BJP misuses power and robbed votes, democracy in danger Akhilesh Yadav

भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग कर वोटों की डकैती की, लोकतंत्र खतरे में: अखिलेश यादव

लखनऊ 22 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) –  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग कर उपचुनावों में भी वोटों की डकैती की है। उन्होंने कहा कि वोट बनना, वोट बचाना, वोट डलवाना और वोट गिनने तक जनता को सतर्क रहना होगा, तभी लोकतंत्र सुरक्षित रह सकेगा।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा गरीबों का वोट कटवा रही है। वर्ष 2022 में जब समाजवादी पार्टी ने गलत तरीके से काटे गए वोटों पर आवाज उठाई, तो चुनाव आयोग ने पार्टी को नोटिस भेजा था। पार्टी ने वोटर लिस्ट से डिलीट किए गए 18 हजार वोटरों की सूची शपथ पत्र के साथ चुनाव आयोग को भेजी थी, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

जब वोट चोरी और वोट काटने का मामला उठा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि कोई एफिडेविट नहीं मिला। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास हर एफिडेविट की रसीद मौजूद है।उन्होंने कहा कि भाजपा की असलियत अब जनता के सामने आ चुकी है और गरीब जनता भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए संकल्पबद्ध है।

भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को खाद नहीं मिल रही, महिलाओं को खाद के लिए लाइन लगानी पड़ रही है, लेकिन सरकार लाठियां चला रही है। खाद का बड़ा घोटाला हुआ है। जल जीवन मिशन में बजट का जमकर बंदरबांट किया गया, पानी की टंकियां गिर रही हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था चौपट कर दी है, बंद किए गए स्कूल अब तक चालू नहीं हुए। प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त है, हत्या, लूट, बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वृक्षारोपण के सारे आंकड़े फर्जी हैं और सरकार ने पूरी व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।

उन्होंने दावा किया कि व्यवस्था सुधारने का काम समाजवादी पार्टी की सरकार ही कर सकती है।इस अवसर पर नेता विरोधी दल विधानसभा माता प्रसाद पांडेय, सांसद लालजी वर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, पार्टी के सचिव अवधेश सिंह सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

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