Waiting of devotees is over, Mata Vaishno Devi Yatra started again, was stopped due to rain

भक्तों का इंतजार खत्म, फिर शुरू हुई माता वैष्णो देवी यात्रा, बारिश की वजह से लगी थी रोक

जम्मू ,21 अगस्त (आरएनएस/FJ)। शनिवार को भारी बारिश की वजह से माता वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। चढ़ाई करने वालों को गेट से पहले ही रोक दिया गया था। अब फिर से भक्तों के लिए यात्रा शुरू कर दी गई है। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ अंसुल गर्ग ने कहा, हिमकोटी मार्ग से बैटरी कार सर्विस और रोपवे से भैरों मंदिर की यात्रा भी शुरू हो गई है। बता दें कि खराब मौसम की वजह से एहतियातन 24 घंटे के लिए यात्रा रोकी गई थी। वहीं एक रात के लिए मंदिर में दर्शन पर रोक लगा दी गई थी।

भारी बारिश के बाद पहले नीचे आने वाले यात्रियों को प्राथमिकता दी गई। इसके बाद ऊपर की चढ़ाई शुरू की गई है। भारी बारिश के बाद कुछ वीडियो भी सामने आए थे। जिनमें देखा जा सकता था कि भवन के मार्ग पर तेज जल बहाव हो रहा था। ऐसे में भक्तों का यात्रा करना खतरे से खाली नहीं था। भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है।

अंशुल गर्ग का कहना है कि बारिश की वजह से किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। बारिश के बाद यात्रा मार्ग पर जल जमाव भी नहीं हुआ था। भारी बारिश की वजह से बाण गंगा में भी उफान आ गया था। इस वजह से ताराकोट मार्ग से यात्रा को डाइवर्ट कर दिया गया था।

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन को देखते हुए किसी भी तरह का खतरा ना उठाने और यात्रा को रोकने का फैसला किया गया था। बताया जा रहा है कि दो दिनों में 27 हजार से ज्यादा लोगों ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। ऐसे में किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं यात्रियों के विश्राम के लिए रास्ते में आसरा शिविर भी बनाए गए हैं।

************************************

इसे भी पढ़ें : मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना

इसे भी पढ़ें : आबादी पर राजनीति मत कीजिए

इसे भी पढ़ें : भारत में ‘पुलिस राज’ कब खत्म होगा?

इसे भी पढ़ें : प्लास्टिक मुक्त भारत कैसे हो

इसे भी पढ़ें : इलायची की चाय पीने से मिलते हैं ये स्वास्थ्य लाभ

तपती धरती का जिम्मेदार कौन?

मिलावटखोरों को सजा-ए-मौत ही इसका इसका सही जवाब

जल शक्ति अभियान ने प्रत्येक को जल संरक्षण से जोड़ दिया है

इसे भी पढ़ें : भारत और उसके पड़ौसी देश

इसे भी पढ़ें : चुनावी मुद्दा नहीं बनता नदियों का जीना-मरना

इसे भी पढ़ें : *मैरिटल रेप या वैवाहिक दुष्कर्म के सवाल पर अदालत में..

इसे भी पढ़ें : अनोखी आकृतियों से गहराया ब्रह्मांड का रहस्य

इसे भी पढ़ें : आर्द्रभूमि का संरक्षण, गंगा का कायाकल्प

इसे भी पढ़ें : गुणवत्ता की मुफ्त शिक्षा का वादा करें दल

इसे भी पढ़ें : अदालत का सुझाव स्थाई व्यवस्था बने

इसे भी पढ़ें : भारत की जवाबी परमाणु नीति के

Leave a Reply