गांजा रूट: आंध्र, ओडिशा से झारखंड, बिहार होते हुए दिल्ली-एनसीआर के छात्रों तक

नई दिल्ली 16 Jully (एजेंसी): सस्ते और लोकल नशे के रूप में मार्केट में अपनी पकड़ बना चुका गांजा आखिर आ कहां से रहा है। यह एक सबसे बड़ा सवाल है। नोएडा – गाजियाबाद और दिल्ली में ये गली-गली और मोहल्ले में बहुत आसानी से लोगों को उपलब्ध हो जाता है। पुलिस ने बीते दिनों नोएडा और गाजियाबाद में जून और जुलाई में ही करीब 1000 किलोग्राम गांजा पकड़ा है। पकड़े गए गांजा की कीमत करीब 3 करोड़ के आसपास होगी। लेकिन आंध्रप्रदेश से लेकर इसे एनसीआर तक पहुंचाना और उसके लिए कॉरिडोर तैयार करना, तस्करों की बड़ी उपलब्धि माना जा रही है।

छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड और बिहार के रास्ते यूपी तक गांदे की खेप को पहुंचाया जा रहा है। कभी बड़े-बड़े कैंटर में कबाड़ और सामान के नीचे, तो कभी ट्रक में नमक की बोरियों के नीचे लाद कर, तो कभी लग्जरी गाड़ी में सूट बूट पहने ड्राइवर के भेष में तस्कर इसे लेकर एनसीआर तक पहुंच रहे हैं।

आंध्र प्रदेश और उड़ीसा से इसे एनसीआर तक पहुंचाने के लिए इन तस्करों ने एक कॉरिडोर तैयार कर लिया है जिस पर छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार का रास्ता लेते हुए यमुना एक्सप्रेस वे होते हुए यह तस्कर एनसीआर में दाखिल हो रहे हैं।

यह एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला नशा है और बहुत ही आराम से यह छात्र-छात्राओं, मजदूरों, कामगारों और अन्य लोगों में बांटा जा सकता है। कीमत बहुत ज्यादा अधिक ना होने के चलते लोग आराम से इसे खरीद लेते हैं और फिर इस नशे को इस्तेमाल करते हैं।

नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने 17 जून को 360 किलो गांजे के साथ बीएचयू के एक छात्र को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए गांज की कीमत 60 लाख बताई गई थी। उसके पास से एक लग्जरी कार बरामद हुई थी। जिससे वह गांजे को उड़ीसा से ले आकर एनसीआर में सप्लाई कर रहा था।

इस मामले में पुलिस ने बताया कि विनय कुमार दुबे बीएचयू में पढ़ाई करता है और अपने चार दोस्तों के साथ गाड़ियों में उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से गांजा लौटकर एनसीआर लेकर आता है। गाड़ी लग्जरी होने की वजह से लोगों को इस बात का शक नहीं होता कि यह लोग गांजा तस्कर हैं।

पुलिस ने बताया कि उड़ीसा से वाया जबलपुर होते हुए यह दिल्ली जा रहा था। दिल्ली में किसी पार्टी को इनको गांजा सप्लाई करना था। इनका काम सिर्फ गांजे को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर छोड़ देना है जिसके लिए अच्छी रकम दी जाती है।

दूसरे मामले में 7 जुलाई को गाजियाबाद पुलिस ने उड़ीसा से कैंटर में नमक की बोरियों के नीचे छुपा कर लाए जा रहे 220 किलो गांजे को बरामद किया और 2 लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़ा गया एक आरोपी ट्रक ड्राइवर है और उसने बताया कि उसकी कमाई काफी कम हो रही थी इसलिए उसने इस काम को चुना।

यह तस्कर कैंटर में नमक की बोरियां, कबाड़ सब्जी और अन्य सामान लोड कर देते थे और उन बोरियों के नीचे गांजे के पैकेट छुपा देते थे। इससे रास्ते में ना तो किसी को शक होता था और ना ही भारी समान होने की वजह से कोई चेकिंग के लिए से नीचे उतरवाता था। यह आरोपी उड़ीसा से रवाना होने के बाद माल डिलीवरी होने तक अपना मोबाइल बंद रखते थे जिससे पकड़ में ना आएं।

तीसरे मामले में नोएडा पुलिस ने 10 जुलाई को 345 किलोग्राम गांजा पकड़ा और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। यह तस्कर आंध्र प्रदेश और उड़ीसा से गांजा लाकर धड़ल्ले से दिल्ली हरियाणा और नोएडा में सप्लाई कर रहा था। इससे नारकोटिक्स टीम और कोतवाली थाना फेज टू पुलिस ने चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया। इसका एक साथी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। अंतरराजजीय गांजा तस्कर इंद्रजीत सेनापति उर्फ कालिया अपने साथी परितोष सरकार के साथ मिलकर आंध्रप्रदेश से गांजा लाकर दिल्ली एनसीआर में सप्लाई करने का काम करता है।

अब तक पकड़े गए तस्करों ने जो पुलिस को जानकारी दी है, उसके मुताबिक गांजे की डिमांड पूरे एनसीआर में सबसे ज्यादा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में है। खासतौर से झुग्गी झोपड़ी वाले इलाकों में इसकी खपत सबसे ज्यादा है। अब गांजे की डिमांड स्कूल-कॉलेज और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले विदेशी नागरिकों में भी है।

नेशनल ड्रग डिपार्टमेंट ट्रीटमेंट के एक अध्ययन के मुताबिक, देश में नशे के लिए गांजे का इस्तेमाल शराब के बाद सबसे ज्यादा दूसरे नंबर पर होता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा इलाके में खोखे रेडी पटरी ऊपर गांजे की बिक्री काफी आसानी से हो जाती है और यह सस्ता नशा होने के कारण सबकी पहुंच में भी आ जाता है।

पुलिस अधिकारियों से इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, गांजे की तस्करी अलग-अलग स्टेप पर की जाती है और इसके लिए अलग अलग व्यक्ति निश्चित किए गए हैं। जैसे आंध्र प्रदेश और उड़ीसा की पहाड़ियों पर पूरा का पूरा गांव इसकी खेती में लगा हुआ है। उस जगह पर किसी और के आने जाने की मनाही है।

जब उन्हें गांजे को बाहर भेजना होता है तब तस्करों से संपर्क किया जाता है और तस्कर अपने वाहन लेकर उनके गांव के बाहर पहुंच जाते हैं। इस धंधे में जुड़े लोग किसी को भी अपने गांव के अंदर नहीं आने देते। गांव के लोग खुद ही उनकी गाड़ियों को अंदर लेकर जाते हैं और माल को गाड़ी में लोड करते हैं और उसके बाद वापस लाकर उस गाड़ी को उन्हें सौंप देते हैं।

दूसरे स्टेप पर तस्कर वहां से जब चलता है तो वह अपना एक रूट निर्धारित कर लेता है कि उसको छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के किन रास्तों से होकर यह खेप पंहुचानी है। साथ ही तस्कर अगर ज्यादा शातिर होता है तो वह एक से दो बार अपने वाहन को भी अदला बदली करता है ताकि अगर उसके पीछे कोई मुखबिर है तो उसको भी चकमा दिया जा सके।

इसके बाद वह नोएडा या गाजियाबाद और दिल्ली पहुंच कर जिस बिचौलिए या सप्लायर को माल सप्लाई करना होता है, उसके हवाले माल कर देता है और आपका पैसा लेकर गायब हो जाता है।

अब तीसरे स्टेप पर काम सप्लायर का होता है। कि वह अपने सेट जगह पर माल को कैसे डिस्ट्रीब्यूटर करता है। वह अपने इलाके में तमाम उन जगहों पर अपने लोगों को सेट करके रखता है जहां पर इसकी बिक्री सबसे ज्यादा होती है। माल सप्लायर तक पहुंचते ही सबको इसकी सूचना दे दी जाती है और छोटी-छोटी पुड़िया में इसको बांधकर सभी तक पहुंचा दिया जाता है।

गांजे की सप्लाई और इससे जुड़े तस्कर, बिचौलिए, सप्लायर के चेन के बारे में रिसर्च करने वाले एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसकी तस्करी रोक पाना काफी मुश्किल है।

उन्होंने बताया है कि यह काफी सस्ता और आसानी से साथ ले जाने वाला नशा होता है जिसको पकड़ पाना बहुत मुश्किल होता है। एक छोटी सी पुड़िया में कुछ ग्राम गांजा रखकर कोई कहीं भी ट्रेवल कर सकता है ना तो यह कोई बॉटल है और ना कोई मेटल, तो इसको साथ रखने पर किसी को शक भी नहीं होता। साथ ही साथ कई जगह पर पुलिस की भी कमी देखने को मिलती है, इसीलिए आसानी से इसके तस्कर एनसीआर में प्रवेश कर जाते हैं और अपने माल की सप्लाई करते हैं।

फिर भी लगातार कोशिश करने के बाद पुलिस तस्करों के अलग-अलग चेन को पकड़ने की कोशिश कर रही हो और काफी हद तक कामयाब भी हुई है।

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किसानों और शिल्पियों की समृद्धि का जरिया बन रहा बांस

लखनऊ 16 Jully (एजेंसी): अब किसानों और शिल्पियों की समृद्धि का जरिया बांस बन रहा है। इसकी खेती बढ़ाने के साथ किसानों और शिल्पियों को इससे जोड़ने को कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी खुल रहे हैं। यूपी सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए बांस के उत्पादों की विस्तृत चेन और बाजार बनाए जाने की योजना पर काम भी शुरू कर दिया है। बांस उपचार संयंत्र लगाने के काम भी शुरू हो चुके हैं। इसमें नेशनल बैम्बू मिशन काफी मददगार साबित हो रहा है।

राष्ट्रीय बांस मिशन एक बहुद्देश्यीय योजना है। इसे बांस की नई किस्मों को विकसित करने, अनुसंधान को प्रोत्साहन करने, हाईटेक नर्सरी लगाने, पौधों में कीट एवं बीमारी प्रबंधन, बांस से जुड़ी हस्तकला को बढ़ावा देने, बांस उत्पादकों की आय बढ़ाने, बांस उत्पादों के लिए विपणन नेटवर्क विकसित करने तथा कारीगरों को कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया है।

अभी यह योजना बुंदेलखण्ड और विंध्याचल क्षेत्र सहित 32 जिलों (38 वन प्रभाग) और बिजनौर सामाजिक वानिकी, नजीबाबाद (बिजनौर), सहारनपुर सामाजिक वानिकी, शिवालिक (सहारनपुर), मुजफ्फरनगर, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, पीलीभीत सामाजिक वानिकी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर खीरी, दक्षिण खीरी, बहराइच, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, काशी वन्यजीव (चन्दौली), जौनपुर, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, सोहागीबरवा वन्यजीव (महराजगंज), बलिया, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बाँदा, झाँसी, उरई (जालौन), चित्रकूट, मिर्जापुर, सोनभद्र, ओबरा तथा रेनूकूट में लागू की जा रही है।

इस योजना के तहत प्रदेश में मुख्य रूप से बैम्बूसा बाल्कोआ, बैम्बूसा न्यूटन्स, बैम्बूसा बैम्बोस, डैन्ड्रोक्लेमस हैमिल्टोनी और डैन्ड्रोक्लेमस जाइजेन्टियस जैसी प्रजातियों को उगाने और लगाने के कार्य कराये जा रहे हैं। सरकार इस योजना के तहत राजकीय भूमि और निजी कृषक भूमि में बांस पौधशाला लगाने, सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी), बांस का बाजार, बांस उपचार संयंत्र और वृक्षारोपण के साथ सहायक कार्यों पर आर्थिक सहायता भी दे रही है। निजी कृषकों, निजी संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले कार्यों के लिए निर्धारित मानकों के सापेक्ष 50 प्रतिशत प्रोत्साहन भी धनराशि दी जा रही है।

राष्ट्रीय बांस मिशन योजना के प्रशिक्षण और जागरूकता के लिए पांच जिलों जैसे सहारनपुर, बरेली, झाँसी, मिर्जापुर तथा गोरखपुर में सामान्य सुविधा केंद्रों (कॉमन फेसिलिटी सेंटर -सीएफसी) की स्थापना की गई है। इनमें प्रशिक्षण कार्यों के लिए क्रॉस कट, बाहरी गांठ हटाने, रेडियल स्प्लिटर, स्लाइसर, सिलवरिंग, स्टिक मेकिंग और स्टिक साइजिंग इत्यादि जैसी मशीनों को स्थापित किया गया है।

ये केंद्र बांस कारीगरों के समूहों, स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पाद संगठनों या वन विभाग की संयुक्त वन प्रबंधन समिति की स्थानीय इकाइयों द्वारा संचालित किये जाएंगे। इनमें क्षेत्र के कृषकों, कारीगरों, उद्यमियों को प्रशिक्षण और रोजगार सृजन के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

नेशनल बंबू मिशन के डायरेक्टर के. एलंगगो ने बताया कि लचीलेपन और टिकाऊपन में बेजोड़ बहुपयोगी बांस को बढ़ावा देने पर सरकार का खासा जोर है। बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। किसानों को जागरूक किया जा रहा है। पर्यावरण को ठीक रखने में यह काफी सहायक है। बांस नदी की कटान रोकने में काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।

बांस से जुड़े पर्यावरणीय लाभों पर बीबीएयू के प्रोफेसर डॉ. वेंकेटेश दत्ता ने कहा कि बांस को ऊसर या कम उपजाऊ जमीनों पर लगाया जाना चाहिए, साथ में इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि यह स्थानीय प्रजातियों को कोई नुकसान न पहुंचाए।

कुल मिलाकर, बांस की खेती प्रदेश के किसानों और कारीगरों की आमदनी को बढ़ाने का जरिया बनने जा रही है। इसके साथ, यह प्रदेश में हरियाली का दायरा भी बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

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लोकसभा चुनाव में भारी जीत के लिए भाजपा के गुजरात मुख्यालय में बैठकों का दौर

अहमदाबाद 16 Jully (एजेंसी): 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों में भारी जीत के बाद और राज्य के महत्व को पहचानते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिना समय बर्बाद किए, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भारी जीत के लिए पार्टी के राज्य मुख्यालय में लगातार बैठकें कर रही है।

उच्च महत्वाकांक्षाओं के साथ, भगवा पार्टी ने आने वाले लोकसभा चुनाव में 400 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, जो 2019 में 303 सीटों से काफी अधिक है।

इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए, भाजपा से जुड़े विभिन्न समूह जैसे महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा को देश भर में मतदाताओं तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गुजरात में, इसकी अगुवाई करने वाले नेता राज्य भाजपा प्रमुख सी.आर. पाटिल हैं, जिन्होंने 2022 के गुजरात चुनाव में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पाटिल ने एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें राज्य की सभी 26 लोकसभा सीटों पर प्रत्येक में पांच लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल करना शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाटिल की क्षमताओं पर बहुत भरोसा करते हैं, जिनकी रणनीति न केवल 26/26 का सही स्कोर हासिल करने पर केंद्रित है, जो 2014 और 2019 दोनों चुनावों में भाजपा द्वारा हासिल की गई उपलब्धि है, बल्कि यह सुनिश्चित करने पर भी कि कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी इतना खराब प्रदर्शन करें कि उनकी जमानत जब्त हो जाए।

पार्टी का वोट शेयर भी बढ़ गया। उसे 62.2 प्रतिशत वोट मिले, जो 2014 में 60 प्रतिशत से अधिक है। पाटिल अपने आत्मविश्वास का श्रेय “मोदी फैक्टर” और राज्य की सावधानीपूर्वक “पन्ना प्रमुखों” को देते हैं।

भाजपा सदस्य ने कहा, ”चाहे जिला चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, हम हमेशा कड़ी मेहनत करते हैं। हमारे लिए उम्मीदवार कम महत्वपूर्ण है, जीत ज्यादा।”

मई 2023 से गुजरात भाजपा मुख्यालय, कमलम में बैठकों का दौर काफी बढ़ गया है।

पाटिल ने हाल के दिनों में अहमदाबाद, पाटन और साबरकांठा जिलों से आने वाले पार्टी सदस्यों के लिए व्यक्तिगत बैठकें आयोजित कीं। इनमें लगभग 300 जिला कार्यकारी सदस्यों, निर्वाचित पंचायत सदस्यों और अन्य आमंत्रित लोगों की उपस्थिति देखी गई। निकट भविष्य में इसी तरह की जिलेवार बैठकें निर्धारित हैं।

इन बैठकों के दौरान चर्चा सोशल मीडिया और संबंधित गतिविधियों के साथ पन्ना प्रमुखों के समन्वय के इर्द-गिर्द घूमती रही। जैसे-जैसे पार्टी तैयारी कर रही है, ये रणनीतिक सत्र प्रभावी संचार और जुड़ाव का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

2019 के चुनाव में, 15 भाजपा उम्मीदवारों ने 3 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, जो 2014 में सिर्फ छह से काफी अधिक है। केवल चार निर्वाचन क्षेत्रों – दाहोद, जूनागढ़, आनंद और पाटन में दो लाख से कम वोटों की जीत का अंतर दर्ज किया गया था।

पूरे देश में सबसे ज्यादा जीत का अंतर, यहां तक कि पीएम मोदी को भी पीछे छोड़ते हुए, नवसारी में पाटिल ने हासिल किया। इन उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए, 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए कमर कसते हुए भाजपा का आत्मविश्वास ऊंचा बना हुआ है।

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पहले पखवाड़े में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की अमरनाथ यात्रा

श्रीनगर 16 Jully (एजेंसी): एक जुलाई से शुरू अमरनाथ यात्रा के पहले पखवाड़े़ में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र शिवंलिंग के दर्शन किए। रविवार को 6,684 यात्रियों का एक और जत्था जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि, “शनिवार को 21,400 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के अंदर दर्शन किए। 6,684 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रविवार सुबह एक सुरक्षा काफिले में जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 4498 पुरुष, 1991 महिलाएं, 34 बच्चे, 140 साधु और 21 साध्वियां हैं। “

इस साल की अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 24 तीर्थयात्रियों की प्राकृतिक कारणों से मौत हो चुकी है।

पारंपरिक पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में 3-4 दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।

दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

इस वर्ष की 62 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई को शुरू हुई और 31 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा उत्सव के साथ समाप्त होगी।

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हालत बिगड़ने पर बीजेपी सांसद प्रवीण निषाद को एयरलिफ्ट कर एम्स दिल्ली ले जाया गया

लखनऊ 16 Jully (एजेंसी): संत कबीर नगर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रवीण निषाद की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके एम्स दिल्ली ले जाया गया है।

निषाद पार्टी के प्रमुख और यूपी के मंत्री संजय निषाद के बेटे प्रवीण को पेट दर्द की शिकायत के बाद शुक्रवार रात गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

गोरखपुर में स्थानीय भाजपा नेताओं के अनुसार, 34 वर्षीय प्रवीण की हालत बिगड़ने पर शनिवार शाम को उन्हें गोरखपुर हवाई अड्डे से एम्स नई दिल्ली ले जाया गया।

डॉक्टरों के मुताबिक, सांसद पैंक्रियाटाइटिस (अग्न्याशय में सूजन) से पीड़ित हैं। उन्हें पहले भी इसी तरह की परेशानियों के कारण लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सांसद के प्रतिनिधि राजीव निषाद ने बताया कि प्रवीण की हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है.

प्रवीण ने 2018 के उपचुनाव में सपा के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा सीट जीतकर प्रसिद्धि हासिल की थी।

2019 में, वह भाजपा में चले गए और पड़ोसी सीट से चुनाव लड़ा।

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जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ के 9 जवान घायल

श्रीनगर 16 Jully (एजेंसी): जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार को एक सड़क दुर्घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नौ जवान घायल हो गए।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोनमर्ग के नीलग्राद इलाके में सीआरपीएफ का वाहन सिंध नदी में गिर गया। इस दुर्घटना में जवान घायल हो गए।

“यह दुर्घटना नीलग्राद क्षेत्र में हेलीपैड के पास हुई। वाहन में सवार सभी लोगों को चोटें आईं।”

सूत्रों ने कहा, “उन्हें इलाज के लिए बालटाल बेस कैंप के अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।”

सीआरपीएफ के जवानों को अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात किया गया था।

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थप्पड़ मारा, गर्दन मरोड़ी… चलती फ्लाइट में पैसेंजर ने Air India के सीनियर अफसर पर किया हमला

नई दिल्ली 16 Jully (एजेंसी): सिडनी से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट में एक बार फिर यात्री ने बड़ा बवाल किया है। हाल में सिडनी से दिल्ली आ रही फ्लाइट में पैसेंजर ने एयर इंडिया (AI) के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की और उन पर हमला कर दिया। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने बताया कि यह घटना तब हुई जब सीट की खराबी के कारण बिजनेस क्लास से इकोनॉमी क्लास में डाउनग्रेड किए गए Air India के अधिकारी ने अपने सह-यात्री को उसकी ऊंची आवाज के कारण टोकने की कोशिश की।

एयर इंडिया के अधिकारी को 30-सी सीट आवंटित थी, लेकिन वहां अन्य यात्री थे इसलिए उन्होंने सीट बदलने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्हें 25 एबीसी सीट दी गई। सूत्र ने आरोप लगाया कि एयर इंडिया के अधिकारी ने अपने सहयात्री को उसकी ऊंची आवाज को लेकर टोकना शुरू किया। लेकिन उनके बगले में बैठे यात्री ने उन्हें थप्पड़ मार दिया और उनका सिर मरोड़कर उनके साथ गाली-गलौज की।

Air India के एक प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, “9 जुलाई, 2023 को सिडनी-दिल्ली उड़ान भरने वाले विमान एआई-301 पर एक यात्री ने मौखिक और लिखित चेतावनियों के बावजूद उड़ान के दौरान अस्वीकार्य तरीके से व्यवहार किया, जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी हुई जिनमें हमारा एक कर्मचारी भी शामिल है।”

फ्लाइट के दिल्ली में सुरक्षित उतरने पर यात्री को सुरक्षा एजेंसी को सौंप दिया गया। उन्होंने बाद में उसे यात्री का लिखा एक माफीनामा जारी किया। जैसा कि प्रवक्ता ने बताया, घटना की विधिवत सूचना DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को दी गई। प्रवक्ता ने दुर्व्यवहार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की Air India की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और कहा कि वे इस मामले को कानून की पूरी सीमा तक उठाएंगे।

यह घटना टोरंटो से उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया (Air India) की उड़ान ए-188 के अंदर केबिन क्रू सदस्य के साथ दुर्व्यवहार करने और शौचालय का दरवाजा तोड़ने के आरोप में नेपाल के एक नागरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता केबिन क्रू सदस्य आदित्य कुमार ने कहा कि नेपाल निवासी यात्री महेश सिंह पांडी ने अपनी सीट 26 ई से 26 एफ में बदल ली और उन्होंने इकोनॉमी क्लास क्रू को गाली देना शुरू कर दिया।

कुमार ने FIR में लिखवाया है, “हमने पीआईसी को सूचित किया और उसे मौखिक चेतावनी दी, लेकिन दोपहर के भोजन की सेवा के बाद हमें 5ए-आईआर में शौचालय (एलएवी) धूम्रपान अलार्म मिला, इसलिए हमने एलएवी दरवाजा खोला और वह सिगरेट लाइटर के साथ पकड़ा गया और धूम्रपान की गंध आ रही थी।”

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कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, DJ के हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से 6 लोगों की मौत- कई झुलसे

मेरठ 16 Jully (एजेंसी): मेरठ जिले के देहात क्षेत्र में कांवड़ के बिजली के हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से 6 शिव भक्तों की झुलस कर मौत हो गई जबकि 18 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हो गए जिनमें छह से ज्यादा की हालत अति गंभीर बनी हुई है। थाना भावनपुर क्षेत्र के राली चौहान में रहने वाले संजू और प्रदीप अपने लगभग 30 साथियों के साथ शनिवार रात ट्रैक्टर ट्रॉली में साउंड सिस्टम लगाकर डाक कांवड़ लेकर आए थे। हरिद्वार से वापस आकर उन्होने कांवड़ एक फार्म हाऊस में खड़ी कर दी और लगभग 20 फुट का डीजे ट्रैक्टर ट्रॉली से गांव में ला रहे थे।

डीजे पर थिरकते कांवडियों को देखने के लिए गांव के लोग भी सड़कों पर आ गए। टीम के कुछ कांवड़िये तेज कदम से आगे निकल गए और कुछ पीछे डीजे के साथ थे। गांव के बच्चे भी डीजे की ट्राली पर बैठ गए।

जब डीजे कांवड़ किला मार्ग से राली चौहान गांव की तरफ मुड़ी तो साउंड सिस्टम की ट्रॉली हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गई और उसमें करंट दौड़ गया। 18 कांवड़िये गंभीर रूप से झुलसे थे, जिसमें से अधिकारिक तौर पर 6 की मौत हुई है।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह घायलों को ट्रॉली से अलग किया। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। इनमें से दो भाईयों हिमांशु और प्रशांत और उनके चाचा है। मृतक दोनों भाईयों का एक भाई विशाल झुलसा हुआ है।

हादसे की सूचना गांल में फैलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर तमाम अधिकारी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हादसे का आरोप बिजली विभाग पर लगाया है। मृतक परिजनों का कहना है कि बिजली घर को सूचित किया गया था कि बिजली के लटके तार ऊंची कांवड़ से तार टकरा रहे है।

शनिवार रात्रि में 8.15 के आसपास डीजे की ऊंचे कोलन हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई, ट्रैक्टर- ट्राली में पीछे की तरफ लोहे के एंगल लगे हुए थे, जिनमें करंट उतर आया। हादसा होते ही स्थानीय लोगों ने बिजली शटडाउन करने के लिए स्थानीय बिजली घर पर फोन किया गया। काफी देर बाद फोन उठा, जब उठा तो जबाव मिला कि शटडाउन कर दिया है, लेकिन तब तक 5 शिवभक्त नींद की आगोश में जा चुके थे। वहीं समय से एंबुलेंस भी उपलब्ध नही हो पाई, जिसके चलते एक-डेढ घंटा निकल और पांच लोगों की उस समय तक मौत हो गई।

मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक परिवार के दो भाई हिमांशु और प्रशांत की हादसे में मौत हो गई है, जबकि तीसरे भाई विशाल की हालत गंभीर बनी हुई है। सुरेंद्र अपने दो बच्चों को खो चुका है, वह रोते हुए कहता है कि शिव का पुजारी हूं, रोज पूजा करता था, भगवान ने यह क्या अनर्थ कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही मेरठ कमीश्नर जे सेल्वा कुमारी, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी चैत्रा वी, आई जी मेरठ रेंज नचिकेता, डीएम दीपक मीणा, SSP रोहित सजवाण ,समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों को शांत करवाते हुए घायलों को उचित उपचार का आश्वासन दिया।

मेरठ कमीश्नर ने घटना की जांच डीएम दीपक मीणा को सौंपी है, जबकि पावर एमडी ने भी इस हादसे पर जांच टीम गठित कर दी है। यदि कोई लापरवाही ऊर्जा विभाग की सामने आती है तो दोषियों पर कार्रवाई की जायेंगी।

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कूनों नेशनल पार्क में दो चीतों की मौत पर अधिकारियों का बयान आया सामने, कही ये बात

भोपाल 16 Jully, (एजेंसी): मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में एक सप्ताह के भीतर दो वयस्क चीतों तेजस और सूरज की मौत ने एक बार फिर “प्रोजेक्ट चीता” के माध्यम से दुनिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण पर बहस छेड़ दी है। दशकों के अनुभव वाले मध्य प्रदेश स्थित कुछ वन्यजीव अधिकारियों ने कहा कि “प्रोजेक्ट चीता और भारत में उनके अस्तित्व के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।”

उनका यह भी कहना था कि कूनो चीता परियोजना से जुड़े वन अधिकारी और पशु चिकित्सक दक्षिण अफ्रीकी वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों से प्राप्त प्रोटोकॉल के संबंध में निर्देशों का पालन कर रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ भारत लाए गए अफ्रीकी और नामीबियाई चीतों के व्यवहार और प्रकृति के बारे में जान रहे हैं क्योंकि वे बाघों और अन्य जंगली जानवरों से परिचित हैं, लेकिन चीतों से नहीं।

मध्य प्रदेश के एक भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी ने कहा, “चीतों की निगरानी दक्षिण अफ़्रीकी विशेषज्ञों से प्राप्त निर्देशों और मार्गदर्शन के आधार पर की जा रही है। चीतों के स्वास्थ्य और दवाओं के बारे में नुस्खे दक्षिण अफ़्रीका से प्राप्त होते हैं, क्योंकि भारतीय वन्यजीव विशेषज्ञ उनके व्यवहार से बहुत परिचित नहीं हैं।”

एक अन्य वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी, आलोक कुमार, जो मुख्य प्रधान वन संरक्षक (वन्यजीव) के पद से सेवानिवृत्त हुए, ने कहा कि कूनो में लाए गए चीते एक अलग परिदृश्य और जलवायु से आए हैं और वे धीरे-धीरे भारतीय जलवायु और पर्यावरण को अपनाएंगे। उन्होंने कूनो नेशनल पार्क में चीतों की निगरानी में किसी भी तरह की कमी की संभावना से भी इनकार किया और कहा कि इस परियोजना पर पूरी दुनिया की नजर है और यह भारत के लिए प्रतिष्ठा की बात है।

वर्मा ने कहा, “चीता परियोजना प्रारंभिक चरण में है और इसलिए कोई भी आकलन करना गलत होगा, क्योंकि यह अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण है। इस परियोजना में हमें किस स्तर पर सफलता मिलती है, यह चार-पांच साल बाद स्पष्ट होगा। वन्यजीव अधिकारी चीतों की नियमित निगरानी कर रहे हैं। और पशुचिकित्सक दैनिक आधार पर उनके व्यवहार को सीख रहे हैं।”

दो चीते – दोनों नर दक्षिण अफ़्रीका से लाए गए दो नर चीते पिछले पांच दिनों में मर गए। पांच वयस्क और तीन नवजात शावक चार महीने से भी कम समय में मरे हैं। केएनपी में अब 15 वयस्क और एक शावक चीता जीवित हैं।

इन चीतों की मौत ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर संदेह पैदा कर दिया है। पिछले साल 7 सितंबर को नामीबिया से आठ चीते और 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 17 सितंबर को केएनपी में बहुत धूमधाम से नामीबियाई चीतों के पहले बैच को जारी किया।

हालांकि, मध्य प्रदेश स्थित वन्यजीव कार्यकर्ता अपने विचार पर दृढ़ थे कि जवाबदेही की कमी चीता परियोजना को नुकसान पहुंचा रही है और केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, परियोजना के लिए नोडल एजेंसी को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

एक वन्यजीव कार्यकर्ता पुष्पेंद्र द्विवेदी ने कहा, “हमारे पास चीतों पर विशेषज्ञता नहीं है, यह समझ में आता है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि अधिकारियों की कई टीमों ने चीतों को भारत में स्थानांतरित करने से पहले दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया का दौरा किया है और इसलिए, सवाल उठता है कि उन्होंने क्या सीखा है? यदि हम हैं यहां कूनो में चीतों का इलाज किया जा रहा है और वे दक्षिण अफ्रीका की दवाओं पर निर्भर हैं, तो यह बहुत खतरनाक स्थिति है।”

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चांद के बाद सूरज पर पहुंचने की तैयारी, इसी माह रवाना होगा आदित्य एल1

चेन्नई 16 Jully (एजेंसी)-साल 2023 को देश की अंतरिक्ष एजेंसी – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए अंतरग्रहीय मिशन का साल कहा जा सकता है। चंद्रयान की शुक्रवार को लॉन्चिंग के बाद इसरो का अगल मिशन सौर यान का है।

इसरो अगस्त के अंत में सौर वातावरण का अध्ययन करने के लिए ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी)/रॉकेट पर अपना कोरोनोग्राफी उपग्रह आदित्य एल1 भेजेगा। इसरो के अनुसार, अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के पहले लैग्रेंज बिंदु (एल1) के आसपास एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा। L1 बिंदु के आसपास उपग्रह बिना किसी बाधा के लगातार सूर्य को देखने देख सकेगा।

इसरो द्वारा चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान द्वारा ले जाए जा रहे अपने लैंडर को चंद्रमा की धरती पर उतारने के प्रयास के कुछ दिनों बाद आदियता एल1 मिशन होने की उम्मीद है। इसरो के अध्यक्ष एस.सोमनाथ के अनुसार, ‘बाहुबली’ रॉकेट एलवीएम3 से प्रक्षेपित चंद्रयान -3 के लैंडर के 23 अगस्त की शाम 5.47 बजे चंद्रमा की धरती पर उतरने की उम्मीद है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने कहा है कि वह इसरो के अगले इंटरप्लेनेटरी मिशन – सौर मिशन आदित्य एल1 के लिए ट्रैकिंग सहायता प्रदान करेगी।

आदित्य-एल1 का नाम हिंदू सूर्य देवता और अंतरिक्ष यान के भविष्य के घर के नाम पर रखा गया है। वहीं एल1 – पृथ्वी-सूर्य प्रणाली का पहला लैग्रेंज बिंदु है। ईएसए ने कहा, यह कई गुणों का अध्ययन करेगा, जैसे कि कोरोनल मास इजेक्शन की गतिशीलता और उत्पत्ति। इसरो ने 2024 में शुक्र के लिए एक उड़ान – वीनस मिशन – भी निर्धारित किया है। क्या यह ‘शुक्र के लिए रात्रि उड़ान’ होगी, यह बाद में पता चलेगा।

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ऑनलाइन लूडो पर हुआ प्यार, शादी के बाद पत्नी को लेकर घर पहुंचा तो परिवार वालों ने धक्के देकर भगाया

लखनऊ 16 Jully (एजेंसी): पबजी से मोहब्बत के किस्से बहुत सुने थे लेकिन अब लूडो से भी मोहब्बत होने की खबरें सामने आई है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ से है। यहा के काकोरी थानाक्षेत्र में ऑनलाइन लूडो खेलते हुए रिया तिवारी और रविराज के बीच दोस्ती हुई। परिवार की मर्जी के खिलाफ दोनों ने अंतरजातीय विवाह कर लिया। पत्नी को लेकर रविराज घर पहुंचा। बेटे-बहू को आशीर्वाद देने के बजाय परिवार वालों ने धक्का देकर उन्हें घर से निकाल दिया। सास-ससुर के इस रवैये से नाराज रिया ने काकोरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। बहू के थाने जाने की जानकारी मिलने पर बेटे रविराज की मां ने भी एफआईआर दर्ज कराई है।

कठिंगरा निवासी किसान रामस्वरूप का बेटा रविराज देर रात तक मोबाइल पर ऑनलाइन लूडो खेलता था। करीब पांच माह पूर्व लूडो खेलते हुए बालागंज निवासी रिया तिवारी से सम्पर्क हुआ। दोनों करीब एक महीने तक चैटिंग करते रहे। फिर शादी करने का मन बना लिया। परिवार की मर्जी के खिलाफ रविराज और रिया ने शादी कर ली। रविराज के मुताबिक, वह पत्नी को लेकर घर गया तो माता-पिता ने रखने से मना कर दिया। इसके बाद नव दम्पति चार माह तक रिश्तेदारों के घर पनाह लिए रहे। शुक्रवार को वह लोग दोबारा परिवार वालों को मनाने के लिए घर पहुंचे। लेकिन रामस्वरूप और उसकी पत्नी कंचन ने बेटे-बहू को घर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी। इसे लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई।

मां कंचन के मुताबिक रविराज को उन्होंने समझाने का प्रयास किया था, लेकिन बेटे ने एक नहीं सुनी। माता-पिता को नाराज कर अपनी मर्जी से शादी कर ली। अब घर में जबरन घुसना चाहते हैं। यह बात हमें मंजूर नहीं है। कंचन का आरोप है कि रविराज को उसका चाचा नेकराम भड़का रहा है। जिसके बहकावे में आकर ही रविराज ने घर पहुंच कर झगड़ा किया है। एडिशनल इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया, बहू ने सास-ससुर के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, किसान की पत्नी कंचन ने भी बेटे रविराज, बहू रिया के साथ देवर नेकराम के खिलाफ एफआईआर लिखवाई है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

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संजय दत्त-अरशद वारसी की नई फिल्म जेल के लिए मुन्ना-सर्किट बने चुनौती

16.07.2023 (एजेंसी)  – मुन्नाभाई बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय और सफल फिल्म फ्रैंचाइज में से एक है। फिल्म ने मुन्ना और सर्किट की जोड़ी को यादगार बना दिया। इस किरदार को अरशद वारसी और संजय दत्त ने निभाया था। अब दर्शकों को यह जोड़ी एक बार फिर से देखने को मिलेगी।

इस बार ये मुन्ना और सर्किट नहीं, बल्कि एक नए किरदार में नजर आएंगे। अरशद ने एक बातचीत में दोनों की नई फिल्म जेल के बारे में विस्तार से बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल जेल की सक्रिप्ट पर काम चल रहा है। इसकी सक्रिप्ट सिद्धांत कुमार सचदेव लिख रहे हैं। वही इस फिल्म के निर्देशक भी हैं। अरशद ने बताया कि कंटेंट के मामले में यह फिल्म मुन्नाभाई जैसी होगी। फिल्म की कहानी दिल छूने वाली है और इसमें एक प्यारा सा संदेश छिपा है।

मुन्नाभाई एमबीबीएस और लगे रहो मुन्नाभाई दोनों की कहानी भी ऐसी ही थी। उन्होंने बताया कि उनका और संजय का किरदार गढऩा एक मुश्किल काम है। जब भी वह और संजय साथ होते हैं, तो दर्शकों के दिमाग से मुन्ना और सर्किट को निकालना कठिन होता है। यही वजह है कि किरदारों को लिखने में लंबा समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि अगर जेल का कोई दृश्य मुन्ना-सर्किट की याद दिलाने लगता है, तो उसे दोबारा लिखा जाता है।

अब दर्शकों के लिए इन्हें नए किरदारों में देखना दिलचस्प होगा। मुन्नाभाई एमबीबीएस 2003 में आई थी। फिल्म में संजय दत्त ने एक मेडिकल स्टूडेंट की भूमिका निभाई थी, जो अपने पिता के दबाव में डॉक्टर बनने आया है। वह अपनी दिल की बात सुनता है और मरीजों का दिल खुश कर देता है। उसके हर काम में उसका दोस्त सर्किट (अरशद) उसके साथ खड़ा रहता है। इसका सीक्वल लगे रहो मुन्नाभाई 2006 में आया था। यह फिल्म गांधी जी के आदर्शों को दिखाती थी। जेल की घोषणा इस साल जनवरी में हुई थी।

निर्माताओं ने अरशद और संजय का लुक शेयर किया था। दोनों को फिर से साथ देखकर दर्शकों का अनुमान था कि यह मुन्नाभाई 3 है। अरशद की वेब सीरीज असुर 2 कुछ समय पहले ही रिलीज हुई है। वह अपनी फिल्म जॉली एलएलबी 3 के लिए भी चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह और अक्षय कुमार आमने-सामने होंगे। इससे पहले वह 2013 में जॉली एलएलबी में नजर आए थे।

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राजकुमार राव की पूरी हुई तमन्ना, मिला भगत सिंह बनने का मौका

16.07.2023 (एजेंसी)  – राजकुमार राव बॉलीवुड के उन अभिनेताओं में शुमार हैं, जिन्होंने अपने दम पर दर्शकों के बीच एक खास पहचान बनाई है। वह कई फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय का परिचय दे चुके हैं। राजकुमार ने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं और अब उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह बनने का अवसर भी मिल गया है, जिसे निभाना उनके लिए एक सपना सच होने जैसा है।

आइए जानते हैं क्या जानकारी मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजकुमार जल्द ही भगत सिंह की भूमिका निभाते दिखेंगे। वह इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित हैं और जल्द से जल्द देशभक्त का किरदार पर्दे पर उतारना चाहते हैं। हालांकि, अभी यह प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में है क्योंकि लेखकों की टीम सिंह के जीवन से जुड़े तथ्यों और पहलुओं पर शोध कर रही है। राजकुमार भी लेखकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं क्योंकि यह प्रोजेक्ट उनके दिल के बेहद करीब है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

इसे उसी हिसाब से बनाया जा रहा है। टीम इसके लिए ऐसा कंटेंट खंगालने की कोशिश कर रही है, जो इससे पहले कभी दर्शकों के लिए नहीं परोसा गया। फिलहाल यह तय नहीं है कि इसे फिल्म की शक्ल दी जाएगी या वेब सीरीज की। अभी कहानी को लेकर शोध चल रही है। इसे तैयार होने में अभी लगभग 6 से 8 महीने लगेंगे। राजकुमार ने 2012 में फिल्म शाहिद में वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता शाहिद आजमी का जीवन पर्दे पर उतारा था और अपने दमदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था।

इस फिल्म के निर्देशक हंसल मेहता थे। 2017 में राजकुमार ने वेब सीरीज बोस डैड/अलाइव में सुभाष चंद्र बोस का किरदार निभाया। एक इंटरव्यू में राजकुमार ने कहा था, मैं भगत सिंह से बेहद प्रभावित हूं। मैं उनका किरदार अपने तरीके से निभाना चाहता हूं। बड़े पर्दे पर कई कलाकार भगत सिंह बन चुके हैं। फिल्म शहीद-ए-आजम में सोनू सूद ने ये किरदार निभाया था। फिल्म शहीद में मनोज कुमार, भगत सिंह बने थे।

द लेजेंड ऑफ भगत सिंह में अजय देवगन को यह किरदार निभाने का मौका मिला था। राजकुमार जुलाई के अपनी हिट फिल्म स्त्री के दूसरे भाग स्त्री 2 की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। इसमें एक बार फिर उनके साथ श्रद्धा कपूर नजर आएंगी। इस फिल्म में वरुण धवन भी नजर आएंगे।

राजकुमार को फिल्म मिस्टर एंड मिसेज माही में भी देखा जाएगा, जिसमें उनकी जोड़ी जान्हवी कपूर के साथ जमी है। इसके अलावा वह नेत्रहीन उद्योगपति श्रीकांत बोला का जीवन भी पर्दे पर साकार करेंगे। तुषार हीरानंदानी इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं।

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मीत में टॉम-बॉय लुक छोड़ आशी सिंह बनी दुल्हन

16.07.2023 (एजेंसी)  –  लोकप्रिय शो मीत’ में मीत की बेटी सुमीत की भूमिका निभाने वाली एक्ट्रेस आशी सिंह इस शो में पूरी तरह दुल्हन का जोड़ा पहनेंगी। शो के दो साल चलने के दौरान, यह पहली बार होगा जब आशी लंबे बालों के साथ एक महिला की पोशाक पहनेंगी।यह शो मीत हुडा की कहानी प्रस्तुत करता है, जो लैंगिक भूमिकाओं के सामाजिक मानदंडों पर सवाल उठाती है और साबित करती है कि ऐसा कोई काम या जिम्मेदारी नहीं है जो एक महिला नहीं ले सकती।

हाल ही में शो में 16 साल के लीप के बाद, दर्शकों ने देखा कि कैसे मीत की बेटी सुमीत (आशी सिंह) हमेशा अपनी मृत मां की तरह बनने की कोशिश कर रही है ताकि वह अपने नाम के अनुरूप जी सके। दर्शकों को कुछ रोमांचक ड्रामा देखने को मिलेगा, जिसमें सुमीत की शादी शगुन (आम्रपाली गुप्ता) के बेटे रौनक (विक्रम भाम) से हो रही है।उसी के बारे में बात करते हुए, आशी ने कहा, यह तीसरी बार है जब मैं शो में दुल्हन के रूप में तैयार हुई हूं।

लेकिन, इस बार मैं एक टॉमबॉय दुल्हन नहीं हूं बल्कि सुमीत के व्यक्तित्व के अनुरूप एक स्त्रीवादी दुल्हन हूं। मैं अपना ब्राइडल लुक देखकर बहुत खुश हुई। ऑल गोल्ड’ लहंगा और ज्वलेरी वास्तव में अलग दिखते हैं। शो में लुक वास्तव में सुमीत की सुंदरता और अवसर की भव्यता को दर्शाता है।उन्होंने आगे कहा, शो के निर्माता और कॉस्ट्यूम डिजाइनर एक शानदार आउटफिट बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

मेरा मानना है कि समग्र रूप पुराने ग्लैमर और आधुनिक सोफिस्टिकेशन का मिश्रण है। जहां तक मेरे मेकअप की बात है, यह सॉफ्ट और नेचुरल है, जो सुमीत की चमकदार सुंदरता को बढ़ाता है।मीत के अपकमिंग एपिसोड में, सुमीत और रौनक की शादी का नाटक और तेज हो जाएगा जब रौनक उसका पति होने का दावा करता है जबकि सुमीत का दावा है कि यह श्लोक ही है जिसके साथ उसने शादी की है।

मामला तब और बढ़ गया जब श्लोक ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया। अपने चरित्र और मूल्यों के बारे में संदेह के बीच, सुमीत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है।मीत’ ज़ी टीवी पर प्रसारित होता है।

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ब्लू डीपनेक आउटफिट में एक्ट्रेस अवनीत कौर का बोल्ड लुक वायरल

16.07.2023 (एजेंसी)  –  21 साल की एक्ट्रेस अवनीत कौर की स्टाइलिश आउटफिट को देखकर फैंस का आहें भरना लाजमी है। उनका बोल्ड और किलर अंदाज फैंस के सिर आंखों पर चढ़कर बोलता है। वहीं, एक्ट्रेस अवनीत कौर ने लेटेस्ट आउटफिट के साथ अपनी किलर तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।

एक्ट्रेस अवनीत कौर ने ब्लू कलर की डीपनेक बॉडीकॉन ड्रेस में एक से बढ़कर एक किलर पोज दिए। टीकू वेड्स शेरू फेम एक्ट्रेस अवनीत कौर अपने कातिलाना अंदाज से फैंस के दिलों को बेताब करने का हुनर बखूबी जानती हैं। ब्लू कल की डीपनेक आउटफिट में एक्ट्रेस अवनीत कौर अपना जमकर क्लीवेज फ्लॉन्ट कर रही हैं। इनडोर सेटअप में एक्ट्रेस अवनीत कौर की तस्वीरों पर फैंस बेशुमार प्यार लुटा रहे हैं।

साथ ही लाइक्स और कमेंट्स की बौछार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस अवनीत कौर कभी अपने ट्रेडिशनल लुक तो कभी अपने ग्लैमरस अंदाज से धमाल मचाए रहती हैं। एक्ट्रेस अवनीत कौर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। बता दें कि एक्ट्रेस के इंस्टा पर 32.9 मिलियन फॉलोवर्स हैं। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर अपने फैंस के लिए लगातार वीडियो या फोटो शेयर करती रहती हैं। अवनीत जब भी अपनी तस्वीरें इंस्टा पर शेयर करती हैं तो फैंस उनकी तस्वीरों पर जमकर लाइक करते हैं।

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आज का राशिफल

मेष : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज आपका दिन सामान्य रहेगा। आपका वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा, जीवनसाथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। स्टूडेंट्स की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी। आज आप बहुत व्यस्त रह सकते हैं। आपको अपने काम के प्रति सचेत रहना चाहिए। कुछ अच्छे मौके व परिचितों से मिलने व खरीददारी के मौके आपके हाथ आ सकते हैं उन्हें निकलने न दें। आपको अपने खर्चों पर भी कुछ कंट्रोल करना चाहिए। कार्यक्षेत्र में सीनियर्स का सहयोग मिलता रहेगा। आध्यात्मिक विचार और अधिक प्रबल होंगे। स्वास्थ्य लाभ होगा।

वृष : (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)

आज आपका दिन उत्तम रहेगा। कोई ऐसा काम आपके पास आएगा, जिससे आपको धन लाभ हो सकता है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले से और बेहतर हो जायेगी। आपके रूके हुए काम किसी रिशतेदार की मदद से जल्द पूरे हो जाएंगे। कुछ लोग आपसे दोस्ती के लिए हाथ आगे बढ़ा सकते हैं। जीवनसाथी आपकी कोई इच्छा पूरी कर सकता है, जिससे आपको बहुत खुशी महसूस होगी आपके आसपास के कुछ लोग आपसे मदद मांग सकते हैं। घर-परिवार का वातावरण खुशनुमा बना रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मिथुन : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज आपका दिन बेहतरीन रहेगा। किसी निजी काम को पूरा करने के लिए बड़े-बुजुर्ग की राय मानना आपके लिए कारगर साबित होगा। घर में बच्चों की बर्थडे पार्टी का आयोजन कर सकते हैं। घर पर कुछ मेहमान आ सकते हैं, जिससे घर में रौनक बनी रहेगी। काम के प्रति आपकी मेहनत रंग लायेगी। आपको एक्स्ट्रा इनकम के नए मौके मिलेंगे। दोस्तों से मन की बात शेयर करेंगे, इससे परेशानी का हल निकलेगा। परिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। सेहत अच्छी बनी रहेगी।

कर्क : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज आपका दिन शानदार रहेगा। किसी जरूरी काम से की गई यात्रा लाभदायक हो सकती है। आपका व्यवहार दूसरों को प्रभावित कर सकता है। हर तरह के मामलों में आप शांत मन से विचार करेंगे। भविष्य में होने वाले किसी काम की तैयारी शुरू कर सकते हैं। अपनों का साथ मिलने से आप खुश रहेंगे। आपको जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। किसी रिश्तेदार से आर्थिक सहायता मिल सकती है। जीवन में लोगों का सहयोग मिलता रहेगा।

सिंह : (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज आपका दिन मनोनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण फैसला लेने से आपको फायदा होगा। किसी अनुभवी की मदद से आपको धन लाभ की प्राप्ति होगी। पहले किए गये कामों से आपको लाभ होगा। साथ ही आपको संतान सुख की प्राप्ति भी होगी। दिन आपके फेवर में होने के कारण आप खुश रहेंगे। छात्रों को पढ़ाई पर ज्यादा धयान देने की जरूरत है। वह पढा हुआ भूल सकते हैं या फिर ध्यान भटक सकता है

।कन्या : (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज आपका दिन ठीक-ठाक रहेगा। कोई काम पूरा होने में थोड़ी परेशानी आ सकती है। किसी अनुभवी की मदद आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। समाज के लोग आपके पक्ष में रहेंगे। दोस्तों का भी आपको भरपूर सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति आपको थोड़ा जागरूक रहने की जरूरत है। पारिवारिक माहौल मधुर बनाने में ध्यान करें। अगर आप पार्टनरशिप में कोई कार्य कर रहे हैं, तो आपको धैर्य बनाये रखना चाहिए। आपकी मेहनत रंग लायेगी।

तुला : (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज आपका दिन पहले की अपेक्षा अच्छा रहेगा। किसी सहकर्मी से जरूरी काम पर रोचक चर्चा हो सकती है। दूसरों की राय आपके लिए कारगर साबित होगी। जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे। कारोबार को बढ़ाने के लिए आपको कुछ खास लोगों से मदद मिल सकती है। बड़े भाई-बहन से कोई अच्छा सा गिफ्ट भी मिल सकता है। कार्यस्थल पर उच्च अधिकारी आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। आपको अचानक धन लाभ के मौके मिल सकते हैं। जीवन में लाभ के अवसर प्राप्त होंगे।

वृश्चिक : (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज आपका दिन शानदार रहेगा। बच्चों के साथ घर पर समय बिताएंगे जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल बना रहेगा। इसके अलावा ऑफिस में सहयोगी आपके काम से काफी प्रभावित होंगे। कुछ लोग आपसे काम सीखने की चाह रखेंगे। आपको अपने सभी काम में सफलता मिलेगी। आपके अंदर भरपूर एनर्जी रहेगी। घर में आपको सबका साथ मिलेगा। संतान पक्ष की किसी सफलता से आप बहुत खुश रहेंगे। आपकी सभी समस्याओं का निवारण होगा।

धनु : (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज आपका दिन ठीक-ठाक रहेगा। इस राशि के नौकरी करने वालों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। ऑफिस में काम ज्यादा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। किसी दोस्त की समस्या सुलझाने में आप खुद भी उलझ सकते हैं। आपको थकावट महसूस हो सकती है। इसका असर आपकी दिनचर्या पर पड़ सकता है। परिवार में आर्थिक रूप से आपकी कुछ जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। अंतत: आपकी सभी समस्याएं सुलझ जायेगी और आपका दिन बेहतर रहेगा।

मकर : (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज आपका दिन सामान्य रहेगा। परिवार के सभी सदस्य आपसे खुश रहेंगे। आपकी सेहत सुधार के प्रयास थोड़े उतार-चढ़ाव के साथ सफल होंगे। ऑफिस में टीम मेंबरों से मधुरता बनाए रखें ।गुस्से पर कंट्रोल रखें। किसी काम को लेकर आपका नजरिया दूसरों से अलग हो सकता है। जीवनसाथी के साथ बात करने से गलतफ़हमी दूर होंगी। इसके अलावा दूसरों की बातों में दखल देने से आपको बचना चाहिए। आपको किस्मत का सहयोग मिलेगा।

कुंभ : (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आज आपका दिन फायदेमंद रहेगा। धन लाभ के नये रास्ते खुले नजर आएंगे। ऑफिस में कोई ऐसा काम आपको मिल सकता है, जिसके लिए आप बहुत दिनों से उत्सुक थे। इस राशि के विवाहितों के लिए दिन यादगार रहने वाला है। आप फ्यूचर प्लानिंग कर सकते हैं। नौकरी कर रहे लोगों को उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। किसी काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है। दोस्तों के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे।

मीन : (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज आर्थिक रूप से आपकी प्रगति होना तय है। जीवन में धन लाभ के नये अवसर आयेंगे। रूके हुये काम पूरे होने पर आपको खुशी का अनुभव होगा। सामाजिक कार्यों में आप बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। घर पर अचानक कुछ रिश्तेदार आ सकते हैं। बड़े-बुजुर्गों के आशीर्वाद से जीवन में शांति और सद्भाव बना रहेगा। आपके दाम्पत्य संबंध में नई खुशियों का संचार होगा। सरकारी क्षेत्र मे अपना करियर बनाने का सही समय है प्रयास करें । धन धान्य की वृद्धि होती है। स्वास्थ्य लाभ होगा।

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चर्चाओं के बीच : अभिनेत्री रजनिका गांगुली 

16.07.2023  –  सर्वमंगला  इंटरनेशनल और के.बी .इंटरप्राइजेज के संयुक्त तत्वाधान में सरकारी व्यवस्था और फ़र्ज़ के बीच मार्मिक जंग को दर्शाती फिल्म ‘चट्टान’ 22 सितम्बर को सभी सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है। इस फिल्म के निर्देशक सुदीप डी.मुखर्जी हैं। इस फिल्म के मुख्य कलाकार जीत उपेंद्र, रजनिका गांगुली, तेज सप्रू  ब्रिज गोपाल और शिवा आदि हैं। ‘तहकीकात’,’आशीर्वाद’, ‘साँस’, ‘अधिकार’, ‘सिसकी’, ‘बंधन’, ‘युग’, ‘आहट’, ‘शांति’, ‘कॉफी हाउस’ और ‘मोहनदास एल .एल .बी’ जैसी कई चर्चित सीरियल्स में अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुकी अभिनेत्री रजनिका गांगुली ने ही इस फिल्म का निर्माण किया है।

डबिंग और एक्टिंग के क्षेत्र में काफी एक्टिव रहने के बावजूद अभिनेत्री रजनिका गांगुली के द्वारा 90 के दशक के कलेवर में हिंदी एक्शन रोमांटिक फिल्म ‘चट्टान’ का निर्माण कर लिए जाने के बाद से रजनिका गांगुली इन दिनों बॉलीवुड में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। निर्मला कॉलेज (रांची, झारखंड) की छात्रा रह चुकी अभिनेत्री रजनिका गांगुली को डांस और एक्टिंग के प्रति बचपन से ही गहरी दिलचस्पी थी। 80 के दशक में मुम्बई प्रवास के दौरान जब पहलीबार सदाबहार अभिनेता स्व देव आनंद वो मिली तो देव साहब ने उन्हें फिल्मों में तकदीर आजमाने की सलाह दे डाला…बस फिर क्या था

वह फिल्मों में काम पाने के लिए स्ट्रगल करने लगी। 1989 में  सेटेलाइट टी.वी की लोकप्रियता काफी जोरो पर थी। दूरदर्शन व प्राइवेट चैनलों की सीरियल्स बनाने की होड़ प्रोडूसर्स में हो चुकी थी…रजनिका ने वक़्त की नज़ाकत को भली भांति भांप लिया और टी.वी.सीरियल्स की तरफ मुड गई और अपने अभिनय प्रतिभा के बदौलत अपनी विशिष्ट छवि कायम करते हुए बॉलीवुड में झारखंड का परचम लहराने में कामयाब रहीं। नवोदित प्रतिभाओं के संघर्ष को अभिनेत्री रजनिका गांगुली ने बहुत करीब से देखा है।

नवोदित प्रतिभाओं को प्रकाश में लाने के उद्देश्य से ही रजनिका गांगुली ने अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना कदम बढ़ाया है प्रतिफल स्वरूप ‘चट्टान’ सामने है।बकौल अभिनेत्री और निर्मात्री रजनिका गांगुली ‘चट्टान’ मेरे लिए महज फिल्म नहीं जीवन की आधारशिला है। इसने हममें आत्मविश्वाश और उड़ान दी है। हमारी कंपनी नवोदित प्रतिभाओं को चांस देते हुए हर भाषा में फिल्में बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘चट्टान’ के रिलीज के बाद ‘जिंघांसा’ सेट पर जाएगी उसके बाद ‘नीलकंठ’ ‘अंतराल’, ‘अग्निशिखा’, ‘धर्म रक्षक’, ‘अग्नियुद्ध’, ‘डिटेक्टिव रजनी’ आदि फिल्में पाइप लाइन में है। ‘चट्टान 2’ 2024 में रिलीज़ होगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय 

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ऑटोमोबाइल कंपनी प्रोग्रेसिव के 35 ठिकानों पर आईटी की रेड, 15 करोड़ मिले कैश

गाजियाबाद 15 जुलाई ,(एजेंसी)। गाजियाबाद, नोएडा समेत 35 जगहों पर इनकम टैक्स विभाग की रेड पिछले 48 घंटे से लगातार जारी है। यह रेड ऑटोमोबाइल कंपनी के पार्ट बनाने वाली कंपनी प्रोग्रेसिव के ठिकानों पर हो रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, और गुरुग्राम के करीब 35 ठिकानों पर ये छापेमारी चल रही है। इस रेड में 35 टीमें काम कर रही हैं। जिसमें करीब 200 के आसपास आईटी अधिकारी शामिल हैं। इस कंपनी के निदेशक परमजीत गांधी हैं। गाजियाबाद में बुलंदशहर रोड पर औद्योगिक एरिया में इसकी तीन फैक्ट्रियां हैं। ये कंपनी ऑटोमोबाइल पार्ट बनाती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 12 बैंक लॉकरों में करीब 15 करोड़ रुपए के कैश और जेवरात मिले हैं। कई सौ करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की आशंका है।

सूत्रों के अनुसार, प्रोग्रेसिव कंपनी को घाटे में दिखाकर करीब 500 करोड़ रुपया एक बड़ी कंपनी में इन्वेस्ट किया गया। हर साल इसी तरह कंपनी को घाटे में दिखाकर टैक्स चोरी की जा रही थी। जब 500 करोड़ रुपए दूसरी कंपनी में इन्वेस्ट करने की बात आईटी को पता चली तो फिर ये कार्रवाई हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी निदेशक परमजीत गांधी के सेक्टर-2 राजनगर वाले मकान के समेत उनके दो आवास दिल्ली और गुरुग्राम में में भी छापेमारी चल रही है। इसके साथ साथ परमजीत गांधी की कंपनियों, कंपनी के अन्य निदेशकों, मैनेजर, सीए और इन कंपनी से जुड़े सभी लोगों के करीब 35 ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड 12 जुलाई की सुबह 6 बजे हुई थी, जो अब तक जारी है।

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खतरा अभी टला नहीं, उत्तराखंड, हिमाचल और यूपी में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली 15 जुलाई ,(एजेंसी)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को कहा कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 18 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। इसके बाद बारिश में कमी आने की संभावना है।

आईएमडी ने यह भी कहा कि अगले पांच दिनों के दौरान मध्य और पूर्वी भारत में सक्रिय मानसून की स्थिति बनी रहने की संभावना है। आईएमडी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि देश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में भारी बारिश, तूफान और आकाशीय बिजली गिरने के साथ व्यापक बारिश होगी। आईएमडी ने कहा है कि मौसम का यह मिजाज उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जारी रहने की उम्मीद है।

इसके अलावा अगले चार दिनों तक उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की उम्मीद है। 17 जुलाई को उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। भारत के पूर्वी और उत्तरपूर्वी हिस्सों की बात करें तो वहां काफी भारी बारिश होगी।

मौसम कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि ‘उत्तर पूर्व, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में 18 जुलाई तक भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि झारखंड में 16 जुलाई को भारी बारिश होगी। मध्य भारत में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ भारी बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।

मध्य प्रदेश में 17 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में भी 17 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने आगे भविष्यवाणी की कि देश के पश्चिमी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। यह भी कहा कि कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात में 19 जुलाई को मौसम का यही मिजाज देखने को मिल सकता है। देश के दक्षिणी हिस्से में हल्की से मध्यम बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 19 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया कि तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में 18 और 19 जुलाई को वर्षा होने की उम्मीद है। कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्रों में 18 और 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

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फिजियो वर्ल्ड ने दीप अस्पताल के सहयोग से पेल्विक फ्लोर पुनर्वास पर किया वर्कशॉप का आयोजन

लुधियाना 15 जुलाई ,(एजेंसी)। फिजियो वर्ल्ड लुधियाना ने आज दीप अस्पताल लुधियाना के सहयोग से पेल्विक फ्लोर पुनर्वास पर एक व्यावहारिक वर्कशॉप का आयोजन किया।

डॉ आनंद सहगल, डायरेक्टर, यूरोलॉजिस्ट एंड किडनी ट्रांसप्लांटेशन और डॉ गुरसिमरन खुराना, कंसलटेंट प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ ने तनाव असंयम, प्रोलैप्स और योनि और गर्भाशय से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर व्याख्यान दिया।

डॉ. सुनीता पटेल पीजी इन हेल्थ एंड सोशल केयर यूके, इनफर्टिलिटी मसाज थेरेपिस्ट और हेल्थ काउंसिल यूएसए महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पेल्विक हेल्थ थेरेपिस्ट वर्कशॉप के लिए रिसोर्सपर्सन थीं।पंजाब व हरियाणा से 25 से अधिक महिला फिजियोथेरेपिस्ट ने वर्कशॉप में भाग लिया।

आयोजन अध्यक्ष डॉ पोमिला चोपड़ा एमपीटी ऑर्थोपेडिक्स ने महिला फिजियो द्वारा पेल्विक फ्लोर पुनर्वास सीखने की आवश्यकता के बारे में चर्चा की क्योंकि असंयम और प्रोलैप्स से पीडि़त महिलाओं की संख्या बढ़ रही है।

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जिले में धूमधाम से मनाई गई सावन माह की शिवरात्रि

श्री मुक्तसर साहिब 15 जुलाई ,(एजेंसी)।  जिले में सावन माह की शिवरात्रि धूमधाम व श्रद्धापूर्वक मनाई गई। शहर के विभिन्न मंदिरों में शिव भोले के भक्त सुबह से ही उमड़े नजर आ रहे थे।

श्री राम भवन, श्री श्याम मंदिर, साईं मंदिर, महादेव मंदिर, बाबा कांशी प्रसाद शिव मंदिर, श्री दुर्गा मंदिर गीता भवन, शक्ति मंदिर श्री मनन धाम, नर्मदेश्वर शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और शिव भोले की पूजा की।

श्री रघुनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के चलते मंदिर समिति ने मंदिर में स्थापित मूर्तियों की साथ वाली इमारत में प्राण प्रतिष्ठा कराई गई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भोले बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

उधर, सावन माह को लेकर श्री राम भवन में 11 दिवसीय श्री शिव आराधना उत्सव भी चल रहा है। जिसके चलते मंदिर में स्थापित शिवलिंग को भक्तों द्वारा रामेश्वर ज्योतिर्लिंग का स्वरूप मानकर रुद्राभिषेक किया गया।

इस मौके पर मंदिर का प्रांगण बम-बम भोले, जय शिव शंकर के जयकारों से गूंज उठा। प्रवचनकर्ता रमन जैन द्वारा श्रद्धालुओं को रामेश्वर ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति की कथा सुनाई गई। भक्तों ने महामृत्युंजय जाप, पंचाक्षर मंत्र जाप और श्री शिव चालीसा का पाठ भी किया।

पाठ के बाद महा आरती हुई। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रीराम भवन में चल रहे इस उत्सव में हर दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हो रहे हैं और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त कर रहे हैं।

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मोदी सरनेम मामला: सजा रद् करवाने के लिए राहुल गांधी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

नई दिल्ली 15 जुलाई ,(एजेंसी)। मोदी सरनेम केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। दरअसल गुजरात हाईकोर्ट ने उनकी 2 साल की सजा पर रोक लगाने से इनकार किया था। सात जुलाई को हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका खारिज करते हुए दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार करने वाले सत्र अदालत के आदेश को बरकरार रखा था।

राहुल ने क्या बोला था?

अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा था, ‘ऐसा क्या है कि सभी चोरों के उपनाम मोदी है।’ कर्नाटक में आयोजित एक चुनावी जनसभा में दिए राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए गुजरात बीजेपी के नेता और विधायक पूर्णेश मोदी ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। पूर्णेश मोदी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस बयान के जरिए किसी व्यक्ति विशेष को नहीं, बल्कि समूचे मोदी समुदाय के लोगों की भावनाओं को आहत किया है।

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केजरीवाल दिल्ली की जनता की आँखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं: भाजपा

नई दिल्ली , 15 जुलाई (एजेंसी)।राजधानी दिल्ली में बाढ़ के पानी के वजह से पूरे बहुत सारे कॉलोनियों में पानी घुस जाने की वजह से परेशानी हो रही है और इसको लेकर  भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप खूब चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और सांसद प्रवेश सिंह वर्मा ने आम आदमी पार्टी दिल्ली की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि आप इधर-उधर की बात न कीजिये, ये बताइये कि पिछले 9 साल में यमुना को साफ़ करने के लिए जो 6,800cr रुपए खर्च हुए, उसमें आपने यमुना में डीसिल्टिंग का काम क्यों नहीं कराया।

गौरव भाटिया और दिल्ली से सांसद  प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आज पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया और दिल्ली में बाढ़ को लेकर अरविंद केजरीवाल की सरकार पर करारा हमला करते हुए उसे निकम्मी सरकार करार दिया। भाटिया ने कहा कि जैसा कि सर्वविदित है, इस बार जोरदार बारिश हुई और दिल्ली भी बारिश की चपेट में आई। यहाँ के नागरिकों को असुविधा हो रही है, पानी जगह-जगह भरा हुआ है।

हमने देखा कि किस तरह केंद्र सरकार, भारतीय सेना, एलजी दफ्तर और एनडीआरएफ की टीम दिन-रात दिल्ली की जनता की सेवा में लगी हुई है। बताया जा रहा है कि एनडीआरएफ की 18 टीमें जगह-जगह दिल्ली के नागरिकों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। भारतीय सेना वह काम कर रही है जो दिल्ली की सरकार को करना चाहिए था, एक निठल्ले, भ्रष्टाचारी, धोखेबाज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को करना था।

मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से इंडियन आर्मी और एनडीआरएफ की टीम को धन्यवाद करना चाहूंगा। गौरव भाटिया ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार है जिसका दृढ़ निश्चय है कि संकट की इस घड़ी में हम जनता के साथ खड़े हैं और उनके लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। दूसरी ओर, दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। पूरा भारत जानता है कि अरविंद केजरीवाल घोटालेबाज तो हैं ही, अब यह भी सामने आ गया है कि ये बड़े बहानेबाज भी हैं। बहुत दुख होता है कि अगर एलजी साहब अपना काम कर रहे हैं, केंद्र सरकार के साथ समन्वय बिठा रहे हैं तो अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में उनके ही एक मंत्री एलजी साहब पर दोषारोपण करते हैं, एनडीआरएफ को भी नहीं बख्शते हैं।

आज यह सवाल अरविंद केजरीवाल से पूछा जाएगा कि कोविड ने जब भारत और पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले लिया था और दिल्ली में नागरिक ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग कर रहे थे, अस्पताल में बेड्स और दवाई की सुविधाएं उपलब्ध करानी थी तब केजरीवाल इसके लिए बिहार से आये लोगों को दोषी ठहरा रहे थे। जब दिल्ली में प्रदूषण की समस्या आई, तब अरविंद केजरीवाल इसके लिए पंजाब की पूर्व सरकार और हरियाणा सरकार को दोषी ठहरा रही थी।

अब जब बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति दिल्ली में उत्पन्न हुई है तो वे कहते हैं कि गलती हरियाणा सरकार की है। जब भी दिल्ली में कोई संकट आता है तो अरविंद केजरीवाल इसका दोष दूसरों के ऊपर मढ़ देते हैं लेकिन खुद कुछ करते नहीं जो उन्हें करना चाहिए। यह देख कर दुःख होता है कि उनके मंत्री जिनको अभी ग्राउंड पर काम करना चाहिए था, वह कह रहे हैं कि षड्यंत्र हो रहा है। क्या भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीम जो दिन-रात एक करके दिल्ली की लोगों को राहत पहुंचाने में लगी हुई है, वह षड्यंत्र कर रही है।

प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बिना मांगें दिल्ली सरकार को हर संभव मदद कर रही है। एनडीआरएफ की टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई है लेकिन इन एजेंसियों पर भी दोषारोपण करने से केजरीवाल जी बाज नहीं आते। एनडीआरएफ जैसी एजेंसी को यह कोई फर्क नहीं पड़ता कि कहां किसकी सरकार है। चाहे केदारनाथ में आई आपदा हो या फिर टर्की में आई आपदा, एनडीआरएफ ने हर जगह जाकर सफलतापूर्वक बचाव कार्य को अंजाम दिया। ऐसी कर्तव्यनिष्ठ एजेंसी पर अरविंद केजरीवाल जी का यह कहना कि वह समय पर नहीं पहुंची, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

सैन्य बलों पर आरोप लगाना, उन्हें बदनाम करना, केजरीवाल व उनकी पार्टी के नेताओं की पुरानी आदत है। पुलवामा हमले के समय भी देश के सैन्य बलों की काबिलियत और निष्ठा पर सवाल उठाकर उनके मनोबल को गिराने का काम अरविंद केजरीवाल ने किया था। दिल्ली में आई बाढ़ को लेकर यदि केंद्र सरकार समय रहते मदद नहीं करती तो दिल्ली की स्थिति और भी भयावह होती।प्रवेश वर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल  प्रायः प्रेस कांफ्रेंस करते दिख रहे हैं।

उनसे गुजारिश है कि वे एक और प्रेस कांफ्रेंस कर यह बताने की चेष्टा करें कि पिछले 8 सालों में वे दिल्ली की बारिश और फ्लड की स्थिति को लेकर उन्होंने कितनी बैठकें कीं? वास्तविकता यह है कि ऐसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केजरीवाल जी ने एक भी बैठक नहीं की। 2018 में दिल्ली ड्रेनेज सिस्टम पर बनी रिपोर्ट पर दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जब केजरीवाल सरकार से पूछा गया कि दिल्ली ड्रेनेज पर कितना काम हुआ, तो इसका कोई जवाब दिल्ली सरकार के पास नहीं था।

प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी बार-बार आरोप लगा रहे हैं कि हथिनीकुंड बैराज बंद क्यों नहीं किया जा रहा, वहां से पानी क्यों छोड़ा जा रहा है? केजरीवाल जी को मालूम होना चाहिए कि 23 मई 2023 को एक बैठक हुई थी जिसमें दिल्ली सरकार के इंजीनियर्स मौजूद थे। बैठक में तय हुआ था कि जल स्तर 70 हजार क्यूसेक की जगह 1 लाख क्यूसेक से ऊपर होने के बाद ही पानी छोड़ा जाएगा। इस बैठक में यह भी तय हुआ था कि पूर्वी कैनाल और पश्चिमी कैनाल से कितनी-कितनी पानी छोड़ी जाएगी। दिल्ली सरकार को पता था कि बारिश के मौसम में दिल्ली में कितना पानी आएगा।

बैठक में जितना तय हुआ था, हथिनीकुंड से उतना ही पानी छोड़ा गया, जरा भी ज्यादा नहीं। हथिनीकुंड में आटोमेटिक सिस्टम है कि जब वहां 1 लाख क्यूबिक पानी हो जायेगा, तो बैराज के फाटक आटोमेटिक बंद हो जायेंगे, किसी मैन्युअल की आवश्यकता नहीं। अब ऐसी स्थिति में एक पढ़ा-लिखा अनपढ़ आदमी ही यह आरोप लगा सकता है कि हथिनीकुंड बैराज को बंद क्यों नहीं किया जा रहा है, वहां से पानी क्यों छोड़ा जा रहा है।

दिल्ली की जनता को गुमराह करने के लिए ही अरविंद केजरीवाल ऐसी मूर्खतापूर्ण बातें कर रहे हैं। केजरीवाल जी दिल्ली में आई बाढ़ की स्थिति संभाल नहीं पाए, इसलिए हताशा में आरोप-प्रत्यारोप करके दिल्ली की जनता की आँखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं।

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सौम्या निगम की किताब, द डे आफ्टर यस्टरडे का भी किया अनावरण

*मिलाप प्रकाशन ने युवा दिमागों को प्रेरित करने के लिए

‘लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स’ कार्यक्रम किया लॉन्च*

दिल्ली, 15 जुलाई (एजेंसी)।  मिलाप पब्लिकेशन को अपने नवीनतम कार्यक्रम, ‘लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स’ को पेश करने पर गर्व है, जो युवा दिमागों की रचनात्मक क्षमता को प्रज्वलित करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कहानी कहने की कला के माध्यम से अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए प्रेरित कर सशक्त बनाना है।

योगी सूरी के दूरदर्शी नेतृत्व में, मिलाप प्रकाशन दृढ़ता से युवा दिमाग की शक्ति और उनकी असीम रचनात्मकता में विश्वास रखता है। 15 जुलाई को किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद्, माता-पिता, बच्चे और लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स के भावी सदस्य इस अवसर का जश्न मनाने और किशोर लेखिका सौम्या निगम की पुस्तक ‘द डे ऑफ्टर यस्टरडे’ का अनावरण करने के लिए एकत्र हुए।

मिलाप पब्लिकेशंस के संस्थापक  योगी सूरी ने कहा, “हम युवा दिमागों को पोषित करने और रचनात्मकता को बढ़ावा देने की शक्ति में विश्वास करते हैं।  हमारा मिशन ऐसी कहानियां तैयार करना है जो दिमाग को प्रज्वलित करें, दिलों को छूएं और दुनिया पर स्थायी प्रभाव छोड़ें।

असाधारण युवा लेखकों की लीग युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करने और उन्हें उनके सपनों को हासिल करने में मदद करने का हमारा प्रयास है।लॉन्च इवेंट में प्रतिष्ठित शिवानी वज़ीर पसरिच उपस्थित थीं, जो सक्रियता और प्रदर्शन कला में अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ बच्चों के साथ अपने काम के लिए प्रसिद्ध एक उल्लेखनीय हस्ती हैं।

श्री योगी सूरी के साथ शिवानी वज़ीर पसरीच ने मुख्यातिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई, जिससे इस कार्यक्रम में महत्व और प्रतिष्ठा की एक अतिरिक्त परत जुड़ गई।

शिवानी वज़ीर पसरिच ने कार्यक्रम की प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा, “मिलाप पब्लिकेशन द्वारा लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स कार्यक्रम एक अद्भुत पहल है जो युवा लेखकों की रचनात्मक प्रतिभा को पोषित करती है और उन्हें अपने लेखन कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करती है। यह वास्तव में अद्वितीय और प्रेरणादायक है।

लेखिका कवयित्री सौम्या निगम ने कहा, “लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरे लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव रहा है। इसने मुझे अपना लेखन प्रदर्शित करने का आत्मविश्वास दिया और मेरे साहित्यिक करियर के लिए अवसर खोले हैं।मिलाप पब्लिकेशन की ‘लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स’ केवल किताबें प्रकाशित करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी रचनात्मकता को पूरी तरह से तलाशने के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करना भी है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को अपने रचनात्मक विचारों को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने के लिए मार्गदर्शन और समर्थन प्राप्त होगा।  सूरी ने लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स को लॉन्च करने के पीछे की प्रेरणा को साझा करते हुए कहा, “एलएक्सवाई शुरू करने का एक कारण मेरा बच्चों के साथ अधिक समय बिताना था। हालांकि अब वे मुझसे कह रहे हैं कि मैं उनके साथ पर्याप्त समय नहीं बिताता हूं।

माता-पिता अक्सर मुझसे पूछते हैं कि वे कार्यक्रम से क्या उम्मीद कर सकते हैं और मेरा उत्तर सरल है कि अपने बच्चे की रचनात्मक क्षमता से आश्चर्यचकित हों।द लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स पारंपरिक प्रकाशन तकनीकों से आगे जाती है और युवा लेखकों को भविष्य के नवीन उपकरणों और प्रौद्योगिकियों से परिचित कराती है। चाहे वह एक काल्पनिक उपन्यास लिखना हो या अन्य रचनात्मक प्रयासों की खोज करना हो, यह कार्यक्रम युवा कहानीकारों की मौलिकता और प्रामाणिकता को संरक्षित करते हुए सुसंगत और तार्किक दुनिया बनाने में अमूल्य सहायता प्रदान करता है।

योगी सूरी ने जोर देकर कहा, “हम इस पीढ़ी के लिए तार्किक तर्क के महत्व को समझते हैं। इसलिए हमने रचनात्मक प्रक्रिया को बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए उपकरण विकसित किए हैं कि उनके प्रयास बर्बाद न हों।”एक उत्साही पाठक डॉ. अनुभव वर्मा ने कहा, “सौम्या निगम की कविता की किताब, ‘द डे आफ्टर यस्टरडे’, एक मंत्रमुग्ध कर देने वाली उत्कृष्ट कृति है जो भावनाओं को गीतात्मक छंदों में पिरोती है।

यह मानवीय अनुभव के बारे में सौम्या की गहरी समझ को प्रदर्शित करती है, जो पाठकों को मंत्रमुग्ध और आत्मविश्लेषणात्मक बनाती है और समकालीन कविता के क्षेत्र में एक सच्चा रत्न साबित करती है।

सूरी ने निष्कर्ष निकाला कि “हम असाधारण युवा लेखकों की लीग का पता लगाने के लिए माता-पिता, बच्चों और कहानी कहने की दुनिया में शामिल या रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति को आमंत्रित करते हैं। आइए हम एक समय में एक कहानी के साथ अपनी सुपरहीरो रचनात्मकता को उजागर करना जारी रखें। आपकी रचनात्मकता की कोई सीमा  नहीं है।

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