कांग्रेस की सोच का पूरे पूर्वोत्तर को बहुत नुकसान हुआ: मोदी

अरुणाचल में दो जलविद्युत परियोजना की आधारशिला रखने के मौके पर पीएम ने कहा

ईटानगर,22 सितंबर (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में दो प्रमुख जलविद्युत परियोजना की आधारशिला रखी. इसके साथ ही कई अन्य विकास परियोजनाओं की भी नींव रखी. पीएम मोदी आज अरुणाचल पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे.

अरुणाचल के सियोम उप-बेसिन में विकसित होने वाली दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं – हीओ जलविद्युत परियोजना (240 मेगावाट) और तातो- आई जलविद्युत परियोजना (186 मेगावाट) की आधारशिला रखने के अवसर पर उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया.

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, अरुणाचल की मेरी यात्रा विशेष बन गई है. नवरात्रि के पहले दिन मुझे इतने खूबसूरत पहाड़ देखने को मिले. आज अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो गए हैं. जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो गया है. अरुणाचल को बिजली, स्वास्थ्य, पर्यटन और कई अन्य क्षेत्रों की परियोजनाएँ दी गई हैं.

इस मौके पर उन्होंने कहा, कांग्रेस की सोच का पूरे पूर्वोत्तर को बहुत नुकसान हुआ. जिससको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी पूजता है. पूर्वोत्तर में विकास पहुँचने में दशकों लग गए. अरुणाचल को प्रकृति का वरदान प्राप्त है. उस समय की दिल्ली सरकार ने अरुणाचल प्रदेश और उसके लोगों की उपेक्षा की.

कांग्रेस जैसी पार्टियों को लगता था कि अरुणाचल प्रदेश में बहुत कम लोग रहते हैं, वहाँ सिर्फ 2 लोकसभा सीटें हैं, तो इस राज्य पर ध्यान क्यों दिया जाए? पूरा पूर्वोत्तर विकास में पिछड़ रहा था. हमारी प्रेरणा वोटों और सीटों की संख्या नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम का विचार है. हमारा एकमात्र मंत्र नागरिक देवो भव: है. हम आठ पूर्वोत्तर राज्यों की पूजा अष्टलक्ष्मी के रूप में करते हैं. इसलिए इस क्षेत्र को विकास में पीछे नहीं देख सकते हैं.

पीएम मोदी ने कहा,अरुणाचल प्रदेश के लोग नमस्कार से पहले जय हिंद कहते हैं. आप स्वयं से पहले राष्ट्र को रखते हैं. राष्ट्र आत्मनिर्भरता की अपेक्षा करता है. भारत तभी विकसित होगा जब वह आत्मनिर्भर बनेगा, जिसके लिए स्वदेशी का मंत्र बहुत महत्वपूर्ण है. समय की मांग है कि हम स्वदेशी अपनाएं. स्वदेशी खरीदें. स्वदेशी बेचें. गर्व से कहो, यह स्वदेशी है.

उन्होंने तवांग में एक अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर और 1,290 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी, जो कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, अग्नि सुरक्षा और कामकाजी महिलाओं के छात्रावासों सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा.

इससे पहले पीएम मोदी के यहां पहुंचने पर राज्यपाल केटी परनाइक और मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राजभवन हेलीपैड पर उनका स्वागत किया. अरुणाचल प्रदेश में अपने कार्यक्रमों के बाद पीएम मोदी त्रिपुरा की यात्रा करेंगे, जहां उनका उदयपुर के ऐतिहासिक माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर परिसर में विकास कार्यों का उद्घाटन करने का कार्यक्रम है. इस यात्रा में धार्मिक अनुष्ठान शामिल होंगे, लेकिन किसी सार्वजनिक संबोधन की उम्मीद नहीं है.

45 मिनट का कार्यक्रम मंदिर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर केंद्रित होगा. प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर से पलाटना के लिए उड़ान भरने से पहले अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डे पर पहुंचने की उम्मीद है. वहां से वह सड़क मार्ग से मंदिर स्थल तक जाएंगे. दोनों परियोजनाओं को राज्य के स्वामित्व वाली उत्तर पूर्वी इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन द्वारा चालू किए जाने की उम्मीद है.

परियोजनाओं में उत्तर पूर्वी इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन की हीओ हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (240 मेगावाट) और टाटो- आई हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (186 मेगावाट) शामिल हैं, जो राष्ट्रीय थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. अधिकारी के अनुसार, 3,700 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाली इन दो बिजली परियोजनाओं को उत्तर पूर्वी इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन द्वारा अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ एक संयुक्त उद्यम में विकसित किया जा रहा है.

शि योमी जिले के सियोम उप-बेसिन में स्थित हीओ हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (3&80 मेगावाट) से सालाना लगभग 1000 एमयू बिजली का उत्पादन होगा. टाटो- आई जलविद्युत परियोजना (3&62 मेगावाट) से सालाना लगभग 803 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. अधिकारी ने बताया कि दोनों परियोजनाओं से अरुणाचल प्रदेश की विशाल जलविद्युत क्षमता का दोहन होने और सतत ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

इससे क्षेत्र में पर्याप्त सामाजिक-आर्थिक लाभ होगा. उन्होंने कहा कि नए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देकर ये पहल राज्य को विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर करने, विकास को बढ़ावा देने और अपने नागरिकों के लिए एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करने के लिए तैयार हैं. अधिकारी ने बताया कि साथ में हीओ और टाटो- आई परियोजनाएं भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगी. साथ ही अरुणाचल प्रदेश के ऊर्जा और विकास परिदृश्य को भी बदल देगी, जिससे 2047 तक विकसित भारत बनाने के उद्देश्य से देश भर में बिजली क्षेत्र में सुधार होगा.

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ED की बड़ी कार्रवाई: मनी लॉन्ड्रिंग केस में जूम डेवलपर की 1 करोड़ की संपत्ति सीज

धोखाधड़ी से की थी कमाई

भोपाल 22 Sep, (Rns) ।  भोपाल ED ने जूम डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है। धोखाधड़ी के मामले में भोपाल और इंदौर के रीजनल कार्यालय ने महाराष्ट्र में स्थित 1 करोड़ 15 लाख की संपत्ति सीज की है।

प्रवर्तन निदेशालय ने प्रेवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग 2002 के तहत 3 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। अब तक देश भर के अलग-अलग राज्यों में 132 करोड़ की संपत्ति सीज की गई है।

ED ने इसकी जानकारी देते हुए कहा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ईडी भोपाल ने मेसर्स जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत 19/09/2025 को महाराष्ट्र में स्थित 1.15 करोड़ रुपये मूल्य की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इस मामले में अब तक हुई कुल कुर्की 132.49 करोड़ रुपये (लगभग) है।’

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मैं एक फिल्म स्टार हूं और वो ठग… 200 करोड़ की ठगी में जैकलीन की हर दलील फेल

ट्रायल रहेगा जारी

नई दिल्ली ,22  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को 200 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सुकेश चंद्रशेखर मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई बड़ी राहत नहीं मिली है।

अभिनेत्री ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी गई थी।

जैकलीन फर्नांडिस की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि जैकलीन 200 करोड़ की मनी लांड्रिंग में शामिल नहीं हैं। उसको नहीं पता था कि सुकेश ठग है। जैकलीन की तरफ से उन्होंने कहा, मैं एक फिल्म स्टार हूं, यह आदमी एक ठग है, जो जेल में है। उस पर फर्जी मंत्री वगैरह होने का आरोप है।

वह लोगों को फोन करता है। वह जेल से कई लोगों को ऐसा दिखाता है, जैसे वह कहीं का मंत्री है और जेल में नहीं है। वह शिकायतकर्ता, जो एक अमीर महिला है और जिसका पति जेल में है, से कहता है कि अगर तुम मुझे 200 करोड़ दो और मैं सरकार में सचिव वगैरह हूं, तो मैं तुम्हें जमानत दिला दूंगा।

वह कहती है कि उसने सुकेश के लोगों को पैसे दिए हैं। यही मामला है. मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह आदमी मुझ पर मोहित था। उसने मुझे उपहार वगैरह भेजे। ऐसा कोई आरोप नहीं है कि मैंने उसे 200 करोड़ रुपये की हेराफेरी में मदद की हो। कृपया इसे ध्यान में रखें। जबरन वसूली के मामले में मेरा नाम नहीं है। उस 200 करोड़ का कोई हिस्सा नहीं है।

लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि यह मामला ट्रायल कोर्ट में ही तय होगा और वहीं पर वह अपनी बात रख सकती हैं। कोर्ट ने इस वक्त इस मामले में कोई हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने कहा कि यह आरोप है कि आपको 200 करोड़ रुपए के उपहार मिले, लेकिन कानून की प्रकृति ऐसी है कि कई बार यह तय कर पाना मुश्किल हो जाता है कि जब दो लोग आपस में करीबी होते हैं और उनमें से एक व्यक्ति किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होता है, तो दूसरे की भूमिका क्या रही; इसे अलग करना आसान नहीं होता। ऐसे मामलों में ट्रायल कोर्ट ही सही मंच होता है, जहां तथ्यों की गहराई से जांच की जा सकती है

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लैंड फॉर जॉब स्कैम में लालू परिवार पर कसा कानूनी शिकंजा

इस दिन से हर रोज होगी सुनवाई

नई दिल्ली ,22  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने (लैंड फॉर जॉब) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढऩे वाली हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट ने मामले में एक बड़ा आदेश देते हुए 13 अक्टूबर से रोजाना आधार पर सुनवाई करने का फैसला किया है।

कोर्ट के इस आदेश के बाद अब लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव व तेज प्रताप यादव, और बेटियां मीसा भारती व हेमा यादव के खिलाफ चल रहे इस हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई में तेजी आएगी।

20 सितंबर को दिए अपने आदेश में कोर्ट ने यह भी साफ किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) यह सुनिश्चित करे कि आरोपियों को केस से जुड़े सभी दस्तावेजों की साफ और पढऩे लायक कॉपी मुहैया कराई जाए।

यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब केंद्र की यूपीए सरकार में लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।

उन पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए बिना कोई विज्ञापन जारी किए, कई लोगों को ग्रुप ‘डी’ में नौकरी देने के बदले रिश्वत के तौर पर अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीनें और संपत्तियां ली थीं। यह भर्तियां मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में की गई थीं।

इस मामले की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रही हैं। ईडी ने पहले ही मामले में चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है।

अब कोर्ट द्वारा रोजाना सुनवाई का आदेश दिए जाने के बाद यह स्पष्ट है कि लालू परिवार के खिलाफ चल रहा यह मामला निर्णायक दौर की ओर तेजी से बढ़ेगा।

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बिहार में विकास मित्रों को टैबलेट के लिए 25 हजार, परिवहन भत्ता भी बढ़ाया गया

पटना ,21  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महादलित, दलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़ा वर्ग के उत्थान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए प्रदेश सरकार समाज के वंचित वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग तक सरकार की विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में विकास मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसे ध्यान में रखते हुए बिहार महादलित विकास मिशन के अन्तर्गत कार्यरत प्रत्येक विकास मित्र को टैबलेट क्रय हेतु एकमुश्त 25 हजार रूपए की राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है ताकि उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के डाटा संधारण एवं अन्य कामकाज में सुविधा हो सके।

सीएम नीतीश ने कहा कि इसके साथ ही विकास मित्रों का परिवहन भत्ता 1900 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 2500 रुपए प्रतिमाह एवं स्टेशनरी भत्ता 900 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे उन्हें क्षेत्र भ्रमण के साथ-साथ दस्तावेजों के संग्रहण में सुविधा होगी।

उन्होंने आगे लिखा, महादलित, दलित, अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों तक शिक्षा का लाभ तथा अक्षर आंचल योजना के अधीन महिलाओं को साक्षर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे शिक्षा सेवकों (तालिमी मरकज सहित) को डिजिटल गतिविधियों के संपादन हेतु स्मार्ट फोन क्रय करने के लिए 10-10 हजार रुपए की राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

साथ ही शिक्षण सामग्री मद में भुगतान की जा रही राशि को 3405 रूपए से बढ़ाकर 6 हजार रूपए प्रति केन्द्र प्रतिवर्ष किए जाने का निर्णय लिया गया है।

सीएम नीतीश कुमार ने भरोसा जताया कि इससे विकास मित्रों एवं शिक्षा सेवकों के मनोबल में वृद्धि होगी और वे अधिक उत्साह एवं लगन से अपने कार्यों का निष्पादन करेंगे।

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वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड

नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

रांची,21  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली (बिहार) और देहरादून स्थित कई परिसरों में रेड मारी।

यह तलाशी अभियान मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, चंद्र भूषण सिंह और प्रियंका सिंह द्वारा बड़े पैमाने पर की गई वित्तीय धोखाधड़ी के संबंध में की गई।

झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के पुलिस अधिकारियों ने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ जनता के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। इसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

ईडी की जांच से पता चला कि आरोपियों ने एक धोखाधड़ी वाली मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) योजना चलाई, जिसमें आम जनता को उच्च मासिक रिटर्न और आकर्षक रेफरल लाभों का वादा करके लुभाया गया।

इस कार्यप्रणाली के माध्यम से उन्होंने कम से कम 21 बैंक खातों में 521 करोड़ रुपए से अधिक की अनधिकृत जमा राशि एकत्र की, जिससे भारी मात्रा में अपराध आय (पीओसी) अर्जित हुई।

यह भी पता चला कि आरोपी निदेशक, चंद्र भूषण सिंह और प्रियंका सिंह बाद में सरकारी धन लेकर फरार हो गए। पिछले तीन वर्षों से वे झारखंड, राजस्थान और असम पुलिस सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते रहे हैं।

जांच से पता चलता है कि आरोपियों ने बेनामी लेनदेन के जरिए कई अचल संपत्तियां हासिल करके और जमा राशि को नकदी में बदलकर अवैध धन का शोधन किया। अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दीपक सिंह नाम से फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करते पाए गए और बार-बार अपना ठिकाना बदलते रहे।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सबूत बरामद किए और उन्हें जब्त किए।

प्रमुख बरामदगी में फर्जी पहचान पत्र, महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन और नकद लेनदेन का विवरण देने वाली हस्तलिखित नोट और डायरियां, सहयोगियों का विवरण, विभिन्न संस्थाओं की चेकबुक, लैपटॉप और मोबाइल फोन के रूप में डिजिटल साक्ष्य और बड़ी संख्या में अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज एवं समझौते शामिल हैं। ऐसे सबूत भी मिले हैं जो दर्शाते हैं कि आरोपी इसी तरह की धोखाधड़ी वाली योजनाएं चलाते रहे थे।

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राहुल गांधी के बयान पर भड़कीं कंगना, कहा- उन्हें देश की छवि की चिंता नहीं

कुल्लू ,21  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कंगना ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश को शर्मसार करने वाले बयान दे रहे हैं। उनकी करतूतें ही ऐसी हैं।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी की हरकत और बयान से यह पता चलता है कि उनको कुछ पता नहीं रहता है। वे चुनाव आयोग पर भी झूठा आरोप लगा रहे हैं। जनता को सब पता चल गया है। जनता गुमराह नहीं होने वाली है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जेन-जी वाले पोस्ट पर रनौत ने कहा कि राहुल गांधी को कुछ पता नहीं रहता है। वह कभी भी कुछ भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर देते हैं। पहले उनको जानकारी लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनकी इस सोशल मीडिया पोस्ट से देश की छवि खराब हो रही है। उनको इसकी चिंता कभी नहीं रहती है। वह कभी भी कुछ भी बयान दे देते हैं।

सांसद ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी विदेश जाकर भारत के खिलाफ बयान दे चुके हैं। मुझे लगता है यह उनके लिए कोई नई बात नहीं होगी। वे समय-समय पर इस तरह के बयान देते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिका जाकर कहा था कि हमारे देश को बचाओ। अब भी उनकी यही सोच जारी है। यह दुखद है कि वे ऐसे बयान देने से बाज नहीं आ रहे। लगता है कि जैसे वे सुबह उठकर सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट कर देते हैं।

कंगना ने आगे कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि नेपाल में जेन-जी ने नेपोटिज्म सरकार को गिराया है। शायद उनको कुछ पता नहीं है कि देश में क्या चल रहा है। नेपाल में वंशवादी नेताओं को हटाया गया। वहां उन्होंने अपनी सरकार खुद चुनी और लोकतंत्र स्थापित किया।

उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी इसी तरह के बयान देते रहेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब उन्हें ही भारत से निकाला जा सकता है।

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उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार पूजा पंडालों और रावण दहन स्थलों का निरीक्षण

जिला प्रशासन की टीम ने किया निरीक्षण

हरमू चौक, अरगोड़ा चौक, एचइसी, स्टेशन रोड तथा बांधगाड़ी स्थित प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण

पूजा एवं रावण दहन समितियों को सुरक्षा मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश

प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाकर आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हेतु तैयार रहने का निर्देश

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री

रांची,21.09.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार दुर्गापूजा एवं विजयादशमी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन की टीम ने शहर के विभिन्न पूजा पंडालों एवं रावण दहन स्थलों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिला दंडाधिकारी, रांची श्री राजेश्वरनाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री उत्कर्ष कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय, पुलिस अधीक्षक शहर श्री पारस राणा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री राकेश सिंह, पुलिस उपाधीक्षक ट्रैफिक, कार्यपालक अभियंता (पथ निर्माण एवं विद्युत), शांति समिति सदस्य श्री जयसिंह यादव, श्री सागर कुमार एवं अन्य संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे।

जिला प्रशासन की टीम ने हरमू चौक, अरगोड़ा चौक, एचइसी, स्टेशन रोड तथा बांधगाड़ी स्थित प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान समितियों को सुरक्षा, सुविधा एवं अनुशासन से संबंधित कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

• जिला प्रशासन की टीम द्वारा पूजा समितियां को निम्नलिखित दिशा निर्देश दिए गए :

* सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पंडाल परिसर एवं आसपास की व्यवस्था सुदृढ़ करना।

* महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार की व्यवस्था।

* विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप बनाए रखना।

* प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाकर आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हेतु तैयार रहना।

* भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त स्वयंसेवक की तैनाती।

* ट्रैफिक पुलिस के साथ तालमेल बनाकर यातायात को सुचारू रखना।

• रावण दहन स्थलों हेतु विशेष दिशा-निर्देश

* रावण दहन के दौरान फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और चिकित्सा टीम की अनिवार्य तैनाती।

* दहन स्थल पर बैरिकेडिंग एवं सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करना ताकि श्रद्धालु सुरक्षित स्थान पर रहें।

* भीड़ को नियंत्रित करने हेतु अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग की व्यवस्था।

* आतिशबाज़ी और पटाखों के प्रयोग में सुरक्षा मानकों का पालन और प्रशिक्षित व्यक्तियों की देखरेख में संचालन।

* बिजली एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों से सुरक्षित दूरी बनाकर दहन स्थल का चयन।

* रावण दहन के समय पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति।

* दहन के उपरांत यातायात व्यवस्था को शीघ्र सामान्य करने हेतु आवश्यक कदम।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, सभी समितियों को नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

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म्यूजिक वीडियो ‘दिलों की बात’ की शूटिंग संपन्न

21.09.2025 – अवॉर्ड किंग डॉ. कृष्णा चौहान और चर्चित डांसर और अभिनेत्री शिरीन फरीद म्यूजिक वीडियो ‘दिलों की बात’ में एक साथ अपने अभिनय का जलवा बिखेरते नजर आएंगे। हाल ही में इस म्यूजिक वीडियो की शूटिंग संपन्न हुई है। 2 अक्टूबर को कृष्णा म्यूजिक के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर इस रोमांटिक म्यूजिक वीडियो को जारी किया जाएगा।

विदित हो कि डॉ. कृष्णा चौहान प्रोड्यूसर डायरेक्टर तो हैं ही, केसीएफ फ़ाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष भी हैं और इस म्यूजिक वीडियो ‘दिलों की बात’ से वो अभिनय के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहे हैं। ‘दिलों की बात’ के संगीतकार राजेश घायल व गीतकार शाइस्ता देशमुख हैं और स्वर दिया है सिंगर करिश्मा शेख ने।

डॉ. कृष्णा चौहान के होम प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही माता रानी की महिमा पर आधारित एक भक्ति गीत की भी शूटिंग समाप्त हो गई है। नवरात्रि के अवसर पर जारी होने वाली इस गीत में वैष्णव देवा का संगीत है। विक्की नागर के द्वारा लिखे गीत को स्वर दिया है रेखा राव ने। म्यूजिक वीडियो में प्रवीण वाडकर, रंगीता सिंह और एन के नरेश नजर आएंगे।

मिली जानकारी के मुताबिक डॉ. कृष्णा चौहान प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के रूप में पहली होम प्रोडक्शन हिंदी फीचर फिल्म ‘आत्मा.कॉम’ की शूटिंग भी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि डॉ. कृष्णा चौहान की फिल्म ‘आत्मा.कॉम’ के सभी गीत रिकार्ड हो चुके हैं।

गीतों को स्वर दिया है शाहिद माल्या, तरन्नुम मलिक, शबाब साबरी, दीपा नारायण झा और रितु पाठक ने। म्यूजिक डायरेक्टर दिलीप सेन हैं। 2 अक्टूबर को अंधेरी (मुंबई) स्थित मेयर हॉल में डॉ कृष्णा चौहान ‘महात्मा गांधी रत्न अवॉर्ड 2025’ का आयोजन करने जा रहे हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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सस्ता हुआ ट्रेन में मिलने वाला पानी, रेल नीर, अब देने होंगे सिर्फ इतने रुपये

नई दिल्ली ,20  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) ।  ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाली रेल नीर पानी की बोतल सस्ती हो गई है। रेलवे ने इसकी कीमतों में कटौती की है, जिससे यात्रियों को सीधे फायदा होगा।

नई कीमतें 22 सितंबर से लागू

रेलवे के वाणिज्यिक विभाग ने आदेश जारी किया है कि 22 सितंबर से रेल नीर की बोतलें सस्ती मिलेंगी।

एक लीटर बोतल अब 15 रु की बजाय 14 रु में उपलब्ध होगी।

 आधा लीटर बोतल अब 10 रु की जगह 9 रु में मिलेगी।

हालांकि, यह बदलाव केवल रेल नीर ब्रांड पर लागू होगा। अन्य कंपनियों की पानी की बोतलों की कीमतें जस की तस रहेंगी। रेलवे का कहना है कि इस फैसले से यात्रियों को कम कीमत पर साफ और सुरक्षित पीने का पानी मिलेगा।

जो यात्री लंबी यात्रा के दौरान बार-बार पानी खरीदते हैं, उनके लिए यह राहत की खबर है। रेलवे का उद्देश्य है कि गुणवत्तापूर्ण पैकेज्ड पानी यात्रियों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जा सके।

क्या है रेल नीर?

रेल नीर, भारतीय रेलवे का अपना ब्रांड है जिसे ढ्ढक्रष्टञ्जष्ट (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) संचालित करता है।

इसकी शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी, ताकि यात्रियों को विश्वसनीय और स्वच्छ पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इसका मकसद रेलवे स्टेशनों पर घटिया और संदिग्ध क्वालिटी के पानी की बिक्री को रोकना और यात्रियों को भरोसेमंद विकल्प देना था।

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ईरान में नौकरी का झांसा : भारतीय नागरिक बन रहे अपहरण और फिरौती का शिकार, सरकार ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली ,20  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों को ईरान में रोजग़ार के नाम पर चल रही एक खतरनाक धोखाधड़ी के प्रति आगाह किया है। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां नौकरी के झूठे वादे पर ईरान गए भारतीयों को आपराधिक गिरोहों द्वारा अगवा कर लिया गया और उनके परिवारों से मोटी फिरौती की मांग की गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, धोखेबाज़ एजेंट भारतीय नागरिकों को ईरान के रास्ते अन्य देशों में आकर्षक नौकरियों का लालच देते हैं। वे उन्हें यह कहकर फुसलाते हैं कि ईरान पहुंचने के बाद उन्हें आसानी से दूसरे देशों में काम के लिए भेज दिया जाएगा।

लेकिन ईरान की धरती पर कदम रखते ही इन भारतीय नागरिकों का सामना आपराधिक गिरोहों से होता है। ये गिरोह उन्हें बंधक बना लेते हैं और फिर भारत में उनके परिवार वालों को फोन कर उनकी रिहाई के बदले में फिरौती की मांग करते हैं।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सरकार ने एक कड़ी चेतावनी जारी की है। एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिक ऐसे किसी भी रोजग़ार प्रस्ताव से अत्यंत सतर्क रहें। यह विशेष रूप से ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ईरान सरकार ने भारतीय नागरिकों को केवल पर्यटन के उद्देश्य से वीज़ा-मुक्त प्रवेश की अनुमति दी है।

सरकार ने सचेत किया है कि जो एजेंट रोजग़ार या किसी अन्य कारण से बिना वीज़ा ईरान में प्रवेश का आश्वासन देते हैं, वे संभवत: इन आपराधिक गिरोहों से मिले हो सकते हैं। सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और अपनी सुरक्षा को जोखिम में न डालें।

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दीवाली व दूसरे त्योहारों पर बंद करें गिफ्ट देना, वित्त मंत्रालय का सरकारी विभागों को निर्देश

नई दिल्ली ,20  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  त्योहारों पर मिलने वाला छोटा-सा गिफ्ट, कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान लाता है और उत्साह दोगुना कर देता है।

लेकिन अब केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार डॉ. सुमंत्र पाल ने लोक उद्यम विभाग (ष्ठक्कश्व) को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (ष्टक्कस्) में दीवाली सहित अन्य त्योहारों पर गिफ्ट देने की प्रथा पर रोक लगाई जाए।

आर्थिक सलाहकार ने लोक उद्यम विभाग के चीफ एग्जीक्यूटिव को लिखे पत्र में कहा है, यह देखने में आया है कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में दीवाली सहित दूसरे त्योहारों पर गिफ्ट देने की प्रेक्टिस है। अर्थव्यवस्था में पब्लिक रिसोर्स का न्यायपूर्ण इस्तेमाल हो, इसके लिए ऐसी प्रेक्टिस पर रोक लगाई जानी चाहिए।

इसके चलते अब सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से आग्रह किया गया है कि वे इस प्रेक्टिस को बंद कर दें। किसी भी त्योहार पर गिफ्ट का आदान प्रदान रोक दें। आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि इन दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

गिफ्ट देने की परंपरा से सरकारी खर्च बढ़ता है और पब्लिक रिसोर्स का न्यायपूर्ण उपयोग प्रभावित होता है। इसलिए सीपीएसयू को ऐसे खर्च रोकने चाहिए और त्योहारों पर गिफ्ट का आदान-प्रदान पूरी तरह बंद होना चाहिए।
कर्मचारियों और संगठनों की प्रतिक्रिया

‘नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत’ के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा त्योहारों पर कर्मचारियों को दिया जाने वाला गिफ्ट बहुत छोटा-सा टोकन होता है, लेकिन इसकी भावनात्मक वैल्यू बहुत बड़ी होती है।

इससे कर्मचारी को लगता है कि उसके काम की कद्र हो रही है और वह और जोश से काम करता है। सरकार का यह कदम गलत है और कर्मचारियों का उत्साह तोडऩे वाला है।

बता दें कि लोक उद्यम विभाग (ष्ठक्कश्व) वित्त मंत्रालय के अधीन कार्यरत है और इसका काम सीपीएसयू से जुड़ी नीतियां तैयार करना, प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और प्रबंधन संबंधी दिशानिर्देश जारी करना है।

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बाढ़ का स्थायी समाधान को लेकर सैलजा ने सैनी को लिखा पत्र

हिसार 20 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – कांग्रेस की महासचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हिसार-ड्रेन से लगते गांवों का दौरा कर खेतों में भरे पानी और किसानों की तबाही का हाल जाना।

हालात पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर स्थायी समाधान की मांग की। साथ ही उन्होंने किसानों को कम से कम प्रति एकड़ 50,000 रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हिसार घग्घर ड्रेन टूटने और भारी बारिश से हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में हजारों एकड़ फसलें (धान, कपास, बाजरा) बर्बाद हो गई हैं।

कई ढाणियां खाली करानी पड़ीं और कुछ घरों को भी नुकसान हुआ। सब्जियों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। गंगवा जैसे गांवों में सैकड़ों ढाणियां खाली करनी पड़ीं।

भारी बारिश से ड्रेन क्षमता से अधिक भर गईं, सफाई न होने और कचरा जमा होने से पानी का बहाव रुका और किनारे कमजोर होकर टूट गए।

उन्होंने कहा कि किसान संगठनों द्वारा प्रति एकड़ 50,000 रुपये मुआवजे की मांग उचित है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि हर वर्ष निकासी व्यवस्था के अभाव में किसानों को भारी नुकसान होता है। इस बार खेतों की खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जिससे न केवल फसलें चौपट हुईं बल्कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी प्रभावित हुई है।

सिरसा की सांसद सैलजा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि ड्रेन के दोनों ओर पक्के बांधों व निकासी व्यवस्था का स्थायी प्रबंध किया जाए और बरसात से पूर्व नालों-ड्रेनों की नियमित सफाई व मरम्मत सुनिश्चित हो।

उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और आजीविका इस समस्या से दांव पर है, इसलिए सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे।

कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबूतों के साथ उजागर किया कि किस तरह सुनियोजित साजिश के तहत कांग्रेस के वोट काटे गए और जोड़े गए।

जनता जवाब मांग रही है, पर चुनाव आयोग के पास कोई जवाब नहीं है। आने वाले समय में श्री राहुल गांधी और खुलासे करेंगे। आज लोकतंत्र खतरे में है और इसकी रक्षा के लिए सभी को मिलकर खड़ा होना होगा।

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पुलिस अधिकारी जन शिकायतों का त्वरित समाधान करें : सैनी

चंडीगढ़ 20 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जनसंपर्क प्रयासों को तेज करें और नागरिक शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी कानून प्रवर्तन की नींव जनता के विश्वास पर टिकी है। कमिश्नर से लेकर डीएसपी तक, हर पुलिस अधिकारी को नागरिकों की चिंताओं से गहराई से जुड़ना चाहिए।

ग्रामीणों, युवाओं और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर संवाद नशीली दवाओं के दुरुपयोग और आपराधिक गतिविधियों से निपटने में मददगार होगा।

उन्होंने कहा कि निवासियों के साथ खुला संवाद बनाए रखना और उनकी समस्याओं को सक्रिय रूप से सुनना पुलिसकर्मियों की मुख्य जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने नागरिक-हितैषी पुलिसिंग मॉडल अपनाने का आह्वान किया, जिसमें त्वरित शिकायत निवारण को कानून व्यवस्था की रीढ़ बताया गया।

प्रभावी कार्यान्वयन के लिए गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने पुलिस आयुक्तों, महानिरीक्षकों, उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और सहायक आयुक्तों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों में अधिकारियों को स्थानीय समुदायों से जुड़ाव मज़बूत करने के लिए नियमित क्षेत्र भ्रमण और गाँवों में अनिवार्य रात्रि विश्राम करने को कहा गया है।

अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों को तुरंत उपायुक्तों या संबंधित अधिकारियों को भेजने और रात्रि विश्राम की विस्तृत रिपोर्ट एचआरएमएस एप्लिकेशन के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

नागरिक-पुलिस संपर्क को औपचारिक बनाने के लिए अधिकारियों को जनसभाओं के लिए निश्चित समय निर्धारित करना होगा। कार्यदिवसों में सुबह 11 से 12 बजे और अपराह़न तीन से चार बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर शिकायतें सुननी होंगी और उनका पारदर्शी समाधान करना होगा।

निगरानी व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए अधिकारियों को हर दो हफ़्ते में गृह विभाग को अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी। यह पहल राज्य में संवेदनशील और समुदाय-उन्मुख पुलिस व्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो नागरिक कल्याण, जवाबदेही और जनता के विश्वास पर आधारित होगी।

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दिल्ली पुलिस और गोगी गैंग के बदमाशों के बीच मुठभेड़, 3 गिरफ्तार; एक जवान शहीद

नई दिल्ली 20 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : दिल्ली के रोहिणी के बुद्ध विहार इलाके में  देर रात दिल्ली पुलिस और बदमाशों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। पुलिस की कार्रवाई में गोगी गैंग के दो बदमाशों के पैरों में गोलियां लगीं और वे घायल हो गए, जबकि दो अन्य बदमाश फरार होने में कामयाब रहे।

इस तरह कुल 5 बदमाशों में से 3 को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली। इस एनकाउंटर का नेतृत्व SHO करुणा सागर ने किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए बदमाश कुख्यात गोगी गैंग से जुड़े हुए हैं। घायल बदमाशों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं इस मुठभेड़ में एक पुलिस जवान घायल हुआ और एक जवान शहीद हो गया।

पुलिस ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि गोगी गैंग के कुछ सदस्य बुद्ध विहार इलाके में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसी आधार पर बुद्ध विहार पुलिस ने पंसाली रोड के पास नाकाबंदी की और एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया।

लेकिन पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। इस दौरान कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दो बदमाश घायल हो गए। मौके से पुलिस ने एक कार, एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और अन्य हथियार बरामद किए हैं।

यह मुठभेड़ दिल्ली पुलिस की गैंगस्टरों के खिलाफ चल रही ‘ऑपरेशन कवच’ मुहिम का हिस्सा है। दो दिन पहले, 17 सितंबर को रोहिणी जिले में ही एक अन्य ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में नकदी और हथियार बरामद किए गए थे।

गोगी गैंग दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में हत्या, अपहरण और फिरौती जैसे संगीन अपराधों के लिए कुख्यात है। पिछले साल मई से लेकर इस साल मई तक दिल्ली पुलिस और बदमाशों के बीच कई मुठभेड़ हो चुकी हैं।

घटना के बाद पुलिस ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। डीसीपी (रोहिणी) ने कहा कि यह ऑपरेशन दिल्ली को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हम गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। बरामद कार एनएसपी क्षेत्र से चोरी की गई थी और बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी शुरू हो चुकी है।

इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत बीती रात दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की टीम ने दबिश दी।

इस दौरान विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर पुलिस ने 50 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से 13 पिस्टल और 20 चाकू भी बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन देर रात तक चला और एक साथ कई जगहों पर कार्रवाई कर गैंगस्टरों के नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश की गई।

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धर्मस्थल का ‘नरकंकाल’ रहस्य गहराया, 2 और खोपड़ियां मिलने से सनसनी; अब तक 7 बरामद

बेंगलुरु 20 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कर्नाटक के बहुचर्चित धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले में रहस्य और भी गहरा गया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को गुरुवार को तलाशी अभियान के दौरान दो और मानव खोपड़ियां मिली हैं।

इसके साथ ही पिछले दो दिनों में बरामद खोपड़ियों की कुल संख्या सात हो गई है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने इन मौतों के आत्महत्या से जुड़े होने की आशंका जताई है, जो मामले के शुरुआती दावों से बिल्कुल अलग है।

एसआईटी सूत्रों के अनुसार, पुलिस, वन विभाग और एंटी-नक्सल फोर्स की संयुक्त टीम ने दक्षिण कन्नड़ जिले के बंगलगुद्दा रिजर्व फॉरेस्ट के घने जंगली इलाके में करीब 12 एकड़ में यह तलाशी अभियान चलाया।

बुधवार को पांच खोपड़ियां बरामद हुई थीं, जबकि गुरुवार को दो और मिलीं। अधिकारियों ने बताया कि ये खोपड़ियां मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों की प्रतीत होती हैं और अवशेष लगभग एक साल पुराने हो सकते हैं। मौके से अन्य मानव अवशेषों के साथ एक लाठी भी बरामद हुई है।

यह सनसनीखेज मामला इसी साल जुलाई में तब सामने आया जब सी.एन. चिन्नय्या नामक एक पूर्व सफाई कर्मचारी ने दावा किया कि उसे 1995 से 2014 के बीच 100 से अधिक शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था।

उसने आरोप लगाया था कि ये शव ज्यादातर महिलाओं और नाबालिगों के थे, जिन पर यौन हिंसा के निशान थे।

SIT का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने 19 जुलाई को डीजीपी प्रणब मोहंती के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया।

जांच में ट्विस्ट: जांच के दौरान 17 जगहों पर खुदाई हुई, लेकिन कोई खास अवशेष नहीं मिले। अगस्त में कहानी ने नाटकीय मोड़ ले लिया जब मुख्य शिकायतकर्ता चिन्नय्या को ही झूठी गवाही देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

राजनीतिक घमासान: यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। भाजपा, राज्य की कांग्रेस सरकार पर प्रसिद्ध मंदिर शहर धर्मस्थल की छवि खराब करने का आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस इसे एक साजिश बता रही है।

फिलहाल, बरामद सभी सात खोपड़ियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारण का पता चल सकेगा। इस बीच, कर्नाटक हाईकोर्ट भी मामले पर नजर बनाए हुए है और अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।

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चुनाव आयोग का बड़ा ऐक्शन, 808 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन खत्म

नई दिल्ली 20 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- चुनाव आयोग ने गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 474 दलों का पंजीकरण रद्द कर दिया है।

इससे पहले अगस्त में भी आयोग ने 334 दलों का रजिस्ट्रेशन समाप्त किया था। इस तरह, केवल दो महीनों के भीतर कुल 808 राजनीतिक दलों का पंजीकरण खत्म किया जा चुका है।

क्यों हुई कार्रवाई?

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार, किसी भी पंजीकृत राजनीतिक दल को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य है।

यदि कोई दल लगातार 6 साल तक चुनावों से दूर रहता है, तो उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाता है। चुनाव आयोग ने इन्हीं नियमों के तहत यह कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि पंजीकृत राजनीतिक दलों को टैक्स छूट समेत कई तरह की रियायतें मिलती हैं। कई दल बीते 6 वर्षों से चुनाव नहीं लड़ रहे थे, लेकिन फिर भी इन रियायतों का लाभ उठा रहे थे।

ऐसे दलों पर अब आयोग ने शिकंजा कस दिया है। चुनाव आयोग ने 2019 के बाद से ही ऐसे निष्क्रिय दलों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया था।

इसी कड़ी में पहले दौर की कार्रवाई 9 अगस्त को हुई थी, जबकि दूसरा चरण 18 सितंबर को पूरा किया गया। अब तक कुल 808 दल पंजीकरण से बाहर हो चुके हैं।

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सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ चौथा नेशनल मीडिया कॉन्क्लेव, तीन दिनों में पेश होंगे 100 से अधिक शोध-पत्र

100+ शोध-पत्र, वैश्विक साझेदार और प्रमुख मीडिया हस्तियाँ; हाशियाकरण व समावेशन पर केंद्रित होगा कॉन्क्लेव

कोलकाता, 19 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी (SNU) में गुरुवार से चौथे राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव की शुरुआत हुई। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन में 100 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

यह पूर्वी भारत का अब तक का सबसे बड़ा मीडिया अध्ययन मंच माना जा रहा है। इस बार का विषय “रेप्रेज़ेन्टिंग द अनसीन: इंडिया ऐट द मार्जिन्स ऐन्ड मीडिया” है, जिसमें जाति-जनजाति, लोककथाओं, कला-संस्कृति और सामाजिक आख्यानों जैसे उपेक्षित पहलुओं पर चर्चा होगी।

आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिली है, जिसमें IAMCR और ICA की भागीदारी शामिल है। उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. (डॉ.) संकु बोस, प्रो-चांसलर प्रो. (डॉ.) ध्रुबज्योति चट्टोपाध्याय, एआईयू की अतिरिक्त सचिव ममता रानी अग्रवाल, एनडीटीवी के जयंत घोषाल और कई अकादमिक व मीडिया हस्तियाँ मौजूद रहीं।

कॉन्क्लेव की अध्यक्ष और एसएनयू के स्कूल ऑफ मीडिया कम्युनिकेशन, फाइन आर्ट्स, डिज़ाइन एंड ड्रामा की डीन डॉ. मीनल पारीक ने कहा— “यह कॉन्क्लेव केवल शोध-पत्र प्रस्तुतियों का मंच नहीं है, बल्कि ऐसा स्थान है जहाँ छात्र विद्वानों और मीडिया विशेषज्ञों से सीधे जुड़ते हैं और गंभीर चिंतन को नज़दीक से समझते हैं।

हमारे लिए यह आयोजन सामाजिक रूप से प्रासंगिक और बौद्धिक रूप से सशक्त संवाद को आगे बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।अकादमिक विमर्श से आगे बढ़ते हुए कॉन्क्लेव में उद्योग और सांस्कृतिक साझेदारों की भी भागीदारी रहेगी।

साइबरपीस, ग्रूविंग कोलकाता और शॉपर’स स्टॉप जैसे साझेदारों की भागीदारी आयोजन को अकादमिक विमर्श से आगे बढ़ाकर सांस्कृतिक और सामाजिक अनुभवों से जोड़ रही है।

हाशियाकरण और समावेशन को केंद्र में रखते हुए, यह चौथा नेशनल मीडिया कॉन्क्लेव शिक्षा को वैश्विक विमर्श से जोड़ते हुए समावेशी, नैतिक और भविष्य-उन्मुख मीडिया प्रथाओं की दिशा तय कर रहा है।

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खजुराहो मंदिर मामला : सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर कांग्रेस बोली- धर्म में कानून का दखल सही नहीं

लखनऊ ,19  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की टूटी मूर्ति को ठीक करने की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत की टिप्पणी पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में कानूनी हस्तक्षेप उचित नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने  कहा, सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक कामों में कानूनी हस्तक्षेप उचित नहीं है। ये धार्मिक और सामाजिक कार्य हैं और इन सारे कामों में समाज, धर्म और आध्यात्मिक लोग सामने आएंगे तो बेहतर होगा। मंदिर न्यास या मंदिर ट्रस्ट को ये सारी चीजें करनी चाहिए, अगर कोई क्षतिग्रस्त चीज है तो उसको चढ़ावे या लोगों के सहयोग से ठीक किया जाना चाहिए। हर चीज में कानून का हस्तक्षेप उचित नहीं है।

बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक घर पर फायरिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। सुरेंद्र राजपूत ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा, एनकाउंटर होना और एनकाउंटर करने में हमेशा फर्क है। अगर एनकाउंटर हुआ है तो पुलिस ने विधि-सम्मत काम किया है और अगर पुलिस एनकाउंटर कर रही है तो पुलिस भी अपराधियों की तरह व्यवहार कर रही है, क्योंकि पुलिस का काम किसी को मार देना नहीं है। पुलिस का काम अपराधी को अदालत के सामने पेश करके कठोर से कठोर सजा दिलवाना है।

बिहार कांग्रेस के एआई जनरेटेड वीडियो पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, हमने पटना हाई कोर्ट का निर्देश मान लिया और उस वीडियो को हटा दिया है, लेकिन भाजपा की असम इकाई ने हिंदू-मुस्लिम के बीच जहर फैलाने वाला एक एआई वीडियो शेयर किया है, जिसे अब तक नहीं हटाया गया है। मैं पूछता हूं कि क्या कोर्ट इसका भी संज्ञान लेगा? असम भाजपा ने देशद्रोही वीडियो बनाया है, जिससे समाज में संघर्ष पैदा हो सकता है और हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क सकते हैं। इस वीडियो को कोर्ट कब हटाने का आदेश देगा?

तमिलनाडु कांग्रेस नेता केएस अलागिरी ने कंगना रनौत के विरोध का ऐलान किया है, जिसका कांग्रेस नेता ने समर्थन किया। उन्होंने कहा, जिस तरीके से कंगना रनौत का व्यवहार है, चाहे वे संसद के बाहर हों या फिर एयरपोर्ट पर या फिर महिला सुरक्षा कर्मियों के साथ, वे हमेशा विवादों के घेरे में रही हैं। सीआईएसएफ की महिला कांस्टेबल के प्रति उनका अनुचित व्यवहार था और ये घटना सबके सामने है। हम चाहते हैं कि कंगना को अपना व्यवहार बदलना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो पूरी दुनिया में उनका विरोध होगा।

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170 बोगस फर्म बनाकर की करोड़ों रुपए की Tax चोरी

GST विभाग ने जब्त किए 1.64 करोड़ रुपए कैश और 400 ग्राम सोना

रायपुर 19 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । छत्तीसगढ़ में जीएसटी विभाग ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. GST विभाग ने 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर करोड़ों रुपए का जीएसटी फ्रॉड करने वाले सिंडिकेट का खुलासा किया है.

इसका मास्टरमाइंड मो. फरहान सोरठिया बताया जा रहा है, जो कर सलाहकार के रूप में कार्य कर रहा था. GST विभाग ने मास्टरमाइंड के ऑफिस में छानबीन के बाद उसेक चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के घर से कैश और 400 ग्राम सोना समेत फर्जी दस्तावेज बरामद कर जब्त किए हैं.

राज्य जीएसटी की बीआईयू टीम पिछले एक महीने से इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी. 12 सितंबर को फरहान के कार्यालय में हुई छापेमारी के दौरान 172 फर्मों के पंजीयन से जुड़े कागजात मिले.

जांच में यह भी सामने आया कि फरहान ने अपने कर्मचारियों की मदद से फर्जी किरायानामा, सहमति पत्र और एफिडेविट बनवाकर बोगस रजिस्ट्रेशन कराया था.

सिर्फ 26 फर्मों से ही 822 करोड़ रुपए का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि वास्तविक टर्नओवर मात्र 106 करोड़ दिखाया गया. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, राज्य को लगभग 100 करोड़ रुपए का जीएसटी नुकसान हुआ है.

17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के घर की तलाशी में विभागीय टीम को 1.64 करोड़ रुपए नकद और 400 ग्राम सोना मिला, जिसे जब्त कर आयकर विभाग को सौंप दिया गया है.

जांच में यह भी पता चला कि यह नेटवर्क केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पंजाब, असम, मणिपुर और ओडिशा तक फैला हुआ है.

राज्य जीएसटी विभाग अब इस घोटाले में शामिल ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने वाली कंपनियों की भी जांच कर रहा है. विभाग का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन छानबीन जारी है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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सिंगरौली में मिली सोने की खान: धरती से निकलेगा गोल्ड, अडानी ग्रुप को 5 साल के लिए मिला ठेका

सिंगरौली 19 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । ‘ऊर्जांचल’ के नाम से मशहूर मध्य प्रदेश का सिंगरौली कोयला भंडार और तापीय विद्युत् संयंत्र के लिए मशहूर है। लेकिन ऊर्जा हब वाली जगह अब सोने की खान को लेकर सुर्ख़ियों में आ गया है।

चितरंगी क्षेत्र में स्थित चकरिया गोल्ड ब्लॉक में हजारों टन गोल्ड मिला है। जिसका ठेका 5 साल के लिए अडानी ग्रुप की कंपनी गरिमा नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।

कंपनी 23 हेक्टेयर जमीन से 18 हजार 356 टन (1 करोड़ 83 लाख 56 हजार) सोना निकालेगी। जिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से इस क्षेत्र में ड्रिलिंग कार्य चल रहा था, जिसके आधार पर सोने के भंडार की पुष्टि हुई।

कंपनी को 23 हेक्टेयर जमीन पर 5 वर्षों के लिए खनन का अधिकार दिया गया है। इससे राज्य को लंदन गोल्ड मार्केट की दरों के अनुसार करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही स्थानीय लोगों को हजारों रोजगार के अवसर मिलेंगे। सिंगरौली क्षेत्र में पहले से ही 11 कोयला खदानें संचालित हैं, जो इस प्रोजेक्ट को और मजबूत बनाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि चकरिया गोल्ड ब्लॉक की पहली ई-नीलामी से मध्य प्रदेश खनन क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे रिफाइनिंग, लॉजिस्टिक्स और संबंधित उद्योगों में निवेश बढ़ेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

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ममता बनर्जी की भाभी को गर्ल्स कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी का अध्यक्ष बनाने पर हाई कोर्ट ने उठाए सवाल

कोलकाता 19 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भाभी व तृणमूल की पार्षद कजरी बनर्जी की रानी बिड़ला गर्ल्स कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने नाराजगी प्रकट किया है।

उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री की भाभी, कजरी बनर्जी की रानी बिड़ला गर्ल्स कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पद के लिए शिक्षा के क्षेत्र से किसी व्यक्ति की आवश्यकता है। अंतरिम राहत प्रदान करते हुए, न्यायालय ने कॉलेज की प्रिंसिपल श्राबंती भट्टाचार्य के खिलाफ कजरी बनर्जी द्वारा 3 जुलाई को जारी किए गए नोटिस और 29 अगस्त को जारी निलंबन आदेश पर आठ सप्ताह के लिए रोक लगा दी।

साथ ही, न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि उनकी नियुक्ति की वैधता की न्यायिक जांच की आवश्यकता है। अदालत ने समिति अध्यक्ष के रूप में कजरी बनर्जी की नियुक्ति पर भी संदेह जताया और कहा कि इस मुद्दे पर छह सप्ताह में फिर से सुनवाई की जाएगी।  जज ने कहा कि 2017 के कानून के अनुसार, रानी बिड़ला गर्ल्स कॉलेज मैनेजमेंट का गठन करने के बजाय, मैनेजमेंट कमेटी को राज्य सरकार द्वारा नामित पांच लोगों द्वारा चलाया जा रहा है.

जज ने कहा कि इस मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है। बहरहाल कलकत्ता हाई कोर्ट ने रानी बिड़ला गर्ल्स कॉलेज मैनेजमेंट कमिटी की अध्यक्ष काजरी बनर्जी द्वारा कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. श्राबंती भट्टाचार्य को दिए गए कारण बताओ नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस बिवास पटनायक ने कहा कि 3 जुलाई के कारण बताओ नोटिस और 29 अगस्त के निलंबन निर्णय पर आठ सप्ताह के लिए रोक रहेगी।

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पुलिस उप-महानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक चंदन सिन्हा के तबादले से शहर के लोगों में छाई मायूसी

रांची एसएसपी राकेश रंजन और सिटी एसपी पारस राणा नियुक्त

राजीव रंजन को रांची का नया SSP बनाया गया है

रांची,19.09.2025 –  8 सितम्बर 2023 को रांची जिला में वरीय पुलिस अधीक्षक पद पर पदस्थापित किये गए और 9 सितम्बर को 2023 को पदभार ग्रहण करने वाले आइपीएस अधिकारी चंदन सिन्हा का 18 सितम्बर 2025 को एसीबी डीआईजी में तबादला ह़ो गया.

अब वे डीआईजी के पद पर काम करेंगे, लेकिन जबतक रांची जिला में एसएसपी रहे तबतक उनके सराहनीय कार्यों की चर्चाएं भी बहुत हुई और क्रिमिनल, शूटरों,गुंडों, बदमाशों, असमाजिक तत्वों, ब्राउन शुगर सप्लायर, जमीन दलाल, बालू तस्कर,गौ तस्करों, महिला छेड़खानी करने वाले, मुहल्ला में सफेदपोश बदमाश, लूट, छीन ताई, चोरी करने , मेन रोड फुटपाथ पर अतिक्रमण करनेवाले और पत्रकारों, शरीफ लोगों को डराने व परेशान करने वालों में दहशत थी.

एसएसपी चंदन सिन्हा ने रांची में सभी पर्व त्योहारों को सौहार्द्र पूर्ण और शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराने में सफलता हासिल किये और बिना किसी विवाद के वे अपने पद पर दो साल से अधिक दिनों तक बने रहें.

इनके तबादले से रांची जिला के पीड़ित और भुक्तभोगी परिवार के लोगों में मायुसी छा गई, लेकिन तबादला तो एक सरकारी प्रक्रिया है वह होगा ही लेकिन चंदन सिन्हा अपने कार्यकाल में बेहतर कार्यों के लिए जाने जायेंगे।

झारखंड सरकार ने कई IPS अधिकारीयों का तबादला एक साथ किया है, इसमें DGP अनुराग गुप्ता से ACB का प्रभार वापस ले लिया गया है। अनुराग गुप्ता से CID का भी प्रभार वापस ले लिया गया है । प्रिया दुबे को एसीबी का ADG बनाया गया है ।

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मिजोरम में असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई, 102 करोड़ की ड्रग्स बरामद

आइजोल 19 Sep,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारत-म्यांमार सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई जारी है। स्पीयर कोर के तहत आने वाली असम राइफल्स की यूनिट ने 34 किलो से अधिक मेथामफेटामाइन टैबलेट (ड्रग्स) को जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 102.65 करोड़ रुपए है।

स्पीयर कोर इंडियन आर्मी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार को एक पोस्ट शेयर कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। स्पीयर कोर इंडियन आर्मी के अनुसार, असम राइफल्स ने यह कार्रवाई मिजोरम के चम्फाई जिले के जोटे इलाके में की है।

स्पीयर कोर इंडियन आर्मी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “स्पीयर कोर के तहत असम राइफल्स ने 18 सितंबर 2025 को मिजोरम के चम्फाई (जोटे) में 102.65 करोड़ (लगभग) मूल्य की 34.218 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट जब्त की।

आगे की जांच के लिए प्रतिबंधित सामग्री को आबकारी और नारकोटिक्स विभाग चम्फाई को सौंप दिया गया है।” विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर असम राइफल्स की टीम ने संदिग्ध व्यक्ति को रोका, जो कंसाइनमेंट लेकर जा रहा था। चुनौती पर वह सामान छोड़कर जंगल में भाग गया। गहन तलाशी में यह ड्रग्स बरामद हुईं।

इससे पहले, 8 सितंबर को भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर, बिष्णुपुर, चंदेल, थौबल, काकचिंग, इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों में संयुक्त अभियान चलाए थे।

इन अभियानों में 11 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया, साथ ही पांच हथियार, 6.9 करोड़ रुपए की अफीम, 690 लीटर नकली शराब और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई थी।

इसके अलावा, 3 सितंबर को सैन्य बलों ने मणिपुर में संचालित होने वाले एक बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया था। यह ड्रग्स सिंडिकेट सीमापार से ऑपरेट करता है और मणिपुर में जमीन के नीचे खतरनाक ड्रग्स छुपाकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था।

सैन्य बलों ने ड्रग्स सिंडिकेट के इरादे नाकाम करते हुए मणिपुर में करीब 7 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ जब्त किए। असम राइफल्स के मुताबिक, यह कार्रवाई भारत-म्यांमार सीमा के निकट की गई थी।

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