नई दिल्ली 22 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): मौसम विभाग ने आज पूर्वोत्तर भारत और उससे सटे मध्य भारत के राज्यों में भारी बारिश, आंधी तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, देश के ज्यादातर हिस्सों में अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
पिछले 24 घंटों की बात करें तो ओडिशा, तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। इसके अलावा, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में ओले भी गिरे।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज यानी 22 मार्च को पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा और केरल में तेज हवाएं चलेंगी। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और इंटीरियर कर्नाटक में आज और कल यानी 23 मार्च को तेज बारिश, आंधी तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झारखंड, ओडिशा, दक्षिण तमिलनाडु, केरल और माहे में आज भारी बारिश की संभावना है।
इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और दक्षिण इंटीरियर कर्नाटक में आज ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश, बिजली और आंधी तूफान की चेतावनी दी गई है। असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और इंटीरियर कर्नाटक में अगले तीन से चार दिनों के दौरान बारिश होने की संभावना है।
उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो अगले एक दिन के बाद तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का अनुमान है। मध्य भारत में भी धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों में अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
नई दिल्ली 22 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने चंद्रमा पर पानी और बर्फ की खोज की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। चंद्रमा की सतह तापीय भौतिकी प्रयोग (ChaSTE) के तहत विक्रम लैंडर द्वारा किए गए तापमान मापों ने चांद की उच्च अक्षांश वाली मिट्टी में पानी और बर्फ के संभावित जमाव की ओर इशारा किया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) के वैज्ञानिक के दुर्गा प्रसाद ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि चंद्रमा पर पानी और बर्फ की उपस्थिति भविष्य में मानव जीवन और अन्वेषण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चांद का तापमान न केवल पानी और बर्फ की मौजूदगी को निर्धारित करता है, बल्कि अन्य वैज्ञानिक पहलुओं को भी प्रभावित करता है।
चंद्रयान-3 मिशन से प्राप्त यह नई जानकारी प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर कम्युनिकेशंस अर्थ एंड एनवायरनमेंट में प्रकाशित हुई है। ChaSTE प्रयोग ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में 355K (82°C) तक तापमान दर्ज किया, जो कि अनुमानित 330K से 25K अधिक था। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तापमान वृद्धि लैंडर के 6° के स्थानीय ढलान पर सूरज की ओर झुके होने के कारण हुई।
ChaSTE के अवलोकनों के आधार पर, अनुसंधान दल का मानना है कि 14° से अधिक ढलान वाले बड़े ध्रुवीय क्षेत्रों में पानी और बर्फ के स्थायी भंडार मौजूद हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में सौर विकिरण कम पहुँचता है, जिसके कारण तापमान भी कम रहता है, जो भविष्य के चंद्र अभियानों और संभावित मानव निवास के लिए इन्हें अधिक उपयुक्त बनाता है।
चांद पर पानी की खोज और उसके संभावित उपयोग को लेकर कई देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां उत्सुक हैं। चंद्रयान-3 से प्राप्त ChaSTE के यह परिणाम भविष्य के चंद्र मिशनों और चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति की संभावनाओं को नई दिशा दे सकते हैं। इसरो ने बताया कि इस महत्वपूर्ण डेटा का आगे भी विश्लेषण किया जाएगा और आगामी शोध पत्र प्रकाशित किए जाएंगे।
मुंबई ,22 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिवंगत दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई की तारीख तय कर दी है। यह सुनवाई अब 2 अप्रैल 2025 को होगी।
सतीश सालियान ने अपने वकील के जरिए यह याचिका दायर की थी, जिसकी एक प्रति पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) अधिकारी समीर वानखेड़े को भी दी गई है।
समीर वानखेड़े के वकील फैज मर्चेंट ने बताया कि उनके मुवक्किल इस मामले में हाई कोर्ट के सामने एक विस्तृत हलफनामा पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। इस हलफनामे में वानखेड़े से जुड़े सभी सवालों और आरोपों का जवाब होगा।
सूत्रों के मुताबिक, वानखेड़े अपनी जांच के दौरान जुटाए गए कुछ अहम सबूत भी कोर्ट में पेश कर सकते हैं। इन सबूतों में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है।
कहा जा रहा है कि वानखेड़े का हलफनामा पहले ही तैयार हो चुका है। यह तब तैयार किया गया था, जब याचिका की प्रति मीडिया में लीक हो गई थी।
स्रोतों का दावा है कि इस हलफनामे में कुछ चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं, जो कई लोगों को कानूनी मुश्किल में डाल सकते हैं। अगर ये दावे सही साबित हुए, तो यह मामला एक नया और बड़ा मोड़ ले सकता है।
दिशा सालियान की मौत जून 2020 में हुई थी, जिसके बाद से यह मामला चर्चा में रहा है। सतीश सालियान का मानना है कि उनकी बेटी की मौत के पीछे कई सवाल अनसुलझे हैं। अब हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से इस मामले में नई जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे यह कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, और तथ्य सामने आएंगे, इसकी पूरी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। यह मामला न सिर्फ दिशा के परिवार के लिए, बल्कि सभी संबंधित पक्षों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
दौसा ,22 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्थान सरकार ने पेपर लीक मामलों में अपनी ज़ीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करना शुरू कर दिया है।
पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे बड़े एक्शनों ने इस बात को साबित कर दिया है कि सरकार इस मामले में कितनी सख्त है। पेपर लीक मामलों में लिप्त राज्य कर्मियों को बर्खास्त करके सरकार ने एक सख्त संदेश दिया है। पटवारी भर्ती मामले में दौसा के सरगना हर्षवर्धन को राज्यसेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
दौसा कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने हर्षवर्धन को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। हर्षवर्धन को जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 में एसआईटी ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। इससे पहले, हर्षवर्धन की पत्नी सरिता मीणा को तत्कालीन भीलवाड़ा कलक्टर नमित मेहता ने बर्खास्त किया था।
सरिता ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में खुद की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा उत्तीर्ण की थी।एसओजी एटीएस एडीजी वी.के.सिंह की प्रभावी मॉनिटरिंग का भी इन कार्रवाइयों में बड़ा योगदान रहा है।
एडीजी वी.के.सिंह ने बताया कि एसआई भर्ती परीक्षा में लिप्त 45 सहित कुल 86 राज्यकर्मियों को बर्खास्त/सेवा से पृथक किया जा चुका है। शेष 189 राज्यकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और परीक्षाओं की पवित्रता बनी रहे।
वी. के सिंह ने बताया कि इन कार्रवाइयों से युवाओं में विश्वास का माहौल बनेगा। यह राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
यह उन लोगों के लिए एक निवारक के रूप में कार्य करेगा जो पेपर लीक करने की कोशिश कर सकते हैं। यह खबर राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
वाराणसी ,22 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। विश्व जल दिवस के मौके पर संकट मोचन फाउंडेशन ने ‘रन फॉर क्लीन गंगा’ मैराथन का आयोजन किया। यह मैराथन भैसासुर घाट से शुरू होकर तुलसी घाट तक 6 किलोमीटर सड़क मार्ग पर चली। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस आयोजन का मकसद गंगा नदी को प्रदूषण से मुक्त करना और लोगों में जागरूकता फैलाना था।
संकट मोचन फाउंडेशन के महंत और आयोजक विशंभर नाथ मिश्र ने बताया कि यह पहली बार है जब विश्व जल दिवस पर मैराथन का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा, हर साल हम गंगा तट पर मानव श्रृंखला बनाते थे, लेकिन इस बार हमने मैराथन चुनी, ताकि शहर के हर कोने तक गंगा की सफाई का संदेश पहुंचे। गंगा से हर कोई जुड़ा नहीं है, इसलिए हम इसे सभी तक ले जाना चाहते थे। युवाओं की भागीदारी और भीड़ देखकर लगता है कि हमारा अभियान सफल होगा।
मैराथन में शामिल तनु शुक्ला ने कहा, जैसे हम मां अपने बच्चों को साफ रखते हैं, वैसे ही गंगा को भी साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है। आज लोग गंगा में हर तरह की गंदगी डाल रहे हैं।
हमारा लक्ष्य लोगों को जागरूक करना है कि वे इस काम में हमारा साथ दें। यह संदेश सिर्फ वाराणसी तक नहीं, बल्कि पूरे देश में जाना चाहिए कि माताएं गंगा की सफाई के लिए कितनी सजग हैं।
वंदना दुबे ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, हम माताएं ‘मदर फॉर क्लीन इंडिया’ और ‘मदर फॉर क्लीन गंगा’ के तहत काम कर रही हैं।
इस मैराथन के जरिए हम पूरे वाराणसी और भारत को यह संदेश देना चाहते हैं कि गंगा को साफ करने के लिए हमें एकजुट होना होगा। बच्चे, बूढ़े, युवा—सभी इस आयोजन में शामिल हुए, ताकि सफाई का यह संदेश दूर तक पहुंचे।
वगीशा दुबे ने मैराथन के उद्देश्य को और स्पष्ट करते हुए कहा, हमारा मुख्य मकसद गंगा को साफ करना है। इस मैराथन के जरिए हम दिखाना चाहते हैं कि छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक, सभी एक साथ मिलकर गंगा की सफाई के लिए काम कर सकते हैं।
गंगा में बढ़ती गंदगी को जल्द से जल्द खत्म करना हमारा लक्ष्य है। यह आयोजन लोगों को एकजुट करने का भी एक जरिया है।
राजसमंद 22 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राजस्थान के राजसमंद जिले में चारभुजा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब जयपुर से अहमदाबाद जा रही एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा गोमती और धानिन के बीच हाईवे पर हुआ, जिसमें 13 यात्री घायल हो गए।
सूचना के अनुसार, बस हरियाणा से रवाना होकर जयपुर होते हुए अहमदाबाद जा रही थी। ड्राइवर को अचानक नींद आ जाने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद, आधा दर्जन गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, जबकि बाकी यात्रियों को चारभुजा में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही, चारभुजा थाना अधिकारी प्रीति कुमारी मय जाप्ता मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घायलों को अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की और बाकी सवारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गंतव्य की ओर रवाना किया। इसके साथ ही क्रेन मंगवाकर बस को रोड के किनारे लगवाया गया, ताकि यातायात सामान्य हो सके।
बताया जा रहा है कि बस ड्राइवर ने नशा कर रखा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि हादसे से पहले भी ड्राइवर बस को बुरी तरह चला रहा था। हादसे के बाद ड्राइवर और कंडक्टर मौके से फरार हो गए। पुलिस दोनों को पकड़ने के लिए तलाश में जुट गई है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इससे पहले राजस्थान के भीलवाड़ा में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा हो गया था। जिले के मांडलगढ़ के लाडपुरा चौराहे पर तेज गति से आ रहे सीमेंट के टैंकर ने आगे चल रहे टैंकरों को टक्कर मार दी।
टक्कर के कारण तीन गाड़ियों में भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टैंकर चालक आग की चपेट में आ गया और जिंदा जलकर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद हाइवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया।
इस मामले में पुलिस ने चालक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के प्रयास में टैंकर आपस में टकरा गए, जिससे यह भीषण हादसा हुआ।
कुरुक्षेत्र 22 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में चल रहे 1000 कुंडीय महायज्ञ में शनिवार को खाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि ब्राह्मणों को बासी खाना परोसने को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
विवाद के दौरान एक सुरक्षाकर्मी ने गोली चला दी, जो आशीष तिवारी नामक ब्राह्मण को लगी। उन्हें गंभीर हालत में लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना में करीब 23 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
Haryana: Stone pelting and firing during Mahayagna in Kurukshetra…23 injured, one in critical condition : इस घटना से नाराज ब्राह्मणों ने महायज्ञ स्थल के बाहर कुरुक्षेत्र-कैथल रोड जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने सख्ती दिखाई और जाम खुलवाने का प्रयास किया।
फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अंतिम समाचार मिलने तक माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
18 मार्च से शुरू हुआ यह महायज्ञ 27 मार्च तक चलना था, जिसके लिए 1008 कुंडीय यज्ञशाला बनाई गई थी। महायज्ञ में हर दिन 1,00,000 आहुतियां डाली जा रही थीं।
अब इस विवाद के बाद आयोजन को लेकर संशय बना हुआ है। अब तक इस महायज्ञ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली, मुख्यमंत्री की पत्नी सुमन सैनी और पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा जैसे कई बड़े नेता शामिल हो चुके हैं
नई दिल्ली 22 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । विश्व जल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जल संरक्षण का संदेश दिया। नेताओं ने लोगों से पानी की बचत और इसके महत्व को समझने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि विश्व जल दिवस पर हम जल संरक्षण और सतत विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। उन्होंने कहा, “जल सभ्यताओं की जीवन रेखा है, इसलिए इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है।”
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जल दिवस के मौके पर अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने विश्व जल दिवस पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि जल-प्रकृति का अमूल्य वरदान- न केवल जीवन का आधार है, बल्कि हमारी संस्कृति, कृषि और भविष्य की समृद्धि का मूल स्रोत भी है।
उन्होंने आगे लिखा कि इसकी सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना हम सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पंचकूला में कैच द रेन अभियान की शुरुआत हो रही है। उन्होंने आगे लिखा, “आज हरियाणा के पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के साथ “जल शक्ति अभियान: कैच द रेन 2025” का शुभारंभ होने जा रहा है। इस वर्ष की थीम है: “जल संचय, जनभागीदारी: जन जागरूकता की ओर।” यह सिर्फ एक थीम नहीं, जन-जन के जीवन से जुड़ा एक राष्ट्रीय आंदोलन भी है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मौके पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “विश्व जल दिवस की बधाई! आइए, जल को बचाने का संकल्प लें और स्वच्छ व समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ें।” उनका संदेश पानी के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने पर केंद्रित था।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा, “प्रदेशवासियों को विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं! उत्तराखंड पवित्र नदियों का उद्गम स्थल और जल संपदा से भरपूर है। यह हमारी धरोहर है, जिसे बचाना हमारा कर्तव्य है।”
उन्होंने जल के सही उपयोग को सतत विकास की कुंजी बताया और कहा कि सरकार जल संसाधनों को संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। धामी ने लोगों से भविष्य के लिए जल संरक्षण का संकल्प लेने को कहा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस दिन को खास माना। उन्होंने लिखा, “जल है तो कल है। विश्व जल दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं। आइए, प्रकृति के इस अनमोल तोहफे को बचाएं और समृद्ध भविष्य बनाएं।” उनका संदेश पानी की अहमियत और इसके संरक्षण पर जोर देता है।
पटना 22 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के बाहर शनिवार को फिर से सीएम नीतीश कुमार को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। इस पोस्टर में लिखा गया, “नायक नहीं, खलनायक हूं मैं।” पोस्टर में स्पष्ट रूप से यह भी लिखा है, “हां, मैंने किया है महिलाओं का अपमान, गांधी जी का किया है अपमान, अब हो गया है राष्ट्रगान का अपमान।”
पोस्टर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के विधायक गोपाल मंडल और भाजपा विधायक हरीभूषण ठाकुर बचौल को दिखाया गया है। इससे पहले भी बिहार में कई बार ऐसे पोस्टर सामने आए हैं जो राजनीतिक पारा बढ़ाते रहे हैं। शुक्रवार को भी राबड़ी देवी के आवास के बाहर ऐसे पोस्टर लगे थे, जिसमें नीतीश कुमार को लेकर तंज किया गया था।
शुक्रवार को लगे पोस्टर में लिखा गया था- यह सरकार “धृतराष्ट्र की सरकार” है। पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “कुर्सी कुमार” के रूप में संबोधित किया गया है।
राजद ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और यह स्थिति 18 वर्षों से सत्ता में काबिज एनडीए सरकार के कारण बनी है। पोस्टर में महिलाओं के खिलाफ हो रहे जघन्य अपराधों का भी जिक्र किया गया है, जिसमें विशेष रूप से नालंदा में एक महिला के पैरों में छह कील ठोकने जैसी क्रूर घटनाओं का उल्लेख है।
इसके अलावा, राजद ने नीतीश कुमार की सरकार को “20 साल पुरानी खटारा सरकार” और “निकम्मी भाजपा-जदयू सरकार” बताया है। आंकड़ों का हवाला देते हुए, राजद ने दावा किया कि नीतीश सरकार के तहत बिहार में 60,000 हत्याएं और 25,000 बलात्कार की घटनाएं हुई हैं।
इसके अलावा बिहार विधान परिषद में प्रदेश की कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में ही मौजूद थे। विपक्ष ने सरकार के विरोध में नारेबाजी भी की।
सदन के बाहर निकलने पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा, “सदन के अंदर विपक्ष को सत्ता पक्ष के लोग बोलने नहीं देते हैं और सरकार भी नहीं मान रही है कि सदन के अंदर विपक्ष है। बिहार में इतनी घटनाएं घट रही हैं, हत्या हो रही है, अपहरण हो रहा है, लूट हो रही है, रेप की घटनाएं घट रही हैं, दलित बच्चियों के साथ रेप हो रहा है। सदन के अंदर जब हम लोग सवाल उठाते हैं तो सत्ता पक्ष द्वारा सवाल को उठाने नहीं दिया जाता है।”
उन्होंने कहा कि यह बिहार की जनता का सवाल है, जब जनता के सवाल नहीं उठाएंगे तो सदन में क्या उठाएंगे? जो घटनाएं हो रही हैं, उस पर चर्चा करें। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री कहने लगते हैं आप (राबड़ी देवी) और आपके पति (लालू प्रसाद यादव) ने क्या किया है? सब हमने किया है।
22.03.2025 – हिंदी और भोजपूरी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता राकेश पाण्डेय अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार (21मार्च) को सुबह 8.51बजे जुहू, मुंबई स्थित अपने आवास में उन्होंने 79 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। अभिनेता राकेश पाण्डेय ने अपना फिल्मी करियर 1969 में प्रदर्शित फिल्म-‘सारा आकाश’ से किया था। 1969 में प्रदर्शित फिल्म-‘सारा आकाश’ उपन्यासकार राजेन्द्र यादव के उपन्यास पर आधारित थी। इस फिल्म को राष्ट्रपति अवार्ड से नवाज़ा गया था।
1979 में प्रदर्शित भोजपुरी फिल्म- ‘बलम परदेसिया’ ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर उस दौर में दम तोड़ती भोजपुरी फिल्मों के अस्तित्व को पुनर्जीवित किया था। इस भोजपुरी फिल्म के नायक थे-राकेश पाण्डेय।
यूं देखा जाय तो 60 के दशक में जब फिल्मों में अभिनेता राकेश पाण्डेय का फिल्मों में पदार्पण हुआ था। उस वक़्त के आगंतुकों के बीच का उन्हें दिलीप कुमार कहा जाने लगा था।
वैसे जिन्होंने सुपर स्टार राजेश खन्ना की फिल्म-‘अमर प्रेम’ देखी होगी उन्हें, फिल्म के कैरेक्टर आनंद बाबू की पत्नी के भाई का कैरेक्टर याद ही होगा जो पुष्पा (शर्मिला टैगोर) के पास जा कर आनंद बाबू को उसके पास आने से मना करने को कहता है। अपनी छोटी सी भूमिका में अभिनेता राकेश पाण्डेय सिने दर्शकों को प्रभावित करने में कामयाब रहे। बॉलीवुड के नामचीन निर्माता निर्देशक भी उस दौर में उन पर ध्यान देने लगे थे।
सन 1946 में हिमाचल प्रदेश में जन्मे अभिनेता राकेश पाण्डेय ने शमशेर हाई स्कूल नहान (हिमाचल प्रदेश) 1961 में मैट्रिक करने के बाद जे आर आर कॉलेज (हिमाचल प्रदेश) में अपनी पढ़ाई पूरी की और भारतेन्दु एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स से स्नातक की डिग्री के पश्चात इन्होंने इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट (पुणे) की ओर अपना रुख किया। 1966 में यहाँ से एक्टिंग का कोर्स कंप्लीट करने कर बाद ये इप्टा से जुड़ गए और थियेटर की दुनियां में क्रियाशील हो गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बचपन से ही रुचि रखने वाले अभिनेता राकेश पाण्डेय को इंग्लिश, हिन्दी, ब्रजभाषा, भोजपुरी और देश के अन्य प्रदेशों में प्रचलित क्षेत्रीय भाषाओं का भी गहरा ज्ञान था। बतौर नायक और चरित्र अभिनेता 80 भोजपुरी फिल्मों में अभिनेता राकेश पाण्डेय ने काम किया था और दो भोजपुरी फिल्मों का निर्देशन भी किया था। इन्हें चतुर्थ भोजपुरी अवार्ड समारोह में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिल चुका है। साथ ही साथ भोजपुरी फिल्मों में विशेष योगदान के लिए दादा साहब फालके अकादमी द्वारा उन्हें दादा साहब सम्मान पत्र व स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया था।
‘सारा आकाश'(1969), दो राहा (1971), रखवाला (1971), मान जाइये (1972), अमर प्रेम (1972), कुंवारा बदन (1973), इंतज़ार (1973), ‘हाथी के दाँत’ (1973), ‘दिल की राहें'(1973), ‘वो मैं नहीं’ (1974), ‘उजाला ही उजाला’ (1974), ‘शिकवा’ (1974), ‘शतरंज के मोहरे'(1974), ‘दो चट्टाने'(1974), ‘एक गाँव की कहानी’ (1975), ‘ज़िन्दगी और तूफान'(1975), ‘मुट्टी भर चावल’ (1975), ‘हिमालय से ऊँचा'(1975), ‘अपने दुश्मन’ (1975), आंदोलन’ (1975), ‘जीवन ज्योति’ (1976), ‘आरम्भ’ (1976),’ज़िन्दगी'(1976), ‘यही है ज़िन्दगी’ (1977),’टूटे खिलौने’ (1978), ‘दरवाज़ा’ (1978), ‘मेरा रक्षक’ (1978), ‘बलम परदेशिया’ (भोजपुरी-1979),’मंजिल’ (1979), ‘गोरी दियाँ झंजरण’ (ब्रजभाषा-1980), ‘अब्दुल्लाह'(1980), ‘नई इमारत’ (1981), ‘महाबली हनुमान'(1981), ‘धरती मैया’ (भोजपुरी-1981) ‘संत ज्ञानेश्वर’ (1982), ‘अपराधी कौन’ (1982), ‘माया बाजार'(1984), ‘चाँदनी बनी चुड़ैल’ (1984) ‘भैया दूज’ (भोजपुरी-1984), ‘युद्ध'(1985), ‘ज़ेवर’ (1987), ‘108 तीर्थ यात्रा’ (1987), ‘जवानी की लहरें'(1988), ‘चिंतामणि सूरदास’ (1988), ‘ईश्वर’ (1989), ‘मेहबूब मेरे महबूब’ (1992), ‘अधर्म’ (1992), ‘द मेलोडी ऑफ लव’ (1993), ‘गोपाला'(1994), ‘बेटा हो तो ऐसा’ (1994), ‘तक़दीर वाला'(1995), ‘भीष्म’ (1996), ‘सर कटी लाश’ (1999), ‘ब्रिज कौ बिरजू’ ( ब्रज भाषा-1999), ‘हसीना डकैत (2001), ‘इंडियन’ (2001), ‘दिल चाहता है’ (2001), ‘बिरसा-द ब्लैक आयरन मैन'(2004), ‘स्टेइंग अलाइव’ (2007) और ‘मालिक एक’ (2010) जैसी अनगिनत सफल फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा विखेर चुके अभिनेता राकेश पाण्डेय छोटे पर्दे पर भी ‘जाट की जुगनी’, ‘साँस’, ‘देवी’, ‘छोटी बहू’, ‘दहलीज़’, ‘सरोजनी-एक नई पहल’ ‘उतरन’ और ‘हैप्पी होम’ आदि धारावाहिकों में भी नजर आए थे। साथ ही साथ उन्होंने ‘सात फेरे’, ‘जान मारे गोरिया’, और ‘मैला आँचल’ जैसी कई अलबमों में भी काम किया था।
* 78 वें कान फिल्म फेस्टिवल में एक बार फिर इंपा …..!
22.03.2025 – 1937 में स्थापित इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इंपा ) अपने स्थापना काल से ही एक गैर लाभकारी संगठन के रूप में भारतीय फिल्म जगत में एक्टिव फिल्म निर्माताओं को संरक्षण देने के उद्वेश्य से एक फिल्म पंजीकरण निकाय और सेवा प्रभाग का संचालन करता चला आ रहा है। फिलवक़्त इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इंपा ) का नेतृत्व बतौर अध्यक्ष अभय सिंहा कर रहे हैं। एक केंद्रीय संगठनात्मक निकाय के रूप में इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन फिल्म निर्माताओं के हित में कल्याणकारी योजनाओं के साथ भारतीय सिनेमा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उजागर करने की दिशा में अग्रसर है।
इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन अपने सदस्यों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सभी उत्सव- औपचारिकताओं में सहायता करते हुए मार्केट प्रीमियर, प्रतिनिधि पंजीकरण, विशेष फिल्म लॉन्च और अन्य कार्यक्रमों के अवसर प्रदान कर रहा है। कान फिल्म फेस्टिवल और अन्य फिल्म समारोहों में अपने सदस्यों की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने वाली एकमात्र संस्था के रूप में इंपा अपने सदस्यों को अपना काम प्रदर्शित करने के लिए सर्वोत्तम संभव मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व की भांति इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन द्वारा फ्रांस के कांस शहर में 13 मई से 24 मई 2025 तक होने वाली 78 वें कान फिल्म फेस्टिवल में अपनी निरंतर भागीदारी की घोषणा की जा चुकी है। ‘कान फिल्म फेस्टिवल’ इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। पूरी दुनिया के सिनेमा प्रेमियों को कान फिल्म फेस्टिवल का इंतजार रहता है। विदित हो कि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इंपा ) ने 2024 में 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में शानदार शुरुआत की, जहाँ इंपा के पदाधिकारी, समिति के सदस्य और भाग लेने वाले सदस्यों ने इंपा स्टॉल के माध्यम से अपनी फिल्मों का सफलतापूर्वक प्रचार किया।
साथ ही साथ इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने वाले 55 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 12 फिल्मों के प्रदर्शन और 3 फिल्मों का विपणन संपन्न हुआ था। बकौल अभय सिंहा दुनिया के शीर्ष खरीदारों और वितरकों का प्रतिनिधित्व करने वाले 300 से अधिक स्टॉल के साथ कान फिल्म फेस्टिवल अंतर्राष्ट्रीय विपणन और वैश्विक प्रदर्शन के लिए सबसे आकर्षक फिल्म बाजार बना हुआ है।
अपने सदस्यों के लिए भागीदारी को अधिक किफायती और सुलभ बनाने के लिए इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने कान फिल्म मार्केट में एक समर्पित स्टॉल सुरक्षित किया है। सदस्य अब इंपा के तहत बहुत कम लागत पर अपनी फिल्मों का प्रचार कर सकते हैं।
धनबाद,21.03.2025 – झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक माननीय जयराम महतो के दिशा निर्देशानुसार पार्टी के मजबुतीकरण एवं सांगठनिक विस्तार हेतु आगामी रविवार पार्टी के धनबाद जिला कार्यालय एक कार्यसमिति की बैठक रखी गई है । झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के धनबाद नगर जिलाध्यक्ष शक्तिनाथ महतो ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों के दिशा निर्देशानुसार संगठन की मजबूती के लिए सतत् रुप सदस्यता महा अभियान प्रभावी रुप चलाया जा रहा है.
आगामी बैठक में पार्टी की सदस्यता अभियान की समीक्षा, भविष्य की रणनीति पंचायत प्रखंड और जिला स्तर पर संगठन विस्तार की रुपरेखा, पार्टी के आगामी कार्यक्रमों एवं झारखंडी खतियानी आंदोलनों की तैयारी आदि विषयों पर विचार-विमर्श और आवश्यक दिशा-निर्देश रणनिती तैयार किया जाएगा।
झारखंडी भाषा ख़तियान संघर्ष समिति के धनबाद जिला मीडिया प्रभारी युवा क्रांतिकारी रंजीत कुमार महतो ने कहा इतने कम समय में हमारे झारखंडी भाषा ख़तियान संघर्ष समिति व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के द्वारा अपने स्थानीय रैयतों खतियानधारियों के हक़ अधिकार के लिए मानव श्रृंखला हो या साठ चालीस नाय चलतो या स्थानीय मजदूरों के हक़ के मुआवजे का आंदोलन जैसे क्रांतिकारी खतियानी आंदोलनों बदौलत झारखंड के बड़े स्थापित राजनीतिक पार्टियों को कड़े टक्कर देने का काम किया है.
हमारे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के बदौलत झारखंड में एक नया क्रांति का शुरुआत हुआ है आगामी आने वाले चुनावों में सभी स्थापित राजनीतिक पार्टियों को बड़े अंतर के साथ हराकर हमारे झारखंडी लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के क्रांतिकारी कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों और खतियानी समर्थकों के बदौलत प्रचंड वोट प्रतिशत से अपने प्रत्याशियों को जीत दर्ज करवा कर झारखंड में एक नया इतिहास रचा जाएगा
लखनऊ 21 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षण में वसूली और लूट का पूरा गिरोह सक्रिय है, जिसमें सरकार के बड़े पदाधिकारी और कई अफसर भी शामिल हैं। प्रदेश में हर विभाग में लूट मची है और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का असली सच यह है कि भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया गया है।
अखिलेश यादव ने औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन योजनाओं के नाम पर संगठित भ्रष्टाचार हो रहा है। खुलेआम कमीशनखोरी चलाई जा रही है और जब वसूली का भंडाफोड़ होता है तो केवल निलंबन का नाटक किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार की जड़ें अधिकारी स्तर पर नहीं रुकतीं, बल्कि इसके पीछे और भी बड़े लोग शामिल हैं।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भ्रष्टाचार के मामलों में सही तरीके से हिस्सेदारी नहीं बंटती, तब जाकर घोटालों का पर्दाफाश होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार की जड़ें गहराई तक फैल चुकी हैं और ‘इन्वेस्ट यूपी’ से लेकर थानों और तहसीलों तक लूट का बोलबाला है।अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की विकास परियोजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता और पदाधिकारी स्वयं स्वीकार करते हैं कि उन्होंने पहले कभी इतना भ्रष्टाचार नहीं देखा। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से लेकर सड़क निर्माण तक हर जगह लूट हो रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे उद्घाटन से कुछ दिन पहले ही धंस गया और उखड़ने लगा। इसी तरह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की लागत लगातार बढ़ती गई और उसमें भी अनियमितताओं का खेल अब भी जारी है।पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निवेश के नाम पर फर्जी कंपनियों को शामिल किया जा रहा है और इन कंपनियों के जरिए बड़े स्तर पर कमीशनखोरी और लूट की जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है और इस भ्रष्टाचार की पोल खुलने लगी है।अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि भाजपा को अब अपने ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाले नारे में संशोधन कर कहना चाहिए— “सब मिल बांट, करें बंटाधार!”
जोधपुर 21 March, (Rns) । शहर के झालामंड इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या ने सनसनी फैला दी। मामूली विवाद महज एक मोबाइल फोन को लेकर था, लेकिन उसने एक जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि इलाके के लोग कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंच गए।
थाना अधिकारी हमीर सिंह के अनुसार, मृतक चंदनसिंह राठौड़ मीरा नगर का निवासी था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। वारदात के समय उसका छोटा भाई भवानी भी मौजूद था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना से पहले चंदन सिंह ने आरोपियों के साथ पार्टी की थी।
पार्टी के बाद जब वह अपनी स्कॉर्पियो में बैठकर घर के लिए निकले, तब एक युवक का मोबाइल उनकी गाड़ी में रह गया। जब देर रात आरोपी ने मोबाइल वापस मांगा, तो चंदन सिंह ने उसे सुबह लौटाने की बात कही। बस, इतनी-सी बात पर विवाद बढ़ गया।
मोबाइल को लेकर शुरू हुई बहस जल्द ही गाली-गलौज में बदल गई। आरोपियों ने चंदन सिंह को जबरदस्ती घर से बाहर बुलाया और घातक हमला कर दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद स्थानीय लोग गुस्से में हैं। वे कुड़ी थाने पहुंचे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि इलाके में पुलिस गश्त की कमी के कारण अपराधी बेखौफ हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
सवाल यह है कि महज एक मोबाइल के लिए हत्या तक की नौबत कैसे आ गई?
हिमाचल प्रदेश 21 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर हिमाचल प्रदेश में अपने शूटिंग शेड्यूल की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।
पर्दे के पीछे के पल साझा करते हुए अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने हिमाचल प्रदेश में फिल्म शूटिंग के दौरान अपने व्यस्त लेकिन खूबसूरत अनुभव की झलक दिखाई। गुरुवार को परिणीति ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर हिमाचल प्रदेश की सुंदरता को दिखाते हुए कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए, जिसमें पहाड़ और हरी-भरी हरियाली दिख रही थी।
अभिनेत्री ने कैमरे की तरफ देखकर एक वीडियो भी शेयर किया। एक फोटो में लिखा था, “दूसरा शेड्यूल शुरू।” उन्होंने लोकेशन, हिमाचल प्रदेश को टैग भी किया।
पिछले हफ्ते, ‘इश्कजादे’ अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने अपने पति और राजनेता राघव चड्ढा पर गर्व जताते हुए खुद को ‘हार्वर्ड की पत्नी’ बताया। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सामने पोज देते हुए अपने पति की तस्वीरें शेयर की। कैप्शन में उन्होंने लिखा, “मेरे पति हार्वर्ड से लौटे हैं।” उसी तस्वीर को शेयर करते हुए परिणीति ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ” मैं हार्वर्ड की पत्नी हूं। अलविदा।”
परिणीति चोपड़ा ने फरवरी में नेटफ्लिक्स के साथ अपनी ओटीटी डेब्यू सीरीज की शूटिंग शुरू कर दी है। इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने एक नोट शेयर किया, जिसमें लिखा था, “कुछ रहस्य ऐसे ही सामने नहीं आते।
वे आपको अपनी ओर खींचते हैं। आप अनुमान लगाते रहते हैं और जाने नहीं देते। एक नई मिस्ट्री थ्रिलर सीरीज बन रही है! नेटफ्लिक्स टीम और हम सबने इस काम को बहुत प्यार से किया है, और मैं इसे आपको दिखाने के लिए उत्सुक हूं! शूटिंग शुरू हो गई है… मेरी ओटीटी सीरीज की शुरुआत हो चुकी है!”
अपकमिंग ओटीटी सीरीज, जिसमें ताहिर राज भसीन, अनूप सोनी, जेनिफर विंगेट, चैतन्य चौधरी, हरलीन सेठी और सोनी राजदान भी हैं। इस प्रोजेक्ट का नाम अभी तक तय नहीं हुआ है। इसे सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा और सपना मल्होत्रा ने प्रोड्यूस किया है, और सीरीज का निर्देशन रेंसिल डिसिल्वा ने किया है।
नई दिल्ली ,21 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। असम से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के विधायक समसुल हुदा एक व्यक्ति को पीटते हुए नजर आ रहे हैं।
यह घटना धुबरी जिले के पूर्वी बिलासीपारा विधानसभा क्षेत्र में एक पुल के शिलान्यास समारोह के दौरान हुई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधायक समसुल हुदा को पुल के शिलान्यास के लिए रिबन काटने के लिए आमंत्रित किया गया था। समारोह स्थल पर दो केले के पौधों के बीच गुलाबी रंग का रिबन बांधा गया था।
लेकिन विधायक इस बात पर गुस्सा हो गए कि शिलान्यास के लिए लाल रंग का रिबन क्यों नहीं लगाया गया था।
वायरल हो रहा यह वीडियो मंगलवार (18 मार्च) का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्से में भरे विधायक समसुल हुदा पास में खड़े एक व्यक्ति का कॉलर पकड़ते हैं, फिर उसे थप्पड़ मारते हैं और इसके बाद समारोह के लिए लगाए गए केले के दोनों पौधों को उखाड़कर उससे पीटना शुरू कर देते हैं।
पीडि़त व्यक्ति की पहचान साहिदुर रहमान के रूप में हुई है, जो पुल ठेकेदार का सहकर्मी बताया जा रहा है। साहिदुर रहमान ने कहा, मैं सिर्फ अपना काम कर रहा था, तभी विधायक हुदा ने बिना किसी कारण के मुझ पर हमला कर दिया।
मुझे एक जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं थी। यह अपमानजनक और दर्दनाक था।
खबर लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस द्वारा किसी भी कार्रवाई की सूचना नहीं है। हालांकि, विधायक समसुल हुदा के इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है।
बेंगलुरू ,21 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कर्नाटक विधानसभा आज जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की वजह थी सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4त्न आरक्षण देने का मामला। इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया। आर अशोक के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने आरक्षण बिल की कॉपी फाड़कर स्पीकर की ओर फेंक दी।
आज हुए हंगामे के बाद भाजपा के 18 विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही से 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। इससे पहले मार्शलों ने भाजपा विधायकों को उठाकर सदन से बाहर किया।
कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी निविदाओं में मुस्लिम ठेकेदारों को चार फीसदी आरक्षण देने का फैसला ‘खुलेआम तुष्टीकरण की राजनीति’ है।
येदियुरप्पा ने आज यहां संवाददाताओं से कहा,मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा है कि सरकारी निविदाओं में चार प्रतिशत आरक्षण मुसलमानों को दिया जायेगा। सवाल यह है कि सिर्फ मुसलमानों को ही क्यों?
सभी समुदायों के समर्थन से सत्ता में आए मुख्यमंत्री ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को क्यों भुला दिया और कर्नाटक में हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय की उपेक्षा क्यों की।
उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश में पढऩे वाले मुस्लिम छात्रों के लिए वित्तीय सहायता 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख कर दी गई है, जबकि मुस्लिम महिलाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए धन आवंटित किया गया है।
कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जरकीहोली ने गुरुवार को कहा था कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले कॉर्पोरेशन मंत्री केएन राजन्ना को दो बार हनी ट्रैप का निशाना बनाया गया।
हालांकि, हनी ट्रैप की कोशिश नाकाम रही। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि पुलिस में मामला दर्ज कर इसकी गहराई से जांच की जाएगी।
चंडीगढ़ ,21 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हरियाणा सरकार ने विधानसभा में भू-राजस्व (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया गया। जिसके अनुसार अब पति-पत्नी को छोड़कर साझे खाते की जमीन का बंटवारा खून के रिश्तों में भी होगा।
साझा भूमि के विवाद को लेकर सहायक कलेक्टर एवं तहसीलदार की अदालतों में एक लाख से अधिक केस चल रहे हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने दावा किया कि नए कानून से प्रदेश के 14 से 15 लाख किसानों को राहत मिलेगी।
ऐसे में उन सभी मामलों में, जहां कोई रक्त संबंधी सह-स्वामित्वकर्ता संयुक्त भूमि पर हिस्सेदारी की मांग करता है, को राहत के लिए नियमों में नई धारा जोड़ी गई है। पति-पत्नी को छोड़कर यह धारा सभी पर लागू होगी, चाहे साझी भूमि के मालिक खून के रिश्ते में ही क्यों न हों।
अधिनियम की धारा 114 के अनुसार राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि कोई अन्य सह-स्वामी अपनी हिस्सेदारी की जमीन का बंटवारा करना चाहते हैं या नहीं। यदि हां तो उन्हें भी बंटवारे के लिए आवेदनकर्ताओं के रूप में जोड़ा जाएगा।
नए कानून के तहत संयुक्त भू-मालिक, चाहे वे खून के रिश्ते में ही क्यों न हों, उन्हें संबंधित सहायक कलेक्टर एवं तहसीलदार के नोटिस जारी करने की तिथि से छह माह के भीतर बंटवारे का राजीनामा पेश करना होगा।
अगर निर्धारित अवधि में सभी संयुक्त भू-मालिकों द्वारा आपसी सहमति से भूमि विभाजन का करार पेश नहीं किया जाता तो राजस्व अधिकारी छह महीने का समय और दे सकते हैं।
यदि सभी संयुक्त भू-मालिकों द्वारा आपसी सहमति से भूमि विभाजन का करार पेश किया जाता है, तो संशोधित अधिनियम की धारा 111-क (3) के अंतर्गत भूमि के विभाजन का इंतकाल धारा 123 के प्रविधान के अंतर्गत कर दिया जाएगा।
अमरावती ,21 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आज एक अहम बयान में कहा कि तिरुमाला मंदिर में केवल हिंदुओं को ही काम पर रखा जाना चाहिए, अगर दूसरे धर्मों के लोग वहां काम कर रहे हैं, तो उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना उन्हें दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम इस उद्देश्य के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजेंगे। दरअसल मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू वहां पहुंचे हुए थे। उन्होंने कहा कि भगवान वेंकटेश्वर की संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक पवित्र धागा बांधा गया है।
उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे हिंदू भी चाहते हैं कि वहां भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर बनाए जाएं। इसलिए दुनिया भर में जहां भी हिंदू समुदाय की बड़ी संख्या है वहां वेंकटेश्वर मंदिर स्थापित किए जाएंगे।
तिरुमाला की सात पहाडिय़ों के पास व्यावसायिक गतिविधियों के बारे में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इस क्षेत्र से सटे मुमताज होटल के लिए पहले अनुमति दी गई थी।
हालांकि, सरकार ने अब होटल के लिए मंजूरी रद्द करने का फैसला किया है, जिसे 35.32 एकड़ जमीन पर बनाने की योजना थी।
बेडरूम में मिला पत्नी का शव; एक ही कमरे में थे पति और बीएफ
झांसी ,21 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मेरठ के सौरभ हत्याकांड के बाद झांसी में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक पूर्व मंत्री के भाई की बहू की लाश उनके बेडरूम में मिली है। पुलिस ने इस मामले में महिला के पति और उसके कथित प्रेमी को हिरासत में ले लिया है।
यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्ष्मी गेट बाहर मोहल्ले में हुई। यहां पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार के भाई तुलसीदास के बेटे रविंद्र अहिरवार अपनी 36 वर्षीय पत्नी संगीता और तीन बच्चों के साथ रहते थे।
पुलिस के अनुसार, उन्हें किराएदार से सूचना मिली कि घर के अंदर कुछ गड़बड़ है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोडऩे पर अंदर बेड पर संगीता का शव पड़ा मिला, जबकि उसके बगल में उसका कथित प्रेमी रोहित वाल्मीकि सोया हुआ था। संगीता का पति रविंद्र कमरे में ही एक सोफे पर पड़ा था। पुलिस ने तत्काल दोनों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने बताया कि संगीता के चेहरे, गर्दन और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गुरुवार रात को संगीता, उसके पति रविंद्र और रोहित वाल्मीकि ने बेडरूम में शराब पार्टी की थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और संगीता की हत्या कर दी गई।
मृतका की बड़ी बेटी एंजल (12 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे रोहित वाल्मीकि शराब लेकर घर आया था। उसकी मां संगीता, रोहित और पिता रविंद्र बेडरूम में चले गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। तीनों बच्चों को ऊपर रहने वाली किराएदार महिला के पास भेज दिया गया था। एंजल ने बताया कि अंदर काफी देर तक शराब पार्टी चलती रही।
एंजल ने आगे बताया कि करीब एक घंटे बाद जब बच्चे नीचे आए और दूसरे कमरे में चले गए, तो उन्होंने बेडरूम के अंदर से मारपीट की आवाजें सुनीं। एंजल ने बताया कि उसकी मां जोर-जोर से चिल्ला रही थी।
जब उसने बेडरूम का दरवाजा खटखटाया तो रोहित ने थोड़ा सा दरवाजा खोलकर उसे 100 रुपये दिए और बाहर से कुछ लाने के लिए कहा। इसके बाद रोहित ने दरवाजा बंद कर लिया और फिर से उसकी मां को पीटने लगा। एंजल ने तुरंत मकान की दूसरी मंजिल पर रहने वाली किराएदार शकुंतला को इसकी जानकारी दी।
शकुंतला ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जिसके बाद उन्होंने डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और अंदर का मंजर देखकर हैरान रह गई।
पुलिस ने कमरे से शराब की तीन बोतलें बरामद की हैं। संगीता के तीन बच्चे हैं, जिनमें एंजल (12), अर्पिता (10) और अंश (5) शामिल हैं।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि संगीता अहिरवार का शव उनके बेडरूम में मिला है। उसी कमरे में महिला का पति और बॉयफ्रेंड भी मौजूद थे, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
उन्होंने बताया कि महिला की आंख और गले पर चोट के निशान हैं। फील्ड यूनिट ने मौके से सबूत जुटाए हैं। एसपी सिटी ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
नई दिल्ली ,21 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी शुक्रवार को 2 साल 8 महीने का समय जेल में बिताने के बाद रिहा हो गए। उन्हें सात मार्च को सुप्रीम कोर्ट से कई शर्तों के साथ जमानत मिली थी, जिसके बाद कोर्ट का आदेश करीब 15 दिनों बाद कासगंज जेल पहुंचा और उनकी रिहाई संभव हो सकी।
अब्बास अंसारी की रिहाई उनके परिवार के लिए ईद से पहले एक बड़ी खुशी लेकर आई है। रमजान के पवित्र महीने में जुमे के दिन उनकी रिहाई को उनके समर्थक ईश्वर की कृपा मान रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास में रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ का दौरा करने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह बिना अनुमति के उत्तर प्रदेश नहीं छोड़ सकेंगे और अदालतों में पेश होने से एक दिन पहले पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी होगी।
अब्बास अंसारी को पिछले विधानसभा चुनाव के कुछ समय बाद, 4 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ सबसे प्रमुख मामला हेट स्पीच का था, जिसके बाद 6 सितंबर 2024 को उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
अब्बास अंसारी पहले चित्रकूट जेल में बंद थे, जहां अपनी पत्नी निकहत के साथ अवैध रूप से मुलाकात करते पकड़े जाने के बाद उन्हें कासगंज जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। उनकी पत्नी निकहत को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
अब्बास अंसारी ने 2022 का विधानसभा चुनाव ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के टिकट पर जीता था। उस समय सुभासपा और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। हालांकि, बाद में सुभासपा ने सपा का साथ छोड़कर भाजपा से गठबंधन कर लिया।
इस गठबंधन पर सवाल उठने पर ओपी राजभर ने अब्बास अंसारी को सपा का भेजा हुआ प्रत्याशी बताया था। अब अब्बास की रिहाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह सुभासपा की बैठकों में शामिल होते हैं या पार्टी से दूरी बनाए रखते हैं। विधानसभा में भी उनकी सीट पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
21.03.2025 – अभिनेता कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में मुरलीकांत पेटकर के दमदार किरदार के लिए ‘महाराष्ट्रियन ऑफ द ईयर 2025’ अवॉर्ड दे कर सम्मानित किया गया है। ‘चंदू चैंपियन’ में कार्तिक आर्यन की जर्नी सिर्फ एक रोल निभाने तक ही नहीं थी, बल्कि ये एक इमोशनल सफर भी रहा।
मुरलीकांत पेटकर के किरदार को सजीव बनाने के लिए कार्तिक ने जमकर मेहनत की और कड़ी ट्रेनिंग ली, फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन किया और अपनी दिल से जुड़ी कहानी कहने की ताकत को इसमें झोंक दिया। इसी लगन और जुनून ने उनके किरदार को इतना असरदार बना दिया।
इस रोल के जरिए कार्तिक ने महाराष्ट्र के इस अनदेखे हीरो की प्रेरणादायक कहानी को बड़े पर्दे पर जीवंत किया, जिन्होंने भारत के लिए पहला पैरालंपिक गोल्ड मेडल जीता था। इस अवॉर्ड के साथ कार्तिक ने न सिर्फ अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया, बल्कि महाराष्ट्र के गौरव को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑनलाइन गेमिंग से पैदा होने वाले जोखिमों और लत से होने वाले नुकसान पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2022-24 के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी/जुआ/गेमिंग वेबसाइटों (मोबाइल एप्लिकेशन सहित) से जुड़े 1,298 ब्लॉकिंग निर्देश जारी किए हैं।
रेल और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, सरकार की नीतियों का उद्देश्य इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए एक ओपन, सेफ, विश्वसनीय और जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करना है।
इस लक्ष्य को पाने के लिए सरकार ने संबंधित हितधारकों के साथ परामर्श के बाद ऑनलाइन गेम से उत्पन्न होने वाली विभिन्न सामाजिक-आर्थिक चिंताओं को दूर करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधनों को अधिसूचित किया।
आईटी नियम, 2021 ऑनलाइन गेम को लेकर दूसरे मध्यस्थों, सोशल मीडिया मध्यस्थों या प्लेटफार्मों सहित ऑनलाइन गेमिंग मध्यस्थों पर विशिष्ट दायित्व डालता है।
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा को बताया कि ऐसे मध्यस्थों को किसी भी कानून का उल्लंघन करने वाली किसी भी सूचना को होस्ट, स्टोर या प्रकाशित नहीं करना चाहिए।केंद्रीय मंत्री के अनुसार, वे अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी बाध्य हैं, जिसमें आईटी नियम, 2021 के तहत वर्गीकृत गैरकानूनी सूचनाओं को हटाने की दिशा में उनकी तुरंत कार्रवाई शामिल है।
इसके अलावा, बच्चों के लिए हानिकारक, मनी लॉन्ड्रिंग या जुए से जुड़ी किसी भी सूचना के खिलाफ शिकायत पर भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी।आईटी अधिनियम में मध्यवर्तियों को संप्रभुता और एकता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मित्रवत संबंध या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में विशिष्ट जानकारी/लिंक तक पहुंच को रोकने के लिए आदेश जारी करने के प्रावधान हैं।
गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) भी अपने प्रकाशन भारत में अपराध में अपराध पर सांख्यिकीय डेटा प्रकाशित करता है।
भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश से की अपील
नई दिल्ली, 20 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा अपना भारत प्रत्यर्पण रोकने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है। उसने अपने भारत प्रत्यर्पण को रोकने के लिए एक और दांव चला है। तहव्वुर राणा ने अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबट्र्स से अपील की है।
बता दें तहव्वुर राणा ने इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एलेना कागन के सामने भी अपील की थी, लेकिन उस याचिका को खारिज कर दिया था।आगामी 4 अप्रैल को तहव्वुर राणा की अपील पर सुनवाई हो सकती है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है। अपनी अपील में तहव्वुर राणा ने उसका भारत प्रत्यर्पण रोकने की अपील की है।
दरअसल तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पण का डर सता रहा है। तभी जब उसने जस्टिस एलेना से अपील की थी तो उसमें कहा था कि उसे भारत में प्रताडि़त किया जा सकता है और इसके चलते वह ज्यादा लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाएगा।तहव्वुर राणा ने कहा कि वह एक मुस्लिम है और पाकिस्तानी मूल का है। साथ ही वह पूर्व में पाकिस्तानी सेना में भी सेवाएं दे चुका है।
इसके कारण उसे भारत में प्रताडि़त किया जा सकता है। मुंबई हमले के साजिशकर्ता ने ये भी कहा कि उसकी सेहत ठीक नहीं है और वह कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है। ऐसे में उसे भारत में प्रताडि़त कर मारा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा।
तहव्वुर राणा को साल 2008 के मुंबई हमले के दोषी आतंकी डेविड कोलमैन का करीबी माना जाता है। तहव्वुर राणा मुंबई हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल है। तहव्वुर राणा पर लश्कर ए तैयबा और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआईय के साथ मिलकर काम करने का आरोप है।