्त कर रहा था।
सलीम डोला लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में है। उस पर न सिर्फ मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप हैं, बल्कि उसके खिलाफ अवैध नेटवर्क को फंडिंग करने के भी गंभीर आरोप हैं।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, सलीम डोला दाऊद इब्राहिम के उस विश्वसनीय सर्कल का हिस्सा है, जो भारत में ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क संभालता है।
सलीम डोला का नाम ड्रग्स केस में पहले भी आया था, जब मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स सेल ने 100 किलो फेंटानिल ड्रग्स जब्त की थी। अवैध कारोबार में सलीम का बेटा ताहिर और भांजा मुस्तफा भी मदद करते थे। इसी कारण उन्हें आरोपी बनाकर इसी साल जुलाई में गिरफ्तार किया गया।
जून में सलीम डोला के बेटे ताहिर को अबू धाबी से भारत लाया गया। जांच में पता चला कि ताहिर सलीम डोला विदेश से इस गैरकानूनी ड्रग कारोबार को चला रहा था।
मुंबई पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 25 नवंबर 2024 को इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी कराया। सीबीआई ने इंटरपोल की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) के साथ मिलकर डोला का यूएई में पता लगाया, जहां उसे 27 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। बाद में प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे भारत लाया गया।
नई दिल्ली ,०७ अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लंबी कानूनी लड़ाई और केंद्र सरकार के साथ चली तनातनी के बाद आखिरकार आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ९५ लोधी एस्टेट स्थित बंगला आवंटित कर दिया गया है। यह आवास उन्हें बतौर राष्ट्रीय पार्टी के प्रमुख के नाते दिया गया है।
यह आवंटन तब हुआ जब दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आवास आवंटन में की जा रही देरी पर सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि सरकारी आवासों के वितरण में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित की जानी चाहिए। कोर्ट ‘आप’ की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पार्टी ने अपने राष्ट्रीय संयोजक के लिए केंद्र सरकार से आवास की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने १६ सितंबर को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के रवैये को टालमटोल करार देते हुए कहा था कि आवास आवंटन की प्रक्रिया किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि समान अवसर की प्रणाली होनी चाहिए। अदालत ने केंद्र को स्पष्ट किया था कि सरकारी आवास किसी भी व्यक्ति या पद के प्रति भेदभाव के आधार पर नहीं दिया जा सकता।
इससे पहले, आम आदमी पार्टी ने ३५ लोधी एस्टेट स्थित बंगला अरविंद केजरीवाल को देने का प्रस्ताव किया था। यह वही बंगला था जो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने मई में खाली किया था। हालांकि, केंद्र सरकार ने उस बंगले को केजरीवाल के बजाय एक केंद्रीय राज्य मंत्री को आवंटित कर दिया था। इस फैसले के बाद मामला और विवादित हो गया था।
इसके बाद, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि वह अपने आवंटन की प्राथमिकता और प्रक्रिया के रिकॉर्ड अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे और यह भी स्पष्ट करे कि आखिर किस आधार पर अरविंद केजरीवाल को प्राथमिकता सूची में पीछे रखा गया। अब जबकि ९५ लोधी एस्टेट का बंगला केजरीवाल को मिल गया है, ‘आप’ ने इसे न्याय की जीत बताया है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यह फैसला न केवल कानूनी रूप से सही है, बल्कि यह दिखाता है कि संस्थाओं में पारदर्शिता और समानता अभी भी कायम है।
कोलकाता 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भाजपा सांसद खगेन मुर्मू पर हमले का मामला जहां तूल पकड़ चुका है वही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज दोपहर सिलीगुड़ी अस्पताल में भर्ती माल्दा उत्तर के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद खगेन मुर्मू से मुलाकात की। उन्होंने घायल सांसद का हालचाल लिया और उनके परिजनों तथा चिकित्सकों से भी बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने इलाज की प्रगति की जानकारी लेने के बाद चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री के इस सौजन्य भरे दौरे से सांसद के परिवार के सदस्य संतुष्ट नजर आए। उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी ने स्वयं सांसद की चोटों को देखा और डॉक्टरों से उपचार के संबंध में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने खगेन मुर्मू से पूछा, “क्या आपको डायबिटीज है? क्या आप इंसुलिन लेते हैं? दवा नियमित रूप से लेते हैं? अपनी देखभाल करते हैं?” इसके बाद उन्होंने उन्हें चिकित्सकों की सलाह का पालन करने की हिदायत दी। सांसद के परिवार से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि किसी भी जरूरत की स्थिति में वे स्वयं सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी।
उन्होंने यहां तक कहा कि अगर अन्यत्र इलाज की आवश्यकता हो, तो उन्हें तुरंत सूचित किया जाए। अस्पताल से बाहर निकलते समय मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ” वे (खगेन मूर्मू)अभी ठीक हैं, स्थिति गंभीर नहीं है। मैंने डॉक्टरों की रिपोर्ट देखी है। फिलहाल वे निगरानी में हैं। उन्हें डायबिटीज है, जिसे नियंत्रण में रखना जरूरी है। मैंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।”
Ranchi DC श्री मंजूनाथ भजंत्री के निदेशानुसार प्रत्येक मंगलवार को जनता दरबार का आयोजन
कई लोगों की शिकायतों का हुआ ऑन द स्पॉट निष्पादन
07.10.2025 – उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निदेशानुसार जिले के सभी अंचलों में प्रत्येक मंगलवार को जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की स्थापना और राजस्व संबंधित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करना है।
आज भी जिला के सभी अंचलों में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार के राजस्व एवं नागरिक सेवाओं से संबंधित कार्यों का निष्पादन किया गया। भू-राजस्व संबंधित कार्य जैसे-दाखिल-खारिज, करेक्शन स्लिप निर्गमन, सीमांकन, भूमि विवाद निपटारा तथा भूमि अभिलेख का सत्यापन एवं सुधार, जाति, आय, निवास, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र निर्गत करने का कार्य जनता दरबार में किया गया।
सिल्ली अंचल में आपदा से प्रभावित व्यक्ति के आश्रितों को मुआवजा राशि का वितरण
सिल्ली अंचल में सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपये की मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया गया। लाभुकों में पुरुषोत्तम महतो, अहिल्यादेवी और मालती देवी को चेक वितरण किया गया। अंचलाधिकारी द्वारा लाभुकों को सहायता योजना की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
नामकुम अंचल में एक व्यक्ति की 13 वर्षों से लंबित रसीद कटने की समस्या का निष्पादन किया गया। अंचलाधिकारी द्वारा तुरंत कार्यवाही कर आवेदक को रसीद प्रदान की गई।
बुढ़मू और सोनाहातू अंचल में त्वरित प्रमाण पत्र निर्गत
बुढ़मू और सोनाहातू अंचल में कई आवेदकों को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र मौके पर निर्गत किए गए। साथ ही जाति, आय, निवासी प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों की समीक्षा की गई और पात्र आवेदकों को मौके पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
चान्हो अंचल में दाखिल-खारिज एवं करेक्शन स्लिप निर्गत
चान्हों अंचल में कई आवेदकों के दाखिल-खारिज (डनजंजपवद) आवेदन का निपटारा कर करेक्शन स्लिप वितरित किया गया। भूमि अभिलेख में सुधार से संबंधित आवेदन भी निष्पादित किए गए।
अंचलवार जनता दरबार में निष्पादित आवेदनों का विवरण
सिल्ली अंचल में कुल 51 आवेदन निष्पादित किए गए। इनमें पारिवारिक सदस्यता के 2, तत्काल जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र के 3, आचरण पत्र के 4, आवासीय प्रमाण पत्र के 11, जाति प्रमाण पत्र के 9, आय प्रमाण पत्र के 18 तथा आपदा सहायता के 4 आवेदन शामिल हैं।
बुढ़मू अंचल में कुल 79 आवेदन निष्पादित हुए। इनमें आवासीय प्रमाण पत्र के 13, जाति प्रमाण पत्र के 10, आय प्रमाण पत्र के 19, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र का 1, ब्मतजपपिमक ब्वचल के 4, अनुमति वाद के 6 तथा दाखिल-खारिज के 26 आवेदन शामिल हैं।
रातू अंचल कार्यालय में कुल 59 आवेदन निष्पादित किए गए। इनमें दाखिल-खारिज के 14, पारिवारिक सदस्यता के 1, जाति प्रमाण पत्र के 12, विविध आय प्रमाण पत्र के 1, आवासीय प्रमाण पत्र के 10, आय प्रमाण पत्र के 18 तथा क्ब्स्त् डवकनसम के अंतर्गत 3 आवेदन शामिल हैं।
राहे अंचल कार्यालय में कुल 107 आवेदन निष्पादित किए गए। इनमें पारिवारिक सदस्यता के 2, आवासीय प्रमाण पत्र के 30, जाति प्रमाण पत्र के 35, आय प्रमाण पत्र के 35, तत्काल आवेदन के 2, सुधार के 1 तथा दाखिल-खारिज के 2 आवेदन शामिल हैं। राहे अंचल के अंतर्गत ग्राम दुल्मी की आवेदिका सीता देवी द्वारा ऑनलाइन पंजी-2 के अंतर्गत मौजा दुल्मी, खाता संख्या 237, प्लॉट संख्या 1931, रकबा 10 डी का दाखिल-खारिज किया गया। इसी प्रकार ग्राम राहे के गोविंद महतो द्वारा मौजा राहे, खाता संख्या 117, प्लॉट संख्या 913, रकबा 6 डी का दाखिल-खारिज सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
अनगड़ा अंचल कार्यालय में कुल 76 आवेदन निष्पादित हुए। इनमें पारिवारिक सदस्यता का 1, आवासीय प्रमाण पत्र के 16, जाति प्रमाण पत्र के 21, आय प्रमाण पत्र के 35 तथा अनुमति वाद के 3 आवेदन शामिल हैं। अन्य अंचलों में भी कई आवेदनों का निष्पादन किया गया।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनता दरबार को नागरिक समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनाया जाए। किसी भी नागरिक को बेवजह कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा सर्वाेच्च प्राथमिकता हो। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार के माध्यम से नागरिकों को उनके अधिकारों और सरकारी सेवाओं तक सरल, त्वरित एवं पारदर्शी पहुँच सुनिश्चित की जा रही है। यह पहल सुशासन, जवाबदेही और जन-सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और वहाँ की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया
सदर अस्पताल, राँची जिले का एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, और यहाँ की सेवाएँ मरीजों के लिए सुगम और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री
रांची,07.10.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 07 अक्टूबर 2025 को सदर अस्पताल, राँची का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन, राँची, डॉ. प्रभात कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पाण्डेय, डॉ. बिमलेश कुमार, एवं अन्य संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं, चिकित्सा सुविधाओं, और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करना था।
अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण
उपायुक्त ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और वहाँ की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कई मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्था और उपचार की गुणवत्ता पर संतुष्टि व्यक्त की। उपायुक्त ने मरीजों से दवाइयों की उपलब्धता और उपचार प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
अस्पताल की सिटी स्कैन मशीन यूनिट का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल की सिटी स्कैन मशीन यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से सिटी स्कैन सुविधा और आयुष्मान भारत योजना के तहत मिल रहे लाभ के बारे में पूछताछ की। मरीजों ने बताया कि उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क और सुगम उपचार प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी संतुष्टि झलक रही थी। उपायुक्त ने इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन की सराहना की और इसे और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
कैंटीन में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का जायजा
उपायुक्त ने अस्पताल परिसर में संचालित कैंटीन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कैंटीन में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का जायजा लिया। कैंटीन संचालक एजेंसी को निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कैंटीन की सेवाओं में और सुधार लाने पर जोर दिया।
वार्ड की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
बच्चा वार्ड के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता, और चिकित्सकों की उपस्थिति का आकलन किया। उन्होंने सिविल सर्जन, डॉ. प्रभात कुमार को वार्ड की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की सलाह दी।
मरीजों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश
निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त ने सिविल सर्जन और अस्पताल प्रशासन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, और मरीजों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को सुगम और पारदर्शी सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल, राँची जिले का एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, और यहाँ की सेवाएँ मरीजों के लिए सुगम और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों की सुविधा और संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने की टाना भगतों के साथ बैठक
टाना भगतों की मांगों पर विधिसम्मत एवं व्यावहारिक समाधान का दिया गया आश्वासन
रांची,07.10.2025 – उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने समाहरणालय स्थित सभागार में टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में रांची सहित 5-6 जिलों से आए टाना भगत उपस्थित थे। बैठक में टाना भगतों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के समक्ष रखा। उन्होंने ने सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए विधिसम्मत एवं व्यावहारिक समाधान का आश्वासन दिया।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन टाना भगतों की समस्याओं को संवेदनशीलता से हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि टाना भगत और प्रशासन मिलकर व्यवहारिक और कानूनी प्रस्ताव पर काम करें, तो सभी मुद्दों का स्थायी समाधान संभव है।
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का उल्लेख
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि टाना भगतों का स्वतंत्रता संग्राम और समाज निर्माण में अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ी थी, अब समय है नए अंग्रेजों यानी नशा, मादक पदार्थों की खेती और सामाजिक कुरीतियों से लड़ने का।
‘नए अंग्रेजों’ से लड़ाई का आह्वान
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में नशा, अफीम की खेती, डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाएं, जड़ी-बूटी के नाम पर झोलाछाप इलाज, और हड़िया (स्थानीय शराब) समाज को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस समय अंग्रेज थे और आज नशा-पान, अफीम की खेती और कुरीतियाँ हमारे समाज के नए अंग्रेज हैं। अगर टाना भगत ठान लें, तो इन बुराइयों को समाज से खत्म किया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि टाना भगतों ने जिस तरह अंग्रेजों के खिलाफ सत्य, अहिंसा और अनुशासन के साथ लड़ाई लड़ी, उसी आत्मबल से अब समाज को नशा, अंधविश्वास और कुरीतियों से मुक्त करना होगा, यही सच्ची देशभक्ति और समाज सेवा है।
सौहार्दपूर्ण सहयोग पर जोर
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि टाना भगत तपस्वी और अनुशासित समुदाय हैं, और प्रशासन के साथ सहयोग कर वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। जिला प्रशासन उनके मांगों के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन और जागरूक समाज मिलकर ही समृद्ध झारखंड का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने टाना भगतों से सामाजिक सुधार के लिए प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की अपील की।
बैठक में अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेेश्वरनाथ आलोक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी उपस्थित थे।
नई दिल्ली 07 Oct,(एजेंसी) : त्योहारी सीजन से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में सुनामी जैसी तेजी देखने को मिली। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने का भाव ₹9,700 प्रति 10 ग्राम की एकदिनी उछाल के साथ ₹1,30,300 प्रति 10 ग्राम के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। इस ऐतिहासिक वृद्धि के बाद अब 10 ग्राम सोने के आभूषण खरीदने के लिए ग्राहकों को सवा लाख रुपये से भी ज्यादा चुकाने होंगे।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी आग लग गई। चांदी का वायदा भाव ₹2,233 की तेजी के साथ ₹1,47,977 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। इनमें सबसे प्रमुख वैश्विक अनिश्चितता है, जिसके तहत अमेरिका में सरकारी कामकाज को लेकर बने गतिरोध (शटडाउन) और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सोने में लगा रहे हैं, जिसे सबसे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माना जाता है।
इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी ने भी सोने के आयात को महंगा कर दिया है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है।
साथ ही, मजबूत हाज-पड़ोस की मांग को देखते हुए सटोरियों ने वायदा बाजार में भी सोने की जमकर खरीदारी की है, जिसके चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का भाव ₹1,20,075 प्रति 10 ग्राम और फरवरी 2026 डिलीवरी का भाव ₹1,21,350 प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
वैश्विक स्तर पर भी सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव दो प्रतिशत की बढ़त के साथ $3,973.60 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत भी $48.58 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर रही।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा, कीमती धातुओं में तेजी का रुख जारी रह सकता है।
मुंबई 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 60 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का बयान दर्ज किया है। एक अधिकारी के अनुसार, शिल्पा से लगभग 4 घंटे 30 मिनट तक पूछताछ की गई और उनके बयान को आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड किया गया।
EOW की टीम ने यह पूछताछ शिल्पा शेट्टी के घर पर की। इस दौरान शिल्पा ने अपनी ऐडवर्टाइजिंग कंपनी के बैंक खाते से जुड़े लेनदेन की जानकारी दी और कई दस्तावेज भी पेश किए, जिन्हें अब पुलिस जांच रही है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। यह कपल लुकआउट सर्कुलर (LOC) के निलंबन के लिए कोर्ट पहुंचा था ताकि वे थाईलैंड के फुकेत में 2 से 5 अक्टूबर तक की अपनी यात्रा कर सकें।
कपल की ओर से वकीलों ने बताया कि उनके पास यात्रा और ठहरने की पूरी बुकिंग है और उन्होंने पहले भी जांच एजेंसियों का सहयोग करते हुए विदेश यात्रा की है। इस केस में 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है, जो कपल की अब बंद हो चुकी कंपनी Best Deal TV Pvt. Ltd. से जुड़ा है।
UY Industries Pvt. Ltd. के डायरेक्टर दीपक कोठारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2015 से 2023 के बीच राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया और उन्होंने करीब 60.48 करोड़ रुपये का निवेश किया। शिल्पा ने इस निवेश पर व्यक्तिगत गारंटी भी दी थी।
राज कुंद्रा ने 15 सितंबर को पुलिस के समन पर EOW के सामने पेश होकर पूछताछ में भाग लिया था। अब इस मामले में मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की बेंच ने राज्य पक्ष से 8 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
कपल ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि वे अक्टूबर और दिसंबर में अमेरिका, श्रीलंका, मालदीव, दुबई और लंदन की यात्राएं करना चाहते हैं। कोर्ट अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को करेगा।
हैदराबाद 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- हैदराबाद-बेंगलुरु राजमार्ग यानी एनएच-44 पर हुए एक हादसे में एक्टर विजय देवेरकोंडा बाल-बाल बच गए। उऩकी कार हादसाग्रस्त हो गई। एक्टर की कार को पीछे से अन्य कार ने टक्कर मार दी।
विजय देवरकोंडा पुत्तापर्थी से हैदराबाद लौट रहे थे। खबरों के मुताबिक, उनकी कार को मामूली नुकसान हुआ, लेकिन सौभाग्य से न अभिनेता को कोई चोट आई और न ही उनके साथ सफर कर रहे किसी को।
पुलिस के मुताबिक, ‘एक्टर विजय देवरकोंडा पुट्टपर्थी से हैदराबाद कार से जा रहे थे, तभी आगे चल रही बोलेरो गाड़ी अचानक राइड साइड की ओर मुड़ गई, जिससे उनकी कार बोलेरो के बाएं हिस्से से टकरा गई. कार के बाएं हिस्से को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
विजय देवरकोंडा और दो अन्य लोग कार में सवार थे, वह तुरंत एक दूसरी गाड़ी में बैठ गए, और उनकी टीम ने इंश्योरेंस के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।’
अलवर 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): दूरस्थ समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने मिशन के अनुरूप, आरईसी लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, अलवर को तीन वर्षों की अवधि में पाँच मोबाइल चिकित्सा इकाइयों (एमएमयू) के संचालन के लिए ₹5.71 करोड़ का सहयोग दिया है।
इन एमएमयू को 5 अक्टूबर को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, राजस्थान सरकार संजय शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
समारोह में आरईसी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) टीम और महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष श्री एम. एल. मीणा के साथ-साथ जिला प्रशासन और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
जीपीएस-सक्षम ट्रैकिंग सिस्टम से लैस, ये एमएमयू राजस्थान के कुछ सबसे वंचित और आदिवासी इलाकों को कवर करते हुए, अलवर, भरतरी और बहरोड़-कोटपुली जिलों के समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाएँगे।
इस पहल से हर महीने 10,000 से ज़्यादा लोगों को मुफ़्त चिकित्सा परामर्श, उपचार, दवाइयाँ और निवारक स्वास्थ्य सेवा जागरूकता का लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्र सरकार ने देश के करीब 46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) की दरों में एक दशक बाद बड़ा संशोधन किया है।
इलाज की नई दरें 13 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी, जिससे निजी अस्पतालों द्वारा कैशलेस इलाज से इनकार करने की समस्या खत्म होने की उम्मीद है। सरकार ने अस्पतालों के लिए दरों में औसतन 25-30% की बढ़ोतरी की है और सभी CGHS-पैनलबद्ध अस्पतालों को नई दरें स्वीकार करने का सख्त निर्देश दिया है।
क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?
पिछले कई सालों से यह एक बड़ी समस्या बन गई थी कि CGHS से जुड़े ज्यादातर निजी अस्पताल पुरानी दरों को बहुत कम बताकर कैशलेस इलाज देने से मना कर देते थे। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज का खर्च पहले अपनी जेब से देना पड़ता था और बाद में रिफंड के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था।
वहीं, अस्पतालों का तर्क था कि 2014 के बाद से दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ था, जबकि मेडिकल खर्चों में कई गुना वृद्धि हो चुकी है। कर्मचारी यूनियनों की लगातार मांग के बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।
नई दरें कैसे होंगी तय?
सरकार ने अब एक पारदर्शी और व्यावहारिक फॉर्मूला तैयार किया है, जिसके तहत दरें चार मुख्य कारकों पर आधारित होंगी:
अस्पताल का एक्रेडिटेशन (NABH/NABL): प्रमाणित अस्पतालों को बेहतर दरें मिलेंगी।
शहर की श्रेणी: X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए अलग-अलग दरें होंगी।
अस्पताल का प्रकार: सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को 15% अधिक रेट मिलेगा।
वार्ड का प्रकार: जनरल वार्ड और प्राइवेट वार्ड की दरों में 5% का अंतर होगा।
अस्पतालों के लिए सख्त निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया कि जो अस्पताल 13 अक्टूबर तक नई दरों को स्वीकार नहीं करेंगे, उन्हें CGHS पैनल की सूची से हटा दिया जाएगा (डि-एम्पैनल)। साथ ही, सभी अस्पतालों को 90 दिनों के भीतर नए समझौते (MoA) पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा
इस बड़े सुधार के बाद उम्मीद है कि अब पैनल में शामिल अस्पताल CGHS लाभार्थियों को कैशलेस इलाज देने से मना नहीं कर पाएंगे।
इससे लाखों कर्मचारियों और विशेषकर पेंशनर्स को इलाज के लिए तुरंत मोटी रकम का इंतजाम करने की चिंता से मुक्ति मिलेगी और रिफंड की लंबी प्रक्रिया का झंझट भी खत्म हो जाएगा। यह कदम CGHS प्रणाली को अधिक भरोसेमंद और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
नई दिल्ली 07 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने सात राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर भी उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। उपचुनावों के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 14 नवंबर को नतीजे जारी होंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, झारखंड, तेलंगाना, पंजाब, मिजोरम और ओडिशा में उपचुनाव होंगे। जम्मू-कश्मीर की बडगाम और नगरोटा विधानसभा सीट, राजस्थान की अंता, झारखंड की घाटशिला, तेलंगाना की जुबली हिल्स, पंजाब की तरनतारन, मिजोरम की डम्पा और ओडिशा की नुआपाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को बडगाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने गांदरबल से ही विधायक रहने का निर्णय लेते हुए, साफ कर दिया है कि वह अपने पुश्तैनी निर्वाचन क्षेत्र से अब बाहर जाकर चुनाव नहीं लड़ेंगे। अदालत द्वारा सजा होने के बाद कंवर लाल मीणा को अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिससे उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई। इसकी वजह से राजस्थान का अंता विधानसभा क्षेत्र रिक्त हो गया।
रामदास सोरेन के निधन से झारखंड के घाटशिला, मगंती गोपीनाथ के निधन से तेलंगाना के जुबली हिल्स क्षेत्र, डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन से पंजाब के तरनतारन, लालरिंतलुआंगा सैला के निधन से मिजोरम के डम्पा और राजेंद्र ढोलकिया के निधन से ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र रिक्त हुए।
सात राज्यों के आठ विधानसभा क्षेत्रों में एक चरण में उपचुनाव होंगे, जहां 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी।
वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार की सभी 243 सीट पर दो चरण में चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर आयोग ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही फेक न्यूज पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
नई दिल्ली 07 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद तबाह हुई पाकिस्तानी वायुसेना को फिर से खड़ा करने के लिए अमेरिका ने गुप्त रूप से मदद का हाथ बढ़ाया है। हालांकि, इस सनसनीखेज दावे को लेकर किसी भी पक्ष से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई पहलगाम में हुए एक आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी, जिसके तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तानी क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना को भारी सैन्य क्षति उठानी पड़ी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में पाकिस्तान के एक साब ईरी 2000 AWACS (एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान, एक लॉकहीड सी-130 परिवहन विमान और कम से कम चार एफ-16 लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुँचा। इसके अतिरिक्त, कई रडार सिस्टम और एयर डिफेंस यूनिट्स के भी तबाह होने की बात कही गई है।
बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे ज्यादा नुकसान पाकिस्तानी वायुसेना के भोलारी एयरबेस को हुआ, जहाँ हैंगर में खड़ा एक एफ-16 विमान भी हमले की चपेट में आ गया था।
रिपोर्ट में पाकिस्तानी रक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि भोलारी एयरबेस पर क्षतिग्रस्त हुए ईरी विमान की मरम्मत के लिए अमेरिकी वायुसेना के इंजीनियरों की एक टीम तत्काल पाकिस्तान पहुँची थी।
इस मरम्मत और अपग्रेडेशन के काम के लिए पाकिस्तान द्वारा 400 से 470 मिलियन डॉलर की एक बड़ी राशि को गुप्त आपातकालीन फंड से मंजूरी दी गई थी। रिपोर्ट यह भी कहती है कि अमेरिका ने कथित तौर पर इस मरम्मत कार्य में चीन को शामिल होने से रोक दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद अमेरिका ने दोहा, अबू धाबी और मैरीलैंड में स्थित अपने एयरबेस से विशेषज्ञों की टीमें पाकिस्तान भेजी थीं। फिलहाल यह कहा जा रहा है कि अधिकांश नुकसान की भरपाई की जा चुकी है।
नई दिल्ली 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : देश की सर्वोच्च अदालत की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान 60 वर्षीय एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की।
जूता बेंच तक पहुंचने से पहले ही गिर गया, जिससे CJI को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इस घटना के दौरान हमलावर वकील ‘सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगा रहा था। अदालत में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत दबोच लिया।
यह हैरान करने वाली घटना तब हुई जब चीफ जस्टिस बीआर गवई अपनी बेंच पर एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान राकेश किशोर नामक 60 वर्षीय वकील ने अपनी जगह से उठकर नारे लगाना शुरू कर दिया और बेंच की तरफ जूता उछाल दिया।
इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कोर्टरूम में तैनात सुरक्षाकर्मी हरकत में आए और हमलावर वकील को तुरंत पकड़कर हिरासत में ले लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया।
इस अप्रत्याशित घटना के बावजूद चीफ जस्टिस बीआर गवई बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने बेपरवाही से अपना काम जारी रखा और मामले की सुनवाई करते रहे।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “मुझे ऐसी चीजों से फर्क नहीं पड़ता।” मौके पर मौजूद अन्य वकीलों ने भी बताया कि चीफ जस्टिस इस वाकये से बिलकुल परेशान नहीं हुए और सामान्य रूप से कामकाज जारी रखा।
पुलिस ने बताया कि आरोपी वकील राकेश किशोर के पास से वकीलों और क्लर्कों को जारी किया जाने वाला एक एंट्री कार्ड भी बरामद हुआ है। इस घटना ने सुप्रीम कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बिहार सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने दावा किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में डबल इंजन सरकार की विदाई तय है।
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी तैयारियों के साथ-साथ आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
एनडीए और इंडिया ब्लॉक के दल अपनी-अपनी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार से डबल इंजन सरकार की विदाई तय है।
लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “छह और ग्यारह, एनडीए नौ दो ग्यारह।”
इस पोस्ट के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि बिहार से एनडीए की विदाई तय है। यह पहली बार नहीं है जब लालू प्रसाद यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है। वह अक्सर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सरकार पर कटाक्ष करते रहते हैं।
एक अन्य पोस्ट में पूर्व सीएम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार की डबल इंजन की सरकार का मतलब भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है।
उन्होंने कहा कि इस भ्रष्ट व्यवस्था को बदलना है। इस बार बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री को बदलना है और सरकार भी बदलेंगे।
जहां एक ओर लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर हमलावर रहे हैं और सरकार बदलने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार का नेतृत्व वह अपने बेटे और राजद नेता तेजस्वी यादव में देखते हैं।
उन्होंने कई मंचों से तेजस्वी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने के लिए जनता से अपील भी की है। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “तेजस्वी के नेतृत्व में, नया बिहार बनाएंगे।”
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी होंगे। इलेक्शन को लेकर चुनाव आयोग ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं।
रांची 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड सरकार ने राज्य में तीन कफ सिरप की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। ये कार्रवाई उन रिपोर्ट्स के बाद की गई है, जिनमें बताया गया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुछ बच्चों की मौत संदिग्ध कफ सिरप के इस्तेमाल से हुई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राज्य औषधि नियंत्रण निदेशालय, नामकुम (रांची) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, तीन कफ सिरप (कोल्ड्रेफ, रेपीफ्रेश टीआर और रिलाइफ सिरप) में डायइथाइलीन ग्लाइकॉल की मात्रा ज्यादा पाई गई है।
निदेशालय ने सभी औषधि निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में इन सिरप की बिक्री और उपयोग पर सख्त निगरानी रखें। साथ ही दुकानों और अस्पतालों में निरीक्षण कर सैंपलिंग की जाए और नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
डायइथाइलीन ग्लाइकॉल एक औद्योगिक रसायन है। इसका अधिक मात्रा में सेवन जानलेवा हो सकता है। यही कारण है कि सरकार ने इन सिरप को ‘मानक के विपरीत’ बताते हुए तुरंत प्रतिबंधित कर दिया है।
सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन तीनों कफ सिरप का इस्तेमाल न करें और यदि घर में मौजूद हो तो तुरंत नष्ट कर दें या नजदीकी औषधि नियंत्रण अधिकारी को सूचना दें।
यह प्रतिबंध झारखंड सरकार की ओर से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक सावधानीपूर्ण और सख्त कदम माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के इस्तेमाल से बच्चों की मौत के बाद महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी कर संदिग्ध कफ सिरप के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
इससे पहले 5 अक्टूबर को कफ सिरप की गुणवत्ता और उनके अनुचित उपयोग से जुड़ी हालिया चिंताओं के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी।
बैठक में औषधि गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की समीक्षा की गई और विशेष रूप से बच्चों में कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के निर्देश पर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान तीन प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई थी। पहला, औषधि निर्माण इकाइयों में गुणवत्ता मानकों के लिए अनुसूची ‘एम’ और अन्य जीएसआर प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना।
दूसरा, बच्चों में कफ सिरप का तर्कसंगत उपयोग बढ़ाना और अतार्किक संयोजनों से बचना। तीसरा, खुदरा फार्मेसियों के विनियमन को मजबूत कर ऐसे फार्मूलेशन की अनुचित बिक्री रोकना शामिल था।
ग्रेटर नोएडा 07 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । ग्रेटर नोएडा के उद्योग विहार, ईकोटेक थर्ड थाना क्षेत्र स्थित एक बड़ी औद्योगिक इकाई में सोमवार की देर रात भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि यह कंपनी फ्रूटी पेय पदार्थ के लिए इस्तेमाल होने वाले पाइप और पैकेजिंग सामग्री का निर्माण करती है।
अचानक लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील प्लास्टिक और पैकिंग मटेरियल मौजूद था, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई।
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड विभाग की लगभग 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गईं। फायर विभाग के अधिकारी और सीएफओ सहित कई टीमें भी तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य का निरीक्षण किया।
फायर कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है क्योंकि आग फैक्ट्री के भीतर गहराई तक पहुंच चुकी है। बहुमंजिला इमारत पूरी तरीके से जलकर राख हो चुकी है।
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने में अभी समय लगेगा क्योंकि फैक्ट्री परिसर में रासायनिक पदार्थों और पैकिंग सामग्री के ढेर मौजूद हैं, जो लगातार जल रहे हैं।
हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच चुकी हैं और आसपास के इलाके को खाली कराया गया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके।
आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए ग्रेटर नोएडा, सूरजपुर, दादरी और नोएडा से अतिरिक्त फायर टेंडर मंगवाए हैं। मौके पर हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
चंडीगढ़, 06 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना क्रम के तहत आज पंजाब विधानसभा स्थित सेक्रेटरी पंजाब असेंबली के दफ्तर में जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी पहुंचे। जहाँ उन्होंने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपना नामांकन राज्यसभा चुनाव हेतु दाखिल किया।
जिसको रिटर्निंग अधिकारी ने स्वीकार किया। आम आदमी पार्टी के दस विधायकों ने नवनीत चतुर्वेदी को अपना समर्थन देते हुए उनके पक्ष में नामांकन पत्र उन्हें सौंपा। और फॉर्म2C के साथ चतुर्वेदी ने अपना नामांकन दाखिल किया।
इस घटना से इतना स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार राजिंदर गुप्ता की जीत आसान नहीं है। इस संबंध में कल सुबह ग्यारह बजे विस्तार से चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मीडिया ब्रीफिंग हेतु नवनीत चतुर्वेदी प्रेस से रूबरू होंगे और नए पॉलिटिकल घटनाक्रम पर अपना ऑफिसियल बयान देंगे।
कोलकाता 06 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर बंगाल में बाढ़ की तबाही का जायजा लेने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर सोमवार को हमला हुआ। भीड़ के बीच हुई इस घटना में सांसद खगेन मुर्मू घायल हो गए, जबकि शंकर घोष की गाड़ी पर पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। खगेन मुर्मू का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खून से लथपथ नजर आ रहे हैं।
भाजपा के अनुसार, यह घटना नागराकाटा के बामनडांगा क्षेत्र में तब हुई जब मालदा उत्तर के सांसद खगेन मुर्मू और सिलिगुड़ी के विधायक शंकर घोष राहत कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। दोनों नेता सुरक्षा कर्मियों के घेरे में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की ओर पैदल जा रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने अचानक धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने पीछे से शंकर घोष को धक्का दे दिया।
हालात बिगड़ते देख सुरक्षा कर्मियों ने नेताओं को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ के बीच सांसद खगेन मुर्मू को पीछे से मारा गया, जिससे उनके चेहरे और नाक पर चोट आई और खून बहने लगा। घबराए नेता किसी तरह अपनी गाड़ी तक पहुंचे, लेकिन तब तक भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी पर ईंटें फेंकीं, जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए।
घटना के बाद भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, ” आज नागराकाटा में तृणमूल के गुंडों ने सांसद खगेन मुर्मू पर हमला किया। इस राज्य में अब कानून नहीं, बल्कि दुष्कर्मियों का शासन चल रहा है।
उत्तर बंगाल में भारी तबाही के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कार्निवल में व्यस्त थीं और आज उनकी पार्टी के लोग इस तरह का तांडव मचा रहे हैं।”
वहीं, उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने मीडिया से बात करते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर विरोध करने वालों के हाथ में किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं था। इसलिए तृणमूल कांग्रेस का नाम इस घटना में घसीटना गलत है। बहरहाल, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री का आपदा प्रभावित इलाकों में दौरा, आर्थिक मदद दी व नौकरी का ऐलान
जलपाईगुड़ी/दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी 06 Oct,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सीएम ममता बनर्जी उत्तर बंगाल के आपदा प्रभावित इलाकों के दौरे पर हैं। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले 23 लोगों के परिवारों को मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ ही मृतक परिवार के एक सदस्य को होमगार्ड की नौकरी देने का ऐलान किया।
वहीं सीएम ममता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष जैसे नेताओं पर हुए हमले के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने आज दोपहर उत्तर बंगाल पहुंचकर नागराकाटा और जलपाईगुड़ी ज़िलों में स्थिति का जायजा लिया और संयम व एकता का संदेश दिया।
उनके शब्दों में, ‘इस समय कोई अप्रिय घटना वांछनीय नहीं है।’ सीएम ममता ने कहा कि, संयत रहें और किसी के बहकावें में नहीं आएं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि, उपरोक्त तत्काल आर्थिक सहायता का उद्देश्य परिवारों को अचानक और दुखद क्षति से उबरने और आपदा के कारण उत्पन्न तत्काल वित्तीय कठिनाइयों से निपटने में मदद करना है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए तेज़ी से संसाधन जुटा रही है कि ये धनराशि बिना किसी देरी के लाभार्थियों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन में 23 लोगों की जान चले जाने की बात कही है। सीएम ने कहा कि, धैर्य रखेंऔर शांत रहें। आपदा के समय सभी को मिलकर संकट का सामना करना पड़ता है। यही हमारी मानवता और इंसानियत है।” उधर, स्थानीय लोगों को आगाह करते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगले दो-एक दिन में फिर से ज्वार आ सकता है। वह समय बहुत महत्वपूर्ण है। सरकार ने यहां सड़क के किनारे एक राहत शिविर खोला है। जो लोग आ गए हैं, उन्होंने अच्छा किया है। जो लोग अभी भी अपने घरों से चिपके हुए हैं, वे जल्दी से यहां आ जाएं। आप सुरक्षित रहेंगे। आपको खाने-पीने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।”
उधर, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिनके घर नष्ट हो गए हैं, उनके लिए सरकार घर बनाएगी। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि, “मुझे पता है कि पैसे से किसी की जान की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह संकट में लोगों के साथ खड़ी रहे। इसलिए मुआवजा और नौकरी की यह मदद दी जा रही है, ताकि पीड़ित परिवारों को भविष्य में दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े।”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि उत्तर बंगाल की स्थिति और भी खराब इसलिए हुई, क्योंकि पड़ोसी देश भूटान से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। उन्होंने इस आपदा को “मानव-निर्मित” बताया। ममता बनर्जी के अनुसार, जैसे दक्षिण बंगाल में दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के बांधों से पानी छोड़ने से बाढ़ की स्थिति बनी, वैसे ही भूटान की ओर से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर बंगाल में यह संकट पैदा हुआ।
हालांकि, भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के इस बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा आपदा के समय जिम्मेदारी से बचने के लिए दोषारोपण का खेल शुरू कर देती हैं। दक्षिण बंगाल में वह डीवीसी को दोष देती हैं और उत्तर बंगाल में भूटान को। उन्हें यह समझना चाहिए कि इस समय प्राथमिकता लोगों की मदद करना है, न कि आरोप-प्रत्यारोप में उलझना।
राज्य सरकार के अनुसार, अब तक उत्तर बंगाल के पहाड़ी, तराई और डुआर्स (भारत के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में हिमालय की तलहटी में स्थित जलोढ़ बाढ़ के मैदान) क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन के कारण कम से कम 23 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
उत्तर बंगाल में बाढ़ की स्थिति पर ममता ने कहा कि नागराकाटा-मिरिक सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से उत्तर बंगाल में 12 घंटे तक लगातार 300 मिमी बारिश हुई है, भूटान और सिक्किम से पानी आकर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है।’ सीएम ने सवाल किया कि बंगाल कितने राज्यों का पानी संभाल सकता है? उन्होंने कहा, ‘जब बिहार में बारिश होती है, तो पानी फरक्का से आता है, जब उत्तर प्रदेश में बारिश होती है, तो पानी फरक्का से आता है।’ इसके बाद उन्होंने इसी दिन फिर से डीवीसी पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज फिर डीवीसी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘डीवीसी अपनी मर्ज़ी से पानी छोड़ रहा है, खुद को खाली कर रहा है। वह खुद को बचा रहा है, झारखंड को बचा रहा है। मैं चाहती हूं कि झारखंड बचे।’ इसके बाद उन्होंने कहा, ’20 साल से यह कहते-कहते थक गए हैं कि मैथन, डीवीसी, पंचेत – पानी भरने की क्षमता नहीं है, तो इसे रखने की क्या ज़रूरत है? अगर बांध न होते तो अच्छा होता। पानी अपने आप आता, अपने आप जाता। सब बराबर बाँट सकते थे।’
उन्होंने एक बार फिर डीवीसी के कारण दक्षिण बंगाल की भारी पीड़ा का ज़िक्र किया। मुख्यमंत्री ने आज उत्तर बंगाल के पर्यटकों को लेकर भी एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘हमने सभी पर्यटकों को बचा लिया है। डायमंड हार्बर का एक भी व्यक्ति नहीं मिला है। इसके अलावा, आज 500 पर्यटकों को नीचे लाया जा रहा है और 45 वोल्वो बसों में फंसे पर्यटकों को नीचे लाया गया है। 250 लोगों को सिलीगुड़ी में रखा गया है।’
होटलों को निर्देश दिया गया है कि जो पर्यटक अभी तक नहीं आए हैं, उनसे अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए। ज़रूरत पड़ने पर सरकार इसका ध्यान रखेगी। जब तक पुलिस उन्हें सुरक्षित नहीं बचा लेती, तब तक उन्हें होटल नहीं छोड़ना चाहिए। उन्हें वापस लाना हमारी ज़िम्मेदारी है।
लखनऊ 06 Oct, : (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में किसान पूरी तरह उपेक्षा और शोषण का शिकार है।
भाजपा के सत्ता में आने के बाद से न तो किसानों को समय से खाद और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, और न ही उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल पा रहा है। बढ़ती महंगाई के कारण खेती की लागत दोगुनी हो गई है, लेकिन किसानों की फसलों का दाम लगातार घट रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को धान और अन्य फसलों के लिए डीएपी, यूरिया जैसी जरूरी खाद समय पर उपलब्ध नहीं करा पाई।
किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ा, कई स्थानों पर लाठीचार्ज हुए, किसानों की तबीयत बिगड़ी और कुछ की तो जान तक चली गई, परंतु संवेदनहीन भाजपा सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि अब जब किसानों को गेहूं, आलू, चना, मटर जैसी रबी फसलों के लिए खाद की आवश्यकता है, तब भी सरकार की कोई तैयारी नहीं है।पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कालाबाजारी और मुनाफाखोरी चरम पर है। खाद की किल्लत और कालाबाजारी के चलते किसान परेशान है जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत से फसल पैदा करता है लेकिन भाजपा सरकार में उसका लागत मूल्य भी वसूल नहीं हो पाता। आलू, गन्ना, धान और गेहूं के किसानों को न तो समर्थन मूल्य मिल रहा है, न बकाया भुगतान।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों से झूठे वादे किए और “आय दोगुनी” करने का दावा सिर्फ जुमला साबित हुआ। गन्ना मूल्य को लेकर सरकार लगातार चुप्पी साधे हुए है और आलू किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस सरकार में बिचौलियों का राज चल रहा है — बिचौलिए मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि किसान अपनी ही जमीन पर ठगा और असहाय महसूस कर रहा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब-जब भाजपा सत्ता में आती है, किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाता है। पूरे प्रदेश में किसानों की जमीनें और फसलें लूटी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के रवैये से किसान निराश, दुखी और अपमानित है, लेकिन आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश का किसान भाजपा को सत्ता से हटाकर अपने साथ हुए धोखे और अपमान का बदला जरूर लेगा।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने सुनीं जिलावासियों की समस्याएं
प्राथमिकता से सुनी गई सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों की समस्याएं
भू-राजस्व से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
खतियानी रैयतों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
जनता दरबार में कई शिकायतों का हुआ ऑन द स्पॉट निष्पादन
रांची,06.10.2025 – दुर्गा पूजा के बाद आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री के समक्ष सोमवार को बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे।
जनता दरबार में ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों की संख्या अधिक रही। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को प्राथमिकता देते हुए उनकी समस्याएं पहले सुनी गईं।
महिला की वृद्धा पेंशन समस्या का हुआ तत्काल समाधान
सामाजिक सुरक्षा के तहत वृद्धा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंची एक महिला की समस्या का मौके पर ही निष्पादन किया गया।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को जांच करने के निर्देश दिये, जिसमें पता चला कि महिला की पेंशन स्वीकृत है और बैंक खाते में राशि भी आ रही है परंतु KYC अपडेट न होने के कारण राशि निकासी में बाधा आ रही थी।
उपायुक्त ने संबंधित बैंक को तुरंत DBT चालू करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
परिवार से बेदखल बुजुर्ग अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे जनता दरबार
रांची के डोरंडा निवासी एक बुजुर्ग अपने बेटों द्वारा जमीन से बेदखल किए जाने की शिकायत लेकर जनता दरबार पहुंचे।
बुजुर्ग ने भावुक होकर अपनी आपबीती उपायुक्त के समक्ष रखी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने सिटी एसपी और संबंधित अंचल अधिकारी को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
भू-राजस्व मामलों में त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान
जनता दरबार में लंबित दाखिल-खारिज, सीमांकन, दोहरी जमाबंदी, भूमि पर अवैध कब्जा, पंजी-2 में सुधार जैसे कई राजस्व संबंधी मामले आए।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने प्रत्येक मामले के दस्तावेजों की स्वयं जांच की और संबंधित अंचल अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
राहे अंचल के धनंजय महतो की शिकायत का तुरंत समाधान
राहे अंचल के निवासी धनंजय महतो ने अपनी खरीदी गई जमीन के प्लॉट नंबर में सुधार हेतु आवेदन दिया। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित अंचल अधिकारी से बातचीत कर शिकायत का तत्काल निष्पादन कराया।
खतियानी रैयतों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
जनता दरबार में जमीन पर अवैध कब्जे से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं।
बुंडू अंचल के एक खतियानी रैयत ने बताया कि उनके पूर्वजों की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस संबंध में संबंधित अंचल अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी खतियानी रैयत को परेशानी न हो, यह सभी अंचल अधिकारी सुनिश्चित करें।
हर मंगलवार अंचल स्तर पर भी जनता दरबार का आयोजन
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा देने हेतु उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर हर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में भी जनता दरबार आयोजन किया जा रहा है।
जिसमें अंचल अधिकारी, अंचल निरीक्षक एवं राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले वासियों से जनता दरबार में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है।
जनता दरबार में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित शिकायतें भी आई, जिसके समाधान हेतु सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, रांची को उपायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा ने कहा है कि जनता दरबार का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। प्रत्येक शिकायत का निष्पादन प्राथमिकता से किया जा रहा है, ताकि लोगों को प्रशासनिक सेवाओं का सीधा लाभ मिल सके।
पटना 06 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं के मन में वोटर कार्ड को लेकर चल रही आशंकाओं पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विराम लगा दिया है।
पटना में अपने दो दिवसीय दौरे के समापन पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मतदाताओं को नया वोटर कार्ड जारी नहीं किया जाएगा और पुराने कार्ड पूरी तरह से वैध रहेंगे।
मीडिया से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “जिन मतदाताओं के डाटा में विशेष पुनरीक्षण के दौरान कोई बदलाव या अपडेट (जैसे फोटो, पता आदि) हुआ है, केवल उन्हें ही 15 दिनों के भीतर नया वोटर कार्ड (EPIC) जारी किया जाएगा।
जिनके पास पुराने वोटर कार्ड हैं और उनके डाटा में कोई बदलाव नहीं हुआ है, उनका वही कार्ड मतदान के लिए पूरी तरह मान्य रहेगा।” उन्होंने यह भी साफ किया कि मतदान के लिए पहले से स्वीकृत अन्य पहचान पत्र भी पहले की तरह ही मान्य रहेंगे।
आधार कार्ड की अनिवार्यता पर चल रहे विवाद पर भी चुनाव आयोग ने स्थिति साफ की। ज्ञानेश कुमार ने कहा, “मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आधार कार्ड देना अनिवार्य न था और न है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, आधार न तो जन्मतिथि का प्रमाण है और न ही नागरिकता का।” उन्होंने बताया कि मतदाता बनने के लिए भारत का नागरिक होना ही एकमात्र शर्त है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को संतोषजनक बताते हुए कहा कि अयोग्य मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि आयोग 22 नवंबर से पहले नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी करने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।
नई दिल्ली 06 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारतीय नौसेना अपने स्वदेशी निर्माण कार्यक्रम के तहत आईएनएस ‘एंड्रोथ’ को कमीशन करने जा रही है। यह भारतीय नौसेना का दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट है।
इसे सोमवार को नेवल डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में एक भव्य समारोह में नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्वी नौसेना कमान के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर उपस्थित रहेंगे।
आईएनएस एंड्रोथ का कमीशन होना भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता में वृद्धि और स्वदेशीकरण के प्रति उसकी सतत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
हाल के महीनों में नौसेना के बेड़े में कई अत्याधुनिक युद्धपोत शामिल हुए हैं। नौसेना के बेड़े में इस मजबूती से भारत की समुद्री शक्ति और तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
आईएनएस एंड्रोथ, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, कोलकाता द्वारा निर्मित है। यह भारत की बढ़ती समुद्री आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों के अनुरूप है। यह पोत भारतीय नौसेना की उस सोच को मजबूत करता है, जो स्वदेशी तकनीक, नवाचार और घरेलू उद्योगों के सहयोग से उन्नत सैन्य क्षमताओं के विकास पर केंद्रित है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएस एंद्रोथ के कमीशन से नौसेना की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमताओं में उल्लेखनीय मजबूती आएगी। विशेष रूप से तटीय या उथले जलक्षेत्रों में पनडुब्बी खतरों से निपटने की दिशा में यह पोत काफी महत्वपूर्ण है।
हाल ही में नौसेना में शामिल हुए अर्नाला, निस्तार, उदयगिरी, निलगिरी और अब आईएनएस एंड्रोथ जैसे युद्धपोत भारतीय नौसेना के संतुलित और व्यापक विकास के प्रतीक हैं। ये सभी पोत भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ की भावना को मूर्त रूप देते हैं।
नौसेना के इन जहाजों में डिजाइन, निर्माण और तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकांश हिस्सा भारतीय शिपयार्डों और उद्योगों से आता है।
आईएनएस एंड्रोथ का कमीशन भारतीय नौसेना के उस विजन को भी साकार करता है, जो भारत को एक आत्मनिर्भर, सक्षम और आधुनिक समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।