शिव भक्तों को सौगात…सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन का काम होगा शुरू

गोरखपुर 27 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारतीय रेल ने बिहार के सुल्तानगंज–कटोरिया रेल लाइन का काम चालू करने का फैसला लिया है। इससे भागलपुर और देवघर सहित पूरे देश के शिव भक्तों को रेलगाड़ी के माध्यम से सफर करने में आसानी होगी।

इस परियोजना की कुल लंबाई 74.8 किलोमीटर है और यह असरगंज, तारापुर और बेलहर के रास्ते में पड़ती है। इस प्रस्तावित रेल खंड में सुल्तानगंज और कटोरिया के साथ-साथ असरगंज, तारापुर, बेलहर, श्रीनगर और सूयाबथान में ठहराव दिया गया है। |

कटोरिया एक जंक्शन स्टेशन बनेगा, अभी कटोरिया स्टेशन बांका–जसीडीह रेल लाइन पर पड़ता है। परियोजना के पूरा हो जाने पर प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं के जल लेकर देवघर तक जाने में आसानी होगी।

पूरी परियोजना पर नवीनतम अनुमानों के मुताबिक लगभग 1261 करोड़ रुपये की लागत आएगी।अभी सुल्तानगंज से देवघर की दूरी वाया भागलपुर,बांका,कटोरिया लगभग 160 किलोमीटर है जो नई लाइन के बन जाने के बाद घटकर लगभग 101 किलोमीटर हो जाएगी जिससे सुल्तानगंज और देवघर के बीच कनेक्टिविटी और भी बेहतर होगी।

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भाजपा ने महिलाओं के साथ छलावा किया है: कुमारी सैलजा

सिरसा 27 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा सहित देशभर की करोड़ों महिलाओं के साथ भाजपा सरकार बार-बार छलावा कर रही है।

अब लाड़ो लक्ष्मी योजना और 2100 रुपये देने का जो शोर मचाया जा रहा है, वह भी जनता को गुमराह करने का एक और चुनावी हथकंडा है। योजना में आय सीमा रखकर अधिकतर गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं के एक बड़े वर्ग को बाहर कर दिया गया है।

स्थानीय सांसद सैलजा ने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने की बात करता है, लेकिन हकीकत में योजना इतनी शर्तों से बंधी है कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा।

योजना में आय सीमा रखकर अधिकांश गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

केवल कुछ गिनी-चुनी महिलाएं ही इसका लाभ ले पाएंगी, जबकि संकल्प पत्र में सभी महिलाओं को लाभ देने की बात कही गई थी। महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण और सम्मान की जगह मात्र चुनावी लालच देकर गुमराह किया जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए ठोस और दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, न कि केवल चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए ऐसी घोषणाएं की जाए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि इस योजना में आयु सीमा दूसरे राज्यों की अपेक्षा कम रखी है। दूसरे राज्य में यह आय सीमा 1.20 लाख रुपपे से 2.50 रुपये तक रखी गई है।

उन्होंने भाजपा सरकार से पूछा है कि जब उनका संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने का था, तो फिर आय सीमा की शर्त क्यों लगाई गई?

क्या भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है या केवल चुनावी राजनीति करना चाहती है? क्या महिलाओं की गरिमा और अधिकार महज 2100 रुपये से खरीदे जा सकते हैं?

सांसद ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए नीतियां बनाईं और जमीन पर उतारी हैं। आने वाले समय में कांग्रेस महिलाओं को उनका वास्तविक हक और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।

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विश्व कायस्थ सम्मेलन 2025 : कायस्थ समाज की समृद्ध विरासत, सामाजिक एकता और भावी नेतृत्व को समर्पित

तालकटोरा स्टेडियम में 23–24 अक्टूबर को दो दिवसीय समारोह में कायस्थ समुदाय की विरासत, एकता और भविष्य के नेतृत्व का उत्सव

नई दिल्ली, 27 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (पंजीकृत 2150, नई दिल्ली) और चित्रांश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (सीसीसीआई) ने घोषणा की कि विश्व कायस्थ सम्मेलन 2025 का आयोजन 23-24 अक्टूबर, 2025 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगा।

सम्मेलन की घोषणा करते हुए राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा कि यह यम द्वितीया (भाई दूज) के शुभ अवसर पर होगा, जिसे परंपरागत रूप से भगवान चित्रगुप्त की पूजा के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन कायस्थ समुदाय के लिए एकजुट होने और अपनी ताकत प्रदर्शित करने का एक ऐतिहासिक अवसर होगा।

कायस्थ समुदाय की उत्पत्ति भगवान चित्रगुप्त से मानी जाती है, जिन्हें यमराज के खाताधारक के रूप में पूजा जाता है, जो मानव कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। सदियों से, कायस्थों ने प्रशासन, कूटनीति, शिक्षा, साहित्य और शासन में केंद्रीय भूमिका निभाई है—प्राचीन भारत के शाही दरबारों से लेकर आधुनिक नौकरशाही और न्यायपालिका तक।

हालांकि इसे उच्च जातियों में वर्गीकृत किया गया है, कई विद्वानों का मानना है कि समुदाय की अद्वितीय पहचान और भूमिका इसे एक स्वतंत्र वर्ण के रूप में स्थापित करती है, जिसकी परंपरा ज्ञान और शासन में निहित है।

डॉ. वर्मा ने भारत के अनुमानित 12 करोड़ कायस्थों से एकजुट होने, एकता प्रदर्शित करने और एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व सामाजिक शक्ति के रूप में उभरने का आह्वान किया, ताकि 2047, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को ‘विश्व गुरु’ (विश्व नेता) के रूप में स्थापित करने में मदद मिले।

इस कार्यक्रम में कवि विष्णु सक्सेना (अध्यक्ष, साहित्यिक प्रकोष्ठ), राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एडवोकेट सुनील निगम, राष्ट्रीय महासचिव मनोज श्रीवास्तव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विवेक कुलश्रेष्ठ, राष्ट्रीय कार्यकारी महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष निशी कुलश्रेष्ठ और संगठन के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।

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सुविधाजनक रेल यात्रा का किफायती विकल्प : अमृत भारत एक्सप्रेस

गोरखपुर 27 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर,2025 को उड़ीसा में आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर बरहमपुर–उधना अमृत भारत एक्सप्रेस को रवाना किया। यह देश की 12वीं अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन है।

इनमें से 10 अमृत भारत ट्रेनों का परिचालन बिहार से किया जा रहा है। बिहार से तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन शीघ्र प्रारंभ किए जाने की भारतीय रेल की योजना है ।

इस तरह इस माह के अंत तक अमृत भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी जिसका विवरण इस प्रकार है :-  1. दरभंगा-आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्‍सप्रेस 2. सहरसा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्‍सप्रेस 3. राजेन्‍द्रनगर टर्मिनल-नई दिल्‍ली अमृत भारत एक्‍सप्रेस 4. बापूधाम मोतिहारी-आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्‍सप्रेस 5. दरभंगा-गोमतीनगर अमृत भारत एक्‍सप्रेस 6. मालदा टाउन-गोमतीनगर अमृत भारत एक्‍सप्रेस 7. सीतामढ़ी-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस 8. गया-दिल्‍ली अमृत भारत एक्सप्रेस 9. जोगबनी-ईरोड-जोगबनी अमृत भारत एक्सप्रेस 10. सहरसा-छैहरटा (अमृतसर)-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस 11. मालदा टाउन-सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस 12. ब्रह्मपुर-उधना (सूरत) अमृत भारत एक्सप्रेस  13. मुज़फ़्फ़रपुर-चर्लपल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस (परिचालन शीघ्र प्रारंभ होगा) 14. छपरा- दिल्ली (आनन्द विहार टर्मिनल) अमृत भारत एक्सप्रेस (परिचालन शीघ्र प्रारंभ होगा) 15. दरभंगा-मदार (अजमेर) अमृत भारत एक्सप्रेस (परिचालन शीघ्र प्रारंभ होगा) अमृत भारत एक्सप्रेस ने यात्रियों एवं विशेषकर मध्यम वर्ग का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया है।

वस्तुतः अमृत भारत एक्सप्रेस अमृत काल की एक विशेष सौगात है, जिसके माध्यम से आम लोगों को प्रति हजार किलोमीटर ₹500 से कम किराए में ही गैर वातानुकूलित श्रेणी में विश्व स्तरीय यात्रा सुविधा प्रदान की जा रही हैं। भारतीय रेल के यात्रियों के लिए यह एक शानदार एवं विशिष्ट सुविधा है।

अमृत भारत एक्सप्रेस एक ऐसी ट्रेन है, जो यात्रियों की अत्याधुनिक सुविधाओं और किफायती यात्रा की नई परिकल्पना का प्रतीक है। इस ट्रेन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी डिज़ाइन और सुविधाएं हैं।

यह स्वदेशी ट्रेन आत्मनिर्भर भारत की भावना को और मजबूत करती है। इसकी पहचान तीन पहलुओं में निहित है – यात्रियों हेतु उन्नत यात्रा सुविधा, ऊर्जा की बचत और पर्यावरण के प्रति सजगता। यही कारण है कि यह ट्रेन देश के बदलते स्वरूप की झलक पेश करती है।

अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि वंदे भारत और नमो भारत के बाद एक और आधुनिक ट्रेन देश को मिली है। इस नई ट्रेन का नाम अमृत भारत ट्रेन रखा गया है।

वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत ट्रेनों की यह त्रिशक्ति भारतीय रेल का कायाकल्प करने जा रही है, जो अब चरितार्थ हो रही है।तकनीकी दृष्टि से भी अमृत भारत एक्सप्रेस अत्यंत सुरक्षित है।

कवच सिस्टम से युक्त इस ट्रेन में सेमी ऑटोमैटिक कपलर, क्रैश ट्यूब और ईपी-असिस्टेड ब्रेक सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में तुरंत ब्रेक लग सके। सभी कोच पूरी तरह से सील्ड गैंगवे और वैक्यूम एवैक्यूएशन सिस्टम से लैस हैं।

पहली बार नॉन-एसी कोच में फायर डिटेक्शन सिस्टम की सुविधा दी गई है, जो यात्रियों की सुरक्षा में क्रांतिकारी कदम है। इसके अलावा टॉकबैक यूनिट और गार्ड रूम में रिस्पॉन्स यूनिट सुरक्षा को और मजबूत बनाते हैं।

यात्रा के दौरान आराम का विशेष ख्याल रखा गया है। ट्रेन में सेमी ऑटोमैटिक कपलर का उपयोग किया गया है, जिससे कोच जोड़ते या अलग करते समय झटका या शोर नहीं होता। डिफॉर्मेशन ट्यूब दुर्घटना की स्थिति में झटका कम कर देती है। पुश–पुल तकनीक इसकी रफ्तार बढ़ाने में मदद करती है।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोचों में कई आधुनिक फीचर जोड़े गए हैं। इसमें फोल्डेबल स्नैक्स टेबल, मोबाइल होल्डर, बॉटल होल्डर, रेडियम फ्लोर स्ट्रिप्स, आरामदायक सीटें और बेहतर बर्थ सम्मिलित हैं।

हर शौचालय में इलेक्ट्रो–न्यूमेटिक फ्लशिंग प्रणाली, ऑटोमैटिक सोप डिस्पेंसर और फायर सप्रेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

इस ट्रेन में दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, हर यात्री के लिए फास्ट चार्जिंग पोर्ट और पेन्ट्री कार जैसी सुविधाएं यात्रा को और सुखद बनाती हैं।

अमृत भारत एक्सप्रेस उस सोच की परिचायक है, जो दर्शाती है कि अब देश की संरक्षित रेल यात्रा आधुनिक सुविधाओं और किफायती दरों के साथ एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है।

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कांग्रेस नेता पर 1 अरब 24 करोड़ का महा-जुर्माना, अवैध खनन पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

पन्ना ,27  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अवैध खनन के खिलाफ एक ऐतिहासिक फैसले में, पन्ना कलेक्टर न्यायालय ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता पर 1 अरब 24 करोड़ रुपए से अधिक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री और मेसर्स डायमंड स्टोन क्रेशर के मालिक श्रीकांत दीक्षित को गुनौर तहसील के बिलघाड़ी में स्वीकृत क्षेत्र से कई गुना अधिक पत्थर का अवैध खनन करने का दोषी पाया गया है।

उपसंचालक खनिज प्रशासन और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (गुन्नौर) की एक संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला सुनाया गया है।

जांच में यह खुलासा हुआ कि श्रीकांत दीक्षित की फर्म ने 2 लाख 72 हजार 298 घन मीटर पत्थर का अवैध उत्खनन किया, जबकि रॉयल्टी सिर्फ 99 हजार 300 घन मीटर की ही चुकाई गई थी। इस तरह करोड़ों रुपए की रॉयल्टी चोरी कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।

कलेक्टर न्यायालय ने अपने आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि मामले में कांग्रेस नेता को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने लगातार आदेशों की अवमानना की और मामले को लंबित रखने की हर संभव कोशिश की। न्यायालय ने माना कि दीक्षित को यह ज्ञात था कि उनके पास अपने बचाव के लिए कोई पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य नहीं हैं।

यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि श्रीकांत दीक्षित अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर पन्ना से भोपाल तक अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं और बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर रहे हैं।

कलेक्टर न्यायालय ने उपसंचालक खनिज प्रशासन को यह निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि (1,24,55,85,600) कांग्रेस नेता से वसूलकर तत्काल शासकीय कोष में जमा कराई जाए। इस फैसले को प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

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एक भी बख्शा नहीं जाएगा बरेली हिंसा पर CM योगी का बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार

बरेली  ,27  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसक झड़पों और पथराव के मामले में योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है।

पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार तड़के हुई इस कार्रवाई के बाद मौलाना को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें बरेली से सीतापुर जेल स्थानांतरित किया जा रहा है।

शुक्रवार को दिनभर चले बवाल के बाद पुलिस ने देर रात कार्रवाई तेज कर दी थी। शनिवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को हिरासत में लेकर उनका मेडिकल परीक्षण कराया और इसके ठीक एक घंटे बाद सुबह छह बजे उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इस हिंसा के दौरान हुए पथराव में  पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौलाना के सात अन्य समर्थकों को भी गिरफ्तार किया है।

बरेली में कानून-व्यवस्था बिगडऩे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह आला अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने उपद्रवियों से सख्ती से निपटने का आदेश देते हुए कहा, एक भी उपद्रवी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी कार्रवाई होगी कि अराजकता फैलाने वाले दोबारा सोचेंगे भी नहीं।

सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा, दशहरा बुराई और आतंक के दहन का पर्व है। उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा कभी इस गलती की सोच भी न सकें। यही सही समय है, उपद्रवियों पर निर्णायक कार्रवाई की जाए।

बताया जा रहा है कि कानपुर के एक मामले को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कोतवाली के खलील तिराहे से बवाल शुरू हुआ। देखते ही देखते शहर के कई इलाकों में भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मौलाना तौकीर रजा का नाम विवादों में पहली बार नहीं आया है। वह 2010 में बरेली में हुए भीषण दंगे के भी आरोपी हैं, हालांकि यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है। हाल ही में ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर भी उन्होंने जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर विवादित बयानबाजी की थी।

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रांची पुलिस की अपील….

राँची पुलिस

दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित, और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए राँची पुलिस आप सभी से सहयोग की अपेक्षा करती है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर विधि-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। आपसे अनुरोध हैं कि इन निर्देशों का पालन कर राँची को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण रखें।
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•  दुर्गा पूजा के दौरान सभी नागरिकों से अनुरोध है कि आपसी भाईचारे को बनाए रखें। किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वाली गतिविधियों से बचें और सौहार्दपूर्ण वातावरण का समर्थन करें।सोशल मीडिया पर भ्रामक, तथ्यहीन या आपत्तिजनक पोस्ट, फोटो, वीडियो, और संदेशों को साझा करने से पूरी तरह बचें। ग्रुप एडमिन भी सुनिश्चित करें कि उनके ग्रुप में किसी प्रकार की गलत जानकारी या आपत्तिजनक सामग्री साझा न हो। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और ऐसी जानकारी प्राप्त होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

•  किसी भी प्रकार की गलत सूचना या अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध राँची पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए ज़िम्मेदारी से सोशल मीडिया का उपयोग करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।

•  शहर में किसी भी प्रकार के डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जाएगा, बल्कि सार्वजनिक शांति भी बनी रहेगी। सभी नागरिक इस नियम का सख्ती से पालन करें।

•  पंडाल भ्रमण के दौरान अपने बच्चों के पॉकेट में अभिभावक का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखकर अवश्य डाल दें।

•  अपनी गाड़ी को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही पार्क करें। शराब व नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन न चलायें

•  किसी भी असामाजिक गतिविधि, अफवाह, या अप्रिय घटना के बारे में जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आप कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8987790664, 8987790619 पर संपर्क कर सकते हैं या 112 पर कॉल कर सकते हैं। आप राँची पुलिस के ट्विटर अकाउंट (@ranchipolice) या फेसबुक पेज (Ranchi police) पर भी सूचना साझा कर सकते हैं।

                                                                                                      निवेदक 

                                                                                                      वरीय पुलिस अधीक्षक

                                                                                                  रांची

राँची पुलिस सदैव आपकी सेवा में तत्पर

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ओसीसी क्लब पण्डाल का शुभारंभ

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो कर दीप प्रज्वलित कर पंडाल का शुभारंभ किया

“ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और समन्वय को भी बढ़ावा देते हैं:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,27.09.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 26 सितंबर 2025 को ओसीसी क्लब पण्डाल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो कर दीप प्रज्वलित कर पंडाल का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री उत्कर्ष कुमार, पूजा समिति के सभी सदस्यों सहित गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह का आयोजन ओसीसी क्लब परिसर में किया गया, जहाँ पण्डाल को भव्य और आकर्षक ढंग से सजाया गया था। समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और मंत्रोच्चार के साथ हुई।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने पूजा समिति के प्रयासों की सराहना की और इस आयोजन को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और समन्वय को भी बढ़ावा देते हैं।”

अपर जिला दंडाधिकारी श्री राजेश्वर नाथ आलोक ने विधि-व्यवस्था के महत्व पर जोर देते हुए सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण और सुरक्षित उत्सव मनाने की अपील की।

अनुमंडल पदाधिकारी श्री उत्कर्ष कुमार ने भी आयोजन की सफलता के लिए पूजा समिति को बधाई दी और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

पूजा समिति के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए पण्डाल की थीम और तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का पण्डाल स्थानीय कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी प्रोत्साहित करता है। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।

जिला प्रशासन ने इस उत्सव के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक प्रबंध किए है। उपायुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि उत्सव निर्बाध और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।

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लद्दाख हिंसा के बाद सोनम वांगचुक गिरफ्तार, सरकार ने लगाया था प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप

नईदिल्ली,26 सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लेह पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर अज्ञात जगह पर ले गई है।

आज वांगचुक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, इससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 80 से ज्यादा घायल हुए थे।

सरकार द्वारा हिंसा का जिम्मेदार ठहराए जाने पर वांगचुक ने कहा था कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा था, वे किसी को बलि का बकरा बनाने की चालाकी कर सकते हैं, लेकिन वे बुद्धिमान नहीं हैं।

फिलहाल हमें चतुराई की बजाय बुद्धिमत्ता की जरूरत है, क्योंकि युवा पहले से ही निराश हैं। मैं जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन वांगचुक को आजाद रखने के बजाय जेल में डालने से समस्याएं और बढ़ सकती हैं।

लद्दाख में हिंसा के बाद से ही वांगचुक सरकार के निशाने पर हैं। पहले गृह मंत्रालय ने कहा था कि वांगचुक ने अपने भड़काऊ बयानों के माध्यम से भीड़ को उकसाया और अरब स्प्रिंग शैली के विरोध प्रदर्शनों और नेपाल में जेन-जेड के विरोध प्रदर्शनों का भड़काऊ उल्लेख करके लोगों को गुमराह किया।

कल ही सरकार ने वांगचुक के एनजीओ का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम ( एफसीआरए) लाइसेंस रद्द कर दिया था।

वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। हिंसा के बाद से लगातार तीसरे दिन आज कर्फ्यू लगा हुआ है। स्कूल-कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थान भी बंद हैं।

प्रशासन ने लेह में आईटीबीपी, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को भारी संख्या में तैनात किया है। एक एफआईआर दर्ज की गई है और 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

लद्दाख के लेह में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा दफ्तर और पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। ये लोग बीते लंबे समय से लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने को लेकर वांगचुक के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे थे। 24 सितंबर को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान 4 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक घायल हुए थे।

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन हो रहे हैं। वांगचुक कई मांगों को लेकर 15 दिनों से आमरण अनशन पर थे।

बुधवार को छात्रों और स्थानीय लोगों ने लेह में उनकी मांगें पूरी नहीं करने के विरोध में बंद बुलाया था। इसी दौरान हिंसा भड़क गई थी। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय और सीआरपीएफ वाहन में आग लगा दी थी।

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज की राहुल गांधी की याचिका, सिखों की धार्मिक स्वतंत्रता पर बयान का मामला

प्रयागराज ,26  सितंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने यह याचिका वाराणसी की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट के 21 जुलाई 2025 के आदेश के खिलाफ दायर की थी।

दरअसल, वाराणसी की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सिख समुदाय पर उनके कथित बयान के खिलाफ निगरानी याचिका को स्वीकार किया था। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन उन्हें वहां से भी झटका लगा। जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने शुक्रवार दोपहर दो बजे उनकी याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि सितंबर 2024 में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान वाशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने सिख समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों को अपनी आस्था (जैसे पगड़ी और कृपाण) का अभ्यास करने की आजादी नहीं है, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। राहुल गांधी को इस बयान के कारण भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में सिख समुदाय से जुड़े लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने की आजादी नहीं है, न ही उन्हें पगड़ी पहनने दी जा रही है और न ही गुरुद्वारे में जाने दिया जा रहा है।

वरिष्ठ वकील और वाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान को भड़काऊ बताते हुए वाराणसी के सारनाथ थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन वहां मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट में आवेदन दायर किया। हालांकि, 28 नवंबर 2024 को एसीजेएम कोर्ट ने मिश्रा की याचिका को खारिज कर दिया था।

इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने वाराणसी सत्र न्यायालय (एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट) में निगरानी याचिका दायर की, जिसे विशेष न्यायाधीश ने 21 जुलाई 2025 को स्वीकार कर लिया और एसीजेएम को मामले की पुन: सुनवाई का निर्देश दिया। राहुल गांधी ने इसी आदेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया।

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शिव की नगरी काशी में नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता का विशेष पूजन, मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

वाराणसी 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा का विधान है। शिव की नगरी वाराणसी में स्कंदमाता का मंदिर जैतपुरा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध मां बागेश्वरी देवी मंदिर परिसर में है। मान्यता है कि यहां स्कंदमाता और बागेश्वरी माता के दर्शन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

स्कंदमाता, जो भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजी जाती हैं। यहां भक्त एक साथ मां के गौरी स्वरूप (बागेश्वरी) और दुर्गा स्वरूप (स्कंदमाता) के दर्शन करने आते हैं।

स्कंदमाता ज्ञान और विवेक की देवी हैं। उनके दर्शन से विशेषकर पढ़ाई में कमजोर बच्चों को बुद्धि, यश और सफलता की प्राप्ति होती है। साथ ही, संतान सुख से वंचित लोगों के लिए भी मां के दर्शन शुभ माने जाते हैं।

स्थानीय भक्त सुधा, जो 26 वर्षों से इस मंदिर में आ रही हैं, उन्होंने बताया, “पंचमी के दिन स्कंदमाता की पूजा का विशेष महत्व है। मैंने देखा है कि कई महिलाएं अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पर आती हैं और उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि में यहां सुबह 11 बजे के बाद भक्तों की भीड़ बढ़ जाएगी।”

मंदिर के महंत गोपाल मिश्र ने बताया, “इस मंदिर का नाम स्कंदमाता मंदिर और मां बागेश्वरी देवी मंदिर है। आज नवरात्रि का पांचवां दिन है। यहां पर स्कंदमाता अपने पुत्र बाल कार्तिकेय को गोद में लेकर विराजमान हैं।

उनके साथ मां बागेश्वरी के भी दर्शन किए जाते हैं। यह मंदिर कई साल पुराना है। मां बागेश्वरी का पट वर्ष में केवल एक बार, नवरात्रि के पांचवें दिन खुलता है। मां बागेश्वरी को मां सरस्वती का स्वरूप भी माना जाता है।”

महंत ने आगे बताया कि मां बागेश्वरी और स्कंदमाता के दर्शन का विशेष महत्व है। जो लोग संतान सुख, बोलने, चलने या पढ़ने-लिखने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह दर्शन अत्यंत शुभ है।

एक अन्य भक्त शशि ने कहा, “मां बागेश्वरी के दर्शन युगों-युगों से होते आ रहे हैं। मैं नवरात्रि के नौ दिन व्रत रखती हूं, लेकिन पंचमी के दिन मां के दर्शन के लिए यहां आना अनिवार्य है। यह मंदिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।”

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प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, योगदान को किया याद

नई दिल्ली 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): देश के पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री, दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को सराहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जन्म-जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि। हम उनके लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान देश के लिए उनके योगदान को याद करते हैं।”

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी डॉ. सिंह के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने कहा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को उनकी जयंती पर याद कर रहे हैं। देश की सेवा में उनके वर्षों को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।”

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह लंबे समय तक राज्यसभा सांसद रहने वाले देश के चुनिंदा नेताओं में शुमार थे। वह लगभग 33 साल तक राज्यसभा सांसद रहे। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में नई वित्तीय और प्रशासनिक सुधारों की शुरुआत की। वर्ष 1991 में वह पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने थे। उसी साल वह 1991 से 1996 तक तत्कालीन नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे।

साल 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत के बाद उन्होंने 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने यूपीए-1 और 2 में प्रधानमंत्री का पद संभाला। मनमोहन सिंह ने पहली बार 22 मई 2004 और दूसरी बार 22 मई, 2009 को प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली थी।

डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को पश्चिमी पंजाब के गाह में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। उनके पिता का नाम गुरमुख सिंह और मां का नाम अमृत कौर था।

उन्होंने 1952 और 1954 में पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और मास्टर्स की डिग्री हासिल की। एमए इकोनॉमिक्स में वह यूनिवर्सिटी टॉपर रहे थे। उन्होंने 1957 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अपना इकोनॉमिक्स ट्रिपोस पूरा किया। इसके बाद उन्होंने साल 1962 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डी.फिल. की डिग्री हासिल की।

डॉ. मनमोहन सिंह 1976 से 1980 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे थे। अप्रैल 1980 से सितंबर 1982 तक वह योजना आयोग के सदस्य सचिव रहे। सितंबर 1982 से जनवरी 1985 तक वह एक बार फिर रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे।

जनवरी 1985 से जुलाई 1987 तक वह योजना आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर रहे। इसके बाद वह 1987 से 1990 तक जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री के सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष के पदों पर भी काम किया।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। साल 1987 में पद्म विभूषण, साल 1993 में वित्त मंत्री के लिए यूरो मनी पुरस्कार, 1993 और 1994 में वित्त मंत्री के लिए एशिया मनी पुरस्कार और 1995 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस का जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी पुरस्कार शामिल है।

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ओडिशा के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भुवनेश्वर 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ओडिशा के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की। मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है।

मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार पश्चिमी ओडिशा के बलांगीर, बरगढ़ और नुआपाड़ा जिलों में विशेष रूप से खराब मौसम की संभावना है। इसके अलावा, चेतावनी का दायरा बढ़ाते हुए बालेश्वर, भद्रक, कटक, ढेंकेनाल, जगतसिंहपुर, जाजपुर, केंद्रापड़ा, क्योंझर, खोरधा, मयूरभंज, नबरंगपुर और पुरी जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

आईएमडी ने सभी प्रभावित जिलों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें, सुरक्षित स्थानों में शरण लें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।

विभाग ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को भी सावधान रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की हिदायत दी है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इन जिलों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है, इसलिए लोग सतर्कता बरतें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

इसके अलावा, तेलंगाना में भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। तेलंगाना के सभी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ तूफान आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

आदिलाबाद, कोमुरम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, निर्मल, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, महबुबाबाद, वारंगल और हनुमाकोंडा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, निजामाबाद, जगतियाल, राजन्ना सिरसिला, करीमनगर, खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापिट, जनगांव, सिद्दीपेट, यादाद्री भुवनगिरी, संगारेड्डी, मेडक, कामारेड्डी और महबूबनगर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

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75 लाख महिलाओं को PM मोदी की सौगात, बैंक खातों में ट्रांसफर होंगे 10-10 हजार रुपये

बिहार 26 Sep,  (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार की महिलाओं को बड़ी सौगात देंगे। *मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना* के तहत राज्य की 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

सुबह 11 बजे वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी वर्चुअली जुड़ेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह योजना बड़ा *गेम चेंजर* साबित हो सकती है। वहीं, विपक्षी आरजेडी ने इस योजना को लेकर सरकार पर तंज कसा है।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्व-रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को वित्तीय सहायता दी जाएगी ताकि वह अपनी पसंद के रोजगार या आजीविका गतिविधियां शुरू कर सके। इससे महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी मिलेगा।

कुल 7,500 करोड़ रुपये का सीधा लाभ

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कुल 7,500 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजेंगे। सरकार का दावा है कि यह पहल महिलाओं को मजबूती प्रदान करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।

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रतन दुबे हत्याकांड: एनआईए ने सीपीआई-एम के दो ऑपरेटिव्स के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

नई दिल्ली 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2023 के रतन दुबे हत्याकांड में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) आतंकी संगठन के दो ऑपरेटिव्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। एनआईए ने शुक्रवार को एक प्रेस रिलीज के माध्यम से इसकी जानकारी दी।

एनआई के मुताबिक, शिवानंद नाग और उनके पिता नारायण प्रसाद नाग पर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एनआईए स्पेशल कोर्ट में दाखिल दूसरे पूरक आरोप-पत्र में आईपीसी एक्ट और यूए(पी) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच में पाया गया कि दोनों रतन दुबे की बेरहमी से हत्या की आपराधिक साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे।

एनआईए की जांच के अनुसार, नाग परिवार सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य था और उनका रतन दुबे से राजनीतिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत दुश्मनी का इतिहास रहा है।

स्थानीय भाजपा नेता रतन दुबे की नवंबर 2023 में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के झराघाटी क्षेत्र के कौशलनार गांव में एक भीड़भाड़ वाले साप्ताहिक बाजार में चुनाव प्रचार के दौरान कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। यह टारगेट किलिंग चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने और स्थानीय लोगों में आतंक फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।

जांच के दौरान एनआईए ने सीपीआई (माओवादी) के पूर्व बस्तर डिवीजन के बयानार एरिया कमिटी और बारसूर एरिया कमेटी के सदस्यों तथा उनके ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) की भूमिका और संलिप्तता का पता लगाया।

एजेंसी ने फरवरी 2024 में केस की जांच अपने हाथ में ली थी और पिछले साल जून में एक आरोपी धन सिंह कोर्राम को चार्जशीट किया था। उसके बाद दिसंबर 2024 में सैनुराम कोर्राम और लालुराम कोर्राम को गिरफ्तार कर चार्जशीट किया गया। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है।

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सोनम वांगचुक के खिलाफ कार्रवाई, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एसईसीएमओएल के एफसीआरए लाइसेंस को किया रद्द

नई दिल्ली 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एसईसीएमओएल) के एफसीआरए लाइसेंस को रद्द कर दिया। सोनम वांगचुक से यह संस्था जुड़ी है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि एसईसीएमओएल (जिसे आगे ‘एसोसिएशन’ कहा गया है) को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण प्रमाणपत्र संख्या 152710012आर जारी कर पंजीकरण दिया गया था, ताकि सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विदेशी अंशदान (जिसे आगे ‘एफसी’ कहा गया है) प्राप्त किया जा सके।

इस एसोसिएशन को 20 अगस्त को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा गया था, जिसके बाद 10 सितंबर को ईमेल भेजी गई थी, जिसमें अधिनियम की धारा 14 के तहत संगठन के एफसीआरए पंजीकरण को रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए, इस बारे में कारण बताने को कहा गया था।

बताओ नोटिस के जवाब में एसोसिएशन ने 19 सितंबर को ईमेल के माध्यम से अपना जवाब दिया। एसोसिएशन के जवाब की जांच की गई, जिसमें पाया गया है कि संगठन ने एफसीआरए का उल्लंघन किया। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान सोनम वांगचुक ने अधिनियम की धारा 17 के उल्लंघन में एसोसिएशन के एफसीआरए खाते में 3.5 लाख रुपए जमा किए।

इस पर संगठन ने जवाब दिया कि 3,35,000 रुपए की राशि एफसीआरए खाते में इसलिए जमा की गई थी, क्योंकि यह 14 जुलाई 2015 को खरीदी गई पुरानी बस की बिक्री से प्राप्त राशि थी। मंत्रालय ने टिप्पणी की कि एफसीआरए फंड से खरीदी गई किसी भी संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि को दिशानिर्देशों के अनुसार केवल एफसीआरए खाते में जमा किया जाना चाहिए। एसोसिएशन का जवाब उचित नहीं है।

एफसी-4 के कॉलम 2(ii)(ए) में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए यह उल्लेख है कि सोनम वांगचुक से 3,35,000 रुपए की विदेशी सहायता प्राप्त हुई थी।

हालांकि, संस्था ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि यह राशि एफसीआरए फंड से खरीदी गई पुरानी बस की बिक्री से प्राप्त हुई है, लेकिन संस्था के एफसीआरए खाते में इतनी राशि का क्रेडिट एंट्री नहीं है। ऐसा लगता है कि यह राशि अधिनियम के सेक्शन 17 के उल्लंघन में नकद में प्राप्त हुई है, जिसे एसोसिएशन ने अपने जवाब में ठीक से नहीं बताया है।

इसके अलावा, एसोसिएशन ने एफसी-4 में सोनम वांगचुक से 3,35,000 रुपए की विदेशी सहायता का उल्लेख किया है। हालांकि, यह लेनदेन अधिनियम के सेक्शन 18 के उल्लंघन में एफसीआरए खाते में दर्ज नहीं है। वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान तीन व्यक्तियों (प्रत्येक 18,200 रुपए) ने अधिनियम के सेक्शन 17 के उल्लंघन में एसोसिएशन के एफसीआरए खाते में 54,600 रुपए का स्थानीय फंड जमा किया।

इस पर एसोसिएशन ने जवाब दिया कि 54,600 रुपए की राशि, जिसे स्थानीय फंड के रूप में दिखाया गया है (तीन अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा 18,200 रुपए प्रत्येक), स्वयंसेवकों के भोजन और आवास के लिए प्राप्त हुई थी। हालांकि, यह राशि गलती से स्थानीय खाते के बजाय हमारे एफसीआरए खाते में ट्रांसफर हो गई।

हमारी वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय स्वयंसेवक अपना योगदान स्थानीय खाते में और विदेशी स्वयंसेवक एफसीआरए खाते में ट्रांसफर करें। इन निर्देशों के बावजूद, स्वयंसेवकों ने गलती से गलत खाते में भेज दिया।

मंत्रालय की टिप्पणी के अनुसार, जैसा कि एसोसिएशन ने स्वीकार किया है, स्थानीय फंड अधिनियम के सेक्शन 17 के उल्लंघन में एफसीआरए खाते में जमा किया गया था।

वित्तीय वर्ष 2021-22 के वार्षिक रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस संस्था ने विदेशी दानदाताओं से अधिनियम के सेक्शन 12(4)(एफ)(i) का उल्लंघन करते हुए नीचे दिए गए विवरण के अनुसार 4,93,205/- रुपए की राशि प्राप्त की है।

इस पर संस्था ने कहा कि हमें फ्रेम्स्टिडजॉर्डन से 4,93,205 रुपये मिले थे, जो एफई प्रोजेक्ट के तहत युवाओं के लिए शिक्षा कार्यक्रम के लिए था। इस पैसे का इस्तेमाल अलग-अलग वर्कशॉप और ट्रेनिंग के माध्यम से युवाओं में माइग्रेशन, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, खाद्य सुरक्षा और संप्रभुता और जैविक खेती जैसे मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने के लिए किया गया था।

यह फंड संस्था के उद्देश्यों के अनुसार और निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही इस्तेमाल किया गया था। इसलिए, ये सभी गतिविधियां शैक्षिक थीं और कोई उल्लंघन नहीं हुआ।

मंत्रालय की टिप्पणी के मुताबिक, संस्था ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि दान देने वाले संगठन ने देश की संप्रभुता और कुछ अन्य विषयों पर अध्ययन के लिए दान दिया था और यह फंड विदेशी दानदाताओं के उद्देश्यों के अनुसार ही खर्च किया गया था। देश की संप्रभुता पर अध्ययन के लिए विदेशी योगदान स्वीकार नहीं किया जा सकता।

संगठन का यह कार्य देश के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और अधिनियम के सेक्शन 12(4)(एफ)(i) का उल्लंघन है। वित्त वर्ष 2021-22 के वार्षिक रिटर्न के अनुसार, संस्था ने अधिनियम के सेक्शन 12(4)(ए)(vi) के तहत पंजीकरण की शर्तों के उल्लंघन में दानदाताओं को 19,600 रुपये वापस कर दिए।

इस पर संगठन ने स्वीकार किया है कि मिस मेघा संघवी से विदेशी दान के रूप में प्राप्त 19,600 रुपए की राशि उसे वापस कर दी गई है। इस पर मंत्रालय ने टिप्पणी की कि कानून में दानदाता को विदेशी धन वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है।

संगठन द्वारा दानदाता को विदेशी धन वापस करना, व्यक्तिगत लाभ के लिए इसका इस्तेमाल करने या कानून की धारा 8(1)(ए) के तहत पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इसे अनुचित उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने की संभावना है।

एसईसीएमओएल द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 के लिए दाखिल वार्षिक रिटर्न के अनुसार, उसे 79,200 रुपए का विदेशी योगदान प्राप्त हुआ है, लेकिन यह एफसीआरए बैंक खाते में जमा नहीं किया गया है। संदेह है कि यह धन कानून की धारा 17 का उल्लंघन करते हुए स्थानीय बैंक खातों में जमा किया गया है।

इस पर संस्था ने जवाब दिया कि 79,200 रुपए की राशि कर्मचारियों के वेतन और फेलो के भत्ते से सीधे काट ली गई थी, इसलिए कोई अलग लेनदेन नहीं हुआ। चूंकि यह भोजन शुल्क के रूप में स्रोत पर ही काट लिया गया था, इसे लेखा पुस्तकों में भोजन शुल्क के रूप में दर्ज किया गया और उसी राशि का उपयोग भोजन खर्च के लिए किया गया।

इस पर मंत्रालय ने कहा कि संस्था द्वारा स्पष्ट किया गया है कि 79,200 रुपए की राशि कर्मचारियों के वेतन से सीधे काट ली गई थी, इसका मतलब है कि यह राशि कर्मचारियों को कभी वितरित नहीं की गई और इसलिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए एफसी-4 के कॉलम 2(i)(बी)(ii) में इसे प्रोजेक्ट, गतिविधियों से अन्य प्राप्तियों के रूप में दिखाना गलत है।

इससे पता चलता है कि संगठन का लेखा-व्यवस्था ठीक नहीं है। एफसी-4 में इस राशि को प्राप्त राशि के रूप में बताना अधिनियम के सेक्शन 18 और 19 का उल्लंघन है।

इस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एसईसीएमओएल को जारी एफसीआरए पंजीकरण प्रमाणपत्र संख्या 152710012आर को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। वहीं, लेह जिला मजिस्ट्रेट ने एसईसीएमओएल के डायरेक्टर सोनम वांगचुक को पत्र लिखा और उनके एनजीओ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।

पत्र में कहा गया है कि आप (सोनम वांगचुक) जोनल एजुकेशन ऑफिस जैसे प्रशासनिक कार्यालयों को दरकिनार करके सरकारी कर्मचारियों का मनोबल गिरा रहे हैं, अशोभनीय भाषा और टिप्पणियों का प्रयोग कर रहे हैं।

विभाग और उसके कर्मचारियों पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। आप सरकार को बकाया राशि दिए बिना 200 कनाल जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए हैं। आप विदेशी योगदान अधिनियम के प्रावधानों का दुरुपयोग कर रहे हैं और विदेशी योगदान से प्राप्त धन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

पत्र में आगे लिखा गया है कि चीन और अन्य जगहों पर आपके ऐसे संबंध हैं जो देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं या किए गए हैं।

आप (सोनम वांगचुक) समय-समय पर नकारात्मक टिप्पणियों और गंभीर परिणामों की धमकी देकर काउंसिल और जिला प्रशासन को धमका रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति भंग हो रही है।

ये सभी आरोप बहुत गंभीर हैं और क्षेत्र के प्रशासन और शांति के लिए गंभीर खतरा हैं। आपको यह नोटिस दिया जाता है कि आपके एनजीओ और व्यक्तिगत रूप से आपके खिलाफ इन सभी मामलों में कार्रवाई की जाएगी ताकि क्षेत्र में किसी भी गड़बड़ी को रोका जा सके।

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बेइज्जती करनी थी, कर दी’…शादी के बाद बंदूक की नोक पर अपनी ही बेटी को उठा ले गए

लखनऊ 26 Sep,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): लखनऊ में एक युवक के साथ धोखेबाजी और फिर उसकी पत्नी के अपहरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने पहले अपनी बेटी का रिश्ता तय किया, शादी के कार्ड छपवाए, लेकिन तिलक के दिन फोन पर यह कहकर रिश्ता तोड़ दिया कि ‘तुम्हारी बेइज्जती करनी थी, कर दी।’

इसके बाद जब प्रेमी जोड़े ने भागकर शादी कर ली, तो लड़की के घरवाले बंदूक की नोक पर उसे उठा ले गए। पीड़ित पति तीन महीने तक पुलिस के चक्कर काटता रहा, जिसके बाद अब कोर्ट के आदेश पर अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ है।

यह पूरी कहानी लखनऊ के रहने वाले ऋषिकेश पांडे और बाराबंकी की मुस्कान तिवारी की है। जानकारी के मुताबिक, दोनों प्रेम विवाह कर रहे थे, जिसमें दोनों के परिवार भी सहमत थे।

पिछले साल 25 नवंबर को तिलक और 9 दिसंबर को शादी की तारीख पक्की हुई थी। सारे मेहमानों को न्योते भी बांटे जा चुके थे।

पीड़ित ऋषिकेश ने बताया कि जब तिलक की रस्म की तैयारियां चल रही थीं, तभी मुस्कान के जीजा सूरज तिवारी का फोन आया। उसने कहा, “यह शादी नहीं होगी, कार्ड तो तुम्हें बेवकूफ बनाने और बेइज्जत करने के लिए छपवाए थे।”

अगले दिन जब ऋषिकेश, मुस्कान के घर पहुंचा तो उसने देखा कि उसके पिता अशोक तिवारी, मां सरिता और जीजा सूरज उसे एक कमरे में बंद करके पीट रहे थे।

29 दिसंबर को मुस्कान किसी तरह घर से भागकर ऋषिकेश के पास पहुंची और बताया कि उसे कई दिनों से कैद कर पीटा जा रहा था और उसकी जान को खतरा है। इसके बाद, 30 दिसंबर को दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी की और उसी दिन विवाह का रजिस्ट्रेशन भी करा लिया।

लेकिन उनकी यह खुशी चंद घंटे ही टिक सकी। उसी शाम जब ऋषिकेश कुछ सामान लेने के लिए बाहर गया, तभी मुस्कान के पिता, जीजा और 10-12 अन्य लोग हथियारों के साथ वहां पहुंचे और बंदूक दिखाकर मुस्कान को जबरन गाड़ी में डालकर उठा ले गए।

ऋषिकेश ने उसी रात चिनहट थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने ‘जांच’ का हवाला देकर तीन महीने तक मामला टाल दिया। आला अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो ऋषिकेश ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

अब कोर्ट के सख्त आदेश के बाद चिनहट थाने में मुस्कान के घरवालों के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम मोदी ने की मां स्कंदमाता की उपासना, भक्तों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना

नई दिल्ली 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के पांचवें दिन माता स्कंदमाता की विशेष उपासना का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने माता स्कंदमाता से सभी भक्तों के लिए सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्रार्थना की।

पीएम मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, “नवरात्रि में आज माता के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता की विशेष उपासना होती है। उनसे करबद्ध प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद दें। उनके ममतामयी स्नेह से हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और उमंग का संचार हो।”

प्रधानमंत्री नवरात्रि के पहले दिन से ही रोजाना माता के विभिन्न स्वरूपों की उपासना का उल्लेख सोशल मीडिया के माध्यम से कर रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की एक बेहद खास और भावपूर्ण पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दक्षिण भारत की प्रसिद्ध गायिका पी. सुशीला द्वारा गाया गया भक्ति गीत ‘जय जय देवी दुर्गा देवी’ शेयर किया था।

माता स्कंदमाता को नवरात्रि के पांचवें दिन पूजा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माता स्कंदमाता अपने भक्तों को ममता, शक्ति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

पुराणों के अनुसार, भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। कमल के आसन पर विराजमान होने से इन्हें पद्मासना देवी के नाम से भी जाना जाता है। चार भुजाओं वाली मां स्कंदमाता अभय मुद्रा में अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं और गोद में छह मुख वाले बाल स्कंद को धारण करती हैं। कमल पुष्प लिए यह देवी शांति, पवित्रता और सकारात्मकता की प्रतीक हैं।

मां स्कंदमाता की पूजा से संतान सुख की प्राप्ति होती है और शत्रुओं का नाश होता है। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री होने के कारण इनकी उपासना करने वाला भक्त तेजस्वी और कांतिमय बनता है।

शास्त्रों में इनकी महिमा का वर्णन है कि इनकी भक्ति से भवसागर पार करना सरल हो जाता है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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शौर्य के 6 दशक बाद ‘आसमान का बाज़’ मिग-21 सेवानिवृत्त

जानें अब कौन सा विमान संभालेगा कमान

नई दिल्ली 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारतीय वायुसेना का पहला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान मिग-21, छह दशकों तक देश के आसमान की रक्षा करने के बाद आज यानी शुक्रवार, 26 सितंबर को सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएगा।

इस ऐतिहासिक विमान को विदाई देने के लिए चंडीगढ़ में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया है, जहां वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह खुद मिग-21 के ‘बादल’ फॉर्मेशन को उड़ाकर इस गौरवशाली अध्याय का समापन करेंगे।

1963 में भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हुआ रूस निर्मित मिग-21 अपनी ध्वनि से तेज रफ्तार (मैक 2) और अचूक मारक क्षमता के लिए जाना जाता था।

इसने कई युद्धों में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई और 2019 में पाकिस्तान के अत्याधुनिक F-16 विमान को मार गिराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की थी। इसके सेवानिवृत्त से वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या में अस्थायी रूप से कमी आएगी, लेकिन इसकी जगह लेने के लिए भारत का स्वदेशी ‘तेजस’ पूरी तरह तैयार है।

वायुसेना मिग-21 की जगह धीरे-धीरे स्वदेशी तेजस विमानों को शामिल कर रही है। ‘फ्लाइंग डैगर्स’ और ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ स्क्वाड्रन के बाद अब जल्द ही तेजस का तीसरा स्क्वाड्रन ‘कोबरा’ भी वायुसेना में शामिल होगा।

इस स्क्वाड्रन को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राजस्थान के एक एयरबेस पर तैनात किया जाएगा, जिससे पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारी और मजबूत होगी।

अगले महीने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अपने नासिक केंद्र से पहले उन्नत तेजस Mk1A विमान को लॉन्च करेगा। यह तेजस का अत्याधुनिक संस्करण है, जो बेहतर रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और उन्नत लड़ाकू क्षमताओं से लैस है।

तेजस Mk1A विमानों के शामिल होने से न केवल वायुसेना का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी बड़ी मदद मिलेगी और विदेशी प्लेटफार्मों पर निर्भरता कम होगी।

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बुजुर्ग पिता के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बेटे को संपत्ति खाली कर वापस लौटाने का आदेश

नई दिल्ली 26 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): सर्वोच्च न्यायालय ने एक 80 वर्षीय पिता को बड़ी राहत देते हुए उनके बेटे को मुंबई स्थित दो संपत्तियों को खाली करने का आदेश दिया है।

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत ट्रिब्यूनल को यह अधिकार है कि वह बुजुर्गों की संपत्ति से उनके बच्चों या रिश्तेदारों को बेदखल करने का आदेश दे सके, अगर वे अपने भरण-पोषण के दायित्व का उल्लंघन करते हैं।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के अप्रैल के फैसले को पलट दिया। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में ट्रिब्यूनल के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें बेटे को पिता की संपत्तियां लौटाने का निर्देश दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 2007 के अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून का उद्देश्य वृद्ध व्यक्तियों की कठिनाइयों को दूर करना और उनकी देखभाल व सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पीठ ने टिप्पणी की, “एक कल्याणकारी कानून होने के नाते, इसके लाभकारी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए इसके प्रावधानों की उदारतापूर्वक व्याख्या की जानी चाहिए।”

न्यायालय ने जोर देकर कहा कि यदि कोई बच्चा या रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिक के भरण-पोषण के अपने दायित्व का उल्लंघन करता है, तो ट्रिब्यूनल को उन्हें संपत्ति से बेदखल करने का आदेश देने का पूरा अधिकार है।

याचिकाकर्ता 80 वर्षीय व्यक्ति हैं और उनकी पत्नी 78 वर्ष की हैं। उन्होंने मुंबई में दो संपत्तियां खरीदी थीं। बाद में वह अपनी पत्नी के साथ उत्तर प्रदेश चले गए और संपत्तियों को अपने बच्चों के पास छोड़ दिया।

उनके बड़े बेटे ने दोनों संपत्तियों पर कब्जा कर लिया और अपने माता-पिता को वहां रहने की अनुमति नहीं दी।

आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद बेटे ने पिता को उन्हीं की संपत्ति से बेदखल कर अपने वैधानिक दायित्वों का उल्लंघन किया।

इसके बाद, बुजुर्ग दंपति ने जुलाई 2023 में भरण-पोषण और संपत्ति वापस पाने के लिए ट्रिब्यूनल में अर्जी दायर की। ट्रिब्यूनल ने बेटे को दोनों संपत्तियां पिता को सौंपने और 3,000 रुपये मासिक भरण-पोषण देने का निर्देश दिया। इस फैसले को अपीलीय ट्रिब्यूनल ने भी बरकरार रखा।

हालांकि, जब बेटा हाई कोर्ट पहुंचा, तो अदालत ने उसकी याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल को संपत्ति खाली कराने का आदेश देने का अधिकार नहीं है। इसी फैसले के खिलाफ 80 वर्षीय पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां अब उन्हें न्याय मिला है।

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अब ओटीटी पर धमाल मचाएगी हॉट और ग्लैमरस अदाकारा मृणाल देशराज

26.09.2025 – ‘इश्कबाज़’, ‘नागिन’, ‘कहीं तो होगा’ जैसे कई सुपरहिट सीरियल्स से टीवी पर अपनी विशिष्ट छवि कायम करने वाली व ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड जीत चुकीं और कई मैगज़ीन कवर रह चुकी हॉट और ग्लैमरस अदाकारा मृणाल देशराज इन दिनों बॉलीवुड में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं।

ग्रे शेड्स की क्वीन कहे जाने वाली मृणाल अपने बोल्ड अंदाज़ और दमदार एक्टिंग से दर्शकों की फेवरेट रही हैं। एक ब्रेक के बाद मृणाल अब अपनी दूसरी पारी की तैयारी कर रही हैं और इस बार उनका निशाना है ओटीटी। अब ओटीटी पर अपने अभिनय कला कौशल के साथ अपने हुस्न का जलवा बिखेरती नजर आएंगी अदाकारा मृणाल देशराज।

थिएटर से शुरुआत करने वाली मृणाल ने परितोष पेंटर के “ये क्या हो रहा है”, ‘अमर, अकबर और टोनी’, विपुल मेहता के ‘हम ले गए तुम रह गए’, रमेश तलवार के ‘डॉ. मुक्ता’ और नादिरा बब्बर के ‘यहूदी लड़की’ जैसे नाटकों से अपने टैलेंट का लोहा मनवाया।

वहीं छोटे पर्दे पर ‘कहीं तो होगा’ की शिप्रा, ‘सुजाता’ की पद्मिनी, ‘डोली सजा के…’, ‘छोटी सी ज़िंदगी’, ‘महाराणा प्रताप’ की महारानी उमादेवी जैसे नेगेटिव रोल्स में छा गईं और फिर ‘इश्कबाज़’ की जाह्नवी ओबेरॉय और ‘नागिन’ की रोहिणी बनकर फैंस के दिलों पर राज किया। स्टाइल और एटीट्यूड में बेमिसाल मृणाल का कहना है कि वह नए प्लेटफॉर्म पर अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाना चाहती हैं।

मृणाल सिर्फ़ कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि फिटनेस और स्पोर्ट्स की दुनिया में भी बेहद एक्टिव हैं। योगा, जिम्नास्टिक, स्क्वैश, लॉन टेनिस, किक बॉक्सिंग, स्विमिंग, रनिंग, स्पिनिंग और हैवी वेट लिफ्टिंग… इन सबमें उनका जलवा देखने लायक है।

यही वजह है कि उनकी फिट और टोंड बॉडी फैंस को हमेशा इंप्रेस करती है। बकौल मृणाल देशराज पैशन और डेडिकेशन ही मेरी ताकत है। काम के पीछे भागो, पैसे के पीछे नहीं, मंज़िल खुद चलकर आपके पास आएगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्ट के शासी परिषद की बैठक

उपायुक्त सह-अध्यक्ष, जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्ट, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

रांची,25.09.2025 – लंबित योजनाओं को समय-सीमा के अन्दर गुणवत्तापूर्ण एवं वित्तीय नियमावली एवं प्राक्कलन के विशिष्टियों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश

राँची जिला अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय एवं CM School of Excellence विद्यालय को प्राथमिकता देने का निर्णय

योजनाओं को DMFT के नई गाईडलाईन के अनुसार उच्च प्राथमिकता एवं अन्य प्राथमिकता के आधार पर चयन करने का सर्वसम्मति से निर्णय

उपायुक्त सह-अध्यक्ष, जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्ट, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक-25 सितंबर 2025 को समाहरणालय सभागार में जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्ट के शासी परिषद, राँची की बैठक आयोजित की गई।

लंबित योजनाओं को समय-सीमा के अन्दर गुणवत्तापूर्ण एवं वित्तीय नियमावली एवं प्राक्कलन के विशिष्टियों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश

उक्त बैठक में DMFT से अभी तक स्वीकृत एवं लंबित योजनाओं की समीक्षा की गई। लंबित योजनाओं को समय-सीमा के अन्दर गुणवत्तापूर्ण एवं वित्तीय नियमावली एवं प्राक्कलन के विशिष्टियों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश संबंधित कार्यकारी एजेंसी को दिया गया।

राँची जिला अन्तर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित पंचायत एवं ग्रामों की सूची की समीक्षा की गई

DMFT के नये गाईडलाईन के अनुसार राँची जिला अन्तर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित पंचायत एवं ग्रामों की सूची की समीक्षा करते हुए नये पंचायतों एवं ग्रामों को प्रत्यक्ष (Direct) एवं अप्रत्यक्ष (Indirect) प्रभावित क्षेत्रों में जोडने के लिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

राँची जिला अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालयों एवं CM School of Excellence विद्यालय को प्राथमिकता देने का निर्णय

वित्तीय वर्ष 2025-26 में DMFT से योजनाओं के चयन में राँची जिला अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय एवं CM School of Excellence विद्यालय को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।

गाईडलाईन के अनुसार उच्च प्राथमिकता

योजनाओं को DMFT के नई गाईडलाईन के अनुसार उच्च प्राथमिकता एवं अन्य प्राथमिकता के आधार पर चयन करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

उक्त बैठक में डा० महुआ मांजी, मा० सांसद (राज्यसभा), राँची, श्री सुरेश कुमार बैठा, मा० विधायक, काँके, मा० सांसद, राँची लोकसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि, मा० सांसद, लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि, मा० सांसद, खूँटी लोकसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि के प्रतिनिधि, मा० सांसद (राज्यसभा), राँची के प्रतिनिधि, मा० विधायक, तमाड़, मांडर, खिजरी के प्रतिनिधि एवं उप विकास आयुक्त, राँची-सह-सदस्य सचिव, श्री सौरभ भुवनिया, जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्ट, राँची, वन प्रमंडल पदाधिकारी, राँची, आरक्षी अधीक्षक, राँची, उप निदेशक खान, सिविल सर्जन, राँची, जिला योजना पदाधिकारी, राँची, जिला खनन पदाधिकारी, राँची, जिला अभियंता, जिला परिषद, राँची, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, राँची, कार्यपालक अभियंता, एन०आर०ई०पी०-1, राँची, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, राँची एवं DMFT PMU के सदस्य उपस्थित थे।

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विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर राँची जिले में 21 से 27 सितंबर 2025 तक पर्यटन जागरूकता अभियान का आयोजन

Rural Immersion & Culturual Celebration Programe के तहत Camping Programe के तहत इच्छुक पर्यटकों के बस को हरी झंडी दिखा कर प्रखण्ड रातू के ग्राम पाली के लिए रवाना किया गया

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं उप- विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया

रांची,25.09.2025 – पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (पर्यटन प्रभाग) तथा जिला प्रशासन, राँची के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर राँची जिले में 21 से 27 सितंबर 2025 तक पर्यटन जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है

यह कार्यक्रम ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय कला-संस्कृति, और प्राकृतिक सौंदर्य को अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा

यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं उप- विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने संयुक्त रूप से Rural Immersion & Culturual Celebration Programe के तहत Camping Programe निर्धारित है, जिसके लिए इच्छुक पर्यटकों को आज दिनांक 25.09.2025 को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखा कर प्रखण्ड रातू के ग्राम पाली के लिए रवाना किया गया।

इस दौरान, जिला नजारत उप समाहर्ता राँची, डॉ. सुदेश कुमार, जिला खेल पदाधिकारी राँची, श्री शिवेंद्र कुमार सिंह एवं सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (पर्यटन प्रभाग) तथा जिला प्रशासन, राँची के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर राँची जिले में 21 से 27 सितंबर 2025 तक पर्यटन जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पर्यटन के प्रति आम जनमानस में जागरूकता बढ़ाना, स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन देना, और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना है।

24 सितंबर 2025: टैगोर हिल में सफाई और योग कार्यक्रम

इसी कड़ी में दिनांक 24 सितंबर 2025 को राँची के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल टैगोर हिल में सफाई अभियान और योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 130 पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सफाई अभियान के माध्यम से पर्यटकों और स्थानीय समुदाय ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाया, वहीं योग कार्यक्रम ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर किया। यह आयोजन पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के बीच सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने में सफल रहा।

25-26 सितंबर 2025: ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु रूरल इमर्शन एंड कल्चरल सेलिब्रेशन प्रोग्राम

विश्व पर्यटन दिवस के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 25 से 26 सितंबर 2025 को रूरल इमर्शन एंड कल्चरल सेलिब्रेशन प्रोग्राम के तहत कैंपिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राँची जिले के रातू प्रखंड के पाली गाँव में आयोजित होगा।

यह कार्यक्रम ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय कला-संस्कृति, और प्राकृतिक सौंदर्य को अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है

यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय समुदायों को पर्यटन के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का भी एक कदम है। कैंपिंग कार्यक्रम के दौरान पर्यटक स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प, और सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आनंद ले सकेंगे, जो झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगा।

हम सब मिलकर झारखंड के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव को विश्व पटल पर उजागर करें

उपायुक्त ने सभी पर्यटकों, स्थानीय निवासियों, और पर्यटन प्रेमियों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया और कहा हम सब मिलकर झारखंड के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव को विश्व पटल पर उजागर करें।

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राँची में मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघन के ई-चालान निष्पादन हेतु दो दिवसीय कैम्प का सफल आयोजन

कैम्प में दो दिनों के दौरान ऑफलाइन मोड में 253 ई-चालान तथा ऑनलाइन मोड में 438 ई-चालान, कुल 691 ई-चालानों का निष्पादन किया गया

परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने इस कैम्प के माध्यम से वाहन चालकों को नियमों का पालन करने और समय पर चालान का निपटारा करने के लिए प्रोत्साहित किया

रांची,25.09.2025 – परिवहन विभाग, झारखण्ड, राँची के निर्देशानुसार, जिला परिवहन कार्यालय, राँची तथा यातायात पुलिस, राँची के संयुक्त तत्वावधान में मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न धाराओं के उल्लंघन के कारण निर्गत ई-चालान के निष्पादन हेतु दिनांक 24 सितम्बर, 2025 एवं 25 सितम्बर, 2025 को दो दिवसीय विशेष कैम्प का आयोजन किया गया।

इस कैम्प में दो दिनों के दौरान ऑफलाइन मोड में 253 ई-चालान तथा ऑनलाइन मोड में 438 ई-चालान, कुल 691 ई-चालानों का निष्पादन किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से कुल 6,66,700.00 रुपये का राजस्व संग्रहण किया गया।

यह पहल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और मोटर वाहन अधिनियम के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने इस कैम्प के माध्यम से वाहन चालकों को नियमों का पालन करने और समय पर चालान का निपटारा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

परिवहन विभाग, झारखण्ड भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों के माध्यम से सड़क सुरक्षा और अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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