हिमाचल में बड़ा हादसा टला : इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकना पड़ा विमान

यात्री रोने लगे; डिप्टी सीएम और डीजीपी भी थे सवार

शिमला ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा टल गया। दिल्ली से शिमला पहुंची एलायंस एयर के एटीआर विमान में लैंडिंग के बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोकना पड़ा।

बताया जा रहा है कि लैंडिंग के बाद विमान की गति कम नहीं हो रही थी। इस विमान में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और पुलिस महानिदेशक (ष्ठत्रक्क) डॉ. अतुल वर्मा भी सवार थे, जो दिल्ली से शिमला लौट रहे थे।

एलायंस एयर का 42 सीटर विमान सुबह दिल्ली से शिमला आता है। इस विमान में चालक दल के सदस्यों सहित कुल 44 यात्री थे। यह विमान दिल्ली-शिमला-धर्मशाला-शिमला-दिल्ली रूट पर उड़ान भरता है। घटना के बाद विमान की अगली तीनों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

डिप्टी  मुकेश अग्निहोत्री ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा, रनवे छोटा पड़ गया या फिर लैंडिंग में कोई दिक्कत आई। अचानक बहुत जोर से ब्रेक लगाए गए, जिसके बाद विमान को एक जगह पर रोका गया। हम करीब 20-25 मिनट तक विमान में ही रहे। पहले हमें कहा गया कि टैक्सी बुलाकर हमें आगे पहुंचाया जाएगा, लेकिन बाद में विमान को वापस पार्किंग में ले जाया गया।

धर्मशाला जाने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि उनके कुछ विधायक भी इसी फ्लाइट से शिमला आने वाले थे, लेकिन अब वे गाडिय़ों से आ रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि तकनीकी खराबी क्या थी, यह तो अथॉरिटी ही बता सकती है, लेकिन उनकी लैंडिंग ठीक नहीं हुई थी और उन्हें कोई अलर्ट भी नहीं दिया गया था।

जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के कार्यवाहक निदेशक केपी सिंह ने बताया, लैंडिंग के समय विमान में तकनीकी खराबी आई थी। यह विमान दिल्ली से जांच के बाद ही उड़ा था। सुबह की उड़ान के समय इसमें कोई खराबी नहीं थी। खराबी की जांच इंजीनियर कर रहे हैं। फिलहाल धर्मशाला की उड़ान रद्द कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, लैंडिंग के बाद रनवे लगभग खत्म होने वाला था, लेकिन विमान की गति कम नहीं होने के कारण वह रनवे के अंतिम छोर तक पहुंच गया था। जब इमरजेंसी ब्रेक लगाए गए, तभी विमान रुक सका।

विमान के अंदर मौजूद कुछ यात्री डर के मारे जोर-जोर से रोने लगे थे। विमान रुकने के बाद भी यात्रियों को लगभग 25 मिनट तक बाहर नहीं निकाला गया। इस घटना से एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

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कैश कांड में घिरे जस्टिस वर्मा से सभी न्यायिक कार्य वापस लिए गए

हाईकोर्ट ने जारी किया सर्कुलर

नई दिल्ली ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कैश कांड के चलते दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक सर्कुलर जारी कर अगले आदेशों तक जस्टिस वर्मा से सभी न्यायिक कार्य वापस ले लिए हैं। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की गई है।

सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ अब किसी भी मामले की सुनवाई नहीं करेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। कोर्ट ने यह भी बताया कि खंडपीठ के कोर्ट मास्टर अब मामलों में नई तारीखें देंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जस्टिस वर्मा से सभी न्यायिक कार्य वापस लेने का निर्देश दिया था। जिसके बाद आज दिल्ली हाई कोर्ट ने यह औपचारिक सर्कुलर जारी किया है।

हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने सीजेआई संजीव खन्ना को जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर लगी आग के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक भी किया था। शीर्ष अदालत द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में जले हुए नोटों की गड्डियां दिखाई दे रही थीं। हालांकि, जस्टिस वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर साजिश की आशंका जताई है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेआई ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में जस्टिस शील नागू, जस्टिस संधावालिया और जस्टिस शिवरमन शामिल हैं। सीजेआई संजीव खन्ना ने पहले ही जस्टिस वर्मा को न्यायिक कार्यों से अलग रहने के लिए कहा था।

बता दें कि 14 मार्च को होली की रात लगभग 11:35 बजे जस्टिस वर्मा के सरकारी बंगले में आग लग गई थी। उस समय वह दिल्ली से बाहर थे। उनके परिवार के सदस्यों ने आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को सूचित किया था। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी पहुंचा था। इस दौरान कथित तौर पर वहां भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। दमकल कर्मियों को एक पूरा कमरा नोटों से भरा मिला था, जिसके बाद यह मामला विवादों में घिर गया।

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ग्रेटर नोएडा के दो सेक्टरों में 36 घंटे से जल आपूर्ति ठप

हजारों लोग परेशान

ग्रेटर नोएडा 24 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । ग्रेटर नोएडा के प्रमुख सेक्टर अल्फा-1 और अल्फा-2 में पिछले 36 घंटों से पानी की आपूर्ति बाधित है, जिससे करीब 20 हजार लोग परेशान हैं। शनिवार देर शाम अल्फा-1 गोल चक्कर के पास गंगाजल पाइपलाइन में लीकेज होने से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया। इसके बावजूद, प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्राधिकरण ने सिर्फ तीन टैंकर पानी भेजकर खानापूर्ति कर दी, जो इस क्षेत्र की 20 हजार की आबादी के लिए बिल्कुल नाकाफी है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शेर सिंह भाटी ने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज हुए 36 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।

वहीं, अल्फा-2 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि प्राधिकरण की लापरवाही के कारण पूरे क्षेत्र में जल संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि सेक्टर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या आए दिन बनी रहती है, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देता।

पाइपलाइन से लगातार पानी बहने के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों से शीघ्र समाधान की मांग की है और कहा है कि अगर जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

प्राधिकरण की ओर से दावा किया गया कि पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन लीकेज ज्यादा होने के कारण काम पूरा होने में समय लग रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने को मजबूर होंगे।

क्षेत्रवासियों ने सीईओ से निवेदन किया है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत करवाई जाए और जलापूर्ति बहाल की जाए। लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा को हाईटेक सिटी कहा जाता है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति यहां किसी गांव से भी बदतर होती जा रही है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देश के बाद अपराधियों के खिलाफ पुलिस एक्शन मोड में

इस साल 29 इनामी अपराधी गिरफ्तार

पटना 24 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देश के बाद पुलिस अपराध के खिलाफ एक्शन मोड में आ चुकी है। बीते कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में पुलिस ने कई बदमाशों का एनकाउंटर किया है, वहीं दर्जनों को गिरफ्तार भी किया गया है।

इस साल जनवरी में एसटीएफ की टीम ने 50-50 हजार के दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। आठ नक्सलियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अब तक कुल 227 अपराधियों को पकड़ा गया है, जिसमें 29 इनामी बदमाश भी शामिल हैं।

राज्य की पुलिस अब साफ कर चुकी है कि जो कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पिछले तीन महीनों में पटना सहित कई जिलों में मुठभेड़ की चार घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें न केवल अपराधियों की धरपकड़ हुई, बल्कि उनके नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है। अररिया, मुंगेर, गया, भोजपुर जैसे जिलों में भी पुलिस की कार्रवाई तेज है।

बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से गठित एसटीएफ, एसओजी और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशनों के जरिए नक्सली और संगठित अपराधियों पर शिकंजा कस दिया गया है।

नक्सली गतिविधियां अब केवल खड़गपुर और छक्कबरबंधा के सीमित पहाड़ी क्षेत्रों तक सिमट गई हैं। पुलिस का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों को भी आगामी तीन महीनों में पूरी तरह उग्रवाद मुक्त कर दिया जाए। इसके लिए झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में अंतरराज्यीय समन्वय के साथ अभियान तेज किया गया है।

इसके अलावा, एसटीएफ द्वारा बनाए गए 15 विशेष ऑपरेशन ग्रुप ने संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रखे हैं। माफिया नेटवर्क, फिरौती गिरोह, हथियार तस्करी और आर्थिक अपराधों के मामलों में सैकड़ों गिरफ़्तारियां हुई हैं।

राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया डिजिटल अपराध डाटाबेस भी पुलिस की कार्रवाई में मददगार साबित हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, टॉप-10 और टॉप-20 अपराधियों की सूची नियमित रूप से अपडेट की जा रही है। जेल में बंद रहते हुए या राज्य से बाहर रहकर अपराध करने वाले अपराधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

ऐसे अपराधियों को प्रश्रय देने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यही नहीं, सरकार अब हथियारों की अवैध तस्करी और गोली के क्रय-विक्रय पर विधिसम्मत नियंत्रण लाने के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी में है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्पष्ट संदेश है कि सुशासन के रास्ते में कोई बाधा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस को फ्री हैंड दिया गया है और अपराध पर काबू पाने के लिए हर आवश्यक संसाधन मुहैया कराया जा रहा है।

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संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देंगे : मायावती

जरूरत पडऩे पर बसपा संघर्ष के लिए तैयार : मायावती

लखनऊ  ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को आरक्षण के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर अपने देश के संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देंगे और जरूरत पडऩे पर बसपा इसके खिलाफ संघर्ष के लिए भी तैयार है।

इसके साथ ही मायावती ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार के 8 साल को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार जनता की उम्मीद के हिसाब से खरी नहीं उतरी है। बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार एक के बाद एक तीन पोस्ट किए।

बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, कांग्रेस, बीजेपी व अन्य किसी भी पार्टी को उनके राजनैतिक स्वार्थ में खासकर आरक्षण को लेकर अपने देश के संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देंगे तथा जरूरत पडऩे पर इसके विरुद्ध बीएसपी संघर्ष के लिए भी तैयार है।

उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, यूपी में बीजेपी सरकार का 8 वर्षों का शासनकाल, जनता की उम्मीद के हिसाब से पूरे तौर से खरा नहीं उतरा है। कानून-व्यवस्था के मामले में तो स्थिति काफी ज्यादा खराब रही है, जिससे जनता काफी दुखी है। इस ओर सरकार जरूर ध्यान दे।

मायावती ने मनुस्मृति को लेकर एक्स पोस्ट में लिखा, मनुस्मृति का बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को पूरा ज्ञान था। उनकी अनुयायी और बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी इसका पूरा ज्ञान है। तभी इस व्यवस्था के विरुद्ध आवाज उठाकर यहां दुखी और पीडि़तों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बीएसपी की स्थापना की गई है, यह भी सर्वविदित है।

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के 8 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले यूपी को बीमारू राज्य माना जाता था। लेकिन, आज यह अर्थ शक्ति बनकर उभरा है। पहले दंगे व आतंक को लोगों ने देखा। पहले यूपी विकास का ब्रेकर माना जाता था। आज वही प्रदेश विकास का उदाहरण बनकर उभरा है। प्रदेश वही है, जनता वही है, सिस्टम वही है, सिर्फ सरकार बदलने मात्र से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की ओर से दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया 

*मुख्यमंत्री ने राज्य की उन्नति, प्रेम-भाईचारा, खुशहाली, बरकत और रहमत की दुआ की

* मुख्यमंत्री ने सभी रोजेदारों को रमजान की दी दिली मुबारकबाद

* दावत-ए-इफ्तार में सभी धर्मों के लोग हुए शामिल

मुख्यमंत्री आवास, रांची,24.03.2025 (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) –  मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की ओर से माह-ए-रमज़ान के मुबारक मौके पर आज मुख्यमंत्री आवास में दावत -ए- इफ्तार का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी रोजेदारों को रमजान की दिली मुबारकबाद दी ।

मौके पर सभी धर्म के लोगों ने एक साथ रोजा इफ्तारी की। दावत -ए- इफ्तार में मुख्यमंत्री के साथ सभी ने राज्य की उन्नति, सुख- समृद्धि, विकास और अमन- चैन के साथ- साथ प्रेम-भाईचारा, खुशहाली, बरकत और रहमत की दुआ की।

दावत- ए -इफ्तार में मंत्री श्री दीपक बिरुवा, श्री चमरा लिण्डा, श्री संजय प्रसाद यादव, श्री रामदास सोरेन, श्री इरफान अंसारी, श्री हफीजुल हसन अंसारी, श्रीमती दीपिका पाण्डेय, श्री सुदिव्य कुमार के अलावे कई विधायकगण, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और वरीय पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में रोजेदार शामिल हुए।

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सनातन धर्म के युवा प्रचारक और वैदिक ज्योतिष के विद्वान : अरिपिराला योगानंद शास्त्री

20.03.2025 – गऊ भारत भारती समाचारपत्र द्वारा आयोजित सर्वोतम सम्मान समारोह में जगत गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नन्द के हाथों ‘सर्वोतम सम्मान’ से सम्मानित किए जाने के बाद से सनातन धर्म के युवा प्रचारक और वैदिक ज्योतिष के विद्वान अरिपिराला योगानंद शास्त्री इन दिनों काफी चर्चा में हैं।

वैसे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को संजोए रखने वाले सनातन धर्म के प्रचार में कई व्यक्तित्व अपना योगदान दे रहे हैं। परन्तु मात्र 11 वर्ष की उम्र में महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी से पीएचडी प्राप्त करने वाले योगानंद शास्त्री उन सभी धर्म प्रचारकों के बीच अपनी विशिष्ट कायम करने में कामयाब रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने भी अरिपिराला योगानंद शास्त्री की प्रशंसा में पत्र जारी कर अरिपिराला योगानंद शास्त्री को भारत का लाल कहा है। अभी हाल ही में अरिपिराला योगानंद शास्त्री दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रुपाला से मिल कर अपने ज्ञान का परिचय दिया है।

विदित हो कि सनातन धर्म के युवा प्रचारक और वैदिक ज्योतिष के विद्वान अरिपिराला योगानंद शास्त्री को 15 सितंबर 2024 को हैदराबाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध शांति पुरस्कार 2024 में श्री विष्णु देव वर्मा (तेलंगाना के राज्यपाल) से ज्योतिष में युवा उपलब्धि पुरस्कार और उपाधि, 14 फरवरी 2025 को शिमला में आयोजित क्रिएटर्स एंड बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025 में श्री शिव प्रताप शुक्ला जी (हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल) से ज्योतिष में युवा उपलब्धि पुरस्कार और उपाधि, श्री राम निवास गोयल जी (दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष) से ​​भारत सम्मान निधि पुरस्कार, श्री जगदंबिका पाल जी (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) और श्री रघुराज सिंह जी (यूपी के श्रम और रोजगार मंत्री) से ज्योतिष में राष्ट्रीय प्रतीक पुरस्कार, ज्योतिष कला विशारद पुरस्कार एवं मानद डॉक्टरेट की उपाधि श्री दिगंबर कामत जी (मुख्यमंत्री, गोवा) से, राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार माननीय न्यायमूर्ति डॉ. के.जी. बालकृष्णन (मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय) से एवं श्रीमती मानषी रॉय (प्रथम महिला एवं भारतीय उद्योग परिसंघ की पूर्व महानिदेशक) तथा मदन लाल (पूर्व दिग्गज क्रिकेटर) द्वारा ज्योतिष में युवा शोधकर्ता पुरस्कार, माननीय न्यायमूर्ति अनंग कुमार पटनायक जी (उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश वर्तमान में किशोर न्याय समिति) एवं मेजर जनरल संजय सोई [सेवानिवृत्त] वर्तमान में (प्रेसीडेंसी सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष) से राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है इसके अलावा श्री फग्गन सिंह कुलस्ते जी (भारत के ग्रामीण विकास मंत्री) व विंदू दारा सिंह (पहलवान एवं अभिनेता) और विनय चौधरी (राष्ट्रीय सह-प्रभारी, भाजपा) के द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा………

अरिपिराला योगानंद शास्त्री का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां सनातन धर्म और वैदिक परंपराओं का गहरा प्रभाव था। बचपन से ही उनकी रुचि वेद, पुराण और ज्योतिष शास्त्र की ओर रही। उनकी असाधारण बुद्धि और सीखने की ललक ने उन्हें छोटी उम्र में ही वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।

महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी, जो वैदिक ज्योतिष और सनातन ज्ञान का एक प्रतिष्ठित केंद्र है, वहां उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा और 11 साल की उम्र में डिग्री हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि उम्र ज्ञान और समर्पण की राह में बाधा नहीं बन सकती।

सनातन धर्म के प्रति समर्पण……

योगानंद शास्त्री का जीवन सनातन धर्म के प्रचार के लिए समर्पित है। वे मानते हैं कि आज के आधुनिक युग में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखना बेहद जरूरी है।

इसके लिए वे विभिन्न मंचों, प्रवचनों और लेखों के माध्यम से सनातन धर्म के मूल्यों, जैसे कर्म, धर्म, और मोक्ष की अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाते हैं। उनका मानना है कि वैदिक ज्योतिष न केवल भविष्य की भविष्यवाणी का साधन है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाला एक मार्गदर्शक भी है।

वैदिक ज्योतिष में योगदान…….

अपनी कम उम्र के बावजूद, योगानंद शास्त्री ने ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में गहरी समझ विकसित की है। वे ग्रहों की चाल, नक्षत्रों के प्रभाव और कुंडली विश्लेषण के जरिए लोगों को उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन देते हैं।

उनकी खासियत यह है कि वे जटिल ज्योतिषीय सिद्धांतों को आम लोगों के लिए आसान बनाते हैं, जिससे यह ज्ञान सभी तक पहुंच सके। उनकी यह क्षमता उन्हें एक प्रभावशाली शिक्षक और प्रचारक बनाती है।

प्रेरणा का स्रोत……..

अरिपिराला योगानंद शास्त्री आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। उनकी कहानी बताती है कि यदि मन में लगन और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं है।

वे कहते हैं, “सनातन धर्म हमारी पहचान है, और इसे जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उनकी यह सोच और कार्यशैली उन्हें न केवल एक विद्वान, बल्कि एक सच्चे धर्म प्रचारक के रूप में स्थापित करती है।

भविष्य की राह……

मात्र 11 वर्ष की उम्र में इतना कुछ हासिल करने के बाद भी योगानंद शास्त्री रुकने का नाम नहीं ले रहे। वे भविष्य में सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष के प्रचार को वैश्विक स्तर पर ले जाना चाहते हैं। इसके लिए वे डिजिटल माध्यमों का भी सहारा ले रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी तक यह ज्ञान पहुंच सके।

अरिपिराला योगानंद शास्त्री जैसे युवा सनातन धर्म की ध्वजा को ऊंचा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनकी यह यात्रा न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि यह भी सिखाती है कि सच्चा ज्ञान और समर्पण किसी भी उम्र में चमत्कार कर सकता है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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बिक गई ट्विटर की नीली चिडिय़ा, जानें कितने रुपए में हुआ सौदा?

सैन फ्रांसिस्को ,24मार्च (एजेंसी)।  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर, जिसे अब एक्स के नाम से जाना जाता है, के सैन फ्रांसिस्को स्थित मुख्यालय पर लगा प्रतिष्ठित नीली चिडिय़ा का लोगो आखिरकार नीलाम हो गया है। नीलामी में इस आइकॉनिक लोगो को 34 हजार 375 डॉलर, यानी करीब 30 लाख रुपये में खरीदा गया है।

नीलामी कंपनी के एक प्रवक्ता के अनुसार, नीली चिडिय़ा का यह विशालकाय लोगो, जिसका वजन लगभग 254 किलोग्राम है और जो 12 फीट लंबा और 9 फीट चौड़ा है, उसे अज्ञात खरीदार ने हासिल किया है।

इस नीलामी में सिर्फ नीली चिडिय़ा ही आकर्षण का केंद्र नहीं थी। इसके साथ ही कई अन्य दुर्लभ और ऐतिहासिक वस्तुएं भी नीलाम हुईं। इनमें एक एपल-1 कंप्यूटर 3.75 लाख डॉलर (करीब 3.22 करोड़ रुपये) में बिका, जबकि स्टीव जॉब्स द्वारा हस्ताक्षरित एपल का एक चेक 1,12,054 डॉलर (करीब 96.3 लाख रुपये) में नीलाम हुआ। इसके अतिरिक्त, पहली पीढ़ी का सील्ड पैक 4त्रक्च आईफोन 87 हजार 514 डॉलर में बेचा गया।

गौरतलब है कि एलन मस्क के 2022 में ट्विटर का अधिग्रहण करने और बाद में इसका नाम बदलकर एक्स करने के बाद से ही इस नीली चिडिय़ा के लोगो का भविष्य अनिश्चित था। भले ही अब यह लोगो माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट एक्स का हिस्सा नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया जगत में इसकी पहचान एप्पल या नाइकी जैसी ही मजबूत बनी हुई है।

एलन मस्क ने ट्विटर को लगभग 44 बिलियन डॉलर (करीब 3368 अरब रुपये) में खरीदा था। अधिग्रहण के समय मस्क ने कहा था कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए स्वतंत्र अभिव्यक्ति आवश्यक है। उनका लक्ष्य ट्विटर को नए फीचर्स और बेहतर सुविधाओं के साथ एक बेहतरीन मंच बनाना था, जिसके तहत उन्होंने इस प्लेटफॉर्म पर कई बड़े बदलाव भी किए हैं।

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यूपीआई इस्तेमाल करने वालों के लिए जरूरी खबर

1 अप्रैल से इन मोबाइल नंबर्स पर बंद हो जाएगी सेवा

नई दिल्ली ,24 मार्च(एजेंसी)। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यदि आपका बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर लंबे समय से निष्क्रिय है, तो उसे तुरंत सक्रिय करा लें, अन्यथा आप 1 अप्रैल से यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

दरअसल, डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से 1 अप्रैल से यूपीआई भुगतान प्रणाली में एक नया नियम लागू होने जा रहा है। इस नए नियम के तहत, सभी बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं (पीएसपी) को 31 मार्च से पहले अपने डेटाबेस को अपडेट करना होगा। इस अपडेट के माध्यम से निष्क्रिय या बदले हुए मोबाइल नंबरों को सिस्टम से हटाया जाएगा। बैंकों को इस प्रक्रिया के तहत 31 मार्च तक निष्क्रिय मोबाइल

नंबरों को अपने डेटाबेस से अनिवार्य रूप से हटाना होगा।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने धोखाधड़ी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) पर उपलब्ध मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट (एमएनआरएल) का उपयोग करने का सख्त निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, निष्क्रिय मोबाइल नंबरों से जुड़े सभी यूपीआई खाते स्वत: ही बंद हो जाएंगे।

एनपीसीआई ने इस संबंध में बैंकों और गूगल पे, फोन पे जैसे प्रमुख यूपीआई ऐप के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार मोबाइल नंबर रिकॉर्ड को अपडेट करना अनिवार्य कर दिया है। यूपीआई सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और उन्हें सिस्टम से हटाने के लिए एमएनआरएल या डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) का नियमित रूप से उपयोग करना होगा।

किन लोगों की यूपीआई सेवा हो सकती है बंद?

ऐसे उपयोगकर्ता जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, लेकिन इसे अपने बैंक खाते के साथ अपडेट नहीं कराया है।
वे लोग जिन्होंने अपने मोबाइल नंबर को निष्क्रिय कर दिया है और बैंक में इसकी सूचना नहीं दी है।
जिन निष्क्रिय मोबाइल नंबरों का उपयोग कॉल, एसएमएस जैसी सामान्य सेवाओं के लिए भी नहीं किया जा रहा है, उन्हें यूपीआई नेटवर्क से हटा दिया जाएगा।

यूपीआई सेवा बंद होने से कैसे बचें?

यह सुनिश्चित करें कि आपके बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय है और नियमित रूप से उपयोग किया जा रहा है। यदि यह निष्क्रिय है, तो इसे जल्द से जल्द रिचार्ज कराकर सक्रिय करें।

यदि आपने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, तो तुरंत अपने बैंक में जाकर इसे अपडेट कराएं।

यदि आपकी यूपीआई आईडी किसी ऐसे मोबाइल नंबर से जुड़ी है जो निष्क्रिय है, तो 1 अप्रैल से पहले सेवा बंद होने से बचने के लिए आप एक नया सक्रिय मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकते हैं और उसे अपने बैंक खाते और यूपीआई आईडी से लिंक कर सकते हैं।

यह नया नियम यूपीआई उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को बढ़ाने और डिजिटल धोखाधड़ी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपने मोबाइल नंबर की स्थिति की जांच कर लें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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रुडी के प्रयास से दिघवारा में रेलवे फाटक के पास फ्लावर बनने की स्वीकृति मिली

भाजपा नेता राकेश सिंह को स्थानीय लोगों ने फ्लावर की सिक्योरिटी मिलने पर अंग वस्त्र से सम्मानित किया

सोनपुर , 23 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी के प्रयास से दिघवारा सोलह नंबर ढाला पर रेलवे फ्लाई ओवर का केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने पर

आज दिघवारा सोलह नंबर ढाला मे रेलवे फाटक के पास फ्लाई ओवर  पास होने पर स्थानीय कार्यकर्त्ता युगल किशोर राममूर्ति बिहारी सिंह अजीत पासवान इंजीनियर राहुल कुमार पासवान  सामजिक कार्यकर्त्ता बबलू सिंह  के नेतृत्व मे छपरा जाने के क्रम मे भाजपा नेता प्रदेश कार्य समिति सदस्य सह पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण से सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी के सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह को अंग वस्त्र और फुल माला से जोरदार स्वागत किया.

स्थानीय लोगो द्वारा और जनप्रतिनिधि द्वारा काफ़ी दिनों से अनेक लोग द्वारा काफ़ी दिनों से सांसद राजीव प्रताप रूडी से फ्लाई ओवर बनवाने की मांग की थीं जिसके बाद आज काफ़ी दिनों के प्रयास के बाद अब टैंडर मे चला गया है जिससे ग्रामीणों मे ख़ुशी का माहौल है इस अवसर पर सोनपुर भाजपा नेता राहुल सिंह जिला उपाध्यक्ष विकास गुप्ता अमरेंद्र चौरसिया पंकज बिहारी गणेश राम  देव कुमार राय तिरपुरारी कुमार मुनी लाल प्रसाद  मुकेश पासवान सहित अनेक लोग उपस्थित थे अंडर पास का केंद्र सरकार द्वारा पास होने से ग्रामीणों मे काफ़ी ख़ुशी का माहौल है.

इस फ्लाई ओवर  बन जाने से लोगो को सोनपुर छपरा जाने आने मे लोगो को जाम से निजात मिलेगी और रास्ता सुलभ हो जायेगा और समय की भी बचत होंगी ज्ञात हो कि यह रेलवे कॉसिंग पर बहुत  ही ज्यादा भीड़ होता है और पर्व के समय तो लोगो को काफ़ी परेशानी होती थी  यह बन जाने से दिघवारा बाजार के दुकान दार आमी सहित अनेक गाँव के लोगो को लाभ होगा इस कार्य के लिए सभी लोगो ने देश के आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद राजीव प्रताप रूडी और सोनपुर डीआरएम विवेक भूषण सुद को धन्यवाद दिया।

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जेके टायर-कॉन्स्टिट्यूशन क्लब कार रैली का भव्य आयोजन

नई दिल्ली, 23 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जेके टायर-कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 9वीं कार रैली का आज नई दिल्ली में भव्य शुभारंभ हुआ।

इस प्रतिष्ठित आयोजन में सांसद  अनुराग सिंह ठाकुर,  निशिकांत दुबे, जद यू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी समेत 50 से अधिक सांसदों, नौकरशाहों, सशस्त्र बल अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री  किरेन रिजिजू और केद्रीय नागरिक विमानन मंत्री  राम मोहन नायडू किंजारापु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव एवं सारण से सांसद  राजीव प्रताप रूडी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह रैली केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में सड़कें लगातार विकसित हो रही हैं, लेकिन दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ रही है।

हमें सड़क सुरक्षा को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में लेना होगा।रैली के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया गया। इस आयोजन का समापन माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा विजेताओं के सम्मान समारोह के साथ होगा।

इस दौरान सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री  रुडी ने बताया कि सड़क परिवहन मंत्रालय के 2022 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 1,68,491 लोगों की मृत्यु हुई और 4,43,366 लोग घायल हुए। इन हादसों के कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद को 3 फिसदी  से 5 फिसदी तक का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार, 80 फिसदी से अधिक सड़क हादसे मानवीय भूल के कारण होते हैं। इनमें तेज़ रफ्तार 71.2 फिसदी मौतों के लिए जिम्मेदार है, जबकि गलत साइड ड्राइविंग से 5.4 फिसदी मौतें हुईं।

रुडी ने कहा कि भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग कुल सड़क नेटवर्क का मात्र 2 प्रतिशत हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों का 36 प्रतिशत इन्हीं राजमार्गों पर होता है। वैश्विक स्तर पर, सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर साल 1.3 मिलियन (13 लाख) लोगों की मौत और 50 मिलियन (5 करोड़) लोग घायल होते हैं। उन्होंने बताया कि बिहार में 2023 में लगभग 10,000 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 8,900 से अधिक लोगों की जान गई। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने और जन-जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  किरेन रिजिजू ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। हमें इन्हें सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। यह रैली सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक उत्कृष्ट प्रयास है। सांसद  राजीव प्रताप रूडी ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में सड़क सुरक्षा पर दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि हम सभी को सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें योगदान देना चाहिए।

जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक श्री अंशुमान सिंघानिया ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। इस आयोजन को जेके टायर, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, आईओसीएल , जीएआईएल , यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड,_numaligarh रिफाइनरी लिमिटेड, एनबीसीसी , बीपीसीएल  जैसी प्रमुख संस्थानों का सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित पुरस्कार समारोह में होगा, जहां  लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला और  अंशुमान सिंघानिया विजेताओं को सम्मानित करेंगे।

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जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के बाहर भी मिल रहे जले हुए नोट

नई दिल्ली ,23 मार्च(एजेंसी)। दिल्ली के 30 तुगलक रोड स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास के बाहर 500 रुपये का जला नोट मिला है। रविवार को जब एनडीएमसी कर्मचारी सफाई करने पहुंचे तो उन्हें कागज के कुछ जले टुकड़े दिखे। कथित तौर पर इसे उठाया तो पता चला ये 500 रुपये का जला हुआ नोट है।

पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं, जिसमें जला हुआ नोट और अन्य सामान भी शामिल हैं। जस्टिस वर्मा का आवास 30 तुगलक रोड पर स्थित है, जो एक प्रमुख सरकारी आवास है।

इससे पहले शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें जस्टिस वर्मा के आवास से जले हुए नोटों की गड्डियां दिख रही थीं। इसके बाद आरोपों की जांच के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया।

इस समिति में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जी.एस. संधवालिया, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू और कर्नाटक हाई कोर्ट की जज अनु शिवरामन शामिल होंगी। इसके अलावा, जस्टिस यशवंत वर्मा को फिलहाल कोई न्यायिक काम नहीं सौंपने का आदेश दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, भारत के मुख्य न्यायाधीश ने दिल्ली उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.एस. संधवालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अनु शिवरामन शामिल हैं।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को फिलहाल न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपने के लिए कहा गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट, न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का जवाब और अन्य दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवासीय बंगले में आग लगने से एक बड़ा खुलासा हुआ था। कथित तौर पर उनके घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। इस घटना ने न्यायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था। इसने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को भी तत्काल कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

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संभल में जामा मस्जिद के सदर गिरफ्तार, इलाका छावनी में तब्दील

संभल ,23 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के संभल के जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज लिया है। पुलिस ने पिछले साल नवंबर में हुई हिंसा के बारे में उनसे पूछताछ की।

वहीं शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली की गिरफ्तारी के बाद संभल  अनुज चौधरी ने कहा शांति व्यवस्था के लिए पहले से ही पर्याप्त बल लगाया गया था और अभी भी क्षेत्र में पर्याप्त बल मौजूद है।

व्यवस्था के मद्देनजर कई पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जफर अली के बड़े भाई मोहम्मद ताहिर ने आरोप लगाया है कि सदर को न्यायिक आयोग में बयान देने से रोकने के लिए यह असंवैधानिक कार्रवाई हुई है। उन्होंने बताया कि जफर अली को पुलिस जेल भेजना चाहती है। पुलिस चाहती है कि वह बयान न दें। लेकिन वह वही बयान देंगे जो आयोग के सामने दिया है।

मोहम्मद ताहिर ने बताया कि शनिवार को जफर अली को न्यायायिक आयोग से सम्मन आया था। उन्हें जाना था। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने असंवैधानिक कार्रवाई की है। हम अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे। जो न्यायिक आयोग में कहा है, वही बयान देंगे। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि जफर अली की गिरफ्तारी हो सकती है।

अभी किसी ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन संभावना यही है। पुलिस उन्हें 11 बजे घर से बुलाकर ले गई है। दो इंस्पेक्टर उन्हें ले जाने के लिए आए थे। उल्लेखनीय है कि जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट और पुलिस अधिकारियों के बीच पहले भी कई बार नोकझोंक हो चुकी है। इसके वीडियो भी खूब वायरल हुए हैं।

जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने 24 नवंबर को हुए बवाल में पुलिस पर गोली चलाने का आरोप भी लगाया था। संभल की जामा मस्जिद में न्यायालय के आदेश पर 24 नवंबर को सर्वे हो रहा था। कुछ लोग इसका विरोध कर रहे थे। वे पुलिस से भिड़ गए थे। इस दौरान बवाल हो गया था। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हिंसा, गोलीबारी और पथराव हुआ था। हिंसा करने के आरोप में पुलिस ने कई लोगों को जेल भी भेजा है।

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औरंगजेब भारत के लोगों का आइकॉन नहीं हो सकता: संघ

बेंगलुरू ,23 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (क्रस्स्) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने आज कहा कि क्या औरंगजेब भारत के लोगों के लिए आइकॉन हो सकता है। औरंगजेब ने जो किया इसके लिए उसको आइकॉन नहीं मानना चाहिए।

देश का आइकॉन कोई बाहरी होगा या फिर कोई और। इस पर चिंतन की जरूरत है। आज क्रस्स् की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक का आखिरी दिन है। प्रेस कांफ्रेंस में होसबाले ने कर्नाटक में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में 4त्न मुस्लिम आरक्षण पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा- डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिखित संविधान में धर्म आधारित आरक्षण स्वीकार नहीं किया गया है। जो लोग गंगा जमुनी तहज़ीब की बात करते हैं उनको ये सोचना चहिए की वो अपना आइकॉन औरंगजेब को मानते हैं या दारा शिकोह को?

स्वतंत्रता की लड़ाई सिर्फ अंग्रेज़ों से बस नहीं लड़ी गई, शिवाजी और महाराणा प्रताप ने भी मुगलों से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी. वो भी स्वतंत्रता संग्राम था. देश के लोगों को तय करना है की उनको अपना आइकॉन औरंगजेब को मानते हैं या दारा शिकोह को?

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पादरी ने महिला को मारे थप्पड़, यौन उत्पीडऩ के भी लग चुके हैं आरोप

जालंधर ,23 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  गांव ताजपुर में ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम’ के पादरी बजिंदर सिंह एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। बजिंदर सिंह द्वारा कथित रूप से एक महिला के साथ यौन उत्पीडऩ का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि उनके द्वारा महिला के सथ मारपीट की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। जो चर्चा का विषय बनी हुई है।

पादरी का ये कथित वीडियो चंडीगढ़ का बताया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि किस तरह से पादरी बजिंदर सिंह कथित रूप से पहले युवकों पर कुछ फेंकते हैं और फिर महिला पर हमला कर देते हैं। जिसके बाद महिला को थप्पड़ मारते है और गर्दन पकड़ लेते है। हालांकि इस बारे में ताजपुर चर्च और पादरी की ओर से कोई सफाई नहीं दी गई है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले बजिंदर सिंह बैठे हुए कुछ युवकों से बात कर रहे होते है। जिस समय यह घटना हुई, उस समय पादरी के कार्यालय कक्ष में एक बच्चा और तीन महिलाएं भी मौजूद थीं। फिर अचानक ही आपा खो बैठते है और युवकों पर कुर्सी से हमला कर देते है। सीसीटीवी टाइमिंग के मुताबिक यह वीडियो इसी साल 14 फरवरी दोपहर करीब 2 बजकर 20 मिनट का है।

महिला पादरी से बहस भी करती नजर आ रही है। पादरी जब महिला पर हाथ उठाता है तो मौके पर मौजूद लोग पादरी को पीछे धकेलने के लिए भी पहुंच जाते हैं। ये वीडियो एक बार चर्चा का विषय बन गई है।

यौन उत्पीडऩ मामले में एसआईटी कर रही जांच

आपको बता दें कि पादरी बजिंदर सिंह पर कुछ दिनों पहले ही महिला से यौन उत्पीडऩ के मामले में कपूरथला पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम गठित कर दी थी। एसआईटी में एसपी फगवाड़ा रूपिंदर कौर भट्टी, डीएसपी दीप करण सिंह और सिटी थाना एसएचओ विक्रमजीत सिंह को शामिल किया गया था।

क्या कहा था महिला ने एफआईआर में

शिकायतकर्ता महिला ने थाना सिटी में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में दावा किया गया था कि प्रॉफिट बजिंदर सिंह ने जालंधर में उनके साथ गलत हरकतें कीं। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके माता-पिता अक्टूबर 2017 से चर्च जाने लगे थे। इसी दौरान बजिंदर सिंह ने उसका फोन नंबर लेकर अनुचित संदेश भेजने शुरू कर दिए थे। महिला ने आरोप लगाया कि 2022 में बजिंदर सिंह ने उसे चर्च में अकेले कैबिन में बैठाना शुरू कर दिया। वहां वह उसके साथ गलत व्यवहार करता था।

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सीएम फडणवीस का ऐलान – त्र्यंबकेश्वर में कुंभ मेले से पहले विकास कार्य होंगे पूरे

नासिक ,23 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को त्र्यंबकेश्वर और नासिक में 2027 के सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि समय पर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी और इस काम में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

फडणवीस ने कहा कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर और आसपास के इलाके के विकास के लिए योजना तैयार की गई है। इससे पहले उन्होंने त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन किए और कुशावर्त तीर्थ का निरीक्षण किया।

उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के लिए कॉरिडोर, पार्किंग, शौचालय, मंदिर और तालाबों की मरम्मत जैसे काम किए जाएंगे। साथ ही ब्रह्मगिरि क्षेत्र में प्राकृतिक रास्ते बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने पानी की शुद्धता पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) नेटवर्क की योजना बनाई गई है। उन्होंने वादा किया कि कुंभ मेले से पहले सभी काम पूरे होंगे।

फडणवीस ने कहा, इसके लिए बड़ी रकम चाहिए होगी, लेकिन राज्य सरकार धन की कमी नहीं आने देगी। हम जरूरी फंड मुहैया कराएंगे।
उनका कहना था कि देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुंभ मेले की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी कानून बनाने की बात कही।

उन्होंने बताया कि कुंभ मेला प्राधिकरण का गठन होगा, ताकि तैयारियों के लिए मजबूत कानूनी ढांचा तैयार हो सके।

संतों की इस मांग पर कि वह स्वयं कुंभ मेले की जिम्मेदारी लें, फडणवीस ने कहा, मुख्यमंत्री के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है। हम उत्तर प्रदेश की तरह ही कानून बनाकर काम करेंगे। इससे कुंभ मेले का आयोजन व्यवस्थित और भव्य होगा।

कुशावर्त तीर्थ के पानी की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए फडणवीस ने कहा कि उन्होंने विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई थी। विशेषज्ञों ने पानी साफ करने के उपाय सुझाए हैं, जिनमें से कुछ पर फैसला लिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सबसे अच्छा विकल्प चुनकर तुरंत कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि प्याज पर लगी 20 फीसद निर्यात शुल्क को हटा लिया गया है। यह फैसला शनिवार को लिया गया, जिससे प्याज किसानों को फायदा होगा। फडणवीस ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और बाजार में राहत मिलेगी।

उन्होंने 2027 में नासिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बारे में बताया कि इसके लिए कई बैठकें हो रही हैं और हर तरह की व्यवस्था की जा रही है। त्र्यंबकेश्वर के विकास के लिए 1,100 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत मंदिर क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, जैसे पार्किंग, शौचालय, रास्ते और पानी की व्यवस्था। उन्होंने कहा, हम इस काम को दो हिस्सों में करेंगे। पहला चरण 2027 तक और दूसरा 2028-29 तक पूरा होगा।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि कुंभ मेला भव्य होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उम्मीद से ज्यादा लोग आए थे। ठीक वैसे ही नासिक में भी भारी भीड़ होने की संभावना है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक स्थल देशभर के लोगों को आकर्षित करता है। इसलिए, सरकार इसका पूरा विकास करना चाहती है। 1,100 करोड़ के प्लान में मंदिर और आसपास के इलाकों को बेहतर बनाने की योजना है। साथ ही, कुंभ मेले के दौरान व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

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CBI ने बॉलीवुड एक्टर सुशांत केस में कोर्ट में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट

रिया चक्रवर्ती को क्लीन चिट

मुंबई 23 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई ने पांच साल बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। इस केस की जांच में सीबीआई को हत्या के कोई सबूत नहीं मिले।

क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी उसकी हत्या होने का कोई सबूत नहीं मिला है। सीबीआई जांच में रिया चक्रवर्ती और उसकी परिवार को क्लीन चिट मिल गई है। जून 2020 में सुशांत सिंह राजपूत ने खुदकुशी की थी।

 इस मामले में दो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। सुशांत के पिता ने रिया चक्रवर्ती के ऊपर जो आरोप लगाए थे और रिया ने जो सुशांत के परिवार पर जो आरोप लगाए थे, दोनों केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है।

पहली क्लोजर रिपोर्ट मुंबई में दाखिल की गई है जबकि दूसरी क्लोजर रिपोर्ट पटना में दाखिल की गई है। एक मामला सुशांत के पिता ने दर्ज कराया था, जो एक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला सुशांत की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने उनकी बहनों के खिलाफ दर्ज कराया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, रिया और उनके परिवार को क्लीन चिट दी गई है। सीबीआई को कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि किसी ने सुशांत सिंह राजपूत को खुदकुशी के लिए उसकाया था।

मतलब सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है। अब अदालतें तय करेंगी कि रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या एजेंसी को आगे की जांच का आदेश दिया जाए।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत जून 2020 में हुई थी। उनका शव उनके बांद्रा स्थित किराए के घर में पंखे से लटका हुआ मिला था। इस मामले में सीबीआई ने 2020 अगस्त में सुशांत केस टेकओवर करके जांच शुरू की थी।

करीब 4 साल की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई। इसमें रिया और उनके परिवार को क्लीन चिट दी गई है। सीबीआई ने रिपोर्ट में किसी तरह की षडयंत्र, दरवाजे को बंद करने, जबरन शरीर पर किसी तरह की हिंसा से इनकार किया है। सीबीआई ने कहा कि सुशांत की मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

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जम्मू-कश्मीर: डोडा में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

जम्मू 23 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह बरामदगी डोडा की भद्रवाह तहसील के भलरा इलाके में तलाशी के दौरान की गई।

अधिकारियों ने कहा, “संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान, एके-सीरीज के 25 कारतूस, एक पिस्तौल, तीन पिस्तौल मैगजीन और पिस्तौल के छह कारतूस बरामद किए गए हैं। यह एक महत्वपूर्ण जब्ती है जो क्षेत्र में उपद्रवी तत्वों की मौजूदगी को दर्शाती है।”

अधिकारियों ने कहा, “यह अभियान खुफिया सूचनाओं पर आधारित था, जिसमें सुरक्षाबलों को संदेह था कि इलाके में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे हथियारों का होना खतरा पैदा करता है। इन हथियारों को जमा करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।”

पिछले छह महीनों से आतंकवादियों ने जम्मू डिवीजन के डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ, रामबन और कठुआ जिलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इन जिलों के घने जंगली इलाकों को आतंकवादियों द्वारा छिपने की जगह के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। माना जा रहा है कि ये ज्यादातर कट्टर विदेशी भाड़े के आतंकवादी हैं।

इन आतंकवादियों की कार्यप्रणाली यह रही है कि वे हमला करके तुरंत भाग जाते हैं और फिर घने जंगलों में छिप जाते हैं।

आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सेना और सुरक्षा बलों ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। केवल घेराबंदी और तलाशी अभियान पर निर्भर रहने के बजाय, सेना और सुरक्षाबल अब जंगली इलाकों में भी तैनात हैं।

जंगल युद्ध में प्रशिक्षित 4,000 से अधिक विशिष्ट कमांडो अब पुंछ, राजौरी, डोडा, किश्तवाड़, कठुआ और रामबन जिलों के वन क्षेत्रों में तैनात हैं। सेना और सुरक्षा बलों की रणनीति में बदलाव के बाद इन जिलों में आतंकवादी हमलों में कमी आई है।

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बलिया: सपा सांसद ने फरियादी महिला को कहा ‘पागल’

विवादित रास्ते पर सोने की दी नसीहत, वीडियो वायरल

बलिया 23 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । सलेमपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रामाशंकर विद्यार्थी का एक विवादित बयान सुर्खियों में आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित दिशा समिति की बैठक के बाद बाहर निकलते समय सांसद से मिलने पहुंची एक फरियादी महिला को उन्होंने ‘पागल’ कह दिया। यही नहीं, महिला की शिकायत सुनने की बजाय उन्होंने उसे विवादित रास्ते पर खटिया लगाकर सोने की नसीहत भी दे दी।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के खरीद गांव की एक महिला अपने रास्ते के विवाद को लेकर सांसद से फरियाद लगाने पहुंची थी। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपनी बात पूरी तरह रख भी नहीं पाई थी कि सांसद ने भोजपुरी में कहा, “रस्त्वा पर तुहूँ खटिया बिछा के सुतिः ऐमे का करे के बा?”

सांसद के इस बयान पर महिला हैरान रह गई और उसने आपत्ति जताते हुए कहा, “आप कैसे बात कर रहे हैं?” लेकिन सांसद ने महिला को शांत कराने की बजाय उसे ‘पागल’ तक कह दिया।

वीडियो वायरल, लोगों में नाराजगी

फरियादी महिला और सपा सांसद के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इसके बाद मीडिया ने महिला से संपर्क किया, जहां उसने बताया कि वह अपने रास्ते के विवाद को लेकर सांसद के पास मदद मांगने गई थी, लेकिन उन्होंने उसका अपमान किया।

महिला ने कहा, “रामाशंकर विद्यार्थी हमारे क्षेत्र के सांसद हैं, मैं अपनी समस्या बताने गई थी, लेकिन उन्होंने मुझे ‘पागल’ कहा और रास्ते पर खटिया डालकर सोने की सलाह दी। उनके शब्दों से मुझे बहुत बुरा लगा।”

सांसद की चुप्पी, विपक्ष का हमला

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सांसद रामाशंकर विद्यार्थी की ओर से अब तक कोई सफाई नहीं आई है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सपा सांसद पर हमला बोल दिया है। स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने सांसद के बयान की निंदा करते हुए इसे जनता के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया है।

अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी इस विवादित बयान पर क्या रुख अपनाती है और सांसद इस पर अपनी सफाई कब तक देते हैं।

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यूपी के आजमगढ़ में साइबर ठगी करने वाले सात लोग गिरफ्तार

आजमगढ़ 23 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की साइबर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा करते हुए सात ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) हेमराज मीणा ने बताया कि जनपद बनारस में छापेमारी के दौरान तकरीबन सात लोग मिले हैं।

शुभम जायसवाल थाना जमालपुर, मिर्जापुर, धनजीत यादव जौनपुर, अजय यादव बनारस, अभय राय चंदौली, अभिनाश राय पश्चिम बंगाल, पीयूष यादव जौनपुर के रहने वाले हैं। इनके पास से करीब 15 लाख का सामान, जिसमें 51 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 42 एटीएम कार्ड, 13 पासबुक, करीब 80 सिमकार्ड और एक फाइबर का राउटर मिला है।

एसपी ने बताया कि यह पांडेपुर के एक किराए के मकान से एक कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। इनके सारे अकाउंट की जानकारी की गई तो पता चला कि इन लोगों ने 208 अकाउंट खुलवा रखे थे। उनमें पिछले छह माह में 95 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ है। इनके सभी अकाउंट को सीज कराया गया है। एक करोड़ की धनराशि फ्रीज कर दी गई है। ये लोग काफी दिन से काम कर रहे थे। पहले ये आजमगढ़ में थे। यहां जब छापा पड़ा तो इनके बाकी मेंबर बनारस से शिफ्ट कर लिए गए थे। वहां पर ऑनलाइन गेम क्रिकेट बज के नाम से संचालित कर रहे थे, जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम के जरिए लोगों को गेम खिलवाते थे।

उन्होंने बताया कि ये लोगों को पैसा जितवाने और तीन गुना करने के नाम से लालच देते थे। जब लोग बड़ा अमाउंट लगाते थे, ये लोग अलग खातों या फिर किसी कंपनी के नाम से ट्रांसफर कर देते थे या फिर एटीएम के माध्यम से विड्रॉल कर लेते थे। यह गैंग संगठित ढंग से काम कर रहे थे। इसमें कुल सात लोग पकड़े गए हैं। 20 हजार नकद मिला है। बाकी चीजों पर भी काम चल रहा है। पहले ये आजमगढ़ में पकड़े गए थे। इनके साथी आज पकड़े गए हैं। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से मोटिवेट करके लोगों का पैसा ठगने का काम कर रहे हैं। साइबर टीम ने कार्रवाई की पूरी टीम को 25 हजार का पुरस्कार भी दिया गया है। पहले 11 लोग पकड़े गए थे। अभी सात लोग पकड़े गए हैं।

उन्होंने बताया कि इनके मास्टरमाइंड, जो ऑर्गनाइज कर रहे हैं, उनकी बैंक डिटेल्स और मोबाइल से हुई बातचीत के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है। अभी जो लोग मिले हैं, ये लोग अकाउंट मेंटेन करने का काम करते थे। अभी इनके मास्टरमाइंड को पकड़ना बाकी है। ये लोग भी अपने ऊपर वालों को नहीं जानते हैं। हमारी टीम उनकी तलाश में है। जो पकड़े गए हैं, वे फर्जी कंपनी पंजीकृत करवाए हुए थे। एटीएम से विड्रोल करके शॉपिंग की गई है। इन्होंने जो नंबर प्रयोग किए उनमें एक श्रीलंका का है। इंटरनेट कॉल के माध्यम से लोगों को मोटिवेट कर रहे हैं। बचे लोगों की गिरफ्तारी शीघ्र होगी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये लोग दूसरों को अपनी कंपनी में काम करने के नाम पर प्रचार करते थे। ये आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफार्म व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक पर चैनल्स तथा विज्ञापन के माध्यम से लोगों को फंसाने का काम करते थे। ये लोग फेक अकाउंट और अन्य चीजों के लिए काम कर रहे थे। जो पैसा आता था, उसे गेमिंग के जरिए खातों में ट्रांसफर करना और कैश विड्रॉल करना इनका काम था। ये लोग इंटरनेट कॉल से ज्यादा काम कर रहे हैं। जल्द इनके मुख्य सरगना को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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जेएलकेएम धनबाद जिला कार्यसमिति समिति का बैठक संपन्न

संगठन विस्तार और आगामी चुनाव को लेकर रणनीति तैयार

धनबाद,23.03.202 –  झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सह डूमरी विधायक टाइगर जयराम महतो के निर्देशानुसार आज धनबाद जिला प्रधान कार्यालय मेमको मोड़ में पार्टी के जिला कार्यसमिति का बैठक संपन्न हुआ. बैठक का अध्यक्षता पार्टी के धनबाद नगर जिलाध्यक्ष शक्तिनाथ महतो और संचालन जिला महासचिव सल्लाऊद्दीन अंसारी के द्वारा किया गया.

 बैठक में झारखंडी भाषा ख़तियान संघर्ष समिति व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा पार्टी के संगठन मजबूती विस्तार आगामी चुनाव की तैयारी पर रणनीति तैयार किया गया. टाइगर जयराम महतो के विचारधाराओं को धनबाद जिले अंतर्गत सिंदरी विधानसभा से लेकर सभी विधानसभा क्षेत्रों में जन जन पहूंचाने का संकल्प लिया गया

धनबाद जिला मीडिया प्रभारी युवा क्रांतिकारी रंजीत कुमार महतो ने कहा कि झारखंड में अगर सकारात्मक बदलाव ला सकता है तो वह हमारी झारखंडी भाषा ख़तियान संघर्ष समिति व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ही कर सकता है.

बैठक में मुख्य रूप से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के धनबाद नगर जिलाध्यक्ष शक्तिनाथ महतो धनबाद जिला मीडिया प्रभारी युवा क्रांतिकारी रंजीत कुमार महतो केंद्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा कुश महतो धनबाद नगर जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा डिंपल चौबे जिला महासचिव सलाउद्दीन अंसारी बाघमारा पूर्व प्रत्याशी दीपक रवानी एसी मोर्चा केंद्रीय अध्यक्ष हरेंद्र रजक अख़लाख अंसारी राईडर भाई पूर्व प्रत्याशी सपन मोदक केंद्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा छोटू रजक जिला कार्यसमिति प्रेम रजक जिला कोषाध्यक्ष पप्पु पहाड़ी महतो और पार्टी के लगभग सभी धनबाद जिला पदाधिकारी केंद्रीय पदाधिकारियों की उपस्थिति हुई

उक्त जानकारी रंजीत कुमार महतो ने दी.

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जब गुंडों माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई होती है तो अखिलेश बिलबिला उठते हैं : केशव प्रसाद

हरदोई  22 March,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गुंडों, अपराधियों और माफियाओं के साथ कोई समझौता नहीं करती है। जब गुंडों माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई होती है तो अखिलेश बिलबिला उठते हैं।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हरदोई पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकार वार्ता में कहा कि अगर कोई अपराध करता है तो उसके खिलाफ जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की पैरवी की जाती है। उन्होंने एक सवाल में कहा कि सरकार और संगठन दोनों अच्छे हैं।

दोनों एक रथ के पहिए हैं। संगठन और सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। इस कारण संगठन और सरकार दोनों मजबूर हैं। जनता के हित में दोनों लगातार काम कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गांवों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यूपी में अब तक एक लाख करोड़ की किसान सम्मान निधि दी जा चुकी है। आयुष्मान कार्ड से लाखों लोगों को लाभ मिला है।

मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि हाल ही में चार राज्यों के चुनावों में से तीन में भाजपा की जीत जनता के विश्वास को दर्शाती है।

इससे पहले उप मुख्यमंत्री केशव ने अपने एक बयान में कहा कि हम किसानों को नलकूप चलाने के लिए मुफ्त में बिजली दे रहे हैं। हम बिना किसी भेदभाव के काम कर रहे हैं। दंगा मुक्त प्रदेश बनाने का कार्य भाजपा ने किया है।

सालार मसूद गाजी को संत बताए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्रामणकारी संत नहीं होता है। वह अत्याचारी होता है, जिसने मंदिरों को तोड़ा हो, धर्मांतरण कराने के लिए बल का प्रयोग किया हो।

जिसने भारत की संस्कृति को मिटाने का प्रयास किया हो, उसके बारे में ऐसा बयान देने वाले समाजवादी पार्टी के सांसद के बारे में अखिलेश यादव अपनी चुप्पी तोड़ें।

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एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न (एएएफटी) के पूर्व छात्रों का 33वां मिलन समारोह संपन्न

22.03.2025 – नोएडा फिल्मसिटी स्थित ‘मारवाह स्टूडियो’ द्वारा संपोषित एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न (एएएफटी) द्वारा भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को दिए गए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। यह संस्थान अपने विशाल 100 एकड़ की फिल्म सिटी, नोएडा में स्थित अपने प्रतिष्ठित ए ए एफटी नोएडा परिसर और और 27 एकड़ के रायपुर विश्वविद्यालय परिसर के साथ, तीन दशकों से रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है।

मोहित मारवाह और अक्षय मारवाह द्वारा सह-स्थापित ए ए एफटी विश्वविद्यालय और ए ए एफ टी ऑनलाइन के माध्यम से अपनी पहुँच का विस्तार करते हुए, अभिनव और उन्नत-स्तरीय पाठ्यक्रमों के साथ अपनी पहुँच को नवोदित प्रतिभाओं तक बढ़ाने की दृष्टिकोण के साथ यह संस्थान जनहित में रचनात्मक शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए मानक स्थापित करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिभा का पोषण करने की दिशा में अपने स्थापना काल से ही गतिशील है।

हाल ही में एएएफटी ने 33 वर्षों की निरंतर उत्कृष्टता का जश्न मनाने के उद्वेश्य से नोएडा में पूर्व छात्रों का 33वां भव्य मिलन समारोह (एलुमनाई मीट) का आयोजन किया। इस मिलन समारोह में मीडिया, एंटरटेनमेंट और क्रिएटिव आर्ट्स के विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों ने एकत्र होकर अपने अनुभव साझा किए और अपनी रचनात्मक यात्रा को याद किया। इस 33वें ‘एलुमनाई मीट’ में पूर्व छात्रों के लिए नेटवर्किंग के असंख्य अवसरों की नींव रखी, जिससे एक सजीव और ऊर्जावान माहौल बना, जिसने उन्हें एएएफटी के कैंपस में बिताए अपने दिनों की मधुर यादों में खो जाने पर मजबूर कर दिया।

एएएफटी के अध्यक्ष, डॉ. संदीप मारवाह ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा “यह एलुमनाई मीट हमारी समृद्ध विरासत का उत्सव है। भविष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहना ही प्रगति का एकमात्र मार्ग है और मैं अत्यंत हर्षित हूँ यह देखकर कि हमारे सम्मानित पूर्व छात्र यहां एकत्रित होकर अपनी उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं तथा अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर उल्लेखनीय योगदान देकर अपनी मातृसंस्था का गौरव बढ़ा रहे हैं।” इस मिलन समारोह में उन सभी विशिष्ट प्रतिभाशाली पूर्व छात्रों को ‘गौरव सम्मान’ अवॉर्ड दे कर सम्मानित किया गया. जिन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न (एएएफटी) से पास आउट होने के बाद अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में अद्वितीय योगदान दिया है।

जिनमें देवांशु सिंह (संस्थापक एवं एमडी, सिंह इवेंट्स एंड एग्जीबिशन्स), जुनैद खान (मारुति सुजुकी कलर्स ऑफ यूथ, सीजन 6, 7, 8 में योगदान), श्रेयांश मोहन वर्मा (परफ़ॉर्मर, संस्थापक एवं म्यूजिक एडवाइजर, फिल्म जार प्रोडक्शन हाउस), अनामिका गौड़ (2023 की यंगेस्ट प्रोफेशनल ऑफ द ईयर पुरस्कार विजेता, प्रभावशाली पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान), और दीपना (कास्टिंग डायरेक्टर, बालाजी प्रोडक्शंस) के नाम उल्लेखनीय हैं। इनकी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ एएएफटी के वर्तमान छात्रों और अन्य पूर्व छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं।

‘नेटवर्किंग और भविष्य के अवसरों को बढ़ावा’ विषय पर परिचर्चा के दौरान अतिथि वक्ताओं ने नेटवर्किंग सत्रों के माहौल को और भी समृद्ध बना दिया। इस कार्यक्रम में पूर्व छात्रों को नई संभावनाओं की खोज करने और आपसी सहयोग बढ़ाने का अवसर मिला, जिससे भविष्य के लिए मजबूत संबंधों की नींव रखी गई।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे सहयोगी और सक्रिय एलुमनाई नेटवर्क को विकसित करना था, जो पूर्व छात्रों को बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए प्रेरित और सशक्त बना सके। एलुमनाई मीट 2025 ने साबित किया कि एएएफटी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि एक मजबूत और प्रेरणादायक समुदाय है, जो अपने पूर्व छात्रों को वर्तमान और भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने के लिए तत्पर है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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नुकसान की भरपाई दंगाइयों से होगी, जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलाएंगे

CM फडणवीस का ऐलान

नागपुर 22 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक संपत्ति को जो भी नुकसान पहुंचा है, उसकी वसूली दंगाइयों से ही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा कि यदि वे नुकसान का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी और आवश्यकता पड़ने पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की जा सकती है।

फडणवीस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक इस मामले में 104 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां जारी रहेंगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी और बताया कि अब तक 68 ऐसी सोशल मीडिया पोस्टों की पहचान कर उन्हें डिलीट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस हिंसा से जुड़े तमाम कयासों को खारिज करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी भी विदेशी ताकत या बांग्लादेशी लिंक की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस हिंसा का कोई राजनीतिक कोण भी फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। फडणवीस ने खुफिया तंत्र की भूमिका पर सफाई देते हुए कहा कि इस घटना को खुफिया तंत्र की नाकामी नहीं कहा जा सकता, हालांकि सूचना तंत्र को और मजबूत किया जा सकता है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में महिला पुलिसकर्मियों के साथ छेड़छाड़ के दावों पर मुख्यमंत्री ने इन्हें अफवाह बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी जरूर हुई है, लेकिन किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की घटना सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो भी लोग इस हिंसा में शामिल हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने दोहराया कि यदि दंगाइयों ने सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की, तो उनकी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर भी चलाया जा सकता है।

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