राह-वीर: बिना किसी डर के जीवन बचाएं – नेक आदमी की सुरक्षा यह सुनिश्चित करती है कि आपको किसी भी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है

नई दिल्ली – सड़क दुर्घटना के दौरान हर पल महत्‍वपूर्ण होता है, विशेषकर उस महत्‍वपूर्ण ‘गोल्डन आवर’ में जब समय पर सहायता मिलने से किसी की जान बच सकती है। ऐसे क्षणों में आगे आने वाले लोगों का समर्थन और सुरक्षा करने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 134ए के तहत 2020 में गुड समैरिटन रूल्स अधिसूचित किए। ये नियम एक सरल विश्वास पर आधारित हैं – दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले किसी भी व्यक्ति को ऐसा करने से कभी डरना नहीं चाहिए। जो लोग साहस दिखाते हुए किसी घायल अजनबी को उठाकर, अक्सर उसका नाम भी जाने बिना, उसे निकटतम अस्पताल ले जाते हैं, उन्हें राह-वीर कहा जाता है।

किसी दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले नेक आदमी को कानूनी झंझटों में नहीं फंसाया जा सकता, उससे व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता या उसे अनावश्यक रूप से हिरासत में नहीं लिया जा सकता है। उनकी सहायता करने की इच्छा का सम्मान किया जाता है और उनकी गरिमा और निजता की रक्षा की जाती है।

गोल्‍डन आवर में जीवन बचाना

कानून के अनुसार, गंभीर चोट लगने के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है जो चिकित्सा सहायता के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस अवधि के दौरान त्वरित सहायता से आजीवन विकलांगता, आघात और अनगिनत मौतों को रोका जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राह-वीर बनने के लिए आपको चिकित्सा प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है। आपको विशेष उपकरणों की भी आवश्यकता नहीं है। कभी-कभी, आपकी सहायता करने की इच्छा ही सबसे बड़ी सहायता होती है।

एक नेक आदमी बनना: आपको जानना चाहिए – क्या करें और क्या न करें

क्या करें: आपके अधिकार और जिम्मेदारियां

  • बिना किसी डर के सहायता करें: सद्भावना से कार्य करने पर आपको कानूनी रूप से नागरिक या आपराधिक दायित्व से सुरक्षा प्राप्त है।
  • यह जान लें कि आप गुमनाम रह सकते हैं: जब तक आप गवाह बनना न चाहें, तब तक आपको व्यक्तिगत विवरण साझा करने की आवश्यकता नहीं है।
  • कृपया केवल एक बार ही पुलिस को बयान दे सकते हैं: यदि आप गवाह के रूप में स्वेच्छा से उपस्थित होते हैं तो आपकी सुविधानुसार किसी भी समय और स्थान पर आपसे एक बार पूछताछ की जा सकती है।
  • अस्पताल से रसीद अवश्य प्राप्त करें: आपको इस बात की साधारण पुष्टि प्राप्त करने का अधिकार है कि आप पीड़ित को उपचार के लिए लाए थे।

क्या न करें: वे मिथक जिन पर आपको विश्वास नहीं करना चाहिए

  • कानूनी चिंताओं के कारण संकोच न करें: यह प्रणाली राह-वीरों की रक्षा के लिए बनाई गई है।
  • अस्पताल में रुकने के लिए बाध्य महसूस न करें: एक बार मरीज को भर्ती कर लिया जाए तो आप जाने के लिए स्वतंत्र हैं।
  • इलाज के लिए भुगतान न करें: अस्पताल आपातकालीन देखभाल के लिए आपसे भुगतान की मांग नहीं कर सकते।
  • एफआईआर दर्ज कराने या गवाही देने के लिए खुद को बाध्य महसूस न करें: गवाह बनना आपकी व्यक्तिगत पसंद है।
  • यदि आप गुमनाम रहना पसंद करते हैं तो व्यक्तिगत विवरण प्रकट न करें: यह आपका अधिकार है।
  • अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की अनुमति न दें: इसकी अनुमति‍ नहीं है।

हमें और अधिक राह-वीरों की आवश्यकता है

बेहतर सड़कों और बढ़ते बुनियादी ढांचे के बावजूद, भारत में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने और मरने वालों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। इसके अलावा, भारत दुनिया में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले देशों में से एक है। वास्‍तव में, माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि इन दुर्घटनाओं का आर्थिक प्रभाव बहुत बड़ा है जिससे देश को अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 3 प्रतिशत नुकसान होता है। यह आईआईटी दिल्ली की एक रिपोर्ट में बताया गया है।

सड़कें लोगों को जोड़ने और अवसर पैदा करने के लिए होती हैं, फिर भी अक्सर वे दुखद, रोकी जा सकने वाली दुर्घटनाओं का कारण बन जाती हैं। इनमें से कई मौतें इसलिए नहीं होती कि सहायता संभव नहीं थी बल्कि इसलिए होती हैं क्योंकि सहायता समय पर नहीं पहुंच पाती। राहगीर अक्सर पुलिस की पूछताछ, अस्पताल की प्रक्रियाओं या कानूनी पेचीदगियों के डर से दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने में हिचकिचाते हैं। इस हिचकिचाहट के कारण ‘‘गोल्डन आवर’’ के कीमती मिनट बर्बाद हो जाते हैं, जब समय पर चिकित्सा देखभाल जीवन बचा सकती है।

राह-वीरों के लिए मान्यता और वित्तीय सहायता

‘राह-वीर’ (नेक आदमी) योजना इन व्यक्तियों को वित्तीय मान्यता भी प्रदान करती है और उन्हें वास्तविक जीवन के नायकों के रूप में सम्मानित करती है जिन्होंने संकोच के बजाय करुणा को चुना।

इस योजना के तहत, जो भी व्यक्ति दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सहायता दिलाने में मदद करता है, उसे 25,000 रुपये का पुरस्कार और प्रशंसा पत्र दिया जाता है। साथ ही, बहादुरी के ऐसे कार्यों को दोहराने पर साल में पांच बार तक यह सम्मान प्राप्त किया जा सकता है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योजना आत्मविश्वास, भरोसा और एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देती है जहां सड़क पर दूसरों की सहायता करना एक साझा जिम्मेदारी और राष्ट्र के लिए गर्व होता है।

राह-वीर केवल एक योजना या नीति से कहीं बढ़कर है। यह साहस, सहानुभूति और सामूहिक जिम्मेदारी है।

अगली बार जब आप कोई दुर्घटना देखें, तो याद रखें: त्रासदी और जीवन के बीच आप ही एकमात्र उम्मीद हो सकते हैं। और किसी की जान बचाने के लिए आपको डॉक्टर होने की जरूरत नहीं है, बस इंसान होना जरूरी है।

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पीपीए ने 21वीं पारादीप मैराथन के साथ पत्तन स्थापना दिवस की 65वीं वर्षगांठ मनाई

नई दिल्ली – ओडिशा के पारादीप पत्तन प्राधिकरण ने शनिवार को 21वीं पारादीप मैराथन 2026 के सफल आयोजन के साथ अपना 65वां पत्तन स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम का आयोजन पीपीए की गोपबंधु क्रीड़ा संसद द्वारा किया गया था और मुख्य अतिथि, पीपीए के अध्यक्ष श्री पीएल हरनाध ने हनुमान मंदिर चौक से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पीपीए के उपाध्यक्ष श्री टी. वेणु गोपाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

14 किलोमीटर की दौड़ गोपबंधु स्टेडियम में संपन्न हुई, जहां पत्तन शहर के निवासियों और विभिन्न संगठनों ने उत्साहपूर्वक समर्थन दिया। कुल 336 धावकों ने भाग लिया जिनमें 280 पुरुष और 56 महिलाएं शामिल थी।

गोपबंधु स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री हरनाध ने याद दिलाया कि पारादीप पत्तन प्राधिकरण जिसकी आधारशिला 3 जनवरी 1962 को रखी गई थी एक छोटे से घाट से बढ़कर भारत के प्रमुख पत्तनों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह पत्तन रेटेड क्षमता के मामले में सबसे बड़ा प्रमुख पत्तन है, भारतीय प्रमुख पत्तनों में सर्वश्रेष्ठ बर्थ उत्पादकता दर्ज करता है और देश का सबसे लागत प्रभावी प्रमुख पत्तन है। उन्होंने आगे कहा कि चल रहे आधुनिकीकरण, हरित विकास पर विशेष ध्यान और कर्मचारी कल्याण के साथ, पत्तन 2030 तक 400 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता की ओर लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारादीप मैराथन विकास, अनुशासन और सामूहिक भागीदारी की इसी भावना को प्रतिबिंबित करता है।

इस अवसर पर, ओडिशा के उभरते हुए धावक प्रतीक महाराणा को जिन्होंने हाल ही में पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता और भारतीय पुरुषों की 4×100 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, जिसने चौथी दक्षिण एशियाई सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में रजत पदक हासिल किया था, उनको पारादीप पत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री पीएल हरनाध द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

पुरुषों की श्रेणी में, ओडिशा पुलिस के श्री अशोक दंडसेना ने पारादीप मैराथन 2026 में 43 मिनट 52.2 सेकंड के समय के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। रांची के श्री गुलसन दुंग दुंग 44 मिनट 11.9 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि झारखंड के श्री राकेश महंत 44 मिनट 18.3 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

महिलाओं की श्रेणी में झारखंड की सुश्री अनीता दास ने 51 मिनट 8.4 सेकंड में दौड़ पूरी करके प्रथम स्थान प्राप्त किया। मयूरभंज की सुश्री संध्या मुर्मु ने 54 मिनट 24.2 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया जबकि ओडिशा पुलिस की सुश्री बसंती मंडिया ने 54 मिनट 51.6 सेकंड में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

गोपबंधु स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में पीपीए के उपाध्यक्ष श्री टी. वेणु गोपाल और पीपीए के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।

पारादीप पत्तन खेल परिषद के अधिकारियों और तकनीकी सदस्यों द्वारा श्री एच.एस. राउत, अध्यक्ष; डॉ. डी.पी. सेठी, कार्यकारी अध्यक्ष, गोपबंधु क्रीड़ा संसद; श्री धुना चंद्र तराई, सचिव, जी.के.एस. के नेतृत्व में और ओडिशा ओलंपिक एसोसिएशन के अधिकारियों के सहयोग से मैराथन का सुचारू रूप से संचालन किया गया.

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी में 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया

नई दिल्ली –  प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्‍हें वाराणसी से सांसद होने के नाते सभी खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आज से वाराणसी में शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ी अथक परिश्रम के बाद इस राष्ट्रीय टूर्नामेंट तक पहुंचे हैं और आने वाले दिनों में वाराणसी के मैदान पर उनके परिश्रम की परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि देश के 28 राज्यों की टीमें एकत्रित हुई हैं जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सुंदर चित्र प्रस्तुत करती हैं। प्रधानमंत्री ने चैंपियनशिप के सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी।

बनारसी की एक स्थानीय कहावत का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ी अब वाराणसी पहुंच चुके हैं और शहर को अच्छी तरह जान लेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाराणसी खेल प्रेमियों का शहर है जहां कुश्ती, कुश्ती के अखाड़े, मुक्केबाजी, नौका दौड़ और कबड्डी बहुत लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी ने कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, यूपी कॉलेज और काशी विद्यापीठ जैसे संस्थानों के खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। श्री मोदी ने कहा कि हजारों वर्षों से वाराणसी ज्ञान और कला की खोज में आने वाले सभी लोगों का स्वागत करता आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान वाराणसी का उत्साह बरकरार रहेगा, खिलाड़ियों को उनका उत्साहवर्धन करने के लिए दर्शक मिलेंगे और वे वाराणसी की समृद्ध आतिथ्य सत्कार की परंपरा का अनुभव भी करेंगे।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वॉलीबॉल कोई साधारण खेल नहीं है बल्कि यह संतुलन और सहयोग का खेल है जहां गेंद को हमेशा हवा में रखने के प्रयास में दृढ़ संकल्प झलकता है। उन्होंने बताया कि वॉलीबॉल खिलाड़ियों को टीम भावना से जोड़ता है, जहां हर खिलाड़ी ‘टीम पहले’ के मंत्र से प्रेरित होता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भले ही प्रत्येक खिलाड़ी के पास अलग-अलग कौशल हों लेकिन सभी अपनी टीम की जीत के लिए खेलते हैं। श्री मोदी ने भारत के विकास की कहानी और वॉलीबॉल के बीच समानताओं का उल्‍लेख करते हुए कहा कि यह खेल सिखाता है कि कोई भी जीत अकेले प्राप्‍त नहीं होती बल्कि जीत समन्वय, विश्वास और टीम की तैयारी पर निर्भर करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी की अपनी भूमिका और जिम्मेदारी होती है और सफलता तभी मिलती है जब हर कोई गंभीरता से अपनी जिम्‍मेदारी को निभाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भी इसी तरह प्रगति कर रहा है, स्वच्छता से लेकर डिजिटल भुगतान तक, ‘एक पेड़ मां के नाम’ से लेकर विकसित भारत के अभियान तक, हर नागरिक, हर वर्ग और हर प्रांत सामूहिक चेतना और ‘भारत पहले’ की भावना के साथ काम कर रहा है।

श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की विकास और अर्थव्यवस्था की सराहना कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति केवल आर्थिक मोर्चे तक ही सीमित नहीं है बल्कि खेल जगत में दिख रहे आत्मविश्वास में भी झलकती है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, 2014 से विभिन्न खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और उन्‍हें जेन-जेड खिलाड़ियों को मैदान पर तिरंगा फहराते देखकर गर्व महसूस होता है।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि एक समय ऐसा था जब सरकार और समाज दोनों ही खेलों के प्रति उदासीन थे जिससे खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी और बहुत कम युवा खेलों को अपना करियर बनाते थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में खेलों के प्रति सरकार और समाज दोनों की सोच में बदलाव आया है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने खेल के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है और आज भारत का खेल मॉडल ‘खिलाड़ी-केंद्रित’ हो गया है जिसमें प्रतिभा की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि खिलाड़ियों के हितों को हर स्तर पर प्राथमिकता दी जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज देश में तेजी से सुधार हो रहे हैं, हर क्षेत्र और हर विकास लक्ष्य इससे जुड़ा हुआ है, और खेल भी उनमें से एक है।” उन्होंने बताया कि सरकार ने खेल के क्षेत्र में कई बड़े सुधार किए हैं जिनमें राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और खेलो भारत नीति 2025 शामिल हैं। इनसे प्रतिभाओं को अवसर मिलेंगे और खेल संगठनों में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन प्रावधानों से युवाओं को खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

श्री मोदी ने कहा कि टीओपी जैसी पहल भारत में खेल जगत को बदल रही हैं जिनमें मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने, वित्तपोषण तंत्र विकसित करने और युवा खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने कई शहरों में 20 से अधिक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की है जिनमें फीफा अंडर-17 विश्व कप, हॉकी विश्व कप और प्रमुख शतरंज टूर्नामेंट शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत में आयोजित किए जाएंगे और देश 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी प्रयासरत है जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने के बेहतर अवसर प्रदान करना है।”

श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालय स्तर पर भी युवा खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों से परिचित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ अभियान के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिला है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ ही दिन पहले सांसद खेल महोत्सव का समापन हुआ जिसमें लगभग एक करोड़ युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वाराणसी से सांसद होने के नाते उन्होंने गर्व से बताया कि सांसद खेल महोत्सव के दौरान वाराणसी के लगभग तीन लाख युवाओं ने मैदान पर अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया।

खेलों के लिए बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलावों से वाराणसी को भी लाभ मिल रहा है, इस बात पर प्रकाश डालते हुए श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं और विभिन्न खेलों के लिए स्टेडियम बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए खेल परिसर आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्राप्‍त करने के अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिगरा स्टेडियम, जहां यह आयोजन हो रहा है, अब कई आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।

प्रधानमंत्री ने वाराणसी की बड़े आयोजनों के लिए तैयारियों पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के माध्यम से देश के खेल नक्‍शे पर स्थान बनाना शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने याद दिलाया कि इस चैंपियनशिप से पहले, वाराणसी ने कई महत्वपूर्ण आयोजनों की मेजबानी की है जिनसे स्थानीय लोगों को अवसर मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला जिनमें जी-20 की बैठकें, काशी तमिल संगमम और काशी तेलुगु संगमम जैसे सांस्कृतिक उत्सव, प्रवासी भारतीय सम्मेलन और शंघाई सहयोग संगठन की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में वाराणसी का नाम शामिल है। उन्होंने कहा कि अब इन उपलब्धियों में यह चैंपियनशिप और जुड़ रही है और ऐसे आयोजन वाराणसी को बड़े मंचों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि वाराणसी में इस समय सुहावना ठंडा मौसम रहता है, साथ ही स्वादिष्ट मौसमी व्यंजन भी उपलब्ध होते हैं, और उन्होंने मलाइयो का आनंद लेने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने, गंगा में नौका विहार करने और शहर की विरासत का अनुभव करने का भी आग्रह किया। अपने संबोधन के समापन में, प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया और आशा व्यक्त की कि वाराणसी की धरती से लगाया गया हर स्पाइक, ब्लॉक और पॉइंट भारत की खेल आकांक्षाओं को और ऊंचा करेगा और एक बार फिर सभी को अपनी शुभकामनाएं दी।

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

4 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट में पूरे भारत से भागीदारी देखने को मिलेगी जिसमें विभिन्न राज्यों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाली 58 टीमों के हिस्से के रूप में 1,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। इस टूर्नामेंट में भारतीय वॉलीबॉल में उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और प्रतिभा का प्रदर्शन होने की उम्मीद है।

वाराणसी में 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी शहर में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खेल विकास को बढ़ावा देने पर बढ़ते जोर को दर्शाती है। यह महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और खेल पहलों की मेजबानी में शहर की बढ़ती भूमिका के अनुरूप, प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में शहर की प्रतिष्ठा को भी और बढ़ाती है।

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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के जन-केंद्रित शासन मॉडल में प्रेस की स्वतंत्रता और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण पर जोर दिया

नई दिल्ली – केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की अपरिहार्य भूमिका को स्वीकारते हुए पत्रकारों को समाज के सतर्क प्रहरी और जनता की प्रामाणिक आवाज के रूप में रेखांकित किया।

असम के तिनसुकिया में असम प्रेस संवाददाता संघ (एपीसीयू) के 17वें केंद्रीय मध्यावधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि तेजी से बदलते सूचना परिदृश्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सोनोवाल ने कहा कि समाज के जागरूक प्रहरी के रूप में मीडिया की भूमिका अतुलनीय है। जनता की आवाज के रूप में पत्रकारों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया है।

जिम्मेदारी पूर्ण पत्रकारिता की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने मीडिया पेशेवरों से सत्य, विश्वसनीय और नैतिक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देने और गलत सूचना एवं सनसनीखेज खबरों से दूर रहने का आग्रह किया। सोनोवाल ने कहा कि पत्रकारिता को सरकार और जनता के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करना चाहिए। साथ ही सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हुए लोगों की समस्याओं को सामने लाना चाहिए।

श्री सोनोवाल ने समन्वय, संवाद और आम सहमति बनाने के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि मीडिया टकराव के बजाय रचनात्मक जुड़ाव के माध्यम से समाज को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। सोनोवाल ने कहा कि पत्रकारों के सामने आने वाली बदलती चुनौतियों के लिए निरंतर क्षमता निर्माण, पेशेवर ईमानदारी और नई तकनीकों के अनुकूलन की आवश्यकता है। साथ ही सार्वजनिक हित की पत्रकारिता में दृढ़ता से जुड़े रहना भी जरूरी है।

इस कार्यक्रम में विधायक संजय किशन और बोलिन चेतिया के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

इससे पहले दिन में माकुम एलएसी में सोनोवाल ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला रखने और उद्घाटन के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया और प्रधानमंत्री के प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। सोनोवाल ने स्थानीय उद्यमियों के साथ बातचीत कर स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास में उनके योगदान को स्वीकार किया।

श्री सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंच गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि कल्याणकारी योजनाएं सीधे लाभार्थियों को सशक्त बनाती हैं और जमीनी स्तर पर उद्यमशीलता को मजबूत करती हैं। इस समावेशी दृष्टिकोण ने शासन को एक जन-केंद्रित मॉडल में बदल दिया है जो सामाजिक उत्थान और आर्थिक विकास दोनों को गति प्रदान करता है।

श्री सोनोवाल ने पनीटोला में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत निर्मित नवनिर्मित वरिष्ठ नागरिक कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। यह सुविधा 2024-25 वित्तीय वर्ष के दौरान 15 लाख रुपये की लागत से विकसित की गई थी और इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए संस्थागत सहायता को मजबूत करना है। सोनोवाल ने कहा कि इस तरह का बुनियादी ढांचा समावेशी विकास, गरिमा, पहुंच और जमीनी स्तर पर बुजुर्गों के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस मौके पर मकुम नगर पालिका बोर्ड की अध्यक्ष अर्चना सैकिया, मकुम कॉलेज की उप-प्रधानाचार्य पापोरी बरुआ, डिब्रूगढ़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अशिम हजारिका, असम राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष पुलक गोहैन, भाजपा तिनसुकिया के जिला अध्यक्ष कुशाकांत बोरा के अलावा लखीनाथ कोच, जेउती मोरन, गिरज बरुआ और रुक्मिणी पातर सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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2nd All India Judges Badminton Championship 2026 का सफल समापन

विभिन्न वर्गों में देशभर के माननीय न्यायाधीशों ने किया उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन

देश के विभिन्न 09 उच्च न्यायालयों के 31 माननीय न्यायाधीशों ने प्रतियोगिता में लिया भाग

3-4 जनवरी 2026 तक खेलगांव परिसर स्थित ठाकुर विश्वनाथ शहदेव इंडोर स्टेडियम, मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई प्रतियोगिता

रांची, 04.01.2026 – माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड के तत्वावधान में आयोजित 2nd All India Judges Badminton Championship 2026 का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया।

यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता दिनांक 03 से 04 जनवरी 2026 तक रांची के खेलगांव परिसर स्थित ठाकुर विश्वनाथ शहदेव इंडोर स्टेडियम, मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई।

प्रतियोगिता में देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों से आए 31 माननीय न्यायाधीशों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान मेन सिंगल्स, वूमेन सिंगल्स, मेन डबल्स एवं मिक्स्ड डबल्स कुल चार वर्गों में मुकाबले खेले गए, जिनमें प्रतिभागियों ने उच्च स्तरीय खेल भावना, अनुशासन एवं उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया।

माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान द्वारा विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी तथा इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को न्यायपालिका के सदस्यों के शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य, आपसी सौहार्द एवं खेल भावना को सुदृढ़ करने वाला बताया।

प्रतियोगिता का परिणाम

मेन सिंगल्स

🥇 विजेता : माननीय न्यायमूर्ति फरहान परवेज़ दुबास (बॉम्बे हाईकोर्ट)

🥈 उपविजेता : माननीय न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस (केरल हाईकोर्ट)

🥉 तृतीय स्थान : माननीय न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

वूमेन सिंगल्स

🥇 विजेता : माननीय न्यायमूर्ति सावित्री राठो (उड़ीसा हाईकोर्ट)

🥈 उपविजेता : माननीय न्यायमूर्ति रेखा बोराना (राजस्थान हाईकोर्ट)

🥉 तृतीय स्थान : माननीय न्यायमूर्ति नूपुर भाटी (राजस्थान हाईकोर्ट)

मेन्स डबल्स

🥇 विजेता : माननीय न्यायमूर्ति फरहान परवेज़ दुबास एवं माननीय न्यायमूर्ति सारंग वी. कोटवाल (बॉम्बे हाईकोर्ट)

🥈 उपविजेता : माननीय न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस एवं माननीय न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. (केरल हाईकोर्ट)

🥉 तृतीय स्थान : माननीय न्यायमूर्ति सी. सारावाना एवं माननीय न्यायमूर्ति जी.के. इलंथिरैयन (मद्रास हाईकोर्ट)

मिक्स्ड डबल्स

🥇 विजेता : माननीय न्यायमूर्ति वी. नरसिंह एवं माननीय न्यायमूर्ति सावित्री राठो (उड़ीसा हाईकोर्ट)

🥈 उपविजेता : माननीय न्यायमूर्ति रवि चिरानिया एवं माननीय न्यायमूर्ति रेखा बोराना (राजस्थान हाईकोर्ट)

🥉 तृतीय स्थान : माननीय न्यायमूर्ति फरजान्द अली एवं माननीय न्यायमूर्ति नूपुर भाटी (राजस्थान हाईकोर्ट)

प्रतियोगिता के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन, रांची द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधन, समन्वय एवं सुविधाओं की व्यापक रूप से सराहना की गई।

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125 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत की विरासत लौट और देश की अनमोल धरोहर घर वापस आ गई है: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली –  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी “प्रकाश और कमल: भगवान बुद्ध के अवशेष” का उद्घाटन किया। संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित यह ऐतिहासिक प्रदर्शनी एक सदी से भी अधिक समय में पहली बार भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरावा अवशेषों, रत्नों और अवशेषों के सबसे व्यापक संग्रह को एक साथ लाती है, जिनमें वे अवशेष भी शामिल हैं जिन्हें हाल ही में भारत वापस लाया गया है।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “125 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत की विरासत और राष्ट्र की अनमोल धरोहर वापस घर आ गई है। आज से भारत के लोग भगवान बुद्ध के इन पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।”

 

इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री, जिनमें भारत की भावना को शासन की गतिविधियों में रूपांतरित करने की विलक्षण क्षमता है, की उपस्थिति हमेशा प्रेरणा और महत्व का क्षण होता है। उन्होंने आगे कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री का स्वागत करना हम सभी के लिए अत्यंत गर्व की बात है।

यह उद्घाटन भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा का एक ऐतिहासिक क्षण है, जो 127 वर्षों के बाद पिपरावा अवशेषों के पुनर्मिलन का स्मरण कराता है। इस संग्रह में कपिलवस्तु में 1898 में हुए उत्खनन से प्राप्त अवशेष, 1972-75 के उत्खनन से मिली वस्तुएँ, कोलकाता के भारतीय संग्रहालय में संरक्षित खजाने और पेप्पे परिवार का संग्रह शामिल है, जिसे भारत सरकार के निर्णायक हस्तक्षेप के बाद जुलाई 2025 में भारत वापस लाया गया, जिसने विदेशों में उनकी नीलामी को रोक दिया था।

आगमन पर प्रधानमंत्री का स्वागत दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री श्री किरेन रिजिजू, दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना, संस्कृति राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने किया।

अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया और बैठे हुए बुद्ध की मूर्ति पर खटाक और गुलाब की पंखुड़ियाँ अर्पित कीं। उन्होंने पिपरावा स्थल से प्राप्त एक प्राचीन मुहर को पवित्र किया, बोधि वृक्ष का पौधा लगाया, आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए, प्रदर्शनी सूची जारी की और उपस्थित पूजनीय बौद्ध भिक्षुओं को चिवर दान दिया।

“प्रकाश और कमल: भगवान बुद्ध के अवशेष” विषय के अंतर्गत आयोजित इस प्रदर्शनी में छठी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर वर्तमान तक की 80 से अधिक असाधारण वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इनमें मूर्तियां, पांडुलिपियां, थांगका चित्र, धार्मिक वस्तुएं, अवशेष पात्र और रत्नजड़ित खजाने शामिल हैं। प्रदर्शनी का केंद्र बिंदु वह अखंड पत्थर का संदूक है जिसमें पवित्र अवशेष मूल रूप से पाए गए थे।

कपिलवस्तु के नाम से जाने जाने वाले प्राचीन स्तूप स्थल पर विलियम क्लैक्सटन पेप्पे द्वारा 1898 में खोजे गए पिपरावा अवशेष, बुद्ध के जीवन से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोजों में से हैं। आज इनका पुनः एकीकरण भारत की अपनी सांस्कृतिक धरोहर को पुनः प्राप्त करने, संरक्षित करने और सम्मानित करने की अटूट प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रमाण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत की वैश्विक भागीदारी में उसकी सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 642 प्राचीन वस्तुएं भारत वापस लाई जा चुकी हैं, जिनमें पिपरावा अवशेषों की वापसी सांस्कृतिक कूटनीति और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री, राजनयिक कोर के सदस्य, राजदूत, पूजनीय बौद्ध भिक्षु, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विद्वान, विरासत विशेषज्ञ, कला जगत के सदस्य, छात्र और भारत तथा विदेश से बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित थे।

यह प्रदर्शनी विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक नेतृत्व के प्रति संस्कृति मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है, साथ ही बुद्ध धम्म के जन्मस्थान के रूप में भारत की अनूठी स्थिति और दुनिया के साथ अपनी सभ्यतागत विरासत को साझा करने के प्रति इसके अटूट समर्पण का जश्न मनाती है।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “125 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत की विरासत लौट और राष्ट्र की अनमोल धरोहर वापस घर आ गई है। आज से भारत के लोग भगवान बुद्ध के इन पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।”

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भारत के उपराष्ट्रपति ने वेल्लोर में श्री शक्ति अम्मा के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया

नई दिल्ली  –  भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के श्रीपुरम में श्री शक्ति अम्मा के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया और श्री शक्ति अम्मा की आध्यात्मिक यात्रा के 50 वर्ष पूरे होने के इस अवसर का हिस्सा बनकर अपार प्रसन्नता व्यक्त की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर की पवित्रता और आध्यात्मिक श्रेष्ठता भारत के पूर्व राष्ट्रपतियों डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और श्री राम नाथ कोविंद, और हाल ही में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के दर्शनों से स्पष्ट होती है, जिन्होंने पिछले महीने मंदिर का दौरा किया था।

श्री शक्ति अम्मा की धर्म के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनका मार्गदर्शन आध्यात्मिकता से परे व्यापक सामाजिक सेवा तक फैला हुआ है। उन्होंने श्रीपुरम में किए जा रहे विभिन्न परोपकारी कार्यों की सराहना की, जिनमें उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था, छात्रों को साइकिल वितरण जैसी दीर्घकालिक पहल और हजारों लोगों को भोजन कराने वाला दैनिक अन्नदान कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने इन पहलों को सच्ची भक्ति भावना से प्रेरित नेक सेवा बताया।

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि श्रीपुरम परिसर में 50,000 से अधिक वृक्षारोपण किए गए हैं और पास की कैलाशगिरि पहाड़ियों पर कई लाख पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने इसे धरती माता और मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण पहलों को सशक्त बनाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना भी एक प्रकार की दिव्य सेवा है।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल कर्मकांडीय पूजा में नहीं बल्कि प्रेम, करुणा और साथी मनुष्यों की सेवा में निहित है। उन्होंने कवि सुब्रमण्य भारती के शब्दों का उदाहरण देते हुए कहा, प्रेम से बढ़कर कोई तपस्या नहीं है।” उन्होंने कहा कि समाज से प्रेम करना और उसकी सेवा करना ही सर्वोच्च आध्यात्मिक अनुशासन है।

उपराष्ट्रपति ने श्री शक्ति अम्मा को वर्तमान युग की एक महान आध्यात्मिक हस्ती बताया जो अपने जीवन और कार्यों से “प्रेम पवित्र है” के सिद्धांत का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं और समाज में धार्मिकता और आध्यात्मिक चेतना को बढावा देती है।

इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के श्रीपुरम स्थित श्री नारायणी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने देवी लक्ष्मी से सभी के लिए शांति, समृद्धि और सुख की प्रार्थना की।

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रांची जिला प्रशासन द्वारा शीतलहर से राहत हेतु व्यापक स्तर पर कंबल वितरण एवं अलाव की व्यवस्था

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा चिरोंदी स्थित वृद्धा आश्रम में पहुंचकर वृद्धजनों एवं आश्रमवासियों के बीच कंबल वितरित किए गए

कोई भी व्यक्ति यदि ठंड से पीड़ित बेसहारा व्यक्ति को देखे तो तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या निकटतम थाने/प्रखंड कार्यालय को सूचित करें, ताकि समय पर राहत पहुंचाई जा सके:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,04.01.2026 – रांची जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड एवं शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों, बेसहारा एवं असहाय लोगों को राहत पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।(3जनवरी 2026) जिला प्रशासन द्वारा आश्रितों एवं जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं तथा जिले के सभी प्रखंडों एवं रांची शहरी क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यापक व्यवस्था की गई है।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे प्रतिदिन रात में रांची शहर के प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा स्वयं कंबल वितरण कर रहे हैं। पूर्व में ही उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए थे, कि शीतलहर से किसी भी व्यक्ति को कोई कष्ट न हो तथा सभी जरूरतमंदों को कंबल मिलें यह सुनिश्चित हो।

इसी क्रम में आज उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा चिरौंदी, राँची स्थित वृद्धा आश्रम में पहुंचकर वृद्धजनों एवं आश्रमवासियों के बीच कंबल वितरित किए गए। इस अवसर पर वृद्धजनो ने उपायुक्त का आभार व्यक्त किया तथा ठंड से राहत मिलने पर खुशी जाहिर की।

इस दौरान सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, रांची श्री रविशंकर मिश्रा तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कोई भी व्यक्ति यदि ठंड से पीड़ित बेसहारा व्यक्ति को देखे तो तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या निकटतम थाने/प्रखंड कार्यालय को सूचित करें, ताकि समय पर राहत पहुंचाई जा सके

जिला प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि कोई भी व्यक्ति यदि ठंड से पीड़ित बेसहारा व्यक्ति को देखे तो तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या निकटतम थाने/प्रखंड कार्यालय को सूचित करें, ताकि समय पर राहत पहुंचाई जा सके। जिला प्रशासन ठंड से बचाव को अपनी प्राथमिकता मानकर कार्य कर रहा है तथा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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भारत निर्वाचन आयोग ने ईसीआईनेट में सुधार के लिए नागरिकों से 10 जनवरी तक सुझाव आमंत्रित किए हैं।

  1. भारत निर्वाचन आयोग सभी नागरिकों को ईसीआईनेट ऐप डाउनलोड करने और ऐप में मौजूद सुझाव प्रस्तुत करें‘ टैब का उपयोग कर ऐप को बेहतर बनाने की दिशा में अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित करता है। नागरिक 10 जनवरी, 2026 तक अपने सुझाव दे सकते हैं।
  2. नए ईसीआईएनईटी ऐप के प्रयोगत्मक प्रारूपों से मतदाताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, मतदान प्रतिशत के रुझान तेजी से उपलब्ध होंगे और मतदान समाप्त होने के 72 घंटों के भीतर इंडेक्स कार्ड प्रकाशित किए जा सकेंगे, जो प्रक्रिया पहले कई हफ्तों या महीनों में पूरी हो जाती थी। इस ऐप का बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और उपचुनावों के दौरान सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।
  3. सीईओ, डीईओ, ईआरओ, ऑब्जर्वर और फील्ड अधिकारियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर इस प्लेटफॉर्म को लगातार बेहतर और परिष्कृत किया जा रहा है। उपयोगकर्ताओं के सुझावों की जांच की जाएगी और प्लेटफॉर्म को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए अपडेट किया जाएगा। ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को इस महीने आधिकारिक तौर पर शुरू किया जाएगा।
  4. ईसीआईनेट, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ शुरू की गई आयोग की प्रमुख पहलों में से एक है। ईसीआईनेट ऐप के विकास पर काम 4 मई, 2025 को इसकी घोषणा के बाद शुरू हुआ।
  5. ईसीआईनेट ऐप नागरिकों के लिए एक एकीकृत ऐप है जो पहले से मौजूद 40 अलग-अलग चुनाव संबंधी एप्लिकेशन/वेबसाइटों जैसे वोटर हेल्पलाइन ऐप (वीएचए), सीविजिल, सक्षम, पोलिंग ट्रेंड्स (मतदाता मतदान ऐप), नो योर कैंडिडेट (केवाईसी) ऐप को एक ही इंटरफ़ेस में एकीकृत करता है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर दोनों से डाउनलोड किया जा सकता है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने राज्यों के साथ कृषि योजनाओं एवं बजट उपयोग की समीक्षा की

नई दिल्ली – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY), कृषोन्नति योजना (KY) समेत विभिन्न केंद्रीय कृषि योजनाओं की प्रगति एवं बजट उपयोग की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत मुद्दों के कारण कई बार बजट आवंटन में देरी होती है, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर असर पड़ता है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग मार्च माह से पहले सुनिश्चित किया जाए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि राज्य समय पर बजट खर्च नहीं कर पाते हैं तो इससे राज्यों को ही नुकसान होता है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्यों को पूर्व नियोजित रणनीति के साथ बजट का उपयोग करना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुँचे और केंद्र से अगली किश्त समय पर जारी की जा सके।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों के शीघ्र सत्यापन, फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को कवर करने तथा दावों के समयबद्ध निपटान पर विशेष बल दिया। साथ ही बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, संतुलित उपयोग और केंद्र–राज्य समन्वय को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

इस बैठक में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री श्री दत्तात्रेय भरणे, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीणा, उत्तराखंड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी तथा मिजोरम के कृषि मंत्री ने भाग लिया।

बैठक में कृषि मंत्रालय के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने राज्यों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने और किसानों के हित में हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण किया

नई दिल्ली – रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण करने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का दौरा किया।

 

निरीक्षण के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने स्लीपर कोचों का बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें बैठने और सोने की व्यवस्था, आधुनिक इंटीरियर, सुरक्षा सुविधाएँ और यात्री सुविधा प्रणालियाँ शामिल थीं। ट्रेन में यात्री सुरक्षा और उपलब्ध सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है।

इस ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, कवच सुरक्षा प्रणाली, आधुनिक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, कीटाणुनाशक तकनीक और सभी डिब्बों में सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वच्छता बढ़ाने और पानी के छींटे रोकने के लिए शौचालयों को खास तौर पर नई डिजाइनों के साथ तैयार किया गया है, जो यात्रियों के आराम और स्वच्छता पर भारतीय रेलवे के विशेष ध्यान को दर्शाता है।

पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलेगी, जो देश में लंबी दूरी की रात्रिकालीन रेल यात्रा में एक क्रांतिकारी कदम होगा। ट्रेन के परीक्षण, जांच और प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनवरी में इस मार्ग पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान रेल अधिकारियों से बातचीत की और ट्रेन के तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह से तैयार है। ट्रेन में 16 कोच हैं, जिनमें 11 एसी थ्री-टियर कोच, चार एसी टू-टियर कोच और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं और इसमें करीब 823 यात्री सफर कर सकते हैं। उन्नत सस्पेंशन सिस्टम, एर्गोनॉमिक इंटीरियर और उच्च स्वच्छता मानकों के साथ इस ट्रेन को उत्कृष्ट यात्रा और आरामदायक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रा करने वाले मुसाफिरों को यात्रा के दौरान क्षेत्र विशेष व्यंजनों का आनंद मिलेगा। गुवाहाटी से शुरू होने वाली ट्रेन में प्रामाणिक असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे, जबकि कोलकाता से शुरू होने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रेन में एक आनंददायक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भोजन का अनुभव होगा।

180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पर चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कम समय लेने के साथ ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराती है, जिससे साफ होता है कि भारतीय रेलवे यात्री-केंद्रित सेवाओं और तकनीकी नवाचार पर फोकस कर लगातार आगे बढ़ रही है।

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‘बदलता भारत मेरा अनुभव’ रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की गई

नई दिल्ली – भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ‘बदलता भारत मेरा अनुभव’ अभियान के अंतर्गत चार रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की। ये प्रतियोगिताएं मायगॅव के सहयोग से आयोजित की गईं और इनमें देश भर के नागरिकों को आमंत्रित किया गया था कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत में हुए परिवर्तनों को दर्शाते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव और रचनात्मक विचार साझा करें।

इस अभियान में विकसित भारत@2047′ की परिकल्‍पना के अनुरूप विभिन्न आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने रचनात्मक माध्यमों के द्वारा परिवर्तनकारी शासन और सभी क्षेत्रों में तीव्र विकास के प्रभाव को दर्शाया जिससे नागरिकों की आवाज़ बुलंद हुई और विकसित भारत की ओर राष्ट्र की यात्रा में जनभागीदारी को बल मिला। जमीनी स्तर की भागीदारी से लेकर रचनात्मक प्रदर्शनों तक, इस पहल ने प्रत्येक भारतीय को प्रेरित किया, उन्हें शामिल किया और उनकी आवाज़ को बुलंद किया।

श्रेणीवार विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

1. बदलता भारत मेरा अनुभव – इंस्टाग्राम रील प्रतियोगिता

  • प्रथम पुरस्कार: इंद्रजीत सुबोध मशंकर
  • द्वितीय पुरस्कार: मंजरी वी महाजन
  • तृतीय पुरस्कार: मिष्टी लोहारे
  • सांत्वना पुरस्कार: मोहम्मद हाज़िम राथर, अनुभवी सिन्हा, आयुष्मान बरमैया, सिद्धार्थ एम., कार्तिक भटनागर, ऐश्वर्या कुमावत,आतिश महापात्र

2. बदलता भारत मेरा अनुभव – यूट्यूब शॉर्ट्स चैलेंज

  • प्रथम पुरस्कार: मंथन रोहित
  • द्वितीय पुरस्कार: जूनियर ट्यूब चैनल
  • तृतीय पुरस्कार: लेखा चेतन कोठारी
  • सांत्वना पुरस्कार: सौमिता दत्ता, हैमंती मेटे, दिनेश चोटिया, दिव्या बिश्नोई, तपेश, सिद्धार्थ एम., दिनेश कुमार

3. लघु एवी चैलेंज – नए भारत की कहानी

  • प्रथम पुरस्कार: सुशोवन मन्ना
  • द्वितीय पुरस्कार: पाप्‍पे सोम
  • तृतीय पुरस्कार: रवि परिहार
  • सांत्वना पुरस्कार: दिनेश चोटिया, सिद्धार्थ एम.

4. बदलता भारत मेरा अनुभव – ब्लॉग लेखन प्रतियोगिता

  • प्रथम पुरस्कार: कृष्णा गुप्ता
  • द्वितीय पुरस्कार: सिंजिनी चटर्जी
  • तृतीय पुरस्कार: ब्रिंदा सोमानी
  • सांत्वना पुरस्कार: नूपुर जोशी, तृषा सिंह बघेल, मिनाक्षी भंसाली, विश्वनाथ क्लेयर, नंदनी भवसार, श्रीरामगणेश, अपूर्वा

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ‘बदलता भारत मेरा अनुभव’ अभियान के सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को ‘विकसित भारत’ की अपनी कहानियों को बताने में उनके उत्साहपूर्ण योगदान के लिए बधाई देता है और सभी विजेताओं से इस परिवर्तन यात्रा में अपनी रचनात्मक ऊर्जा को जारी रखने का आग्रह करता है।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज श्री विजय पुरम में अंडमान-निकोबार संघ शासित सरकार की ₹373 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

नई दिल्ली – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज श्री विजय पुरम में अंडमान एवं निकोबार सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय, श्री बंडी संजय कुमार, अंडमान एवं निकोबार के प्रशासक एडमिरल (सेवानिवृत्त) श्री डी के जोशी और केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने श्री विजयपुरम में तीन नए कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का लोकार्पण भी किया।

 

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इसी भूमि पर अंग्रेज़ों द्वारा बनाई गई सेलुलर जेल में आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले कई बलिदानी स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का लंबा समय काटा। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यहां दम तोड़कर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूती दी और कई वीर यहां फांसी के तख्ते पर लटका दिए गए। उन्होंने कहा कि आज सेलुलर जेल में बना वीर सावरकर का स्मारक और प्रज्वलित मशाल पूरी दुनिया को बता रही है कि यहां कई महान आत्माओं ने अपना बलिदान दिया था। श्री शाह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सबसे पहले आज़ाद भारत की इसी भूमि पर तिरंगा फहराया था और उन्ही की स्मृति और उनके उदगारों के सम्मान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दो द्वीपों के नाम शहीद और स्वराज रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस द्वीप समूह पर हर द्वीप को स्वतंत्रता संग्राम के शूरवीरों का नाम देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह भूमि आज़ाद भारत के हर नागरिक के लिए एक तीर्थभूमि है क्योंकि यहां हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पीड़ा को शक्ति, एकांत को संकल्प और यातना को स्वाधीनता तक सहन कर स्वतंत्रता प्राप्त की थी।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस द्वीप समूह को सामरिक शक्ति के रूप में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार अंडमान-निकोबार को देश के खजाने पर बोझ मानती थी, मोदी सरकार में यह देश के खजाने में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में आया यह बदलाव देश के कण कण को भारत माता मानकर उसे समर्पित रहने के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इसके तहत आज यहां नौ बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और 2 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है और एक ही दिन में 373 करोड़ रूपए के विकास के उपहार इस द्वीप समूह को मिले हैं। श्री शाह ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं में 229 करोड़ की लागत वाला एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केन्द्र शामिल है। उन्होंने कहा कि 33 करोड़ की लागत से ज़िला अस्पताल चरण-1 का लोकार्पण, फॉरेंसिक साइंस लैब का लोकार्पण और 50 करोड़ रूपए की लागत से 6 अन्य योजनाओं का लोकार्पण हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि आज इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से हमारे द्वीप समूहों के विकास के एक नए अध्याय की शुरूआत हो रही है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज यहां तीन नए आपराधिक कानूनों का परिचय देने वाली एक प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को इस प्रदर्शनी को ज़रूर देखना चाहिए जिससे उन्हें आने वाले दिनों में आपराधिक न्याय प्रणाली में आने वाले आमूलचूल परिवर्तन और तकनीक को मिलने वाले कानूनी आधार के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि यहां के सभी वकीलों, युवा विद्यार्थियों, विशेषकर महिलाओं, को इसे ज़रूर देखना चाहिए।

 

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशभर में गुलामी की निशानियों से मुक्ति पाने का अभियान शुरू किया है और इसीलिए नेताजी के नाम पर पोर्ट ब्लेयर का नामकरण विजय पुरम और हमारे वीर सेनानियों के नाम पर द्वीपों का नाम रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज अंडमान निकोबार द्वीप समूह एक प्रकार से हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता, समुद्री शक्ति और आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि अंडमान निकोबार में एक ओर जहां ब्लू इकोनॉमी और पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं, वहीं आज़ादी के आंदोलन की एक अमूर्त प्रतिकृति के रूप में हर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति भी यहां देखी जा सकती है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार विरासत को खोए बिना पर्यावरण को सुरक्षित और सुरक्षा को सुदृढ़ रखते हुए इस द्वीप समूह को पूर्ण विकसित भारत का हिस्सा बनाने के प्रति कटिबद्ध है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पर्यटन हो या पर्यावरण, मत्स्य संपदा हो या कृषि, MSME हो या स्वच्छ ऊर्जा, हर क्षेत्र में विकास की शुरूआत यहां हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार में आना वाला प्रोजेक्ट पूरे विश्व के नक्शे पर अंडमान निकोबार को एक महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थान और सामरिक सुरक्षा का केन्द्र बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के एक दशक बाद यह स्थान दुनिया के सबसे अधिक पर्यटकों द्वारा भ्रमण किए जाने वाला स्थान बन जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि स्कूबा डाइविंग के ISO मानांकों के अनुरूप अंडमान निकोबार को अपग्रेड कर हमने इसे वैश्विक स्कूबा और एडवेंटर वाटर स्पोर्ट्स का गंतव्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की एक पेड़ मां के नाम अपील के तहत यहां 24 लाख वृक्षों का रोपण कर हमने पर्यावरण की भी चिंता की है। उन्होंने कहा कि श्री विजयपुरम नगर पालिका परिषद द्वारा 98% घरों से कचरा संग्रहण किया जाना स्वच्छ भारत मिशन की ऐतिहासिक सफलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया का 11वें से चौथे नंबर का अर्थतंत्र बन गया है और 2 ही साल में हम तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि देश में आर्थिक विकास हो रहा है, हम दुनिया के उत्पादन का हब बन रहे हैं, देश सुरक्षित हो रहा है और परंपराओं को पुनर्जीवित कर अपनी संस्कृति और इतिहास के आधार पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत के लोगों ने हर क्षेत्र में अनेक प्रकार के परिवर्तन कर सर्वांगीण विकास का नया अध्याय गढ़ने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने संकल्प लिया है और देश की 130 करोड़ जनता को संकल्प दिलवाया है कि आज़ादी की शताब्दी के समय हर क्षेत्र में भारत विश्व में सर्वप्रथम होगा। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आत्मनिर्भर भारत और भारतीयों के लिए स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र बनने के लिए हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा और हर भारतीय को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संकल्प भी लेना होगा।

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तमिलनाडु के शिक्षक प्रतिनिधिमंडल का अयोध्या में स्वागत किया गया

नई दिल्ली – तमिलनाडु के शिक्षकों सहित प्रतिनिधियों का दूसरा बैच आज अयोध्या पहुंचा और उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे उनकी यात्रा की शुरुआत हुई।

स्वागत के बाद अयोध्या सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रामायण से केवट की कहानी की प्रस्तुति ने दर्शकों को बांधे रखा। इसके बाद तमिलनाडु की एक पारंपरिक कला “शिव पार्वती अट्टम” का प्रदर्शन किया गया।

शिक्षकों ने कहा कि इन यात्राओं ने राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता के बारे में उनकी समझ को और मजबूत किया। अधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिला इस तरह की पहल देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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2nd All India Judges Badminton Tournament 2026 का विधिवत शुभारंभ

रांची,03.01.2026 – मुख्य अतिथि माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय, न्यायमूर्ति श्रीमती अनुभा रावत चौधरी एवं भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सुश्री निक्की प्रधान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया प्रतियोगिता का शुभारंभ

03-04 जनवरी 2026 तक खेलगांव स्थित ठाकुर विश्वनाथ शहदेव इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई है प्रतियोगिता

देश के 09 विभिन्न उच्च न्यायालयों के 31 माननीय न्यायाधीश प्रतियोगिता में ले रहे हैं हिस्सा

मेन सिंगल्स, मेन डबल्स, वूमेन सिंगल्स एवं मिक्स्ड डबल्स कुल चार श्रेणियों में होंगे मुकाबले

प्रतियोगिता के आयोजन में जिला प्रशासन के उल्लेखनीय सहयोग एवं कुशल प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उपायुक्त-सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री सम्मानित

माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड के तत्वावधान में आयोजित 2nd All India Judges Badminton Tournament 2026 का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय, न्यायमूर्ति श्रीमती अनुभा रावत चौधरी एवं भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सुश्री निक्की प्रधान द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि खेल न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग को भी सुदृढ़ करते हैं। ऐसे आयोजन न्यायपालिका के सदस्यों को अपने दायित्वों के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित बैडमिंटन प्रतियोगिता 03 से 04 जनवरी 2026 तक झारखंड की राजधानी रांची स्थित खेलगांव परिसर के ठाकुर विश्वनाथ शहदेव इंडोर स्टेडियम, मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई है।

प्रतियोगिता में देश के 09 विभिन्न उच्च न्यायालयों झारखण्ड, इलाहाबाद, मद्रास, तेलंगाना, उड़ीसा, बॉम्बे, ओडिशा, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 31 माननीय न्यायाधीश भाग ले रहे हैं। टूर्नामेंट का उद्देश्य न्यायपालिका से जुड़े माननीय पदाधिकारियों के बीच खेल भावना, आपसी सौहार्द, शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

प्रतियोगिता के दौरान मेन सिंगल्स, मेन डबल्स, वूमेन सिंगल्स एवं मिक्स्ड डबल्स कुल चार श्रेणियों में मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें माननीय न्यायाधीश अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए खेलगांव परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बैडमिंटन कोर्ट, खिलाड़ियों के लिए विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उद्घाटन समारोह के दौरान प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन, रांची द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधन एवं समन्वय की सराहना की गयी। इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय द्वारा उपायुक्त-सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री को प्रतियोगिता के आयोजन में जिला प्रशासन के उल्लेखनीय सहयोग एवं कुशल प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सम्मानित किया गया।

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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत जागरूकता रथ रवाना : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का संकल्प

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय परिसर से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

01 जनवरी से 31 जनवरी-2026 तक सड़क सुरक्षा माह-2026 के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्यक्रम पूरे रांची जिला के अन्तर्गत आयोजित किए जा रहें हैं

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम “सीख से सुरक्षा” है, जिसके तहत हम नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास:- उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

राँची,03.01.2026 – सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के शुभारंभ अवसर पर आज उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय परिसर से आज दिनांक- 03 जनवरी 2025 को सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य जिले के नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, ओवर स्पीडिंग एवं नशे में वाहन चलाने से बचने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम “सीख से सुरक्षा” है, जिसके तहत हम नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ जीवन एवं संपत्ति की क्षति का प्रमुख कारण बन रही हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम “सीख से सुरक्षा” है, जिसके तहत हम नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास करेंगे। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों एवं बाजारों में भ्रमण कर लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का सख़्ती से पालन करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक राँची, श्री राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची श्री राजेश्वर नाथ आलोक, जिला परिवहन पदाधिकारी राँची श्री अखिलेश कुमार तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम जैसे रैली, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, वाहन जांच अभियान एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन, पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम इस अभियान को सफल बनाने में लगी हुई है।

सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक श्री राकेश सिंह ने अपील की कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता से सहयोग की उम्मीद है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और जीवन रक्षा हो।
वर्ष 2024

कुल दुर्घटनाओं की संख्या 746

कुल मौतों की संख्या 550

कुल घायलों की संख्या 465

वर्ष 2025 (नवंबर 2025 तक)

कुल दुर्घटनाओं की संख्या 747

कुल मौतों की संख्या 504

कुल घायलों की संख्या 486

01 जनवरी से 31 जनवरी-2026 तक सड़क सुरक्षा माह-2026 के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्यक्रम पूरे रांची जिला के अन्तर्गत आयोजित किए जा रहें हैं

1. सड़क सुरक्षा से संबंधित “जागरूकता रथ” द्वारा प्रचार-प्रसार (जिला के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में) LED Van के माध्यम से गांवों एवं शहरों में लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।

2. “सड़क सुरक्षा चौपाल” के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना।

3. “सावधानी की पाठशाला” के तहत स्कूलों, कॉलेजों में छात्रों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना।

4. “रोड़ ऑफ सेफ्टी” के तहत नियम पालन करने वालों का सम्मान और उल्लंघन करने वालों की गॉधीगिरी से समझाना।

5. “हेल्थ चेकअप कैम्प” का आयोजन करना।

6. “वाहन चालकों का प्रशिक्षण” कार्यक्रम का आयोजन करना।

7. “प्रभात फेरी” के माध्यम से लोगों सड़क सुरक्षा के विषय मे जागरूक करना।

8. “नुक्कड़ नाटक” के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।

9. “खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन” के माध्यम से गांवों एवं शहरों में लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना।

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सर्द रात में संवेदना और सेवा का उदाहरण बना जिला प्रशासन

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों के बीच किया कंबल वितरण

कर्बला चौक और रांची रेलवे स्टेशन परिसर में बेसहारा, वृद्ध, महिला एवं जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण

गुणवत्ता पूर्ण मुलायम कंबल पाकर लोगों ने राज्य सरकार का किया धन्यवाद

ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है – उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,03.01.2026 – कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच जब पूरा शहर अपने घरों में सिमटा हुआ था, उसी समय उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों की पीड़ा समझने और उन्हें राहत देने के लिए स्वयं सड़कों पर उतरे।

रात के अंधेरे में खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर लोगों के लिए यह पहल किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं थी। कर्बला चौक और रांची रेलवे स्टेशन परिसर में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्वयं उपस्थित होकर बेसहारा, वृद्ध, महिला एवं जरूरतमंद लोगों के बीच मुलायम, गुणवत्ता-पूर्ण कंबलों का वितरण किया।

कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर जो सुकून और राहत दिखाई दी, वह इस मानवीय प्रयास की सार्थकता को स्वयं बयान कर रहा था। कई लोगों की आंखों में संतोष और कृतज्ञता के भाव थे।

गुणवत्ता पूर्ण कंबल पाकर लोगों ने राज्य सरकार का हृदय से धन्यवाद दिया। कई जरूरतमंदों ने कहा कि इस भीषण ठंड में सरकार द्वारा की गई यह मदद उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है। कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न सहे, यही जिला प्रशासन का प्रयास है।

जिला प्रशासन द्वारा ठंड के मौसम में लगातार कंबल वितरण के कार्य किए जा रहे हैं, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी सरकार की चिंता और संवेदना पहुंचे। यह कंबल वितरण केवल एक सहायता नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की मानवीय सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है।

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निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसई) का कार्यान्वयन 1 दिसंबर 2025 से जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से शुरू

नई दिल्ली – निर्यात भारतीय अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, जो जीडीपी का लगभग 21% है और मजबूत विदेशी मुद्रा इनफ्लो का माध्यम हैं। निर्यात आधारित उद्यमों में 45 मिलियन से अधिक लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार पाते हैं, और एमएसएमई कुल निर्यात में लगभग 45% का योगदान देते हैं। निर्यात में लगातार हो रही इस प्रगति ने भारत के चालू खाता बकाया और मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।

वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से लागू की जा रही निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसई) 01.12.2025 से शुरू हो गई है, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान (मेंबर लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस – एमएलआई) अनिश्चित मुश्किलों के समय में भारतीय निर्यातकों को अतिरिक्त वित्तीय मदद दे सकेंगे। इसके साथ ही, यह कदम निर्यात बाजार में विविधता लाएगा और उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। इस सक्रिय हस्तक्षेप का उद्देश्य निर्यातकों और एमएसएमई को क्रेडिट गारंटी देना है, जिससे उन्हें अतिरिक्त क्रेडिट मिल सके। इससे लिक्विडिटी मिलेगी, कारोबार लगातार चलता रहेगा और नए बाजार में विस्तार करने के मौके मिलेंगे।

इस स्कीम में योग्य एमएलआई के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निर्यातक एमएसएमई को ₹20,000 करोड़ तक का अतिरिक्त बिना गारंटी वाली क्रेडिट मदद देने की योजना है। 31.12.2025 तक, ₹8,599 करोड़ के 1,788 आवेदन मिले हैं, जिनमें से कुल 716 आवेदनों को ₹3,141 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जो हमारे निर्यातकों और एमएसएमई के ​​बीच अटूट भरोसे को दिखाता है।

मौजूदा निर्यात क्रेडिट/ वर्किंग कैपिटल लिमिट के 20% तक के वर्किंग कैपिटल लोन राशि के साथ, यह स्कीम निर्यातक और एमएसएमई को क्षमताएं विकसित करने और अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ-साथ नए और उभरते बाजारों में विविधीकरण की दिशा में कदम उठाने में मदद करेगी। इन संस्थाओं की लिक्विडिटी को आसान बनाकर, यह योजना कारोबार के कार्यान्वयन की निरंतरता सुनिश्चित करने और रोजगार बनाए रखने का उद्देश्य करती है।

सीजीएसई योजना 31.03.2026 तक या जब तक ₹20,000 करोड़ तक की गारंटी जारी नहीं हो जाती, तब तक खुली है। इस योजना को वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के माध्यम से लागू कर रहा है।

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वाहन चालकों को गुलाब फुल देकर ट्रैफिक के प्रति जागरूक किया गया

रोज ऐट रोड कार्यक्रम का आयोजन

उपयुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजुनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार अभियान चलाया गया

वाहन चालकों को गुलाब फुल देकर ट्रैफिक के प्रति जागरूक किया गया

सड़क सुरक्षा के मानक एवं सेफ्टी उपकरण का उपयोग के साथ नियमों का उल्लंघन करने पर MV Act के अंतर्गत जुर्माना लगाया जाएगा

रांची,02.01.2026 – उपयुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजुनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार के द्वारा आज (रोज ऐट रोड ) कार्यक्रम का आयोजन रांची जिले के शहरी थाना क्षेत्र के कई जगहों में किया गया।

इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन करने वाले का सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहार को बदलना है जिसके लिए सभी वाहन चालको को गुलाब फुल देकर जागरूक किया गया एवं बताया गया कि सड़क सुरक्षा के नियमों एवं सेफ्टी उपकरण जैसे हेलमेट सीटबेल्ट आदि के साथ सड़क परिवहन के नियमों का पालन करे।

सड़क दुर्घटना से बचने एवं अपने– दूसरों का अनमोल जीवन को बचाने को लेकर यह एक सड़क सुरक्षा का जागरूकता पहल है।

इसके साथ चेतावनी भी दी गई कि आगे से सड़क सुरक्षा के मानक एवं सेफ्टी उपकरण का उपयोग के साथ नियमों का उल्लंघन करने पर MV Act के अंतर्गत जुर्माना लगाया जाएगा।

इस दौरान जिला रोड इंजीनियर एनालिस्ट गौरव कुमार, तकनीकी सहायक अभय कुमार एवं पुलिस बल उपस्थिति रहे।

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वर्ष 2026 में दुगुनी गति से काम करना है – DC Ranchi

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ की बैठक

अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा

जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

कार्यालय में अनुशासन एवं साफ-सफाई पर विशेष बल

रांची,02.01.2026 – उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 02.01.2026 को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में जिला के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपविकास आयुक्त, रांची श्री सौरभ कुमार भुवनिया, अनुमण्डल पदाधिकारी, रांची सदर श्री कुमार रजत, परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री संजय कुमार भगत, अपर जिला दण्डाधिकारी श्री राजेश्वरनाथ आलोक, अपर समाहर्त्ता श्री रामनारायण सिंह सहित अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

“ वर्ष 2026 में दुगुनी गति से काम करना है ”

बैठक के दौरान उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने वर्ष 2025 में विभिन्न बड़े आयोजनों, कार्यक्रमों एवं पर्व-त्योहारों के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए “टीम रांची” को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष सभी विभागों के बीच तालमेल स्पष्ट रूप से देखने को मिला है, इसी समर्पण के साथ वर्ष 2026 में दुगुनी गति से कार्य करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त दायित्वों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करना है।

जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा निर्देश दिया गया कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध ढंग से पहुँचे, इसके लिए सभी विभाग और अधिक तत्परता से कार्य करें। बैठक में झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने आधार एवं बैंक खाता डुप्लीकेशन डिलिशन के कार्य को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये।

अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा

बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। नोडल पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में कुल 9600 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8000 से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया है। उपायुक्त ने शेष शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय में आयोजित होने वाले जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों की जांच रिपोर्ट ससमय उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

कार्यालय में अनुशासन एवं साफ-सफाई पर विशेष बल

बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया कि नए वर्ष में भी सभी अधीनस्थ कर्मी नेम प्लेट एवं पहचान पत्र (आई-कार्ड) अनिवार्य रूप से धारण करें। साथ ही, कार्यस्थलों पर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। समाहरणालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने हेतु नोडल पदाधिकारी एवं नगर निगम के संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

जिले की विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली छोटी से छोटी सूचना भी तत्काल उनके संज्ञान में लाई जाए। उन्होंने शांति समिति में युवाओं एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को आवश्यक निर्देश दिये।

समाहरणालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि परिसर में सुरक्षा एवं अनुशासन बना रहे।

बैठक के अंत में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए रांची जिले को विकास, सुशासन एवं जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सक्रिय भूमिका निभा

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कई प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रदान किए आईकार्ड, नव वर्ष की दी शुभकामनाएं तथा दिए महत्वपूर्ण निर्देश

प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें तथा प्रखंड कार्यालय में आने वाले आमजन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनें और उन्हें शीघ्रता से निष्पादित कराएं

हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए:- उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,02.01.2026 – उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज अपने कार्यालय कक्ष में कुल-08 प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आईकार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पदाधिकारियों को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा कार्यालयीन अनुशासन एवं जनसेवा के प्रति समर्पण पर जोर दिया।

उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें तथा प्रखंड कार्यालय में आने वाले आमजन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनें और उन्हें शीघ्रता से निष्पादित कराएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कार्यालय परिसर में बिचौलियों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहे तथा इस संबंध में कड़ी निगरानी रखी जाए।

हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए

साथ ही, उपायुक्त ने कहा कि हर सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निष्पादन गंभीरता एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि आम नागरिकों को त्वरित न्याय एवं राहत मिल सके। उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि नव वर्ष में जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाते हुए जिला प्रशासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए।

इस अवसर पर निम्नलिखित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आईकार्ड प्रदान किया गया:

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, लापुंग

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुढ़मु

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुंडू

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, कांके

* प्रखंड विकास पदाधिकारी, नामकुम

*प्रखंड विकास पदाधिकारी, राहें

 *प्रखंड विकास पदाधिकारी, बेड़ो

 *प्रखंड विकास पदाधिकारी, चान्हो

यह आयोजन जिला प्रशासन की ओर से बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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नए साल के आगमन पर कई वरीय पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से की शिष्टाचार भेंट, सभी ने नव वर्ष की दी बधाई एवं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने भी सभी को नए साल की दी शुभकामनाएं, कहा – सभी के सहयोग एवं प्रयासों से झारखंड को सशक्त राज्य बनाएंगे

मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, रांची,02.01.2026 – नए साल के आगमन पर राज्य के कई वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नव वर्ष बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रशासनिक पदाधिकारियों में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीक, उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री के श्रीनिवासन,सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची के निदेशक श्री मनीष रंजन, परिवहन आयुक्त श्री संजीव कुमार बेसरा, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री संदीप सिंह, जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक श्री रमेश घोलप, धनबाद के उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, गढ़वा के उपायुक्त श्री दिनेश कुमार यादव, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त श्री सुशांत गौरव, धनबाद के नगर आयुक्त श्री आशीष गंगवार, हजारीबाग के नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता, पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, धनबाद के उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, हजारीबाग की उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह और धनबाद के अनुमंडल पदाधिकारी श्री लोकेश बारंगे शामिल थे।

वहीं, मुख्यमंत्री से भेंट कर नव वर्ष की बधाई देने वाले पुलिस पदाधिकारियों में एसीबी एडीजी श्रीमती प्रिया दुबे, सीआईडी आईजी श्री असीम विक्रांत मिंज, आईजी प्रोविजन श्री मयूर पटेल कन्हैयालाल आईजी मुख्यालय श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल, डीआईजी एसीबी श्री चंदन सिन्हा, डीआईजी एसीबी श्री शैलेंद्र कुमार वर्णवाल, डीआईजी विशेष शाखा श्री नौशाद आलम, डीआईजी बोकारो श्री आनंद प्रकाश, डीआईजी हजारीबाग श्री अंजनी कुमार झा, पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडेय, पाकुड़ पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी, सीआईडी एसपी श्री एहतेशाम वकारिब, रांची के सिटी एसपी श्री पारस राणा, रांची के ग्रामीण एसपी श्री प्रवीण पुष्कर, रांची के ट्रैफिक एसपी श्री राकेश सिंह, एसीबी की एसपी सुश्री श्रुति एवं एसीबी एएसपी श्री निखिल राय शामिल थे।

इसके अलावा सीसीएल के सीएमडी श्री एनके सिंह, रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रीमती सूची सिंह, महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन, अपर महाधिवक्ता श्री अशोक कुमार, झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ जमाल अहमद, एनएचएआई, झारखंड के रिजनल अफसर श्री मुकुंद अतरदे और झारखंड में केंद्रीय सड़क मंत्रालय के रिजनल ऑफिसर श्री अभिलाष श्रीवास्तव ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें नव वर्ष की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने भी अपनी ओर से सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दी और विश्वास जताया कि सभी के सहयोग एवं प्रयासों से झारखंड को एक मजबूत राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष- 2026 सभी के जीवन में खुशियां तथा सुख- समृद्धि लाए और राज्य में शांति- सद्भाव का वातावरण बना रहे।

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नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों के जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

02.01.2026 – जन्म एवं मृत्यु का समय पर तथा सटीक निबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, अपितु आधार कार्ड निर्माण, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, मतदाता सूची में नामांकन, संपत्ति हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होता है – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची जिले में नागरिक निबंधन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज रांची समाहरणालय, रांची के ब्लॉक-‘बी’ स्थित कमरा संख्या-505 में नागरिक निबंधन कार्य (जन्म-मृत्यु) से जुड़े पदाधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री भजन्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि जन्म एवं मृत्यु का समय पर तथा सटीक निबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, अपितु आधार कार्ड निर्माण, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, मतदाता सूची में नामांकन, संपत्ति हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि निबंधन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय-सीमा (जन्म के 21 दिनों एवं मृत्यु के 21 दिनों के अंदर) में निबंधन पूर्ण हो।

उपायुक्त ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों तथा नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत निबंधनकर्ताओं की क्षमता संवर्धन के लिए आयोजित किया गया है। इसमें ऑनलाइन पोर्टल (CRS – Civil Registration System) के उपयोग, दस्तावेज सत्यापन, त्रुटि सुधार तथा आमजन की सुविधा हेतु नवीनतम दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण का उपयोग कर अपनी कार्यकुशलता बढ़ाएं तथा आम नागरिकों को दलालों के चक्कर से मुक्ति दिलाते हुए त्वरित एवं पारदर्शी सेवा प्रदान करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री कुमार रजत, अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, नगर निगम के निबंधन कर्मी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रशिक्षण सत्र का संचालन जिला स्तर के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया, जिसमें व्यावहारिक प्रदर्शन एवं संदेह समाधान पर विशेष बल दिया गया।

उपायुक्त ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिव सह रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को अपने स्तर से निदेशित करेंगे कि प्रत्येक नियमित रूप से पंचायत सचिवालय सह जन्म मृत्यु निबंधन कार्यालय में उपस्थित रहकर जन्म मृत्यु निबंधन से संबंधित कार्य करेंगे। साथ ही प्रखण्ड सांख्यिकी पर्यवेक्षक एवं प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी को निदेशित करेंगे कि प्रत्येक माह कम-से-कम एक-एक निबंधन इकाई की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन जिला सांख्यिकी कार्यालय, राँची को निश्चित रूप से उपलब्ध करायेंगे।

जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रांची जिला नागरिक सेवाओं में उत्कृष्टता की मिसाल बनेगा तथा जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें सरकारी सेवाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाने तथा डिजिटल इंडिया की भावना को साकार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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राँची पुलिस के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा

राँची,02.01.2025 – राँची पुलिस के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है।पुलिस ने संगठित अपराधों और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल 399 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

The year 2025 was full of achievements for Ranchi Police

इसके साथ ही, नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस ने रिकॉर्ड 14.84 करोड़ मूल्य का नशीला पदार्थ बरामद किया है।एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि राँची पुलिस अपराध नियंत्रण और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्ष में भी यह अभियान सख्ती से जारी रहेगा।

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