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विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर राँची जिले में 21 से 27 सितंबर 2025 तक पर्यटन जागरूकता अभियान का आयोजन

Rural Immersion & Culturual Celebration Programe के तहत Camping Programe के तहत इच्छुक पर्यटकों के बस को हरी झंडी दिखा कर प्रखण्ड रातू के ग्राम पाली के लिए रवाना किया गया

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं उप- विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया

रांची,25.09.2025 – पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (पर्यटन प्रभाग) तथा जिला प्रशासन, राँची के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर राँची जिले में 21 से 27 सितंबर 2025 तक पर्यटन जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है

यह कार्यक्रम ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय कला-संस्कृति, और प्राकृतिक सौंदर्य को अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा

यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं उप- विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने संयुक्त रूप से Rural Immersion & Culturual Celebration Programe के तहत Camping Programe निर्धारित है, जिसके लिए इच्छुक पर्यटकों को आज दिनांक 25.09.2025 को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखा कर प्रखण्ड रातू के ग्राम पाली के लिए रवाना किया गया।

इस दौरान, जिला नजारत उप समाहर्ता राँची, डॉ. सुदेश कुमार, जिला खेल पदाधिकारी राँची, श्री शिवेंद्र कुमार सिंह एवं सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (पर्यटन प्रभाग) तथा जिला प्रशासन, राँची के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर राँची जिले में 21 से 27 सितंबर 2025 तक पर्यटन जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पर्यटन के प्रति आम जनमानस में जागरूकता बढ़ाना, स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन देना, और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना है।

24 सितंबर 2025: टैगोर हिल में सफाई और योग कार्यक्रम

इसी कड़ी में दिनांक 24 सितंबर 2025 को राँची के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल टैगोर हिल में सफाई अभियान और योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 130 पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सफाई अभियान के माध्यम से पर्यटकों और स्थानीय समुदाय ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाया, वहीं योग कार्यक्रम ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर किया। यह आयोजन पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के बीच सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने में सफल रहा।

25-26 सितंबर 2025: ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु रूरल इमर्शन एंड कल्चरल सेलिब्रेशन प्रोग्राम

विश्व पर्यटन दिवस के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 25 से 26 सितंबर 2025 को रूरल इमर्शन एंड कल्चरल सेलिब्रेशन प्रोग्राम के तहत कैंपिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राँची जिले के रातू प्रखंड के पाली गाँव में आयोजित होगा।

यह कार्यक्रम ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय कला-संस्कृति, और प्राकृतिक सौंदर्य को अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है

यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय समुदायों को पर्यटन के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का भी एक कदम है। कैंपिंग कार्यक्रम के दौरान पर्यटक स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प, और सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आनंद ले सकेंगे, जो झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगा।

हम सब मिलकर झारखंड के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव को विश्व पटल पर उजागर करें

उपायुक्त ने सभी पर्यटकों, स्थानीय निवासियों, और पर्यटन प्रेमियों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया और कहा हम सब मिलकर झारखंड के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव को विश्व पटल पर उजागर करें।

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चित्रकूट बन रहा सैलानियों की पहली पसंद

चित्रकूट 02 Aug. (Rns/FJ): चित्रकूट वह पुण्यभूमि है, जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का सर्वाधिक समय (लगभग 11 साल) गुजारा था। विंध्य की पहाड़ियों पर, घने जंगलों और पतित पावनी मंदाकिनी के किनारे बसे चित्रकूट की सुरम्यता का गोस्वामी तुलसीदास रचित महाकाव्य श्रीरामचरितमानस में वर्णन मिलता है। गोस्वामी जी लिखते हैं, ‘राम संग सिय रहति सुखारी। पुर परिजन गृह सुरति बिसारी।’ वनवास के दौरान भाई लक्ष्मण एवं सीता जी के साथ भगवान श्रीराम के चरण जिन-जिन स्थानों पर पड़े, वे सभी स्थान आज भी गुप्त गोदावरी, कामदगिरि पर्वत, भरतकूप, गणेशबाग, सती अनुसुइया आश्रम, राजापुर, धारकुड़ी, जानकीकुंड, रामघाट, भरत मिलाप मंदिर, चित्रकूट जलप्रपात, हनुमान धारा, स्फटिक शिला आदि के रूप में सनातन प्रेमियों के लिए पावन तीर्थ हैं।

प्राकृतिक खबसूरती की वजह से वनवास जैसे कठिन हालात में प्रभु श्रीराम के लिए अयोध्या के राजपाट के वैभव को भुला देने वाले चित्रकूट को मुख्यमंत्री योगी उसी रूप में बनाना चाहते हैं।

प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने बताया कि चित्रकूट का विकास इसकी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए समग्र रूप में कराया जा रहा है। तीर्थ के रूप में इसे संवारा जा रहा है तो पर्यटन की प्राकृतिक व रोमांचकारी सम्भावनाओं को आकार दिया जा रहा। इस क्रम में 5.29 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल रामायण गैलरी एवं वाटर स्क्रीन पर लेजर शो तैयार हो चुका है।

रामायण कॉन्क्लेव के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम (रामलीला मंचन, चित्रकला प्रतियोगिता एवं अन्य कार्यक्रम) भी चित्रकूट में होते हैं। यहां के रामायण मेला को योगी आदित्यनाथ की सरकार ने और भव्यता प्रदान की है। प्रदेश के पर्यटन में वृद्धि के लिए पर्यटन विभाग बुद्धिस्ट सíकट सहित जिन प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए टूअर ऑपरेटर्स के फेम टूअर ट्रिप आयोजित करवाता है उसमें चित्रकूट भी एक है। अगले पांच साल में जिन 5 धार्मिक स्थलों में वैश्विक स्तर की पर्यटन सुविधाएं सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है उनमें अयोध्या, मथुरा, काशी और गोरखपुर के साथ चित्रकूट भी शामिल है। इसका असर यह है कि बीते पांच साल में ही चित्रकूट सैलानियों को खूब भाने लगा है।

29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह घोषणा कर चुके हैं कि शीघ्र ही रानीपुर को प्रदेश के चौथे बाघ संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित करेंगे। रानीपुर पाठा के उस क्षेत्र में आता है जहां कभी डकैतों की बंदूकें गरजती थीं। बाघ संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित होने पर वहां पर्यटकों की बाघों की गर्जना सुनाई देगी।

चित्रकूट में करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से यूपी का पहला टेबल टॉप एयरपोर्ट तैयार है। यह बुंदेलखंड का पहला परिचालन हवाई अड्डा होगा। इसका प्रबंधन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) करेगा। इस बाबत पहले ही यूपी सरकार और एएआई से समझौता हो चुका है। डीजीसीए से लाइसेंस मिलने के बाद यहां से उड़ान योजना के तहत 20 सीटर विमानों की उड़ान भी शुरू हो जाएगी। रोपवे सितंबर 2019 से ही चित्रकूट आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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रांची का रॉक गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हैं

रांची,रांची में रॉक गार्डन शहर के सबसे अधिक देखे जाने वाले स्थानों में से एक माना जाता है। अल्बर्ट अक्का चौक से लगभग 4 किमी दूर स्थित है। यह रॉक गार्डन गोंडा हिल की चट्टानों को काटकर बनाया गया है। इस रॉक गार्डन के अंदर चट्टान की मूर्तियां, झरने और एक झील है और यह जगह पिकनिक के लिए बहुत अच्छी है।यदि आप सुंदर दृश्यों का आनंद लेना चाहते हैं और शहर की भीड़ से दूर शांत समय चाहते हैं, तो रॉक गार्डन एक आदर्श स्थान है

*रॉक गार्डन कैसे पहुँचे –

*बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से रॉक गार्डन की दुरी लगभग 15 किलोमीटर है।

*रॉक गार्डन काँके प्रखंड में अवगत है और यह लगभग राँची रेलवे स्टेशन से 9 किलोमीटर की दुरी पर है।

*रॉक गार्डन खाद गढ़ा बस स्टैंड से लगभग 9.5 किलोमीटर की दुरी पर है।

*रॉक गार्डन – गांधी नगर, रांची, झारखंड