भारत का राजकोषीय घाटा अप्रैल-सितंबर अवधि में पूरे वर्ष के लक्ष्य का 36.5 प्रतिशत रहा

नई दिल्ली  ,31 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर अवधि) में 5.73 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पूरे वर्ष के लिए बजट में निर्धारित लक्ष्य का 36.5 प्रतिशत है।

यह जानकारी शुक्रवार को सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, राजकोषीय घाटा फिलहाल नियंत्रण में है और इससे अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर वृद्धि का रास्ता तैयार होता है।

अप्रैल से सितंबर के दौरान कुल प्राप्तियां 17.30 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जबकि कुल व्यय 23.03 लाख करोड़ रुपए रहा। यह 2025-26 के बजट में निर्धारित लक्ष्य का क्रमश: 49.5 प्रतिशत और 45.5 प्रतिशत था।

राजस्व प्राप्तियां 16.95 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जिनमें से कर राजस्व 12.29 लाख करोड़ रुपए और गैर-कर राजस्व 4.66 लाख करोड़ रुपए रहा।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपए का लाभांश स्वीकृत किए जाने से गैर-कर राजस्व में वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष के ट्रांसफर 2.11 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। इससे केंद्र सरकार को अपने राजकोषीय घाटे को और कम करने में मदद मिलेगी।

कुल सरकारी खर्च अप्रैल-सितंबर अवधि में 23 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 21.1 लाख करोड़ रुपए था।

यह राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे क्षेत्रों में बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सरकार के बढ़ते खर्च को दर्शाता है, जो भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी टैरिफ उथल-पुथल से उत्पन्न बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश में आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025 के बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.9 प्रतिशत रखा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 5.6 प्रतिशत था।

घटता राजकोषीय घाटा अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इससे सरकार की उधारी में कमी आती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में कॉर्पोरेट और उपभोक्ताओं को ऋण देने के लिए अधिक धनराशि बचती है, जिससे आर्थिक विकास में तेजी आती है।

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नोएडा की अनुरक्षण व सफाई व्यवस्था का निरीक्षण, कई निर्देश जारी

नोएडा 31 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय डॉ. लोकेश एम द्वारा नोएडा शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर नोएडा की अनुरक्षण व सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान नोएडा प्राधिकरण के ए0के0 अरोड़ा, महाप्रबन्धक (सिविल) व विजय रावल उप महाप्रबन्धक (सिविल) एवं वर्क सर्किल – 1,2,3,6 के वरिष्ठ प्रबन्धक एवं जनस्वास्थ्य विभाग -2 के परियोजना अभियन्ता उपस्थित रहे ।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय द्वारा भ्रमण के दौरान शहर के उद्योग मार्ग, एम.पी. – 1 मार्ग, एम.पी.-2 मार्ग, डी.एस.सी. मार्ग, जोनल रोड सं0-6 व 8 तथा सैक्टर – 8, 9, 11, सैक्टर-75, 76, 77, कैलाश अस्पताल के सामने वाले मार्ग इत्यादि क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय द्वारा दृष्टिगत हुई कमियों के निराकरण हेतु निर्देश दिए गए जैसे कि सम्पूर्ण निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर सडक़ों पर उत्पन्न गड्ढों की मरम्मत हेतु बनाये गये पैच सडक़ के लेवल के बराबर नहीं है ।

इस सम्बन्ध में निर्देशित किया गया कि भविष्य में किये जाने वाले पैच – रिपेयर को सडक़ के लेवल पर बनाया जाये। सडक़ों पर विभिन्न स्थानों पर व्हीप – होल बन्द पाये गये, जिनकी सफाई करवाते हुए खुलवाने हेतु जनस्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया ।

सैक्टर-1 में एक औद्योगिक भूखण्ड से नाले में सीवर प्रवाहित होता हुआ पाया गया,जिसके सम्बन्ध में सम्बन्धित औद्योगिक इकाई को नोटिस निर्गत करने हेतु वर्क सर्किल – 1 के वरिष्ठ प्रबन्धक को निर्देशित किया गया। साथ ही अन्य क्षेत्रों का भी निरीक्षण करते हुए नोटिस निर्गत की कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया ।

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सरकार का बड़ा फैसला- अब 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियां नहीं होंगी स्क्रैप, मिलेगा NOC

नई दिल्ली 31 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  राजधानी दिल्ली के वाहन मालिकों को रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब 10 साल से पुरानी डीज़ल गाड़ियों और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को स्क्रैप करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।

सरकार ने वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करते हुए पुराने वाहनों के लिए NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी करने की समय सीमा हटा दी है।

NOC मिलने के बाद वाहन मालिक अपनी गाड़ी को किसी दूसरे राज्य में दोबारा रजिस्टर करा सकते हैं, जहां ऐसी गाड़ियों पर बैन नहीं है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली की सड़कों पर पुरानी गाड़ियों की संख्या भी घटेगी। इससे प्रदूषण कंट्रोल में भी मदद मिलेगी और गाड़ियों की स्क्रैपिंग को लेकर चल रही परेशानी भी कम होगी।

बता दें कि पहले नियम यह था कि अगर आपकी गाड़ी दिल्ली में रजिस्टर्ड है और उसकी उम्र 10 (डीजल) या 15 (पेट्रोल) साल से ज्यादा हो चुकी है, तो दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) केवल रजिस्ट्रेशन खत्म होने के एक साल के भीतर ही मिलती थी।

लेकिन अब इस एक साल की समय सीमा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब पुरानी गाड़ियों के मालिक कभी भी NOC के लिए आवेदन कर सकते हैं, चाहे गाड़ी का रजिस्ट्रेशन खत्म हुए कई साल क्यों न हो गए हों।

1 नवंबर से दिल्ली में नहीं चलेंगी ऐसी गाड़ियां

दिल्ली में तेजी से बढ़ते हवा के प्रदूषण को काबू करने के लिए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) के आदेश पर दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग ने कड़ा कदम उठाया है।

1 नवंबर 2025 से राजधानी की सीमाओं पर BS-VI स्टैंडर्ड से पुरानी बाहरी राज्यों की कमर्शियल गाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। विभाग लोगों को एसएमएस के जरिए इसकी जानकारी दे रहा है।

यह फैसला खासतौर पर सर्दियों में एयर क्वालिटी के खतरनाक लेवल पर पहुंचने से रोकने के मकसद से लिया गया। ट्रांसपोर्ट विभाग ने इस बारे में सार्वजनिक सूचना भी जारी कर दी है।

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रेलवे स्टेशनों पर यात्री होल्डिंग एरिया विकसित करने की योजना को मंज़ूरी

नई दिल्ली 31 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) दीपावली व छठ पर्व पर यात्रियों के सुगम आवगमन हेतु नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर होल्डिंग एरिया का निर्माण किया गया था जिसको यात्रियों द्वारा काफी सराहा गया।

इसी की सफलता को देखते हुए माननीय रेल मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्टेशन की तर्ज पर भारतीय रेलवे के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी होल्डिंग एरिया विकसित करने की योजना को मंज़ूरी दी है।

देश भर में भारतीय रेलवे के 76 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे। माननीय रेल मंत्री जी के निर्देशानुसार सभी होल्डिंग एरिया 2026 के त्यौहारी सीज़न से पहले ही बन कर तैयार किए जाने है।

उत्तर रेलवे के नामित स्टेशन:- नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, हज़रत निज़ामुद्दीन, दिल्ली जं, गाजियाबाद, जम्मू तवी, श्री माता वैष्णो देवी कटरा, लुधियाना, लखनऊ , वाराणसी, अयोध्या धाम, हरिद्वार। सहित 76 स्टेशनों की सूची है

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अब सड़कों पर कचरा फेंका तो मिलेगा,रिटर्न गिफ्ट’, घर पहुंचेगा आपका ही कूड़ा और लगेगा इतना जुर्माना

बेंगलुरु ,31 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  ग्रेटर बेंगलुरु में अब सड़कों को गंदा करने वालों की खैर नहीं है। जो लोग अपने घर का कूड़ा सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकते हैं, उनके लिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने सख्त और अनोखी मुहिम शुरू की है।

इस पहल के तहत जो व्यक्ति सड़क पर कचरा फेंकते पकड़े जाएंगे, उनका वही कचरा ‘रिटर्न गिफ्ट’ के रूप में उनके घर पहुंचा दिया जाएगा। इसे गार्बेज डंपिंग फेस्टिवल नाम दिया गया है — जिसका उद्देश्य है, शहर को गंदा करने वालों को सबक सिखाना और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना।

‘स्वच्छता में लापरवाही अब नहीं चलेगी’

बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के सीईओ करीगौड़ा ने बताया कि शहर में करीब 5,000 गाडिय़ां रोज़ाना घरों से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्र करती हैं। इसके बावजूद कई लोग खुले में कचरा फेंकने की आदत नहीं छोड़ते।

उन्होंने कहा, हमने सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए निगरानी बढ़ाई है और कई ऐसे लोगों के वीडियो मिले हैं जो सड़कों को कूड़ेदान बना रहे हैं। करीगौड़ा के अनुसार, जागरूकता बढ़ाने और अनुशासन कायम करने के लिए यह रिटर्न गिफ्ट नीति लागू की गई है। सड़क पर कचरा फेंकने वालों के घर जाकर सफाईकर्मी वही कचरा लौटाएंगे, साथ ही 2,000 का जुर्माना भी वसूला जाएगा।

सोशल मीडिया पर चर्चा

इस अनोखी मुहिम को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे स्वच्छ भारत की भावना को मज़बूत करने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सख्त कार्रवाई मान रहे हैं।

करीगौड़ा ने कहा, यह कोई अजीबोगरीब गतिविधि नहीं है। हमारे कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को कचरा अलग-अलग करने के तरीके सिखा रहे हैं। सोशल मीडिया के ज़रिए भी जागरूकता फैलाई जा रही है।

शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने कई इलाकों में बड़े डस्टबिन लगाने का भी काम शुरू कर दिया है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से उन इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है जहां लोग खुले में कचरा डालते हैं। करीगौड़ा ने कहा कि बेंगलुरु ‘गार्डन सिटी’ है और इसकी खूबसूरती बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

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पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी और दामाद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए, कोर्ट का पुलिस कमिश्नर को आदेश

गुरुग्राम ,31 अक्टूबर  (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दो मरे हुए लोगों का प्लॉट बेचकर चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने बड़ा आदेश सुनाया है।

कोर्ट ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की बेटी रोशनी बिश्नोई और दामाद अनूप बिश्नोई को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। दोनों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं।

कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को सख्त आदेश दिए हैं कि दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएं। रोशनी भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन हैं।

बताया जाता है कि यह मामला 2016-17 का है। तब दो प्लाटों जिनमें एक की कीमत 1.60 करोड़ एवं दूसरे की कीमत 50 लाख के करीब थी। इन दोनों को बेचा गया था। इस मामले में 2 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

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आज भी 1984 के सिख विरोधी दंगों को याद करके सिहर उठता हूं: हरदीप पुरी

नई दिल्ली ,31 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। 31 अक्टूबर को 1984 सिख विरोधी दंगों की 41वीं बरसी पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत के इतिहास के सबसे काले धब्बों में से एक की बरसी मना रहे हैं।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मैं आज भी 1984 के उन दिनों को याद करके सिहर उठता हूं, जब असहाय और निर्दोष सिख पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का बिना सोचे-समझे कत्लेआम किया गया था। उनकी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों को कांग्रेस नेताओं और उनके साथियों के नेतृत्व में भीड़ ने लूट लिया था।

यह सब इंदिरा गांधी की नृशंस हत्या का ‘बदला’ लेने के नाम पर किया गया था। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, यह वह समय था जब पुलिस मूकदर्शक बनकर खड़ी रहने को मजबूर थी, जबकि सिखों को उनके घरों, वाहनों और गुरुद्वारों से बाहर निकाला जा रहा था और जिंदा जलाया जा रहा था। राज्य की मशीनरी औंधे मुंह गिरी हुई थी। रक्षक ही अपराधी बन चुके थे।

उन्होंने कहा, सिखों के घरों और संपत्तियों की पहचान के लिए मतदाता सूचियों का इस्तेमाल किया गया। कई दिनों तक भीड़ को रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई। इसके बजाय, ‘जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है’ वाले अपने बयान से प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सिखों के नरसंहार का खुला समर्थन किया।

कांग्रेस नेता गुरुद्वारों के बाहर भीड़ का नेतृत्व करते देखे गए, जबकि पुलिस भी खड़ी तमाशबीन बनी रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनी संस्थाओं ने ही अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर इन नेताओं को खुली छूट दे दी।

उन्होंने आरोप लगाए, एक कांग्रेस विधायक के घर पर नेताओं ने बैठक की और फैसला किया कि सिखों को सबक सिखाना होगा। कारखानों से ज्वलनशील पाउडर और रसायन मंगवाए गए और भीड़ को दिए गए।

नानावती आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, सालों बाद, नानावती आयोग (2005) ने इस सब की पुष्टि की, जिसने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि ‘कांग्रेस (आई) के नेताओं के खिलाफ विश्वसनीय सबूत हैं जिन्होंने भीड़ का नेतृत्व किया और हमलों को उकसाया।’ यहां तक कि उनकी अपनी रिपोर्ट ने भी वही पुष्टि की जो पीडि़त हमेशा से जानते थे।

कांग्रेस नरसंहार को रोकने में विफल नहीं रही। उसने इसे संभव बनाया। बाद में, कांग्रेस दशकों तक बेशर्मी से सिख विरोधी हिंसा को नकारती रही। उन्होंने अपराधियों को संरक्षण दिया और उन्हें इनाम के तौर पर अच्छी पोस्टिंग (यहां तक कि चुनाव लडऩे के लिए पार्टी टिकट भी) दी।

उन्होंने सिख दंगों के दौरान उनके घर पर हुए हमलों का भी जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री ने लिखा, मेरी सिख संगत के अन्य सदस्यों की तरह, यह हिंसा मेरे घर के पास भी पहुंची।

मैं उस समय जिनेवा में एक युवा प्रथम सचिव के रूप में तैनात था और अपने माता-पिता की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित था, जो एसएफएस, हौज खास में एक डीडीए फ्लैट में रहते थे।

मेरे हिंदू दोस्त ने समय रहते उन्हें बचाया और खान मार्केट में मेरे दादा-दादी के घर की पहली मंजिल पर ले गए, जबकि दिल्ली और कई अन्य शहरों में अकल्पनीय हिंसा भड़की हुई थी।

इस दौरान हरदीप सिंह पुरी ने दंगों में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और पीडि़त परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा, यह समय समावेशी विकास और शांति के उस युग को महत्व देने का है, जिसमें हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रह रहे हैं।

आज भारत न सिर्फ अपने अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखता है, बल्कि बिना किसी पूर्वाग्रह या भेदभाव के सबका साथ, सबका विकास भी सुनिश्चित करता है।

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रेलवे स्टेशनों पर अब ब्रश करना, बर्तन धोना और थूकना पड़ेगा महंगा, यात्रियों पर लगेगा भारी जुर्माना

नई दिल्ली 31 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – अगर आप ट्रेन यात्रा के दौरान प्लेटफॉर्म पर लगे नल से ब्रश करते हैं या खाना खाने के बाद बर्तन धोते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। रेलवे ने ऐसे यात्रियों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

रेल अधिनियम 1989 के तहत स्टेशन परिसर में तय स्थानों को छोड़कर अन्य जगह ब्रश करना, थूकना, कपड़े या बर्तन धोना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में यात्रियों पर 500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

स्वच्छता बनाए रखने के लिए रेलवे का विशेष अभियान

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों पर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वाणिज्य निरीक्षक प्रभारी डीडी शुक्ला ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय और वॉशरूम जैसे विशेष स्थान तय किए गए हैं।

उन्होंने कहा, “प्लेटफॉर्म पर लगे नलों या खुले स्थानों पर व्यक्तिगत स्वच्छता के कार्य करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि अन्य यात्रियों के लिए असुविधाजनक भी है।”

निरीक्षण और जुर्माने की कार्रवाई

शुक्ला ने बताया कि वाणिज्य विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किए जा रहे हैं और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। जल्द ही सभी स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ऐसे यात्रियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित शौचालयों और वॉश बेसिन का ही उपयोग करें।

साथ ही चिप्स के रैपर, बोतलें या अन्य कचरा ट्रेन या स्टेशन पर न फेंकें। रेलवे ने कहा है कि “स्वच्छता बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है, नियम तोड़ने पर जुर्माना और यात्रा में परेशानी दोनों का सामना करना पड़ सकता है।”

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Ranchi DC श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने किया निरीक्षण प्रखंड सह अंचल कार्यालय बुढ़मू का औचक निरीक्षण

कोई भी कर्मचारी बेवजह लोगों को ना दौड़ाए अगर कोई कर्मचारी जान-बुझ कर ऐसा करता हैं, तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

राँची,31.10.2025  – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को प्रखंड सह अंचल कार्यालय बुढ़मू का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, अंचल अधिकारी, बुढ़मू , श्री सच्चिदानंद वर्मा, प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्री धीरज कुमार, उपस्थित थे।

कोई भी कर्मचारी बेवजह लोगों को ना दौड़ाए अगर कोई कर्मचारी जान-बुझ कर ऐसा करता हैं, तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी की जाँच की और सभी कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अंचल एवं प्रखंड कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके समाधान के लिए त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाए जाएँ।

उपायुक्त ने कड़े शब्दों में कहा की कोई भी कर्मचारी बेवजह लोगों को ना दौड़ाए अगर कोई कर्मचारी जान-बुझ कर ऐसा करता हैं, तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुँचने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा व पारदर्शिता के साथ करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की चेतावनी दी।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यदि कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है और जाँच में इसकी पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

आम नागरिकों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अंचल कार्यालय में उपस्थित आम नागरिकों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। कुछ समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों का निपटारा समयबद्ध तरीके से हो

उपायुक्त ने ये अपील की कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों का निपटारा समयबद्ध तरीके से हो। इस निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना हैं।

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25वां झारखंड राज्य स्थापना दिवस: कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारी हेतु महत्वपूर्ण बैठक

उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

सभी पदाधिकारियों को निर्धारित की गई जिम्मेदारियां

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण एवं अहम निर्देश दिए गए

रांची,31.10.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर 2025 को 25वें झारखंड राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, मोरहाबादी सभागार में राज्य स्थापना दिवस में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारी को लेकर जिला के सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु हर पहलू पर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक राँची, श्री राकेश रंजन, उप विकास आयुक्त रांची श्री सौरव भुवनिया, अनुमंडल पदाधिकारी श्री उत्कर्ष कुमार, अपर जिला दंडाधिकारी रांची (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वर नाथ, पुलिस अधीक्षक नगर रांची श्री पारस राणा तथा जिला के अन्य सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर व्यवस्था को परिपूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन झारखंड की गौरवशाली विरासत, संस्कृति एवं विकास यात्रा का प्रतीक है, इसे भव्य एवं यादगार बनाने में सभी की पूर्ण प्रतिबद्धता अपेक्षित है।

सभी पदाधिकारियों को निर्धारित की गई जिम्मेदारियां

बैठक में कार्यक्रम के विभिन्न आयामों जैसे मंच व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, अतिथि सत्कार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, पार्किंग एवं आपातकालीन प्रबंधन आदि के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की गईं। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक पदाधिकारी अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं दक्षता से करेंगे तथा किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण एवं अहम निर्देश

उपायुक्त ने कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यक्रम के समय मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा घेराबंदी, प्रवेश-निकास द्वार, स्वागत कक्ष, मीडिया सेंटर, चिकित्सा व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए, जिनमें शामिल हैं:

1. स्टेडियम परिसर में पूर्ण स्वच्छता एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करना।

2. सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती एवं सीसीटीवी निगरानी।

3. अतिथियों हेतु प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन।

4.यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने हेतु वैकल्पिक मार्गों की योजना।

5. कार्यक्रम के दौरान जन सुविधा हेतु पेयजल, शौचालय एवं प्राथमिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था।

निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं

उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं तथा कार्यक्रम के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पदाधिकारियों के सामूहिक प्रयास से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं भव्य होगा।

झारखंड राज्य के 25वें स्थापना दिवस के इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी एवं अन्य आकर्षक आयोजन शामिल होंगे।

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पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समारोह का आयोजन

सेवानिवृत हुए कुल 10 शिक्षकों को मोमेंटो, शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया

जिला का यह कार्यक्रम जिसमें सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के ही दिन सेवानिवृत्ति के सारे लाभ दे दिए गए

रांची, 31.10.2025 – जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में  31 अक्टूबर 2025 को कार्यालय कक्ष में पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

उपायुक्त द्वारा सेवानिवृत हुए कुल 10 शिक्षकों को मोमेंटो, शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया।

जानकारी हो की जिला का यह कार्यक्रम जिसमें सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के ही दिन सेवानिवृत्ति के सारे लाभ दे दिए गए।

सेवा निवृत्ति होने वाले शिक्षक जिन्हें उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया

1.  श्रीमती अलका रानी देमता, स.शि. रा.उत्क्र.म.वि. जामचुआं, नामकुम

2. श्रीमती अमृता सहाय स.शि. रा.प्रा.वि. हेहल राँची-1

3. श्रीमती निर्मला एक्का, स.शि. रा.उत्क्र.म.वि. सिसई,

4. जे.एस.पी.डी. मिंज स.शि. रा.प्रा.वि. बनहारा, कॉके

5. श्रीमती मुक्ता कुमारी एक्का, स.शि. रा.उत्क्र.म.वि. सुतियाम्बे, काँके

6.  श्री सुरेन्द्र बारला, स.शि. रा.प्रा.वि. मेरही, कॉके

 7. श्रीमती सलोमी एक्का, स.शि. रा.उत्क्र.म.वि. सुगनु, लालगंज, काँके

8.  श्रीमती सरोजनी एक्का, स.शि. संत अलोईस मध्य विद्यालय राँची

 9. श्रीगती प्रभा कुजूर, स.शि. संत तेरेसा बा.म.वि. माण्डर

10. श्रीमती फुलकेरिया, भवरा, स.शि. निर्मला मध्य विद्यालय सामलौंग, राँची

उपायुक्त ने इस आयोजन में सभी सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को ढेर सारी शुभकामनाऐं देते हुए साथ ही उन्होंने कहा की आज सेवानिवृत्ति के ही दिन रिटायरमेंट बेनिफिट का सारा लाभ दिया जा रहा है, यह बहुत बड़ी बात है।

साथ उन्होंने सभी सेवानिवृत शिक्षकों से विशेष रूप से कहा की शिक्षकों को अपने आप को व्यस्त रखे।

उपायुक्त ने सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों शुभकामनाऐं देते भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा की ईश्वर आपको लम्बी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दे। आप सभी को जीवन के अगली कड़ी के लिए शुभकामनाऐं आप सभी नए नए कार्यों में उपलब्धि पाए।

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बारिश में भी नहीं थमी आस्था, 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पूरी की 14 कोसी परिक्रमा

प्रभु राम की परीक्षा में भक्त हुए सफल, भोर से पहले ही शुरू हुई अयोध्या में परिक्रमा

मानवता का उदाहरण बने एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी, बुजुर्ग महिला को कराया पार

बारिश में भी उमड़ा जनसैलाब, अब प्रशासन जुटा पंचकोसी परिक्रमा की तैयारी में

अयोध्या 30 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । रामनगरी अयोध्या में भारी बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने राम का नाम लेते हुए 14 कोसी परिक्रमा को पूरा किया। बारिश के दौरान भक्तों का यही कहना था कि प्रभु राम परीक्षा ले रहे हैं। इसमें सभी भक्त शत प्रतिशत पास हो गए। तकरीबन 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के परिक्रमा करने का अनुमान लगाया गया है।

परिक्रमा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। परिक्रमा मार्गों पर बड़ी संख्या में पुरुष व महिला पुलिस कर्मियों के साथ सादी वर्दी में भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही ड्रोन से पूरे मेले की निगरानी की जा रही है। परिक्रमा एटीएस की निगरानी में शुरू होगी खास भीड़ भाड़ वाले स्थान परिक्रमा पथ पर सुरक्षा के इंतजाम हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद प्रशासनिक अधिकारी मार्गों पर दिन भर भ्रमण करते दिखे।

अयोध्या में परिक्रमा शुरू करने का मुहूर्त गुरुवार की भोर में चार बजकर 40 मिनट पर था, लेकिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले ही परिक्रमा शुरू कर दी थी। रात भर चौदह कोसी मार्ग पर मेले जैसा माहौल रहा। 42 किलोमीटर की परिधि में जुड़वा शहर मानव श्रृंखला से घिरा रहा।धार्मिक मान्यता है कि 14 कोसी परिक्रमा को पूरा करने पर सात जन्मों का पुण्य प्राप्त होता है।अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक परिक्रमा का आयोजन आज भी अपनी परंपरा के मुताबिक होता है।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए परिक्रमा पथ पर बालू बिछाया गया था, ताकि नंगे पांव चलने वाले परिक्रमार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जगह-जगह पर खोया-पाया कैम्प लगाए गए हैं। परिक्रमा पूरी होने के साथ आस्था का समुद्र सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ने लगा।

वहीं परिक्रमा पूरी होते ही परिक्रमार्थियों की भीड़ पुण्य सलिला सरयू में डुबकी लगा स्नान-दान कर प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुट गई। प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन के साथ राम मंदिर में दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मंडलायुक्त राजेश कुमार, आईजी प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर मार्गों पर भ्रमण करते दिखे।

परिक्रमा पथ पर जगह जगह भंडारे लगाए गए थे। समाजसेवी संगठनों व निजी संस्थाओं की तरफ से स्टाल भंडारे के स्टाल लगाए गए थे। पूरी सब्जी चावल व बुंदिया का वितरण भी किया गया। कई जगहों पर परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल भी बने थे, जहां पहुंच लोगों ने आराम भी किया।

इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य शिविरों का भी लाभ उठाया। वहीं परिक्रमा मार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम अयोध्या की ओर से विशेष सफाई व्यवस्था की गई थी। कर्मचारियों की अतिरिक्त टीमों को चौबीसों घंटे तैनात रखा गया हैं। लगातार चल रहे सफाई अभियान के चलते श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण में परिक्रमा करने का अवसर मिला।

चौदह कोसी परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया। अयोध्या मंडल से ही नहीं बल्कि अन्य जनपदों से भी श्रद्धालु अयोध्या में परिक्रमा करने पहुंचे थे। सीतापुर से आई लक्ष्मी ने बताया कि वह हर साल परिक्रमा के लिए आती हैं। अब तो रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। भव्य दर्शन का सौभाग्य मिल जाता है।

प्रयागराज के स्वप्निल अपनी पत्नी के साथ आए थे। दोनों ने साथ में परिक्रमा की।मण्डल के जिलों के अलावा बहराइच, सीतापुर, कानपुर, लखनऊ, बरेली, गोंडा, प्रयागराज समेत अन्य जिलों के अलावा नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे थे। चौदह कोसी परिक्रमा के दौरान अयोध्या में सेवा और संवेदना का सुंदर दृश्य देखने को मिला। परिक्रमा में शामिल एक बुजुर्ग महिला जब भीड़ और थकान से आगे बढ़ने में असमर्थ हुईं, तो अयोध्या एसपी ग्रामीण बलवंत कुमार चौधरी ने स्वयं पहल कर उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर कुछ दूरी तक मार्ग पार कराया।

श्रद्धालुओं ने इस संवेदनशील पहल को पुलिस की मानवता और सेवा भावना का प्रतीक बताया। भीड़ के बीच यह दृश्य सभी को भावुक कर गया। एसपी ग्रामीण ने कहा हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा हमारी जिम्मेदारी है। वृद्धजन और महिलाएं इस यात्रा की आत्मा हैं, उनकी सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य है।

परिक्रमा का उत्साह युवाओं में देखा गया। टोलियों में पहुंचे युवाओं में सबसे पहले परिक्रमा कर लेने की होड दिखी। रुदौली से आए अर्जुन, अनिल व अजय ने साथ में परिक्रमा की। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने पांच घंटे में ही परिक्रमा पूरी कर की। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं भी परिक्रमा करते देखी गईं।

जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की परिक्रमा।श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बारिश के बावजूद परिक्रमार्थियों के पांव रुके नहीं। प्रशासन की तरफ से परिक्रमार्थियों के लिए सभी प्रबंध किए गए थे। अब पंचकोसी परिक्रमा को सकुशल पूरा कराने की तैयारी है।

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हिमाचल में गिराई जाएगी संजाैली मस्जिद, कोर्ट ने सुनाया फैसला

शिमला 30 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित संजौली मस्जिद पूरी तरह से हटाई जाएगी। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट यजुवेंद्र सिंह ने वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की याचिका पर आज (गुरुवार को) फैसला सुनाया। मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी द्वारा जिला अदालत में चुनौती के बाद मस्जिद को तोड़ने का काम रोक दिया गया था।

गुरुवार को जिला अदालत ने भी संजौली मस्जिद का पूरा ढांचा गिराने के आदेशों को बरकरार रखा है। उल्लेखनीय है कि संजौली मस्जिद मामला करीब 16 साल तक शिमला के नगर निगम आयुक्त कोर्ट में चलता रहा। इस दौरान 50 से भी ज्यादा बार इस केस पर सुनवाई हुई। 31 अगस्त 2024 को शिमला के मेहली में दो गुटों में मारपीट के बाद से मस्जिद विवाद गरमाया।

1 और 5 सितंबर 2024 को शिमला में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। 11 सितंबर को संजौली-ढली में उग्र प्रदर्शन किया गया। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इससे हिंदू संगठन भड़क गए। इसके बाद प्रदेश के कई जिलों में भी प्रदर्शन शुरू हुए और लोग सड़कों पर उतरे।

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जस्टिस सूर्यकांत देश के अगले CJI किए गए नियुक्‍त, बीआर गवई की लेंगे जगह

नई दिल्‍ली 30 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश (CJI) नियुक्त किया गया है। वह 24 नवंबर 2025 को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।

मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। परंपरा के अनुसार, उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश की थी।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्‍स पर एक पोस्‍ट में लिखा, “भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत को 24 नवंबर 2025 से भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है। मैं उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।”

जस्टिस सूर्यकांत का 14 महीने का होगा कार्यकाल

हरियाणा के हिसार जिले में 10 फरवरी 1962 को मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के में जज बने थे। उनका कार्यकाल 14 महीने का होगा और वे 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस सूर्यकांत देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर दो दशकों के अनुभव के साथ आए हैं, जिसमें अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, भ्रष्टाचार, पर्यावरण और लैंगिक समानता पर ऐतिहासिक फैसले शामिल हैं।

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ईडी के छापे में 3 करोड़ नकदी व 10 करोड़ के आभूषण बरामद

कोलकाता 30 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) ।  बंगाल में नगर निगम भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में एक दिन पहले बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की राज्य के कई ठिकानों पर की गई छापेमारी में लेक टाउन स्थित एक कारोबारी के फ्लैट और तारातला इलाके के उसके गोदाम से करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी और 10 करोड़ मूल्य के सोने के आभूषण मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कारोबारी राज्य के एक मंत्री का बेहद करीबी है।

ईडी की कार्रवाई बुधवार सुबह से देर रात तक चली। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने नोट गिनने की मशीन मंगवाकर नकदी की गिनती की। जांच एजेंसी को संदेह है कि यह रकम नगर निगम में भर्ती से जुड़ी भ्रष्टाचार की कमाई का हिस्सा हो सकती है, जिसे गोदाम में छिपाया गया था।

ईडी सूत्रों के मुताबिक, संबंधित व्यापारी के कई कारोबार हैं और वह चार से पांच कंपनियों के निदेशक के रूप में भी जुड़ा है। वर्ष 2004 से 2022 के बीच उसने कई क्षेत्रों में निवेश किया। उसके पास शहर में फ्लैट और कई लग्जरी वाहन हैं।

पूछताछ के दौरान संबंधित व्यापारी ने गोदाम में रखी गई नकदी के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इससे पहले भी नगर निगम भर्ती घोटाले के सिलसिले में ईडी ने राज्य के अग्निशमन मंत्री सुजीत बसु के दफ्तर, उनके पुत्र के रेस्तरां और दक्षिण दमदम नगर निगम के पार्षद निताई दत्ता के घर पर छापे मारे थे।

तब एजेंसी को करीब 45 लाख रुपये नकद मिले थे। उसी जांच के आधार पर कई व्यापारियों के नाम सामने आए, जिनमें यह व्यापारी भी शामिल है। इससे पहले मंगलवार को भी ईडी ने बेलेघाटा स्थित हेमचंद्र नस्कर रोड पर दो व्यवसायी भाइयों के घर और कार्यालय तथा प्रिंसेप घाट इलाके में एक वित्तीय कंपनी पर तलाशी ली थी।

एजेंसी का मानना है कि दक्षिण दमदम नगर निगम के तत्कालीन उपाध्यक्ष रहते हुए सुजीत बसु के कार्यकाल में एबीएस इंफोजेन नामक कंपनी को भर्ती से संबंधित कई अनुबंध दिए गए थे। यह कंपनी ओएमआर परीक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालती थी।

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जबतक शरीर में खून है आप लोगों के लिए लड़ते रहुंगीः ममता बनर्जी

सीएम ममता की लोगों से अपील, जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाए

कोलकाता 30 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज चुनावी सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर कहा है कि, जब तक मेरे मेरे शरीर में एक  बूंद भी खून है मै आप लोगों के लिए लड़ते रहुंगी।

सीएम ममता बनर्जी ने उक्त बात एसआईआर के कथित डर को  लेकर कथित तौर पर आत्महत्या की बढ़ रही घटनाओं पर कही। उन्होंने साफ कहा कि लोगों के अधिकार जिस तरह से नहीं छिने जा सकते वहीं किसी को उसके जन्मभूमि से बेदखल नहीं किया जा सकता है।

सीएम ममता ने साफ कहा कि, “जिन्होंने अपना पूरा जीवन इसी धरती पर बिताया है, उन्हें ही आज यह साबित करना पड़ रहा है कि वह इसी धरती की संतान है! मानवता के साथ इससे बड़ा विश्वासघात और क्या हो सकता है?” बता दे कि कथित तौर पर उत्तर 24 परगना के पानीहाटी, कूचबिहार के दिनहाटा और बीरभूम के इलमबाजार के बाद, राज्य में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) की घोषणा के बाद से 72 घंटों में तीन घटनाएं हुई हैं।

दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, “हम भाजपा की दहशत, विभाजन और घृणा की राजनीति के दुखद परिणाम देख रहे हैं।”  उन्होंने ट्वीट किया कि खरदा के पानीहाटी निवासी प्रदीप कर (57) ने 27 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली।

उन्होंने पत्र में लिखा, “एनआरसी मेरी मौत के लिए ज़िम्मेदार है।” 28 अक्टूबर को कूच बिहार के दिनहाटा निवासी एक बुज़ुर्ग ने एसआईआर प्रक्रिया में उत्पीड़न के डर से अपनी जान देने की कोशिश की। और फिर आज, गुरुवार को, पश्चिम मेदिनीपुर निवासी क्षितिज मजूमदार (95) ने इलम बाजार में आत्महत्या कर ली—इस डर से कि उनकी जमीन छीन ली जाएगी, उनका अस्तित्व ही सवालों के घेरे में आ जाएगा।

साथ ही मुख्यमंत्री ने लोगों को समझाते हुए कहा, “किसी को भी उत्तेजित नहीं होना चाहिए, किसी को भी जल्दबाजी में कदम नहीं उठाना चाहिए। मां-माटी-जनता की सरकार आपके साथ है। हम बंगाल में किसी भी तरह से एनआरसी लागू नहीं होने देंगे—न तो सामने के दरवाजे से और न ही पिछले दरवाजे से।” सीएम ममता ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए तीखा सवाल किया, “इस राजनीति से प्रेरित मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या केंद्रीय गृह मंत्री जिम्मेदारी लेंगे? क्या भाजपा में सच्चाई स्वीकार करने का साहस है.”

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अखिलेश यादव बोले – बिहार में बदलाव तय, तेजस्वी के नेतृत्व में बनेगी इंडिया गठबंधन सरकार, भाजपा धोखेबाज पार्टी

गाजीपुर 30 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव के साथ सैदपुर पहुंचकर विधायक अंकित भारती के विवाह समारोह में शामिल होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है। खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर बढ़ने के लिए अब बिहार तैयार है।

उन्होंने कहा कि बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी और हम सब उनके साथ हैं। बिहार में नई ऊर्जा और नई दिशा के साथ विकास का नया अध्याय शुरू होगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार के साथ षड्यंत्र किया है। यह पार्टी चुनाव के वक्त इस्तेमाल करती है और बाद में धोखा देती है। भाजपा किसी की सगी नहीं है, उसने बिहार की जनता को भी धोखा दिया है। जनता अब सब समझ चुकी है और इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार की साख देश और विदेश दोनों में खत्म हो चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति तक अब प्रधानमंत्री की नीतियों पर टिप्पणी कर रहे हैं और उनका मज़ाक बना रहे हैं। एक तरफ अमेरिका अपने उद्योग और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए टैरिफ बढ़ा रहा है, वहीं भाजपा सरकार चीन के साथ व्यापार बढ़ाकर देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है।

चीन ने हमारे बाजारों पर कब्जा कर लिया है, जबकि भाजपा सरकार की नीतियों ने महंगाई और बेरोजगारी को चरम पर पहुंचा दिया है।अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को खाद और डीएपी नहीं मिल रही, सरकारी धान खरीद नहीं हो रही, बिचौलिए किसानों की मेहनत लूट रहे हैं।

समाजवादी सरकार में एक्सप्रेस-वे के किनारे मंडियां बनाई जा रही थीं ताकि किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल सके, लेकिन भाजपा सरकार ने उन कामों को रोक दिया। उन्होंने वादा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों की मदद की जाएगी, मंडियां बनेंगी और युवाओं को नौकरी व रोजगार दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता को सिर्फ भाषणों में उलझाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश में निवेश नहीं आ रहा, जबकि दक्षिण भारत के भाजपा शासित प्रदेशों में उद्योग लग रहे हैं। भाजपा समाज में झगड़े और नफरत फैलाने का काम कर रही है। अब भाजपा के इंजन आपस में ही टकराने लगे हैं।

मतदाता सूची में एसआईआर घोटाले के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव कर रही है। पीडीए समुदाय के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है, लेकिन उनके बीच बीएलओ नहीं हैं। भाजपा पीडीए से घबराकर षड्यंत्र कर रही है, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है और 2027 में इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी।

उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग का दायित्व है कि वोटर लिस्ट निष्पक्ष रखे, लेकिन उपचुनावों और विधानसभा चुनावों में स्पष्ट भेदभाव दिखाई देता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि केवल कपड़े पहन लेने से कोई योगी नहीं बनता, योगी होना व्यवहार और लोकभाषा से सिद्ध होता है।

महंगाई और किसानों की बदहाली पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि खाद, बीज, मजदूरी, बिजली सब महंगे हो गए हैं लेकिन गन्ने का मूल्य उसी अनुपात में नहीं बढ़ा। चीनी मिलों पर पिछले वर्ष का बकाया भुगतान तक बाकी है।

भाजपा सरकार किसानों की जेब काट रही है।इससे पहले गाजीपुर पहुंचने पर अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव का कार्यकर्ताओं ने फूल, मालाओं और गुलदस्तों से भव्य स्वागत किया। पूरा वातावरण समाजवादी नारों और उत्साह से गूंज उठा।

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बिहार की जनता ने एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है: तेजस्वी यादव

पटना ,30 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी। विधानसभा चुनावों के लिए सभी राजनीतिक दल ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं।

इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को छपरा में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे, जिसकी पूरी तैयारियां कर ली गई हैं और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

पीएम मोदी की रैली को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जोरदार प्रहार किया है। तेजस्वी ने कहा कि चाहे जितनी रैलियां कर लें, बिहार की जनता ने इस बार एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग की ईमानदारी देखिए, आज चुनाव के बीच में भी 10 लाख महिलाओं को पैसे दिए जा रहे हैं।

ऐसी क्या आपात स्थिति थी कि उन्हें अभी, चुनाव के दौरान ये पैसे देने पड़े? 20 साल में क्यों नहीं दिए? इसे चुनाव के बाद दे सकते थे, लेकिन यह पूरी तरह से रिश्वत के रूप में बांटा जा रहा है।

चुनाव आयोग की नैतिकता खत्म हो गई है। पूरा देश देख रहा है। आज रिश्वत के तौर पर पैसे दे रहे हैं, फिर यह छीनने का काम करेंगे।

अमित शाह को निशाने पर लेते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार का बेटा ही बिहार चला सकता है।

तेजस्वी ने कहा कि वे केवल बिहार से वोट चाहते हैं और गुजरात में उद्योग स्थापित करना चाहते हैं। अमित शाह ने तो कह दिया है कि बिहार में कारखाने लगाना संभव नहीं है, क्योंकि भूमि की कमी है। ऐसा गृह मंत्री हमने नहीं देखा। इनकी मंशा बिहार में कब्जा जमाने की है। बिहार का बेटा ही बिहार को चला सकता है।

उन्होंने कहा कि एनडीए को बिहार की जनता सबक सिखाएगी। बिहार को हम आगे लेकर जाएंगे। जनता से अपील करते हुए कहा कि मौका है इस बार बिहार को बनाने का। अगर एनडीए दोबारा आया तो पीछे ले जाएंगे।

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सभ्य समाज में अमर्यादित भाषा अस्वीकार्य, राहुल के बयान पर रिजिजू ने किया पलटवार

नई दिल्ली 30 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छठ पूजा को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया है। रिजिजू ने कहा सभ्य समाज में गंदी भाषा कभी स्वीकार नहीं की जा सकती है।

आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी टिप्पणी की है, जिससे कांग्रेस के सदस्य भी शर्मिंदा हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों से उनकी अपनी पार्टी को बहुत नुकसान हुआ है। कांग्रेस के अच्छे लोग भी शर्मिंदा हैं, क्योंकि किसी भी जिम्मेदार नेता को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता इस तरह की बातें करते हैं कि देश की जनता उन्हें दोबारा सत्ता में आने का मौका नहीं देगी। कांग्रेस पार्टी एक विचारधारा विहीन पार्टी और ऐसी गंदी भाषा का इस्तेमाल करने वाले नेताओं को सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत की जनता इस तरह के व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी से परेशान हो चुकी है। कांग्रेस में कुछ अच्छे लोग भी हैं, जो यह जानते हैं कि राहुल गांधी जब भी मुंह खोलते हैं, कांग्रेस पार्टी को नुकसान कराते हैं। देश तो प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन राहुल गांधी अपने बयानों से कांग्रेस को धूमिल करने का लगातार काम कर रहे हैं।

बता दें, शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने भी राहुल गांधी के बयान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक बच्चे हैं और नाचने-गाने से ऊपर उनकी सोच नहीं है। शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी की सोच इस तरह की है कि वे विदेश जाते हैं तो देश का अपमान करते हैं और भारत में रहकर प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करते हैं। ऐसे लोगों को नाच गाने के अलावा कुछ आता भी नहीं है।

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राहुल पर तेजप्रताप का तंज-जो विदेश भाग जाए, उन्हें छठ पूजा का ज्ञान कैसे होगा

पटना 30 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) प्रमुख तेज प्रताप यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पीएम मोदी और छठ पूजा को लेकर दिए बयान पर जोरदार पलटवार किया है।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति विदेश भाग जाता है, उसे छठ पूजा का ज्ञान कैसे होगा। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप ने कहा कि राहुल गांधी को छठ के बारे में क्या पता है? क्या राहुल गांधी ने कभी ये पर्व मनाया है, जो उन्हें इसके बारे में कुछ पता है?

जो आदमी विदेश भाग जाता है, उसे छठ पर्व के बारे में क्या जानकारी होगी? बता दें कि तेजप्रताप ही नहीं, बल्कि एनडीए नेताओं ने भी राहुल गांधी के छठ पूजा और पीएम मोदी को लेकर दिए बयान पर आपत्ति जताई है। कई नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे गंभीर नेता नहीं हैं।

मुकेश सहनी के बयान पर कि वे तेजप्रताप यादव को नहीं जानते, इस पर उन्होंने कहा कि मुकेश सहनी कौन हैं? जब पत्रकारों ने बताया कि सहनी महागठबंधन की ओर से डिप्टी सीएम पद के उम्मीदवार हैं, तो उन्होंने कहा कि हम मुकेश सहनी को नहीं जानते हैं।

बिहार में किसकी लहर चल रही है, जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि बिहार में जनशक्ति जनता दल की लहर चल रही है।

तेजप्रताप दावा कर रहे हैं कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद बिहार में रोजगार दिया जाएगा और पलायन रोका जाएगा। वे लगातार पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे हैं।

तेजप्रताप का मानना है कि हम लोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित और तत्पर हैं। हमारा मकसद बिहार में संपूर्ण बदलाव कर एक नई व्यवस्था का नव निर्माण करना है। हम लोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए लंबी लड़ाई लडऩे को तैयार हैं।

बता दें कि इस चुनाव में तेजप्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के साथ चुनावी मैदान में हैं। वे महुआ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं और लगातार लोगों से मिल रहे हैं।

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लखनऊ में बनेगा,नौसेना शौर्य संग्रहालय, सीएम योगी बोले- वीरता और सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक होगी यह परियोजना

लखनऊ 30 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय’ की प्रस्तुति का अवलोकन करते हुए इसके शीघ्र निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की अदम्य शौर्यगाथाओं और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक बनेगा।

सीएम योगी ने कहा कि समुद्र भारत की सभ्यता का मंथन स्थल रहा है और भारतीय नौसेना उस गौरवशाली परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। लखनऊ का यह संग्रहालय उसी परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। बैठक में बताया गया कि संग्रहालय का स्वरूप एक जहाज के अमूर्त रूप में होगा।

जहाज की रेलिंग, पोर्थोल जैसी खिड़कियां, नौसैनिक वास्तुकला और समुद्री प्रतीकों के साथ इसे विशिष्ट पहचान दी जाने की योजना है। परिसर में इंटरप्रिटेशन सेंटर, सेंट्रल डेक, ओपन एयर मेमोरियल, थीमैटिक वॉकवे, प्रदर्शनी गैलरी, फाउंटेन और लाइट-एंड-साउंड एरिना शामिल होंगे। डिज़ाइन को ऊर्जा-संवेदनशील रखा गया है, जिसमें प्राकृतिक रोशनी, वेंटिलेशन और हरित निर्माण तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि संग्रहालय को केवल देखने योग्य नहीं बल्कि ‘अनुभव का केंद्र’ बनाया जाए, जहां दर्शक इतिहास को महसूस कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि डिस्प्ले में डिजिटल, इंटरएक्टिव और इमर्सिव तकनीकों का प्रयोग हो, ताकि लोग नौसेना के अभियान, युद्ध और तकनीकी प्रगति को प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि नौसेना संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

प्रस्तुति में बताया गया कि परियोजना दो प्रमुख हिस्सों में विकसित हो रही है: पहली ‘आईएनएस गोमती शौर्य स्मारक’ और दूसरी ‘नौसेना शौर्य वाटिका’। बताया गया कि ‘आईएनएस गोमती (एफ-21)’ गोदावरी श्रेणी का स्वदेशी मिसाइल फ्रिगेट है, जिसने 34 वर्षों तक भारतीय नौसेना में सेवा दी और ‘ऑपरेशन कैक्टस’ और ‘ऑपरेशन पराक्रम’ जैसे अभियानों में भाग लिया। इसे संरक्षित कर संग्रहालय परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा ताकि नागरिक और युवा उसकी बहादुरी की कहानी को प्रत्यक्ष देख सकें।

मुख्यमंत्री ने ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ को परियोजना का विशेष आकर्षण बताते हुए इसके शीघ्र पूर्ण होने के निर्देश दिए। इस वाटिका में टीयू-142 विमान, जो 29 वर्षों तक नौसेना की समुद्री निगरानी और आपदा राहत अभियानों में सक्रिय रहा, स्थापित किया जा रहा है। साथ ही सी किंग एसके-42बी हेलीकॉप्टर की प्रदर्शनी भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वाटिका युवाओं को आधुनिक नौसैनिक अभियानों और प्रौद्योगिकी से जोडऩे वाला सजीव अनुभव स्थल बनेगी।

बैठक में बताया गया कि संग्रहालय परिसर में 7डी थिएटर, एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिम्युलेटर, वॉरशिप सिम्युलेटर, सबमर्ज्ड द्वारका मॉडल, डिजिटल वाटर स्क्रीन शो, मरीन लाइफ एक्वेरियम और ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज’ जैसी सहभागितापरक गतिविधियां होंगी।

इसके अतिरिक्त नौसेना के वीरता पुरस्कारों, ऐतिहासिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा नवाचारों से जुड़ी इंटरएक्टिव गैलरियां भी विकसित की जाएंगी। परियोजना की निगरानी हेतु महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसमें मेरिटाइम हेरिटेज सोसाइटी, यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन और नौसेना विशेषज्ञ सम्मिलित हैं।

सीएम योगी ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में समुद्री गौरव की वह चेतना पुन: जागृत होगी जो कभी भारत के तटीय व्यापार और हिंद महासागर की सांस्कृतिक कड़ी रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ का यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की वीरता का ही नहीं, बल्कि भारत की समुद्री आत्मा का भी प्रतीक बनेगा। यह उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक नई, गौरवपूर्ण पहचान देगा।

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बांके बिहारी मंदिर के गायब खजाने पर विवाद, संतों ने पीएम से की सीबीआई जांच की मांग

मथुरा 30 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी जी मंदिर के वर्षों पुराने तोषखाने को हाल ही में खोले जाने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है। तोषखाने से खजाना गायब देख ब्रज के संतों का गुस्सा भड़क गया है।

उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मामले की सीबीआई जांच की मांग की है 18 अक्टूबर को मंदिर समिति ने 54 साल बाद इस तहखाने को खोला था।

ऐसा दावा किया गया था कि तोषखाने में सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात से जड़े आभूषण और दान की गई संपत्ति के कागजात हैं, लेकिन अंदर केवल कुछ बर्तन, सोने की एक छड़, चांदी की तीन छड़ें, कुछ मोती और दो तांबे के सिक्के ही मिले।

करोड़ों रुपए के कथित खजाने का कोई सुराग नहीं लगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने इस मामले को साजिश करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि खजाने के तालों पर सरकारी सील न होने का फायदा उठाकर कुछ मंदिर व्यवस्थापकों ने श्रद्धालुओं की दान की गई संपत्ति चुरा ली। महाराज ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच हो।

साथ ही, दोषी अधिकारियों की व्यक्तिगत संपत्ति की भी तुरंत जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों भक्तों की आस्था का सवाल है, इसलिए देरी बर्दाश्त नहीं होगी।

महाराज ने बताया कि उन्होंने 19 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी इसी मांग का पत्र लिखा था, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

इधर, वृंदावन के उडिय़ा बाबा मंदिर में संत समाज की बैठक हुई, जहां साध्वी इंदुलेखा, अनिल कृष्ण शास्त्री, राजेश पाठक और महामंडलेश्वर रामदास महाराज जैसे संतों ने एकजुट होकर सीबीआई जांच की मांग दोहराई।

साध्वी इंदुलेखा ने कहा कि राजा-महाराजाओं और भक्तों द्वारा दान किया गया यह खजाना सनातन धर्म की धरोहर है, इसे लूटने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

संतों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई, तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। उनका कहना है कि मंदिर प्रबंधन की लापरवाही से लाखों-करोड़ों का चढ़ावा गायब हो गया।

इतिहासकारों के मुताबिक, 1971 में आखिरी बार खजाना खोला गया था, तब कुछ सामान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मथुरा में जमा किया गया था।

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चंडीगढ़ में पेट डॉग्स पर सख्ती : खतरनाक नस्लों पर बैन, 10 हजार जुर्माना और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

चंडीगढ़ 30 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। चंडीगढ़ प्रशासन ने पेट और कम्युनिटी डॉग्स के लिए नए बायलॉज जारी कर दिए हैं। शहर को साफ-सुथरा तथा सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने ये नियम बनाए हैं। अब कुत्ते पालने वालों को रजिस्ट्रेशन, नस्ल, संख्या और व्यवहार के सख्त नियमों का पालन करना होगा और उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या कुत्ता जब्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

नगर निगम ने अमेरिकन बुलडॉग, अमेरिकन पिटबुल, पिटबुल टेरियर, बुल टेरियर, केन कोरसो, डोगो अर्जेंटीनो और रॉटवीलर जैसी सात खतरनाक नस्लों को घर में पालने पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। अब से कोई व्यक्ति इन नस्लों का कुत्ता नहीं पाल सकेगा।

हालांकि जिनके पास पहले से ये कुत्ते मौजूद हैं, उन्हें छूट दी गई है बशर्ते वे 45 दिनों के अंदर इनका रजिस्ट्रेशन करा लें। चंडीगढ़ नगर निगम में हर पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

कुत्ते का पंजीकरण शुल्क 500 रुपये रखा गया है, जबकि हर पांच साल बाद 50 रुपये नवीनीकरण शुल्क देना होगा। रजिस्टर्ड कुत्ते के गले में मेटल टोकन और पट्टा लगाना भी जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर नगर निगम कुत्ते को जब्त कर सकता है।

इसके अलावा अगर रजिस्टर्ड कुत्ता खुले में शौच करता है तो मालिक पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।

नगर निगम ने घर के आकार के अनुसार कुत्तों की अधिकतम संख्या भी तय कर दी है। पांच मरला तक के घर में सिर्फ एक कुत्ता रखा जा सकता है, लेकिन अगर पांच मरला के घर में तीन मंजिल हैं और हर मंजिल पर अलग परिवार रहता है, तो प्रत्येक परिवार एक-एक कुत्ता रख सकता है।

दस मरला तक के घर में दो कुत्ते, बारह मरला तक के घर में तीन कुत्ते और एक कनाल तक के घर में चार कुत्ते पाले जा सकते हैं। अलग-अलग मंजिलों पर रहने वाले हर परिवार को अपनी सीमा के अनुसार अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

कुत्ते के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर निगम की टीम घर जाकर सबूत जुटाएगी और शिकायत सही पाई जाने पर कुत्ता जब्त किया जा सकता है और मालिक पर एनिमल क्रुएल्टी एक्ट के तहत मुकदमा और जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रशासन ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। इनमें सुखना लेक, रोज गार्डन, शांति कुंज, लेजर वैली, मिनी रोज गार्डन, टेरेस गार्डन, शिवालिक गार्डन, बोटेनिकल गार्डन तथा नगर निगम द्वारा अधिसूचित सभी पार्क और सार्वजनिक जगहें शामिल हैं।

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चंबा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कसी कमर, जिलेभर में गश्त और जांच चौकियां बढ़ाई गईं

चंबा 30 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चंबा पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। नशे के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने और आम जनता के सहयोग को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने पूरे जिले में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त जांच चौकियां स्थापित की हैं।

पुलिस प्रशासन के अनुसार, नशे के अवैध कारोबार में लिप्त व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं जो संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। साथ ही, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके।

चंबा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नशे के खिलाफ यह मुहिम लगातार जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का लक्ष्य जिले को नशा-मुक्त बनाना और युवाओं को नशे के जाल से बाहर रखना है।

इस अभियान के तहत आने वाले दिनों में शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे ताकि समाज में नशा विरोधी वातावरण बनाया जा सके।

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